गुजरात
नया वक्फ कानून संविधान का उल्लंघन, राहुल गांधी ने AICC अधिवेशन में की कड़ी आलोचना
9 Apr, 2025 07:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को दावा किया कि संसद से पारित वक्फ संशोधन अधिनियम धर्म की स्वतंत्रता पर हमला और संविधान विरोधी कदम है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले समय में दूसरे अल्पसंख्यक समुदायों को भी निशाना बनाया जाएगा।उन्होंने यहां पार्टी के अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि देश की जनता भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से तंग आ चुकी है और अब बदलाव होने वाला है
वक्फ कानून पर क्या बोले राहुल गांधी?
राहुल गांधी ने कहा कि वक्फ विधेयक (अधिनयम) धर्म की स्वतंत्रता और संविधान पर हमला है। यह संविधान विरोधी है। उन्होंने दावा किया कि आरएसएस से जुड़ी पत्रिका 'आर्गेनाइजर' में ईसाइयों की भूमि को निशाना बनाने की बात की गई है और आगे सिख समुदाय के साथ भी ऐसा होगा। राहुल गांधी ने दावा किया देश भारतीय जनता पार्टी से तंग आ गया है और बिहार के विधानसभा चुनाव में यह दिखेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आने वाले समय में बदलाव होने वाला है, लोगों का मूड दिख रहा है। उनके द्वारा संसद में भी जाति जनगणना की मांग उठाए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि तेलंगाना में जातिगत सर्वेक्षण के रूप में क्रांतिकारी कदम उठाया गया है।
आरक्षण की 50 फीसदी की दीवार टूटेगी
राहुल गांधी ने कहा कि यह पता लगाना मकसद है कि कितनी किसकी भागीदारी है। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) ने जाति जनगणना से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने इस बात को दोहराया कि केंद्र में कांग्रेस और विपक्ष की सरकार आने पर जाति जनगणना कराई जाएगी। साथ ही कांग्रेस नेता ने कहा कि निजी क्षेत्र में देश की 90 फीसदी आबादी की भागीदारी ना के बराबर है। उन्होंने कहा कि आरक्षण की 50 फीसदी की दीवार को तोड़ा जाएगा।
नए टैरिफ को लेकर पीएम मोदी पर हमला
भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी के लिए दरवाजे बंद कर रहा है। राहुल गांधी ने अग्निपथ योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीबों, दलितों, आदिवासियों के लिए सेना में जाने के अवसर खत्म कर दिए गए हैं। राहुल गांधी ने अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से लागू की गई नई टैरिफ नीति का उल्लेख करते कहा कि डोनाल्ड ट्रंप को मोदी जी अपना मित्र कहते हैं। उन्होंने नए टैरिफ लगाने की बात की लेकिन प्रधानमंत्री ने चूं तक नहीं की।
देश में आर्थिक तूफान आने वाला है
राहुल गांधी ने दावा किया कि देश में आर्थिक तूफान आने वाला है। उन्होंने कहा कि ट्रंप टैरिफ से ध्यान भटकाने के लिए वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर संसद में देर रात तक ड्रामा किया गया। बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के साथ बैंकाक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बैठक का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यूनुस ने भारत के खिलाफ बयानबाजी की लेकिन प्रधानमंत्री उनके साथ बैठे हुए थे। उन्होंने कहा कि कहां गई 56 इंच की छाती?
यह विचारधारा की लड़ाई
केंद्र पर संविधान और देश की संस्थाओं पर आक्रमण करने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह विचारधारा की लड़ाई है। जिस पार्टी के पास विचारधारा नहीं है, वो भाजपा और आरएसएस के सामने नहीं खड़ी हो सकती। जिस पार्टी के पास विचारधारा है, वहीं भाजपा और आरएसएस को हराएगी। राहुल गांधी ने दावा किया कि संविधान बनने के समय आरएसएस ने रामलीला मैदान में संविधान की प्रति जलाई थी।
कांग्रेस अधिवेशन में खरगे ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- हम आजादी की दूसरी लड़ाई लड़ रहे, महाराष्ट्र चुनाव में धांधली से जीती भाजपा!
9 Apr, 2025 06:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात के अहमदाबाद में साबरबती नदी के तट पर कांग्रेस के दो दिवसीय अधिवेशन में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने चुनावों में धांधली, अमेरिकी टैरिफ, वक्फ संशोधन कानून और लोकतंत्र के मुद्दे पर निशाना साधा। आरोप लगाया कि आज सरकार का हर तरफ दखल बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस आजादी की दूसरी लड़ाई लड़ रही है।
दुनिया में कहीं भी ईवीएम नहीं
मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि चुनावी संस्थाएं भी सरकार के कब्जे में हैं। सरकार हर चीज में दखल दे रही है। चुनावों में स्कैम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक तकनीक में विकास के साथ ही दुनिया के विकसित देशों ने ईवीएम को छोड़ दिया है और बैलेट पेपर को अपना लिया है।
दुनिया में कहीं भी ईवीएम उपलब्ध नहीं है। देश के 140 करोड़ लोग लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं। आज या बाद में इस देश के युवा उठेंगे और आपका हाथ थामेंगे। कहेंगे कि हमारे पास ईवीएम नहीं... बैलेट पेपर होना चाहिए।
भाजपा धोखाधड़ी करके जीती महाराष्ट्र चुनाव
खरगे ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा ने धोखाधड़ी करके जीत दर्ज की है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया ईवीएम से बैलेट पेपर की ओर बढ़ रही है। मगर हम ईवीएम का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह धोखाधड़ी है। वे हमसे इसे साबित करने को कहते हैं। आपने ऐसी तकनीक तैयार की हैं, जिससे सत्ताधारी पार्टी को फायदा होता। विपक्ष दलों को नुकसान उठाना पड़ता है।
चुनाव आयोग ने कैसे मतदाता सूची बनाई?
खरगे ने अपने संबोधन में कहा कि महाराष्ट्र में क्या हुआ? राहुल गांधी ने संसद और प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह सवाल उठाया लेकिन सरकार पर इसका कोई असर नहीं हुआ। विधानसभा और संसद चुनाव के बीच में अगर वहां 50 लाख वोट बढ़ गए हैं तो यह कैसा चुनाव आयोग है, किस तरह से मतदाता सूची बनाई है? महाराष्ट्र और हरियाणा चुनाव में धोखाधड़ी की गई।
11 साल से संविधान पर हमला कर रही भाजपा
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पिछले 11 सालों में सत्ताधारी पार्टी ने लगातार संविधान पर हमला किया है। इसे रोकना जरूरी है। हम सब इसके लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि बजट सत्र में सरकार ने लोकतांत्रिक मानदंडों को दरकिनार किया। लोकसभा अध्यक्ष ने पहले विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने के लिए आमंत्रित किया। मगर बाद में उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी। लोकतंत्र में यह शर्मनाक है। खरगे ने कहा कि अगर विपक्ष के नेता को संसद में बोलने की अनुमति नहीं मिलेगी तो आम लोगों की आवाज कैसे सुनी जाएगी?
अमेरिकी टैरिफ पर नहीं होने दी चर्चा
खरगे ने कहा कि अमेरिका ने हमारे खिलाफ 26 फीसदी टैरिफ लगाया। मगर सरकार ने संसद में इस पर कोई चर्चा नहीं होने दी। हमने उसी दोपहर को इस मुद्दे को उठाया था।
पूंजीपतियों को पहुंचाया जा रहा फायदा
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हम आजादी की दूसरी लड़ाई लड़ रहे हैं। अंतर बस इतना है कि पहले सांप्रदायिकता से विदेशियों को फायदा होता था,अब सरकार को हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की अर्थव्यवस्था में एकाधिकार को स्थापित किया जा रहा है। मोदी सरकार पर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी संपत्तियों को बेच रही है
जनता से कुछ छिपाना चाहते हैं
अधिवेशन में खरगे ने वक्फ संशोधन अधिनियम का जिक्र किया और कहा कि जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय सरकार ने सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए देर रात तक बहस की। मणिपुर जैसे अहम मुद्दों पर सुबह 4:40 बजे ही बहस शुरू हो गई। मैंने शाह से कहा कि हमें अगले दिन इस बारे में बात करनी चाहिए। मगर सरकार ने मना कर दिया। इससे पता चलता है कि वे जनता से कुछ छिपाना चाहते हैं?
कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की तबीयत स्थिर, डॉक्टरों ने दी राहत की खबर
9 Apr, 2025 04:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात में कांग्रेस की CWC बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे पी. चिदंबरम की अचानक तबीयत खराब हो गई। कांग्रेस नेता चिदंबरम साबरमती आश्रम में तेज गर्मी के कारण बेहोश हो गए। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जानकारी के अनुसार, चिदंबरम साबरमती आश्रम में आयोजित एक प्रार्थना सभा में भाग ले रहे थे, तभी उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई।
कैसी है अब तबीयत
कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की अब तबीयत स्थिर बताई जा रही है। अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक उन्हें शारीरिक कमजोरी और गर्मी के कारण चक्कर आ गए और बेहोश हो गए। हालांकि अब वे पूरी तरह से होश में है और खरते से बाहर हैं।
वीडियो आया सामने
पी चिदंबरम को अन्य कांग्रेस नेताओं ने गोदी में उठा रखा है। इसके बाद चिदंबरम को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया।
कांग्रेस का अधिवेशन हुआ शुरू
गुजरात के अहमदाबाद में 8 अप्रैल 2025 से कांग्रेस का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन शुरू हो रहा है। यह अधिवेशन 64 साल बाद गुजरात में हो रहा है, इससे पहले 1961 में भावनगर में ऐसा आयोजन हुआ था। यह अधिवेशन कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक के साथ शुरू हुआ, जो सरदार पटेल मेमोरियल में आयोजित की गई और 9 अप्रैल को साबरमती नदी के तट पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की मुख्य बैठक होगी।
पार्टी का मकसद जिला कांग्रेस कमेटियों को सशक्त करना, संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना और आगामी चुनावों के लिए रणनीति तैयार करना है। गुजरात में बीजेपी के मजबूत गढ़ के बावजूद, कांग्रेस इस अधिवेशन के जरिए कार्यकर्ताओं में जोश भरने और अपनी मौजूदगी को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस के कद्दावर नेता है पी चिदंबरम
पी चिदंबरम का पूरा नाम पलानीअप्पन चिदंबरम है। उनकी गिनती कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में होती है। वह 5 दशकों से ज्यादा समय से वह कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। कांग्रेस सरकार में वह वित्त मंत्री और गृह मंत्री भी रह चुके हैं।
गुजरात में कांग्रेस कार्य समिति की बैठक, सरदार पटेल पर प्रस्ताव पारित।
8 Apr, 2025 07:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात में कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक हुई के बाद राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने कहा कि आज एक विशेष प्रस्ताव (सरदार वल्लभाई पटेल को लेकर) पर चर्चा हुई और पारित हुआ. इस प्रस्ताव में सरदार पटेल द्वारा आरएसएस पर लगाए गए बैन का भी जिक्र किया गया है. साथ ही पंडित देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और सरदार पटेल के संबंधों का जिक्र करते हुए बीजेपी पर हमला भी बोला गया है. आइए जानते हैं सरदार पटेल को लेकर पारित प्रस्ताव ‘ आजादी के झंडाबरदार हमारे सरदार’ की अहम बातें.
साल 1918 में गुजरात के खेड़ा में अंग्रेजों द्वारा किसानों से कर वसूली के विरोध में महात्मा गांधी की प्रेरणा से सरदार वल्लभ भाई पटेल ने आजादी के रण में कदम रखा. फिर उन्होंने 1928 में अंग्रेजी हुकूमत द्वारा किसानों से लगान वसूली के खिलाफ बारदोली सत्याग्रह का नेतृत्व किया. ऊर्जावान और प्रभावशाली नेतृत्व के चलते वो बारदोली आंदोलन से “सरदार” कहलाए. आज की भाजपा सरकार भी अंग्रेजों की तरह किसानों की भूमि के उचित मुआवजा कानून को खत्म करने का अध्यादेश लाती है. तीन काले कानून बनाती है. किसानों की राहों में कीलें बिछाती है. आय दोगुनी और एमएसपी गारंटी का वादा कर मुकर जाती है. न्याय मांगने पर लखीमपुर खीरी में भाजपा नेताओं की जीपों से किसानों को कुचलवाती है. इसीलिए, एक बार फिर सरदार पटेल की राह पर कांग्रेस किसान के अधिकारों के लिए निर्णायक संघर्ष को तैयार है.
सरदार पटेल के नेतृत्व और पंडित नेहरू की दूरदर्शिता ने 560 से अधिक खंड-खंड रियासतों का एकीकरण कर लोकतांत्रिक गणराज्य की नींव रखी. आज की भाजपा सरकार फिर देश को क्षेत्रवाद, उत्तर बनाम दक्षिण व पूर्व बनाम पश्चिम विवाद, भाषाई और सांस्कृतिक बंटवारे के नाम पर खंडित करने की साजिश कर रही है. इसीलिए एक बार फिर सरदार पटेल के पथ पर चलकर कांग्रेस ‘नफरत छोड़ो भारत जोड़ो’ की डगर पर बढ़ते जाने को तैयार है.
अंग्रेज सरकार ने भारत के खजाने को लूटकर देश में गरीबी व आर्थिक असमानता को चरम पर पहुंचा दिया था. सरदार पटेल का विचार था कि भरपूर उत्पादन, संसाधनों का समान वितरण और उत्पादकों के साथ न्यायसंगत व्यवहार ही दूरगामी आर्थिक नीति का हिस्सा हैं. आज की भाजपा सरकार ने जहां तीन दशकों से गुजरात को लूटा, वहीं देश के खजाने का मुंह मुट्टीभर दोस्तों की तरफ मोड़कर आर्थिक असमानता को गुलामी के स्तर तक पहुंचा दिया है. इसीलिए एक बार फिर देश को आर्थिक गुलामी की तरफ धकेलने वाले चंद दौलतमंदों के सिक्कों की खनक के खिलाफ सरदार पटेल की तर्ज पर संसाधनों के न्यायपूर्ण वितरण के लिए कांग्रेस नए संघर्ष को तैयार है.
आजादी में जिन ताकतों ने सत्य-अहिंसा के सिद्धांतों के खिलाफ दुष्प्रचार किया और आजादी के आंदोलन का विरोध किया, उसी हिंसावादी विचारधारा ने महात्मा गांधी की हत्या की थी. नाथूराम गोडसे उसी विकृत विचारधारा से ग्रसित था. दूसरी ओर देश के उपप्रधानमंत्री सरदार पटेल हिंसा व सांप्रदायिक विचारधारा को राष्ट्रहित का दुश्मन मानते थे. वो सरदार पटेल ही थे, जिन्होंने गांधी जी की हत्या के बाद 4 फरवरी 1948 को आरएसएस पर बैन लगाया था.
गुजरात हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश, सरकारी भूमि पर बनी दरगाह वक्फ संपत्ति नहीं हो सकती
5 Apr, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजकोट के एक गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनी करीब सौ वर्ष पुरानी दरगाह को वक्फ संपत्ति मानने से इनकार करते हुए गुजरात हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के हाइवे के विकास के लिए दरगाह को हटाने के आदेश को वैध बताया है। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ट्रस्ट एक पंजीकृत वक्फ होने के बावजूद इस स्थल का वैध मालिकाना हक साबित करने में विफल रहा है। कोर्ट ने कहा कि सरकारी जमीन पर बनी दरगाह वक्फ संपत्ति नहीं हो सकती है। राजकोट के आनंदपरा गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 27 पर सूफी संत हजरत जलाल शाह पीर की दरगाह है।
जानिए क्या है मामला?
कटारिया उस्मानगनी हाजीभाई ट्रस्ट ने गुजरात हाई कोर्ट ने एक याचिका दायर कर राज्य सरकार की ओर से दरगाह को तोड़े जाने के आदेश को चुनौती दी थी। जस्टिस अनिरुद्ध पी मायी ने मामले की सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता ट्रस्ट को बताया कि राज्य सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 के तहत वैध तरीके से जमीन का अधिग्रहण किया है।
सरकारी जमीन के तौर पर है रजिस्टर्ड
राजस्व रिकार्ड में यह सरकारी जमीन के रूप में दर्ज है। राजमार्ग के विकास के लिए सरकार ने दरगाह को तोड़ने का आदेश दिया है, जो पूरी तरह नियमानुसार है। ट्रस्ट का दावा था कि यह दरगाह करीब सौ वर्ष पुरानी है तथा यह वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज है। जर्जर होने के कारण ट्रस्ट इस दरगाह का पुनर्निर्माण कराना चाहता था, जिसे कोर्ट ने अवैध बताते हुए उनका दावा खारिज कर दिया।
गुजरात कोर्ट ने जैन मुनि शांतिसागर को रेप केस में 10 साल की सजा और 25 हजार का जुर्माना किया
5 Apr, 2025 10:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात में सत्र न्यायालय ने शनिवार को जैन दिगंबर संप्रदाय के एक साधु को 19 वर्षीय युवती से दुष्कर्म मामले में दस साल कैद की सजा सुनाई। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ए के शाह ने दुष्कर्म का दोषी पाए जाने पर 56 वर्षीय शांतिसागरजी महाराज पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
सरकारी वकील नयन सुखदवाला ने बताया कि अदालत ने शांतिसागरजी महाराज को दोषी ठहराते हुए युवती और अभियोजन पक्ष के अन्य गवाहों के अलावा मेडिकल रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज की गवाही पर विचार किया। महिला की शिकायत के अनुसार, घटना अक्टूबर 2017 में जैन धर्मशाला में हुई थी।
धर्मशाला में दिया गया घटना को अंजाम
एक अक्टूबर 2017 को युवती, उसके पिता और बड़े भाई वडोदरा से यात्रा कर महावीर दिगंबर जैन मंदिर पहुंचे। उसके पिता उसके शिष्य थे। वे जैन धर्मशाला गए, जहां शांतिसागरजी महाराज रहता था। शांतिसागरजी महाराज ने युवती के पिता और भाई को अलग-अलग कमरों में भेज दिया। कुछ अनुष्ठान किए और उनसे कहा कि जब तक वह अनुमति न दें, वे बाहर न आएं।इसके बाद वह उस कमरे में गया, जहां युवती अकेली थी। वहां उससे दुष्कर्म किया। साथ ही कहा कि जब भी वह उसे बुलाए मिलना पड़ेगा।
सुखदवाला ने कहा कि शांतिसागर अक्टूबर 2017 से जेल में है, इसलिए उसे केवल शेष ढाई साल जेल की सजा काटनी होगी। अभियोजन पक्ष ने आजीवन कारावास की मांग की थी।
गुजरात दंगे में तीन ब्रिटिश नागरिकों की हत्या:हाईकोर्ट ने छह आरोपियों को किया बरी
4 Apr, 2025 10:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जरात हाई कोर्ट ने गोधरा ट्रेन अग्निकांड के बाद भड़के 2002 के दंगों के दौरान तीन ब्रिटिश नागरिकों की हत्या के मामले में छह लोगों को बरी करने संबंधी सत्र न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा है। जस्टिस एवाई कोगजे और जस्टिस समीर जे दवे की खंडपीठ ने छह मार्च को यह आदेश पारित किया और यह हाल में उपलब्ध हुआ।
आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नजर नहीं आता- कोर्ट
हाई कोर्ट ने गवाहों और जांच अधिकारी के बयानों पर विचार किया और पाया कि उसे 27 फरवरी, 2015 को हिम्मतनगर में साबरकांठा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा पारित फैसले और बरी करने के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नजर नहीं आता।
सबुत के अभाव में किए गए बरी
इसने कहा कि सत्र न्यायालय ने बचाव पक्ष की इस दलील को स्वीकार करने से पहले साक्ष्य और एफआइआर पर विचार किया था कि गवाह द्वारा आरोपितों का दिया गया विवरण केवल उसकी ऊंचाई, कपड़ों और अनुमानित उम्र के बारे में था। यहां तक कि प्राथमिकी में भी आरोपितों का कोई विवरण नहीं दिया गया था। इसलिए, सत्र न्यायालय ने सही निष्कर्ष निकाला है कि ऐसी पहचान दोषसिद्धि का एकमात्र आधार नहीं हो सकती।सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एसआइटी ने 2002 में भारत दौरे पर आए तीन ब्रिटिश नागरिकों की हत्या के लिए छह व्यक्तियों मिठनभाई चंदू उर्फ प्रह्लाद पटेल, रमेश पटेल, मनोज पटेल, राजेश पटेल, प्रवीणभाई जीवाभाई पटेल और कलाभाई पटेल पर मुकदमा चलाया था। शिकायतकर्ता इमरान मोहम्मद सलीम दाऊद के अनुसार, 28 फरवरी, 2002 को वह और उसके दो रिश्तेदार सईद सफीक दाऊद और सकील अब्दुल हई दाऊद तथा एक अन्य व्यक्ति मोहम्मद नल्लाभाई अब्दुलभाई असवार (सभी ब्रिटिश नागरिक) अपने चालक यूसुफ के साथ आगरा और जयपुर की यात्रा पूरी करने के बाद कार से वापस आ रहे थे।
चालक की मौके पर ही मौत हो गई
तभी शाम लगभग छह बजे भीड़ ने उनके वाहन को रोक लिया और उन पर हमला कर दिया। जब वे भागने की कोशिश कर रहे थे तो भीड़ ने असवार और स्थानीय चालक पर हमला कर दिया और उनके वाहन में आग लगा दी। चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि असवार को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। शिकायतकर्ता के रिश्तेदारों सईद सफीक दाऊद और सकील अब्दुल हई दाऊद की भी मौत हो गई।
गुजरात में जामनगर में क्रैश हुआ जगुआर फाइटर प्लेन, एक पायलट लापता, दूसरा सुरक्षित
3 Apr, 2025 07:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात के जामनगर जिले में बुधवार रात बड़ा हादसा हुआ. कलावड रोड पर सुवरदा गांव के बाहरी इलाके में इंडियन एयरफोर्स का जगुआर फाइटर प्लेन क्रैश हो गया. फाइटर प्लेन क्रैश होने के बाद पूरे इलाके में धुएं का गुबार छा गया. धुएं का गुबार देख सुवरदा गांव के लोग मौके पर पहुंचे और हादसे की सूचना आनन-फानन में स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य में जुट गई.
बताया जा रहा कि जगुआर फाइटर प्लेन ने बुधवार रात में उड़ान भरी थी. जब ये जामनगर से गुजर रहा था, तभी सुवरदा गांव के पास अचानक क्रैश हो गया. जमीन पर गिरते ही प्लेन टुकड़ों-टुकडों में बिखर गया और भीषण आग लग गई. आग से इलाके में धुएं का गुबार छा गया. तेज आवाज और धुंआ देख गांव के लोग मौके पर पहुंचे.
अंधेरा होने के कारण लोगों को कुछ समझ में नहीं आ रहा था, इसीलिए आनन-फानन में हादसे की सूचना स्थानीय थाना पुलिस को दी. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची. साथ ही आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड को भी बुलाया. जब पुलिस को पता चला कि ये इंडियन एयरफोर्स का फाइटर प्लेन क्रैश हुआ है तो थाना पुलिस ने तुरंत अपने आला अधिकारियों को घटना की जानकारी दी.
घटनास्थल पर पहुंचे जामनगर SP प्रेमसुख डेलू
सूचना मिलते ही मौके पर जामनगर SP प्रेमसुख डेलू पहुंच गए. एसपी ने मौके पर घटनास्थल का निरीक्षण किया. फिलहाल घटनास्थल के पास पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया है. ग्रामीणों को वहां से हटा दिया गया है. किसी को भी पास आने नहीं दिया जा रहा है. इंडियन एयरफोर्स को भी घटना की जानकारी दे दी गई है. SP प्रेमसुख डेलू ने बताया कि इंडियन एयरफोर्स का जगुआर फाइटर प्लेन क्रैश हुआ है.
एक पायलट हुआ लापता
SP प्रेमसुख डेलू ने बताया कि फाइटर प्लेन को उड़ा रहे एक पायलट को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है. पुलिस टीम मौके पर मौजूद है. फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझा रही है. जल्द ही आग पर काबू पा लिया जाएगा. हमारी प्राथमिकता दूसरे पायलट को जल्द से जल्द ढूंढने की है.
गुजरात के डीसा में अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाका, 21 लोगों की मौत
3 Apr, 2025 07:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद : गुजरात के डीसा में एक पटाखा फैक्ट्री में धमाका हुआ था। इस हादसे में 21 लोगों की जान चली गई। जांच में पता चला है कि फैक्ट्री के मालिक, बाप और बेटे, ने जानबूझकर फैक्ट्री को मौत का कुआं बना दिया था। आरोपियों के नाम खूबचंद मोहननी और दीपक हैं। उनके पास पटाखे बनाने का लाइसेंस नहीं था। एक मजदूर, राजेश नायक, जो मध्य प्रदेश से है, ने बताया कि खूबचंद और दीपक ने मजदूरों को हमेशा शटर बंद रखने को कहा था। वे चाहते थे कि अधिकारियों को फैक्ट्री के बारे में पता न चले। इसलिए शटर हमेशा बंद रहते थे। इससे हादसे के समय किसी को भी भागने का मौका नहीं मिला।
पुलिस ने बताया कि फरेंसिक जांच में पता चला है कि पटाखे बनाने में एल्यूमीनियम पाउडर का इस्तेमाल किया गया था। इसी पाउडर की वजह से धमाका हुआ। बनासकांठा के SP अक्षयराज मकवाना ने बताया कि FSL टीम को गोदाम में पीला डेक्सट्रिन पाउडर भी मिला है।
मध्य प्रदेश में होगा हादसे में मारे गए लोगों का दाह संस्कार
SP अक्षयराज मकवाना ने बताया कि पुलिस ने मंगलवार रात को गोदाम के मालिक खूबचंद मोहननी को साबरकांठा जिले से गिरफ्तार कर लिया। दीपक को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। इस हादसे में मारे गए 18 लोगों का अंतिम संस्कार गुरुवार को मध्य प्रदेश के हरदा और देवास जिलों में उनके गांवों में किया जाएगा।
एक बच्चे का मिला सिर्फ सिर
अभी तक हादसे के बाद एक बच्चे का शव नहीं मिला। धमाके में उसका सिर धड़ से अलग हो गया था और सिर्फ सिर ही मिला। उसे भी मृतकों में गिना गया। फोरेंसिक जांच में पुष्टि हुई है कि पटाखा बनाने में इस्तेमाल होने वाले तत्वों में से एक एल्युमीनियम पाउडर की मौजूदगी के कारण गुजरात के डीसा कस्बे के निकट स्थित गोदाम में भीषण विस्फोट हुआ था और आग लग गई थी। एक दिन पहले हुए इस विस्फोट में 21 लोगों की मौत हो गई थी।
डेक्सट्रिन पाउडर भी मिला
बनासकांठा जिले के एसपी ने बताया कि टीम को एल्युमीनियम पाउडर के अलावा उस गोदाम से पीला डेक्सट्रिन पाउडर भी मिला है। दोनों पदार्थों का इस्तेमाल पटाखा बनाने के लिए किया जाता है। मंगलवार सुबह लगभग 9 बजकर 45 मिनट पर जिस गोदाम में विस्फोट हुआ, वह बनासकांठा जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर डीसा कस्बे के निकट एक औद्योगिक क्षेत्र में स्थित है।
गोदाम के मालिक पिता-पुत्र पर इन धाराओं में केस
अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट के कारण एक इमारत की आरसीसी छत का हिस्सा गिर गया था, जिसके नीचे दबकर परिसर में रहने वाले कुछ श्रमिकों के परिवार के सदस्यों की मौत हो गई। गोदाम मालिक दीपक मोहनानी और उसके पिता खूबचंद मोहनानी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और विस्फोटक अधिनियम तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
खुलेआम बिकता है एल्युमीनियम पाउडर
मकवाना ने बताया कि एल्युमीनियम पाउडर के कई अन्य उपयोग भी हैं और इसे बिना किसी लाइसेंस के खुले बाजार में खरीदा और बेचा जा सकता है क्योंकि यह ज्वलनशील होने के बावजूद गैर-विस्फोटक पदार्थ है। एसपी ने कहा कि जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि दीपक मोहनानी को लगभग तीन साल पहले क्रिकेट सट्टेबाजी रैकेट में संलिप्तता के आरोप में पकड़ा गया था।
गुजरात के राजकोट में साबुन फैक्ट्री में आग, कई लोग घायल
2 Apr, 2025 08:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात के राजकोट शहर के पास स्थित एक डिटर्जेंट फैक्टरी में मंगलवार को भीषण आग लग गई जिसमें एक दमकलकर्मी घायल हो गया. राजकोट के मुख्य अग्निशमन अधिकारी अमित दवे ने बताया कि आग देवलिया क्षेत्र में स्थित तीन मंजिला फैक्टरी में लगी. फिलहाल, आग लगने के कारण का पता नहीं चल पाया है.
अमित दवे ने बताया कि करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया. उन्होंने कहा कि ‘जेके कॉटेज फैक्ट्री’ में बैरल में रखे रसायनों में विस्फोट हो गया जिससे आग तेजी से फैल गई.
आग लगने के कारणों की जांच
फैक्टरी में डिटर्जेंट, वॉशिंग पाउडर और साबुन बनाए जाते थे. इसके लिए इस्तेमाल होने वाले अरंडी और चीड़ के तेल के बैरल भी आग की चपेट में आ गए और विस्फोट हो गया. अमित दवे ने कहा कि आग बुझाने के दौरान एक दमकल कर्मी घायल हो गया. उन्होंने कहा कि आग बुझाने के लिए आठ दमकल वाहनों और 60 दमकलकर्मियों की तैनाती की गई थी. आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है.
पटाखा गोदाम में लगी भीषण आग
वहीं बनासकांठा जिले में मंगलवार को एक पटाखा गोदाम में आग लगने और इमारत के कुछ हिस्से ढहने से 21 लोगों की जान चली गई और पांच अन्य लोग घायल हो गए. यह घटना सुबह करीब नौ बजकर 45 मिनट पर डीसा कस्बे के पास स्थित गोदाम में हुई. पुलिस अधीक्षक अक्षयराज मकवाना ने बताया, इस घटना में 21 लोगों की मौत हो गई तथा भीषण विस्फोट के बाद इमारत का स्लैब ढह जाने से पांच अन्य घायल हो गए.
स्लैब गिरने से हुई मौत
उन्होंने कहा कि मृतक मध्य प्रदेश के मजदूर और उनके परिवार के सदस्य थे तथा उनमें से अधिकतर की मौत स्लैब गिरने से हुई. मकवाना ने बताया कि यह यूनिट पटाखों के भंडारण के लिए थी और अभी तक इस बात का कोई सुराग नहीं मिला है कि वहां पटाखे बनाए जा रहे थे.इससे पहले अधिकारियों ने कहा था कि यह एक फैक्टरी है.
अनंत अंबानी बने हीरो, 250 मुर्गियों को दोगुनी कीमत पर खरीदकर उन्हें पालने का लिया निर्णय
2 Apr, 2025 08:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देश के सबसे अमीर बिजनेसमैन मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी को पशु प्रेमी के रूप में भी जाना जाता है. इसी क्रम में अब अपने जन्मदिन से ठीक पहले अनंत अंबानी से पशु प्रेम को दिखाते हुए कुछ ऐसा किया, जिसके बाद से हर कोई उनकी तारीफ कर रहा है.
इन दिनों अनंत अंबानी जामनगर से द्वारका तक 140 किलोमीटर की पैदल यात्रा के लिए चर्चा में हैं. यात्रा के दौरान ही अनंत अंबानी ने लगभग 250 मुर्गियों को दोगुनी कीमत देकर खरीदा है. दरअसल, अपनी पैदल यात्रा के दौरान अनंत अंबानी ने देखा कि एक ट्रक में 250 मुर्गियों को बूचड़खाने ले जाया जा रहा है. उन्होंने तुरंत उस गाड़ी को रुकवाया और ड्राइवर से बात करके मुर्गियों को दोगुनी कीमत देकर खरीद लिया.इसके बाद उन्होंने कहा- अब हम इन्हें पालेंगे. अनंत ने एक मुर्गी को हाथ में लेकर आगे बढ़ते हुए “जय द्वारकाधीश” का नारा भी लगाया. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है. अनंत अंबानी वन्यजीव संरक्षण के लिए अपने प्रोजेक्ट वनतारा (वन्तारा) के जरिए सक्रिय हैं. यहां जानवरों का रेस्क्यू कर लाया जाता है. फिर यहां उनका अच्छे से ख्याल रखा जाता है. केंद्र सरकार ने हाल ही में अनंत को पशु कल्याण के लिए “प्राणी मित्र राष्ट्रीय पुरस्कार” से सम्मानित किया है. वनतारा में 2000 से अधिक प्रजातियों के 1.5 लाख से ज्यादा जानवरों को बचाया गया है.
जानकारी के मुताबिक, अनंत की यात्रा के पांचवें दिन वह वडत्रा गांव के पास विश्वनाथ वेद संस्कृत पाठशाला पहुंचे, जहां उन्होंने संस्थापक मगनभाई राज्यगुरु के पैर छूकर आशीर्वाद लिया. इसके बाद खंभालिया के फुललीया हनुमान मंदिर में भरतदास बापू ने उनका शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया. बापू ने अनंत को भगवान द्वारकाधीश की फोटो भेंट की, जिसे उन्होंने हाथों से लेकर आशीर्वाद के रूप में स्वीकार किया.
10 अप्रैल को द्वारका में मनाएंगे जन्मदिन
अनंत अंबानी ने अपनी यात्रा 28 मार्च को जामनगर के मोती खावड़ी से शुरू की थी. वह 10 अप्रैल को अपना 30वां जन्मदिन द्वारका में मनाएंगे. लोगों को परेशानी न हो, इसलिए वह रात के समय यात्रा कर रहे हैं.
‘भगवान द्वारकाधीश को याद करता हूं’
मीडिया से बात करते हुए अनंत ने कहा, ‘मैं हमेशा कोई भी काम शुरू करने से पहले भगवान द्वारकाधीश को याद करता हूं. युवाओं से मेरा संदेश है कि वे भगवान पर विश्वास रखें, क्योंकि जहां भगवान हैं, वहां चिंता की कोई बात नहीं.’
गुजरात परियोजना पर गांधी के परपोते की अपील खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- कुछ चीजों में दखल देना संभव नहीं
1 Apr, 2025 08:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुप्रीम कोर्ट ने महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी की याचिका खारिज कर दी है. उन्होंने साबरमती आश्रम के पुनर्विकास परियोजना के खिलाफ अपील की थी. न्यायमूर्ति एम.एम.सुंदरेश और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की पीठ ने कहा कि वह याचिका पर सुनवाई नही करेंगे, क्योंकि याचिका दायर करने में दो साल से अधिक का विलंब हुआ है. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कुछ चीजें ऐसी हैं, जिनमें हम दखल नहीं दे सकते हैं.
तुषार गांधी की तरफ से दायर की गई अपील में गुजरात HC के 2022 के फैसले को चुनौती दी थी. HC ने साबरमती आश्रम पुनर्विकास परियोजना को बरकरार रखा था. याचिका में कहा गया था कि ₹1200 करोड़ की यह परियोजना आश्रम की सादगी को मिटा देगी. और इसे गांधीवादी मूल्यों से दूर एक राज्य-नियंत्रित स्मारक में बदल देगी.
याचिका में यह भी आरोप लगाया था कि यह परियोजना गांधीवादी विरासत के साथ विश्वासघात है. राज्य सरकार का दृष्टिकोण मूल आश्रम की स्थलाकृति को बदलना है. राज्य सरकार इसे संग्रहालयों, एम्फीथिएटर व फूड कोर्ट के साथ एक आधुनिक परिसर में बदलना चाहती है, जिसका गांधीवादी विचार में कोई स्थान नहीं है.
क्या है पूरा मामला?
गुजरात उच्च न्यायालय में तुषार गांधी ने याचिका दायर की थी कि प्रस्तावित साबरमती आश्रम पुनर्विकास परियोजना से आश्रम की स्थलाकृति बदल जाएगी. उस दौरान कोर्ट ने कहा था कि पुनर्विकास के दौरान पांच एकड़ में फैले मुख्य आश्रम परिसर को नहीं छुआ जाएगा.
गुजरात हाईकोर्ट ने साल 2022 में तुषार गांधी की याचिका पर सुनवाई करते हुए फैसला दे दिया था. राज्य सरकार के इस आश्वासन के बाद कि प्रस्तावित परियोजना से साबरमती आश्रम का मुख्य क्षेत्र प्रभावित नहीं होगा, याचिका खारिज कर दी थी. जिसके दो साल बाद तुषार गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की. सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि मात्र आशंका के आधार पर हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती नहीं दी जा सकती. इसके अलावा ये भी कहा कि इस याचिका में दो साल की देरी है.
गुजरात के बनासकांठा में पटाखा फैक्टरी में धमाका, 18 से अधिक लोगों की मौत
1 Apr, 2025 05:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात के बनासकांठा की पटाखा फैक्टरी में धमाका और आग लगने की घटना से 18 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. बताया जा रहा है कि यह हादसा बॉयलर फटने की वजह से हुआ है. हालांकि जिला प्रशासन के मुताबिक इस स्थान पर कोई फैक्ट्री नहीं, बल्कि गोदाम के लिए लाइसेंस दिया गया था. इसमें पटाखों के भंडारण की अनुमति दी गई थी. हादसे की जांच में पाया गया है कि भंडारण की आड़ में गोदाम संचालक यहां पटाखे बनाने लगा था.
बनासकांठा पुलिस एवं प्रशासन के मुताबिक जिस वक्त यहां धमाका हुआ, सुबह के पौने दस बज रहे थे और उसी समय गोदाम में मजदूर अपनी ड्यूटी शुरू करने जा रहे थे. अचानक तेज धमाका हुआ और देखते ही देखते इमारत इमारत की छत का एक हिस्सा उड़ गया. बताया जा रहा है कि इस धमाके से वहां काम कर रहे 25 से अधिक लोग जमीन पर गिर गए और इतने में छत का मलबा उनके ऊपर गिर गया. इस मलबे में दबने से अब तक 18 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं बाकी लोगों की मलबे में तलाश कराई जा रही है.
चार-पांच लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया
सूत्रों के मुताबिक बनासकांठा के डीसा कस्बे के पास हुए इस हादसे के वक्त इस गोदाम में महिला पुरुष एवं बच्चों समेत 30 से अधिक लोग मौजूद थे. इस संबंध में बनासकांठा के कलेक्टर मिहिर पटेल ने बताया कि भयानक धमाका था. इस धमाके की आवाज काफी दूर तक सुनी गई. इस हादसे में गोदाम का पूरा स्लैब ढह गया है. उन्होंने बताया कि इस हादसे में चार पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
पटाखे के ढेर में आग से हुआ धमाका
डीसा की उपमंडल मजिस्ट्रेट नेहा पांचाल के मुताबिक धमाके के बाद फैक्ट्री में आग लग गई थी. इसकी वजह से लगातार धमाके हुए और छत ढहने की वजह से इतने सारे लोग चपेट में आ गए. उन्होंने बताया कि हादसे के वक्त गोदाम से फैक्ट्री बने इस इमारत में पटाखे बनाए जा रहे थे. आशंका है कि इसी दौरान कोई पटाखा जमीन पर गिरा होगा और उससे आग लगी होगी. इसके बाद अन्य पटाखों में आग लगने से बड़ा धमाका हो गया. पुलिस के मुताबिक इस परिसर में कुछ लोग अपने परिवार के साथ भी रहते थे और वह भी इस धमाके के शिकार हुए है.
अहमदाबाद में अमेरिका के हार्ट सर्जन ने दिल की सर्जरी कराई, 5 घंटे में सफल ऑपरेशन
31 Mar, 2025 10:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देश में अब मेडिकल टूरिज्म नया शब्द नहीं रह गया है। अहमदाबाद के अपेक्स हार्ट इंस्टीट्यूट के डॉ. तेजस ने अपने मेडिकल कौशल से इसे एक नई ऊंचाई दी है। अमेरिका के पेनसिल्वेनिया के डॉ. पाल जेसन ग्रेनेट ने अपने दिल का आपरेशन डॉ. तेजस से कराया।
पाल जेसन अमेरिका में ट्रामा हार्ट सर्जन हैं। पेनसिल्वेनिया के डॉ. ग्रेनेट अपनी पत्नी रोजमेरी के साथ अपेक्स हार्ट हास्पिटल आए और डॉ. तेजस पटेल को अपने हृदय रोग के संबंध में बताया। डॉ. तेजस व मुंबई से आए डॉ. एस भट्टाचार्य ने लगातार पांच घंटे तक एंडार्टरेक्टामी सर्जरी की। आम तौर पर हृदय संबधी बीमारी में बायपास सर्जरी होती है, लेकिन एंडार्टरेक्टामी एक जटिल सर्जरी होती है। इसमें हार्ट की नलियां को पूरी तरह से अंदर से साफ किया जाता है।
अमेरिका के डॉक्टर ने भारत को क्यों चुना?
रोजमेरी बताती हैं कि अमेरिका में भी आपरेशन के लिए सभी सुविधाएं मौजूद थीं। वहां के चिकित्सक बायपास सर्जरी करने के लिए तैयार भी थे। लेकिन, उस सर्जरी से ग्रेनेट कुछ साल तक ही स्वस्थ रह पाते। जबकि एंडार्टरेक्टामी सर्जरी के बाद जीवन भर यह समस्या नहीं होगी। उनके परिवार ने इस काम के लिए डॉ. तेजस पर ज्यादा भरोसा किया। डॉ. तेजस पद्मश्री, पद्मभूषण तथा मेडिकल क्षेत्र में सर्वोच्च पुरस्कार डॉ. बीसी राय पुरष्कार से सम्मानित किए जा चुके हैं।
डॉ. तेजस पर किया भरोसा
दुनिया में उनके नाम 700 पक्र्यूटेनियस इंटरवेंशंस जैसी जटिल सर्जरी का रिकार्ड है। इसकी सफलता की दर 99.8 प्रतिशत है। डॉ. अमन बताते हैं कि एंडार्टरेक्टामी सर्जरी के लिए डॉ. ग्रेनेट ने गुजरात को चुना। अमेरिका के चिकित्सक उनकी बायपास सर्जरी करने को तैयार थे। लेकिन एंडार्टरेक्टामी के लिए उन्हें अहमदाबाद जाने की सलाह दी गई। बायपास के लिए उनकी धमनियों में स्थान ही नहीं बचा था। अमेरिका में उनका स्वास्थ्य बीमा था और पैसों की भी कोई कमी नहीं थी। लेकिन उनको अपने हृदय का स्थाई उपचार कराना था, इसलिए उन्होंने भारत व डॉ. तेजस को चुना।
गुजरात के विश्व वोरा को ट्रंप परिवार से मिला प्रेसिडेंशियल आमंत्रण, अमेरिका जाने का मिला अवसर
31 Mar, 2025 10:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अभी अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप चर्चा मे है। इधर हर गुजराती के लीए गौरव की बात ट्रंप से जुड़ी हुई है । मूल रूप से थराद के और फिलहाल अहमदाबाद में रहने वाले तथा अयोध्या राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का 84 सेकंड का अभिजीत मुहूर्त देने वाले ज्योतिषाचार्य विश्व वोरा को ट्रंप परिवार ने आधिकारिक प्रेसिडेंशियल आमंत्रण दिया है। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वे जल्द ही ट्रंप परिवार से मिलेंगे और अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। विश्व वोरा ने बताया कि वे 4 दिनों तक किन कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और ट्रंप परिवार ने उन्हें क्यों आमंत्रित किया। ट्रंप परिवार ने औपचारिक यात्रा के लिए आमंत्रण जारी कर मुझे अमेरिका आने का निमंत्रण दिया है।
'मुझे ट्रंप की कुंडली दी गई'
विश्व वोरा ने अपनी अमेरिका यात्रा के बारे में बताया कि पिछले साल अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव हुए थे। उससे पहले उनकी मुलाकात एक मशहूर भारतीय अरबपति से हुई थी। इस दौरान ट्रंप से उनके अच्छे संबंध थे और ट्रंप राजनीतिक और व्यक्तिगत रूप से मुश्केल दौर से गुजर रहे थे। अपने दोस्त का भला सोचते हुए उन्होंने मुझे डोनाल्ड ट्रंप की कुंडली अध्ययन के लिए दी। उसके बाद उनके फल कथन को इवांका ट्रंप से व्यक्तिगत रूप से शेयर किया। उस समय फल कथन के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लग सकता था और ट्रंप फिर से सत्ता में आ सकते थे। हालांकि, उस समय ऐसा होना नामुमकिन लग रहा था। लेकिन, सब कुछ फल कथन के अनुसार हुआ और ट्रंप चुनाव जीत गए और फिर से अमेरिका के राष्ट्रपति बन गए। कुछ महीनों बाद अब ट्रंप परिवार ने औपचारिक यात्रा के लिए आधिकारिक राष्ट्रपति आमंत्रण जारी कर मुझे अमेरिका आने का निमंत्रण दिया है। आने वाले दिनों में अमेरिका का चार दिवसीय दौरा तय किया गया है।
अमेरिकी कांसुलेट दूतावास करेगा विश्व वोरा का स्वागत
इसके अलावा विश्व वोरा ने बताया कि ट्रंप परिवार से आमंत्रण मिलने के बाद वीजा समेत अन्य काम पूरे हो गए हैं। अमेरिका की इस यात्रा में भारतीय दूतावास का एक सदस्य भी शामिल होगा। और वहीं से अमेरिकी कॉन्सुलेट दूतावास स्वागत करेगा। जैसा कि शुरू में तय हुआ था, आने वाले दिनों में अमेरिका का चार दिवसीय दौरा तय किया गया है। जिसमें व्हाइट हाउस का दौरा, पेंटागन का दौरा, लाइब्रेरी का दौरा, न्यू जर्सी और ह्यूस्टन का दौरा शामिल है। यह क्षण और होने वाली घटना मेरे जीवन में अविस्मरणीय होगी। विश्व वोरा ने आगे कहा कि अमेरिका की इस यात्रा के प्रोटोकॉल के अनुसार, मेरे ड्रेस कोड, जैन भोजन, आवास और यात्रा सहित सभी व्यवस्थाएं उच्चतम मानक की गई हैं। यहां से भारत और भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने वाला एक उपहार ले जाने और उन्हें देने का भी निर्णय लिया गया है। व्हाइट हाउस की यात्रा के दौरान, हम यह प्रस्तुत करेंगे कि भारतीय ज्योतिष और प्राचीन विरासत वैश्विक स्तर पर कैसे उपयोगी हो सकती है। विश्व ने अंत में कहा कि यह क्षण और होने वाली घटना मेरे जीवन में अविस्मरणीय होगी।
कौन हैं विश्व वोरा?
मूल रूप से थराद के रहने वाले विश्व वोरा फिलहाल अहमदाबाद में रहते हैं। उन्होंने साबरमती गुरुकुलम से ज्योतिष अष्टांग विद्या का गहन अध्ययन किया है। इस दौरान उन्हें राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से बालश्री पुरस्कार भी मिल चुका है। इसके अलावा पिछले साल उन्होंने 500 साल से भी ज्यादा इंतजार के बाद अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के लिए 84 सेकंड का सूक्ष्म अभिजीत मुहूर्त दिया था। इसके अलावा विश्व वोरा ने 2024 के चुनाव के बाद सरकार के शपथ ग्रहण समारोह का भी मुहूर्त बताया था। कुछ महीने पहले ही विश्व वोरा ने दुनिया की सबसे बड़ी इमारत सूरत डायमंड बुर्स का वास्तु शुद्धि कार्य भी किया था। इसके अलावा उनके द्वारा कई अन्य कार्य भी किए जा रहे हैं।
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