गुजरात
सरहद पर अफसरों की मौजूदगी बढ़ी, 16 गांवों में रात गुजारेंगे 8 IPS अधिकारी
8 Jun, 2026 01:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गांधीनगर। गुजरात की अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद करने के लिए राज्य सरकार ने एक बेहद अनूठा और बड़ा अभियान शुरू किया है। इस विशेष रणनीति के तहत भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 8 वरिष्ठ अधिकारी पाकिस्तान सीमा से सटे संवेदनशील इलाकों के 16 गांवों का दौरा करेंगे और वहां रात भी बिताएंगे। आगामी 11 और 12 जून को होने वाला यह सघन दौरा बनासकांठा के वाव-थराद सीमावर्ती क्षेत्रों सहित पाटन और कच्छ जिलों के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सुदूर गांवों को कवर करेगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सीमा सुरक्षा की जमीनी हकीकत को परखना और सरहदी बाशिंदों से सीधा संवाद स्थापित करना है।
स्थानीय निवासियों के घरों में रुककर सुरक्षा का आकलन करेंगे अफसर
गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में तैयार की गई इस विशेष कार्ययोजना के तहत सभी आला अधिकारी किसी वीआईपी गेस्ट हाउस में रुकने के बजाय सीमावर्ती ग्रामीणों के घरों में ठहरेंगे। राज्य सरकार की इस पहल का बड़ा मकसद न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय और अंतर-राज्यीय सीमाओं की निगरानी को अभेद्य बनाना है, बल्कि बेहद दुर्गम और एकांत चौकियों पर मुस्तैद पुलिस कर्मियों का हौसला बढ़ाना भी है। दो दिनों के इस मैदानी अभ्यास के दौरान आईपीएस अधिकारी सीमा पर होने वाली गश्त (पेट्रोलिंग) का बारीकी से निरीक्षण करेंगे, देर रात सुरक्षा समीक्षा बैठकें करेंगे और स्थानीय ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाकर उनकी चिंताओं और समस्याओं को जानकर उनका समाधान तलाशेंगे।
सीमावर्ती जिलों के 16 चिन्हित गांवों में अधिकारियों की तैनाती
सुरक्षा तैयारियों के इस महा-अभियान के लिए सरकार ने अधिकारियों के प्रभार भी तय कर दिए हैं। इसके तहत एडीजीपी वाबंग जमीर वाव-थराद के असरागम और रचेना गांवों की कमान संभालेंगे, जबकि एडीजीपी अजय कुमार चौधरी कच्छ पूर्वी के शिरानी वंध और जटावाड़ा गांवों का जायजा लेंगे। वहीं पाटन जिले के धोकावाड़ा और चारंका गांवों की जिम्मेदारी आईजीपी बिपिन शंकरराव अहिरे को सौंपी गई है, तो डीआईजीपी एएम मुनिया वाव-थराद के रादोसन और गोलाप गांवों का रुख करेंगे। इसी तरह कच्छ पश्चिमी के दुर्गम जूना और देढिया गांवों में डीआईजीपी केएन दामोर तथा उधमों और पाटागर गांवों में डीआईजीपी डॉ. लीना पाटिल सुरक्षा चक्र का मुआयना करेंगी।
गहन जमीनी अभ्यास से मजबूत होगा सुरक्षा एजेंसियों और जनता का तालमेल
इसी क्रम में एसीपी आरटी सुसारा को पुनराजपार और गुनाऊ गांवों की सुरक्षा व्यवस्था परखने का जिम्मा मिला है, जबकि डीआईजीपी सुधा एस. पांडे दिनारा और भीतारा मोटा गांवों का सघन दौरा कर वहां रात्रि विश्राम करेंगी। प्रशासनिक हल्कों में इस पूरे कार्यक्रम को महज एक औपचारिक या रूटीन दौरा न मानकर एक बेहद गंभीर और गहन जमीनी सुरक्षा अभ्यास (ग्राउंड एक्सरसाइज) माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस सीधे जुड़ाव से जहां एक ओर विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों और आपसी तालमेल का सटीक आकलन हो सकेगा, वहीं दूसरी ओर देश की अंतिम सीमा पर पहरा दे रहे आम नागरिकों और कानून व्यवस्था संभालने वाले अधिकारियों के बीच का भरोसा और संचार तंत्र पहले से कई गुना मजबूत होगा।
तेज रफ्तार कार बनी काल: मोरबी हादसे में आम आदमी पार्टी के नेता सहित पांच ने गंवाई जान, परखच्चे उड़े
6 Jun, 2026 12:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोरबी | गुजरात के मोरबी जिले में शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में आम आदमी पार्टी (आप) के एक स्थानीय पदाधिकारी सहित पांच लोगों की जान चली गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। यह भीषण हादसा मोरबी-हलवद राजमार्ग पर चराडवा गांव के समीप रात लगभग 9:30 बजे घटित हुआ। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोग मलबे में ही दबकर रह गए।
अस्पताल ले जाते समय हुआ हादसा
पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, एक कार में सवार होकर सात लोग हलवद तालुका के रांचोरगढ़ गांव से राजकोट की तरफ जा रहे थे। दरअसल, कार में सवार 24 वर्षीय परेश धाधेया पहले एक मोटरसाइकिल हादसे में चोटिल हो गए थे, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था। इसी दौरान चराडवा गांव के पास अचानक सड़क पार कर रहे एक डंपर ट्रक से उनकी तेज रफ्तार कार की आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई।
मशीनों की मदद से निकाला गया शव
हादसे की भयावहता को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस बल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। कार में फंसे घायलों और शवों को बाहर निकालने के लिए प्रशासन को भारी एक्सकेवेटर मशीन (जेसीबी) की मदद लेनी पड़ी। इस दर्दनाक दुर्घटना में तीन लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य की मौत देर रात राजकोट के अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। मृतकों में आम आदमी पार्टी के तालुका पंचायत सदस्य प्रेमजी धाधेया सहित परेश धाधेया (24), सुरेश सिरोया (47), वीरम धाधेया (28) और भरत धाधेया (39) शामिल हैं।
घायलों का उपचार और जांच शुरू
पुलिस ने बताया कि दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए दो अन्य यात्रियों को आपातकालीन उपचार के लिए राजकोट के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। शुरुआती तफ्तीश के मुताबिक, यह हादसा उस वक्त हुआ जब डंपर ट्रक सड़क पार कर रहा था और कार की गति तेज होने के कारण वह अनियंत्रित होकर उससे टकरा गई। पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए मामले की विस्तृत जांच कर रही है। इस दुखद घटना के बाद पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।
विदेशी धरती पर फंसीं बेटियां, मसीहा बने सांसद मितेश पटेल: जानिए क्या है 'ऑपरेशन महीसागर 2.0'
5 Jun, 2026 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद | गुजरात के आणंद जिले की दो बहनों को थाईलैंड और लाओस में फैले एक खतरनाक अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी नेटवर्क से सुरक्षित निकाल लिया गया है। इन दोनों युवतियों को थाईलैंड में एक अच्छी नौकरी का लालच देकर बुलाया गया था, लेकिन वहां पहुंचते ही उन्हें बंधक बना लिया गया। पीड़ितों के परिवार की गुहार पर स्थानीय सांसद और भारतीय दूतावास की मदद से एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय बचाव अभियान चलाया गया, जिसके बाद दोनों बहनें अब सुरक्षित हैं।
धोखे से जाल में फंसाया और बनाया बंधक
दोनों बहनों को सुनहरे भविष्य और नौकरी का झांसा देकर थाईलैंड भेजा गया था। हालांकि, वहां पहुंचने के बाद उन्हें अवैध रूप से लाओस ले जाया गया, जहाँ वे अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करों के चंगुल में फंस गईं। इस दौरान उनका अपने परिवार से संपर्क पूरी तरह टूट गया। जब काफी समय तक कोई खबर नहीं मिली और परिवार के सामने सारे रास्ते बंद हो गए, तब उन्होंने मदद के लिए गुहार लगाई। इसके बाद दोनों बेटियों को वापस लाने के लिए 'ऑपरेशन माहीसागर 2.0' की शुरुआत की गई।
सेना की छापेमारी और सफल रेस्क्यू ऑपरेशन
मामले की गंभीरता को देखते हुए विदेश मंत्रालय और लाओस स्थित भारतीय दूतावास को तुरंत सक्रिय किया गया। दूतावास के अधिकारियों ने लाओस की स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया और गुप्त कूटनीतिक प्रयासों के जरिए युवतियों की सटीक लोकेशन का पता लगाया। पुख्ता जानकारी मिलते ही लाओस की सेना ने तस्करों के ठिकाने पर अचानक छापा मार दिया। सेना और भारतीय दूतावास के इस संयुक्त सैन्य अभियान ने करीब 20 दिनों से बंधक बनीं दोनों बहनों को सफलतापूर्वक आजाद करा लिया।
सुरक्षित वतन वापसी और सांसद की भूमिका
तस्करों के चंगुल से मुक्त कराई गईं दोनों बहनें अब पूरी तरह सुरक्षित हैं और कानूनी औपचारिकताएं पूरी होते ही जल्द ही गुजरात लौट आएंगी। इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने में स्थानीय सांसद मितेश पटेल (बकाभाई) की अहम भूमिका रही, जो अपने क्षेत्र में दूसरी बार रिकॉर्ड मतों से जीतकर आए हैं। गौरतलब है कि इससे पहले भी अज़रबैजान में फंसे गुजराती युवाओं को बचाने के लिए 'ऑपरेशन माहीसागर' चलाया गया था, और उसी तर्ज पर इस बार भी भारतीय एजेंसियों ने तत्परता दिखाते हुए देश की बेटियों को बचा लिया।
फर्जी दस्तावेज और पहचान छिपाने वालों की आई शामत: 'ऑपरेशन डेल्टा हंट' के जरिए 500 संदिग्ध बांग्लादेशी दबोचे गए
4 Jun, 2026 02:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गांधीनगर | गुजरात पुलिस ने राज्य में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी प्रवासियों के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज कर दिया है। 'ऑपरेशन डेल्टा हंट' के तहत चलाए गए एक बड़े सामूहिक अभियान में पुलिस ने 501 संदिग्धों को अपनी कस्टडी में लिया है। पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई एक ही समय पर राज्य के विभिन्न जिलों में एक साथ शुरू की गई थी। इस पूरी तरह से योजनाबद्ध एक्शन का मुख्य उद्देश्य बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे विदेशी नागरिकों का पता लगाना और उनकी असलियत की जांच करना था। खुफिया इनपुट के आधार पर विशेष टीमों ने चिन्हित बस्तियों, फैक्ट्रियों, लेबर कॉलोनियों और संदिग्ध ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए जिला पुलिस बल के साथ-साथ क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की टीमों को भी मैदान में उतारा गया था।
हजारों संदिग्धों की हुई जांच, गृह मंत्री ने बताया खुफिया सूचना आधारित मिशन
इस विशेष अभियान के शुरुआती दौर में पुलिस टीमों ने राज्य भर में हजारों संदिग्ध व्यक्तियों के पहचान पत्रों की जांच की थी, जिसमें से प्राथमिक तौर पर संदिग्ध पाए गए सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया। गुजरात के उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री हर्ष संघवी ने इस पुलिसिया एक्शन की सराहना करते हुए इसे पूरी तरह से खुफिया जानकारियों पर आधारित एक सफल मिशन बताया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में पुलिस की अलग-अलग शाखाओं ने बेहतरीन तालमेल के साथ काम किया। गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की सख्त कार्रवाइयों का मुख्य मकसद बिना किसी लीगल डाक्यूमेंट्स के रह रहे लोगों को ढूंढ निकालना और उन्हें जाली दस्तावेज, अवैध शरण तथा रोजगार मुहैया कराने वाले संगठित सिंडिकेट व मददगार नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करना है।
पहचान पत्रों की गहन जांच, निशाने पर आया फर्जी दस्तावेज बनाने वाला गिरोह
अभियान के पिछले दौर में भी पुलिस ने संदिग्धों के पास से मिले पहचान से जुड़े दस्तावेजों की बेहद बारीक और तकनीकी जांच की थी। इस जांच-पड़ताल में यह बात खुलकर सामने आई कि कुछ मामलों में धोखे से तैयार किए गए या जाली राष्ट्रीय पहचान पत्रों का इस्तेमाल धड़ल्ले से किया जा रहा था। इस खुलासे के बाद पुलिस की तफ्तीश का दायरा उन स्थानीय लोगों और ठगों के गिरोह तक भी पहुंच गया है, जो मोटी रकम लेकर इन अवैध निवासियों को भारतीय दस्तावेज मुहैया कराने के धंधे में शामिल हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ों को खंगालने में जुटी है।
महानगरों में बड़े पैमाने पर छापेमारी, सत्यापन के बाद होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
अधिकारियों ने इस बात के भी पुख्ता संकेत दिए हैं कि हिरासत में लिए गए सभी 501 लोगों के दस्तावेजों के वेरिफिकेशन के साथ-साथ उनसे जुड़े अन्य संदिग्धों से भी लगातार पूछताछ की जा रही है। गौरतलब है कि ‘ऑपरेशन डेल्टा हंट’ के पिछले चरणों में भी अहमदाबाद, सूरत और राजकोट जैसे बड़े औद्योगिक शहरों में व्यापक स्तर पर धरपकड़ की गई थी। पुलिस मुख्यालय का कहना है कि वर्तमान में पकड़े गए लोगों का जिला-वार पूरा डेटा तैयार किया जा रहा है और कागजी छानबीन पूरी होते ही इन सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक, बिना अनुमति सीमा लांघकर देश में छिपकर रहने वाले ऐसे लोग देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए भी एक गंभीर चुनौती बन चुके हैं।
दाहोद में दर्दनाक दुर्घटना: तेज आंधी-तूफान में भरभरा कर गिरा स्मार्ट सिटी का साइनबोर्ड, 3 लोगों ने गंवाई जान
3 Jun, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दाहोद | गुजरात के दाहोद जिले में सोमवार देर रात आए एक भीषण चक्रवाती तूफान और अंधड़ ने भारी तबाही मचाई है। कुदरत के इस कहर के दौरान गरबाड़ा चौकड़ी के समीप लगा स्मार्ट सिटी का एक विशालकाय लोहे का साइनबोर्ड तेज हवाओं के दबाव को झेल नहीं पाया और भरभराकर मुख्य सड़क पर आ गिरा। इस दर्दनाक हादसे की चपेट में आने से तीन राहगीरों की असमय मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और प्रशासनिक अमले में हड़कंप देखा गया।
स्मार्ट सिटी का बोर्ड गिरने से तीन की मौत, डेढ़ घंटे तक थमा रहा रास्तों का चक्का
तेज आंधी के बीच हुए इस साइनबोर्ड हादसे में एक नागरिक ने मौके पर ही तड़पकर दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल लोगों को स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया जहां इलाज के दौरान उनकी सांसें थम गईं। प्रशासन ने मृतकों की शिनाख्त बाबूभाई बारिया, संदीपभाई और हिमसिंहभाई परमार के रूप में की है। इस भारी-भरकम बोर्ड के बीच सड़क पर गिरने के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया था। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे प्रशासनिक दल ने जेसीबी (JCB) मशीनों की मदद से करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद मलबे को हटाकर रास्ता दोबारा सुचारू करवाया।
उड़ गए टिन शेड और सोलर पैनल, मलबे में दबी मासूम बच्ची
तूफान की रफ्तार इतनी खौफनाक थी कि शहर के भीलवाड़ा क्षेत्र में स्कूटर से गुजर रहे विनोदभाई मावी नामक व्यक्ति पर एक उड़ती हुई टिन की चादर जा गिरी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, गलालियावाड़ इलाके में एक मकान की दीवार ढहने से उसके मलबे के नीचे एक मासूम बच्ची दब गई, जिसे स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाला। आंधी के थपेड़ों से घरों की छतों पर लगे भारी सोलर पैनल उखड़कर दूर जा गिरे, जबकि नगर पालिका द्वारा निर्मित एक सार्वजनिक टिन शेड भी ताश के पत्तों की तरह बिखर गया।
धराशायी हुए बरसों पुराने पेड़ और बिजली के खंभे, अंधेरे में डूबा शहर
इस प्राकृतिक आपदा के कारण दाहोद के विभिन्न रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में दशकों पुराने विशाल पेड़ और दर्जनों बिजली के पोल जड़ से उखड़कर सड़कों पर आ गिरे। पेड़ों के गिरने से शहर के कई मुख्य मार्गों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिसे खोलने के लिए स्थानीय पुलिस और आपदा प्रबंधन (डिजास्टर मैनेजमेंट) की टीमें रात से ही रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी रहीं। बिजली के खंभे और तार टूटने से शहर के एक बड़े हिस्से की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई, जिसके कारण कई इलाकों को पूरी रात घने अंधेरे में गुजारनी पड़ी।
कौन हैं आईपीएस राजीव रंजन भगत? इतिहास में एमए से लेकर पीएम मोदी की सुरक्षा के 'शीर्ष कमांडर' बनने की पूरी कहानी
2 Jun, 2026 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद | केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए गुजरात कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव रंजन भगत को स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) का एडिशनल डायरेक्टर जनरल (ADG) नियुक्त किया है। 1998 बैच के आईपीएस अधिकारी भगत लंबे समय से एसपीजी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और अब उन्हें इस प्रतिष्ठित विंग में बड़ी पदोन्नति दी गई है। यह नियुक्ति गुजरात पुलिस महकमे के लिए भी बेहद गौरव का क्षण है। गौरतलब है कि देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा का अभेद्य जिम्मा संभालने वाली इस सर्वोच्च सुरक्षा एजेंसी का गठन 2 जून 1988 को हुआ था और वर्तमान में यह विशेष सुरक्षा कवच सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्राप्त है।
आईजी से एडीजी पद पर मिली तरक्की, जानिए कैसा रहा अब तक का सफर
केंद्र सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, राजीव रंजन भगत को एसपीजी में इंस्पेक्टर जनरल (IG) के पद से प्रमोट करके एडिशनल डायरेक्टर जनरल (ADG) की कमान सौंपी गई है। वह इस विशिष्ट सुरक्षा एजेंसी की मुख्य लीडरशिप टीम में शामिल होकर देश की सबसे संवेदनशील सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे। भगत सबसे पहले 20 मई 2018 को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बतौर डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) 5 साल के लिए एसपीजी में शामिल हुए थे। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर आने से पहले वह गुजरात में आईजीपी सीआईडी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) के बेहद महत्वपूर्ण पद पर तैनात थे।
साल 2027 तक बढ़ी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति, पीएम के माने जाते हैं भरोसेमंद
राजीव रंजन भगत लंबे समय से एसपीजी संगठन का हिस्सा रहे हैं और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे विश्वसनीय और कुशल अधिकारियों में गिना जाता है। मई 2023 में उनकी मूल प्रतिनियुक्ति की अवधि समाप्त हो रही थी, लेकिन उनकी कार्यकुशलता को देखते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें लगातार सेवा विस्तार दिया। इसके बाद अप्रैल 2025 में सरकार ने उनकी प्रतिनियुक्ति अवधि को दो साल के लिए और बढ़ाकर 20 मई 2027 तक कर दिया था। मार्च 2026 में भारत सरकार के अतिरिक्त महानिदेशक स्तर के पैनल में शामिल होने के तुरंत बाद, कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) की मंजूरी से उन्हें अब आधिकारिक तौर पर एडीजी का पद और हैसियत प्रदान कर दी गई है।
इतिहास में एमए और बिहार के मूल निवासी, वर्तमान नेतृत्व संरचना
1998 बैच के प्रतिभावान आईपीएस अधिकारी राजीव रंजन भगत मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और उन्होंने इतिहास विषय में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की है। केंद्र सरकार के नए आदेश के अनुसार, वह 20 मई 2027 तक इस सर्वोच्च पद पर बने रहकर देश के सबसे सुरक्षित संगठन के नेतृत्व को मजबूती देंगे। अगर एसपीजी के वर्तमान शीर्ष नेतृत्व की बात करें, तो इसके डायरेक्टर पद की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश कैडर के 1991 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आलोक शर्मा संभाल रहे हैं, जिन्हें नवंबर 2023 में इस शीर्ष पद पर नियुक्त किया गया था।
"कुदरत का दोहरा प्रहार: गुजरात में तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने बिगाड़ा मिजाज, जनजीवन पूरी तरह प्रभावित"
1 Jun, 2026 04:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गांधीनगर। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुजरात के लिए एक बेहद जरूरी और तत्काल नाउकास्ट (Nowcast) अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आज रात 10 बजे से लेकर मध्यरात्रि 1 बजे तक के अगले 3 घंटे राज्य के कई हिस्सों के लिए बेहद संवेदनशील साबित हो सकते हैं। इस समयावधि में सूबे के कई जिलों में अचानक मौसम का मिजाज बदलेगा, जिसके तहत मूसलाधार बारिश, मेघगर्जन और चक्रवाती गति से धूलभरी आंधियां चलने की प्रबल आशंका है। प्रशासन ने इस दौरान आम जनता को अकारण घरों से बाहर न निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की ताकीद की है।
इन 5 जिलों में आसमानी आफत की आशंका, 87 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, साबरकांठा, अरावली, महीसागर, पंचमहल और दाहोद जिलों में प्रकृति का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। इन क्षेत्रों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। सबसे बड़ी चिंता का विषय यहां चलने वाली तूफानी हवाएं हैं, जिनकी रफ्तार 62 से लेकर 87 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इतनी भीषण गति से चलने वाली हवाएं कमजोर निर्माणों, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है।
उत्तर और मध्य गुजरात में भी मेघ गर्जना, मध्यम दर्जे की होगी बरसात
आसपास के अन्य हिस्सों की बात करें तो उत्तर और मध्य गुजरात के विस्तृत इलाकों में भी बादलों की गड़गड़ाहट के साथ मानसून पूर्व की गतिविधियां तेज होने वाली हैं। बनासकांठा, मेहसाणा, गांधीनगर, खेड़ा, वडोदरा और छोटा उदयपुर जिलों के लिए मध्यम दर्जे की वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है। इन जिलों में आंधी-तूफान की गति थोड़ी कम यानी लगभग 41 से 61 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रहने की उम्मीद है, फिर भी यह रफ्तार सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त करने और मौसम को अचानक पलटने के लिए काफी है।
अहमदाबाद समेत कई अंचलों में फुहारें, अन्नदाताओं के लिए विशेष एडवाइजरी
इन सबके बीच पाटन, अहमदाबाद, आनंद, भरूच और नर्मदा जैसे जिलों के निवासियों को भीषण तपन और उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इन क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी या फुहारें पड़ सकती हैं, जिससे हवा में ठंडक घुलेगी। हालांकि, यहां भी एहतियात बरतने की जरूरत है क्योंकि हवा की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही, मौसम विभाग ने प्रदेश के किसानों के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि वे अपनी कटी हुई फसलों और खुले में रखे पशुओं के चारे को तुरंत तिरपाल आदि से ढककर सुरक्षित कर लें, क्योंकि आने वाले कुछ दिनों तक गरज-चमक का यह दौर रुक-रुक कर जारी रह सकता है।
कानून के गलत इस्तेमाल से बेबस हुआ पति: गुजरात का हैरान करने वाला मामला, प्रताड़ना से तंग आकर मांगी मौत की अनुमति
30 May, 2026 03:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सूरत | दुनियाभर में टेक्सटाइल हब और हीरों की चमक के लिए मशहूर गुजरात का सूरत शहर इन दिनों एक अनोखे और चौंकाने वाले पारिवारिक विवाद को लेकर चर्चा में है। यहां एक पति ने घरेलू झगड़ों और मानसिक प्रताड़ना से आजिज आकर जिला प्रशासन से इच्छामृत्यु की गुहार लगाई है। पीड़ित पति का आरोप है कि उसकी पत्नी महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने सख्त कानूनों का ढाल के बजाय हथियार के रूप में गलत इस्तेमाल कर रही है। वह जानबूझकर पहले घर में विवाद खड़ा करती है और फिर पुलिस व महिला हेल्पलाइन का सहारा लेकर उसके खिलाफ दंडात्मक कानूनी जाल बुन देती है। पत्नी और ससुराल पक्ष के इसी कथित उत्पीड़न से तंग आकर उसने मौत की इजाजत मांगी है, जिसने प्रशासनिक महकमे में खलबली मचा दी है।
न्याय न मिलने पर कलेक्टर को सौंपा पत्र, बेटे की सुरक्षा को लेकर भी जताई चिंता
सूरत निवासी किरीट पटेल ने इस गंभीर समस्या को लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय में एक लिखित आवेदन प्रस्तुत किया है। अपने आवेदन में उन्होंने व्यथा व्यक्त की है कि लंबे समय से जारी अदालती चक्करों और मानसिक तनाव के कारण अब उनके पास जीवन लीला समाप्त करने की अनुमति मांगने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है। किरीट का यह भी आरोप है कि उनकी मौजूदा पत्नी ने उनके पिछले विवाह से जन्में बेटे को भी शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया था। इस घटनाक्रम को लेकर उन्होंने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, परंतु प्रभावशालियों के दबाव में कोई प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज नहीं की गई। उन्होंने कई बार आला अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकला।
दोनों की है यह तीसरी शादी, पति ने लगाया ब्लैकमेलिंग और पैसे ऐंठने का संगीन आरोप
इच्छामृत्यु की इस अजीबोगरीब मांग के सामने आने के बाद इस दंपती के वैवाहिक इतिहास को लेकर भी कई नई बातें उजागर हुई हैं। मिली जानकारी के अनुसार, किरीट पटेल और उनकी पत्नी दोनों की ही यह तीसरी शादी है। किरीट ने अपनी जीवनसाथी की तुलना 'लुटेरी दुल्हन' से करते हुए आरोप लगाया है कि वह पहले भी अपने पूर्व पतियों को इसी तरह कानूनी मुकदमों में फंसाकर मोटी रकम ऐंठ चुकी है। हालांकि, इन दावों की सत्यता अभी कानूनी रूप से प्रमाणित होना बाकी है। पीड़ित के मुताबिक, उनका यह विवाह 14 नवंबर, 2024 को संपन्न हुआ था, जिसके कुछ समय बाद से ही उनकी पत्नी, सास और अन्य ससुराल वाले उन पर लगातार बेजा पैसों की मांग करने का दबाव बना रहे हैं।
प्रशासन को दी उग्र कदम उठाने की चेतावनी, सामाजिक हलकों में छिड़ी नई बहस
किरीट पटेल ने अपने शिकायती पत्र में प्रशासन को सचेत करते हुए कहा है कि यदि एक निश्चित समयावधि के भीतर उनकी इस पारिवारिक और कानूनी समस्या का उचित निवारण नहीं किया गया, तो वे कोई भी आत्मघाती या अतिवादी कदम उठाने के लिए मजबूर हो जाएंगे। इस पूरे मामले और इच्छामृत्यु की अर्जी पर सूरत जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने अभी तक कोई भी आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया देने से परहेज किया है। बहरहाल, पुरुष उत्पीड़न और महिला सुरक्षा कानूनों के संभावित दुरुपयोग से जुड़े इस संवेदनशील मामले ने समाज के प्रबुद्ध वर्ग और सोशल मीडिया पर एक नई कानूनी व नैतिक बहस को जन्म दे दिया है।
प्यार में बेवफाई और रोंगटे खड़े करने वाली साजिश: मोबाइल बंद होते ही पुलिस के हत्थे चढ़ा कातिल प्रेमी
29 May, 2026 05:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अंकलेश्वर | शहर के समीप बोर्सभाटा गांव के पास एक खेत से ऑटो रिक्शा चालक का गला कटा शव मिलने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने महज कुछ ही घंटों में पर्दाफाश कर दिया है। जांच में यह पूरी घटना प्रेम प्रसंग और साजिश से जुड़ी पाई गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक की प्रेमिका और उसके नए प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। मूल रूप से राजकोट के रहने वाले और वर्तमान में जूना बोर्सभाटा गांव निवासी मुकेश उर्फ कांतिलाल यहां रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे, जबकि उनकी पत्नी भारतीय ज्योति टॉकीज के पास फूल और फल का ठेला लगाती हैं। रोज की तरह मुकेश कल सुबह भी अपने परिवार को ठेले पर छोड़कर काम के लिए निकले थे, लेकिन वे दोबारा जीवित घर नहीं लौटे।
दोपहर से बंद था फोन, शाम को खेत में मिला खून से लथपथ शव
परिजनों के अनुसार, कल दोपहर करीब 12 बजे के बाद से ही मुकेश का मोबाइल फोन लगातार बंद आ रहा था। शाम तक जब उनका कोई अता-पता नहीं चला, तो परिवार वालों ने उनकी खोजबीन शुरू की। इसी बीच बोर्सभाटा रोड स्थित बुलेट ट्रेन पुल के पास एक खेत में मुकेश का शव पड़े होने की सूचना मिली। घटनास्थल पर मृतक की सफेद शर्ट खून से पूरी तरह सनी हुई थी और उनकी गर्दन पर किसी धारदार हथियार से वार किए जाने के गहरे जख्म थे। वारदात वाली जगह से कुछ ही दूरी पर उनका ऑटो रिक्शा भी लावारिस हालत में खड़ा मिला, जिसके बाद पुलिस को मामले की सूचना दी गई।
आठ साल पुराने प्रेम संबंध के बीच नया प्रेमी बना हत्या की वजह
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश और मृतक की पत्नी द्वारा दिए गए बयानों से इस हत्याकांड की परतें खुलती चली गईं। पूछताछ में सामने आया कि मुकेश का अपने ही मूल गांव मांडवी की एक विधवा महिला ज्योति राठौड़ के साथ पिछले आठ वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसे लेकर अक्सर परिवार में आपसी कलह होती थी। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि ज्योति का हाल ही में पीरोमन गांव के रहने वाले संजय वसावा नाम के युवक के साथ नया प्रेम संबंध शुरू हुआ था। ज्योति और संजय भविष्य में एक साथ रहना चाहते थे और वे मुकेश को अपने रिश्ते के बीच का सबसे बड़ा कांटा मान रहे थे, जिसके चलते दोनों ने मिलकर मुकेश को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोचा, कत्ल के हथियार की तलाश जारी
अंकलेश्वर ए-डिवीजन पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और खुफिया इनपुट के आधार पर जाल बिछाकर मुख्य आरोपी महिला ज्योति राठौड़ और उसके मौजूदा प्रेमी संजय वसावा को कुछ ही घंटों के भीतर दबोच लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को रिमांड पर लेकर आगे की गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि वारदात में इस्तेमाल किए गए धारदार हथियार और अन्य महत्वपूर्ण सबूतों को जल्द से जल्द बरामद किया जा सके।
गिर में शेर शावकों की मौत, संक्रमण फैलने की आशंका से प्रशासन अलर्ट
28 May, 2026 03:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गांधीनगर: गुजरात के प्रसिद्ध गिर वन क्षेत्र में चार शेर के शावकों (बच्चों) की अचानक हुई मौत से वन विभाग और राज्य सरकार पूरी तरह मुस्तैद हो गए हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, शावकों की मौत एक संक्रामक बीमारी के कारण होने की आशंका है। ऐहतियात के तौर पर प्रशासन ने 17 वयस्क शेरों को आइसोलेशन (अलग) में रखकर उनकी कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। इस संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
प्रभावित इलाकों में सघन चेकिंग, 17 शेरों को किया गया पृथक
समीक्षा बैठक के दौरान वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव विनोद राव ने मुख्यमंत्री को बताया कि गिर गढ़डा और बाबरिया रेंज के करीब 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी शेरों की बारीकी से ट्रैकिंग की जा रही है। वन विभाग के कर्मचारी और गार्ड लगातार जंगलों में गश्त कर वन्यजीवों की सेहत पर नजर रख रहे हैं। राहत की बात यह है कि अभी तक अन्य किसी शेर में बीमारी के कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से 17 शेरों को अलग रखकर चौबीसों घंटे मॉनिटर किया जा रहा है।
अमरेली और भावनगर में भी बढ़ी मुस्तैदी, 350 शेरों का होगा 'डी-टिकिंग' इलाज
जंगल के मुख्य हिस्से के साथ-साथ अमरेली और भावनगर जिलों के राजस्व (मानव आबादी वाले) क्षेत्रों में रहने वाले शेरों की भी रोज चेकिंग की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि गर्मियों के मौसम में वन्यजीवों में मौसमी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए गिर क्षेत्र के 350 से अधिक शेरों के लिए 'डी-टिकिंग' (शरीर से किलनियां/परजीवी हटाने) का एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस काम में जूनागढ़ वेटरनरी कॉलेज के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भी वन विभाग की मदद कर रही है।
बेबेसिया वायरस का खतरा, वन मंत्री बोले- स्थिति काबू में
वन मंत्री अर्जुन मोढवाडिया के अनुसार, शुरुआती जांच में दो शावकों की मौत संदिग्ध 'बेबेसिया वायरस' के संक्रमण से होने की बात सामने आई है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि गिर में महामारी जैसे कोई हालात नहीं हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। विशेषज्ञों के मुताबिक, बेबेसिया एक ऐसा संक्रमण है जो शेरों के शरीर पर चिपकने वाली किलनियों (टिक्स) के जरिए फैलता है। इसकी वजह से जानवरों को तेज बुखार, कमजोरी और सांस लेने में तकलीफ होती है, जो समय पर इलाज न मिलने पर घातक साबित हो सकती है।
एशियाई शेरों का एकमात्र ठिकाना होने से बढ़ी चिंता
चूंकि गुजरात का गिर अभयारण्य पूरी दुनिया में एशियाई शेरों का एकमात्र प्राकृतिक निवास स्थान (प्राकृतिक घर) है, इसलिए यहाँ शेरों की सेहत से जुड़ी छोटी सी लापरवाही भी वन्यजीव संरक्षण के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। इसी वजह से सरकार और वन विभाग कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते और किसी भी बड़े खतरे को टालने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
गुजरात में सियासी हलचल तेज, कांग्रेस ने बदला नेतृत्व, अमित चावड़ा को मिली कमान
25 May, 2026 12:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आणंद। गुजरात की राजनीति में एक बेहद चौंकाने वाला उलटफेर सामने आया है, जहां कांग्रेस ने अपनी सधी हुई और आक्रामक रणनीति के दम पर आणंद जिला पंचायत के अध्यक्ष पद पर कब्जा जमा लिया है। हालिया स्थानीय निकाय चुनावों में 40 सीटों वाली इस जिला पंचायत में बीजेपी को 33 सीटों पर प्रचंड बहुमत मिला था, जबकि कांग्रेस के खाते में महज 7 सीटें ही आई थीं। लेकिन जब अध्यक्ष चुनने की बारी आई, तो गुजरात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा ने ऐसा दांव चला कि पूरी बाजी ही पलट गई और कांग्रेस ने यहाँ निर्विरोध जीत हासिल कर ली। इस ऐतिहासिक सियासी उलटफेर के बाद अमित चावड़ा सूबे की राजनीति में नए 'चाणक्य' बनकर उभरे हैं।
बीजेपी के पास था 33 सीटों का बहुमत, फिर भी ऐसे हाथ से फिसला अध्यक्ष पद
आणंद जिला पंचायत अध्यक्ष पद की रेस में बहुमत के आंकड़े के साथ बीजेपी की जीत तय मानी जा रही थी। बीजेपी ने अपनी ओर से मयूरीबहन पटेल को आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया था। लेकिन कांग्रेस ने ऐन वक्त पर मयूरीबहन के नामांकन पर एक ऐसी कानूनी आपत्ति दर्ज कराई, जिससे बीजेपी का पूरा गणित बिगड़ गया। दरअसल, मयूरीबहन पटेल मूल रूप से महाराष्ट्र की रहने वाली हैं और शादी के बाद वे गुजरात आई थीं। कांग्रेस ने इसी तकनीकी बिंदु को पकड़ा और चुनाव अधिकारी के सामने उनके जाति प्रमाण पत्र को लेकर कानूनी घेराबंदी कर दी।
आरक्षण के कानूनी दांवपेच में फंसी बीजेपी, डीडीओ ने रद्द किया नामांकन
चूंकि आणंद जिला पंचायत अध्यक्ष की यह प्रतिष्ठित कुर्सी अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित की गई थी, इसलिए उम्मीदवारों के जाति दस्तावेज बेहद महत्वपूर्ण थे। चुनाव के दौरान कांग्रेस ने मजबूती से दलील दी कि मयूरीबेन द्वारा प्रस्तुत किया गया जाति प्रमाण पत्र महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी किया गया है। इस विषय पर जिला विकास अधिकारी (DDO) के समक्ष दोनों पक्षों के वकीलों के बीच मैराथन बहस हुई। अंततः डीडीओ ने नियमों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि गुजरात सरकार के मौजूदा प्रावधानों के तहत किसी दूसरे राज्य का आरक्षण प्रमाणपत्र गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में मान्य नहीं किया जा सकता। इस फैसले के साथ ही बीजेपी उम्मीदवार का फॉर्म रद्द हो गया।
सिर्फ 7 सीटों वाली कांग्रेस की गौरीबेन तड़वी चुनी गईं निर्विरोध अध्यक्ष
बीजेपी उम्मीदवार मयूरीबहन पटेल का नामांकन खारिज होते ही मैदान में सिर्फ कांग्रेस की जिला पंचायत सदस्य गौरीबेन तडवी बचीं। इसके बाद चुनाव अधिकारी ने नियमानुसार गौरीबेन तडवी को आणंद जिला पंचायत का निर्विरोध अध्यक्ष घोषित कर दिया। 40 सदस्यों के सदन में महज 7 सीटें होने के बावजूद इस आरक्षित सीट पर कब्जा जमाना कांग्रेस की एक बड़ी रणनीतिक सफलता माना जा रहा है, जिसने बीजेपी खेमे को बड़ा सियासी झटका दिया है।
अमित चावड़ा के गृह जनपद में बड़ी जीत, कार्यकर्ताओं ने कहा— 'हमारे पास भी हैं अमित'
यह पूरी राजनीतिक जंग इसलिए भी बेहद दिलचस्प थी क्योंकि आणंद जिला खुद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा का गृह जनपद है। अपने ही घर में इस तरह की बड़ी और अप्रत्याशित जीत दर्ज करने के बाद अमित चावड़ा सुर्खियों में आ गए हैं। इस ऐतिहासिक सफलता से गदगद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह है। पार्टी कार्यालयों पर जश्न का माहौल है और कार्यकर्ता चुटकी लेते हुए कह रहे हैं कि देश की राजनीति में अगर बीजेपी के पास रणनीतिकार के रूप में अमित शाह हैं, तो गुजरात कांग्रेस के पास भी विरोधियों को पटखनी देने के लिए उनके अपने 'अमित' (अमित चावड़ा) मौजूद हैं।
गुजरात में भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने दी बारिश की चेतावनी
22 May, 2026 08:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद। गुजरात के अधिकांश हिस्सों में इन दिनों चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रखा है। बीते गुरुवार को राज्य के मुख्य शहर अहमदाबाद में अधिकतम तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि राजकोट में भी पारा 43.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाने से लोग बेहाल नजर आए। सुबह से ही शुरू होने वाली तेज धूप और हवा में बढ़ी उमस के कारण राहगीरों और कामकाजी लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्री-मानसून गतिविधियों से करवट लेगा मौसम; उमस से मिलेगी निजात
इस भीषण तपिश और लू के थपेड़ों के बीच मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने राज्यवासियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी भविष्यवाणी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, सूबे में प्री-मानसून सिस्टम सक्रिय होने के कारण आज कई क्षेत्रों के मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है। विशेष रूप से सौराष्ट्र के तटीय इलाकों और दक्षिण गुजरात के जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ ठंडी हवाएं चलने और बूंदाबांदी होने की प्रबल संभावना बनी हुई है।
गिर सोमनाथ से लेकर वलसाड तक मेघगर्जन की चेतावनी; 90 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक, आज गिर सोमनाथ, अमरेली, नवसारी, डांग के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश दमन और दादरा नगर हवेली में आकाशीय बिजली चमकने और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बौछारें गिरने का अनुमान है। इसके अलावा, शनिवार को भावनगर, वलसाड और तापी जिलों में भी मौसम करवट लेगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश के दौरान कुछ मैदानी इलाकों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से तेज हवाएं (अंधड़) भी चल सकती हैं, जिसे देखते हुए मछुआरों और आम लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।
अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की तादाद; हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा
लगातार बढ़ रहे पारे और वातावरण में अत्यधिक नमी (ह्यूमिडिटी) के कारण अब लोगों के स्वास्थ्य पर भी इसका सीधा असर दिखने लगा है। गुजरात के सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी (OPD) में अचानक मरीजों की संख्या में भारी उछाल आया है। लोग तेजी से डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी), उल्टी-दस्त, फूड पॉइजनिंग और हीट स्ट्रोक (लू लगना) का शिकार हो रहे हैं।
डॉक्टरों ने जारी की स्वास्थ्य एडवायजरी; आने वाले दिनों में और गिरेगा पारा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। चिकित्सा अधिकारियों का कहना है कि:
लोग दोपहर के समय अनावश्यक रूप से सीधे धूप में निकलने से बचें।
शरीर में लिक्विड की मात्रा बनाए रखने के लिए ओआरएस (ORS), नींबू पानी, छाछ और ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन करें।
गर्मियों में बैक्टीरिया जल्दी पनपने के कारण बाहर के खुले और बासी खाद्य पदार्थों से पूरी तरह परहेज करें।
14 साल की नाबालिग के साथ गैंगरेप का मामला, सोशल मीडिया दोस्त आरोपी
21 May, 2026 06:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजकोट: गुजरात के राजकोट शहर से रिश्तों और इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है। यहाँ एक 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी को सोशल मीडिया के जरिए अपने जाल में फंसाकर लंबे समय तक सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) का शिकार बनाया गया। इस हैरान करने वाले मामले के उजागर होने के बाद से पूरे इलाके में भारी आक्रोश और तनाव का माहौल है। पुलिस ने पीड़ित परिवार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
इंस्टाग्राम से शुरू हुई दोस्ती, सहेली ने ही जालसाज 'डेविल' से कराया था परिचय
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत सोशल मीडिया से हुई। बताया जा रहा है कि पीड़िता की एक सहेली ने ही इंस्टाग्राम के जरिए उसकी पहचान 'डेविल' नाम के एक मुख्य आरोपी से करवाई थी। आरोपी डेविल ने पहले नाबालिग को मीठी-मीठी बातों में फंसाकर उसका भरोसा जीता और फिर धीरे-धीरे उसे अपनी हवस का शिकार बनाने की साजिश रची। उसने पीड़िता को अलग-अलग बहानों से कई जगहों पर मिलने के लिए बुलाया।
50 दिनों तक होटल, घर और कार में बंधक बनाकर किया गया शारीरिक शोषण
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने इस घिनौने कृत्य को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया। करीब 50 दिनों के भीतर अलग-अलग तारीखों पर पीड़िता को कभी सूने घर, कभी होटलों तो कभी चलती कार में ले जाकर प्रताड़ित किया गया। मुख्य आरोपी डेविल के बाद इस घिनौने अपराध में उसके अन्य दोस्त भी शामिल हो गए, जिन्होंने पीड़िता की मजबूरी और लाचारी का फायदा उठाकर उसका लगातार शारीरिक शोषण किया।
सहेली समेत 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज
किशोरी के पिता को जब इस पूरी आपबीती का पता चला, तो उन्होंने तुरंत कानून का दरवाजा खटखटाया। पिता की शिकायत के आधार पर भक्तिनगर थाना पुलिस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी डेविल, साहिल, मिहिर, रजाक, धवल, आशिफ, सुल्तान और साजिश में शामिल पीड़िता की नाबालिग सहेली सहित कुल 8 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की बेहद गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी, कुछ आरोपी गिरफ्तार और बाकी की तलाश तेज
भक्तिनगर पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत एक्शन लिया है। पुलिस प्रशासन के मुताबिक, नामजद 8 आरोपियों में से कुछ को पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए हिरासत में ले लिया है, जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है। वहीं, घटना के बाद से फरार चल रहे बाकी अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।
होटल से चोरी किए गए गहने लेकर भागी थी आरोपी
20 May, 2026 06:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: शहर के निकोल क्षेत्र में स्थित एक नामी आभूषण शोरूम में हुई करोड़ों की चोरी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शोरूम से 1.66 करोड़ रुपये के जेवर समेटकर रफूचक्कर हुई सेल्स गर्ल हर्षिदा शेट्टी को पुलिस ने वारदात के ठीक 10 दिन बाद धर दबोचा। यह सनसनीखेज वारदात 11 मई 2026 को अंजाम दी गई थी, जिसके बाद से ही आरोपी युवती पुलिस को छका रही थी।
ब्वॉयफ्रेंड के साथ रची थी साजिश, पर खुद ही हो गई धोखे का शिकार
पुलिस कस्टडी में आरोपी हर्षिदा ने जो खुलासे किए, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। उसने बताया कि इस आलीशान चोरी की पूरी पटकथा उसने अपने प्रेमी मयूर माली के साथ मिलकर लिखी थी। चोरी करने के बाद दोनों पुलिस से बचने के लिए अहमदाबाद से दिल्ली भागे और फिर उत्तर भारत के अलग-अलग राज्यों में ठिकाने बदलते रहे। लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया जब उसका प्रेमी ही उसे दगा दे गया। हर्षिदा के मुताबिक, तीन दिन पहले जब वह होटल के कमरे में नहाने गई थी, तभी मयूर सारा माल समेटकर चंपत हो गया। हर्षिदा के पास सिर्फ वही थोड़े-बहुत गहने बचे थे जो उसने खुद पहन रखे थे।
पैसे खत्म होने पर अहमदाबाद लौटी, जेवर बेचते वक्त गिरफ्तार
प्रेमी से धोखा खाने और सारे पैसे खत्म हो जाने के बाद मजबूरन हर्षिदा को वापस अहमदाबाद का रुख करना पड़ा। मंगलवार की शाम वह अपने बचे हुए गहनों को बेचने के लिए ग्राहक की तलाश में भटक रही थी। इसी बीच पुलिस के खुफिया तंत्र (मुखबिरों) को उसके शहर में होने की भनक लग गई। पुलिस ने घेराबंदी करके उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस की टीमें फरार ब्वॉयफ्रेंड मयूर माली की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
लंच टाइम का फायदा उठाकर दिया वारदात को अंजाम
निकोल थाना पुलिस के अनुसार, कृष्णानगर निवासी दर्शनभाई शाह का निकोल के ग्रेविटी शॉपिंग मॉल में 'आभूषण' नाम से सोने-चांदी का बड़ा शोरूम है। उनके यहां करीब 19 कर्मचारियों का स्टाफ काम करता है, जिसमें हर्षिदा शेट्टी भी पिछले 11 महीनों से बतौर सेल्स गर्ल कार्यरत थी। 11 मई की दोपहर जब शोरूम के मालिक दर्शनभाई हमेशा की तरह घर पर खाना खाने गए थे, तभी स्टाफ की नजरों से बचकर हर्षिदा ने करोड़ों के जेवर पार कर दिए और वहां से खिसक गई।
सीसीटीवी ने खोला राज: ब्लेजर में छुपाए थे 1.66 करोड़ के गहने
शाम को जब शोरूम मालिक वापस लौटे, तो एक ग्राहक की डिमांड पर सोने का सिक्का ढूंढने के दौरान आभूषण कम होने की बात सामने आई। जब हर्षिदा के बारे में पूछा गया तो स्टाफ ने बताया कि वह मालिक से छुट्टी मिलने की बात कहकर गई है। शक होने पर जब दुकान में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की बारीकी से जांच की गई, तो सच सामने आ गया। हर्षिदा कैमरे में अपने ब्लेजर के अंदर सोने की चेन, लॉकेट, झुमके, अंगूठियां और मंगलसूत्र छुपाती हुई साफ कैद हो गई थी। कुल स्टॉक मिलाने पर पता चला कि वह 1.66 करोड़ रुपये की गोल्ड ज्वैलरी साफ कर चुकी थी। इसके बाद पीड़ित मालिक ने तुरंत थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
गुजरात में राष्ट्रीय जनगणना 2026 की शुरुआत
19 May, 2026 05:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गांधीनगर। भारत सरकार द्वारा आयोजित की जा रही राष्ट्रीय जनगणना 2027 के तहत गुजरात में 'सेल्फ काउंटिंग' (स्व-गणना) की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सरकार में राज्यमंत्री रिवाबा जडेजा ने डिजिटल सुविधा का उपयोग करते हुए अपनी स्व-गणना की प्रक्रिया को पूरा किया। जामनगर उत्तर सीट से विधायक और वर्तमान में प्राथमिक, माध्यमिक व वयस्क शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहीं 35 वर्षीय मंत्री रिवाबा ने सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन माध्यम से अपने परिवार की सभी आवश्यक जानकारियां दर्ज कीं। मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुकीं रिवाबा जडेजा ने इस डिजिटल प्रक्रिया के दौरान पूछे गए कुल 33 सवालों के जवाब ऑनलाइन सबमिट किए।
31 मई तक चलेगा डिजिटल स्व-गणना का चरण, घर बैठे दे सकते हैं जानकारी
गुजरात में राष्ट्रीय जनगणना के तहत स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) का दौर शुरू हो चुका है, जिसकी समय-सीमा 17 मई से 31 मई 2026 तक निर्धारित की गई है। सूबे के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने खुद ऑनलाइन अपनी जानकारियां दर्ज कर राज्य में इस डिजिटल अभियान का आधिकारिक शंखनाद किया था। गुजरात का कोई भी नागरिक भारत सरकार के अधिकृत वेब पोर्टल $se.census.gov.in$ पर लॉग-इन करके अपने परिवार, मकान, सुख-सुविधाओं और संपत्तियों से संबंधित 33 प्रमुख सवालों के जवाब खुद ऑनलाइन दर्ज कर इस राष्ट्रीय कार्य में अपना योगदान दे सकता है।
1 जून से जमीन पर उतरेगा अमला, 1 लाख से अधिक गणनाकर्मियों की होगी तैनाती
डिजिटल माध्यम से स्व-गणना की यह अवधि समाप्त होने के तुरंत बाद, 1 जून 2026 से जनगणना के पहले चरण का फील्ड वर्क (जमीनी काम) शुरू कर दिया जाएगा। इस अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए पूरे गुजरात में 1 लाख से ज्यादा गणनाकर्मियों (सेंसस वर्कर्स) की ड्यूटी लगाई गई है। यह टीमें राज्य के कोने-कोने में घर-घर जाकर मोबाइल ऐप (एचएलओ एप्लीकेशन) के जरिए मकानों की सूची तैयार करने और डेटा कलेक्शन का काम संभालेंगी, जिससे कोई भी परिवार छूटने न पाए।
गुजरात की आबादी 7.45 करोड़ के पार पहुंचने का अनुमान, अहमदाबाद शीर्ष पर
सांख्यिकीय अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2026 में गुजरात की कुल जनसंख्या लगभग 7.45 करोड़ (74.5 मिलियन) के आंकड़े को पार करने की संभावना है, जिसकी प्रामाणिक पुष्टि आगामी जनगणना 2027 के अंतिम आंकड़ों में होगी। इससे पहले वर्ष 2011 की आधिकारिक जनगणना में गुजरात की आबादी 6,04,39,692 थी, जिसमें 3,14,91,260 पुरुष और 2,89,48,432 महिलाएं शामिल थीं। जिलावार आंकड़ों को देखें तो आबादी के लिहाज से लगभग 72 लाख की जनसंख्या के साथ अहमदाबाद जिला राज्य में पहले पायदान पर है, जबकि इसके बाद दूसरे नंबर पर सूरत का स्थान आता है।
क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की पत्नी और कैबिनेट की सबसे युवा मंत्री ने की जागरूक होने की अपील
अपनी स्व-गणना की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद शिक्षा राज्यमंत्री रिवाबा जडेजा ने राज्य के आम नागरिकों से बढ़-चढ़कर इस अभियान से जुड़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि 31 मई तक चलने वाली इस बेहद सरल और सुरक्षित प्रक्रिया का लाभ उठाकर लोग घर बैठे ही अपनी प्रामाणिक जानकारी दर्ज कराएं और एक सशक्त व समृद्ध भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी दर्ज करें। गौरतलब है कि भारतीय क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा जडेजा साल 2019 में भाजपा में शामिल हुई थीं और 2022 में अपना पहला विधानसभा चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची थीं। वह वर्तमान गुजरात सरकार की सबसे युवा मंत्री हैं।
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