गुजरात
सूरत के अस्पताल में आशाराम बापू की धार्मिक रस्मों में स्टाफ की भागीदारी पर विवाद, सूरत प्रशासन ने फौरन जांच का आदेश जारी किया
24 Sep, 2025 01:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सूरत : गुजरात के सूरत में न्यू सिविल अस्पताल (एनसीएच) का एक वीडियो सामने आया है। इसके बाद हड़कंप मच गया। चिकित्सा कर्मचारियों, नर्सों और सुरक्षाकर्मियों ने अस्पताल में आसाराम बापू की आरती का आयोजन किया। अस्पताल में उनकी तस्वीर रखी गई और उनकी पूजा की गई, उसके बाद आरती उतारी गई। इसका वीडियो सामने आने के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं। आसाराम बापू कई बलात्कार के मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। यह अनुष्ठान न्यू सिविल अस्पताल के स्टेम सेल भवन के प्रवेश द्वार पर किया गया। पूजा में अस्पताल के स्टाफ के बाद वहां आने वाले मरीज और उनके तीमारदार भी शामिल हुए। इस घटना ने नागरिकों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के बीच व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया है। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
वीडियो में क्या
इस फुटेज में एक संगठित समारोह दिखाया गया है जिसमें उपस्थित लोगों ने एक कुर्सी पर रखी आसाराम की तस्वीर की पूजा की। तस्वीर के आगे फूल, फल और मिठाई रखी है। एक अगरबत्ती जल रही है। तस्वीर को रोली-टीका किया गया, आरती उतारी गई और भोग लगाया गया। घटना के बाद, एक सुरक्षा गार्ड और एक प्रथम श्रेणी अधिकारी को उनके पदों से हटा दिया गया है। अस्पताल के आरएमओ डॉ. केतन नायक ने पुष्टि की है कि वीडियो पिछले दिन रिकॉर्ड किया गया था।
जांच शुरू
डॉ. केतन नायक ने बताया कि जब वह अस्पताल के बाहर थे, तब सुरक्षा गार्ड ने उन्हें पूजा समारोह के बारे में बताया। जिसके बाद उन्होंने तुरंत उपस्थित लोगों को परिसर से बाहर जाने का आदेश दिया। डॉ. नायक ने कहा कि मामले की जांच जारी है और उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अस्पताल प्रबंधन की इस घटना में कोई संलिप्तता नहीं है। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन मामले की आगे की जांच कर रहा है।
रेप केस में सजा काट रहे आसाराम बापू
आसाराम बापू अगस्त 2013 से जेल में हैं, जब उन पर एक 16 वर्षीय स्कूली छात्रा के साथ बलात्कार का आरोप लगा था, जिसके माता-पिता आसाराम बापू के भक्त थे। कुछ महीने बाद, उन पर और उनके बेटे नारायण साईं पर गुजरात के सूरत स्थित अपने आश्रम में दो बहनों के साथ बलात्कार का आरोप लगा। जनवरी 2023 में, गांधीनगर की एक सत्र अदालत ने सूरत आश्रम में 2013 में एक महिला शिष्या के साथ बलात्कार के मामले में आसाराम को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया। इस साल की शुरुआत में, गुजरात हाई कोर्ट ने बलात्कार के एक मामले में चिकित्सा आधार पर उनकी ज़मानत 21 अगस्त तक बढ़ा दी थी।
62 साल की महिला पर खेत में हमला, मधुमक्खियों ने किया डंक मारना जारी, डॉक्टरों की मेहनत से 200 डंक निकाले गए और जान बची
23 Sep, 2025 02:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नवसारी: गुजरात के नवसारी जिले के वांसदा तालुका में मधुमक्खियों के झुंड ने एक बुजुर्ग महिला पर हमला कर दिया। 62 वर्षीय महिला अपने खेत में काम कर रही थी।अचानक मधुमक्खियों का झुंड टूट पड़ा और उसे चारों ओर से घेर लिया। इससे वो बुरी तरह से घायल हो गए। उसने जोर-जोर से शोर मचाया और किसी तरह करीब 200 मीटर दूर भागकर नजदीकी खेत तक पहुंचीं। वहां मौजूद मजदूरों ने उसकी मदद की। मजदूरों ने पहले तो उनके शरीर से मधुमक्खियों को हटाया और फिर उन्हें कपड़े से ढक दिया ताकि और डंक न लग सके।
डॉक्टरों ने शरीर से निकाल 200 डंक
इसके बाद गांव के सरपंच और ग्रामीणों ने तुरंत उन्हें पास के प्रतापगढ़ गांव के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों की टीम ने तुरंत इलाज शुरू किया और शांताबेन के शरीर से लगभग 200 डंक निकाले। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि शांताबेन की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन वह अभी भी उपचाराधीन हैं। हमने उनके पूरे शरीर से डंक निकाल दिए हैं। उनके शरीर के हर हिस्से, यहां तक कि सिर पर भी, मधुमक्खियों ने हमला किया था। वहीं इस इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों के आसपास अक्सर मधुमक्खियों के छत्ते बने रहते हैं और इस वजह से किसानों को काम करने में परेशानी होती है। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई गई है कि आसपास बने छत्तों को हटाने की कार्रवाई की जाए।
कब और कैसे किया हमला
जानकारी के अनुसार, ये घटना रूपवेल गांव की है। पटेल स्ट्रीट निवासी शांताबेन वेन्जी कुंभी अपने खेत में झाड़ियां काटने का काम कर रही थीं। तभी अचानक मधुमक्खियों का झुंड उन पर टूट पड़ा। देखते ही देखते शांताबेन पूरी तरह मधुमक्खियों से घिर गईं और वे बुरी तरह घायल हो गईं। पास में मौजूद मजदूरों की वजह शांताबेन को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे उनकी जान बच पाई।
वडोदरा गरबा तैयार, बारिश रुकते ही माथे पर तिलक के साथ मिलेगी एंट्री, मयंक पटेल ने साझा किया अपना संदेश
23 Sep, 2025 01:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद/वडोदरा: नवरात्रि के आगाज से पहले हिंदू संगठनों में मांग की थी कि गरबा आयोजनों में दूसरे धर्म के लोगों का प्रवेश रोकने की व्यवस्था की जाए। हिंदू संगठनों ने इसके लिए तिलक के साथ गौमूत्र के छिड़काव को जरूरी करने के सुझाव भी दिए थे। गुजरात के बड़े गरबा आयाेजनों में शामिल वडोदरा नवरात्रि फेस्टिवल (VNF) ने साफ किया है कि माथे पर तिलक होने के बाद गरबा ग्राउंड में प्रवेश मिलेगा। नवरात्रि से ठीक पहले भारी बारिश ने गुजरात के तमाम शहरों में गरबा आयोजकों की चुनौती बढ़ा दी थी। वडोदरा नवरात्रि फेस्टिल का आयोजन शहर के ऐतिहासिक नवलखी मैदान पर होता है। आयोजकों ने सोमवार की शाम तक ग्राउंड को रेडी कर लिया। सनातन संत समिति के प्रमुख डॉ. ज्याेर्तिनाथ ने आयोजकों से कहा है कि फिल्मी गाने न बजाएं। उन्होंने चेताया है कि अगर लोग नवरात्रि के आयोजनों में फिल्मी गाने गाएंगे तो उनकी आंखें लाल हो जाएंगी।
नो तिलक-नो इंट्री लागू है
वडोदरा नवरात्रि फेस्टिवल के आयोजक मयंक पटेल ने नवभारत टाइम्स से बातचीत में साफ किया कि नवरात्रि हिंदुओं का त्योहार है। ऐसे में इस आयोजन दूसरे धर्म के लोगों नहीं आना चाहिए। उन्होंने कहा कि मां आद्यशक्ति की आराधना के पर्व में बहनें अच्छे से गरबा खेल सकेंगे। इसके पूरे बंदोबस्त किए गए हैं। उन्होंने हिंदू संगठनों की मांग के बारे में पूछे जाने पर कहा कि तिलक को अनिवार्य किया है। 'नो तिलक-नो इंट्री' को लागू किया गया है। ऐसे में गरबा ग्राउंड में वहीं लोग गरबा खेल पाएंगे जो जांच के अंदर आएंगे। इस संबंध में आयोजन की सुरक्षा में लगे स्टॉफ को निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब हो कि वडोदरा, अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, नासिक, नागपुर समेत शहरों में हिंदू संगठनों ने कहा कि दूसरे धर्म के लोगों को आयोजनों में आने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। हिंदू संगठनों ने यह निर्देश लव जेहाद (Love Jihad) की घटनाओं को रोकने के लिए दिए हैं।
वडोदरा में तीन बड़े आयोजन
वडोदरा शहर में वैसे तो 800 गरबा हो रहे हैं लेकिन वर्ल्ड लेवल पर तीन गरबा की चर्चा होती हैं। इनमें लक्ष्मी विलास पैलेस हेरीटेज गरबा, यूनाइटेड वे गरबा (United way Garba Mahotsav) और वडोदरा नवरात्रि फेस्टिवल यानी वीएनएफ शामिल हैं। वीएनएफ आयोजन क्रेडाई के पदाधिकारी और शहर के कुछ डेवलपर मिलकर करते हैं। इतन तीनों आयोजनों में 9 दिन के दरिम्यान एक लाख से अधिक लोग भाग लेते हैं। इनमें गरबा खेलने और देखने वाले शामिल होते है। दोनों के लिए अधिकृत एंट्री कार्ड इश्यू किए जाते हैं। वीएनएफ ने इस बार अपनी थीम को चेंज किया है। 11 वें एडीशन को येलो थीम पर रखा है।
आप विधायक चैतर वसावा को मिली जमानत, गुजरात हाईकोर्ट ने रखी विशेष शर्तें – ढाई महीने की कैद के बाद राहत
22 Sep, 2025 03:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: गुजरात हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक चैतर वसावा को जमानत दे दी है। चैतर वसावा लंबे समय से वडोदरा की मध्यस्थ जेल में बंद थे। कोर्ट से बेल मिलने के बाद वसावा की आज शाम या फिर कल सुबह रिहाई हो जाएगी। इससे पहले कोर्ट से चैतर वसावा को मानसून सत्र में भाग लेने के लिए तीन दिन पैरोल मिली थी। चैतर वसावा नर्मदा जिले के डेडियापाड़ा विधानसभा से विधायक हैं। चैतर वसावा को नर्मदा पुलिस ने पांच जलाई को अरेस्ट किया था। ऐसे में चैतर वसावा को करीब ढ़ाई महीने बाद जेल में रहने के बाद जमानत मिली है। हाईकोर्ट ने यह जमानत पुलिस द्वारा निचली कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद दी है। हाईकोर्ट ने चैतर वसावा को जमानत कुछ शर्तों के साथ दी है। इसमें प्रमुख शर्त है कि वह अपने विधानसभा क्षेत्र में अगले एक साल तक नहीं जा सकेंगे। यह चैतर वसावा के लिए बड़ा झटका है।
वडोदरा सेंट्रल जेल में हैं चैतर वसावा
आम आदमी पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट शीतल उपाध्याय ने कहा कि कोर्ट का ऑर्डर पहुंचते हुए चैतर वसावा की रिहाई होने की उम्मीद है। उपाध्याय ने कहा कि कानूनी लड़ाई लंबी खिंची लेकिन हमें पूरी उम्मीद थी कि चैतर वसावा को बेल मिलेगी। गौरतलब हो कि चैतर वसावा गुजरात के आदिवासी वर्ग में बेहद लोकप्रिय नेता है। वह 2022 के चुनावों में बड़े अंतर से चुने गए थे, लेकिन उनका फायरब्रांड अंदाज उनको अभी तक कानूनी दांवपेच में उलझाता आया है। चैतर वसावा वडोदरा की सेंट्रल जेल में बंद हैं। चैतर वसावा को गुजरात हाईकोर्ट से नवरात्रि के पहले दिन जमानत दी।
जुलाई में हुई थी गिरफ्तारी
चैतर वसावा गुजरात विधानसभा में पार्टी विधायक दल के नेता भी हैं। प्रदेश प्रवक्ता शीतल उपाध्याय के अनुसार चैतर वसावा की पहले हाईकोर्ट में जमीन खारिज हो गई थी। दूसरी बार सुनवाई में उन्हें बेल मिली है। गौरतलब हो कि जुलाई में चैतर वसावा को नर्मदा जिले के डेडियापाड़ा में एक तालुका पंचायत पदाधिकारी पर कथित हमले के बाद हत्या के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। तब आप ने झूठे तरीके से फंसाने का आरोप लगाया था।
अमित शाह के अप्रत्याशित फैसले से सियासी सूरमा हैरान, गुजरात BJP के नए अध्यक्ष की घोषणा कभी भी हो सकती है
22 Sep, 2025 03:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद/सूरत: गुजरात के दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एक कदम से राजनीति गरमा गई है। शाह रविवार को सूरत पहुंचे तो केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के घर गए। अमित शाह ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे सीआर पाटिल के पूरे परिवार से आत्मीय मुलाकात की। अमित शाह पाटिल की मां से भी मिले। अमित शाह सीआर पाटिल के घर ऐसे वक्त पर पहुंचे हैं जब राज्य में बीजेपी के प्रदेशअध्यक्ष यानी सीआर पाटिल के उत्तराधिकारी के चयन का मामला अटका हुआ है। गुजरात के राजनीतिक हलकों दावा किया जाता रहा है कि सीआर पाटिल और अमित शाह के बीच रिश्ते ठीक नहीं रहे, लेकिन शाह के कदम ने राजनीतिक विश्लेषकों को न सिर्फ चौंका दिया है बल्कि दूसरे सियासी सूरमा भी अचरज में हैं। शाह ने आलोचकों काे संदेश दिया है कि वह अगर सूरत में हैं तो अपने पार्टी नेता के घर जाने में उन्हें कोई संकोच नहीं है। नवरात्रि से पहले गुजरात पहुंचे शाह सूरत, राजकोट और अहमदाबाद के कुछ कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
जल्द आ सकती है 'गुड न्यूज'
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल गुजरात में बीजेपी के सबसे कामयाब प्रदेश अध्यक्ष साबित हुए हैं। संगठन पर उनके करीबी लोग काबिज रहे हैं। गुजरात में बीजेपी सभी जिलों और शहरों के प्रमुख नियुक्त कर चुकी है लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष की तरह ही प्रदेश अध्यक्ष का मामला अटका हुआ है। सूरत में अमित शाह के सीआर पाटिल के घर जाने को रिश्तों में नई गर्माहट के तौर देखा जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि जल्द ही संगठन को कैप्टन मिल सकता है। सीआर पाटिल के उत्तराधिकारी पर छाया सस्पेंस खत्म हो सकता है। पिछले कुछ सालों से सूरत गुजरात में राजनीति का पावर सेंटर है। सीआर पाटिल जहां अभी केंद्रीय मंत्री हैं तो वहीं सूरत से पांच विधायक भूपेंद्र पटेल सरकार में मंत्री हैं। ऐसी चर्चा है कि नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति अब जल्द हो सकती है।
नई टीम में दिख सकता है समन्वय
गुजरात के राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अमित शाह जिसका नाम तय करेंगे। उसी नेता को संगठन की कमान मिलेगी। शाह का सीआर पाटिल के घर जाना सिर्फ महज दौरा नहीं बल्कि इसके कई सियासी संदेश हैं। जो लोग इस बात के हवा देते हैं कि दोनों के बीच दूरी या फिर रिश्ते ठीक नहीं है। शाह ने उन सभी को दौरा करके चुप करा दिया है। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नई टीम में सीआर पाटिल के समर्थकों और उनके करीबियों को सभी समायोजित किया जा सकता है। ऐसे में नया अध्यक्ष जो भी होगा उसकी टीम में एक समन्वय की स्थिति रह सकती है। पाटिल की अगुवाई में बीजेपी ने 2022 के चुनावों में 182 में 156 सीटें जीती थीं। जो नया कीर्तिमान है।
एक फोटो फ्रेम में सभी दिग्गज
गृह मंत्री अमित शाह के सूरत दौरे तमाम दिग्गज एक फोटो में सिमट गए। सीआर पाटिल से दूरी रखने वाले पूर्णेश मोदी बगल में खड़े हुए। शाह के दौरे में मेयर दक्षेण मेवाणी, विधायक संदीप देसाई और किशोरभाई कनाणी सभी उपस्थित रहे। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा होतीर ही है कि पूर्णेश मोदी और सीआर पाटिल में रिश्ते अच्छे नहीं है लेकिन शह के दौरे में सभी पार्टी एकसाथ मौजूद रहे। पाटिल बतौर प्रदेश प्रमुख पांच वर्ष पूरे कर चुके हैं। नए प्रदेश प्रमुख की नियुक्ति नहीं होने से राज्य की नई टीम नहीं बन पाई है। जिलों और शहरों में टीम का गठन लटका हुआ है। अमित शाह के सूरत, राजकोट और अहमदाबाद के प्रवास के बाद बीजेपी प्रदेश प्रमुख के ऐलान की संभावना बढ़ गई है।
अहमदाबाद के डॉक्टरों ने 7 साल के बच्चे के पेट से निकाला बालों का गुच्छा और जूते का फीता, हुआ सफल और अनोखा ऑपरेशन
22 Sep, 2025 01:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: गुजरात में अहमदाबाद के एक सरकारी अस्पताल ( Ahmedabad Civil Hospital ) में डॉक्टरों ने एक अनोखा ऑपरेशन किया। उन्होंने एक 7 साल के बच्चे के पेट से बालों का गुच्छा और जूते का फीता निकाला। बच्चे को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत थी। यह जानकारी अस्पताल के अधिकारियों ने रविवार को दी। ऑपरेशन के बाद अब बच्चे की हालत ठीक है। उसे अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।
डॉक्टर ने क्या बताया?
अहमदाबाद के सरकारी सिविल अस्पताल के अधीक्षक राकेश जोशी ने बताया कि मध्य प्रदेश में रतलाम निवासी शुभम पिछले दो महीने से पेट दर्द, उल्टी आने और वजन घटने की समस्या से पीड़ित था। उन्होंने बताया कि लड़के की पहले पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के एक निजी अस्पताल में सर्जरी हुई थी लेकिन उसे कोई राहत नहीं मिली। जोशी ने बताया कि अहमदाबाद के अस्पताल में भर्ती होने के बाद शुभम का ‘सीटी स्कैन’ और ‘एंडोस्कोपी’ कराई गई। इसमें उसके पेट में बालों का एक गुच्छा और जूते का फीता दिखाई दिया।
डॉक्टरों की टीम ने किया सफल ऑपरेशन
अस्पताल के शिशु रोग विभाग के प्रमुख डॉ जोशी ने कहा कि सिविल अस्पताल के डॉक्टरों की एक टीम की ओर से की गई जटिल ‘लैपरोटॉमी’ के जरिए गांठ (गुच्छे) को सफलतापूर्वक निकाल लिया गया। सर्जरी के सातवें दिन डाई टेस्ट से पुष्टि हुई कि पेट में कोई अवशेष नहीं बचा है। अधिकारी ने बताया कि मनोचिकित्सक ने लड़के को परामर्श दिया ताकि वह भविष्य में ऐसी चीजें निगलने की आदत छोड़ दे।
बच्चे को ‘ट्राइकोबेजोअर’ नाम की बीमारी
उन्होंने बताया कि शुभम की हालत में सुधार हुआ और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉ. जोशी ने बताया कि बच्चे को ‘ट्राइकोबेजोअर’ नाम की बीमारी थी जो एक दुर्लभ बीमारी है और इसमें निगले गए बाल पेट में उलझकर एक गांठ (गुच्छा) बना लेते हैं। उन्होंने बताया कि इसके लक्षणों में पेट में दर्द या सूजन, मतली या उल्टी, भूख की कमी, वजन में कमी और कब्ज शामिल हैं।
ओडिशा में जन्म, गुजरात में पढ़ाई और अब कांग्रेस के लिए मुश्किल बने सैम पित्रोदा, राहुल गांधी भी बयानबाज़ी में घिरे
19 Sep, 2025 06:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी गुजरात में बीजेपी को घेरने के लिए जहां नई कांग्रेस बनाने से लेकर वोट चोरी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलावर है तो वहीं उनके पिता के मित्र रहे सैम पित्राेदा के बयान ने फिर पूरी कांग्रेस को मुश्किल में डाल दिया है। बीजेपी ने पित्रोदा के बयान पर हमलावर हो गई है। इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के फिर से अध्यक्ष बने सैम पित्रोदा उन नेताओं में शामिल हैं जो राहुल गांधी के बेहद करीब हैं। इतना ही नहीं उनका मजबूत गुजरात कनेक्शन है। इसकी वजह है उनका गांधी से जुड़ाव। सैम पित्रोदा के जिस बयान पर विवाद हुआ है। उसमें उन्होंने कहा है कि उन्हें पाकिस्तान के दौरे में घर जैसा महसूस हुआ।
मैं पाकिस्तान गया हूं और मैं आपको बता दूं कि मुझे वहां घर जैसा महसूस हुआ। मैं बांग्लादेश गया हूं, मैं नेपाल गया हूं और मुझे घर जैसा महसूस होता है। मुझे ऐसा नहीं लगता कि मैं किसी विदेशी देश में हूं। वे मेरे जैसे दिखते हैं, वे मेरी तरह बात करते हैं, उन्हें मेरे गाने पसंद हैं, वे मेरा खाना खाते हैं। इसलिए, मुझे उनके साथ शांति और सद्भाव से रहना सीखना होगा। यह मेरी पहली प्राथमिकता है।
गुजरात में पढ़ाई के बाद गए अमेरिका
सैम पित्रोदा ने इंडिया टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर, इंवेटर और इंटरप्रिन्योर के तौर पर अपनी पहचान बनाई है। सैम पित्रोदा एक गुजरात माता-पिता की संतान हैं। उनके परिवार ओडिशा चला गया था। जहां पर सैम पित्रोदा का 16 नवंबर 1942 को जन्म हुआ। पित्रोदा का जन्म स्थान टिटलागढ़ है लेकिन उनके माता-पिता महात्मा गांधी के दर्शन से काफी प्रभावित थे। यही वजह थी कि सात भाई-बहनों तीसरे नंबर के सैम पित्रोदा को उनके पिता ने पढ़ने के लिए गुजरात भेज दिया। पित्रोदा ने गुजरात के वल्लभ विद्यानगर से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और वडोदरा के महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय से भौतिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की। भौतिकी में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के बाद, वे 1964 में संयुक्त राज्य अमेरिका चले गए और शिकागो के इलिनोइस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की।
तब देना पड़ा गया था इस्तीफा
पित्रोदा वडोदरा की नामचीन एमएस यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र हैं। 1987 में, प्रधानमंत्री राजीव गांधी के सलाहकार के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, पित्रोदा ने दूरसंचार, जल, साक्षरता, टीकाकरण, डेयरी और तिलहन से संबंधित छह प्रौद्योगिकी मिशनों का नेतृत्व किया। उन्होंने भारत के दूरसंचार आयोग की स्थापना की और उसके पहले अध्यक्ष बने। ज्ञान संस्थानों और बुनियादी ढांचे के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने के लिए पित्रोदा 2004 में दूसरी बार भारत लौटे। पित्रोदा ने राष्ट्रीय ज्ञान आयोग (2005-2009) के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। यूपीए सरकार जाने के बाद वह फिर पूरी तरह से अमेरिका शिफ्ट हो गए। 82 साल के पित्रोदा पहली बार अपने बयान की वजह से विवाद में नहीं है। लोकसभा चुनावों के दौरान उनके बयान पर जब विवाद हुआ तो कांग्रेस ने उन्हें ओवरसीज अध्यक्ष के पद से हटा दिया था। तब उनके रंगभेद पर बोलने की चलते बवाल खड़ हो गया था।
फिर राहुल गांधी को मुश्किल में डाला
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने बदले में ऑपरेशन सिंदूर से कार्रवाई की थी। हाल ही में जब भारत ने एशिया कप में पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेला तो कांग्रेस ने इसका कड़ा विरोध किया था। कांग्रेस ने ऐसा करते हुए पूछा था कि जब खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते हैं तो खून और खेल कैसे? इस मुद्दे पर बीजेपी को बैकफुट पर जाना पड़ा था, लेकिन भारत की पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों पर बोलते हुए पित्रोदा ने न सिर्फ सेल्फगोल किया है बल्कि पूरी कांग्रेस को मुश्किल में डाल दिया है। ऐसा तब हुआ जब राहुल गांधी अपनी पोस्ट में Gen Z का उल्लेख करने को लेकर बीजेपी के निशाने पर हैं। सैम पित्राेदा गुजरात के हिसाब से ओबीसी वर्ग से आते हैं। उन्होंने खुद अपनी जाति का खुलासा किया था। तब पित्रोदा ने बताया था कि वह लोहार हैं। उनके पिता लोहार और बढ़ई का काम करते थे। सैम पित्रोदा की जड़ें गुजरात के वडोदरा से जुड़ी हैं। उनके माता पिता वडोदरा में ही रहते थे।
20 रुपये में 6 की जगह 4 गोलगप्पे मिलने पर महिला का दर्द छलका, बीच सड़क पर फूट-फूटकर रोई – वीडियो वायरल
19 Sep, 2025 06:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद/वडोदरा: गुजरात के वडोदरा की पहचान खाने-पीने के शौकीन लोगों के तौर पर है, सेव उसल वडोदरा की चर्चित डिश है लेकिन वडोदरा में पानीपुरी को लेकर एक अजीबोगरीब वाकया सामने आया है। वडोदरा के सुरसागर तलाब के बाद पास एक महिला कम पानीपुरी दिए जाने पर सड़क पर बैठ गई। महिला के बीच सड़क पर बैठने से वहां पर भीड़ जुटने लगी। जब लोगों ने महिला से बीच सड़क पर बैठने का कारण पूछा तो वह फफक कर राेने लगी। महिला ने बताया कि वह पानीपुरी खाने के लिए आई थी। पानीपुरी वाले ने 20 रुपये में 6 पूरी की जगह इस महिला को सिर्फ 4 पूरी ही खिलाई।
महिला ने सड़क पर बैठ गई
पानीपुरी खाने की शौकीन महिला दुकानदार के कम पूरी देने से नाराज हो गई और छोटे बच्चे की तरह दो और पूरी खाने की जिद्द में सड़क पर धरना देने बैठ गई। सड़क पर चल रहे बवाल के चलते जब पुलिस मौके पर पहुंची तो महिला रोते रोते पुलिस से मांग करने लगी कि सब को 20 रुपए में 6 पूरी खिलाता है मुझे दो पूरी कम खिलाई या तो दो और पूरी खिलाओ या सड़क पर खड़ी यह पानीपुरी की लारी हटाइए। घंटों तक चल रहे इस ड्रामे में पुलिस कड़ी मेहनत के बाद इस महिला को अपने साथ ले जाने में सफल हुई जिसके बाद सड़क पर लगा जाम तक हटा।
मेरे साथ करता है दादागिरी
महिला ने DIAL 112 की टीम के साथ जाने से पहले कहा कि लारी वाला गलत व्यव्हार करता है। वह कम पानीपुरी देता है और फिर दादागिरी करता है। महिला ने कहा कि इस लारी वाले की दुकान बंद होनी चाहिए। पुलिस इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह घटना रावपुरा थाने के अंतर्गत हुई। वीएमसी के आराेग्य विभाग का कहना है कि पानीपुरी वाले की मनमानी पर हम कार्रवाई नहीं सकते हैं। हमारा काम फूड सेफ्टी और उसकी गुणवत्ता जांचने का है।
गुजरात की डेयरी क्वीन मानीबेन: 1.94 करोड़ का दूध बेचने के बाद 100 नई भैंसों के साथ डेयरी व्यवसाय को देने जा रही नया आयाम
19 Sep, 2025 06:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: गुजरात के डेयरी ब्रांड अमूल की दुनिया भर में धाक है। अमूल के साथ राज्य में 10 दूध डेयरियां जुड़ी हैं। इन डेयरियों में लाखों पशुपालक दूध पहुंचाते हैं। गुजरात के सहकारिता क्षेत्र में क्रांति की नया चेहरा मानीबेन बनी हैं। बनासकांठा जिले से आने वाली मणिबेन ने एक साल (2024-25) में 1.94 करोड़ रुपये का दूध बेचा। नए साल में उन्होंने 3 करोड़ का दूध बेचने का लक्ष्य रखा है। मानीबेन के यहां गाय-भैंसों की संख्या 12 से बढ़कर 230 हो गई है। उन्होंने इस साल 100 नई भैंसें खरीदकर दूध उत्पादन और बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। गुजरात की 16,000 में से लगभग 4,150 समितियां महिलाओं द्वारा संचालित की जाती है। मानीबेन सहकारिता क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनकर उभरी हैं।
बनासकांठा में दूसरा स्थान मिला
मानीबेन ने साला 2024-25 में 1 करोड़ 94 लाख रुपये का दूध संग्रहित कर बनासकांठा जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। अब वे अगले साल में 3 करोड़ रुपये का दूध बेचने का लक्ष्य प्राप्त करने की तैयारी कर रही हैं। कांकरेज तालुका के कसरा गांव की 65 साल की मानीबेन जेसुंगभाई चौधरी स्थानीय दि पटेलवास (कसरा) दुग्ध उत्पादक सहकारी मंडली में प्रतिदिन 1100 लीटर दूध जमा कराती हैं। वर्ष 2024-25 में उन्होंने कुल 3 लाख 47 हजार से अधिक लीटर दूध जमा कराया, जिसका मूल्य 1 करोड़ 94 लाख रुपये से अधिक हुआ है। अपनी इस उपलब्धि के कारण उन्हें इस वर्ष पूरे बनासकांठा जिले में 'श्रेष्ठ बनास लक्ष्मी' श्रेणी में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। बनासकांठा के बादरपुरा में आयोजित आमसभा में उन्हें इस सफलता के लिए सम्मान पत्र प्रदान किया गया।
नए टारगेट को खरीदीं 100 नई भैंसें
मानीबेन अपनी इस सफलता को नई ऊंचाइयों तक ले जाना चाहती हैं। उनके परिवार में तीन बेटों में सबसे छोटे विपुलभाई ने बताया कि हमें बनास डेयरी से समय-समय पर उचित मार्गदर्शन मिल रहा है और हम इस क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। वर्ष 2011 में हमारे पास केवल 10 से 12 गाय और भैंस थीं, जिनकी संख्या अब बढ़कर 230 से अधिक हो गई है। वर्तमान में हमारे पास 140 भैंसें, 90 गायें और लगभग 70 छोटे बछड़े हैं। इस वर्ष हम 100 और भैंसें खरीदकर दूध उत्पादन को और बढ़ाना चाहते हैं। साल के अंत तक हम तीन करोड़ से अधिक मूल्य का दूध बेचने की तैयारी कर रहे हैं। मानीबेन के परिवार ने गायों और भैंसों की देखभाल के लिए शेड की व्यवस्था की है। उनके पास बन्नी, महेसाणी और मुर्राह नस्ल की भैंसें हैं, साथ ही एचएफ गायों के अलावा चार देशी कांकरेज नस्ल की गायें भी हैं।
16 परिवारों को मिला रोजगार
मानीबेन के पशुपालन कार्य से आज लगभग 16 परिवार जुड़े हुए हैं। मानीबेन, गाय और भैंसों के दूध दुहने के लिए आधुनिक मशीनों का उपयोग करती हैं। पशुपालन की पूरी प्रक्रिया में परिवार के सदस्य भी सक्रिय रूप से सहयोग करते हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरणा देते हैं। विपुलभाई के अनुसार कि हम तीनों भाई ग्रेजुएट हैं और हम सब इस कार्य में जुड़े हुए हैं। पशुपालन क्षेत्र से आय बढ़ने के कारण अब कई युवा भी इस काम में जुड़ने की प्रेरणा ले रहे हैं। राज्य के कुल 36 लाख से अधिक सदस्यों में 11 लाख से भी अधिक महिलाएं शामिल हैं। बनास डेयरी जैसी बड़ी डेयरियों में जहां प्रतिदिन लगभग 90 लाख लीटर दूध का संकलन होता है। मानीबेन की कहानी को राज्य के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने भी साझा किया है।
अहमदाबाद विमान हादसे के बाद पायलट सभरवाल के पिता का बयान, ‘चुनिंदा लीक’ ने बेटे की इमेज को पहुंचाया नुकसान
18 Sep, 2025 06:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद/मुंबई: गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून को एयर इंडिया के प्लेन क्रैश ने पूरे देश को झकझोर दिया था। अब इस हादसे की जांच को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। फ्लाइट के पायलट कैप्टन सुमित सभरवाल के 91 साल के पिता पुष्कराज सभरवाल ने केंद्र सरकार से औपचारिक और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो की प्रारंभिक रिपोर्ट में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। पिता ने कहा है कि विमान हादसे की रिपोर्ट के चुनिंदा लीक ने बेटे की छवि बिगाड़ी है। इस हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी। अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई एयरपोर्ट से उड़ान भरने के करीब मिनट बाद ही विमान क्रैश हो गया था।
बेटे की छवि को धक्का
पुष्कराज सभरवाल ने नागरिक उड्डयन सचिव और एएआईबी प्रमुख को लिखे अपने पत्र में बताया कि जांच रिपोर्ट के कुछ हिस्से मीडिया में लीक हो गए हैं। इन लीक में यह दावा किया गया कि कैप्टन सुमित मानसिक दबाव में थे और आत्महत्या की सोच रहे थे। पुष्कराज ने इसे पूरी तरह बेबुनियाद बताया. उन्होंने कहा कि ये अटकलें मेरे परिवार के लिए बेहद दुखदायी हैं। पिता ने कहा है कि इससे उनके बेटे की छवि को ठेस पहुंची है। गौरतलब हो कि 12 जून को अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही एयर इंडिया की बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर फ्लाइट के मुख्य पायलट सुमित सभरवाल ही थे। सभरवाल का मानना है कि जांच में कुछ बातें ठीक से नहीं बताई जा रही हैं. इसलिए उन्होंने सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।
रिपोर्ट अधूरी, इधर-उधर की बातें
29 अगस्त को लिखे पत्र में पुष्कराज सभरवाल ने कहा है कि केंद्र सरकार विमान (दुर्घटनाओं और घटनाओं की जांच) नियम, 2017 के नियम 12 के तहत दुर्घटना की औपचारिक जांच कराए। इस पत्र पर अभी तक नागरिक उड्डयन मंत्रालय और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। AAIB ने 12 जुलाई को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी की थी। इसके बाद दुर्घटना के कारणों को लेकर कई तरह की बातें सामने आईं। पुष्करराज ने अपने पत्र में लिखा है कि प्रारंभिक रिपोर्ट में दुर्घटना के बारे में कुछ भी नहीं बताया गया है। इसमें सिर्फ इधर-उधर की बातें की गई हैं। ऐसा लग रहा है कि रिपोर्ट विमान बनाने वाली कंपनी को बचाने की कोशिश कर रही है। यह रिपोर्ट अधूरी, भटकाने वाली और गलत है। प्रारंभिक रिपोर्ट में AAIB ने कहा था कि विमान के दोनों इंजनों को एक सेकंड के भीतर ईंधन की आपूर्ति बंद कर दी गई थी। इससे उड़ान भरने के तुरंत बाद कॉकपिट में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे से पूछता है कि उसने ईंधन क्यों बंद कर दिया। दूसरे पायलट ने जवाब दिया कि उसने ऐसा नहीं किया।
पिता ने खारिज किए कई आरोप
पुष्करराज ने अपने बेटे के मानसिक स्वास्थ्य के बारे में भी कुछ बातें कहीं हैं। उन्होंने कहा कि कुछ रिपोर्टों में यह बताया गया है कि सुमित का तलाक हो गया था। इस वजह से वह परेशान और उदास थे। पिता ने कहा है कि कैप्टन सभरवाल का तलाक 15 साल पहले हुआ था। पिता ने कहा है कि कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि उनकी मां की मौत की वजह से वह आत्महत्या करना चाहते थे। उनकी मां का निधन तीन साल पहले हुआ था। इसके बाद कैप्टन सभरवाल ने बिना किसी दुर्घटना के 100 से ज्यादा उड़ानें भरी थीं। उन्होंने आगे कहा है कि यह ध्यान देने वाली बात है कि 25 साल से ज्यादा के अपने करियर में कैप्टन सभरवाल के साथ कोई भी दुर्घटना नहीं हुई थी। पिता ने कहा है कि मीडिया को कुछ चुनिंदा जानकारी दी जा रही है। इससे उन्हें बहुत परेशानी हो रही है और उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। इसमें उनके दिवंगत बेटे की प्रतिष्ठा का अधिकार भी शामिल है।
25 साल बाद ‘जय-वीरू’ की दोस्ती पर लगी दरार, बेटों की खींचतान ने कहानी को बना दिया इमोशनल
18 Sep, 2025 05:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सूरत: गुजरात के सूरत जिले के वेसु इलाके स्थित शेठ धनजीशा रुस्तमजी उमरीगर मेमोरियल स्कूल में दो छात्रों के बीच किसी बात को लेकर विवाद था। इस विवाद ने तब हिंसक रूप ले लिया, जब कक्षा 11 के छात्र ने अपने सीनियर पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इस हमले के बाद पीड़ित छात्र के अभिभावकों ने अन्य माता-पिता के साथ स्कूल के बाहर धरना दिया और आरोपी छात्र को निष्कासित करने की मांग की। इस बढ़ते विवाद को बढ़ता देख स्कूल के प्रिंसिपल विकास पाठक ने दोनों छात्रों के माता-पिता को बुलाकर बैठक की।
दोस्ती में कैसे बदली दुश्मनी
बैठक में शिक्षा निरीक्षक हिमांशु बारोट भी मौजूद थे। इस बैठक के दौरान पता चला कि दोनों छात्रों के पिता लगभग 25 साल पहले बचपन के दोस्त थे, लेकिन समय के साथ संपर्क टूट गया था। पीड़ित छात्र के पिता ने बताया कि मैं चाहता था कि जिसने मेरे बेटे पर हमला किया, उसे स्कूल से निकाला जाए। लेकिन जब आरोपी छात्र के पिता से परिचय हुआ तो पता चला कि वह मेरा बचपन का मित्र है। इतने सालों बाद उनसे मिलना मेरे लिए भावुक पल था। हमने फैसला किया कि बच्चों के झगड़े को आगे नहीं बढ़ाएंगे। हालांकि दोनों परिवारों ने समझौता कर लिया, लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी भागीरथ सिंह परमार ने कहा कि घटना को गंभीरता से लिया गया है और स्कूल प्रशासन को छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने साफ कहा कि ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच रिपोर्ट मांगी गई है।
कैसे शुरू हुआ था झगड़ा
सूत्रों के मुताबिक, झगड़ा तब शुरू हुआ जब कक्षा 12 के छात्र ने अपने जूनियर को स्कूल परिसर में अन्य छात्रों के सामने चिढ़ाया। इससे नाराज होकर जूनियर ने स्कूल के बाद ऑटो रिक्शा से उसका पीछा किया और रास्ते में रोककर बहस की। इसी दौरान उसने पास के निर्माण स्थल से लोहे की रॉड उठाई और अपने सीनियर पर हमला कर दिया। पीड़ित छात्र को बाद में उसके माता-पिता इलाज के लिए डॉक्टर के पास ले गए।
PM मोदी के जन्मदिन पर भूपेंद्र पटेल ने याद किया पुराना वक़्त, बताया- ‘नो रिपीट थ्योरी’ में विधायक से सीएम तक सफर कैसे हुआ
18 Sep, 2025 05:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: गुजरात में बतौर मुख्यमंत्री चार साल पूरे कर चुके सीएम भूपेंद्र पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर 'मोदी स्टोरी' साझा की है। गुजरात के सीएम ने अपने पहले हिंदी इंटरव्यू में बताया है कि वह कब और कैसे पहली बार पीएम मोदी से मिले थे। गौरतलब हो कि भूपेंद्र पटेल सीएम बनने से पहले अहमदाबाद की घाटलोडिया सीट से विधायक थे। वह गुजरात की राजनीति बिल्कुल भी चर्चित नाम नहीं थे, लेकिन जब बीजेपी ने गुजरात नो रिपीट थ्योरी को लागू किया था तो भूपेंद्र पटेल अंतिम लाइन से सीधे पहली पंक्ति में पहुंचे। वह विधायक से सीधे मुख्यमंत्री बने थे। भूपेंद्र पटेल गुजरात में 17वें सीएम हैं। 65 साल के भूपेंद्र पटेल गुजरात के शक्तिशाली पाटीदार समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।
पीएम नरेंद्र-सीएम भूपेंद्र की पहली मुलाकात
गुजरात में मृदु और मक्कम मुख्यमंत्री कहे जाने वाली भूपेंद्र पटेल ने मोदी स्टोरी में बताया है कि माननीय नरेंद्रभाई से मेरी पहली मुलाकात तब हुई जब मैं स्कूल बोर्ड का वाइस चेयरमैन था। उस समय मोदीजी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। तब मुझे कुछ संशय था कि म्युनिसिपल स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे बहुत गरीब घरों से आते हैं। इसलिए अगर उनके साथ मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को नहीं रखा जाएगा तो ये बच्चे ठीक से नहीं पढ़ पाएंगे। लेकिन मोदीजी ने मुझे कहा कि, कुछ भी करो, पर इन बच्चों की शिक्षा की स्थिति में सुधार लाकर दिखाओ। आज जब पीछे मुड़कर उनकी उस बात को देखता हूं तो एहसास होता है कि देश में परिवर्तन लाने के लिए भी मोदीजी इसी दृष्टिकोण के साथ काम करते हैं।
सीएम बोले-आज भी याद है वो बात
भूपेंद्र पटेल के अनुसार बहुत से लोगों को लगता था कि इस देश में कोई सुधार संभव नहीं है। लेकिन मोदीजी ने देश के सामान्य नागरिकों पर पूरा भरोसा करके काम किया। उन्हें हमेशा विश्वास रहा है कि परिवर्तन संभव है और परिवर्तन अवश्य आएगा। आज हम देख सकते हैं कि देश में सकारात्मकता का वातावरण बना है। 140 करोड़ देशवासी भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की तत्परता से काम कर रहे हैं। मोदीजी की वह बात मुझे आज भी पूरी सकारात्मकता के साथ काम करने की प्रेरणा देती रहती है। गौरतलब हो कि गुजरात के सीएम सामान्य तौर पर गुजराती भाषा में संवाद करते हैं। उन्होंने पहली बार मोदी स्टोरी के लिए हिंदी में बात की है।
अनंत अंबानी के ‘वनतारा’ में पशुओं की विश्वस्तरीय देखभाल पर सुप्रीम कोर्ट SIT ने जताई संतुष्टि, रिपोर्ट में हुआ खुलासा
17 Sep, 2025 05:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस जे. चेलमेश्वर की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट ने विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाई थी। इसे वनतारा की जांच करनी थी। एसआईटी ने कहा कि गुजरात के जामनगर में वनतारा (ग्रीन्स जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर) के संचालन में कानून का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने भी वनतारा को क्लीनचिट दे दी। न्यायमूर्ति पंकज मिथल और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने कहा कि एसआईटी, जिसकी जांच में सभी तरह के आरोप शामिल थे। आरोप थे कि पशुओं का अधिग्रहण, तस्करी, धन शोधन, कल्याण और पालन, संरक्षण और प्रजनन, जलवायु और स्थान संबंधी मुद्दे, और वित्तीय और व्यापारिक अनियमितताएं। पर जांच में कोई गड़बड़ी नहीं मिली।
वनतारा को बताया इंटरनेशनल मानकों वाला
वनतारा ने एक बार फिर साबित किया है कि यह दुनिया के प्रमुख पशु संरक्षण केंद्रों में से एक है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की रिपोर्ट ने पुष्टि की है कि वनतारा के कामकाज न केवल भारतीय, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानकों से भी मेल खाते हैं। आज के समय में जानवरों और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा पर दुनिया भर में ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे समय में वनतारा जैसी पहल भारत को वैश्विक स्तर पर एक सकारात्मक उदाहरण पेश कर रही है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी SIT रिपोर्ट में वनतारा के मॉडल को नैतिक, पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीकों से पशु संरक्षण का नया मानक बताया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ने क्या कहा
पशु कल्याण के मामलों में, सुप्रीम कोर्ट के जज पंकज मित्तल और जज पी.बी. वराले ने SIT की रिपोर्ट के हवाले से कहा कि वनतारा में पशुओं की मृत्यु दर अंतरराष्ट्रीय औसत के अनुरूप है। यहां की देखभाल और प्रबंधन पद्धतियां अंतरराष्ट्रीय मानकों से मेल खाती हैं।
ग्लोबल ह्यूमन सर्टिफिकेट का जिक्र
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि ग्लोबल ह्यूमन जैसी स्वतंत्र संस्थाओं ने साइट निरीक्षण और ऑडिट के बाद वनतारा को ग्लोबल ह्यूमन सर्टिफाइड सील ऑफ अप्रूवल प्रदान किया है। यह मान्यता वनतारा के पशु कल्याण और संरक्षण के उच्च मानकों को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित करती है।
अनंत अंबानी की तारीफ
अनंत अंबानी के नेतृत्व में वनतारा ने सहानुभूति और विज्ञान पर आधारित पशु देखभाल का एक उदाहरण स्थापित किया है। अत्याधुनिक पशु चिकित्सालय, विशेष आहार योजनाएं और प्राकृतिक आवास तैयार करके यहां न केवल जानवरों की जीवन रक्षा की जाती है, बल्कि उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जाता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वनतारा का दृष्टिकोण प्रत्येक जानवर के समग्र विकास और भलाई पर केंद्रित है।
पीएम मोदी के 75वें जन्मदिन पर गुजरात में खास तैयारियां, वडनगर में महापूजा से लेकर सूरत में बंपर डिस्काउंट तक
17 Sep, 2025 04:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के मौके पर गुजरात में हजारों की संख्या में कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। 17 सितंबर, 1950 को मेहसाणा जिले के वडनगर में जन्मे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बर्थडे को बीजेपी सेवा के तौर पर सेलिब्रेट करेगी। अहमदाबाद स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मेगा ब्लड डोनेशन कार्यक्रम रखा गया है। इस कार्यक्रम अखिल भारतीय तेरपंथ युवक परिषद ने किया है तो वहीं गुजरात के तमाम बड़े महानगरों में कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। सौराष्ट्र के केंद्र राजकोट में रंगोली प्रतियोगताएं रखी गई हैं तो वहीं वडोदरा में 'नमो युवा रन' का आयोजन किया गया है तो वहीं सूरत में कई कार्यक्रम रखे गए हैं। अहमदाबाद में नमोत्सव का मेगा इवेंट सोनेरिया ब्लॉक ग्राउंड, सरसपुर बापूनगर में रखा गया है। यह कार्यक्रम शाम 7 बजे शुरू होगा। इसमें 150 कलाकार शिरकत करेंगे।
वडनगर में महापूजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मस्थान वडनगर में एक महापूजा रखी गई है। यह पूजा हाटकेश्वर मंदिर पर होगी। इसमें 3000 सीनियर सिटीजन भाग लेंगे। जो हवन में विशेष आहुति देने के बाद पीएम मोदी की दीर्घायु का कामना करेंगे। यह कार्यक्रम पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने रखा है। वह 3000 सीनियर सिटीजन को अंबाजी दर्शन कराने के लिए बस से लेकर वडनगर जाएंगे। इसके बाद वहां पूजा होगी। पूर्णेश मोदी ने पीएम मोदी के 75वें जन्मदिन पर 3000 से अधिक बुजुर्गों को अंबाजी दर्शन कराने का संकल्प लिया था। वडनगर में पीएम मोदी के शुरुआती स्कूल को प्रेरणा संकुल में विकसित किया गया है। जहां पर पूरे देशभर से चुनिंदा बच्चे सालभर आते हैं।
2 अक्तूबर तक सेवा पखवाड़ा
गुजरात बीजेपी के मीडिया कंवीनर यग्नेश दवे के अनुसार बीजेपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को सेवा करने के तौर मना रही है। इसके तहत ब्लड डोनेशन कार्यक्रम रखेंगे। कही शहरों में स्वच्छता के कार्यक्रम हैं। इनमें पार्टी के नेता शिरकत करेंगे। इतना ही नहीं 1.5 बच्चों और महिलाओं को सुपोषण किट भी बांटी जाएंगी। इसके अलावा नमोत्सव (संगीतमय प्रस्तुति), पुस्तिका बेचने और वृक्षारोपण के कार्यक्रम रखे गए हैं। दवे के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन यह सेवा पखवाड़ा शुरू होगा जो 2 अक्टूबर तक चलेगा। 2 अक्टूबर को पूज्य बापू महात्मा गांधी का जन्मदिन है। उससे पहले 25 सितंबर को दीनदयाल उपाध्याय का जन्मदिन है। ऐसे में कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी रहेगी।
किरण मोरे की मौजूदगी में युवा रन
वडोदरा में बीजेपी युवा मोर्चा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर खेलो इंडिया के तहत नमो युवा रन का आयोजन किया है। इस कार्यक्रम में पूर्व क्रिकेटर किरण मोरे भी शिरकत करेंगे। मंगलवार को बीजेपी शहर अध्यक्ष जयप्रकाश सोनी ने कहा कि इस दौड़ में लोगों से बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि नमो युवा रन लोगों को फिट इंडिया मुहिम से जोड़ेगी। जो प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी पहल है। बीजेपी के दफ्तर में इस मौके पर नमो युवा रन के लिए एक विशेष टी-शर्ट को भी लांच किया गया।
सूरत में मिलेगा बंपर डिस्काउंट
गुजरात की डायमंड सिटी सूरत में व्यापारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को अनूठे तरीके से मनाने का फैसला किया है। सूरत में 2000 से अधिक दुकानदारों ने 10 से 50 फीसदी तक डिस्काउंट देने का ऐलान किया है। इनमें कपड़ों के साथ रेस्टोरेंट और राेज की जरूर वाली चीजों से जुड़ी दुकानें शामिल हैं। इतना ही नहीं सूरत के कई डॉक्टर ने नि:शुल्क उपचार का ऐलान किया। इस मुहिम में कुछ गाइनकोलॉजिस्ट भी जुड़े हैं। उन्होंने इस दिन होने वाली डिलीवरी को नि:शुल्क रखने का ऐलान किया है।
12 सितंबर बना PM मोदी और समर्थकों के लिए यादगार दिन; जन्मदिन से पहले मिली ऐतिहासिक उपलब्धि की सौगात, गूंजा जश्न का माहौल
13 Sep, 2025 06:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र अपने 75वें जन्मदिन से ठीक पहले पांच राज्यों की यात्रा पर निकले हैं। वह अपने तीन दिवसीय दौरे में मिजोरम, मणिपुर,असम, बंगाल और फिर बिहार जाएंगे। पीएम मोदी ने दौरे के पहले पड़ाव में मिजोरम को 78 साल बाद रेलवे लाइन से जोड़कर किया है। इतना ही नहीं उनके दौरे हिंसाग्रस्त मणिपुर में शांति और भराेसे की बहाली की उम्मीद की जा रही है। अगर ऐसा हुआ तो पीएम मोदी के लिए 13 सितंबर की तारीख और भी अहम हो जाएगी। क्योंकि पीएम मोदी मणिपुर दौरे से पहले चार सितंबर को कुकी उग्रवादी समूहों के साथ संघर्ष विराम समझौते पर हस्ताक्षर करके बड़ी सफलता हासिल की और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद मणिपुर पहुंचकर विकास की सौगात देंगे। पीएम मोदी अपने 17 सितंबर के जन्मदिन से पहले 15 सितंबर को यह दौरा पूरा करके लौटेंगे।
PM मोदी से जुड़ी अहम तारीखें
पीएम मोदी के अपनी जिंदगी में कुछ तारीखों का बड़ा महत्व है। 17 सितंबर को वडनगर में जन्मे पीएम मोदी पहली बार 7 अक्तूबर को सीएम बने थे। इसके बाद उन्होंने तीन बार 22 दिसंबर, 23 दिसंबर और 20 दिसंबर को फिर से राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। जब वह पहली बार पीएम बने तो उन्होंने 26 मई को 2014 को शपथ ग्रहण की थी। वह कुल मिलाकर 2001 से 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। इस सब से इतर 12 सितंबर, 2013 को पीएम मोदी को बीजेपी को प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित किया गया था। 13 सितंबर को देश और दुनियाभर के सुर्खियों में पीएम मोदी थे। पीएम मोदी के समर्थकों और उनको चाहने वालों को जन्मदिन से ठीक तीन दिन पहले यह गुड न्यूज मिली थी।
दिसंबर मेंपूरे होंगे 24 साल
ऐसे में जब पीएम मोदी बतौर पीएम 11 वर्ष पूरे करने के बाद 75वां जन्मदिन मनाने जा रहे हैं तब गुजरात उनके जन्मदिन को बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी की जा रही है। बड़े शहरों में नमोत्सव कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है तो वहीं उनके जन्मदिन पर सेवा के तमाम कार्यक्रमों की रुपरेखा बनाई गई है। पीएम मोदी के जन्मदिन पर अहमदाबाद महानगरपालिका के तमाम अस्पतालों में नि:शुल्क जांच का ऐलान किया गया है। पीएम मोदी 20 सितंबर को गुजरात के दौरे पर आएंगे। पीएम मोदी इस साल दिसंबर में संवैधानिक पद रहने के 24 साल पूरे करेंगे।
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