पंजाब
ड्रग तस्करी का गढ़ बना पंजाब, कई जिले हॉटस्पॉट घोषित
26 Mar, 2026 08:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब में नशा तस्करी के मामलों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है और राज्य अब देश में नंबर-1 पर पहुंच गया है। तीन साल में ड्रग्स तस्करी में डेढ़ गुना उछाल आया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में 1.16 लाख किलोग्राम ड्रग्स बरामद की गई जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। रिपोर्ट में सामने आया है कि पाकिस्तान से सटी सीमा के गांव तस्करों के निशाने पर हैं। ड्रोन के जरिये सीमा पार से ड्रग्स गिराने के मामलों में तेजी आई है जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। पंजाब की 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट, फिरोजपुर और फाजिल्का जिले तस्करी के प्रमुख मार्ग बनते जा रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में 47,475 किलो और 2024 में 46,227 किलो ड्रग्स बरामद की गई थी लेकिन 2025 में इसमें भारी उछाल आया और आंकड़ा 1.16 लाख किलो तक पहुंच गया। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की रिपोर्ट के मुताबिक सीमावर्ती जिलों में ड्रोन के जरिये तस्करी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है।
अन्य राज्यों में भी तस्करी लेकिन पंजाब सबसे आगे
जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2024 में 5,708 किलो और 2025 में 4,491 किलो ड्रग्स पकड़ी गई। गुजरात में 2024 में 20,971 किलो और 2025 में 22,758 किलो बरामद हुई। राजस्थान में कुल बरामदगी ज्यादा होने के बावजूद वहां मामलों में कमी दर्ज की गई है जबकि पंजाब में हालात तेजी से बिगड़े हैं।
ड्रग्स के साथ हथियार और जाली नोट भी बरामद
एनसीबी की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पंजाब सीमा से ड्रग्स के साथ-साथ हथियार, गोला-बारूद और जाली नोटों की तस्करी भी बढ़ी है। सीमावर्ती इलाकों से एके-47, एके-56 राइफल, आरडीएक्स और विदेशी हथियार बरामद किए जा रहे हैं, जो सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं।
एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात, फिर भी चुनौती बरकरार
पंजाब सरकार ने ड्रोन तस्करी पर रोक के लिए तरनतारन से एंटी-ड्रोन सिस्टम की शुरुआत की है। 51.41 करोड़ रुपये से नौ अत्याधुनिक सिस्टम लगाए गए हैं जो ड्रोन और उसके कंट्रोल स्टेशन की लोकेशन ट्रैक कर रियल-टाइम अलर्ट देते हैं। हालांकि, तस्कर लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी बढ़ाई है लेकिन सीमा पार से हो रही तस्करी पर पूरी तरह नियंत्रण अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।
चंडीगढ़ में जमीन-घर खरीदना पड़ेगा महंगा, कलेक्टर रेट 5-7% बढ़े
25 Mar, 2026 11:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। एक अप्रैल से चंडीगढ़ में नए कलेक्टर रेट लागू होंगे। इसके साथ ही शहर में प्रॉपर्टी के रेट महंगे हो जाएंगे। डीसी कार्यालय ने मंगलवार को फाइनल नए कलेक्टर रेट का नोटिफिकेशन जारी कर दिया। नए कलेक्टर रेट में रेजिडेंशियल से लेकर कॉमर्शियल, औद्योगिक और एग्रीकल्चर लैंड के कलेक्टर रेट में 5 से 7 फीसदी तक का इजाफा किया गया है। प्रशासन ने नए कलेक्टर रेट को लेकर जो ड्राफ्ट जारी किया था, उसमें गांवों के कुछ एरिया में कलेक्टर रेट संशोधित कर लागू किए गए हैं। इसके अलावा हाउसिंग बोर्ड के फ्लैट्स और इंडिपेंडेंट मकानों के रेट में भी इजाफा हुआ है। डीसी निशांत कुमार यादव ने बताया कि प्रशासन ने जो नए फाइनल कलेक्टर रेट जारी किए हैं, उसके मुताबिक सेक्टर 1 से 12 तक के क्षेत्रों में रिहायशी जमीन की कीमत सबसे अधिक रखी गई है, जबकि बाहरी सेक्टरों में दरें कम हैं। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के फ्लैट्स के लिए अलग-अलग मंजिलों के अनुसार दरें तय की गई हैं। ग्राउंड फ्लोर के लिए 11,000 रुपये प्रति वर्ग फीट, पहली मंजिल के लिए 9,000 रुपये प्रति वर्ग फीट, दूसरी मंजिल के लिए 8,000 रुपये प्रति वर्ग फीट तथा तीसरी मंजिल और उससे ऊपर के फ्लैट्स के लिए 7,200 रुपये प्रति वर्ग फीट का कलेक्टर रेट तय किया गया है।
रिहायशी जमीन के कलेक्टर रेट
क्षेत्र/सेक्टर नया रेट (प्रति वर्ग गज) पुराना रेट (प्रति वर्ग गज)
सेक्टर 1–12 2,37,900 रुपये 1,78,600 रुपये
सेक्टर 14–37 1,81,300 रुपये 1,47,600 रुपये
सेक्टर 38 और आगे 1,33,200 रुपये
इंडिपेंडेंट ड्वेलिंग यूनिट 1,53,900 रुपये
इंडस्ट्रियल हाउस के लिए अलग कलेक्टर रेट तय
इंडस्ट्रियल हाउस के लिए भी अलग कलेक्टर रेट तय किए गए हैं। ग्राउंड फ्लोर के लिए 9,300 रुपये प्रति वर्ग फीट, पहली मंजिल के लिए 7,400 रुपये प्रति वर्ग फीट और दूसरी मंजिल के लिए 5,700 रुपये प्रति वर्ग फीट का रेट तय किया गया है। सोसाइटी फ्लैट्स के लिए भी मंजिलों के हिसाब से दरें तय की गई हैं। ग्राउंड फ्लोर के लिए 11,100 रुपये प्रति वर्ग फीट, पहली मंजिल के लिए 11,400 रुपये प्रति वर्ग फीट, दूसरी मंजिल के लिए 10,300 रुपये प्रति वर्ग फीट और तीसरी मंजिल व उससे ऊपर के लिए 8,700 रुपये प्रति वर्ग फीट का कलेक्टर रेट लागू होगा। इसके अलावा मनीमाजरा स्थित उप्पल्स हाउसिंग फ्लैट्स के लिए 16,700 रुपये प्रति वर्ग फीट कलेक्टर रेट तय किया गया है।
कॉर्नर के प्लाॅट के ज्यादा खर्च करना होगा
नए कलेक्टर रेट में कॉर्नर के मकान या खाली प्लॉट के लिए ज्यादा खर्च करना होगा। कॉर्नर के प्लॉट के लिए 5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना हेागा। अगर रिहायशी प्लॉट्स को नर्सिंग होम, अस्पताल आदि में परिवर्तित किया जाता है तो उस स्थिति में 25 से 31.25 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 के कलेक्टर रेट में नहीं हुआ बदलाव
नए कलेक्टर रेट के ड्राफ्ट की अगर बात करें तो इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 व 2 में 86 हजार रुपये प्रति वर्ग गज रेट तय किया गया है, जोकि वर्ष 2025 में 83,100 प्रति वर्ग गज था। इसी तरह इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 का रेट 62,600 प्रति वर्ग गज रखा गया है। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 के कलेक्टर रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
कॉमर्शियल एरिया में ये होंगे कलेक्टर रेट
कॉमर्शियल एरिया की अगर बात करें तो कोल डिपो, चक्की साइट्स, आयरन मार्केट, टिंबर मार्केट और ट्रांसपोर्ट एरिया के लिए कलेक्टर रेट 97,300 रुपये प्रति वर्ग गज रखा गय है। इसके अलावा मनीमाजरा स्थित मोटर मार्केट कॉम्प्लेक्स (कॉमर्शियल बूथ) के लिए 2,33,500 रुपये प्रति वर्ग गज की दर तय की गई है। शिवालिक एन्क्लेव (कॉमर्शियल एससीओ) के लिए कलेक्टर रेट 4,10,200 रुपये प्रति वर्ग गज और मिल्क कॉलोनी धनास के लिए 3,60,400 रुपये प्रति वर्ग गज प्रस्तावित किया गया है। एलांते मॉल और इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में स्थित दुकानों, ऑफिस और अन्य यूनिट्स के लिए भी अलग दरें निर्धारित की गई हैं। यहां ग्राउंड फ्लोर के लिए 50,900 रुपये प्रति वर्ग फुट, पहली मंजिल के लिए 49,600 रुपये प्रति वर्ग फुट और दूसरी मंजिल व उससे ऊपर के लिए 13,200 रुपये प्रति वर्ग फुट का कलेक्टर रेट प्रस्तावित किया गया है।
सेक्टरों में कॉमर्शियल कलेक्टर रेट
क्षेत्र प्रस्तावित रेट रुपये में
कोल डिपो, चक्की साइट्स, आयरन मार्केट, टिंबर मार्केट और ट्रांसपोर्ट एरिया 97,300 प्रति वर्ग गज
मोटर मार्केट कॉम्प्लेक्स (कॉमर्शियल बूथ), मनीमाजरा 2,33,500 प्रति वर्ग गज
शिवालिक एन्क्लेव (कॉमर्शियल एससीओ ) 4,10,200 प्रति वर्ग गज
मिल्क कॉलोनी, धनास 3,60,400 प्रति वर्ग गज
सेक्टरों में बूथ के कलेक्टर रेट
क्षेत्र प्रस्तावित रेट
सेक्टर 8, 15, 19, 22, 34, 35 और 17 (17-ए व 17-बी को छोड़कर) 5,92,200 प्रति वर्ग गज
सेक्टर 7, 9, 10, 11, 16, 17-ए, 17-बी, 18, 20, 21, 26 और 32 4,47,100 प्रति वर्ग गज
अन्य सेक्टरों के बूथ 3,27,400 प्रति वर्ग गज
एससीओ, एससीएफ व शॉप्स का ये कलेक्टर रेट
क्षेत्र प्रस्तावित रेट
सेक्टर-17 में एससीओ/एससीएफ 5,92,200 प्रति वर्ग गज
मध्य मार्ग, सब सिटी सेंटर सेक्टर-34, सेक्टर-22 व सेक्टर-35 के बाजार 4,47,500 प्रति वर्ग गज
अन्य सेक्टरों में एससीओ/एससीएफ/ शॉप्स में 4,42,800 प्रति वर्ग गज
मोटर मार्केट, मनीमाजरा 3,12,200 प्रति वर्ग गज
एससीएफ श्रेणी में 5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लागू होगा
अमीर सांसदों की लिस्ट में पंजाब का दबदबा, राजिंदर गुप्ता दूसरे नंबर पर
25 Mar, 2026 10:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब के राज्यसभा सांसद संपत्ति के मामले में देशभर में दूसरे स्थान पर हैं। सूबे के सात राज्यसभा सांसदों की कुल संपत्ति 5729 करोड़ रुपये आंकी गई है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब के दो सांसद देश के टॉप-10 सबसे अमीर सांसदों में शामिल हैं। ट्राइडेंट ग्रुप के प्रमुख और राज्यसभा सांसद राजिंदर गुप्ता 5053 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ देश में दूसरे स्थान पर हैं। उनसे आगे केवल तेलंगाना के एक सांसद हैं। गुप्ता की आय के प्रमुख स्रोत व्यवसाय और निवेश बताए गए हैं।
देनदारियों में कोई सांसद टाॅप 10 में नहीं
इसके अलावा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी 498 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ देश में आठवें स्थान पर हैं। इस तरह पंजाब के दो सांसद अरबपतियों की सूची में शामिल हैं। खास बात यह है कि देनदारियों के मामले में पंजाब का कोई भी सांसद टॉप-10 में शामिल नहीं है। राजिंदर गुप्ता हाल ही में राज्यसभा पहुंचे हैं। संजीव अरोड़ा के लुधियाना पश्चिम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के बाद खाली हुई सीट पर गुप्ता निर्विरोध चुने गए थे। वहीं, सबसे कम संपत्ति के मामले में भी पंजाब के सांसद का नाम सामने आया है। संत बलबीर सिंह सीचेवाल के पास मात्र तीन लाख रुपये की संपत्ति दर्ज की गई है।
अन्य सांसदों की संपत्ति भी सामने आई
रिपोर्ट के अनुसार, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक और सांसद अशोक कुमार मित्तल के पास 91 करोड़ रुपये की संपत्ति है। पूर्व क्रिकेटर और सांसद हरभजन सिंह के पास 81 करोड़ रुपये, संदीप कुमार पाठक के पास 4 करोड़ रुपये और राघव चड्ढा के पास 36 लाख रुपये की संपत्ति है।
सबसे युवा सांसद भी पंजाब से
राज्यसभा में सबसे युवा सांसद होने का रिकॉर्ड भी पंजाब के नाम है। राघव चड्ढा 33 वर्ष की उम्र में इस सूची में शामिल हैं। उनका कार्यकाल 2022 से 2028 तक है। दूसरे स्थान पर मुंबई के मोहम्मद इमरान खान (34 वर्ष) हैं।
आपराधिक मामलों में भी आंकड़े चौंकाने वाले
एडीआर रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब के 29 प्रतिशत सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 20 प्रतिशत मामलों को गंभीर श्रेणी में रखा गया है। हालांकि इस मामले में तेलंगाना पहले स्थान पर है।
अमृतपाल सिंह को राहत, सदस्यता बचाने के लिए अवकाश माफी का विकल्प
25 Mar, 2026 08:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब के खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की संसद से लगातार गैरहाजिरी को लेकर मंगलवार को केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि उनकी सदस्यता पर तत्काल कोई खतरा नहीं है। अदालत को बताया गया कि सांसद के पास अभी भी अनुपस्थिति की माफी के लिए आवेदन करने का विकल्प उपलब्ध है, जिसे सामान्यत: स्वीकार कर लिया जाता है। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्य पाल जैन ने कोर्ट को बताया कि अमृतपाल अब तक 59 बैठकों से अनुपस्थित रहे हैं और 60वीं बैठक की सीमा 24 मार्च को पूरी हो रही है। संसद के नियमों के अनुसार यदि कोई सदस्य लगातार 60 बैठकों तक अनुपस्थित रहता है तो उसकी सीट खाली घोषित की जा सकती है। हालांकि यह प्रावधान स्वत: लागू नहीं होता और इसमें संसदीय प्रक्रिया भी शामिल होती है। केंद्र की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि संसद में अनुपस्थिति माफी समिति गठित है जो ऐसे मामलों पर विचार करती है। समिति बीमारी, दुर्घटना या हिरासत जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सिफारिश करती है और पूर्व में भी अमृतपाल की अनुपस्थिति को माफ किया जा चुका है। यह मामला उस याचिका के संदर्भ में महत्वपूर्ण हो जाता है जिसमें अमृतपाल सिंह ने संसद के बजट सत्र में शामिल होने के लिए अस्थायी रिहाई (पैरोल) की मांग की है। उन्होंने अदालत में दायर याचिका में कहा है कि वह 19 लाख मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनकी निरंतर हिरासत लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।
पारिवारिक साजिश का खुलासा, बेटे और मां ने मिलकर बनाया हत्या का प्लान
24 Mar, 2026 03:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जगरांव (पंजाब)। घरेलू विवाद और जमीन-जायदाद के बंटवारे को लेकर एक सप्ताह पहले मंगलवार की आधी रात को गांव जंडी में सो रहे व्यक्ति की हत्या में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी बेटे ने कबूल किया कि पिता हरजिंदर सिंह को मौत के घाट उतारने की साजिश में उसकी मां भी शामिल थी। इसके बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी को भी गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी महिला की पहचान तरनजीत कौर उर्फ तनी निवासी गांव जंडी, सिधवां बेट के रूप में हुई है। पुलिस आरोपी महिला को अदालत में पेश कर आगे की कार्रवाई करेगी।थाना सिधवां बेट के प्रभारी हमराज सिंह ने बताया कि 17 मार्च की आधी रात को हरजिंदर सिंह की हत्या उसके बेटे जसकरन सिंह उर्फ जस्सू ने अपने दो दोस्तों गुरप्रीत सिंह उर्फ काका और धरमिंदर सिंह उर्फ गिआनी निवासी गांव लीला मेघ सिंह के साथ मिलकर की थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरी साजिश में मृतक की पत्नी तरनजीत कौर भी शामिल थी। हत्या के बाद आरोपियों ने शक से बचने के लिए बुधवार को अनजान बनकर घर में रोने-बिलखने का ड्रामा भी किया। लेकिन जब पुलिस ने जसकरन सिंह को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने पहले अपने दोनों साथियों के नाम बताए। बाद में पुलिस रिमांड के दौरान गहराई से पूछताछ और आरोपियों से अलग-अलग बयान लेने पर खुलासा हुआ कि हत्या की साजिश में उसकी मां भी शामिल थी। इसके बाद पुलिस ने तरनजीत कौर को भी गिरफ्तार कर लिया।
ऐसे हुआ था खुलासा
गांव जंडी में बुधवार को हरजिंदर सिंह ने दोपहर तक अपने घर का दरवाजा नहीं खोला। पड़ोसियों ने इस बारे में उसके भाई जगराज सिंह को सूचना दी। मौके पर अपने बेटे कुलजिंदर सिंह के साथ पहुंचे जगराज सिंह ने काफी देर तक गेट खटखटाया, लेकिन जब अंदर से कोई जवाब नहीं मिला तो कुलजिंदर सिंह दीवार फांदकर अंदर गया। अंदर का मंजर देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने देखा कि हरजिंदर सिंह कमरे में बिस्तर पर खून से लथपथ पड़ा था। इसके बाद उसने अंदर से दरवाजा खोलकर अपने पिता, गांव वालों और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और जगराज सिंह की शिकायत के आधार पर जसकरन सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया।
जमीन के विवाद ने ली जान
शिकायतकर्ता जगराज सिंह ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह दो भाई और दो बहनें हैं। उसका भाई हरजिंदर सिंह उर्फ शक्ति अलग रहता था। उसकी पहली पत्नी सरबजीत कौर की 2003 में मौत हो गई थी, जिससे उसका एक बेटा हरकमल सिंह है, जो करीब तीन साल से कनाडा में रह रहा है। पहली पत्नी की मौत के एक साल बाद हरजिंदर सिंह ने मोगा के कोकरी कलां की रहने वाली तरनजीत कौर से दूसरी शादी कर ली थी। इस शादी से उनका एक बेटा जसकरन सिंह हुआ। बताया गया है कि हरजिंदर सिंह और तरनजीत कौर के बीच जमीन-जायदाद के बंटवारे को लेकर अक्सर झगड़ा होता रहता था। हरजिंदर सिंह कई बार अपने भाई को बता चुका था कि उसे डर है कि जसकरन सिंह उसे किसी दिन नुकसान पहुंचा सकता है। पुलिस के अनुसार, प्रॉपर्टी में बड़ा हिस्सा पाने की लालच में जसकरन सिंह ने अपने दोस्तों और मां के साथ मिलकर यह खौफनाक साजिश रची और अपने ही पिता की हत्या कर दी।
विशाखापत्तनम कार्यक्रम की तस्वीरें पाक एजेंटों को भेजने का खुलासा
24 Mar, 2026 03:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुक्तसर (पंजाब)। भारतीय सेना की गुप्त जानकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंटों को भेजने के मामले में मुक्तसर पुलिस ने दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने विशाखापत्तनम में सितंबर 2025 में हुए स्वरक्षा महोत्सव के दौरान फोटो और वीडियो बनाकर पाकिस्तान में बैठे एजेंटों को भेजे थे। इसके अलावा, ये व्यक्ति अन्य संवेदनशील सैन्य जानकारियां हासिल करने की कोशिश भी कर रहे थे। एसएसपी अभिमन्यु राणा ने बताया कि एसपी (डी) मनमीत सिंह ढिल्लों और डीएसपी (डी) रशपाल सिंह की निगरानी में इंस्पेक्टर गुरविंदर सिंह (इंचार्ज, सीआईए स्टाफ मुक्तसर) और उनकी टीम ने दोनों आरोपियों को काबू किया। सीआईए स्टाफ बठिंडा बाइपास मुक्तसर पर गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रहा था। इस दौरान मुखबिर से सूचना मिली, जिसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने केस दर्ज कर आकाशदीप सिंह उर्फ मिंटू और बलराज सिंह को गिरफ्तार किया। इनका तीसरा साथी प्रीतपाल सिंह उर्फ योगराज सिंह पहले से ही किसी अन्य मामले में मुक्तसर जेल में बंद है।
आरोपियों के खातों में पैसों का लेन-देन
पुलिस के मुताबिक, प्राथमिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी पाकिस्तानी व्हाट्सएप नंबरों से जुलाई 2025 से संपर्क में थे और पैसों के लालच में देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हुए। उन्होंने सेना के गुप्त कार्यक्रमों और गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां पाकिस्तानी एजेंटों को भेजीं। आरोपियों के खातों में पैसों का लेन-देन भी हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है। आरोपियों को अदालत में पेश कर चार दिन का पुलिस रिमांड लिया गया है। सीआईए इंचार्ज गुरविंदर सिंह ने बताया कि पूछताछ में यह भी पता चला है कि आरोपियों ने विशाखापत्तनम में हुए स्वरक्षा महोत्सव (सितंबर 2025) के दौरान फोटो और वीडियो बनाकर पाकिस्तानी एजेंटों को भेजे। वे अन्य संवेदनशील सैन्य जानकारियां हासिल करने की कोशिश भी कर रहे थे।
अमित शाह बोले- पंजाब के सांसद लिखकर दें, तुरंत होगी CBI जांच
24 Mar, 2026 09:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुक्तसर (पंजाब)। पंजाब वेयरहाउस कॉरपोरेशन के डीएम गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या का मामला संसद में भी गूंजा है। शिरोमणि अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा के सांसद इस मुद्दे पर एकजुट नजर आए और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सीबीआई जांच की मांग की। गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कहा कि यदि पंजाब के सांसद लिखित में सीबीआई जांच की मांग करते हैं तो केंद्र सरकार इस मामले को तुरंत सीबीआई को ट्रांसफर करने को तैयार है। शाह के इस बयान के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है और परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं।
बिट्टू ने उठाया मामला
संसद में केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने मामला उठाते हुए कहा कि रंधावा को मंत्री भुल्लर द्वारा कथित तौर पर इतना प्रताड़ित किया गया कि उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। बिट्टू ने आरोप लगाया कि मृतक डीएम ने अपने एमडी और डीसी को पत्र लिखकर प्रताड़ना की जानकारी दी थी, लेकिन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्री और उनके पिता पर डीएम को घर बुलाकर मारपीट करने के आरोप हैं।
बाघा पुराना के एसडीएम का मामला भी उठा
बिट्टू ने बाघा पुराना के एसडीएम बबनदीप सिंह वालिया का मुद्दा भी उठाया और कहा कि उन्होंने डीसी पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पंजाब में अराजकता का माहौल बताते हुए इसके लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
अकाली सांसद ने शाह को लिखा पत्र
गृह मंत्री के बयान के तुरंत बाद शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने अमित शाह को पत्र लिखकर डीएम रंधावा मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार ने मंत्री भुल्लर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और गिरफ्तारी में देरी कर लोगों का भरोसा तोड़ा है।
राजनीति से ऊपर उठें: बिट्टू की अपील
रवनीत बिट्टू ने कहा कि इस गंभीर मामले में सभी दलों को राजनीति से ऊपर उठकर काम करना चाहिए। उन्होंने आम आदमी पार्टी के सांसदों से भी अपील की कि यदि वे पंजाबी हैं तो सीबीआई जांच के समर्थन में आगे आएं और लिखित मांग करें। मामले की गंभीरता और राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों के बीच अब सभी की नजर इस पर है कि सांसद औपचारिक रूप से सीबीआई जांच की मांग करते हैं या नहीं।
गवर्नर कार्यक्रम से 700 मीटर दूर चली गोलियां, एक्टिवा सवार को बनाया निशाना
23 Mar, 2026 02:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। में लगातार फायरिंग और हत्या की वारदातों से दहशत का माहौल है। पहले पंजाब यूनिवर्सिटी में फायरिंग, फिर सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह नागरा उर्फ चिन्नी की हत्या और अब सेक्टर-38 में दिनदहाड़े फायरिंग की घटना ने पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सेक्टर-38 में जिस जगह फायरिंग हुई वहां से करीब 700 मीटर दूर महिला भवन में पंजाब के गर्वनर का कार्यक्रम चल रहा था। यहीं नहीं शहर में 50 नाके लगे हुए थे, इसके बावजूद आरोपी गोली चलाकर फरार हो गया। पंजाब के गर्वनर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि आरोपी ने सड़क पर जा रहे सफेद एक्टिवा सवार सागर पर पीछे से गोली चलाई। गोली चलाने के बाद आरोपी पैदल एक्टिवा सवार को देखने के लिए भागा और फिर पीछे मुड़कर कई बार बालों में हाथ मारता हुआ गली में फरार हो गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि करीब 15 दिन पहले सागर और उसके दोस्तों ने प्रियांशु की पिटाई की थी, जिसके बाद से दोनों के बीच चल रही रंजिश और बढ़ गई थी। रविवार शाम को वह सेक्टर 38 ए में अपनी दादी के पास आया था।
पुरानी रंजिश में चलाई गोली
जांच में सामने आया कि फायरिंग पुरानी रंजिश के चलते की गई। सेक्टर-38 निवासी सागर और सेक्टर-38 सी निवासी 19 वर्षीय प्रियांशु के बीच पहले से विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार करीब 15 दिन पहले सागर और उसके दोस्तों ने प्रियांशु की पिटाई की थी। उससे पहले भी प्रियांशु का कई बार झगड़ा हो चुका था। रविवार शाम करीब 4 बजकर 45 मिनट पर सागर एक्टिवा पर जा रहा था । पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी प्रियांशु ने बताया कि सागर उसके पास से एक्टिवा लेकर दो-तीन बार
उसे डर था कि कहीं सागर उस पर हमला न कर दे। जैसे ही सागर सड़क पर उसके पास से निकला, उसने पिस्टल निकालकर पीछे से गोली चला दी। गोली जमीन पर लगी और सागर मौके से एक्टिवा लेकर भाग गया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर क्राइम ब्रांच, ऑपरेशन सेल, जिला क्राइम सेल और सेक्टर 39 थाना पुलिस पहुंची। पुलिस को मौके से गोली का एक खोल बरामद हुआ है।
दो घंटे में आरोपी गिरफ्तार, देसी पिस्टल बरामद
जिला क्राइम सेल ने कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रियांशु को घटना के दो घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से देसी पिस्टल बरामद कर ली । सेक्टर-39 थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। प्रियांशु पर पहले से हत्या के प्रयास के तीन केस दर्ज हैं। उस समय वह नाबालिग था। दो मामलों में वह बरी हो गया, जबकि एक मामला अभी अदालत में विचाराधीन है।
सुमित उर्फ गोलू हत्या से जुड़ रही कड़ियां
सागर के परिजनों का आरोप है कि मौलीजागरां निवासी सुमित उर्फ गोलू की चाकू मारकर हत्या के मामले की रंजिश में यह फायरिंग करवाई गई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उन्हें सागर के परिजनों ने बताया कि सुमित उर्फ गोलू के परिजनों ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी डाली थी, जिसमें दो दिन में धमाका करने की बात लिखी गई थी। पुलिस सोशल मीडिया पर डाली गई धमकी भरी पोस्ट की भी जांच कर रही है और मामले की कड़ियां जोड़ रही है। पुलिस आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल करेगी और पूछताछ करेगी कि गोली उसने किसी के कहने पर चलाई या व्यक्तिगत रंजिश में। दोनों ग्रुप डड्डूमाजरा में घूमते थे। डड्डमाजरा में भी दोनों ग्रुप कई बार आमने सामने हो चुके हैं। उनका झगड़ा भी हुआ था।
चंडीगढ़ में बढ़ रही फायरिंग की घटनाएं
17 मार्च को पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में फायरिंग हुई थी। अब तक आरोपी पकड़े नहीं गए। 18 मार्च को सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह नागरा उर्फ चिन्नी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में भी चंडीगढ़ पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी। पंजाब एजीटीएफ ने कैथल में मुठभेड़ कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब सेक्टर-38 में फायरिंग की घटना ने शहर में दहशत का माहौल बना दिया है।
हींग संकट गहराया, Amritsar की पापड़-वड़ी इंडस्ट्री पर पड़ा असर
23 Mar, 2026 10:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पश्चिम एशिया और मध्य एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर अब आम आदमी की रसोई तक पहुंचने लगा है। ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के साथ-साथ अफगानिस्तान-पाकिस्तान के हालात ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर डाला है। इसका सीधा प्रभाव हींग की सप्लाई पर पड़ा है। जिससे कीमतों में उछाल और बाजार में मिलावट की समस्या बढ़ गई है। अमृतसर, जो अपने पारंपरिक फूड प्रोडक्ट्स खासकर पापड़ और वड़ियों के लिए जाना जाता है, इस संकट से अछूता नहीं है। हींग, जो इन उत्पादों का प्रमुख घटक है, उसकी आपूर्ति बाधित होने से स्थानीय उद्योग पर दबाव बढ़ गया है।
कीमतों में 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी
कारोबारी संजय केजरीवाल और ट्रेडर विपुल नेवटिया के अनुसार, हींग की कीमतों में हाल के दिनों में 5 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उनका कहना है कि हींग मुख्य रूप से ईरान के फेरूला पौधों की जड़ों से प्राप्त गोंद है, जो भारतीय व्यंजनों, विशेषकर पंजाबी और मारवाड़ी पकवानों में स्वाद और सुगंध के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
पंजाब में 60 टन है सालाना खपत
भारत में हींग का बाजार 600 से 800 करोड़ रुपये के बीच आंका जाता है। पंजाब में इसकी सालाना खपत करीब 40 से 60 टन है, जहां फूड प्रोसेसिंग और पापड़-वड़ी उद्योग मजबूत स्थिति में है।
मुनाफे पर पड़ा असर
पापड़-वड़ी निर्माता अवतार सिंह ने बताया कि उद्योग को पहले से ही इस तरह की स्थिति की आशंका थी। उन्होंने कहा कि अमृतसर के उत्पादों की देश-विदेश में भारी मांग है, लेकिन कच्चे माल की बढ़ती लागत से मुनाफे पर असर पड़ रहा है। शहर में दर्जनों छोटे और मध्यम स्तर के निर्माता हींग की नियमित आपूर्ति पर निर्भर हैं। इस बीच व्यापारियों ने बाजार में मिलावटी हींग के बढ़ते खतरे को लेकर भी आगाह किया है। विपुल नेवटिया के अनुसार, असली ईरानी हींग की कीमत करीब 30,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है, जबकि नकली हींग, जिसे अक्सर मैदा और कृत्रिम सुगंध मिलाकर तैयार किया जाता है, कुछ सौ रुपये प्रति किलो में बेची जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द नहीं सुधरे, तो हींग की कीमतों में और बढ़ोतरी संभव है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ता और खाद्य उद्योग दोनों पर पड़ेगा।
बाघापुराना SDM का बड़ा आरोप, मोगा DC पर मानसिक प्रताड़ना का दावा
23 Mar, 2026 07:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बाघापुराना। के एसडीएम बाबनदीप सिंह वालिया ने पंजाब के चीफ सेक्रेटरी को पत्र लिखकर मोगा के डीसी सागर सेतिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एसडीएम ने पंचायत समिति चुनाव के दौरान दबाव बनाने, लगातार उत्पीड़न, देर रात फोन कॉल और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। पत्र लिखने के बाद एसडीएम छुट्टी पर चले गए हैं और उनके फोन बंद हैं। एसडीएम बाबनदीप सिंह वालिया ने चीफ सेक्रेटरी को लिखे पत्र में बताया कि 17 मार्च को कानून-व्यवस्था बिगड़ने के कारण चुनाव प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। उन्होंने समय रहते इसकी सूचना डीसी मोगा को दे दी थी। इसके बाद से उनके साथ लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। पत्र में एसडीएम ने आरोप लगाया है कि उन्हें बार-बार बैठकों के लिए बुलाया गया, देर रात तक फोन कॉल किए गए और छुट्टी के दौरान भी उनसे संपर्क किया गया। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा और कई बार उन्हें अपना फोन बंद करना पड़ा। एसडीएम का दावा है कि उन पर किसी खास उम्मीदवार के पक्ष में चुनाव परिणाम घोषित करने का दबाव बनाया जा रहा था। उन्हें धमकी भरे संदेश भी मिले हैं, जिनमें उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा बताया गया है। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई या एफआईआर दर्ज करवाने की साजिश रची जा रही है।
तबादले और जांच की मांग
एसडीएम वालिया ने चीफ सेक्रेटरी से निष्पक्ष जांच कराने, अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और उत्पीड़न रोकने की मांग की है। साथ ही उन्होंने एक महीने की छुट्टी और मोगा जिले से तबादले की भी मांग की है। जानकारी के अनुसार, एसडीएम बाबनदीप सिंह वालिया पत्र लिखने के बाद से छुट्टी पर हैं और उनके फोन भी बंद आ रहे हैं। पत्र के संबंध में उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन बंद मिला। न ही किसी अधिकारी ने इस मामले में कोई जानकारी दी है।
अदालत का सख्त फैसला, बिना रियायत लंबी कैद का आदेश।
21 Mar, 2026 03:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना। के बहुचर्चित दुष्कर्म एवं हत्या मामले में अहम फैसला सुनाते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दोषी की फांसी की सजा को रद्द कर दिया है। अदालत ने कहा कि मामला रेयरेस्ट ऑफ रेयर की परिभाषा की सीमा पर खड़ा है। जांच में कुछ कमियां और संदेह की गुंजाइश मौजूद है। ऐसे में जस्टिस अनूप चितकारा और जस्टिस सुखविंदर कौर की खंडपीठ ने दोषी को कम से कम 50 वर्ष की वास्तविक कैद भुगतने का आदेश दिया है जिसमें किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी। साथ ही पाक्सो अधिनियम के तहत 25 वर्ष की सजा भी सुनाई गई है। अदालत ने पीड़ित परिवार को 75 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया।
बहलाकर अपने साथ ले गया था आरोपी
28 दिसंबर 2023 को चार वर्षीय बच्ची को उसके दादा के चाय स्टाल से बहला-फुसलाकर ले जाया गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म कर हत्या कर दी गई। बाद में शव को छिपा दिया गया था। 20 दिन बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया था और निचली अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट ने दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ सबूत पर्याप्त हैं लेकिन जांच के दौरान कुछ गंभीर खामियां सामने आईं। अदालत ने फर्जी अतिरिक्त न्यायिक स्वीकारोक्ति, मुख्य गवाह के बयान में विरोधाभास और एक महत्वपूर्ण गवाह की गैर-पेशी को ऐसे कारक माना, जो मौत की सजा के खिलाफ जाते हैं।
पीड़िता एक असहाय बच्ची थी
कोर्ट ने कहा कि हत्या पूर्व नियोजित नहीं थी बल्कि दुष्कर्म के बाद सबूत मिटाने की घबराहट में की गई। सजा तय करते समय समाज की सुरक्षा भी अहम है, लेकिन इसके लिए अपरिवर्तनीय दंड देना जरूरी नहीं है। कोर्ट ने भावुक टिप्पणी करते हुए कहा कि पीड़िता की गलती सिर्फ इतनी थी कि वह एक कमजोर और असहाय बच्ची थी। यह समाज और व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है कि ऐसी घटनाएं हो रही हैं। कोर्ट ने कहा कि हमें शिक्षा और सामाजिक मूल्यों में सुधार की आवश्यकता है ताकि जीवन के प्रति सम्मान विकसित हो सके। सजा निर्धारण पर अदालत ने कहा कि कम उम्र के पीड़ित मामलों में सख्त सजा जरूरी है। इसी आधार पर पांच वर्ष से कम उम्र की पीड़िता के मामलों में कम से कम 25 वर्ष की सजा को उचित माना गया। अदालत ने यह भी दोहराया कि न्याय का सिद्धांत यह है कि कोई निर्दोष दंडित न हो और कोई दोषी बच न सके।
वेयरहाउस डीएम के वीडियो में नाम आने के बाद इस्तीफा।
21 Mar, 2026 11:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब। वेयरहाउस के अमृतसर के मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा ने शुक्रवार देर रात सल्फास निगल लिया। उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां शनिवार सुबह उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। मरने से पहले बनाए वीडियो में उन्होंने परिवहन मंत्री लालजीत भुल्लर का नाम लिया है। वीडियो सामने आने के बाद सीएम भगवंत मान ने लालजीत भुल्लर से इस्तीफा ले लिया है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे और पूरे घटनाक्रम को लेकर जांच शुरू कर दी गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रहीं है। घटना के बाद सांसद गुरजीत सिंह औजला अस्पताल पहुंचे और उन्होंने मामले को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप गंभीर हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि तथ्यों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सके। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
सीएम बोले-जांच प्रभावित नहीं होने देंगे
वहीं सीएम भगवंत मान ने कहा कि कैबिनेट मंत्री का इस्तीफा ले लिया गया है। हम जांच प्रभावित नहीं होने दे सकते। हम अधिकारियों को तंग करने के लिए पावर में नहीं आए। भुल्लर का विभाग जल्द ही दूसरे मंत्री को दिया जाएगा।
विपक्ष हमलावर
कांग्रेस नेता सुखपाल खैरा ने लालजीत भुल्लर के खिलाफ तुरंत आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है। खैरा ने कहा कि भुल्लर पर पर वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के डीएम गगनदीप रंधावा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप है, जिसके चलते रंधावा ने आत्महत्या कर ली। एक्स पर उन्होंने लिखा कि पहले मंत्री और उनके आदमियों ने रंधावा के साथ मारपीट की, और बाद में आत्महत्या करने से पहले रंधावा ने मंत्री का नाम लिया। मैं सरकार और पुलिस से आग्रह करता हूं कि इस मंत्री को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। अगर ऐसा नहीं होता, तो यह माना जाएगा कि पुलिस का इस्तेमाल केवल विपक्ष के साथ निजी हिसाब-किताब चुकाने के लिए किया जा रहा है। मामले में अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया पर सरकार को घेरा। वहीं भाजपा नेता सुनील जाखड़ ने कहा कि पहले लोग फिरौती न मिलने की वजह से अपनी जान गंवा रहे थे, लेकिन अब सरकारी मंत्रियों की रिश्वत की मांग पूरी न कर पाने की वजह से अधिकारियों को अपनी जान देनी पड़ रही है। पंजाब एक क्रूर ईमानदार सरकार के राज में अपने सबसे मुश्किल समय से गुज़र रहा है। क्या मुख्यमंत्री अब भी अपनी सरकार को क्रूर ईमानदार लोगों की सरकार कह रहे हैं? वहीं भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि अमृतसर में वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या बहुत दर्दनाक है और सत्ता में बैठे लोगों के काम करने के तरीके पर गंभीर सवाल उठाती है। उन्हें इस ईमानदारी की सजा टॉर्चर के रूप में दी गई। उन्हें मंत्री के घर बुलाया गया, पीटा गया और जबरदस्ती 10 लाख रुपये की रिश्वत लेने की बात कबूल करवाने की कोशिश की गई। ये हालात दिखाते हैं कि लालजीत सिंह भुल्लर जैसे मंत्री कैसे अधिकारियों को बुलाकर उन पर गैर-कानूनी कमीशन के लिए दबाव डालते हैं। आप सरकार में भ्रष्टाचार आज अपने चरम पर है। अब जब आम आदमी पार्टी को पता चल गया है कि पंजाब के लोग अगले साल उन्हें सत्ता से बाहर कर देंगे, तो ये लोग पंजाब को लूट रहे हैं और ईमानदार अधिकारियों की बलि ले रहे हैं। हम गगनदीप सिंह की आत्महत्या की तुरंत और हाई-लेवल जांच की मांग करते हैं। दोषियों को हर कीमत पर ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
घरों में गैस की कमी, इंडक्शन चूल्हों का इस्तेमाल बढ़ा।
21 Mar, 2026 10:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना। पंजाब में रसोई गैस की कमी का असर अब आम जनजीवन के साथ-साथ छोटे कारोबारियों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। खासकर स्ट्रीट फूड विक्रेता, ढाबा संचालक और चाय स्टॉल चलाने वाले लोग इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। अबोहर में गैस सिलिंडरों की अनियमित सप्लाई और बढ़ती दिक्कतों के कारण छोटे कारोबारियों के कामकाज पर सीधा असर पड़ा है। कई दुकानदारों का कहना है कि समय पर गैस नहीं मिलने से उन्हें या तो दुकान बंद रखनी पड़ती है या फिर सीमित मात्रा में ही सामान तैयार करना पड़ रहा है, जिससे उनकी आमदनी में गिरावट आई है। वहीं दूसरी ओर, घरों में भी गैस की कमी के चलते लोग अब वैकल्पिक साधनों की ओर रुख कर रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग इंडक्शन चूल्हों का इस्तेमाल करने लगे हैं। खासकर जिन घरों में बिजली की उपलब्धता बेहतर है, वहां इंडक्शन एक आसान विकल्प बनकर उभरा है। सरकार की फ्री बिजली योजना इस स्थिति में लोगों के लिए राहत का कारण बन रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि मुफ्त या रियायती बिजली मिलने से इंडक्शन का खर्च काफी हद तक संभल जाता है, जिससे गैस की कमी का असर कुछ कम हो रहा है। हालांकि, यह समाधान स्थायी नहीं है। स्ट्रीट फूड और छोटे व्यवसायों के लिए इंडक्शन पूरी तरह व्यवहारिक विकल्प नहीं बन पा रहा, क्योंकि बड़े स्तर पर खाना पकाने के लिए गैस ही अधिक उपयुक्त मानी जाती है। नगर कांग्रेस के प्रधान सुभाष बाघला और कारोबारियों ने प्रशासन से मांग की है कि गैस सप्लाई को जल्द से जल्द सुचारू किया जाए, ताकि आम जनता और छोटे व्यवसायों को राहत मिल सके।
अमृतसर में चूल्हों पर बन रहा मिड-डे मील
पंजाब के सरकारी स्कूलों में भी गैस की कमी के चलते कई स्कूलों में मिड-डे मील अब पारंपरिक चूल्हों पर तैयार किया जा रहा है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी हालत में बच्चों के भोजन में बाधा नहीं आनी चाहिए। अमृतसर के सरकारी हाई स्कूल इब्बन कलां में पिछले चार दिनों से गैस के बजाय लकड़ी के चूल्हों पर मिड-डे मील तैयार किया जा रहा है। स्कूल की प्रिंसिपल सिमी बेरी के अनुसार, रोजाना करीब 10 से 15 किलो लकड़ी का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद बच्चों को समय पर भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण एलपीजी गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। शिक्षा विभाग ने पहले ही स्कूलों को वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश जारी कर दिए थे। नए निर्देशों के अनुसार, जहां गैस सिलिंडर उपलब्ध नहीं हैं, वहां लकड़ी, बिजली या अन्य साधनों से मिड-डे मील तैयार किया जाए। विभाग ने सख्त शब्दों में कहा है कि बच्चों के भोजन से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। मिड-डे मील वर्कर हरजिंदर कौर ने बताया कि वे पूरी जिम्मेदारी के साथ भोजन तैयार कर रहे हैं और बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जा रही है।
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल, भार्गव कैंप रेड के बाद हंगामा
20 Mar, 2026 03:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर। के भार्गव कैंप इलाके में पुलिस की छापेमारी के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब स्थानीय परिवार ने पुलिस पर महिलाओं से मारपीट और बदसलूकी के गंभीर आरोप लगाए। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और पीड़ित परिवार ने उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है। एसीपी वेस्ट विजय कंवर पाल ने कहा कि एएसआई परवीन साथियों को साथ लेकर रोहित को लेने गए थे। जिसके खिलाफ शिकायत दर्ज थी और वह बुलाने के बावजूद थाने नहीं आया था। इस मामले में एडीसीपी राकेश ने जांच के आदेश दिए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, किसी पुराने आपसी विवाद की शिकायत के आधार पर पुलिस टीम एक घर में दबिश देने पहुंची थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस बिना महिला कर्मियों के घर में दाखिल हुई और युवकों को जबरन उठाने की कोशिश की। जब घर की महिलाओं ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ कथित रूप से धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। पीड़ित महिलाओं ने कैमरे के सामने चोटों के निशान दिखाते हुए दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने थप्पड़ मारे, कपड़े खींचे और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। परिवार का कहना है कि यदि कोई शिकायत थी तो कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की जानी चाहिए थी। परिजनों ने यह भी दावा किया कि घटना की सीसीटीवी फुटेज मौजूद है और चश्मदीद गवाह पुलिस के कथित व्यवहार की पुष्टि कर सकते हैं। फिलहाल परिवार ने संबंधित अधिकारियों से दोषी कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं पूर्व विधायक और भाजपा नेता शीतल अंगुराल ने कहा कि परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए थाने का घेराव किया है। अधिकारियों ने एएसआई पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था पर ऐसा नहीं हुआ। एसीपी विजय कंवर पाल ने कहा कि इस मामले में एएसआई परवीन सहित तीन पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। पूर्व विधायक शीतल अंगुराल ने कहा कि पीड़ित महिला के साथ थाने जाकर शिकायत दी जा रही है। जिसकी कापी महिला आयोग और एससी कमीशन को भी भेजी जाएगी।
कामर्शियल LPG सप्लाई ठप, होटल इंडस्ट्री पर गहराया संकट
20 Mar, 2026 10:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना (पंजाब)। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब पंजाब के होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर साफ दिखाई देने लगा है। कामर्शियल एलपीजी गैस की सप्लाई पिछले कई दिनों से ठप होने के कारण हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि होटलों के चूल्हे तक ठंडे पड़ने लगे हैं। संकट गहराने के साथ ही छोटे कारोबारियों के सामने अस्तित्व का सवाल खड़ा हो गया है और कई जगहों पर होटलों पर ताले लगने शुरू हो गए हैं। गैस संकट को लेकर वीरवार शाम होटल हाईलैंड में होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ पंजाब की अहम बैठक हुई, जिसमें उद्योग से जुड़े उद्यमियों ने मौजूदा हालात पर गंभीर चिंता जताई। बैठक में साफ कहा गया कि प्रशासन कामर्शियल एलपीजी गैस की आपूर्ति सुचारु बनाए रखने में पूरी तरह विफल रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की नौबत आ सकती है। एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि इस सेक्टर के लिए कामर्शियल गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक ठोस और स्थायी व्यवस्था बनाई जाए। कारोबारियों का कहना है कि होटल और रेस्टोरेंट पूरी तरह गैस पर निर्भर हैं और सप्लाई बाधित होने से पूरा कामकाज ठप पड़ गया है। उद्यमियों के अनुसार, छोटे रेस्टोरेंट में रोजाना औसतन दो से तीन कामर्शियल एलपीजी सिलिंडर की खपत होती है, जबकि मध्यम स्तर के रेस्टोरेंट में यह संख्या पांच से छह सिलिंडर तक पहुंचती है। बड़े रेस्टोरेंट्स में रोजाना दस या उससे अधिक सिलिंडर की जरूरत होती है। पिछले करीब बारह दिनों से गैस की सप्लाई नहीं होने से हालात बेहद गंभीर हो गए हैं।
सिंगल बर्नर डीजल भट्ठी के दाम बढ़े
कारोबारियों का कहना है कि पहले जो सिंगल बर्नर डीजल भट्ठी आठ से दस हजार रुपये में मिलती थी, उसकी कीमत अब बढ़कर तीस से पचास हजार रुपये तक पहुंच गई है। ऐसे में छोटे कारोबारियों के लिए यह विकल्प भी लगभग असंभव हो गया है।
मेन्यू कार्ड बदले
एसोसिएशन के प्रधान अमरवीर सिंह ने बताया कि गैस संकट के चलते होटल मालिकों को अपने मैन्यू कार्ड तक सीमित करने पड़े हैं। अब केवल चुनिंदा व्यंजन ही तैयार किए जा रहे हैं। अमरवीर सिंह ने कहा कि कुछ छोटे होटल पहले ही बंद हो चुके हैं और यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो यह संख्या तेजी से बढ़ सकती है। उन्होंने सरकार पर होटल और रेस्टोरेंट उद्योग की अनदेखी करने का आरोप लगाया और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
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