उत्तर प्रदेश
किशोर ने चचेरे भाई को उतारा मौत के घाट, बिस्तर के नीचे छिपाया शव
10 May, 2026 05:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीतापुर। उत्तर प्रदेश में सीतापुर जिले के थाना विश्वमां क्षेत्र में एक चचेरे भाई ने अपने ही 12 वर्षीय नाबालिग भाई की हत्या कर शव को घर में ही छिपा दिया। पुलिस ने आरोपी किशोर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस उपाधीक्षक अमन सिंह ने शनिवार को बताया कि कस्बा क्षेत्र निवासी आजमास (12) बीती शाम करीब पांच बजे खेलते समय अचानक लापता हो गया था।
परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। देर रात परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। शनिवार को पुलिस ने फॉरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर गहन छानबीन की। जांच के दौरान संदेह के आधार पर मृतक के चचेरे भाई मुदस्सिर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ और तलाशी के दौरान आरोपी के बिस्तर के नीचे से आजमास का शव बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया प्रतीत हो रहा है कि बच्चे की पहले गला दबाकर हत्या की गई और बाद में धारदार हथियार से हमला कर शव को बिस्तर में छिपा दिया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा आरोपी से पूछताछ कर घटना के कारणों और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
शादी की खुशियां मातम में बदलीं, जूता चोरी पर टूटा रिश्ता
10 May, 2026 05:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गाजीपुर जिले के मुहम्मदपुर कुसुम गांव में एक शादी समारोह उस समय हंगामे की भेंट चढ़ गया, जब हंसी-मजाक की एक परंपरा विवाद का कारण बन गई। मरदह थाना क्षेत्र के बिजौरा गांव से आई बारात में विवाह की शुरुआती रस्में तो बड़े ही सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुईं, लेकिन अंतिम समय में हुए एक वाकये ने खुशियों के माहौल को पूरी तरह बदल दिया। विवाद इतना गहराया कि दुल्हन पक्ष ने अपनी बेटी को विदा करने से स्पष्ट इनकार कर दिया और बारात को बैरंग वापस लौटना पड़ा। इस घटना के बाद से दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ है और मामला अब पुलिस के पास पहुंच गया है।
हंसी-मजाक के बीच दूल्हे का आपा खोना बना विवाद की जड़
शादी की रस्मों के दौरान जब सालियों ने दूल्हे का जूता छिपाकर नेग मांगने की परंपरा शुरू की, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि इसका परिणाम इतना गंभीर होगा। आरोप है कि हंसी-मजाक के दौरान दूल्हा अचानक भड़क गया और उसने वहां मौजूद लोगों और महिलाओं के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। दूल्हे के इस अनपेक्षित और उग्र व्यवहार ने वधू पक्ष के लोगों को चौंका दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दूल्हे के व्यवहार में आए इस बदलाव ने लड़की वालों के मन में उसकी मानसिक स्थिति को लेकर गंभीर संदेह पैदा कर दिए, जिसके बाद शादी का जश्न अचानक सन्नाटे में तब्दील हो गया।
दुल्हन पक्ष का विदाई से इनकार और पुलिस की मध्यस्थता
दूल्हे के बर्ताव से आहत और डरे हुए वधू पक्ष ने तुरंत फैसला लिया कि वे अपनी बेटी को ऐसे व्यक्ति के साथ नहीं भेजेंगे। उन्होंने मौके पर ही विदाई रोक दी और बारातियों को भी वहीं रोक लिया गया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने की काफी कोशिश की। घंटों चली बातचीत और मान-मनौव्वल के बावजूद दुल्हन के परिजन अपने फैसले पर अडिग रहे। उनका तर्क था कि जिस व्यक्ति का अपने व्यवहार पर नियंत्रण नहीं है, उसके साथ उनकी बेटी का भविष्य सुरक्षित नहीं रह सकता।
नौकरी का तर्क और कानूनी कार्रवाई की मांग
दूसरी ओर, बिना दुल्हन के वापस लौटे दूल्हे के परिजन अब न्याय के लिए पुलिस कोतवाली के चक्कर काट रहे हैं। उनका दावा है कि दूल्हा पूरी तरह स्वस्थ है और वह एक निजी कंपनी में जिम्मेदारी से नौकरी कर रहा है। उनका कहना है कि यदि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं होती, तो वह पेशेवर जीवन में सफल नहीं होता। हालांकि, वधू पक्ष किसी भी दलील को सुनने को तैयार नहीं है और वे अपनी बेटी के भविष्य को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने के प्रयास अब भी जारी हैं, लेकिन फिलहाल किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका है।
वैशाली में फर्जी सरकारी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, संचालक गिरफ्तार
10 May, 2026 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वैशाली। बिहार पुलिस ने वैशाली जिले में फर्जी सरकारी दस्तावेज तैयार करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। साइबर थाना वैशाली की टीम ने भगवानपुर रत्ती चौक स्थित एक डिजिटल स्टूडियो एवं सीएससी सेंटर पर छापेमारी कर संचालक राजीव रंजन कुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, सीसीएसयू पटना से साइबर थाना वैशाली को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ साइबर अपराधी अवैध वेबसाइटों के जरिए आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड, राशन कार्ड समेत कई सरकारी दस्तावेज फर्जी तरीके से तैयार कर लोगों को उपलब्ध करा रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद विशेष टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने भगवानपुर रत्ती चौक स्थित “रंजीत डिजिटल स्टूडियो एवं सीएससी सेंटर” में छापा मारा, जहां संचालक लैपटॉप पर फर्जी दस्तावेज तैयार करते हुए पकड़ा गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी अगस्त 2024 से यह अवैध कारोबार चला रहा था और प्रत्येक दस्तावेज के बदले 200 से 500 रूपये तक वसूलता था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने लैपटॉप, मोबाइल फोन, स्कैनर, फिंगरप्रिंट डिवाइस सहित भारी मात्रा में फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, बैंक पासबुक और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
संतुलन साधने की कोशिश: योगी मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार आज
10 May, 2026 04:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की आहट के बीच योगी आदित्यनाथ सरकार अपने दूसरे मंत्रिमंडल विस्तार के माध्यम से एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने जा रही है। रविवार को होने वाला यह विस्तार केवल नए चेहरों को सरकार में शामिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके केंद्र में भाजपा की वह रणनीति है जिसके जरिए पार्टी दलित, पिछड़े और क्षेत्रीय समीकरणों को साधकर अपनी पकड़ और अधिक मजबूत करना चाहती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात के बाद राजभवन में शपथ ग्रहण की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह शपथ ग्रहण समारोह रविवार दोपहर करीब तीन बजे आयोजित किया जा सकता है, जिसमें पांच से छह नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी। इस विस्तार में दो नेताओं को कैबिनेट और तीन से चार विधायकों को राज्य मंत्री बनाए जाने की प्रबल संभावना है। मुख्यमंत्री और राज्यपाल की मुलाकात के बाद से ही संभावित नामों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस फेरबदल में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और समाजवादी पार्टी से भाजपा के करीब आए ऊंचाहार विधायक मनोज पांडे का नाम सबसे प्रमुखता से लिया जा रहा है। माना जा रहा है कि मनोज पांडे को कैबिनेट में शामिल कर भाजपा ब्राह्मण मतदाताओं और विपक्ष से नाराज नेताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश करेगी।
इसके अतिरिक्त, जातीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए अलीगढ़ से सुरेंद्र सिंह दिलेर, फतेहपुर से कृष्णा पासवान और कन्नौज से कैलाश राजपूत जैसे चेहरों को राज्य मंत्री के रूप में जगह मिल सकती है। भाजपा का मुख्य फोकस उन क्षेत्रों और समुदायों पर है जहां संगठनात्मक मजबूती की आवश्यकता महसूस की जा रही है। विशेषकर पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के समीकरणों को देखते हुए नामों का चयन किया गया है। विस्तार के साथ ही कुछ मौजूदा मंत्रियों के कद में बढ़ोतरी की भी चर्चा है। असीम अरुण, जेपीएस राठौर, दयाशंकर सिंह और संजय सिंह गंगवार जैसे मंत्रियों को बेहतर प्रदर्शन का इनाम मिल सकता है। वर्तमान में योगी सरकार में मंत्रियों की संख्या 54 है, जो इस विस्तार के बाद बढ़कर 60 तक पहुंच सकती है। भाजपा नेतृत्व इस कदम के जरिए सरकार और संगठन में संतुलन बनाकर चुनावी मैदान में पूरी मजबूती के साथ उतरने की तैयारी में है।
दहेज लोभियों ने ली नवविवाहिता की जान
10 May, 2026 04:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कुशीनगर : कुशीनगर जिले के पटहेरवा थाना क्षेत्र स्थित रहसू सुमालीपट्टी गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक 26 वर्षीय विवाहिता का शव उसके कमरे में संदिग्ध हालत में पाया गया। मृतका की पहचान यशोदा के रूप में हुई है, जिसकी शादी महज कुछ महीने पहले ही हुई थी। शनिवार शाम घर का काम पूरा करने के बाद वह अपने कमरे में गई थी, लेकिन जब लंबे समय तक कोई हलचल नहीं हुई, तो परिजनों ने कमरे में प्रवेश किया। वहां का मंजर देख परिजनों के होश उड़ गए, क्योंकि यशोदा का शव फंदे से लटका हुआ था। आनन-फानन में परिजनों ने उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।
परिजनों की चुप्पी और पुलिस की छानबीन
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। ससुराल पक्ष का कहना है कि उन्होंने मृतका को फंदे से लटका देख तुरंत नीचे उतारा और पुलिस को सूचित किया। हालांकि, कमरे के भीतर के हालात और मौत के समय को लेकर पुलिस गहनता से जांच कर रही है। पुलिस ने मौके से कुछ साक्ष्य भी जुटाए हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ पाएगी।
दहेज लोभियों पर हत्या का गंभीर आरोप
जैसे ही इस दुखद घटना की जानकारी मृतका के पिता को मिली, वे अपने परिजनों के साथ बेटी के ससुराल पहुंचे। रामकोला के अंजही गांव निवासी पिता ने अपनी बेटी का शव देख ससुराल वालों पर गंभीर आरोप मढ़े। उनका कहना है कि उन्होंने नवंबर 2025 में अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज देकर बेटी की शादी बड़े धूमधाम से की थी। पिता का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दहेज के लिए उनकी बेटी को प्रताड़ित कर रहे थे। उन्होंने पुलिस को दिए बयान में दावा किया कि उनकी बेटी की गला दबाकर हत्या की गई है और मामले को रफा-दफा करने के लिए उसे आत्महत्या का रूप दिया जा रहा है।
पुलिसिया कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया
पिता की शिकायत और शुरुआती संदेह के आधार पर पटहेरवा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के पति और सास को हिरासत में ले लिया है। पुलिस थाने में दोनों से कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा सके। थानाध्यक्ष के मुताबिक, पुलिस अभी मृतका के पिता की ओर से औपचारिक लिखित तहरीर का इंतजार कर रही है, जिसके मिलते ही संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया जाएगा। गांव में इस घटना के बाद से ही तनाव और सन्नाटे का माहौल है, जबकि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अपनी अगली कार्रवाई की दिशा तय करेगी।
पॉक्सो एक्ट मामले में दो दोषियों को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा
10 May, 2026 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बक्सर। बक्सर पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों की गवाही एवं समर्पित चार्जशीट के आधार पर माननीय न्यायालय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-06 सह विशेष न्यायाधीश पॉक्सो (ADJ-06), बक्सर ने पॉक्सो एक्ट के एक गंभीर मामले में दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला सिकरौल थाना कांड संख्या-04/23, दिनांक 26 जनवरी 2023 से संबंधित है। न्यायालय ने अभियुक्त बिटु चौधरी एवं टेंगरी उर्फ अमिताभ बच्चन, दोनों निवासी थाना सिकरौल, जिला बक्सर को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(DA) एवं पॉक्सो एक्ट की धारा-06 के तहत दोषी पाया। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इस फैसले को लेकर पुलिस प्रशासन ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
ब्राह्मण-OBC-दलित संतुलन साधने उतरे योगी, कैबिनेट में छह नए मंत्री शामिल
10 May, 2026 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों की बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी कैबिनेट का विस्तार करते हुए रविवार को छह नए चेहरों को शामिल किया है। राजभवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भूपेंद्र सिंह चौधरी, मनोज पांडेय, कृष्णा पासवान, कैलाश सिंह राजपूत, सुरेंद्र दिलेर और हंसराज विश्वकर्मा को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार में जहाँ कुछ नए चेहरों को जगह मिली है, वहीं दो मंत्रियों का प्रमोशन भी किया गया है। सरकार और संगठन के इस कदम को आगामी चुनावों से पहले सामाजिक संतुलन और 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र को धरातल पर उतारने की एक सोची-समझी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष जोर
योगी सरकार के इस दूसरे मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा ने बड़ी चतुराई से ओबीसी, दलित और महिला समीकरणों को साधने की कोशिश की है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट मतदाताओं को लुभाने के लिए पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी जैसे कद्दावर चेहरे को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है, वहीं पूर्वांचल और ओबीसी वर्ग में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए वाराणसी के हंसराज विश्वकर्मा को शामिल किया गया है। इसके अलावा, दलित समाज के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने हेतु सुरेंद्र दिलेर और कृष्णा पासवान को मंत्री बनाकर भाजपा ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वह समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना चाहती है। इस विस्तार के माध्यम से पार्टी ने उन क्षेत्रों और वर्गों को विशेष प्राथमिकता दी है, जो आगामी चुनावों में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
सपा के बागी और ब्राह्मण चेहरों को मिली जगह
विपक्षी खेमे में सेंधमारी और ब्राह्मण मतदाताओं की नाराजगी दूर करने के लिए भाजपा ने समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता रहे मनोज पांडेय पर भरोसा जताया है। मनोज पांडेय का शामिल होना सपा के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। इसी तरह सपा की बागी विधायक पूजा पाल और कृष्णा पासवान के जरिए भाजपा ने पिछड़ों और महिलाओं के बीच अपनी पकड़ और मजबूत करने का प्रयास किया है। जानकारों का मानना है कि यह विस्तार केवल रिक्त पदों को भरने की कवायद नहीं है, बल्कि विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के सामाजिक आधार को कमजोर करने की एक रणनीतिक चाल भी है। सूत्रों का यह भी संकेत है कि शपथ ग्रहण के बाद प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में फेरबदल भी किया जा सकता है।
विपक्ष पर तीखा हमला और 2027 का लक्ष्य
इस राजनीतिक घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप ने इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक नेक पहल करार दिया है। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश यादव ईवीएम के मुद्दे पर उलझे हुए हैं, जबकि जनता उन्हें और उनके गठबंधन को नकार रही है। कश्यप ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी का अंत करीब है और 2027 के चुनावों में भाजपा एक बार फिर प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी। उल्लेखनीय है कि संवैधानिक नियमों के अनुसार योगी कैबिनेट में अधिकतम 60 मंत्री हो सकते हैं और इस विस्तार के बाद अब सरकार ने अपने सभी रिक्त पदों को भरकर अपनी चुनावी मशीनरी को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया है। इससे पहले मार्च 2024 में हुए विस्तार में भी ओमप्रकाश राजभर और दारा सिंह चौहान जैसे नेताओं को शामिल कर भाजपा ने अपनी सामाजिक इंजीनियरिंग का परिचय दिया था।
मथुरा के जैंत में पुलिस-बदमाश मुठभेड़, 3 तार चोर गिरफ्तार, एक घायल
10 May, 2026 03:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मथुरा। मथुरा के जैंत थाना क्षेत्र में पुलिस को रविवार तड़के तार चोर गिरोह के बदमाशों को पकड़ने में बड़ी सफलता मिली। आगरा-दिल्ली सर्विस रोड पर हुई मुठभेड़ के बाद पुलिस ने तीन शातिर बदमाशों को दबोच लिया, जिनमें से एक के पैर में गोली लगी है। पुलिस ने उनके पास से चोरी का लाखों का सामान, अवैध हथियार और वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट डिजायर कार भी बरामद की है। मुखबिर की सूचना पर जैंत पुलिस, सर्विलांस और रिवार्डिड टीम ने संयुक्त कार्रवाई की। सूचना थी कि छटीकरा के पास निर्माणाधीन बिल्डिंग में जैंत क्षेत्र में सक्रिय तार चोर गिरोह के बदमाश फिर वारदात की फिराक में हैं। इस पर आगरा-दिल्ली सर्विस रोड पर प्रकाश ढाबा के पास औद्योगिक क्षेत्र में घेराबंदी की गई। बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग की, जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। मुठभेड़ में धौलपुर निवासी हरवीर के बाएं पैर में गोली लगी, जिसे उपचार के लिए वृंदावन अस्पताल भेजा गया है। उसके साथी गोपाल और सुग्रीव सिंह को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। बदमाशों के कब्जे से तीन तमंचे, छह कारतूस, चोरी किए गए 10 बंडल लाइट के तार, 7300 रुपये नकद और एक स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए तीनों आरोपियों पर जैंत थाने में तार चोरी के कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस उनके अन्य आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
कटिहार पुलिस के हत्थे चढ़े 109 अपराधी गिरफ्तार, लाखों का जुर्माना व शराब बरामद
10 May, 2026 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कटिहार। बिहार के कटिहार जिले में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस ने 08 मई को व्यापक अभियान चलाया। इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में छापेमारी, वाहन जांच और विशेष कार्रवाई की गई, जिसमें कुल 109 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में 47 लोग विभिन्न कांडों में शामिल थे। वहीं 22 अभियुक्तों को अजमानतीय वारंट और 40 अभियुक्तों को जमानतीय वारंट के मामलों में गिरफ्तार किया गया। शराबबंदी कानून के तहत भी बड़ी कार्रवाई करते हुए 33 लोगों को गिरफ्तार किया गया। अभियान के दौरान पुलिस ने 54.9 लीटर देसी शराब और 22.41 लीटर विदेशी शराब बरामद की। इसके अलावा 0.126 किलोग्राम गांजा, 2 मोबाइल फोन और एक अपहृत व्यक्ति को भी बरामद किया गया। एनडीपीएस एक्ट के तहत एक गिरफ्तारी दर्ज की गई, जबकि हत्या के प्रयास के मामले में भी एक आरोपी को पकड़ा गया। महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में भी पुलिस सक्रिय नजर आई। बालक/पॉक्सो एक्ट से संबंधित मामलों में 5 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। वाहन जांच अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी सख्ती दिखाई गई। इस दौरान कुल 8,35,500 रूपये का जुर्माना वसूला गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जिले में अपराध और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे। पुलिस ने आम लोगों से भी कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
आगरा में नए एलपीजी कनेक्शन जारी करने पर लगी रोक
10 May, 2026 03:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आगरा जिले में घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहां फिलहाल नए गैस कनेक्शन जारी करने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण उत्पन्न हुए वैश्विक गैस संकट को देखते हुए पेट्रोलियम कंपनियों और स्थानीय एजेंसियों ने यह कड़ा कदम उठाया है। इस निर्णय का सीधा असर जिले की 88 गैस एजेंसियों से जुड़े लगभग 13 लाख उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। हालांकि, प्रशासन आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाने की कोशिशों में जुटा है ताकि मौजूदा उपभोक्ताओं को अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
पुराने कनेक्शनों के हस्तांतरण पर राहत बरकरार
नए कनेक्शनों पर रोक के बावजूद जिला प्रशासन ने कुछ विशेष परिस्थितियों में राहत प्रदान की है। जिला पूर्ति अधिकारी के अनुसार, यदि किसी परिवार में गैस कनेक्शन किसी मृतक के नाम पर है, तो उसे उनके रक्त संबंधियों के नाम पर स्थानांतरित (ट्रांसफर) कराने की सुविधा जारी रहेगी। इसके लिए उपभोक्ताओं को निर्धारित जमानत राशि जमा करनी होगी। राहत की बात यह भी है कि पिछले एक महीने से सिलेंडरों की आपूर्ति में जो देरी या बैकलॉग चल रहा था, उसमें अब धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है और पेंडेंसी कम हो रही है।
अमीरों की सब्सिडी पर प्रशासन की टेढ़ी नजर
सरकार अब गैस सब्सिडी के वितरण को लेकर अधिक सख्त रुख अपना रही है और आय संबंधी मानकों की कड़ाई से जांच की जा रही है। नए नियमों के मुताबिक, जिन उपभोक्ताओं की वार्षिक आय 10 लाख रुपये या उससे अधिक है, उन्हें अब गैस सब्सिडी के दायरे से बाहर कर दिया गया है। वर्तमान में उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 350 रुपये और सामान्य उपभोक्ताओं को लगभग 12 रुपये की सब्सिडी दी जा रही है, लेकिन अब केवल पात्र लोग ही इसका लाभ उठा सकेंगे। प्रशासन ऐसे अपात्र लोगों की पहचान कर रहा है जो आय सीमा से अधिक होने के बावजूद सब्सिडी ले रहे हैं।
वैश्विक संकट का स्थानीय आपूर्ति पर प्रभाव
ईरान और अमेरिका के बीच के कूटनीतिक तनाव ने केवल अंतरराष्ट्रीय बाजार को ही नहीं, बल्कि आगरा की रसोई तक को प्रभावित किया है। गैस संकट की गंभीरता को देखते हुए कंपनियां फूंक-फूंक कर कदम रख रही हैं ताकि मौजूदा स्टॉक का प्रबंधन सही तरीके से किया जा सके। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अपनी जरूरत के हिसाब से पुराने कनेक्शन के ट्रांसफर या अन्य तकनीकी समस्याओं के लिए अपनी संबंधित गैस एजेंसी से संपर्क करें। प्रशासन का मुख्य फोकस इस समय सिलेंडरों की नियमित होम डिलीवरी सुनिश्चित करने पर है।
उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने की तैयारी
10 May, 2026 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां योगी सरकार अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने जा रही है। इस फेरबदल के केंद्र में 2027 के विधानसभा चुनाव हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए भाजपा ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाने की पूरी कोशिश की है। शाम तीन बजे जनभवन में होने वाले इस शपथ ग्रहण समारोह में छह नए चेहरों को शामिल किया जाना तय माना जा रहा है, जिन्हें राज्यपाल पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगी। हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी नामों की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन संभावित मंत्रियों को रविवार दोपहर तक पहुंचने के निर्देश दे दिए गए हैं।
विपक्षी खेमे में सेंध और महिला प्रतिनिधित्व पर जोर
इस विस्तार की सबसे खास बात सपा के बागी चेहरों को जगह देना है, जिसमें पूजा पाल और मनोज पांडेय के नाम प्रमुखता से उभर रहे हैं। पूजा पाल के जरिए जहां पिछड़ा वर्ग और महिला वोट बैंक को साधने की कोशिश की जा रही है, वहीं मनोज पांडेय को शामिल कर भाजपा ब्राह्मण समाज की नाराजगी दूर करने का बड़ा दांव खेल रही है। इसके साथ ही भाजपा की वरिष्ठ विधायक कृष्णा पासवान का नाम भी चर्चा में है, जिनके माध्यम से दलित और महिला समीकरणों को एक साथ दुरुस्त करने की रणनीति बनाई गई है।
जातीय समीकरण और पिछड़े वर्ग को प्राथमिकता
पार्टी ने इस बार ओबीसी और एसटी वर्ग के प्रतिनिधित्व को भी विशेष तवज्जो दी है। वाराणसी के एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा को मंत्री बनाकर पूर्वांचल के ओबीसी चेहरे को मजबूती दी जा रही है, जबकि अलीगढ़ की खैर विधानसभा सीट से विधायक सुरेंद्र दिलेर के जरिए अनुसूचित जनजाति वर्ग को प्रतिनिधित्व देने की तैयारी है। इन नियुक्तियों के माध्यम से भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि वह समाज के हर तबके को सत्ता में भागीदारी दे रही है, जिससे भविष्य की चुनावी राह आसान हो सके।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिग्गज चेहरों की वापसी
मंत्रिमंडल के इस नए स्वरूप में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सियासी दबदबे को भी बरकरार रखा गया है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी जैसे कद्दावर जाट नेता की कैबिनेट में एंट्री लगभग तय मानी जा रही है। संगठन के लंबे अनुभव और क्षेत्र में पकड़ को देखते हुए उन्हें यह अहम जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य केवल पदों का बंटवारा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न अंचलों और जातियों के बीच एक ऐसा संतुलन बनाना है, जो आगामी चुनावों में सत्ता की वापसी की नींव रख सके।
सरयू नदी में लापता युवक की तलाश खत्म, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
9 May, 2026 03:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सारण। माँझी नगर पंचायत के दुर्गापुर घाट पर सरयू नदी की लहरों में समाए युवक का पार्थिव शरीर पांच दिनों के लंबे इंतजार के बाद शनिवार की सुबह बरामद कर लिया गया। छपरा शहर के निकट जान टोला घाट के पास शव मिलने की खबर जैसे ही फैली, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक की पहचान माँझी थाना क्षेत्र के दुर्गापुर निवासी रौशन कुमार के रूप में हुई है, जिसकी सूचना मिलते ही बदहवास परिजन मौके पर पहुँचे और अपनों को खोने के गम में पूरे गाँव का माहौल अत्यंत गमगीन हो गया।
स्नान के समय हुआ हृदयविदारक हादसा
यह दुखद घटना बीते मंगलवार की है जब रौशन कुमार रोज की तरह दुर्गापुर घाट पर स्नान करने गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नहाने के दौरान वह अचानक अनियंत्रित होकर गहरे पानी की चपेट में आ गया और सरयू नदी के तेज बहाव में बहने लगा। तट पर मौजूद लोगों ने उसे बचाने के लिए भरसक प्रयास किए और शोर मचाया, किंतु देखते ही देखते वह गहरे पानी की गहराइयों में ओझल हो गया। इस हादसे के बाद से ही स्थानीय स्तर पर उसकी तलाश के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा था।
गोताखोरों द्वारा शव की खोज और बरामदगी
दुर्घटना के बाद से ही स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों का दल दिन-रात नदी की खाक छान रहा था ताकि युवक का पता लगाया जा सके। पांच दिनों के कठिन परिश्रम के बाद शनिवार सुबह करीब 10 बजे गोताखोरों ने सरयू नदी में तैरते हुए शव को देखा और उसे बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की। शव मिलने की आधिकारिक पुष्टि होते ही पुलिस और प्रशासन को अवगत कराया गया और कानूनी प्रक्रिया के बीच परिजनों ने अपने लाडले का अंतिम दीदार किया।
गाँव में पसरा सन्नाटा और परिजनों का विलाप
रौशन का शव गाँव पहुँचते ही चीख-पुकार मच गई और परिजनों के विलाप से वहाँ मौजूद हर व्यक्ति की आँखें नम हो गईं। परिवार के सदस्य जो पिछले पांच दिनों से किसी चमत्कार की उम्मीद लगाए बैठे थे, इस कड़वी सच्चाई को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि युवक अपने व्यवहार से सबका प्रिय था और उसकी इस तरह अचानक हुई मौत ने पूरे मोहल्ले को गहरे सदमे में डाल दिया है, जिससे हर घर में मातम छाया हुआ है।
स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों की तत्परता
इस संकट की घड़ी में स्थानीय लोगों और प्रशासन ने आपसी सहयोग का परिचय दिया और तलाशी अभियान में निरंतर जुटे रहे। हालांकि युवक की जान नहीं बचाई जा सकी, लेकिन गोताखोरों की तत्परता के कारण शव को बरामद कर परिजनों को सौंपा जा सका। प्रशासन ने पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और क्षेत्र में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए नदी के घाटों पर सावधानी बरतने की अपील की है ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी पीड़ा न झेलनी पड़े।
पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों का प्रदर्शन भारी पड़ा, हजारों पर केस
9 May, 2026 01:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार की राजधानी में शिक्षक भर्ती परीक्षा के चौथे चरण के विज्ञापन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच हुआ टकराव अब कानूनी कार्रवाई में तब्दील हो गया है। गांधी मैदान थाना पुलिस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए छात्र नेता दिलीप कुमार सहित चार नामजद और लगभग पांच हजार अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस प्रशासन का आरोप है कि इन प्रदर्शनकारियों ने न केवल शहर की कानून व्यवस्था को चुनौती दी, बल्कि मुख्य मार्गों पर यातायात बाधित कर सरकारी कार्य में भी बाधा उत्पन्न की, जिसके बाद अब सीसीटीवी फुटेज के जरिए अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
अभ्यर्थियों का आंदोलन और पुलिसिया लाठीचार्ज
शुक्रवार को पटना कॉलेज से शुरू हुआ यह विरोध मार्च जैसे ही जेपी गोलंबर के समीप पहुंचा, वहां मौजूद सुरक्षा बलों और हजारों की संख्या में जुटे अभ्यर्थियों के बीच तीखी झड़प शुरू हो गई। स्थिति को अनियंत्रित होता देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया, जिसमें कई छात्र-छात्राओं को गंभीर चोटें आईं। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रख रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें बर्बरतापूर्वक दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, जिससे पूरे इलाके में तनाव और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में देरी और बढ़ता असंतोष
शिक्षक अभ्यर्थियों के इस व्यापक आक्रोश का मुख्य कारण पिछले दो वर्षों से लंबित नियुक्तियां और बीपीएससी द्वारा विज्ञापन जारी करने में की जा रही देरी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिक्षा विभाग और सरकार की ओर से चुनाव के समय भी जल्द भर्ती निकालने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अधियाचना मिलने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। अभ्यर्थियों का मानना है कि वे लंबे समय से मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं और सरकार उनकी जायज मांगों को सुनने के बजाय दमनकारी नीतियों का सहारा लेकर उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
छात्र नेताओं की गिरफ्तारी और पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता दिलीप कुमार और उनके साथियों की गिरफ्तारी के बाद शिक्षक अभ्यर्थियों में गहरा रोष व्याप्त है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि हिरासत में लिए गए साथियों के साथ थाने में मारपीट की गई है और अब उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस घटनाक्रम ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि अभ्यर्थी अब इस लड़ाई को और भी मजबूती से लड़ने की चेतावनी दे रहे हैं।
आगामी कानूनी प्रक्रिया और प्रशासन का पक्ष
वर्तमान में पुलिस प्रशासन गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों से पूछताछ कर रहा है और मामले की गहराई से जांच के लिए तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि किसी को भी शहर की शांति भंग करने और आम नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डालने की अनुमति नहीं दी जा सकती। दूसरी ओर, शिक्षक अभ्यर्थी अब एकजुट होकर इस कानूनी कार्रवाई के खिलाफ रणनीति बना रहे हैं और उनकी मांग है कि जब तक भर्ती का विज्ञापन जारी नहीं होता और गिरफ्तार नेताओं को रिहा नहीं किया जाता, तब तक उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
तेलंगाना के छात्र का शव मिलने पर पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
9 May, 2026 12:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहटा (पटना): भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) पटना के परिसर में एक छात्र की आकस्मिक मृत्यु से पूरे संस्थान में शोक की लहर दौड़ गई है। शनिवार की सुबह बॉयज हॉस्टल के समीप स्थित मैदान में एक युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया, जिसकी पहचान तेलंगाना निवासी हर्षित पटनायक के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और एफएसएल की टीमों ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि मौत के सटीक कारणों का अब तक आधिकारिक खुलासा नहीं हो सका है, लेकिन पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञ हर संभावित कोण से इस रहस्यमयी घटना की गुत्थी सुलझाने में जुटे हुए हैं।
परिसर में बरामदगी और प्रारंभिक प्रशासनिक कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही पटना पश्चिम के सिटी एसपी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बल के साथ आईआईटी परिसर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि शुक्रवार शाम को आई तेज आंधी और बारिश के कारण परिसर के कई हिस्सों में जलजमाव हो गया था और कुछ स्थानों पर बिजली के तार भी क्षतिग्रस्त होकर गिर गए थे। अंदेशा जताया जा रहा है कि संभवतः सुबह टहलने या किसी अन्य गतिविधि के लिए बाहर निकले छात्र के साथ कोई अनहोनी हुई होगी। प्रशासन ने शव को अपने कब्जे में लेकर जांच की प्रक्रिया तेज कर दी है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह महज एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण जिम्मेदार है।
छात्र की शैक्षणिक पृष्ठभूमि और संस्थान का आधिकारिक वक्तव्य
आईआईटी पटना प्रबंधन ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए बताया कि मृतक छात्र हर्षित पटनायक संस्थान के एक मेधावी विद्यार्थी थे। उन्होंने यहां से अपनी प्रारंभिक पढ़ाई के तीन वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण किए थे और वर्तमान में एक विशेष ड्यूल डिग्री प्रोग्राम के तहत प्रतिष्ठित आईआईएम बॉम्बे में अपनी शिक्षा प्राप्त कर रहे थे। संस्थान के अनुसार हर्षित अपने पुराने साथियों के विदाई समारोह (फेयरवेल) में सम्मिलित होने के लिए विशेष रूप से कैंपस आए हुए थे, लेकिन इस बीच हुई इस दुखद दुर्घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।
फॉरेंसिक जांच और साक्ष्यों का विश्लेषण
मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण नमूने एकत्र किए हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या छात्र की मृत्यु बिजली की चपेट में आने से हुई या इसके पीछे कोई अन्य तकनीकी खामी रही है। सिटी एसपी ने मीडिया को बताया कि जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक विश्लेषण के परिणाम सामने नहीं आ जाते, तब तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस प्रशासन कैंपस के सुरक्षा कैमरों और वहां मौजूद अन्य छात्रों से भी पूछताछ कर घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रहा है।
शोक संतप्त परिवार और आगामी प्रक्रियाएं
संस्थान ने मृतक के परिजनों को इस हृदयविदारक घटना की सूचना दे दी है और वे हैदराबाद से पटना के लिए रवाना हो चुके हैं। आईआईटी प्रशासन ने छात्र के मित्रों और सहपाठियों से अपील की है कि वे इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखें और परिवार को सहयोग प्रदान करें। सभी कानूनी और चिकित्सकीय औपचारिकताओं को पूरा करने की प्रक्रिया जारी है ताकि जल्द से जल्द जांच संपन्न कर स्थिति स्पष्ट की जा सके। यह घटना उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा और आपातकालीन स्थितियों के प्रबंधन को लेकर भी एक गंभीर चर्चा का विषय बन गई है।
बिहार में रेलवे ट्रैक पर ‘तीसरी आंख’ का खुलासा, जांच एजेंसियां अलर्ट
9 May, 2026 11:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हाजीपुर। बिहार के हाजीपुर-मुजफ्फरपुर रेलखंड पर स्थित सराय स्टेशन के पास एक सुरक्षा चूक का बेहद गंभीर और हैरान करने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक समपार फाटक के निकट सिग्नल टावर पर अवैध रूप से लगाए गए एक आधुनिक इंटरनेट प्रोटोकॉल कैमरे के जरिए रेलवे ट्रैक और सड़क मार्ग की संदिग्ध निगरानी की जा रही थी। इस सोलर संचालित कैमरे की खोज के बाद हुई शुरुआती जांच में इसके तार अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क और पड़ोसी देश पाकिस्तान से जुड़े होने के संकेत मिले हैं, जिससे सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है।
सिग्नल टावर पर संदिग्ध कैमरे की स्थापना
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब स्वयं को एक सामाजिक संस्था का कार्यकर्ता बताने वाला एक अज्ञात युवक रेलवे फाटक पर पहुँचा और उसने सिग्नल टावर पर चुपके से एक कैमरा स्थापित कर दिया। उस युवक की भाषा और व्यवहार संदिग्ध प्रतीत होने पर वहां तैनात कर्मचारी ने तुरंत स्टेशन मास्टर को इसकी जानकारी दी, जिन्होंने मामले की गंभीरता को समझते हुए आरपीएफ और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। जाँच के दौरान जब कैमरे के तकनीकी पहलुओं को खंगाला गया, तो उसमें कुख्यात आतंकी की तस्वीर और कुछ बेहद आपत्तिजनक डेटा प्राप्त हुआ, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और अधिक बढ़ा दी है।
अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से जुड़े तार
जांच एजेंसियों ने जब इस आधुनिक कैमरे के आईपी एड्रेस और डेटा की तकनीकी पड़ताल की, तो इसके तार कर्नाटक के तटीय इलाकों के माध्यम से पाकिस्तान स्थित संदिग्ध समूहों से जुड़े होने की बात सामने आई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एटीएस और एसटीएफ की विशेष टीमों ने घटनास्थल का मुआयना किया है और रेल प्रशासन के उच्चाधिकारियों को भी संपूर्ण विवरण सौंप दिया गया है। प्राथमिक सूचना के आधार पर यह अंदेशा जताया जा रहा है कि इस तकनीक का उपयोग किसी बड़ी आतंकी साजिश या विशिष्ट आवाजाही की गुप्त रेकी करने के उद्देश्य से किया जा रहा था।
उन्नत तकनीक और सुदूर नियंत्रण का उपयोग
यह कैमरा तकनीकी रूप से इतना सक्षम था कि इसमें लगे 4G सिम और मोबाइल इंटरनेट की मदद से इसे सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठा व्यक्ति आसानी से संचालित कर सकता था। रात के घने अंधेरे में भी स्पष्ट दृश्य रिकॉर्ड करने की क्षमता रखने वाला यह उपकरण न केवल स्थिर था बल्कि इसे दूर से ही घुमाया भी जा सकता था ताकि चारों ओर की गतिविधियों पर नज़र रखी जा सके। पुलिस ने इस उपकरण से करीब एक घंटे की रिकॉर्डिंग बरामद की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इसके जरिए रेल पटरियों और राजमार्गों की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही थी।
विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सघन जांच
वर्तमान में इस पूरे मामले की कमान कई विशेष सुरक्षा दल संभाल रहे हैं जो अलग-अलग बिंदुओं पर गहनता से छानबीन कर रहे हैं ताकि इस साजिश की तह तक पहुँचा जा सके। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ रेलवे के तकनीकी विशेषज्ञ भी इस कार्य में जुटे हैं और आसपास के क्षेत्रों में लगे अन्य कैमरों की फुटेज के माध्यम से उस संदिग्ध युवक की तलाश की जा रही है जिसने इस उपकरण को स्थापित किया था। अधिकारियों का मानना है कि यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है और इसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाकर किसी अप्रिय घटना को अंजाम देना था।
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