गुजरात
गर्मी की मार जारी, गुजरात में धूप और सूखा मौसम बढ़ाएंगे परेशानी
18 May, 2026 08:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुरेंद्रनगर। गुजरात इन दिनों भीषण गर्मी और झुलसाने वाली लू की चपेट में है। रविवार को सुरेंद्रनगर राज्य का सबसे तपता हुआ शहर रहा, जहाँ पारा रिकॉर्ड 44.5 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुँचा। इसके अलावा अहमदाबाद में 43.1 डिग्री, राजकोट में 43.5 डिग्री, अमरेली में 43.3 डिग्री और राजधानी गांधीनगर में 43 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। राज्य के अधिकांश हिस्सों में पारा 40 डिग्री के पार रहने की वजह से आम जनजीवन बेहाल है और लोगों को तीखी धूप के साथ-साथ भारी उमस का सामना करना पड़ रहा है।
अरब सागर में हलचल, 19 से 23 मई के बीच बारिश के आसार
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, भीषण गर्मी के बीच अब मौसम का मिजाज बदलने वाला है। अरब सागर में एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय हो रहा है, जिससे हवाओं में नमी बढ़ेगी। इसके प्रभाव से 19 से 23 मई के बीच गुजरात के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियों के तहत हल्की बारिश होने की संभावना है। हालांकि, इस दौरान बारिश से पहले हवा में नमी बढ़ने के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का भी सामना करना पड़ सकता है।
केरल में समय पर पहुंचेगा मानसून, अंडमान में भारी वर्षा की चेतावनी
मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, 23 मई के आसपास अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश शुरू होने की उम्मीद है। इसके ठीक बाद देश में मानसून के प्रवेश द्वार यानी केरल में भी मानसून के अपने निर्धारित समय पर दस्तक देने की प्रबल संभावना जताई गई है। इसके संकेत मिलने से किसानों और आम जनता को आने वाले दिनों में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद बंधी है।
सूरत-वलसाड सहित दक्षिण गुजरात में छाएंगे बादल, तेज हवाएं चलने की उम्मीद
आगामी एक हफ्ते के दौरान उत्तर गुजरात और अहमदाबाद जैसे शहरों में तापमान 40°C के आसपास बना रहेगा। वहीं, दक्षिण गुजरात के सूरत, नवसारी, वलसाड और डांग जैसे जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना काफी अधिक है। इसके साथ ही सौराष्ट्र और कच्छ के इलाकों में भी आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और तटीय क्षेत्रों में हवाओं की रफ्तार बढ़ने का अनुमान है। फिलहाल पूरी राहत तो नहीं मिलेगी, लेकिन मानसून की आहट साफ महसूस होने लगी है।
गुजरात के लोग बेहाल, भीषण गर्मी और तापमान के लेटेस्ट अपडेट
16 May, 2026 06:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद। गुजरात का अधिकांश हिस्सा इन दिनों भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप की चपेट में है, जिससे जनजीवन पूरी तरह बेहाल हो गया है। राज्य के मुख्य शहरों में पारा बयालीस डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर चुका है, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी इक्कीस मई तक मौसम के मिजाज में किसी बड़े सुधार की गुंजाइश नहीं है और नागरिकों को इस झुलसाने वाली गर्मी का सामना करना पड़ेगा, हालांकि इसके बाद तापमान में दो से तीन डिग्री की आंशिक गिरावट होने से लोगों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सौराष्ट्र में लू का कहर और तटीय इलाकों में येलो अलर्ट
गुजरात के राजकोट, अमरेली, सुरेंद्रनगर और अहमदाबाद जैसे बड़े केंद्रों में गर्मी के तेवर बेहद आक्रामक बने हुए हैं, जहां सौराष्ट्र के इलाकों में गर्म थपेड़ों यानी लू ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कच्छ, भावनगर, गिर सोमनाथ, दीव और देवभूमि द्वारका जैसे क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया है। प्रशासन ने आम जनता को स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की सख्त हिदायत दी है, जिसके तहत दोपहर के समय बिना किसी बेहद जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलने और खुद को हाइड्रेटेड रखने की सलाह दी जा रही है।
आगामी दिनों में सूखा मौसम और प्री-मानसून की सुगबुगाहट
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक अगले तीन दिनों के दौरान समूचे गुजरात के साथ-साथ दीव, दमन और दादरा नगर हवेली में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा, जिससे ज्यादातर इलाकों में अधिकतम तापमान इकतालीस से चौवालिस डिग्री सेल्सियस के ऊंचे स्तर पर बने रहने के आसार हैं। राहत की बात यह है कि अगले अड़तालीस घंटों के बीतने के बाद वायुमंडल में कुछ नए बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिससे जहां एक तरफ भीषण गर्मी के प्रकोप में थोड़ी कमी आएगी, वहीं दूसरी तरफ राज्य में प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने के शुरुआती संकेत भी मिलने लगेंगे।
केरल में समय से पहले दस्तक और जून के मध्य में मानसून का आगमन
इस झुलसाने वाली तपन के बीच एक बेहद सुकून देने वाली खबर भी सामने आई है कि इस साल देश में मानसूनी हवाएं अपने निर्धारित समय से पहले दस्तक दे सकती हैं। बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से की ओर बढ़ रहे कम दबाव के क्षेत्र के कारण मानसून की रफ्तार तेज हुई है, जिसके चलते इसके पच्चीस से सत्ताइस मई के बीच केरल के तटों पर पहुंचने का अनुमान है। इस भौगोलिक बदलाव का सीधा फायदा गुजरात को भी मिलेगा, जहां आगामी पंद्रह जून के आसपास मानसूनी बादलों के प्रवेश करने की प्रबल संभावना जताई जा रही है, जो झुलसते खेतों और आम जनमानस को बड़ी राहत देगा।
सुरेंद्रनगर सड़क हादसा: लग्जरी बस टैंकर से टकराई, कई घायल
15 May, 2026 06:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुरेंद्रनगर: गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के चोटिला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले संगानी गांव के समीप बुधवार की देर रात एक अत्यंत दर्दनाक और रूह कंपा देने वाली सड़क दुर्घटना घटित हुई। यहाँ राजमार्ग पर डामर से लदे एक टैंकर और निजी लग्जरी बस के बीच हुई भीषण टक्कर के बाद दोनों वाहनों में अचानक भीषण आग लग गई। इस भयावह अग्निकांड में बस के भीतर सवार चार यात्रियों की जिंदा जलकर बेहद दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दस अन्य मुसाफिर गंभीर रूप से झुलस गए। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह पूरी घटना रात करीब डेढ़ से दो बजे के बीच की है, जब गहरी नींद में सो रहे यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
राजमार्ग पर अचानक टायर फटने से अनियंत्रित हुआ डामर से लदा टैंकर
पुलिस और परिवहन विभाग की प्रारंभिक तकनीकी जांच से यह बात सामने आई है कि आधी रात को डामर से भरा हुआ एक भारी-भरकम टैंकर तेज गति से राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजर रहा था। संगानी गांव के पास पहुंचते ही अचानक टैंकर का एक टायर बेहद जोरदार धमाके के साथ फट गया, जिसके कारण चालक का वाहन पर से नियंत्रण पूरी तरह खो गया और टैंकर सड़क के बीचों-बीच अनियंत्रित होकर धीमा हो गया। इसी दौरान ठीक पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार निजी लग्जरी बस के चालक को संभलने का अवसर नहीं मिला और बस पूरी ताकत के साथ टैंकर के पिछले हिस्से से जा टकराई।
टक्कर के बाद शॉर्ट सर्किट और डामर के कारण तेजी से फैली भीषण आग
अधिकारियों ने दुर्घटना के तकनीकी कारणों की व्याख्या करते हुए बताया कि दोनों भारी वाहनों के बीच हुई इस भीषण भिड़ंत के तुरंत बाद लग्जरी बस के आंतरिक वायरिंग सिस्टम में एक बड़ा शॉर्ट सर्किट हो गया। बस में उठी चिंगारियों ने आगे खड़े टैंकर में लदे अत्यधिक ज्वलनशील डामर के संपर्क में आते ही एक विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते पूरी बस आग के विशाल शोलों में तब्दील हो गई। दुर्घटना के समय बस में सवार लगभग चालीस यात्रियों में से अधिकांश गहरी नींद में सो रहे थे, जिसके कारण अचानक लगी इस आग की लपटों के बीच से भाग निकलने का उन्हें समय ही नहीं मिल सका।
स्थानीय लोगों की तत्परता से बचे कई यात्री और घायलों का उपचार शुरू
इस भयावह टक्कर और आगजनी की आवाज सुनकर आस-पास के ग्रामीण और राजमार्ग से गुजर रहे अन्य राहगीर तुरंत मदद के लिए आगे आए और उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर बस की खिड़कियां तोड़कर भीतर फंसे कई यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं, जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत दल द्वारा गंभीर रूप से झुलसे हुए सभी दस घायलों को तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से राजकोट के सिविल अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी देखरेख कर रही है।
शवों का चोटिला अस्पताल में पोस्टमार्टम और कानूनी कार्रवाई का आगाज
इस हृदय विदारक हादसे में असमय काल के गाल में समा गए चारों अभागे यात्रियों के शव इस कदर जल चुके थे कि उनकी शिनाख्त करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। पुलिस ने सभी मृतकों के शवों को सुरक्षित निकालकर अंत्यपरीक्षण और पहचान की अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए चोटिला के रेफरल अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया है। जिला प्रशासन ने इस पूरी घटना के संबंध में मामला दर्ज कर वाहनों के मालिकों और जीवित बचे स्टाफ के बयान दर्ज करना शुरू कर दिया है ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का निर्धारण कर वैधानिक कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा सके।
भीषण गर्मी में आग का तांडव: वडोदरा में कार जलकर खाक
14 May, 2026 06:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वडोदरा: गुजरात के वडोदरा शहर में भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच सड़क पर चलती एक कार के अचानक आग का गोला बनने से हड़कंप मच गया।
चलती कार में अचानक भड़की भीषण आग
वडोदरा के एक व्यस्त इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब सड़क पर दौड़ती एक कार के इंजन से अचानक धुआं निकलने लगा। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया और वाहन आग की लपटों से घिर गया। कार सवार यात्रियों ने समय रहते खतरे को भांप लिया और तुरंत वाहन से बाहर निकल गए, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
चिलचिलाती गर्मी और तकनीकी खराबी का अंदेशा
शुरुआती जानकारी के अनुसार, वडोदरा में पड़ रही भीषण गर्मी को इस घटना का एक मुख्य कारण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अत्यधिक तापमान के कारण कार के इंजन में ओवरहीटिंग या शॉर्ट सर्किट की समस्या पैदा हुई होगी, जिसने आग को भड़काने का काम किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग इतनी तेजी से फैली कि कार सवारों को अपना सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला और देखते ही देखते कीमती वाहन लोहे के ढांचे में तब्दील हो गया।
फायर ब्रिगेड की कार्रवाई और यातायात प्रभावित
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुँचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित रहा। पुलिस ने एहतियात के तौर पर इलाके की घेराबंदी की ताकि आग की लपटों या धमाके से किसी अन्य राहगीर को नुकसान न पहुँचे। दमकल कर्मियों ने बताया कि आग बुझने तक कार का अधिकांश हिस्सा जलकर खाक हो चुका था।
वाहन स्वामियों के लिए प्रशासन की चेतावनी
इस घटना के बाद प्रशासन और ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों ने वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। भीषण गर्मी के मौसम में वाहनों की नियमित सर्विसिंग, कूलेंट की जांच और वायरिंग के रखरखाव पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों ने अपील की है कि यदि सफर के दौरान बोनट से धुआं निकलता दिखे या जलने की गंध आए, तो तुरंत वाहन को सुरक्षित स्थान पर खड़ा कर बाहर निकल जाएं, क्योंकि ऐसी स्थिति में कुछ ही मिनटों में वाहन पूरी तरह जल सकता है।
गुजरात फैक्ट्रियों में मिले उदयपुर के बच्चे, बाल श्रम का गंभीर मामला
13 May, 2026 04:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात। गुजरात के सूरत स्थित कपड़ा फैक्ट्रियों में राजस्थान के उदयपुर जिले से तस्करी कर लाए गए 90 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया है। यह बड़ी कार्रवाई मानव तस्करी विरोधी इकाई (AHTU), बचपन बचाओ आंदोलन और स्थानीय पुलिस के संयुक्त अभियान के तहत की गई। पकड़े गए सभी बच्चे उदयपुर के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के रहने वाले हैं, जिन्हें बेहतर जीवन का झांसा देकर यहां लाया गया था।
साड़ी फिनिशिंग और मशीनों पर कराया जा रहा था काम
रेस्क्यू किए गए बच्चों की उम्र महज 10 से 15 वर्ष के बीच है। इन बच्चों को सूरत की उन तंग गलियों और फैक्ट्रियों में रखा गया था, जहां साड़ी बनाने, उन पर फिनिशिंग करने और भारी मशीनें चलाने का काम होता है।
बच्चों को प्रतिदिन 12 से 14 घंटे तक लगातार काम करना पड़ता था।
फैक्ट्रियों में रोशनी और हवा की उचित व्यवस्था नहीं थी, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा था।
कई बच्चों के हाथों में मशीनों और रसायनों के कारण गहरे जख्म भी पाए गए हैं।
महीने के मात्र 5 हजार और बंधुआ मजदूरी जैसी स्थिति
पूछताछ में सामने आया है कि इन बच्चों को केवल 5,000 रुपये प्रति माह के वेतन पर रखा गया था, लेकिन वह पैसा भी सीधे उनके माता-पिता या बिचौलियों के पास पहुंचता था।
बच्चों को डरा-धमकार रखा जाता था ताकि वे भागने की कोशिश न करें।
उनके खाने-पीने और रहने की स्थिति किसी जेल से कम नहीं थी; उन्हें एक ही छोटे कमरे में दर्जनों की संख्या में सुलाया जाता था।
दलालों ने उनके माता-पिता को एडवांस पैसे देकर एक तरह से उन्हें बंधुआ बना लिया था।
दलालों के चंगुल से रेस्क्यू और घर वापसी की तैयारी
बाल कल्याण समिति (CWC) ने सभी बच्चों को अपनी कस्टडी में ले लिया है और उन्हें वर्तमान में शेल्टर होम में रखा गया है।
पुलिस ने इस मामले में फैक्ट्री मालिकों और उन बिचौलियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है जो उदयपुर के गांवों से बच्चों को सप्लाई करते थे।
बच्चों की काउंसलिंग की जा रही है ताकि उन्हें इस सदमे से बाहर निकाला जा सके।
प्रशासन अब इन बच्चों को उदयपुर वापस भेजने और उनके पुनर्वास (Rehabilitation) के लिए राजस्थान सरकार के साथ समन्वय कर रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर आदिवासी क्षेत्रों में सक्रिय मानव तस्करी नेटवर्क की पोल खोल दी है।
जंगल का जीवंत नजारा, गिर में पर्यटकों ने देखा शेर-शेरनी का शिकार
12 May, 2026 01:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सासन गिर: गुजरात के सुप्रसिद्ध गिर अभयारण्य में सफारी के लिए आए पर्यटकों को प्रकृति का एक अत्यंत दुर्लभ और रोंगटे खड़े कर देने वाला दृश्य देखने को मिला। जंगल की सैर के दौरान पर्यटकों का सामना उस वक्त वन्यजीवन की क्रूर वास्तविकता से हुआ, जब उनके ठीक सामने शेरों के एक झुंड ने एक गाय पर हमला कर उसका शिकार कर लिया। आँखों के सामने हुई इस घटना ने पर्यटकों को रोमांचित करने के साथ-साथ स्तब्ध भी कर दिया।
पर्यटकों के सामने शेरों का शक्ति प्रदर्शन
सासन गिर में हर रोज की तरह पर्यटक जिप्सी में सवार होकर वन्यजीवों के दीदार के लिए निकले थे। इसी दौरान अचानक शेरों का एक झुंड सड़क के करीब आ गया। पर्यटकों ने सोचा कि वे शेरों को आराम करते हुए देखेंगे, लेकिन तभी शेरों ने पास ही चर रही एक गाय को अपना निशाना बना लिया। यह पूरा शिकार पर्यटकों की आँखों के सामने महज कुछ ही मिनटों में संपन्न हो गया।
कैमरों में कैद हुआ शिकार का लाइव मंजर
जंगल सफारी का आनंद ले रहे कई पर्यटकों ने इस अद्भुत और डरावने मंजर को अपने मोबाइल और कैमरों में कैद कर लिया। वीडियो में देखा जा सकता है कि शेर किस तरह अपनी अद्भुत रणनीति और ताकत के बल पर शिकार को दबोचते हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, खुले जंगल में इस तरह लाइव शिकार देखना बहुत कम लोगों के हिस्से आता है, क्योंकि शेर अक्सर इंसानी हलचल से दूर शिकार करना पसंद करते हैं।
गिर के जंगल में बढ़ा रोमांच
इस घटना के बाद सफारी पर आए अन्य पर्यटकों में भी भारी उत्साह देखा जा रहा है। जंगल के नियमों के मुताबिक, पर्यटकों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया था, लेकिन शिकार की यह घटना इतनी करीब हुई कि सफारी जिप्सी में बैठे लोग सहम गए। गिर का यह जंगल दुनिया भर में एशियाई शेरों के एकमात्र ठिकाने के रूप में प्रसिद्ध है और इस तरह की घटनाएं यहाँ की पारिस्थितिकी का एक स्वाभाविक हिस्सा हैं।
वन विभाग की पर्यटकों को सलाह
इस रोमांचक दृश्य के बाद वन विभाग ने पर्यटकों के लिए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब शेर शिकार मोड में हों या भोजन कर रहे हों, तो शांति बनाए रखना और जिप्सी से बाहर न निकलना अनिवार्य है। पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे वन्यजीवों की निजता का सम्मान करें और रोमांच के चक्कर में अपनी सुरक्षा से समझौता न करें।
ट्रक और टेंपो की भिड़ंत से दर्दनाक हादसा, गुजरात के आणंद में 4 की मौत
11 May, 2026 05:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आणंद। गुजरात के आणंद जिले में सोमवार की सुबह एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हुई। यहाँ तारापुर इलाके में सड़क किनारे खड़े एक ट्रक के पिछले हिस्से में तेज रफ्तार टेम्पो अनियंत्रित होकर जा घुसा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि टेम्पो के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही चीख-पुकार मच गई।
हादसे में एक ही परिवार के लोगों की गई जान
तारापुर पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर मयूर शर्मा के अनुसार, इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में चार लोगों ने अपनी जान गंवाई है। मृतकों में एक 5 साल का मासूम बच्चा, दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। बताया जा रहा है कि टेम्पो में सवार सभी लोग दाहोद के रहने वाले थे और मजदूरी के काम के सिलसिले में जा रहे थे।
पांच घायल अस्पताल में भर्ती
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा। इस टक्कर में 5 अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल तारापुर के सरकारी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रशासन की लापरवाही पर फूटा गुस्सा
क्षेत्र के निवासियों ने इस घटना के बाद प्रशासन के प्रति नाराजगी जाहिर की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह इलाका दुर्घटनाओं के लिहाज से बेहद संवेदनशील है, इसके बावजूद प्रशासन ने यहाँ कोई चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं। साइन बोर्ड की कमी और लापरवाही को भी इस बड़े हादसे की एक मुख्य वजह माना जा रहा है।
60 हजार तक वेतन वाली सरकारी नौकरी, जानें योग्यता और आवेदन प्रक्रिया
7 May, 2026 10:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: गुजरात विश्वविद्यालय के प्रोफेशनल कोर्स सेंटर (GU CPC) ने गैर-शिक्षण स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी पदों पर भर्ती की अधिसूचना जारी की है। यह नियुक्तियां पूर्णतः 11 महीने के संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) आधार पर की जाएंगी। विश्वविद्यालय द्वारा जारी इस विज्ञापन के माध्यम से कुल 29 रिक्तियों को भरने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें प्रबंधन से लेकर आईटी और स्टूडियो संचालन तक के विभिन्न क्षेत्र शामिल हैं। योग्य उम्मीदवारों को अपनी शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के आधार पर इस अवसर का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया गया है।
रिक्त पदों का विवरण और मानदेय संरचना
विश्वविद्यालय ने विभिन्न श्रेणियों में पदों को विभाजित किया है, जिनमें प्लेसमेंट मैनेजर, लेखाकार और आईटी समन्वयक जैसे प्रमुख पद शामिल हैं। प्लेसमेंट मैनेजर और मार्केटिंग हेड जैसे उच्च पदों के लिए प्रतिमाह 50,000 रुपये का मानदेय निर्धारित किया गया है। वहीं, तकनीकी सहायक और वीडियो संपादक के पदों के लिए योग्यता के आधार पर 30,000 से 60,000 रुपये तक का वेतन दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, फ्रेशर्स के लिए जॉब ट्रेनी के पद भी सृजित किए गए हैं, जिनका वेतन 18,000 रुपये तय किया गया है, ताकि युवाओं को भी प्रशासनिक कार्यों का अनुभव प्राप्त हो सके।
अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता और कार्य अनुभव
भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए प्रत्येक पद हेतु विशिष्ट अर्हताएं निर्धारित की गई हैं। तकनीकी पदों जैसे आईटी कोऑर्डिनेटर के लिए कंप्यूटर विज्ञान या डेटा साइंस में मास्टर डिग्री के साथ संबंधित क्षेत्र में अनुभव होना अनिवार्य है। इसी प्रकार, कैमरा ऑपरेटर और वीडियो संपादक जैसे पदों के लिए फिल्म स्कूल की डिग्री के साथ 8 से 10 वर्ष का लंबा अनुभव मांगा गया है। प्रशासनिक पदों के लिए स्नातक या स्नातकोत्तर डिग्री के साथ टैली, जीएसटी और अच्छे संचार कौशल जैसी व्यावहारिक दक्षता होना आवश्यक है।
चयन प्रक्रिया के महत्वपूर्ण चरण
उम्मीदवारों का चयन सीधे तौर पर प्राप्त आवेदनों की छंटनी और उसके बाद आयोजित होने वाले साक्षात्कार (इंटरव्यू) पर आधारित होगा। विश्वविद्यालय की स्क्रीनिंग कमेटी योग्य आवेदकों को ईमेल के माध्यम से साक्षात्कार के लिए आमंत्रित करेगी। कुछ विशेष पदों, जैसे वीडियो एडिटर, के लिए व्यावहारिक या लिखित परीक्षा भी आयोजित की जा सकती है ताकि उम्मीदवार की कौशल क्षमता का परीक्षण किया जा सके। अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति से पूर्व अपने सभी मूल दस्तावेजों का सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।
ऑनलाइन आवेदन की चरणबद्ध विधि
इच्छुक अभ्यर्थियों को गुजरात विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट recruitment.gucpc.in पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए सबसे पहले वैध ईमेल और मोबाइल नंबर से पंजीकरण करना आवश्यक है। इसके पश्चात, अभ्यर्थियों को अपनी व्यक्तिगत एवं शैक्षणिक जानकारी भरनी होगी और फोटो, हस्ताक्षर सहित आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी। फॉर्म जमा करने से पूर्व सभी विवरणों की सावधानीपूर्वक जांच कर लें, क्योंकि एक बार सबमिट होने के बाद जानकारी में संशोधन संभव नहीं होगा।
रेप केस में नारायण साई को राहत नहीं, अदालत ने याचिका ठुकराई
6 May, 2026 03:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: नारायण साई को गुजरात हाई कोर्ट से बड़ा झटका, दुष्कर्म मामले में सजा रोकने और जमानत की अर्जी हुई खारिज
स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम के पुत्र नारायण साई की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, क्योंकि गुजरात हाई कोर्ट ने उम्रकैद की सजा को निलंबित करने की उसकी याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया है। साल 2001 के एक दुष्कर्म मामले में सूरत की निचली अदालत द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा के विरुद्ध नारायण साई की मुख्य अपील अभी भी उच्च न्यायालय में लंबित है। सोमवार को न्यायमूर्ति इलेश वोरा और न्यायमूर्ति आरटी वच्छानी की खंडपीठ ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए साफ किया कि वर्तमान परिस्थितियों में दोषी को किसी भी प्रकार की राहत देना संभव नहीं है। अदालत के इस कड़े रुख ने नारायण साई की जेल से बाहर आने की उम्मीदों पर फिलहाल पानी फेर दिया है।
अपराध की गंभीरता और बरी होने की क्षीण संभावनाओं पर अदालत की टिप्पणी
हाई कोर्ट की खंडपीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया कि नारायण साई द्वारा किए गए अपराध की प्रकृति अत्यंत गंभीर है। पीठ ने कहा कि साक्ष्यों और मामले की गहराई को देखते हुए प्रथम दृष्टया यह निष्कर्ष निकालना बेहद कठिन है कि अपीलीय अदालत में सुनवाई के दौरान आवेदक के बरी होने की कोई उचित संभावना नजर आती है। अदालत ने गुण-दोष के आधार पर यह पाया कि सजा के निलंबन या नियमित जमानत के लिए कोई भी ठोस और पर्याप्त आधार मौजूद नहीं है। जजों ने यह भी रेखांकित किया कि ऐसे जघन्य अपराधों में बिना किसी असाधारण कारण के सजा पर रोक लगाना न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध होगा।
सुनवाई में सहयोग न करने और कानूनी कार्यवाही में देरी के हथकंडों पर फटकार
अदालत ने नारायण साई के आचरण पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि हालांकि वह पिछले 11 वर्षों से जेल की सजा काट रहा है, लेकिन उसने वर्ष 2019 से अपनी मुख्य अपील की अंतिम सुनवाई में बिल्कुल भी सहयोग नहीं किया है। हाई कोर्ट ने गौर किया कि दोषी ने अपील को तार्किक परिणति तक पहुँचाने के बजाय कई बार अस्थायी या स्थायी जमानत के लिए याचिकाएं दायर कर मामले को लंबा खींचने का प्रयास किया है। पीठ के अनुसार, साई ने कार्यवाही में देरी करने के लिए विभिन्न कानूनी हथकंडे अपनाए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उसे अपनी अपील की शीघ्र सुनवाई में कोई वास्तविक रुचि नहीं थी। अदालत ने इसे न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग की श्रेणी में रखा।
साल 2013 का मामला और उम्रकैद के बाद बार-बार पैरोल की मांग
इस पूरे विवाद की जड़ साल 2013 में दर्ज हुई वह शिकायत है, जिसमें एक पूर्व महिला भक्त ने नारायण साई पर गंभीर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अप्रैल 2019 में सूरत की अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अपनी सजा के दौरान नारायण साई कई बार पैरोल या फर्लो के जरिए जेल से बाहर आता रहा है, लेकिन नियमित जमानत पाने के उसके तमाम प्रयास अब तक विफल रहे हैं। वर्तमान फैसले ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि जब तक उसकी मुख्य अपील पर अंतिम फैसला नहीं आ जाता, उसे सलाखों के पीछे ही रहना होगा। पुलिस और अभियोजन पक्ष ने भी सुरक्षा और गवाहों के प्रभावित होने के डर से उसकी रिहाई का पुरजोर विरोध किया था।
गुजरात बोर्ड 10वीं का रिजल्ट: पास प्रतिशत 83.86%, छात्राओं की चमक
6 May, 2026 09:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गांधीनगर: गुजरात माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (GSEB) द्वारा आज सुबह 8 बजे कक्षा 10वीं का परिणाम घोषित कर दिया गया है। इस वर्ष के नतीजों में छात्रों का कुल पास प्रतिशत 83.86 दर्ज किया गया है, जो राज्य के लाखों विद्यार्थियों की मेहनत को दर्शाता है। वे सभी परीक्षार्थी जिन्होंने इस वर्ष माध्यमिक शिक्षा की परीक्षा दी थी, वे अब आधिकारिक पोर्टल पर अपना सात अंकों का सीट नंबर दर्ज करके अपना डिजिटल स्कोरकार्ड प्राप्त कर सकते हैं।
भारी ट्रैफिक के बीच परिणाम जांचने के विकल्प
रिजल्ट जारी होते ही आधिकारिक वेबसाइट पर उपयोगकर्ताओं की संख्या अचानक बढ़ जाने के कारण सर्वर की गति धीमी होने की समस्या सामने आ सकती है। ऐसी स्थिति में छात्रों को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि बोर्ड ने तकनीकी बाधाओं से बचने के लिए वैकल्पिक रास्ते भी उपलब्ध कराए हैं। यदि मुख्य वेबसाइट लोड होने में समय ले रही है, तो छात्र अन्य माध्यमों का सहारा लेकर अपना परिणाम तुरंत देख सकते हैं।
व्हाट्सएप के जरिए अंकतालिका प्राप्त करने की सुविधा
तकनीक का लाभ उठाते हुए इस बार बोर्ड ने व्हाट्सएप संदेश के माध्यम से भी परिणाम देखने की विशेष व्यवस्था की है। जिन छात्रों को वेबसाइट खोलने में कठिनाई हो रही है, वे अपने मोबाइल से 6357300971 पर अपना सीट नंबर मैसेज कर सकते हैं। यह प्रक्रिया बेहद सरल है और इसके माध्यम से बिना किसी देरी के मोबाइल स्क्रीन पर ही अंकों का विवरण प्राप्त हो जाता है।
आधिकारिक पोर्टल और एसएमएस का उपयोग
वेबसाइट के अलावा बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि छात्र इंटरनेट की अनुपलब्धता या अन्य तकनीकी कारणों से एसएमएस सेवा का भी उपयोग कर सकते हैं। हालांकि सबसे विस्तृत और आधिकारिक मार्कशीट के लिए https://www.gseb.org/ पर जाना ही सबसे उपयुक्त रहता है। सफल होने वाले सभी छात्र अपनी मार्कशीट डाउनलोड करने के बाद उसका प्रिंट आउट लेकर भविष्य के लिए सुरक्षित रख सकते हैं।
उमरेठ विधानसभा उपचुनाव परिणाम: BJP आगे, कांग्रेस दूसरे स्थान पर
4 May, 2026 05:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात। पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों के साथ-साथ गुजरात से भी भारतीय जनता पार्टी के लिए उत्साहजनक खबर आई है। गुजरात के आणंद जिले की उमरेठ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी हर्षदभाई परमार ने एकतरफा जीत दर्ज की है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के भृगुराजसिंह चौहान को भारी मतों के अंतर से पराजित किया।
हर्षदभाई परमार की शानदार जीत
सोमवार को हुई मतगणना के बाद निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अंतिम नतीजों के अनुसार, भाजपा उम्मीदवार हर्षदभाई परमार ने 30,743 मतों के अंतर से जीत हासिल की है।
बीजेपी: हर्षदभाई परमार को कुल 85,500 वोट मिले।
कांग्रेस: दूसरे स्थान पर रहे भृगुराजसिंह चौहान को 54,757 वोट प्राप्त हुए।
अन्य: चुनाव मैदान में उतरे तीन निर्दलीय और एक अन्य पार्टी के उम्मीदवार मुख्य मुकाबले से काफी बाहर रहे।
मतगणना और उपचुनाव की पृष्ठभूमि
वल्लभ विद्यानगर स्थित बीजेवीएम कॉलेज में कड़ी सुरक्षा के बीच वोटों की गिनती की गई।
शुरुआती बढ़त: हर्षदभाई परमार ने पहले दौर से ही बढ़त बना ली थी, जो 18वें दौर तक लगातार मजबूत होती गई।
कारण: यह सीट भाजपा विधायक गोविंदभाई परमार के आकस्मिक निधन (6 मार्च 2026) के बाद रिक्त हुई थी। पार्टी ने उनके बेटे हर्षद परमार पर भरोसा जताया और उन्होंने अपने पहले ही बड़े चुनाव में जीत दर्ज की।
मतदान: इस सीट पर 23 अप्रैल को वोट डाले गए थे, जिसमें लगभग 59 प्रतिशत मतदान हुआ था।
2027 के महाकुंभ से पहले 'लिटमस टेस्ट'
उमरेठ की यह जीत गुजरात भाजपा के लिए केवल एक सीट की जीत नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संकेत है:
अजेय गढ़: यह इलाका लंबे समय से भाजपा का मजबूत आधार रहा है और इस नतीजे ने साबित किया है कि पार्टी की पकड़ यहाँ अब भी बरकरार है।
राजनीतिक संदेश: हालिया स्थानीय निकाय चुनावों के बाद इस उपचुनाव में मिली सफलता दर्शाती है कि सत्ता विरोधी लहर (Anti-incumbency) का प्रभाव फिलहाल राज्य में नगण्य है।
मिशन 2027: अगले साल होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले इसे भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण 'टेस्ट' माना जा रहा था, जिसमें पार्टी ने शानदार प्रदर्शन कर अपनी मजबूती साबित की है।
आतंकी विचारधारा का नेटवर्क बेनकाब, कच्छ में आरोपी गिरफ्तार
2 May, 2026 05:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कच्छ में बड़ी कार्रवाई: ISIS की विचारधारा फैलाने वाला संदिग्ध गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर 'खिलाफत' और 'जिहाद' के नाम पर गुमराह करने का आरोप
भुज। गुजरात पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) ने देश विरोधी गतिविधियों पर लगाम कसते हुए कच्छ से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन की कट्टरपंथी सामग्री को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा करने और लोगों को भड़काने का आरोप है।
सोशल मीडिया पर बना रखे थे कई फर्जी अकाउंट
पुलिस की जांच में आरोपी फकीरमामाद गगड़ा के मोबाइल फोन से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:
फर्जी पहचान: आरोपी ने इंस्टाग्राम और फेसबुक पर अलग-अलग नामों से कई अकाउंट बना रखे थे ताकि वह अपनी पहचान छिपाकर प्रचार कर सके।
कट्टरपंथी सामग्री: वह लगातार ऐसे वीडियो, लेख और तस्वीरें पोस्ट कर रहा था जो आईएसआईएस की विचारधारा से प्रेरित थे।
गुमराह करने की कोशिश: पुलिस के अनुसार, आरोपी के पोस्ट लोगों को 'खिलाफत' और 'जिहाद' के नाम पर एकत्रित होने के लिए उकसाते थे।
देश की सुरक्षा के लिए बताया गया खतरा
पश्चिमी कच्छ-भुज एसओजी की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि आरोपी की गतिविधियाँ भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता के लिए एक बड़ा खतरा थीं। वह डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर इस्लामी युद्ध और कट्टरपंथ के लिए युवाओं का ब्रेनवॉश करने की कोशिश कर रहा था।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की तफ्तीश कर रही हैं कि क्या वह किसी सीमा पार नेटवर्क या अन्य स्थानीय स्लीपर सेल के संपर्क में था।
हीरा नगरी में जुटेगा उद्योग जगत: वाइब्रेंट गुजरात कॉन्फ्रेंस की तैयारियां अंतिम चरण में, अधिकारियों ने की समीक्षा
30 Apr, 2026 03:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गांधीनगर: मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में दक्षिण और मध्य गुजरात के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने के लिए एक बड़े रोडमैप की समीक्षा की गई। आगामी 1 और 2 मई, 2026 को सूरत में होने वाली 'वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस' के माध्यम से राज्य सरकार 16 जिलों की औद्योगिक शक्ति को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने की तैयारी कर रही है।
1. 16 जिलों की औद्योगिक क्षमता का वैश्विक प्रदर्शन
प्रवक्ता मंत्री जीतू वाघाणी के अनुसार, यह कॉन्फ्रेंस दक्षिण गुजरात के सूरत, भरूच, डांग, नवसारी, तापी, वलसाड और मध्य गुजरात के अहमदाबाद, वडोदरा, गांधीनगर, आनंद सहित कुल 16 जिलों के विकास को नई गति देगी। इस क्षेत्रीय आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के निवेशकों और तकनीक के साथ जोड़ना है, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आ सके।
2. पारंपरिक उद्योगों से लेकर 'डिफेंस और ग्रीन एनर्जी' पर फोकस
कॉन्फ्रेंस में केवल सूरत के पारंपरिक टेक्सटाइल और जेम्स-ज्वेलरी तक सीमित न रहकर, भविष्य के उद्योगों पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। इसमें केमिकल, पेट्रोकेमिकल, ग्रीन एनर्जी इकोसिस्टम, फिनटेक, एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों पर गहन चर्चा होगी। साथ ही, MSME (लघु एवं मध्यम उद्योग) को सशक्त बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय 'रिवर्स बायर-सेलर मीट' और वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन भी किया जाएगा।
3. 'ग्लोबल समिट' के लिए बनेगा मजबूत आधार
सरकार की योजना इस क्षेत्रीय सम्मेलन के दौरान होने वाले निवेश और समझौतों को आगामी वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश करने की है। यहाँ होने वाले सेमिनार और प्रदर्शनियों के जरिए स्थानीय स्टार्टअप्स और बड़े उद्योगों को सीधे विदेशी खरीदारों से मिलने का अवसर मिलेगा, जिससे निर्यात और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
'विकास' की प्रचंड जीत: गुजरात निकाय चुनाव में भाजपा का अब तक का सबसे बड़ा विजय शंखनाद
30 Apr, 2026 03:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: गुजरात स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों ने एक बार फिर राज्य में भाजपा के अभेद्य दुर्ग की पुष्टि कर दी है। प्रवक्ता मंत्री जीतू वाघाणी ने इन परिणामों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के सुशासन पर जनता की 'अटूट मुहर' करार दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के भ्रामक प्रचार और नकारात्मक राजनीति को गुजरात की जनता ने पूरी तरह से नकार दिया है।
1. महानगर से तालुका तक भाजपा का दबदबा
मंत्री जीतू वाघाणी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, भाजपा ने सभी स्तरों पर ऐतिहासिक बढ़त हासिल की है। पार्टी ने महानगरपालिकाओं में 89.75% सीटों पर कब्जा कर विपक्ष को हाशिए पर धकेल दिया है। जिला पंचायतों में 81.83%, नगरपालिकाओं में 75.76% और तालुका पंचायतों में 70.19% सीटों के साथ भाजपा का कुल जीत प्रतिशत 74.96% रहा। मंत्री ने विश्वास जताया कि यह जीत 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए एक मजबूत नींव साबित होगी।
2. सामाजिक समरसता और 'सबका साथ-सबका विकास'
भावनगर महानगरपालिका का उदाहरण देते हुए मंत्री ने बताया कि भाजपा को समाज के हर वर्ग—कोली, क्षत्रिय, दलित, पटेल, ब्राह्मण, मालधारी और सिंधी—का व्यापक समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि जहाँ कांग्रेस जाति आधारित राजनीति में उलझी रही, वहीं भाजपा के उम्मीदवारों को हर जाति ने 'विकास' के नाम पर चुना। पटेल, ब्राह्मण, माली और कड़िया राजपूत समाज में भाजपा ने 100% सफलता दर हासिल की, जो सामाजिक एकजुटता का प्रमाण है।
3. विपक्ष पर प्रहार: 'अस्तित्व बचाने की लड़ाई'
विपक्ष की तीखी आलोचना करते हुए वाघाणी ने कहा कि चुनाव के दौरान अभद्र भाषा और राज्य को बदनाम करने वाले मुद्दों का प्रयोग गुजरात की संस्कृति के विपरीत था। उन्होंने कहा कि हार के बाद भी विपक्ष वोट शेयर बढ़ने के झूठे दावे कर रहा है, जबकि हकीकत में वे अपना अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मंत्री ने विपक्ष को सलाह दी कि वे हार स्वीकार कर रचनात्मक भूमिका निभाना सीखें।
सुशासन की नई इबारत: प्रचंड जीत के बाद गुजरात सरकार का लक्ष्य—हर द्वार तक पहुंचेगी योजना की कतार
30 Apr, 2026 03:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गांधीनगर: स्थानीय निकाय चुनावों में प्रचंड बहुमत हासिल करने के बाद गुजरात की भूपेंद्र पटेल सरकार ने 'सेवा और सुशासन' की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह भारी जनादेश केवल सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि जनता की सेवा की नैतिक जिम्मेदारी है। अब सरकार का पूरा ध्यान जमीनी स्तर पर लंबित शिकायतों के त्वरित निपटारे पर केंद्रित होगा।
1. मुख्यमंत्री का सख्त निर्देश: ग्राम से राज्य स्तर तक होगा निवारण
प्रवक्ता मंत्री जीतू वाघाणी ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद जानकारी दी कि मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को प्रशासनिक तंत्र को सक्रिय करने के विशेष निर्देश दिए हैं। चुनाव प्रचार के दौरान जनसंपर्क में सामने आए स्थानीय मुद्दों और प्रशासनिक शिकायतों को सूचीबद्ध किया गया है। अब एक ठोस 'एक्शन प्लान' के तहत इन सभी समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
2. 'विश्वास' के बदले 'पारदर्शी प्रशासन' का वादा
सरकार ने यह संकल्प दोहराया है कि जनता ने जो अटूट विश्वास भाजपा पर जताया है, उसके बदले में नागरिकों को अधिक पारदर्शी और सुविधायुक्त प्रशासन दिया जाएगा। मंत्री वाघाणी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि लोकतंत्र के इस उत्सव (चुनाव) के बाद अब समय केवल और केवल जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का है।
3. विजय के उत्साह को सेवा में बदलने की रणनीति
बैठक में यह तय हुआ कि आने वाले दिनों में राज्य के हर कोने में विकास कार्यों को और अधिक गति दी जाएगी। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि छोटी से छोटी समस्या का भी संज्ञान लिया जाए, ताकि विकास का लाभ समाज के अंतिम छोर तक पहुँच सके। सरकार का लक्ष्य अपनी चुनावी सफलता के उत्साह को जनसेवा के रूप में धरातल पर उतारना है।
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