उत्तर प्रदेश
प्रिंस यादव की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, CBI जांच की उठी मांग
16 Jun, 2026 10:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सहरसा। पड़ोसी देश नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में संदेहास्पद हालातों में जान गंवाने वाले प्रिंस यादव का मंगलवार देर रात उनके पैतृक गांव धमसेना में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दुखद घड़ी में शामिल होने के लिए पटना से जमानत पर रिहा हुए ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के संचालक रोशन आनंद सीधे अपने गांव पहुंचे। अपने भाई को अंतिम विदाई देने के बाद उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय और सीबीआई (CBI) जांच कराने की पुरजोर मांग की है।
सौरबाजार थाना इलाके की सहुरिया पश्चिमी पंचायत के अंतर्गत आने वाले धमसेना गांव के रहने वाले 28 वर्षीय प्रिंस यादव का पार्थिव शरीर नेपाल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यहां लाया गया था। रात के करीब सवा दस बजे गांव के पूर्व दिशा में स्थित उनकी पैतृक भूमि पर उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
रोशन आनंद की रिहाई और समर्थकों का हुजूम
जमानत की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद रोशन आनंद मंगलवार की शाम करीब साढ़े सात बजे अपने शुभचिंतकों और विद्यार्थियों के साथ पैतृक आवास पर पहुंचे। उनके आते ही सांत्वना देने वाले ग्रामीणों, छात्रों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इससे पहले दिनभर कई राजनेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की, जिनमें सहरसा विधायक आई.पी. गुप्ता, पूर्व विधायक आलोक रंजन, महिषी विधायक गौतम कृष्ण, राजद नेता रंजीत यादव और जिला परिषद प्रतिनिधि अमर यादव सहित कई शिक्षक और जनप्रतिनिधि शामिल रहे।
सीबीआई जांच की मांग और संघर्ष का संकल्प
अपने भाई के अंतिम दर्शन करने के बाद रोशन आनंद ने भावुक होकर उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिवार को साजिश के तहत प्रताड़ित किया जा रहा है और इस मौत के पीछे की सच्चाई सामने आना बेहद जरूरी है। निष्पक्ष न्याय के लिए मामले को सीबीआई को सौंपने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि वे इस लड़ाई को आखिरी दम तक लड़ेंगे। इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि युवाओं और छात्रों के भविष्य के लिए उनका शैक्षणिक कार्य हमेशा की तरह आगे भी जारी रहेगा।
विवाद की पृष्ठभूमि और नेपाल में हादसा
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, पटना के ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर और प्रसिद्ध शिक्षक खान सर के बीच पोस्टर हटाने को लेकर उपजा मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प और गोलीबारी तक पहुंच गया था। इसी मामले की तफ्तीश के दौरान पटना पुलिस ने रोशन आनंद को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था, जबकि इस केस में प्रिंस यादव का नाम भी घसीटा गया था। पुलिसिया कार्रवाई और गिरफ्तारी के डर से प्रिंस अपने कुछ करीबियों के साथ नेपाल चले गए थे, जहां एक होटल के कमरे में उनका शव बरामद हुआ। चूंकि पिता की तबीयत काफी खराब थी, इसलिए प्रिंस के चचेरे दादा उपेंद्र यादव ने उन्हें मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी।
प्रदेश कर्मचारियों को जल्द मिल सकती है राहत, वेतन आयोग को लेकर बड़ी हलचल
16 Jun, 2026 08:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और अधिकारियों के नए सैलरी स्ट्रक्चर को लेकर हलचल काफी बढ़ गई है। देश के तमाम सेवारत और रिटायर्ड केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन-भत्तों की रूपरेखा तैयार करने के लिए गठित आठवां केंद्रीय वेतन आयोग आगामी 22 और 23 जून को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के दौरे पर रहेगा। अपने दो दिनों के इस महत्वपूर्ण दौरे में आयोग के सदस्य उत्तर प्रदेश के अलग-अलग केंद्रीय कर्मचारी संगठनों, ऑफिसर एसोसिएशनों और पेंशनर्स संस्थाओं के प्रतिनिधियों से सीधे बातचीत करेंगे और उनकी मांगों व सुझावों पर विचार करेंगे।
14 जिला सहकारी बैंकों के कर्मचारियों के लिए नया वेतनमान मंजूर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 14 जिला सहकारी बैंकों में कार्यरत कर्मचारियों को एक बड़ी सौगात मिली है। इन बैंकों के स्टाफ के लिए साल 2011 का वेतनमान स्वीकृत कर दिया गया है। यह अहम फैसला सहकारिता राज्यमंत्री जेपीएस राठौर की मौजूदगी में सोमवार को आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया।
उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक मुख्यालय के सभागार में हुई इस बैठक में तय हुआ कि बैंक कर्मियों को वर्ष 2011 का नया वेतनमान दिया जाएगा। प्रदेश के 16 नए लाइसेंस प्राप्त जिला सहकारी बैंकों में से छह बैंकों को इस फैसले का सीधा फायदा पहुंचेगा, जहाँ पिछले 30 सालों से अधिक समय से सैलरी रिवीजन रुका हुआ था। इसी तरह आठ अन्य जिला सहकारी बैंकों में भी करीब 20 वर्षों से वेतन पुनरीक्षण का मामला लंबित था। इस निर्णय से अब कुल 14 बैंकों के स्टाफ को वर्ष 2011 का वेतनमान मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
इन जिलों के बैंकों को मिलेगा सीधा फायदा
जिन छह जिला सहकारी बैंकों के कर्मचारियों को लाभ मिलेगा, उनमें बहराइच, बलिया, सुल्तानपुर, जौनपुर, सिद्धार्थनगर और हरदोई शामिल हैं। इसके साथ ही देवरिया, गाजीपुर, वाराणसी, सीतापुर, अयोध्या, फतेहपुर, आजमगढ़ और गोरखपुर के आठ अन्य बैंकों को भी इस सूची में जोड़ा गया है। बैठक के दौरान बाकी बचे 34 जिला सहकारी बैंकों के वेतन पुनरीक्षण को लेकर भी बातचीत हुई। इन्हें नाबार्ड (NABARD) द्वारा तय किए गए मानकों को पूरा करने के बाद इस योजना का लाभ दिया जाएगा।
चार दिन में और सक्रिय होगा मानसून, तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी
16 Jun, 2026 07:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार आगामी दो दिनों के लिए थोड़ी धीमी पड़ने की संभावना है। इसी बीच, प्रशांत महासागर में 'अलनीनो' के सक्रिय होने की पुष्टि हुई है, जिसकी गहराई और प्रभाव का सटीक आकलन करने में मौसम वैज्ञानिक जुटे हुए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, अलनीनो का प्रभावी होना कृषि क्षेत्र के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं, क्योंकि इससे खेती-किसानी पर विपरीत असर पड़ सकता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि मानसून राज्य के नए इलाकों की तरफ बढ़ चुका है। अब धनबाद, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां के शत-प्रतिशत हिस्सों सहित गिरिडीह, पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी, रांची और रामगढ़ के कुछ अंचलों में मानसून ने अपनी दस्तक दे दी है। मौसम केंद्र के अनुसार, आने वाले तीन से चार दिनों में स्थितियां अनुकूल होने पर मानसून सूबे के बाकी हिस्सों को भी कवर कर लेगा।
वज्रपात और आंधी-बारिश की चेतावनी
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, 16 जून को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादलों का डेरा रहेगा। उत्तर-पश्चिम अंचल को छोड़कर बाकी इलाकों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। वहीं, 17 जून को राजधानी रांची समेत लोहरदगा, गुमला, खूंटी, सिमडेगा, रामगढ़, बोकारो, पश्चिमी सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम में वज्रपात के साथ अंधड़ और तेज बारिश होने का अनुमान लगाया गया है।
पारे में उछाल से बढ़ी तपिश
बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के लगभग सभी जिलों में अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस और तपन का सामना करना पड़ा। दर्ज किए गए आंकड़ों के अनुसार, रांची का अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री, मेदिनीनगर का 40.4 डिग्री, जमशेदपुर का 40.0 डिग्री, बोकारो का 38.5 डिग्री और चाईबासा का 38 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
कांके में रिकॉर्डतोड़ बरसे बदरा
एक तरफ जहां राज्य के अधिकांश हिस्सों में धूप और गर्मी का असर देखा गया, वहीं दूसरी तरफ कुछ इलाकों में झमाझम बारिश भी हुई। बीते चौबीस घंटों में रामगढ़ में जहां महज एक मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, वहीं रांची के कांके मौसम स्टेशन क्षेत्र में रिकॉर्ड 86.4 मिलीमीटर मूसलाधार बारिश दर्ज की गई, जिससे वहां के स्थानीय मौसम में काफी तरावट आई है।
बेटी के जयपुर से आने के बाद बदला माहौल, हत्याकांड में सामने आई नई कड़ी
16 Jun, 2026 07:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद की नीलकंठ कॉलोनी में हुई 19 वर्षीय मुस्कान की निर्मम हत्या के मामले में रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हुए हैं। समाज और रिश्तेदारों के तानों से परेशान होकर पिता राकेश राठौर ने बेहद सुनियोजित तरीके से अपनी ही बेटी की हत्या की साजिश रची थी। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के लिए उसने बांक (धारदार हथियार) पर पहले से ही धार लगवाकर रखी थी। उसने अपनी बेटी पर एक के बाद एक 20 से अधिक ताबड़तोड़ वार किए और मुख्य रूप से उसकी गर्दन को निशाना बनाया।
एक महीने पहले जयपुर से घर लौटी थी मुस्कान
पुलिस की पूछताछ में आरोपी पिता राकेश राठौर ने बताया कि वह पेशे से ई-रिक्शा चालक है। करीब छह साल पहले वह अपने परिवार के साथ रामनगर में रहता था, जिसके बाद उसने बसई नीलकंठ कॉलोनी में अपना मकान बनवाया था। राकेश के मुताबिक, लगभग एक महीने पहले जब उसकी बेटी मुस्कान लापता होने के बाद जयपुर से बरामद होकर वापस आई थी, तभी से आस-पड़ोस और समाज के लोग उसे लगातार ताने मार रहे थे। लोकलाज और तानों से राकेश इस कदर तनाव में आ गया था कि उसने पिछले एक महीने से घर से बाहर निकलना और ई-रिक्शा चलाना तक बंद कर दिया था। इसी गुस्से में वह अंदर ही अंदर अपनी बेटी की हत्या की योजना बना रहा था।
20 से अधिक वार कर बेटी की हत्या की, पत्नी को भी किया मरणासन्न
रविवार शाम को आरोपी को अपनी साजिश को अंजाम देने का मौका मिल गया, क्योंकि उसके दोनों बेटे और बहुएं घर पर नहीं थे। घर में सिर्फ उसकी पत्नी पुष्पा देवी मौजूद थी। वारदात से पहले आरोपी ने शराब पी और फिर दूसरी मंजिल के कमरे में मुस्कान को अकेला पाकर हथियार लेकर वहां पहुंच गया। विवाद शुरू करने के बहाने उसने कमरे में चल रही टीवी को बंद कर दिया। जैसे ही मुस्कान ने इसका विरोध किया, उसने बांक से उस पर हमला कर दिया। मुस्कान पर 20 से ज्यादा वार कर उसे मौके पर ही मार डाला और बीच-बचाव करने आई अपनी पत्नी को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया।
पड़ोसियों की सूचना पर यात्रा अधूरी छोड़ भागे परिजन
इस खूनी वारदात की खबर जब पड़ोसियों के जरिए परिवार के अन्य सदस्यों तक पहुंची तो कोहराम मच गया। मथुरा में गोवर्धन परिक्रमा कर रहे छोटा बेटा अरुण और उसकी पत्नी अंजू यात्रा को बीच में ही अधूरा छोड़कर बदहवास हालत में घर की तरफ दौड़े। वहीं बड़ा बेटा अजय भी चूड़ी कारखाने की अपनी ड्यूटी छोड़कर घर की ओर भागा। घर पहुंचते ही बहन का शव और मां को खून से लथपथ देख दोनों भाई फूट-फूटकर रो पड़े।
पिता की डांट से नाराज होकर छोड़ा था घर, शक था बेबुनियाद
राकेश राठौर ने जिस शक और सामाजिक प्रतिष्ठा के नाम पर अपनी बेटी की हत्या की, वह शक पूरी तरह गलत था। पुलिस जांच में साफ हुआ है कि मुस्कान जब भी घर से गई, वह किसी युवक के साथ नहीं बल्कि बिल्कुल अकेली थी। पिता के मन में बैठा गलत वहम ही इस घटना की वजह बना।
स्थानीय थाना प्रभारी के अनुसार, एक महीने पहले जब मुस्कान लापता हुई थी, तब पुलिस ने रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले थे। फुटेज में मुस्कान पीठ पर बैग टांगे बिल्कुल अकेली स्टेशन पर खड़ी दिखी थी और अकेले ही ट्रेन में सवार हुई थी। सर्विलांस की मदद से जब उसकी लोकेशन जयपुर में मिली, तो पुलिस उसे सुरक्षित वापस ले आई थी। पूछताछ में मुस्कान ने रोते हुए बताया था कि पिता उसे घर में छोटी-छोटी बातों पर बहुत बुरी तरह डांटते थे, जिससे नाराज होकर वह बिना बताए चली गई थी। इसके बाद पुलिस ने उसे समझा-बुझाकर परिवार को सौंप दिया था।
19 जून को आने वाले थे लड़के वाले, मुस्कान अभी नहीं करना चाहती थी शादी
आगामी 19 जून को मुस्कान को देखने के लिए लड़के वाले आने वाले थे, लेकिन मुस्कान ने इस शादी से साफ इनकार कर दिया था। वह अभी शादी नहीं करना चाहती थी और कुछ समय बाद घर बसाने के पक्ष में थी। बेटी के इस फैसले और उसके घर से जाने को लेकर मन में पाले बैठे अंधे शक के कारण पिता आगबबूला था।
मुस्कान केवल 10वीं कक्षा तक पढ़ी थी और करीब दो साल पहले उसने अपनी पढ़ाई बंद कर दी थी। इसके बाद से वह घर के कामकाज में हाथ बंटाती थी। पिता राकेश समाज के तानों से बचने के लिए जल्द से जल्द उसकी शादी कर अपनी जिम्मेदारी से मुक्त होना चाहता था। जब शादी की बात मुस्कान को पता चली, तो उसने परिजनों से स्पष्ट कह दिया कि वह अभी शादी के बंधन में नहीं बंधना चाहती, उसे थोड़ा और समय चाहिए। बेटी का यह इन्कार पिता राकेश को नागवार गुजरा।
इलाके में पसरा सन्नाटा, वारदात के बाद खुद थाने पहुंचा आरोपी
इस घटना के बाद सोमवार को पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा रहा और लोगों के घरों में चूल्हे तक नहीं जले। वहीं, इस हादसे से पूरी तरह टूट चुके परिवार के सदस्यों ने गहरा सदमा लगने के कारण चुप्पी साध ली है। चर्चा है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी राकेश राठौर खुद रात लगभग नौ बजे स्थानीय थाने पहुंचा और पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने अपनी पत्नी और बेटी पर हमला किया है।
रिम्स अस्पताल में महिला सुरक्षा और गोपनीयता पर गंभीर चिंता
15 Jun, 2026 04:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राँची। झारखंड के सबसे प्रतिष्ठित और बड़े चिकित्सा संस्थान राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में इन दिनों बुनियादी सुविधाओं का भारी टोटा देखने को मिल रहा है, जिसके कारण मरीजों और तीमारदारों को भारी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। अस्पताल के पुराने भवन में स्थित आपातकालीन विभाग (इमरजेंसी वार्ड) के समीप महिला रोगियों और उनके साथ आई महिलाओं के लिए पृथक प्रसाधन की कोई व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण उन्हें विवश होकर पुरुषों के साथ साझा शौचालय का प्रयोग करना पड़ रहा है। इसके साथ ही परिसर में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे करोड़ों रुपये के वार्षिक बजट वाले इस बड़े सरकारी अस्पताल की कागजी सुविधाओं और जमीनी हकीकत का अंतर साफ उजागर हो गया है।
महिलाओं की निजता और सुरक्षा पर गहराता संकट
रिम्स के पुराने विंग में स्थित इमरजेंसी वार्ड के पास महिला और पुरुष दोनों के लिए केवल एक ही संयुक्त शौचालय क्रियाशील है। पृथक व्यवस्था न होने के कारण दिन-रात महिलाओं को उसी प्रसाधन कक्ष में जाना पड़ता है, जहां पुरुष आते-जाते हैं। चिकित्सा संस्थान में सुरक्षा और सहूलियत को लेकर किए जाने वाले ऊंचे-ऊंचे दावों के बीच महिलाओं की प्राइवेसी से जुड़ा यह गंभीर मामला अस्पताल प्रशासन की उदासीनता को बयां कर रहा है, जिसे लेकर वहां आने वाले लोगों में भारी रोष व्याप्त है।
अस्पताल परिसर में पीने के साफ पानी की भारी किल्लत
संस्थान के भीतर मरीजों और आम जनता की प्यास बुझाने के लिए लगाई गई वाटर कूलर और फिल्टर मशीनें वर्तमान में बदहाली के आंसू बहा रही हैं। इन पेयजल स्रोतों के चारों तरफ गंदगी और कीचड़ का साम्राज्य फैला हुआ है, वहीं मशीनों से आने वाले पानी की शुद्धता भी संदेह के घेरे में है। इस अव्यवस्था के चलते सुदूर ग्रामीण अंचलों से आने वाले निर्धन परिवारों को जेब ढीली कर बाहर से बोतलबंद पानी खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर अन्य लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए परिसर में भटकने को विवश हैं।
प्रशासन की ओर से जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने का भरोसा
अस्पताल के जिम्मेदार पदाधिकारियों ने पेयजल से जुड़ी इस गंभीर खामी की बात को स्वीकार करते हुए इस पर जल्द सुधारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि आपातकालीन विभाग के निकट महिलाओं के लिए अलग से टॉयलेट न होने का विषय भी उनके संज्ञान में आया है। महिलाओं की सहूलियत, सुरक्षा और निजता को प्राथमिकता देते हुए जल्द ही वहां विशेष प्रसाधन कक्ष का निर्माण कराया जाएगा, ताकि अस्पताल आने वाले हर नागरिक को एक स्वच्छ और सुरक्षित माहौल मिल सके।
आज आखिरी दिन, राबड़ी देवी का आवास रहेगा या खाली होगा? टकराव के आसार
15 Jun, 2026 04:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के आधिकारिक निवास को लेकर चल रहा सियासी गतिरोध अब चरम पर पहुंच गया है। राजधानी पटना के प्रतिष्ठित '10 सर्कुलर रोड' स्थित इस बंगले को खाली करने के लिए शासन और जिला प्रशासन द्वारा तय की गई 15 दिनों की मुहलत आज यानी 15 जून को खत्म हो रही है। इस समयसीमा के समाप्त होने के साथ ही राजनीतिक गलियारों में यह सुगबुगाहट तेज हो गई है कि लालू-राबड़ी परिवार इस आवास को छोड़ देगा या फिर इस मुद्दे पर सूबे की राजनीति में कोई नया घमासान शुरू होगा।
प्रशासनिक नोटिस और नए बंगले का आवंटन
भवन निर्माण विभाग की ओर से बीते 30 मई को एक आधिकारिक नोटिस जारी कर पूर्व मुख्यमंत्री को दो सप्ताह के भीतर यह बंगला खाली करने का हुक्म दिया गया था। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, राबड़ी देवी को नेता प्रतिपक्ष की हैसियत से '39 हार्डिंग रोड' पर एक नया सरकारी बंगला काफी समय पहले ही अलॉट किया जा चुका है। नियमों के तहत नया ठिकाना मिलने के बाद पुराने आवास को छोड़ देना चाहिए था, लेकिन '10 सर्कुलर रोड' को खाली नहीं किए जाने की वजह से अब यह सस्पेंस गहरा गया है कि प्रशासन आज क्या रुख अपनाएगा।
मुख्यमंत्री का सख्त रुख और लोकतांत्रिक दुहाई
इस पूरे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी कड़ा रुख अख्तियार करते हुए बिना नाम लिए राजद नेतृत्व पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने सार्वजनिक मंच से साफ शब्दों में कहा कि लोकतंत्र में किसी भी सरकारी बंगले को निजी बपौती नहीं माना जा सकता और हर किसी को नियमों के दायरे में आना ही होगा। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोगों को यह भ्रम है कि उनसे उनका सरकारी घर कभी वापस नहीं लिया जा सकता, लेकिन उन्हें यह याद रखना चाहिए कि देश में राजतंत्र खत्म हो चुका है और कानून सबके लिए बराबर है, इसलिए आवास तो खाली करना ही पड़ेगा।
आर-पार के मूड में पूर्व मुख्यमंत्री और पुलिस की दस्तक
दूसरी तरफ, इस प्रशासनिक सख्ती के सामने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी बगावती तेवर अपनाते हुए सीधे मुख्यमंत्री को चुनौती दे डाली थी। उन्होंने दोटूक लहजे में कहा था कि सरकार चाहे तो घर खाली कराने के लिए अपनी फौज भेज दे, वह खुद से इसे खाली नहीं करेंगी। इस तीखे बयान के बाद सचिवालय डीएसपी डॉ. अन्नू ने तत्काल राबड़ी आवास पहुंचकर उनसे मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि पुलिस अधिकारी ने कानून-व्यवस्था की स्थिति को भांपते हुए उन्हें शांतिपूर्वक नया बंगला स्वीकार करने की समझाइश दी थी, जिसके बाद आज की कार्रवाई पर पूरे सूबे की निगाहें टिकी हैं।
महाधिवक्ता के इस्तीफे की चर्चा के बीच झारखंड में राजनीतिक घमासान
15 Jun, 2026 01:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल के बीच राज्य के महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) राजीव रंजन के इस्तीफे की खबरों ने तूल पकड़ लिया है। इस घटनाक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नीत सरकार पर तीखा हमला बोला है और राज्य में संवैधानिक पदों की गरिमा के साथ 'म्यूजिकल चेयर' का खेल खेलने का आरोप लगाया है। भाजपा का कहना है कि इस सरकार में किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का भविष्य सुरक्षित नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, राजीव रंजन ने अपना इस्तीफा मुख्य सचिव को सौंप दिया था, हालांकि इस पर महाधिवक्ता या सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान नहीं आया है। राजीव रंजन साल 2020 से, यानी मौजूदा गठबंधन सरकार के गठन के समय से ही इस पद पर बने हुए थे।
विपक्ष ने सरकार को घेरा और श्वेत पत्र की मांग की
इस पूरे मामले पर विपक्ष ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि सरकार चाहे इस इस्तीफे को स्वेच्छा से लिया गया फैसला बताए या दबाव का परिणाम, राज्य की जनता असलियत को अच्छी तरह समझ रही है। उन्होंने सरकार से महाधिवक्ता के पूरे कार्यकाल पर एक श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। विपक्ष का तर्क है कि अगर उनका कार्यकाल बेहतर था तो उन्हें हटाने की नौबत क्यों आई, और अगर उनका काम संतोषजनक नहीं था तो उन्हें इतने लंबे समय तक इस महत्वपूर्ण पद पर क्यों बनाए रखा गया।
रोहितश्य रॉय की नए महाधिवक्ता के रूप में नियुक्ति
राजीव रंजन के इस्तीफे के बाद राज्य सरकार ने वरिष्ठ अधिवक्ता रोहितश्य रॉय को झारखंड का नया महाधिवक्ता नियुक्त किया है, जिसकी अधिसूचना देर शाम जारी कर दी गई। विधि विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 165(1) के तहत राज्यपाल ने पूर्व महाधिवक्ता का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। नए महाधिवक्ता रोहितश्य रॉय झारखंड उच्च न्यायालय के बेहद अनुभवी और प्रतिष्ठित वकीलों में शुमार हैं। वे लंबे समय से संवैधानिक, दीवानी, सेवा संबंधी मामलों के साथ-साथ रिट याचिकाओं और सिविल विवादों में सरकार व अन्य पक्षों की पैरवी करते रहे हैं।
क्या होती है महाधिवक्ता की भूमिका
महाधिवक्ता का पद राज्य सरकार के भीतर सर्वोच्च कानूनी सलाहकार का होता है। उनका मुख्य कार्य उच्च न्यायालय और अन्य कानूनी मंचों पर राज्य सरकार का पक्ष मजबूती से रखना है। इसके अलावा, राज्य की नीतियों को तैयार करने, विधायी प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से चलाने और जटिल संवैधानिक व कानूनी मामलों में सरकार को उचित परामर्श देने में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। प्रशासनिक और कानूनी नजरिए से इस बड़े बदलाव को राज्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
मगध को मिलेगी विकास की नई रफ्तार, खिजरसराय में बनेगा हाईटेक टेक्नोलॉजी सेंटर
15 Jun, 2026 11:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गयाजी । मगध क्षेत्र के युवाओं के लिए सोमवार का दिन एक नया इतिहास रचने जा रहा है। जिले के खिजरसराय प्रखंड के अंतर्गत आने वाले देवांग में लगभग 200 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट से तैयार होने वाले हाई-टेक टेक्नोलॉजी सेंटर का भूमिपूजन सूबे के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा किया जाएगा। इस बड़े प्रोजेक्ट को इलाके में रोजगार के नए साधन जुटाने, युवाओं के कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। शिलान्यास और भूमिपूजन की इस औपचारिक प्रक्रिया को पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री वहां उपस्थित एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
तकनीकी कौशल को बढ़ावा और युवाओं के पलायन पर रोक
लंबे समय से बड़े औद्योगिक और तकनीकी संस्थानों की कमी का सामना कर रहे मगध संभाग के लिए यह केंद्र एक बड़ी सौगात माना जा रहा है। इस अत्याधुनिक सेंटर के चालू होने से स्थानीय छात्र-छात्राओं को एडवांस टेक्निकल ट्रेनिंग, नए स्टार्टअप शुरू करने और स्वरोजगार के बेहतरीन मौके मिलेंगे। इलाके के लोगों का कहना है कि रोजगार के अभाव में यहां के युवाओं को मजबूरन दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब घर के पास ही उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और काम मिलने से इस पलायन पर काफी हद तक लगाम लग सकेगी और स्थानीय स्तर पर ही एक कुशल वर्कफोर्स तैयार होगी।
भव्य पंडाल और सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम
मुख्यमंत्री के इस वीआईपी कार्यक्रम को भव्य रूप देने के लिए जिला प्रशासन ने बड़े पैमाने पर तैयारियां की हैं। कार्यक्रम के आयोजन के लिए करीब 90 हजार वर्ग मीटर के विशाल भूभाग में एक भव्य पंडाल का निर्माण किया गया है, जिसमें हजारों आम नागरिकों के बैठने की उत्तम व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही पंडाल परिसर में पीने के पानी, अस्थाई मेडिकल कैंप, शौचालयों और आपातकालीन सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं। पूरे आयोजन स्थल को बेहद खूबसूरत ढंग से सजाया-संवारा गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी और यातायात व्यवस्था में बदलाव
मुख्यमंत्री के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस बल पूरी तरह से हाई अलर्ट पर हैं। सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो, इसके लिए मगध प्रमंडल के कमिश्नर, आईजी, जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) और एसएसपी समेत तमाम आला अधिकारियों ने खुद कार्यक्रम स्थल का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया है। कार्यक्रम के दौरान शहर और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए पुलिस द्वारा विशेष सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है और आम जनता की सहूलियत के लिए कई रूटों को डायवर्ट करते हुए वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक सड़क हादसा, तीन दोस्तों की मौके पर मौत
15 Jun, 2026 10:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बांदा: बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर रविवार की आधी रात को एक बेहद दुखद सड़क दुर्घटना सामने आई। तेज रफ्तार में जा रही एक मोटरसाइकिल अचानक अपना नियंत्रण खो बैठी और आगे चल रहे एक अज्ञात वाहन के पीछे जा घुसी। टक्कर इतनी भयानक थी कि बाइक पर सवार तीनों मित्रों की जान चली गई।
हादसे का शिकार हुए युवकों की पहचान 30 वर्षीय संजय (पुत्र रामकृपाल), 35 वर्षीय रामबाबू (पुत्र रामकुमार पटेल) और 35 वर्षीय अरविंद (पुत्र लालवा रैकवार) के रूप में हुई है। ये सभी बांदा जिले के बिसंडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोरारी गांव के रहने वाले थे। यह हादसा रविवार रात करीब 12:10 बजे घटित हुआ।
बताया जा रहा है कि तीनों दोस्त अमावस्या के पावन पर्व पर चित्रकूट दर्शन के लिए जा रहे थे। एक्सप्रेसवे पर उनकी बाइक काफी रफ्तार में थी, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से वह आगे जा रहे वाहन से बुरी तरह टकरा गई। दुर्घटना इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए। दो युवकों की मौके पर ही सांसें थम गईं, जबकि तीसरे गंभीर रूप से घायल युवक ने बदौसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
पुलिस की कार्रवाई और दुर्घटना की वजह
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और हाईवे की रेस्क्यू टीम तुरंत घटना स्थल पर पहुंची। पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में ले लिया है और सोमवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया जाएगा। यातायात क्षेत्राधिकारी (CO) सौरभ सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में हादसे की मुख्य वजह तेज रफ्तार और बाइक का असंतुलित होना लग रहा है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि बाइक चालक ने हेलमेट नहीं लगा रखा था, जिसके कारण सिर पर आई गंभीर चोटें जानलेवा साबित हुईं।
फरार वाहन की खोज में जुटी पुलिस
पुलिस दुर्घटना के बाद मौके से भागे अज्ञात वाहन की पहचान करने में जुटी है। इसके लिए बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर बेलगाम रफ्तार के जानलेवा नतीजों को सामने ला दिया है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे गति सीमा का ध्यान रखें और सुरक्षा नियमों का पालन जरूर करें।
चांडिल में पुलिसकर्मी पर कार्रवाई, आदिवासी महिला से दुर्व्यवहार के आरोप में ASI निलंबित
15 Jun, 2026 10:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सरायकेला। सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रुचाप गांव में एक आदिवासी महिला के साथ अभद्रता करने और घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। जिले की पुलिस अधीक्षक (एसपी) निधि द्विवेदी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित एक्शन लिया है और आरोपी चांडिल थाने के एएसआई यमुना राम को सस्पेंड कर दिया है। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था, जिसके बाद यह अनुशासनात्मक कदम उठाया गया।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद एक्शन
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने के बाद सरायकेला-खरसावां जिला पुलिस तुरंत हरकत में आई। एसपी निधि द्विवेदी ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सबसे पहले आरोपी एएसआई यमुना राम को लाइन हाजिर करते हुए सरायकेला पुलिस केंद्र भेज दिया था। इसके बाद उच्चाधिकारियों द्वारा मामले की पूरी गहनता से जांच करवाई गई। विभागीय जांच रिपोर्ट में आए तथ्यों के आधार पर दोषी पुलिस पदाधिकारी की कार्यशैली को गलत पाया गया, जिसके फलस्वरूप उन्हें तत्काल प्रभाव से नौकरी से सस्पेंड कर दिया गया है।
विभागीय जांच और कड़े रुख की चेतावनी
पुलिस प्रशासन की ओर से इस कार्रवाई के बाद एक स्पष्ट संदेश दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की विभागीय जांच अभी पूरी तरह बंद नहीं हुई है बल्कि नियमों के तहत आगे भी जारी रहेगी। पुलिस विभाग ने साफ तौर पर कहा है कि जनता के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार, अमानवीय कृत्य या नियम विरुद्ध कार्यशैली को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी कर्मियों पर आगे भी ऐसी ही सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी एएसआई पर मारपीट और बदसलूकी का आरोप
पूरा मामला तब उजागर हुआ जब रुचाप गांव की रहने वाली सोमवारी मुंडा नामक महिला ने पुलिस अधीक्षक और एसडीपीओ को लिखित शिकायत दी। पीड़िता ने अपने आवेदन में बताया कि एएसआई यमुना राम उनके भांजे बलराम सिंह मुंडा को हिरासत में लेने के लिए गांव पहुंचे थे। जब महिला ने इसका विरोध किया तो पुलिस अधिकारी ने उनके साथ गाली-गलौज की और लाठी से उनकी पिटाई कर दी। महिला का आरोप है कि इस झड़प और मारपीट के दौरान उनके कपड़े भी फट गए और उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई गई। इस घटना का वीडियो जैसे ही लोगों के बीच पहुंचा, यह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया, जिसके बाद रविवार को आरोपी एएसआई के निलंबन के आदेश जारी कर दिए गए।
सरकारी जमीन कब्जाने के आरोप में मस्जिद ध्वस्त, प्रशासन ने दी कार्रवाई की वजह
15 Jun, 2026 10:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीतापुर: जिले की बिसवां तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत थौरा के कुर्मिनपुरवा गांव में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। रविवार को सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनाए जा रहे एक विवादित और अधूरे मस्जिदनुमा ढांचे को बुलडोजर की मदद से ढहा दिया गया।
मामले की जानकारी देते हुए तहसीलदार अनिल राम ने बताया कि गांव के ही निवासी हबीब, मजीद, इस्लाम और इन्सान ने एक खेत में इस ढांचे का निर्माण कार्य शुरू किया था। हालांकि, उनके बीच हुए आपसी पारिवारिक विवाद के कारण यह निर्माण पूरा नहीं हो सका था।
जब राजस्व विभाग ने मामले की पड़ताल की, तो यह बात सामने आई कि जिस जगह पर निर्माण हो रहा था, वह पूरी तरह से सरकारी संपत्ति है। इसके अतिरिक्त, पास से गुजरने वाले चकमार्ग (कच्चे रास्ते) पर भी अवैध कब्जा कर लिया गया था। इसके बाद, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने भारी बल के साथ मौके पर पहुंचकर ढांचे को हटा दिया और रास्ते को भी अतिक्रमण से मुक्त करा दिया। इससे आम लोगों के आने-जाने का मार्ग पूरी तरह से सुगम हो गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस ढांचे के पास लगभग 25 बीघा जमीन सरकारी रिकॉर्ड में तालाब और खलिहान के नाम पर दर्ज है। जल्द ही इस पूरी भूमि की विस्तृत पैमाइश और जांच भी की जाएगी।
रेलवे स्टेशन उपद्रव मामला: 6 आरोपी गिरफ्तार, फरार अभ्यर्थियों की तलाश में छापेमारी
15 Jun, 2026 10:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे परीक्षार्थियों ने पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर भारी बवाल काटा। इस दौरान उग्र अभ्यर्थियों ने जमकर पत्थरबाजी की, जिससे स्टेशन परिसर स्थित कई दुकानों और कार्यालयों के शीशे चकनाचूर हो गए। रेलवे और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा इस उपद्रव को अंजाम देने के आरोप में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है, साथ ही इस मामले में एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है।
स्पेशल ट्रेनों की मांग को लेकर रेल ट्रैक किया जाम
घटनाक्रम की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि देर रात करीब 12 बजे पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर परीक्षा देने जा रहे छात्रों की भारी भीड़ जमा थी। उस वक्त स्टेशन पर सीमांचल एक्सप्रेस और मधुबनी समर स्पेशल ट्रेनें खड़ी थीं, लेकिन अभ्यर्थी अपनी परीक्षा छूटने के डर से प्रशासन से दो और अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाने की मांग करने लगे। मांग के अनुसार प्रशासन ने करीब 2 बजे तक अतिरिक्त ट्रेन की व्यवस्था भी करा दी, लेकिन इसके बाद भी प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए। उग्र हुई भीड़ ने रेलवे ट्रैक पर उतरकर सीमांचल एक्सप्रेस, मधुबनी समर स्पेशल, परीक्षा स्पेशल और एक मालगाड़ी को जबरन रोक दिया और पटरी पर बैठकर परीक्षा केंद्रों को गृह जिलों में आवंटित करने या पूरी परीक्षा को ही स्थगित करने की मांग पर अड़ गए।
मैराथन समझाइश रही बेअसर और अचानक भड़की हिंसा
रेलवे ट्रैक जाम होने की सूचना मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ, जिला प्रशासन और पटना के डीएम सहित कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने करीब चार घंटे से अधिक समय तक प्रदर्शनकारियों को समझाने और ट्रेनों से रवाना होने की मैराथन कोशिशें कीं, लेकिन उपद्रवी मानने को तैयार नहीं थे। इसी बीच भीड़ में शामिल कुछ शरारती तत्वों ने अचानक पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों पर भारी पथराव शुरू कर दिया। इस हिंसक हमले में कई पुलिसकर्मी और पदाधिकारी चोटिल हो गए। आम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को काबू में करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके तहत आंसू गैस के 8 गोले दागे गए और हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी, तब जाकर भीड़ को खदेड़ा जा सका।
परीक्षा रद्द कराने की साजिश और पुलिसिया कार्रवाई
जांच में सामने आया है कि इस हंगामे के पीछे कुछ शरारती तत्वों की सोची-समझी मंशा थी। अधिकारियों के अनुसार, भीड़ में मौजूद कुछ लड़के जानबूझकर यह माहौल बना रहे थे कि यदि पहली पाली की परीक्षा छूटती है, तो दूसरी पाली की परीक्षा भी नहीं होने दी जानी चाहिए और हंगामा खड़ा कर पूरी परीक्षा को ही निरस्त करा दिया जाए। अधिकारियों के बार-बार यह भरोसा दिलाने के बावजूद कि किसी की परीक्षा नहीं छूटेगी, उपद्रवियों ने हिंसा का रास्ता चुना। फिलहाल पुलिस ने मौके से 6 आरोपियों को दबोच लिया है और सीसीटीवी व वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य दंगाइयों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। सुबह करीब 6:20 बजे तक स्थिति पूरी तरह सामान्य कर सभी ट्रेनों को रवाना कर दिया गया।
विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा का धार्मिक कार्ड, ‘बटुक पूजा’ से साधेगी ब्राह्मण समाज
15 Jun, 2026 10:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर ब्राह्मण विमर्श गरमा गया है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की तर्ज पर अब नवगठित कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने भी 'बटुक पूजा' का आयोजन किया है। समाजवादी पार्टी से बगावत कर भाजपा का दामन थामने वाले पांडेय की इस सियासी चाल को ब्राह्मण वोटरों को भाजपा के पक्ष में लामबंद करने की अहम कोशिश माना जा रहा है। सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज है कि क्या मंत्री बनने के तुरंत बाद उन्होंने यह आयोजन ब्राह्मण समाज की कथित नाराजगी दूर करने के लिए किया है, या फिर वह सत्ता और संगठन में खुद को एक बड़े ब्राह्मण चेहरे के रूप में स्थापित करना चाहते हैं।
पिछले कुछ समय से यह सुगबुगाहट लगातार उठ रही थी कि सूबे का ब्राह्मण तबका सत्ताधारी पार्टी से खफा है। पार्टी के ही कई विधायकों के बयानों ने भी इस आग में घी डालने का काम किया था। इस बीच, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों की राजनीतिक गतिविधियों ने ब्राह्मण नेताओं को अपनी अहमियत साबित करने का मौका दे दिया है। वहीं, भाजपा भी यह साफ संदेश देने की जुगत में है कि उसकी सरकार में ब्राह्मणों की अनदेखी के आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।
यह स्पष्ट है कि इस बटुक पूजा का मकसद महज अपनी राजनीतिक हैसियत और प्रासंगिकता बढ़ाना नहीं है, बल्कि ब्राह्मण समाज के बीच अपनी गहरी पैठ का संदेश देना भी है। ब्रजेश पाठक और मनोज पांडेय की यह रणनीति आगामी चुनावों में भाजपा के लिए कितनी फायदेमंद साबित होगी, यह तो चुनाव के नतीजे ही बताएंगे। लेकिन इतना तय है कि इस धार्मिक अनुष्ठान ने प्रदेश की राजनीति में 'ब्राह्मण कार्ड' को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
चुनावी राजनीति की धुरी रहा है ब्राह्मण समाज
यूपी की कुल आबादी में करीब 12 से 15 फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाला ब्राह्मण वर्ग हमेशा से सियासत का अहम मुद्दा रहा है। हाल ही में यूजीसी के कुछ नियमों, फिल्मों में पंडितों के चित्रण, एनसीईआरटी, यूपी पुलिस भर्ती और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की परीक्षाओं में पूछे गए सवालों से जुड़े विवादों ने इस धारणा को बल दिया था कि मौजूदा सरकार में ब्राह्मणों का अपमान हो रहा है। इन चर्चाओं ने कहीं न कहीं भाजपा आलाकमान की चिंताएं भी बढ़ा दी थीं।
समीकरण साधना नहीं है आसान
हिंदुत्व के एजेंडे पर आगे बढ़ने वाली भारतीय जनता पार्टी यह कतई नहीं चाहेगी कि उसका यह पारंपरिक वोटर उससे दूर जाए। हालांकि, विपक्षी दलों पर अति-पिछड़ों और दलितों की अनदेखी का आरोप लगाकर इन वर्गों को साधने वाली भाजपा के लिए सीधे तौर पर केवल ब्राह्मणों की राजनीति करना एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में पार्टी ब्रजेश पाठक और मनोज पांडेय जैसे कद्दावर चेहरों को आगे कर 'बटुक पूजा' जैसे आयोजनों के जरिए इस सामाजिक समीकरण को दुरुस्त करने की रणनीति पर काम कर रही है।
प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या, आरोपी पत्नी ने उगले कई राज
15 Jun, 2026 10:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के नौरोजपुर गुर्जर गांव से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस पूछताछ में आरोपी महिला ने जो खुलासे किए हैं, उसने सबको चौंका दिया है। आरोपी पत्नी अपने पति की करोड़ों रुपये की जमीन बेचकर अपने प्रेमी के साथ ऐश-ओ-आराम की जिंदगी बिताना चाहती थी।
खीर में नशीली गोलियां मिलाकर उतारा मौत के घाट
घटना शुक्रवार रात की है। मृतक सचिन (33 वर्ष) को उसकी पत्नी रचना ने पहले खीर में नशीली गोलियां मिलाकर खिला दीं। जब सचिन गहरी नींद में सो गया, तो रचना ने अपने प्रेमी सोनू (निवासी रंछाड़) को घर बुला लिया। इसके बाद रचना ने पति के हाथ पकड़े और सोनू ने तकिए से मुंह दबाकर व गला घोंटकर सचिन को मौत के घाट उतार दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद प्रेमी सोनू महिला से ढाई लाख रुपये लेकर फरार हो गया।
सामान्य मौत दिखाने की रची थी साजिश
हत्या को प्राकृतिक या दुर्घटना साबित करने के लिए रचना और सोनू ने एक मनगढ़ंत कहानी तैयार की। उन्होंने परिजनों को बताया कि खेत में कीटनाशक दवा का छिड़काव करते समय सचिन की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। शनिवार सुबह रचना ने सचिन के भाई नवीन को फोन कर इसकी जानकारी दी। परिजन उसे तुरंत बड़ौत के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां से गंभीर हालत देखते हुए उसे रेफर कर दिया गया। दूसरे अस्पताल में डॉक्टरों ने सचिन को मृत घोषित कर दिया।
गले के निशान और सीसीटीवी ने खोला राज
शनिवार सुबह जब परिजनों ने सचिन के गले पर संदिग्ध निशान देखे, तो उन्हें गहरा शक हुआ। उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस को मामले की सूचना दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में रात करीब 10 बजे एक संदिग्ध युवक (सोनू) घर के अंदर जाता और सुबह 3:28 बजे बाहर निकलता दिखाई दिया।
जब पुलिस ने इस सबूत के साथ पत्नी रचना से कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गई और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
मर्चेंट नेवी का फर्जी जवान बनकर ठगी करता था प्रेमी
पुलिस तफ्तीश में सामने आया कि मुख्य आरोपी सोनू सोशल मीडिया पर मर्चेंट नेवी की वर्दी में तस्वीरें डालकर खुद को फौजी बताता था। वह इस फर्जी पहचान के जरिए महिलाओं को अपनी जाल में फंसाता था और उनसे पैसे ठगने के बाद ब्लॉक कर देता था। इसी तरह उसने रचना को भी अपने जाल में फंसाया था। सचिन के पास अपनी 9 बीघा कीमती जमीन थी और वह 60 बीघा जमीन बटाई पर लेकर खेती करता था। इसी करोड़ों की जमीन को हड़पने के लिए इस पूरी साजिश को अंजाम दिया गया।
पुलिस कार्रवाई: "आरोपी महिला रचना की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया तकिया बरामद कर लिया गया है। महिला को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। फरार आरोपी सोनू का फोन फिलहाल बंद है, लेकिन पुलिस की टीमें कई जगहों पर दबिश दे रही हैं और उसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।"
देशी शराब तस्कर गिरफ्तार तीस क्वार्टर अवैध देशी शराब बरामद
14 Jun, 2026 06:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हाथरस। सासनी कोतवाली पुलिस ने जनपद में अपराधों की रोकथाम और अवैध शराब के तस्करों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए मुखबिर की सटीक सूचना पर अवैध देशी शराब के साथ एक शराब तस्कर को गिरफ्तार किया है। शनिवार को प्रभारी निरीक्षक विपिन चैधरी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अवैध शराब के साथ गांव लहौर्रा पुलिया की ओर जा रहा है। पुलिस ने सूचना को गंभीरता से लिया और पुलिस टीम ने फौरी कार्रवाई करते हुए गांव लौहर्रा स्थित नहर की पुलिया को रूख किया। तो देखा कि एक युवक पुलिस को देखकर भाग रहा है। पुलिस ने भी आवश्यक कार्रवाई करते हुए भाग रहे युवक को दौड लगाकर पकड लिया। और उसे कोतवाली ले आए। जहां युवक की जामा तलाशी में पुलिस ने तीस क्वाटर अवैध देशी शराब के क्वाटर बरामद किए। पुलिस ने युवक के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृतकर विधिक कार्रवाई की है। पूछताछ में युवक ने पुलिस को अपना नाम व पता मिथुन कुमार पुत्र महेन्द्र सिंह गांव जिरौली बताया है। शराब तस्कर को पकडने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक विपिन चैधरी और उनकी टीम सदस्य शामिल थे।
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