मध्य प्रदेश
दो गुटों में भिड़ंत के बाद ग्वालियर में फायरिंग, मुख्य आरोपी फरार
19 Jun, 2026 12:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर। शहर के सिरोल चौराहा स्थित एक शराब दुकान के पास देर रात दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष और ताबड़तोड़ फायरिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों पक्षों की तरफ से एक-दूसरे पर खुलेआम बंदूकें तान दी गईं और करीब 15 से ज्यादा राउंड गोलियां चलाई गईं। इस अचानक हुई गोलीबारी से पूरे इलाके में दहशत फैल गई और अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया।
यह वारदात रात लगभग 10:45 बजे सिरोल चौराहा क्षेत्र में घटित हुई। चश्मदीदों ने बताया कि शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस और गाली-गलौज हुई थी, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई और दोनों तरफ से हथियार निकल आए। गोलियों की गड़गड़ाहट सुनते ही सड़क पर मौजूद राहगीर अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित ठिकानों की ओर भागे, वहीं आस-पास के दुकानदारों ने डर के मारे तुरंत अपने शटर गिरा दिए।
पुरानी रंजिश और पैसों के लेनदेन का विवाद
सिरोल थाना पुलिस द्वारा की गई शुरुआती पड़ताल में यह बात सामने आई है कि यह पूरी वारदात गौरव दीक्षित और राजा यादव के गुटों के बीच हुई है। दोनों पक्षों में लंबे समय से पुरानी रंजिश चली आ रही थी, जिसके पीछे कथित तौर पर पैसों के लेनदेन का विवाद बताया जा रहा है। इसी तनातनी के चलते गुरुवार रात दोनों गुट आमने-सामने आ गए और विवाद खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया।
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात और संदिग्ध हिरासत में
फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना करते हुए वहां से चले हुए कारतूसों के खाली खोखे बरामद किए हैं। साथ ही, मौके से कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वारदात के मुख्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें बनाकर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
उपमुख्यमंत्री के शहर में रहते हुई दुस्साहसिक वारदात
यह वारदात उस समय हुई जब प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ग्वालियर शहर में ही मौजूद थे और एक स्थानीय वीरांगना मेला कार्यक्रम में शामिल हो रहे थे। वीआईपी मूवमेंट और कड़ी सुरक्षा के बीच शहर के मुख्य चौराहे पर हुई इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया और तफ्तीश की रफ्तार बढ़ा दी गई।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास (अटेंप्ट टू मर्डर), आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। फिलहाल हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है ताकि मुख्य आरोपियों तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।
पटवारियों को बड़ी राहत, वर्षों से जमे कर्मचारियों के तबादले फिर निरस्त
19 Jun, 2026 12:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। राजधानी भोपाल में पटवारियों के तबादलों को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक उलटफेर सामने आया है, जिसने सरकारी फैसलों की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी की गई स्थानांतरण सूची महज 24 घंटे के भीतर ही बदल दी गई। 15 जून को जिन पटवारियों को एक ही तहसील में लंबे समय से जमे होने के कारण हटाया गया था, उनमें से आधे से ज्यादा को अगले ही दिन 16 जून को बड़ी राहत मिल गई। संशोधित सूची जारी होते ही 46 में से 24 पटवारियों के नाम हटाकर उनके तबादले निरस्त कर दिए गए।
तहसील हुजूर और कोलार में 5 से 8 वर्षों से जमे अधिकांश पटवारियों को 15 जून की सूची में शामिल किया गया था, जिनमें से कुछ अपनी गृह तहसील में ही काम कर रहे थे। लेकिन 16 जून को कैबिनेट बैठक में तबादलों की समयसीमा बढ़ते ही देर रात नई सूची आई और कई नाम गायब हो गए। सूत्रों का कहना है कि हुजूर और कोलार क्षेत्र के इन पटवारियों ने अपने रसूख और प्रभावशाली संपर्कों का इस्तेमाल कर सूची से अपने नाम हटवा लिए।
विवादित और स्टिंग में आए नामों को भी मिली राहत
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि संशोधित सूची में उन पटवारियों को भी राहत दे दी गई जो पहले विवादों में रह चुके हैं। इनमें निधि नेमा और किशोर सिंह दांगी जैसे नाम शामिल हैं, जिनका दो साल पहले एक मीडिया स्टिंग ऑपरेशन में कथित तौर पर पैसों के लेन-देन से जुड़ा वीडियो सामने आया था। इसके अलावा सदाशिव गौंड, नरेंद्र रैकवार, केवल सिंह कौर, रेनु पटेल, बुजकिशोर नागर, अभिषेक शर्मा, मुकुल सराठे, दीक्षा शर्मा, संदीप शर्मा, प्रियंका सिंह, सौरभ सोलंकी, प्रदीप पटेल, पूजा ठाकुर और प्रियंका दुबे जैसे कई पटवारी साल 2015 से 2022 के बीच से लगातार हुजूर और कोलार क्षेत्र में ही पदस्थ हैं।
पटवारी ट्रांसफर: सबसे पहले देखें पहली जारी लिस्ट
तबादला नीति के नियमों और 20% सीमा का उल्लंघन
इस फेरबदल के बाद अब जिला प्रशासन की तबादला नीति भी सवालों के घेरे में आ गई है। नियमानुसार किसी भी जिले में कुल स्टाफ के 20 प्रतिशत से अधिक तबादले नहीं किए जा सकते। भोपाल में कुल 243 पटवारी पदस्थ हैं, जिसके हिसाब से अधिकतम 47 तबादले ही किए जा सकते थे। प्रशासन ने पहले दिन 46 तबादले किए और अगले दिन संशोधित सूची जारी कर दी, जिससे कुल ट्रांसफर संबंधी आदेशों की संख्या 76 तक पहुंच गई। जानकारों के मुताबिक निरस्त किए गए आदेश भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा गिने जाते हैं, जिससे तय सीमा का उल्लंघन साफ नजर आता है।
मैनुअल और ई-ऑफिस प्रक्रिया ने बढ़ाई शंका
आदेश जारी करने के तौर-तरीकों ने भी इस मामले को संदिग्ध बना दिया है। स्थानांतरण नीति की कंडिका-42 स्पष्ट कहती है कि सभी ट्रांसफर ऑर्डर ई-ऑफिस प्रणाली के जरिए ऑनलाइन जारी होने चाहिए। इसके बावजूद 15 जून का मूल आदेश अधिकारियों के पेन से हस्ताक्षर (मैनुअल) कर जारी किया गया, जबकि 16 जून का संशोधित आदेश ई-ऑफिस के माध्यम से निकाला गया। सबसे बड़ी बात यह है कि इस नए आदेश में पुराने आदेश को निरस्त करने का कोई साफ जिक्र भी नहीं है।
विधायक के क्षेत्र से जुड़े तार और राजनीतिक रसूख की चर्चा
संशोधित सूची से जिन 24 पटवारियों को राहत मिली है, उनमें से 20 हुजूर तहसील और 4 कोलार क्षेत्र के हैं। ये दोनों ही इलाके स्थानीय विधायक रामेश्वर शर्मा के विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं, जबकि बैरसिया इलाके से सिर्फ एक पटवारी का नाम हटाया गया है। इस असंतुलन के कारण प्रशासनिक गलियारों में राजनीतिक हस्तक्षेप की चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों की मानें तो रसूखदारों के दबाव में किए गए इस बदलाव की शिकायतें अब सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) तक पहुंच रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो सकती है।
16 जून को संशोधित ट्रांसफर लिस्ट जारी, कई नामों में फेरबदल
शिक्षक ट्रांसफर नियमों में बदलाव, 90% उपस्थिति अनिवार्य, असंतोष बढ़ा
19 Jun, 2026 10:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग में ट्रांसफर का इंतजार कर रहे अध्यापकों के लिए बड़ी खबर है। शिक्षकों के स्वैच्छिक स्थानांतरण (म्यूचुअल और वॉलंटरी ट्रांसफर) के लिए ऑनलाइन आवेदन की खिड़की आज यानी शुक्रवार, 19 जून से खुल गई है। इच्छुक शिक्षक 23 जून तक शिक्षा विभाग के ऑफिशियल 'एजुकेशन पोर्टल' पर जाकर अपनी पसंद के स्कूलों की चॉइस फिलिंग कर सकते हैं। इसके बाद विभाग 24 से 26 जून तक आवेदनों की स्क्रूटनी और प्रोसेसिंग करेगा। ट्रांसफर की अंतिम सूची और आदेश 28 से 30 जून के बीच ऑनलाइन जारी कर दिए जाएंगे, जिसके बाद चयनित शिक्षकों को 6 जुलाई तक हर हाल में नए स्कूल में जॉइनिंग लेनी होगी। आवेदन करते समय शिक्षकों को ध्यान रखना होगा कि बिना दस्तखत वाला ड्राफ्ट अपलोड करने पर फॉर्म फौरन खारिज कर दिया जाएगा।
इन श्रेणियों को मिलेगी प्राथमिकता, पोर्टल की कमी से एक दिन की देरी
इस स्थानांतरण प्रक्रिया में गंभीर रूप से बीमार शिक्षकों, विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्ता महिला शिक्षिकाओं को मानवीय आधार पर प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि वे अपने गृह जिले या मनचाही जगह पर पदस्थापना पा सकें। गौरतलब है कि ट्रांसफर के लिए आवेदन की कड़ी पहले 18 जून से ही शुरू होनी थी, परंतु विभाग के पोर्टल पर खाली पदों (वैकेंसी) का डेटा समय पर अपलोड न होने की वजह से इस प्रक्रिया में एक दिन का विलंब हुआ।
90% अटेंडेंस की अनिवार्य शर्त और सीनियरिटी खत्म होने का डर
भले ही ट्रांसफर पोर्टल आज से लाइव हो गया हो, लेकिन शैक्षणिक सत्र 2026-27 की नई तबादला नीति के कड़े नियमों को लेकर राज्यभर के शिक्षक संगठनों में भारी आक्रोश है। नई नीति के अनुसार, केवल वही शिक्षक आवेदन करने के योग्य माने जाएंगे जिनकी जनवरी से मार्च 2026 के बीच ऑनलाइन 'ई-अटेंडेंस' न्यूनतम 90 फीसदी या उससे अधिक रही हो। इससे कम हाजिरी वाले शिक्षक रेस से बाहर हो जाएंगे। इसके अतिरिक्त, सबसे विवादित नियम यह है कि स्वैच्छिक ट्रांसफर लेने वाले शिक्षकों की बरसों पुरानी विभागीय वरिष्ठता (सीनियरिटी) शून्य हो जाएगी और नई लिस्ट में उनका नाम सबसे नीचे आ जाएगा, जिसका सीधा नुकसान उनके भविष्य के प्रमोशन पर पड़ेगा।
जनगणना ड्यूटी और 3 साल का बैन; शिक्षक संगठनों ने खोला मोर्चा
नई गाइडलाइन के मुताबिक, एक बार अपनी मर्जी से ट्रांसफर लेने के बाद शिक्षक अगले 3 साल तक दोबारा आवेदन नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा, वर्तमान में देशव्यापी जनगणना के काम में लगे मध्य प्रदेश के करीब 80 हजार शिक्षकों को भी इस नीति से दूर रखा गया है; ड्यूटी पर तैनात इन शिक्षकों का अगर कोई प्रशासनिक ट्रांसफर ऑर्डर पहले जारी भी हुआ है, तो वह तत्काल प्रभाव से होल्ड माना जाएगा। इन अव्यावहारिक शर्तों, हाजिरी के कड़े नियमों और सीनियरिटी खत्म होने के क्लॉज को लेकर शिक्षक संघों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और पारिवारिक व स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर नियमों में ढील देने की मांग की है।
एमपी में बदला मौसम, 37 जिलों में आंधी-बारिश का खतरा
19 Jun, 2026 08:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में हो रही प्री-मानसून की बारिश और ठंडी हवाओं ने आम जनता को तपती गर्मी और लू के थपेड़ों से बड़ी राहत दी है। सूबे के कई हिस्सों में बादलों के डेरा डालने से मौसम सुहावना बना हुआ है। हालांकि, इस बार प्रदेशवासियों को रेगुलर मॉनसून के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा, क्योंकि इसके निर्धारित समय से थोड़ा विलंब से आने के आसार हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून के 23 से 24 जून के आसपास मध्य प्रदेश की सीमा में दाखिल होने की उम्मीद है।
आज 37 जिलों में अंधड़ और आकाशीय बिजली का खतरा
मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार, 19 जून 2026 को राज्य के एक बड़े भूभाग के लिए मौसम की चेतावनी जारी की है। विभाग ने मालवा-निमाड़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में उग्र वेदर सिस्टम एक्टिव होने की आशंका जताई है। इसके मद्देनजर भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर सहित कुल 37 जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को गरज-चमक के साथ तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने के प्रति सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।
येलो अलर्ट के दायरे में आने वाले प्रमुख क्षेत्र
मौसम विभाग की ओर से जिन 37 जिलों को विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा गया है, उनमें भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, गुना, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, रतलाम, देवास, छिंदवाड़ा, बालाघाट, शाजापुर, आगर, सीहोर, राजगढ़, मंदसौर, नीमच, अशोकनगर, डिंडौरी, शिवपुरी, दतिया, भिंड, सिवनी, मंडला, मुरैना, श्योपुरकलां, अनूपपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और पांढुर्णा शामिल हैं। इन क्षेत्रों में दिनभर बादलों की आवाजाही के साथ अचानक तेज हवाएं और बौछारें पड़ सकती हैं।
परीक्षा से पहले बड़ा कदम, MP में NEET के लिए चलेगी विशेष ट्रेन
19 Jun, 2026 08:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित होने जा रही है। पेपर लीक के विवाद के बाद पूर्व में हुई परीक्षा को रद्द कर सरकार इस बार इसे पूरी शुचिता और कड़े नियमों के साथ आयोजित करा रही है। मध्य प्रदेश में इस अहम परीक्षा को निष्पक्ष और बिना किसी गड़बड़ी के संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। सूबे की राजधानी भोपाल में ही कुल 13,774 परीक्षार्थी इस परीक्षा में बैठेंगे। छात्रों की सहूलियत और सुरक्षा के लिए पुलिस, रेल विभाग और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं।
कलेक्टर की सख्त हिदायत और सेंटरों पर कड़ा पहरा
भोपाल के जिला कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने परीक्षा को लेकर गुरुवार को सभी केंद्र प्रभारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। बैठक में अभ्यर्थियों के सेंटर पहुंचने के रास्तों, ट्रैफिक मैनेजमेंट और सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा हुई। परीक्षा के दौरान धांधली रोकने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और मोबाइल जैमर लगाए जा रहे हैं। साथ ही परीक्षा केंद्रों पर दो-स्तरीय (टू-टियर) सुरक्षा व्यवस्था तैनात रहेगी। छात्रों को समय का सही पता रहे, इसके लिए हर केंद्र के मुख्य द्वार पर एक बड़ी घड़ी लगाई जाएगी और निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए जनरेटरों का बैकअप तैयार रखा गया है।
परीक्षार्थियों की सहूलियत के लिए रेलवे की स्पेशल ट्रेन
दूर-दराज से आने वाले छात्रों को आवागमन में कोई असुविधा न हो, इसके लिए पश्चिम मध्य रेलवे ने इंदौर, भोपाल और रतलाम के बीच एक विशेष परीक्षा ट्रेन (स्पेशल ट्रिप) चलाने का फैसला किया है। 17 कोच वाली इस ट्रेन में 13 स्लीपर, 2 जनरल और 2 एसएलआर डिब्बे शामिल होंगे। यह स्पेशल ट्रेन मुख्य रूप से 20 जून को संचालित की जाएगी ताकि छात्र परीक्षा से एक दिन पहले ही अपने गंतव्य तक आराम से पहुंच सकें।
स्पेशल ट्रेन का समय और रूट शेड्यूल
रेलवे प्रशासन के अनुसार, गाड़ी संख्या 09354 इंदौर-भोपाल स्पेशल 20 जून को सुबह 11:25 बजे इंदौर से रवाना होगी। इसके बाद यह फतेहाबाद (दुपहर 12:00), बड़नगर (12:42), रतलाम (1:30), नागदा (2:23), उज्जैन (3:25), मक्सी (शाम 4:30), शुजालपुर (5:21), सीहोर (शाम 6:00) और बैरागढ़ होते हुए शाम को भोपाल स्टेशन पहुंचेगी।
वहीं, वापसी में गाड़ी संख्या 09353 भोपाल-रतलाम स्पेशल 20 जून की शाम 7:40 बजे भोपाल से चलकर संत हिरदाराम नगर (रात 8:08), सीहोर (8:34), शुजालपुर (8:59), मक्सी (9:59), उज्जैन (11:05) और नागदा (रात 12:05) होते हुए देर रात 12:55 बजे रतलाम पहुंचेगी।
राष्ट्रपति मुर्मु का बैतूल प्रथम आगमन पर परम्परागत लोक नृत्य की प्रस्तुति से किया स्वागत
18 Jun, 2026 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का गुरुवार को बैतूल प्रथम आगमन पर गोंडी जनजातीय कड़पड़ा दल के कलाकारों ने परंपरागत लोक नृत्य की प्रस्तुति कर राष्ट्रपति का स्वागत किया। राष्ट्रपति ब्रह्मकुमारी संस्थान द्वारा आयोजित “आध्यात्मिक जागृति से जनजातीय समाज का सशक्तिकरण” महासम्मेलन में शामिल हुईं। राष्ट्रपति मुर्मु के साथ ब्रह्मकुमारी संस्था के सदस्यों ने सामूहिक फोटो क्लिक करवाया।
राष्ट्रपति मुर्मु के आगमन पर घोड़ाडोंगरी विधायक गंगा उईके, भैंसदेही विधायक महेंद्र सिंह चौहान, मुलताई विधायक चंद्रशेखर देशमुख, आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर राष्ट्रपति का स्वागत किया।
राष्ट्रपति ने रुद्राक्ष का पौधा रोपा
राष्ट्रपति मुर्मु ने बैतूल के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में पवित्र एवं औषधीय गुणों से भरपूर रुद्राक्ष का पौधा लगाया। इस अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, केंद्रीय राज्य मंत्री जनजातीय कार्य विभाग दुर्गादास उइके, प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल उपस्थित थे।
ऐतिहासिक धरोहरों और जल संरचनाओं का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
18 Jun, 2026 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी प्राचीन बावड़ियाँ और जल संरचनाएँ हमारी समृद्ध वास्तुकला और उत्कृष्ट जल प्रबंधन की प्रतीक हैं। इन ऐतिहासिक धरोहरों को संजोकर रखना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को इंदौर के प्राचीन वीरगढ़ी हनुमान मंदिर परिसर में स्थित ऐतिहासिक एवं प्राचीन बावड़ी का अवलोकन कर यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की जनता की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को वैज्ञानिक पद्धति से जीर्णोद्धार, बावड़ी के मूल ऐतिहासिक स्वरूप को बिना नुकसान पहुँचाए, वैज्ञानिक पद्धति से इसकी सफाई और जीर्णोद्धार कार्य तत्काल प्रारंभ के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और आम जन की सुरक्षा के लिए बावड़ी के चारों ओर मजबूत सुरक्षा जाली अथवा रैलिंग अनिवार्य रूप से लगाई जाए। बावड़ी के प्राकृतिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए तकनीकी उपाय किए जाएं, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिल सके। मंदिर और बावड़ी के आस-पास के क्षेत्र का व्यवस्थित सौंदर्यीकरण किया जाए, जिससे यहाँ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समस्त विकास एवं जीर्णोद्धार कार्य एक निश्चित समय-सीमा तय कर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं।
नगरीय विकास प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सुमित मिश्रा, सुदर्शन गुप्ता, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार और कलेक्टर शिवम वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।
नारी सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार करने सभी की सहभागिता जरूरी : राष्ट्रपति मुर्मु
18 Jun, 2026 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मध्यप्रदेश भ्रमण के पहले दिन गुरुवार को बैतूल में आयोजित “आध्यात्मिक जागृति से जनजातीय समाज का सशक्तिकरण'' महासम्मेलन में विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी/स्टॉल का अवलोकन कर जनजातीय समुदाय की महिलाओं के द्वारा निर्मित पारंपरिक उत्पादों की प्रशंसा की। राष्ट्रपति मुर्मु ने महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बैतूल में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बैतूल जिले की स्व-सहायता समूह की महिलाएं सतपुडांचल प्रोड्यूसर कंपनी के माध्यम से रागी, कोदो, कुटकी ज्वार एवं बाजरा जैसे पोषक तत्वों से भरपूर श्रीअन्न से बने कुकीज, पास्ता, नूडल्स, इंस्टेंट इडली डोसा, मिक्स दलिया तथा अन्य स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों का निर्माण कर रही है। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, केन्द्रीय राज्य मंत्री जनजातीय कार्य विभाग श्री दुर्गादास उईके, प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल भी अवलोकन के दौरान उपस्थित रहे।
राष्ट्रपति मुर्मु ने वोकल फॉर लोकल, लखपति दीदी एवं आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में विभिन्न स्व-सहायता समूह द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि उत्पादों के निर्माण से महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है। स्व-सहायता समूह से जुड़ी हुए महिलाएं भारत को आत्मनिर्भर बनाने में अपनी महती जिम्मेदारी निभा रही हैं। प्रदर्शनी में सतपुडांचल प्रोड्यूसर कंपनी में 175 स्व-सहायता समूह के 2075 समूह विभिन्न प्रकार की गतिविधियों का संचालन कर प्रतिमाह 8 से 10 हजार रुपए की अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं।
राष्ट्रपति मुर्मु ने विशेष रूप से श्री अन्न से बने व्यंजनों की पोषण प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में 18 प्रकार के पौष्टिक व्यंजन प्रदर्शित किए गए थे। राष्ट्रपति ने गौशालाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का भी अवलोकन किया।
राष्ट्रपति मुर्मु ने भरेवा शिल्प कला के स्टॉल का भी अवलोकन किया। जनजातीय महिलाओं द्वारा पीतल, तांबा, कांसा आदि से निर्मित विशिष्ट धातु शिल्पों को प्रदर्शित किया गया। इस स्टॉल में राष्ट्रपति मुर्मु ने डोकरा कला के नाम से प्रसिद्ध धातु शिल्प निर्माण में जनजातीय महिलाओं की कुशलता और निपुणता की सराहना की। श्री बलदेव बाघमारे ने राष्ट्रपति को पीतल से निर्मित जनजातीय महिला की प्रतिमा भेंट की। राष्ट्रपति मुर्मु ने वन आधारित उत्पादों के स्टॉल का भी अवलोकन किया। स्टॉल में मुख्य रूप से नांदा फॉरेस्ट हनी, बैतूल सागौन और कुकरु कॉफी से आजीविका उद्यमिता एवं 'वोकल फॉर लोकल' अंतर्गत निर्मित उत्पादों को प्रदर्शित किया गया था।
तालाब एवं जल स्रोतों को करेंगे अतिक्रमण मुक्त: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
18 Jun, 2026 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शहर के तालाबों एवं उससे जुड़े जल मार्गों (चैनलों) पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिये विशेष अभियान चलाया जायेगा। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान में इंदौर शहर में 10 से अधिक बड़े तालाबों तथा 250 से अधिक कुओं और बावड़ियों के संरक्षण के लिये किये गये कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वच्छता में देश और दुनिया में अपनी पहचान स्थापित कर चुका इंदौर अब जल संरक्षण के क्षेत्र में भी अपनी उपलब्धियां दर्ज कर उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लिंबोदी तालाब के जीर्णोद्धार एवं सौदर्यीकरण के कार्यों का अवलोकन कर श्रमदान भी किया। उन्होंने लिंबोदी में जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल ही जीवन है, जल के बिना जीवन नीरस है। हम प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण करें और आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई करें। जल की एक-एक बूंद बचायें और जल को सहेजें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को इंदौर में करीब 100 वर्ष से अधिक पुराने लिंबोदी तालाब के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण के कार्यों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान में शहर के प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिये तालाबों, कुँओं एवं बावड़ियों का गहरीकरण एवं सफाई संबंधी कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरूआत गुड़ी-पड़वा से की थी। अभियान में अभी तक प्रदेश में 2 लाख से अधिक जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य किये जा चुके हैं।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में शहर के तालाबों, कुँओं और बावड़ियों के संरक्षण, जीर्णोद्धार और विकास के व्यापक कार्य किये जा रहे हैं। अमृत 2.0 के अंतर्गत भी तालाब संरक्षण एवं विकास कार्य जारी हैं, जिनमें स्टोन बोल्डर पिचिंग, टो-वॉल निर्माण, बंधान पर रैलिंग, इको फ्रेंडली पाथ-वे, स्टोन बेंच आदि कार्य किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक मधु वर्मा, जनप्रतिनिधि, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, अपर आयुक्त आशीष पाठक सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
राष्ट्रपति मुर्मु ने ओंकारेश्वर तीर्थ और ज्योतिर्लिंग ममलेश्वर के दर्शन कर किया अभिषेक
18 Jun, 2026 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार को म.प्र. यात्रा के पहले दिन तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में ओंकारेश्वर तीर्थ और द्वादश ज्योतिर्लिंग ममलेश्वर के दर्शन कर अभिषेक भी किया। उन्होंने ममलेश्वर और ओंकारेश्वर भगवान के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की।
राष्ट्रपति मुर्मु ने 12 ज्योतिर्लिंग में से एक ममलेश्वर मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश से पहले नंदी प्रतिमा पर बेलपत्र अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद मुख्य गर्भगृह में मुख्य पुजारियों द्वारा वैदिक रीति-रिवाज और विशेष मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव का अभिषेक और पूजन किया। राष्ट्रपति मुर्मु ने देशवासियों के कल्याण, सुख-समृद्धि तथा उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। ओंकारेश्वर तीर्थ के दर्शन के पहले राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।
ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के बाद खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने स्मृति चिह्न भेंट किया। क्षेत्रीय सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने भी राष्ट्रपति मुर्मु को स्मृति चिन्ह के रूप में नर्मदेश्वर शिवलिंग, शंख और भगवान ओंकारेश्वर तीर्थ का छायाचित्र भेंट किया। इस अवसर पर जनजाति कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह, क्षेत्रीय विधायक नारायण पटेल, इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, आईजी अनुराग सिंह व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई का बलिदान मातृभूमि सम्मान और स्वतंत्रता के लिये हर भारतीय को सदैव करता रहेगा प्रेरित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
18 Jun, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई का अद्वितीय साहस, अमर शौर्य और अदम्य राष्ट्रप्रेम संपूर्ण देश के लिए सदैव प्रेरणापुंज बना रहेगा। उनका बलिदान मातृभूमि के सम्मान और स्वतंत्रता के लिये सदैव हर भारतीय को प्रेरित करता रहेगा। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने अल्पायु में मातृभूमि की रक्षा और स्वाभिमान के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को इंदौर में वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर इंदौर में ऐतिहासिक किला मैदान स्थित वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा और चित्र पर माल्यार्पण किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार महापुरुषों और स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के गौरवशाली इतिहास को सहेजने तथा उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। इंदौर का यह ऐतिहासिक किला मैदान क्षेत्र भी हमारी ऐतिहासिक धरोहरों और महान वीरों की स्मृतियों का साक्षी है।
इस अवसर पर नगरीय विकास प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सुमित मिश्रा, सुदर्शन गुप्ता, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार और कलेक्टर शिवम वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।
अटल लोक बनेगा नया पर्यटन हब, 19.50 करोड़ की परियोजना को मंजूरी
18 Jun, 2026 08:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। ग्वालियर में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की यादों को संजोने के लिए बने 'अटल स्मारक' को अब एक नए और आधुनिक रूप में बदलने की तैयारी की जा रही है। इसे अब 'अटल लोक' के नाम से विकसित किया जाएगा। मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग इस पूरे परिसर को एक हाईटेक पर्यटन केंद्र और 'म्यूजियम ऑफ लीडरशिप एंड नेशन बिल्डिंग' का रूप देने जा रहा है। यहाँ आने वाले लोग आधुनिक तकनीक के जरिए अटल जी के जीवन, उनकी सोच, राजनीतिक यात्रा और देश के विकास में उनके योगदान को करीब से महसूस कर सकेंगे।
इस पूरे प्रोजेक्ट को तैयार करने में लगभग 19.50 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इस जगह को खास बनाने के लिए यहाँ डिजिटल गैलरी, होलोग्राम, रोबोटिक्स, प्रोजेक्शन मैपिंग और एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित सिस्टम जैसी एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद अटल लोक को देश का एक बड़ा और मशहूर पर्यटन स्थल बनाना है। यहाँ कदम रखते ही सैलानियों का स्वागत डिजिटल रिसेप्शन, बड़ी एलईडी स्क्रीन और अटल जी की एक शानदार डिजिटल प्रतिमा से होगा। इसके बाद अलग-अलग गैलरी के जरिए उनके बचपन, ग्वालियर से उनके जुड़ाव और देश के प्रधानमंत्री बनने तक के सफर को दिखाया जाएगा।
एआई मॉडल और रोबोटिक संसद होगी मुख्य आकर्षण
इस पूरे प्रोजेक्ट की सबसे अनोखी और खास बात यहाँ तैयार होने वाला अटल जी का एआई-आधारित ह्यूमनाइड (इंसान जैसा दिखने वाला) रोबोटिक मॉडल होगा। इसके लिए संसद सत्र की थीम पर एक छोटा थिएटर बनाया जाएगा, जहाँ लोग अटल जी के इस रोबोटिक रूप से सीधे सवाल पूछ सकेंगे और एआई की मदद से उन्हें अटल जी की आवाज और अंदाज में जवाब मिलेंगे। इस हिस्से को पूरे प्रोजेक्ट का सबसे खास और कीमती आकर्षण माना जा रहा है। इसके साथ ही, देश के इतिहास के दो बड़े पड़ावों यानी पोखरण परमाणु परीक्षण और कारगिल युद्ध के दृश्यों को भी आधुनिक तकनीक के जरिए जीवंत किया जाएगा।
जेल के दिनों की यादें और अन्य खास सुविधाएं
सैलानियों को अटल जी के संघर्ष के दिनों से रूबरू कराने के लिए आपातकाल (इमरजेंसी) के दौर पर आधारित एक विशेष गैलरी भी बनाई जाएगी। यहाँ उनके जेल जीवन, उनकी मशहूर कविताओं और उनकी जेल डायरी के अंशों को तकनीक के माध्यम से दिखाया जाएगा। इसके अलावा, यहाँ आने वाले लोगों के लिए डिजिटल ट्रिब्यूट वॉल, एक ऐसी रोबोटिक प्रणाली जो अटल जी के हस्ताक्षर करके देगी, 'सेल्फी विद अटल जी' का विकल्प, लीडरशिप पर आधारित मजेदार डिजिटल गेम्स और रूफटॉप कैफेटेरिया जैसी कई बेहतरीन सुविधाएं भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा होंगी।
साहस और संकल्प की मिसाल बनीं दीपिका गौतम, किलिमंजारो फतह पर मिला सम्मान
18 Jun, 2026 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। अफ्रीका महाद्वीप के सबसे ऊंचे और दुर्गम पर्वत शिखर माउंट किलिमंजारो पर सफलतापूर्वक विजय प्राप्त करने वाली जांबाज महिला पुलिस निरीक्षक दीपिका गौतम ने आज राजधानी भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय (PHQ) पहुंचकर पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना से सौजन्य मुलाकात की। इस गौरवपूर्ण अवसर पर डीजीपी कैलाश मकवाना ने इंस्पेक्टर दीपिका को उनकी इस असाधारण और ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि के लिए पूरे पुलिस महकमे की तरफ से बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
डीजीपी ने की मुक्तकंठ से प्रशंसा: कहा— यह सफलता महिला शक्ति और दृढ़ संकल्प का प्रतीक
मुलाकात के दौरान महिला अधिकारी के अदम्य साहस की सराहना करते हुए डीजीपी कैलाश मकवाना ने कहा कि यह ऐतिहासिक सफलता मध्यप्रदेश पुलिस बल की महिला अधिकारियों की अद्वितीय क्षमता, अटूट साहस, दृढ़ संकल्प और कार्य उत्कृष्टता का जीता-जागता उदाहरण है। उन्होंने रेखांकित किया कि इंस्पेक्टर दीपिका गौतम ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर यह मुकाम हासिल करके न केवल पुलिस विभाग का मान बढ़ाया है, बल्कि प्रदेश की लाखों महिलाओं, युवाओं और समस्त पुलिस बल को बड़े लक्ष्य तय करने और उन्हें कड़ी मेहनत से हासिल करने की एक नई प्रेरणा दी है।
यह कीर्तिमान रचने वाली मध्यप्रदेश पुलिस की पहली महिला अधिकारी बनीं दीपिका
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, भोपाल मुख्यालय के राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (SCRB) में पदस्थ इंस्पेक्टर दीपिका गौतम ने बीते 29 मई 2026 को अफ्रीका महाद्वीप की सर्वोच्च बर्फीली चोटी माउंट किलिमंजारो के 'गिल्मैन्स पॉइंट' (5,685 मीटर) पर कदम रखकर भारत के गौरवशाली तिरंगे और मध्यप्रदेश पुलिस के आधिकारिक ध्वज को पूरी शान से फहराया था। इस बेहद खास अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण अभियान में वे पूरे भारतवर्ष से प्रतिनिधित्व करने वाली एकमात्र प्रतिभागी थीं। इस अद्वितीय कीर्तिमान को अपने नाम दर्ज करने के साथ ही इंस्पेक्टर दीपिका गौतम प्रदेश पुलिस इतिहास की पहली ऐसी महिला अधिकारी बन गई हैं, जिन्होंने तंजानिया में स्थित इस विश्व प्रसिद्ध पर्वत शिखर पर फतह हासिल कर खाकी का गौरव वैश्विक स्तर पर चमकाया है।
हाड़ कंपा देने वाली ठंड और माइनस 15 डिग्री तापमान के बीच पूरा किया मिशन
गौरतलब है कि माउंट किलिमंजारो का यह पर्वतारोहण अभियान पांच दिनों का बेहद जोखिम भरा, चुनौतीपूर्ण और अत्यधिक कठिन मिशन था। इस मिशन के दौरान इंस्पेक्टर दीपिका को तीन बेहद खतरनाक बेस कैंपों को पार करना पड़ा। समिट के लिए अंतिम और सबसे मुख्य चढ़ाई रात के घने अंधेरे में शुरू की गई थी, जब पहाड़ों पर मौसम सबसे ज्यादा जानलेवा होता है।
चढ़ाई के दौरान वहां का तापमान गिरकर माइनस 10 से माइनस 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था और लगातार बर्फीले तूफानों व बदलते मौसम ने आगे बढ़ने की राह को लगभग नामुमकिन बना दिया था। इन तमाम प्राणघातक चुनौतियों और ऑक्सीजन की भारी कमी के बावजूद, इंस्पेक्टर दीपिका गौतम ने अपने अदम्य साहस, अद्वितीय धैर्य और फौलादी इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए इस मिशन को फतह कर इतिहास रच दिया।
सतना में चौंकाने वाला मामला—पिता की जगह क्लिनिक चला रहा 9वीं का छात्र
18 Jun, 2026 02:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही उजागर करने वाला एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के एक अस्पताल में ओपीडी काउंटर पर तैनात कर्मचारी की जगह उसका नाबालिग बेटा मरीजों की पर्ची काटते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। इस पूरी घटना का वहां मौजूद किसी शख्स ने वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है और लोग सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठा रहे हैं।
मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मामला
यह पूरा मामला मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है, जहां हर रोज करीब 200 से 300 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। नियमानुसार, अस्पताल में डॉक्टरों को दिखाने से पहले मरीजों को 10 रुपये का शुल्क देकर एक ओपीडी पर्ची बनवानी होती है, जिसमें मरीज का नाम, उम्र और बीमारी का विवरण दर्ज किया जाता है। इस महत्वपूर्ण काम के लिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा बकायदा जिम्मेदार कर्मचारियों की नियुक्ति की जाती है, लेकिन यहां नियमों को ताक पर रखकर एक नाबालिग बच्चे से यह काम कराया जा रहा था।
पिता की जगह ड्यूटी बजा रहा था नौवीं का छात्र
वायरल वीडियो की पड़ताल करने पर सामने आया कि ओपीडी काउंटर पर बैठकर पर्ची काट रहा बच्चा कक्षा 9वीं का छात्र है। उसके पिता इसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 'मल्टी स्किल कर्मचारी' के रूप में पदस्थ हैं। पिता ने अपनी जिम्मेदारी खुद निभाने के बजाय अपने नाबालिग बेटे को काउंटर पर बैठा दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कोई एक दिन का वाकया नहीं है, बल्कि वह बच्चा अक्सर नियमित रूप से यहां बैठकर पर्ची काटने का काम करता है। इस मामले को अब बाल श्रम के उल्लंघन और मरीजों की गोपनीय जानकारियों की सुरक्षा में बड़ी चूक से जोड़कर देखा जा रहा है।
विवाद बढ़ा तो बीएमओ ने दी अजीब सफाई
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की किरकिरी होने के बाद मझगवां के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. रूपेश सोनी ने मामले पर सफाई पेश की है। उन्होंने दलील देते हुए कहा कि जिस वक्त का यह वीडियो है, उस समय अस्पताल के नियमित कर्मचारी की ड्यूटी चित्रकूट मेले में लगा दी गई थी। इसी दौरान अस्पताल में अचानक मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिनमें कुछ बेहद गंभीर मरीज भी शामिल थे। बीएमओ के मुताबिक, आपातकालीन स्थिति में मरीजों का तुरंत पंजीयन करना बेहद जरूरी था, इसलिए अस्थायी व्यवस्था के तौर पर उस बच्चे की मदद ली गई और उसने पर्चियां काटीं।
ग्वालियर में दो महीने का ट्रैफिक बदलाव, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
18 Jun, 2026 11:58 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: शहर में चल रहे एलिवेटेड रोड निर्माण कार्य के चलते 19 जून से आगामी दो महीनों के लिए फूलबाग से गुरुद्वारा के बीच दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद रहेगी। इस संबंध में ट्रैफिक पुलिस द्वारा नई ट्रैफिक एडवाइजरी (डायवर्जन प्लान) जारी कर दी गई है।
इस मार्ग के बंद होने से अब मोती तबेला से मोती महल और एलआईसी तिराहा से पड़ाव आरओबी (पुल) तक यातायात का भारी दबाव बढ़ेगा, जिससे रोजाना गुजरने वाले आम राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
संकरे रास्ते और अतिक्रमण बनेगी सबसे बड़ी चुनौती
प्रशासन के लिए सिर्फ एडवाइजरी जारी करना काफी नहीं होगा, क्योंकि इस वैकल्पिक मार्ग पर जमीनी चुनौतियां बहुत ज्यादा हैं:
अवैध कब्जे: मोती तबेला से संकट मोचन हनुमान मंदिर और हाथी गेट तक सड़क के दोनों तरफ अवैध रूप से हाथ ठेले खड़े रहते हैं। दुकानदारों ने फुटपाथ तक टेबल-कुर्सियां लगा रखी हैं, जिसके चलते बाजार आने वाले लोग अपने वाहन बीच सड़क पर ही पार्क कर देते हैं।
बॉटलनेक और भीषण जाम: एलआईसी तिराहा से पड़ाव आरओबी की तरफ जाने वाले मार्ग के छोर पर संकरा रास्ता (बॉटलनेक) होने से आम दिनों में ही घंटों जाम लगा रहता है। अब जब दोनों तरफ का ट्रैफिक इसी रूट पर डायवर्ट होगा, तो स्थिति और बिगड़ेगी। इसके लिए यहां पर नियमित ट्रैफिक प्वाइंट लगाकर बारी-बारी से वाहनों को निकालना बेहद जरूरी होगा।
यह रहेगा नया डायवर्जन प्लान (New Traffic Plan)
निर्माण कार्य के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए निम्नलिखित वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं:
फूलबाग से गुरुद्वारा/नदीगेट जाने वाले वाहन: ये वाहन फूलबाग चौराहा से डायवर्ट होकर लाल बाल पाल मार्ग से हाथी वाला गेट और मोती तबेला होते हुए नदीगेट की तरफ जा सकेंगे।
पड़ाव पुल से नदीगेट जाने वाले वाहन: इन वाहनों को एलआईसी तिराहे से डायवर्ट किया जाएगा, जो मोती महल और मोती तबेला होते हुए नदीगेट पहुंचेंगे।
इंदरगंज, राम मंदिर, छप्परवाला पुल से फूलबाग जाने वाले वाहन: ये वाहन शिंदे की छावनी से गुरुद्वारा होकर यू-टर्न लेंगे और फिर मोती तबेला से मोती महल होते हुए आगे जाएंगे।
रामदास घाटी से फूलबाग जाने वाले वाहन: इस मार्ग के चालकों को नौगजा रोड वाले वैकल्पिक रास्ते का उपयोग करना होगा।
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