पंजाब
महंगाई की मार: कच्चे माल के दाम बढ़े, सस्ती सवारी हुई महंगी
20 Mar, 2026 01:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना (पंजाब)। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर अब पंजाब के उद्योगों पर साफ नजर आने लगा है। खासकर साइकिल उद्योग, जो राज्य की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है, कच्चे माल की किल्लत और बढ़ती कीमतों के कारण गंभीर संकट से गुजर रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि जी-13 बाइसाइकिल फोरम से जुड़े निर्माताओं ने सर्वसम्मति से एक अप्रैल से बेसिक साइकिल की कीमत में 225 रुपये तक का इजाफा करने का फैसला लिया है।
स्टील की कीमतों में बढ़ोतरी
फोरम के सदस्यों के अनुसार, स्टील की कीमतों में करीब आठ हजार रुपये प्रति टन तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साइकिल निर्माण में इस्तेमाल होने वाले स्टील पाइप के दाम 65 हजार रुपये प्रति टन से बढ़कर 73 हजार रुपये प्रति टन तक पहुंच गए हैं। इसके अलावा ब्रास की कीमत 500 रुपये से बढ़कर 800 रुपये प्रति किलो हो गई है, जबकि निकल के दाम 1400 रुपये से उछलकर 1700 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुके हैं। सिर्फ धातुओं तक ही नहीं, बल्कि प्लास्टिक उत्पादों की कीमतों में भी 50 से 60 फीसदी तक का उछाल आया है। वहीं केमिकल्स और पेंट के दामों में करीब 40 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। इन सभी कारणों से उद्योग की इनपुट कॉस्ट लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे उत्पादन प्रभावित हो रहा है। ऊर्जा के मोर्चे पर भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। कमर्शियल एलपीजी गैस की आपूर्ति में लगातार बाधा आ रही है, जिससे उत्पादन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उद्योगों को समय पर गैस नहीं मिल पाने के कारण उत्पादन शेड्यूल भी गड़बड़ा रहा है। उद्योग जगत इसके विकल्प भी तलाश रहा है, लेकिन यह लंबी प्रक्रिया है।
बढ़ती लागत से उद्योगों को नुकसान
जी-13 बाइसाइकिल फोरम के अध्यक्ष राजिंदर जिंदल ने कहा कि युद्ध के बाद से कच्चे माल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। बढ़ती लागत के कारण उद्योग को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सभी निर्माताओं ने मिलकर यह फैसला लिया है कि अब कीमतों में इजाफा करना जरूरी हो गया है। फोरम के महासचिव एवं नोवा साइकिल्स के एमडी रोहित पाहवा ने कहा कि स्टील निर्माता कंपनियां मनमाने तरीके से कीमतें बढ़ा रही हैं, जिससे उद्योग के लिए योजना बनाना मुश्किल हो गया है। उद्यमियों ने सरकार से मांग की है कि मौजूदा संकट को देखते हुए एमएसएमई सेक्टर को राहत दी जाए। खास तौर पर नियंत्रित कीमतों पर स्टील और अन्य कच्चा माल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही हालात नहीं सुधरे, तो इसका असर न केवल साइकिल उद्योग बल्कि अन्य छोटे और मध्यम उद्योगों पर भी पड़ेगा, जिससे राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
पुलिस हिरासत में मौत पर बड़ा फैसला, अदालत ने कहा- सबूत पर्याप्त
19 Mar, 2026 04:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बठिंडा (पंजाब)। करीब डेढ़ साल पहले सीआईए-1 में पुलिस हिरासत के दौरान हुई एक व्यक्ति की मौत के मामले में अहम मोड़ आ गया है। स्थानीय अदालत ने पंजाब पुलिस के पांच कर्मियों के खिलाफ हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में ट्रायल चलाने का आदेश देते हुए केस को सेशन कोर्ट में भेज दिया है। मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल को होगी। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास की अदालत ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट कहा कि आरोपितों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। आरोपितों में तत्कालीन सीआईए-1 इंचार्ज इंस्पेक्टर नवप्रीत सिंह, हेड कांस्टेबल राजविंदर सिंह और कांस्टेबल गगनप्रीत सिंह, हरजीत सिंह व जसविंदर सिंह शामिल हैं। सभी घटना के समय सीआईए-1 यूनिट में तैनात थे। मामला जिले के गांव लक्खी जंगल निवासी भिंदर सिंह की मौत से जुड़ा है। न्यायिक जांच में सामने आया कि भिंदर सिंह को कथित तौर पर गैरकानूनी हिरासत में रखकर यातनाएं दी गईं। रिपोर्ट के अनुसार उसे वॉटरबोर्डिंग तकनीक से प्रताड़ित किया गया, जिसमें व्यक्ति को डूबने जैसी स्थिति में लाया जाता है। जांच में यह भी पाया गया कि मौत के बाद इसे हादसा दर्शाने के लिए झील में डूबने की कहानी गढ़ी गई। न्यायिक जांच ने डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस के दावे को खारिज कर दिया। मृतक के भाई सतनाम सिंह ने 19 अक्तूबर 2024 को सेशन जज को पत्र लिखकर अवैध हिरासत और यातना के आरोप लगाए थे। मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड से भी संकेत मिला कि मृतक और इंस्पेक्टर एक ही समय में एक ही इलाके में मौजूद थे। पोस्टमार्टम में दो दिन की देरी को भी जांच में संदिग्ध माना गया। पुलिस का दावा था कि भिंदर सिंह ने थर्मल प्लांट के पास झील में छलांग लगाई थी, लेकिन अदालत ने इस थ्योरी को स्वीकार नहीं किया। परिवार पहले ही इसे हिरासत में मौत बताते हुए विरोध जता चुका है।
महिलाओं की घिसीं उंगलियों ने रोकी योजना की रफ्तार, वेरिफिकेशन में दिक्कत
19 Mar, 2026 04:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने पिछले दिनों महिलाओं को एक हजार रुपये प्रति माह रुपये देने के लिए मांवा-धीयां दा सत्कार योजना लागू की है। दावा है कि सूबे की 97 प्रतिशत महिलाएं इस योजना के दायरे में आएंगी। योजना की घोषणा के बाद से ही महिलाओं में खासा उत्साह बना हुआ है। चूंकि यह योजना डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर स्कीम है, इसलिए महिलाओं को मिलने वाला एक हजार रुपया सीधे उनके खाते में पहुंचेगा। पंजाब में काफी महिलाएं ऐसी हैं, जिन्होंने आज तक अपने बैंक खाते ही नहीं खुलवाए हैं। योजना का लाभ लेने के लिए ये महिलाएं अब बैंकों में अपने खाते खुलवाने उमड़ रही हैं मगर इस दौरान उनके समक्ष एक नई अड़चन सामने आ रही है। इन महिलाओं की अंगुलियों की लकीरें इस कदर घिस चुकी हैं कि उनकी बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन ही नहीं हो पा रही है। जिस वजह से उनके बैंक खातों में उनका आधार लिंक नहीं हो रहा है। बैंक उन्हें इसी समस्या के चलते लौटा रहे हैं। इस तरह की शिकायतें अब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान तक पहुंचने लगी हैं।
ये है महिलाओं का दर्द
महिलाओं की घिसी अंगुलियां उनकी कड़ी मेहनत और कठोर कामकाज की स्थिति बयां करने के लिए काफी हैं। जानकारी के अनुसार जो महिलाएं बैंक में पहुंच रही हैं, उनमें से बहुत सी जरूरतमंद महिलाओं की अंगुलियों की लकीरें इसलिए मद्धम पड़ गई हैं, क्योंकि वे रोजाना या तो गोया (गोबर) थापती हैं, चारा काटती हैं या फिर घरों में बर्तन साफ करने का काम करती हैं। इस वजह से उनकी अंगुलियां घिसकर सांवलीं व हरी (रोजाना घास काटने की वजह से) हो चुकी हैं। नतीजतन बैंकों में आधार लिंक के लिए उनका बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन नहीं हो पा रहा है।
दुखड़ा सुनकर सीएम व्यथित
महिलाओं का यह दुखड़ा सूबे के सीएम भगवंत मान तक भी पहुंच चुका है, जिसे लेकर वे भावुक और व्यथित हैं। उन्होंने इस समस्या की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ के आला अफसरों से विभिन्न बैंकों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित करवाने के निर्देश दिए हैं। सीएम मान कहते हैं कि वे चाहते हैं कि हर जरूरतमंद महिला को इस योजना का लाभ मिले। अंगुलियों के निशान इस योजना में आड़े नहीं आ सकते, इसलिए बैंकों के अधिकारियों से बात करें और इसका हल निकलवाएंगे।
ये है योजना
सरकार की मावां-धीयां दा सत्कार योजना के तहत प्रदेश की सभी महिलाओं (सरकारी कर्मी या पेंशनर्स को छोड़कर) को प्रति माह 1000 रुपये दिए जाने हैं। यह रुपया सीधा खाते में आएगा। बैसाखी के दिन यानी 13 अप्रैल को इसके लिए पंजीकरण शुरू हो जाएगा। यह लाभ केवल उन महिलाओं को मिलेगा, जो पंजाब की वोटर हैं।
सरहाली रजबहा की हालत खराब, 22 किलोमीटर तक गाद से भरा मिला
19 Mar, 2026 08:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। इसे लापरवाही का बड़ा उदाहरण कहेंगे कि तरनतारन में 22 किलोमीटर लंबा सरहाली रहबहा (डिस्ट्रीब्यूटरी) कई वर्षों तक गाद के नीचे दबता चला गया और महकमे ने इस ओर कोई ध्यान ही नहीं दिया। इस रजबहा को तरनतारन के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में सिंचाई के लिए नहरी पानी पहुंचाने के मकसद से बनाया गया था। रजबहा पूरी तरह मिट्टी के नीचे दब गया और झाड़ियों में छिप गया। वर्षों तक लोग यहां नहरी पानी से सिंचाई सुविधा के लिए तरसते रहे। इलाके के लोग सरकार से मांग करने लगे कि जिस तरह अन्य जिलों के खेतों में सिंचाई के लिए नहरी पानी पहुंचाया जा रहा है। उसी तरह तरनतारन में भी एक रजबहा बनाकर विभिन्न माइनरों के जरिये उनके खेतों तक भी नहरी पानी पहुंचाया जाए। बीते नवंबर में तरनतारन उपचुनाव के दौरान भी यह मुद्दा उठा था। यह मांग जब मुख्यमंत्री भगवंत मान तक पहुंची तो उन्होंने जल स्रोत महकमे के प्रशासकीय सचिव कृष्ण कुमार को इसकी जिम्मेदारी सौंपी। इसके लिए सर्वे के बाद जब सरहाली इलाके में रजबहा बनाने का काम शुरू किया गया तो खोदाई के दौरान मिट्टी के नीचे एक निर्माण के रूप में ईंटें निकलने लगी। खुदाई जब जारी रखी गई तो 22 किलोमीटर तक ईंटों से बना एक तैयार रजबहा ढूंढ निकाला गया। यह देखकर महकमे के अफसर और सरकार भी हैरान हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान कहते हैं कि यह हैरान करने वाली बात है कि पिछली सरकारों में इस ओर कोई ध्यान ही नहीं दिया गया। 22 किलोमीटर लंबी डिस्ट्रीब्यूटरी मिट्टी के नीचे गुम हो जाती है और अफसरों व कर्मचारियों को भनक तक नहीं लगती। सीएम के अनुसार इसे ढूंढने वाले अफसर व कर्मचारी वाकई बधाई के पात्र हैं।
इन माइनरों से जोड़ा
जल स्रोत महकमे द्वारा ढूंढ निकाले गए इस रजबहा से कंग माइनर, जोरा डिस्टी, माछीके, खाबा, पट्टी डिस्टी, दुधेर माइनर, मनो चहल माइनर, चक मेहर माइनर, माल मोहरी व माल मोहरी माइनर को लिंक कर दिया गया है। इन माइनरों के माध्यम से अब विभिन्न गांवों तक पानी पहुंचना शुरू हो गया है।
4737 एकड़ खेतों तक पहुंचा पानी
गुम हो चुके रजबाहे को ढूंढने के बाद अभी तक 4737 एकड़ कृषि योग्य भूमि को सिंचाई के लिए नहरी पानी पहुंचने लगा है। रजबाहे से लिंक के बाद विभिन्न माइनरों के जरिये कंग, नौरंगाबाद, कैरों, बहनिवाल, जमालपुर समेत मियांवाल, असल उत्तर, भुरकोना, सरहाली, नौशहरा पन्नुआ, नंदपुर, खब्बे राजपूतान, कीरतोवाल, तुंग, प्रिंगरी, सभरांव, दुधेर, धत्तल, रानियां, मैनी, सहबजापुर, दिलावलपुर, मालमोहरी, लोहार, गज्जल, संगतपुरा, जोहल ढायेवाला, डुमनीवाला, वान, जामराई, ठठियां महंता गांवों के किसान को भी सिंचाई के लिए नहरी पानी मिल रहा है।
2000 से अधिक कंपनियों ने तैयार की भर्ती सूची
18 Mar, 2026 10:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। आज के डिजिटल और मुकाबले वाले दौर में जहां युवा वर्क फोर्स हाई सैलरी और तेज ट्रैक करिअर की मांग करती है, वहीं कॉरपोरेट जगत ने अपनी परफेक्ट वर्क फोर्स तलाशनी शुरू कर दी है। कंपनियां अब अनुशासित, जिम्मेदार और अत्यधिक दबाव झेलने में सक्षम पूर्व सैनिकों को प्राथमिकता दे रही हैं। पिछले पांच वर्षों में कॉरपोरेट सेक्टर का रुझान तेजी से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से सेवानिवृत्त हुए जवानों की ओर बढ़ा है। यही कारण है कि देश की दो हजार से अधिक कंपनियां अब सीधे रक्षा मंत्रालय के पुनर्वास महानिदेशालय (डीजीआर) के संपर्क में हैं। इनमें विनिर्माण इकाइयों के साथ-साथ आईटी, एआई और डाटा साइंस जैसे हाई-टेक उद्योग भी शामिल हैं। कॉरपोरेट जहां युवाओं में चपलता देखता है, वहीं पूर्व सैनिकों में वह परिपक्वता, धैर्य और संकट प्रबंधन (क्राइसिस मैनेजमेंट) की क्षमता देखता है, जो किसी भी संगठन को मजबूती दे सकती है। कंपनियों का मानना है कि सेना में मिला अनुशासन और तनावपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर निर्णय लेने की कला उन्हें दूसरी पारी के लिए सबसे उपयुक्त बनाती है। चंडीगढ़ में आयोजित एक जॉब फेयर के दौरान पुनर्वास महानिदेशक मेजर जनरल एसबीके सिंह ने अमर उजाला को बताया कि कॉरपोरेट सेक्टर को अब एहसास हुआ है कि पूर्व सैनिक केवल सुरक्षा गार्ड नहीं हैं, वे मैनेजर, टीम लीडर और टेक्निकल हेड की भूमिका में भी बखूबी फिट बैठते हैं। डीजीआर इसी कड़ी को मजबूत कर रहा है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा में अब पूर्व सैनिकों की भूमिका और बढ़ गई है। रिफाइनरियों, न्यूक्लियर प्लांट और हवाई अड्डों पर सीआईएसएफ के साथ पूर्व सैनिकों को भी सुरक्षा एजेंट के रूप में तैनात किया जा रहा है। डीजीआर के माध्यम से हर साल इन संस्थानों में लगभग 50 से 60 हजार पूर्व सैनिकों को नियोजित किया जा रहा है। हाल ही में चंडीगढ़ में आयोजित रोजगार मेले में विभिन्न कॉरपोरेट कंपनियां 1800 से 2000 रिक्तियां लेकर पहुंचीं, जहां पूर्व सैनिकों को हाथोंहाथ नौकरियां मिलीं।
स्वरोजगार पर जोर, हर साल 20 हजार सैनिक होंगे ट्रेंड
महानिदेशालय केवल नौकरी ही नहीं, बल्कि पूर्व सैनिकों को आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दे रहा है। हर साल 20 हजार पूर्व सैनिकों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। डेयरी सेक्टर में पूर्व सैनिकों को जोड़ने के लिए पंजाब में वेरका, हरियाणा में वीटा, बिहार में सुधा और एमपी में सांची जैसे ब्रांड्स से हाथ मिलाया जा रहा है। साथ ही, आधुनिक कृषि के क्षेत्र में पूर्व सैनिक एग्रो ड्रोन तकनीक में भी करियर बना सकें, इसके लिए दक्षिण भारत की एक कंपनी के सहयोग से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है।
पूर्व कांग्रेस पार्षद के भतीजे को बदमाशों ने मारी गोली
18 Mar, 2026 08:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर। के छेहरटा इलाके में मंगलवार देर रात अज्ञात एक्टिवा सवार ने पूर्व कांग्रेस पार्षद लखनपाल के भतीजे सागर को गोली मार दी। आसपास एकत्रित हुए लोगों ने तुरंत सागर को हॉस्पिटल पहुंचाया। जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। घटना रात करीब साढ़े 11 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार सागर अपनी बहन के साथ घर के बाहर कुत्तों को खाना खिलाने के लिए निकला था। इसी दौरान एक्टिवा पर सवार एक युवक वहां पहुंचा और उस पर गोली चला दी। गोली सागर के पेट में लगी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।घायल को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। एसीपी शिव दर्शन सिंह ने बताया कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और हमलावर की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस मामले के सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। इस वारदात के बाद पूर्व मंत्री राजकुमार वेरका ने सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। पुलिसिया सरकार का अपराधियों पर कोई भी कंट्रोल नहीं रहा।
3500 करोड़ रुपये के निवेश से शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा बूस्ट
18 Mar, 2026 07:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने पंजाब शिक्षा क्रांति-2.0 की शुरुआत कर दी है, जिसके तहत अगले छह वर्षों में 3500 करोड़ रुपये के निवेश से स्कूली शिक्षा में व्यापक सुधार किए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी पहल का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे को उन्नत करना और पंजाब की शिक्षा प्रणाली को विश्व स्तरीय मानकों के अनुरूप बनाना है। इस मिशन के क्रियान्वयन के लिए पंजाब सरकार ने विश्व बैंक के साथ करार किया है। कुल 3500 करोड़ रुपये में से 2500 करोड़ रुपये विश्व बैंक ऋण सहायता के रूप में प्रदान करेगा, जबकि 1000 करोड़ रुपये पंजाब सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि शिक्षा क्रांति मिशन के पहले चरण की उल्लेखनीय उपलब्धियों को देखते हुए सरकार ने इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। पहले चरण के तहत राज्य भर के सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदल दी गई और पंजाब को राष्ट्रीय शिक्षा रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर पहुंचाया गया। भारत सरकार द्वारा आयोजित परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण-2024 में पंजाब ने केरल को पीछे छोड़ते हुए कक्षा शिक्षण परिणामों में प्रथम स्थान हासिल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि शिक्षा क्रांति के तहत किए गए बुनियादी सुधारों को दर्शाती है, जिनमें कक्षा शिक्षण को सुदृढ़ करना, बुनियादी ढांचे का उन्नयन और लगभग 20 हजार सरकारी स्कूलों में प्रशासनिक सुधार शामिल हैं। इसके अलावा स्कूलों में कॅरिअर मार्गदर्शन प्रणाली और शिक्षक प्रशिक्षण तंत्र को भी मजबूत किया गया। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि पंजाब शिक्षा क्रांति-2.0 के तहत अब तक हासिल किए गए लक्ष्यों और उपलब्धियों को संस्थागत रूप दिया जाएगा। अब शिक्षा प्रणालियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब का हर बच्चा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अवसरों का हकदार है और यह मिशन उस लक्ष्य को प्राप्त करने में मददगार होगा।
विज्ञान, वाणिज्य संकाय तक पहुंच बढ़ेगी
शिक्षा मंत्री ने बताया कि 3500 करोड़ रुपये की लागत वाला यह मिशन परिणाम-आधारित हस्तक्षेपों के माध्यम से शिक्षा सुधारों को और गहरा तथा स्थायी बनाएगा। इसके तहत बुनियादी शिक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक बच्चा आवश्यक कौशल हासिल कर सके। इस पहल के तहत विज्ञान और वाणिज्य संकाय तक पहुंच बढ़ाई जाएगी, व्यावसायिक शिक्षा को उन्नत किया जाएगा और विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं बेहतर रोजगार के लिए मार्गदर्शन देने के लिए संरचित कॅरिअर काउंसलिंग प्रणाली शुरू की जाएगी।
लॉन्च होगा डिजिटल कॅरिअर गाइडेंस पोर्टल
पंजाब शिक्षा विभाग इसी कड़ी में एक व्यापक डिजिटल कॅरिअर गाइडेंस पोर्टल भी लॉन्च करेगा, जिससे छात्रों को परामर्श, योग्यता मूल्यांकन और बेहतर करियर विकल्प चुनने में सहायता मिलेगी। साथ ही, डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली और स्कूल प्रबंधन समितियों को सशक्त बनाकर पारदर्शी एवं जवाबदेह स्कूल प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे सामुदायिक भागीदारी भी बढ़ेगी। यह मिशन भविष्य के लिए तैयार शिक्षा संबंधी बुनियादी ढांचा और प्रणालियां विकसित करेगा। इसके तहत व्यापक सुधार किए जाएंगे, ताकि दीर्घकालिक रूप से सुरक्षित, टिकाऊ और डिजिटल रूप से सक्षम शिक्षण वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। पंजाब शिक्षा क्रांति द्वारा रखी गई मजबूत नींव को आगे बढ़ाते हुए पंजाब शिक्षा क्रांति 2.0 अब इस परिवर्तन को और विस्तार देगा।
पगड़ी और जूतों के साथ दिखाया गया कंकाल, मचा विवाद
17 Mar, 2026 06:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर (पंजाब)। एआई के जरिए एक वीडियो बनाकर कुछ लोगों की ओर से श्री हरमंदिर साहब की बेअदबी करने का मामला सामने आया है। वीडियो में एक कंकाल को पगड़ी पहनकर श्री हरमंदिर साहिब परिसर और लंगर हाल में जूते पहनकर घूमते हुए दिखाया गया है। इससे सिख समुदाय में रोष फैल गया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने मामले में जांच शुरू कर दी है। कमेटी की ओर से संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ कार्रवाई करने की पैरवी शुरू कर दी है। करीब डेढ़ मिनट का यह वीडियो सात दिन अमृतसर में थीम पर तैयार किया गया है। इसमें पहले दिन श्री हरमंदिर साहिब की परिक्रमा, दूसरे दिन लंगर हॉल के दृश्य, तीसरे दिन जलियांवाला बाग, चौथे दिन अमृतसरी कुलचे खाते और लस्सी पीते हुए, पांचवें दिन अटारी-वाघा बॉर्डर पर सेरेमनी देखते हुए, छठे दिन शहर की गलियों में घूमते और दुर्गियाना मंदिर में दर्शन करते हुए दृश्य शामिल किए गए हैं। सातवें दिन के हिस्से में सूर्योदय के समय फिर से श्री हरमंदिर साहिब की परिक्रमा के दौरान जूते पहने हुए बैठे होने का दृश्य दिखाया गया है, जिस पर सबसे अधिक आपत्ति जताई जा रही है। एसजीपीसी के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जिस किसी की ओर से भी ऐसी शरारत की गई है उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करवाई जाएगी। फिलहाल, संबंधित एजेंसियां वीडियो की सत्यता और इसके प्रसार से जुड़े सभी पहलुओं की जांच में जुटी हैं।
सिटी के कचरा प्रबंधन में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का खुलासा
17 Mar, 2026 04:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर। में नगर निगम के कूड़ा प्रबंधन में बड़ी धांधली का खुलासा हुआ है। मेयर विनीत धीर ने खुद मंगलवार सुबह डंपिंग साइट पर पहुंचकर जांच की और मौके पर ही गड़बड़ी पकड़ ली। यह छापामारी सुबह साढ़े सात बजे की गई। मेयर के साथ आप नेता सौरभ सेठ भी थे। जानकारी के मुताबिक, मेयर डंपिंग ग्राउंड पर खड़े होकर कूड़ा ढोने वाली गाड़ियों की निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान एक टिप्पर जब कूड़ा डालने पहुंचा तो शक होने पर उसे खाली करवाया गया। जांच में सामने आया कि कूड़े की जगह उसमें मकान का मलबा भरा हुआ था। मौके पर ही मेयर ने टिप्पर मालिक को कड़ी फटकार लगाई और नगर निगम कमिश्नर को संबंधित ठेकेदार सतपाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि कूड़े की गाड़ियों को वजन के आधार पर भुगतान किया जाता था, जिसका फायदा उठाते हुए ठेकेदार कूड़े में ईंट-पत्थर मिलाकर वजन बढ़ा रहा था और निगम से अधिक पैसे वसूल रहा था। यह धंधा लंबे समय से चल रहा था। सूत्रों के अनुसार, उक्त ठेकेदार पर पहले भी दो बार 2-2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। बावजूद इसके, नियमों की अनदेखी जारी रही। अब नगर निगम इस ठेके को रद्द करने और आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी में है।
डीलर्स का दावा: 27 लाख के बजाय केवल 21 लाख सिलिंडर सप्लाई
17 Mar, 2026 03:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब में एलपीजी आपूर्ति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। फेडरेशन ऑफ एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ पंजाब के प्रधान गुरपाल सिंह मान ने आरोप लगाया है कि सरकार ने राज्य में एलपीजी आपूर्ति में करीब 20 प्रतिशत की कटौती कर दी है, जिससे आम लोगों से लेकर कारोबारी वर्ग तक परेशान है। प्रेसवार्ता में मान ने बताया कि पहले जहां हर महीने करीब 27 लाख घरेलू गैस सिलिंडर भेजे जाते थे, अब यह संख्या घटकर लगभग 21 लाख रह गई है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि डीलरों को लोगों के गुस्से का सामना न करना पड़े। मान ने दावा किया कि व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लुधियाना में करीब 6 हजार मीट्रिक टन की कमर्शियल गैस मार्केट होने के बावजूद सप्लाई बाधित है।
उन्होंने कहा कि राज्य में करीब 980 गैस एजेंसियां 96 लाख उपभोक्ताओं की मांग पूरी करती हैं और हर महीने लगभग 27 लाख सिलिंडर वितरित किए जाते हैं। हालांकि, मौजूदा हालात में रोजाना 2 से 5 हजार बुकिंग लंबित हो रही हैं और बैकलॉग बढ़ता जा रहा है। फेडरेशन के अनुसार, लगभग 50 हजार कर्मचारी ग्राउंड पर काम कर रहे हैं। कोविड-19 के दौरान भी एलपीजी आपूर्ति बाधित नहीं हुई थी और डीलरों ने घर-घर सिलिंडर पहुंचाया था, लेकिन अब हालात विपरीत हो गए हैं। मान ने यह भी सवाल उठाया कि जब सरकार 71 दिनों का स्टॉक होने का दावा कर रही है, तो फिर कुछ ही घंटों में संकट क्यों गहरा गया। उन्होंने कहा कि प्लांट अपनी क्षमता से कम चल रहे हैं और कई जगह बंद भी किए जा रहे हैं, जिससे सप्लाई पर असर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि ओटीपी सिस्टम के जरिए सिलिंडर वितरण किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। फेडरेशन ने सरकार से मांग की है कि एलपीजी संकट को स्वीकार करते हुए जल्द समाधान निकाला जाए, ताकि आम लोगों और व्यापारियों को राहत मिल सके।
बठिंडा कोर्ट का बड़ा फैसला, आरोपी दोषी करार
17 Mar, 2026 03:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर (पंजाब)। बठिंडा जिला अदालत ने 13 साल पुराने दुष्कर्म मामले में आरोपी कपड़ा व्यापारी सतपाल ग्रोवर को दोषी करार देकर सात साल की सजा सुनाई है। जानकारी के अनुसार थाना कोतवाली एरिया में रहने वाली एक शिक्षिका ने जनवरी 2013 में खुदकुशी नोट लिखकर जहर निगल लिया था। पीड़ित को गंभीर हालत में प्राइवेट अस्पताल रेफर कर दिया गया था। इसके बाद थाना कोतवाली पुलिस ने महिला के बयान पर कपड़ा व्यापारी सतपाल ग्रोवर के खिलाफ दुष्कर्म और अलग अलग धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया था। मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपी कपड़ा व्यापारी को गिरफ्तार कर लिया था। अदालत में चली लंबी कानूनी कार्रवाई के बाद जिला अदालत ने सरकारी वकील हरभूपिंदर पाल सिंह चौहान की दलीलों से सहमत होते हुए कपड़ा व्यापारी को दुष्कर्म के आरोप में सात साल की सजा और बीस हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। महिला ने आरोप लगाया था कि सतपाल ग्रोवर के साथ उनके परिवार की जान पहचान थी, जिसके चलते वो अक्सर ही उनके घर आता जाता था। महिला ने बताया कि एक दिन जब वो अपने घर पर अकेली थी तो सतपाल ग्रोवर उसके बैडरूम में आकर उसके साथ जबरदस्ती करने लगा था। इसी दौरान उसका पति और भाई आ गए तो कपड़ा व्यापारी फरार हो गया था। इसके बाद महिला ने खुदकुशी करने की नीयत से जहर निगल लिया था।
हिरासत में मारपीट का आरोप, युवक की बाजू तीन जगह से टूटी
16 Mar, 2026 02:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर। के थाना भार्गव कैंप में रविवार शाम उस समय हंगामा मच गया जब लकड़ी चोरी के आरोप में पकड़े गए एक युवक और ढाबा संचालक पक्ष के बीच थाने के अंदर ही जमकर धक्का-मुक्की और मारपीट हो गई। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में युवक की बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे उसकी बाजू तीन जगह से टूट गई।घटना दयोल नगर की बताई जा रही है। डॉक्टर बीआर अंबेडकर सेल पंजाब शहरी के युवा अध्यक्ष सतीश कुमार खोसला के अनुसार, उनके पास काम करने वाले इंद्रजीत ने सूचना दी कि उसके साले जोबन को बूटा मंडी स्थित शेरू पंजाबी ढाबा के पास बुरी तरह पीटा गया है। आरोप है कि जोबन ने ढाबे के बाहर रखी टेबल की लकड़ी आग सेंकने के लिए उठा ली थी, जिस पर ढाबा संचालक ने चोरी का आरोप लगाकर उसकी पिटाई कर दी।पीड़ित पक्ष का कहना है कि मारपीट के दौरान युवक की बाजू तीन जगह से टूट गई। बाद में पुलिस उसे थाने ले आई, जहां परिवार के पहुंचने पर दोबारा झगड़ा हो गया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसकी सोने की चेन तोड़ दी गई।वहीं दूसरे पक्ष ने मारपीट के आरोपों को झूठा बताया। उनका कहना है कि युवक दरवाजा तोड़ रहा था और पत्थर मारकर गालियां दे रहा था, इसलिए उसे काबू कर पुलिस के हवाले किया गया। उन्होंने युवक पर नशे का आदी होने का भी आरोप लगाया।थाना प्रभारी लखबीर सिंह ने कहा कि घटना के समय वे मौजूद नहीं थे। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और युवक को मेडिकल के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया है। जांच के बाद बनती कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब विधानसभा में हंगामा, एलपीजी संकट पर आप और कांग्रेस आमने-सामने
16 Mar, 2026 02:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा के बजट सत्र का आज अंतिम दिन है। सोमवार को ईरान इजराइल युद्ध के चलते एलपीजी गैस के संकट को लेकर आम आदमी पार्टी के विधायकों ने पंजाब विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले प्रदर्शन किया।एलपीजी गैस को लेकर सदन के अंदर भी आप विधायकों ने प्रदर्शन किया।
रोपड़ हेडवर्क्स में बनेगा इरिगेशन म्यूजियम
पंजाब सरकार की तरफ से रोपड़ हेडवर्क्स पर इरिगेशन म्यूजियम बनाया जा रहा है। मंत्री बरिंदर गोयल ने विधानसभा में बताया कि जल स्रोत विभाग का कोई म्यूजियम नहीं है। रोपड़ हेडवर्क्स पर खाली पड़ी बिल्डिंग में इरिगेशन म्यूजियम बनाया जाएगा। इसमें नहरों और बांधों के मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके इलावा एग्रीमेंट और दस्तावेज प्रदर्शित किए जाएंगे। एक वीडियो रूम बनाया जाएगा। पानी की कमी से संबंधित मुद्दों और उनके उपाय के बारे में जानकारी देंगे। इसका निर्माण अप्रैल 2026 से शुरू होगा। 30 सितंबर 2026 तक पूरा कर देंगे। इसमें सिर्फ पंजाब की ही नहरों को शामिल किया जाएगा। विधानसभा में दूध और खाद्य पदार्थों में मिलावट का मामला भी उठा। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने अब तक कार्रवाई की रिपोर्ट सबमिट की। मंत्री अमन अरोड़ा ने इसे लेकर विशेषज्ञों की समिति गठित करने की मांग की है।सदन में प्रश्नकाल के दौरान सड़कों और रास्तों के बीच में खंभे लगाए जाने का मामला भी उठा। स्पीकर ने कहा कि ऐसी अधिकारियों को कोई अवॉर्ड दिया जाना चाहिए। मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि शिकायत आएगी तो कार्रवाई करेंगे। हम सभी 60 सब डिविजनलों में काम शुरू कर रहे हैं। कुल 100 सब डिवीजनों में काम होना है। सारे खंभे शिफ्ट किए जाएंगे। तारों को भी बदला जाएगा। बिजली का पूरा नया ढांचा तैयार किया जाएगा।नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने कहा कि सोहाना में भाई गुरजीत सिंह खालसा टंकी पर चढ़े हुए हैं। सरकार बेअदबी को लेकर कोई कानून क्यों नहीं लेकर आती है। सिलेक्ट कमेटी को प्रस्ताव भेजे आठ महीने हो गए हैं। सरकार इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करें कि कब यह कानून आएगा। यह गंभीर मामला है।आप विधायक अशोक पराशर पप्पी ने कहा कि लुधियाना में नशा छुड़ाओ केंद्रों पर बेड की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र में 18 बेड है, जिनकी संख्या बढ़ाकर 50 से 100 बेड किया जाना चाहिए। ताकि बच्चों का इलाज करवाया जा सके। साथ ही एलपीजी संकट पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की विदेश नीति फेल हो गई है। कांग्रेस विधायक बरिंदरमीत पाहड़ा ने कहा कि वित्त मंत्री ने पुरानी पेंशन स्कीम का वादा किया था। पैसे बहुत हैं तो इसकी घोषणा की जानी चाहिए। अब तक इसे लागू किया नहीं किया गया है।
एलपीजी संकट पर आप का प्रदर्शन
एलपीजी गैस के संकट को लेकर आप विधायकों ने वेल में आकर प्रदर्शन किया। हंगामे के चलते सदन को 20 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया। चीमा ने कहा कि प्रधानमंत्री की विदेश नीति फेल हो रही है। वे विदेश दौरे करके आते हैं लेकिन देश को इस तरह के संकट में झोंक दिया है। पीएम ने देश को बर्बाद करने का काम किया है। सबसे ज्यादा महंगाई बढ़ रही है। स्पीकर ने कहा कि पता नहीं केंद्र पर कौनसा दबाव था कि आज एलपीजी सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। पता नहीं कौनसी मजबूरी थी कि अमेरिका से तेल खरीदने का फैसला लिया।
लाॅ एंड बाॅर्डर पर चर्चा की मांग
नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने कहा कि लॉ एंड ऑर्डर सबसे अहम मुद्दा है। इस पर दो घंटे चर्चा करवाई जाए। सरकार भी अपनी बात रखे। ड्रग्स पर भी चर्चा करवाई जाए। इस पर वित्तमंत्री चीमा ने कहा कि जिस दिन बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की मीटिंग थी, नेता प्रतिपक्ष ने फोन अटेंड नहीं किया। उस कमेटी में यह बातें रखनी चाहिए थे। सबकुछ जानने के बावजूद आप नहीं आए।
ईमेल से मिली धमकी के बाद जालंधर-मोगा के स्कूलों में परीक्षा रद्द
16 Mar, 2026 02:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर । में तीन प्रमुख स्कूलों, दिल्ली जाने वाली ट्रेन, विधानसभा और डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने का मामला सामने आया। यह धमकी कथित तौर पर खालिस्तानी समर्थकों की ओर से भेजी गई बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और जांच शुरू कर दी गई है।बम की धमकी के बाद स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। एडीसीपी आकर्षि जैन ने कहा कि हम जांच कर रहे हैं।जानकारी के मुताबिक जालंधर के एपीजे स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल सहित एक अन्य निजी स्कूल को धमकी भरी ईमेल भेजी गई है। ईमेल में चेतावनी दी गई है कि जालंधर में स्थित इन संस्थानों के साथ-साथ दिल्ली जाने वाली एक ट्रेन और विधानसभा को भी निशाना बनाया जा सकता है। ईमेल मिलने के बाद स्कूल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए।धमकी भरे ईमेल में एक और गंभीर चेतावनी दी गई है। मेल भेजने वाले ने जालंधर जिले में स्थापित डॉ. भीमराव अंबेडकर की सभी प्रतिमाओं को हटाने की मांग की है। इसके लिए 14 अप्रैल तक का समय दिया गया है। ईमेल में कहा गया है कि यदि तय समय तक प्रतिमाएं नहीं हटाई गईं तो उन्हें बम से उड़ाने की कार्रवाई की जाएगी।मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। स्कूलों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस साइबर सेल भी ईमेल की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमकी किसने और कहां से भेजी है।पुलिस अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुटी हैं और लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की गई है।
मोगा के तीन सरकारी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी
मोगा के तीन सरकारी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार सरकारी स्कूल गोथेयाला, सरकारी स्कूल उगोके और सरकारी स्कूल झंडियाना को एक धमकी भरी ईमेल प्राप्त हुई, जिसमें स्कूलों को बम से उड़ाने की बात कही गई थी।गोथेयाला सरकारी स्कूल के अध्यापक जतिन गोयल ने बताया कि आज नाैवीं क्लास के पेपर थे। पेपर शुरू होने से पहले जब स्कूल के स्टाफ ने ईमेल चेक किया तो उसमें खालिस्तान समर्थक की और से ईमेल भेजा गया। ईमेल में लिखा गया कि 14 अप्रैल से पहले स्कूल से डॉ. भीम राव आंबेडकर की फोटो हटा दी जाए नहीं तो स्कूल को बम से उड़ा दिया जाएगा। तुरंत इस मामले की सूचना उच्च अधिकारियों और पुलिस प्रशासन को दी गई। उन्होंने बताया कि उस समय स्कूल में छात्रों के पेपर चल रहे थे, लेकिन बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परीक्षाएं तुरंत रद्द कर दी गईं और छात्रों को सुरक्षित तरीके से घर भेज दिया गया। धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बम निरोधक टीमों को मौके पर भेज कर स्कूल परिसर और आसपास के इलाकों की बारीकी से जांच की और स्कूल को सेफ घोषित किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धमकी भरी ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है और साइबर टीम की भी मदद ली जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
हाईकोर्ट का मानवीय फैसला, 73 वर्षीय दोषी को एक साल तक 20 पौधों की देखभाल का निर्देश
14 Mar, 2026 03:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दोषी ठहराए गए 73 वर्षीय गुरदीप सिंह मनचंदा की सजा को निलंबित करते हुए 20 पौधे लगाने और उनकी एक साल तक देखभाल करने की अनोखी शर्त रखी है। साथ ही पौधरोपण का प्रमाण भी फोटो के रूप में अदालत में पेश करना होगा।अदालत ने कहा कि अपील पहले ही स्वीकार की जा चुकी है और मामलों के भारी लंबित होने के कारण इसकी जल्द सुनवाई संभव नहीं है। ऐसे में अपील लंबित रहने के दौरान दोषी को लगातार जेल में रखना उचित नहीं होगा। चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने गुरदीप सिंह द्वारा दायर उस आवेदन को स्वीकार करते हुए यह आदेश पारित किया जिसमें अपील लंबित रहने के दौरान सजा निलंबित करने की मांग की गई थी।मनचंदा ने 30 जुलाई 2024 के उस फैसले के खिलाफ लंबित अपील के दौरान सजा निलंबित करने के लिए अर्जी की थी जिसमें उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में दोषी ठहराया गया था। ट्रायल कोर्ट ने उन्हें पांच साल के कठोर कारावास और 30 हजार जुर्माने की सजा सुनाई थी। यह मामला वर्ष 2013 में दर्ज फतेहगढ़ साहिब के एक पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ था।याची ने दलील दी कि जिस मूल आपराधिक मामले के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप बना था उसमें ट्रायल कोर्ट फरवरी 2019 में मनचंदा को बरी कर चुकी है। अन्य तीन मामलों में भी उन्हें अदालत से राहत मिल चुकी है। बचाव पक्ष ने यह भी बताया कि याचिकाकर्ता 73 वर्ष के हैं और कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं।याची और सरकार की दलील सुनने के बाद हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड का अवलोकन किया और पाया कि याचिकाकर्ता मूल आपराधिक मामले में पहले ही बरी हो चुका है। साथ ही हिरासत प्रमाणपत्र के अनुसार वह एक वर्ष चार महीने और 27 दिन जेल में बिता चुका है। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने कहा कि अपील के लंबित रहने के दौरान आरोपी को जेल में रखने का कोई उपयोगी उद्देश्य नहीं रहेगा। मनचंदा बिना अदालत की अनुमति के देश से बाहर नहीं जा सकेगा।
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