मध्य प्रदेश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का ग्वालियर विमानतल पर हुआ आत्मीय स्वागत
21 Jun, 2026 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का ग्वालियर विमानतल आगमन पर आत्मीय स्वागत हुआ। राष्ट्रपति मुर्मु रविवार 21 जून को वायुसेना के विमान से दोपहर 2.40 बजे वायुसेना के विमानतल महाराजपुरा पर पधारीं। उनके साथ मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल भी आए।
राष्ट्रपति मुर्मु का ग्वालियर विमानतल पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल एवं जल संसाधन एवं जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने राष्ट्रपति को पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस मौके पर सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्ज मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह एवं महापौर शोभा सतीश सिकरवार ने भी पुष्प-गुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया।
राष्ट्रपति मुर्मु एवं राज्यपाल मंगुभाई पटेल कुछ देर रुकने के पश्चात हैलीकॉप्टर से श्योपुर जिले के कूनों के लिये रवाना हुए।
विमानतल पर अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव, डीजी होमगार्ड सुप्रज्ञा रिचा श्रीवास्तव, संभागीय आयुक्त मनोज खत्री, आईजी अरविंद कुमार सक्सेना, डीआईजी असित यादव, कलेक्टर रुचिका चौहान, पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय एवं वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
राष्ट्रपति मुर्मु 22 जून को प्रात: 10.40 बजे हैलीकॉप्टर से श्योपुर के कूनों से वायुमार्ग द्वारा ग्वालियर विमानतल महाराजपुरा आयेंगीं। कुछ देर रुकने के बाद वे वायुसेना के विमान से नई दिल्ली के लिये रवाना होंगी।
12वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम लोकभवन में मना
21 Jun, 2026 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : बारहवाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम रविवार को लोकभवन में आयोजित हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन का सजीव प्रसारण किया गया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल के वीडियो संदेश का प्रसारण इसके पूर्व किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने योग गुरु राजीव जैन त्रिलोकी को पुष्प-गुच्छ एवं प्रमाण-पत्र भेंट कर सम्मानित किया।
योग स्वस्थ समाज निर्माण की आधारशिला : राज्यपाल पटेल
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने वीडियो संदेश में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर है, जिसे आज संपूर्ण विश्व ने अपनाया है। इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” बढ़ती उम्र में भी लोगों को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ, सक्रिय तथा आत्मनिर्भर बनाए रखने का संदेश देना है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के मध्य संतुलन स्थापित करने का समग्र एवं वैज्ञानिक माध्यम है। वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का प्रभावी साधन बनकर उभरा है। कोविड-19 महामारी ने भी यह सिद्ध किया है कि स्वस्थ जीवन ही सबसे बड़ी संपत्ति है। योग स्वस्थ समाज निर्माण की महत्वपूर्ण आधारशिला है। प्रदेश में योग एवं आयुर्वेद का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए वेलनेस सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में योग को प्रोत्साहित कर नई पीढ़ी को शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
राज्यपाल पटेल ने सभी नागरिकों से आह्वान किया है कि योग को केवल एक दिवस तक सीमित नहीं रखें, बल्कि इसे अपनी दैनिक जीवनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएं। प्रतिदिन 20 से 30 मिनट का नियमित योग व्यक्ति, परिवार और समाज के जीवन में सकारात्मक एवं क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों से योग के प्रति जागरूकता बढ़ाकर स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त भारत के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया है।
योग के विभिन्न आसनों का हुआ अभ्यास
लोकभवन में योगाभ्यास का प्रारम्भ प्रार्थना एवं ओंकार उच्चारण के साथ हुआ। इसके बाद प्रतिभागियों ने सूक्ष्म व्यायाम के माध्यम से गर्दन, कंधों, भुजाओं, घुटनों एवं टखनों के विभिन्न संचालनों का अभ्यास किया। योग सत्र में ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वक्रासन, शशांकासन, भुजंगासन, शलभासन, मकरासन, सेतुबंधासन तथा पवनमुक्तासन सहित विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया। शारीरिक स्फूर्ति, श्वसन क्षमता और मानसिक संतुलन को बढ़ावा देने के लिए कपालभाति, नाड़ीशोधन (अनुलोम-विलोम) एवं भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास कराया गया।
योगाभ्यास के समापन पर ध्यान एवं शांति पाठ कराया गया। सत्र में उपस्थित लोकभवन के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए स्वस्थ, संतुलित एवं तनावमुक्त जीवन के लिए लगभग 50 मिनट का योग अभ्यास किया।
राष्ट्रपति ने किया चीता कमांड कंट्रोल सेंटर का भ्रमण, चीता प्रदर्शिनी भी देखी
21 Jun, 2026 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कुनो नेशनल उद्यान के दो दिवसीय प्रवास के दौरान रविवार को चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर का अवलोकन किया। चीता कमांड एवं कण्ट्रोल सेंटर के अवलोकन के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू को चीतों कि निगरानी और ट्रैकिंग की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्रदान की गयी।
राष्ट्रपति ने चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर परिसर में चीता प्रोजेक्ट की अभी तक की प्रगति पर लगाई गई प्रदर्शिनी का अवलोकन किया। राष्ट्रपति मुर्मु को अवगत कराया गया कि वर्तमान में भारत में चीतों की संख्या 52 है, जिनमें से 49 चीते कुनो में मौजूद है, तीन चीते गाँधी सागर अभयारण्य मंदसौर भेजे गए है।
राष्ट्रपति मुर्मु द्वारा इस दौरान चीतों के लिए की गई आवश्यक सुविधाओं के विषय में जानकारी ली गई। बताया गया कि हर 2 किलोमीटर पर जंगल में वाटर पिट बनाये गए हैँ जिनमें अवश्यकता अनुसार पानी भरवाया जाता है। इस दौरान उन्हें बोत्सवाना से लाये गए चीतों की गतिविधियों की भी जानकारी दी गयी। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति मुर्मु द्वारा अपनी बोत्सवाना यात्रा के दौरान 8 चीते रिसीव किये गए थे जिन्हें कुनो लाया गया है।
इस दौरान सीसीफ उत्तम कुमार, कलेक्टर सुशीला दाहिमा, डीएफओ आर थिरूकुराल आदि मौजूद रहे।
राष्ट्रपति मुर्मु की कूनो हेलीपैड पर हुई आगवानी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने दो दिवसीय प्रवास पर रविवार को श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क पहुंचीं। राज्यपाल मंगुभाई पटेल भी साथ रहे। इस अवसर पर कूनो नेशनल पार्क स्थित हेलीपैड पर मिनिस्टर इन वेटिंग एवं जिले के प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला ने आगवनी करते हुए पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया गया। इस दौरान सांसद शिवमंगल सिंह तोमर, प्रमुख सचिव वन संदीप यादव, पीसीसीफ शुभरंजन सेन, कलेक्टर सुशीला दाहिमा, पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार अग्रवाल द्वारा भी उनकी आगवनी करते हुए स्वागत किया गया।
राष्ट्रपति मुर्मू कूनो नेशनल पार्क में रात्रि विश्राम करेंगी और भारत में चीतों के पुनर्स्थापन की इस महत्वपूर्ण परियोजना के संबंध में वन विभाग के अधिकारियों से चर्चा भी करेंगी।
विश्व को भारत का अमूल्य उपहार है योग: राष्ट्रपति मुर्मु
21 Jun, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि हम भारत की उस महान योग परंपरा का उत्सव मना रहे हैं, जिसने मानवता के लिये स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन का मार्ग प्रदान किया है। योग विश्व को हमारी सांस्कृतिक धरोहर का एक अनमोल उपहार है। यह हमारे ऋषियों-मुनियों की हजारों वर्षों की साधना का परिणाम है। आज भारतभूमि से स्वास्थ्य, संतुलन, शांति और आत्मकल्याण का संदेश विश्व में प्रसारित किया जा रहा है। “योग स्वस्थ आयु के लिए” थीम पर राष्ट्रीय कार्यक्रम कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया। प्रदेश में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के मुख्य आतिथ्य में जबलपुर के गैरीसन ग्राउंड में राज्य स्तरीय योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी के कोलकाता से आयोजित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा व सुना। कार्यक्रम की शुरूआत व अंत में राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान किया गया।
योगाभ्यास में मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीक, सांसद आशीष दुबे, विधायक अजय विश्नोई, अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी इंदु, डॉ. अभिलाष पांडे, नीरज सिंह, संतोष बरकड़े, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, मुख्य सचिव अनुराग जैन, मध्यप्रदेश तीर्थ क्षेत्र एवं मेला प्राधिकरण अध्यक्ष विनोद गोंटिया, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, रत्नेश सोनकर, राजकुमार पटेल, अखिलेश जैन, अश्विनी परांजपे, संभागायुक्त धनंजय सिंह, कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा लगभग 5 हजार योग साधकों ने सामूहिक योगाभ्यास में सहभागिता की।
योग, आंतरिक शांति और सामूहिक कल्याण के लिये करता है प्रेरित
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नागरिकों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हमारे शास्त्रों में शरीर, मन और आत्मा के संतुलन को जीवन की सफलता का आधार माना गया है। योग उसी संतुलन को स्थापित करने का मार्ग है। ‘योग’ शब्द का अर्थ है जोड़ना — व्यक्ति को स्वयं से, समाज को प्रकृति से और सम्पूर्ण मानवता को व्यापक विश्व चेतना से जोड़ना। योग एक सशक्त माध्यम है, जो हमें आंतरिक शांति, संतुलन और सामूहिक कल्याण की दिशा में आगे बढ़ाता है। आज जब विश्व अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब योग मानवता को शांति, संतुलन, समरसता और सामूहिक कल्याण का मार्ग दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
योग, जीवनशैली का बनता जा रहा है अहम हिस्सा
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि वर्ष 2014 में भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रतिवर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। इस पहल से योग को विश्व कल्याण के एक सशक्त माध्यम के रूप में नई पहचान और व्यापक स्वीकार्यता मिली है। आज दुनिया के अनेक देशों में करोड़ों लोग योग को अपने दैनिक जीवन का अहम हिस्सा बना रहे हैं। योग अब जीवन शैली का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। विदेशों में भी योग के प्रति लोगों का आकर्षण निरंतर बढ़ रहा है, और यह भारत की सांस्कृतिक शक्ति का सशक्त उदाहरण है।
योग, बढ़ती आयु में स्वयं को स्वस्थ रखने में सहायक
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” है। यह थीम समाज के वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य, सक्रियता, आत्मनिर्भरता और गरिमापूर्ण जीवन में योग की उपयोगिता को रेखांकित करती है। योग बढ़ती आयु में भी व्यक्ति को स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाए रखने में बहुत सहायक है।
योग, मन को शांति और देता है भावनात्मक संतुलन
योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मन को शांति और भावनात्मक संतुलन प्रदान करता है। आज की व्यस्त दिन चर्या और जीवन शैली से जुड़ी बीमारियां हमारे सामने एक बड़ी चुनौती हैं। इनकी रोकथाम और समग्र स्वास्थ्य के लिए योग एक सरल, प्रभावी और सुलभ उपाय है।
योग, को बनाये दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि भारत सरकार योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए योग शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण और जन-जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। सामूहिक प्रयासों से योग जन-जन तक पहुंचेगा और सामूहिक मानवता के कल्याण का आधार बनेगा। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सभी नागरिकों को योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प दिलाया।
योग, संतुलित, सरल और आनंदमयी जीवन की है पद्धति : राज्यपाल पटेल
राज्यपाल पटेल ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ बनाने का माध्यम ही नहीं, बल्कि यह संपूर्ण जीवन को संतुलित, सरल और आनंदमयी बनाने की पद्धति है। योग ही स्वस्थ तन, प्रसन्न मन और योग बने जीवन का धन है। भारतीय ज्ञान परंपरा ने स्वस्थ जीवन का जो मार्ग दिखाया था, आज पूरी दुनिया उसे अपना रही है। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा भारतीय योग को अंतर्राष्ट्रीय सम्मान दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी की दूरदृष्टि और अटूट प्रतिबद्धता से ही योग को पूरी दुनिया में अपनाया गया है।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्राणायाम के जरिए हम नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच को अपनाते हैं। ध्यान हमें अपने अंदर झांकने का अवसर देता है और मन की शांति प्रदान करता है। रोजाना केवल 20 से 30 मिनट का योगाभ्यास, ध्यान और प्राणायाम हमारे लिए प्रभावी और सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे सरल माध्यम है। आज योग को आत्मिक उन्नति का माध्यम बनाकर दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लें।
योग, वैश्विक शांति के लिए एकमात्र उपाय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस दुनियाभर में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम -योग फॉर हेल्दी एजिंग है। योग दिवस वैश्विक शांति और वैश्विक कल्याण को बढ़ावा देता है। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के सफलतम 12 वर्ष पूर्ण होने पर यह सुखद संयोग बना है, इस वर्ष राष्ट्रीय कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक नगरी कोलकाता से किया गया। दुनिया के करीब 2500 स्थानों पर योगाभ्यास किया , 210 से अधिक दूतावासों ने भी सामूहिक योग में भागीदारी की । भारत ने योग के रूप में दुनिया को मानव कल्याण का उपहार सौंपा है। योग का अर्थ है जोड़ना, भारत ने अपने ज्ञान- विवेक और विचार से सदैव सभी को एक-दूसरे से जोड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा, हमारी आध्यात्मिक चेतना और समृद्ध सनातन संस्कृति का वैश्विक पटल पर परिचय कराया है। प्रधानमंत्री मोदी ने जब वर्ष 2015 में विश्व योग दिवस का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र सभा में रखा तो 175 से ज्यादा देशों ने इसका ऐतिहासिक समर्थन किया था। इस वर्ष सामूहिक योग सत्रों में करीब 30 से 35 करोड़ लोग शामिल हो रहे हैं। मध्यप्रदेश के कोने-कोने को योग से जोड़ने के लिए "हर घर योग अभियान" सफलतापूर्वक संचालित किया गया है।
देश ने दिया विश्व को वसुधैव-कुटुम्बकम का संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आदि देव शंकर और आष्टांग योग के प्रणेता महर्षि पतंजलि को नमन करते हुए कहा कि यह मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम संस्कारधानी जबलपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति ने सदैव संसार को एक परिवार के रूप में देखा है। हमने कभी भौगोलिक सीमाओं तक अपनी सोच को सीमित नहीं किया है, अपितु विश्व को वसुधैव कुटुम्बकम का अमर संदेश दिया , हमारे ऋषियों ने सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे संतु निरामय: की कामना की।
मध्यप्रदेश है योगियों की तपोस्थली
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश योगियों की तपोस्थली रही है। भगवान श्रीकृष्ण को मध्यप्रदेश की धरती पर योग का ज्ञान प्राप्त हुआ। मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संपन्नता गौरवशाली इतिहास का अभिन्न हिस्सा रही है। योगेश्वर श्रीकृष्ण ने उज्जैन स्थित सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की,यहां उन्होंने 64 कला और 14 विद्याओं का गहन अध्ययन किया, इनमें योग विज्ञान सबसे प्रमुख था। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर दुनिया के 200 से अधिक देशों में योगाभ्यास हो रहा है। यह भारत की गौरवशाली संस्कृति का प्रतीक है। भारत एक बार फिर दुनिया को अपनी समृद्ध संस्कृति से परिचित करा रहा है।
सूर्य देव की कक्षा में परिवर्तन का दिन है 21 जून
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के साथ-साथ सूर्य देव की कक्षा परिवर्तन का दिन भी है। आज से सूर्य देव उत्तरायण से दक्षिणायण की ओर यात्रा प्रारंभ करते है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु तथा राज्यपाल पटेल को मुख्यमंत्री डॉ यादव ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर स्मृति-चिन्ह भेंट किया।
योग अपनाएं, राष्ट्र को मजबूत बनाएं: सीएम मोहन यादव
21 Jun, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के विशेष अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं और उनसे योग को अपने जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बनाने का आग्रह किया है। अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की इस आधुनिक और भागदौड़ भरी जिंदगी में योग हमारे शरीर और मन दोनों को संतुलित व शांत रखने का सबसे सरल और असरदार जरिया बनकर उभरा है। उन्होंने इस बात पर गहरा संतोष और खुशी व्यक्त की कि भारत की हजारों साल पुरानी यह अनमोल योग परंपरा आज पूरी दुनिया में बड़े सम्मान और स्वीकार्यता के साथ अपनाई जा रही है।
वैश्विक पटल पर भारत का बढ़ता सांस्कृतिक प्रभाव
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके कारण ही संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी, जो हर भारतीय के लिए बेहद गर्व की बात है। आज दुनिया के 190 से अधिक देशों में योग का अभ्यास किया जाना भारत की मजबूत सांस्कृतिक पहचान और बढ़ते वैश्विक प्रभाव को साफ तौर पर दर्शाता है। उन्होंने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि योग को केवल एक दिन के उत्सव या आयोजन तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी रोजमर्रा की आदतों में शामिल करें ताकि एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके।
मध्य प्रदेश में 'हर घर योग अभियान' की गूंज
राज्य में योग को हर नागरिक तक पहुंचाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश के गांवों और शहरों में "हर घर योग अभियान" को बड़े स्तर पर चलाया जा रहा है, जिससे आम जनता भारी संख्या में जुड़ रही है। राज्य के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों और सभी सरकारी कार्यालयों में नियमित योग सत्र चलाए जा रहे हैं, जहां प्रशिक्षित योग शिक्षक और योग-दूत लोगों को योग का सही अभ्यास करा रहे हैं। हाल ही में इंदौर की मालवांचल यूनिवर्सिटी में हजारों विद्यार्थियों द्वारा किए गए सामूहिक योग और बने रिकॉर्ड का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह युवाओं में योग की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है, जो उन्हें तनाव, मोटापा और हाई ब्लड प्रेशर जैसी आधुनिक बीमारियों से दूर रखने में मदद करेगा।
स्वास्थ्य के साथ प्रकृति को बचाने का अनूठा संकल्प
इस बार योग दिवस के संदेश में मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के अंतर्संबंधों पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए साफ हवा और स्वच्छ वातावरण उतना ही जरूरी है जितना कि योग का अभ्यास करना। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने योग दिवस के कार्यक्रमों को "एक पेड़ मां के नाम" अभियान से जोड़ा है, जिसके तहत विश्व पर्यावरण दिवस से लेकर योग दिवस तक विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाए गए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि जनवरी 2027 में मध्य प्रदेश "एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य और एक चेतना" विषय पर एक भव्य वैश्विक सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है, जिसमें दुनिया भर के दिग्गज विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे और पर्यावरण व स्वास्थ्य के प्रति सामाजिक जागरूकता को एक नई दिशा देंगे।
नीट परीक्षा आज, EVM जैसी सुरक्षा में परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे प्रश्नपत्र
21 Jun, 2026 11:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: आज दोपहर से शुरू हो रही नीट (NEET UG) परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष माहौल में कराने के लिए राजधानी भोपाल में सुरक्षा के बेहद कड़े और पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस बार परीक्षा के प्रश्नपत्रों को केंद्रों तक पहुंचाने के लिए ठीक वैसी ही मजबूत सुरक्षा व्यवस्था अपनाई गई है जैसी चुनाव में ईवीएम मशीनों के लिए की जाती है। सभी प्रश्नपत्रों को 'स्टॉक रूम' से पूरी गोपनीयता के साथ अलग-अलग परीक्षा केंद्रों के लिए रवाना कर दिया गया है ताकि किसी भी स्तर पर कोई भी गड़बड़ी न हो सके।
तीन परत वाली सुरक्षा और क्यूआर कोड का पहरा
परीक्षा की सुचिता बनाए रखने के लिए प्रश्नपत्रों को तीन परत वाली सुरक्षा सील से बंद विशेष डिब्बों में रखा गया है। इन डिब्बों की सुरक्षा इतनी कड़ी है कि हर परीक्षा केंद्र पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के दो-दो जवान मुस्तैद किए गए हैं। नोडल अधिकारियों की सीधी देखरेख में इन प्रश्नपत्रों को बेहद सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है, जिन्हें परीक्षा शुरू होने के ठीक पहले ही खोला जाएगा। पेपर लीक की किसी भी गुंजाइश को पूरी तरह खत्म करने के लिए हर बॉक्स पर एक खास क्यूआर (QR) कोड लगाया गया है, जिससे प्रश्नपत्रों की आवाजाही और उनके वितरण पर पल-पल की लाइव निगरानी रखी जा सके।
भोपाल में 32 केंद्र और ट्रैफिक पुलिस की विशेष तैयारी
भोपाल शहर में इस परीक्षा के लिए कुल 32 केंद्र बनाए गए हैं, जहां दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक हजारों छात्र अपनी परीक्षा देंगे। परीक्षा के दिन छात्रों को आने-जाने में कोई समस्या न हो, इसके लिए शहर की ट्रैफिक पुलिस ने एक विशेष एडवाइजरी जारी की है। चूंकि शहर में कई जगहों पर मेट्रो का निर्माण कार्य चल रहा है, इसलिए कुछ रास्तों पर जाम या यातायात प्रभावित होने की आशंका है। ट्रैफिक पुलिस ने सभी अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे परीक्षा केंद्र के लिए घर से पर्याप्त समय पहले निकलें ताकि किसी भी तरह की देरी से बचा जा सके।
परीक्षा केंद्रों के लिए तय किए गए विशेष रूट
छात्रों की सुविधा के लिए ट्रैफिक पुलिस ने कुछ खास केंद्रों के लिए रूट प्लान तैयार किया है। आनंद नगर स्थित परीक्षा केंद्र जाने वाले छात्रों को सलाह दी गई है कि वे चेतक ब्रिज, गोविंदपुरा, भेल और महात्मा गांधी चौराहा वाले रास्ते का इस्तेमाल करें। वहीं, गौतम नगर के केंद्रों पर जाने वाले परीक्षार्थी नादरा बस स्टैंड, अग्रवाल धर्मशाला, छोला गणेश मंदिर और जेपी ब्रिज तिराहा वाले मार्ग से होकर आसानी से अपने केंद्र तक पहुंच सकते हैं।
हेल्पलाइन नंबर और जरूरी अपील
यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस ने आम जनता और छात्रों से अपील की है कि वे परीक्षा केंद्रों के आसपास अपने वाहन बिल्कुल पार्क न करें, जिससे जाम की स्थिति पैदा न हो। किसी भी तरह की आपात स्थिति, परेशानी या रास्ते की जानकारी के लिए छात्र पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 7049104825 और 7049104640 पर फोन कर सकते हैं। इसके अलावा, व्हाट्सएप नंबर 7587602055 पर भी मैसेज भेजकर तुरंत सहायता प्राप्त की जा सकती है।
डबरा में सामूहिक विवाह पर बवाल, दुल्हन ने लगाया वादाखिलाफी का आरोप
20 Jun, 2026 04:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डबरा। मध्य प्रदेश के डबरा में एक नवविवाहित दुल्हन की शादी के अरमान उस समय बिखर गए, जब उसे ससुराल की चौखट पर कदम रखने से पहले अचानक पुलिस थाने की दहलीज पर पहुंचना पड़ा। विवाह के लाल जोड़े में सजी, हाथों में चूड़ा और पिया के नाम की मेहंदी रचाए वह दुल्हन, जिसकी आँखों में एक नए जीवन के हसीन सपने थे, विदाई के ठीक पहले खुद को पुलिस कोतवाली के कमरों में पाकर स्तब्ध थी। यह कोई पारिवारिक विवाद या आपराधिक षड्यंत्र नहीं था, बल्कि एक सामूहिक विवाह सम्मेलन के प्रबंधकों द्वारा की गई वादाखिलाफी का नतीजा था, जिसने शादी के उत्सव को अचानक कानूनी लड़ाई में तब्दील कर दिया। डबरा सिटी कोतवाली में शुक्रवार की देर रात घटित हुए इस अनोखे मामले ने न केवल पुलिस महकमे को हैरान कर दिया, बल्कि समूचे इलाके में सनसनी फैला दी। अपनी विदाई की रस्मों को बीच में ही रोककर न्याय की गुहार लगाने वाली इस दुल्हन की नाराजगी की मुख्य वजह वह गृहस्थी का साजो-सामान और दोपहिया वाहन (मोटरसाइकिल) था, जिसे आयोजन समिति ने शादी के तोहफे के रूप में देने का लिखित आश्वासन दिया था, परंतु अंतिम क्षणों में वे अपनी बात से साफ पलट गए।
लाखों रुपये जमा कराने के बाद भी ऐन वक्त पर मुकर गए आयोजन समिति के पदाधिकारी
यह पूरा मामला रंग महल गार्डन में 'ईशानी शिक्षा एवं जन कल्याण समिति' द्वारा आयोजित एक सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन से जुड़ा हुआ है। मीट मार्केट क्षेत्र की निवासी लवली वाल्मीकि का पाणिग्रहण संस्कार इसी पंडाल में झांसी से आए सुनील वाल्मीकि के साथ पूरे विधि-विधान से संपन्न हुआ था। पीड़ित वधु पक्ष का सीधा आरोप है कि विवाह पक्का होने के समय समिति के पदाधिकारियों के पास 90 हजार रुपये की मोटी रकम अग्रिम जमा कराई गई थी, और लगभग इतनी ही धनराशि वर पक्ष द्वारा भी आयोजकों को दी गई थी। यह भारी-भरकम राशि केवल इसी शर्त पर दी गई थी क्योंकि आयोजकों ने दोनों परिवारों को भरोसा दिया था कि विवाह संपन्न होने पर वर-वधू को एक नई मोटरसाइकिल सहित गृहस्थी स्थापना का पूरा आवश्यक सामान भेंट किया जाएगा। दोनों पक्षों ने गरीब होने के कारण इस सामूहिक मंच और आयोजकों के दावों पर अटूट विश्वास कर लिया था।
सामान मांगने पर आयोजकों ने दिखाई धौंस तो विदाई रोककर लाल जोड़े में ही थाने पहुंची दुल्हन
पवित्र अग्नि के फेरे और सिंदूरदान की रस्में पूरी होने के बाद जब विदाई की वेला आई, तो वर पक्ष के लोगों ने वादे के अनुसार समिति के सदस्यों से गाड़ी और गृहस्थी के सामान की मांग की। आरोप है कि इस पर समिति के लोग आनाकानी करने लगे और कोई भी संतोषजनक उत्तर देने के बजाय टालमटोल करने लगे। जब विवाद बढ़ा तो आयोजकों ने सामान देने से साफ मना कर दिया, जिससे दोनों पक्षों का धैर्य जवाब दे गया। आयोजकों द्वारा सरेआम छले जाने से आहत होकर दुल्हन लवली ने एक बेहद साहसी और ऐतिहासिक निर्णय लिया। उसने अपनी विदाई की रस्म को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया और अपने विवाह के भारी जोड़े में ही सीधे डबरा सिटी थाने जा पहुंची। थाने के मुख्य द्वार पर लाल जोड़े में सजी-धजी दुल्हन को देखकर वहां ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी एक पल के लिए भौंचक्के रह गए।
एसडीओपी ने दिलाया उचित विधिक कार्रवाई का भरोसा तब जाकर ससुराल रवाना हुई नवविवाहिता
थाने में मचे इस हंगामे और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीओपी सौरभ कुमार ने अविलंब पीड़ित दुल्हन और उसके माता-पिता की पूरी व्यथा सुनी। उन्होंने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया कि पुलिस इस धोखेबाजी को लेकर बेहद गंभीर है और आयोजन समिति के खिलाफ निष्पक्ष व कड़ी विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस अधिकारी ने स्वयं हस्तक्षेप करते हुए आयोजकों को तलब करने और नियमानुसार पूरा सामान दिलवाने का ठोस आश्वासन दिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की इस त्वरित समझाइश और ढाढस बंधाने के बाद दुल्हन लवली का गुस्सा शांत हुआ और उसकी आँखों में छाई मायूसी उम्मीद में बदल गई, जिसके बाद वह मुस्कुराते हुए अपने ससुराल के लिए रवाना हुई। इस अप्रत्याशित घटना ने एक बार फिर मध्य प्रदेश में कुकुरमुत्ते की तरह खुल रहे सामूहिक विवाह सम्मेलनों की प्रामाणिकता, उनकी वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक निगरानी की सख्त जरूरत पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
भिंड में छोटी सी बात पर हिंसा, झगड़े में कान काटने की वारदात
20 Jun, 2026 04:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड जिले से एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां महज चंद रुपयों के लेन-देन को लेकर उपजा विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। मेहगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक आटा चक्की पर पिसाई के पैसों को लेकर ग्राहक और चक्की संचालक के बीच तीखी बहस हो गई। यह विवाद कुछ ही पलों में इतना उग्र हो गया कि चक्की संचालक ने तैश में आकर ग्राहक के कान को अपने दांतों से बुरी तरह काट लिया, जिससे ग्राहक लहूलुहान होकर गंभीर रूप से जख्मी हो गया। वारदात के बाद पीड़ित को तुरंत प्राथमिक उपचार दिलाया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों पक्षों में काफी देर तक कहासुनी होती रही, लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि एक छोटा सा विवाद इस कदर हिंसक रूप अख्तियार कर लेगा। लहूलुहान हालत में पीड़ित ने थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस मामले की सघन तफ्तीश में जुट गई है।
मात्र पांच रुपये के फेर में हुआ खूनी संघर्ष, संचालक ने आपा खोकर किया हमला
घटनाक्रम के अनुसार, मोरोली ग्राम के निवासी धान सिंह भदौरिया खेरियातोर मोड़ के पास स्थित एक आटा चक्की पर करीब साढ़े सैंतीस किलो गेहूं की पिसाई कराने पहुंचे थे। शुक्रवार की शाम जब वे अपना आटा वापस लेने गए, तो मजदूरी के पैसों को लेकर चक्की मालिक पप्पू ओझा से उनकी अनबन हो गई। बताया जा रहा है कि संचालक पप्पू ओझा ने पिसाई के बदले 45 रुपये की मांग की थी, जबकि धान सिंह केवल 40 रुपये का भुगतान कर रहे थे। इसी महज 5 रुपये के अंतर को लेकर दोनों में मुंहजोरी शुरू हो गई। देखते ही देखते जुबानी जंग मारपीट में तब्दील हो गई और आवेश में आए चक्की संचालक ने ग्राहक के कान पर दांतों से जोरदार हमला कर दिया। वहां उपस्थित राहगीरों और ग्रामीणों ने किसी तरह बीच-बचाव कर पीड़ित को बचाया, मगर तब तक उसे गंभीर चोट आ चुकी थी।
पीड़ित के कान का निचला हिस्सा हुआ अलग, पुलिस ने दर्ज किया मामला
इस अमानवीय हमले में घायल धान सिंह के कान के निचले हिस्से का एक टुकड़ा कटकर अलग हो गया। गंभीर रूप से घायल अवस्था में पीड़ित तुरंत मेहगांव पुलिस थाने पहुंचा और आपबीती सुनाते हुए मामला दर्ज कराया। पुलिस ने भी घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। थाना प्रभारी महेश शर्मा ने बताया कि पुलिस द्वारा दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और पीड़ित की मेडिकल जांच रिपोर्ट आने के बाद उपलब्ध वैधानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी धाराएं जोड़ी जाएंगी। कानून के जानकारों का कहना है कि किसी को जानबूझकर गंभीर शारीरिक क्षति पहुंचाने के मामलों में चिकित्सीय रिपोर्ट सबसे अहम दस्तावेज होती है, जिसके आधार पर ही सजा तय होती है।
छोटी-छोटी बातों पर नियंत्रण खोता समाज, समाजशास्त्रियों ने जताई गहरी चिंता
इस दर्दनाक वाकये ने एक बार फिर सामाजिक व्यवहार और लोगों में घटते धैर्य पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना इस बात का ज्वलंत उदाहरण है कि कैसे बेहद मामूली आर्थिक मसले भी अचानक भयानक हिंसा का रूप ले लेते हैं। समाजशास्त्रियों और स्थानीय प्रबुद्ध वर्ग का मानना है कि समकालीन परिवेश में लोगों के भीतर सहनशीलता की भारी कमी देखी जा रही है, जिसके चलते चंद रुपयों के विवाद में भी लोग एक-दूसरे की जान लेने पर आमादा हो जाते हैं। ऐसे संवेदनशील मामलों में हमेशा बातचीत और शांत दिमाग से समाधान ढूंढा जाना चाहिए, क्योंकि चंद मिनटों का बेलगाम गुस्सा किसी की जिंदगी बर्बाद कर सकता है और किसी को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा सकता है। फिलहाल इस अजीबोगरीब और खौफनाक मामले को लेकर पूरे भिंड अंचल में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं।
जरूरतमंद बच्चों के लिए आगे आए खंडेलवाल, शिक्षा का लिया संकल्प
20 Jun, 2026 04:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल से विधायक एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की प्रेरणा से संचालित एक अनूठी परोपकारी पहल के अंतर्गत जिले के 59 अनाथ और साधनहीन बच्चों के शिक्षण एवं उज्ज्वल भविष्य को संवारने का महती उत्तरदायित्व उठाया गया है। इस जनकल्याणकारी योजना के जरिए न केवल इन बेसहारा बच्चों की स्कूली शिक्षा का पूरा प्रबंध किया जा रहा है, बल्कि उनके आश्रित परिवारों को भी सुदृढ़ वित्तीय संबल प्रदान किया जा रहा है। ज्ञात हो कि पूर्व जननेता स्वर्गीय विजय कुमार खंडेलवाल की पुण्य स्मृति में स्थापित 'विजय सेवा न्यास' द्वारा 'बेसहारा को सहारा' नामक एक विशेष सेवा अभियान चलाया जा रहा है। इस मानवीय अभियान के तहत उन मासूम बच्चों को संबल दिया जा रहा है, जिनके सिर से गंभीर बीमारी, अचानक हुई दुर्घटना या किन्हीं अन्य दुखों के कारण उनके माता-पिता या संरक्षकों का साया हमेशा के लिए उठ गया है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में जहां इस अभियान के अंतर्गत 41 बच्चों को सहायता पहुंचाई गई थी, वहीं वर्तमान वर्ष 2026 में इस परोपकारी कार्य का दायरा बढ़ाते हुए हितग्राही बच्चों की संख्या 59 तक पहुंच चुकी है।
निजी स्कूलों की फीस का भुगतान और शैक्षणिक सामग्री के लिए वार्षिक वित्तीय पैकेज
इस परोपकारी योजना के व्यावहारिक स्वरूप के तहत निजी शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे जरूरतमंद बच्चों की संपूर्ण शिक्षण फीस का भुगतान सीधे न्यास द्वारा किया जा रहा है। इसके साथ ही, बच्चों को किताबों, कॉपियों, यूनिफॉर्म तथा अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्रियों की खरीद में कोई असुविधा न हो, इसके लिए अलग से नकद आर्थिक सहायता मुहैया कराई जा रही है। बच्चों की देखरेख करने वाले उनके वृद्ध दादा-दादी, नाना-नानी या अन्य परिजनों को भी एक निश्चित वार्षिक वित्तीय पैकेज दिया जा रहा है ताकि घरेलू तंगी के चलते किसी भी बालक या बालिका की पढ़ाई बीच में न छूटे। इसके अतिरिक्त, जो विद्यार्थी शासकीय विद्यालयों अथवा विभिन्न सरकारी छात्रावासों में रहकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, उन्हें भी उनकी विशेष आवश्यकताओं के अनुरूप अतिरिक्त वित्तीय मदद दी जा रही है।
घरेलू तंगी से अवरुद्ध हो रही थी शिक्षा और बच्चों को मिला जीवन संवारने का नया संबल
इस कल्याणकारी अभियान से लाभान्वित होने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों ने अत्यंत भावुक होते हुए बताया कि माता-पिता के असमय अवसान के बाद उपजे गहरे आर्थिक संकट के कारण बच्चों की आगे की पढ़ाई जारी रखना पूरी तरह असंभव प्रतीत हो रहा था। ऐसी घोर निराशा के समय विजय सेवा न्यास की इस समयोचित सहायता ने उनके जीवन में उम्मीद का एक नया दीया रोशन किया है। अनेक प्रभावित परिवारों ने इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए इसे अपने बच्चों के अंधकारमय होते भविष्य के लिए एक वरदान और सबसे बड़ा ईश्वरीय सहारा बताया है।
शिक्षा और सेवा के क्षेत्र में अनूठी मिसाल और स्थानीय निवासियों में सराहना का माहौल
संपूर्ण बैतूल जिले में यह सामाजिक सरोकार शिक्षा के प्रसार और पीड़ित मानवता की सेवा के क्षेत्र में एक बेहद अनुकरणीय एवं सकारात्मक मिसाल बनकर उभरा है। स्थानीय बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों का दृढ़ विश्वास है कि समाज के संपन्न और सक्षम राजनैतिक नेतृत्व द्वारा किए जाने वाले इस प्रकार के निःस्वार्थ प्रयास वास्तव में हाशिए पर खड़े अंतिम पंक्ति के बच्चों के जीवन में युगांतकारी परिवर्तन ला सकते हैं। लोगों का मानना है कि ऐसी निरंतर सहायता से ये बेसहारा बच्चे आगे चलकर देश के जिम्मेदार और आत्मनिर्भर नागरिक बनेंगे तथा समाज की मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा सकेंगे।
हरदा में ड्रग्स नेटवर्क पर प्रहार, जनप्रतिनिधि से जुड़े शख्स की गिरफ्तारी से हड़कंप
20 Jun, 2026 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरदा। जिले की स्थानीय पुलिस ने नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। मुखबिर और गश्त टीम की मुस्तैदी से पुलिस ने प्रतिबंधित एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स पाउडर के साथ दो शातिर तस्करों को रंगे हाथों दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों में से एक स्थानीय जनपद पंचायत सदस्य का पति बताया जा रहा है। पुलिस ने तस्करों के कब्जे से कुल 54.76 ग्राम उच्च गुणवत्ता का एमडी पाउडर जब्त किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू ब्लैक मार्केट में अनुमानित कीमत करीब ₹5.5 लाख आंकी गई है।
कैदी ढाबे के पास संदिग्ध कार से बरामद हुआ ₹1.10 लाख का कैश
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में कानून-व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए गुरुवार की रात पुलिस की एक विशेष टीम फोरलेन हाईवे पर पेट्रोलिंग (गश्त) कर रही थी। इसी दौरान कैदी ढाबे के समीप सड़क किनारे खड़ी एक संदिग्ध लग्जरी कार पर पुलिस कर्मियों की नजर पड़ी। संदेह के आधार पर जब टीम ने वाहन की घेराबंदी की और कार की सघन तलाशी ली, तो उसमें सवार दो व्यक्तियों के पास से भारी मात्रा में नशीला पाउडर बरामद हुआ।
पकड़े गए आरोपियों की शिनाख्त रामेश्वर मुडेल (47 वर्ष) और विनोद यादव (48 वर्ष) के रूप में की गई है। ड्रग्स के अलावा पुलिस ने आरोपियों की तलाशी लेने पर उनके पास से ₹1 लाख 10 हजार से अधिक की संदिग्ध नगद राशि भी बरामद की है, जिसे ड्रग्स की बिक्री की रकम माना जा रहा है।
पिछली सीट के नीचे छिपा था नशा, आरोपियों का है पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक, विनोद यादव, हरदा जनपद पंचायत की मौजूदा सदस्य पूजा यादव का पति है। शातिर तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए कार की पिछली सीट के नीचे एक गुप्त केबिन बनाकर ड्रग्स के पैकेट को छिपा रखा था।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है कि पकड़े गए दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। इनके खिलाफ स्थानीय थानों में मारपीट, डराने-धमकाने और अन्य संगीन धाराओं के तहत पहले से ही कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है। अब पुलिस की विशेष टीम इनके पूरे ड्रग्स नेटवर्क और बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज (सप्लायर और खरीदारों) की कुंडली खंगालने में जुट गई है, ताकि इस रैकेट की जड़ों को पूरी तरह से उखाड़ा जा सके।
ग्वालियर में सनसनी, मासूम की हत्या के शक में पड़ोसी हिरासत में
20 Jun, 2026 03:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के अंतर्गत आने वाले पुरानी छावनी थाना क्षेत्र के बरा गांव में आठ साल की अबोध बच्ची अलीना की दर्दनाक हत्या का एक बेहद हृदयविदारक और सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। मासूम की जान किसी धारदार हथियार से नहीं, बल्कि बेरहमी से की गई बर्बर पिटाई के कारण गई है। मृतका के पोस्टमार्टम और चिकित्सकीय परीक्षण में उसके सिर से लेकर पैर तक शरीर के विभिन्न हिस्सों पर १० से अधिक गहरे और गंभीर अंदरूनी जख्मों के निशान पाए गए हैं। इस जघन्य कृत्य को संज्ञान में लेते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए मृतका के पड़ोस में रहने वाले मुख्य संदेही युवक आमीन खान को अपनी कस्टडी में ले लिया है और उससे घटनाक्रम को लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है।
गुल्लक से चंद रुपये निकालने पर भड़का पड़ोसी का गुस्सा और कमरे में बंद कर की बेदम पिटाई
प्रारंभिक पुलिस तफ्तीश और स्थानीय चश्मदीदों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह पूरा विवाद शुक्रवार की शाम को उस वक्त शुरू हुआ जब अलीना खेलते-खेलते पड़ोस में रहने वाले आमीन खान के एकांत घर के भीतर दाखिल हो गई थी। आरोप है कि वहां रखी एक गुल्लक से मासूम ने कौतूहलवश कुछ रुपये निकाल लिए थे, जिसके बाद एक राहगीर ने बच्ची को उस घर के मुख्य द्वार के समीप देखा था। कुछ देर बाद जब परिजनों और आमीन ने बच्ची की खोजबीन की, तो वह पास की ही एक किराना दुकान पर शीतल पेय (कोल्ड ड्रिंक) पीती हुई पाई गई। जब उससे रुपयों के संबंध में पूछा गया तो मासूम ने बिना किसी डर के पैसे लेने की बात स्वीकार कर ली और चुराए गए रुपये भी तत्परता से वापस मिल गए।
रुपये वापस मिलने के बाद भी नहीं शांत हुआ आक्रोश और रात भर तड़पने के बाद बिस्तर पर दम तोड़ा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चोरी गए रुपये पूरी तरह वापस मिल जाने के बाद भी आरोपी आमीन खान का गुस्सा शांत नहीं हुआ और वह बदले की भावना से सुलगता रहा। आरोप है कि वह जबरन अलीना को अपने साथ एक एकांत कमरे में ले गया और दरवाजा अंदर से बंद कर उस पर लात-घूंसों व डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। प्रताड़ना इतनी भयानक थी कि जब वह बच्ची को उसके घर वापस छोड़ने आया, तो मासूम अलीना के पैर कांप रहे थे और वह सीधे खड़े होने की स्थिति में भी नहीं थी। दुर्भाग्यवश, पीड़ित परिवार के सदस्य उसकी शारीरिक स्थिति और अंदरूनी तकलीफ की गंभीरता को समय रहते भांप नहीं पाए और रात भर असहनीय शारीरिक दर्द से बिस्तर पर तड़पने के बाद अंततः शुक्रवार की काली रात को अलीना ने दम तोड़ दिया।
शुरुआती दौर में गुमराह करने की कोशिश नाकाम और फॉरेंसिक साक्ष्यों से खुला हत्या का राज
इस बेहद संवेदनशील मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) के विशेषज्ञों की टीम को मौके पर बुलाया और डॉक्टरों के एक विशेष पैनल के जरिए शव का पोस्टमार्टम संपन्न कराया। चिकित्सकीय रिपोर्ट में यह प्रामाणिक रूप से साफ हो गया कि अत्यधिक बेरहमी से की गई मारपीट के चलते बच्ची के शरीर के भीतर भारी रक्तस्राव (इंटरनल ब्लीडिंग) हुआ था, जिससे उसके आंतरिक नाजुक अंगों ने काम करना पूरी तरह बंद कर दिया और यही उसकी अकाल मृत्यु का मुख्य कारण बना। हालांकि, शुरुआत में कुछ स्थानीय तत्वों ने आरोपी को बचाने के उद्देश्य से पुलिस को यह कहकर गुमराह करने की कोशिश की थी कि आमीन ने केवल बच्ची को डराया-धमकाया था, परंतु घटनास्थल से मिले वैज्ञानिक साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने झूठ का पर्दाफाश कर दिया। पुरानी छावनी थाना प्रभारी के अनुसार, आरोपी के खिलाफ हत्या का संगीन मुकदमा दर्ज कर विधिक दंडात्मक कार्रवाई को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
बाहर जाने से पहले मंजूरी अनिवार्य, सरकारी खर्च पर कसा शिकंजा
20 Jun, 2026 03:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिदृश्यों और प्रधानमंत्री के संदेश को आत्मसात करते हुए मध्य प्रदेश शासन ने प्रशासनिक अमले में फिजूलखर्ची रोकने तथा नागरिकों को संसाधनों के समझदारी से इस्तेमाल के लिए जागरूक करने हेतु नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा समस्त जिला कलेक्टरों और विभागाध्यक्षों को प्रेषित इस परिपत्र में सरकारी खजाने पर वित्तीय भार कम करने, बिजली की बचत, पर्यावरण संवर्धन और स्वावलंबन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। नए नियमों के तहत अब सभी शासकीय बैठकों, प्रशिक्षण सत्रों, कार्यशालाओं और गोष्ठियों का आयोजन अनिवार्य रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या हाइब्रिड माध्यम से किया जाएगा, ताकि राजकीय दौरों पर होने वाले अनावश्यक खर्च को रोका जा सके। इसके अतिरिक्त, मंत्रालय और क्षेत्रीय स्तर के अधिकारियों-कर्मचारियों को दफ्तर आने-जाने के लिए निजी वाहनों के बजाय सामूहिक परिवहन (पब्लिक ट्रांसपोर्ट), कार-पूलिंग अथवा पर्यावरण अनुकूल इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
बाहरी राज्यों के आधिकारिक दौरों पर मुख्य सचिव की मंजूरी की बंदिश और उज्ज्वला योजना की समीक्षा
प्रशासनिक स्तर पर वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए मध्य प्रदेश से बाहर होने वाले सरकारी दौरों पर कड़ा पहरा बिठा दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत अधीनस्थ स्तर के कर्मचारियों और अधिकारियों के अंतर-राज्यीय दौरों को केवल बेहद आपातकालीन या अपरिहार्य परिस्थितियों में ही अनुमति दी जाएगी, जबकि सचिव स्तर के वरिष्ठ नौकरशाहों को राज्य की सीमा से बाहर किसी भी राजकीय कार्य के लिए मुख्य सचिव (सीएस) से पूर्वानुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इसी के साथ सरकार ने कृषि और उद्यानिकी जैसे विभागों को निर्देशित किया है कि वे रासायनिक खादों के अंधाधुंध इस्तेमाल पर रोक लगाने और प्राकृतिक खेती को जन-आंदोलन का रूप देने के लिए कृषकों के बीच अभियान चलाएं। वहीं दूसरी ओर, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को जिम्मेदारी दी गई है कि वह पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) के बुनियादी ढांचे को तेजी से विकसित करे और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना सहित एलपीजी उपभोक्ताओं की सूची से अपात्र तथा फर्जी लाभार्थियों को चिन्हित कर उनके नाम हटाए।
सरकारी परिसरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम की अनिवार्यता और पर्यावरण अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
विकास कार्यों से जुड़े लोक निर्माण और अन्य निर्माण विभागों को हिदायत दी गई है कि वे अपनी सरकारी परियोजनाओं में पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाने वाली हरित निर्माण सामग्री (इको-फ्रेंडली मटेरियल) को प्राथमिकता दें और आम लोगों को भी इसके प्रति प्रेरित करें। इसके साथ ही, राज्य के सभी सरकारी भवनों और कार्यालयों की छतों पर 'प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना' के अंतर्गत सौर ऊर्जा (रूफटॉप सोलर सिस्टम) प्रणाली स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बिजली के पारंपरिक ग्रिड पर निर्भरता कम हो सके। शासन ने जनसंपर्क विभाग को "मेरा भारत-मेरा योगदान" नामक एक राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान शुरू करने का दायित्व सौंपा है, जिसके माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को बिजली की बचत, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के प्रति उत्तरदायी व्यवहार अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
प्रवासी भारतीयों के जरिए घरेलू पर्यटन को बढ़ावा और महत्वपूर्ण खनिजों के खनन को सर्वोच्च प्राथमिकता
आर्थिक और सांस्कृतिक मोर्चे पर सक्रियता बढ़ाते हुए पर्यटन विभाग को "देखो अपना देश" नीति के तहत काम करने को कहा गया है, ताकि विदेशों में रह रहे प्रवासी भारतीयों (NRIs) को छुट्टियों के दौरान मध्य प्रदेश और देश के अन्य पर्यटन स्थलों की यात्रा करने के लिए आकर्षित किया जा सके, जिसमें "फ्रेंड्स ऑफ एमपी" जैसे वैश्विक संगठनों की मदद ली जाएगी। देश को औद्योगिक रूप से सशक्त करने और अंतरराष्ट्रीय आयात पर निर्भरता घटाने के उद्देश्य से खनिज साधन विभाग को एक बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग से कहा गया है कि वह आधुनिक तकनीकों के लिए जरूरी लिथियम, कोबाल्ट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स, तांबा (कॉपर) और कोयले जैसी रणनीतिक संपदाओं से संबंधित खनन अनुमतियों, पर्यावरणीय स्वीकृतियों और लीज आवंटन के आवेदनों को बिना किसी देरी के सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर तुरंत मंजूरी प्रदान करे ताकि राष्ट्र की आत्मनिर्भरता को और अधिक बल मिल सके।
जमाल सिद्दीकी का बड़ा बयान, योग-नमाज तुलना और चोरी मामले पर जताई नाराजगी
20 Jun, 2026 03:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता महुआ मोइत्रा द्वारा सड़क पर नमाज की तुलना अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से करने पर देशव्यापी बहस छिड़ गई है। इस विवाद की गूंज अब मध्य प्रदेश के सियासी गलियारों में भी तेजी से सुनाई दे रही है। महुआ मोइत्रा ने ट्वीट कर आरोप लगाया था कि बंगाल के रेड रोड पर ईद की नमाज के लिए तो पाबंदी दिखाई गई, लेकिन योग दिवस के नाम पर उसे एक हफ्ते तक यातायात के लिए बंद रखा गया। इस बयान पर तीखी आपत्ति जताते हुए मध्य प्रदेश के खंडवा पहुंचे भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने दोटूक कहा कि कुछ लोग केवल राजनीतिक रोटियां सेकने और मुसलमानों को बदनाम करने के लिए ऐसे धार्मिक मुद्दों को भटकाने का काम करते हैं। मध्य प्रदेश भाजपा के नेताओं का भी मानना है कि इस तरह के बयान केवल तुष्टिकरण की राजनीति का हिस्सा हैं, जिनका जमीनी हकीकत से कोई वास्ता नहीं है।
मध्य प्रदेश से उठी आवाज, इस्लाम के प्रोटोकॉल और मस्जिदों में नमाज की वकालत
खंडवा में मीडिया से औपचारिक चर्चा के दौरान जमाल सिद्दीकी ने इस्लामिक सिद्धांतों का हवाला देते हुए कहा कि इस्लाम में इबादत का एक स्पष्ट और पवित्र प्रोटोकॉल है। दुनिया के 55 प्रमुख मुस्लिम देशों और स्वयं इस्लाम की उद्गम स्थली सऊदी अरब का उदाहरण देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वहां भी नमाज केवल मस्जिदों के भीतर ही पढ़ी जाती है, सार्वजनिक सड़कों पर नहीं। सिद्दीकी ने कहा कि शरिया के अनुसार किसी भी विवादित या आम जनता को परेशान करने वाले स्थान पर की गई इबादत कबूल नहीं होती। मध्य प्रदेश के प्रमुख मुस्लिम विचारकों और राजनीतिक विश्लेषकों ने भी इस बयान का समर्थन करते हुए कहा है कि नमाज जैसी पावन व्यवस्था को वातानुकूलित कमरों में बैठकर राजनीति करने वाले लोग सड़कों पर लाकर खराब न करें।
योग को संस्कृति का हिस्सा बताते हुए एमपी के नागरिकों से निरोगी रहने की अपील
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के विषय पर बात करते हुए भाजपा नेता ने इसे भारत की ऋषि परंपरा और महान संस्कृति का गौरवशाली प्रतीक बताया, जिसके माध्यम से वैश्विक स्तर पर देश का मान बढ़ा है। उन्होंने मध्य प्रदेश सहित देश भर के नागरिकों से अपील की कि वे अपने जीवन में संतुलन स्थापित करें। नमाज जहां आत्मिक शांति का जरिया है, वहीं योग शारीरिक और मानसिक आरोग्यता का आधार है। उन्होंने प्रदेश के युवाओं और आमजन से आह्वान किया कि वे किसी के बहकावे में न आएं; पाबंदी से नमाज भी अदा करें और शरीर को निरोगी रखने के लिए नियमित रूप से योग को भी अपनाएं, ताकि एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके।
अयोध्या राम मंदिर मामले में विपक्ष की घेराबंदी पर पलटवार और जांच का भरोसा
इसके अतिरिक्त, अयोध्या स्थित प्रभु श्रीराम मंदिर के दानपात्र से कुछ कथित कर्मचारियों द्वारा चंदा चोरी किए जाने के मामले पर भी मध्य प्रदेश के राजनीतिक हलकों में बयानबाजी तेज है। इस विषय पर जमाल सिद्दीकी ने कहा कि चुनावी पराजय से हताश हो चुका विपक्ष अब हर संवेदनशील मुद्दे पर सरकार को घेरने की नाकाम कोशिशें कर रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार ने तत्काल विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया है। भगवान राम के दरबार में ऐसी घिनौनी हरकत करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत उन्हें ऐसी कड़ी सजा दी जाएगी कि देश के सामने एक कड़ा उदाहरण पेश हो सके।
नर्मदापुरम में सनसनी, लिव-इन पार्टनर ने की महिला की हत्या, आरोपी की तलाश जारी
20 Jun, 2026 12:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले से आपसी रिश्तों के कत्ल की एक बेहद सनसनीखेज और खौफनाक वारदात सामने आई है। यहां एक किराये के मकान में लिव-इन रिलेशनशिप (बिना शादी के साथ रहना) में रह रहे एक युगल के बीच मामूली बात को लेकर शुरू हुआ झगड़ा इस कदर बढ़ गया कि पुरुष पार्टनर ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए महिला की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हत्याकांड को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी वारदात स्थल से फरार है, जिसकी तलाश में स्थानीय पुलिस सरगर्मी से जुटी हुई है।
विवाद के बाद जानलेवा हमला और इलाज के दौरान दम तोड़ना
पुलिस प्रशासन से प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना बुधवार (17 जून) की दोपहर नंदविहार इलाके में घटित हुई। मालाखेड़ी रोड पर स्थित लाइफस्टाइल कॉलोनी के समीप किराये के मकान में रहने वाली 38 वर्षीय आशा यादव का अपने लिव-इन पार्टनर गणपत चौरे के साथ किसी बात को लेकर तीखा विवाद हो गया था। यह बहस इतनी उग्र हो गई कि गणपत ने तैश में आकर आशा पर चाकू से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। चाकू महिला के पेट और सीने में गहरे धंस गए, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी। गंभीर हालत में उसे तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां सघन चिकित्सा के बावजूद गुरुवार की रात उसने दम तोड़ दिया।
मृतिका के आखिरी बयानों के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज
अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान गंभीर रूप से घायल महिला ने दम तोड़ने से पहले पुलिस को अपना आधिकारिक बयान दर्ज कराया था। महिला के उन्हीं आखिरी बयानों को मुख्य आधार बनाते हुए कोतवाली थाना पुलिस ने शुरुआत में आरोपी गणपत चौरे के खिलाफ जानलेवा हमला करने का आपराधिक केस दर्ज किया था। हालांकि, अब महिला की मृत्यु हो जाने के बाद पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए दर्ज मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की हत्या से जुड़ी संगीन धाराएं जोड़ दी हैं। पुलिस की कई विशेष टीमें अब इस मामले को पूरी गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ा रही हैं।
आर्थिक लेन-देन का मुख्य विवाद और फरार आरोपी की घेराबंदी
कोतवाली थाना प्रभारी गौरव बुंदेला के मुताबिक, अब तक की शुरुआती कड़ियों को जोड़ने पर इस खूनी संघर्ष के पीछे मुख्य रूप से आपसी पैसों के लेन-देन का विवाद प्रकाश में आया है। पुलिस आरोपी गणपत चौरे, जो कि नंदविहार कॉलोनी क्षेत्र में मजदूरी या अन्य काम करता था, की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के घरों पर लगातार दबिश दे रही है। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि फरार हत्यारे को जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा और उसकी गिरफ्तारी के बाद ही इस जघन्य हत्याकांड से जुड़े अन्य सभी वास्तविक तथ्य और कारण पूरी तरह से साफ हो सकेंगे।
200 करोड़ के घोटाले की आशंका, क्लोन ऐप के जरिए मनरेगा में बड़ा खेल
20 Jun, 2026 11:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। ग्रामीण अंचलों में आजीविका और रोजगार की गारंटी देने वाली महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) में एक बेहद गंभीर और बड़े वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। इस योजना के अंतर्गत काम करने वाले मजदूरों की हाजिरी लगाने के लिए इस्तेमाल होने वाले आधिकारिक 'नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम' (एनएमएमएस) का एक जाली यानी क्लोन एप्लीकेशन विकसित कर लिया गया है। इस फर्जी मोबाइल ऐप के माध्यम से बड़े पैमाने पर मजदूरों की नकली उपस्थिति दर्ज कर सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये का अवैध भुगतान करा लिया गया, जिसे लेकर अब दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
क्लोन ऐप से 200 करोड़ के गबन का आरोप और सीबीआई जांच की मांग
इस सुनियोजित डिजिटल घोटाले की गूंज मुरैना सहित मध्य प्रदेश के कई अन्य जनपदों में सुनाई दे रही है। लांजी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक किशोर समरीते ने इस महाफर्जीवाड़े को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल को एक विस्तृत शिकायती पत्र भेजा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच देश की शीर्ष एजेंसी सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) से कराने की पुरजोर वकालत की है। शिकायत में यह संगीन आरोप लगाया गया है कि एनएमएमएस ऐप के साथ छेड़छाड़ कर या उसका टेंपर्ड वर्जन बनाकर पिछले दो वर्षों से बिना कार्यस्थल पर जाए, बिना किसी वास्तविक जियो-टैगिंग और प्रशासनिक सत्यापन के ही जॉब कार्ड धारकों की हाजिरी दर्ज की जा रही थी, जिससे लगभग 200 करोड़ रुपये के सरकारी धन का गबन किया गया है।
मनरेगा योजना की समाप्ति और नई व्यवस्था की ओर कदम
तकनीकी प्रणाली में सेंधमारी कर किए जा रहे इस निरंतर घोटाले के बीच एक और महत्वपूर्ण प्रशासनिक जानकारी सामने आई है कि वर्तमान मनरेगा व्यवस्था आगामी 30 जून से पूरी तरह से समाप्त होने जा रही है। इस पुरानी व्यवस्था के स्थान पर सरकार द्वारा ग्रामीण रोजगार के सुचारू संचालन के लिए एक नई योजना 'वीबीजीरामजी' (VBGRAMJI) को धरातल पर लागू किया जाएगा। माना जा रहा है कि नई व्यवस्था के तहत सुरक्षा और पारदर्शिता के ऐसे कड़े मानक तय किए जाएंगे जिससे भविष्य में डिजिटल माध्यमों या मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए होने वाली किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं पर पूरी तरह से नकेल कसी जा सके।
मुरैना में आपराधिक मुकदमा दर्ज और डिजिटल सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न
इस व्यापक वित्तीय धांधली के उजागर होते ही प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप मच गया है और मुरैना के जिला कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 1 जून को ही दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने के कड़े आदेश जारी किए थे। कलेक्टर के निर्देशानुसार खड़कपुर ग्राम पंचायत के संबंधित सहायक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। इस चौंकाने वाले मामले ने सरकारी योजनाओं को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाने की मौजूदा व्यवस्था की सुरक्षा और विश्वसनीयता पर बहुत बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
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