मध्य प्रदेश
NEET-UG को लेकर सख्त इंतजाम, नकल माफिया पर होगी नजर
18 Jun, 2026 11:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट यूजी' (NEET-UG) के 21 जून को होने वाले दोबारा एग्जाम (री-एग्जाम) को लेकर मध्य प्रदेश शासन और पुलिस प्रशासन ने पूरी तरह कमर कस ली है। पेपर लीक, नकल और किसी भी तरह की सुरक्षा चूक को रोकने के लिए इस बार 'जीरो टॉलरेंस' (शून्य सहनशीलता) की सख्त नीति अपनाई गई है। परीक्षा के दौरान इंटरनेट और सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अनैतिक या संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के लिए विशेष रूप से साइबर एक्सपर्ट्स और कमांडो को मैदान में उतारा जा रहा है।
38 साइबर कमांडो रखेंगे नजर, DGP के कड़े निर्देश
मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना ने प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SPs) को लिखित निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत प्रश्नपत्रों के बैंक पहुंचने से लेकर परीक्षा संपन्न होने तक हर एक चरण की कड़ी निगरानी की जाएगी। इस बार राज्य के 283 परीक्षा केंद्रों पर करीब 1.18 लाख परीक्षार्थी शामिल होने जा रहे हैं। सोशल मीडिया और इंटरनेट पर पेपर लीक जैसी भ्रामक अफवाहों को रोकने के लिए 38 हाई-टेक साइबर कमांडो तैनात किए जा रहे हैं, जो संदिग्ध अकाउंट्स और ग्रुप्स पर 24 घंटे नजर रखेंगे।
सभी कप्तानों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे 20 जून तक अनिवार्य रूप से अपने-अपने क्षेत्रों के परीक्षा केंद्रों, प्रश्नपत्र भंडारण स्थलों (स्ट्रांग रूम) और संबंधित बैंकों का खुद दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लें। इसके साथ ही सेंटर्स पर लगे सीसीटीवी कैमरों, मेटल डिटेक्टरों और अभ्यर्थियों की एंट्री व्यवस्था का भी भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
अंतिम 72 घंटों की विशेष घेराबंदी और सघन चेकिंग
परीक्षा के ठीक पहले के अंतिम 72 घंटे बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं, जिसके लिए पुलिस प्रशासन ने विशेष सर्विलांस (निगरानी) प्लान तैयार किया है। इसके तहत सभी जिलों के होटलों, लॉज, गेस्ट हाउसों और बड़े कोचिंग संस्थानों की औचक चेकिंग की जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गिरोह या सॉल्वर गैंग की एंट्री को रोका जा सके। मध्य प्रदेश के चार बड़े महानगरों—इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर—में परीक्षार्थियों की भारी संख्या को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल और विशेष सुरक्षा टीमों को तैनात किया गया है।
टेलीग्राम पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध
इस बार की सुरक्षा व्यवस्था में सबसे बड़ा और कड़ा कदम उठाते हुए प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'टेलीग्राम' (Telegram) पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है। यह पाबंदी 22 जून तक प्रभावी रहेगी। नीट यूजी परीक्षा का आयोजन करने वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की विशेष सिफारिश पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा यह आपातकालीन कदम उठाया गया है। इसके लिए सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (IT Act) की धारा 69A के तहत आधिकारिक आदेश जारी किया है, ताकि टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए होने वाले किसी भी संभावित पेपर लीक या फर्जी दावों को पूरी तरह ब्लॉक किया जा सके।
दिग्विजय सिंह ने RSS पर साधा निशाना, रजिस्ट्रेशन और वित्तीय व्यवस्था पर उठाए प्रश्न
18 Jun, 2026 11:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीहोर। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की कार्यप्रणाली, उसके पंजीकरण और मिलने वाले फंड को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इसके साथ ही उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर भी तीखा जुबानी हमला बोला है। कांग्रेस नेता ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर संघ के पास आने वाले पैसों और उसके स्रोतों की गहन जांच कराने की मांग की है।
पंजीकरण और बैंक खातों के नियमों का दिया हवाला
अपने निर्धारित दौरे पर सीहोर पहुंचे दिग्विजय सिंह ने अनौपचारिक बातचीत के दौरान देश के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि भारत में किसी भी प्रकार की समिति, संस्था या बड़े आयोजन के संचालन के लिए उसका आधिकारिक रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) और बैंक खाता होना कानूनी रूप से अनिवार्य है। उन्होंने दावा किया कि आरएसएस एक ऐसी बड़ी संस्था है, जिसका कोई ऑफिशियल रजिस्ट्रेशन नहीं है। ऐसे में सवाल उठता है कि संस्था के पास आने वाला भारी-भरकम पैसा आखिर किस खाते में जाता है? इसकी एक उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच होनी बेहद जरूरी है।
चंपत राय पर साधा निशाना, व्यवस्था को बताया बदतर
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पर सीधा आरोप लगाते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि धार्मिक नगरी में इस समय कथित रूप से विसंगतियों और भ्रष्टाचार का माहौल बना हुआ है। उन्होंने चंपत राय को इस पूरी व्यवस्था का सर्वेसर्वा बताते हुए उनके कामकाज पर गंभीर सवाल दागे। इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री ने देश और विशेषकर मध्य प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक व प्रशासनिक व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासनिक स्तर पर इससे ज्यादा बदतर हालात उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में पहले कभी नहीं देखे।
वित्त मंत्री से सामाजिक कार्यकर्ता के पत्र के आधार पर जांच की मांग
कांग्रेस नेता ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से अपील की है कि आरएसएस को मिलने वाले सभी प्रकार के गुप्त और प्रत्यक्ष दानों की पारदर्शिता की जांच की जाए। अपने दावों को मजबूती देने के लिए उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता मोहनीश जबलपुरे के एक पत्र का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जबलपुरे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, स्वयं आरएसएस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए दावा किया था कि उन्होंने देश भर में 7 करोड़ से ज्यादा भोजन के पैकेट, एक करोड़ से अधिक राशन सामग्री के थैले और लाखों की संख्या में अन्य राहत सामग्रियां बांटी हैं। दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाया कि इतने बड़े पैमाने पर किए गए खर्च और सामग्रियों का वित्तीय स्रोत क्या था, इसकी सच्चाई देश के सामने आनी चाहिए।
Madhya Pradesh में समान नागरिक संहिता लागू करने की तैयारी के संकेत
18 Jun, 2026 11:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को जल्द ही अमलीजामा पहनाया जा सकता है। राज्य सरकार ने इस दिशा में अपनी कवायद काफी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ संकेत दिए हैं कि आगामी मानसून सत्र में सरकार इस ऐतिहासिक विधेयक को विधानसभा में पेश कर पारित करा सकती है। इस कानून को लेकर व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एक अनूठा कदम उठाते हुए मोबाइल संदेशों (मैसेज) के जरिए आम जनता से ‘हां’ या ‘ना’ में राय भी मांगी है। मध्य प्रदेश सरकार का यह प्रस्तावित यूसीसी कानून मुख्य रूप से चार मजबूत सामाजिक स्तंभों पर आधारित होगा।
इस कानून का पूरा ढांचा मुख्य रूप से विवाह, तलाक और भरण-पोषण (गुजारा भत्ता), उत्तराधिकार व संपत्ति के अधिकार, और आधुनिक लिव-इन संबंधों को विनियमित करने के लिए तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को जटिल कानूनी और अदालती प्रक्रियाओं से बचाना है। यूसीसी का यह महत्वपूर्ण ड्राफ्ट सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित एक 7 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति ने तैयार किया है।
लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर कड़े और सुरक्षात्मक प्रावधान
प्रस्तावित यूसीसी कानून में सरकार ने आधुनिक सामाजिक प्राथमिकताओं को देखते हुए लिव-इन रिलेशनशिप पर विशेष फोकस किया है। इसके तहत लिव-इन में रहने वाले जोड़ों के लिए पंजीकरण को अनिवार्य बनाने के साथ-साथ कई सुरक्षात्मक नियम तय किए गए हैं। सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि लिव-इन रिलेशनशिप के दौरान पैदा होने वाले बच्चों को पूरी तरह से कानूनी संरक्षण दिया जाएगा। ऐसे बच्चों को अपने माता-पिता की संपत्ति पर सामान्य बच्चों की तरह ही पूरा बायोलॉजिकल (जैविक) उत्तराधिकार मिलेगा। इसके अलावा, यदि लिव-इन पार्टनर आपस में अलग होते हैं, तो महिलाओं को भरण-पोषण के लिए उचित वित्तीय सहायता पाने का कानूनी अधिकार भी दिया जाएगा।
संपत्ति, धर्म और जेंडर को लेकर लैंगिक समानता पर जोर
राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए इस मसौदे में धर्मनिरपेक्षता और लैंगिक समानता (जेंडर इक्वालिटी) को सबसे ऊपर रखा गया है। नए नियमों के आने के बाद पैतृक और अर्जित संपत्ति पर महिला और पुरुष दोनों को बिल्कुल बराबर का हक मिलेगा। इसके साथ ही, किसी भी धर्म में चल रहे एकतरफा या भेदभावपूर्ण तलाक कानूनों को पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा। अब किसी भी प्रकार के तलाक को तभी वैध माना जाएगा, जब उसका अदालत (कोर्ट) में बकायदा पंजीकरण कराया जाएगा। तलाक के बाद मिलने वाला गुजारा भत्ता भी बिना किसी धार्मिक भेदभाव के सभी वर्गों की महिलाओं के लिए एक समान और न्यायसंगत रखा गया है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मामले पर अपना कड़ा रुख साफ करते हुए कहा है कि वे किसी भी तरह के राजनीतिक विरोध के सामने पीछे हटने वाले नहीं हैं और प्रदेश में सामाजिक समानता लाने के लिए इस कानून को जल्द से जल्द लागू करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
NEET-UG 2026: पेपर लीक रोकने के लिए मध्य प्रदेश में खास सुरक्षा इंतजाम
18 Jun, 2026 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी (NEET-UG) का आगामी 21 जून को पुनः आयोजन होने जा रहा है, जिसे लेकर शासन और पुलिस प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार परीक्षा की शुचिता बनाए रखने और पेपर लीक जैसी गंभीर गड़बड़ियों को रोकने के लिए 'जीरो टॉलरेंस' यानी शून्य सहनशीलता की सख्त नीति लागू की गई है। परीक्षा केंद्रों के आसपास और इंटरनेट मीडिया पर किसी भी प्रकार की संदिग्ध या अनैतिक गतिविधियों को नाकाम करने के लिए इस बार विशेष रूप से साइबर एक्सपर्ट्स की तैनाती की जा रही है, जो पल-पल की गतिविधियों पर पैनी नजर रखेंगे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और साइबर कमांडो की मुस्तैदी
इस देशव्यापी परीक्षा को निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने राज्य के सभी जिला कप्तानों को प्रश्न पत्रों की सुरक्षा से लेकर परीक्षा समाप्ति तक हर एक चरण की कड़ाई से निगरानी करने के आदेश दिए हैं। इस वर्ष प्रदेश भर में बनाए गए 283 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 1.18 लाख अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर परीक्षा से जुड़ी किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए 38 विशेष साइबर कमांडो को मोर्चे पर लगाया गया है। इसके साथ ही सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे 20 जून तक अनिवार्य रूप से परीक्षा केंद्रों, प्रश्न पत्र रखने के स्ट्रॉन्ग रूम और संबंधित बैंकों का भौतिक निरीक्षण करें तथा वहां सीसीटीवी कैमरों, मेटल डिटेक्टरों और सुरक्षा घेरे की बारीकी से जांच करें।
आखिरी 72 घंटों में सघन चेकिंग अभियान
परीक्षा के आयोजन से ठीक पहले के 72 घंटे बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं, जिसके लिए पुलिस प्रशासन ने एक विशेष निगरानी योजना तैयार की है। इसके तहत परीक्षा वाले शहरों के सभी प्रमुख होटलों, लॉज, गेस्ट हाउस और निजी कोचिंग संस्थानों की सघन चेकिंग की जाएगी ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। विशेष रूप से राज्य के बड़े परीक्षा केंद्रों वाले शहरों जैसे इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं, जहां पुलिस बल की तैनाती आम दिनों से ज्यादा रहेगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर लगाम
परीक्षा के दौरान डिजिटल माध्यमों से होने वाली गड़बड़ियों और पेपर लीक के खतरों को पूरी तरह समाप्त करने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। इसके तहत लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'टेलीग्राम' की सेवाओं पर 22 जून तक के लिए अस्थाई रूप से पाबंदी लगा दी गई है। यह कड़ा फैसला नीट यूजी परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की विशेष अनुशंसा पर केंद्र सरकार द्वारा लिया गया है। इस प्रतिबंध को लेकर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act), 2000 की धारा 69A के तहत आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं, ताकि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनी रहे।
मां अस्पताल में, बेटा अचानक लापता; भोपाल पुलिस का बड़ा सर्च ऑपरेशन जारी
18 Jun, 2026 10:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। राजधानी के कोहेफिजा थाना क्षेत्र अंतर्गत बाजपेयी नगर की एक बहुमंजिला इमारत से मंगलवार (16 जून) को एक 6 वर्षीय मासूम बच्चा, अंश मैना, रहस्यमयी परिस्थितियों में गुमशुदा हो गया। बच्चे के अचानक गायब होने से हड़कंप मच गया है और परिजनों की रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नरेट के जोन-3 के अंतर्गत आने वाले 9 थानों की पुलिस टीमें बच्चे की सरगर्मी से तलाश में जुट गई हैं, हालांकि अभी तक उसका कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।
घर के बाहर खेलते समय हुआ गायब
लापता मासूम अंश का परिवार बाजपेयी नगर के एक आवासीय परिसर में निवास करता है। बताया जा रहा है कि बच्चे की माताजी इस समय गंभीर बीमारी के चलते अस्पताल में उपचाराधीन हैं। मंगलवार को अंश रोज की तरह अपने घर के समीप खेल रहा था, तभी अचानक वह ओझल हो गया। काफी समय बीतने के बाद भी जब वह वापस नहीं आया, तो परिवार वालों ने अपने स्तर पर उसकी खोजबीन शुरू की। हर संभावित स्थान पर ढूंढने के बाद भी जब मासूम का कुछ पता नहीं चला, तो बदहवास परिजनों ने तुरंत कोहेफिजा थाना पुलिस को मामले की जानकारी दी।
प्रमुख ठिकानों पर पुलिस का सघन तलाशी अभियान
शिकायत मिलते ही कोहेफिजा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रात में ही विशेष चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने शहर के मुख्य और संवेदनशील ठिकानों जैसे भोपाल रेलवे स्टेशन, प्रमुख बस स्टैंडों, गांधीनगर, लालघाटी तथा आस-पास के इलाकों में रात भर छानबीन की। बुधवार को भी दिन भर पुलिस बल शहर के विभिन्न हिस्सों में सुराग तलाशने का प्रयास करता रहा, लेकिन शुरुआत में पुलिस को कोई बड़ी सफलता नहीं मिल सकी।
सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग और इनाम की घोषणा
मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए जब पुलिस ने घटनास्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की, तो उसमें एक संदिग्ध व्यक्ति मासूम बच्चे के साथ जाता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस शख्स को अपनी कस्टडी में ले लिया है, जिससे पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पकड़ा गया व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ है, जिसके कारण वह बच्चे के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहा है। इस बीच, पुलिस प्रशासन ने बच्चे का पता लगाने के लिए आम जनता से सहयोग मांगा है और घोषणा की है कि मासूम अंश के बारे में पुख्ता जानकारी देने वाले व्यक्ति को 10 हजार रुपये की नकद इनाम राशि दी जाएगी।
मानसून के चलते 3 महीने तक नहीं कर पाएंगे टाइगर-चीता का दीदार, एमपी के 10 पार्क रहेंगे बंद
18 Jun, 2026 10:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। वन्यजीवों से प्रेम करने वाले और जंगल सफारी का आनंद लेने वाले पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। मध्य प्रदेश के 10 प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान और बाघ अभयारण्य (टाइगर रिजर्व) आगामी तीन महीनों के लिए बंद होने जा रहे हैं। सैलानी 30 जून 2026 की शाम तक ही राज्य की इस समृद्ध प्राकृतिक संपदा और वन्यजीवों का दीदार कर सकेंगे, जिसके बाद 1 जुलाई से इनके प्रवेश द्वार आम जनता के लिए पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद ये पार्क दोबारा सितंबर के अंतिम दिनों या अक्टूबर के पहले हफ्ते में पर्यटकों के स्वागत के लिए खोले जाएंगे।
मानसून में बंद करने के मुख्य कारण
वर्षा ऋतु के दौरान राष्ट्रीय उद्यानों और टाइगर रिजर्व को बंद करने के पीछे कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और प्रशासनिक कारण हैं। मानसून का यह समय वन्यजीवों के संभोग और प्रजनन (ब्रीडिंग सीजन) का होता है, इसलिए जंगलों में इंसानी दखलंदाजी को रोक दिया जाता है ताकि जानवरों को एक सुरक्षित, तनावमुक्त और शांत वातावरण मिल सके। इसके अतिरिक्त, लगातार बारिश की वजह से जंगलों के भीतर बने कच्चे रास्ते बेहद खराब और दलदली हो जाते हैं, जिससे वहां सफारी वाहनों को चलाना असुरक्षित हो जाता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसी अवधि में वन विभाग बड़े पैमाने पर पौधरोपण और जंगलों के मुख्य हिस्सों (कोर एरिया) के रखरखाव के कार्यों में व्यस्त रहता है, हालांकि कुछ पार्कों के केवल बफर जोन वाले हिस्से ही इस दौरान सीमित गतिविधियों के लिए खुले रखे जाते हैं।
पर्यटकों के लिए जून का महत्व
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, जून का महीना सैलानियों और जंगल के जानवरों दोनों के लिए बेहद खास माना जाता है। अप्रैल और मई की झुलसाने वाली तपिश के बाद इस महीने में मौसम थोड़ा सुहावना होने लगता है। प्री-मानसून की शुरुआती बौछारों और बदली के कारण जानवर घने जंगलों की गहराई से निकलकर खुले मैदानों और जलाशयों के आसपास आने लगते हैं। इस मौसम में बाघ, चीता और तेंदुए जैसे बड़े हिंसक जीवों (बिग कैट्स) को आसानी से देखा जा सकता है, जो अक्सर खुले रास्तों पर चहलकदमी करते नजर आते हैं और पर्यटकों को उनके करीब से दीदार का मौका मिल जाता है।
Mohan Yadav की मौजूदगी में होगा विकास परियोजना का शुभारंभ
18 Jun, 2026 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंदौर: इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर प्रोजेक्ट का बहुप्रतीक्षित भूमि पूजन आगामी 20 जून को इंदौर जिले के चंद्रावतीगंज में आयोजित होने जा रहा है। इस बेहद महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। यह विशेष कॉरिडोर साल 2028 में होने वाले भव्य सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है, जिससे भविष्य में मालवा आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और आम यात्रियों को सुगम यातायात की बड़ी सौगात मिलेगी।
इस बड़े आयोजन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और कलेक्टर शिवम वर्मा ने चंद्रावतीगंज के सागर गार्डन पहुंचकर व्यवस्थाओं की जमीनी समीक्षा की। अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का पूरा दौरा कर मंच, सुरक्षा, पार्किंग, बैठक व्यवस्था, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को समय से पहले दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
कैसा होगा कॉरिडोर? प्रोजेक्ट की प्रमुख बातें
लंबाई और स्वरूप: यह नया कॉरिडोर लगभग 48.10 किलोमीटर लंबा होगा, जिसे आधुनिक एक्सेस-कंट्रोल्ड फोरलेन के रूप में विकसित किया जा रहा है। भविष्य में इसे और चौड़ा करने की संभावनाओं को भी खुला रखा गया है।
शुरुआत और अंत: यह मार्ग इंदौर के पितृ पर्वत क्षेत्र के पास से शुरू होकर सीधे उज्जैन के सिंहस्थ बायपास क्षेत्र तक जुड़ेगा।
बजट और निर्माण: मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) इस प्रोजेक्ट की निर्माण एजेंसी है। हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत बनने वाले इस पूरे प्रोजेक्ट की निर्माण अनुबंध लागत लगभग 1,089 करोड़ रुपये आंकी गई है।
समय सीमा: निर्माण एजेंसी को इस कार्य को पूरा करने के लिए 24 महीने (2 साल) का समय दिया गया है ताकि सिंहस्थ-2028 के शुरू होने से पहले ही इसे आम जनता के लिए पूरी तरह खोल दिया जाए।
इस नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से होने वाले बड़े फायदे
समय की भारी बचत: इस नए रूट के बनने के बाद इंदौर से उज्जैन के बीच का सफर महज 30 से 35 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।
ट्रैफिक से मिलेगी मुक्ति: वर्तमान में इंदौर-उज्जैन हाईवे पर वाहनों के चलने वाले भारी दबाव में बड़ी कमी आएगी, जिससे सड़क हादसों पर भी रोक लगेगी।
बेहतर कनेक्टिविटी: इंदौर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और उज्जैन शहर के बीच एक सीधा और तेज संपर्क स्थापित हो जाएगा, जो विमान यात्रियों के लिए बेहद सुविधाजनक होगा।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: बाबा महाकाल लोक और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए मालवा की राह बेहद आसान हो जाएगी।
मालवा के विकास में क्यों मील का पत्थर है यह परियोजना?
इस कॉरिडोर को केवल एक सामान्य सड़क परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि मालवा क्षेत्र के एक बड़े आर्थिक, धार्मिक और पर्यटन कॉरिडोर के रूप में देखा जा रहा है। यह मार्ग न केवल दो प्रमुख शहरों की दूरी को कम करेगा, बल्कि आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों, व्यापारिक केंद्रों और धार्मिक स्थलों को आपस में जोड़कर पूरे रीजन के आर्थिक विकास को एक नई रफ्तार देगा। यही वजह है कि सरकार और प्रशासन इस पूरे प्रोजेक्ट को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
शिवपुरी हादसा: धमाके के बाद मकान ढहा, इलाके में मचा हड़कंप
18 Jun, 2026 10:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिवपुरी: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के गुड़र गांव से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहां एक घर में अचानक गैस सिलेंडर फटने से बड़ा धमाका हो गया। इस जोरदार विस्फोट के कारण मकान की छत और दीवारें ढह गईं। मलबे में दबने और भीषण आग की चपेट में आने से 4 साल की मासूम बच्ची जाह्नवी प्रजापति की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में परिवार के 4 अन्य लोग भी गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें नाजुक हालत में शिवपुरी मेडिकल कॉलेज से प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है।
नाश्ता बनाते समय हुआ जोरदार धमाका
स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह दर्दनाक हादसा बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे गांव के रहने वाले प्राणसिंह प्रजापति के घर पर हुआ। उस समय प्राणसिंह की पत्नी रोशनी प्रजापति अपनी बेटी जाह्नवी को स्कूल भेजने की तैयारी कर रही थीं और रसोई में एलपीजी गैस चूल्हे पर नाश्ता बना रही थीं। इसी दौरान अचानक गैस सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि पल भर में मकान की दो दीवारें भरभराकर ढह गईं और पक्की छत भी नीचे गिर गई।
परिजनों को बचाने की कोशिश में दादा भी झुलसे
विस्फोट की आवाज सुनकर घर के बाहर बैठे प्राणसिंह के पिता फूल सिंह प्रजापति भीतर फंसे अपने परिवार के सदस्यों को बचाने के लिए तुरंत अंदर भागे, लेकिन वे भी आग की लपटों की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई, जिसे सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मदद के लिए दौड़े। ग्रामीणों ने अपनी तरफ से राहत और बचाव कार्य शुरू करने के साथ ही तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को इस घटना की सूचना दी।
मलबे से बरामद हुआ मासूम का शव
सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद घर में लगी आग पर काबू पाया। इसके बाद मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए जेसीबी मशीन बुलाई गई। मलबे को हटाने पर 4 वर्षीय मासूम जाह्नवी का शव बरामद हुआ। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है। शुरुआती जांच में हादसे की वजह गैस रिसाव और सिलेंडर का फटना माना जा रहा है, हालांकि प्रशासन घटना के सटीक कारणों का पता लगाने में जुटा है।
PCC की सख्ती: 3 दिनों में जवाब तलब, संगठन में बढ़ी हलचल
18 Jun, 2026 08:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश से कांग्रेस की एकमात्र राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद प्रदेश की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। इस फैसले के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य के अलग-अलग शहरों और जिलों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर जोरदार प्रदर्शन किया। हालांकि, पार्टी के इस देशव्यापी और राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन में शामिल न होने वाले जिला अध्यक्षों और जिला समितियों पर अब संगठन ने सख्त रुख अपना लिया है।
लापरवाह जिला अध्यक्षों को नोटिस, तीन दिनों में मांगा जवाब
पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद जिन जिला अध्यक्षों और जिला समितियों ने पुतला दहन और विरोध प्रदर्शन कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लिया था, उन पर अब बड़ी गाज गिरने वाली है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) मुख्यालय ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए ऐसे सभी पदाधिकारियों को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया है। इन सभी से तीन दिनों के भीतर लिखित में जवाब मांगा गया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यदि तय समय में संतोषजनक उत्तर नहीं मिला, तो इन पदाधिकारियों के खिलाफ बड़ी संगठनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
नामांकन खारिज होने से लेकर कोर्ट तक का पूरा विवाद
मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव की प्रक्रिया चल रही थी, जिसके लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल ने अपना नामांकन दाखिल किया था, जबकि कांग्रेस ने पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को अपना उम्मीदवार बनाया था। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि तेलंगाना में दर्ज एक पुराने कानूनी मामले की जानकारी मीनाक्षी नटराजन ने अपने हलफनामे में छिपाई है, जिसके आधार पर रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन रद्द कर दिया।
कांग्रेस उम्मीदवार का पर्चा खारिज होते ही भाजपा ने रणनीतिक कदम उठाते हुए अपने तीसरे उम्मीदवार महेश केवट को मैदान में उतार दिया। इसके चलते भाजपा के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध राज्यसभा चुनाव जीत गए। इस झटके के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग और भाजपा के खिलाफ भोपाल से लेकर दिल्ली तक सड़कों पर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही पार्टी ने कानूनी लड़ाई लड़ते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन वहां से भी कांग्रेस को कोई राहत नहीं मिली।
शहर में इंजीनियरिंग की लापरवाही का नया उदाहरण सामने आया
18 Jun, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में खराब इंजीनियरिंग और लचर प्लानिंग का एक और अजीबोगरीब नमूना सामने आया है। ऐशबाग के बहुचर्चित '90 डिग्री ब्रिज' के बाद अब वार्ड 32 में फुटपाथ पर ऐसी प्रशासनिक 'कारीगरी' दिखाई दी है, जिसने पैदल चलने वाले राहगीरों के लिए बने फुटपाथ को एक बंद पिंजरे में तब्दील कर दिया है। शहर के सौंदर्यीकरण और सुरक्षा के नाम पर सड़क किनारे करीब 3 फीट ऊंची लोहे की मजबूत जाली (फेंसिंग) खड़ी कर दी गई है, जिससे आम जनता का फुटपाथ तक पहुंचना पूरी तरह नामुमकिन हो गया है।
पार्षद निधि से कराए जा रहे इस काम को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है, क्योंकि लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी यह फुटपाथ आम जनता के लिए पूरी तरह अनुपयोगी साबित हो रहा है।
दोनों तरफ से बंद हुआ रास्ता, कट पॉइंट्स पर ठेलों का कब्जा
इस नए निर्माण के बाद धरातल पर स्थिति यह हो गई है कि फुटपाथ के एक तरफ पहले से ही 3 फीट ऊंची पक्की दीवार बनी हुई थी और अब दूसरी तरफ भी 3 फीट ऊंची लोहे की जाली ठोक दी गई है। इसके चलते फुटपाथ बीच में पूरी तरह लॉक हो गया है। राहगीरों के आने-जाने के लिए पूरी पट्टी पर गिने-चुने 'कट पॉइंट' (रास्ते) छोड़े गए थे, लेकिन उन पर भी स्थानीय ठेले वालों और अतिक्रमणकारियों ने अपना कब्जा जमा लिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि धरातल की स्थिति और व्यावहारिक दिक्कतों को देखे बिना ऐसी दोषपूर्ण डिजाइन को कैसे मंजूरी मिल जाती है? यदि कोई बस या सार्वजनिक वाहन से सड़क पर उतरता है, तो वह चाहकर भी फुटपाथ पर नहीं चढ़ सकता।
पार्षद और अधिकारियों की सफाई; डिजाइन बदलने का दावा
इस मामले पर चौतरफा घिरने के बाद नगर निगम के अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अपनी सफाई पेश की है:
ईई एनके डेहरिया (नगर निगम): उन्होंने बताया कि इस निर्माण को लेकर संबंधित इंजीनियर से विस्तृत जानकारी मांगी गई है कि यह काम किस मद से और किस प्रक्रिया के तहत स्वीकृत हुआ था। यदि जनता को परेशानी हो रही है, तो इसमें तुरंत आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। उन्होंने गुरुवार को खुद मौके पर जाकर स्थिति का मुआयना करने की बात कही है।
आरती अनेजा (स्थानीय पार्षद): उन्होंने इस अजीबोगरीब फेंसिंग के पीछे का तर्क देते हुए कहा कि इस फुटपाथ पर लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण और शराबियों के जमावड़े को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया था। ठेकेदार ने भरोसा दिया था कि इससे पैदल यात्रियों को कोई दिक्कत नहीं होगी, लेकिन जब उन्होंने खुद जाकर जमीनी हकीकत देखी तो स्थिति बिल्कुल उल्ट थी। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया है कि जल्द ही इस फेंसिंग की डिजाइन को बदलवाया जाएगा।
मध्य प्रदेश में मानसून की चाल धीमी, नई तारीख आई सामने
18 Jun, 2026 07:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में प्री-मानसून की हलचल लगातार बनी हुई है, जिससे तेज आंधी और बारिश के कारण नागरिकों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। पारे में आई गिरावट से भले ही मौसम सुहावना हुआ है, लेकिन प्रदेशवासियों को अब मुख्य मानसून का बेसब्री से इंतजार है। मौसम विज्ञान केंद्र ने पहले सूबे में 20 जून तक मानसून के आगमन का अनुमान जताया था, परंतु वर्तमान मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए यह प्रतीक्षा थोड़ी और लंबी हो सकती है।
जून के आखिरी सप्ताह में आगमन की उम्मीद
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून फिलहाल तेलंगाना के भद्राचलम क्षेत्र में थमा हुआ है। इस सुस्ती की मुख्य वजह इंटर ट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन (ITCZ) का कमजोर पड़ना माना जा रहा है। जून के शुरुआती पखवाड़े में मानसून ने तीव्र गति दिखाई थी, लेकिन उसके बाद यह प्रणाली सुस्त पड़ गई। जानकारों का कहना है कि यदि आगामी 72 से 96 घंटों के भीतर स्थितियां दोबारा अनुकूल होती हैं, तो मानसून आगे का सफर तय करेगा और 25 जून तक मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर सकता है।
पूर्वी अंचल के रास्ते दाखिल होगा मानसून
वैसे तो मध्य प्रदेश में मानसून के पहुंचने की सामान्य तिथि 15 जून मानी जाती है, जिसमें हर साल कुछ दिनों का उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। इस बार मानसून अपनी निर्धारित समय-सीमा से पिछड़ गया है। मौसम विशेषज्ञों का पूर्वानुमान है कि इस साल मानसूनी हवाएं सबसे पहले मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से से दाखिल होंगी। इसके बाद यह सिस्टम आगे बढ़ते हुए मध्य और पश्चिमी क्षेत्रों को अपने दायरे में लेगा तथा सबसे अंत में ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों को कवर करेगा।
प्रदेश के विभिन्न अंचलों में मौसम का हाल
बीते 24 घंटों के दौरान भोपाल, जबलपुर, नर्मदापुरम और ग्वालियर संभाग के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है। वहीं भिंड, बुरहानपुर और श्योपुर जैसे इलाकों में धूलभरी आंधी चली, जबकि रतलाम और बालाघाट में अब भी लू (हीटवेव) का प्रभाव देखा गया। ग्वालियर में तो हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना और राजगढ़ समेत 30 से अधिक जिलों के लिए गरज-चमक के साथ बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है, हालांकि आगामी तीन दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे बढ़ोतरी भी देखी जा सकती है।
मंत्री सारंग ने सड़क निर्माण के साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की बनाई राह
17 Jun, 2026 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : भोपाल में 10 लेन सड़क निर्माण परियोजना के अंतर्गत नयापुरा सेंट्रल जेल के समीप अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए NHAI, नगर निगम, राजस्व और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम पहुंची थी। प्रस्तावित कार्रवाई से क्षेत्र में निवासरत अनेक गरीब और श्रमिक परिवार प्रभावित होने वाले थे। जैसे ही इस संबंध में जानकारी क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री विश्वास कैलाश सारंग को मिली, उन्होंने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों से चर्चा कर सड़क निर्माण के साथ प्रभावित परिवारों को पुनर्वास के लिये प्लॉट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
गरीब परिवारों के पुनर्वास को प्राथमिकता देने के निर्देश
मंत्री सारंग ने निर्देश दिए कि विकास कार्यों के साथ गरीब परिवारों के हितों और उनकी आजीविका का भी पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रभावित परिवारों को पहले वैकल्पिक भूमि और आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। मंत्री सारंग ने कहा कि किसी भी गरीब परिवार को बेघर होने की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा और सरकार उनके पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करेगी।
शिफ्टिंग में किसी प्रकार की परेशानी न हो
मंत्री सारंग ने निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों के स्थानांतरण में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार को सम्मानपूर्वक और व्यवस्थित तरीके से नई जगह पर बसाने की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। मंत्री सारंग ने यह भी सुनिश्चित कराया कि NHAI द्वारा प्रभावित परिवारों की शिफ्टिंग में हर संभव सहयोग किया जाएगा तथा लोगों को स्थानांतरण की तैयारी के लिए कम से कम एक सप्ताह का समय दिया जाएगा।
निवास के निकट ही उपलब्ध कराई जाएगी भूमि
मंत्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित परिवारों को उनके वर्तमान निवास क्षेत्र के निकट ही भूमि उपलब्ध कराई जाए, जिससे बच्चों की पढ़ाई, रोजगार और दैनिक जीवन प्रभावित नही हो। उन्होंने कहा कि पुनर्वास की प्रक्रिया मानवीय दृष्टिकोण और संवेदनशीलता के साथ पूरी की जाए।
मंत्री सारंग ने प्रस्तुत किया संवेदनशील विकास का मॉडल
मंत्री सारंग ने कहा कि प्रदेश के विकास और आधारभूत संरचना निर्माण के कार्य आवश्यक हैं, लेकिन विकास की कीमत गरीबों की पीड़ा नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं समय पर पूरी हों। साथ ही प्रभावित परिवारों के सम्मान और अधिकारों की भी रक्षा हो। मंत्री सारंग के हस्तक्षेप से क्षेत्र के लोगों में राहत का माहौल है।
स्थानीय रहवासियों ने मंत्री सारंग का जताया आभार
मंत्री सारंग के संवेदनशील हस्तक्षेप के बाद क्षेत्र के स्थानीय रहवासियों और प्रभावित परिवारों ने राहत की सांस ली तथा उनके प्रति आभार व्यक्त किया। रहवासियों का कहना है कि यदि तत्काल कार्रवाई होती तो अनेक परिवारों के सामने आवास और आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाता। लोगों ने कहा कि मंत्री सारंग ने मौके पर पहुंचकर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पहले पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री सारंग के हस्तक्षेप से प्रभावित परिवारों में विश्वास और सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है जिससे विकास के साथ संवेदनशीलता का उदाहरण दिया। उन्होंने सड़क निर्माण के साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की बनाई राह।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कैलाश नाथ काटजू की जयंती पर पुष्पांजलि की अर्पित
17 Jun, 2026 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कैलाशनाथ काटजू की 139वीं जयंती पर विधानसभा स्थित सेंट्रल हॉल में उन्हें पुष्पांपजि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि स्व. काटजू का जन्म रतलाम जिले की जावरा तहसील में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1957 से 1962 तक प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में दायित्वों का निर्वाहन किया। इसके बाद केंद्रीय स्तर पर रक्षा , कानून सहित कई मंत्रालय का कामकाज भी संभाला। स्व. काटजू विभिन्न राज्यों के राज्यपाल भी रहे। देश की आजादी से पहले भी उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी के रूप में अपनी क्षमता और योग्यता से स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया। मुख्यमंत्री के रूप में मध्यप्रदेश का नेतृत्व करने के साथ-साथ श्री काटजू, पूर्व प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू के प्रमुख सहयोगी भी रहे। श्री काटजू ने कई स्वशासी संस्थाओं को समृद्ध कर आगे बढ़ाया। प्रदेश के विकास में अपने दूरदर्शी नेतृत्व, उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता और जनसेवा के प्रति समर्पण से उन्होंने प्रदेश तथा देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. काटजू के आदर्श, विचार और उनका राष्ट्र सेवा का भाव हमें सदैव जनहित और लोककल्याण के कार्यों के लिए प्रेरित करता रहेगा।
नीट परीक्षा के सुचारू और पारदर्शी आयोजन के लिए सभी व्यवस्थाओं पर है विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी नीट अभ्यर्थियों को पुन: परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नीट परीक्षा के निर्विघ्न संचालन के लिए राज्य सरकार लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में है। परीक्षा के सुचारु और पारदर्शी आयोजन के लिए सभी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। व्यापक तैयारियों के साथ रोल नंबर वेरिफिकेशन भी सुनिश्चित किया जाएगा। नीट परीक्षा के लिए शहरों में अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की गई है। परीक्षा केंद्रों पर रिफ्रेशमेंट सेंटर शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं। राज्य सरकार परीक्षार्थियों और अभिभावकों के आवागमन के लिए इंदौर, भोपाल सहित नीट के अधिक परीक्षा केंद्र वाले शहरों में अतिरिक्त बसों का संचालन कर रही है। परीक्षा केंद्रों पर पीने के पानी और अन्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। परीक्षार्थियों और अभिभावकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं।
जी.एच. रायसोनी मेमोरियल मध्यप्रदेश स्टेट जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन प्रतियोगिता में अकादमी खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन
17 Jun, 2026 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : खरगोन में 11 से 16 जून 2026 तक आयोजित जी.एच. रायसोनी मेमोरियल मध्यप्रदेश स्टेट जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन प्रतियोगिता-2026 में खेल अकादमी के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विभिन्न स्पर्धाओं में स्वर्ण एवं कांस्य पदक हासिल किए। अंडर-19 वर्ग में अकादमी के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन कर प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
नवैध्या टोंडे बने प्रतियोगिता के स्टार खिलाड़ी
अकादमी के खिलाड़ी नवैध्या टोंडे ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए बालक एकल (अंडर-19) एवं बालक युगल (अंडर-19) दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर दोहरी सफलता हासिल की। पूरे टूर्नामेंट में उनके आक्रामक और तकनीकी खेल ने सभी को प्रभावित किया।
बालिका वर्ग में पाखी और संस्कृति का शानदार प्रदर्शन
पाखी गुप्ता ने बालिका युगल (अंडर-19) स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने के साथ बालिका एकल (अंडर-19) में कांस्य पदक प्राप्त किया। वहीं संस्कृति अग्रवाल ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए बालिका युगल (अंडर-19) का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
रुद्र प्रताप ठाकुर ने भी दिलाए महत्वपूर्ण पदक
अकादमी के खिलाड़ी रुद्र प्रताप ठाकुर ने बालक युगल (अंडर-19) में स्वर्ण पदक जीतने के साथ मिक्स्ड डबल्स (अंडर-19) में कांस्य पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उनके प्रदर्शन ने अकादमी की पदक संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अकादमी खिलाड़ियों का दबदबा
मध्यप्रदेश बैडमिंटन संघ के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेशभर के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कड़े मुकाबलों के बीच अकादमी खिलाड़ियों ने आत्मविश्वास, अनुशासन और उत्कृष्ट तकनीक का परिचय देते हुए कई महत्वपूर्ण मुकाबले अपने नाम किए। खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बल पर अकादमी ने प्रतियोगिता में उल्लेखनीय सफलता अर्जित की।
मध्यप्रदेश के लिए गौरव का क्षण
अकादमी खिलाड़ियों की यह उपलब्धि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को दिए जा रहे गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और खिलाड़ियों की निरंतर मेहनत का परिणाम है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हासिल की गई यह सफलता भविष्य की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने वाली है।
खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है।
मंत्री सारंग ने विश्वास व्यक्त किया कि खिलाड़ी भविष्य में भी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।
सामूहिक प्रयास का परिणाम
इस सफलता का श्रेय खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों, प्रशिक्षकों एवं सहयोगी स्टाफ को भी जाता है, जिनके सतत मार्गदर्शन और मेहनत से खिलाड़ी इस मुकाम तक पहुंचे हैं। खिलाड़ियों की उपलब्धि प्रदेश की खेल अकादमियों में उपलब्ध उत्कृष्ट प्रशिक्षण व्यवस्था का प्रमाण है।
इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन शामिल हैं नागदा, धार और रतलाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
17 Jun, 2026 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य और दिव्य मंदिर बना है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सरयू के किनारे भव्य मंदिर निर्माण हुआ और हमारा 500 वर्ष का लंबा संघर्ष पूर्ण हुआ। भगवान श्रीराम ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण 12 वर्ष चित्रकूट में बिताए थे। राज्य सरकार दो हजार करोड़ रूपए की लागत से भव्य चित्रकूट धाम का निर्माण कर रही है। प्रदेश में जहां-जहां प्रभु श्रीराम के चरण पड़े, हमारी सरकार उन्हें श्रीराम वन गमन पथ में शामिल कर विकसित कर रही है। भगवान गोपाल कृष्ण से संबंधित धर्म स्थलों को भी श्रीकृष्ण पाथेय के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के भव्य और दिव्य आयोजन के लिए हजारों करोड़ के विकास कार्य तेजी से पूर्ण किए जा रहे हैं। उज्जैन, इंदौर और आसपास के सभी जिलों में विकास को गति मिल रही है। इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन में धार, नागदा और रतलाम को भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाजी धाम में फर्श, बाउंड्री बाल और पेयजल जैसी सभी बुनियादी व्यवस्थाएं करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन जिले के नागदा में बालाजी धाम में श्रीराम दरबार प्राण प्रतिष्ठा व ध्वज पूजा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बालाजी धाम में भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गेहलोत विशेष रूप से उपस्थित थे।
प्रदेश में दूध उत्पादन को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम के विराट व्यक्तित्व से हमें मानवीय मूल्यों के साथ जीवन जीने की सीख मिलती है। प्रभु श्रीराम त्याग की प्रतिमूर्ति थे, वे एक आदर्श पुत्र, आदर्श पिता, आदर्श भाई थे। रामराज्य में नागरिकों को किसी चीज की कोई कमी नहीं थी। इसी भावना के साथ हमारी सरकार गरीब, किसान और नारी शक्ति के सशक्तिकरण द्वारा अंत्योदय के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। भगवान हनुमान के जीवन का प्रत्येक क्षण प्रभु श्रीराम के लिए समर्पित था। हमें हनुमान जी के जीवन की अच्छाईयों को धारण करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने गोपाल कृष्ण को आदर्श मानते हुए घर-घर गाय और दूध उत्पादन बढ़ाने का संकल्प लिया है। इसके लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की है। योजना अंतर्गत 10 लाख रुपए अनुदान का प्रावधान किया है। प्रदेश में दूध उत्पादन को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। राज्य में प्राकृतिक खेती और गौ-पालन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति गाय 1100 रुपए महीना सहायता दी जाएगी।
शांति के लिए विश्व सनातन धर्म की ओर आशा भरी निगाहों से देख रहा है
कर्नाटक के राज्यपाल गहलोत ने कहा कि डेलनपुर में भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है। विश्व कल्याण और शांति के लिए दुनिया आज सनातन धर्म की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है। स्थानीय सांसद अनिल फिरोजिया ने बालाजी धाम के निर्माण और मंदिर की विस्तार योजना पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में परमपूज्य 1008 नारायण त्यागी महाराज, पूज्य मधुसूदन त्यागी महाराज, विधायक डॉ. तेजबहादुर, विधायक सतीश मालवीय, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक दिनेश जैन, जिलाध्यक्ष राजेश धाकड़, उज्जैन के महापौर मुकेश टटवाल, पूर्व विधायक लालसिंह राणावत, पूर्व विधायक जितेंद्र गहलोत, राकेश यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
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