गुजरात
गुजरात में हिट एंड रन घटना, तेज रफ्तार एसयूवी ने स्कूटर सवार को मारी टक्कर
29 Mar, 2025 10:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजकोट: गुजरात के वडोदरा में होली के दिन हिट एंड रन की भयावह घटना की जांच पर जहां सवाल उठ रहे हैं तो वहीं अब राजकोट में हिट एंड रन के आरोपी को ही बदलने की घटना सामने आई है। राजकोट में बीते 21 मार्च को दोपहर 3.30 बजे एक एक्सीडेंट हुआ था। कार चालक ने स्कूटर चालक को टक्कर मारी थी। गाड़ी में सवार तीनों में नाबालिग और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हुए युवक को अस्पताल पहुंचाने की जहमत तक नहीं उठाई थी। इस मामले में 29 मार्च की सुबह इस मामले में घायल युवक की अस्पताल में मौत हो गई। अब इस मामले में सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने पूरे मामले को बड़ा टि्वस्ट आया है, क्योंकि इसमें देखा जा रहा है कि हादसे के बाद कैसे ड्राइवर बदल दिया गया? क्योंकि ड्राइविंग सीट पर बैठा लड़का नाबालिग था जिसे बचाने की कोशिश की गई?
सीसीटीवी से नया टि्वस्ट
राजकोट हिट एंड रन के इस मामले में कृष्ण अमित भाई मेर द्वारा पुलिस को एक शिकायत दी गई थी। इसमें शिकायतकर्ता ने कहा था कि स्कूटर सवार मेरे मित्र को सफेद रंग की नेक्सॉन कार ने टक्कर मारी थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि यह गाड़ी प्रवीण जडेजा चला रहे थे। इस पर पुलिस ने एक रिपोर्ट दर्ज की थी। अब इस पूरे मामले में सामने आया है कि हादसे के ड्राइवर की सीट पर दूसरा शख्स बैठ गया था। यह दावा सीसीटीवी के आधार पर शिकायतकर्ता ने किया है। सीसीटीवी फुटेज सामने आया था कि हादसे के बाद कार चालक रुकता है। नाबालिक लड़का आगे की सीट से उतरकर पीछे वाली सीट पर बैठ जाता है। किसी और को ड्राइवर को सीट पर बिठा दिया जाता है।
पुलिस ने कार्रवाई की बात कही
राजकोट में हिट एंड रन की घटना के तूल पकड़ने पर अब राजकोट पुलिस ने चुप्पी तोड़ी है।मामले में नया मोड आने पर शनिवार को डीपीसी जगदीश बांगरवा ने कहा अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है लेकिन अगर ड्राइवर बदलने वाली बात सच निकलती है तो सभी के खिलाफ सख्ती से कानूनी कार्रवाई की जाएगी तो वहीं दूसरी तरफ इस पूरी घटना में घायल हुए 18 साल के पराग गोहिल की स्थित ब्रेन डेड वाली बनी हुई थी। शनिवार को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पीड़ित परिवार ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है।
अनंत अंबानी का 20 किलोमीटर पैदल चलने का सफर, वायरल वीडियोज में दिखी द्वारकाधीश यात्रा की तैयारी
29 Mar, 2025 09:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद/जामनगर: देश के बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। इसकी वजह है कि उनके पैदल चलने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि अनंत अंबानी द्वारकाधीश जा रहे हैं। वह प्रतिदिन 20 किलोमीटर का सफर पूरा कर रहे हैं। अभी जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार अनंत अंबानी शुक्रवार की सुबह 3.45 बजे विशेष मुहर्त में पैदल यात्रा पर निकले थे। वह द्वारकाधीश भगवान के मंदिर जाने की यात्रा पर हैं। उनकी यात्रा के लिए सुरक्षा के चाक-चौबंद बंदोबस्त किए गए हैं। ट्रैफिक से बचने और आम लोगों को असुविधा न हो इसके लिए वह रात में चल रहे हैं।
क्यों द्वारका जा रहे हैं अनंत अंबानी?
द्वारकाधीश मंदिर से जुड़े रहे महंतों का कहना है कि कोई इस तरह चलकर या अपने आप को कष्ट देकर मंदिर तभी पहुंचता है। जब उस व्यक्ति विशेष ने कोई मन्नत मांगी हो। उस मन्नत के पूरे होने के लिए ही अपने आप को कष्ट दे रहा होता है। पिछले साल विवाह बंधन में बंध अनंत अंबानी देश के सबसे बड़े उद्योगपति के बेटे हैं। ऐसे में चर्चा है कि आखिर अनन्त अंबानी की ऐसी कौन सी मंन्नत है? जो अभी पूरी होने बाकी है। जिसके लिए वह इस तरह चलकर द्वारकाधीश के दर्शन करने जा रहे हैं। कहा यह भी जा रहा है कि 10 अप्रैल को अनंत अंबानी का जन्मदिन है। वे द्वारका मंदिर में ही अपना जन्मदिन मनाएंगे।
कितना लंबा है अनंत का सफर?
पिछले दिनों पीएम मोदी जब जामनगर स्थित वनतारा गए थे तो अनंत अंबानी ने ही उन्हें इस परिसर का दौरा कराया था। अनंत अंबानी अपने वनतारा के लिए पिछले काफी समय से सुर्खियों में है। पिछले साल वह राधिक मर्चेंट के साथ विवाह बंधन में बंधे थे। तब प्री वेडिंग का कार्यक्रम जामनगर में हुआ था। इस मौके पर अंबानी परिवार ने जामनगर में कई दिनों का कार्यक्रम रखा था। इसमें देश विदेश की तमाम हस्तियां पहुंची थीं। अब अनंत अंबानी एक बार फिर से जगत मंदिर की यात्रा के लिए चर्चा में हैं। जामनगर से द्वारकाधीशा जगत मंदिर की दूरी 140 किलोमीटर है। अनंत अंबानी पिछले महीने अपने पिता मुकेश अंबानी के साथ उत्तर प्रदेश के प्रयागराज महाकुंभ में पहुंचे थे।
जीएसआरटीसी ने एक बार फिर बढ़ाया बस किराया, 10 फीसदी की नई बढ़ोतरी
29 Mar, 2025 09:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: गुजरात में विधानसभा का बजट सत्र खत्म होते हुए महंगाई बम फूटा है। अब सरकारी बसों में सफर करने वाले यात्रियों की जेब और कटेगी। गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (जीएसआरटीसी) ने बस किराए में 10 फीसदी की बढ़ाेतरी कर दी है। जीएसआरटीसी ने नई दरें शुक्रवार की रात 10 बजे से लागू भी कर दीं। विधानसभा का बजट सत्र शुक्रवार की शाम को ही खत्म हुआ था। जीएसआरटीसी के प्रवक्ता आर डी गल्चर ने दावा किया था कि बस किराए में एक रुपये लेकर चार रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई है लेकिन किराय वृद्धि लागू होने के बाद कुछ और तस्वीर उभर कर सामने आई है।
वडोदरा-अहमदाबाद नया टिकट?
उदाहरण के तौर वडोदरा से अहमदाबाद तक के बीच चलने वाली ऑरेंज बसों का किराया काफी बढ़ गया। है। जीएसआरटीसी के एप पर वडोदरा सीटीएम से अहमदाबाद सीटीएम के बीच का किराया 189 से बढ़ाकर 210 रुपये हो गया। पहले यह किराया बेस फेयर के सभी शुल्क को मिलाकर 189 रुपये ही था। अगर कोई यात्री इसी दूसरी को वोल्वो बस में तय करता है तो उसे 259 से अधिक देने होंगे। अगर कोई यात्री अहमदाबाद में जीएसआरटीसी के मुख्य बस स्टेशन गीता मंदिर तक जाएगा तो उसे और अधिक किराए का भुगतान करना होगा। जीएसआरटीसी के प्रवक्ता के अनुसार 2014 के बाद 2023 में निगम ने 10 साल के बाद किराए में 68 फीसदी वृद्धि की मांग की थी, लेकिन यात्रियों पर भार न बढ़े इसे ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध रूप से किराए में वृद्धि करने का फैसला किया है। जिसके तहत एक अगस्त 2023 में 25 फीसदी किराया बढ़ाया था। उसके बाद अब 29 मार्च से 10 फीसदी किराए में बढ़ोतरी की जा रही है।
27 लाख यात्री सीधे प्रभावित
जीआरटीसी की इस बढ़ोतरी राज्य के 27 लाख यात्री सीधे तौर प्रभावित होंगे। जीएसआरटीसी की तरफ से जारी बयान में इस बढ़ोतरी को जायज बताते हुए कहा गया है कि गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (GSRTC) 8,000 से अधिक बसों के माध्यम से प्रतिदिन 32 लाख किमी से अधिक की दूरी तय करने वाले 27 लाख यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन सेवाएँ प्रदान करता है। पिछले 14 महीनों में, निगम ने सार्वजनिक सेवा के लिए अत्याधुनिक तकनीक वाली 2,987 नई BS6 बसें शुरू की हैं। इन बसों में स्लीपर कोच, लग्जरी, सेमी-लग्जरी, सुपर डीलक्स और मिनी बसें शामिल हैं।
सरदार पटेल की 6 बीघा जमीन हड़पने पर 3 दोषियों को 2 साल की सजा, गुजरात कोर्ट का फैसला
29 Mar, 2025 09:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: गुजरात में भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जमीन को फर्जी दस्तावेज बनाकर बेचने के मामले में कोर्ट ने तीन लोगों को दो साल कैद की सजा सुनाई है। राज्य में हैरान कर देने वाला यह मामला खेड़ा जिले का है, हालांकि लंबे चले कानूनी मामले में एक आरोपी की मौत हो चुकी है। लौह पुरुष सरदार पटेल की जमीन हड़पने के इस मामले में कोर्ट के फैसले के बाद हर कोई चकित है।
क्या है पूरा मामला?
खेड़ा जिले की मेहमदाबाद (Mehmdabad) तहसील की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। फैसले के अनुसार मेहमदाबाद के गड़वा गांव में सर्वे नंबर 270 पर एक जमीन का टुकड़ा (करीब छह बीघा) गुजरात प्रांतीय संघ (जीपीएस) के साथ सरदार वल्लभभाई जावरभाई के नाम पर पंजीकृत था। जब सरकार ने 2004 में राजस्व अभिलेखों का कम्प्यूटरीकरण किया, तो जमीन की विशेषताओं को गलती से बदल दिया गया। जबकि मालिक का नाम वल्लभभाई जावरभाई लिखा गया था, जीपीएस का संदर्भ हटा दिया गया था। इस गलती का फायदा उठाते हुए खेड़ा के कठलाल तालुका के अरल गांव के भूपेंद्र डाभी ने जमीन के दस्तावेज में हीराभाई का नाम वल्लभभाई जावरभाई लिखा और जमीन को अपने नाम पर बदल दिया।
2010 में हुआ दाखिल खारिज
डाभी ने अपने पिता देसाईभाई और प्रतान चौहान को गवाह के तौर पर इस्तेमाल किया। 2010 में जमीन का दाखिल खारिज हुआ था और बाद में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। सरकारी वकील केए सुथार ने पूरा मामला बताया और कोर्ट के सामने सबूत पेश किए। कोर्ट ने तीन आरोपियों को दो साल की सजा सुनाई। मुकदमे के दौरान हीरालाल की मौत हो गई। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास विशाल त्रिवेदी के फैसले के अनुसार जीवित दोनों दोषियों को जेल की सजा काटनी होगी। उन्होंने इस पूरे मामले में तीनों आरोपियों को दोषी माना है।
गुजरात हाई कोर्ट ने दी आसाराम को 3 महीने की अंतरिम जमानत, सुनवाई जारी रहेगी
28 Mar, 2025 09:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यौन उत्पीड़न मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को गुजरात उच्च न्यायालय से अब बड़ी राहत मिली है. गुजरात उच्च न्यायालय ने आसाराम को राहत देते हुए तीन महीने के लिए अंतरिम जमानत को और आगे बढ़ा दिया है. इससे पूर्व में सात जनवरी को सुप्रीम कोर्ट द्वारा आसाराम को अंतरिम जमानत दी गई थी. इसके बाद 14 जनवरी को राजस्थान उच्च न्यायालय से भी आसाराम को 31 मार्च तक अंतरिम जमानत की राहत दी गई थी.
आसाराम के अधिवक्ताओं ने 31 मार्च तक दी गई अंतरिम जमानत को आगे बढ़ाने के लिए गुजरात और राजस्थान उच्च न्यायालय में याचिका लगाई गई थी. गुजरात उच्च न्यायालय ने इस मामले में अब आसाराम को राहत दे दी है. वहीं राजस्थान उच्च न्यायालय में इस पूरे मामले में सोमवार यानी एक अप्रैल को सुनवाई होगी. अगर राजस्थान उच्च न्यायालय से भी आसाराम को राहत मिलती है तो वह फिर से तीन महीने के लिए अंतरिम जमानत पर जोधपुर सेंट्रल जेल से बाहर रहेंगे.
आसाराम को जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने राहत देते हुए 31 मार्च तक अंतरिम जमानत दी थी. उनकी अंतरिम जमानत का समय खत्म होने वाला था. 31 मार्च के बाद उन्हें एक फिर से जोधपुर सेंट्रल जेल में वापस लौटना पड़ता, लेकिन उससे पहले ही गुजरात हाई कोर्ट ने उन्हें तीन महीने की और अंतरिम जमानत दे दी. अब शनिवार और रविवार को राजस्थान उच्च न्यायालय में अवकाश होने के कारण आसाराम की याचिका पर सोमवार एक अप्रैल को ही सुनवाई होगी.
जोधपुर में इलाज करा रहे आसाराम
गौरतलब है कि अंतरिम जमानत का समय खत्म होने के 15 दिन पूर्व ही आसाराम जोधपुर लौट चुके हैं और एक निजी आयुर्वेद अस्पताल से (जोधपुर के पाल रोड स्थित आश्रम) इलाज ले रहे हैं. उन्हें 31 मार्च को हुए फिर से जोधपुर सेंट्रल जेल में लौटना था, लेकिन उससे पहले उन्हें गुजरात हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी है. जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए आसाराम को 31 मार्च तक अंतरिम जमानत दी थी.
सुप्रीम कोर्ट से इलाज के लिए मिली थी बेल
इसके साथ ही कई शर्तें भी सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत के साथ लगाई थीं, जिसमें वह जमानत के दौरान अपने अनुयायियों से मुलाकात नहीं करेंगे. इसके साथ ही उन्हें चिकित्सा उपचार लेकर 31 मार्च तक जोधपुर सेंट्रल जेल में लौटना शामिल था. ऐसे में जमानत के दौरान आसाराम सिर्फ चिकित्सा उपचार ले सकते हैं, यही बात कही गई थी. इससे पहले आसाराम की सुप्रीम कोर्ट में जमानत हेतु दर्जनों याचिकाएं खारिज हो चुकी थीं. सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत आसाराम की मेडिकल ग्राउंड रिपोर्ट को देखते हुए स्वीकार किया था, जिसमें माना गया था कि आसाराम को इलाज की आवश्यकता है.
धर्मांतरण पर मोरारी बापू का बयान, गुजरात में सियासी माहौल गर्माया
28 Mar, 2025 08:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात में कथावाचक मोरारी बापू ने धर्म परिवर्तन को लेकर कहा कि स्कूलों में 75 प्रतिशत ईसाई शिक्षक हैं. ये सरकार का वेतन खाते हैं और लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करते हैं. कई स्कूलो में गीता जयंती मनाया जाता है, लेकिन ईसाई टीचर गीता जयंती मनाने के लिए सहमति नहीं बनाते हैं. उन्होंने कहा कि ये काफी चिंता का विषय कि स्कूलों में धर्मांतरण को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसकी वाकई में जांच होनी चाहिए. तापी के सोनागढ़ में उन्होंने ये बातें कही हैं. उनके इस बयान के बाद अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने मोरारी बापू की टिप्पणी को निराशाजनक बताया है. धर्मांतरण को लेकर मोरारी बापू का ये बयान पहली बार नहीं है. इससे पहले जब गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी रामकथा में पहुंचे थे, तब भी मोरारी बापू ने धर्म परिवर्तन का मुद्दा उठाया था. उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा स्कूल बनाने की मांग भी की थी. उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों में संस्कार डालने के लिए गीता का पाठ आयोजित कर रही है.
शिक्षामंत्री बोले गुमराह करने वाले धर्म प्रचारक बर्दाश्त नहीं
मोरारी बापू के बयान के बाद शिक्षामंत्री प्रफुल्ल पनसेरिया ने कहा कि सभी धर्म को अपने अनुसार पूजा करने की अनुमति है, इसलिए किसी को इस बारे में आपत्ति नहीं होनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि अगर छात्रों को गुमराह किया जाता है और ऐसा करके अपने धर्म का प्रचार किया जा रहा है तो इसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.उन्होंने कहा कि इस तरह का विचार और दुर्भावना रखने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा. उनके खिलाफ निश्चिततौर पर कार्रवाई की जाएगी.
कांग्रेस विधायक ने मोरारी बापू के इस बयान पर आपत्ति जताई है. विधायक तुषार ने कहा कि कथावाचक मोरारी बापू को इस तरह के बयान देने से बचना चाहिए. उन्होंने कहा कि क्रिश्चियन कम्युनिटी के लोग कोई नया-नया यहां पर शिक्षा के क्षेत्र में काम नहीं कर रहे हैं.
ये सभी आजादी के पहले से ही शिक्षा कम्युनिटी में काम कर रहे हैं. यहां पर दोनों ही धर्मों के बीच सद्भावना देखी जाती रही है, धर्मांतरण जैसा कुछ भी नहीं है.
गुजरात विधानसभा में कांग्रेस विधायक ने अवैध खनन का मुद्दा उठाया, हंगामा हुआ
28 Mar, 2025 05:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात विधानसभा में शुक्रवार को कांग्रेस विधायक विमल चूड़ासमा ने अवैध खनन का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। कांग्रेस विधायक यह मुद्दा उठाकर सदन के वेल में चले गए। इस पर स्पीकर शंकर चौधरी ने विधायक को विधानसभा से बाहर निकालने का आदेश दिया।
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक विमल चूड़ासमा बिना अनुमति लिए उठे और जूनागढ़ जिले के चोरवाड़ शहर में चूना पत्थर के बड़े पैमाने पर अवैध खनन के बारे में बोलना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारी चोरवाड़ में सक्रिय खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। जब स्पीकर ने उनसे नियमों का पालन करने और कोई भी मुद्दा उठाने से पहले अनुमति लेने के लिए कहा, तो विधायक वेल में पहुंच गए और धरना देने लगे।
विधायक ने कहा कि उन्होंने आरोप साबित करने के लिए सबूत दिए थे, लेकिन वित्त मंत्री कनुभाई देसाई ने गुरुवार को विधानसभा को सूचित किया कि कुछ भी अवैध नहीं मिला। इसके बाद जब विधायक चूड़ासमा अपनी सीट पर वापस नहीं लौटे और भाजपा सरकार के खिलाफ संदेश वाला पोस्टर लहराने लगे, तो स्पीकर चौधरी ने मार्शल से उन्हें बाहर निकालने के लिए कहा।
विधायक ने यह आरोप लगाए
कांग्रेस विधायक विमल चूड़ासमा ने कहा कि मैंने चोरवाड़ में सक्रिय खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए खान विभाग के सचिव से मुलाकात की। मैंने यह साबित करने के लिए सबूत भी पेश किए थे कि 300 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के खनिजों का अवैध खनन कुछ लोगों द्वारा किया गया था। मैंने मांग की थी कि अधिकारी अवैध रूप से चल रही खदानों का दौरा करें और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें।
उन्होंने कहा कि मेरे बार-बार अनुरोध के बाद भी कोई अधिकारी साइट पर नहीं गया। इसलिए मुझे सदन के पटल पर यह मुद्दा उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। लेकिन मंत्री ने गुरुवार को दावा किया कि कुछ भी अवैध नहीं मिला। यह साबित करता है कि या तो सरकार खनन माफियाओं से डरी हुई है या इन तत्वों को संरक्षण दिया जा रहा है।
उन्हाेंने कहा कि जब विधानसभा में अवैध खनन का मुद्दा उठाने की कोशिश की, तो उन्हें दो मिनट भी बोलने नहीं दिया। इसके बजाय अध्यक्ष ने मुझसे कहा कि मैं यह प्रचार के लिए कर रहा हूं। मैं 24 साल से सार्वजनिक जीवन में हूं और मीडिया सहित हर कोई मुझे अच्छी तरह से जानता है।
मंत्री ने यह जानकारी दी
कांग्रेस विधायक के आरोप पर वित्त मंत्री कनुभाई देसाई ने कहा कि प्रशासन गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठा रहा है। पिछले दो वर्षों के दौरान, भूविज्ञान और खनन विभाग के जूनागढ़ कार्यालय ने अवैध खनन और परिवहन से संबंधित 312 मामले दर्ज किए हैं और उल्लंघनकर्ताओं से तीन करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला है। फ्लाइंग स्क्वॉड ऐसी गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए नियमित गश्त करता है। इसलिए प्रशासन की विफलता का कोई सवाल ही नहीं है।
द्वारका और बेट द्वारका में UAW खुदाई अभियान, तीन महिला गोताखोर भी टीम में शामिल
27 Mar, 2025 10:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात के द्वारका और बेट द्वारका में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के जलपोत पुरातत्व विंग (UAW) एक पुरातात्विक अन्वेषण (Archaeological Exploration) कर रहा है. यह अभियान ASI के अतिरिक्त महानिदेशक प्रो.आलोक त्रिपाठी के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है. यह अन्वेषण फरवरी 2025 में द्वारका में किए गए एक सर्वे का विस्तार है.
द्वारका ऐतिहासिक, पुरातात्विक और सांस्कृतिक रूप से भारत का एक अहम स्थल है. प्राचीन ग्रंथों में इसका उल्लेख होने की वजह से यह लंबे समय से रिसर्च का विषय रहा है. कई इतिहासकार और पुरातत्वविद इस क्षेत्र पर स्टडी कर चुके हैं. इसी के चलते फरवरी 2025 में ASI की पांच सदस्यीय टीम ने गोमती क्रीक के दक्षिणी हिस्से में एक अन्वेषण किया था. इस सर्वे का मकसद पूर्व में खोजे गए क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति का निरीक्षण करना और भविष्य में संभावित खुदाई स्थलों की पहचान करना है.
जलपोत पुरातत्व अनुसंधान का मकसद
वर्तमान जलपोत पुरातात्विक अनुसंधान का मुख्य उद्देश्य डूबे हुए पुरातात्विक अवशेषों की खोज, दस्तावेजीकरण और अध्ययन करना है. इसके अलावा, इस क्षेत्र में कार्यरत पुरातत्वविदों को जलपोत पुरातत्व के क्षेत्र में प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है. अध्ययन के दौरान समुद्री तलछट और पुरावशेषों का वैज्ञानिक विश्लेषण करके उनकी प्राचीनता का निर्धारण किया जाएगा.
पहले हुए अनुसंधान और खोजें
2005 से 2007 के बीच ASI के जलपोत पुरातत्व विंग ने द्वारका के तटवर्ती और समुद्री क्षेत्र में विस्तृत अनुसंधान किए थे. इन अनुसंधानों में प्राचीन मूर्तियां, पत्थर के लंगर और अन्य महत्वपूर्ण पुरावशेष मिले थे. हालांकि, द्वारकाधीश मंदिर के आसपास खुला क्षेत्र न होने की वजह से खुदाई सीमित दायरे में ही की जा सकी थी. 2007 में मंदिर के उत्तरी द्वार के पास किए गए उत्खनन में 10 मीटर गहरी और 26 परतों वाली संरचनाओं की खोज हुई थी. यहां से लोहे और तांबे की चीजें, अंगूठियां, मनके और मिट्टी के बर्तन मिले थे.
आगे की योजनाएं
वर्तमान शोध कार्य ओखामंडल क्षेत्र में विस्तारित किया गया है. पुरातत्वविद संभावित स्थलों की पहचान कर रहे हैं और वैज्ञानिक पद्धति से उनका अध्ययन किया जा रहा है. इस अनुसंधान में 9 पुरातत्वविदों की एक विशेष टीम हिस्सा ले रही है, जिन्हें जलपोत पुरातत्व की गहन जानकारी दी जा रही है.
इस टीम में तीन महिला गोताखोर भी शामिल हैं:
डॉ. अपराजिता शर्मा (सहायक अधीक्षण पुरातत्वविद, UAW)
पूनम विंद (सहायक अधीक्षण पुरातत्वविद)
डॉ. राजकुमारी बर्बिना (सहायक पुरातत्वविद)
इसके अतिरिक्त, खुदाई और अन्वेषण निदेशक हेमासागर ए. नाइक भी इस अभियान से जुड़े हुए हैं. यह अध्ययन भारतीय पुरातत्व में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है, जिससे द्वारका और उसके आसपास के ऐतिहासिक स्थलों की प्राचीनता और ऐतिहासिक महत्व को और बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा.
मोटेरा में ओलिंपिक 2036 के लिए तीन आश्रमों की जमीन अधिग्रहित, आसाराम का आश्रम भी शामिल
27 Mar, 2025 06:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद में 2036 के ओलंपिक खेलों की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए सरदार पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव बनाया जाएगा। ओलंपिक विलेज और दूसरे खेल सुविधाएं भी बनेंगी। ये सब नरेंद्र मोदी स्टेडियम के पास लगभग 650 एकड़ जमीन पर बनेगा। खबर है कि इस जगह पर बने तीन आश्रमों को हटाया जा सकता है। इनमें आसाराम का आश्रम भी शामिल है। सूत्रों के अनुसार, इन आश्रमों को दूसरी जगह दी जाएगी। अभी जमीन लेने की प्रक्रिया चल रही है।
अहमदाबाद के म्युनिसिपल कमिश्नर, अहमदाबाद के जिला कलेक्टर और AUDA के सीईओ मिलकर जमीन अधिग्रहण का काम कर रहे हैं। AUDA का मतलब है अहमदाबाद शहरी क्षेत्र विकास प्राधिकरण। यह संस्था शहर के विकास के लिए योजनाएं बनाती है। सूत्रों ने बताया कि तीन आश्रमों संत श्री आसाराम आश्रम, भारतीय सेवा समाज और सदाशिव प्रज्ञा मंडल को हटाया जा सकता है। इन आश्रमों को दूसरी जगह देने की बात चल रही है।
रिहायशी जगहों को भी मास्टर प्लान में शामिल किया गया
सूत्रों के अनुसार, संत श्री आसाराम आश्रम, भारतीय सेवा समाज और सदाशिव प्रज्ञा मंडल के बारे में कलेक्टर ऑफिस कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगा। जमीन का मुआवजा या दूसरी जगह देने का फैसला कमेटी करेगी। सदाशिव प्रज्ञा मंडल चाहता है कि उनके कुछ निर्माण वहीं रहने दिए जाएं। अगर वे दूसरी जमीन देने में मदद करते हैं, तो मास्टर प्लान में यह बदलाव किया जा सकता है। स्टेडियम के पास शिवनगर और वंजारा वास जैसी कुछ रिहायशी जगहों को भी मास्टर प्लान में शामिल किया गया है।
सीएम ने लिया फैसला
20 फरवरी, 2025 को गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल ने फैसला किया कि अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन यहां रहने वाले लोगों को दूसरी जगह बसाएगा। अहमदाबाद के कलेक्टर ऑफिस को जमीन लेने का काम सौंपा गया है। सरकार की कोशिश है कि 2036 के ओलंपिक खेलों के लिए अहमदाबाद को अच्छे से तैयार किया जा सके। इसलिए, जमीन अधिग्रहण का काम तेजी से चल रहा है। लोगों को दूसरी जगह बसाने और आश्रमों को दूसरी जगह देने की प्रक्रिया भी जल्द ही पूरी हो जाएगी।
1961 की लव स्टोरी: 80 की उम्र में फिर से शादी करने वाले बुजुर्ग जोड़े की खूबसूरत कहानी
26 Mar, 2025 06:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
साल था 1961… गुजरात में परिवार से बगावत कर एक प्रेमी जोड़ा घर से भाग गया था. दोनों ने फिर शादी कर ली. उनके बच्चे हुए. फिर नाती-पोते भी. अब 80 की उम्र में इस जोड़े ने एक बार फिर से शादी की, लेकिन परिवार के सहयोग से. इस अनोखी लव स्टोरी ने इन दिनों सोशल मीडिया पर धूम मचाई हुई है.
कपल का नाम है हर्ष और मृदु. इस बुजुर्ग जोड़े नें लव मैरिज के 80 साल बाद अपनी 64वीं सालगिरह पर फिर से शादी की. उनके नाती-पोतियों और बड़े परिवार ने मिलकर उनके लिए ये खूबसूरत पल बनाया. हर्ष और मृदु की लव स्टोरी 1960 के दशक में शुरू हुई. उस समय भारत में अलग-अलग जातियों के बीच शादी को समाज बिल्कुल स्वीकार नहीं करता था.
हर्ष जैन थे और मृदु ब्राह्मण. दोनों की मुलाकात स्कूल में हुई और चिट्ठियों के जरिए उनका प्यार बढ़ने लगा. लेकिन जब मृदु के परिवार को पता चला, तो उन्होंने इसका सख्त विरोध किया. परिवार का साथ छोड़कर दोनों के सामने मुश्किल फैसला था.
परिवार से की बगावत
हर्ष और मृदु ने प्यार को चुना और परिवार की मर्जी के खिलाफ भाग गए. बिना किसी सहारे के उन्होंने जिंदगी की शुरुआत की. ये उनके प्यार और हिम्मत की मिसाल थी. दोनों ने मिलकर एक नई जिंदगी बनाई और मुश्किलों का सामना किया. समय के साथ हर्ष और मृदु ने न सिर्फ एक खुशहाल घर बनाया. उनके बच्चे और नाती-पोते उनकी कहानी सुनकर बड़े हुए. इन कहानियों में प्यार और समाज की दीवारों को तोड़ने की ताकत थी. उनके संघर्ष और प्यार को सम्मान देने के लिए नाती-पोतियों ने उनकी 64वीं सालगिरह पर एक खास शादी का आयोजन किया.
अग्नि के लिए सात फेरे
नाती-पोतियों ने इस दिन को सरप्राइज बनाया. हर्ष और मृदु को कुछ देर के लिए अलग किया गया ताकि वे अपनी खास शादी की तैयारी कर सकें. ये पहली बार था जब भागने के बाद वे इस तरह अलग हुए. समारोह में वो सारी रस्में की गईं जो उनकी जवानी में छूट गई थीं. अग्नि के चारों ओर फेरे लिए गए और उन्होंने अपने वादों को फिर से दोहराया. 80 की उम्र में दोबारा शादी करने के लिए मृदु ने गुजरात की मशहूर घरचोला साड़ी पहनी थी. वहीं दूल्हे राजा यानी हर्ष की बात करें तो उन्होंने खादी कुर्ता-पजामा पहना था और साथ में मैचिंग पगड़ी के साथ सफेद और डार्क ब्राउन शॉल.
पहले-पहले प्यार जैसा अहसास
इस शादी में हर्ष और मृदु ने वही प्यार और विश्वास दिखाया जो उनकी जिंदगी का आधार रहा. उनके परिवार ने तालियों और खुशी के साथ उनका स्वागत किया. ये दिन सिर्फ उनकी सालगिरह नहीं, बल्कि उनके प्यार की जीत का जश्न था. 64 साल बाद भी उनका प्यार उतना ही मजबूत था जितना पहले दिन था. उनकी शादी वैसी ही हुई जैसे कि हर एक लड़का-लड़की की चाहत होती है. लाल साड़ी पहनकर दुल्हन बनीं मृदु ने वरमाला डाली तो हर्ष उन्हें देखते ही रह गए.
एसिड की बोतल को पानी समझकर पी गए डॉक्टर पति, पत्नी की भूल से घटी दर्दनाक घटना
26 Mar, 2025 03:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात के सूरत में सरकारी अस्पताल के डॉक्टर ने गलती से एसिड पी लिया. उन्हें लगा यह पानी है. बस फिर क्या था. वो पानी समझ एसिड को पी गए. चंद सेकंड में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी. उनकी चीख सुन पत्नी वहां आई. पत्नी ने कहा- मैंने यहां एसिड की बोतल रखी थी, जिसे आप पानी समझकर पी गए. इसके बाद पत्नी ने पति के डॉक्टर मित्र को फोन कर पूरी बात बताई.
फिर डॉक्टर को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर है. पुलिस तक भी यह मामला पहुंच गया था. फिल डॉक्टर का बयान दर्ज करने के बाद पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि यह एक दुर्घटनावश हुई घटना थी और इसमें कोई आपराधिक षड्यंत्र नहीं था.
घटना 16 मार्च की है. हालांकि, इस घटना की जानकारी सोमवार को सामने आई. जानकारी के मुताबिक, सरकारी हॉस्पिटल स्मीमेर अस्पताल के फॉरेंसिक विभाग में कार्यरत डॉक्टर राजेश पटेल ने गलती से एसिड पी लिया था. उन्हें गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल डॉक्टर की तबीयत में सुधार है.
गलती से टेबल पर रख दी थी बोतल
जानकारी के मुताबिक, अलथान कैनाल रोड स्थित कोरल हाइट्स निवासी डॉक्टर राजेश पटेल अपने घर में थे. उनकी पत्नी ने सफाई के दौरान गलती से एसिड की बोतल टेबल पर रख दी थी. रात करीब एक बजे पानी की बोतल समझकर डॉक्टर राजेश ने पास रखी एसिड की बोतल उठा ली और एसिड पी लिया. एसिड निगलते ही उनकी तबीयत बिगड़ गई.
हालत स्थिर बताई जा रही
पत्नी ने तुरंत डॉ. जयेश को फोन किया, जो उनके करीबी मित्र हैं. डॉ. जयंतीलाल ने राजेश पटेल को अस्पताल में भर्ती करवाया. फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. पुलिस ने डॉक्टर राजेश पटेल और उनकी पत्नी का बयान दर्ज किया है, जिसमें उन्होंने इस घटना को एक दुर्घटना बताया है.
रहस्यमयी घटना: स्कूल में 40 बच्चों ने काटे अपने हाथ 10 रुपये के लालच में बच्चों ने किया खौफनाक कदम
26 Mar, 2025 03:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात के अमरेली जिले से एक गंभीर और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें 40 बच्चों ने वीडियो गेम से प्रेरित होकर ब्लेड से अपने हाथ काटे। इस घटना ने बच्चों के मानसिक विकास और वीडियो गेम के नकारात्मक प्रभाव पर सवाल उठाए हैं। एक छात्र ने अपने साथियों को 10 रुपये का लालच दिया और ब्लेड से हाथ काटने के लिए उकसाया। इसके बाद, इन बच्चों ने पेंसिल शार्पनर से अपने हाथों को काट लिया, जिससे एक डरावनी घटना ने जन्म लिया।
10 रुपये के लालच में बच्चों ने काटे हाथ
घटना के अनुसार, एक छात्र ने अपने सहपाठियों को यह ऑफर दिया कि जो बच्चे ब्लेड से अपने हाथ काटेंगे, उन्हें वह 10 रुपये देगा। इस छोटे से लालच में आकर 40 बच्चों ने एक साथ अपने हाथों को ब्लेड से काटने का खौ़फनाक कदम उठाया। यह घटना बच्चों की मानसिक स्थिति और उनकी सोच के स्तर को दर्शाती है, जिससे साफ होता है कि गलत आदतें और वीडियो गेम के नकारात्मक प्रभाव बच्चों को गलत रास्ते पर ले जा सकते हैं।
शिक्षकों ने घटना को छुपाया
मामला सामने आने के बाद यह खुलासा हुआ कि स्कूल प्रशासन और शिक्षकों ने इस घटना को करीब आठ दिनों तक छुपाए रखा। बच्चों के हाथों में ब्लेड से कटने के निशान दिखने के बावजूद शिक्षक इस मामले को नजरअंदाज करते रहे, जो कि पूरी घटना में लापरवाही का संकेत है। स्कूल अधिकारियों ने न केवल बच्चों की मानसिक और शारीरिक सुरक्षा को नजरअंदाज किया, बल्कि इस घटना की सूचना देने में भी देरी की। इस पर सवाल उठने लगे हैं कि स्कूल प्रशासन ने इतनी गंभीर घटना को क्यों छुपाया और समय रहते इसकी जानकारी क्यों नहीं दी?
गुजरात ने टीबी उन्मूलन में प्रमुख सफलता प्राप्त की, 95% लक्ष्य हासिल, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का नेतृत्व सराहनीय
24 Mar, 2025 03:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में गुजरात ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य रखा है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने टीबी पंजीकरण और उपचार सफलता के मामले में नीति आयोग द्वारा निर्धारित लक्ष्य का 95% पूरा कर लिया है. यहां उपचार पूर्णता दर 91% रही.
गुजरात को 2024 में 1,45,000 टीबी रोगियों की पहचान और पंजीकरण का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष 1,37,929 टीबी रोगियों की सफल पहचान और पंजीकरण किया गया. इसके साथ ही, 1,24,581 रोगियों का सफलता पूर्वक उपचार पूरा हुआ, जिससे उपचार पूर्णता दर 90.52% दर्ज की गई. वहीं, इन पंजीकृत टीबी रोगियों में 1,31,501 टीबी रोगियों को भी उपचार की सुविधा दी गई है.
2024 में टीबी रोगियों को ₹43.9 करोड़ की आर्थिक मदद
टीबी के मरीज़ अपने नियमित इलाज के लिए प्रेरित हों और पैसे के अभाव में उनके इलाज में कहीं कोई भी समस्या न आए इसे सुनिश्चित करते हुए गुजरात सरकार द्वारा निक्षय पोषण योजना के तहत दवाई के खर्च के लिए प्रति टीबी रोगी 500 रुपए की आर्थिक मदद दी जा रही है. वर्ष 2024 में 1,18,984 टीबी रोगियों को ₹43.9 करोड़ की सहायता दी गई. उल्लेखनीय है कि टीबी रोगियों को दी जाने वाली इस आर्थिक मदद को केंद्र सरकार ने 1 नवंबर 2024 से बढ़ाकर ₹1000 कर दिया है.
10,682 निक्षय मित्रों का सहयोग, 3.49 लाख पोषण किटों का वितरण
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत, गुजरात ने निक्षय पोर्टल पर 10,682 निक्षय मित्रों का पंजीकरण किया और इनके माध्यम से 3,49,534 पोषण किट्स का वितरण किया गया. राज्य सरकार की यह पहल सुनिश्चित करती है कि टीबी मरीजों को सिर्फ दवाएं ही नहीं, बल्कि उचित पोषण भी मिले. इस क्षेत्र में गुजरात पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य बना है.
100 दिवसीय गहन टीबी उन्मूलन अभियान के कार्यान्वयन में गुजरात सबसे आगे
टीबी के मामलों की शीघ्र पहचान और उपचार के लिए, भारत सरकार ने 7 दिसंबर 2024 को “100 दिवसीय गहन टीबी उन्मूलन अभियान” शुरू किया है. गुजरात ने इस अभियान के तहत अब तक 16 जिलों और 4 नगर निगमों को इस अभियान में शामिल कर लिया है. 20 मार्च 2025 तक, इस अभियान के तहत 35.75 लाख लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई. इन व्यापक जांचों के परिणामस्वरूप, 16,758 नए टीबी मरीजों की पहचान कर उनका उपचार भी शुरू कर दिया गया है.
टीबी मरीज़ों को और बेहतर सुविधा लिए लायंस क्ल्ब्स इंटरनेशनल के साथ MoU
राज्य के सभी टीबी मरीजों को उपचार के दौरान हर महीने पोषण किट उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुजरात सरकार ने हाल ही में 6 मार्च 2025 को लायंस क्लब इंटरनेशनल के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए है. इसके तहत टीबी रोगियों को गोद लेकर उन्हें न्यूट्रिशन सपोर्ट प्रदान किया जाएगा. राज्यभर में मरीजों तक पोषण सहायता पहुंचाने के लिए लायंस क्लब इंटरनेशनल सक्रिय भूमिका निभाएगा. राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस तरह के प्रयास से टीबी मरीजों की रिकवरी रेट में और तेज गति से सुधार आएगा.
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन रूट पर क्रेन गिरने से मची अफरा-तफरी, राहत और बचाव कार्य जारी
24 Mar, 2025 03:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद और मुंबई के बीच चलने वाली हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन का काम जहां जोरों पर चल रहा है. वहीं बुलेट ट्रेन के काम के दौरान बीती रात अहमदाबाद के वटवा हाथीजण इलाके में रोपड़ ब्रिज के पास एक क्रेन अचानक गिर गई. हालांकि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ. क्रेन गिरने से इलाके से गुजरने वाली रेलवे लाइन प्रभावित हुई है. घटना में अप लाइन चालू है और डाउन लाइन प्रभावित हुई है.रेलवे विभाग द्वारा हेल्पलाइन नंबर की घोषणा की गई है.
लाइन प्रभावित होने के कारण 4 रेलगाड़ियां रद्द करनी पड़ीं तथा अन्य रेलगाड़ियों के समय में परिवर्तन करना पड़ा. क्रेन गिरने से हाईटेंशन लाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद रेलवे विभाग ने वडोदरा व कांकरिया से एआरटी (दुर्घटना प्रतिक्रिया दल) के माध्यम से तत्काल प्रभाव से मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया. रेल यातायात शीघ्र शुरू करने के प्रयास किए गए हैं. फिलहाल बुलेट ट्रेन परियोजना के अधिकारियों ने क्रेन को हटाने का काम शुरू कर दिया है, जिसके बाद रेलवे विभाग हाईटेंशन लाइन पर काम शुरू कर डाउन लाइन को बहाल करेगा.
कई ट्रेनें कर दी गई हैं रद्द
अहमदाबाद-मुंबई हाई स्पीड रेल के संचालन के दौरान हुए हादसे में एक खंड को लॉन्च करने के बाद क्रेन के रेल लाइन पर गिर जाने के कारण कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं. अहमदाबाद-वटवा मेमू बरेजडी ट्रेन आंशिक रूप से रद्द कर दी गई है. अहमदाबाद-बोरीवली ट्रेन 19418 रद्द. वटवा-वडोदरा मेमू रद्द. इसके अलावा कई रेलगाड़ियां देरी से चलेंगी.
2026 तक ट्रायल रन शुरू होने की उम्मीद
अहमदाबाद मुंबई सेंट्रल ट्रेन सुबह 5 बजे के बजाय सुबह 9 बजे रवाना होगी. अहमदाबाद मुंबई डबल डेकर ट्रेन 12932 रद्द कर दी गई है. इसके अलावा अहमदाबाद एकता नगर को पूर्णतः रद्द कर दिया गया है. अहमदाबाद और मुंबई के बीच चलने वाली हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन का 2026 तक ट्रायल रन शुरू होने की उम्मीद है, और 508 किलोमीटर के इस रूट पर 12 स्टेशन होंगे.
IPS अधिकारी के घर छापा, सेबी की जांच में शेयर घोटाले में फंसा अधिकारी, पिता भी थे IPS
22 Mar, 2025 07:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की टीम ने बीते गुरुवार को खेडब्रह्मा में आईपीएस अधिकारी रविंद्र पटेल के घर पर छापा मारा. आईपीएस रविंद्र पटेल वर्तमान में गुजरात हाउसिंग बोर्ड में एसपी के पद पर कार्यरत हैं. बताया जा रहा है कि छापेमारी के समय उनके पिता डीएन पटेल, जो आईजी रैंक के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी हैं, वह मौजूद थे.
ऐसा संदेह है कि यह कार्रवाई एक ब्रॉडकास्ट पंप-एंड-डंप मामले में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में शुरू की गई थी, जहां पंप और डंप संचालन में हेराफेरी करने और लाभ कमाने के लिए 61 संस्थाओं को नोटिस और जुर्माना लगाया गया था. जांच के तहत रविंद्र पटेल के बहनोई से पूछताछ की गई.
किस मामले में फंसे IPS रविंद्र पटेल
ये ब्रॉडकास्ट कंपनी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कंपनी है. गुरुवार को इसका शेयर 2.77 रुपए के भाव पर बंद हुआ. 16 अगस्त 2022 को इसने 34.80 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ था. बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, सेबी ने नोटिस भेजा था. सेबी के 27 फरवरी के निपटान आदेश के अनुसार, रवींद्र पटेल को छह महीने की अवधि के लिए ब्रॉडकास्ट लिमिटेड के संबंध में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रतिभूतियों की खरीद, बिक्री या व्यापार करने से प्रतिबंधित कर दिया गया था.
अपनी जांच के दौरान सेबी ने पाया कि ब्रॉडकास्ट लिमिटेड के शेयरों के विशिष्ट विक्रेता कुछ YouTube चैनलों के निर्माताओं से जुड़े हुए थे. इन चैनलों ने शेयरों के लिए गलत जानकारी और अवास्तविक लक्ष्य मूल्य वाले भ्रामक वीडियो अपलोड किए. इन वीडियो के पीछे का उद्देश्य खुदरा निवेशकों को शेयर खरीदने के लिए प्रभावित करना और गुमराह करना था.
अपनी जांच पूरी करने के बाद सेबी ने 9 जनवरी को रवींद्र पटेल और अन्य संस्थाओं को कारण बताओ नोटिस (एससीएन) जारी किए, जिनमें पीएफयूटीपी विनियम-2003 के विशिष्ट उल्लंघन का आरोप लगाया गया. 6 फरवरी 2025 को रवींद्र पटेल को एक नोटिस मिला, जिसमें सेटलमेंट राशि के तौर पर 72.8 लाख रुपए और रिफंड के तौर पर 1.9 करोड़ रुपए मांगे गए. रवींद्र पटेल ने 19 फरवरी को जरूरी रकम चुका दी.
कौन हैं IPS रवींद्र पटेल?
आईपीएस रवींद्र पटेल 2016 बैच के अधिकारी हैं. आईपीएस रवींद्र पटेल पहले पाटन जिला पुलिस प्रमुख और बाद में गांधीनगर और वडोदरा में कार्यरत थे. रवींद्र पटेल के पिता आईजी रैंक के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी हैं. आईपीएस रवींद्र पटेल के साले, जो गलोदिया गांव में रहते हैं, उनसे भी पूछताछ की गई. आईपीएस रवींद्र पटेल गुजरात हाउसिंग बोर्ड में एसपी के पद पर कार्यरत हैं. संभावना है कि सेबी की जांच में और भी खुलासे होंगे. आईपीएस के घर पर केंद्रीय टीमों की जांच से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया.
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