गुजरात
स्थानीय प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया।
7 Mar, 2026 12:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात। के भरूच की ऐतिहासिक जामा मस्जिद के विवाद ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है. बीते 3 मार्च को कुछ महिलाओं द्वारा मस्जिद परिसर में पूजा किए जाने के बाद मुस्लिम समाज और संत समाज आमने-सामने आ गए हैं. एक ओर जामा मस्जिद ट्रस्ट द्वारा गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, तो दूसरी ओर मुक्तानंद स्वामी और उनके अनुयायी पुरातत्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं.
भरूच शहर के पायोनियर स्कूल के सामने स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद पिछले कुछ महीनों से विवाद का केंद्र बनी हुई है. बीते 3 मार्च 2026 को सूरत से आई कुछ महिलाओं द्वारा मस्जिद परिसर में पूजा किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. मस्जिद ट्रस्ट के सदस्यों ने इस पूजा को रोकने का प्रयास किया था, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद शहर में चर्चा और तनाव का माहौल बन गया. इसके बाद मुस्लिम समाज के नेताओं और जामा मस्जिद ट्रस्ट के सदस्यों ने कलेक्टर कार्यालय, एसपी कार्यालय और बी डिवीजन पुलिस स्टेशन में आवेदन देकर विरोध दर्ज कराया.
जामा मस्जिद ट्रस्ट के अध्यक्ष मौलाना कुरैशी गुलाम मुस्तुफा ने मुक्तानंद स्वामी सहित कुछ लोगों पर शहर की शांति और भाईचारे को बिगाड़ने की कोशिश करने के गंभीर आरोप लगाए हैं. ट्रस्ट द्वारा इस मामले में कानूनी कार्रवाई की भी बात कही गई है. दूसरी ओर इस पूरे विवाद के बीच मुक्तानंद स्वामी एक बार फिर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे. दो महीने पहले शुरू किए गए अनशन को लेकर प्रशासन द्वारा दिए गए समय की अवधि पूरी होने के बाद उन्होंने महाराष्ट्र के संभाजीनगर से आए चक्रधर स्वामी के अनुयायियों के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की.
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुरातत्व विभाग (ASI) की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी व्यक्त की गई और कार्रवाई को एकतरफा बताया गया. इस दौरान मुक्तानंद स्वामी द्वारा "भरूच की राष्ट्रीय धरोहर का तथ्यात्मक इतिहास" नामक पुस्तक का विमोचन भी किया गया. मुक्तानंद स्वामी ने कहा कि आने वाले समय में भरूच शहर और जिले के मंदिरों में महाआरती और पूजा कार्यक्रम आयोजित कर इस स्थान और धर्म के बारे में प्रचार किया जाएगा. साथ ही अप्रैल महीने से हर सोमवार को कलेक्टर कार्यालय के बाहर एक घंटे का अनशन कर हनुमान चालीसा का पाठ भी किया जाएगा. गौरतलब है कि वर्ष 1965 से जामा मस्जिद का एक हिस्सा पुरातत्व विभाग के संरक्षण में है और वर्तमान में इसकी देखरेख पुरातत्व विभाग द्वारा की जा रही है. हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह स्थल मूल रूप से मस्जिद था या मंदिर, जिसके चलते इस ऐतिहासिक स्थल को लेकर जांच और चर्चा अभी भी जारी है.
मुख्यमंत्री और पार्टी नेताओं ने निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।
7 Mar, 2026 08:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर। भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधायक गोविंद परमार का बीमारी के चलते आज निधन हो गया। वे 72 वर्ष के थे। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे परमार ने आज सुबह अंतिम सांस ली।
बीजेपी विधायक गोविंद परमार का निधन, 72 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
मृतक विधायक के निधन की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया। पार्टी कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों ने भी उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
गोविंद परमार का राजनीतिक जीवन लंबा और प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अपने क्षेत्र के विकास और जनता की सेवा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। उनके निधन से क्षेत्र और पार्टी में शोक की लहर दौड़ गई है।
अंतिम संस्कार की तैयारियों के लिए प्रशासन और पार्टी ने व्यवस्था पूरी कर दी है। शोक संतप्त परिवार को संवेदना देने के लिए नेताओं और जनता का आना जारी है।
वन्यजीवों की सुरक्षा पर उठे सवाल, टाइगर रिजर्व में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना
16 Feb, 2026 07:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बैंगलोर||चामराजनगर के बिलिगिरि रंगनाथस्वामी मंदिर (बीआरटी) टाइगर रिजर्व के गुंडल जलाशय के पास रविवार को लगभग 5-6 वर्ष आयु के एक नर बाघ Male Tiger का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया।वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गुंडल जलाशय के निकट गश्त के दौरान गुंडल रेंज के कर्मचारियों ने बाघ का शव देखा, जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। यह क्षेत्र कोल्लेगल वन्यजीव प्रभाग के अंतर्गत आता है।
फंदे में फंसने की आशंका
चामराजनगर के उप वन संरक्षक एवं बीआरटी टाइगर रिजर्व के निदेशक ने बयान जारी कर बताया कि बाघ के किसी अवैध फंदे में फंसने की आशंका है। बाद में गुंडल बांध के पास पहुंचकर पानी के किनारे उसकी मृत्यु हो गई। वन्यजीव अपराध के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है। मानक तकनीकी मार्गदर्शन एवं निगरानी समिति की उपस्थिति में बाघ का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुसार शव का अंतिम निपटान किया जाएगा।
कांग्रेस खेमे से ताकत का प्रदर्शन, 136 MLA दे सकते हैं झटका
16 Feb, 2026 07:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु| में कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री पद को लेकर खुला विद्रोह कर दिया है। उन्होंने डिप्टी सीएम और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग की है।कांग्रेस विधायक रविकुमार गौड़ा गनीगा ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद के लिए डीके शिवकुमार का समर्थन करते हुए दावा किया कि सभी 136 कांग्रेस विधायक डीके शिवकुमार के पक्ष में हैं और पूरा भरोसा जताया कि शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनने से कोई नहीं रोक सकता कांग्रेस विधायक ने कहा- डीके शिवकुमार को कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनना चाहिए और भरोसा जताया कि यह बदलाव जल्द ही होगा। रविकुमार ने कहा- डीके शिवकुमार को सीएम बनने से कोई नहीं रोक सकता। शिवकुमार 40 साल से राजनीति में हैं।
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हमारी पार्टी से शिवकुमार सीएम बनेंगे
विधायक ने कहा- डीके शिवकुमार के पास पॉलिटिकल स्ट्रेटेजी और समझदारी है। वह चुपचाप सिक्का चला रहे हैं, जिसका मतलब है कि वह खेल जीतेंगे। राजनीति ही खेल है। 136 खिलाड़ी डीके के पक्ष में हैं। जवाब बहुत जल्द मिलेगा। हम BJP में क्यों जा रहे हैं? डीके हमारी पार्टी से CM बनेंगे।बता दें कि ये बातें तब आईं हैं जब कर्नाटक के डिप्टी चीफ मिनिस्टर ने नई दिल्ली में कांग्रेस नेताओं के साथ हाई-लेवल मीटिंग की। AICC मीटिंग के बाद, शिवकुमार ने कहा कि बातचीत पॉलिटिकल मामलों पर फोकस थी, लेकिन मीटिंग्स की डिटेल्स बताने से मना कर दिया।
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शिवकुमार ने सीएम पद को लेकर खुलकर नहीं बताया कुछ भी
शिवकुमार ने रिपोर्टर्स से कहा- मुझे नहीं लगता कि मुझे यह बताने की जरूरत है कि मैं 10 जनपथ के अंदर किससे मिला। हम सड़कों पर पॉलिटिक्स पर बात करने के लिए तैयार नहीं हैं। हम अपने हाई कमांड से मिले हैं और जो बात करनी थी, उस पर बात की है।उधर, कर्नाटक कांग्रेस विधायक इकबाल हुसैन ने कहा कि कम से कम 80 पार्टी MLAs ने CM पोस्ट के लिए डिप्टी चीफ मिनिस्टर डीके शिवकुमार का नाम हाई कमांड को दिया था।
कांग्रेस विधायक ने सीएम के बेटे को दी नसीहत
हुसैन ने कांग्रेस MLC यतींद्र सिद्धारमैया पर उनके पिता और CM सिद्धारमैया के फेवर में बयान देने के लिए हमला बोला। साथ ही उनसे डिसिप्लिन से काम करने को कहा।हुसैन ने कहा- हमने यह हाईकमान पर छोड़ दिया है। 80-90 MLA ने हाईकमान से DK शिवकुमार को (CM पद के लिए) मौका देने की रिक्वेस्ट की है। हम एक डिसिप्लिन्ड पार्टी हैं और हमें ठीक से पेश आना होगा।उन्होंने कहा- हमें यह पसंद नहीं है कि वह (यतींद्र सिद्धारमैया) बार-बार अपने पिता के पक्ष में बोलें और हाईकमान को शर्मिंदा करें। हर पिता बेटे से प्यार करता है और बेटा पिता से, लेकिन पॉलिटिक्स में हमें डिसिप्लिन में काम करना होता है। ऐसे बयानों से दूसरों को भड़काना नहीं चाहिए।
रेप दोषी नारायण साईं फिर विवादों में, जेल में छिपाया मोबाइल बरामद
29 Nov, 2025 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सूरत | रेप के दोषी नारायण साईं पर गुजरात में एक और एफआईआर दर्ज की गई है | सूरत की लाजपोर जेल में नारायण साईं की कोठरी से मोबाइल फोन बरामद हुआ है. इसको लेकर उसके खिलाफ जेल प्रशासन ने सचिन पुलिस स्टेशन में नई शिकायत दर्ज कराई है | दरअसल, जेल के अंदर जेलर के नाम पर पैसे वसूलने वाले ठग का मामला सामने आया था. जेल इंचार्ज दीपक भाभोर को मिली जानकारी के आधार उसे पकड़ा गया और फिर हर कोठरी में सरप्राइज चेकिंग की गई |
बैटरी अलग और सिम अलग छुपाता था नारायण साईं
चेकिंग में सेपरेट सेल की कोठरी नंबर-1 से मोबाइल फोन मिला. यह फोन दरवाजे के पीछे मैग्नेट से चिपकाया गया था. थैले के अंदर एक सिम कार्ड भी बरामद किया गया. पुलिस अधिकारियों ने यह फोन जब्त कर लिया है | बताया जा रहा है कि नारायण साईं मोबाइल की बैटरी अलग छिपाता था. सावधानी के लिए सिम कार्ड अपने पास रखता था. बैटरी को उसने सिपाही कक्ष में छुपाया था |
नारायण साईं के खिलाफ होगी कार्रवाई
एक कैदी ने तकनीक के गुप्त उपयोग का खुलासा किया है. इसके बाद से लाजपोर जेल की सुरक्षा प्रणाली पर फिर सवाल उठने लगे हैं. फिलहाल पुलिस जांच तेज है और कड़े कदम उठाने की तैयारी हो रही है |
गुजरात में तैयार हुआ राम मंदिर का धर्म ध्वज, अहमदाबाद के कारीगरों ने किया निर्माण
25 Nov, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उत्तर प्रदेश के अयोध्या के प्रांगण में एक बार फिर दिव्य उत्सव का आयोजन होने जा रहा है. करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक दिव्य राम मंदिर बनकर तैयार है. ऐसे में अब मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज फहराया जाने वाला है. अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया जाएगा. गुजरात के अहमदाबाद के लोगों में इस पल को लेकर काफी उत्साह है. क्योंकि मंदिर के शिखर पर फहराया जाने वाला धर्म ध्वज अहमदाबाद के कारीगरों ने ही तैयार किया है.
राम मंदिर के शिखर पर फहराया जाने वाले यह धर्म ध्वज 22 फीट लंबा, 11 फीट चौड़ा है और वजन 2.5 किलोग्राम का है. राम मंदिर के शिखर पर फहराए जाने वाले इस ध्वज को ‘धर्म ध्वज’ नाम दिया गया है. सूर्य की छवि होने के कारण इसे ‘सूर्य ध्वज’ भी कहा जाता है. यह ध्वज नायलॉन-रेशम मिश्रित पॉलीमर कपड़े से बना है. यह वजन में हल्का, लेकिन मजबूत और टिकाऊ है. पहले जो ध्वज बनाकर भेजा गया था. उसका वजन 11 किलोग्राम था.
क्या है इस धर्म ध्वज की खासियत?
धर्म ध्वज भीषण गर्मी, तेज तूफान या बारिश और 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलने वाली हवाओं को भी झेलने में सक्षम है. हर तीन साल में मंदिर पर एक नया ध्वज फहराया जाएगा. वाल्मीकि रामायण पर आधारित इस ध्वज में राम राज्य के प्रतीक कोविदार वृक्ष और सूर्य वंश के प्रतीक सूर्य वंश को दर्शाया गया है. सद्भाव के प्रतीक ओंकार को भी दर्शाया गया है. ध्वज पर दर्शाए गए हर प्रतीक का धार्मिक और वैदिक महत्व है. ध्वज का केसरिया रंग धर्म, त्याग और पवित्रता और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक है. ध्वज के केंद्र में दर्शाया गया चक्र न्याय और गतिशीलता का प्रतिनिधित्व करता है. सूर्य वंश का प्रतिनिधित्व करने वाले सूर्य को चक्र के साथ दर्शाया गया है, जबकि वाल्मीकि रामायण में वर्णित पवित्र कोविदार वृक्ष का प्रतीक भी सुशोभित है.
गुजरात में तैयार हुई राम मंदिर में लगने वाली चीजें
इसके साथ ही ध्वज पर सर्वव्यापी ईश्वर ओंकार का प्रतीक सुशोभित है. ये सभी प्रतीक श्री राम के जिंदगी से घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं. ऐतिहासिक राम मंदिर में लगने वाली कई चीजें गुजरात में तैयार की गई हैं. इनमें सबसे बड़ा ढोल अहमदाबाद के दबगर समुदाय ने तैयार करके भेजा है. मुख्य मंदिर और आसपास के 6 मंदिरों के लिए ध्वज-स्तंभ तैयार किए गए. मंदिर पर रखी चूड़ियां भी अहमदाबाद के कारीगरों ने बनाई थीं. यही नहीं मंदिर का दानपात्र भी अहमदाबाद में बनाया गया है. भगवान के आभूषणों को रखने के लिए पीतल से बनी एक अलमारी और मंदिर के दरवाजों का हार्डवेयर भी अहमदाबाद में बनाया गया था.
देश को मिलेंगे 100 नए सैनिक स्कूल, अमित शाह का बड़ा ऐलान
14 Nov, 2025 01:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत देशभर में 100 सैनिक स्कूल स्थापित करने का फैसला किया है. श्री मोतीभाई आर चौधरी सागर सैनिक स्कूल (एमआरसीएसएसएस) और सागर ऑर्गेनिक प्लांट के उद्घाटन समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि ये स्कूल गुजरात के कई जिलों के बच्चों के लिए सशस्त्र बलों में सेवा करने का मार्ग खोलेंगे.
एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि श्री मोतीभाई आर चौधरी सागर सैनिक स्कूल (एमआरसीएसएसएस) का निर्माण 50 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है और यह स्मार्ट कक्षाओं, छात्रावासों, पुस्तकालय और कैंटीन जैसी सुविधाओं से सुसज्जित है.
100 नए सैनिक स्कूल स्थापित करने का निर्णय
विज्ञप्ति में अमित शाह के हवाले से कहा गया, पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र ने पीपीपी मॉडल के तहत देशभर में 100 नए सैनिक स्कूल स्थापित करने का निर्णय लिया है. इनमें से मोतीभाई चौधरी सैनिक स्कूल निश्चित रूप से मेहसाणा के लिए गौरव का प्रतीक बनेगा.
उन्होंने कहा कि अमूल ब्रांड के तहत विश्वसनीय जैविक उत्पादों की देश और दुनियाभर में पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सागर ऑर्गेनिक प्लांट बहुत महत्वपूर्ण है और जैविक खेती में लगे सभी किसानों को उचित लाभ मिलता है. अमित शाह ने कहा कि लगभग 30 मीट्रिक टन की दैनिक क्षमता वाला यह संयंत्र राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) और कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) के तहत प्रमाणित है.
प्राकृतिक खेती में लगे किसानों को लाभ
एपीईडीए प्रमाणन के कारण, उत्तरी गुजरात में प्राकृतिक खेती में लगे किसानों को बहुत लाभ होगा क्योंकि उनकी उपज वैश्विक बाजारों तक पहुंच सकेगी. केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि इस जैविक संयंत्र के विस्तार से न केवल देशभर के नागरिकों के स्वास्थ्य में सुधार होगा, बल्कि जैविक खेती से जुड़े किसानों की आय में भी वृद्धि होगी. उन्होंने जैविक खेती में लगे सभी किसानों और उनके परिवारों से स्वस्थ रहने के लिए जैविक उत्पादों का उपयोग करने का आग्रह किया.
अमित शाह ने कहा कि 1960 में दूधसागर डेयरी प्रतिदिन 3,300 लीटर दूध एकत्र करती थी, जो अब बढ़कर 35 लाख लीटर प्रतिदिन हो गई है. यह डेयरी गुजरात के 1,250 गांवों के पशुपालकों और राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के 10 लाख से अधिक दूध उत्पादन समूहों से जुड़ी हुई है.
नयी प्राथमिक डेयरी सहकारी समितियों का गठन
उन्होंने कहा कि इसका कारोबार 8,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है. आठ आधुनिक डेयरियों, दो दूध शीतलन केंद्रों, दो पशु चारा संयंत्रों और एक सीमेंट उत्पादन इकाई के साथ, दूधसागर डेयरी आज गुजरात की श्वेत क्रांति में एक प्रमुख भूमिका निभा रही है. शाह ने कहा कि इस डेयरी की चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की गई हैं, जिनमें देशभर में 75,000 नयी प्राथमिक डेयरी सहकारी समितियों का गठन भी शामिल है.
अमूल का 70 प्रतिशत कारोबार में महिलाओं का योगदान
उन्होंने कहा कि अमूल का 70 प्रतिशत कारोबार महिलाओं के योगदान से आता है. अमित शाह ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी में कहा कि इस साल गुजरात में बेमौसम भारी बारिश हुई. प्रभावित किसानों की मदद के लिए भूपेंद्र पटेल सरकार ने एक बहुत ही उदार राहत पैकेज की घोषणा की है. गुजरात सरकार ने संकल्प लिया है कि वह किसानों की मदद करने से पीछे नहीं हटेगी.
16 साल बाद पकड़ा गया सेठ हत्या का आरोपी, सूरत में मजदूर बनकर रह रहा था
7 Nov, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कहते हैं कानून के हाथ इतने बड़े होते हैं कि कोई भी अपराधी उससे बच नहीं सकता है. ऐसे ही एक मामला गुजरात के सूरत शहर से सामने आया है, जहां क्राइम ब्रांच की टीम ने 16 साल से फरार चल रहे हत्यारोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपी ने दिल्ली में साल 2009 में पैसे को लेकर हुए विवाद में अपने ही सेठ की हत्या कर दी थी और फिर फरार हो गया था. बीते कई सालों से पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी.
दिल्ली के बिंदापुर थाना क्षेत्र के शिव मंदिर वृद्धाश्रम के पास साल 2019 में पैसे को लेकर हुए विवाद में एक युवक ने अपने सेठ की हत्या कर दी थी. इस हत्याकांड में उसका दोस्त बनारसी लाल भी शामिल था. घटना के बाद दोनों लोग फरार हो गए. वह पुलिस से बचने के लिए पहचान बदलकर शहर-शहर घूमते रहे. आखिर में हत्या का मुख्य आरोपी सूरत में मजदूर बनकर बस गया.
आरोपी कर रहा था फैक्टी में काम
वह पूणा क्षेत्र के भैयानगर इलाके में एक लेस-पट्टी बनाने वाली फैक्ट्री में काम कर रहा था. इस बीच दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम को उसके सूरत में होने की गुप्त सूचना मिली. सूरत क्राइम की टीम ने फैक्ट्री में छापा मारकर आरोपी को दबोच लिया, जो कि अपना नाम और पहचान बदलकर वहां काम कर रहा था. पुलिस से बचने के लिए वह मजदूर बनकर साधारण जीवन व्यतीत कर रहा था. आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में अपना जुर्म कबूल करलिया है.
हत्या का आरोपी 16 साल बाद अरेस्ट
सूरत क्राइम ब्रांच ने सभी औपचारिकता पूरी करने के बाद उसे दिल्ली पुलिस को सौंप दिया. आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस बीते 16 सालों से ही आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी. तमाम तरह की कोशिश के बावजूद उसका कहीं कुछ पता नहीं चल पा रहा था, लेकिन बीते दिनों मिले सीक्रेट इनपुट के बाद पुलिस को उसकी गिरफ्तारी में सफलता मिली. अब दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने 16 साल पुराने हत्याकांड की जांच दोबारा शुरू कर दी है.
गुजरात में बीजेपी नेतृत्व पर बड़ा अपडेट, अमित शाह के करीबी नेता ने 'विजय मुहूर्त' के अवसर पर किया पर्चा दाखिल, बढ़ी सियासी उठापटक
3 Oct, 2025 04:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: गुजरात में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बेहद करीबी जगदीश विश्वकर्मा पार्टी के नए अध्यक्ष होंगे। शुक्रवार को उन्होंने पार्टी अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। अहमदाबाद के निकोल से विधायक विश्वकर्मा ओबीसी समुदाय से आते हैं। उन्होंने गांधीनगर स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय 'कमलम्' के विजय मुहूर्त में अपना पर्चा दाखिल किया। पार्टी की तरफ से घोषित किए गए कार्यक्रम में नामांकन के लिए सुबह 11 बजे से 1 बजे तक समय निर्धारित किया गया था। सिर्फ विश्वकर्मा के नामांकन भरने अब उनका अध्यक्ष बनना तय है। केंद्रीय आलाकमान से नियुक्त किए पर्यवेक्षक केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और के लक्ष्मण विश्वकर्मा के नाम का औपचारिक तौर ऐलान करेंगे। गुजरात में अभी तक प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सीआर पाटिल के पास थी।
मंत्रीमंडल में भी बदलाव!
जगदीश विश्वकर्मा भूपेंद्र पटेल सरकार में सहकारिता मंत्री हैं। विश्वकर्मा के संगठन में आने के बाद अब मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावना बढ़ गई है। भूपेंद्र पटेल सरकार में सीएम को जोड़कर कुल 17 मंत्री हैं। इसमें से करीब 12 को हटाए जाने की चर्चा लंबे समय से चल रही है। ऐसे में जब राज्य के बड़े शहरों में स्थानीय निकाय के चुनाव होने हैं तब बीजेपी जगदीश (पंचाल) विश्वकर्मा को अध्यक्ष बनाकर ओबीसी कार्ड खेल दिया है। गुजरात में 50 फीसदी से अधिक ओबीसी हैं। कांग्रेस के अध्यक्ष अमित चावड़ा भी ओबीसी हैं। जगदीश विश्वकर्मा ने 12:30 बजे विजय मुहूर्त में पर्चा भरा। उन्होंने कमलम् पहुंचकर 10 प्रस्तावकों के साथ अपना नामांकन दाखिल किया। जगदीश विश्वकर्मा की उम्र अभी सिर्फ 52 साल है। 12 अगस्त, 1973 को जन्मे विश्वकर्मा ने ठाक्करबापनगर क बूथ इंचार्ज से राजनीति में कदम रखा था। वह 2012 में निकोल से पहली बार विधायक बने थे।
जश्न के मौके पर RSS का 100 साल का纪 स्मारक सिक्का हुआ जारी, स्वयंसेवकों में दिखा जबरदस्त उत्साह, कैसे पाएंगे यह खास संग्रहणीय आइटम
3 Oct, 2025 04:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नागपुर/अहमदाबाद: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 पूरे होने पर जारी हुआ 100 रुपये का विशेष कॉइन सर्च में आ गया है। संघ के स्वयंसेवकों के अलावा आम लोग इसके खोजबीन और पूछताछ कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अक्तूबर को इस सिक्के को जारी किया था। यह पहला ऐसा कॉइन है, जिस पर भारत माता की तस्वीर के साथ संघ के स्वयंसेवकों का चित्र है। जो भारत माता को नमन करने की मुद्रा में हैं। इस सिक्के के जारी होने के बाद इसको लेकर 786 नंबर वाले नोट जैसी की दीवानगी सामने आ रही है। लोग बैंक में पूछताछ करने के लिए पहुंच रहे हैं। बैंक कर्मचारी उन्हें बता रहे हैं कि यह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की तरफ से जारी विशेष सिक्का है। ऐसे में सिक्का बैंकों में उपलब्ध नहीं होगा।
स्वयंसेवकों में सिक्के को लेकर क्रेज
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने जारी हुआ यह सिक्का भले ही 100 रुपये का है लेकिन इसे हासिल करने के लिए काफी अधिक मूल्य देना पड़ेगा। यह सिक्का शुद्ध चांदी से बना हुआ है, लेकिन संघ से जुड़े स्वयंसेवक इसे हासिल करना चाहते हैं। इसकी बड़ी वजह है कि इस पर भारत माता की तस्वीर अंकित है। स्वयंसेवकों का कहना है कि यह सिर्फ एक सिक्का नहीं है बल्कि यह संघ की शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा और आपदा राहत में दी गई सेवाओं का प्रतीक है। उनका कहना है कि इस सिक्के पर संघ का बोध वाक्य भी अंकित है। स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार है कि जब किसी भारतीय मुद्रा पर भारत माता की छवि दर्शायी गई है। 100 रुपये के इस विशेष सिक्के को कोलकाता के टकसाल में तैयार किया गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रचार शाखा में एक अहम पद पर काम करने वाले एक पदाधिकारी कहते हैं, सभी में इस सिक्के को देखने की उत्सुकता है। यह संघ के 100 साल पूरे करने पर हमारे लिए एक गिफ्ट की तरह है। सूरत में इस सिक्के को लेकर क्रेज सामने आया है। संघ से बतौर स्वयंसेवक जुड़े युवराज पोखरना, भरत सावलिया और डॉ. दीपिका धूत ऐसे उत्सुक लोगों में शामिल हैं। उनका कहना है वे बस इस इस सिक्के के वेबसाइट पर आने का इंतजार कर रहे हैं।
कैसे मिलेगा यह कॉइन?
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से जारी किए जाने वाले विशेष सिक्कों की बिक्री की अलग व्यवस्था है। ऐसे में आरएसएस के 100 साल का यह सिक्का बैंकों से नहीं मिलेगा। इसे हासिल करने के spmcil वेसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। यह प्रक्रिया भी तभी शुरू होगी जब यह सिक्कत इस वेबसाइट पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। यहां पर एक सिक्के की कीमत भी दर्शायी जाएगी। यह सिक्का सामान्य तौर पर लेनदेन में नहीं चलेगा। इसकी कीमत 10 रुपये से भी अधिक हो सकती है।एक बार जब यह सिक्का बिक्री के उपलब्ध होगा तो इसकी मूल्य का भुगतान करना होगा। इसके बाद यह ऑनलाइन उपलब्ध कराए गए पते पर डिलीवर किया जाएगा। आरएसएस के 100 साल के सिक्के की तरह आरबीआई ने कई और स्मारक सिक्के जारी किए हैं। इनमें कुछ हाई प्राइज सिक्के हैं। काफी सिक्के ऑउट ऑफ स्टॉक भी हैं।
गुजरात में बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू, पार्टी ने घोषित किया चुनाव कार्यक्रम, हलचल तेज और नेताओं में उत्सुकता
3 Oct, 2025 01:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की तरह लंबे समय से गुजरात प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति अटकी हुई थी, लेकिन बीजेपी ने नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए कार्यक्रम जारी कर दिया है। केंद्रीय मंत्री और गुजरात के प्रभारी भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में नए अध्यक्ष का चुनाव होगा। उनके साथ पार्टी ने के लक्ष्मण को पर्यवेक्षक बनाया है। अभी तक केंद्रीय मंत्री सी आर पाटिल गुजरात के बीजेपी बॉस थे। सीआर पाटिल की जगह कौन लेगा? इसको लेकर सस्पेंस बना हुआ है। बीजेपी गुजरात संगठन के चुनाव अधिकारी उदय कानगड़ के अनुसार शुक्रवार सुबह 11 बजे एक बजे के बीच नामांकन दाखिल किए जाएंगे। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि नामांकन में स्थिति साफ हो जाएगी। एक से अधिक नामांकन की उम्मीद नहीं की जा रही है। अगर एक से ज्यादा नामांकन होंगे, तभी चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अन्यथा निर्विरोध चुनाव संपन्न होगा।
चर्चा में हैं ये नाम
गुजरात बीजेपी अध्यक्ष पद पर ओबीसी वर्ग के किसी नेता की नियुक्ति की संभावना व्यक्त की जा रही है। ऐसे में भूपेंद्र पटेल सरकार में सहकारिता मंत्री और निकोल से विधायक जगदीश विश्वकर्मा (पंचाल) का नाम सुर्खियों में बना हुआ है। इसके अलावा राज्य सभा सांसद मयंक नायक का नाम भी रेस में है। इन दो नामों के अलावा हर्षदगिरी गोस्वामी, पूर्व गृहमंत्री प्रदीपसिंह जडेजा, पूर्व मंत्री अर्जुनसिंह चौहान, पूर्व केंद्रीय मंत्री देवु सिंह चौहान और बाबू भाई जेबलिया का भी नाम शामिल है। चर्चा यह है भी कि बीजेपी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बैकग्राउंड से आने वाले व्यक्ति को भी जिम्मेदारी सौंपी सकती है।
निगम चुनावों में पहला टेस्ट
गुजरात में बीजेपी का जो भी नया अध्यक्ष बनेगा। उसकी पहली परीक्षा निगम के चुनावों में होगी। निगम चुनावों के फरवरी तक होने की उम्मीद की जा रही है। राज्य में शहर और जिलों को मिलाकर कर कुल 52 स्थानीय संगठन की टीमों का गठन अभी बाकी है। सभी जगह पर अभी अध्यक्ष पुरानी टीम से काम कर रहे हैं। ऐसे में गुजरात के नए बीजेपी अध्यक्ष पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। गुजरात के पिछले उप चुनाव में आप ने विसावदर सीट जीतकर बीजेपी को चुनौती दी थी। ऐसे कांग्रेस के सामने अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट जैसे बड़े शहरी गढ़ बचाने की चुनौती है।
गांधीनगर में गरबा के दौरान हिंसक झड़प, पथराव और आगजनी से क्षेत्र में तनाव, सुरक्षा बलों ने की निगरानी बढ़ाई
25 Sep, 2025 01:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गांधीनगर: गुजरात में गरबा के दौरान एक ऑनलाइन पोस्ट को लेकर दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई। यह घटना बुधवार देर रात गांधीनगर जिले के दहेगाम के बहियाल गांव में हुई। इस दौरान एक-दूसरे पर पत्थर फेंके गए और वाहनों को आग लगा दी गई। इससे इलाके में तनाव बढ़ गया। यह सब गरबा उत्सव के दौरान हुआ। फिलहाल मौके पर भारी सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। पुलिस का कहना है कि 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
कैसे सुलगा गांधीनगर?
यह घटना गुरुवार देर रात गांधीनगर जिले के दहेगाम के बहियाल गांव में हुई। सोशल मीडिया स्टेटस को लेकर शुरू हुआ विवाद गरबा समारोह के दौरान तेजी से बढ़ गया। इसके परिणामस्वरूप पथराव और भगदड़ मच गई। आठ से ज्यादा गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया और एक दुकान में तोड़फोड़ कर आग लगा दी गई। स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रहे पुलिस पर भी हमला किया गया और हिंसा में उनके दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
हिंसा की असली वजह आई सामने
पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, एक समुदाय के लड़के ने अपने सोशल मीडिया स्टेटस में लिखा था कि #iLoveMuhammad की जगह #IloveMahadev लिखना चाहिए। लड़के के इसी पोस्ट पर दूसरे समुदाय के लोग भड़क गए और लड़के की चाय की दुकान पर हंगामा मचाया और उसे आग लगा दी। इस दौरान पास में गरबा कार्यक्रम हो रहा था और उसे भी निशाना बनाया गया। पुलिस का कहना है कि 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
दुकान में घुसकर लगाई आग
घटना के एक वीडियो में कुछ लोग एक-दूसरे पर पत्थर फेंकते और कुछ लोग डंडे लिए हुए दिखाई दे रहे हैं। जबकि एक महिला घबराहट में चिल्ला रही है। संभवतः अपने बेटे को पुकार रही है। एक अन्य वीडियो में कुछ लोग एक दुकान में घुसकर उसे नुकसान पहुंचाते और एक-दूसरे से लड़ते-झगड़ते दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस को भी बनाया निशाना
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन भीड़ ने उन्हें भी निशाना बनाया। झड़प के दौरान दो पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। वीडियो में लोग झड़प के दौरान लगी आग बुझाते हुए दिखाई दे रहे हैं। एक व्यक्ति हिंसा में क्षतिग्रस्त हुए वाहनों को भी दिखा रहा है। इसके बाद से अधिकारियों ने व्यवस्था बहाल करने और आगे की हिंसा को रोकने के लिए बहियाल में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।
कई लोग जख्मी, पुलिस ने की सहयोग की अपील
हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन झड़प के दौरान कई लोग घायल हुए हैं। पुलिस का कहना है कि इसमें शामिल लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने निवासियों से अपील की है कि वे ऑनलाइन कुछ भी पोस्ट न करें और जाँच जारी रहने तक सहयोग करें।
गुजरात में पुलिस इंस्पेक्टर की जान गई डॉग की चोट से, जर्मन शेफर्ड ने किया गंभीर हमला – घटना की पूरी जानकारी
25 Sep, 2025 01:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद में डॉग लवर्स को सावधान कर देने वाली घटना सामने आई है। गुजरात पुलिस में बतौर इंस्पेक्टर कार्यरत बानराज मंझरिया की रैबीज के चलते मौत हो गई। जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले उनके पालतू जर्मन शेफर्ड कुत्ते का नाखून उन्हें लग गया था। जर्मन शेफर्ड डॉग के नियमित रेबीज वैक्सीनेशन होता था। इसलिए उन्होंने इस तरफ कोई चिंता नहीं दिखाई। यही सोचकर कि कुत्ते ने काटा नहीं है सिर्फ नाखून लगा है। पुलिस इंस्पेक्टर वनराज ब्रेफिक्र हो गए, लेकिन यह लापरवाही उन्हें भारी पड़ी और उनकी जान चली गई। इंस्पेक्टर की मौत को लेकर केडी हॉस्पिटल ने कोई मेडिकल स्टेटमेंट जारी नहीं किया है लेकिन मंझरिया की मौत से हर कोई सदमें में है।
नहीं बच पाई इंस्पेक्टर की जान
पुलिस इंस्पेक्टर की मौत पर गुजरात के डीजीपी विकास सहाय ने भी शोक व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा है कि पुलिस इंस्पेक्टर वी एस मंझरिया के निधन से अत्यंत दुःखी हूं।पूरे गुजरात पुलिस परिवार की ओर से, मैं उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। जानकारी के अनुसार पुलिस इंस्पेक्टर मंझरिया रैबीज फैलने के बाद फिर वह अहमदाबाद के बेहद महंगे केडी हॉस्पिटल में पांच दिनों तक एडमिट रहे लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। अंतिम समय में उन्हें बेड से बांधकर रखा गया था क्योंकि रेबीज का वायरस आदमी के दिमाग पर काबू कर लेता है और उसे पागल बना देता है।
सभी के लिए बड़ी चेतावनी
गुजरात पुलिस इंस्पेक्टर की असमय मौत से हर कोई स्तब्ध है। इस घटना ने डॉग लवर्स समेत तमाम दूसरे लोगों को बड़ी चेतावनी दी है कि अब अगर आपको किसी कुत्ते का नाखून भी लग जाए तो रैबीज वैक्सीन लगवाने में गफलत न करें। इतना ही नहीं अगर किसी का पालतू कुत्ता काटे या नाखून लगे और उस कुत्ते का मालिक कहे की इस रेबीज का वैक्सीन लगा है तो भी आप इंजेक्शन लगवा लीजिए। सोशल मीडिया यह पूरी घटना काफी सुर्खियों में है। हालांकि अस्पताल और पुलिस विभाग ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।
गुजरात बार काउंसिल ने वकीलों को जारी किया सत्यापन का निर्देश, कहा – 'मैं जॉली एलएलबी नहीं हूं'; जानें पूरा मामला
25 Sep, 2025 01:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: देश भर में फर्जी वकीलों की पहचान और उन्हें सिस्टम से बाहर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया को सत्यापन के निर्देश दिए थे। एलएलबी की डिग्री हासिल करने के बाद प्रैक्टिस करने के लिए संबंधित बार एसोसिएशन और काउंसिल की मंजूरी जरूरी होती है, लेकिन 'जॉली एलएलबी' के मामले सामने के बाद शीर्ष अदालत ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को यह निर्देश दिया था। बीसीआई के निर्देशों के बाद गुजरात बार काउंसिल ने 53,000 वकीलों को सत्यापन पूरा करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के बार-बार आह्वान करके बाद भी बीते 10 साल बाद भी गुजरात और अन्य राज्यों में यह प्रक्रिया केवल लगभग 50 प्रतिशत ही पूरी हो पाई है।
30 दिन का दिया समय
इस बीच बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने गुजरात बार काउंसिल सहित सभी राज्य बार काउंसिलों को निर्देश जारी किए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें फरवरी 2022 तक नामांकित वकील 30 दिनों के भीतर संबंधित दस्तावेजों के साथ प्रैक्टिस सत्यापन फॉर्म भर दें, हालांकि गुजरात में 53,000 से अधिक वकीलों ने अभी तक अपने सत्यापन फॉर्म जमा नहीं किए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने यह पहल कानूनी पेशे से फर्जी वकीलों को हटाने के लिए की थी। शीर्ष कोर्ट ने साल 2015 में देश भर के वकीलों के सत्यापन को अनिवार्य बनाने संबंधी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए थे।
फिर से जमा करने होंगे दस्तावेज
तब से राज्य बार काउंसिलों ने वकीलों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन, एक दशक बाद भी, यह प्रक्रिया अधूरी है। बीसीआई के नए फैसले के अनुरूप गुजरात बार काउंसिल ने एक परिपत्र जारी किया है। इस पर टिप्पणी करते हुए बार काउंसिल की सत्यापन समिति के सदस्य और वित्त समिति के अध्यक्ष अनिल सी. केला ने कहा कि जुलाई 2010 के बाद और 28 फरवरी, 2022 से पहले नामांकित वकील की संख्या 18,000 थी। इन्होंने पहले ही घोषणा पत्र जमा कर दिए थे। अब इन्हें भी नए सिरे से प्रैक्टिस सत्यापन फॉर्म भरना होगा। परिपत्र में दिए गए दिशानिर्देशों के अनुसार कक्षा 10, कक्षा 12, स्नातक और एलएलबी की सभी मार्कशीट की प्रतियां स्व-सत्यापित करके जमा करनी होंगी। मार्कशीट की प्रत्येक प्रति पर नामांकन संख्या स्पष्ट रूप से लिखी होनी चाहिए।
गरबा समारोह में धर्म के आधार पर तनाव, मुस्लिम बजा रहे थे ड्रम और हिंदू संगठन के वर्कर्स मंच पर पहुंचे, आगे क्या हुआ जानिए
24 Sep, 2025 01:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सूरत : नवरात्रि गरबा कार्यक्रम को लेकर इन दिनों विवाद छाया है। इसी बीच सूरत में एक गरबा प्रोग्राम को लगभग एक घंटे के लिए रोक दिया गया, जब बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के सदस्य यहां पहुंचे। उन्होंने मुंबई के एक संगीत बैंड के ढोल बजाने वाले तीन मुस्लिम युवकों की मौजूदगी पर आपत्ति की। यह लगातार दूसरी बार है जब दक्षिणपंथी समूह ने कथित तौर पर मुस्लिम संगीतकारों की मौजूदगी के कारण सूरत में स्वर्ण नवरात्रि कार्यक्रम को निशाना बनाया है। हालांकि बाद में, कार्यक्रम आयोजकों के माफी मांगने और यह आश्वासन देने के बाद कि वे अगले वर्ष इस कार्यक्रम के लिए मुस्लिम संगीतकारों को नहीं बुलाएंगे, तीनों ड्रम वादकों को प्रदर्शन जारी रखने की अनुमति दे दी गई।
खुले लॉन में था गरबा
यह घटना सोमवार रात सूरत शहर के वेसु इलाके में हुई। यहां खुले पार्टी प्लॉट में धवल मुंजानी और प्रिंस पटेल ने स्वर्ण नवरात्रि कार्यक्रम आयोजित किया था। सैकड़ों बजरंग दल और वीएचपी के स्वयंसेवक और नेता कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। मामला तूल पकड़ने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची।
मंच पर पहुंचे दक्षिणपंथी नेता
दक्षिणपंथी नेता पंडाल में प्रवेश कर गए, चल रहे कार्यक्रम के दौरान मंच पर पहुंचे और आयोजकों को मुस्लिम ढोल वादकों की उपस्थिति के बारे में सूचित किया, जिसे आयोजकों धवल और प्रिंस ने स्वीकार किया। इससे दक्षिणपंथी नेताओं और कार्यक्रम आयोजकों के बीच गरमागरम बहस हुई, हालांकि, आयोजकों ने अंततः माफी मांगी और आश्वासन दिया कि अगले साल से वे यह सुनिश्चित करेंगे कि मुस्लिम ढोल वादकों को इस तरह के आयोजनों के लिए नहीं बुलाया जाए।
ढोल बजानेवालों ने भी मांगी माफी
ढोल वादकों ने भी माफी मांगी और आश्वासन दिया कि वे अगले साल से नहीं आएंगे। बाद में, दक्षिणपंथी नेता मौके से चले गए। दक्षिणपंथी नेताओं ने इस माफीनामे को मोबाइल पर रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर अपलोड किया।
आयोजकों का बयान
आयोजक धवल मुंजानी ने कहा कि हम एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी हैं। हम सूरत में साल भर अलग-अलग तरह के कार्यक्रम आयोजित करते हैं। मुंबई के एक म्यूज़िकल बैंड के साथ हमारा सालाना अनुबंध है। कुछ कलाकार मुस्लिम हैं और कुछ हिंदू। हम पिछले कुछ सालों से नवरात्रि के कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं। पिछले दो सालों से ये कलाकार इन कार्यक्रमों के लिए सूरत आते रहे हैं। लेकिन दक्षिणपंथी नेताओं के कुछ ढोल वादकों की मौजूदगी पर आपत्ति जताए जाने के बाद, हमने माफ़ी मांगी और आश्वासन दिया कि अगले साल से हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सूरत में नवरात्रि के किसी भी कार्यक्रम में कोई मुस्लिम कलाकार न लाया जाए।
क्या बोले सूरत के पुलिस कमिश्नर
सूरत के पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने कहा कि जब दक्षिणपंथी नेता नवरात्रि कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, तब पुलिस की एक टीम मौके पर मौजूद थी। दक्षिणपंथी नेताओं और कार्यक्रम आयोजकों के बीच शांतिपूर्ण बातचीत हुई, जिसके बाद मामला सुलझ गया और कार्यक्रम जारी रहा। किसी के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं हुआ और न ही किसी के साथ मारपीट की गई। हमें इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने आगे कहा कि हम चाहते हैं कि सूरत में नवरात्रि के कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित हों... कोई गड़बड़ी न हो। हमने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया है कि वे उन शरारती तत्वों पर कड़ी नज़र रखें जो चल रहे नवरात्रि कार्यक्रम में खलल डालना चाहते हैं।
बजरंग दल का बयान
इस बीच, बजरंग दल के दक्षिण गुजरात प्रांत प्रचारक नीलेश अकबरी ने कहा कि पिछले साल भी सूरत में स्वर्ण नवरात्रि कार्यक्रम के दौरान लगभग 10 कलाकारों ने प्रस्तुति दी थी। हमने उन्हें उस समय प्रस्तुति जारी रखने की अनुमति दी थी, यह ध्यान में रखते हुए कि यह उनकी पहली गलती थी। इस साल भी हमें सूचना मिली कि कार्यक्रम आयोजक मुंबई से मुस्लिम ढोल वादकों को लाए हैं और वे कार्यक्रम में प्रस्तुति दे रहे हैं। हम वहां गए और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में, कार्यक्रम आयोजकों ने माफ़ी मांगी और हमें आश्वासन दिया कि अगले साल से ऐसा नहीं होगा।
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