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13 साल पहले रचा था इतिहास, अब आसमान से गिरकर टूट गया सपना
18 Jul, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ऑस्ट्रियाई चरम खेलों के में निपुणता रखने वाले फेलिक्स बॉमगार्टनर का गुरुवार को मध्य इटली में एक पैराग्लाइडिंग दुर्घटना में निधन हो गया. उनकी उम्र 56 वर्ष की थी. इटली के मध्य मार्चे क्षेत्र में पोर्टो सैंट’एल्पिडियो के ऊपर उड़ान भरते समय वह अपने मोटराइज्ड पैराग्लाइडर से नियंत्रण खो बैठे और एक होटल के स्विमिंग पूल के पास जमीन पर गिर पड़े. जिस वजह से उनकी मृत्यू हो गई.
फेलिक्स बॉमगार्टनर ने 2012 में गुब्बारे से पृथ्वी पर छलांग लगाई थी, जिसमें उन्होंने ध्वनि की गति को मात दे दी थी. वह ऐसा करने वाले दुनिया के पहले स्काईडाइवर बने. बॉमगार्टनर ने 16 वर्ष की उम्र में ही बेस जंपिंग के चरम खेल और पैराशूटिंग शुरू कर दी थी.
स्वास्थ्य समस्या की वजह से हुई दुर्घटना- मेयर
पोर्टो सैंट’एल्पिडियो के मेयर मासिमिलियानो सियारपेला का कहना है कि रिपोर्टों से पता चलता है कि उन्हें उड़ान के दौरान अचानक कोई स्वास्थ्य समस्या हुई होगी, जिस वजह से उन्होंने अपना नियंत्रण को दिया और यह दुर्घटना हो गई. मेयर ने पूरे शहर की तरफ से फेलिक्स बॉमगार्टनर मृत्यु पर संवेदना व्यक्त की. उन्होंने कहा कि अत्यधिक उड़ानों के लिए साहस और जुनून के प्रतीक फेलिक्स के निधन पर सारा शहर दुखी है. हालांकि अभी तक दुर्घटना के स्पष्ट कारणों की पुष्टि नहीं हो पाई है.
अंतरिक्ष से गुब्बारे से लगाई थी छलांग
ऑस्ट्रियाई खिलाड़ी ने अक्टूबर 2012 में दुनिया भर में सुर्खियां बटोरीं थी. उन्होंने एक विशेष रूप से निर्मित सूट (अंतरिक्ष सूट) पहनकर, पृथ्वी से 24 मील (38 किमी) ऊपर एक गुब्बारे से छलांग लगाई, और ध्वनि से भी तेज गति वाले पहले स्काईडाइवर बने. इसकी गति आमतौर पर 690 मील प्रति घंटे से अधिक मापी गई थी. यह ऐसा करने वाले दुनिया के पहले स्काईडाइवर बने. उन्होंने यह छलांग 14 अक्टूबर को लगाई थी. क्योंकि इससे पहले 14 अक्टूबर 1947 के यानी ठीक 65 साल पहले अमेरिकी पायलट चक येजर ने पहली बार ध्वनि की गति तोड़ी थी.
किशोरावस्था से ही ऊंची इमारतों से कूदना शुरू कर दिया था
फेलिक्स बॉमगार्टनर ने किशोरावस्था से ही पैराशूटिंग शुरू कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने बेस जंपिंग के चरम खेल को भी अपनाया और इतिहास रचा. उनके साहसिक छलांगों के लंबे करियर में इंग्लिश चैनल के पार स्काईडाइविंग और मलेशिया के पेट्रोनास टावर्स से पैराशूट से कूदना शामिल है.
तानाशाही शासन प्रणाली का करते थे समर्थन
वह ऑस्ट्रिया में तानाशाही शासन प्रणाली के समर्थन के साथ-साथ अपने विचारों को लेकर भी काफी विवादों से घिरे रहते थे. बताया जाता है कि 2010 में साल्जबर्ग के पास एक ट्रैफिक जाम की वजह एक ग्रीक ट्रक ड्राइवर से झगड़ा हो गया. झगडे के दौरान उन्होंने ट्रक ड्राइवर के चेहरे पर मुक्का मार दिया था. बाद में बॉमगार्टनर को इसको लेकर 1,500 यूरो का जुर्माना भी देना पड़ा था.
बलूचिस्तान में फिर खूनी वारदात, मशहूर कव्वालों पर बरसी गोलियां
18 Jul, 2025 12:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान के कलात में बलूचिस्तान के विद्रोही लड़ाकों ने साबरी समूह के 3 कव्वालों की हत्या कर दी है. ये कव्वाल क्वैटा में एक शादी समारोह में भाग लेने के लिए जा रहे थे. साबरी समूह के कव्वालों की हत्या की खबर ने पाकिस्तान की सरगर्मी बढ़ा दी है. बलूच लड़ाकों ने अब तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार (16 जुलाई) को एक बस से साबरी समूह के कव्वाल क्वैटा जा रहे थे. इसी दौरान घात लगाए विद्रोहियों ने बस पर हमला कर दिया. बलूच लड़ाकों का कहना था कि इस बस में पंजाब से सेना के जासूस थे, जिन पर अटैक किया गया है.
बस में सवार थे 17 से ज्यादा लोग
क्वैटा प्रांत के पुलिस अधिकारी ने बताया कि बस में 17 से ज्यादा लोग सवार थे. 3 लोग तुरंत ही मारे गए. 14 घायल हो गए, जिनमें से 3 की स्थिति गंभीर बताई जा रही है. सभी का इलाज स्थानीय अस्पताल में कराया जा रहा है.
रिपोर्ट के मुताबिक 16 जुलाई को क्वैटा में एक बड़े परिवार में शादी का आयोजन था, जिसमें इन कव्वालों को बुलाया गया था. बस में अधिकांश साबरी समूह के ही लोग सवार थे. घटना पर साबरी समूह ने कुछ भी टिप्पणी करने से इनकार किया है.
बस में सवार कराची के नागरिक और कव्वाल संगीतकार मोहम्मद रिजवान ने बात करते हुए कहा कि हम लोग एक समारोह में जा रहे थे. बस में जो लोग मारे गए हैं, उनमें 2 अमजद साबरी के रिश्तेदार भी थे.
कव्वाली के लिए मशहूर है साबरी ग्रुप
साबरी समूह पूरी दुनिया में कव्वाली के लिए मशहूर है. इस ग्रुप की स्थापना गुलाम फरीद साबरी, मकबूल साबरी ने की थी. बाद में ग्रुप से अमजद साबरी और महमूद गजनवी साबरी जुड़ गए. समूह के सदस्य सूफी कव्वाली संगीत के कलाकार थे. इसे सबरी ब्रदर्स के नाम से भी जाना जाता है.
साबरी समूह खुद को मियां तानसेन के वंशज होने का भी दावा करते रहे हैं. सबरी ब्रदर्स को सऊदी में मक्का के नबी के प्रांगण में भी गायन का मौका मिल चुका है. इसी के बाद पूरी दुनिया में सबरी ब्रदर्स को जाना जाने लगा.
शिकवा जवाब ए शिकवा के लिए सबरी ब्रदर्स को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की थी. साबरी ग्रुप में वर्तमान में 50 से ज्यादा संगीतकार काम कर रहे हैं. अधिकांश साबरी के परिवार से ही ताल्लुक रखते हैं.
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को नसों से जुड़ी बीमारी, जानें क्या है क्रॉनिक वेनस इन्सफिशिएंसी
18 Jul, 2025 11:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की खराब हेल्थ ने व्हाइट हाउस की चिंता बढ़ा दी है. पैरों में सूजन के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति को नई बीमारी का पता चला है. ट्रंप को क्रॉनिक वेनस इन्सफिशिएंसी हुई है, जो कि उम्रदराज लोगों में सामान्य है. व्हाइट हाउस ने इस बात की पुष्टि की है. व्हाइट हाउस ने ट्रंप के स्वास्थ्य पर अपडेट देते हुए कहा है कि ट्रंप की सेहत अभी ठीक है.
जांच में किसी गंभीर समस्या का पता नहीं चला है. सभी परिणाम सामान्य पाए गए हैं. पैरों में सूजन की वजह क्रोनिक वेनस इनसफीशिएंसी बताई गई है, जो 70 साल से अधिक उम्र के लोगों में यह आम है. व्हाइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति ने पैरों में सूजन के लिए मेडिकल जांच करवाई थी, जिसमें यह नया खुलासा हुआ है यानी नई बीमारी का पता चला है.
ट्रंप की सेहत अच्छी है, सभी रिपोर्ट सामान्य- व्हाइट हाउस
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ने कहा कि मुझे पता है कि मीडिया में कई लोग राष्ट्रपति के हाथ में चोट और पैरों में सूजन के बारे में अटकलें लगा रहे हैं. इसलिए राष्ट्रपति चाहते थे कि मैं उनके स्वास्थ्य के बारे में सभी को अपडेट करूं. तो फिलहाल ट्रंप की सेहत अच्छी है. उनके सभी रिपोर्ट सामान्य हैं. डीप पेन थ्रोम्बोसिस या धमनी रोग का कोई प्रमाण नहीं है.
दरअसल, हाल ही में ट्रंप के पैरों के निचले हिस्से में हल्की सूजन देखी गई थी. कुछ वीडियो में वो पैर घसीटते हुए भी नजर आए थे. क्रॉनिक वेनस इन्सफिशिएंसी बीमारी तब होती है जब पैरों की नसों से रक्त को हृदय तक वापस आने में कठिनाई होती है. खासकर बुजुर्गों में यह बीमारी आम है. ट्रंप के हाथों पर जो हल्की गांठ हुई थी, उसे डॉक्टर ने ‘माइल्ड सॉफ्ट‑टिशू इरिटेशन’ बताया.
क्या है क्रॉनिक वेनस इनसफिशिएंसी?
क्रॉनिक वेनस इनसफिशिएंसी एक ऐसी स्थिति है, जिसमें पैरों की नसों में रक्त का प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता है, जिससे पैरों में सूजन, दर्द, और त्वचा में परिवर्तन हो सकते हैं. यह स्थिति तब होती है जब नसों के वाल्व ठीक से काम नहीं करते हैं, जिससे रक्त हृदय की ओर वापस जाने के बजाय पैरों में जमा हो जाता है.
क्रॉनिक वेनस इनसफिशिएंसी के लक्षण
पैरों और टखनों में सूजन
खड़े रहने या चलने पर दर्द-ऐंठन और भारीपन
त्वचा परिवर्तन से खुजली-झुनझुनी
त्वचा का रंग बदलना, भूरापन, मोटी त्वचा
उभरी, मोड़ी हुई नसें
टखनों के आसपास दर्दनाक घाव
युद्धकाल में इतिहास रचा: यूलिया स्विरीडेंको बनीं यूक्रेन की नई प्रधानमंत्री
18 Jul, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कीव। यूलिया स्विरीडेंको अब यूक्रेन की नई प्रधानमंत्री बन गई हैं। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने उनके नाम की सिफारिश की थी। इसके बाद यूक्रेनी संसद ने उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में चुन लिया। यूलिया पहले डिप्टी पीएम और अर्थव्यवस्था मंत्री थीं। उनकी उम्र 39 साल है और वे पेशे से अर्थशास्त्री हैं। उन्होंने 2020 से पीएम पद पर काबिज डेनिस श्मिहाल की जगह ली है।
बतौर डिप्टी पीएम स्विरीडेंको ने इस साल अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ खनिज डील कराने में अहम भूमिका निभाई थी, जिसके बाद उनकी बेहद तारीफ हुई थी। नई कैबिनेट में कुछ और बदलाव भी हुए हैं। श्मिहाल अब भी कैबिनेट में रहेंगे लेकिन रक्षा मंत्री नहीं होंगे। उनकी जगह रुस्तम उमरोव पहले से ही रक्षा मंत्री बने रहेंगे। पहले जेलेंस्की ने श्मिहाल को रक्षा मंत्री बनाने की बात कही थी।
सीरिया के स्वैदा में संघर्ष थमा, पांच दिन बाद हुआ युद्धविराम
17 Jul, 2025 09:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दमिश्क। दक्षिणी सीरिया में पांच दिनों तक चले संघर्ष के बाद सीरिया ने सीजफायर पर सहमति जताई है। इसके साथ उसने स्वैदा शहर से अपनी सेना को वापस बुलाने का आदेश दिया है। इस बीच सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने ड्रूज नागरिकों और उनके अधिकारों की रक्षा करने को प्राथमिकता बताया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसका ऐलान किया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा कि पिछले सप्ताह के आखिर से चल रहे सांप्रदायिक संघर्ष में शामिल पक्ष युद्धविराम के लिए विशिष्ट कदमों पर सहमत हो गए हैं। इससे भयावह स्थिति का अंत हो जाएगा। इसके लिए सभी पक्षों को अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करना होगा और हम उनसे यही अपेक्षा करते हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दमिश्क पर इजराइली एयरस्ट्राइक के बाद अहमद अल-शरा ने ड्रूज नागरिकों से कहा था कि हम आपको किसी बाहरी पक्ष के हाथों में सौंपने के किसी भी प्रयास का विरोध करते हैं। उन्होंने इजराइल पर निशाना साधते हुए कहा कि हम उन लोगों में से नहीं, जो युद्ध से डरते हैं। हमने अपना जीवन चुनौतियों का सामना करने और अपने लोगों की रक्षा करने में बिताया है, लेकिन हमने सीरिया के लोगों के हितों को अराजकता और विनाश से ऊपर रखा है।
अल-शरा ने कहा कि इजराइल हमारी जमीन को अराजकता के अखाड़े में बदलना चाहता है। सीरियाई लोग अपनी गरिमा की खातिर लड़ने को तैयार हैं। हम इस धरती के बच्चे हैं और इजराइल की कोशिशों को नाकाम करने में पूरी तरह सक्षम हैं। हम उन लोगों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए उत्सुक हैं, जिन्होंने हमारे ड्रूज लोगों को नुकसान पहुंचाया। उनके अधिकारों की रक्षा हमारी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है।
अहमद अल-शरा ने कहा कि इससे स्थिति काफी जटिल हो गई। मामला बड़े पैमाने पर बिगड़ गया, लेकिन अमेरिकी, अरब और तुर्की मध्यस्थता के प्रभावी हस्तक्षेप ने क्षेत्र को एक अज्ञात और अनिश्चित भविष्य से बचा लिया। मिडिल ईस्ट में बीते कुछ सालों से युद्ध छिड़ा हुआ है। बता दें सोमवार से ही इजराइल, सीरिया की सेना को निशाना बनाना शुरू कर दिया था। सीरिया के दक्षिणी शहर स्थित स्वैदा में स्थानीय सुरक्षा बलों और ड्रूज समुदाय के लड़ाकों के बीच झड़प की खबरें सामने आईं थीं, जिसके बाद इजराइल ने सीरियाई बलों को निशाना बनाना शुरू किया। इस झड़प में अब तक सैकड़ों लोग मारे गए।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर ट्रंप का बड़ा बयान: डील अंतिम चरण में
17 Jul, 2025 07:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर कहा है कि उनकी सरकार भारत के साथ समझौते के ‘संभवत:’ बहुत करीब है, क्योंकि बातचीत चल रही है। भारत के साथ व्यापार समझौते पर यह बयान उस समय आया जब भारतीय समयानुसार बुधवार रात राष्ट्रपति ट्रंप अपने ओवल ऑफिस में बहरीन के युवराज सलमान बिन हमद बिन ईसा अल खलीफा के साथ बैठक के दौरान पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने ज़ोर दिया कि पहली अगस्त एक महत्वपूर्ण दिन होगा, जब उनके देश में बहुत सारी धन-राशि (आयात शुल्क की कमाई) आएगी।
ट्रंप ने कहा, ”हम 100 अरब अमरीकी डॉलर से ज़्यादा लाए हैं। ऑटोमोबाइल और स्टील को छोड़कर, प्रशुल्क में कोई ख़ास बदलाव नहीं आया है। पहली अगस्त वह दिन है जब हमारे देश में काफ़ी घन आ रहा होगा। हमने कई जगहों के साथ समझौते किए हैं। कल भी एक समझौता हुआ।” ट्रंप ने कहा, ”हमारा एक और समझौता होने वाला है, शायद भारत के साथ, हम बातचीत कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “जब मैं पत्र भेजता हूं, तो वह एक समझौता होता है। सबसे अच्छा समझौता जो हम कर सकते हैं, वह है एक पत्र का भेजना, और उस पत्र में लिखा होता है कि आप 30 प्रतिशत, 35 प्रतिशत, 25 प्रतिशत, 20 प्रतिशत का भुगतान करेंगे। हमारे पास घोषणा करने के लिए कुछ अच्छे समझौते अभी बाकी हैं। हम भारत के साथ एक समझौते के बहुत करीब हैं जहां वे इसे (व्यापार को) खोलेंगे।”
इससे पहले ट्रंप ने इंडोनेशिया के साथ एक व्यापार समझौते की घोषणा की थी, जिसके तहत ट्रंप ने उस पर पहले लागू 32 प्रतिशत प्रशुल्क की दर को घटाकर केवल 19 प्रतिशत कर दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे ”सभी के लिए एक बड़ा समझौता” बताया, क्योंकि इंडोनेशिया को अमेरिकी निर्यात पर कोई प्रशुल्क नहीं लगेगा, जबकि इंडोनेशिया के माल पर अमेरिका में 19 प्रतिशत का शुल्क लगाया जाएगा। राष्ट्रपति ने अमरीका से व्यापार करने वाले देशों पर अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए अप्रैल में उनके खिलाफ ऊंचे प्रशुल्क लगा दिए है। उन्होंने इन देशों को समझौता करने के लिए 90 दिन का समय दिया था जो 9 जुलाई को पूरा हो गया है। भारत के साथ बातचीत संभावत: जारी है। उन्होंने उसके बाद कई देशों के खिलाफ ऊंचे शुल्क लगाए हैं जो पहली अगस्त से प्रभावी होने जा रहे हैं।
पाकिस्तानी शख्स ने बाबा बागेश्वर से पूछा सवाल, जवाब सुनकर आप भी हो जाएंगे खुश
17 Jul, 2025 05:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन। बाबा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ब्रिटेन दौरे पर हैं। ब्रिटिश सांसदों के एक समूह द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बाबा बागेश्वर को सम्मानित किया गया। इस दौरान संसद में हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। ब्रिटिश संसद में पाकिस्तानी मूल के शख्स मोहम्मद आरिफ धर्म और भारतीयता को लेकर सवाल पूछा।
हिंदू धर्म नहीं बल्कि मानवता की विचारधारा है
बाबा बागेश्वर ने ब्रिटेन संसद में मौजूद लोगों के सवालों का जवाब दिया। पाकिस्तान मूल के मोहम्मद आरिफ ने कहा है कि उनका जन्म पाकिस्तान में जरूर हुआ है लेकिन भगवत गीता पढ़कर अब वह हिंदू हो गए हैं। उन्होंने बाबा बागेश्वर से पूछा कि क्या हिंदू होने के लिये नाम बदलना जरूरी है? क्या बिना नाम बदले हिंदू नहीं हो सकते हैं। इस सवाल के जवाब में पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने जवाब देते हुए कहा कि हिंदू धर्म नहीं बल्कि एक मानवता की विचारधारा है। यदि आप भगवत गीता पढ़ रहे हैं तो आपका इतना ही परिचय काफी है। दिल में विचार बदल गए तो आप सनातनी हो गए।
ब्रिटिश संसद में हनुमान चालीसा का पाठ
बाबा बागेश्वर की मौजूदगी में ब्रिटिश संसद में सांसदों और अन्य लोगों ने हनुमान चालीसा सामूहिक गान किया। बाबा बागेश्वर ने कहा कि अंतरिक्ष से शुभांशु शुक्ला ने जो संदेश दिया उसे सबको याद रखना चाहिए। देश के भीतर की सनातन संस्कृति एक विश्व, एक परिवार की धारणा को लेकर चलती है।
विश्व शांति के लिए हवन पूजन
विश्व शांति के लिए बाबा बागेश्वर ने हवन पूजन किया, जिससे दुनिया में शांति और सद्भावना बनी रहे। बाबा बागेश्वर के सम्मान के लिए आयोजित कार्यक्रम में सांसद सीमा मल्होत्रा, सांसद बॉब ब्लेकमैन, हैरो सिटी की मेयर अंजना पटेल रहीं।
इराक के मॉल में भीषण आग, 61 की मौत, 45 घायल
17 Jul, 2025 04:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बगदाद। इराक के अल कुत शहर में एक नए बने मॉल में देर शाम आग लगने से कम से 61 लोगों की मौत हो गई और 45 अन्य झुलस गए। इराकी न्यूज एजेंसी ने जानकारी दी है कि यह पांच मंजिला हाइपरमार्केट मॉल एक सप्ताह पूर्व ही खुला था। इसमें सामान की दुकानों के अलावा खाने पीने की चीजों की भी कई दुकानें थीं। घटना के समय वहां कई परिवार खाना खा रहे थे। आग की जानकारी मिलते ही दमकल कर्मी वहां पहुंचे और बचाव कार्य शुरु कर दिया। इससे वहां मौजूद कई लोगों को बचा भी लिया गया। सरकार ने तीन दिनों का शोक घोषित किया है और मामले की जांच के लिए एक दल का गठन कर दिया है जो दो दिनों में अपनी रिपोर्ट देगा। मॉल के मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इजरायल ने अब सीरिया के रक्षा मंत्रालय पर किया ड्रोन हमला
17 Jul, 2025 01:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में कई मोर्चों पर युद्ध छिड़ा हुआ है जिसमें लगभग हर मोर्चे पर इजरालयल की संलिप्तता दिख रही है। ताजा हालात ये हैं कि इजरायल ने सीरिया में भी हमले तेज कर दिए हैं। इजरायल की सेना आईडीएफ ने बुधवार को सीरिया की राजधानी दमिश्क में सीरियाई रक्षा मंत्रालय के एंट्री गेट पर हमला किया। सोमवार से ही इजरायल सीरिया की इस्लामिक नेतृत्व वाली सरकार की सेना को निशाना बना रहा है। सीरिया के दक्षिणी शहर स्वैदा में स्थानीय सुरक्षा बलों और ड्रूज समुदाय के लड़ाकों के बीच झड़प के बाद इजरायल ने सीरियाई बलों को निशाना बनाना शुरू किया।
इजरायल का कहना है कि वो ड्रूज अल्पसंख्यकों को स्थानीय सैनिकों के हमले से बचाने के लिए ये हमले कर रहा है। सीरियाई रक्षा मंत्रालय के सुरक्षा सूत्रों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि मंत्रालय की इमारत पर कम से कम दो ड्रोन हमले हुए हैं और अधिकारी बेसमेंट में छिपे हुए हैं। सीरियाई सरकारी समाचार चैनल इलेखबरिया टीवी ने बताया कि इजरायली हमले में दो नागरिक घायल हुए हैं। इजरायली सेना ने बताया कि हमने दमिश्क में सीरियाई शासन के सैन्य मुख्यालय परिसर के एंट्री गेट पर हमला किया है। सेना दक्षिणी सीरिया में ड्रूज नागरिकों के खिलाफ की जा रही कार्रवाइयों पर नजर बनाए हुए है।
ट्रम्प ने पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो का समर्थन किया, न्यूयॉर्क शहर के मेयर पद के लिए
17 Jul, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो का समर्थन किया है। ट्रम्प ने कहा कि कुओमो को न्यूयॉर्क शहर के मेयर पद के लिए ममदानी के खिलाफ चुनाव में बने रहना चाहिए। मुझे लगता है कि उनके पास जीतने का मौका है।
लेकिन ट्रम्प ने कुओमो का पूर्ण समर्थन करने से इंकार किया। जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह चाहते हैं कि कुओमो जीतें, इसपर ट्रम्प ने कहा, “मैं यह नहीं कहना सकता। मैं एक रिपब्लिकन हूं और वह एक डेमोक्रेट हैं। मुझे लगता है कि एंड्रयू के पास जीतने का अच्छा मौका है। उन्हें एक अभियान चलाना होगा। आप जानते हैं, वह एक कम्युनिस्ट के खिलाफ लड़ रहे हैं। ट्रम्प ने एक बार फिर ममदानी को कम्युनिस्ट करार दिया।
67 वर्षीय पूर्व गवर्नर कुओमो ने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। इससे पिछले महीने वह डेमोक्रेटिक प्राइमरी में ममदानी से बुरी तरह हार गए थे।
बौद्ध भिक्षुओं को ब्लैकमेल करने के आरोप में महिला गिरफ्तार
17 Jul, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन । थाईलैंड में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला, विलावान एम्सावत, को कई बौद्ध भिक्षुओं को ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। महिला विलावान पर आरोप है कि उसने भिक्षुओं के साथ संबंध बनाए और फिर उनसे पैसे वसूलने का काम किया।
यह मामला तब प्रकाश में आया जब एक मठाधीश ने अचानक अपना पद छोड़ने की घोषणा कर दी। पुलिस जांच में पता चला कि विलावान इस मठाधीश को ब्लैकमेल कर रही थी। आरोपी महिला ने मठाधीश के साथ अपने संबंध होने और गर्भवती होने का दावा किया और उनसे 222,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 1.85 करोड़ रुपये) की मांग की थी।
जांच में विलावान के बैंक खातों से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बीते तीन सालों में उसके खाते में कुल 11.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 102.33 करोड़ रुपये) आए हैं, जिनमें से अधिकतर पैसे बौद्ध भिक्षुओं द्वारा ट्रांसफर किए गए थे।
थाईलैंड में थेरवाद संप्रदाय के बौद्ध भिक्षु ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं और महिलाओं को छूना अपराध मानते हैं। इस मामले के सामने आने के बाद थाईलैंड के मठ प्रशासन पर भी सवाल उठने लगे हैं, खासकर मठों में दान में मिलने वाले पैसों के प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर। इस स्कैंडल में कम से कम 9 बौद्ध भिक्षुओं के नाम सामने आए हैं, जिन्हें मठ से निष्कासित कर दिया गया है। विलावान एम्सावत (35) को मंगलवार को बैंकॉक के पास नोनथाबुरी प्रांत से गिरफ्तार किया गया। उस पर ब्लैकमेलिंग, मनी लॉन्ड्रिंग और चोरी के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने उसके फोन से कई भिक्षुओं के साथ चैट, फोटो और वीडियो भी बरामद किए हैं। विलावान ने एक बौद्ध भिक्षु के साथ संबंध होने की बात स्वीकार की है।
महात्मा गांधी की एक दुर्लभ ऑयल पेंटिंग 1.7 करोड़ रुपये में नीलाम हुई
17 Jul, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन। ब्रिटेन की राजधानी लंदन में महात्मा गांधी की एक दुर्लभ ऑयल पेंटिंग हाल ही में 152,800 पाउंड (करीब 1.7 करोड़ रुपये) में नीलाम हुई है। बोनहम्स में हुई ऑनलाइन नीलामी में यह तस्वीर अपनी अनुमानित कीमत से तीन गुना ज्यादा में बिकी। ब्रिटिश कलाकार क्लेयर लीटन द्वारा बनाई गई इस पेंटिंग को पोर्ट्रेट ऑफ महात्मा गांधी नाम दिया गया है। बताया जाता हैं कि यह महात्मा गांधी की एकमात्र ऐसी तस्वीर है जिसके लिए वे विशेष रूप से पोट्रेट मोड में बैठे थे, और कलाकार ने उनके सामने बैठकर यह खूबसूरत ऑयल पेंटिंग बनाई थी। यह पेंटिंग 1931 की है, जब महात्मा गांधी दूसरे गोलमेज सम्मेलन में हिस्सा लेने लंदन गए थे। पेंटिंग बनाने वाली कलाकार लीटन तब मशहूर राजनीतिक पत्रकार हेनरी नोएल के साथ रिश्ते में थीं, जो भारत की आजादी के प्रबल समर्थक थे। हेनरी के माध्यम से ही लीटन को गांधी जी से मिलने का मौका मिला था। इस मुलाकात के दौरान लीटन ने गांधी जी के सामने उनकी पेंटिंग बनाने की पेशकश की, जिस पर वे मान गए। गांधी जी को यह ऑयल पेंटिंग बेहद पसंद आई थी।
लीटन के परिवार को उम्मीद थी कि यह पेंटिंग 57-80 लाख रुपये में नीलाम होगी, लेकिन यह 1.7 करोड़ रुपये में बिकी। परिवार के अनुसार, 1974 में सार्वजनिक प्रदर्शनी के दौरान एक एक्टिविस्ट ने इस पेंटिंग पर हमला कर दिया था, जिसके बाद इसे ठीक किया गया था। इस घटना के कारण, परिवार को इतनी ऊंची कीमत मिलने की उम्मीद नहीं थी। 94 साल बाद इस पेंटिंग की यह नीलामी इसकी ऐतिहासिक और कलात्मक महत्ता को दर्शाती है।
अमेरिका की वांटेड लिस्ट में ईरानी राजदूत
17 Jul, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन । अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई ने ईरान के राजनयिक रेजा अमीरी मोगदम को अपनी मोस्ट वांटेड सूची में शामिल किया है। मोगदम फिलहाल पाकिस्तान में ईरान के राजदूत हैं। मोगदम पर आरोप है कि उन्होंने 2007 में एक रिटायर्ड अमेरिकी एफबीआई एजेंट रॉबर्ट लेविंसन के अपहरण की योजना बनाने और उसे छिपाने में अहम भूमिका निभाई थी। लेविंसन 8 मार्च 2007 को ईरान के किश द्वीप पहुंचे थे और अगले ही दिन अचानक गायब हो गए थे। अब तक उनकी कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई है।
इजरायल की हवाई कार्रवाई से गाजा-सिरिया में मानवता कराह उठी, बच्चों और महिलाओं की मौत
16 Jul, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दीर अल-बलाह। अमेरिका ने कई बार इजरायल को समझाया या दिखावा किया ये तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही जाने लेकिन हमले रुक नहीं रहे हैं। बीते रोज भी इजरायल ताबड़तोड़ हमले किए जिससे गाजा में 90 लोगों की मौत हो गई। जिनमें कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। स्थानीय अस्पतालों के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार दोपहर एक दैनिक रिपोर्ट में कहा कि पिछले 24 घंटों में इजराइली हमलों में मारे गए 93 लोगों के शव गाजा के अस्पतालों में लाए गए हैं। इसके साथ ही 278 घायल भी अस्पतालों में लाये गए हैं। इस हमले पर इजराइली सेना की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई। शिफा अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, उत्तरी शाती शरणार्थी शिविर में हुए एक हमले में फलस्तीनी विधायिका के हमास सदस्य की मौत हो गई, साथ ही उसी इमारत में शरण लिए हुए एक पुरुष, एक महिला और उनके छह बच्चे भी मारे गए। हताहतों को इसी अस्पताल में लाया गया था। शिफा अस्पताल के अनुसार, गाजा शहर के तेल अल-हवा जिले में एक घर पर हुए हमले में एक परिवार के 19 सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में आठ महिलाएं और छह बच्चे शामिल हैं। इसी जिले में विस्थापित लोगों के लिए बने एक शिविर पर हमले में एक पुरुष, एक महिला तथा उनके दो बच्चों की मौत हो गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने इजरायल से अनुरोध किया है कि वह सीरिया के दक्षिणी हिस्से में सरकारी बलों पर किए जा रहे हवाई हमले रोक दे। रिपोर्ट के मुताबिक, एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि इजराइल ने अमेरिका को सूचित किया है कि वह मंगलवार शाम तक ये हमले बंद कर देगा। यह कदम संभवतः सीरिया में जारी जातीय हिंसा और क्षेत्रीय तनाव को काबू में लाने की अमेरिकी कोशिशों के तहत उठाया गया है।
सीरिया में इजरायली बमबारी से 200 की मौत
सीरिया के स्वेइदा शहर में ड्रूज और बेदौइन जनजातियों के बीच दो दिनों से जारी घातक संघर्ष के बीच इजरायल ने सरकारी बलों और हथियारों पर बमबारी की है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि सीरियाई सरकार इन हथियारों का इस्तेमाल ड्रूज समुदाय के खिलाफ करने जा रही थी। वहीं, सीरिया ने इजरायल की कार्रवाई की निंदा की है और कहा कि हमले में उनके सैनिकों और आम नागरिकों की मौत हुई है। मानवाधिकार निगरानी संस्था के मुताबिक झड़पों में अब तक 200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।
चुनौवी रैली में हुए हमले से ट्रंप को बचाने वाली महिला एजेंट फिर चर्चा में
16 Jul, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर पिछले साल एक चुनावी रैली में 13 जुलाई को हमला था। यह हमला जब हुआ था राष्ट्रपति रैली को संबोधित कर रहे थे, तभी उन पर गोली चलाई गई थी। इसमें वह बाल-बाल बचे गए थे। उस वक्त एक महिला सीक्रेट सर्विस एजेंट ने उन्हें कवर करते हुए उन्हें वहां से निकाला था।
गोलीबारी के बाद ट्रंप को सुरक्षा घेरा में लेते हुए कंधे के सहारे से वहां से लेकर जाती हुए महिला सीक्रेट सर्विस एजेंट की कई फोटो सामने आई थी। इस घटना को एक साल पूरा हो चुका हैं और उस सीक्रेट सर्विस एजेंट की बहादुरी की एक बार फिर से चर्चा हो रही है।
एक रिपोर्ट के मुताबक 35 साल की सीक्रेट सर्विस एजेंट साराटोगा काउंटी के एक छोटे से शहर हाफमून में पली-बढ़ी हैं। उनके नाम का खुलासा सुरक्षा कारणों से नहीं किया जा सकता है। उन्होंने मैकेनिकविले हाईस्कूल से शिक्षा प्राप्त की, जहां उन्होंने 2007 में स्नातक होने से पहले स्कूल की फुटबॉल और बास्केटबॉल टीमों के लिए खेला। ऑनलाइन बायोडाटा साइटों के मुताबिक इसके बाद उन्होंने सनी अल्बानी में दाखिला लिया। वहां उन्होंने राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री ली। फिर सार्वजनिक क्षेत्र प्रबंधन में स्नातकोत्तर सर्टिफिकेट लिया और गृह सुरक्षा में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की।
उन्होंने 2009 में कॉलेज में रहते हुए ही सीक्रेट सर्विस में प्रशासनिक सहायक के रूप में काम किया था। वर्तमान सुरक्षा ड्यूटी में आने से पहले उन्होंने कुछ समय के लिए राज्य के मोटर वाहन विभाग में डेटा एनालिस्ट के रूप में भी किया। उनके एक सीक्रेट सर्विस सहकर्मी ने कहा कि वह एक अच्छी एजेंट हैं। 13 जुलाई को बटलर, पेनसिल्वेनिया में हुई रैली की प्रसिद्ध तस्वीर में, एजेंट ने ट्रम्प के दाहिने तरफ झुकी हुए देखी गईं। वह अपने हाथ को उठाकर ट्रंप को कवर करने की कोशिश कर रही थीं। जब हत्यारे ने ट्रम्प पर रैली के दौरान गोलीबारी शुरू कर दी थी।
तस्वीर में दो पुरुष एजेंट भी हैं। जिन्होंने ट्रम्प की सुरक्षा टीम का नेतृत्व किया था, लेकिन अब उन्हें सीक्रेट सर्विस निदेशक के पद पर पदोन्नत कर दिया गया है। सीक्रेट सर्विस ने पिछले दिनों घोषणा की कि उसने छह एजेंटों को बिना वेतन के निलंबित कर दिया है, जो अभियान रैली स्थल की सुरक्षा में शामिल थे। वहीं सूत्रों ने कहा कि प्रतिष्ठित फोटो में तीन एजेंटों में से किसी को भी जिसमें महिला भी शामिल हैं निलंबित नहीं किया गया है।
हत्या के प्रयास के बाद महिला एजेंट की आलोचना भी की गई थी, जिसमें प्रौद्योगिकी दिग्गज एलन मस्क भी शामिल थे। उन्होंने दावा किया था कि वह 6 फुट 3 इंच लंबे ट्रंप की सुरक्षा के लिए बहुत छोटी हैं। मस्क ने एक्स पर लिखा था एक बड़े आदमी के लिए शरीर को ढकने के लिए एक छोटे व्यक्ति का होना समुद्र तट पर एक छोटे आकार के स्पीडो की तरह है जो सबजेक्ट को कवर नहीं करता है।
हालांकि, दो हफ़्ते बाद ट्रंप ने उनका बचाव करते हुए मिनेसोटा के सेंट क्लाउड में एक भीड़ से कहा कि मेरे दाहिनी ओर एक महिला मुझे बचा रही थी। एक खूबसूरत इंसान। वह हर संभव तरीके से मुझे बचा रही थीं। वह गोली खाने के लिए भी तैयार थीं। हालांकि, इन चीजों पर सीक्रेट सर्विस ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
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