गुजरात
गर्मी का 'येलो अलर्ट': गुजरात में लू का कहर जारी, राजकोट और अमरेली में तपती सड़कों ने बढ़ाई मुश्किलें
30 Apr, 2026 02:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: गुजरात के आसमान से इन दिनों आग बरस रही है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) के प्रकोप से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। विशेष रूप से सौराष्ट्र और मध्य गुजरात के इलाकों में पारा 40 डिग्री के पार चले जाने से दोपहर के समय 'अघोषित कर्फ्यू' जैसी स्थिति नजर आने लगी है।
1. राजकोट में टूटा रिकॉर्ड, अहमदाबाद-गांधीनगर भी तप रहे
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राजकोट फिलहाल राज्य का सबसे गर्म शहर बना हुआ है, जहाँ अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके ठीक पीछे राज्य की राजधानी गांधीनगर और व्यापारिक केंद्र अहमदाबाद हैं, जहाँ पारा 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच चुका है। अमरेली (42.01°C), वडोदरा (40.02°C) और डीसा में भी भीषण गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है।
2. लू के थपेड़ों से जनजीवन प्रभावित
तीखी धूप और गर्म हवाओं के कारण दोपहर 12 बजे के बाद शहरों की मुख्य सड़कों पर आवाजाही काफी कम देखी जा रही है। लोग गर्मी से बचने के लिए सिर और चेहरे को स्कार्फ या सूती कपड़ों से ढंककर निकल रहे हैं। बाजारों में ठंडे पेय पदार्थों और गन्ने के रस की मांग में भारी इजाफा हुआ है। प्रशासन ने नागरिकों को हाइड्रेटेड रहने और दोपहर के समय सीधे धूप के संपर्क में आने से बचने की सलाह दी है।
3. राहत की उम्मीद: 3 डिग्री तक गिर सकता है पारा
झुलसाने वाली गर्मी के बीच मौसम विभाग ने राहत भरी खबर भी दी है। पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों में वायुमंडल में बदलाव के कारण तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की संभावना है। यदि तापमान में यह कमी आती है, तो पिछले एक हफ्ते से भीषण गर्मी झेल रहे गुजरातियों को मामूली राहत मिल सकती है।
BJP ने 2,531 सीटों पर जीत दर्ज कर बनाया बड़ा रिकॉर्ड
28 Apr, 2026 02:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात। गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों ने एक बार फिर राज्य की राजनीतिक दिशा स्पष्ट कर दी है। मंगलवार को शुरू हुई मतगणना के शुरुआती रुझानों और नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़ी बढ़त बना ली है। 9,200 से अधिक सीटों के लिए हुए इस चुनाव में सत्तारूढ़ दल का दबदबा साफ नजर आ रहा है।
मतगणना के ताजा आंकड़े: बीजेपी की भारी बढ़त
राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, बीजेपी ने अब तक 2,531 सीटों पर विजय प्राप्त कर ली है।
तालुका पंचायत: बीजेपी 1,165 सीटों पर आगे है।
जिला पंचायत: 251 सीटों पर बीजेपी ने बढ़त बनाई हुई है।
नगरपालिका और निगम: पार्टी ने नगरपालिकाओं में 825 और नगर निगमों में 290 सीटों पर अपना परचम लहराया है।
कांग्रेस और अन्य दलों का प्रदर्शन
प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस अब तक 385 सीटें जीतने में सफल रही है।
कांग्रेस का विवरण: पार्टी को तालुका पंचायतों में 235, जिला पंचायतों में 23, नगरपालिकाओं में 118 और नगर निगमों में मात्र 8 सीटें मिली हैं।
अन्य: आम आदमी पार्टी (AAP), एआईएमआईएम (AIMIM) और निर्दलीय उम्मीदवारों ने मिलकर कुल 169 सीटों पर जीत दर्ज की है।
चुनाव की महत्वपूर्ण बातें
मतदान की तारीख: रविवार को राज्य के 15 नगर निगमों, 84 नगरपालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों के लिए वोट डाले गए थे।
मतदान प्रतिशत: तालुका पंचायतों में सबसे अधिक 67.26% मतदान हुआ, जबकि नगर निगमों में यह आंकड़ा 55.1% रहा। वलसाड के वापी में रिकॉर्ड 72.29% वोटिंग दर्ज की गई।
नए निगम: इस बार पहली बार 9 नवगठित नगर निगमों (जैसे मोरबी, वापी, आनंद, मेहसाणा आदि) में मतदान कराया गया।
वोटिंग के बाद TMC सांसद का दावा, 40-50 साल तक सत्ता में रह सकती है BJP
27 Apr, 2026 02:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान ने गुजरात स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान एक ऐसा बयान दिया है जिसने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने गुजरात में भाजपा के मजबूत आधार और सुशासन की खुलकर सराहना की।
अगले 50 साल तक गुजरात में भाजपा को हटाना नामुमकिन— यूसुफ पठान
गुजरात में रविवार को हुए नगर निगम, नगरपालिका और पंचायती राज चुनावों के दौरान यूसुफ पठान अपने परिवार के साथ मतदान करने पहुंचे। वोट डालने के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने राज्य की राजनीतिक स्थिति पर अपनी बेबाक राय रखी।
भाजपा और विकास पर पठान के विचार
पठान ने जनता की पसंद और शासन व्यवस्था को भाजपा की लंबी सत्ता का मुख्य कारण बताया। उनके बयान के मुख्य अंश इस प्रकार हैं:
अजेय बढ़त: पठान ने कहा, "अगले 40-50 वर्षों तक गुजरात में भाजपा को सत्ता से बेदखल नहीं किया जा सकता। यह एक वास्तविकता है जिसे नकारा नहीं जा सकता।"
जनता का भरोसा: उन्होंने तर्क दिया कि जो पार्टी जमीन पर काम करती है और जनता की पसंदीदा बन जाती है, वही लंबे समय तक शासन करती है। गुजरात के लोग विकास के आधार पर भाजपा को पसंद करते हैं और चुनते हैं।
TMC से तुलना: अपनी पार्टी (टीएमसी) का बचाव करते हुए उन्होंने यह भी जोड़ा कि जिस तरह गुजरात में भाजपा का प्रभाव है, उसी तरह पश्चिम बंगाल में टीएमसी जनता की आवाज बनकर काम करती है, इसलिए वहां के लोग उसे पसंद करते हैं।
बंगाल चुनाव और मतदान प्रतिशत पर टिप्पणी
पश्चिम बंगाल के चुनावी रुझानों और आंकड़ों पर उठ रहे सवालों पर भी पठान ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मतदान के आंकड़ों में कोई रहस्य नहीं है। 92 लाख अतिरिक्त मतदाताओं को शामिल करने के बावजूद मतदान प्रतिशत 80-81% के आसपास ही रहता है। उन्होंने इसे महज एक गणितीय गणना और प्रतिशत समायोजन का मामला बताया।
Umreth सीट पर वोटिंग जारी, 11 बजे तक 25 फीसदी मतदान दर्ज
23 Apr, 2026 03:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात। गुजरात के आणंद जिले की उमरेठ विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए आज सुबह से मतदान की प्रक्रिया जारी है। सुबह 7 बजे शुरू हुई यह वोटिंग शाम 6 बजे तक चलेगी। पूर्व विधायक गोविंद परमार के आकस्मिक निधन के कारण खाली हुई इस सीट पर अब उनके उत्तराधिकारी और विपक्ष के बीच सीधा मुकाबला देखा जा रहा है।
उमरेठ उपचुनाव: सुबह से पोलिंग बूथों पर कतारें, 4 मई को आएंगे नतीजे
उमरेठ विधानसभा क्षेत्र में आज लोकतंत्र का उत्सव मनाया जा रहा है। मतदाता अपने नए प्रतिनिधि को चुनने के लिए भारी उत्साह के साथ मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग ने कड़े इंतजाम किए हैं।
मुख्य मुकाबला: विरासत बनाम अनुभव
इस उपचुनाव में मुख्य टक्कर सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच मानी जा रही है:
भाजपा (विरासत का चेहरा): भारतीय जनता पार्टी ने दिवंगत विधायक गोविंद परमार के पुत्र हर्षद गोविंदभाई परमार को चुनावी मैदान में उतारा है। यह हर्षद का पहला बड़ा राजनीतिक इम्तिहान है, जहाँ वे अपने पिता की विरासत को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
कांग्रेस (अनुभव का दांव): कांग्रेस की ओर से भृगुराजसिंह चौहान प्रत्याशी हैं। भृगुराजसिंह एक मंझे हुए स्थानीय नेता हैं और पूर्व में उमरेठ तालुका पंचायत के अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनकी पकड़ स्थानीय मुद्दों पर काफी मजबूत मानी जाती है।
अन्य उम्मीदवार: इन दोनों के अलावा मैदान में तीन निर्दलीय और एक अन्य दल का उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जो मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
विवरण,संख्या / जानकारी
कुल मतदाता,"2,45,623"
तैनात कर्मचारी,"लगभग 1,500 (पर्यवेक्षकों सहित)"
मतदान का समय,सुबह 7:00 से शाम 6:00 बजे तक
परिणाम की तिथि,4 मई 2026
2500 करोड़ की साइबर ठगी का भंडाफोड़, बैंक अधिकारियों सहित 20 लोग पकड़े गए
21 Apr, 2026 12:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजकोट (गुजरात): साइबर अपराधियों और बैंक अधिकारियों के नापाक गठबंधन का पर्दाफाश करते हुए राजकोट (देहात) पुलिस ने तीन बैंकर्स को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने बैंकिंग नियमों को ताक पर रखकर धोखेबाजों को फर्जी खाते उपलब्ध कराए।
इन अधिकारियों की हुई गिरफ्तारी
राजकोट (देहात) के पुलिस अधीक्षक (SP) विजय गुर्जर ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साझा की है:
मौलिक कमानी: यस बैंक (पधारी) में निजी प्रबंधक।
कल्पेश डांगरिया: एक्सिस बैंक (जामनगर) में प्रबंधक।
अनुराग बलधा: एचडीएफसी बैंक में निजी बैंकर।
कैसे करते थे अपराधियों की मदद?
पुलिस जांच के अनुसार, इन अधिकारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण थी:
संदेहास्पद खातों का प्रबंधन: मौलिक कमानी ने पहले से पकड़े गए आरोपियों को संदिग्ध बैंक खाते खोलने और उन्हें सुचारू रूप से चलाने में तकनीकी सहायता दी।
फर्जी पहचान का खेल: कल्पेश डांगरिया पर आरोप है कि उन्होंने गलत पहचान पत्रों और फर्जी दस्तावेजों के जरिए खाते खोलने में मदद की।
वेरिफिकेशन में हेराफेरी: अनुराग बलधा ने बैंक की सत्यापन और प्रमाणीकरण प्रक्रियाओं को दरकिनार कर गिरोह के लिए नए खाते सक्रिय किए।
संगठित गिरोह और बैंकिंग मिलीभगत
एसपी विजय गुर्जर ने बताया कि यह कोई छोटी-मोटी चोरी नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क है। जांच में सामने आया है कि:
बैंक अधिकारियों ने जानबूझकर उन खातों को सक्रिय रखा जिनका उपयोग संदिग्ध और अवैध लेन-देन के लिए किया जा रहा था।
धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल किए गए अधिकांश खाते फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तैयार किए गए थे।
रेलवे की बड़ी राहत: उधना स्टेशन पर उमड़ी भीड़ के लिए चलाई गईं स्पेशल ट्रेनें
20 Apr, 2026 07:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सूरत। के उधना रेलवे स्टेशन पर रविवार (19 अप्रैल) को भीषण गर्मी और छुट्टियों के चलते यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। स्टेशन के बाहर 2 से 3 किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जिनमें अधिकांश प्रवासी मजदूर थे। भीड़ के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थिति तनावपूर्ण नजर आने लगी थी।
रेलवे का त्वरित एक्शन
अव्यवस्था को देखते हुए भारतीय रेलवे ने तुरंत मोर्चा संभाला और कई स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दिनभर में नियमित और विशेष ट्रेनों के माध्यम से 23,000 से अधिक यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुँचाया गया। भारी संख्या में पुलिस और रेलवे कर्मचारियों की तैनाती कर यात्रियों को कतारों में व्यवस्थित तरीके से ट्रेनों में बैठाया गया।
संतोषजनक रहा प्रबंधन
रेलवे के बेहतर प्रबंधन और अतिरिक्त ट्रेनों की सुविधा से यात्रियों ने राहत की सांस ली। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भीड़ को देखते हुए भविष्य में भी अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जाएंगी। साथ ही प्रशासन ने यात्रियों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
डायमंड सिटी को जाम से मिलेगी मुक्ति; सूरत मेट्रो के 8.5 किमी लंबे रूट पर टेस्टिंग जारी।
18 Apr, 2026 05:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सूरत | अहमदाबाद और गांधीनगर की तर्ज पर अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य का प्रमुख औद्योगिक केंद्र सूरत भी जल्द ही मेट्रो रेल के नक्शे पर नजर आने वाला है। गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (GMRC) ने शहर के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ड्रीम सिटी और अल्थान टेनमेंट के बीच स्थित 8.5 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर परीक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस रूट के सफलतापूर्वक संचालित होने के बाद, दुनिया के सबसे बड़े ऑफिस स्पेस 'सूरत डायमंड बोर्स' के लिए आवाजाही बेहद सुगम हो जाएगी। मेट्रो प्रशासन के अनुसार, इस ट्रैक पर परिचालन की अंतिम मंजूरी से पहले 500 घंटे से अधिक का सघन परीक्षण किया जाएगा, जिसमें मेट्रो की गति, आधुनिक ब्रेकिंग सिस्टम और अन्य तकनीकी सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच होगी। रेल संरक्षा आयुक्त से हरी झंडी मिलने के बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा, जिससे शहर के यातायात के बोझ में भारी कमी आने की उम्मीद है।
विशेष रूप से, यह परियोजना सूरत की पहचान माने जाने वाले हीरा और कपड़ा उद्योग के लिए मील का पत्थर साबित होगी। मेट्रो के शुरू होने से वराछा, कतरगाम और सारथाना जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों से 'सूरत डायमंड बोर्स' आने-जाने वाले लगभग 45,000 कारीगरों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा। यह न केवल उनके समय की बचत करेगा, बल्कि उन्हें परिवहन का एक तेज, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल साधन भी प्रदान करेगा। पूरी सूरत मेट्रो परियोजना को दो प्रमुख गलियारों (कॉरिडोर) में बांटा गया है। पहला 'डायमंड कॉरिडोर' सारथाना को ड्रीम सिटी से जोड़ता है, जिसमें एलिवेटेड और अंडरग्राउंड दोनों तरह के ट्रैक शामिल हैं। वहीं, दूसरा 'टेक्सटाइल कॉरिडोर' भेसान से सरोली के बीच पूरी तरह से एलिवेटेड रूट पर बनाया गया है। कुल 40.35 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना और इसके 38 स्टेशनों के चालू होने से सूरत की वैश्विक पहचान और अधिक सुदृढ़ होगी।
बहुचराजी मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं पर कहर, ट्रक की टक्कर से 7 की जान गई
13 Apr, 2026 11:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात। सुरेन्द्रनगर से भीषण सड़क हादसा सामने आया है, यहां एक तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. वहीं, इस हादसे में कई लोगों के घायल होने की खबर है. वहीं इस हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया है. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है। इस घटना के संबंध में पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले में हुआ है. बताया गया कि रविवार देर रात एक तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से सात लोगों की मौत हो गई, वहीं इस हादसे में कुछ अन्य घायल हो गए।
बहुचराजी मंदिर जा रहे थे सभी लोग
घटना को लेकर लखतर के पुलिस निरीक्षक योगेश पटेल ने जानकारी देते हुए बताया है कि यह घटना लखतर-विरामगाम राजमार्ग पर देर रात करीब 1.30 बजे उस समय घटी, जब तीर्थयात्रियों का एक समूह राजकोट से बहुचराजी मंदिर में दर्शन करने के लिए पैदल जा रहा था।
हादसे में दो पुरुष और चार महिलाएं शामिल
उन्होंने आगे बताया कि जिले के लखतर तालुका के भास्करपारा गांव के बाहरी इलाके में एक तेज रफ्तार ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचल दिया. उन्होंने बताया कि छह तीर्थयात्री और सड़क किनारे खड़े एक डंपर चालक की मौत हो गई. मृतकों में चार महिलाएं शामिल हैं. अधिकारी ने बताया कि घायलों की संख्या अभी स्पष्ट नहीं है।
हादसे के बाद मौके से फरार हुआ ट्रक चालक
उन्होंने कहा, “यह हादसा उस समय हुआ जब तीर्थयात्री पैदल जा रहे थे. वे बहुचराजी के एक मंदिर में पूजा करने के लिए निकले थे, तभी पीछे से तेज रफ्तार से आ रहे एक ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी.” अधिकारी ने बताया कि ट्रक चालक मौके से फरार हो गया और उसे पकड़ने के प्रयास जारी हैं. वहीं, पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
प्रशासनिक सेवा छोड़ राजनीति में आने के फैसले पर उठे सवाल
10 Apr, 2026 03:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात। स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो चली है. इस बीच गुजरात की राजनीति में एक बड़ा प्रशासनिक चेहरा अब चुनावी अखाड़े में उतर गया है. पूर्व IPS अधिकारी मनोज निनामा ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है और अब चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं. वीआरएस लेने के बाद ही भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें टिकट दिया है। मनोज निनामा पिछले 42 सालों से पुलिस में काम कर रहे थे. मनोज 31 मई को ही रिटायर होने वाले थे. हालांकि उससे पहले ही उन्होंने वीआरएस लेने का फैसला कर लिया. इसके पीछे की वजह स्थानीय चुनाव ही था. वह अपने पैतृक गांव से चुनाव लड़ने की तैयारी लंबे समय से कर रहे थे।
क्यों बीजेपी में शामिल हुए मनोज
मनोज ने बीजेपी में शामिल होने की वजह विकास और राष्ट्रवाद की विचारधारा के कारण ज्वाइन किया है. उन्होंने कहा कि आज के समय में देश की सबसे अनुशासित पार्टी है. यही वजह है कि बीजेपी ज्वाइन की है।
दोस्त की वजह से राजनीति में एंट्री
मनोज निनामा अपने पुराने दोस्त पी सी बरंडा की वजह से ही राजनीति में आए हैं. वे इस समय गुजरात में राज्यमंत्री हैं और अरावली जिले की भीलोदा विधानसभा सीट से विधायक हैं. निनामा ने बताया कि उन्होंने राजनीति में आने का फैसला बरंडा से प्रभावित होकर ही लिया था. निनामा ने बताया कि वह और बरंडा के साथ ही पढ़ाई की है. उन्होंने भी वीआरएस लिया था।
क्यों बीजेपी के लिए खास हैं मनोज
मनोज 2006 बैच के आईपीएस रहे हैं. इसके साथ ही उनका ज्यादातर समय गुजरात में ही गुजरा है. वीआरएस लेने के समय स्टेट ट्रैफिक विंग आईजीपी थे.मनोज निनामा 31 मई, 2026 को रिटायर हो रहे थे. इससे पहले उन्होंने वीआरएस ले लिया. मनोज मूलरूप से अरवल्ली जिले के रहने वाले हैं. गुजरात में आज भी आदिवासी नेताओं के तौर पर ज्यादा लोग नहीं है. यही वजह है कि आदिवासी फैक्टर लंबे समय से बीजेपी के लिए मुश्किल बना हुआ है. मनोज का बीजेपी में आना एक उम्मीद की किरण माना जा रहा है।
खाने में जहर! डोसा खाने के बाद दो मासूमों की गई जान
7 Apr, 2026 12:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात। अहमदाबाद के चांदखेड़ा इलाके से एक अत्यंत चौंकाने वाली और विचार करने पर मजबूर करने वाली घटना सामने आई है, यहां डोसा खाने के बाद फूड पॉइज़निंग के कारण एक ही परिवार की 2 मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत हो गई, इस दुखद घटना में बच्चियों के माता-पिता की भी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. परिवार ने स्थानीय डेयरी से लाए गए डोसा के घोल को इन मौतों के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए गंभीर सवाल खड़े किए हैं. हालांकि, दूसरी ओर डेयरी संचालक ने अपने बचाव में इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है।
चांदखेड़ा के मारुति प्लाजा में रहने वाले प्रजापति परिवार के साथ यह झकझोर देने वाली घटना हुई है. जानकारी के मुताबिक, परिवार की 3 महीने की राहा और 4 साल की मिष्टी नाम की दो बेटियों ने अपनी जान गंवा दी है. परिवार का सीधा आरोप है कि बाहर से लाए गए घोल से बने डोसा खाने के बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ी और अंत में यह त्रासदी हुई।
डोसा खाते ही सबकी तबीयत बिगड़ी
बता दें कि 1 अप्रैल को आईओसी रोड पर स्थित 'घनश्याम डेयरी' से डोसा बनाने का घोल लाया गया था. उसी दिन शाम को बच्चियों के पिता विरल प्रजापति ने डोसा खाया था और उसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी. इसके बाद दूसरे दिन यानी 2 अप्रैल को पत्नी भावना और बड़ी बेटी मिष्टी ने भी उसी घोल से बने डोसा खाए थे. शाम होते ही दोनों को उल्टियां होने लगीं. 4 साल की मिष्टी की हालत और बिगड़ने पर उसे पहले पुष्पा अस्पताल और फिर इलाज के लिए केडी अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन दुर्भाग्य से इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई।
डेयरी के मालिक ने क्या कहा?
दोनों बेटियों की मौत से परिवार में भारी मातम छा गया है. फिलहाल बच्चियों के माता-पिता दोनों अस्पताल के बिस्तर पर हैं और उनका इलाज चल रहा है. दूसरी ओर जिस पर आरोप है, उस घनश्याम डेयरी के मालिक ने इस मामले में अपना बचाव करते हुए बयान दिया है. उन्होंने बताया कि वे पिछले 30 सालों से डेयरी द्वारा अलग-अलग खाद्य पदार्थ बनाने का काम कर रहे हैं और घोल उनके अपने इकाई में ही बनाया जाता है।
उनके मुताबिक, डेयरी से रोजाना 100 से 125 किलो तक घोल बेचा जाता है. जिस दिन बच्ची के पिता ने आकर शिकायत की, उस समय डेयरी मालिक ने गांव के अन्य ग्राहकों (जो उस दिन घोल ले गए थे) से भी पूछताछ की थी. हालांकि, उनमें से किसी भी ग्राहक की ओर से अब तक ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है।
चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा दांव, 243 प्रत्याशियों के नाम घोषित
6 Apr, 2026 03:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद | गुजरात में विपक्षी दल कांग्रेस ने 15 नगर निगम में से अहमदाबाद और सूरत समेत सात नगर निकाय के लिए 243 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची रविवार को जारी की. इन नगर निगमों के लिए 26 अप्रैल को चुनाव होंगे. भारतीय जनता पार्टी (BJP) और आम आदमी पार्टी (AAP) ने अभी अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है.कांग्रेस की सूची में सात प्रमुख नगर निकायों अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट, भावनगर, जामनगर और मोरबी के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की गई है. चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, 34 जिला पंचायतों, 260 तालुका पंचायतों, 84 नगरपालिकाओं और 15 नगर निगमों के लिए 26 अप्रैल को मतदान होगा. मतों की गिनती 28 अप्रैल को होगी.
OBC आरक्षण के संशोधित मानदंड लागू
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, गुजरात में 9,992 सीट के लिए 4.18 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र होंगे. चुनाव अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण के संशोधित मानदंडों के तहत कराए जा रहे हैं जिसके लिए कई जिलों में वार्डों का व्यापक परिसीमन और पुनर्गठन आवश्यक है.
11 अप्रैल तक कर सकते हैं नामांकन
चुनाव के लिए अधिसूचना 6 अप्रैल को जारी की जाएगी. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 11 अप्रैल है. नामांकन पत्रों की जांच 13 अप्रैल को की जाएगी और उम्मीदवारों को 15 अप्रैल तक अपने नाम वापस लेने की अनुमति होगी.
गुजरात दौरे से पहले केजरीवाल का बड़ा कदम, CM से मिलने की इच्छा
2 Apr, 2026 02:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर की है. उन्होंने लिखा कि गुजरात में पंचायत और नगर पालिका चुनावों से पहले उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को बड़े पैमाने पर अवैध रूप से गिरफ्तार किया जा रहा है।
केजरीवाल के अनुसार, अब तक 160 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है. आगे भी दस हजार से अधिक लोगों को गिरफ्तार करने की योजना बनाई जा रही है. इन्हीं सब बातों को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को पत्र लिखकर मिलने का समय मांगा है।
आप की बढ़ती लोकप्रियता से बौखला गई है बीजेपी- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने यह भी लिखा कि आम आदमी पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता से बीजेपी बुरी तरह बौखला गई है. केजरीवाल ने कहा कि इस तरह की गिरफ्तारियां और कथित ‘गुंडागर्दी’ को गुजरात की जनता स्वीकार नहीं करेगी और आने वाले समय में लोग इसका जवाब देंगे. इस बीच उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को पत्र लिखकर मिलने का समय मांगा है. उनका कहना है कि वह इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री से सीधे बातचीत करना चाहते हैं और अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं की स्थिति को उनके सामने रखना चाहते हैं।
आरोपों के बाद गर्म हुआ राजनीतिक माहौल
आम आदमी पार्टी की ओर से लगाए गए इन आरोपों के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है. वहीं, इन आरोपों पर अब तक सरकार या बीजेपी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. इस मुद्दे को लेकर राज्य की राजनीति में तनाव बढ़ता दिख रहा है और आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना है।
धरती हिली तो मचा हड़कंप, लोग खुले में पहुंचे
2 Apr, 2026 11:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात। दक्षिण गुजरात के नवसारी जिले में गुरुवार (2 अप्रैल) सुबह 3.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. इसकी जानकारी भूकंपीय अनुसंधान संस्थान (आईएसआर) ने दी. गांधीनगर स्थित इस संस्थान ने बताया कि भूकंप सुबह 5 बजकर 27 मिनट पर आया और इसका केंद्र वांसदा से 22 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व में स्थित था।
पिछले 200 साल में आ चुके 9 बड़े भूकंप
स्थानीय अधिकारियों ने भी बताया कि भूकंप से संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ और न ही किसी के हताहत होने की कोई खबर है. गुजरात भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (जीएसडीएमए) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले 200 सालों में यहां नौ बड़े भूकंप आ चुके हैं।
जीएसडीएमए के अनुसार, 2001 का कच्छ भूकंप पिछली दो शताब्दियों में भारत में आया तीसरा सबसे बड़ा और दूसरा सबसे विनाशकारी भूकंप था. गुजरात के कच्छ जिले के भाचाऊ के पास 26 जनवरी 2001 को 6.9 तीव्रता का भूकंप आया, जिसने पूरे राज्य को प्रभावित किया था. इस भूकंप में 13,800 लोगों की जान गई थी और 1.67 लाख लोग घायल हुए थे।
त्रासदी के बाद सरकार ने आपदा प्रबंधन को किया था मजबूत
इस हादसे में लाखों घर पूरी तरह से तबाह हो गए थे. वहीं भुज, भाचाऊ, अंजार और गांधीधाम जैसे शहरों में भारी तबाही देखने को मिली, जहां कई इलाकों में 70 से 90 प्रतिशत तक इमारतें गिर गई थीं. नुकसान इतना ज्यादा इसलिए हुआ क्योंकि भूकंप का केंद्र जमीन के काफी करीब था. इस त्रासदी के बाद सरकार ने आपदा प्रबंधन को मजबूत किया और गुजरात राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण जैसी संस्थाओं को सशक्त बनाते हुए भूकंपरोधी निर्माण नियमों को सख्ती से लागू किया, ताकि भविष्य में ऐसी आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
प्रदर्शन के दौरान हंगामा, AAP नेताओं पर कार्रवाई
2 Apr, 2026 08:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात। देवभूमि द्वारका जिले में आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी और उनके साथ करीब 30 अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है. यह मामला खंभालिया थाने में दर्ज किया गया है. जिसमें उन पर हंगामा करने और कानून व्यवस्था में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं. जानकारी के अनुसार, आप के नेता और कार्यकर्ता एक पार्टी कार्यकर्ता की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे. यह कार्यकर्ता दीपक सिंह है, जिसे पुलिस ने चेन झपटमारी के आरोप में गिरफ्तार किया था. पार्टी का दावा है कि दीपक सिंह उनका सक्रिय कार्यकर्ता है और उसकी गिरफ्तारी को लेकर वे विरोध जता रहे थे।
प्रदर्शन करने वालों पर पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
पुलिस के मुताबिक, बुधवार दोपहर इसुदान गढ़वी अपने समर्थकों के साथ खंभालिया पुलिस स्टेशन पहुंचे. इस दौरान उन्होंने थाने के बाहर और अंदर प्रदर्शन किया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया. पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने हंगामा किया और सरकारी कामकाज में बाधा पहुंचाई।
पुलिस उपाधीक्षक विस्मय मनसेटा ने बताया कि इस मामले में गढ़वी और अन्य लोगों के खिलाफ कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है. इनमें लोक सेवक के काम में बाधा डालना, दंगा करना और बिना अनुमति के गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होना शामिल है।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
जानकारी के अनुसार, पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है. इस घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है. वहीं, आप की ओर से इस कार्रवाई को लेकर विरोध जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं।
सूरत में वीडियो विवाद के बाद बवाल, महिलाओं ने पुलिस से की शिकायत
1 Apr, 2026 10:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सूरत। गुजरात के सूरत में जैन समुदाय की महिलाओं के समूह ने एक जैन मुनि के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. इसको लेकर महिलाएं पुलिस के पास पहुंचीं. कार्रवाई की मांग उस समय सामने आई जब सोशल मीडिया पर एक कथित अश्लील वीडियो वायरल हुआ। वहीं, जैन मुनि ने इन आरोपों को 'बेबुनियाद अफवाहें' बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ गलत सूचना फैलाना एक बड़ी साजिश का हिस्सा है. महिलाओं के समूह ने रविवार, 29 मार्च को सूरत पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत को एक आवेदन सौंपकर जैन मुनि चंद्र सागर मुनि के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
'जैन समुदाय की न हो बदनामी'
महिलाओं की दलील है कि अगर इस मामले को तुरंत हल नहीं किया गया तो जैन समुदाय की बदनामी हो सकती है. समूह की एक सदस्य ने कहा, 'ये सब कुछ समय से चल रहा है. हमने अपने आवेदन के माध्यम से मांग की है कि इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि हमारे जैन समुदाय को उनकी वजह से बदनामी न झेलनी पड़े।'
जैन मुनि के खिलाफ अफवाह फैलाने का आरोप
महिला ने कहा, 'उनके कुकर्मों के कारण, हम दृढ़ता से चाहते हैं और मांग करते हैं कि उन्हें हटाया जाए.' जैन मुनि के वेश में एक व्यक्ति का अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया. आरोपों का जवाब देते हुए, जैन मुनि ने किसी भी प्रकार की गलती से इनकार किया और दावा किया कि कुछ समूह जानबूझकर उनके खिलाफ गलत सूचना फैला रहे हैं।
जैन मुनि ने वीडियो जारी कर खारिज किए सभी आरोप
उन्होंने एक वीडियो बयान में कहा, 'कुछ समय से कुछ लोग मेरे बारे में अफवाहें फैला रहे हैं. मुझे पता चला है कि कुछ महिलाएं पुलिस आयुक्त के पास गई हैं.' उन्होंने आरोप लगाने वालों को चुनौती देते हुए सवाल किया कि क्या वे कभी उनसे मिली हैं या उन्हें आरोपों की कोई प्रत्यक्ष जानकारी है।
पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान नहीं
जैन मुनि ने कहा, 'आप मुझसे कब मिली हैं? क्या आपको पता है कि वास्तव में क्या हुआ है? आप मुझसे कहीं नहीं मिली हैं और फिर भी अपनी राय दे रही हैं.' पुलिस ने अभी तक महिलाओं के समूह के आवेदन के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
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