गुजरात
गठबंधन या अकेले लड़ाई? गुजरात में कांग्रेस के फैसले पर टिकी सियासी नजरें
19 Apr, 2025 08:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात की राजनीति में उपचुनाव को लेकर हलचल तेज है. एक ओर देशभर में INDIA गठबंधन की बात हो रही है, वहीं गुजरात में कांग्रेस ने अलग राह चुन ली है. अब न कोई गठबंधन, न साझा रणनीति, कांग्रेस ने तय कर लिया है कि वह विसावदर और कड़ी विधानसभा उपचुनाव में अकेले ही मैदान में उतरेगी.
गुजरात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शक्तिसिंह गोहिल ने शुक्रवार को यह ऐलान किया. उन्होंने बात करते हुए साफ किया कि यह निर्णय पार्टी ने सर्वसम्मति से लिया है. उन्होंने कहा, "गुजरात की जनता ने कभी तीसरे मोर्चे को समर्थन नहीं दिया. यहां लड़ाई हमेशा कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही रही है."
AAP के साथ चुनाव लड़ने से नुकसान- गोहिल
गोहिल ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, "पिछले चुनावों में आम आदमी पार्टी ने पूरी ताकत लगाई, बड़े नेता प्रचार में आए, लेकिन उन्हें महज 10 से 11 प्रतिशत वोट ही मिले. इससे कांग्रेस को नुकसान पहुंचा और बीजेपी को फायदा हुआ."
उन्होंने आगे कहा, "अगर बीजेपी को हराना है तो कांग्रेस ही मुख्य विपक्ष है. हम AAP से अपील करते हैं कि वे विसावदर और कड़ी सीटों पर अपने उम्मीदवार वापस लें. कांग्रेस इन दोनों सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी."
राष्ट्र स्तर पर एक है INDIA गठबंधन- शक्तिसिंह गोहिल
हालांकि, गोहिल ने यह भी कहा कि यह निर्णय केवल राज्य स्तर तक सीमित है. राष्ट्रीय स्तर पर हम INDIA गठबंधन का हिस्सा हैं और एकजुट हैं.
गुजरात की ये दोनों सीटें- विसावदर (जिला जूनागढ़) और कड़ी (जिला मेहसाणा, अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित) विभिन्न कारणों से रिक्त हुई हैं. विसावदर सीट दिसंबर 2023 में आम आदमी पार्टी के विधायक भूपेंद्र भयानी के इस्तीफे और बीजेपी में शामिल होने के कारण खाली हुई, जबकि कड़ी सीट फरवरी 2024 में बीजेपी विधायक कर्सन सोलंकी के निधन से खाली हो गई थी.
उपचुनाव की तारीखों की घोषणा अभी चुनाव आयोग ने नहीं की है, लेकिन कांग्रेस ने पहले ही अपने इरादे साफ कर दिए हैं. यह घटनाक्रम 8-9 अप्रैल को गुजरात में हुए कांग्रेस के AICC सत्र के बाद सामने आया है, जहां पार्टी ने आगामी चुनावों में जीत का संकल्प लिया था और सरदार पटेल और महात्मा गांधी की विरासत पर अपनी दावेदारी दोहराई थी.
शेयर बाजार में डूबे सपने, परिवार ने नदी में छलांग लगाकर की खुदकुशी
19 Apr, 2025 05:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भावनगर का रहने वाला परिवार हाल ही में सूरत में आकर बसे थे। लेकिन उनकी कोई नियमित आय नहीं थी और वह विभिन्न फैक्ट्रियों में श्रमिक के रूप में और बतौर हीरा कर्मचारी के तौर पर काम करते थे। स्टॉक मार्केट में भारी रकम गंवाने के बाद वह लोग अपना पर्सनल लोन चुकाने में असमर्थ रहे। दंपति और उनके 12 साल के बेटे विराज ने नदी में छलांग लगा दी।
गुजरात के सूरत जिले में एक दंपती और उनके नाबालिग बेटे ने शेयर बाजार में अपनी जमा-पूंजी गंवाने के बाद तापी नदी में कूदकर अपनी जान दे दी है। कामरेज पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर एडी चावड़ा ने गुरुवार की रात की घटना का ब्योरा दिया।
उन्होंने बताया कि स्टॉक मार्केट में भारी रकम गंवाने के बाद वह लोग अपना पर्सनल लोन चुकाने में असमर्थ रहे। पीड़ित दंपती विपुल प्रजापति और उनकी पत्नी सरिता और 12 साल के बेटे विराज ने नदी में छलांग लगा दी। महिला के मानसिक रोग का उपचार होने की बात बताई जा रही है।
फैक्ट्रियों में काम करता था परिवार
चावड़ा ने बताया कि प्रजापति भावनगर के रहने वाले थे जो हाल ही में सूरत में आकर बसे थे। लेकिन उनकी कोई नियमित आय नहीं थी और वह विभिन्न फैक्ट्रियों में श्रमिक के रूप में और बतौर हीरा कर्मचारी के तौर पर काम करते थे।
पुलिस के अनुसार गुरुवार की रात सूरत शहर के चौक बाजार के लिए परिवार घर से बाहर निकला और फिर गल्तेश्वर मंदिर के पास स्थित पुल से तापी नदी में छलांग लगा दी। आधार कार्ड के आधार पर इन शवों की पहचान की गई है।
सीख क्या है इस दर्दनाक घटना से?
"शेयर बाजार निवेश का ज़रिया है, जुआ नहीं… पूरी ज़िंदगी का दांव न लगाएं।"
वित्तीय फैसले सोच-समझकर करें।
लोन लेते समय रिपेमेंट कैपेसिटी का आकलन ज़रूर करें।
इमोशनल सपोर्ट और काउंसलिंग भी उतनी ही ज़रूरी है, जितनी आर्थिक मदद
विसावदर सीट से पहले कांग्रेस-AAP में तकरार, गठबंधन की संभावना खत्म
18 Apr, 2025 06:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: गुजरात में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच कोई गठबंधन नहीं होगा। कांग्रेस पार्टी राज्य में होने वाले विसावदर सीट से अपना प्रत्याशी खड़ा करेगी। 2022 के विधानसभा चुनावों में यह सीट आप ने जीती थी। आप ने यहां से अपने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया को उम्मीदवार घोषित किया है, हालांकि आयोज ने अभी तक चुनाव की घोषणा नहीं की है। आप की तरफ से कहा गया था कि कांग्रेस अपना वादा निभाएगी। क्योंकि आप ने गेनीबेन की सीट वाव में उम्मीदवार नहीं उतारा था।
क्या बोले शक्तिसिंह गोहिल?
गुजरात कांग्रेस के प्रमुख शक्ति सिंह गोहिल ने ऐलान किया है कि आप के साथ गठबंधन नहीं होगा। गोहिल ने कहा कि आप ने विसावदर के लिए उम्मीदवार घोषित करने से पहले कोई चर्चा नहीं की थी। गोहिल ने यह भी कहा कि वाव के चुनाव के वक्त पर भी ऐसा कोई बातचीत नहीं हुई थी। विसावदर सीट के लिए उप चुनाव अगले महीने मई में होने की उम्मीद है। कांग्रेस ने ऐसे वक्त पर आप से गठबंधन करने से इंकार किया है जब राहुल गांधी गुजरात में 'नई कांग्रेस' को गढ़ने में जुटे हैं।
शक्ति बढ़ाने में जुटी है कांग्रेस
शक्ति सिंह गोहिल के अनुसार कांग्रेस विसावदर सीट के उप चुनाव में अपना उम्मीदवार खड़ा करेगी। 2022 के चुनावों में आप को इस सीट पर जीत मिली थी। दूसरे नंबर पर बीजेपी और फिर तीसरे नंबर पर कांग्रेस पाटी रही थी। शक्ति सिंह गोहिल के बयान से साफ हो गया है विसावदर सीट के समीकरणों में कोई बदलाव नहीं होगा। इस सीट पर एक बार फिर से त्रिकोणीय मुकाबला होगा। शक्ति सिंह गोहिल का यह बयान ऐसे वक्त पर सामने आया है जब राज्य में कांग्रेस 41 शहर/जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के लिए बड़ी कवायद कर रही है। इसकी निगरानी सीधे केसी वेणुगोपाल और स्वयं राहुल गांधी कर रहे हैं।
गिफ्ट सिटी में शराब पीने की मिली और छूट, परमिट की शर्तों में ढील
18 Apr, 2025 03:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: गुजरात के गांधीनगर में स्थित गिफ्ट सिटी शराब पीने के नियमों को सरकार ने और सरल कर दिया है। गृह विभाग ने गिफ्ट सिटी परिसर में अस्थायी और ग्रुप परमिट देने में सिफारिश करने वाले अधिकारी की भूमिका को खत्म कर दिया है। ऐसे में गिफ्ट सिटी में शराब पीने के इच्छा रखने वालों को अब पहले की अपेक्षा परमिट हासिल करने में आसानी होगी। गुजरात सरकार ने एक क्रांतिकारी फैसले में साल 2023 में गिफ्ट सिटी शराब पीने की स्वीकृति दी थी। गुजरात शुरुआत से ही एक ड्राई स्टेट हैं। सरकार ने यह फैसला गिफ्ट सिटी में विदेशी निवेश खींचने और सोशल गेंदरिंग को ध्यान में रखते हुए लिया था।
परमिट की प्रकिया आसान
गुजरात सरकार के द्वारा गुजरात मद्य निषेध अधिनियम 1949 के तहत गिफ्ट सिटी में शराब पीने के लिए जरूरी परमिट की प्रक्रिया को सरल कर दिया है। अहमदाबाद मिरर ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सरकार ने 15 अप्रैल को अधिसूचना में दिसंब 2023 के नियमों को और सरल कर दिया है। ऐसे में गिफ्ट सिटी की कंपनियों में काम करने वाले स्टॉफ और विजिटर/आगंतुकों को अब परमिट आसानी से मिल पाएगा। परमिट की संशोधित प्रक्रिया में गिफ्ट सिटी में काम करने वाला कर्मचारी सीधे अधिकृत अधिकारी को A-1 जमा करेगा। पहले इसमें सिफारिश जरूरी थी। वेरीफिकेशन शराब पीने की अनुमति का कार्ड जारी किया जाएगा। यह अधिकृत व्यक्ति तथा निषेध एवं उत्पाद शुल्क अधीक्षक के साथ साझा किया जाएगा।
पांच विजिटर्स का कोटा
गिफ्ट सिटी में कार्यरत कर्मचारी फॉर्म ए-2 के माध्यम से एक समय में अधिकतम पांच आगंतुकों की संस्तुति भी कर पाएंगे, हालांकि उन्हें शराब गिफ्ट सिटी के निर्धारित वाइन एंड डाइन में ही पीनी होगी। इसके लिए कर्मचारी को आगंतुकों के साथ उस क्षेत्र में जाना होगा। सूत्रों ने बताया कि प्राधिकृत अधिकारी से तात्पर्य गिफ्ट सिटी के प्रबंध निदेशक (एमडी) द्वारा अनुमोदित अधिकारी से है। नए नियम से गिफ्ट सिटी शराब की बिक्री बढ़ने की संभावना है। गिफ्ट सिटी शराब पीने के बनने वाले परमिट का सालाना शुल्क 1000 रुपये रखा गया है। गिफ्ट सिटी में जब सरकार ने शराबबंदी को हटाया था तब वहां के क्लब की मेंबरशिप लेने की होड़ मच गई थी। गिफ्ट सिटी पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट हैं। पिछले दो से तीन सालों में गिफ्ट सिटी में हलचल बढ़ी है।
राजकोट: सिटी बस ने ट्रैफिक सिग्नल पर मचाया कहर, 3 की मौत, कई घायल
17 Apr, 2025 05:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात के राजकोट शहर से एक बस हादसे की खबर सामने आई है। सुबह-सुबह राजकोट सिटी बस के चालक ने इंदिरा सर्किल के पास दुर्घटना कर दी। इस बस हादसे में एक ट्रैफिक सिग्नल पर कई वाहनों और पैदल चलने वालों को एक बस ने टक्कर मार दी, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। गुस्साए लोगों द्वारा तोड़फोड़ भी की गई है।
घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। सीसीटीवी के अनुसार, चालक सिग्नल से गुजर रहे थे, तभी एक सिटी बस पूरी स्पीड से आई और सिग्नल पर खड़े चालकों को टक्कर मार दी। वहां दोपहिया और कार सहित कई वाहन मौजूद थे। बस सीधे सिग्नल को पार कर गई और ड्राइवर को टक्कर मार दी।
शवों को अस्पताल में कराया भर्ती
हादसे के बारे में डीसीपी पूजा यादव ने बताया कि सिटी बस से हुए हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है। मृतकों की पूरी डिटेल अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। शवों को अस्पताल ले जाया गया है। दुर्घटना में घायल हुए लोगों को आगे के इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है।
पुलिस ने किया लाठीचार्ज
घटना से संबंधित जानकारी के अनुसार, दुर्घटना स्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। दुर्घटना के बाद गुस्साई भीड़ ने बस में तोड़फोड़ की। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि बस चालक शराब के नशे में था। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची। लोगों ने हंगामा मचा दिया।
प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चलता है कि पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया। साथ ही इस हादसे पर आम आदमी पार्टी के नगर अध्यक्ष दिनेश जोशी की प्रतिक्रिया सामने आई है। जिसमें उन्होंने बताया कि बस ड्राइवर ने करीब 7 लोगों को टक्कर मारी है। ऐसा सिटी बस द्वारा सिग्नल तोड़ने के कारण होता है। कई बार अवगत कराने के बावजूद कोई ध्यान नहीं देता।
भयंकर सड़क हादसा, रिक्शा को बस ने मारी टक्कर, 5 की मौके पर मौत
17 Apr, 2025 04:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात के पाटण जिले से एक गंभीर हादसे की खबर सामने आई है। जिले के सामी-राधनपुर राजमार्ग पर एक एसटी बस और रिक्शा के बीच दुर्घटना हुई है। इस दुर्घटना में पांच लोगों की मौत हो गई है। इस घटना के कारण यातायात जाम हो गया।
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस पहुंची। शवों को पीएम के लिए ले जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। घायलों को भी इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा है।
रिक्शा का पिछला हिस्सा मुड़ा
घटना की शुरुआती जांच के अनुसार, एसटी बस हिम्मतनगर से मताना मध जा रही थी, तभी उसने सामी-राधनपुर राजमार्ग पर सामीना गोचनद के पास एक रिक्शा को टक्कर मार दी। दुर्घटना इतनी भयंकर थी कि रिक्शा का पिछला हिस्सा मुड़ गया। बस रिक्शा को टक्कर मारते हुए सड़क से नीचे उतर गई थी।
रिक्शा सवार पांच लोगों की मौत
एक गंभीर दुर्घटना में रिक्शा सवार पांच लोगों की मौत हो गई। इस घटना के कारण राजमार्ग पर यातायात जाम हो गया। दुर्घटना के समय वहां मौजूद लोगों द्वारा बचाव कार्य चलाया गया तथा पुलिस को घटना की सूचना दी गई।
दुर्घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और 108 एम्बुलेंस घटनास्थल पर पहुंची। शवों को प्रधानमंत्री कार्यालय ले जाया गया है। घायलों को भी इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। यातायात नियंत्रण पुलिस और स्थानीय लोगों द्वारा किया गया। दुर्घटना की सूचना मिलने पर राधनपुर विधायक लविंगजी ठाकोर भी घटनास्थल पर पहुंचे।
बस हादसे के बाद राजकोट में बवाल, गुस्साई भीड़ ने की तोड़फोड़
16 Apr, 2025 06:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात के राजकोट शहर से एक बस हादसे की खबर सामने आई है। सुबह-सुबह राजकोट सिटी बस के चालक ने इंदिरा सर्किल के पास दुर्घटना कर दी। इस बस हादसे में एक ट्रैफिक सिग्नल पर कई वाहनों और पैदल चलने वालों को एक बस ने टक्कर मार दी, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। गुस्साए लोगों द्वारा तोड़फोड़ भी की गई है।
घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। सीसीटीवी के अनुसार, चालक सिग्नल से गुजर रहे थे, तभी एक सिटी बस पूरी स्पीड से आई और सिग्नल पर खड़े चालकों को टक्कर मार दी। वहां दोपहिया और कार सहित कई वाहन मौजूद थे। बस सीधे सिग्नल को पार कर गई और ड्राइवर को टक्कर मार दी।
शवों को अस्पताल में कराया भर्ती
हादसे के बारे में डीसीपी पूजा यादव ने बताया कि सिटी बस से हुए हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है। मृतकों की पूरी डिटेल अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। शवों को अस्पताल ले जाया गया है। दुर्घटना में घायल हुए लोगों को आगे के इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है।
पुलिस ने किया लाठीचार्ज
घटना से संबंधित जानकारी के अनुसार, दुर्घटना स्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। दुर्घटना के बाद गुस्साई भीड़ ने बस में तोड़फोड़ की। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि बस चालक शराब के नशे में था। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची। लोगों ने हंगामा मचा दिया।
प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चलता है कि पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया। साथ ही इस हादसे पर आम आदमी पार्टी के नगर अध्यक्ष दिनेश जोशी की प्रतिक्रिया सामने आई है। जिसमें उन्होंने बताया कि बस ड्राइवर ने करीब 7 लोगों को टक्कर मारी है। ऐसा सिटी बस द्वारा सिग्नल तोड़ने के कारण होता है। कई बार अवगत कराने के बावजूद कोई ध्यान नहीं देता।
गुजरात बना 'संघ' और बीजेपी से लड़ाई का केंद्र: राहुल गांधी
16 Apr, 2025 03:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर कहा कि अगर कोई बीजेपी को हरा सकता है, तो वह सिर्फ कांग्रेस पार्टी है. अगर हमें देश में आरएसएस और बीजेपी को हराना है, तो इसका रास्ता गुजरात से होकर जाता है. साथ ही उन्होंने पार्टी के अंदर भीतरघात का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे कुछ लोग बीजेपी से मिले हुए हैं उनकी पहचान कर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाना होगा.
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी इस समय गुजरात के दौरे पर हैं. उन्होंने अरावली जिले के मोडासा शहर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, “देश में चल रही लड़ाई महज राजनीतिक लड़ाई नहीं है, बल्कि बीजेपी-आरएसएस और कांग्रेस के बीच विचारधारा की लड़ाई भी है. पूरा देश यह जानता है कि अगर कोई भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को हरा सकता है, तो वह सिर्फ कांग्रेस पार्टी है.”
3 तरह के घोड़े होते हैंः राहुल गांधी
कार्यकर्ताओं में जीत का जोश भरते हुए राहुल गांधी ने कहा, “अगर हमें देश में आरएसएस और बीजेपी को हराना है, तो इसका रास्ता गुजरात से होकर जाता है. हमारी पार्टी की शुरुआत गुजरात से ही हुई थी. आपने हमें हमारे सबसे बड़े नेता महात्मा गांधी और सरदार पटेल दिए, लेकिन गुजरात में हम लंबे समय से हतोत्साहित हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “मैं आपके जिले के कई सीनियर नेताओं से मिला, जिन्होंने मुझे बताया कि हमारे बीच प्रतिस्पर्धा रचनात्मक नहीं, बल्कि विनाशकारी है. दूसरी बात यह कि स्थानीय टिकट वितरण में स्थानीय लोगों को शामिल नहीं किया जाता.”
अपने संबोधन के दौरान घोड़े का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “घोड़े तीन प्रकार के होते हैं, एक बारात का घोड़ा, दूसरा रेस का घोड़ा, और तीसरा लंगड़ा घोड़ा. रेस का घोड़ा दौड़ेगा जबकि बारात को घोड़ा नचाएंगे.
जिले को अहमदाबाद से नहीं चलाएंगेः राहुल गांधी
जिले की राजनीति को जिले से चलाए जाने की बात करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, “चर्चा का मुख्य मुद्दा यह था कि जिले को अहमदाबाद से नहीं चलाया जाना चाहिए. जिले को जिले से चलाया जाना चाहिए. जिले के नेताओं को मजबूत किया जाना चाहिए. जिला अध्यक्ष को जिम्मेदारी और शक्ति सौंपी जानी चाहिए. हम यह काम अभी से शुरू कर रहे हैं.”
राहुल गांधी ने आगे कहा, “पार्टी का जिला अध्यक्ष समझौतावादी उम्मीदवार नहीं होगा. वो आप लोगों की मदद से जिला चलाएगा. जिला उसके फैसलों से चलेगा. उम्मीदवार को ऊपर से निर्देश नहीं मिलेंगे. हम बस यही चाहते हैं कि संगठन और चुनाव लड़ने वालों के बीच एक जुड़ाव बने.”
नई पीढ़ी को कांग्रेस में लाना होगाः राहुल गांधी
उन्होंने कहा, “आजकल होता ये है कि कांग्रेस पार्टी का संगठन लोगों को चुनाव जिताने में मदद करता है और एक बार कोई व्यक्ति विधायक या सांसद बन जाता है तो वो कांग्रेस संगठन को भूल जाता है.” उन्होंने कहा कि लोकल लोगों को टिकट वितरण में भागीदारी मिलनी चाहिए.
पार्टी के अंदर भितरघात करने वालों से बचने की सलाह देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि गुजरात में ये हमारा पायलट प्रोजेक्ट है क्योंकि हम ये संदेश देना चाहते हैं कि गुजरात हमारे लिए सबसे अहम राज्य है. हम उन लोगों को ताकत देना चाहते हैं जिनकी बूथ स्तर पर पकड़ है. हमें नई पीढ़ी को कांग्रेस पार्टी में लाना है. जो लोग जनता से जुड़े हैं उन्हें आगे भी बढ़ाना है. इसी भीड़ में कुछ ऐसे लोग भी हैं जो बीजेपी से सांठगांठ कर रहे हैं. उन्हें पहचान कर प्यार से कांग्रेस से अलग करना है.”
AAP का गुजरात अभियान तेज़ — मिशन विस्तार से बदलेंगे समीकरण?
15 Apr, 2025 07:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात में 2027 विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी (AAP) ने अभी से बड़े खेल की तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार को पार्टी ने अपने मिशन विस्तार 2027 के तहत गुजरात के अलग-अलग हिस्सों में 450 से अधिक पदाधिकारियों की नियुक्ति कर दी — और यह सिर्फ शुरुआत है।
संगठन का मेगा विस्तार — 450+ पदाधिकारी, 1 मिशन
आप ने अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट, भरूच, गांधीनगर, अमरेली समेत 15 से अधिक जिलों में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत किया है। इन नियुक्तियों में लोकसभा क्षेत्र के लिए क्षेत्रीय प्रभारी, लोकसभा प्रभारी, सह प्रभारी, और विधानसभा प्रभारी-सह प्रभारी शामिल हैं।
यह पहली बार है जब AAP ने इस स्तर पर इतनी बड़ी संख्या में पदाधिकारी नियुक्त किए हैं — और इसके पीछे हैं दो दमदार चेहरे:
गोपाल राय – गुजरात के नए प्रभारी
दुर्गेश पाठक – सह प्रभारी
इन दोनों नेताओं को पूर्वांचल में पकड़ के लिए जाना जाता है — और गुजरात के शहरी व औद्योगिक क्षेत्रों में पूर्वांचली समुदाय की मजबूत मौजूदगी को देखते हुए यह एक सोची-समझी रणनीति लगती है।
"घर-घर आप" का टारगेट
AAP का दावा है कि ये सभी पदाधिकारी पार्टी के संगठनात्मक कार्यों को ज़मीन तक पहुंचाएंगे और गुजरात के हर घर में पार्टी की मौजूदगी दर्ज कराएंगे।
यानी AAP अब सिर्फ चुनाव लड़ने नहीं, लंबी रेस के लिए गुजरात में डेरा डालने आ चुकी है।
2022 का बेस, 2027 की उड़ान?
2022 के विधानसभा चुनाव में AAP ने गुजरात में 5 सीटें जीती थीं और 13% वोट शेयर हासिल किया था। भले ही सीटें कम थीं, लेकिन ये वोट प्रतिशत एक संकेत था — कि लोग विकल्प की तलाश में हैं।
अब पार्टी उस जनाधार को न सिर्फ बचाए रखना चाहती है, बल्कि 2027 में उसे दोगुना करने का प्लान भी बना चुकी है।
केजरीवाल का मास्टरप्लान — पूर्वांचल + संगठन
गुजरात में पूर्वांचली वोटबैंक अब AAP के लिए एक बड़ा फोकस है। गोपाल राय और दुर्गेश पाठक, दोनों पूर्वांचल से आते हैं और उन्हें ग्राउंड लेवल पॉलिटिक्स में माहिर माना जाता है।
इसका मतलब साफ है — AAP अब सिर्फ दिल्ली-मॉडल पर भरोसा नहीं कर रही, बल्कि ग्रासरूट पर स्ट्रॉन्ग पकड़ बनाकर गुजरात में पैठ बनाना चाहती है।
निष्कर्ष: क्या बदलेगा गुजरात का सियासी समीकरण?
"मिशन विस्तार 2027" सिर्फ एक संगठनात्मक कवायद नहीं है, बल्कि AAP की पॉलिटिकल वॉर रूम से निकली रणनीति है।
BJP के गढ़ में सेंध लगाने का सपना देख रही AAP अब मैदान में उतर चुकी है — और इस बार उसके पास न केवल रणनीति है, बल्कि ज़मीन पर काम करने वाले 450 से ज्यादा सिपाही भी हैं।
2027 तक क्या AAP गुजरात में कांग्रेस की जगह ले पाएगी?
या बीजेपी के लिए नई चुनौती बनेगी?
ये तो वक्त बताएगा — लेकिन इतना तय है कि AAP अब गेम खेलने नहीं, गेम बदलने आई है।
राहुल गांधी का नया दांव: क्या गुजरात में बदल पाएगी कांग्रेस की किस्मत?
15 Apr, 2025 07:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात — वो राज्य जहां बीजेपी की पकड़ पिछले दो दशकों से इतनी मज़बूत रही है कि कांग्रेस लगभग हाशिए पर चली गई। लेकिन अब राहुल गांधी एक नए मिशन पर हैं, और इस बार रणनीति भी बदली हुई है।
पहली बार — जिलाध्यक्षों का चुनाव पर्यवेक्षकों के ज़रिए
कांग्रेस ने संगठन में नीचे से ऊपर तक बदलाव की शुरुआत की है। अब जिलाध्यक्षों का चयन ऊपर से नहीं थोपे जाएंगे, बल्कि हर जिले में नियुक्त पर्यवेक्षक स्थानीय कार्यकर्ताओं से राय लेकर फैसले करेंगे।
इसका मतलब:
कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ेगी
फैसलों में पारदर्शिता आएगी
गुटबाज़ी और ऊपर से थोपे गए नेताओं पर लगाम लगेगी
राहुल गांधी का असल मक़सद क्या है?
राहुल जानते हैं कि अगर गुजरात जैसे राज्य में कांग्रेस को फिर से खड़ा करना है, तो सिर्फ चुनावी भाषणों से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर मज़बूत संगठन के बिना कुछ नहीं होगा।
ये मॉडल अगर सफल हुआ, तो यह कांग्रेस के दूसरे राज्यों में भी लागू किया जा सकता है — एक bottom-up नेतृत्व शैली, जो पार्टी को अंदर से ताक़तवर बना सके।
लेकिन क्या इससे कांग्रेस की किस्मत बदलेगी?
अब यही बड़ा सवाल है। गुजरात में बदलाव की हवा तभी बनेगी अगर ये "नया तरीका" वाकई जमीन पर असर दिखाए — और इसके लिए ज़रूरी है कि चुने गए नेता न केवल लोकप्रिय हों, बल्कि एक्शन में भी दमदार हों।
गुजरात के कारोबारी ने मेहुल चोकसी पर 106 किलो सोने की धोखाधड़ी का आरोप लगाया
14 Apr, 2025 08:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी की बेल्जियम में गिरफ्तारी हुई है. उस पर करीब 14 हजार करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है. साल 2018 से वो भारत की जांच एजेंसियों को चकमा दे रहा है. गिरफ्तारी के बाद अब एक और मामले में उसकी मुसीबत बढ़ने वाली है. गुजरात के भावनगर निवासी दिग्विजय जडेजा के आरोप पर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. दिग्विजय का आरोप है कि उन्होंने चौकसी की कंपनी के पास निवेश के तौर पर 106 किलो सोना रखा था. करोड़ों रुपये कीमत के सोने के बदले में उन्हें महज 18 लाख रुपये ही दिए गए थे.
बता दें कि भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी की गिरफ्तारी के बाद भारत लाने के प्रयास तेज भी हो गए हैं. केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को कहा कि मोदी सरकार भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है. चोकसी को जल्द भारत वापस लाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बात पर जोर देते रहे हैं कि देश की संपत्ति लूटने वाले भगोड़ों को वापस लाया जाएगा और जनता का पैसा उन्हें लौटाया जाएगा.
पंकज चौधरी ने और क्या कहा?
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि चोकसी की गिरफ्तारी इसी दिशा में की गई कार्रवाई का हिस्सा है. सूत्रों का कहना है कि चोकसी को सीबीआई और ईडी द्वारा किए गए प्रत्यर्पण अनुरोध के आधार पर बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया. वो इलाज के नाम पर बेल्जियम गया था और वहीं रुक गया. इससे पहले वह 2018 से एंटीगुआ में रह रहा था. मेहुल चोकसी, नीरव मोदी का मामा है.
कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल का बयान
इससे पहले कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने रविवार को कहा था कि मेहुल चोकसी की बेल्जियम में गिरफ्तारी मोदी सरकार की कूटनीति की जीत है.यह देश के लिए गर्व की बात है. मेहुल चोकसी की गिरफ्तारी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की सफल कूटनीति की वजह से ही संभव हो सकी है.
समंदर के रास्ते आ रहा था नशा, ICG और ATS ने मिलकर किया बड़ा खुलासा
14 Apr, 2025 05:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय कोस्ट गार्ड (ICG) और गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने मिलकर एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है, जिसमें बड़ी सफलता मिली है. भारतीय तटरक्षक बल (ICG) और गुजरात एटीएस ने 12-13 अप्रैल की रात एक ज्वाइंट ऑपरेशन में समुद्र के रास्ते तस्करी की जा रही नशे की बड़ी खेप को पकड़ा है. इस ऑपरेशन में 300 किलोग्राम से ज्यादा नशीला पदार्थ बरामद हुआ है, जिसकी कीमत लगभग 1800 करोड़ रुपये बताई जा रही है. यह नशा मेथामफेटामिन (Methamphetamine) होने की संभावना है. हालांकि इस बारे में अभी जांच की जा रही है.
यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (IMBL) के पास की गई, जब ICG को गुजरात एटीएस से पुख्ता खुफिया जानकारी मिली. इसके बाद पश्चिमी क्षेत्र में गश्त कर रहा तटरक्षक जहाज तुरंत कार्रवाई करते हुए संदिग्ध नाव की पहचान कर पाया.
कोस्ट गार्ड को देखने ही नशीला पदार्थ नदीं में फेंका
जैसे ही नाव पर सवार तस्करों को भारतीय तटरक्षक जहाज के आने का आभास हुआ, उन्होंने नशे की खेप को समुद्र में फेंक दिया और IMBL की ओर भागने लगे. तटरक्षक बल ने अपनी छोटी नाव उतारकर समुद्र में फेंकी गई खेप को खोजा, जबकि मुख्य जहाज ने तस्करों का पीछा किया.
हालांकि नाव IMBL पार कर गई, जिससे तटरक्षक बल को पीछा रोकना पड़ा, लेकिन सागर में चल रही तलाशी के दौरान टीम को नशीली सामग्री मिल गई, जिसे अब जांच के लिए पोरबंदर लाया गया है. यह कार्रवाई हाल के सालों में ICG और एटीएस की तरफ से की गई 13वीं बड़ी संयुक्त सफलता है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इन एजेंसियों की मजबूत साझेदारी को दिखाती है.
13वीं बड़ी कार्रवाई
गुजरात में पिछले कई महीनों से इस तरह की कई बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है. कोस्ट गार्ड विभाग की मानें तो ये 13वीं बड़ी कार्रवाई है. इसके बाद भी तस्कर फिराक में लगे रहते हैं कि एक मौका मिले और वे अपनी खेप डिलेवर कर सकें. हालांकि तटरक्षक बल पूरी तरह से निगरानी रखे हुए है, यही कारण है कि उनके तस्करों के मंसूबे कामयाब नहीं हो पा रहे हैं.
गुजरात में विधायकों की विकास निधि में इजाफा, सालाना बजट बढ़ा ₹2.5 करोड़ तक
10 Apr, 2025 05:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात सरकार ने बुधवार को विधायकों को आवंटित विकास निधि में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है. गुजरात में विधायकों को अब हर साल 2.5 करोड़ रुपए विकास निधि मिलेगी. सरकार ने वार्षिक विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि को मौजूदा 1.5 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 2.5 करोड़ रुपए कर दिया है. वहीं, सरकार द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि अतिरिक्त आवंटन का आधा हिस्सा जल संरक्षण पर खर्च किया जाना चाहिए.
जारी विज्ञप्ति में कहा गया, ‘मुख्यमंत्री ने विकास के लिए विधायकों को आवंटित अनुदान में उल्लेखनीय वृद्धि की है. विकास के रोल मॉडल के रूप में गुजरात की स्थापित पहचान को और अधिक मजबूत करने का प्रयास किया है.’ स्थानीय क्षेत्र विकास निधि के लिए विधायकों के मौजूदा वार्षिक अनुदान में एक करोड़ रुपए की बढ़ोतरी की गई है. वहीं, अब विधायकों को मिलने वाली कुल 2.5 करोड़ रुपए में से 50 लाख रुपए केंद्र की ‘कैच द रेन’ अभियान पर खर्च करने होंगे.
PM मोदी ने शुरू की थी ‘कैच द रेन’ पहल
गुजरात सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि अतिरिक्त धनराशि वर्षा जल के संग्रहण और भंडारण के लिए केंद्र की ‘कैच द रेन’ पहल पर ध्यान केंद्रित करते हुए निर्धारित की गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन के लिए ‘कैच द रेन’ अभियान की शुरूआत की थी. वहीं, इसमें कहा गया है कि ‘कैच द रेन’ अभियान के लिए विधायकों को इस अतिरिक्त अनुदान से 50 लाख रुपए तक के कार्य कराने होंगे.
गुजरात के विकास को मिलेगी गति- CM
गुजरात 2018 से हर साल ‘सुजलाम सुफलाम जल अभियान’ का आयोजन कर रहा है. इसका मुख्य उद्देश्य वर्षा जल संचयन के माध्यम से भविष्य में जल सुरक्षा सुनिश्चित करने और भूजल स्तर को बढ़ाना है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपने एक्स पर लिखा कि, ‘राज्य के विकास को गति देने के उद्देश्य से विधायकों को आवंटित अनुदान में बढ़ोतरी की गई है. यह निर्णय ‘विकसित भारत के लिए विकसित गुजरात’ के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण होगा.’
कांग्रेस अधिवेशन में खरगे का एलान – "आने वाले वक्त में गुजरात में होगी हमारी सरकार"
10 Apr, 2025 05:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात के अहमदाबाद में कांग्रेस के अधिवेशन में मल्लिकार्जुन खरगे ने वक्फ संशोधन बिल-2025 पर बात की. उन्होंने कहा कि इस सरकार ने वक्फ बिल पास किया है. मैं मुस्लिम और ईसाई भाई-बहनों से कहना चाहता हूं कि कांग्रेस पार्टी हरदम आपके के लिए खड़ी है. हम आपके लिए संसद में लड़े. इंडिया गठबंधन ने वक्फ के मुद्दे पर जोर पकड़ा और सब एक हो गए. इंडिया गठबंधन को जोर देना है और एक होकर आगे बढ़ना है. केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वक्फ कानून से मुसलमानों की प्रॉपर्टी हड़पने का काम हो रहा है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि वक्फ बोर्ड में नॉन मुस्लिम नहीं होना चाहिए. किसी मंदिर में मुस्लिम नहीं होता है. हम आज भी यही चाहते हैं कि सरकार वक्फ बिल वापस ले. इंदिरा गांधी ने देश की एकता के लिए 32 गोलियां खाईं. राजीव गांधी ने देश के लिए प्राण दिए. हम गरीबों का साथ देंगे, फिर चाहें वो किसी भी जाति या धर्म का हो. आने वाले समय में हम गुजरात में सरकार जरूर बनाएंगे.
अरे, वो तो इस देश के मूलनिवासी हैं
उन्होंने कहा, बीजेपी-आरएसएस वाले हमारे आदिवासियों को वनवासी कहकर बुलाते हैं. अरे, वो तो इस देश के मूलनिवासी हैं. वो इस देश के लोग हैं, वो पहले से यहीं पैदा हुए, यहीं के हैं वो! आदिवासियों को वनवासी कहकर उनकी पहचान और अस्मिता के ऊपर ही प्रश्न चिह्न लगाया जा रहा है. आदिवासियों के जल जंगल जमीन के संरक्षण के लिए कांग्रेस की सरकारों ने अलग-अलग समय पर कानून बनाए. PESA, Forest Rights Act, Land Acquisition Act, जैसे कानूनों को कमजोर किया जा रहा है.
जातिगत जनगणना पर सरकार मौन
जनगणना चार साल से लंबित है. हमने जातिगत जनगणना की मांग की, सरकार उस पर मौन है. सारा सरकारी काम अभी 2011 के जनगणना आंकड़ों पर चल रहा है. इससे 14 करोड़ लोग राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और बाकी योजनाओं के फायदे नहीं ले पा रहे हैं.देश में जो झूठ फैलाया जा रहा है, उसका सच हमें सामने लाना चाहिए. बीजेपी के लोग कहते हैं कि बाबा साहेब अंबेडकर को कांग्रेस ने हराया. ये बिल्कुल झूठ है. हमें तथ्यों को सामने लाना चाहिए.
118 वर्करों की तबीयत एक साथ बिगड़ी, गुजरात पुलिस ने शुरू की जांच – सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
10 Apr, 2025 04:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात के सूरत से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां एक डायमंड कंपनी के वॉटर कूलर में किसी ने जहरीला पदार्थ मिला दिया, जिससे कंपनी के 118 कर्मचारी बीमार पड़ गए. आनन फानन में सभी बीमार कर्मचारियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. यहां इलाज के बाद सभी कर्मचारियों के हालात सामान्य हैं. फिलहाल किसी की हालत गंभीर नहीं है लेकिन उन्हें निगरानी में रखा गया है.
पुलिस का कहना है कि किसी ने कंपनी के कर्मचारियों को निशाना बनाकर पीने के पानी में जहरीला पदार्थ मिला दिया था, जिससे कर्मचारियों की तबीयत खराब हुई थी. यह घटना एक फटे हुए प्लास्टिक बैग के वॉटर कूलर में तैरते मिलने से हुई.
डीसीपी आलोक कुमार ने बताया कि कपोदरा इलाके में मिलेनियम कॉम्प्लेक्स स्थित अनभ जेम्स के कर्मचारियों को एहतियात के तौर पर चिकित्सा जांच के लिए कंपनी के मालिक द्वारा दो अलग-अलग अस्पतालों में ले जाया गया. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों में से किसी में भी जहर के दुष्प्रभाव संबंधी कोई समस्या नहीं है, लेकिन उन्हें अस्पतालों में निगरानी में रखा गया है.
CCTV के जरिए की जा रही आरोपी की पहचान
पुलिस अधिकारी ने कहा, यह कीटनाशक से भरा एक फटा हुआ प्लास्टिक बैग था, इसलिए पानी में कुछ मात्रा में जहरीला पदार्थ मिला होगा, जिसे कर्मचारियों ने पी लिया. कुमार ने कहा कि फोरेंसिक टीम पड़ताल कर रही है और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है. पुलिस द्वारा 5 टीमों का गठन किया गया है, सभी टीमें काम में लगी हुई हैं. वॉटर टैंक के पास लगे सीसीटीवी के जरिए आरोपी की पहचान की जा रही है.
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