मध्य प्रदेश
धमाकों से हिले घर, मुरैना में अवैध खनन के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई
20 Jun, 2026 09:58 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुरैना। जिले के रिठौरा थाना क्षेत्र में विस्फोटक सामग्री का अवैध प्रयोग कर संचालित किए जा रहे पत्थर खनन माफिया के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने एक बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। इस छापेमारी के दौरान एक अवैध खदान से कंक्रीट और पत्थर तोड़ने वाली कंप्रेसर मशीन सहित भारी मात्रा में अन्य उपकरण जब्त किए गए हैं। पुलिस विभाग द्वारा यह त्वरित एक्शन स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से की जा रही गंभीर और निरंतर शिकायतों के आधार पर लिया गया है।
विस्फोटों की गूंज और मकानों में दरारें
प्राप्त विवरण के अनुसार, रिठौरा अंचल के विभिन्न दुर्गम स्थानों पर बिना किसी वैधानिक प्रशासनिक अनुमति के बारूद की मदद से चट्टानों को उड़ाकर अवैध रूप से गिट्टी और पत्थर निकालने का काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा था। प्रभावित ग्रामीणों का आरोप था कि खनन स्थल पर होने वाले अत्यधिक क्षमता के शक्तिशाली धमाकों के कारण आसपास के रिहायशी इलाकों और गांवों के मकानों की दीवारों में गहरी दरारें आनी शुरू हो गई थीं। इस अनवरत प्रताड़ना और संभावित हादसों के डर से पूरी आबादी में दहशत और भारी असंतोष व्याप्त था।
कलेक्टर के कड़े निर्देश और पुलिसिया दबिश
परेशान ग्रामीणों ने इस गंभीर संकट से निजात पाने के लिए कई मर्तबा जिला कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होकर न्याय की गुहार लगाई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शीर्ष अधिकारियों ने रिठौरा थाना प्रभारी संतोष बाबू गौतम को बिना किसी विलंब के सख्त कदम उठाने के आदेश जारी किए। प्रशासनिक निर्देश मिलते ही थाना प्रभारी ने पुलिस बल के साथ चिन्हित अवैध खनन स्थलों पर औचक घेराबंदी की, जहां से पत्थर तोड़ने की भारी-भरकम कंप्रेसर मशीन और अन्य सहायक सामग्रियां बरामद की गईं। पुलिस ने इस अवैध कृत्य में संलिप्त मुख्य आरोपियों और संरक्षकों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
स्थानीय निवासियों की चिंता और विभाग का दावा
इस बड़ी कार्रवाई के बाद क्षेत्र के नागरिकों ने राहत की सांस तो ली है, परंतु उनका यह भी कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा इन क्षेत्रों की नियमित और सघन निगरानी नहीं की गई, तो यह अवैध धंधा कुछ दिनों बाद पुनः पैर पसार सकता है। दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र को पूर्णतः सुरक्षित बनाने के लिए अवैध उत्खनन के खिलाफ यह विशेष अभियान निरंतर जारी रहेगा और भविष्य में भी नियमों की अवहेलना करने वाले तत्वों पर राष्ट्रीय सुरक्षा व पर्यावरण नियमों के तहत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
नीट री-एग्जाम के चलते भोपाल में ट्रैफिक व्यवस्था बदली, कई मार्ग होंगे डायवर्ट
20 Jun, 2026 09:54 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। राजधानी में 21 जून को नीट-यूजी की पुनरीक्षा का आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा व व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए हैं। यह परीक्षा शहर के 32 निर्धारित केंद्रों पर दोपहर 2.00 बजे से शाम 5.15 बजे तक संचालित होगी। मेट्रो रेल परियोजना के चल रहे निर्माण कार्य और संभावित यातायात के दबाव को देखते हुए शहर के कई प्रमुख मार्गों को परिवर्तित (डायवर्ट) किया गया है, जिसके चलते पुलिस प्रशासन ने आम जनता और परीक्षार्थियों से रूट प्लान देखकर ही घरों से बाहर निकलने का अनुरोध किया है।
यातायात व्यवस्था और रूट डायवर्जन प्लान
मेट्रो निर्माण और सुगम यातायात के मद्देनजर प्रशासन ने वैकल्पिक रास्तों की घोषणा की है। प्रभात चौराहे से पिपलानी के मध्य जारी निर्माण कार्य के कारण आनंद नगर की ओर जाने वाले वाहनों को चेतक ब्रिज, गोविंदपुरा, भेल (BHEL), महात्मा गांधी चौराहा और पिपलानी पेट्रोल पंप वाले मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी गई है। इसी तरह, शासकीय गीतांजलि कन्या पीजी कॉलेज पहुंचने के लिए परीक्षार्थी नादरा बस स्टैंड, अग्रवाल धर्मशाला, छोला गणेश मंदिर, जेपी ब्रिज तिराहा और डीआईजी बंगला चौराहा होकर गंतव्य तक पहुंच सकते हैं।
परीक्षा केंद्रों के लिए कड़े दिशा-निर्देश और प्रतिबंध
प्रशासन ने परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए समय से पूर्व परीक्षा केंद्रों की स्थिति का मुआयना करने का परामर्श दिया है, साथ ही सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा। शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने के लिए सभी 32 परीक्षा केंद्रों के आसपास लाउडस्पीकर जैसे ध्वनि-विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है, और केंद्रों के निकट वाहनों की पार्किंग को भी प्रतिबंधित किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए आज होगी मॉक ड्रिल
सुरक्षा और परीक्षा संचालन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए शनिवार को सभी केंद्रों पर एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है। इस पूर्वाभ्यास में जिला प्रशासन, पुलिस बल, केंद्र अधीक्षकों और पैरामिलिट्री फोर्स के साथ अन्य संबंधित विभाग शामिल रहेंगे, जिसके तहत अभ्यर्थियों के प्रवेश, कड़े कूटबद्ध निरीक्षण और प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन की प्रक्रियाओं को परखा जाएगा। संपूर्ण परीक्षा को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के दृष्टिकोण से 400 से अधिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश के आसार, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
20 Jun, 2026 07:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की प्रतीक्षा कर रहे नागरिकों को अभी कुछ दिन और धीरज रखना होगा। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य में मानसूनी हवाओं के 25 जून के आसपास सक्रिय होने की उम्मीद है। हालांकि, मानसून के आगमन से पहले ही प्रदेश में प्री-मानसून की हलचलें तेज हो गई हैं, जिसके चलते अधिकांश हिस्सों में तेज आंधी के साथ बौछारें गिर रही हैं। इस मौसमी बदलाव के कारण फिलहाल आम जनता को झुलसाने वाली गर्मी से खासी राहत मिली है।
विगत 24 घंटों में अंधड़ और आंधी का दौर
बीते 1 दिन के दौरान मध्य प्रदेश के 40 से अधिक छोटे-बड़े अंचलों में बादलों की गर्जना और बिजली की कड़क के साथ वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि में सर्वाधिक 42 मिमी बारिश धुंधड़का में रिकॉर्ड की गई, जबकि शामगढ़ में 29.2 मिमी, कयामपुर व रौन में 27-27 मिमी तथा सिवनी में 26.6 मिमी पानी बरसा। इसके साथ ही आगर मालवा में 57 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलीं। जबलपुर, डिंडोरी, cutनी, सतना, रीवा, सिंगरौली, शिवपुरी, शहडोल, सीहोर, सागर, झाबुआ, रतलाम, अशोकनगर, ग्वालियर, भिंड और मुरैना जैसे जिलों में भी धूलभरी आंधी के साथ हल्की बूंदाबांदी का क्रम बना रहा।
पचमढ़ी में सबसे ज्यादा ठंडक और खजुराहो रहा सर्वाधिक गर्म
तापमान के उतार-चढ़ाव पर नजर डालें तो छतरपुर जिले का ऐतिहासिक पर्यटन स्थल खजुराहो शुक्रवार को राज्य का सबसे तप्त इलाका रहा, जहां दिन का अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस मापा गया। इसके विपरीत, हिल स्टेशन पचमढ़ी (नर्मदापुरम जिला) में मौसम सबसे सुहावना और ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 18.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
आगामी दिनों के लिए मौसम विभाग का 'ऑरेंज अलर्ट'
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले 5 दिनों तक वायुमंडल की इस स्थिति में कोई बड़ा फेरबदल नहीं होगा। मौसम विभाग ने सीहोर, आगर, अशोकनगर और सागर जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी करते हुए चेतावनी दी है कि यहां 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका के साथ जोरदार बारिश हो सकती हैं। इसके अलावा राजधानी भोपाल, विदिशा, रायसेन, बैतूल, हरदा, खंडवा, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, नीमच, जबलपुर, पन्ना और गुना सहित 30 से अधिक नगरों में मेघ गर्जन के साथ वर्षा होने के आसार जताए गए हैं।
पासपोर्ट सत्यापन में उत्कृष्ट कार्य के लिए मध्यप्रदेश पुलिस को लगातार दूसरे वर्ष राष्ट्रीय सम्मान
19 Jun, 2026 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : नागरिक सेवाओं को सरल, त्वरित और पारदर्शी बनाने की दिशा में मध्यप्रदेश पुलिस के निरंतर प्रयासों को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान किए गए पासपोर्ट आवेदनों के पुलिस सत्यापन के प्रदर्शन के आधार पर मध्यप्रदेश पुलिस को 5 लाख से कम पासपोर्ट आवेदन श्रेणी में देश में प्रथम स्थान प्रदान किया गया है।
विदेश मामलों के माननीय मंत्री डॉ. एस. जयशंकर द्वारा 19 जून 2026 (शुक्रवार) को "सीबी मुथम्मा हॉल", 'सी' विंग, जवाहरलाल नेहरू भवन, विदेश मंत्रालय, नई दिल्ली" में मध्यप्रदेश पुलिस को वर्ष 2025-26 के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए “Institutional Performance Award for State Police” से सम्मानित किया गया।उपरोक्त कार्यकम में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व उप पुलिस महानिरीक्षक कानून व्यवस्था श्री तरूण नायक एवं सहायक पुलिस महानिरीक्षक विशेष शाखा सुरक्षाश्रीमती रश्मि मिश्रा ने किया।
इस उपलब्धि के लिए पुलिस महानिदेशकश्री कैलाश मकवाणा ने प्रदेश के सभी जिलों, विशेष शाखा, पासपोर्ट सत्यापन से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान पूरी मध्यप्रदेश पुलिस के सामूहिक प्रयासों, समर्पण और सेवा भावना का परिणाम है। उन्होंने भविष्य में भी नागरिकों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ प्रदान करने के लिए इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच कुल 3लाख 35हजार 647 पासपोर्ट सत्यापनसमयबद्ध एवं गुणवत्ता पूर्ण तरीके से संपादित किए गए। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा मध्यप्रदेश को इस श्रेणी में प्रथम पुरस्कार (Citation) प्रदान किया गया है।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पुलिस ने पिछले वर्ष भी पहली बार यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त किया था और अब लगातार दूसरे वर्ष यह उपलब्धि अर्जित कर प्रदेश पुलिस ने अपनी कार्यकुशलता, जवाबदेही और नागरिक सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः सिद्ध किया है। यह उपलब्धि प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों, समयबद्ध सत्यापन प्रक्रिया तथा तकनीक आधारित कार्यप्रणाली का परिणाम है।
रतलाम के डायल-112 हीरोज
19 Jun, 2026 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : रतलाम जिले के थाना औद्योगिक क्षेत्र जावरा में डायल-112 जवानों की संवेदनशीलता एवं त्वरित कार्यवाही से रेलवे ब्रिज के नीचे परित्यक्त अवस्था में मिली एक नवजात बच्ची को सुरक्षित संरक्षण प्रदान करते हुए समय पर अस्पताल पहुँचाया गया। पुलिस की मानवीय पहल से नवजात को तत्काल चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराई जा सकी।
18 जून को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना औद्योगिक क्षेत्र जावरा अंतर्गत रेलवे ब्रिज के नीचे एक नवजात बच्ची परित्यक्त अवस्था में मिली है, जिसे कोई अज्ञात व्यक्ति छोड़कर चला गया है। तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को मौके के लिए रवाना किया गया तथा वरिष्ठ अधिकारियों को भी घटना से अवगत कराया गया।
डायल-112 स्टाफ आरक्षक हीरालाल दांगी एवं पायलट अशोक सेन तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे और नवजात बच्ची को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। इसके उपरांत डायल-112 टीम ने बच्ची को डायल-112 वाहन से शासकीय चिकित्सालय जावरा पहुँचाकर भर्ती कराया।
डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल आपातकालीन सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों एवं जरूरतमंद नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए मानवीय संवेदनाओं के साथ हर परिस्थिति में सहायता पहुँचाने का कार्य निरंतर कर रही है।
राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन में मध्यप्रदेश ने हासिल की बहुआयामी उपलब्धियां : राष्ट्रपति मुर्मु
19 Jun, 2026 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि अन्तर्राष्ट्रीय सिकल सेल दिवस पर इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण चुनौती का सामना करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। मैं इस आयोजन से जुड़े सभी लोगों की सराहना करती हूं। राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन अंतर्गत मध्यप्रदेश ने जो बहुआयामी उपलब्धियां हासिल की हैं, उसके लिए मैं राज्य सरकार की सराहना करती हूं। राष्ट्रपति मुर्मु शुक्रवार को खण्डवा जिले के ओंकारेश्वर में विश्व सिकल सेल दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी। राष्ट्रपति मुर्मु ने दीप प्रज्ज्वलित कर राज्य स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति का स्वागत किया।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि यह संतोष की बात है कि वर्ष 2023 में राष्ट्रीय मिशन का शुभारंभ करते समय जो अनेक बड़े लक्ष्य देश के सामने रखे गए थे, उनमें से स्क्रीनिंग का लक्ष्य समय से पहले ही पूरा हो गया। मुझे बताया गया है कि नवजात शिशुओं से लेकर 40 वर्ष की आयु तक के 7 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य पूरा हो चुका है। यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। यह पूरे विश्व में आनुवंशिक रोगों की जाँच-परख की सबसे बड़ी पहलों में से एक है। राष्ट्रपति ने कहा कि इस उपलब्धि में मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रदेश में अब तक सवा करोड़ से भी अधिक लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है। इनमें से अधिकांश लोगों को जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड भी दिये जा चुके हैं।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि सिकल सेल से जुड़ी चुनौती को भारत सरकार ने बहुत ही गंभीरता से लिया और पिछले कुछ वर्षों में एक समग्र दृष्टि से सरकार ने जो प्रयास किये हैं, वे अत्यंत सराहनीय हैं। लगभग तीन वर्ष पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश के शहडोल से राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन को लॉन्च किया था। इस पहल के पीछे न केवल सरकार का गंभीर प्रयास का दृढ़ संकल्प था बल्कि इस चुनौती से जुड़े हर आयाम का समुचित response देने की दूरदर्शी सोच भी थी।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि मुझे बताया गया है कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और केन्द्रीय जनजातीय मंत्रालय के संयुक्त मॉडल के रूप में देश में पहली बार ऐसा मिशन प्रारंभ किया। इसे केवल स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या के रूप में नहीं देखा गया, इसे जनजातीय स्वास्थ्य का मुद्दा, आनुवंशिकता से जुड़ी जागरूकता और प्रिवेंटिव हेल्थ केयर की चुनौती के साथ ही सामाजिक आचरण में बदलाव के मिशन के रूप में देखा गया। इस मिशन की पृष्ठभूमि में अनेक स्तरों पर किये गये वैज्ञानिक और सामाजिक अध्ययन रहे हैं। ICMR, Tribal Health Research Institutes, AIIMS, NHM, WHO और विभिन्न राज्य सरकारों ने इस विषय के विभिन्न आयामों पर अध्ययन किया हैं। इनसे मुख्य रूप से यह आंकलन सामने आया कि:-
भारत में लगभग 2 से 2.5 करोड़ लोग सिकल सेल जीन के वाहक हो सकते हैं।
लाखों लोग सक्रिय रोग से पीड़ित हैं।
सबसे अधिक प्रभाव मध्य भारत की जनजातीय क्षेत्र में है।
अनेक परिवार पीढ़ियों से इस रोग से प्रभावित थे लेकिन उन्हें बीमारी का नाम तक मालूम नहीं था।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि अध्ययनों से यह भी पता चला कि भारत के जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल रोग का प्रसार सामान्य आबादी की तुलना में कई गुना अधिक है। फलस्वरूप, देश में पहली बार सार्वजनिक स्वास्थ्य, जनजातीय कल्याण, Genetic Science और डिजिटल मॉनिटरिंग को एकसाथ जोड़कर यह राष्ट्र व्यापी अभियान प्रारंभ किया गया। देश के 17 राज्यों में चलाये जा रहे इस अभियान के प्रति राज्यों ने भी पूरी तत्परता से भागीदारी की है।
राष्ट्रपति ने कहा कि मुझे इस मिशन की परिकल्पना ने प्रभावित किया है। इसलिए मैं इस मिशन के तीन प्रमुख आयामों का उल्लेख करना चाहूंगी:
पहलाः बड़े स्तर पर जागरूकता फैलाना और विवाह पूर्व जेनेटिक काउंसलिंग करना।
दूसराः व्यापक स्क्रीनिंग करके समय रहते रोग की पहचान करना।
तीसराः प्रबंधन की समग्रता को सुनिश्चित करते हुए स्वास्थ्य देखभाल की निरंतरता बनाये रखना।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य की पहल के लिहाज से देखें तो देश में पहली बार इतनी बड़ी जनसंख्या की आनुवंशिक स्क्रीनिंग, डिजिटल ट्रैकिंग के साथ की जा रही है। मिशन मोड में हुई स्क्रीनिंग का ही परिणाम है कि अभी तक लगभग ढाई लाख लोगों में सिकल सेल संबंधी रोग चिन्हित किये जा चुके हैं और इस रोग के 20 लाख से भी अधिक वाहक यानी carrier भी पहचाने जा चुके हैं। वाहकों की इतनी बड़ी संख्या से जुड़ी चुनौती को समझने की आवश्यकता है। सिकल सेल के वाहक लोगों में इस रोग के लक्षण नहीं होते इसलिए उन्हें इसकी भविष्य की गंभीरता का कोई अंदाज नहीं लग पाता। अधिकांशतः वाहकों को यह नहीं पता होता कि वे अनजाने ही अपनी संतान को ये रोग दे सकते हैं। संतोष की बात है कि केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों ने मिशन मोड में पिछले कुछ वर्षों में सिकल सेल से जुड़े रोगियों और वाहकों की पहचान के साथ-साथ उनकी समुचित स्वास्थ्य देखभाल पर सराहनीय कार्य किया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि मेरे संज्ञान में लाया गया है कि बहुस्तरीय प्रयासों के क्रम में मध्यप्रदेश में सभी प्रभावित लोगों, गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं के लिए पॉइंट ऑफ केयर टेस्ट आधारित जाँच सुविधा को आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्तर तक विस्तारित किया गया है। गत वर्ष 17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक चले “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” अंतर्गत मध्यप्रदेश ने 4 लाख से अधिक महिलाओं की सिकल सेल स्क्रीनिंग का कीर्तिमान स्थापित करके इस समस्या के समाधान हेतु अमूल्य योगदान दिया है। मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर विद्यार्थियों की सिकल सेल स्क्रीनिंग की जा रही है। जनजातीय विद्यार्थियों को भी परामर्श, उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जा रहा है। दूरस्थ एवं दुर्गम जनजातीय क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) के माध्यम से निरंतर स्क्रीनिंग की जा रही है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि पिछले वर्ष विश्व सिकल सेल दिवस पर प्रदेश में “सिकल मित्र” पहल का शुभारंभ किया गया था। इसके अंतर्गत जागरूकता बढ़ाने, रोगियों को सहायता प्रदान करने तथा उन्हें शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए शासकीय एवं गैर शासकीय संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों तथा एनसीसी कैडेट्स को प्रशिक्षित किया गया है। इन सार्थक पहलों के लिए मैं प्रदेश के सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों को बधाई देती हूं। मुझे विश्वास है कि सभी प्रदेशों की समेकित शक्ति और सक्रियता से हम वर्ष 2047 से बहुत पहले ही देश से सिकल सेल संबंधी रोगों के उन्मूलन के अपने राष्ट्रीय लक्ष्य में अवश्य सफल होंगे। देश में जनजातीय समुदाय की सबसे बड़ी संख्या मध्यप्रदेश में है। मैं आशा करती हूं कि मध्यप्रदेश द्वारा जनजातीय विकास के अनेक क्रीर्तिमान स्थापित किए जाएंगे।
डिजिटल और जेनेटिक कार्ड समाज के लिए जन्म कुण्डली के समान : राज्यपाल पटेल
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल रोग केवल स्वास्थ्य की समस्या नहीं, बल्कि विशेष रूप से जनजातीय समाज के सामाजिक और आर्थिक विकास से जुड़ी गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सिकल सेल उन्मूलन को राष्ट्रीय मिशन का स्वरूप दिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा वर्ष 2023 में शहडोल से राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन-2047 का शुभारंभ किया गया। मध्यप्रदेश में इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है।
राज्यपाल पटेल ने बताया कि मध्यप्रदेश में अब तक एक करोड़ 32 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और लगभग 95 से 96 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। आगामी दो से तीन महीनों में शेष कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने जनजातीय क्षेत्रों में बीमारी के प्रति जागरूकता और सतर्कता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्यपाल पटेल ने बताया कि प्रदेश में एलोपैथिक उपचार के साथ आयुर्वेदिक दवाओं के उपयोग पर भी कार्य किया जा रहा है और इसके प्रारंभिक परिणाम सकारात्मक रहे हैं। उन्होंने सिकल सेल रोगियों से अपील की कि उपचार में दोनों पद्धतियों का समन्वित उपयोग करें। उन्होंने डिजिटल जेनेटिक कार्ड को विवाह संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह जन्म कुंडली की तरह उपयोगी है और विवाह से पूर्व इसका मिलान आवश्यक है। इससे भावी पीढ़ियों को इस आनुवंशिक बीमारी से बचाया जा सकेगा।
सिकल सेल उन्मूलन मिशन, आयोजन नहीं बल्कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का है संकल्प : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आदि शंकराचार्य की तपोभूमि और जननायक टंट्या मामा की कर्मस्थली पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन से जनजागरूकता बढ़ाकर इस गंभीर बीमारी की रोकथाम की दिशा में देश और प्रदेश मिलकर कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान आने वाली पीढ़ियों को सिकल सेल जैसी घातक बीमारी से बचाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी का प्रभाव केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा परिवार और कई पीढ़ियां इसकी पीड़ा झेलती हैं। इसलिए इसे रोकना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति मुर्मु की उपस्थिति को प्रेरणादायी बताते हुए उनका अभिनंदन किया और कहा कि उनके सान्निध्य में यह संकल्प और अधिक मजबूत हुआ है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा वर्ष 2023 में शहडोल से शुरू किए गए राष्ट्रीय सिकल सेल मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि आज यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में गर्भवती महिलाओं की पहचान कर परामर्श, जेनेटिक कॉउंसलिंग और सिकल सेल कार्ड वितरण जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 3700 से अधिक ‘सिकल मित्र’ भी जन-जागरूकता के इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार मजबूत कर रही है। उन्होंने बताया कि जहां पहले प्रदेश में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 32 तक पहुंच रही है। आयुर्वेदिक चिकित्सा शिक्षा में भी तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि खरगौन में क्रांतिसूर्य टंट्या मामा के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना कर राज्य सरकार विकास के सभी पैमाने पर आगे बढ़ रही है। वीरांगना रानी दुर्गावती और राजा भभूत सिंह जैसे महान नायकों के नाम पर कैबिनेट बैठकें आयोजित की गई हैं। छिंदवाड़ा में बादल भोई और जबलपुर में राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह संग्रहालय का लोकार्पण किया है। सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करने के लिए जनजातीय पर्व भगोरिया को राजकीय उत्सव का दर्जा दिया गया है। कन्या छात्रावासों के नाम भी जनजातीय नायकों के नाम पर रखे गए हैं। जनजातीय भाई-बहनों का कल्याण और उनका समग्र विकास सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सिकल सेल के खिलाफ यह लड़ाई समाज के हर वर्ग की भागीदारी से ही जीती जा सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ नर्मदा और ओंकारेश्वर महाराज की पावन धरती पर संकल्प लेते हुए कहा कि जब तक सिकल सेल उन्मूलन अभियान पूरी तरह सफल नहीं होगा, तब तक यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का प्रदेश आगमन के लिए आभार व्यक्त किया।
उप-मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश ने सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन- 2047 में सबसे अच्छा कार्य किया है। सिकल सेल को जड़ से खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2023 में शहडोल से एक मिशन की शुरुआत की थी। इसे राज्यपाल पटेल के प्रयासों ने और गति प्रदान की है। प्रदेश के जनजातीय बहुल जिलों में अब तक 1 करोड़ 32 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। मध्यप्रदेश सिकल सेल एमीनिया की स्क्रीनिंग के मामले में अग्रणी राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने वर्ष 2026 के अंत तक 1 करोड़ 60 लाख स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा है। अब कुंडली से पहले सिकल सेल स्क्रीनिंग कार्ड का मिलान किया जाने लगा है। इसके लिए प्रदेशभर में जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है, जिससे कोई भी सिकल सेल का वाहक न बने।
राष्ट्रपति मुर्मु ने राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन-2047 में उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि और अधिकारियों को सम्मानित भी किया।
राष्ट्रपति मुर्मु ने प्रदर्शनी का किया अवलोकन
प्रदेश में संचालित योजनाओं की सराहना की
राष्ट्रपति मुर्मु ने ओंकारेश्वर में राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन 2047 के अंतर्गत आयोजित विश्व सिकलसेल दिवस-2026 के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु ने सिकलसेल उन्मूलन मिशन-2047 के तहत मध्यप्रदेश में किए जा रहे कार्यों, नवाचारों एवं जन-जागरूकता अभियानों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सिकलसेल रोग की रोकथाम, समय पर जांच, उपचार तथा प्रभावित परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस दौरान राज्यपाल पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. यादव, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार, जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर डॉ. विजय शाह, धार्मिक न्यास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायकगण सहित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और सिकलसेल उन्मूलन मित्र उपस्थित थे।
डिफेंस मैन्युफेक्चरिंग को नई गति देने पर राज्य स्तरीय कार्यशाला में हुआ मंथन
19 Jun, 2026 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : रक्षा उत्पादन विभाग, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के उप महानिदेशक (स्वदेशीकरण) सुशील कुमार सतपुते ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब उद्योग, एमएसएमई, स्टार्टअप, अनुसंधान संस्थान और शिक्षण संस्थाएं एक साझा मंच पर आकर नवाचार आधारित रक्षा विनिर्माण को आगे बढ़ाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्यों में मजबूत औद्योगिक एवं नवाचार आधारित इको सिस्टम विकसित करना समय की आवश्यकता है और केंद्र व राज्यों के समन्वित प्रयासों से ही देश रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बन सकेगा।
रक्षा उत्पादन विभाग, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 20-21 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन "आत्मनिर्भरता इन डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग : प्रमोटिंग स्टेट-लेवल इकोसिस्टम्स" की तैयारियों के तहत मध्यप्रदेश शासन द्वारा एमपीआईडीसी मुख्यालय, भोपाल में तीसरे चरण के अंतर्गत राज्य स्तरीय फ्लैगशिप परामर्श कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता, स्वदेशीकरण, एमएसएमई, स्टार्टअप, नवाचार तथा उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत बनाने पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
कार्यशाला में देशभर के 40 से अधिक प्रमुख उद्योगों, रक्षा प्रतिष्ठानों, अनुसंधान संस्थानों, शिक्षण संस्थाओं और नीति विशेषज्ञों ने प्रत्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से भागीदारी कर अपने सुझाव साझा किए। मध्यप्रदेश इस राष्ट्रीय पहल में 'इंडिजेनाइजेशन, एमएसएमई, स्टार्टअप एवं इनोवेशन इकोसिस्टम' विषय पर सह-नेतृत्व (को-लीड) राज्य की भूमिका निभा रहा है।
औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में तेजी से अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। राज्य की उद्योग अनुकूल नीतियां, विकसित औद्योगिक आधारभूत संरचना, उपलब्ध संसाधन तथा कुशल मानव संसाधन इसे देश के प्रमुख रक्षा उत्पादन केंद्र के रूप में स्थापित करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला राज्य की भावी रणनीति तय करने के साथ उद्योग, अनुसंधान संस्थानों और शासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रस्तावित राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन की रूपरेखा, राज्यों की भूमिका तथा मध्यप्रदेश की सह-नेतृत्व जिम्मेदारी पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। इस दौरान बताया गया कि रक्षा उत्पादन विभाग ने राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के लिए सात प्रमुख रणनीतिक विषय निर्धारित किए हैं, जिन पर राज्यों से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।
एमपीआईडीसी द्वारा डिफेंस एवं एयरोस्पेस रणनीति वर्ष 2026-30 प्रस्तुत की गई। इसमें राज्य की वर्तमान औद्योगिक स्थिति, छह रणनीतिक स्तंभों तथा 24 प्रमुख पहलों के माध्यम से रक्षा एवं एयरोस्पेस क्षेत्र में निवेश, नवाचार और विनिर्माण को बढ़ावा देने की कार्ययोजना साझा की गई। प्रस्तुतीकरण में जबलपुर की सैन्य वाहन निर्माण क्षमता, इटारसी के आयुध उत्पादन, ग्वालियर के बायो-केमिकल अनुसंधान तथा कटनी की धातुकर्म विशेषज्ञता को मध्यप्रदेश की प्रमुख औद्योगिक शक्ति के रूप में रेखांकित किया गया।
कार्यशाला का सबसे महत्वपूर्ण चरण हितधारकों के साथ सातों रणनीतिक विषयों पर विस्तृत चर्चा रहा। उद्योग, एमएसएमई, स्टार्टअप, रक्षा प्रतिष्ठानों, शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थानों ने अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। विशेष रूप से स्वदेशीकरण, एमएसएमई, स्टार्टअप और नवाचार आधारित इकोसिस्टम को मजबूत बनाने पर उपयोगी सुझाव सामने आए।
कार्यशाला में बीईएमएल, आईआरईएल, आयुध निर्माणी इटारसी, सेंट्रल प्रूफ एस्टैब्लिशमेंट इटारसी, एमपीएमएसएमई, ग्लोबल स्किल पार्क, आईआईएसईआर भोपाल तथा एमपीएसईडीसी सहित अनेक संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वहीं डीआरडीओ, आईआईटी दिल्ली, बीएचयू, धारवाड़, इंदौर, जम्मू, कानपुर, भिलाई, गांधीनगर एवं मद्रास, आईआईएससी बेंगलुरु, नासकॉम, सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM), ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया, भारत डायनामिक्स लिमिटेड, गोवा शिपयार्ड लिमिटेड, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड, एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड, इंडियन ऑर्डनेंस लिमिटेड, गोल्डन पर्ल डिफेंस सिस्टम्स प्रा. लि. तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की। इन संस्थानों की भागीदारी से कार्यशाला को राष्ट्रीय दृष्टिकोण और तकनीकी विशेषज्ञता मिली। एमपीआईडीसी के प्रबंध संचालक ने कार्यशाला के निष्कर्ष प्रस्तुत करते हुए बताया कि प्राप्त सुझावों के आधार पर 30 जून 2026 तक राज्य की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रक्षा उत्पादन विभाग को भेजी जाएगी। यह रिपोर्ट राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में मध्यप्रदेश की रणनीति और सुझावों का आधार बनेगी।
राष्ट्रपति मुर्मु को इन्दौर एयरपोर्ट पर दी गई भावभीनी विदाई
19 Jun, 2026 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शुक्रवार को इन्दौर के देवी अहिल्याबाई होल्कर अन्तर्राष्ट्रीय विमानतल से अपने यात्रा का पहला पड़ाव पूर्ण कर आगे के निर्धारित कार्यक्रमों के लिए रवाना हुईं। विमानतल पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित जनप्रतिनिधि, सैन्य अधिकारियों एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने आत्मीय विदाई दी।
इस दौरान मंत्री, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, क्षेत्रीय सांसद शंकर ललवानी, विधायक महेंद्र हार्डिया, विधायक रमेश मेंदोला, विधायक मालिनी लक्ष्मणसिंह गौड़, महापौर इन्दौर पुष्यमित्र भार्गव, कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल विजय बी. नायर, कमिश्नर, संभागायुक्त इन्दौर डॉ. सुदाम खाडे, पुलिस कमिश्नर इन्दौर जोन संतोष सिंह सहित जनप्रतिनिधि वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
प्रदेश का सर्वांगीण विकास ही शासन का संकल्प : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
19 Jun, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को इंदौर में आयोजित लोकार्पण व भूमि-पूजन कार्यक्रम में कहा है कि राज्य सरकार ने प्रदेश के सर्वांगीण विकास का संकल्प लिया है और उसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नगर निगम इंदौर ने विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा स्वच्छता अभियान में इंदौर ने देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अवधि में देश ने विकास के अनेक नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि के प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश दोनों विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। आज देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को नई मजबूती मिली है। प्रदेश के सभी 55 जिलों में विकास के विभिन्न मानकों पर निरंतर कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना, रोजगार और जनकल्याण के क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को विकास का लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजनांतर्गत जोन 8 में सड़क का भूमि-पूजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन्दौर के जोन क्रमांक 8 के वार्ड क्रमांक 37 में तुलसी नगर पुलिया से निपानिया तक प्रस्तावित सड़क विकास कार्य और प्राइमरी तथा आंतरिक सीवर लाइन निर्माण कार्य का आज रिमोट से भूमि-पूजन कर शुभारंभ किया। इसमें सड़क निर्माण कार्य की लागत 13.26 करोड़ और प्राइमरी तथा आंतरिक सीवर लाइन निर्माण कार्य की लागत 2.64 करोड़ रुपए है। यह सड़क लगभग 1.30 किलोमीटर लंबी एवं इन्दौर विकास योजना-2021 के अनुसार 30 मीटर चौड़ाई में निर्मित होगी। परियोजना अंतर्गत सीमेंट कंक्रीट सड़क निर्माण, सीवर चैम्बरों का सुदृढ़ीकरण, फुटपाथ निर्माण तथा विद्युत लाइन शिफ्टिंग सहित विभिन्न अधोसंरचनात्मक कार्य किए जाएंगे। सड़क के निर्माण से तुलसी नगर, निपानिया, अंकुर आंगन, राजाराम ऐवेन्यु तथा महालक्ष्मी नगर सहित आसपास के क्षेत्रों के रहवासियों को आवागमन में सुविधा होगी। साथ ही क्षेत्र में यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी और नागरिकों को बेहतर एवं नई कनेक्टिविटी उपलब्ध हो सकेगी। भूमि-पूजन समारोह की शुरुआत वंदे मातरम् के गायन से हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं समस्त जन द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा-अर्चना की गई। महापौर इंदौर पुष्यमित्र भार्गव ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्प-गुच्छ और तुलसी का पौधा भेंट कर स्वागत किया।
विकास कार्यों की घोषणा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भूमि-पूजन समारोह में कनाड़िया रोड से खजराना रोड तक लगभग 1400 मीटर लिंक रोड बनाने की घोषणा की। उन्होंने पूर्वी रिंग रोड से रोबोट चौराहे तक 6 लेन फ्लाई-ओवर बनाने की घोषणा की। इसकी अनुमानित लागत लगभग 50 करोड़ रुपए होगी। उन्होंने कहा कि अवैध कालोनियों को वैध करने के लिए भी ठोस कार्य करने के प्रयास करेंगे।
हितलाभ का किया गया वितरण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना अंतर्गत 2 हितग्राहियों को हितलाभ वितरण किया गया जिसमें राहुल मरमट और जगदीश उपाध्याय को 50-50 हजार के प्रतीकात्मक चेक मंच से प्रदान किये गये।
इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, क्षेत्रीय सांसद शंकर लालवानी, क्षेत्रीय विधायक महेन्द्र हार्डिया, मधु वर्मा, रमेश मेंदोला, सुमित मिश्रा तथा संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अमला उपस्थित रहे।
परीक्षा केंद्रों पर 5G जैमर, नीट को लेकर हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था
19 Jun, 2026 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंदौर: नीट यूजी री-एग्जाम (NEET UG Re-Exam) को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। प्रश्न-पत्रों को लाने से लेकर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने और नकल रोकने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
वायुसेना के विमानों से आए पेपर, बैंक लॉकर में सुरक्षित
परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए प्रश्न-पत्रों को भारतीय वायुसेना के दो विशेष विमानों से राजधानी पहुंचाया गया है, जहां से उन्हें बेहद कड़ी सुरक्षा के बीच बैंक लॉकर्स में सुरक्षित रखवाया गया है। लीक की किसी भी संभावना को खत्म करने के लिए हर पेपर सेट को एक विशेष कोड से ट्रैक किया जा रहा है।
कमांडो सुरक्षा और अंतिम समय पर मिलेगी जानकारी
प्रशासन ने तय किया है कि किस परीक्षा केंद्र के लिए पेपर किस बैंक लॉकर या स्थान से जारी होंगे, इसकी जानकारी 21 जून की सुबह ही परीक्षा केंद्राध्यक्षों को दी जाएगी। इसके बाद कमांडो, विशेष सुपरिटेंडेंट और पुलिस बल के कड़े पहरे में प्रश्न-पत्रों को केंद्रों तक रवाना किया जाएगा। इस बार जिले में कुल 32 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
5G जैमर और AI कैमरों से होगी निगरानी
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए तकनीक और फोर्स दोनों का बड़ा समन्वय देखने को मिलेगा:
5G जैमर: परीक्षा के दौरान केंद्रों पर हाई-स्पीड 5G सिग्नल जैमर एक्टिव रहेंगे, ताकि कोई भी बाहरी संपर्क या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस काम न कर सके।
AI सीसीटीवी: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर रियल टाइम नजर रखी जाएगी।
पूर्ण प्रतिबंध: परीक्षा हॉल में किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
'परीक्षार्थियों को तनाव न दें' — कलेक्टर के निर्देश
कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि चेकिंग के नाम पर परीक्षार्थियों को मानसिक तनाव न दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सुरक्षा जांच के दौरान ऐसी चीजें जिससे नकल की कोई संभावना न हो, उन्हें जबरन न उतरवाया जाए, ताकि छात्र शांत मन से परीक्षा दे सकें।
15 मिनट का अतिरिक्त समय और एंट्री टाइम
इस बार परीक्षा के समय में बदलाव करते हुए परीक्षार्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया है। अब परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शुरू होकर शाम 5:15 बजे तक चलेगी। छात्रों को परीक्षा केंद्रों में सुबह 11:00 बजे से ही प्रवेश (एंट्री) मिलना शुरू हो जाएगा। परीक्षा खत्म होने के बाद ओएमआर (OMR) शीट को भी कड़े सुरक्षा घेरे में वापस भेजा जाएगा।
नीट परीक्षार्थियों के लिए चलेंगी विशेष ट्रेनें
परीक्षा के दिन इंदौर में जुटने वाली भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने विशेष कदम उठाया है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए विशेष किराए पर स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया गया है। ये ट्रेनें इंदौर-भोपाल-रतलाम और डॉ. आंबेडकर नगर-बांद्रा टर्मिनस के बीच संचालित होंगी, जिससे तीन राज्यों के रेल यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी ने विद्युत गृहों के निर्बाध संचालन के लिए बनाया तकनीकी निगरानी मॉडल
19 Jun, 2026 04:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने अपने ताप (थर्मल) और जल (हाइड्रो) विद्युत गृहों के रखरखाव (ओवरहॉल) के बाद इकाइयों के अधिक सुरक्षित, कुशल और निर्बाध संचालन के लिए एक नई तकनीकी निगरानी व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने इस पहल को बिजली उत्पादन की विश्वसनीयता को मजबूत करने और नवाचार को बढ़ावा देने वाला एक बड़ा कदम बताया है।
इस नई तकनीकी व्यवस्था और बिजली उत्पादन से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
5492 मेगावाट की कुल स्थापित क्षमता
मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के पास वर्तमान में बिजली उत्पादन का एक बड़ा ढांचा है, जिसकी कुल स्थापित क्षमता 5492 मेगावाट है:
ताप विद्युत (Thermal Power): कंपनी के 4 ताप विद्युत गृहों (अमरकंटक-चचाई, सतपुड़ा-सारनी, संजय गांधी-बिरसिंगपुर और श्री सिंगाजी-दोंगलिया) द्वारा कुल 4570 मेगावाट बिजली बनाई जा रही है।
जल विद्युत (Hydro Power): कंपनी के 10 जल विद्युत गृहों (गांधीसागर, पेंच-तोतलाडोह, रानी अवंतीबाई सागर-बरगी, बाण सागर के टोंस, सिलपरा, देवलोंद, झिन्ना, बिरसिंगपुर, राजघाट और मड़ीखेड़ा) द्वारा कुल 915 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।
सौर ऊर्जा (Solar Power): रतागुरडिया ग्राउंड माउंटेड सोलर प्रोजेक्ट से कुल 7 मेगावाट सोलर बिजली का उत्पादन होता है।
कैसे काम करेगी नई तकनीकी निगरानी व्यवस्था?
निरीक्षण प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए कंपनी ने एक अनोखा तरीका अपनाया है:
समन्वय टीमों का गठन: मुख्यालय और बिजली घरों के अनुभवी व युवा इंजीनियरों को मिलाकर यूनिटवार (Unit-wise) टीमें बनाई गई हैं।
क्रॉस-इंस्पेक्शन (Cross-Inspection) नीति: टीम के गठन में यह विशेष ध्यान रखा गया है कि कोई भी इंजीनियर अपनी खुद की यूनिट के ओवरहॉल काम की जांच नहीं करेगा। दूसरी यूनिट के इंजीनियर जांच करेंगे, जिससे निष्पक्षता बनी रहेगी और बेहतर तकनीकी सुझाव मिलेंगे।
मुख्य काम: यह टीमें ओवरहॉल कार्यों की प्लानिंग, निरीक्षण और मूल्यांकन की सतत निगरानी करेंगी ताकि किसी भी तकनीकी कमी या परिचालन बाधा की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
क्या होती है वार्षिक और पूंजीगत ओवरहॉल प्रक्रिया?
बिजली पैदा करने वाली मशीनों की कार्यक्षमता और उम्र बढ़ाने के लिए यह रखरखाव प्रक्रिया अपनाई जाती है:
वार्षिक ओवरहॉल (Annual Overhaul): यह सामान्यतः हर 1 से 2 साल के अंतराल पर होता है। इसमें जरूरी उपकरणों का निरीक्षण, छोटी-मोटी मरम्मत और खराब पुर्जों को बदला जाता है।
पूंजीगत ओवरहॉल (Capital Overhaul): यह एक बेहद विस्तृत और बड़ी तकनीकी प्रक्रिया है, जो 4 से 6 साल के अंतराल पर की जाती है। इसमें मुख्य मशीनों को खोलकर उनकी व्यापक मरम्मत, तकनीक को अपग्रेड (उन्नयन) और सुधार किया जाता है ताकि प्लांट की दक्षता और उम्र बढ़ सके।
श्रद्धेय पं. माधवराव सप्रे के लिए कलम ही जनसेवा और राष्ट्र जागरण का साधन थी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
19 Jun, 2026 04:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रखर पत्रकार, साहित्यकार और महान स्वतंत्रता सेनानी पंडित माधवराव सप्रे की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण नमन किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में सप्रे जी के योगदान को याद करते हुए मुख्य रूप से निम्नलिखित बातें कहीं:
जनसेवा और राष्ट्र-जागरण का साधन: मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित माधवराव सप्रे जी ने अपनी लेखनी और कलम को हमेशा जनसेवा तथा देश को जगाने (राष्ट्र-जागरण) का एक सशक्त माध्यम बनाया।
साहित्य और पत्रकारिता को किया समृद्ध: उन्होंने हिंदी साहित्य और पत्रकारिता जगत को समृद्ध करने में श्रद्धेय सप्रे जी के अतुलनीय योगदान को रेखांकित किया।
देश की अमूल्य निधि हैं उनकी कृतियां: मुख्यमंत्री ने सप्रे जी के लेखन की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक भारतीय समाज के निर्माण को समर्पित उनकी साहित्यिक कृतियां और विचार आज भी हमारे देश की एक अमूल्य धरोहर हैं।
पंडित माधवराव सप्रे को हिंदी पत्रकारिता के पुरोधाओं में गिना जाता है, जिन्होंने देश की आजादी के आंदोलन में भी अपनी लेखनी के जरिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
मथुरा से खुशखबरी: लापता बच्चा सुरक्षित मिला, पुलिस ने खोज निकाला
19 Jun, 2026 03:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: भोपाल के बाजपेयी नगर से मंगलवार (16 जून) को गायब हुए 6 साल के मासूम बच्चे अंश मैना को पुलिस ने सकुशल खोज निकाला है। तीन दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने बच्चे को उत्तर प्रदेश के मथुरा से सुरक्षित बरामद किया।
रॉयल मार्केट चौराहे से खेलते-खेलते हुआ था लापता
यह घटना 16 जून की है, जब कोहेफिजा थाना क्षेत्र के रॉयल मार्केट चौराहे के पास 6 वर्षीय अंश खेलते-खेलते अचानक लापता हो गया था। परिजनों ने काफी देर तक उसे ढूंढा, लेकिन जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
पातालकोट एक्सप्रेस के सुराग से मिला रास्ता
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बच्चे की तलाश के लिए तुरंत कई टीमें गठित कीं। खोजबीन के दौरान पुलिस को एक बड़ा सुराग मिला कि मासूम बच्चा पंजाब की तरफ जाने वाली पातालकोट एक्सप्रेस में चढ़ते हुए देखा गया है। इस इनपुट के आधार पर पुलिस ने अपनी सक्रियता और बढ़ा दी।
10 से 12 टीमें लगाई गईं, मथुरा में मिला बच्चा
बच्चे को सुरक्षित ढूंढने के लिए भोपाल से करीब 10 से 12 टीमों को अलग-अलग रूटों पर रवाना किया गया था। आखिरकार पुलिस की मेहनत रंग लाई और अंश शुक्रवार (19 जून) को मथुरा में मिल गया। कोहेफिजा पुलिस की टीम ने तुरंत मथुरा पहुंचकर बच्चे को अपनी कस्टडी में ले लिया।
अस्पताल में भर्ती है मां
इस पूरी घटना के बीच परिवार बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहा था, क्योंकि अंश की मां गंभीर रूप से बीमार हैं और फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं। बच्चे के सकुशल मिल जाने के बाद अब परिवार और पुलिस प्रशासन ने बड़ी राहत की सांस ली है।
8 वर्षीय बच्ची की संदिग्ध मौत, ग्वालियर में फैली दहशत
19 Jun, 2026 03:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: ग्वालियर के पुरानी छावनी थाना क्षेत्र के बरा गांव में एक 8 साल की मासूम बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बच्ची शुक्रवार सुबह अपने घर के बिस्तर पर मृत पाई गई। उसके शरीर पर चोटों के निशान मिलने के बाद पिता ने पड़ोसी पर मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है।
गुल्लक से रुपए निकालने पर हुआ था विवाद
मृतक बच्ची (अलीना) अपने पिता और दो भाई-बहनों के साथ रहती थी। गुरुवार शाम को वह घर के बाहर खेल रही थी, तभी वह पड़ोस में रहने वाले आमीन खान के घर में चली गई और वहां रखी गुल्लक से कुछ रुपए निकाल लिए। जब आमीन घर लौटा और उसे रुपए गायब मिले, तो उसने पूछताछ शुरू की। बच्ची पास की दुकान पर कोल्ड ड्रिंक पीते मिली और सख्ती से पूछने पर उसने रुपए लेने की बात मान ली।
परिजनों का आरोप: पूछताछ के दौरान की गई बेरहमी से मारपीट
परिजनों का सीधा आरोप है कि रुपए चोरी पकड़े जाने के बाद पड़ोसी आमीन खान ने बच्ची के साथ बुरी तरह मारपीट की और उसे प्रताड़ित किया। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पड़ोसी को पूछताछ करते तो देखा था, लेकिन मारपीट होते हुए नहीं देखा।
सुबह बिस्तर पर मृत मिली मासूम
शुक्रवार सुबह जब अलीना काफी देर तक नहीं उठी, तो परिजनों ने उसे जगाने की कोशिश की। तब पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है। इसके बाद रोते-बिलखते पिता ने तुरंत पुलिस को मामले की सूचना दी और पड़ोसी के खिलाफ हत्या की शिकायत दर्ज कराई।
शरीर पर मिले चोट के निशान, आरोपी हिरासत में
मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. कोक सिंह को बुलाया गया। शुरुआती जांच में मासूम के शरीर पर चोटों के निशान पाए गए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पड़ोसी को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी स्थिति
पुरानी छावनी थाना प्रभारी डॉ. संतोष यादव ने बताया कि पुलिस मामले की हर एंगल से बारीकी से जांच कर रही है। मौत की सही वजह और समय का पता लगाने के लिए डॉक्टरों के एक पैनल से बच्ची का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लापता मासूम अंश का पता लगाने में पुलिस को बड़ी सफलता
19 Jun, 2026 01:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। राजधानी भोपाल के बाजपेयी नगर इलाके से मंगलवार (16 जून) को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए 6 वर्षीय मासूम अंश मैना के मामले में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। लगातार छानबीन में जुटी पुलिस टीम को बच्चे का एक बड़ा सुराग मिला है, जिससे उसकी तलाश और तेज कर दी गई है। लापता मासूम को रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन में सवार होते हुए देखा गया है।
मासूम अंश के अचानक गायब होने के बाद से ही उसका परिवार गहरे सदमे में है, वहीं पुलिस की कई टीमें उसकी सुरक्षित वापसी के लिए दिन-रात एक किए हुए हैं।
पातालकोट एक्सप्रेस में बैठता नजर आया मासूम अंश
पुलिस द्वारा रेलवे स्टेशन और आस-पास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर यह बात सामने आई है कि लापता अंश एक ट्रेन में बैठता हुआ दिखाई दे रहा है। जांच में पता चला है कि वह जिस ट्रेन में सवार हुआ, वह पंजाब की ओर जाने वाली पातालकोट एक्सप्रेस है। इस अहम सुराग के मिलते ही भोपाल पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए 10 से 12 विशेष टीमों को अंश की तलाश में रवाना कर दिया है। ये टीमें पातालकोट एक्सप्रेस के रूट पर पड़ने वाले सभी रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं और हर स्टॉपेज पर सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि बच्चे की सटीक लोकेशन का पता लगाया जा सके।
अस्पताल में भर्ती है मां, गलत हाथों में जाने की आशंका से पुलिस अलर्ट
इस संवेदनशील मामले में पुलिस को सबसे बड़ी चिंता इस बात की है कि अकेला मासूम कहीं किसी गलत हाथों या किसी गिरोह के चंगुल में न फंस जाए। बताया जा रहा है कि अंश अपने परिवार के साथ बाजपेयी नगर की एक बहुमंजिला रिहायशी इमारत में रहता है। बच्चे की मां इस समय गंभीर रूप से बीमार हैं और अस्पताल में उपचाराधीन हैं। घटना वाले दिन अंश अपने घर के बाहर खेल रहा था, तभी वह अचानक रहस्यमयी ढंग से गायब हो गया, जिसके बाद परिजनों ने तुरंत थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मानसिक रूप से अस्वस्थ संदिग्ध हिरासत में, प्रशासन ने घोषित किया 10 हजार का इनाम
परिजनों की शिकायत के बाद जब पुलिस ने घटना स्थल के पास के सीसीटीवी कैमरों की जांच की, तो वीडियो रिकॉर्डिंग में एक अज्ञात शख्स बच्चे के साथ घूमता हुआ नजर आया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में ले लिया है। हालांकि, शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि पकड़ा गया व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ है, जिसके कारण वह लापता बच्चे के संबंध में पुलिस को कोई साफ और स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहा है।
मामले की गंभीरता और बच्चे की सुरक्षा को देखते हुए जिला व पुलिस प्रशासन ने इस केस में इनामी घोषणा भी की है। प्रशासन के अनुसार, जो भी व्यक्ति इस लापता बच्चे (अंश) के बारे में कोई भी सटीक जानकारी या सुराग पुलिस को देगा, उसे 10 हजार रुपये की नकद इनाम राशि से पुरस्कृत किया जाएगा।
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