गुजरात
SC का बड़ा फैसला: गोधरा दोषियों को नहीं मिलेगी राहत, बरकरार रहेगी सजा
6 May, 2025 08:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुप्रीम कोर्ट ने गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन जलाने के दोषियों की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें दो जजों की पीठ ने उनकी अपील पर सुनवाई करने पर आपत्ति जताई थी।
याचिका में कहा गया कि दो जजों की पीठ उनकी अपील पर सुनवाई नहीं कर सकती क्योंकि यह मामला मौत की सजा से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं के वकील संजय हेगड़े ने जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ के समक्ष लाल किला आतंकी हमले में मोहम्मद आरिफ उर्फ अशरफ को मौत की सजा देने के मामले का उल्लेख किया।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई में कहा गया था कि तीन जजों की पीठ ही मौत की सजा से जुड़े मामलों की सुनवाई कर सकती है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर कहा कि तीन जजों की पीठ उन्हीं मामलों पर सुनवाई कर सकती है, जिनमें हाई कोर्ट ने मौत की पुष्टि कर दी हो।जस्टिस माहेश्वरी ने कहा कि गुजरात हाई कोर्ट ने इस मामले में 11 दोषियों की मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था। इस मामले में सिर्फ ट्रायल कोर्ट ने ही मौत की सजा सुनाई है। ऐसे में इस मामले में दो जजों की पीठ सुनवाई कर सकती है।
59 हिंदू कारसेवकों की हुई थी हत्या
ध्यान रहे कि 27 फरवरी, 2002 को गुजरात के गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस के एस-6 कोच में उग्र भीड़ ने आग लगाकर 59 हिंदू कारसेवकों की हत्या कर दी थी। इसके बाद राज्य में दंगे भड़क गए थे।
मौसम बना मुसीबत! गुजरात में बारिश से जनजीवन बेहाल, रेड अलर्ट जारी
6 May, 2025 07:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात में अचानक हुई बारिश ने 14 लोगों की जान ले ली, जबकि 16 लोग घायल हुए हैं. राज्य के अलग-अलग जगहों पर हुई मौतों से हाहाकार मच गया. बेमौसम बारिश में 26 पशुओं की भी मौत हुई है. राज्य में गर्मी के बीच में मानसून जैसे हालात देखने को मिल रहे हैं. राज्य के 168 तालुकाओं में बेमौसम बारिश हुई है.
बेमौसम बारिश ने राज्य में 14 लोगों की जान ले ली है. इनमें बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई है. इनके अलावा पेड़ गिरने से चार, एक इमारत का एक हिस्सा गिरने से तीन और होर्डिंग्स गिरने से दो लोगों की मौत हो गई. जबकि, 2 लोगों की मौत बिजली का करंट लगने से हुई है. पिछले 48 घंटों में कुल 14 मौतें हुई हैं. जबकि, 16 लोग घायल हो गए हैं. मावठा के कारण हुई दुर्घटनाओं में 26 पशु मर चुके हैं.
168 तालुकाओं में बेमौसम बारिश
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 3 दिनों तक बेमौसम बारिश की संभावना जताई गई है. राज्य के 75 फीसदी से ज्यादा हिस्से में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है. बारिश बारिश को देखते हुए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.इस दौरान तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं, 15 जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है. इस बीच मौसम बदलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है.
राज्य सरकार ने की अपील
भारी बारिश के पूर्वानुमान के बीच राज्य सरकार ने अपील की है. लोगों को अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी गई है. तूफान की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहने के निर्देश दिए गए हैं. अपरिहार्य परिस्थितियों में आपातकालीन परिचालन केंद्र से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं. आपातकालीन स्थिति में लोगों से जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र-1077 और राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र-1070 पर संपर्क करने का अनुरोध किया गया है.
गुजरात हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: गोधरा कांड को टाला जा सकता था
3 May, 2025 04:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: गुजरात हाई कोर्ट ने अपने हालिया आदेश में नौ जीआरपी कर्मियों की सेवा समाप्ति को बरकरार रखते हुए कहा है कि गोधरा कांड को टाला जा सकता था। अगर ये जीआरपी जवान उन्हें सौंपी गई साबरमती एक्सप्रेस में सवार होते और अहमदाबाद वापस आने के लिए दूसरी ट्रेन ना लेते तो 27 फरवरी 2002 की सुबह गोधरा स्टेशन पर हुई घटना नहीं होती।
जीआरपी कर्मियों ने अपनी ड्यूटी के प्रति लापरवाही और असावधानी दिखाई
जस्टिस वैभवी नानावती ने जीआरपी कर्मियों की बहाली की याचिका को खारिज करते हुए अपने आदेश में कहा, ''याचिकाकर्ताओं ने रजिस्टर में फर्जी प्रविष्टियां कीं और शांति एक्सप्रेस से अहमदाबाद वापस लौट गए। अगर ये सभी साबरमती एक्सप्रेस से लौटते, तो गोधरा में हुई घटना को टाला जा सकता था। इन्होंने अपनी ड्यूटी के प्रति लापरवाही और असावधानी दिखाई।
रिकॉर्ड बताते हैं कि साबरमती एक्सप्रेस ए श्रेणी की ट्रेन है। ए श्रेणी की ट्रेनों में चेन खींचने और झगड़े जैसी घटनाएं ज्यादा होती हैं। इस श्रेणी की हर ट्रेन में राइफल और कारतूस के साथ तीन सशस्त्र और बाकी लाठी और रस्सी के साथ जीआरपी जवान जरूर होने चाहिए।
अधिकारियों के तर्क किसी भी हस्तक्षेप की मांग नहीं करते हैं
आदेश में कहा गया, ''इन्हें इतनी महत्वपू्ण ड्यूटी सौंपी गई थी, लेकिन उन्होंने लापरवाही दिखाते हुए शांति एक्सप्रेस से सफर किया। अधिकारियों के तर्क किसी भी हस्तक्षेप की मांग नहीं करते हैं। अदालत संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत असाधारण अधिकार क्षेत्र का प्रयोग ना करना उचित समझती है और दोनों याचिकाएं खारिज की जाती हैं।
गौरतलब है कि इन नौ जीआरपी कर्मियों को उस दिन पता चला कि साबरमती एक्सप्रेस अनिश्चितकाल की देरी से आएगी, इसलिए ये सभी रजिस्टर में फर्जी प्रविष्टि करके शांति एक्सप्रेस से चले गए।
सुबह करीब 7.40 बजे गोधरा स्टेशन के पास एस-6 कोच में भीड़ ने आग लगा दी, जिससे इसमें सफर कर रहे 59 यात्रियों की मौत हो गई। ज्यादातर मरने वाले कारसेवक थे जो अयोध्या, उत्तर प्रदेश से लौट रहे थे। जांच के बाद इन सभी को गुजरात सरकार ने निलंबित करने के बाद सेवामुक्त कर दिया।
अनिश्चितकाल की देरी पर जीआरपी कर्मियों का ट्रेन बदलना आम बात
हाई कोर्ट में इस सजा को चुनौती दी गई और याचिकाकर्ताओं के वकील ने दलील दी कि अनिश्चितकाल की देरी पर जीआरपी कर्मियों का ट्रेन बदलना आम बात है। इस पर सरकार ने कहा कि इन्होंने निर्धारित ट्रेन में न चढ़ने के अलावा दाहोद स्टेशन चौकी पर गलत प्रविष्टि भी की कि वे साबरमती एक्सप्रेस से जा रहे हैं। इससे नियंत्रण कक्ष को यह गलत संकेत मिला कि ट्रेन सुरक्षित है।
गुजरात में भूकंप का हल्का झटका, बानसकांठा बना केंद्र
3 May, 2025 03:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात और जम्मू कश्मीर में आज सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। गुजरात में इंस्टीट्यूट ऑफ सिसमोलॉजी रीसर्च (ISR) ने इसकी जानकारी दी है। कुछ घंटे पहले उत्तरी गुजरात में 3.4 की तीव्रता वाले भूकंप के झटके लगे, जिससे लोग अपने घरों से बाहर निकल गए।
स्थानीय प्रशासन की मानें तो झटके ज्यादा तेज नहीं थे। ऐसे में कहीं कोई जनहानि नहीं हुई है। किसी की जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं मिली है।
गुजरात में भूकंप का केंद्र
इस भूकंप का केंद्र गुजरात के बानसकांठा में स्थित वाव को बताया जा रहा है, जो गांधीनगर से महज 27 किलोमीटर की दूरी पर है। शनिवार की सुबह 3:35 बजे भूकंप आया था। वाव में भूकंप का केंद्र जमीन से 4.9 किलोमीटर नीचे दर्ज किया गया है।
2001 में भूंकप ने मचाई थी तबाही
बता दें कि गुजरात को भूकंप के लिहाज से सबसे संवेदनशील जगहों में गिना जाता है। पिछले 200 साल में गुजरात में 9 बड़े भूकंप आ चुके हैं। 26 जनवरी 2001 को गुजरात के कच्छ में भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी, जो पिछले 200 सालों में तीसरा सबसे बड़ा भूकंप था। गुजरात राज्य आपदा प्रबंधन (GSDMA) के अनुसार, इस भूकंप में 13,800 लोगों की जान चली गई थी और 1.67 लाख लोग घायल हुए थे।
जम्मू कश्मीर में आया भूकंप
गुजरात के अलावा जम्मू कश्मीर में भी आधी रात को भूकंप के झटके लगे हैं। 3 मई की रात लगभग 2:29 बजे 2.7 की तीव्रता से भूकंप आया था। जम्मू कश्मीर में भूकंप का केंद्र डोडा में जमीन से 5 किलोमीटर नीचे दर्ज किया गया है।
अहमदाबाद की केमिकल फैक्ट्री में लगी भीषण आग, कई किलोमीटर दूर तक दिखा धुएं का गुबार
2 May, 2025 07:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद, 2 मई 2025 — गुजरात के अहमदाबाद शहर के वटवा GIDC औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में शुक्रवार को भीषण आग लग गई। यह आग "जयश्री इंडस्ट्रीज" नामक फैक्ट्री में दोपहर के समय लगी, जिसने कुछ ही घंटों में विकराल रूप धारण कर लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के साथ ही फैक्ट्री में रखे गए रसायनों के ड्रमों में जोरदार विस्फोट हुए, जिससे पूरे क्षेत्र में धुएं का घना गुबार फैल गया। यह धुआँ कई किलोमीटर दूर तक नजर आया और स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई।
दो कर्मचारी घायल, एक की हालत गंभीर
इस हादसे में फैक्ट्री में कार्यरत दो कर्मचारी घायल हो गए हैं। 55 वर्षीय नितिन भाई 70% तक झुलस गए हैं और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं, 40 वर्षीय राजेश भाई को भी 19% जलने की चोट आई है। दोनों को उपचार के लिए अहमदाबाद के एलजे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आग बुझाने में जुटीं 15 दमकल गाड़ियाँ
दमकल विभाग को आग की सूचना मिलते ही मौके पर भेजा गया। फिलहाल 15 से अधिक दमकल गाड़ियाँ आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, आग की तीव्रता इतनी अधिक है कि यह अब तक 6 से 7 आस-पास की फैक्ट्रियों तक फैल चुकी है। आग बुझाने के दौरान लगातार विस्फोटों की आवाजें सुनाई दे रही हैं, जिससे राहत कार्य में बाधा आ रही है।
इलाके की घेराबंदी, आग के कारणों की जांच
अधिकारियों ने आसपास के क्षेत्र को खाली करवा लिया है और एहतियातन पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक आशंका है कि किसी रासायनिक प्रतिक्रिया के चलते यह हादसा हुआ होगा, लेकिन इसकी पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही की जा सकेगी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ हादसे का वीडियो
घटना के बाद आग और धुएं का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि फैक्ट्री से उठता धुआँ आसमान को ढक रहा है और लगातार विस्फोट हो रहे हैं।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे आग लगने वाले क्षेत्र से दूर रहें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। दमकल विभाग और प्रशासनिक टीमें पूरी सतर्कता के साथ स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी हैं।
23 साल की प्रेग्नेंट टीचर 13 साल के छात्र संग फरार, बोली- पेट में उसी का बच्चा है!
2 May, 2025 06:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात के सूरत जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक महिला टीचर अपने ही छात्र को लेकर भाग गई. महिला टीचर की उम्र 23 साल है, जबकि छात्र की उम्र महज 13 साल है. छात्र के पिता की शिकायत पर पुलिस ने दोनों को गुजरात-राजस्थान की शामलाजी सीमा से पकड़ लिया. पुलिस को पता चला कि टीचर पांच महीने की गर्भवती है तो पुलिस ने उससे पूछताछ की. टीचर ने बताया कि उसके पेट में पल रहा बच्चा नाबालिग का ही. अब इसका पता लगाने के लिए पुलिस DNA टेस्ट कराएगी.
दरअसल, सूरत जिले में अभी कुछ दिन पहले एक 23 साल की महिला टीचर अपने 13 साल के छात्र को लेकर भाग गई थी. छात्र के पिता ने थाने में दी शिकायत में टीचर पर बच्चे के अपहरण का आरोप लगाया. पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर दोनों की तलाश शुरू की. बीते गुरुवार को पुलिस ने दोनों को अरावली जिले में स्थित गुजरात-राजस्थान की शामलाजी सीमा से पकड़ लिया. पुलिस दोनों को सूरत लेकर पहुंची.
छात्र को लेकर कहां-कहां गई महिला टीचर?
पुलिस पूछताछ में महिला टीचर ने बताया कि वह छात्र के साथ सूरत से अहमदाबाद गई थी. फिर अहमदाबाद से वे लोग दिल्ली, वृंदावन और जयपुर गए. जयपुर से वापसी के समय पुलिस ने दोनों को शामलाजी सीमा पकड़ लिया. छात्र के पिता ने महिला टीचर पर अपने बच्चे के अपहरण का आरोप लगाया. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि महिला टीचर गर्भवती है. जब पुलिस ने महिला टीचर से पटे में पल रहे बच्चे के संबंध में पूछा तो महिला ने कहा कि ये बच्चा नाबालिग का ही है.
यह जान पुलिस दंग रह गई. पुलिस का कहना है कि महिला टीचर के दावे को लेकर वह DNA टेस्ट कराएगी. पुलिस ने छात्र को उसके पिता को सौंप दिया है, जबकि महिला टीचर के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
क्या था पूरा मामला?
कुछ दिन पहले सूरत शहर में एक 23 वर्षीय महिला टीचर और 13 वर्षीय छात्र फरार हो गए थे. पूरा मामला तब प्रकाश में आया, जब छात्र के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पता चला कि पुणे के पर्वत पाटिया इलाके की महिला टीचर तीन साल से छात्र को पढ़ा रही थी. फिर एक दिन उसी को लेकर भगा गई.
घटना के CCTV फुटेज में महिला टीचर को छात्र को ले जाते हुए देखा गया. घटना के बाद छात्र के पिता ने टीचर के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया. प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस को संदेह है कि टीचर का अपने छात्र के प्रति अट्रैक्शन काफी अधिक था. वह तीन साल से उसको पढ़ा रही थी.
गुजरात में अवैध घुसपैठियों पर सख्ती, पाक-बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई तेज
30 Apr, 2025 08:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमले के बाद गुजरात के शहरों व गांवों में छिपे पाकिस्तानी व बांग्लादेशियों को खदेड़ा जा रहा है। राज्य में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों को खदेड़ने के साथ अब उनको शरण देने वालों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है।
सौ से अधिक बांग्लादेशी घुसपैठिए गिरफ्तार
इस बीच राज्य के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि सूरत पुलिस ने एक अभियान चलाकर सौ से अधिक बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया है।
उन्होंने सोमवार को राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, अहमदाबाद महानगरपालिका के आयुक्त समेत स्थानीय पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर अहमदाबाद के विभिन्न क्षेत्रों में बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की जानकारी ली।
बांग्लादेशी घुसपैठियों की धरपकड़ जारी
शाम को उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि सूरत पुलिस ने एक अभियान चलाकर सौ से अधिक बांग्लादेशी घुसपैठियों की धरपकड़ की है। पुलिस महानिरीक्षक प्रेमवीर सिंह ने बताया कि सूरत ग्रामीण पुलिस को जिले में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की तलाश करने को कहा गया था।
सूरत के बारडोली, पलसाणा, कडोदरा, कामरेज, कौसंबा, ओलपाड, मांडवी आदि क्षेत्रों से 109 बांग्लादेशी नागरिक को हिरासत में लिया गया है। पुलिस अब तक जिले में 239 संदिग्धों की धरपकड़ कर चुकी है।
22 पाकिस्तानी नागरिकों को पुलिस ने अटारी बॉर्डर तक छोड़ा
इस बीच गुजरात से पाकिस्तानी नागरिक अपनें आप भागने लगे हैं। लगभग 22 पाकिस्तानी नागरिकों को पुलिस ने अटारी बॉर्डर तक छोड़ा। वहीं राज्य में ऐसे करीब साढ़े चार सौ लोगों की सूची तैयार की गई है जो शार्ट व लांग टर्म वीजा पर भारत आए थे।
अहमदाबाद हादसा: आग की लपटों से घिरी लड़की ने 5वीं मंजिल से लगाई छलांग
30 Apr, 2025 08:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद के सरदार नगर में ऑर्किड सोसाइटी के एक अपार्टमेंट में मंगलवार को भीषण आग लग गई।
अपार्टमेंट के चौथे मंजिल पर लगी देखते ही देखते पांचवीं मंजिल तक पहुंच गई। इसके बाद सोसाइटी के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
दमकल ने भेजी 20 गाड़ियां
हालांकि, आग में काबू पा लिया गया है। इस भीषण आग को बुझाने के लिए दमकल की 20 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया था, जिसने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
5वीं मंजिल से कूदी युवती
इमारत में आग लगने के बाद आग से बचने के लिए एक युवती पांचवीं मंजिल से नीचे कूद गई। आग लगने की घटना के बाद करीब 20 से 25 लोगों को इमारत से बाहर निकालकर बचा लिया गया है। मौके पर दमकल की गाड़ियां मौजूद हैं।
वीडियो में देखा जा सकता है कि आग लगने के बाद युवती ने इमारती की पांचवी मंजिल की बालकनी से नीचे की ओर चिल्लाते हुए कूद गई। हालांकि, नीचे खड़े लोगों ने युवती को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया।
कैसे लगी आग?
शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, आग एक फ्लैट के एयर कंडीशनिंग सिस्टम में लगी थी, जो जल्द ही अपार्टमेंट के C और D विंग तक फैल गई।
इस घटना से जुड़े कई वीडियो सामने आए हैं। एक अन्य वीडियो में एक महिला इमारत से निकलने के लिए रस्सी का इस्तेमाल करते दिखी। इस घटना में घायल हुए लोगों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
2000 जवान, 60 JCB, 10 ड्रोन: ‘मिनी बांग्लादेश’ में अवैध निर्माण पर गुजरात की सबसे बड़ी कार्रवाई
29 Apr, 2025 06:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद अब देशभर में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है. इस समय सबसे बड़ी कार्रवाई गुजरात के अहमदाबाद में हो रही है. अहमदाबाद में ‘मिनी बांग्लादेश’ के नाम से मशहूर चंदोला झील इलाके में बुलडोजर एक्शन चल रहा है. तीन हजार अवैध निर्माणों को गिराया जा रहा है. इसके लिए 60 JCB और 60 डंपर तैनात किए गए हैं. वहीं किसी प्रकार से कोई बवाल न होने पाए, इसको देखते हुए दो हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं.
बता दें कि गुजरात में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ ये सबसे बड़ी कार्रवाई है. यह कार्रवाई एक सर्वे के बाद शुरू की गई. सर्वे में पता चला कि चंदोला झील इलाके में अवैध निर्माण हुआ है. यह निर्माण मुख्य रूप से सियासतनगर बंगाल वास में हुआ है. यहां कई बांग्लादेशी नागरिक रह रहे थे. अहमदाबाद पुलिस ने लल्ला बिहारी उर्फ महबूब पठान नाम के एक शख्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. आरोप है कि महबूब पठान ने ही अवैध घुसपैठियों के फर्जी दस्तावेज बनाए थे.
महबूब पठान का 2,000 वर्ग मीटर का फार्महाउस भी जमींदोज कर दिया गया है. अहमदाबाद के जॉइंट सीपी (क्राइम) शरद सिंघल ने बताया कि सियासतनगर बंगाल वास एक बस्ती है, जो चंदोला झील पर अतिक्रमण कर बनाई गई है. यहां अधिकांश बांग्लादेशी घुसपैठिए रहते थे. अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) की ओर से एक सर्वे किया गया था. इस सर्वे के दौरान अवैध निर्माणों की पहचान की गई थी. पहचान करने के बाद आज यानि मंगलवार से बड़े पैमाने पर बुजडोजर एक्शन शुरू हुआ है.
अवैध निर्माणों को तोड़ रहीं 60 JCB
जॉइंट सीपी (क्राइम) शरद सिंघल ने बताया कि चंदोला इलाके में 60 JCB तैनात की गई हैं. आसपास के क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. पुलिस कर्मियों के अलावा करीब 700 एसआरपी जवान तैनात किए गए हैं. एसआरपी की 10 कंपनियां तैनात की गई हैं. शरद सिंघल ने बताया कि ने बताया कि 2010 से 2024 तक यानि 14 सालों में चंदोला झील के 1.4 लाख वर्ग मीटर इलाके में अवैध निर्माण कर लिया गया. इस दौरान करीब तीन हजार घर बना लिए गए.
10 ड्रोन की मदद से बुलडोजर एक्शन की निगरानी
वहीं बांग्लादेशियों को बसाने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है. लल्ला बिहारी उर्फ महबूब पठान के खिलाफ भी शिकायत दर्ज की गई है. वह इन बांग्लादेशियों के फर्जी दस्तावेज बना रहा था. महबूब पठान ने चंदोला झील में फार्महाउस बनाया था. अवैध रूप से निर्मित 2,000 वर्ग फीट के फार्महाउस पर बुलडोजर चला दिया गया है. महबूब पठान और कालू मोमिन के घर ध्वस्त कर दिए गए हैं.
आरोपियों ने अवैध रूप से मिट्टी के मकान और झोपड़ियां बना ली थीं. इसके अलावा, सबसे बड़ा ध्वस्तीकरण अभियान दशामा मंदिर के पीछे के क्षेत्र में चलाया गया. बड़ी संख्या में फूस के मकान और झोपड़ियां ध्वस्त हो गई हैं. वहीं 10 ड्रोन से इस पूरे बुलडोजर एक्शन की निगरानी की जा रही है.
पर्यावरण संरक्षण या मानवीय संकट? चंदोला झील के नाम पर अहमदाबाद में 3000 घर जमींदोज
29 Apr, 2025 06:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात के अहमदाबाद जिले के चंदोला झील क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ का काम किया जा रहा है. इस अभियान में झील के आसपास और अंदर अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जा रहा है. जिला प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, मकान, दुकानें और अन्य संरचनाओं सहित लगभग 3000 अवैध निर्माणों क ध्वस्त किया जाएगा. यह ऑपरेशन एक लाख वर्ग फीट से अधिक क्षेत्र में चलाया जा रहा है.
बता दें कि यह ध्वस्तीकरण कार्य चंदोला झील के सौंदर्यीकरण के तहत किया जा रहा है. भविष्य में झील के सौंदर्यीकरण के लिए और अधिक कार्य किया जाएगा. यह कार्रवाई शहर के पर्यावरण और झील के जल स्तर को सुधारने के लिए की जा रही है. अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि इस अभियान के दौरान प्रभावित लोगों का उचित पुनर्वास किया जाएगा.
चंडोला झील का होगा सौंदर्यीकरण
अहमदाबाद शहर में चंदोला झील पर चल रहा विध्वंस कार्य एक महत्वपूर्ण कदम है. यह कार्य झील के पर्यावरण को बेहतर बनाने और इसे उसके मूल स्वरूप में वापस लाने के लिए किया जा रहा है. कई वर्षों से चंदोला झील के आसपास अवैध निर्माण किए गए, जिससे झील का पानी प्रदूषित हो गया और आसपास के पर्यावरण को नुकसान पहुंचा.
इस ध्वस्तीकरण अभियान में 3000 से अधिक अवैध ढांचों को ध्वस्त किया जा रहा है, जिनमें मकान, दुकानें और अन्य ढांचे शामिल हैं. इस कार्य से एक लाख वर्ग फीट से अधिक क्षेत्र खुल जाएगा. यह कार्य राज्य सरकार के निर्देश पर निगम द्वारा किया जा रहा है. इस प्रक्रिया में सबसे पहले झील में बने अवैध ढांचों को ध्वस्त किया जा रहा है.
3000 से अधिक अवैध निर्माण हटाए जाएंगे
इस कार्रवाई के बाद झील के सौंदर्यीकरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. इसमें झील के चारों ओर उद्यान बनाना, पानी को शुद्ध करने की व्यवस्था करना और झील की सुंदरता बढ़ाने के लिए अन्य कार्य शामिल होंगे. इस कार्य के पूरा होने के बाद चंदोला झील पहले से भी अधिक सुंदर और स्वच्छ नजर आएगी. साथ ही शहरवासियों के लिए आकर्षक स्थल बन जाएगी. सरकार आश्वासन दे रही है कि प्रभावित लोगों को उचित पुनर्वास मिलेगा. इस ध्वस्तीकरण कार्य से शहर के पर्यावरण और नागरिकों के जीवन में सुधार आएगा.
वक्फ बोर्ड की जमीन पर फर्जी ट्रस्टियों का खेल, अहमदाबाद में 100 करोड़ का फर्जीवाड़ा
28 Apr, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद महानगर में कांच की मस्जिद व शाह बड़ा कासम रोजा ट्रस्ट की करीब एक सौ करोड़ रुपये की संपत्ति के पांच ट्रस्टी की मौत के बाद पांच लोग अवैध रूप से ट्रस्टी बन 20 वर्ष से इन संपत्तियों का किराया वसूल रहे थे।एक मकान के किराये को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
एक फर्जी शपथपत्र पेश कर ट्रस्टी बन गए थे
अहमदाबाद के जमालपुर इलाके में स्थित कांच की मस्जिद व शाह बड़ा कासम रोजा ट्रस्ट के पांच ट्रस्टियों के निधन के बाद सलीम खान पठान, उसके भाई महमूद खान पठान, मोहम्मद यासर शेख, फैज मोहम्मद चौबदार, साहिद अहमद शेख महानगरपालिका और ट्रस्ट रजिस्ट्रार के समक्ष एक फर्जी शपथपत्र पेश कर ट्रस्टी बन गए थे।
20 वर्षों से 200 मकानों का किराया वसूल रहे थे
सलीम खान ने मस्जिद के पास उर्दू स्कूल की खाली जमीन पर दस दुकानें बनाकर किराये पर उठा दिया। इसके अलावा पिछले करीब 20 वर्षों से ये पांचों फर्जी ट्रस्टी 30 दुकानों, 200 मकानों का किराया वसूल रहे थे।
ऑटो चालक मोहम्मद रफीक अंसारी के पिता ने 80 वर्ष पहले वकफ के मकान को 25 पैसे मासिक किराये पर लिया था। सलीम खान पठान व अन्य ट्रस्टी किराये को लेकर उसके साथ आए दिन झगड़ा करते थे। रफीक अंसारी ने गायकवाड हवेली पुलिस में इन पांचों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की शिकायत दर्ज कराई।
सलीम खान पठान एक आदतन अपराधी है
पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद इन पांचों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। सलीम खान पठान एक आदतन अपराधी है। उस पर बलवा, नगालैंड से हथियार के फर्जी लाइसेंस बनवाने तथा एक हत्या का भी मामला दर्ज हो चुका है।
सोमनाथ मंदिर के पास दीवार निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट की नाराज़गी, सॉलिसिटर जनरल ने दी सफाई
28 Apr, 2025 07:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात में गिर स्थित सोमनाथ मंदिर के पास अतिक्रमण रोकने के लिए गुजरात सरकार मंदिर परिसर के चारों ओर दीवार बना रही है। इस मुद्दे पर दखल देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस दीवार को 12 फीट ऊंचा बनाने की क्या जरूरत है, इसकी ऊंचाई 5-6 फीट ही होनी चाहिए।
जस्टिस बीआर गवई और आगस्टीन जार्ज मसीह की पीठ ने सोमवार को यह निर्देश देते हुए कहा, ''12 फीट की दीवार नहीं बनाएं। अगर आप इसकी रक्षा कर रहे हैं, तो पांच फीट, छह फीट की दीवार ही काफी है।''
गुजरात का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने याचिकाकर्ता के दावों का विरोध करते हुए कहा कि अधिकारी हमेशा परिसर की दीवार बनाकर सरकारी जमीन की रक्षा कर सकते हैं। याचिका दायर करने वाले व्यक्ति ने 12 फीट की दीवार को लेकर मौखिक दावा किया है। उसका कहना है कि यह दीवार इसलिए बनाई जा रही है, ताकि कोई अंदर नहीं घुस सके।
अतिक्रमण को रोकने के लिए बनाई जा रही दीवार: सुप्रीम कोर्ट
इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, ''हम किला नहीं बना रहे हैं कि कोई अंदर नहीं घुस सके। यह अतिक्रमण को रोकने के लिए है।'' पीठ ने कहा ''आप 12 फीट ऊंची परिसर की दीवार क्यों बनवाना चाहते हैं? इसे पांच या छह फीट ऊंचा बनाइए।''
जस्टिस गवई ने मेहता से कहा कि वे संबंधित कलेक्टर को इस बारे में निर्देश दें। मेहता ने आश्वासन दिया, ''मैं निर्देश दूंगा।'' पीठ ने इसके बाद सुनवाई 20 मई के लिए टाल दी। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े ने कहा कि अधिकारी परिसर की दीवार बनाकर यथास्थिति को बदलने का प्रयास कर रहे हैं।
मेहता ने हेगड़े के दावों का खंडन किया। 31 जनवरी को मेहता ने ''स्पष्ट बयान'' दिया था कि अतिक्रमण वाली जमीन पर हिंदू धार्मिक अनुष्ठानों सहित किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं दी जा रही है। स्थिति जस की तस है। हम केवल अतिक्रमण को रोकने के लिए परिसर की दीवार बना रहे हैं।
गुजरात में बड़ी कार्रवाई, 1000 से ज्यादा बांग्लादेशी घुसपैठिए गिरफ्तार
26 Apr, 2025 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पहलगाम आतंकी हमले के बाद कई राज्यों की पुलिस हाई अलर्ट पर है। वहीं,अब गुजरात पुलिस ने अवैध शरणार्थियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। शनिवार को गुजरात में 1000 से ज्यादा बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। यह सभी लोग फर्जी दस्तावेजों के साथ भारत में अवैध रूप से रह रहे थे।
बीते दिन गुजरात पुलिस ने अहमदाबाद और सूरत में सर्च ऑपरेशन चलाया था। इस दौरान पुलिस ने 1000 से ज्यादा बांग्लादेशी घुसपैठियों को धर दबोचा है, जिनका वीडियो भी सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से वायरल हो रहा है।
गुजरात सरकार ने दिया आदेश
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल के दिशा-निर्देश और गृह राज्य मंत्री श्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में गुजरात पुलिस ने बांग्लादेशियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत एक ही रात में अहमदाबाद पुलिस ने 890 और सूरत पुलिस ने 134 गैरकानूनी बांग्लादेशियों को पकड़ा है।
2 दिन में करें आत्मसमर्पण
श्री हर्ष संघवी ने गैरकानूनी रूप से रहने वाले बांग्लादेशियों को दो दिनों में स्वेच्छा से पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी है, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इन गैरकानूनी घुसपैठियों को आश्रय देने वालों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया गया है।
कई टीमें शामिल
गुजरात में चल रहे इस सर्च ऑपरेशन में कई बड़ी एजेंसियां शामिल हैं। गुजरात की स्पेशल ऑर्गेनाइजेशन ग्रुप (SOG), क्राइम ब्रांच, एंटी-ह्यूमिन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU), प्रिवेंशन ऑफ क्राइम ब्रांच (PCB) और लोकल पुलिस टीमों ने मिलकर यह ऑपरेशन चलाया है।
सूरत से शुरू हुआ ऑपरेशन
पुलिस अधिकारियों ने इस बात की भी पुष्टि की है कि पकड़ गए सभी लोग अवैध रूप से भारत में रह रहे थे। उनके पास अवैध दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। बीती रात सभी एजेंसियों ने मिलकर सूरत में सर्च ऑपरेशन चलाया था, जिसमें 100 से ज्यादा बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान हुई है।
अहमदाबाद में छापेमारी
सूरत के बाद सभी एजेंसियों ने मिलकर अहमदाबाद में भी ऐसा ही ऑपरेशन शुरू किया। यह ऑपरेशन देर रात 3 बजे चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने बांग्लादेश से आए 890 से ज्यादा अवैध शरणार्थियों को गिरफ्तार किया है।
गृह मंत्रालय ने दिया आदेश
क्राइम ब्रांच के अधिकारी शरद सिंघल के अनुसार, गृह मंत्रालय के आदेश के बाद पुलिस ने यह एक्शन लिया है। इस आदेश में अवैध शरणार्थियों को गिरफ्तार करने के लिए कहा गया है। क्राइम ब्रांच ने मामले में 2 FIR दर्ज की हैं। इससे पहले पुलिस ने 127 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया था, जिनमें 77 लोगों को बांग्लादेश वापस भिजवा दिया गया है।
अवैध गतिविधियों में शामिल
सूत्रों से पता चला है कि पकड़े गए ज्यादातर बांग्लादेशी पहले ड्रग्स, मानव तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। ए चार बांग्लादेशियों में से दो पर अल-कायदा के स्लीपर सेल के रूप में काम करने का संदेह है और उनकी गतिविधियों की जांच जारी है।
PAI इंडेक्स 2025: पंचायतों की मजबूती में गुजरात सबसे आगे, केंद्र ने सराहा प्रयास
23 Apr, 2025 08:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा वर्ष 2022-23 के लिए हाल ही में पहली बार जारी किए गए पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) में गुजरात ने ग्रामीण शासन और सतत विकास के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त गांव, समृद्ध राष्ट्र के विजन और मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के नेतृत्व के तहत गुजरात ने ग्रामीण विकास में बड़ी उपलब्धि हासिल की है.
हर वर्ष 24 अप्रैल को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 1992 में पारित 73वें संविधान संशोधन अधिनियम की याद दिलाता है. इस अधिनियम के माध्यम से भारत में पंचायती राज प्रणाली को संस्थागत रूप प्रदान किया गया. इसी अवसर के संदर्भ में पंचायत उन्नति सूचकांक में गुजरात को मिली हालिया उपलब्धि जमीनी स्तर पर राज्य की मजबूत शासन व्यवस्था और सतत ग्रामीण विकास में अग्रणी भूमिका को दर्शाती है.
‘अग्रणी’ और ‘बेहतर प्रदर्शन’ में अव्वल
भारत सरकार की इस PAI सूचकांक में देश भर की कुल 2,16,285 मान्य ग्राम पंचायतों में से गुजरात की 346 पंचायतों को ‘अग्रणी’ और 13,781 पंचायतों को ‘बेहतर प्रदर्शन’ की श्रेणी में स्थान मिला है, जो दोनों ही श्रेणियों में देश में सर्वाधिक हैं. वहीं, इस सूचकांक में तेलंगाना 270 अग्रणी पंचायतों के साथ दूसरे स्थान पर रहा. जबकि बेहतर प्रदर्शन की श्रेणी में महाराष्ट्र 12,242 पंचायतों के साथ दूसरे और तेलंगाना 10,099 पंचायतों के साथ तीसरे स्थान पर रहा. इस PAI सूचकांक में देश की 2,55,699 ग्राम पंचायतों में से 2,16,285 पंचायतों ने मान्य डेटा प्रस्तुत किया, जिनमें से 699 पंचायतें ‘अग्रणी’, 77,298 ‘बेहतर प्रदर्शन’ वाली और 1,32,392 ‘आकांक्षी’ पंचायतें रहीं.
PAI के लिए स्टेट नोडल ऑफिसर और गुजरात के पंचायत विभाग के एडिशनल डेवलपमेन्ट कमिश्नर डॉ गौरव दहिया (IAS) ने इस उपलब्धि के पीछे की राज्य सरकार की रणनीति पर प्रकाश डालते हुए कहा, गुजरात की यह उपलब्धि जमीनी विकास और सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण के प्रति राज्य की गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती है. इस सफलता के पीछे कई समीक्षा बैठकों, विभिन्न क्षमतावर्धन सत्रों और सभी स्तरों पर समन्वित प्रयासों की अहम भूमिका रही है. गुजरात की पंचायतों ने डेटा-आधारित योजना और विभागीय समन्वय का प्रभावशाली उदाहरण प्रस्तुत किया है. राज्य सरकार, विकसित पंचायत के विज़न को आधार बनाकर, साक्ष्य-आधारित सुशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है.
पंचायत उन्नति सूचकांक की क्या है अहमियत?
पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) देश की 2.5 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों के सतत विकास लक्ष्यों (LSDGs) के अनुरूप प्रगति को मापने वाला एक समग्र मूल्यांकन उपकरण है. यह सूचकांक गांवों के जमीनी विकास को आंकने और पंचायतों की भूमिका को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जिसमें गरीबी मुक्त और बेहतर आजीविका, स्वस्थ पंचायत, बाल-अनुकूल पंचायत, जल-पर्याप्त पंचायत, स्वच्छ और हरित पंचायत, आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचे वाली पंचायत, सामाजिक रूप से न्यायसंगत और सुरक्षित पंचायत, सुशासन युक्त पंचायत और महिला-अनुकूल पंचायत, जैसे 9 विषय शामिल हैं. इन विषयों का मूल्यांकन 435 स्थानीय संकेतकों और 566 डेटा बिंदुओं के माध्यम से किया गया है.
“विकसित पंचायत” से साकार होगा विकसित भारत
ग्राम पंचायतें जब सक्षम और सशक्त होती हैं, तो वे न केवल ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदलती हैं, बल्कि विकसित भारत के सपने को भी ठोस रूप देती हैं. भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) इसी सोच को मजबूती प्रदान करता है. इस सूचकांक में गुजरात का उत्कृष्ट प्रदर्शन यह दर्शाता है कि राज्य, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के विज़न को विकसित पंचायत के माध्यम से साकार करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है.
गुजरात की अंतरिक्ष में छलांग! देश की पहली स्पेस टेक पॉलिसी लॉन्च
19 Apr, 2025 08:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात सरकार ने स्पेस टेक पॉलिसी 2025-30 घोषित की है। स्पेस टेक पॉलिसी जारी करने वाला गुजरात देश का पहला राज्य बन गया है। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में देश का हब बन रहा गुजरात अब स्पेस तकनीक के क्षेत्र में भी बेहतर प्रदर्शन करने को प्रयासरत है।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार रात घोषित की इस पॉलिसी में कहा है कि इंडियन स्पेस प्रमोशन एवं ऑथराइजेशन सेंटर (इनस्पेस), भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस के साथ मिलकर गुजरात में स्पेस क्षेत्र में उद्योगों को विकसित करने को सहायता देंगे। मौजूदा समय में रक्षा, नेविगेशन, स्वास्थ्य सेवा, इंटरनेट, डेटा ट्रांसफर, मौसम और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में स्पेस तकनीक महत्वपूर्ण बना है।
स्पेस टेक पॉलिसी के तहत सेटेलाइट पेलोड्स और उसके भागों के उत्पादन से लेकर सूचना के आदान प्रदान और प्रोपल्शन सिस्टम, ग्राउंड स्टेशन, सेटेलाइट नियंत्रण केन्द्र और अंतरिक्ष आधारित एप्लीकेशन डिजाइन जैसे क्षेत्र में विकास के लिए राज्य सरकार आर्थिक और गैर आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।
सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन स्पेस टेक बनेगा
गुजरात सरकार स्पेस तकनीक के क्षेत्र में कौशल विकास करने, शोध और इनोवेशन को प्रोत्साहन देने के लिए स्पेस टेक्नोलॉजी में सेंटर फॉर एक्सीलेंस स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है।
स्पेस टेक नीति की खूबी
-इसके तहत स्पेस टेक मैन्युफेक्चरिंग को गुजरात इलेक्ट्रोनिक्स नीति (2022-28) के तहत सहायता मिलेगी। लॉन्च का खर्च और पेटेंट फाइल के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी। -ग्राउंड सेगमेंट, स्पेस एप्लीकेशन और डिजाइन क्षेत्र में शामिल उद्यमों को गुजरात आईटी, आईटीईएस नीति (2022-27) के तहत मिलने वाले प्रोत्साहन का भी लाभ मिलेगा।-स्पेस टेक स्टार्टअप को गुजरात आईटी, आईटीईएस नीति (2022-27) के तहत आईसीटी और डीप टेक स्टार्टअप प्रोग्राम की ओर से सहायता दी जाएगी। इस नीति में अन्य नीतियों से तालमेल बिठाया है, जिससे ज्यादा से ज्यादा लाभ दिया जा सके।
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