उत्तर प्रदेश
यूपी में मानसून मेहरबान, बरेली में रिकॉर्ड बारिश दर्ज; मौसम विभाग ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट
1 Jul, 2026 06:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ| उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत के कई राज्यों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। रफ्तार पकड़ते हुए दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में दस्तक दे दी। इस पहली मानसूनी बारिश के कारण राज्य के विभिन्न जिलों में पारे में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस और तपिश से छुटकारा मिला है।
मंगलवार को राज्य के कई इलाकों में झमाझम पानी बरसा, जिससे किसानों के चेहरे खिल गए हैं। विशेषकर पूर्वांचल और तराई के क्षेत्रों में हुई इस बारिश से खरीफ की फसलों की बुवाई का काम तेज हो गया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को बरेली में सबसे ज्यादा 157 मिमी और ललितपुर में 106 मिमी बारिश हुई। इसके साथ ही लखीमपुर खीरी में 99.4 मिमी, अयोध्या में 69 मिमी और अंबेडकरनगर में 66 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून सोनभद्र, चंदौली, गाजीपुर, बलिया, आजमगढ़, गोरखपुर और अयोध्या समेत पूर्वांचल व पूर्वी तराई के हिस्सों को कवर कर चुका है। आने वाले दो-तीन दिनों में इसके पूरे राज्य में सक्रिय होने की उम्मीद है। विभाग ने बुधवार के लिए बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर और बरेली में अत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, बांदा, प्रयागराज, मिर्जापुर और वाराणसी समेत करीब 30 जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और गरज-चमक की चेतावनी दी है।
लखनऊ: राजधानी में बरसीं फुहारें, तापमान में भारी गिरावट
लखनऊ में पिछले कई दिनों से पड़ रही चिलचिलाती गर्मी और उमस से परेशान नागरिकों को मंगलवार को बड़ी राहत मिली। सुबह से ही शहर के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुक कर रिमझिम फुहारें पड़ती रहीं, जिससे मौसम खुशनुमा हो गया। मलिहाबाद, मोहनलालगंज और काकोरी जैसे ग्रामीण अंचलों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई।
इस बारिश के चलते दिन का अधिकतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस लुढ़क कर 32.1 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जबकि न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बुधवार को भी राजधानी में हल्की वर्षा के आसार बने हुए हैं।
पूर्वोत्तर भारत: असम और अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ से हालात गंभीर, दो लाख लोग प्रभावित
जहां एक तरफ उत्तर भारत को गर्मी से राहत मिली है, वहीं पूर्वोत्तर भारत में मानसून आफत बनकर बरसा है। अरुणाचल प्रदेश और असम में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए हैं, जिससे करीब दो लाख की आबादी प्रभावित हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ने मंगलवार को मध्य प्रदेश के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के शेष इलाकों को भी पूरी तरह कवर कर लिया है। वर्तमान में मानसून सूरत (गुजरात), इंदौर, सागर, सीधी (मध्य प्रदेश) से होते हुए देहरादून (उत्तराखंड) और मंडी (हिमाचल प्रदेश) तक पहुंच गया है। जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान में भी मानसून के आगे बढ़ने के लिए स्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।
बाढ़ के कारण अरुणाचल प्रदेश के लोअर सियांग जिले में भूस्खलन और जलभराव से 14 गांवों के हजारों लोग संकट में हैं। वहीं असम के धेमाजी समेत कई जिलों में 60 से अधिक गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
3 जुलाई को होगी अहम सुनवाई, खान सर की अग्रिम जमानत पर टिकी निगाहें
30 Jun, 2026 12:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: राजधानी के मुसल्लहपुर हाट स्थित प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान 'खान ग्लोबल स्टडीज' के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर अदालत अब आगामी 3 जुलाई को विचार करेगी। पटना सिविल कोर्ट ने इस संवेदनशील मामले की सुनवाई के दौरान खान सर के दोनों निजी सुरक्षा गार्डों के हथियारों से जुड़े कागजात तलब किए हैं। अदालत ने साफ किया है कि सुरक्षाकर्मियों के पास मौजूद हथियारों के लाइसेंस की वैधता से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज कोर्ट के सामने पेश किए जाएं, जिसके बाद ही इस मामले में आगे का फैसला लिया जाएगा।
गार्डों के हथियारों के लाइसेंस और फायरिंग को लेकर उठा बड़ा सवाल
इस चर्चित कोचिंग विवाद से जुड़े मामले की अदालती कार्यवाही के दौरान सरकारी वकील ने खान सर के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि बीते 2 जून की रात जो घटना हुई थी, उसमें खान सर के दोनों निजी सुरक्षा गार्ड अवैध हथियार लेकर वहां मौजूद थे। सरकारी पक्ष का यह भी दावा है कि इलाके में दहशत और खौफ का माहौल पैदा करने के इरादे से उस वक्त हवाई फायरिंग भी की गई थी। इन दलीलों के आधार पर सरकारी पक्ष ने अग्रिम जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया।
खान सर के वकील ने आरोपों को नकारा, पुलिस के पास जमा हैं दस्तावेज
दूसरी तरफ खान सर की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता ने सरकारी वकील द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से मनगढ़ंत और बेबुनियाद बताया। बचाव पक्ष के वकील ने अदालत के सामने स्पष्ट किया कि खान सर की सुरक्षा में तैनात दोनों गार्डों के हथियार पूरी तरह से वैध और लाइसेंसी हैं। उन्होंने कोर्ट को यह भी जानकारी दी कि हथियारों के लाइसेंस समेत जितने भी जरूरी कानूनी कागजात थे, वे पुलिस ने जांच के दौरान पहले ही अपने कब्जे में ले लिए हैं, इसलिए अवैध हथियार होने का सवाल ही नहीं उठता।
अदालत ने जांच अधिकारी को रिकॉर्ड पेश करने का दिया कड़ा निर्देश
मामले में दोनों पक्षों की दलीलें और दावों को सुनने के बाद अदालत ने स्थिति स्पष्ट करने का फैसला किया। कोर्ट ने मामले के अनुसंधानकर्ता यानी जांच अधिकारी (आईओ) को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि पुलिस द्वारा जब्त किए गए हथियारों के लाइसेंस और उनसे संबंधित तमाम दस्तावेजों को अगली तारीख पर कोर्ट में लाया जाए। अब 3 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई में इन दस्तावेजों की जांच के बाद ही तय होगा कि खान सर को अदालत से राहत मिलती है या नहीं।
डिजिटल स्किल्स को बढ़ावा, OBC युवाओं के लिए फ्री कंप्यूटर कोर्स की शुरुआत
30 Jun, 2026 11:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तकनीकी शिक्षा और रोजगारपरक कौशल को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष मुहिम शुरू की गई है। इसके तहत पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए 'ओ लेवल' और 'सीसीसी' कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना का आगाज किया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के जरिए युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की तैयारी है, जिसके लिए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
10 जुलाई तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन
इस कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना का लाभ उठाने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत आवेदन की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन रखा गया है। उत्तर प्रदेश के पात्र ओबीसी छात्र-छात्राएं तय समय सीमा के भीतर आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना फॉर्म भर सकते हैं। सरकार ने आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 जुलाई 2026 निर्धारित की है, ताकि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद युवाओं तक इस योजना का लाभ पहुंच सके।
1 अगस्त से शुरू होगा नया सत्र, प्रतिष्ठित संस्थानों में मिलेगी मुफ्त शिक्षा
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित की जा रही इस योजना के तहत चयनित युवाओं की कक्षाएं 1 अगस्त 2026 से नियमित रूप से शुरू हो जाएंगी। युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए भारत सरकार के राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान से मान्यता प्राप्त प्रदेश के 299 प्रतिष्ठित संस्थानों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन केंद्रों के माध्यम से युवाओं को पूरी तरह निःशुल्क ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे उन्हें तकनीकी रूप से मजबूत बनकर करियर में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
हत्या मामले में बच्चों का बड़ा दावा, पुलिस जुटा रही सबूत और बयानों की पड़ताल
30 Jun, 2026 11:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के नौरोजपुर गुर्जर गांव में हुए सनसनीखेज सचिन हत्याकांड में दो मासूम बच्चों की गवाही के बाद एक नया और बेहद चौंकाने वाला मोड़ आया है। मृतक किसान सचिन की 8 वर्षीय बेटी और 7 वर्षीय बेटे ने पुलिस के सामने अपनी आँखों देखी दास्तान बयां की है। बच्चों ने बताया, "मम्मी और एक अंकल ने मिलकर पापा का मुँह तकिए से दबाकर उन्हें मार डाला। जब पापा की चीख निकली, तो हमारी नींद खुल गई और हमने कमरे की खिड़की से सब कुछ देख लिया।" पुलिस ने विवेचना के दौरान दोनों बच्चों के यह बयान दर्ज कर लिए हैं।
यह खौफनाक वारदात बीती 12 जून की रात को अंजाम दी गई थी, जब सचिन की पत्नी रचना ने उसके खाने (खीर) में नशीली गोलियां मिला दी थीं। पति के अचेत होने के बाद रचना ने मर्चेंट नेवी में सेकेंड क्लास इंजीनियर अपने प्रेमी सोनू (निवासी रंछाड़) को घर बुला लिया। इसी बीच जब सचिन की आँख खुली और उसने विरोध किया, तो दोनों ने मिलकर तकिए से उसका मुँह दबाया और गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया। पुलिस दोनों मुख्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
खिड़की से देखा मौत का खौफनाक मंजर
मामले के जांच अधिकारी इंस्पेक्टर बृजेश कुमार ने बताया कि सोमवार को सचिन के दोनों बच्चों के बयान दर्ज किए गए। बच्चों ने रोते हुए पुलिस को बताया कि वे पास के कमरे में सो रहे थे। रात को अचानक पिता की चीख सुनकर वे जाग गए। कमरे की खिड़की से जब उन्होंने बाहर बरामदे की तरफ झांका, तो वहाँ का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। चारपाई पर लेटे पापा का मुँह उनकी मम्मी और एक अंकल तकिए से दबा रहे थे। मासूम बच्चे इस खौफनाक मंजर को देखकर इतना डर गए कि चुपचाप वापस अपने बिस्तर पर जाकर दुबक गए। बयान देते समय बच्चे फूट-फूट कर रोने लगे, जिन्हें परिजनों ने बश्किल संभाला। पुलिस ने पीड़ित परिवार को पूरी सुरक्षा और मदद का भरोसा दिया है।
सामान्य मौत दिखाने की रची थी साजिश
इस जघन्य अपराध को छुपाने और कानून की आँखों में धूल झोंकने के लिए आरोपी रचना और उसके प्रेमी सोनू ने एक मनगढ़ंत कहानी तैयार की थी। उन्होंने परिजनों को यह बताने की कोशिश की कि खेत में कीटनाशक (जहर) का छिड़काव करने के कारण सचिन की तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। अगली सुबह रचना ने सचिन के भाई नवीन को फोन कर बताया कि उसकी हालत गंभीर है। परिजन उसे तुरंत बड़ौत के एक निजी अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
गले के निशान और सीसीटीवी ने खोला राज
ऐसे बेनकाब हुए कातिल: 13 जून की सुबह जब परिजनों ने सचिन के गले पर संदिग्ध चोट के निशान देखे, तो उन्हें गहरा शक हुआ। उन्होंने बिना देर किए बागपत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जब घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तो सच सामने आ गया। फुटेज में प्रेमी सोनू रात करीब 10 बजे घर के अंदर जाता और सुबह 3:28 बजे बाहर निकलता हुआ साफ दिखाई दिया।
शुरुआत में आरोपी पत्नी रचना लगातार पुलिस को गुमराह करती रही और कीटनाशक वाली कहानी पर अड़ी रही। लेकिन जब पुलिस ने सख्ती दिखाई और सीसीटीवी फुटेज सामने रखी, तो उसने टूटकर अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने माना कि प्रेमी सोनू ने ही उसे नशीली गोलियां दी थीं, जिन्हें खीर में मिलाकर उसने पति को सुलाया और फिर दोनों ने मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया। पुलिस इस मामले में जल्द ही अदालत में चार्जशीट दाखिल करने जा रही है।
मथुरा में तेज रफ्तार का कहर, बस और ट्रेलर की भिड़ंत से कई घायल
30 Jun, 2026 11:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मथुरा। यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया, जिसमें चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और करीब 20 से 25 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। यह भीषण दुर्घटना थाना राया क्षेत्र के अंतर्गत माइलस्टोन 112 और 113 के बीच सुबह करीब साढ़े तीन बजे घटित हुई। जानकारी के मुताबिक, गोला बस सर्विस की एक वोल्वो बस आगे चल रहे एक ट्रेलर से बेहद जोरदार तरीके से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। हादसे के वक्त बस में करीब 65 यात्री सवार थे, जिनमें से ज्यादातर लोग उस समय गहरी नींद में थे।
मौके पर पहुंची पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें
भीषण चीख-पुकार के बीच स्थानीय राहगीरों ने तुरंत इस घटना की सूचना पुलिस और प्रशासन को दी। हादसे की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, सीओ महावन और थाना प्रभारी राया भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंच गए। इसके साथ ही एसडीआरएफ (SDRF) और फायर सर्विस की टीमों को भी तत्काल राहत कार्य के लिए बुलाया गया। रेस्क्यू टीमों ने बिना वक्त गंवाए बस में फंसे घायल और डरे हुए यात्रियों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी 20 से 25 घायल यात्रियों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए इलाज के लिए मथुरा जिला अस्पताल भिजवाया, जहां कई यात्रियों की हालत गंभीर बनी हुई है।
मृतकों की शिनाख्त की कोशिशें जारी, एक्सप्रेसवे पर यातायात बहाल
पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस प्रशासन अब कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ मृतकों की पहचान स्थापित करने के प्रयासों में जुटा हुआ है, ताकि उनके परिजनों को समय पर सूचित किया जा सके। घटनास्थल पर क्षतिग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से हटाकर एक्सप्रेसवे पर यातायात को सुचारू रूप से बहाल कर दिया गया है। मौके पर सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और हादसे के सही कारणों का पता लगाने के लिए आवश्यक जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
रांची-जमशेदपुर समेत 6 पॉलिटेक्निक होंगे कनेक्ट, पलामू में हाईटेक एजुकेशन की शुरुआत
30 Jun, 2026 10:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड सरकार ने राज्य में तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान के स्तर को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार अब युवाओं को रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी दुनिया की सबसे आधुनिक तकनीकों में दक्ष बनाने की तैयारी कर रही है। इस दूरदर्शी उद्देश्य को पूरा करने के लिए सरकार ने पलामू स्थित गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज (जीईसी) में चार विशेष क्षेत्रों में 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। इस पूरी परियोजना को पांच वर्षों की अवधि में चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा, जिस पर कुल 22.97 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी।
स्टार्टअप संस्कृति को रफ्तार देने के लिए बनेगा नया इन्क्यूबेशन सेंटर
इस बड़ी तकनीकी परियोजना के तहत पलामू इंजीनियरिंग कॉलेज के भीतर ही नए विचारों और नवोन्मेष को जमीनी स्तर पर उतारने की व्यवस्था भी की जा रही है। युवाओं में उद्यमिता और नए स्टार्टअप को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कॉलेज परिसर में 'जीईसी इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेंटर' की स्थापना की जाएगी। यह सेंटर उभरते हुए उद्यमियों को अपने बिजनेस आइडिया को सफल कंपनियों में बदलने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराएगा। सरकार ने इस पूरे सेंटर को मजबूती से शुरू करने के लिए कुल परियोजना लागत में से एक करोड़ रुपये की राशि इसके शेयर कैपिटल (प्रारंभिक पूंजी) के रूप में आवंटित करने का प्रावधान किया है।
शोध और रोजगार के खुलेंगे नए दरवाजे
मौसम और उद्योग की बदलती जरूरतों के बीच इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना से राज्य के तकनीकी छात्रों के लिए उच्च स्तरीय शोध और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। पलामू और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अब एआई और रोबोटिक्स जैसी उच्च शिक्षा के लिए बड़े महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। सरकार का मानना है कि इस निवेश से न सिर्फ शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और तकनीकी विकास को भी एक नई दिशा मिलेगी, जिससे आने वाले समय में राज्य के युवा तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
'मोहम्मद अली' की पहचान छोड़ फिर बने आयुष, परिवार संग की धार्मिक पूजा
30 Jun, 2026 10:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शामली: शहर के प्रतिष्ठित दवा व्यवसायी देवराज मलिक के इकलौते पुत्र आयुष मलिक ने एक बार फिर सनातन धर्म अपना लिया है। इस मामले को प्रमुखता से उठाने वाले बघरा स्थित योग साधना आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने पुष्टि की है कि आयुष ने स्वेच्छा से घर वापसी कर ली है। घर के मंदिर में पूजा-अर्चना करते हुए आयुष का एक दृश्य भी सामने आया है, जिसमें वह अपने परिजनों से आशीर्वाद लेते और मूल धर्म में लौटने की बात कहते दिख रहे हैं।
गौरतलब है कि मोहल्ला दयानंदनगर निवासी और केमिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष देवराज मलिक ने 6 जून को अपने बेटे के जबरन धर्मांतरण को लेकर मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि काजीवाड़ा निवासी जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी ने उनकी संपत्ति हड़पने की नीयत से आयुष को अपने प्रेमजाल में फंसाया और फर्जी निकाहनामा तैयार करवाकर उसका धर्म बदलवा दिया था।
आंदोलन की चेतावनी के बाद जागा था प्रशासन
दवा कारोबारी के बेटे के इस संवेदनशील मामले को लेकर जब हिंदू संगठनों ने तीखे आंदोलन और महापंचायत का ऐलान किया, तब जाकर प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ। इसकी गूंज लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सुनाई दी थी।
बघरा आश्रम के स्वामी यशवीर महाराज ने चेतावनी दी थी कि यदि आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे संबंधित इलाके में हिंदू महापंचायत करेंगे। इस अल्टीमेटम के बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाई और एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की, जिससे संतुष्ट होकर महापंचायत स्थगित की गई थी। उत्तराखंड हिंदू रक्षा दल ने भी इस पर आंदोलन की चेतावनी दी थी।
स्वामी यशवीर महाराज का संदेश: "हम आयुष मलिक की सनातन धर्म में घर वापसी का हृदय से स्वागत करते हैं। पूरा समाज उनके इस फैसले के साथ है। इस अन्याय के खिलाफ जो मुहिम हमने शुरू की थी, वह आज सफल हो गई है। इसके लिए हम मुख्यमंत्री और शामली प्रशासन का आभार व्यक्त करते हैं।"
पिता बोले— संस्कारों की हुई जीत
बेटे की वापसी पर भावुक पिता देवराज मलिक ने कहा कि ईश्वर की असीम अनुकंपा, परिवार के स्नेह और पूर्वजों के संस्कारों की बदौलत उनके बेटे आयुष ने पुनः वैदिक परंपराओं को स्वीकार कर लिया है। वह अब नियमित पूजा-पाठ और धार्मिक आचरण के मार्ग पर लौट आया है। उन्होंने इस संकटकाल में साथ देने वाले सभी सहयोगियों का आभार जताया।
प्रशासनिक वक्तव्य: "सनातन धर्म में वापसी का यह निर्णय उनके परिवार का निजी मामला है। जहाँ तक धर्मांतरण के केस का सवाल है, पुलिस पूरी निष्पक्षता से जांच कर रही है। फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें दबिश दे रही हैं, जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे।"
— एनपी सिंह, पुलिस अधीक्षक
यह था पूरा घटनाक्रम
इस पूरे मामले की शुरुआत 4 जून को हुई जब स्वामी यशवीर महाराज ने इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया। इसके बाद 6 जून को शहर कोतवाली में देवराज मलिक की तहरीर पर जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी, उसके पिता इस्लाम, भाई आसमोहम्मद, बहनें राहिल, सुमाइला, राबिया, हुमा कुरैशी, तौफीक उर्फ भोला, मौलवी मुनव्वर और दो अज्ञात मौलवियों के खिलाफ साजिश और जालसाजी का मुकदमा दर्ज हुआ। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 7 जून को मुख्य आरोपी चांदनी कुरैशी, उसके पिता और बाद में उसके फुफेरे भाई (सपा अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश सचिव) तौफीक उर्फ भोला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
अब बी-फार्मा के लिए नहीं जाना पड़ेगा दूसरे राज्यों में, रांची में मिलेगी नई सुविधा
30 Jun, 2026 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: झारखंड के उन युवाओं के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खबर है जो फार्मेसी के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। राजधानी रांची के बरियातू में स्थित राजकीय फार्मेसी संस्थान को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है, जहां अब लंबे समय के बाद बैचलर ऑफ फार्मेसी यानी बी-फार्मा की डिग्री पढ़ाई भी शुरू होने जा रही है। शासन स्तर पर मिली इस मंजूरी के बाद राज्य के छात्रों को अब उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा और वे अपने ही प्रदेश में रहकर यह डिग्री हासिल कर सकेंगे।
पीसीआई ने दी 60 सीटों पर दाखिले की औपचारिक मंजूरी
इस नए बदलाव को अमलीजामा पहनाने के लिए फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) की तरफ से बरियातू संस्थान को औपचारिक रूप से हरी झंडी दे दी गई है। काउंसिल द्वारा जारी किए गए पत्र के मुताबिक संस्थान को बी-फार्मा के प्रथम वर्ष के लिए कुल साठ सीटों पर छात्र-छात्राओं के नामांकन की अनुमति दी गई है। खास बात यह है कि इस नई व्यवस्था के शुरू होने के बाद भी संस्थान में पहले से चल रहे डिप्लोमा इन फार्मेसी यानी डी-फार्मा कोर्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा और उसकी साठ सीटों की मान्यता भी पहले की तरह ही बरकरार रहेगी।
नए शैक्षणिक सत्र से शुरू होगी प्रवेश प्रक्रिया, भवन पहले से है तैयार
संस्थान प्रबंधन की तैयारियों के अनुसार इस नए चार वर्षीय डिग्री कोर्स की शुरुआत आगामी शैक्षणिक सत्र से कर दी जाएगी। कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दाखिले की यह पूरी प्रक्रिया अगले साल से व्यवस्थित रूप से शुरू होगी। इसके बुनियादी ढांचे की बात करें तो छात्रों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी क्योंकि बी-फार्मा की कक्षाओं और प्रैक्टिकल लैब के संचालन के लिए एक साल पहले ही पूरी तरह से आधुनिक और नया भवन बनकर तैयार हो चुका है, जो अब पूरी तरह उपयोग के लिए तैयार है।
कॉलेज में बढ़ेंगी सुविधाएं, 56 नए पदों पर जल्द होंगी नियुक्तियां
इस बड़े स्तर के कोर्स को बेहतर ढंग से चलाने और कॉलेज की प्रशासनिक व शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार भी पूरी मुस्तैदी दिखा रही है। सरकार ने संस्थान के विस्तार को देखते हुए पहले ही छप्पन नए पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है। इनमें बाईस पद प्रोफेसर और शिक्षकों के होंगे जो शिक्षा का स्तर सुधारेंगे, जबकि ज्योतिष अन्य पद गैर-शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों के लिए होंगे। इन सभी पदों पर जल्द ही योग्य कर्मचारियों की बहाली की जाएगी जिससे बरियातू फार्मेसी कॉलेज राज्य के एक शीर्ष संस्थान के रूप में उभर सकेगा।
अयोध्या में सांसद किशोरी लाल का बड़ा दावा, बोले- चंदा चोरी न रोक पाने वाले हमें रोक रहे
30 Jun, 2026 10:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेठी: राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस के प्रस्तावित अयोध्या मार्च से पहले अमेठी में देर रात राजनीतिक सरगर्मी अचानक बढ़ गई। कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रशासन ने कई कांग्रेस नेताओं के घरों पर पुलिस का कड़ा पहरा बैठा दिया। हालांकि, अमेठी के सांसद किशोरी लाल शर्मा रात में ही पुलिस को चकमा देकर अयोध्या के लिए निकल गए। उनके साथ जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल और पूर्व एमएलसी दीपक सिंह भी अयोध्या पहुँच चुके हैं। बुधवार सुबह गौरीगंज स्थित कांग्रेस दफ्तर पर ताला लटका हुआ देखा गया।
प्रांतीय नेतृत्व के निर्देशानुसार, सुबह 9:00 बजे गौरीगंज कार्यालय से कार्यकर्ताओं को अयोध्या के लिए निकलना था। लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एनएसयूआई जिलाध्यक्ष सुमित, कांग्रेस नेता धर्मेंद्र शुक्ल, देवमणि तिवारी, सर्वेश सिंह और अवनीश सेनानी सहित कई प्रमुख चेहरों को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया।
सांसद किशोरी लाल शर्मा का बयान: "हम प्रभु श्रीराम के दर्शन के लिए आए थे, लेकिन हमें रोका जा रहा है। चंदा चोरी करने वालों पर तो लगाम नहीं कसी जा सकी, पर एक हिंदू को भगवान के दर्शन करने से जरूर रोका जा रहा है। आखिर यह कौन सी परंपरा है जहाँ श्रद्धालुओं को भगवान के दर पर जाने की इजाजत नहीं मिलती?"
कांग्रेस नेताओं ने सत्तापक्ष पर आरोप लगाया है कि सरकार राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले से जनता का ध्यान भटकाने के लिए विपक्ष की लोकतांत्रिक आवाज को दबा रही है। दूसरी तरफ, स्थानीय प्रशासन का दावा है कि क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह केवल एक एहतियाती कदम था।
20 मिनट तक हवा में मंडराती रही इंडिगो फ्लाइट, फिर सुरक्षित उतारा गया विमान
30 Jun, 2026 09:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा: दरभंगा एयरपोर्ट पर सोमवार का दिन विमान यात्रियों और प्रबंधन के लिए भारी परेशानियों भरा रहा। यहां एक के बाद एक दो विमानों में आई तकनीकी खराबी के चलते पूरे उड़ान संचालन पर बुरा असर पड़ा। एयरपोर्ट पर विमानों को खड़ा करने के लिए पार्किंग की जगह ही नहीं बची, जिसके कारण आसमान में उड़ रहे अन्य विमानों के लिए संकट खड़ा हो गया। इस अव्यवस्था की वजह से दिल्ली से आ रहे एक विमान को काफी देर हवा में मंडराना पड़ा और आखिरकार उसे आपातकालीन स्थिति में पटना ले जाना पड़ा।
पार्किंग संकट के कारण पटना में करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग
दिल्ली से यात्रियों को लेकर दरभंगा आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-360 को दोपहर करीब पौने तीन बजे यहां लैंड करना था। लेकिन एयरपोर्ट के रनवे और पार्किंग क्षेत्र में पहले से ही विमानों के फंसे होने के कारण इस फ्लाइट को उतरने की जगह नहीं मिली। पायलट को करीब 20 मिनट तक आसमान में ही चक्कर लगाने को कहा गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आखिरकार इस विमान का रुख पटना एयरपोर्ट की तरफ मोड़ दिया गया, जहां इसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। पटना में करीब आधा घंटा रुकने और दरभंगा में स्थिति थोड़ी सामान्य होने के बाद यह विमान वापस रवाना हुआ और करीब दो घंटे की देरी से दरभंगा पहुंच सका। इसके बाद ही दिल्ली जाने वाले यात्रियों को लेकर यह उड़ान भर पाया।
अकासा एयर की मुंबई फ्लाइट रद्द, यात्री होटलों में भेजे गए
इसी दौरान मुंबई से दरभंगा पहुंची अकासा एयर की एक फ्लाइट में लैंडिंग के ठीक बाद गंभीर तकनीकी खराबी आ गई। एयरपोर्ट पर मौजूद इंजीनियरों ने विमान को ठीक करने की काफी कोशिश की, लेकिन तकनीकी समस्या दूर नहीं हो सकी और विमान को उड़ान के लिए अनफिट घोषित कर दिया गया। इसके चलते दरभंगा से वापस मुंबई जाने वाली इस उड़ान को पूरी तरह रद्द करना पड़ा। अचानक फ्लाइट रद्द होने से यात्रियों को भारी असुविधा हुई, जिसके बाद एयरलाइन कंपनी ने यात्रियों के रहने और खाने के लिए होटलों में इंतजाम किया। इन यात्रियों को अब अगले दिन दूसरे विमान से मुंबई भेजा जाएगा।
स्पाइसजेट के विमान का टायर फटने से शुरू हुआ पूरा विवाद
सोमवार को शुरू हुए इस पूरे घटनाक्रम की मुख्य वजह स्पाइसजेट का एक विमान बना। सुबह के समय मुंबई से दरभंगा पहुंचे स्पाइसजेट के विमान SG-115 का लैंडिंग के दौरान अचानक एक टायर फट गया। हालांकि पायलट की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया और विमान में सवार सभी 150 यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे। लेकिन टायर फटने के कारण यह विमान रनवे के पास ही फंस गया। इसका नया टायर दिल्ली से मंगवाना पड़ा, जिसे बदलने और मरम्मत करने में पूरा दिन लग गया। इस एक विमान के खड़े रहने से पूरी पार्किंग व्यवस्था चरमरा गई और बाकी कंपनियों की उड़ानों का शेड्यूल बिगड़ गया।
यात्रियों में मचा रहा हड़कंप, कई उड़ानों के समय में हुआ बदलाव
फ्लाइट्स के डायवर्ट और रद्द होने की खबरों के बीच एयरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी और चिंता का माहौल देखा गया। दिल्ली जाने वाले कई यात्रियों ने एयरपोर्ट प्रशासन के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की और जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की। इस पूरे पार्किंग और तकनीकी संकट का असर दरभंगा से चलने वाली अन्य उड़ानों पर भी पड़ा। सोमवार को कई फ्लाइट्स अपने तय समय से घंटों देरी से चलीं, तो कुछ को समय से पहले ही लैंड कराना पड़ा, जिससे दिनभर यात्री परेशान होते रहे।
दारोगा भर्ती की दौड़ में 6 अभ्यर्थी हुए बेहोश, चार को जिला अस्पताल भेजा गया
30 Jun, 2026 09:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फतेहपुर: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती प्रक्रिया के तहत सोमवार सुबह एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जहां शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान भीषण गर्मी और थकान के चलते कई उम्मीदवारों की तबीयत बिगड़ गई। 12वीं वाहिनी पीएसी परिसर में आयोजित की जा रही पुलिस उपनिरीक्षक (नागरिक पुलिस) भर्ती-2025 के मैदानी टेस्ट के दौरान दौड़ लगाते समय यह हादसा हुआ। इस शारीरिक परीक्षा में कुल 549 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था, जिसमें से दौड़ पूरी करने की जद्दोजहद में छह अभ्यर्थी अचानक गश खाकर मैदान पर ही गिर पड़े।
मैदान पर बिगड़ी अभ्यर्थियों की तबीयत
कड़ी धूप और शारीरिक थकान के कारण बेहोश हुए युवाओं के बीच मैदान पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। छह अभ्यर्थियों के अचानक जमीन पर गिरने के बाद वहां तैनात मेडिकल टीम और पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। प्राथमिक उपचार देने के बाद भी जब कुछ अभ्यर्थियों की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो पुलिस प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए एंबुलेंस बुलाई।
चार अभ्यर्थी जिला अस्पताल रेफर
बेहोश हुए छह अभ्यर्थियों में से चार की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल के डॉक्टरों की टीम बीमार अभ्यर्थियों की देखरेख कर रही है और फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
तेल फैक्ट्री में आग ने खोली सुरक्षा की पोल, अब औद्योगिक इकाइयों की होगी जांच
29 Jun, 2026 05:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। दीदारगंज स्थित तेल फैक्ट्री में हाल ही में हुई भीषण अग्रिकांड की घटना ने प्रशासन को पूरी तरह से चौकन्ना कर दिया है। इस हादसे से सबक लेते हुए राजधानी पटना की तमाम औद्योगिक इकाइयों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को खंगालने का एक बड़ा और व्यापक अभियान शुरू कर दिया गया है। बिहार अग्निशमन सेवा ने इस स्थिति को बेहद गंभीरता से लिया है और सुरक्षा मानकों की जमीनी हकीकत जानने के लिए कमर कस ली है।
27 विशेष टीमें मैदान में, फैक्ट्रियों और गोदामों की होगी सघन जांच
सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए विभाग की ओर से 27 विशेष टीमों का गठन किया गया है, जिन्हें तुरंत फील्ड में उतार दिया गया है। ये टीमें शहर के अलग-अलग कोनों में जाकर औद्योगिक प्रतिष्ठानों, बड़े गोदामों और फैक्ट्रियों का चरणबद्ध तरीके से फायर ऑडिट करेंगी। जांच के दौरान इस बात पर मुख्य फोकस रहेगा कि इन इकाइयों के पास आग से निपटने के पर्याप्त इंतजाम हैं या नहीं, और क्या वे आपातकालीन नियमों का पालन कर रहे हैं।
ज्वलनशील पदार्थ वाले प्रतिष्ठानों पर गिरेगी पहली गाज
इस विशेष ऑडिट अभियान के तहत प्रशासन का सबसे पहला और मुख्य निशाना वो इकाइयां होंगी जो अधिक जोखिम वाले दायरे में आती हैं। जिन जगहों पर केमिकल, खाद्य तेल, प्लास्टिक, पेंट या अन्य तेजी से आग पकड़ने वाले ज्वलनशील पदार्थों का भारी मात्रा में भंडारण या उत्पादन किया जाता है, वहां सबसे पहले जांच टीम पहुंचेगी। जिला अग्निशमन पदाधिकारी रितेश पांडेय ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के मोर्चे पर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मुहिम का मकसद भविष्य में दीदारगंज जैसे हादसों को दोबारा होने से रोकना और औद्योगिक क्षेत्रों को सुरक्षित बनाना है।
कृषि प्रवेश परीक्षा में मेरठ और बलिया का जलवा, UPCATET-2026 के टॉपर्स घोषित
29 Jun, 2026 04:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ| उत्तर प्रदेश संयुक्त कृषि एवं प्रौद्योगिकी प्रवेश परीक्षा (UPCATET-2026) का परीक्षा परिणाम सोमवार को आधिकारिक रूप से घोषित कर दिया गया है। इस बार की परीक्षा में स्नातक (यूजी) स्तर पर मेरठ की काव्य मसीह, परास्नातक (पीजी) में बलिया के शिवम यादव और पीएचडी स्तर पर मऊ के अमन सिंह ने पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर बाजी मारी है। सूबे के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विधानसभा स्थित अपने कार्यालय में बांदा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति की गरिमामयी उपस्थिति में यह परीक्षा परिणाम जारी किया।
कृषि मंत्री ने विभिन्न स्तरों पर शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले होनहार मेधावियों का विवरण साझा करते हुए सभी सफल अभ्यर्थियों को उनके उज्जवल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
विभिन्न श्रेणियों के टॉपर्स की सूची
स्नातक (यूजी) स्तर:
प्रथम स्थान: काव्य मसीह (कंकरखेड़ा, मेरठ)
द्वितीय स्थान: प्राची द्विवेदी (कन्नौज)
तृतीय स्थान: मोहम्मद कैफ (रामपुर)
परास्नातक (पीजी) स्तर:
प्रथम स्थान: शिवम यादव (बलिया)
द्वितीय स्थान: आस्था यादव (उन्नाव)
पीएचडी स्तर:
प्रथम स्थान: अमन सिंह (मऊ)
द्वितीय स्थान: अभिषेक गौतम (मथुरा)
14,802 अभ्यर्थियों ने सफलता पूर्वक क्वालीफाई की परीक्षा
इस वर्ष UPCATET-2026 के सफल आयोजन की जिम्मेदारी बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय को सौंपी गई थी। इस बार राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा प्रदेश के कुल 12 जनपदों में 17 और 18 जून को आयोजित की गई थी।
परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे:
17 जून को आयोजित हुई स्नातक (यूजी) प्रवेश परीक्षा के लिए कुल 27 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
18 जून को आयोजित हुई परास्नातक (पीजी), पीएचडी और एमबीए की प्रवेश परीक्षा के लिए कुल 18 केंद्र निर्धारित थे।
परीक्षा के मुख्य आंकड़े:
कुल आवेदक: 18,827 अभ्यर्थी
उपस्थित अभ्यर्थी: 16,349 अभ्यर्थी
क्वालीफाई करने वाले अभ्यर्थी: 14,802 अभ्यर्थी
सफलता का प्रतिशत (लिंग वार): सफल घोषित हुए कुल अभ्यर्थियों में 73 प्रतिशत पुरुष अभ्यर्थी तथा 27 प्रतिशत महिला अभ्यर्थी शामिल हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और तय समय सीमा के भीतर परिणाम घोषित कर सफल छात्रों को काउंसलिंग के अगले चरण के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।
'विकास नहीं, बर्बादी'—45 करोड़ के ROB प्रोजेक्ट पर व्यापारियों का बड़ा विरोध
29 Jun, 2026 01:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्णिया: रेल मंत्रालय द्वारा कटिहार और पूर्णिया रेलवे जंक्शन के बीच स्थित 13 नंबर रेलवे फाटक (गुमटी) पर बनाए जाने वाले प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) को लेकर स्थानीय स्तर पर भारी विरोध शुरू हो गया है। सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के खिलाफ क्षेत्र के व्यापारियों, दुकानदारों और आम नागरिकों ने एकजुट होकर तीखा विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है। लगभग 44.88 करोड़ रुपये की भारी-भरकम बजट राशि से मंजूर हुई इस सरकारी योजना को लेकर स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि वे किसी भी तरह से क्षेत्र के आधुनिक विकास के खिलाफ नहीं हैं। हालांकि, उनका आरोप है कि बिना किसी पुख्ता और व्यावहारिक धरातलीय सर्वेक्षण के जनता पर थोपा जा रहा यह आधा-अधूरा ओवरब्रिज शहर के मुख्य और फलते-फूलते बाजार को पूरी तरह से तहस-नहस कर देगा।
बेलौरी बाजार पर मंडराया विस्थापन का खतरा, हजारों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट
स्थानीय नागरिक संगठनों और मुख्य व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने इस मामले पर एक सुर में चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि इस ओवरब्रिज के निर्माण की वजह से बेलौरी क्षेत्र का प्रमुख व्यापारिक केंद्र पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा। पुल की जद में आने के कारण यहाँ सालों से जमे हजारों छोटे दुकानदारों, पटरी व्यवसायों, खुदरा विक्रेताओं और रोज कमाकर खाने वाले दिहाड़ी मजदूरों के सामने सीधे तौर पर अपना आशियाना और रोजगार छिनने का डर पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक अगर बिना सोचे-समझे इस योजना को जबरन आगे बढ़ाया गया, तो प्रभावित परिवारों के सामने गंभीर रूप से भरण-पोषण और भुखमरी की नौबत आ जाएगी, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
एनएच फोरलेन की मंदी से अभी उबरे भी नहीं थे कि सरकार ने दे दिया एक और जख्म
इलाके के कारोबारियों ने अपनी पुरानी दिक्कतों का हवाला देते हुए बताया कि इससे पहले राष्ट्रीय राजमार्ग 131-ए के फोरलेन निर्माण कार्य के समय भी इस पूरे क्षेत्र का व्यापार लंबे समय तक मंदी की चपेट में रहा था और कई दुकानदारों को भारी नुकसान और विस्थापन का दंश झेलना पड़ा था। पुराना घाव अभी पूरी तरह भरा भी नहीं था कि अब इस नए निर्माण कार्य से बची-कुची स्थानीय अर्थव्यवस्था की भी पूरी तरह से कमर टूट जाएगी। व्यापारिक संघों ने जिला प्रशासन और रेल विभाग से पुरजोर मांग की है कि किसी भी तरह की निर्माण गतिविधि शुरू करने से पहले यहाँ के जमीनी हालात को समझा जाए और छोटे दुकानदारों के पुनर्वास व उनके सुरक्षित भविष्य को लेकर कोई ठोस नीति बनाई जाए।
करोड़ों रुपये की फिजूलखर्ची का आरोप, ट्रैफिक जाम की समस्या को बताया नाममात्र
मामले को लेकर क्षेत्र के प्रबुद्ध और जिम्मेदार नागरिकों ने भी कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका दावा है कि इस समय 13 नंबर रेलवे गुमटी पर यातायात का ऐसा कोई भयावह या गंभीर संकट मौजूद ही नहीं है, जिसके समाधान के नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई के 44.88 करोड़ रुपये पानी की तरह बहाकर ओवरब्रिज का निर्माण किया जाए। लोगों का मानना है कि इस योजना पर इतनी बड़ी रकम खर्च करने की बजाय रेलवे और स्थानीय प्रशासन को जनहित में अन्य जरूरी सार्वजनिक सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, ताकि सरकारी धन का सही इस्तेमाल हो सके और जनता की आजीविका भी सुरक्षित बनी रहे।
बोकारो में श्रद्धा का सैलाब, भगवान जगन्नाथ का महास्नान महोत्सव संपन्न
29 Jun, 2026 01:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बोकारो: बोकारो इस्पात नगर के सेक्टर चार में स्थित प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर में सोमवार को देव स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर भव्य धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। इस विशेष दिन भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र का अलौकिक महास्नान संपन्न हुआ, जिसके गवाह बनने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंचने लगे थे। भक्तों ने पूरी श्रद्धा के साथ भगवान के लिए सुंदर फूलों की मालाएं तैयार कीं और मुख्य पुरोहितों के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रभु की विशेष आराधना की। पूरा मंदिर परिसर सुबह से ही शंखध्वनि और भक्तिमय भजनों से गुंजायमान रहा।
पहंडी विधि से स्नान मंडप पहुंचे भगवान, जयकारों से गूंजा पूरा परिसर
धार्मिक परंपराओं और तय रीति-रिवाजों के अनुसार, मंदिर के मुख्य पुरोहितों ने बेहद आदर और पवित्रता के साथ भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भ्राता बलभद्र को 'पहंडी विधि' के जरिए गर्भगृह से बाहर निकाला और भव्य स्नान मंडप में विराजमान कराया। इसके बाद सर्व-कल्याण की कामना के साथ सुगंधित और पवित्र जड़ी-बूटियों से युक्त 108 घड़ों के जल से तीनों विग्रहों को महास्नान कराया गया। इस अद्भुत और अलौकिक दृश्य को देखने के लिए मंदिर परिसर में आस्था का समंदर उमड़ पड़ा और जैसे ही महास्नान की प्रक्रिया शुरू हुई, वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं ने हाथ उठाकर 'जय जगन्नाथ' के गगनभेदी जयकारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण पूरी तरह भक्ति के रंग में सराबोर हो गया।
अनादि काल से चली आ रही परंपरा का हुआ निर्वहन, अब होंगे भाई-बहन बीमार
मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ पूर्णिमा के इस महास्नान के बाद भगवान जगन्नाथ 15 दिनों के लिए 'अनासर' यानी एकांतवास में चले जाते हैं, जहां वे बीमार होने के कारण भक्तों को दर्शन नहीं देते। इस ऐतिहासिक और पारंपरिक आयोजन को लेकर बोकारो के स्थानीय लोगों में भारी उत्साह देखा गया। मंदिर कमेटी की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे सभी भक्तों ने कतारबद्ध होकर शांतिपूर्वक भगवान के इस पावन स्वरूप के दर्शन किए और पुण्य लाभ कमाया।
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