गुजरात
75वें जन्मदिन से पहले पीएम मोदी का गुजरात दौरा बीजेपी कार्यकर्ताओं के लिए बना उत्सव जैसा माहौल
25 Aug, 2025 01:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 75वें जन्मदिन से पहले आज शाम को गुजरात के दौरे पर पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले अहमदाबाद में प्लेन क्रैश के घटना स्थल को देखने पहुंचे थे। इससे पहले वह जब ऑपरेशन सिंदूर के बाद गुजरात आए थे। तब उनका वडोदरा, अहमदाबाद, दाहाेद और भुज में जबरदस्त स्वागत किया गया था। इस बार भी पीएम मोदी के अपनी जन्मभूमि पहुंचने पर भव्य स्वागत किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उपराष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले हो रहे इस दौरे को काफी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पीएम मोदी गुजरात में चल रहे विकास कार्यों की रिपोर्ट और प्रगति का ब्योरा भी ले सकते हैं।
निकाेल के कार्यक्रम में देंगे सौगातें
पीएम मोदी आज शाम छह बजे से कुछ पहले अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। इसके बाद एयरपोर्ट से पीएम मोदी का एक रोड शो शुरू होगा। यह तीन किलोमीटर लंबा रोड शो होगा। जो खोडलधाम के ग्राउंड तक जाएगा। पीएम मोदी इसी कार्यक्रम में राजस्व, ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल्स विभाग के 1218 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की भेंट देंगे। निकोल में होने वाले इस कार्यक्रम में 1 लाख लोग मौजूद रहेंगे। पीएम मोदी अहमदाबाद, मेहसाणा और गांधीनगर में विद्युत वितरण से जुड़ी 1122 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। इससे 4.25 लाख उपभोक्ताओं को होगा लाभ होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 96 करोड़ रुपए के खर्च से आकार लेने वाले राजस्व विभाग के दो अत्याधुनिक भवनों का शिलान्यास करेंगे।
राजभवन में रुकेंगे पीएम मोदी
इस कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी राज भवन जाएंगे। इसके बाद का टाइम रिजर्व रखा गया है। इस दौरान पीएम मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री और तमाम विशिष्ट लोगों से मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 25-26 अगस्त के दौरे में 5,400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्धघाटन एवं लोकार्पण करेंगे। पीएम मोदी अपने दौरे में अहमदाबाद के हंसलपुर में 100 से अधिक देशों में निर्यात के लिए सुजुकी के पहले वैश्विक बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन ई विटारा को हरी झंडी दिखाएंगे। पीएम मोदी के टीडीएस लिथियम-आयन बैटरी प्लांट में हाइब्रिड इलेक्ट्रोड के स्थानीय उत्पादन का उद्घाटन करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस का जिक्र करते हुए अमित शाह का खुलासा– मेरी जमानत याचिका पर दो साल तक नहीं हुआ था फैसला
25 Aug, 2025 01:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद/नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उस दावे का खंडन किया है। जिसमें यह कहा गया है कि जस्टिस आफताब आलम के उनके आवास पर हस्ताक्षर लेने के लिए पहुंचे थे। अमित शाह ने एक इंटरव्यू में कहा है कि आफताब आलम की कृपा से मेरी जमानत याचिका 2 साल तक चली। आमतौर पर यह ज्यादा से ज्यादा जमानत याचिका 11 दिन तक चलती है। एएनआई को दिए इंटरव्यू में जब शाह से पूछा गया कि क्या जस्टिस घर पर दस्तखत लेने आए थे, तो शाह ने कहा कि नहीं, ऐसा नहीं हुआ। आफताब आलम मेरे घर कभी नहीं आए। उन्होंने रविवार को एक विशेष अदालत लगाई और मेरी जमानत याचिका पर सुनवाई की। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री होने के नाते अमित शाह सबूतों को प्रभावित करेंगे। इसलिए मेरे वकील ने कहा कि अगर आपको यही डर है, तो जमानत याचिका पर फैसला होने तक हमारे मुवक्किल गुजरात से बाहर रहेंगे।
किसी की बेल एप्लीकेशन दो साल नहीं चली
अमित शाह ने कहा कि मैं दो साल बाहर रहा क्योंकि भारत के इतिहास में किसी की जमानत याचिका कभी दो साल तक नहीं चली। आफताब आलम की कृपा से मेरी जमानत याचिका 2 साल तक चली। ज्यादा से ज्यादा जमानत याचिका 11 दिन तक चलती है। अभी देश के गृह मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे अमित शाह को 25 जुलाई, 2010 को अरेस्ट किया गया था। इसके बाद उन्हें 14 दिन क न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। अमित शाह ने गिरफ्तारी से पहले गुजरात के गृह राज्य मंत्री का पद छोड़ दिया था। करीब तीन महीने बाद अमित शाह को 21 अक्तूबर, 2010 को जमानत मिल गई थी, लेकिन इसके बाद सितंबर, 2012 तक गुजरात से दूर रहने को कह दिया गया था। गुजरात की भाषा में तड़ीपार कर दिया गया था।
क्यों गिरफ्तार हुए थे अमित शाह?
26 नवंबर, 2005 को गुजरात के अहमदबाद में गैंगस्टर सोहराबुद्दीन का एनकाउंटर हुआ था। सोहराबुद्दीन को पहले आतंकी बताया गया था। बाद में वह गैंगस्टर निकला था। पुलिस के एनकाउंटर पर सवाल खड़े हुए थे। इस एनकाउंटर में सोहराबुद्दीन की पत्नी को मार दिया गया था। इस मामले में अमित शाह को आरोपी बनाया गया था। इसके बाद 25 जुलाई 2010 को अमित यााह की गिरफ्तार किया गया था। 15 साल पुराना यह मामला इसलिए चर्चा में आ गया है क्यों अमित शाह ने 130वां संविधान संशोधन संसद में रखा है। इसमें प्रावधान है कि गिरफ्तारी के अगले तीस दिन अगर मुख्यमंत्री और मंत्री को बेल नही मिलती है तो उसे अपने पद से इस्तीफा देना पड़ेगा। इस संशोधन को लेकर विपक्ष अमित शाह पर हमलावर है। उसका कहना है कि सरकार यह बिल विपक्ष की सरकारों को टारगेट करने के लिए ला रही है।
कौन हैं आफताब आलम?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जिन पूर्व जस्टिस आफताब आलम का जिक्र किया है। वे बिहार के पटना के रहने वाले हैं। 19 अप्रैल, 1948 को जन्में आफताब आलम 27 जुलाई, 1990 को पटना हाईकोर्ट में जस्टिस बने थे। इसके बाद उनका ट्रांसफर जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट हुआ। वह वहां पर कुछ समय तक कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश भी रहे। इसके बाद वह सुप्रीम कोर्ट आए। उन्होंने 11 नवंबर, 2007 को कार्यभार ग्रहण किया और फिर 18 अप्रैल, 2013 को रिटायर हुए थे। इस कार्यकाल के दौरान आफताब आलम गुजरात से जुड़े मामलों की सुनवाई की थी। रिटायरमेंट के बाद 1 जुलाई, 2013 को केंद्र सरकार ने जस्टिस आफताब अहमब को टेलीकॉम डिस्प्यूट्स सेटलमेंट एंड अपीलेट ट्रिब्यूनल (TDSAT) का चेयरमैन बना दिया था। जस्टिस आफताब आलम पर कम्युनल माइंडसेट रखने का आरोप भी लगा था। तब गुजरात हाईकोर्ट के पूर्व जज एस एम सोनी ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर कहा था कि जस्टिस आफताब आलम को गुजरात के मामलों से हटाया जाए। उन्होंने यह पत्र जुलाई 2012 में लिखा था।
केस में सामने आया था अजीब संयोग
2010 में आफताब आलम जिस बेंच में थे। उसी ने यह आदेश दिया था कि सोहराबुद्दीन शेख फर्जी एनकाउंटर की जांच सीबीआई करे।आमल ने जस्टिस तरुण चटर्जी के साथ यह आदेश सोहराबुद्दीन के भाई रुबादुद्दीन की याचिका पर दिया था। इसे संयोग कहें, नियति कहें या सुप्रीम कोर्ट में दिवाली की छुट्टियों के कारण जजों की अनुपलब्धता थी। तब अमित शाह की जमानत रद्द करने की सीबीआई की अपील की सुनवाई उसी बेंच के सामने आ गई जो सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ मामले की सीबीआई जांच की निगरानी कर रही है। जस्टिस आफताब आलम और आर एम लोढ़ा की बेंच ने जांच की निगरानी की थी।
वीजा पाने के लिए अमेरिका में कराई नकली डकैतियां, गुजरात के शख्स को 20 महीने की जेल, सजा पूरी होने के बाद होगा डिपोर्ट
25 Aug, 2025 01:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: गुजरात से बड़ी संख्या में लोग अमेरिका और कनाडा जाते हैं लेकिन उत्तर गुजरात के रहने वाले राम भाई पटेल ने अमेरिका में वीजा दिलाने के नकली डकैतियां डाली। इससे राम भाई पटेल ने 850,000 डॉलर यानी सात करोड़ रुपये की रकम भी कमाई लेकिन एक के बाद एक डकैतियों और फिर एक पीड़ित दुकानदारों द्वारा स्पेशल कैटेगरी के वीजा के लिए आवेदन होने पर अमेरिका की फेडरल एजेंसी को शक हुआ। जांच हुई तो राम भाई पटेल का भांडा फूट गया, फिलहाल राम भाई पटेल को अमेरिकी कोर्ट ने 20 महीने सजा सुनवाई। इस बड़े वीजा घोटाले का खुलासा होने के बाद राम पटेल के ऊपर भारत डिपोर्ट किए जाने का खतरा भी खड़ा हो गया है।
20 महीने आठ दिन की सजा
टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार गुजरात के उत्तर क्षेत्र से आने वाले राम भाई पटेल (38) ने 18 फर्जी सशस्त्र डकैतियों को अंजाम दिया। इन डकैतियों की साजिश रचने के आरोप में 20 महीने की अमेरिकी जेल की सजा सुनाई गई है। आरोप हैं कि पटेल और उसके साथी बलविंदर सिंह ने दुकानों में डकैती की और क्लर्कों को यू-वीजा के लिए धोखाधड़ी से आवेदन करने में मदद की। ऐसी संभावना है कि पटेल को सजा पूरी करने के बाद भारत प्रत्यर्पित कर दिया जाएगा। अमेरिकी न्याय विभाग ने कुल 20 महीने और आठ दिन की संघीय जेल की सजा सुनाई गई है।
राम पटेल ने जांच में कबूला अपराध
न्यूयॉर्क में रहने वाले एक अवैध अप्रवासी राम पटेल ने मई 2025 में अपना अपराध स्वीकार किया। 20 अगस्त को उसे सजा सुनाई गई। एक अधिकारिक बयान में कहा गया है कि मार्च 2023 से पटेल और उसके सह-साजिशकर्ता पंजाब निवासी बलविंदर सिंह ने मैसाचुसेट्स में कम से कम पांच सहित पूरे अमेरिका में कम से कम 18 सुविधा/शराब की दुकानों और फास्ट-फूड रेस्टोरेंट में सशस्त्र डकैती की और उन्हें अंजाम दिया। इन फर्जी डकैतियों का उद्देश्य स्टोर के कर्मचारियों को यू-गैर-आप्रवासी स्थिति (यू-वीजा) के लिए अपने आवेदनों पर यह दावा करने का मौका देना था कि वे हिंसक अपराधों के शिकार थे।
क्या है यू वीजा?
यू वीजा उन कुछ अपराधों के पीड़ितों को उपलब्ध होता है जिन्होंने मानसिक या शारीरिक शोषण झेला हो और जो आपराधिक गतिविधि की जांच या अभियोजन में कानून प्रवर्तन के लिए मददगार रहे हों। बनावटी डकैतियों के दौरान एक नकली लुटेरा नकदी लेकर भागने से पहले दुकान के कर्मचारियों को बंदूक जैसी दिखने वाली किसी चीज से धमकाता था। यह घटना और पूरी बातचीत निगरानी कैमरों में कैद हो जाती थी। पीड़ितों ने बनावटी सशस्त्र डकैतियों में भाग लेने के लिए पटेल को 20,000 डॉलर तक का भुगतान किया। इसके बाद पटेल ने दुकान मालिकों को अपनी दुकानों का इस्तेमाल इस बनावटी अपराध के लिए करने की अनुमति देने के लिए भुगतान किया।
दिल्ली पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा, तहसीन सैय्यद पर लगा रेखा गुप्ता की हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप
25 Aug, 2025 01:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले में बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि उनके ऊपर चाकू से वार करने की तैयारी थी। इतना ही नहीं इस हमले को बकायदा प्लान किया गया था। इसमें सिर्फ राजेश खिमजी नहीं बल्कि और लोग भी शामिल हैं। पुलिस ने हमलावर आरोपी राजेश भाई खिमजी भाई साकारिया के करीबी सहयोगी तहसीन सैयद को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि तहसीन सैयद ने ही रेखा गुप्ता पर हमले की साजिश रची थी। तहसीन को गुजरात के राजकोट से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने तहसीन सैयद पर आपराधिक साजिश और हत्या के प्रयास में मदद करने के आरोप लगाया है। सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस की टीम गुजरात से तहसीन को गिरप्तार करके दिल्ली ले गई है। पुलिस ने बताया कि तहसीन ने राजेश के साथ मिलकर रेखा गुप्ता की हत्या की योजना बनाई थी।
तहसीन के संपर्क में था राजेश
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान जब राजेश खिमजी का मोबाइल रेकॉर्ड खंगाला गया और उसकी दिनचर्चा खंगाली गई तो पता चला कि राजेश खिमजी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला करने से पहले के दिनों में लगातार तहसीन के संपर्क में था। तहसीन ने राजेश के खाते में 2,000 रुपये भी ट्रांसफर किए थे। माना जा रहा है कि यह पैसा हमले को अंजाम देने के लिए आर्थिक मदद के तौर पर दिया गया था।
आपराधिक प्रवृत्ति का है राजेश खिमजी
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता पर हमला 20 अगस्त को हुआ था। वह सिविल लाइंस स्थित अपने आवास पर उनकी साप्ताहिक 'जन सुनवाई' कर रही थीं। राजेश खिमजी पकड़े जाने से पहले राजकोट में एक ऑटो-रिक्शा चालक था। उसके ऊपर पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह रेखा गुप्ता पर हमले से पहले सुप्रीम कोर्ट परिसर भी गया था। आरोप है कि शायद वह वहां हमला करना चाहता था। लेकिन, भारी सुरक्षा देखकर, उसने अपना इरादा बदल दिया और वह रेखा गुप्ता के शालीमार बाग स्थित आवास पर गया।
चाकू तलाश रही पुलिस
दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि राजेश ने रेखा गुप्ता पर चाकू से हमला करने का प्लान बनाया था। कड़ी सुरक्षा देखकर, उसने सिविल लाइंस इलाके में चाकू फेंक दिया और फिर उसके बाद मुख्यमंत्री के आवास परिसर पहुंचा। पुलिस टीमें चाकू की तलाश कर रही हैं। यह चाकू एक महत्वपूर्ण सबूत साबित हो सकता है। तहसीन की गिरफ्तारी को अधिकारी अब पूर्व नियोजित और समन्वित साजिश बता रहे हैं।
बड़ी साजिश हो सकती है हमला
पुलिस ने बताया कि राजेश खिमजी और तहसीन सैयद से पूछताछ जारी है। पुलिस ने कहा कि इस हमले में एक बड़ा नेटवर्क शामिल हो सकता है। दिल्ली और राजकोट दोनों जगहों पर कई लोग जांच के दायरे में हैं। यह मामला बड़ी साजिश हो सकता है।
शशि मिश्रा
जेब में चाकू, चेहरों पर गुस्सा: स्कूलों में खून क्यों बहा रहे हैं बच्चे?
23 Aug, 2025 03:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: बच्चों को जिस उम्र में पढ़ाई करनी चाहिए, उस उम्र में उनके हाथ से खून से सन रहे हैं। गुजरात के अहमदाबाद में 10वीं कक्षा के छात्र की हत्या ने एक बार फिर झकझोर कर रख दिया है। अहमदाबाद के सेवेंथ स्कूल की घटी घटना कई मायनों में चिंताजनक है, क्योंकि यह घटना जिस स्कूल में घटी वह कुछ साल पहले तक अहमदाबाद के अच्छे स्कूलों में शुमार था। आईसीएसई बोर्ड के अंग्रेजी माध्यम वाले स्कूल में 13 साल के छात्र ने न सिर्फ 15 साल के विद्यार्थी पर चाकू पर हमला किया, बल्कि उसे छात्र की मौत पर भी कोई अफसाेस भी नहीं हुआ। उसकी हिंसक प्रवृत्ति का खुलासा दोस्त के साथ चैट में हुआ है। एक्सपर्ट का कहना है कि घटना के बाद भी कोई पश्चाताप नहीं होना, यह छोटी बात नहीं है।
यह घटना चिंताजनक नहीं अलॉर्म है
अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त जी एस मलिक ने इस सनसनीखेज घटना की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी है। पुलिस ने आरोपी छात्र के साथ उसे चाकू देने वाले शख्स को कुछ और लोगों को हिरासत में लिया है। चूंकि चाकू मारने वाले छात्र की आयु 13 वर्ष के करीब है। ऐसे में पुलिस के हाथ भी बंधे हुए हैं। गुजरात पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी इस घटना पर चिंता जताते हुए कहते हैं कि यह सिर्फ एक घटना नहीं है। 18 साल से कम उम्र के किशाेर अपराध में लिप्त हैं। वे मारपीट, चेन स्नैचिंग, रेप जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। इन अपराधों की रोकने की जितनी जिम्मेदारी पुलिस की है। उससे ज्यादा परिवारों की भी है। अहमदाबाद के सेवेंथ डे स्कूल की घटना की जांच में सामने आया है कि चाकू मारने वाले छात्र की पहले भी शिकायतें सामने आई थीं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से वह बेखौफ हो गया।
परिवार नहीं झाड़ सकता पल्ला
अहमदाबाद की घटना ने दो परिवारों का जहां तबाह कर दिया है तो वहीं लाखों परिजनों को सहमा दिया है कि स्कूल से उनका बच्चा सुरक्षित लौटेगा या फिर नहीं। राज्य सरकार ने अपने स्तर पर कोई बड़ा निर्देश जारी नहीं किया है लेकिन सूरत समेत कुछ शहरों के डीईओ ने छात्रों के बैग की सरप्राइज चेकिंग का आदेश दिया है। अहमदाबाद के जिस सेवेंथ डे स्कूल में यह घटना घटी। वह केरल के क्रिश्चियनों द्वारा संचालित निजी स्कूल है। आईसीएसई बोर्ड के स्कूल में बहुत सामान्य घरों के बच्चे नहीं पढ़ते हैं। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि बच्चे ने मामूली सी बात पर 10वीं के छात्र को चाकू क्याें मार दिया। उसका परिवार आखिर क्या कर रहा था? धक्का-मुक्की जैसी मामूली बात पर उनके बेटे ने दूसरे छात्र की जान ले ली। वे कोई भी तर्क दें लेकिन परिवार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता है। मनोवैज्ञानिक मान रहे हैं कि जरूर छात्र गलत संगत में रहा होगा, या फिर वह हिंसक कंटेंट को देख रहा होगा।
स्कूल से कहां पर हुई चूक?
10वीं के छात्र की हत्या के बाद सेवेंथ डे स्कूल कठघरे में है। सवाल खड़ा हो रहा है कि जब पिछले एक साल में इस छात्र की कंप्लेन आई थीं तो स्कूल ने कड़ा एक्शन क्यों नहीं लिया? जांच में यह भी खुलासा हुआ है। पिछले कुछ सालों में इस स्कूल में अनुशासन टूट गया था, यही वजह थी कि स्कूल आईसीएसई के परिणामों में नीचे की तरफ खिसक गया था। जब यह सर्वविदित है कि बच्चों में इमोशनल ट्रॉमा, स्ट्रेस बढ़ने के साथ उनकी मानसिक स्थितियां तेजी से बदल रही हैं तो फिर स्कूल ने क्यों घटना का क्यों इंतजार किया। बच्चे ने बेहद छोटी से बात पर चाकू मार दिया। चिंताजनक पहलू यह है कि जब उसे उसके दोस्त बताया कि वह मर गया तो उसे तब भी अफसोस और सॉरी फील नहीं किया। इसका मतलब है कि उसने मारने के उद्देश्य से ही हमला किया था।
मेंटालिटी चेंज होना बड़ी चुनौती
अहमदाबाद के वरिष्ठ मनोचिकित्सक हंसल भाचेच कहते हैं कि हिंसक होने की प्रवृत्ति और फिर अफसोस नहीं होने की बड़ी वजह मेंटालिटी चेंज है। अपराध करने के बाद लोग खुद को जस्टीफाई करते हैं। ऐसे करने से अफसोस की संभावना खत्म हो जाती है। ऐसा ड्रिंक एंड ड्राइव, हिट एंन रन और छोटी बात पर हत्या और हत्या की कोशिश जैसी घटनाओं में खूब देखने को मिल रहा है। भाचेच कहते हैं दूसरी बड़ी वजह है कि ये देखकर सीख रहे हैं। एक परसेप्शन है कि कुछ भी करेंगे और बच कर निकल जाएंगे। तीसरी चीज है कि टॉलरेंस बिल्कुल खत्म हो चुका है। छोटे से प्रोवोकेशन को बर्दाश्त और गलती को सहन नहीं कर रहे हैं। इन चीजों ने किशोरों में पनपी हिंसक प्रवृत्ति को अलॉर्मिंग स्टेज में पहुंचा दिया है।
डॉग लव में हुआ टकराव, अहमदाबाद की घटना ने पालतू प्रेमियों को सोचने पर मजबूर किया
22 Aug, 2025 12:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में तमाम आवारा कुत्तों को शेल्टर होम भेजने का निर्देश दिया है। इसके बाद देशभर में डॉग लवर्स अपने हिसाब से विरोध जता रहे हैं। इसमें तमाम सेलिब्रेटी भी शामिल हैं, लेकिन इस सब के बीच गुजरात के अहमदाबाद में एक अनूठी घटना सामने आई है। जिसने दो पेट ओनर के डॉग लवर होने पर सवाल खड़े कर दिए हैं। झगड़े के बाद दोनों डॉग मालिकों ने एक दूसरे के खिलाफ थाने में मारपीट की शिकायत दर्ज कराई है। जब कुत्तों को लेकर झगड़ा थाने पहुंचा तो पुलिसकर्मियों ने भी सिर पकड़ लिया।
कुत्तों के मिलने पर हुई मारपीट
जानकारी के अनुसार अहमदाबाद इसनपुर में दो लोग अपने डॉग के साथ सैर पर निकले थे। एक का पालतू कुत्ता दूसरे के कुत्ते से मिलने गया, जिससे पड़ोसियों के बीच झगड़ा हो गया। दोनों मालिकों ने एक-दूसरे के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार डॉग मेल और फीमेल हैं। उनके बीच नैचुरल संवाद हुआ। जो दोनों के मालिकों को नागवार गुजरा। पुलिस के अनुसार दो अलग-अलग पालतू कुत्तों और एक कुत्ते के बीच उस समय झगड़ा हो गया जब वे आपस में मस्ती कर रहे थे। दोनों पक्षों के बीच मारपीट के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।
तुम अपने कुत्ते को पास क्यों लाए
जानकारी के अनुसार रामवाड़ी टेकरो सेक्टर-1 निवासी रोहित खेत्रिया सोमवार रात करीब 10 बजे अपने जर्मन शेफर्ड कुत्ते के साथ खेलने निकले थे। उनके पड़ोस में रहने वाले आकाश परमार अपने कुत्ते को लेकर आए। इसी बीच उनके कुत्ते और रोहित के कुत्ते के बीच मस्ती होने लगी। यह देखकर आकाश को गुस्सा आ गया और उसने रोहित को पीटना शुरू कर दिया। उसने बोला कि तुम अपने कुत्ते को मेरे कुत्ते के पास क्यों लाए? आकाश ने रोहित से कहा कि अपने कुत्ते को बांध दो। इस पर रोहित गुस्सा हो गया और उसे गालियां देते हुए पीटने लगा। आवारा कुत्तों को शेल्टर होम भेजने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के जहां देश भर के डॉग लवर्स विरोध जता रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर यह घटना चर्चा का विषय बन गई है।
रेखा गुप्ता पर हमला: राजेश साकरिया की गिरफ्तारी के बाद अब राजकोट से एक और शख्स पकड़ाया
22 Aug, 2025 12:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद/नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमले के मामले में पुलिस ने एक और व्यक्ति को हिरासत में लिया है। यह मुख्यमंत्री को थप्पड़ मारने वाले राजेश साकरिया का दोस्त बताया जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने आरोपी राजेश के एक दोस्त को राजकोट से हिरासत में लिया है। सामने आया है कि उसने कथित तौर पर राजेश को पैसे ट्रांसफर किए थे। दिल्ली पुलिस उन 10 लोगों पर नजर रख रही है जो कॉल और चैट के जरिए आरोपी के संपर्क में थे। गुजरात के राजकोट निवासी राजेश भाई खीमजीभाई साकरिया (41) शिकायतकर्ता बनकर मुख्यमंत्री के आवास पर गया था और फिर मुख्यमंत्री पर हमला किया था। उसके परिवार ने राजेश साकरिया को डॉग लवर बताया था। दिल्ली पुलिस-गुजरात पुलिस के सहयोग से राजेश साकरिया की पूरी कुंडली खंगाल रही है।
आज शाम दिल्ली पहुंचेगा संदिग्ध
एक संदिग्ध को आज शाम तक दिल्ली लाया जाएगा। दिल्ली पुलिस की एक टीम राजकोट में उन 5 अन्य लोगों के बयान दर्ज करेगी जिनका डेटा आरोपी के मोबाइल से लिया गया है। दिल्ली पुलिस आरोपी राजेश के कई दोस्तों और रिश्तेदारों से पूछताछ करके उसके बयानों की पुष्टि कर रही है। उनमें से एक ऑटो चालक है और उसने कथित तौर पर राजेश को पैसे ट्रांसफर किए थे। गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला होने के बाद गृह मंत्रालय ने सतीश गोलचा को नया दिल्ली पुलिस आयुक्त नियुक्त किया है। वह एसबीके सिंह की जगह लेंगे। उन्हें 1 अगस्त को दिल्ली का कार्यवाहक पुलिस आयुक्त बनाया गया था। उधर, कोर्ट से पांच दिन की रिमांड मिलने के बाद हमलावर राजेश साकरिया को सिविल लाइंस थाने में रखा गया है। पुलिस वहीं पर पूछताछ कर रही है।
सीएम को दी गई Z श्रेणी की सुरक्षा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की हमले के बाद सुरक्षा बढ़ाई गई है। केंद्र सरकार ने मुख्यमंत्री को Z कैटेगरी की CRPF की सुरक्षा प्रदान की है। इतना ही नहीं जनसुनवाई के दौरान सुरक्षा अब नए सिरे से होगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मुख्यमंत्री के कोई नजदीक न जाए पाए। इतना ही नहीं जनसुनवाई में पहले शिकायत को वेरिफाई किया जाएगा। रेखा गुप्ता जब बाहर निकलेंगी तो उनके साथ जो सुरक्षा हैं, उसमें कोई बदलाव नहीं होगा।
गुजरात में मंत्री बदलेंगे या विभाग? मोदी के दौरे से पहले गहराई सियासी सुगबुगाहट
22 Aug, 2025 12:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: छत्तीसगढ़ के बाद गाेवा में मुख्यमंत्री प्रमोद सांवत के मंत्रिमंडल के फेरबदल के साथ आगे उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल में फेरबदल को हरी झंडी मिलने की चर्चा है। दो राज्यों में बदलाव होने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में भी फेरबदल की संभावना बढ़ गई है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पीएम मोदी के 25-26 अगस्त के दौरे के बाद तस्वीर साफ हो सकती है। पीएम नरेंद्र मोदी अगले हफ्ते अहमदाबाद में अहमदाबाद के निकाेल में एक साथ तमाम सौगातें देने के लिए आ रहे है। उनके दौरे की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। वह प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लाभार्थियों को घरों की चाबी सौंपेंगे। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि लंबे समय से मंत्री बनने की उम्मीद लगाए बैठे विधायकों का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है।
गुजरात में लंबे समय है बदलाव की चर्चा
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 2022 के चुनावों में प्रचंड वापसी करने के बाद 12 दिसंबर को दोबारा शपथ ली थी। तब उनकी दूसरी टीम में तीन पाटीदार और 6 नए चेहरों को जगह मिली थी। तब से गुजरात के मंत्रिमंडल में कोई फेरबदल नहीं हुआ है। भूपेंद्र पटेल के मौजूदा मंत्रिमंडल में तीन पाटीदार, सात ओबीसी, दो अनुसूचित जाति और एक-एक मंत्री ब्राह्मण, जैन, राजपूत समुदाय से हैं। गुजरात के मंत्रिमंडल में कुल 16 मंत्री हैं। इनमें 8 कैबिनेट, दो स्वतंत्र प्रभार और 6 राज्य मंत्री हैं। राजनीतिक प्रेक्षकों का कहना है कि जिस तरह से बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने दूसरे राज्यों में मंत्रीमंडल में बदलाव को हरी झंडी दी है। उससे यह उम्मीद जगी है कि बीजेपी स्थानीय निकाय के चुनावों को देखते हुए मंत्रिमंडल में नए समीकरण साध सकती है।
बीजेपी के विधायकों की बढ़ी हैं संख्या
बीजेपी ने 2022 के चुनावों में 182 में 156 सीटें जीती थीं, लेकिन अब यह संख्या 162 पहुंच गई है। बीजेपी के पांच विधायक बढ़ गए हैं। इनमें पांच कांग्रेस से आए नेता है जो अब बीजेपी के सिंबल पर दोबारा विधायक बन चुके हैं। चर्चा है कि इनमें से दो को मंत्री बनाया जा सकता है। इतना ही नहीं निर्दलीय जीते धर्मेंद्र सिंह वाघेला भी अब बीजेपी में हैं, ऐसी चर्चा है कि वडोदरा से चूंकि कोई मंत्री नहीं है। ऐसे में वडोदरा को एक मंत्री पद मिल सकता है। कुछ और शहरों को बदलाव में तवज्जो मिल सकती है। इसका फायदा पार्टी को निगम चुनावों में मिल सकता है।
कुछ मंत्रियों की छुट्टी संभव
गांधीनगर के पॉवर कॉरीडोर में ऐसा चर्चा है कि कमजोर प्रदर्शन वाले मंत्रियों की छुट्टी होने की चर्चा है। कुछ मंत्रियों को विवादों में रहने के चलते भी हटाया जा सकता है। गुजरात में विपक्ष के पास कुल 18 सीटें हैं। ऐसे में बीजेपी प्रचंड तौर पर विधानसभा में मजबूत है। गुजरात में विधनसभा का मानसून सत्र 8 सितंबर से शुरू होगा। यह सत्र तीन दिन का है। ऐसे में संभावना व्यक्त की जा रही है कि अब गुजरात में जल्द कुछ फेरबदल हो सकता है। गुजरात में बीते सालों में अगस्त-सितंबर में बदलाव होते रहे हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी भूपेंद्र पटेल ने 13 सितंबर, 2021 को संभाली थी। ऐसे में वह अगले महीने चार साल पूरे करेंगे।
अहमदाबाद: छात्र की हत्या के बाद सामने आया व्हाट्सएप चैट, लिखा – ‘मैंने उसे मार दिया’
21 Aug, 2025 02:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद स्थित सेवेंथ डे स्कूल में 10वीं के छात्र की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी छात्र ने तैयारी के साथ चाकू से वार किया था। दोस्त के साथ चैट में आरोपी छात्र ने घटना का ब्योरा लिखा है। इसमें उसने बताया है कि मैंने उसे मार दिया। चैट में आरोपी छात्र ने अपना गुनाह भी कबूल किया है। चूंकि आरोपी छात्र की उम्र 18 साल से कम है। इसलिए उसकी पहचान काे गुप्त रखा गया है। उधर इस घटना को लेकर हिंदू संगठनों ने गुरुवार को बंद रखा। बंध के समर्थन में स्थानीय ट्रेडर्स ने अपनी दुकानें बंद रखीं। घटना के बाद सांप्रदायिक तनाव न फैले। इसके लिए खोकरा स्थित स्कूल के बाहर भारी पुलिस बंदोबस्त किया गया है। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। स्कूल में छात्र को चाकू मारने की घटना को कांग्रेस की स्टूडेंट विंग ने भी प्रदर्शन किया।
दोस्त को चैट में लिखा-मैंने उसे मारी चाकू
दोस्त: भाई, क्या तुमने आज कुछ किया?
आरोपी: हां।
दोस्त: क्या तुमने किसी को चाकू मारा?
आरोपी: तुम्हें किसने बताया?
दोस्त: कृपया एक मिनट के लिए फ़ोन करो।
आरोपी: नहीं, नहीं। मैं अपने भाई के साथ हूं। उसे नहीं पता कि आज क्या हुआ।
दोस्त: वह (पीड़ित) मर गया है।
आरोपी: उसे (उस कॉमन फ्रेंड को) बता दो कि मैंने उसे मार डाला। वह मुझे जानता है, उसे अभी बता दो।
दोस्त: असल में क्या हुआ था?
आरोपी: अरे, उसने (पीड़ित) मुझसे पूछा कि तुम कौन हो और क्या करोगे? वगैरह।
दोस्त: ###### इसके लिए तुम किसी को चाकू मारकर नहीं मार सकते। तुम उसे बस पीट सकते थे, मार नहीं सकते थे।
आरोपी: अब जो हुआ सो हो गया।
दोस्त: अपना ख्याल रखना। कुछ समय के लिए अंडरग्राउंड हो जाओ। ये चैट डिलीट कर दो।
आरोपी: ठीक है।
आरोपी छात्र समेत तीन हिरासत में
सेवेंथ डे स्कूल में 19 अगस्त को चाकू मारने की इस घटना की जांच अहमदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है। पुलिस ने आरोपी छात्र के साथ उसके मददगार समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने किशोर को धारदार हथियार देने वाले व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया है। क्राइम ब्रांच ने तीनों से पूछताछ की है। क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने कहा कि छात्र की हत्या की साजिश में और कितने लोग शामिल थे, यह पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। इस घटना ने खोखरा के पुलिस निरीक्षक एन एम पांचाल की गंभीर लापरवाही को उजागर किया है। उन्होंने घटना की सूचना 12 घंटे तक एफएसएल को नहीं दी गई। पांचाल के ऊपर अहमदाबाद पुलिस आयुक्त जी एम मलिक द्वारा कड़ी कार्रवाई किए जाने संभावना है।
500 लोगों के खिलाफ कार्रवाई
स्कूल में छात्र को चाकू मारने और फिर अस्पताल में मौत के बाद बुधवार को हंगामा और तोड़फोड़ सामने आई थी। इस मामले में भी पुलिस ने कार्रवाई की है। परिजनों और अभिभावकों के प्रदर्शन में 15 लाख के नुकसान का अनुमान सामने आया है। पुलिस ने 500 के खिलाफ के दर्ज किया है। पुलिस ने जहां इस मामले में कड़ी कार्रवाई की तो वहीं मृतक छात्र के परिजनों और रिश्तेदारों की मांग है कि उन्हें इस मामले में इंसाफ चाहिए। गुस्साए परिजनों ने गुरुवार को कहा कि आगे ऐसा होना चाहिए कि हिंदुओं और मुस्लिमों के स्कूल अलग-अलग होने चाहिए, तो वहीं दूसरी तरफ एनएचयूआई ने इस घटना के विरोध में स्कूल के पास प्रदर्शन किया।
8वीं क्लास के बच्चे ने ली जान, सामने आया चौंकाने वाला चैट मैसेज
21 Aug, 2025 02:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद में स्कूल में छात्र की हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बुधवार को घटना से गुस्साए अभिभावकों ने जहां स्कूल के बाहर हंगामा और तोड़फाेड़ की थी तब अब इस मुद्दे पर हिंदू संगठनों ने भी मोर्चा खोल दिया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल ने गुरुवार को 10वीं के छात्र की हत्या के विरोध में मणिनगर, काकरिया, ईसनपुर इलाकों में बंद का ऐलान किया है तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस की स्टूडेंट विंग एनएसयूआई भी मैदान में आ गई है। एनएसयूआई ने सुबह 11:30 बजे खोखरा के सेवेंथ डे स्कूल में तालाबंदी का ऐलान किया है। मृतक और हत्यारोपी छात्र दोनों अलग-अलग धर्म से है। हिंदू छात्र की हत्या पर वीएचपी और बजरंग दल का गुस्सा सामने आया है। अहमदाबाद पुलिस ने प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की है।
क्या है पूरा मामला?
अहमदाबाद के मणिनगर खोकरा इलाके में सेवेंथ डे स्कूल है। 19 अगस्त यानी मंगलवार को स्कूल में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई थी। कक्षा 10 में पढ़ने वाले एक छात्र को स्कूल के छात्र ने चाकू घोंप दिया था। इस घटना में 10वीं के छात्र की जान चली गई थी। जानकारी के अनुसार दोनों के बीच धक्का-मुक्की का मामूली विवाद हुआ था। छात्र की मौत के बाद बुधवार को परिजनों और दूसरे अभिभावकों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान हंगाम और तोड़फोड़ हुई। पुलिस ने स्थिति को संभाला। घटना की जानकारी पर मणिनगर के विधायक अमूल भट्ट मौके पर पहुंचे तो वहीं दूसरी शिक्षा मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने इस घटना को चिंताजनक बताया।
छात्र की हत्या की वजह
मृतक छात्र सिंधी कम्युनिटी से था। वह अहमदाबाद के घोडासर इलाके का निवासी था। वह कक्षा 10 में अंग्रेजी माध्यम का विद्यार्थी था। एक सप्ताह पहले वह अपने चचेरे भाई के साथ सीढ़ियों से उतर रहा था। तभी कक्षा 8 के दो छात्रों से धक्का-मुक्की हो गई थी। इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच झगड़े की स्थिति बनी रहती थी। जांच में सामने आया कि आरोपी छात्र के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें हुई थीं। पुलिस ने उसे जुवेनाइल एक्ट के तहत हिरासत में ले लिया है। स्कूल प्रबंधन ने बताया कि उन्होंने घायल छात्र को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन समय पर 108 एम्बुलेंस नहीं पहुंची थी। इसलिए निजी वाहन से उसे ले जाया गया।
मैं उसे मार दिया...चैट आई सामने
पुलिस की जांच में आरोपी छात्रा की घटना के बाद की चैट समाने आई है। इसमें उसने एक दोस्त के साथ बातचीत में लिखा था कि मैंने उसे मार डाला। चैट में आरोपी छात्र ने अपना गुनाह कबूल किया है, हालांकि उसके जुवेनाइल होने के कारण उसकी आइडेंटिटी गुप्त रखी गई है।
आरोपी की दोस्त से चैट
दोस्त: भाई, क्या तुमने आज कुछ किया?
आरोपी: हां।
दोस्त: क्या तुमने किसी को चाकू मारा?
आरोपी: तुम्हें किसने बताया?
दोस्त: कृपया एक मिनट के लिए फ़ोन करो।
आरोपी: नहीं, नहीं। मैं अपने भाई के साथ हूं। उसे नहीं पता कि आज क्या हुआ।
दोस्त: वह (पीड़ित) मर गया है।
आरोपी: उसे (उस कॉमन फ्रेंड को) बता दो कि मैंने उसे मार डाला। वह मुझे जानता है, उसे अभी बता दो।
दोस्त: असल में क्या हुआ था?
आरोपी: अरे, उसने (पीड़ित) मुझसे पूछा कि तुम कौन हो और क्या करोगे? वगैरह।
दोस्त: ###### इसके लिए तुम किसी को चाकू मारकर नहीं मार सकते। तुम उसे बस पीट सकते थे, मार नहीं सकते थे।
आरोपी: अब जो हुआ सो हो गया।
दोस्त: अपना ख्याल रखना। कुछ समय के लिए अंडरग्राउंड हो जाओ। ये चैट डिलीट कर दो।
आरोपी: ठीक है।
स्कूल की NOC हो सकती है रद्द!
छात्र को चाकू लगने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया था। घायल छात्र की मंगलवार में ही मौत हो गई। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल छात्रों की बारीकी से जांच नहीं करता, जिसके कारण बच्चे हथियार और नॉनवेज भोजन तक स्कूल में ले आते हैं। अभिभावकों ने कहा कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रबंधन ने कार्रवाई नहीं की। अभिभावकों का कहना है कि अब बच्चों को स्कूल भेजने में भी डर लगने लगा है। शिक्षा विभाग ने यह आश्वासन दिया कि अगर स्कूल की लापरवाही पाई गई तो उनकी NOC रद्द भी की जा सकती है।
रेखा गुप्ता पर हमले के बाद राजेश की मां का खुलासा – जानवरों के लिए लड़ता था, इंसानों पर नहीं उठाता हाथ
20 Aug, 2025 04:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजकोट: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमले के मामले में नया मोड़ सामने आया है। आरोपी की मां ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उसका बेटा किसी भी राजनीतिक पार्टी से जुड़ा नहीं है। उसने साफ किया कि बेटा राजेश खिमजी पशु प्रेमी है और डॉग से जुड़े मुद्दों को लेकर काफी दुखी था। राजेश खिमजी की मां भानु बेन ने कहा कि मेरा बेटा रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। बता दें कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर बुधवार को उनके सिविल लाइन्स स्थित आवास पर अचानक हमला हुआ। राजेश खिमजी फरियादी बनकर आया था, उसने मुख्यमंत्री पर हमला करने की कोशिश की। दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। वह गुजरात के राजकोट का रहने वाला है।
मां ने और क्या क्या बताया
राजेश खिमजी की मां भानु बेन ने बताया कि मेरा एक ही बेटा है। उसकी उम्र 41 साल है। वो उज्जैन गया हुआ था। वहां से वो दिल्ली चला गया था। एक दिन पहले मेरी उसके साथ बात हुई थी। वो कुत्तों के साथ गायों की भी देखरेख करता था। वो पशुओं से बहुत प्रेम करता था। उसका किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ा हुआ। उसने दिल्ली की सीएम पर हमला क्यों किया ये तो पता नहीं है।
कैसे किया हमला
जानकारी के अनुसार, पहले राजेश खिमजी ने सीएम रेखा गुप्ता को कुछ पेपर दिखाया। इस दौरान अचानक उसने उन्हें थप्पड़ मारने की कोशिश की। पास में खड़े सुरक्षाकर्मियों ने उसे तुरंत पकड़ लिया। उसे सिविल लाइंस थाने में लाकर जिला पुलिस और स्पेशल सेल की टीम पूछताछ कर रही है। पूछताछ के बाद ही पता चलेगा कि आखिर आरोपी ने सीएम पर हमला क्यों किया। क्या इसके पीछे कोई साजिश है?
कौन है राजेश खिमजी
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को थप्पड़ मारने वाले राजेश साकरिया खिमजी राजकोट के आजी डेम विस्तार इलाके के रहने वाले हैं। जानकारी के अनुसार डॉग लवर है। मां को कहा था दिल्ली जाकर आता हूं। साकरिया पटेल यानी पाटीदार समुदाय से हैं।
कौन है राजेश खिमजी? दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता पर हमले का आरोपी निकला राजकोट का
20 Aug, 2025 04:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजकोट : दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर बुधवार को अचानक हमला हुआ। यह हमला उनके सिविल लाइन्स स्थित आवास पर ही हुआ। जिस समय घटना हुई, रेखा गुप्ता जन सुनवाई कर रही थीं। एक आदमी फरियादी बनकर आया था, उसने मुख्यमंत्री पर हमला करने की कोशिश की। दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। रेखा गुप्ता पर हमला करने वाले शख्स का नाम राकेश खिमजी है। वह गुजरात के राजकोट का रहने वाला है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को हमले के बाद अस्पताल ले जाया गया। वहां उनका मेडिकल चेकअप हुआ। सीनियर पुलिस अफसर ने बताया कि इंटेलिजेंस ब्यूरो ने आरोपी से पूछताछ की। तो उसने बताया कि वह गुजरात का रहने वाला है।
राजेश का पूरा नाम क्या
आरोपी ने अपना नाम राजेश भाई खिमजी भाई सकरिया बताया है। राजेश की उम्र 41 साल है। उसने बताया कि वह राजकोट का रहने वाला है। उसके पास से कुछ पहचानपत्र और कागज मिले हैं। पुलिस उसकी जांच कर रही है। गुजरात पुलिस से भी संपर्क किया गया है।
डॉग लवर है राजेश खिमजी
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि राजेश ने अपने हाथों में कुछ कागज पकड़े थे। उसने सीएम रेखा गुप्ता के हाथ में वह कागज रखे और अचानक उनके बाल पकड़कर खींचे। कुछ लोगों का दावा है कि उसने सीएम को थप्पड़ मारा। वह चिल्ला रहा था और अपशब्द कह रहा है। उसे पकड़ा गया। पुलिस उसे ले गई लेकिन वह लगातार चिल्ला रहा था। राजेश खिमजी की मां भानु ने बताया कि राजेश एक डॉग लवर है और दिल्ली में कुत्ते पकड़े जा रहे हैं, इसलिए वह नाराज है।
गुजरात: बड़े स्तर पर IPS-SPS अधिकारियों के तबादले, देखें किसे कहां भेजा गया
20 Aug, 2025 03:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गांधीनगर : गुजरात सरकार ने पुलिस विभाग में बड़े फेरबदल करते हुए 105 अधिकारियों का तबादला और प्रमोशन किया है। इनमें 74 आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा) और 31 एसपीएस (राज्य पुलिस सेवा) अधिकारियों को नए पदों पर तैनात या पदोन्नत किया गया है। यह आदेश गृह विभाग ने जारी किया। इसके तहत वरिष्ठ अधिकारियों को आर्थिक विंग, नगर इकाइयों व विशेष बलों में स्थानांतरित किया गया, जबकि युवा अधिकारियों को नए जिलों और कमान ड्यूटी पर तैनात किया गया है।
प्रमुख बदलावों में, वलसाड के पुलिस अधीक्षक करणराज वाघेला को सूरत शहर में डीसीपी (आर्थिक शाखा) नियुक्त किया गया है, जबकि राजकोट शहर से एस. वी. परमार को मेहसाणा में एसआरपीएफ ग्रुप-15 का प्रमुख बनाया गया है।
राहुल त्रिपाठी अहमदाबाद में SOG DSP
मोरबी से राहुल त्रिपाठी अहमदाबाद शहर में एसओजी के नए डीसीपी हैं, जबकि राजकोट ग्रामीण से हिमकर सिंह अहमदाबाद में डीसीपी (आर्थिक शाखा) का कार्यभार संभालेंगे। वडोदरा ग्रामीण के रोहन आनंद को सीआईडी क्राइम, गांधीनगर में आर्थिक अपराध निरोधक शाखा का एसपी नियुक्त किया गया है और डांग के यशपाल धीरज जगनिया को अब अहमदाबाद में पश्चिम रेलवे का एसपी नियुक्त किया गया है।
मनीष सिंह औ पार्थराज सिंह को पोस्टिंग
अन्य महत्वपूर्ण बदलावों में, मनीष सिंह को भचाऊ-कच्छ स्थित एसआरपीएफ ग्रुप-16 में, एम. जे. चावड़ा को पुलिस भवन स्थित राज्य निगरानी प्रकोष्ठ में और पार्थराजसिंह नवलसिंह गोहिल को विजय जे. पटेल की जगह साबरकांठा का एसपी नियुक्त किया गया है।
अहमदाबाद से जामनगर भेजे गए रवि मोहन सैनी
रवि मोहन सैनी को अहमदाबाद शहर से जामनगर का एसपी नियुक्त किया गया है, जबकि अक्षय राज को बनासकांठा से भरूच स्थानांतरित किया गया है, जबकि प्रशांत सुम्बे को बनासकांठा का एसपी नियुक्त किया गया है। शैफाली बरवाल को सूरत शहर में डीसीपी जोन-7, प्रेमसुख डेलू को सुरेंद्रनगर और बी. आर. पटेल को अहमदाबाद में डीसीपी (यातायात) नियुक्त किया गया है।
ये बदलाव युवा अधिकारियों के एक समूह पर भी लागू हैं। नितेश पांडे, जो पहले देवभूमि द्वारका में तैनात थे, को भावनगर में तैनात किया गया है, जबकि अभय सोनी वडोदरा शहर से पश्चिम रेलवे में स्थानांतरित हुए हैं।
सुशील अग्रवाल आईपीएस कहां
नवसारी के सुशील अग्रवाल अब वडोदरा ग्रामीण में हैं, और मनोहरसिंह एन. जडेजा गिर सोमनाथ से अरवल्ली स्थानांतरित हुए हैं। तेजसकुमार वी. पटेल को गांधीनगर में मुख्यमंत्री और वीवीआईपी सुरक्षा का कार्यभार सौंपा गया है, जबकि राहुल बी. पटेल नवसारी और जयदीपसिंह डी. जडेजा गिर सोमनाथ की कमान संभालेंगे।
इन आईपीएस का भी ट्रांसफर
एंड्रयू मैकवान को डीसीपी पद पर पदोन्नत किया गया है, विजय जे. पटेल को खेड़ा-नडियाद स्थानांतरित किया गया है, और पन्ना एम. मोमाया को सूरत में डीसीपी (यातायात) के पद पर स्थानांतरित किया गया है। रविसिंह एस. जडेजा को दाहोद का प्रभार दिया गया है, हर्षदकुमार के. पटेल अहमदाबाद शहर में डीसीपी जोन-1 बने हैं, और मुकेशकुमार एन. पटेल ने मोरबी में राहुल त्रिपाठी की जगह ली है। चिंतन जे. तरैया अब बोटाद में एसपी हैं, भागीरथ टी. गांधी सूरत से अहमदाबाद शहर में डीसीपी जोन-6 के पद पर तैनात हैं, हरेशभाई दुधात पंचमहल-गोधरा में स्थानांतरित हुए हैं, जबकि किशोरभाई एफ. बलोलिया को गांधीनगर में इंटेलिजेंस विभाग में पुनः नियुक्त किया गया है।
जयराजसिंह वी. वाला ने देवभूमि द्वारका में एसपी का पदभार संभाला है, पिनाकिन एस. परमार अब साबरकांठा में एसआरपीएफ ग्रुप-06 के कमांडेंट हैं, और ऋषिकेश बी. उपाध्याय वडोदरा में डीसीपी (ट्रैफिक) बने हैं। यह फेरबदल 2018 बैच को भी प्रभावित करता है, जिसमें विशाखा डबराल को अहमदाबाद शहर से नई एसपी पोस्टिंग पर स्थानांतरित किया गया है, जबकि 15-पृष्ठ की अधिसूचना में कई और तबादले जारी हैं।
सूरत में हाई-प्रोफाइल डायमंड थेफ्ट, करोड़ों के हीरे साफ़! सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस
19 Aug, 2025 01:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सूरत: गुजरात के सूरत में चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। सूरत स्थित एक हीरा कंपनी की पॉलिशिंग और निर्यात इकाई से अज्ञात चोरों ने 25 करोड़ रुपये मूल्य के हीरे चुरा लिये। चोरों ने कीमती रत्न निकालने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल करके धातु की तिजोरी तोड़ दी। यह जानकारी पुलिस ने सोमवार को दी पुलिस उपायुक्त (जोन 1) आलोक कुमार ने बताया कि यह घटना 15 से 17 अगस्त के बीच शहर के कपोदरा इलाके में डीके एंड संस डायमंड कंपनी के कार्यालय-सह-पॉलिशिंग इकाई में हुई। इस दौरान सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया गया।
3 दिन की छुट्टी के बीच हुई चोरी
उन्होंने बताया कि चूंकि कंपनी ने स्वतंत्रता दिवस और जन्माष्टमी के मद्देनजर तीन दिन की छुट्टी घोषित की थी, इसलिए हीरे चोरी होने के समय इकाई में न तो कोई कर्मचारी और न ही सुरक्षा गार्ड मौजूद थे। कुमार ने बताया कि इस स्थिति का फायदा उठाते हुए चोरों ने पहले कंपनी की इमारत के भूतल पर स्थित कार्यालय का मुख्य दरवाजा तोड़ा और फिर तीसरी मंजिल पर गए, जहां एक धातु की तिजोरी रखी थी। इसके बाद गैस कटर से तिजोरी को काट दिया।
कैसे चला चोरी का पता?
उन्होंने बताया कि हीरा इकाई के मालिक को चोरी की जानकारी तब हुई जब वह तीन दिन बाद सोमवार सुबह कार्यालय पहुंचे। डीसीपी ने कहा कि प्राथमिक अनुमान के अनुसार, चोर 25 करोड़ रुपये मूल्य के हीरे लेकर फरार हो गए। उन्होंने सबूत मिटाने के लिए सीसीटीवी कैमरों में तोड़फोड़ की और वीडियो रिकॉर्डर भी चुरा लिया। उन्होंने कहा कि अपराधियों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
गुजरात में IPS अफसरों की बड़ी अदला-बदली, कुल 105 अधिकारियों का ट्रांसफर-पदोन्नति
19 Aug, 2025 01:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोमवार को एक साथ 74 आईपीएस और 31 एसपीएस अधिकारियों के तबादले/प्रमोशन के आदेश जारी किए। राज्य में लंबे समय से पुलिस महकमे में फेरबदल लंबित था। सीएम भूपेंद्र पटेल ने एक ही बार में पूरे राज्य के पुलिस बेडे़ में बड़ा बदलाव कर दिया। गुजरात में जन्माष्टमी के पर्व के बाद आगे गणेशोत्सव और फिर नवरात्रि की तैयारियां शुरू हो जाएंगी। फेस्टिव सीजन के बाद राज्य के बड़े शहरों में नगर निगमों के चुनाव भी होंगे। सरकार ने जिलों में कई साल से जमें तमाम ऑफिसर्स को हटा मुख्यालय की पोस्टिंग दी है। इनके स्थान पर सरकार ने नए अधिकारियों को मोर्चे पर लगाया है। एक अन्य आदेश में गुजरात सरकार ने 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी मनोज अग्रवाल को डायरेक्टर सिविल डिफेंस से हटाकर अब डीजीपी, सीआईडी (क्राइम एंड रेलवे) की जिम्मेदारी सौंपी है।
ट्रांसफर-प्रमोशन में बड़े बदलाव
राज्य सरकार ने आईपीएस और एसपीएस ऑफिसर के ट्रांसफर और प्रमोशन में 2012 बैच के अधिकारी डॉ. करणराज वाघेला को एसपी वलसाड से हटाक अब सूरत सिटी में डीसीपी (इकनॉमिक विंग) नियुक्त किया है। सरकार ने राजकोट सिटी में तैनात 2012 बैच के आईपीएस एस वी परमार को जोन-1 डीसीपी से हटाकर अब एसआरपीएफ ग्रुप 15, मेहसाणा का कमांडेंट बनाया है। मोरबी के एसपी राहुल त्रिपाठी को सरकार ने हटाया है। उन्हें अहमदाबाद सिटी में एसओजी का डीसीपी नियुक्त किया है। वडोदरा जिले के एसपी रोहन आनंद को भी राज्य सरकार ने हटा दिया है। उन्हें गांधीनगर में सीआईडी क्राइम की एंटी इकनॉमिक विंग में तैनाती दी गई है।
प्रशांत सुम्बे का नर्मदा से हुआ तबादला
काफी समय से नर्मदा जिले के एसपी की जिम्मेदारी संभाल रहे 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी प्रशांत सुम्बे का सरकार ने तबादला कर दिया है। उन्होंने अब नर्मदा से हटाकर बनासकांठा जिले का एसपी बनाया है। कार्यक्षेत्र के हिसाब से देखें तो बनासकांठा जिला काफी बढ़ा है। ऐसे में यह उनके लिए प्रमोशन की तरह है। प्रशांत सुम्बे आप विधायक चैतर वसावा पर एक्शन लेने के बाद सुर्खियों में आए थे।
IPS अभय सोनी को नई जिम्मेदारी
वडोदरा सिटी में डीसीपी जोन-2 की जिम्मेदारी संभाल रहे 2017 बैच के आईपीएस अधिकारी अभय सोनी को सरकार ने वडोदरा में ही नई तैनाती दी है। उन्हें सरकार ने नई नियुक्ति में डीआईजी वेस्टर्न रेलवे वडोदरा नियुक्त किया है। अभी तक यह जिम्मेदारी 2011 बैच की आईपीएस अधिकारी सरोज कुमारी संभाल रही थीं। नवसारी के एसपी सुशील अग्रवाल को सरकार ने वडोदरा जिले का नया एसपी नियुक्त किया है। वह 2017 बैच के अधिकारी हैं। तो वहीं इसी बैच के दूसरी राहुल पटेल को तापी-व्यारा से हटाकर नवसारी का एसपी बनाया गया है।
सफीन हसन-पन्ना मोमाया का भी तबादला
वडोदरा में डीसीपी जोन-4 की जिम्मेदारी संभाल रही पन्ना एन मोमाया का भी तबदल हो गया है। अब उन्हें सूरत शहर में डीसीपी (ट्रैफिक) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अभी तक अहमदाबाद में डीसीपी ट्रैफिक की जिम्मेदारी संभाल रहे 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी सफीन हसन को महीसागर जिले का एस नियुक्त किया गया है।
ज्योति पटेल का भी हुआ तबादला
अभी तक वडोदरा में डीसीपी ट्रैफिक की जिम्मेदारी संभाल रहीं एसपीएस ऑफिसर्स ज्योति पटेल का भी तबादला हो गया है। उन्हें नर्मदा-एकतानगर एसआरपीएफ ग्रुप 18 का कमांडेंट बनाया गया है। वडोदरा में ही तैनात एसपीएस अधिकारी डीसीपी जोन-1 जूली कोठिया का भी तबादला हो गया है। उन्हें डीसीपी (स्पेशल ब्रांच) सूरत की जिम्मेदारी दी गई है।
कैसे हुए अधिकारियों के तबादले?
राज्य में पहली बार मुख्यमंत्री, गृह राज्य मंत्री और अपर मुख्य सचिव (गृह) विभाग ने नागरिकों के फीडबैक, पुलिस अधिकारियों के रिपोर्ट कार्ड और फीडबैक पर विचार किया करके आदेश जारी किए हैं। सरकार की बड़ी ट्रांसफर/प्रमोशन सूची में चारों शहरों के कुल 25 पुलिस अधीक्षकों और 32 पुलिस उपायुक्त स्तर के अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए गए हैं। आदेश की खास बात यह है कि सीधी भर्ती के वर्ष 2019-20 के आईपीएस अधिकारी को नगरीय क्षेत्र में में भेजा गया है। वर्ष 2018 या उससे ऊपर के अधिकारी को जिलों में और वर्ष 2012 व 2013 के अधिकारियों को नगरीय आर्थिक अपराध/सीआईडी/आर्थिक अपराध की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
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