खेल
मीराबाई चानू का शानदार प्रदर्शन, 3 साल बाद फिर भारत के लिए मेडल
3 Oct, 2025 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाली भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने नॉर्वे के फोर्डे में कमाल कर दिया. उन्होंने वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 के 48 किलोग्राम भार वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया. इसके साथ ही उन्होंने इस चैंपियनशिप में भारत का मेडल जीतने का तीन साल का इंतजार भी खत्म कर दिया. हालांकि वो सिर्फ 12 किलोग्राम से गोल्ड मेडल से चूक गईं, लेकिन फिर भी वो इस चैंपियनशिप में 199 किलोग्राम भार उठाकर मेडल हासिल करने वाली तीसरी भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं.
मीराबाई ने ऐसे जीता सिल्वर मेडल
मीराबाई चानू ने 48 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 199 किलोग्राम (84 किग्रा स्नैच + 115 किग्रा क्लीन एंड जर्क) का भार उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया. नार्थ कोरिया की रि सोंग गुम गोल्ड मेडल जीता. उन्होंने कुल 213 किलोग्राम का भार उठाया. चीन की थान्याथन ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. चानू ने स्नैच में अच्छी शुरुआत की और 84 किग्रा भार सफलतापूर्वक उठाया.
हालांकि अगले दो प्रयासों में वो 87 किलोग्राम पर वैलिड प्रयास दर्ज नहीं कर सकीं. उनका 84 किग्रा भार उठाना उन्हें स्नैच वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल दिलाने के लिए पर्याप्त था. क्लीन एंड जर्क में मीराबाई ने 109 किलोग्राम के साथ शुरुआत की. इसके बाद 112 किलोग्राम और आखिर में 115 किलोग्राम भार उठाकर उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया. इसके साथ ही उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप में इतिहास रच दिया.
मीराबाई ने रचा इतिहास
वर्ल्ड चैंपियनशिप में चानू ने शानदार प्रदर्शन किया है. उन्होंने साल 2017 में इस चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था. इसके बाद उन्होंने साल 2022 में इस चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था. अब उन्होंने तीसरी बार इस चैंपियनशिप में मेडल अपने नाम किया है.
इसके साथ ही वो कुंजारानी देवी (7) और कर्णम मल्लेश्वरी (4) के बाद दो से ज्यादा वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल जीतने वाली तीसरी भारतीय वेटलिफ्टर बन गई हैं. वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भारत का ये 18वां मेडल है. इसमें 3 गोल्ड, 10 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं. ये सभी मेडल महिलाओं ने जीते हैं.
पिछले महीने जीता था गोल्ड
मीराबाई चानू ने पिछले महीने अहमदाबाद में आयोजित 2025 कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था. उन्होंने 193 किग्रा (84 किग्रा स्नैच + 109 किग्रा क्लीन एंड जर्क) भार उठाकर पोडियम पर टॉप स्थान हासिल किया था. इस गोल्ड ने उन्हें 2026 ग्लासगो कॉमनवेल्थ खेलों के लिए सीधे क्वालिफाई करने का मौका भी दिलाया.
जर्मनी के न्यूगेबाउर का लक्ष्य 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक
28 Sep, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जर्मनी के धावक लियो न्यूगेबाउर ने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप की डेकाथलॉन स्पर्घा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। विश्व खिताब हासिल करने के बाद, न्यूगेबाउर ने अपनी कहा कि अब उनका लक्ष्य 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक हैं।
न्यूगेबाउर ने अंतिम स्पर्धा में 1,500 मीटर दौड़ में पहला स्थान हासिल किया। 4 मिनट 31.89 सेकंड के समय के साथ ही न्यूगेबाउर ने कुल 8,804 अंक हासिल कर स्वर्ण अपने नाम किया। वहीं प्यूर्टो रिको के आयडेन ओवेन्स-डेलेर्मे 8,784 और अमेरिकी काइल गारलैंड 8,703 अंक के साथ ही दूसरे और तीसरे नंबर पर रहे। वहीं जर्मनी के निकलास कौल चौथे स्थान पर रहे। दौड़ पूरी करने के बाद न्यूगेबाउर ट्रैक पर ही लेट गए थे। दर्द के हिलने-डुलने में असहाय होने पर अधिकारियों ने उनके लिए व्हीलचेयर निकाली पर ये एथलीट इसके बाद अपने आप उठ गया। उन्होंने कहा, मुझे पिछली दौड़ के बाद जितना खराब लगा था, उतना पहले कभी नहीं लगा था, पर मैं व्हीलचेयर पर ट्रैक नहीं छोड़ना चाहता था।
विंस मैकमैहन के समय में लोकप्रिय हुए थे स्ट्रोमैन
21 Sep, 2025 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डब्यलूडब्ल्यूई से बाहर किये गये पूर्व यूनिवर्सल चैंपियन ब्रॉन स्ट्रोमैन ने कहा है कि वह अभी कुछ समय परिवार के साथ बिताएंगे। उसी के बाद आगे की नई योजनाएं बनाएंगे। स्ट्रोमैन के अनुसार लंबे समय बाद उन्हें इस प्रकार अपने दोस्तों और करीबी लोगों के साथ रहने का अवसर मिला है। जिसका वह लाभ उठाना चाहते हैं। इसके बाद ही वह नई योजनाओं पर काम करेंगे। विंस मैकमैहन के समय में स्ट्रोमैन को लोकप्रिय हुए थे। विंस हमेशा से ही लंबे और ताकतवर पहलवानों को पसंद करते थे और स्ट्रोमैन इस पैमाने पर खरे उतरते थे। उन्होंने डब्यलूडब्ल्यूई में यूनिवर्सल चैंपियनशिप जीती और कई यादगार मुकाबले अपने नाम किय। हालांकि, ट्रिपल एच के आने के बाद स्ट्रोमैन का महत्व कम हो गया। ट्रिपल एच की सोच अलग थी और उन्होंने स्ट्रोमैन को सिर्फ एक मिड-कार्ड रेसलर के रूप में देखा।
स्ट्रोमैन ने कहा, आगे क्या? यह कोई रहस्य नहीं है। मैंने अपनी जिंदगी के पिछले दस साल दुनिया भर में घूम-घूम कर लोगों से पिटने और उन्हें पीटने में बिताए हैं। यह एक शानदार सफर रहा है। उन्होंने आगे कहा, मैं यह नहीं कह रहा कि मैं फिर से रिंग में नहीं उतरूंगा, लेकिन यह मेरे लिए कुछ नया करने का मौका है। मैं अपने परिवार और दोस्तों के साथ फिर से जुड़ना चाहता हूं। वहीं कहा जा रहा है कि स्ट्रोमैन को कंपनी से निकाले जाने का एक मुख्य कारण उनकी चोटें थीं, क्योंकि हाल उन रेसलर्स को ज्यादा निकाला गया जो फिट नहीं थे। अब देखना होगा कि क्या स्ट्रोमैन किसी अन्य रेसलिंग प्रमोशन में शामिल होते हैं या पूरी तरह से एक नया रास्ता तय करते हैं।
सुवारेज फिर विवादों में आये
14 Sep, 2025 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंटर मियामी के स्टार फुटबॉलर लुइस सुआरेज पर छह मैचों के प्रतिबंध के कारण अगले साल होने वाले लीग्स कप के पूरे मैचों में वह भाग नहीं ले पायेंगे। ग्रुप चरण में प्रति सीजन केवल तीन मैच खेलने होते हैं, इसलिए उनपर प्रतिबंध साल 2027 के संस्करण तक जारी रह सकता है। हालांकि इस प्रतिबंध से उनके मेजर लीग फुटबॉल में उपलब्धता पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा। सुआरेज पर ये प्रतिबंब लीग्स कप फ़ाइनल के बाद सिएटल साउंडर्स के एक कर्मचारी पर थूकने के लिए छह मैचों का प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह घटना सिएटल में साउंडर्स की फ्लोरिडा टीम पर 3-0 से खिताब जीतने वाली जीत के बाद हुई झड़प के दौरान हुई थी। लीग्स कप आयोजन समिति ने एक बयान में कहा कि उसने सुआरेज के आलावा इंटर मियामी के सर्जियो बुस्केट्स और टॉमस एविलेस पर भी मारपीट के कारण दो और तीन मैचों का प्रतिबंध लगाया है। साउंडर्स के सहायक कोच स्टीवन लेनहाटर् को भी पांच मैचों के लिए निलंबित कर दिया गया है।
सुआरेज पहले भी कई बार विवादों में रहे हैं। वह लिवरपूल, बार्सिलोना और एटलेटिको मैड्रिड सहित अन्य क्लबों में रहे हैं और हर जगह उनपर कई आरोप लगे। वहीं सुआरेज ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में अपनी गलती के लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा, यह बहुत तनाव और निराशा का क्षण था, जहां खेल खत्म होने के तुरंत बाद ऐसी चीज़ें हुईं जो नहीं होनी चाहिए थीं, लेकिन यह मेरी प्रतिक्रिया को उचित नहीं ठहराती। मैंने गलती की और इसके लिए मैं तहे दिल से माफी मांगता हूं।
चानू को राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन में स्वर्ण
31 Aug, 2025 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत की ओलंपिक पदक विजेता भारोत्तोलक मीरा बाई चानू को यहां हुई राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक मिला है। चाने ने यहां स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही ग्लासगो में होने वाले 2026 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए सीधे प्रवेश हासिल किया है। चानू ने 48 किग्रा वर्ग में ये स्वर्ण पदक जीता। चानू ने कुल 193 किग्रा (84 किग्रा स्नैच के अलावा 109 किग्रा क्लीन एंड जर्क) में वजन उठाकर ये स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने स्नैच, क्लीन एंड जर्क और कुल वजन में नए रिकॉर्ड भी स्थापित किए। वहीं मलेशिया की आइरीन हेनरी ने 161 किग्रा भार वर्ग में रजत और वेल्स की निकोल रॉबर्ट्स ने 150 किग्रा भार वर्ग में कांस्य पदक जीता।
पेरिस ओलंपिक के बाद चानू पहली बार किसी मुकाबले में उतरी थीं। जीत के बाद चानू ने कहा, मैं स्वर्ण पदक जीतकर बहुत खुश हूं। पेरिस ओलंपिक के एक साल बाद अपनी ही धरती पर प्रतिस्पर्धा करना और भी विशेष हो जाता है। यह जीत मेरे कोचों के मार्गदर्शन और प्रशंसकों से मिलने वाले प्रोत्साहन का परिणाम है। इससे अक्टूबर में होने वाली विश्व चैंपियनशिप के लिए मैरा मनोबल भी बढ़ा है।गौरतब है कि पेरिस ओलंपिक के बाद से ये खिलाड़ी फिट नहीं होने के कारण कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग नहीं ले पायीं। पेरिस ओलंपिक में भी चानू पदक हासिल नहीं कर पायी थीं। अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग फेडरेशन ने 49 किग्रा वर्ग को हटा दिया है। इस कारण से इस बार चानू 48 किग्रा भार वर्ग में उतरी थीं।
डब्ल्यूडब्लयूई चैम्पियन लोगन पॉल की नेटवर्थ करोड़ों में पहुंची
24 Aug, 2025 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मॉडल नीना अगडल से शादी करने वाले डब्ल्यूडब्लयूई के अमेरिकी चैम्पियन लोगन पॉल करोड़ों की संपत्ति के भी मालिक हैं। लोगन ने रेसलर के साथ ही यूट्यूबर के तौर पर भी काम करके मोटी कमाई की है। उनकी नेटवर्थ करोड़ों में पहुंच गयी है। लोगन डब्ल्यूडब्लयूई के अलावा प्राइम हाइड्रेशन, यूट्यूब चैनल और स्पॉन्सरशिप से से भी कमाई करते हैं। उनकी कुल संपत्ति लगभग 150 मिलियन डॉलर है। वहीं एक रिपोर्ट के अनुसार, यूट्यूब से उनकी अनुमानित मासिक आय 300,000 डॉलर से 600,000 डॉलर के बीच है। वह 2017, 2018 और 2021 में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले यूट्यूबर भी थे। उनका पॉडकास्ट भी बहुत लोकप्रिय है। वह अक्सर पॉडकास्ट पर डब्ल्यूडब्लयूई के आंकड़े पेश करते हैं, जिससे भी इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। इसके अलावा, उनके पास अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर 90 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, जिससे उन्हें कमाई करने और स्पॉन्सरशिप डील हासिल करने में सहायता मिलती है। एक अनुमान के अनुसार वह वह प्रायोजकों से किये करार से हर महीने 150,000 डॉलर से 300,000 डॉलर कमाते हैं।
लोगन पॉल एक पेशेवर मुम्केबाज भी हैं और इससे से भी उनको मोटी रकम मिलती है। एक रिपोर्ट के अनुसार, वह मुम्केबाजी रिंग में ही उतरकर करीब 5 मिलियन डॉलर कमाते हैं। इसका मतलब है कि लोगन पॉल अलग-अलग तरीकों से पैसा कमाते हैं। इसके अलावा उनका अपनी ब्रैंड भी है। जिससे वह अच्छी कमाई करते हैं।
वही अब जल्द ही क्लैश इन पेरिस में जॉन सीना का मुकाबला करते हुए दिखेंगे। यह दिसंबर में प्रोफेशनल कुश्ती से जॉन सीना के रिटायरमेंट से पहले प्रीमियम लाइव इवेंट में उनकी आखिरी उपस्थिति में से एक होगी। इस मुकाबले की शुरुआत समरस्लैम के बाद स्मैकडाउन में हुई थी, जब सीना ने कोडी रोड्स के साथ मिलकर लोगन पॉल और ड्रू मैकइंटायर का सामना किया था।
फ्रांसीसी फॉरवर्ड ह्यूगो एकिटिके अब लिवरपूल की ओर से खेलते हुए नजर आयेंगे
24 Aug, 2025 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फ्रांसीसी फॉरवर्ड ह्यूगो एकिटिके अब फुटबॉल क्लब लिवरपूल की ओर से खेलते हुए नजर आयेंगे। प्रीमियर लीग विजेता लीवरपूल ने ने आइंट्राख्ट फ्रैंकफर्ट के स्ट्राइकर एकिटिके से करार किया है। यह सौदा करीब 79 मिलियन पाउंड में हुआ। लिवरपूल ने इस फैसले की घोषणा सोशल मीडिया पर की और कहा कि उसने फ्रैंकफर्ट के फॉरवर्ड एकिटिके के ट्रांसफर के लिए एक करार किया है। क्लब ने कहा कि एकिटिके मेडिकल टेस्ट में पास हो गये हैं और लिवरपूल के साथ व्यक्तिगत शर्तों पर भी वह तैयार हैं। अब वह इस सप्ताह के अंत में एशिया के प्री-सीजन दौरे पर हांगकांग जा सकेंगे।
लिवरपूल के नए मैनेजर आर्ने स्लॉट के अनुसार ये चौथा बड़ा ट्रांसफर है। इससे पहले क्लब ने फ्लोरियन विर्ट्ज को करीब 110 मिलियन पाउंड में खरीदा था। उनके अलावा डिफेंडर मिलोस केरकेज और जरेमी फ्रिमपोंग से भी करार किया। फ्रांसीसी फॉरवर्ड ह्यूगो एकिटिके, किसी भी पोजीशन पर खेल सकते हैं। उन्होंने पिछले सीजन में 48 मैचों में 22 गोल किए और एक दर्जन से अधिक गोलों में सहायोग दिया। लिवरपूल ने इस ट्रांसफर विंडो में अब तक 250 मिलियन पाउंड से ज्यादा खर्च कर दिए हैं।
वहीं डार्विन नुनेज के भी क्लब छोड़ने की संभावना है। इसके अलावा फेडेरिको कियेसा को टीम के एशिया टूर के प्री-सीजन स्क्वाड में शामिल नहीं किया गया, जिससे यह संकेत मिलता है कि वह भी क्लब से बाहर जा सकते हैं। कुछ दिन पहले लिवरपूल ने यह ऐलान किया कि उन्होंने कई मजबूत दावेदारों को पीछे छोड़ते हुए एकिटिके के ट्रांसफर पर समझौता कर लिया है। सोमवार को क्लब की ओर से जारी बयान में कहा गया, रेड्स और जर्मन टीम ने एक ट्रांसफर डील की, जिसकी कीमत 6.9 करोड़ पाउंड और 1 करोड़ पाउंड अतिरिक्त होने की बात कही जा रही है। 23 वर्षीय फ्रांसीसी खिलाड़ी एकिटिके मेडिकल जांच कराने और मैनेजर आर्ने स्लॉट की टीम के साथ लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट को अंतिम रूप देने के लिए मर्सीसाइड पहुंच गए। वहीं इससे पहले शनिवार को फ्रैंकफर्ट के प्री-सीजन मैत्री मैच में एकिटिके बेंच पर रहे और मैदान में नहीं उतरे, क्योंकि उनके भविष्य को लेकर बातचीत जारी थी।
WWE यूनिवर्स में बढ़ा रोमांच, नए चैंपियन के नाम का इंतजार
16 Aug, 2025 01:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: WWE में कुछ दिलचस्प हो रहा है। सैमी जेन , जो WWE स्मैकडाउन रोस्टर में नए शामिल हुए हैं। एक ऐसे एंगल पर काम कर रहे हैं जो उन्हें आगे चलकर WWE चैंपियन बना सकता है। फैंस सालों से ऐसा होते देखना चाहते थे। अब ऐसा लग रहा है कि यह सपना सच होने वाला है। सैमी जेन की इस जर्नी की कहानी रॉयल रंबल में जोर पकड़नी चाहिए। WWE को एक ऐसा किरदार बनाना होगा जिसे फैंस पसंद करें। ऐसा व्यक्ति जिस पर कोई विवाद न हो। ऐसा व्यक्ति जिसे अपने करियर में योगदान को लेकर किसी बहस का सामना न करना पड़े। बस एक सच्चा, अच्छा चैंपियन। सैमी जेन वही व्यक्ति हैं और अब उन्हें उस पद तक पहुंचाने का समय आ गया है।
2026 का रॉयल रंबल सऊदी अरब में होने वाला है। WWE और सऊदी अरब सरकार के बीच साझेदारी को लेकर विवाद खत्म नहीं होगा, लेकिन यह अभी भी एक बहुत बड़ा इवेंट होने वाला है। यह एक ऐसा एरिया है जहां सैमी जेन को प्रदर्शन करने के लिए वहां जाने की अनुमति मिलने पर जोरदार प्रतिक्रिया मिली है। WWE को अभी भी उस शो से महीनों दूर है जो रेसलमेनिया का रास्ता शुरू करता है, लेकिन यह उनकी बड़ी जीत के लिए गति बनाने की शुरुआत है।
हालांकि 2025 में जे उसो की रॉयल रंबल जीत के बारे में फैंस के एक बड़े ग्रुप ने शिकायत की, लेकिन यह अभी भी एक चौंकाने वाला पल था। यह एक ऐसा पल था जिसने फैंस को चौंका दिया क्योंकि WWE में किसी को मुख्य इवेंट में ऊपर उठते देखना दुर्लभ है। उसो की जीत से उम्मीद जगी है कि जेन को भी ऐसा ही पल मिल सकता है और रेसलमेनिया में जीत का उनका रास्ता शुरू हो सकता है।
चैंपियनशिप के साथ जेन का शो को खत्म करना उन पलों में से एक होगा जो हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज रहेगा। उन दुर्लभ पलों में से एक जब WWE की बुकिंग इस तरह से काम करती है कि हर कोई इसे मंजूरी दे देगा। सैमी जेन पेशेवर रेसलिंग में कुछ अच्छे लोगों में से एक हैं। WWE के साथ एक दशक से अधिक समय के बाद, ऐसा लगता है कि यह उनके टॉप पर पहुंचने का समय है। अगर वह वास्तव में वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने जा रहे हैं, तो उस रास्ते की शुरुआत 2026 WWE रॉयल रंबल जीतने से होनी चाहिए।
रिटायरमेंट पर बोले सीना – अब रिंग से बाहर निकलने का समय आ गया है
16 Aug, 2025 01:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: WWE के दिग्गज जॉन सीना 2025 में रेसलिंग से संन्यास ले रहे हैं। दिसंबर में उनका आखिरी मुकाबला होगा। लेकिन उनके विरोधी के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने जिमी फालोन के द टुनाइट शो में इस बारे में बात की। उन्होंने कहा कि वे इस बारे में कुछ नहीं बता सकते। वे चाहते हैं कि उनका आखिरी मुकाबला खास हो। वे WWE को पहले से बेहतर स्थिति में छोड़ना चाहते हैं।
जॉन सीना ने 2025 की शुरुआत में बताया कि यह पेशेवर रेसलिंग में उनका आखिरी साल होगा। इस साल दिसंबर में उनका अंतिम मुकाबला होने वाला है। लेकिन अभी तक यह साफ नहीं है कि वे किसके खिलाफ लड़ेंगे। उन्होंने पहले ही कोडी रोड्स, सीएम पंक और रैंडी ऑर्टन जैसे बड़े पहलवानों का सामना किया है। 31 अगस्त को WWE क्लैश इन पेरिस में उनका मुकाबला लोगान पॉल से होगा।
जॉन सीना ने कही ये बात
सीना ने कहा इस इंटरव्यू के दौरान कहा कि 'नहीं, नहीं, मैंने कभी इस तरह काम नहीं किया।' इसका मतलब है कि वे पहले से कुछ तय नहीं करते। 'यह अजीब है क्योंकि मैं हमेशा से ऐसा ही रहा हूं। मैं हमेशा भरोसेमंद रहा हूं और जो भी मुझसे करने को कहा जाता है, उसे करता हूं। मैं चाहता हूं कि यह दौरा न केवल खास हो, यह हमेशा मेरे लिए खास रहेगा क्योंकि आप लोग वहां हैं, मैं चाहता हूं कि यह बिजनेस (WWE) के लिए भी खास हो। मेरा लक्ष्य हमेशा से WWE को उससे बेहतर स्थिति में छोड़ना रहा है जैसा मैंने इसे पाया था। इसलिए जिसे भी वे उस एनर्जी को देने के लिए सही समझते हैं, मैं उसके साथ मुकाबला करने के लिए तैयार हूं।'
युवा रेसलर्स को मौका देना चाहते हैं सीना
सीना ने आगे कहा कि वे चाहते हैं कि उनके पास रेसलिंग में और समय होता। लेकिन उन्होंने यह भी माना कि अब उनके लिए आगे बढ़ने और युवा प्रतिभाओं पर ध्यान केंद्रित करने का सही समय है। इसका मतलब है कि जॉन सीना को लगता है कि अब नए पहलवानों को मौका मिलना चाहिए। वे नहीं चाहते कि वे किसी और का मौका वह छीनें। वे WWE को बेहतर बनाने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। उनका मानना है कि अब युवाओं को आगे बढ़ने का समय है। वह अपने शरीर की सीमाओं को भी समझ रहे हैं। 48 साल की उम्र में रेसलिंग करना आसान नहीं है। इसलिए वे संन्यास लेने का फैसला कर रहे हैं। लेकिन वे WWE को हमेशा याद रखेंगे। यह उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
एसए20 नीलामी में घरेलू खिलाड़ियों को बड़े मौके मिलने की उम्मीद: क्रिस मौरिस
16 Aug, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जोहानिसबर्ग । दक्षिण अफ्रीका के पूर्व ऑलराउंडर क्रिस मौरिस का मानना है कि एसए20 लीग के चौथे सत्र की नीलामी में स्थानीय खिलाड़ियों को इस बार बड़ी संख्या में अवसर मिल सकते हैं। लीग का नया सत्र 26 दिसंबर से शुरू होगा, जबकि खिलाड़ियों की नीलामी 9 सितंबर को जोहानिसबर्ग में होगी। ‘सुपरस्पोर्ट’ से बातचीत में मौरिस ने कहा, “नीलामी हमेशा रोमांचक होती है, लेकिन इस बार यह एसए20 की अब तक की सबसे बड़ी नीलामी होगी। कई खिलाड़ियों को पहले ही रिटेन किया गया है और कुछ वाइल्ड कार्ड से चुने गए हैं।”
इस बार छह फ्रैंचाइजियों के पास 19-19 खिलाड़ियों की टीम पूरी करने के लिए कुल 84 स्लॉट उपलब्ध हैं। इसके लिए उन्हें 74 लाख अमेरिकी डॉलर खर्च करने की अनुमति है, जो 2022 में लीग की शुरुआत के बाद से अब तक की सबसे बड़ी धनराशि है। मौरिस के मुताबिक, “कुछ टीमों के पास खर्च करने के लिए पर्याप्त बजट है, जबकि कुछ ने पहले ही आधी टीम भर ली है और उनके पास सीमित धन है। ऐसे में घरेलू खिलाड़ियों को मौके मिलने की संभावना और भी बढ़ जाती है।”
नीलामी में प्रमुख नामों की बात करते हुए मौरिस ने कहा कि एडेन मार्कराम मुख्य आकर्षण होंगे, क्योंकि उन्हें उनकी टीम ने रिटेन नहीं किया है। इसके अलावा युवा बल्लेबाज डेवाल्ड ब्रेविस और तेज गेंदबाज क्वेना मफाका भी अच्छी बोली पा सकते हैं। उन्होंने कहा कि “मुझे लगता है कि क्वेना मफाका बोली लगाने की होड़ के केंद्र में होंगे। डेवाल्ड ब्रेविस एक और नाम हैं, क्योंकि उन्हें रिटेन नहीं किया गया है। रासी वान डर डुसेन भी अपने अनुभव के चलते अच्छी कीमत हासिल कर सकते हैं।”
स्थानीय और विदेशी खिलाड़ियों के पंजीकरण की अंतिम तारीख 18 अगस्त तय की गई है। रिटेन किए गए खिलाड़ियों में निकोलस पूरन, आंद्रे रसेल, सुनील नरेन, इंग्लैंड के जोस बटलर और जॉनी बेयरस्टो जैसे बड़े नाम शामिल हैं। मौरिस का मानना है कि इस बार की नीलामी न केवल बड़े अंतरराष्ट्रीय सितारों पर, बल्कि घरेलू प्रतिभाओं पर भी रोशनी डालेगी, जिससे दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट को मजबूत आधार मिलेगा।
डब्लयूडब्ल्यूई के स्टार रेसलर हल्क नहीं रहे
3 Aug, 2025 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डब्लयूडब्ल्यूई के स्टार रेसलर रहे हल्क होगन का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है। वह 71 साल के थे। प्राप्त जानकारी के अनसार दौरा पड़ने के बाद हल्क के घर पर डॉक्टर भी पहुंचे थे पर हालात गंभीर होने के कारण उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया पर उनकी जान नहीं बच पायी। बाद में पता चला कि वह कैंसर से भी पीड़ित थे पर ये बात उन्होंने सार्वजनिक नहीं की थी।
कुछ ही सप्ताह पहले हल्क होगन की पत्नी ने उन अफवाहों को गलत बताया था कि वह बेहोश हैं। हल्क की पत्नी ने कहा था कि उनका दिल मजबूत है और वह सर्जरी से उबर रहे हैं। वह वो 80 के दशक में प्रशंसकों के लिए एक रियल लाइफ सुपरहीरो जैसे थे। दमदार शरीर, पीला-लाल रंग का कॉस्ट्यूम और उनका स्लोगन उनकी खास पहचान थी. हल्क होगन ने अपने साहस और जुनून के चलते ही हल्कमैनिया का निर्माण किया। शुरुआती दिनों में वह विंस मैकमैहन की राष्ट्रीय विस्तार योजना का चेहरा बने थे। रेसलमेनिया 3 में आंद्रे द जाइंट के खिलाफ उनका मैच आज भी ऐतिहासिक माना जाता है।
हल्क कई बार डब्लयूडब्ल्यूई चैम्पियन रहे। शुरुआती आठ रेसलमेनिया में से सात के आयोजन में हल्क ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान प्रशंसकों की नजरें उनपर ही रहती थीं। उनकी अपार लोकप्रियता ने पेशेवर कुश्ती को अमेरिकी मनोरंजन में मुख्यधारा में ला दिया।
साल 1996 में विश्व चैम्पियनशिप रेसलिंग में वापसी करके हल्कने दुनिया को हैरान कर दिया था। हल्क इस बार पुराने लाल-पीले रंग के कॉस्ट्यूम की जगह पर काले-सफेद गियर में हॉलीवुड होगन के रूप में सामने आए। उनका ये अवतार आज भी रेसलिंग के सबसे चर्चित चेप्टर्स में से एक माना जाता है। पेशेवर कुश्ती पर हल्क होगन का प्रभाव किस कदर रहा है उसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्हें डब्लयूडब्ल्यूई हॉल ऑफ फेम में दो बार शामिल किया गया था।
फुटबॉलर से डब्यूडब्लयूई रेसलर बने गोल्डबर्ग
27 Jul, 2025 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हाल में अपना अंतिम मुकाबला खेलने वाले डब्यूडब्लयूई रेसलर बिल गोल्डबर्ग शुरुआत में फुटबॉलर थे। गोल्डबर्ग का बचपन अमेरिका के तुलसा, ओक्लाहोमा में बीता। उन्होंने शुरुआत से लेकर हाई स्कूल तक फुटबॉल खेला। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ जॉर्जिया में भी फुटबॉल खेलते हुए टीम में अपनी अलग पहचान बनाई। बाद में वह एनएफएल के अटलांटा फाल्कन्स की ओर से खेलने लगे। इस टीम से उन्होंने कई मैच खेले पर चोटिल होने के कारण उनका फुटबॉल करियर बीच में ही रुक गया। ऐसे में गोल्डबर्ग पर्सनल ट्रेनर बन गए। इसी दौरान उन्हें लैरी शार्प नाम के एक रेसलिंग ट्रेनर ने डब्यूडब्लयूई में किस्मत आजमाने को कहा। शार्प को गोल्डबर्ग में रेसलरों सी ताकत और एथलेटिक्स लुक नजर आया। गोल्डबर्ग ने शार्प की बात मानी और उनके रेसलिंग स्कूल मॉन्स्टर में प्रवेश ले लिया।
1990 के दशक में गोल्डबर्ग की चर्चाएं शुरु हो गयीं। वह वर्ल्ड चैंपियनशिप रेसलिंग में 173-0 की रिकॉर्ड जीत से लोकप्रिय हुए। वह अपनी ताकत और तेजी के लिए जाने जाते थे। गोल्डबर्ग 2003 में डब्यूडब्लयूई में शामिल हुए। वहां भी उन्होंने खूब नाम कमाया। 2018 में उन्हें डब्यूडब्लयूई हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया। फुटबॉल में चोट लगने से गोल्डबर्ग का करियर समाप्त हुआ था पर उन्हें इससे रेसलिंग में आने का अवसर मिला। वह अपना अंतिम मुकाबला इजराइल में खेलना चाहते थे पर सैन्य तनाव के कारण ये मैच रद्द हो गया था। जिससे उन्हें काफी निराशा भी हुई । 58 साल के गोल्डबर्ग का यह आखिरी मैच तेल अवीव में होने वाला था जो बाद में इसी माह अटलांटा में हुआ।
एशिया कप से पहले सुधार करें हॉकी टीम : श्रीजेश
27 Jul, 2025 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान पीआर श्रीजेश ने कहा है कि अगस्त में होने वाले एशिया कप के लिए टीम को काफी सुधार करना होगा। श्रीजेश के अुनसार एफआईएच प्रो लीग 2024-25 के यूरोपीय चरण में भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीद के अनुसार नहीं रहा है और इससे टीम की आंखे खुल जानी चाहिये। इस स्टार खिलाड़ी ने कहा, ‘मुझे लगता है कि टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया, हमने कई मौके बनाए, हमने मैदान पर कड़ी टक्कर दी पर अवसरों का लाभ नहीं उठाने से परिणाम हमारे पक्ष में नहीं रहा। यह परिणाम हमें एशिया कप और अगले साल होने वाले विश्वकप और एशियाई खेलों जैसे अन्य महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों से पहले सुधार की जरुरत पर बल देने के संकेत दे रहा है। भारतीय टीम एफआईएच प्रो लीग 2024-25 के यूरोपीय चरण में लगातार सात हार के बाद अंक तालिका में आठवें स्थान पर रही थी। एशिया कप 2025 बिहार के राजगीर में 27 अगस्त से सात सितंबर तक आयोजित किया जाएगा। हॉकी विश्वकप 2026 बेल्जियम और नीदरलैंड की संयुक्त मेजबानी में 14 से 30 अगस्त तक खेला जायेगा। वहीं एशियाई खेल 19 सितंबर से चार अक्टूबर, 2026 तक खेले जाएंगे। पुरुष राष्ट्रीय अंडर-21 टीम के मुख्य कोच ने कहा कि एक कोच के रूप में उनका मुख्य काम यह तय करना है कि खिलाड़ी दबाव का सामना करना सीखते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। उन्होंने कहा, ‘एक कोच के रूप में मेरा काम खिलाड़ियों पर से दबाव कम करना है। मैं उन्हें बताता हूँ कि जूनियर विश्वकप के दौरान लगभग 10 हजार दर्शक मैदान में रहेंगे जिनकी उम्मीदें आप पर रहेंगी और इससे स्वीकार करना होगा। एक कोच होने के कारण मेरे लिए खिलाड़ियों के साथ अपने खेल के अनुभव को साझा करना सबसे महत्वपूर्ण है।
एशिया कप हॉकी में पाकिस्तान को भारत आने की मंजूरी, राजगीर में होगा टूर्नामेंट
3 Jul, 2025 05:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले कुछ महीनों से चल रहे तनाव के बीच खेल मंत्रालय के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि वह पाकिस्तान हॉकी टीम को अगले महीने भारत में होने वाले एशिया कप में शामिल होने से नहीं रोकेंगे। खेल मंत्रालय के सूत्र ने गुरुवार को न्यूज एजेंसी पीटीआई के हवाले से बताया कि वे बहु-राष्ट्रीय टूर्नामेंट में किसी टीम के शामिल होने के विरुद्ध नहीं हैं।
27 अगस्त से शुरू होगा टूर्नामेंट
हॉकी एशिया कप का आयोजन 27 अगस्त से सात सितंबर तक बिहार के राजगीर में होना है। खेल मंत्रालय के सूत्र ने कहा, हम भारत में होने वाले बहु-राष्ट्रीय टूर्नामेंट में किसी टीम के शामिल होने खिलाफ नहीं हैं, लेकिन द्विपक्षीय सीरीज अलग बात है। अंतरराष्ट्रीय खेल की मांग होती है कि हम किसी को टूर्नामेंट से बाहर नहीं कर सकते। रूस और यूक्रेन के बीच जंग चल रही है, लेकिन वे बहु-राष्ट्रीय टूर्नामेंट में खेलते हैं।
क्रिकेट में भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर आया अपडेट
यह पूछे जाने पर कि अगर सितंबर में पुरुष एशिया कप का आयोजन होता है तो क्या भारत को पाकिस्तान के साथ खेलने की मंजूरी मिलेगी? इस पर खेल मंत्रालय के सूत्र ने कहा, बीसीसीआई ने अब तक इस मामले को लेकर संपर्क नहीं किया है। जब वे हमसे इस बारे में पूछेंगे तो हम देखेंगे क्या करना है।
पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर था संदेह
ऑपरेशन सिंदूर के कारण अगले महीने एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट में पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर संदेह था। हॉकी एशिया कप में भारत सहित आठ टीमें भाग लेंगी। एशिया कप के अलावा नवंबर-दिसंबर में होने वाले जूनियर विश्व कप में भी पाकिस्तान की टीम को खेलने की अनुमति दी जाएगी।
300 से ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेलने वाले ललित उपाध्याय का संन्यास
23 Jun, 2025 04:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अर्जुन अवार्डी ओलिंपियन ललित उपाध्याय ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास लेने की घोषणा की है। वह घरेलू मुकाबले खेलते रहेंगे। ललित उत्तर प्रदेश पुलिस में डिप्टी एसपी हैं और पुलिस टीम के कप्तान भी हैं। इस वक्त वह बेल्जियम में हो रहे एफआइएच प्रो लीग के यूरोपीय चरण में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
उन्होंने एक्स पर अपना निर्णय साझा किया। साथ ही बेल्जियम से मोबाइल पर दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में संन्यास लेने के अपने निर्णय की जानकारी दी। बताया कि उन्होंने हॉकी में काफी ऊंचाई हासिल कर ली है। खिलाड़ी को अपने पीक पर ही आगे के लिए निर्णय लेना चाहिए। इसलिए अब मैंने अंतरराष्ट्रीय मैच से दूर होकर घरेलू मैच खेलने का निर्णय लिया है। इससे अन्य युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों मौका मिलेगा।
संन्यास के बारे में ललित का बयान
ललित ने बताया वह आगे भी कुछ करना चाहते थे और इंजरी से भी जूझ रहे थे। इसलिए तय किया कि जिस हाकी ने उन्हें सब कुछ दिया है अब उसे दिया जाए। उनका कहना है कि वे वाराणसी में हॉकी के विकास के लिए ग्रास रूट लेवल पर काम करेंगे। इसमें बच्चों को तैयार करने के लिए समय मिल सकेगा। परिवार को भी समय दे पाएंगे। उन्होंने कहा कि लाइफ में संन्यास लेने का निर्णय काफी कठिन होता है। जब आपको लगे कि आप पहले जैसा नहीं कर पा रहे हैं तो निर्णय कर लेना चाहिए। मैं ज्यादा से ज्यादा खेलूं यह नहीं सोचना चाहिए, दूसरे को भी मौका देना चाहिए। हालांकि संन्यास का निर्णय लेने से पहले हमने पत्नी, दोस्तों, परिवार सभी से बात की और सभी ने मेरे निर्णय का समर्थन किया।
यूपी कॉलेज के ग्राउंड पर परमानंद मिश्रा से हॉकी का ककहरा सीखने वाले ललित अब तक 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। वर्ष 2018 में उनका चयन राष्ट्रीय हाकी टीम में हुआ था। शिवपुर के एक छोटे से गांव भगतपुर के ललित ने गांव की पगडंडियों से लेकर अंतरराष्ट्रीय फलक तक छा जाने का सफर बड़ी जद्दोजहद के साथ तय किया। छोटे शहर का होने बावजूद ख्वाब हमेशा बड़े रहे। इसके लिए उन्होंने न केवल अपने खेल, बल्कि शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य का भी संजीदगी के साथ ध्यान रखा।
टोक्यो ओलंपिक में जीता था ब्रांज मेडल
ललित टोक्यो और पेरिस ओलिंपिक में ब्रांज मेडल जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे। बर्मिंघम कामनवेल्थ में रजत पदक जीतने वाली भारतीय हाकी टीम के सदस्य भी रहे। वह ओलिंपिक में खेलने वाले वाराणसी के चौथे हॉकी खिलाड़ी हैं। वहीं दो ओलिंपिक में खेलने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं। ललित सेंटर फारवर्ड पोजीशन से खेलते हैं। वह अंतरराष्ट्रीय मैचों में 100 से अधिक गोल कर चुके हैं।
इनके पहले हाकी में ड्रिबलिंग के उस्ताद माने जाने वाले मो. शाहिद एक दशक से अधिक समय तक भारतीय हॉकी टीम का अहम हिस्सा रहे। 1980 मास्को ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम में भी थे। 1984 लास एंजिल्स व 1988 सियोल ओलंपिक में भी मोहम्मद शाहिद ने देश का प्रतिनिधित्व किया। उन्हें अर्जुन पुरस्कार व पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
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