पंजाब
बठिंडा सेंट्रल जेल में बंद सुक्खा राम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
28 Jun, 2025 04:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बठिंडा। केंद्रीय जेल बठिंडा में बंद मानसा जिले के गांव नंगला कलां निवासी 43 वर्षीय सुक्खा राम की बीती 27 जून को संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई। जिसका शव जेल प्रशासन की तरफ से सिविल अस्पताल बठिंडा की मोर्चरी में रखवाया गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद मृतक हवालाती के परिजन, ग्रामीण और किसान यूनियन के लोग सिविल अस्पताल बठिंडा में एकत्र हुए और जेल प्रशासन के खिलाफ रोष धरना शुरू कर दिया। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि हवालाती सुक्खा राम की मौत जेल प्रशासन की लापरवाही से हुई है, जबकि मौत होने के बाद उन्हें इसकी सूचना तक नहीं दी गई और ना ही उन्हें मौत किस प्रकार और किन हालत में हुई है, उसकी सही जानकारी जेल प्रशासन द्वारा दी गई है। मृतक के भाई राजू ने कहा कि बीती 26 जून को उसने अपने भाई सुक्खा राम से जेल के फोन के जरिए बात की थी, तब सबकुछ ठीक था। उन्होंने मामले की मजिस्ट्रेट जांच की मांग की, ताकि उन्हें मौत के असल कारणों का पता चल सके और आरोपित जेल अधिकारियों पर कानून अनुसार कार्रवाई हो सके।
उधर, मामला बढ़ता देखा ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने अस्पताल पहुंचकर मृतक के परिजनों के बयान कलमबंद किए, जबकि ड्यूटी मजिस्ट्रेट की देखरेख में सिविल अस्पताल के डाक्टरों ने मृतक हवालाती के शव का पोस्टमार्टम किया। जिसकी रिपोर्ट आनी बाकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि मृतक सुक्खा राम रक्तदानी था, जोकि 50 से अधिक बार अपना रक्तदान कर चुका था। जिसके लिए कुछ माह पहले ही प्रदेश के सेहतमंत्री बलवीर सिंह की ओर से स्टेट अवार्ड से सम्मानित किया गया था। सिविल अस्पताल पहुंचे मृतक सुक्खा राम के छोटे भाई राजू राम ने बताया कि बीती 26 जून दिन वीरवार को दोपहर के समय उसकी अपने भाई सुक्खा से जेल से टेलीफोन पर बात हुई। तब ऐसी कोई बात नहीं थी। उनको शुक्रवार को रिश्तेदारों से पता चल कि सुक्खा राम की जेल में मौत हो गई। रात एक बजे जेल प्रशासन ने उसके भाई के शव सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाई, लेकिन परिवार को शुक्रवार दोपहर तक जेल प्रशासन व पुलिस की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई।
राजू ने आरोप लगाया है कि उसका भाई ठीक था, उसकी संदिग्ध अवस्था में हुई मौत की जांच करवाई जाए और आरोपितों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उसने बताया कि दो महीने पहले उसके भाई को साजिश के झूठे मामले में फंसाया था, तब से वह बठिंडा की जेल में बंद था। वह रक्तदानी था और वो 50 से अधिक बार रक्तदान करने पर उसे सेहतमंत्री ने स्टेट अवार्ड से सम्मानित किया था।
उधर, इस संबंध में थाना कैंट के एसएचओ दलजीत सिंह का कहना है कि मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा। पोस्टमार्टम की सारी कार्रवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट की देखरेख में की गई है।
पंजाब: पूर्व सांसद जगदेव सिंह के PA की हाईवे पर बेरहमी से हत्या, तलवारों से किए गए ताबड़तोड़ वार
28 Jun, 2025 04:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना। मिसिंग लिंक 2 हाईवे के पास धांदरा रोड पर एक व्यक्ति की तलवार से हमला कर हत्या कर दी गई है। मृतक की पहचान कुलदीप सिंह मुंडिया के नाम से हुई। मृतक शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नेता और पूर्व सांसद जगदेव सिंह तलवंडी का पूर्व पीए था। हत्या के पीछे का कारण अभी तक अज्ञात है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। सदर पुलिस स्टेशन की स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) अवनीत कौर ने कहा कि व्यक्ति हाईवे पर कार में यात्रा कर रहा था, उसी समय उस पर हमला किया गया। पुलिस की टीमें आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बिक्रम सिंह मजीठिया की गिरफ्तारी का विरोध
इससे पहले, पंजाब पुलिस ने गुरुवार को शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। ये विजिलेंस द्वारा पार्टी नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे थे। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने अमृतसर में शिरोमणि अकाली दल के नेता और विधायक बिक्रम सिंह मजीठिया के घर की तलाशी लेने के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया था। बिक्रम सिंह मजीठिया की पत्नी गनीव कौर मजीठिया ने कहा कि बुधवार को 30 से 35 लोग बिना कोई वारंट या दस्तावेज दिखाए उनके घर में घुस आए। कौर ने कहा कि मामले की अभी जांच होनी है।
बिना वारंट या दस्तावेज के की कार्रवाई
उन्होंने छापेमारी के दौरान बिक्रम सिंह मजीठिया के पक्ष में खड़े सभी शिरोमणि अकाली दल समर्थकों का आभार जताया। कौर ने कहा कि तीस से पैंतीस लोग हमारे घर में घुस आए। उन्होंने न तो हमें कोई वारंट दिखाया और न ही कोई अन्य दस्तावेज...वे बस हमारे घर में घुस आए और हमारे निजी सामान की जांच करने लगे। उन्होंने छापेमारी के दौरान बिक्रम सिंह मजीठिया के पक्ष में खड़े सभी शिरोमणि अकाली दल समर्थकों का आभार जताया। कौर ने कहा कि तीस से पैंतीस लोग हमारे घर में घुस आए। उन्होंने न तो हमें कोई वारंट दिखाया और न ही कोई अन्य दस्तावेज...वे बस हमारे घर में घुस आए और हमारे निजी सामान की जांच करने लगे। उन्होंने हमसे बात नहीं की। मैंने अधिकारियों से बात करने की कोशिश की...यह ऐसा मामला है जिसकी जांच भी नहीं हुई है। देखते हैं क्या होता है। सरकार जो चाहे करे...जो कुछ भी हो रहा है, वह सब आपके सामने है। हमने यह लड़ाई लड़ी है और हम लड़ते रहेंगे...मजीठिया के लोग हमारे साथ खड़े हैं और वे ऐसा करते रहेंगे।
पंजाब के पूर्व मंत्री विजय सिंगला को भ्रष्टाचार मामले में क्लीन चिट
28 Jun, 2025 02:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। राज्य के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. विजय सिंगला भ्रष्टाचार के एक मामले में क्लीन चिट दे दी गई है। हालांकि, सिंगला ओएसडी प्रदीप कुमार की भूमिका की जांच जारी है। यह मामला 2022 में मोहाली के फेज-8 थाने में दर्ज किया गया था, जिसमें सरकारी ठेकों के आवंटन के बदले एक फीसदी कमीशन की मांग का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने हाल ही में अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है, जिसमें कहा गया है कि आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कोई ठोस सबूत नहीं मिले। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिकायतकर्ता राजिंदर सिंह ने भी अदालत में बयान देकर क्लोजर रिपोर्ट से सहमति जताई है। अब मोहाली की एक अदालत 14 जुलाई को इस रिपोर्ट पर अंतिम फैसला लेगी। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ओएसडी प्रदीप कुमार की भूमिका की जांच अब भी जारी है, भले ही उनके खिलाफ पहले चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। यह शिकायत राजिंदर सिंह ने दर्ज कराई थी, जो उस समय पंजाब हेल्थ सिस्टम्स कारपोरेशन में डेपुटेशन पर कार्यरत एक सरकारी इंजीनियर थे। शिकायत के अनुसार, मई 2022 में उन्हें पंजाब भवन बुलाया गया, जहां उनकी मुलाकात तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला और उनके ओएसडी प्रदीप कुमार से हुई।
17 करोड़ रुपये के ठेके पहले ही दिए जा चुके थे
राजिंदर सिंह के अनुसार, प्रदीप कुमार ने 58 करोड़ रुपये के कार्यों के ठेके में से 2 फीसदी कमीशन—लगभग 1.16 करोड़ रुपये की मांग की, जिसमें से 17 करोड़ रुपये के कार्य पहले ही ठेकेदारों को दिए जा चुके थे। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि जब उन्होंने कमीशन देने से इनकार किया, तो उन्हें बार-बार व्हाट्सएप कॉल और धमकियां मिलनी शुरू हो गई। यह कहते हुए कि अगर उन्होंने बात नहीं मानी तो उनका करियर खत्म कर दिया जाएगा। शिकायत में आगे कहा गया कि 20 मई को उनसे 10 लाख रुपये की मांग की गई, और बताया गया कि आगे के कामों के आवंटन के लिए 1 फीसदी कमीशन देना अनिवार्य होगा। 23 मई को राजिंदर सिंह सचिवालय गए, जहां उन्होंने मंत्री और उनके ओएसडी से मुलाकात की और कथित तौर पर मंत्री को रिश्वत (5 लाख रुपये) देने का निर्देश देते हुए रिकॉर्ड भी किया।
क्लोजर रिपोर्ट ने उठाए सवाल
गंभीर आरोपों के बावजूद अब पुलिस का कहना है कि कोई भी अभियोजनीय साक्ष्य नहीं मिला है। क्लोजर रिपोर्ट ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर तब जब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आरोप लगने के तुरंत बाद सिंगला को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था। 14 जुलाई को अदालत का अंतिम फैसला आना बाकी है, लेकिन मामला अभी भी सार्वजनिक चर्चा का विषय बना हुआ है, जिससे राजनीतिक जवाबदेही, शासन में पारदर्शिता और सरकारी आंतरिक सतर्कता तंत्र की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। जब 2022 में आरोप सामने आए, तब मुख्यमंत्री मान ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इंटरनेट मीडिया पर सिंगला की गिरफ्तारी की घोषणा की थी और स्वयं उन्हें विजिलेंस ब्यूरो के हवाले किया था। बाद में सिंगला को 8 जुलाई 2022 को जमानत मिल गई थी। अब उनके राजनीतिक पुनर्वास के संकेत मिल रहे हैं, क्योंकि हाल ही में उन्हें पंजाब विधानसभा की विभिन्न समितियों में नियुक्त किया गया है।
बठिंडा में नाबालिग को आत्महत्या के लिए उकसाने वाला युवक गिरफ्तार
28 Jun, 2025 02:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बठिंडा। जिले के गांव मानसा कलां की निवासी 17 वर्षीय नाबालिग दीक्षा को नहर में छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने के लिए मजबूर करने वाले आरोपित युवक को थाना मोड़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिसकी पहचान 30 वर्षीय इंदरप्रीत सिंह निवासी तलवंडी साबो के तौर पर हुई है, जोकि तलवंडी साबो में ही दूध की डेयरी का काम करता था। बताया जा रहा है कि करीब एक माह पहले उसकी ऑनलाइन बेवसाइट पर दीक्षा से जान-पहचान हुई थी, उसके बाद से उसने लड़की का मोबाइल नंबर हासिल कर उसे फोन करने शुरू कर दिए। बताया जा रहा है कि आरोपित युवक नाबालिग को बार-बार फोन कर उसे मानसिक तौर पर परेशान कर रहा था। इसके चलते नाबालिग युवती ने यह कदम उठा। फिलहाल पुलिस ने आरोपित युवक का पुलिस रिमांड लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि पता लगाया जा सके कि वह नाबालिग युवती किस चीज के लिए तंग परेशान कर रहा था।
बता दें कि गांव मानसा कलां की रहने वाली 17 वर्षीय दीक्षा मौड़ मंडी में रोजाना कंप्यूटर क्लास में कंप्यूटर सीखने आती थी। उसे पिछले कुछ समय से एक मनचला लड़का परेशान कर रहा था व उस पर गंदे कमेंट करता था। इससे परेशान युवती ने बीती 26 जून को निकटवर्ती गांव मौड़ खुर्द के पास नहर में कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। जिसके बाद थाना मौड़ पुलिस ने मृतक युवती के पिता राम कुमार निवासी मानसा कलां की शिकायत पर आराेपित युवक पर मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि गांव मानसा कलां की रहने वाली 17 वर्षीय दीक्षा मौड़ मंडी में रोजाना कंप्यूटर क्लास में कंप्यूटर सीखने आती थी। उसे पिछले कुछ समय से एक मनचला लड़का परेशान कर रहा था व उस पर गंदे कमेंट करता था। इससे परेशान युवती ने बीती 26 जून को निकटवर्ती गांव मौड़ खुर्द के पास नहर में कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। जिसके बाद थाना मौड़ पुलिस ने मृतक युवती के पिता राम कुमार निवासी मानसा कलां की शिकायत पर आराेपित युवक पर मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
ऑनलाइन बाल यौन शोषण मामले में दो युवक गिरफ्तार, डिजिटल सबूत बरामद
28 Jun, 2025 02:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। बच्चों के आनलाइन यौन शोषण मामलों में पंजाब पुलिस के साइबर क्राइम डिवीजन ने विभिन्न आननलाइन प्लेटफार्मों के माध्यम से बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से संबंधित सामग्री (सीएसईएएम) को देखने, प्रसारित करने और साझा करने में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है तथा 33 संदिग्धों की पहचान की है। यह जानकारी आज डीजीपी गौरव यादव ने दी। यह आपरेशन ‘सीएसईएएम-4’ गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर (आई 4सी) से प्राप्त साइबर टिप-लाइनों के आधार पर 18 जिलों और तीन कमिश्नरेटों में 40 स्थानों पर चलाया गया। गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान खन्ना के राजस्थान कालोनी निवासी आकाश बाबू और रूपनगर के मोरिंडा के गांव बूरमाजरा निवासी हरप्रीत सिंह के रूप में हुई है। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि स्टेट साइबर क्राइम सेल ने अपराधियों का पता लगाने के लिए व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे प्लेटफार्मों से मिले डिजिटल साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। राज्य भर में 33 संदिग्धों की पहचान की गई और एडीजीपी साइबर क्राइम वी नीरजा के नेतृत्व में फील्ड यूनिट्स की टीमों को कार्रवाई के लिए भेजा गया।
इस छापेमारी के दौरान दो एफआईआर दर्ज की गईं, 34 मोबाइल फोन जब्त किए गए, जिनका डिलीटेड डेटा पुन प्राप्त करने के लिए फारेंसिक विश्लेषण करवाया जा रहा है। इस मामले में और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है। जांच के आधार पर आगे और एफआईआर दर्ज की जाएंगी और सीएसईएएम अपराधों में शामिल सभी संदिग्धों को गिरफ़्तार किया जाएगा। एडीजीपी वी नीरजा ने बताया कि विशेष रूप से व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे प्लेटफार्मों पर सीएसईएएम सामग्री के आधार पर साइबर टिप-लाइन्स जेनरेट होती हैं। इंस्पेक्टर प्रभजोत कौर के नेतृत्व में स्टेट साइबर क्राइम कार्यालय की सी सी पी यू डब्ल्यू सी यूनिट द्वारा अपराधियों और उनके ठिकानों का पता लगाने के लिए I4सी रिपोर्ट्स का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है। दोनों दर्ज एफआईआर का विवरण साझा करते हुए एडीजीपी ने बताया कि जिला खन्ना के साइबर क्राइम थाना में आई टी एक्ट की धारा 67बी के तहत एफआईआर नंबर 8 दिनांक 26/6/2025 दर्ज की गई है, जिसमें आरोपी आकाश बाबू न केवल सी एस ई ए एम सामग्री देखता था बल्कि इसे अन्य ग्रुप्स में भी शेयर करता था।
रूपनगर जिले के साइबर क्राइम थाना में आई टी एक्ट की धारा 67 के तहत एफआईआर नंबर 7 दिनांक 26/6/2025 दर्ज की गई है, जिसमें आरोपी हरप्रीत सिंह कथित तौर पर पीड़ित को नग्न तस्वीरें साझा करने के लिए ब्लैकमेल कर रहा था और नाबालिग बच्चों का यौन शोषण कर रहा था। दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं और डिलीटेड डेटा की जांच की जा रही है। एडीजीपी वी. नीरजा ने कहा कि आई टी एक्ट 2000 की धारा 67बी और पोक्सो एक्ट की धारा 15 के तहत बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री देखना, साझा करना या संग्रहित करना गंभीर अपराध है, जिसकी सजा पांच साल तक की कैद और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना है।
9 लाख सैलरी और उड़ा दिए ढाई करोड़ रुपये लॉरेंस बिश्नोई इंटरव्यू मामले के बाद नई मुश्किल
27 Jun, 2025 05:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोहाली। लॉरेंस बिश्नोई इंटरव्यू मामले में बर्खास्त डीएसपी गुरशेर सिंह संधू और उनकी मां के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा विजिलेंस ब्यूरो की मोहाली फ्लाइंग स्क्वाड की तरफ से किया गया है। मुकदमा उनके 3 साल के रिकॉर्ड के हिसाब से किया गया है। इस रिकॉर्ड में पाया गया है कि पिछले 3 साल में उन्हें नौकरी के दौरान 26 लाख रुपए की सैलरी मिली थी जबकि खर्चा 2.59 करोड रुपए का था। इसी रिकॉर्ड के आधार पर यह मुकदमा दर्ज किया गया है।
विजिलेंस ब्यूरो ने छापेमारी की शुरू
विजिलेंस ब्यूरो की तरफ से मुकदमा दर्ज करने के बाद अब गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है। हालांकि, डीएसपी गुरशेर सिंह संधू के खिलाफ हाई कोर्ट के आदेशों पर लारेंस बिश्नोई के इंटरव्यू मामले में पहले भी मुकदमा दर्ज है, लेकिन पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इस कारण अभी भी पुलिस की तरफ से इतनी जल्दी गिरफ्तार करना मुश्किल है। हालांकि, बिजनेस ब्यूरो के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इसके लिए उन्होंने अलग-अलग टीमों का गठन किया है। जो डीएसपी और उनके करीबी के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
शुरुआती जांच में यह चीज सामने आई थी
विजिलेंस के मुताबिक, 1 अप्रैल 2021 को डीएसपी और उसके पारिवारिक सदस्यों के खातों में कुल 3,00,903.98 रुपए जमा थे, जबकि 3,17,415 रुपए का लोन था। फर्म के बैंक बैलेंस स्टेटमेंट के अनुसार, इस अवधि की शुरुआत में कुल 9,67,33,700.06 रुपए की आय का पता चला। 31 मार्च 2024 तक की गई जांच में यह सामने आया कि उनकी 2,47,50,000 रुपए की अचल संपत्ति और अन्य साधन थे। उनका बैंक बैलेंस 83,88,429.08 रुपए था। बर्खास्त डीएसपी और उसके पारिवारिक सदस्यों ने बैंक से 25,17,415 रुपए का लोन लिया था। इसके अलावा, परिवार ने 1,81,35,270.77 रुपए की राशि कंपनी, फर्म और सोसाइटियों में जमा करवा
पंजाब में इंडस्ट्रियल प्लॉटों में अब अस्पताल होटल व घर बन सकेंगे
27 Jun, 2025 05:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चडीगढ़। राज्य के औद्योगिक प्लॉटों को विभाजित करने की कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब इन प्लॉटों में अस्पताल, होटल, घर और औद्योगिक पार्क भी बनाए जा सकेंगे। यह अनुमति मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में वीरवार को हुई कैबिनेट की बैठक में दी गई। मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर हुई कैबिनेट बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने बताया कि लंबे समय से उद्योगपतियों की प्लॉटों की कन्वर्जन की मांग थी और ऐसा न होने के कारण डेवलपमेंट रुकी हुई थी। अब इंडस्ट्रियल एस्टेट में सीएलयू करवाकर इंडस्ट्रियल प्लॉटों में अस्पताल, होटल, घर आदि भी बनाए जा सकेंगे।
उन्होंने बताया कि 1,000 गज से 4,000 गज वाले प्लॉट में ये नए इंडस्ट्रियल यूनिट लगाए जा सकेंगे। सरकार को केवल 12.5 प्रतिशत सीएलयू देना पड़ेगा। इसके अलावा 40 हजार गज तक के प्लॉटों में इंडस्ट्रियल पार्क स्थापित करने को भी मंजूरी दे दी है जिसमें साठ प्रतिशत इंडस्ट्री, तीस प्रतिशत हाउसिंग और दस प्रतिशत कामर्शियल प्लॉट काटे जा सकेंगे। इससे सरकार को कितना लाभ होगा इस बारे में वह अभी नहीं बता सकेंगे। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि कितने लोग इसके लिए अप्लाई करते हैं। पंजाब जल संसाधन विभाग जूनियर इंजीनियर्स (ग्रुप-बी) सेवा नियमों में संशोधन मंजूर: कैबिनेट ने पंजाब जल संसाधन विभाग में जूनियर इंजीनियर्स (ग्रुप-बी) से संबंधित सेवा नियमों में संशोधन को मंजूरी दे दी। जेई की 15 प्रतिशत रिक्तियां पदोन्नति के लिए आरक्षित हैं, जिनमें से 10 प्रतिशत रिक्तियां जूनियर ड्राफ्ट्समैन, सर्वेयरों, वर्क मिस्त्रियों, अर्थ वर्क मिस्त्रियों और अन्य से भरी जाएंगी।
लीज होल्ड औद्योगिक प्लॉटों को फ्री होल्ड में बदलने की मंजूरी कैबिनेट ने पंजाब स्टेट इंडस्ट्रियल एक्सपोर्ट कार्पोरेशन के प्रबंधन वाले लीज होल्ड औद्योगिक प्लॉटों और शेड्स को फ्री होल्ड में बदलने की नीति को भी मंजूरी प्रदान कर दी दी है। सरकार की नई नीति में बीस रुपये प्रति गज देकर लीज होल्ड से फ्री होल्ड करवाया जा सकेगा। इस फैसले से सरकार को और पीएसआइईसी को एक हजार करोड़ रुपये के लगभग आमदनी होने का अनुमान है। एमएसई फैसिलिटेशन काउंसिल नियम में संशोधन कैबिनेट ने एमएसएमई डेवलपमेंट एक्ट, 2006 के तहत एमएसई फैसिलिटेशन काउंसिल नियम-2021 में संशोधनों को मंजूरी दे दी। वर्तमान में जिला स्तर पर माइक्रो और स्माल इंटरप्राइजेज फैसिलिटेशन काउंसिल संबंधित डीसी के नेतृत्व में काम कर रही हैं। इससे भुगतानों में देरी हो रही है। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के आधार पर अब एक ऐसा ढांचा बनाया जाएगा, जिससे पंजाब लैंड रेवेन्यू एक्ट, 1887 के तहत भू-राजस्व के बकाया के रूप में ऐसे अवार्ड्स की वसूली जल्द हो सके।
पंजाब में AAP विधायक कश्मीर सिंह सोहल का निधन
27 Jun, 2025 05:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तरनतारन। हलका तरनतारन से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक (66) की शुक्रवार को 1 बजकर 10 मिनट पर मौत हो गई। वह कैंसर रोग से पीड़ित थे। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में वह पहली बार विधायक बने थे। कैंसर रोग से पीड़ित डॉ. कश्मीर सिंह सोहल आंखों के विशेषज्ञ थे। विधायक सोहल की मौत की खबर सुनते ही शोक की लहर पैदा हो गई। उनके घर पर आप समर्थकों का जमावड़ा जुड़ने लगा। वह एक बेटा, बेटी व पत्नी नवजोत कौर हुंदल को छोड़ गए। 2016 से आप से जुड़े डॉ. कश्मीर सिंह सोहल आप बौद्धिक विंग के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। सोहल के देहांत पर मुख्यमंत्री भगवंत मान, स्पीकर कुलतार सिंह संधवां, प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा, पंजाब इंचार्ज मनीष सिसोदिया समेत अन्य मंत्रियों ने दुख का प्रकटावा किया। डा सोहल की मृतक देह अमृतसर के एस्कार्ट अस्पताल से उनके आवास कश्मीर एविन्यू लाया जा रहा है। जिनका शनिवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा।
सीएम भगवंत मान ने जताया दुख
भगवंत मान ने लिखा, तरनतारन से हमारे पार्टी के सम्माननीय विधायक डॉ. कश्मीर सिंह सोहल जी के आकस्मिक निधन की दुखद ख़बर मिली। सुनकर बेहद दुःख लगा, डॉ. साहब पार्टी के एक मेहनती और संघर्षशील नेता थे। इस दुख भरी घड़ी में उनके परिवार के प्रति दिल से हमदर्दी। परमात्मा दिवगंत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार सहित चाहने वालों को इस मुश्किल समय में धैर्य और हिम्मत दे।
पंजाब में आतंकी हमले की साजिश नाकाम, बब्बर खालासा के तीन सदस्य गिरफ्तार
27 Jun, 2025 05:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर। अमृतसर में पुलिस ठिकानों पर हमला और टारगेट किलिंग की योजना बनाने वाले पाकिस्तानी आईएसआई समर्थित बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के आतंकी नेटवर्क का पंजाब पुलिस के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल, मोहाली ने पर्दाफाश किया है।
पुलिस ने 2 हैंड ग्रेनेड, 1 ग्लॉक पिस्तौल, और अन्य विस्फोटक सामग्री सहित एक नाबालिग समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसका मॉड्यूल यूके में बैठे निशान सिंह और पाकिस्तान में छिपे आतंकी हरविंदर रिंदा द्वारा चलाया जा रहा था। आतंकियों की गिरफ्तारी से पुलिस ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सहजपाल सिंह और विक्रमजीत सिंह के रूप में हुई है। दोनों अमृतसर ग्रामीण के रामदास के निवासी हैं, जबकि एक आरोपी नाबालिग भी है। पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट डालकर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पकड़े गए लोगों से दो हैंड ग्रेनेड, एक ग्लॉक पिस्तौल और गोला-बारूद बरामद किया गया।
विजिलेंस अधिकारियों को अपना बयान देने पहुंचे पूर्व DGP सिद्धार्थ चटोपाध्याय
27 Jun, 2025 05:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ विजिलेंस द्वारा दर्ज किए गए आए से अधिक संपत्ति मामले में कुछ नए मोड़ सामने आए हैं। विजिलेंस के आग्रह पर पंजाब पुलिस के पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय आज शुक्रवार को सेक्टर 32 स्थित पंजाब पुलिस अफसर इंस्टीट्यूट में अपने बयान दर्ज करवाने के लिए पहुंचे। बता दें कि पूर्व डीजीपी चट्टोपाध्याय के बयान पर ही पुलिस ने 20 दिसंबर 2021 को मजीठिया पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। इस मामले में मजीठिया को हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। इसके बाद विजिलेंस ने 25 जून को सुबह 4:40 पर मजीठिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में एक नई एफआईआर दर्ज की।
इस मामले में विजिलेंस ने मजीठिया को अमृतसर से उन्हें गिरफ्तार किया था। विजिलेंस ने वीरवार को मजीठिया को मोहाली कोर्ट में पेश किया था, जहां कोर्ट ने उन्हें 7 दिन के रिमांड मिल गई थी। इस मामले में विजिलेंस ने पूर्व डीजीपी को अपने बयान दर्ज करवाने का आग्रह किया था। जिस पर पूर्व डीजीपी चट्टोपाध्याय आज दोपहर अपने बयान दर्ज करवाने के लिए पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पहले वह अपना बयान दर्ज करवा देते हैं उसके बाद वह मीडिया से बातचीत करेंगे।
Punjab News : दो मामलों में तीन तस्कर गिरफ्तार, अवैध हथियार भी जब्त
26 Jun, 2025 07:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Punjab News : श्री मुक्तसर साहिब पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान में दो अलग-अलग मामलों में तीन नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से कुल 80 ग्राम हेरोइन, 12,700 रुपये ड्रग मनी, दो अवैध 32 बोर पिस्तौल और चार कारतूस बरामद किए गए। गिरफ्तार किए गए लोगों में सूरज सिंह, मनप्रीत सिंह, धीरज कुमार, रवि कुमार और राजू सिंह शामिल हैं। युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान के तहत जिला पुलिस ने दो विभिन्न मामलों में तीन नशा तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 80 ग्राम हेरोइन, 12,700 ड्रग मनी, दो अवैध हथियार 32 बोर पिस्तौल और चार कारतूस बरामद किए गए हैं।
प्रेस वार्ता में एसएसपी डॉ. अखिल चौधरी ने बताया कि थाना सिटी मुक्तसर में दर्ज मामले के अनुसार पुलिस क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इस दौरान दो व्यक्तियों सूरज सिंह पुत्र सुखजीत सिंह वासी आदर्श नगर गली नंबर पांच बूड़ा गुज्जर रोड मुक्तसर और मनप्रीत सिंह पुत्र गुरप्रीत सिंह वासी गुरदित्त बस्ती गोनियाना रोड मुक्तसर को काबू करके तलाशी ली गई तो उनके कब्जे से 75 ग्राम हेरोइन,32 बोर देसी पिस्तौल मैगजीन और चार कारतूस व 12,700 ड्रग मनी बरामद की गई।
आरोपितों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ की जा रही है कि इन्होंने यह नशा कहां से लाया और कहां सप्लाई करने जा रहे थे। इसके अलावा थाना सदर मुक्तसर में दर्ज मामले में पुलिस ने सरकारी कालेज फिरोजपुर रोड पर गश्त के दौरान पांच ग्राम हेरोइन और एक पिस्तौल के साथ दो लोगों धीरज कुमार वासी एस ए एस नगर कोटकपूरा रोड व रवि कुमार वासी गुरु तेग बहादुर नगर कोटकपूरा रोड को गिरफ्तार किया गय था। पुलिस हिरासत में आरोपितों ने बताया था कि वह नशा राजू सिंह पुत्र गुरबचन सिंह वासी चक्क काला सिंह वाला से लिया था। पुलिस ने राजू को धारा 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत नामजद कर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित की निशानदेही पर एक अवैध पिस्तौल 32 बोर बरामद हुआ है।आरोपित राजू सिंह अभी पुलिस रिमांड पर चल रहा है। आरोपित के साथियों व अन्य सोर्स के बारे पूछताछ चल रही है।
मतांतरण थी भूल ,घर वापसी कर चुके 250 परिवारों की आपबीती
26 Jun, 2025 06:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर। मतांतरण हमारी भूल थी। इससे समाज व अपनी सनातन संस्कृति से तो कटे ही, साथ ही जो छलावा देखकर मतांतरित हुए थे, वह भी पूरा नहीं हुआ। अब हम जाग गए हैं। अपनी संस्कृति की पताका फहराएंगे और लालच, भ्रम और अंधविश्वास में फंसाकर मतांतरण का जो यह कुचक्र चल रहा है, इसमें फंस रहे अपने समाज को भी बाहर निकालेंगे। मतांतरित हुए लोगों को अपने मूल धर्म की राह दिखाने का बीड़ा उठानी वाली ‘पावन वाल्मीकि तीर्थ एक्शन कमेटी’ के प्रयास के बाद यह सोच समाज में विकसित होने लगा है। सीमांत जिलों में सक्रिय यह कमेटी अब तक 250 से अधिक परिवारों की घर वापसी करवा चुकी है और सैकड़ों को जागरूक कर रही है।
1000 से ज्यादा सदस्य इस अभियान से जुड़े
मिशनरी संगठनों के झूठे वादों में फंसकर दूसरे धर्म अपनाने वालों को अब सच्चाई का एहसास हो रहा है और वे कमेटी के सदस्यों की मदद से अपने मूल धर्म में वापसी कर रहे हैं। यह कमेटी 2015-16 से लगातार ‘घरवापसी’ की अलख जगा रही है। पिछले दो सालों में इस अभियान में अमृतसर के साथ-साथ पंजाब और हरियाणा के अन्य जिलों में भी कार्य हो रहा है। 1000 से ज्यादा सदस्य इस जागरूकता अभियान से जुड़े हैं। इसी प्रयास का ही परिणाम है कि बड़ी संख्या में अनुसूचित समाज से जुड़े लोग, जो भ्रम और आर्थिक तंगी के चलते धर्म परिवर्तन कर बैठे थे, अब दोबारा अपने मूल धर्म और संस्कृति की ओर लौट रहे हैं।
परिवारों की आपबीती
अमृतसर में राजासांसी के निकट गांव खुसुपुर में रहने वाले एक परिवार के मुखिया ने बताया कि उन्हें कहा गया था कि हर महीने आर्थिक मदद मिलेगी, बच्चों की मुफ्त पढ़ाई होगी। आर्थिक तंगी में जब यह उम्मीद मिली तो उस छलावे में हम बह गए। उनका यह भ्रम मात्र कुछ महीनों में ही टूट गया, जब मदद बंद हो गई। जब हमने मिशनरीज से सवाल किए, तो हमें ही कठघरे में खड़ा कर दिया गया। तब अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने कमेटी की मदद से घर वापसी की। अब वह कहते हैं कि हमारा सनातन धर्म हमें सहनशीलता और प्रेम सिखाता है, न कि अलगाव। अब हम पहले से ज्यादा संतुष्ट हैं। कुछ ऐसी ही कहानी अजनाला के गांव भिडीसैदा के एक परिवार की है। परिवार कुछ साल पहले एक मिशनरी के संपर्क में आया। आर्थिक मदद, इलाज और नौकरी के वादों में उन्होंने मतांतरण कर लिया। काफी समय तक लगा कि हमने सही किया, लेकिन धीरे-धीरे पता चला कि ये वादे खोखले थे। जब खुद से सवाल पूछे तो जवाब अपने ही धर्म में ही मिला। इसके बाद कमेटी के सदस्यों ने संवाद कायम कर, धार्मिक और सामाजिक शिक्षा देकर उन्हें फिर से उनके मूल धर्म की ओर प्रेरित किया। वापसी के बाद परिवार का कहना है कि अब समझ आया कि हमारे पूर्वजों की राह ही सही थी।
भ्रम फैलाकर मतांतरण, फिर छोड़ दिए लोग
कमेटी के चेयरमैन कुमार दर्शन कहते हैं कि मिशनरीज का टारगेट गरीब, अशिक्षित, अनुसूचित समाज के लोग हैं। उन्हें दवा, शिक्षा, धन या सामाजिक सुरक्षा का झांसा देकर मतांतरण के लिए तैयार किया जाता है। जब वादे टूटते हैं और सामाजिक पहचान की पीड़ा सताती है, तब लोग वापसी का रास्ता खोजते हैं। जब उनके अपने धर्म के लोगों ने उन्हें अपनाया, सम्मान दिया, तब वे समझ सके कि धर्म कोई सौदा नहीं, यह आत्मा की पहचान है। चेयरमैन दर्शन बताते हैं कि पावन वाल्मीकि तीर्थ में हर रविवार एक विशेष जागरूकता गीत गाया जाता है। इसका उद्देश्य केवल धार्मिक प्रेरणा नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वावलंबन और अंधविश्वास से मुक्ति दिलाना है।
250 परिवार लौटे, 268 की सूची तैयार
कुमार दर्शन बताते हैं कि कमेटी ने अब तक करीब 250 परिवारों की घर वापसी करवाई है, जबकि 268 परिवारों की सूची और संवाद प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इतना ही नहीं, कमेटी एक और पहल पर काम कर रही है। जो लोग मतांतरण के बावजूद एससी कोटे का लाभ ले रहे हैं, उन लोगों की सूची तैयार की जा रही है। दर्शन कहते हैं या तो वे घरवापसी करें या फिर एससी प्रमाण पत्र त्याग दें। किसी का अधिकार कोई और नहीं छीन सकता।
ऐसे आया मन में विचार और यह अपनाया तरीका
कुमार दर्शन बताते है कि वाल्मीकि समाज के आर्थिक रूप से पिछड़े लोग कब मिशनरीज के रडार पर आ गए, खुद समाज को भी पता नहीं चला। हमें भी तब पता चला जब उनकी पूजा पद्धति में अपने ईष्ट की जगह दूसरा विराजमान हो गया है और अपनी पद्धति के प्रति दुर्भावना पैदा की जा रही है तो उनकी टीम ने इसे खंगाला शुरू किया। विशेषकर बॉर्डर के पास जहां लोगों से संपर्क कम रहता है, वे इलाके मिशनरीज के टारगेट पर दिखे। समाज के जो परिवार मतांतरित हुए थे, उनके साथ बैठना शुरू किया और समझा कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यों किया। उन्होंने जब प्रलोभन के सब्जबाग के किस्से बताए तो पूरा सिस्टम समझते ज्यादा समय नहीं लगा कि हमारे समाज का उपेक्षित वर्ग जो आर्थिक रूप से कमजोर है, उन्हें लालच देकर यह सब कुछ चल रहा है। अब जब धीरे-धीरे लोगों का भ्रम टूट रहा है तो कमेटी उन्हें सम्मानजनक वापसी की राह दिखा रही है। कुछ सफलता मिली है आने वाले समय में और की उम्मीद है।
अब अकाल तख्त भी जोड़ रहा कड़ियां: कार्यकारी जत्थेदार
श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने बताया कि सीमावर्ती व पिछड़े इलाकों में मतांतरण की बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए ‘खुआर होए सब मिलेंगे’ अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इन्हीं क्षेत्रों में मतांतरण सबसे अधिक हो रहा है और वहीं धार्मिक जागरूकता की सबसे ज्यादा जरूरत है। इसी को देखते हुए धर्म प्रचार कमेटी की टीमें और वे स्वयं लगातार ऐसे लोगों से संपर्क कर रहे हैं, जिन्होंने मतांतरण किया है या जो ऐसे प्रभाव वाले क्षेत्रों में रहते हैं।
बारिश में सोने में लगता है डर' दाने-दाने को मोहताज 7 बेटियों के पिता ने लगाई मदद की गुहार
26 Jun, 2025 05:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गहरी मंडी (अमृतसर)। जंडियाला गुरु के गांव किला जीवन सिंह निवासी सुखविंदर सिंह उर्फ बाबा धन्ना के बेटे निर्मल सिंह नंदू महंगाई के इस दौर में आर्थिक तंगी के कारण बेहद गरीबी की जिंदगी जी रहे हैं। परिवार के मुखिया निर्मल सिंह नंदू और उनकी पत्नी हरप्रीत कौर ने पत्रकारों को बताया कि वे अनुसूचित जाति समुदाय से हैं और उनकी सात बेटियां हैं। उनके घर में झोपड़ी नुमा बहुत पुराने बांसों वाली छत के दो कमरे है, जो कभी भी गिर सकते है। जिस कारण उन्हें बरसात के मौसम में कमरों के अंदर सोने में डर लगता है। कई बार उन्हें बाहर ही टेंटनुमा कमरा बनाकर परिवार के साथ सोना पड़ता है।
सरकार से मांगी मदद
नंदू ने बताया कि वह किराए का तिपहिया वाहन चलाकर अपना गुजारा करते हैं, लेकिन अगर किसी कारणवश बिना काम किए दो-चार दिन का समय निकल जाए तो उनको रोजी-रोटी के भी लाले पड़ जाते हैं और कई बार तो उन्हें भूखे पेट ही सोना पड़ता है। दयनीय हालातों को देखते हुए इस परिवार ने विभिन्न संस्थाओं और सरकार से मांग की है कि उनके लिए एक-दो पक्के कमरे बनाकर दिए जाएं। इस संबंध में जब किला जीवन सिंह के सरपंच बलजिंदर सिंह बाऊ से बात की गई तो उन्होंने कहा कि हम इस परिवार का मकान पहल के आधार पर बनवाएंगे और इसके अलावा इस परिवार को जल्द ही और भी मदद मुहैया करवाई जाएगी। इस दुखद हालात को देखते हुए समाजसेवी भूपिंदर सिंह सूएवाला, संदीप सिंह छीना, बलजिंदर सिंह छीना, डॉ. दलेर सिंह जौहल, वरिंदरजीत सिंह ढोट, चेयरमैन नवतेज सिंह अमरकोट, मनदीप सिंह जोसन, सोनू जोसन और इलाके के अन्य गणमान्य लोगों ने पंजाब सरकार, हलका विधायक और कैबिनेट मंत्री पंजाब हरभजन सिंह ईटीओ, डिप्टी कमिश्नर अमृतसर और अन्य समाजसेवी संस्थाओं से मांग की है कि एससी समुदाय से संबंधित इस गरीब परिवार की आर्थिक मदद के लिए आगे आएं।
टोल प्लाजा पर धांय-धांय, बिना नंबर की क्रेटा कार सवार बदमाशों ने चलाई गोलियां
26 Jun, 2025 03:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कपूरथला। कपूरथला के ढिलवां टोल प्लाजा पर कार सवार बदमाशों ने फायरिंग की है। टोल प्लाजा पर बिना नंबर की क्रेटा कार में आए चार युवकों ने टोल देने से मना कर दिया। इस पर टोल कर्मियों से विवाद के बाद आरोपियों ने फायरिंग कर दी। घटना टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची ढिलवां थाना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। एसएचओ दलविंदरबीर सिंह ने बताया कि टोल प्लाजा के नाइट शिफ्ट इंचार्ज की शिकायत पर अज्ञात कार सवार चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर आरोपियों की पहचान की जा रही है।
पुलिस के अनुसार टोल प्लाजा कर्मी जुगराज सिंह निवासी गांव धणीए के बांगर थाना अलीवाल गुरदासपुर ने पुलिस को शिकायत में बताया कि बुधवार रात लगभग साढ़े 12 बजे वह टोल प्लाजा पर ड्यूटी पर तैनात था। तभी सफेद क्रेटा कार टोल प्लाजा पर आई। कार पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी, जालंधर की तरफ से आई क्रेटा कार टोल प्लाजा के गेट नंबर-3 पर आई। टोल प्लाजा कर्मचारी ने गाड़ी को रोक कर चालक से पर्ची कटवाने के लिए कहा। तभी कार चालक ने गाड़ी भगाने की कोशिश की। कर्मचारी ने कार के आगे बैरिकेड्स लगा दिए तो कार चालक ने गाड़ी रोक दी। उक्त कार में चार लोग सवार थे जिनमें कार चालक पगड़ीधारी था। तभी चारों युवक गाड़ी से बाहर निकले। जिनमें से एक युवक ने टोल प्लाजा की तरफ तीन से चार फायर किए और कार भगाकर ब्यास की तरफ चले गए।
एसएचओ दलविंदरबीर सिंह ने बताया कि टोल प्लाजा के नाइट शिफ्ट इंचार्ज के बयानों पर थाना ढिलवां में अज्ञात कार सवारों के खिलाफ विभिन धाराओं तहत केस दर्ज किया है। टोल प्लाजा से मिली सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान के लिए कार्रवाई की जा रही है।
मनीष सिसोदिया ने किया शुभारंभ, 50 लाख रुपये आया खर्च
26 Jun, 2025 03:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब। पंजाब के युवाओं को नशे से दूर रखने और खेलों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पंजाब सरकार की तरफ से मोगा के गांव दारापुर में सरकारी जिम शुरू किया गया है। यह राज्य का पहला सरकारी जिम है। जिम का उद्घाटन वीरवार को आम आदमी पार्टी (आप) के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने किया। जिम में आधुनिक तकनीक से लैस तमाम फिटनेस मशीनें लगाई गई हैं। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया गया है, ताकि सभी लोग सुविधा से इसका लाभ उठा सकें। पंचायती राज फंड से लगभग 50 लाख रुपये की लागत से इस जिम सेंटर का निर्माण किया गया है।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने पंजाब में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में कई अहम कदम उठाए हैं। दारापुर ग्राम पंचायत ने जो कदम उठाया उसको देखने आज मोगा आया। एक सरपंच अपने गांव को सुधारने लिए बहुत कुछ कर सकता है, यह गांव पंजाब में एक मिशाल बना है। पंचायत की तरफ से इस जिम की शुरुआत की है। जिम सेंटर युवाओं के लिए महत्वपूर्ण पहल है, जिससे युवा फिट रहेंगे और नशे से दूर रहेंगे। सिसोदिया ने कहा कि आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान की पूरी टीम पंजाब की जनता को बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं देने के लिए लगातार प्रयास कर है और सफल भी रही है। पिछली सरकारों ने पंजाब में नशे को खत्म करने की बजाय उसे फैलाने का काम किया, जबकि मान सरकार नशे के खिलाफ एक निर्णायक जंग लड़ रही है। नशा बेचने वालों के खिलाफ बुलडोजर करवाई करके उन्हें जेल में भी डाला जा रहा है। नशा पीड़ितों के लिए मुफ्त इलाज की व्यवस्था है। पंजाब में कोई भी नशे के कारोबारी चाहे किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़े हुए हों उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
इस मौके पर एडीसी जगविंदर गरेवाल ने बताया कि जिम का निर्माण लगभग 50 लाख रुपये की लागत से हुआ है और इसमें सभी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। अब गांव के युवाओं को जिम जाने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। जिम का संचालन और देखरेख दारापुर पंचायत की तरफ से किया जाएगा। पंजाब सरकार की यह पहल मोगा के नौजवानों के लिए एक बेहतरीन तोहफा है, जो उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करेगी और नशे से दूर रखेगी। इस मौके पर मोगा जिले के चारों हलकों के विधायक, मोगा एसएसपी, मोगा डीसी, अन्य प्रशासनिक अधिकारी और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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