गुजरात
पति के नाइटगाउन पहनने के आदेश से परेशान पत्नी थाने पहुंची, पुलिस से की शिकायत
22 Mar, 2025 11:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात के अहमदाबाद से एक अजीब मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने थाने में अपने ही पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. यहां जुहापुरा की रहने वाली 21 वर्षीय महिला ने अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई है. महिला ने अपने पति पर आरोप लगाया कि उसका पति उसे हर समय नाइट गाउन पहनने के लिए मजबूर करता है. महिला की मई 2023 में शादी हुई थी. उसने अपने ससुराल वालों पर भी आरोप लगाया है कि उसके ससुराल वाले उसे प्रताड़ित करते हैं. उसके ससुराल वाले उसके साथ गाली-गलौज करते हैं. महिला ने आरोप लगाया कि उसके ससुराल वाले ही डिसाइड करते हैं कि उसे क्या कपड़े पहनने हैं. वह अपनी मर्जी से कुछ भी नहीं कर सकती. पति से परेशान होकर ही वह अपने ससुराल वालों के पास गई थी, लेकिन उन्होंने पति को समझाने की बजाय उसी के साथ गलत व्यवहार किया.
“वही तय करते हैं कब सोना-जागना है”
महिला ने बताया कि उसका पति एक डॉक्टर है, जो शादी के बाद से ही शराब पीने का आदी हो गया था. जब महिला उसे शराब पीने से मना करती तो वह गाली-गलौज करने लगता. जब महिला ने अपने ससुराल वालों को उसके व्यवहार के बारे में बताया, तो उन्होंने भी पति का ही साथ दिया और महिला के साथ बुरा व्यवहार करना शुरू कर दिया. महिला ने ये भी बताया कि उसका पति तय करता था कि उसे कब सोना है और कब जागना है.
हमेशा नाइट गाउन पहनने के लिए कहता
यही नहीं महिला ने ये आरोप भी लगाया कि अगर वह पति की बात मानने से इनकार करती तो वह गुस्सा हो जाता और उससे लड़ने लगता था. उसने बताया कि सोने से पहले उसे अपने पति के पैरों की मालिश करनी पड़ती थी. महिला ने कहा, “मेरा पति हमेशा इस बात पर जोर देता था कि मैं हमेशा नाइट गाउन पहनूं और जब भी मैं मना करती तो वह और मेरे ससुराल वाले मुझे गाली देते.”
देवर और देवरानी पर भी लगाया आरोप
महिला ने अपने देवर और उसकी पत्नी पर भी उत्पीड़न का आरोप लगाया. महिला ने कहा कि वे उसमें कमियां निकालते रहते हैं और उसके पति को उसके खिलाफ भड़काते रहते हैं. पिछले साल मई में कश्मीर की फैमिली ट्रिप के बाद हालात और बिगड़ गए, जिसके बाद महिला अपने माता-पिता के घर लौट आई. उसके घरवालों ने सुलह कराने की कोशिश की, लेकिन पति ने सुलह नहीं की, जिस वजह से पुलिस में शिकायत दर्ज करानी पड़ी.
95 Kg सोना, 70 लाख नकद और 3 करोड़ की घड़ी, अहमदाबाद के फ्लैट से बरामद खजाना किसका है?
21 Mar, 2025 08:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात के अहमदाबाद के पालडी इलाके के आविष्कार अपार्टमेंट में एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) और राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की टीम ने छापा मारा. छापेमारी में अफसरों को 95.5 किलोग्राम सोने के बिस्किट और 70 लाख रुपये कैश की बरामदगी हुई. यहां जांच एजेंसी की टीमों ने लगातार 17 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया. अफसरों को कई बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले हैं.
जांच एजेंसियों ने आविष्कार अपार्टमेंट के जिस फ्लैट में छापा मारा है, वो फ्लैट मेघ शाह का है. वो स्टॉक मार्केट ऑपरेटर है. मेघ शाह मूल रूप से वाव थराद के जेतारडा गांव के निवासी है. वह मुंबई में रहता है. इसने आविष्कार अपार्टमेंट में फ्लैट किराए पर लिया था. वहीं, इसकी बहन पम्मी शाह भी इसी बिल्डिंग में रहती है.
3 करोड़ से ज्यादा कीमत की घड़ी भी मिली
एटीएस अधिकारियों ने सोसायटी अध्यक्ष से फ्लैट के बारे में जानकारी हासिल की है. अफसरों ने सबसे पहले पम्मी शाह के फ्लैट पर छापा मारा था. इसके बाद मेघ शाह के फ्लैट पर छापा मारा. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मेघ शाह के घर से 3 करोड़ से ज्यादा कीमत की घड़ी भी मिली है. डीआरआई की टीम पूरे सामान की जांच करेगी. अहमदाबाद में फ्लैट से मिले सामान का कनेक्शन मुंबई से जुड़ा है.
84 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
सूत्रों के मुताबिक, मेघ शाह ने स्टॉक मार्केट से अर्जित धन से सोना खरीदा और उसे छुपाने के लिए अहमदाबाद में यह फ्लैट किराये पर लिया था. छापेमारी में अफसरों ने मेघ साह की 80 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है. मेघ साह के पिता का नाम महेंद्र शाह है. महेंद्र शेयर बाजार में ऑपरेटर के रूप में काम करता है. सेबी के अधिकारियों से नजदीकी की अफवाह फैलाकर पहले भी हेराफेरी का काम कर चुका है. महेंद्र वर्षों से बंद पड़ी कंपनी को खरीदकर उसे सेबी में लिस्टेड करवा देता था.
क्या बोले अधिकारी?
एटीएस के सहायक पुलिस आयुक्त एसएल चौधरी ने कहा कि करीब 95.5 किलोग्राम सोना फ्लैट से जब्त हुआ है. साथ ही 70 लाख रुपये कैश भी मिले हैं. मेघ शाह और महेंद्र शाह ने फ्लैट में 80 करोड़ रुपये का तस्करी का सोना और कैश छिपाकर रखा था.
गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी का बयान, असामाजिक तत्वों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई का समर्थन
20 Mar, 2025 06:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात के राज्य गृह मंत्री हर्ष संघवी ने बुधवार को विधानसभा में असामाजिक तत्वों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि केवल विपक्षी दल इस पर आपत्ति जता रहे हैं, जबकि आम लोग ऐसे कड़े कदमों से खुश हैं। उन्होंने कहा कि सरकार लव जिहाद के जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई करेगी और इस तरह के अपराधियों को सड़कों पर घुमाया जाएगा ताकि वे दूसरों के लिए उदाहरण बन सकें।
कांग्रेस के आरोप पर संघवी का जवाब
बता दें कि संघवी कांग्रेस के उस आरोप का जवाब दे रहे थे जिसमें कहा गया था कि भाजपा सरकार ने केवल छोटे-मोटे गुंडों के खिलाफ कार्रवाई करती है, जबकि बड़े माफियाओं जैसे खनन और भू-माफियाओं को छोड़ देती है। संघवी ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि जब गुजरात पुलिस बुलडोजर चलाकर सरकारी जमीन पर बनी अवैध इमारतें गिराती है, तो विपक्ष की आवाज बदल जाती है।
संघवी ने गिरफ्तार 14 दंगाईयों का किया जिक्र
संघवी ने अहमदाबाद पुलिस द्वारा 14 मार्च को वस्त्राल इलाके में यात्रियों पर हमला करने और दंगा करने के आरोप में गिरफ्तार 14 आरोपियों में से छह के अवैध रूप से निर्मित घरों को गिराए जाने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का बुलडोजर ऐसे असामाजिक तत्वों पर काम करेगा, जो अन्य राज्यों से गुजरात में आकर हंगामा करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि विपक्षी नेता रात में जिन लोगों को असामाजिक तत्व मानते हैं, सुबह वे उन्हें गरीब बताने लगते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उपद्रवियों को पुलिस जल्दी पकड़ती है और कानून के अनुसार उन्हें सजा दी जाती है।
कांग्रेस के ड्रग्स संबंधित सवालों पर भी पलटवार
कांग्रेस द्वारा ड्रग्स के बढ़ते खतरे पर उठाए गए सवालों पर भी संघवी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करे। उन्होंने बताया कि गुजरात पुलिस ने ड्रग्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है और अन्य राज्यों से ड्रग्स भी जब्त किए हैं। साथ ही संघवी ने गुजरात में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर कांग्रेस के आरोप का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान गुजरात में अपराधी वर्ग की पहचान हुआ करती थी, जैसे अहमदाबाद में लतीफ के रूप में।
एनसीआरबी के आकड़े पर दिया जोर
इसके साथ ही संघवी ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि गुजरात भारत के अपराध ग्राफ में 33वें स्थान पर है और बच्चों के खिलाफ अपराध में 27वें स्थान पर है। संघवी ने इस बात को भी स्पष्ट किया कि गुजरात पुलिस किसी भी राजनीतिक दबाव में काम नहीं करती और हर किसी को कानून के अनुसार सजा देती है।
गुजरात में शराबबंदी में ढील: 28 स्थानों पर शराब बिक्री की अनुमति, राजस्व में वृद्धि की उम्मीद
20 Mar, 2025 03:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात में शराब पर प्रतिबंध केवल नाम मात्र का है, लेकिन राज्य में शराब बेचने की अनुमति वाले होटलों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. राज्य सरकार ने विधानसभा में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया है कि वर्तमान में अहमदाबाद शहर में 20 और गांधीनगर शहर में 4 होटलों को शराब बेचने की अनुमति दी गई है. इसके अलावा, अहमदाबाद में 2 और गांधीनगर में 2 होटलों को ग्रामीण क्षेत्रों में परमिट मिली है. राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि पिछले दो वर्षों में किसी भी होटल का परमिट निलंबित नहीं किया गया है.
राज्य सरकार ने आगे कहा कि फरवरी 2023 से जनवरी 2024 तक शराब की बिक्री से 14.45 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ. जबकि हाल ही में फरवरी 2024 से जनवरी 2025 तक आय बढ़कर 19.53 करोड़ रुपये हो गई है. इस प्रकार, शराब की बिक्री से कर राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. वहीं ये भी जानकारी दी गई कि जिन होटलों के अनुमति दी जा चुकी है. पिछले दो वर्षों में उनके परमिट निलंबित नहीं किए गए हैं.
राजस्व में हुई भारी वृद्धि
राज्य में शराब स्वास्थ्य परमिटों की संख्या में भी वृद्धि देखी गई है. 2024 में यह संख्या 3.5% बढ़ जाएगी, और कुल 45,000 परमिट धारक पंजीकृत होंगे. शराब का परमिट पाने के लिए 100 रुपये देने होंगे. इसमें स्वास्थ्य जांच और आवेदन प्रक्रिया की लागत 4,000 रुपये है, जबकि प्रति वर्ष 10,000 रुपये का शुल्क लिया जाता है. 2,000 रुपये का नवीकरण शुल्क देना होगा.
सरकार ने दिए आंकड़े
हालांकि, शराब परमिट और बिक्री में वृद्धि के साथ-साथ राज्य में शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामले भी बढ़ रहे हैं. हाल ही में जारी विधानसभा रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023 में नशे में गाड़ी चलाने के कुल 27,495 मामले सामने आए. यह पिछले वर्ष 2021-22 के 13,153 मामलों की तुलना में दोगुनी वृद्धि दर्शाता है. राज्य में शराबबंदी के बावजूद ऐसे आंकड़े चिंताजनक माने जा रहे हैं. इसके बावजूद सरकार ने अपनी शराब परमिट नीतियों में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं किया है.
गुजरात में शराब पर प्रतिबंध का नाममात्र असर, होटलों में बिक्री बढ़ी
19 Mar, 2025 05:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात में शराब पर प्रतिबंध केवल नाम मात्र का है, लेकिन राज्य में शराब बेचने की अनुमति वाले होटलों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. राज्य सरकार ने विधानसभा में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया है कि वर्तमान में अहमदाबाद शहर में 20 और गांधीनगर शहर में 4 होटलों को शराब बेचने की अनुमति दी गई है. इसके अलावा, अहमदाबाद में 2 और गांधीनगर में 2 होटलों को ग्रामीण क्षेत्रों में परमिट मिली है. राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि पिछले दो वर्षों में किसी भी होटल का परमिट निलंबित नहीं किया गया है.
राज्य सरकार ने आगे कहा कि फरवरी 2023 से जनवरी 2024 तक शराब की बिक्री से 14.45 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ. जबकि हाल ही में फरवरी 2024 से जनवरी 2025 तक आय बढ़कर 19.53 करोड़ रुपये हो गई है. इस प्रकार, शराब की बिक्री से कर राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. वहीं ये भी जानकारी दी गई कि जिन होटलों के अनुमति दी जा चुकी है. पिछले दो वर्षों में उनके परमिट निलंबित नहीं किए गए हैं.
राजस्व में हुई भारी वृद्धि
राज्य में शराब स्वास्थ्य परमिटों की संख्या में भी वृद्धि देखी गई है. 2024 में यह संख्या 3.5% बढ़ जाएगी, और कुल 45,000 परमिट धारक पंजीकृत होंगे. शराब का परमिट पाने के लिए 100 रुपये देने होंगे. इसमें स्वास्थ्य जांच और आवेदन प्रक्रिया की लागत 4,000 रुपये है, जबकि प्रति वर्ष 10,000 रुपये का शुल्क लिया जाता है. 2,000 रुपये का नवीकरण शुल्क देना होगा.
सरकार ने दिए आंकड़े
हालांकि, शराब परमिट और बिक्री में वृद्धि के साथ-साथ राज्य में शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामले भी बढ़ रहे हैं. हाल ही में जारी विधानसभा रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023 में नशे में गाड़ी चलाने के कुल 27,495 मामले सामने आए. यह पिछले वर्ष 2021-22 के 13,153 मामलों की तुलना में दोगुनी वृद्धि दर्शाता है. राज्य में शराबबंदी के बावजूद ऐसे आंकड़े चिंताजनक माने जा रहे हैं. इसके बावजूद सरकार ने अपनी शराब परमिट नीतियों में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं किया है.
गुजरात विधानसभा में आम आदमी पार्टी विधायक हेमंत खावा की टी-शर्ट पर विवाद, स्पीकर ने किया बाहर
18 Mar, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आम आदमी पार्टी विधायक हेमंत खावा मंगलवार को गुजरात विधानसभा में टी-शर्ट पहनकर पहुंचे थे. इस पर एक स्टीकर लगा था, जो कि भूमि सर्वेक्षण के विरोध में था. विधानसभा अध्यक्ष ने इस पर आपत्ति जताई और स्टीकर हटाए के लिए कहा. जब विधायक ने स्टीकर नहीं हटाया तो स्पीकर ने उन्हें सदन से बाहर निकाल दिया. विधायक की टी-शर्ट पर दोषपूर्ण भूमि मानचित्रण कार्य रद्द करें नारा छपा हुआ था.
विधायक हेमंत खावा की टी-शर्ट पर लगे स्टीकर को लेकर विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी ने कहा कि सदन के अंदर इस तरह के विरोध की अनुमति नहीं है. इस पर विधायक ने कहा कि वो केवल भारतीय जनता पार्टी की सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे थे. वो चाहते हैं कि कृषि भूमि रिकॉर्ड को अंतिम रूप देने के लिए जारी भूमि सर्वेक्षण प्रक्रिया की वजह से किसानों को जो समस्याएं हो रही हैं, उससे सरकार को रूबरू कराएं.
मैं सरकार को किसानों की समस्याएं बता रहा हूं
जामनगर जिले की जामजोधपुर सीट से आप विधायक खावा ने कहा, मैं विरोध नहीं कर रहा हूं. मैं सिर्फ सरकार को किसानों की समस्याएं बता रहा हूं. उन्होंने अपनी बात जारी रखी और सदन से बाहर जाने से इनकार कर दिया. इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने मार्शलों से उन्हें सम्मान के साथ बाहर निकालने के लिए कहा.
अर्जुन मोधवाडिया का राहुल गांधी पर हमला
उधर, विधानसभा में भाजपा विधायक अर्जुन मोधवाडिया ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन पर हमला बोला. विधायक ने कहा कि उनको पार्टी विरासत में मिली है लेकिन वो घोड़े और गधे में अंतर नहीं कर सकते. अर्जुन मोधवाडिया ने ये टिप्पणी राहुल के उस बयान पर की, जिसमें उन्होंने गुजरात दौरे पर कहा था कि उन्हें यकीन नहीं है कि गुजरात में पार्टी का कौन सा नेता रेस का घोड़ा है और कौन सा बारात में इस्तेमाल किए जाने वाला.
अहमदाबाद में 17 घंटे चली छापेमारी, सोने और नकदी के साथ मिले बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज
18 Mar, 2025 06:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात के अहमदाबाद के पालडी इलाके के आविष्कार अपार्टमेंट में एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) और राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की टीम ने छापा मारा. छापेमारी में अफसरों को 95.5 किलोग्राम सोने के बिस्किट और 70 लाख रुपये कैश की बरामदगी हुई. यहां जांच एजेंसी की टीमों ने लगातार 17 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया. अफसरों को कई बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले हैं.
जांच एजेंसियों ने आविष्कार अपार्टमेंट के जिस फ्लैट में छापा मारा है, वो फ्लैट मेघ शाह का है. वो स्टॉक मार्केट ऑपरेटर है. मेघ शाह मूल रूप से वाव थराद के जेतारडा गांव के निवासी है. वह मुंबई में रहता है. इसने आविष्कार अपार्टमेंट में फ्लैट किराए पर लिया था. वहीं, इसकी बहन पम्मी शाह भी इसी बिल्डिंग में रहती है.
3 करोड़ से ज्यादा कीमत की घड़ी भी मिली
एटीएस अधिकारियों ने सोसायटी अध्यक्ष से फ्लैट के बारे में जानकारी हासिल की है. अफसरों ने सबसे पहले पम्मी शाह के फ्लैट पर छापा मारा था. इसके बाद मेघ शाह के फ्लैट पर छापा मारा. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मेघ शाह के घर से 3 करोड़ से ज्यादा कीमत की घड़ी भी मिली है. डीआरआई की टीम पूरे सामान की जांच करेगी. अहमदाबाद में फ्लैट से मिले सामान का कनेक्शन मुंबई से जुड़ा है.
84 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
सूत्रों के मुताबिक, मेघ शाह ने स्टॉक मार्केट से अर्जित धन से सोना खरीदा और उसे छुपाने के लिए अहमदाबाद में यह फ्लैट किराये पर लिया था. छापेमारी में अफसरों ने मेघ साह की 80 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है. मेघ साह के पिता का नाम महेंद्र शाह है. महेंद्र शेयर बाजार में ऑपरेटर के रूप में काम करता है. सेबी के अधिकारियों से नजदीकी की अफवाह फैलाकर पहले भी हेराफेरी का काम कर चुका है. महेंद्र वर्षों से बंद पड़ी कंपनी को खरीदकर उसे सेबी में लिस्टेड करवा देता था.
क्या बोले अधिकारी?
एटीएस के सहायक पुलिस आयुक्त एसएल चौधरी ने कहा कि करीब 95.5 किलोग्राम सोना फ्लैट से जब्त हुआ है. साथ ही 70 लाख रुपये कैश भी मिले हैं. मेघ शाह और महेंद्र शाह ने फ्लैट में 80 करोड़ रुपये का तस्करी का सोना और कैश छिपाकर रखा था.
कच्छ में आसमान में तेज रोशनी से सनसनी, क्या था वह चमकता लेसोथो तारा?
17 Mar, 2025 06:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात के कच्छ में भुज के पास रणकांधी इलाके में देर रात एक अजीबोगरीब घटना घटी. इलाके में सुबह 3:12 बजे अचानक एक चमकीला लेसोथो तारा आकाश से नीचे की ओर चमकता हुआ दिखाई दिया. घटना को लेकर स्थानीय लोगों में काफी उत्सुकता थी. वहीं कुछ लोग इसे एलियन बोल रहे थे. हालांकि प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, यह उल्कापिंड घटना हो सकती है, लेकिन सटीक जानकारी के लिए वैज्ञानिक जांच जरूरी है.
स्थानीय लोगों ने इस घटना को फोन में कैद कर लिया है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. स्थानीय निवासियों के अनुसार रात में आसमान में तेज रोशनी देखी गई और कुछ पलों के लिए पूरा आसमान रोशनी से भर गया. इसके कुछ देर बाद चमकता हुआ लेसोथो धीरे-धीरे पृथ्वी की तरफ बढ़ा और गिर गया, जिसके बाद जोरदार धमाका हुआ.
इससे पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
घटना की जांच खगोलविदों और मौसम विभाग द्वारा की जाएगी. हालांकि इससे पहले भी गुजरात में इस तरह की घटना हो चुकी है. पिछले साल गुजरात के आणंद जिले में हाल ही में आसमान से कुछ रहस्यमयी “गोले” गिरने की घटना हुई, जिन्हें कुछ लोगों ने एलियन से संबंधित बताया था. आणंद जिले के एसपी अजीत रजियान नेबताया था कि धातु का ‘गोला’ किसी उपग्रह का मलबा हो सकता है.
जिले के भालेज, खंभोलाज और रामपुरा इलाके में आसमान से अनजान चीजें गिरी थी. तीनों इलाके एक दूसरे से 15 किलोमीटर के दूरी पर स्थित हैं. ‘गोले’ का वजन लगभग पांच किलो था. इसके अलावा राजस्थान के जालौर जिले के एक गांव बोरली में भी उल्कापिंड गिरने की घटना सामने आ चुकी है.
क्या होता है उल्कापिंड?
उल्कापिंड अंतरिक्ष में मौजूद चट्टान या धातु के टुकड़ों को कहते हैं जो पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते समय जल जाते हैं और पृथ्वी की सतह पर गिर जाते हैं.
बुलेट ट्रेन की 360 KM सुरंग का काम हुआ पूरा, रेल मंत्री ने दी जानकारी
1 Mar, 2025 02:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद/मुंबई: गुजरात की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बड़ा अपडेट साझा किया है। शनिवार को गुजरात पहुंचे रेलव मंत्री ने अहमदाबाद रेलवे स्टेशन क रीडेवलपमेंट कार्य का निरीक्षण करने के बाद कहा कि अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना के 360 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। रेलव मंत्री ने कहा कि हमने महाराष्ट्र के हिस्से में काफी प्रगति की है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ अनुमति के मुद्दों के कारण हुई ढाई साल की देरी को दूर किया जा रहा है। वैष्णव ने कहा कि बुलेट ट्रेन का लगभग 360 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है, और (उद्धव) ठाकरे द्वारा अनुमति से इनकार करने के कारण हमें जो ढाई साल का नुकसान हुआ है, हम उसकी भरपाई करने की कोशिश कर रहे हैं। अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की कुल लंबाई 508 किलोमीटर है।
दो किमी की सुरंग भी तैयार
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बुलेट ट्रेन का महाराष्ट्र खंड अच्छी तरह से आगे बढ़ रहा है, जिसमें लगभग 2 किलोमीटर की समुद्र के नीचे सुरंग तैयार है। पिछले दिनों रेल मंत्री ने बीकेसी में टनल वर्क का निरीक्षण किया था। गुजरात में बुलेट ट्रेन का काम काफी उन्नत स्थिति में पहुंच चुका है। वैष्णव से पहले केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने शनिवार को मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना का पहली बार निरीक्षण किया बिट्टू ने कहा कि यह परियोजना पीएम मोदी के आधुनिक रेलवे नेटवर्क के विजन का हिस्सा है। जिससे करीब एक लाख लोगों को रोजगार मिला है। मीडिया से बात करते हुए बिट्टू ने परियोजना के क्रियान्वयन की प्रशंसा की। बिट्टू ने कहा कि मैं पहली बार यहां आया हूं। यह एक बेहतरीन परियोजना है।
बिट्टू ने कहा-बुलेट ट्रेन की जरूरत
बिट्टू ने कहा कि हाई-स्पीड रेल की दुनिया को जरूरत है और यह परियोजना प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप भारत को 'विकसित भारत' की ओर ले जा रही है। गुजरात में काम की गति अच्छी है, लेकिन महाराष्ट्र में इसमें कुछ अतिरिक्त समय लग रहा है, क्योंकि भूमि अधिग्रहण का कुछ काम होना है। अधिकारियों द्वारा किए जा रहे काम की तेज़ गति की प्रशंसा करते हुए बिट्टू ने कहा कि पुल का 40 मीटर हिस्सा सिर्फ़ 16 घंटे में बनाया जा रहा है, तो इससे आप निर्माण कार्य की गति का अंदाज़ा लगा सकते हैं। जापान के साथ साझेदारी में विकसित बुलेट ट्रेन परियोजना देश के बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुंबई, सूरत, वडोदरा और अहमदाबाद जैसे व्यापारिक केंद्रों को जोड़ने वाली एमएएचएसआर परियोजना गुजरात और महाराष्ट्र के उच्च विकास वाले क्षेत्रों से होकर गुज़रती है। परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 1,08,000 करोड़ रुपये है। मुंबई अहमदाबाद के बीच अधिकतम 320 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से बुलेट ट्रेन चलने की संभावना है। बुलेट ट्रेन कुल 12 स्थानों पर रुकेगी। स्टेशनों का काम भी तेजी से पूरा हो रहा है।
सूरत के कपड़ा बाजार में आग, 50 फायर टेंडर आग बुझाने में जुटे
27 Feb, 2025 03:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात के सूरत स्थित शिवशक्ति टेक्सटाइल मार्केट में बुधवार की शाम आग लग गई. देखते ही देखते आग की लपटों ने मार्केट की पहली और दूसरी मंजिल को चपेट में ले लिया. इससे मौके पर हड़कंप मच गया. बड़ी मुश्किल से अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला गया. इतने में मौके पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने बड़ी से आग की घेराबंदी की और देर शाम तक आग पर काबू पा लिया गया. बुधवार को इस मार्केट में दोबारा आग लगी थी. फायर ब्रिगेड के अधिकारियों के मुताबिक इस मार्केट में मंगलवार की शाम को आग लगी थी. उस घटना में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई थी. हालांकि सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने आग को काबू कर लिया था. अभी उस आग में नुकसान का आंकलन भी नहीं हो पाया कि, बुधवार की सुबह दोबारा से मार्केट में आग लग गई. इस बार आग पहले से भी भयानक थी. देखते ही देखते आग ने मार्केट की पहली और दूसरी मंजिल को चपेट में ले लिया.
पूरे इलाके को खाली कराया
सूचना मिलने पर फिर फायर ब्रिगेड की अभ्म मौके पर पहुंची और कई घंटों की मशक्कत के बाद आग की घेराबंदी की और अब आग को बुझा दिया गया है. घटना के बाद सूरत के डीसीपी भागीरथ गढ़वी ने बताया कि दमकल विभाग की टीमों ने मार्केट में लगी आग को काबू कर लिया है. इस बीच किसी तरह की अनहोनी को रोकने के लिए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी थी. प्रभावित इलाके को खाली करा लिया गया था. उन्होंने बताया कि अभी तक साफ नहीं हो सका है कि इस आग में कितने का नुकसान हुआ है. उन्होंने बताया कि इस मार्केट में टेक्सटाइल्स की 800 से अधिक दुकानें हैं.
दो सौ से अधिक दमकल कर्मियों ने बुझाई आग
इन सभी दुकानों को बंद करा दिया गया है. इस मार्केट के अलावा आसपास की अन्य दुकानों को भी बंद कराया गया है. उधर, फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने बताया कि भीषण आग थी. इस आग को काबू करने के लिए दमकल की 50 से अधिक गाड़ियां लगाई गई थीं. इन सभी गाडियों ने चार से पांच चक्कर लगाए. वहीं आग को बुझाने के लिए करीब 200 दमकल कर्मियों को लगाया गया था. इन सभी कर्मचारियों ने अपनी जान पर खेल कर आग को काबू किया है. इस प्रकार सुबह आठ बजे से शुरू हुआ राहत एवं बचाव कार्य शाम तक जारी रहा है.
साबरमती स्टेशन बड़ा हादसा, प्रोजेक्ट साइट पर लगी आग, मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने पाया काबू
8 Feb, 2025 03:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: शनिवार 8 फरवरी की सुबह अहमदाबाद में बन रहे साबरमती बुलेट ट्रेन स्टेशन में भयानक आग लग गई। फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने जानकारी दी कि, आग सुबह करीब 6.30 बजे लगी थी। इस घटना के बाद तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई थी और अग्निशमन विभाग की 14 गाड़ियां मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाने का प्रयास कर रही थी।
लोगों ने बताया- काफी भयावह था मंजर
स्टेशन के आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि, आग इतनी भयानक थी कि काबू पाने में फायर ब्रिगेड की 14 गाड़ियों को करीब 2 घंटे का वक्त लग गया। सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़े कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि, आग इतनी भयंकर थी कि उसने साबरमती स्टेशन परिसर के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया था।
नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने इस घटना के संबंध में बयान जारी कर बताया है कि, निर्माणाधीन स्टेशन के एक हिस्से में छत की शटरिंग में आ लगी थी। आग लगने के कारण के बारे में उन्होंने बताया कि, वेंडिंग स्पार्क की वजह से यह घटना घटी हो सकती है। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। फिलहाल, NHSRCL के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
बता दें, 508 किलोमीटर लंबी मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत यह स्टेशन आता है। इस लंबी दूरी की परियोजना में गुजरात का 352 किलोमीटर और महाराष्ट्र का 156 किलोमीटर कवर होता है। मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, नडियाद, अहमदाबाद और साबरमती स्टेशन इस योजना में शामिल है।
सूरत के वरियाव में मैनहोल में गिरा बच्चा, 60-70 कर्मचारियों की टीम खोज में लगी
6 Feb, 2025 03:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात के सूरत में वरियाव इलाके में बुधवार शाम को एक 2 साल का बच्चा खुले मैनहोल में गिर गया. घटना के बाद से ही बचाव अभियान जारी है, जिसमें सूरत फायर और इमरजेंसी सर्विसेज के कर्मचारियों सहित स्थानीय लोग भी शामिल हैं. बच्चा अपनी मां के साथ राधिका प्वाइंट के पास जा रहा था, तभी मैनहोल के खुले ढक्कन में गिर गया. फायर डिपार्टमेंट के चीफ, बसंत पारिख ने बताया कि मैनहोल का ढक्कन भारी वाहन की वजह से टूट गया था, जिसके कारण बच्चा उसमें गिर गया. उन्होंने बताया, हमने 100-150 मीटर के क्षेत्र की जांच की है और बच्चे को ढूंढने के लिए 60-70 कर्मचारियों की टीम तैनात की गई है. फिलहाल बच्चे का कुछ पता नहीं चल पाया है.
बच्चे को ढूंढने की कोशिश
बचाव अभियान में स्थानीय लोग और एसएफईएस के कर्मचारियों ने मिलकर मैनहोल को खोलकर बच्चे को ढूंढने की कोशिश की. एसएफईएस के अधिकारियों के मुताबिक, बच्चा मैनहोल में अचानक गिर गया और पानी की धार के साथ आगे की तरफ बह सकता है. इलाके में जल निकासी की प्रणाली में दोनों तेज पानी और सीवेज पानी का मिश्रण होता है, जिससे बच्चे की जान को खतरा है.
बचाव अभियान जारी
अधिकारियों ने बताया कि बच्चे का पता लगाने के लिए पानी की दिशा में 100 मीटर तक की जांच की गई है. बचाव अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक बच्चा नहीं मिल जाता. पानी का प्रवाह और सीवेज के साथ उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है, क्योंकि मैनहोल से पानी एक पंपिंग स्टेशन तक जाता है और फिर एक नाले में गिरता है. फिलहाल स्थानीय प्रशासन और बचाव टीमें लगातार इस गंभीर स्थिति में बच्चा को सुरक्षित निकालने के प्रयासों में जुटी हुई हैं.
गुजरात के 4 जिलों में उत्तरायण के दौरान पतंग के मांझे से 4 लोगों की मौत
16 Jan, 2025 09:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात: गुजरात में मंगलवार को उत्तरायण उत्सव के दौरान पतंग के मांझे से गला कटने के कारण चार वर्षीय बालक सहित चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी कि राजकोट, पंचमहाल, मेहसाणा और सुरेंद्रनगर जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि राज्य भर में कई लोगों के घायल होने की खबर है।
पंचमहाल जिले के हलोल कस्बे में चार वर्षीय बालक की गर्दन पतंग के मांझे से कटने से अत्यधिक खून बहने से मौत हो गई। वह अपने पिता के साथ मोटरसाइकिल पर बाजार से पतंग और गुब्बारे खरीदने जा रहा था, तभी अचानक मांझे का एक टुकड़ा उसकी गर्दन में फंस गया, जिससे उसके गर्दन पर गहरा घाव हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मेहसाणा जिले के वडनगर तालुका में एक किसान मनसाजी ठाकोर की भी उसी तरह मौत हो गई। वह मोटरसाइकिल से अपने गांव वडबार जा रहे थे, जब पतंग के मांझे से उनकी गर्दन कट गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।
राजकोट जिले के बाहरी इलाके में एक अन्य व्यक्ति भी पतंग के मांझे से गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौत हो गई।
इसके अलावा सुरेंद्रनगर जिले के पाटडी तालुका में भी इसी तरह की एक दुखद घटना सामने आई, जिसमें एक अज्ञात व्यक्ति की गर्दन में मांझे से घाव लगने से मौत हो गई।
राज्य में 108 एंबुलेंस सेवा संचालित करने वाली जीवीके ईएमआरआई ने इस साल उत्तरायण पर आपातकालीन कॉल्स में बढ़ोतरी की सूचना दी है। 15 जनवरी तक शाम 6 बजे तक कुल 3,707 आपातकालीन कॉल्स प्राप्त हुईं, जबकि 2024 में इसी दिन यह संख्या 3,362 थी। इन घटनाओं में मुख्य रूप से पतंग उड़ाते समय मांझे से कटने और छत से गिरने के मामले शामिल थे। नायलॉन से बना या कुचले हुए कांच से लेपित मांझा इतना तीखा होता है कि इससे जानलेवा घाव हो सकता है। प्रतिबंधित होने के बावजूद पतंग के शौकीन इसे अपने विरोधियों की पतंग काटने के लिए इस्तेमाल करते हैं।
सोमवार को राज्य सरकार ने एक याचिका के जवाब में गुजरात हाई कोर्ट सूचित किया था कि उत्तरायण से पहले चीनी मांझा और कांच से लेपित मांझे के कथित निर्माण, बिक्री और भंडारण के लिए कुल 609 प्राथमिकी दर्ज की गईं और 612 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। 24 दिसंबर, 2024 की एक अधिसूचना में इन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया, लेकिन फिर भी ये पतंग के शौकीनों के हाथों में पहुंच गए।
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