गुजरात
सड़क हादसे में चीख पुकार, जलती कार से नहीं निकल पाए यात्री, 8 की मौत
18 Aug, 2025 01:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद/सुरेंद्रनगर: गुजरात के सुरेंद्रनगर में भीषण कार हादसा हुआ। कार और एसयूवी की टक्कर में आठ लोगों की मौत हो गई। रविवार को सुरेंद्रनगर जिले में एक कार के एसयूवी से टकराने के बाद सड़क किनारे खाई में गिर गई। कार के खाई में गिरते ही उसमें आग लग गई। आग लगने से कार में सवार पांच महिलाओं और दो बच्चों समेत आठ लोगों की झुलसकर मौत हो गई। यह भीषण दुर्घटना वढवान तालुका के डेडादरा गांव के निकट राजमार्ग पर अपराह्न लगभग 3:40 बजे हुई, जब कार कडू गांव से सुरेंद्रनगर शहर की ओर जा रही थी। यह हादसा स्विफ्ट डिजायर कार और टाटा कंपनी की हैरियर एसयूवी के बीच टक्कर से कारण हुआ। एसयूवी सवारों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आग लगने से आठ की मौत
पुलिस के अनुसार एसयूवी में सवार तीन लोग मामूली रूप से घायल हो गए। इसने बताया कि दुर्घटना के तुरंत बाद कार सड़क किनारे खाई में जा गिरी और आग के गोले में बदल गई, जिससे उसमें सवार सभी लोग फंस गए। सुरेंद्रनगर के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) गिरीश पांड्या ने कहा कि कार में सवार सभी आठ लोगों की झुलसकर मौत हो गई। एसयूवी में सवार तीन अन्य लोग मामूली रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने बताया कि टक्कर के कारण एसयूवी का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कार में आग लगने के कारण उसमें फंसी महिलाओं, बच्चों को बाहर नहीं निकाला जा सका। आग कम होने तक वे काफी झुलस गए। इससे उनकी मौत हो गई।
दमकल को करनी पड़ी मशक्कत
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आग लगने से कार पूरी तरह जलकर राख हो गई और स्थानीय अग्निशमन कर्मियों को शवों को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि मृतकों में क्रमशः 10 महीने और 13 वर्ष की दो लड़कियां, 35-55 वर्ष की आयु वर्ग की पांच महिलाएं और चालक शामिल हैं। पांड्या ने कहा कि सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए सुरेंद्रनगर सरकारी अस्पताल ले जाया गया। दुर्घटना के कारण राजमार्ग पर भारी यातायात जाम लग गया। मृतकों में सभी स्थानीय शामिल हैं। ये सभी भावनगर और जामनगर के रहने वाले थे।
कच्छ के समुद्री किनारे पर भारी-भरकम कंटेनरों का रहस्य गहराया
14 Aug, 2025 03:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद/कच्छ: गुजरात मेंकच्छ के समुद्री तट इन दिनों बड़े-बड़े कंटेनर बहकर पहुंच रहे हैं। संदिग्ध कंटनरों के पहुंचने के बाद तमाम एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गई है। अभी तक समुद्री लहरों के साथ छह संदिग्ध कंटेनर पहुंचे हैं। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां इनकी जांच कर रही है। ये कंटेनर कच्छ के सुथरी बीच और सैयद सुलेमानपीर के पास मिले हैं। अगस्त की शुरुआत में जखौ मरीन पुलिस को गश्त के दौरान दो कंटेनर पानी में तैरते हुए लावारिस हालत में दिखाई दिए। ये कंटेनर आधे पानी में डूबे हुए थे। इसके बाद, सुथरी के पास समुद्र में एक तीसरा कंटेनर भी पुलिस के संज्ञान में आया था। जो आधा डूबा हुआ था। चर्चा हो रही है कि ये कंटेनर आखिर कहां से आ रहे हैं?
कंटेनरों के आने से एजेंसियां अलर्ट
शुरुआती जांच में दावा किया गया है कि इन कंटेनरों में बेज ऑयल है। घटना की गंभीरता को देखते हुए तटरक्षक बल, पुलिस, जीआरडी, और एसआरडी विभाग ने कंटेनरों की जांच की है। कंटेनरों को किनारे लाने और उनकी जांच के लिए कस्टम विभाग के अधिकारी भी सक्रिय हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हम इस मामले में प्राथमिक जानकारी जुटा रहे हैं। संभावना है कि ये कंटेनर किसी जहाज से गिर गए हों या समुद्री ज्वार के साथ बहकर तट पर आए हों। हम सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।
कोई अधिकारी पुष्टि नहीं
इन कंटेनरों के अचानक समुद्र तट पर आने से स्थानीय लोगों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ का मानना है कि ये किसी जहाज से टूटकर अलग हुए होंगे, जबकि अन्य इसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। कुछ सूत्रों का दावा है कि ये कंटेनर दुबई के जेबेल अली बंदरगाह से बहकर आए हैं। वहां समुद्र में 48 कंटेनर डूब गए थे। इसमें छह गैर-खतरनाक बेस ऑयल वाले थे। ये वही कंटेनर हो सकते हैं। अभी तककच्छ के तट पर कुल 6 कंटेनर मिले हैं। दो कंटेनर पोरबंदर के तट भी मिले हैं। ऐसी चर्चा है कि एक कंटेनर पाकिस्तान की तरफ से भी बहकर गया है।
युवक पर हमला, दाढ़ी-मूंछ को बनाया बहाना, पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया
14 Aug, 2025 02:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद/राजकोट: जून महीने में ओडिशा के दलितों को जमीन पर रेंगने के लिए विवश किया गया था। तब उन तस्वीरों ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया था। अब गुजरात में स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले दाढ़ी और मूंछ रखने पर दलित युवक की हमले की घटना सामने आई है। आरोप है कि जूनागढ़ जिले के एक गांव में 27 साल के व्यक्ति की कथित तौर पर मूंछ और दाढ़ी रखने पर ऊंची जाति के पांच लोगों ने पिटाई की और उसे जातिसूचक गालियां दीं। यह घटना विसावदर तालुका के वजली गांव में 11 अगस्त को हुई और पीड़ित सागर मकवाना द्वारा मंगलवार को विसावदर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने के बाद प्रकाश में आई।
कब और कैसे हुई यह पूरी घटना?
जानकारी के अनुसार इस घटना में पीड़ित सागर मकवाना के ससुर गंभीर रूप से घायल हो गए। जूनागढ़ सिविल अस्पताल में मकवाना ने शैलेश जेबलिया, लालो भूपत काठी दरबार और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई। पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार मंगनाथ पिपली गांव में रहने वाले मकवाना अपनी मोटरसाइकिल खराब होने के बाद उसे टो कर रहे थे। जब वह बाइक खींच रहे थे, जेबलिया और भूपत ने उनसे भिड़ गए और मूंछ और दाढ़ी रखने पर अपना गुस्सा जाहिर किया। एफआईआर में कहा गया है कि उन्होंने उसे जातिवादी गालियां देनी शुरू कर दीं और उसे ऊंची जाति के लोगों जैसा रूप धारण न करने की चेतावनी दी। जब झगड़ा बढ़ गया और तीनों ने उसे पीटना शुरू कर दिया, तो मकवाना किसी तरह भागकर अपने ससुर जीवन करसन के घर पहुंच गया, जो पास ही था।
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार करसन ने सलाह दी कि वे जेबलिया से बात करें क्योंकि वह उसी गांव में रहता है और मामला सुलझा लेंगे। जब वे जेबलिया के पास पहुंचे, तो भूपत तीन अन्य लोगों के साथ एक कार में वहां पहुंच गया। पांचों ने दोनों लोगों को जातिवादी गालियां दीं और फिर उनके साथ मारपीट की। स्थानीय लोगों के मौके पर इकट्ठा होते ही हमलावर मौके से भाग गए। ग्रामीणों ने घायल दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां करसन की हालत गंभीर बताई जा रही है। सहायक पुलिस अधीक्षक (विसावदर) रोहित कुमार ने अनुसार आरोपी उसी गांव में रहते हैं जहां शिकायतकर्ता के ससुर रहते हैं। उन्हें पकड़ने के लिए एक टीम बनाई गई है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पीड़ित मकवाना एक खेतिहर मजदूर है।
कलेक्टर का अनोखा अंदाज: लेट आए कर्मचारियों के लिए गेट पर बैठकर वीडियो पोस्ट
13 Aug, 2025 02:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद/भावनगर: सरकारी दफ्तरों के कर्मचारियों और अधिकारियों का लेट आना कोई नई बात नहीं है। गुजरात में भावनगर जिले के कलेक्टर को औचक निरीक्षण में इस हकीकत का सामना करना पड़ा। कलेक्टर डॉ. मनीष बंसल भावनगर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में आने वाली एक मामलतदार (तहसीलदार) ऑफिस के निरीक्षण को पहुंचे थे। कलेक्टर को ऑफिस खाली दिखा तो वह बिल्डिंग के मुख्य गेट पर कुर्सी डालकर बैठ गए। कलेक्टर मामलतदार ऑफिस पर 11 बजे तक बैठे रहे।
इंस्टाग्राम पर डाला वीडियो
डॉ. मनीष बंसल ने भावनगर के मामलतदार ग्राम्य कार्यालय के एक औचक निरीक्षण में पाया गया कि अधिकांश कर्मचारी अनुपस्थित रहते हैं। इतना ही नहीं सुबह 11 बजे तक भी देर से आते हैं। कलेक्टर भावनगर ने इंस्टाग्राम और फेसबुक पर वीडियो पोस्ट के जरिए ऐसा करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी जारी की है। उन्होंने जिले के तमाम सरकारी ऑफिसों में प्रमुखों से कहा है कि वे अपने स्तर पर भी जांच करें। कलेक्टर मनीष बंसल ने लिखा है कि यह आदत ठीक नहीं है और चूँकि सोमवार और मंगलवार भी सार्वजनिक दिवस हैं, इसलिए किसी भी परिस्थिति में इसे चलाना उचित नहीं है। उन्होंने आगे लिखा है कि मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि इस संबंध में सख्त कार्रवाई की जाएगी। मनीष बंसल की औचक निरीक्षण वाली सोशल मीडिया पोस्ट सुर्खियों में आ गई है।
कौन हैं डॉ. मनीष बसंल?
गुजरात में भावनगर जिले के कलेक्टर क जिम्मेदारी संभाल रहे डॉ. मनीष बंसल 2013 बैच के आईएएस हैं। वह राजस्थान के श्रीगंगानगर के रहने वाले हैं। 5 जुलाई, 1984 को जन्में मनीष बंसल सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं। मनीष बंसल को राज्य सरकार ने इसी साल अप्रैल में भावनगर का कलेक्टर बनाया था। मनीष बंसल को गाने लिखने का भी शौक है। मनीष बंसल एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने के बाद सिविल सेवा में आए हैं। वह कलेक्टर होने के साथ डॉक्टर भी हैं।
18 साल की बेटी की हत्या, परिवार ने ‘सम्मान’ की चिंता में लिया इतना खौफनाक कदम
13 Aug, 2025 01:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: गुजरात के बनासकांठा ऑनर किलिंग के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। 18 साल की चंद्रिका चौधरी ने नीट की परीक्षा में 478 अंक हासिल किए थे। इसके बाद वह एक सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए योग्य हो गई थी। वह अपनी पढ़ाई को आगे जारी रखना चाहती थी लेकिन किसान परिवार ने बेटी के आग्रह को खारिज कर दिया था। यह सामने आया है कि चंद्रिका चौधरी को कथित तौर पर उसके पिता सेंधा ने दूध में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया था, और फिर 25 जून को उसने और उसके चाचा शिवराम ने दुपट्टे से उसका गला घोंट दिया। उसका आनन-फानन में अंतिम संस्कार भी कर दिया गया था। इस हत्याकांड की जांच के लिए बनासकांठा के एसपी ने एएसपी सुमन नाला की अगुवाई में टीम गठित की थी। एएसपी ने सबूत नहीं होने के बाद भी गहराई से ऑनर किलिंग (सम्मान के लिए हत्या) का खुलासा किया है।
दिल के दौरे का दिया था हवाला
टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस अधिकारियों के अनुसार शिवराम ने कुछ ग्रामीणों को बताया कि चंद्रिका को दिल का दौरा पड़ा था। शिवराम हिरासत में है, जबकि सेंधा का अभी तक पता नहीं चल पाया है। बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई से कुछ दिन पहले ही लड़की की हत्या कर दी गई। शिवराम कुछ कॉलेजों में गया था और उसने लड़के-लड़कियों को साथ पढ़ते देखा था। उसने उसके पिता से कहा था कि उसे वहां न भेजा जाए क्योंकि वह किसी लड़के से प्यार कर बैठेगी और उससे शादी कर लेगी। चंद्रिका के दोस्त और लिव इन पार्टनर हरेश ने इस पूरे मामले को लेकर हाईकोर्ट का रुख किया है। आने वाले दिनों में इस मामले में लिप्त पुलिसकर्मियों की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं।
फरवरी में हुई थी मुलाकात
जांच में यह सामने आया है कि चंद्रिका पहली बार हरेश से इसी साल फरवरी में मिली थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चंद्रिका के परिवार ने आनन-फानन में मौत का कारण दिल का दौरा बताया। इसके बाद बिना पोस्टमॉर्टम के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। एफआईआर के अनुसार दूध का गिलास दिए जाने से पहले चंद्रिका ने अपने पिता से यही आखिरी शब्द सुने थे कि दूध पियो और अच्छी तरह आराम करो। अच्छी नींद लो। हरेश के अनुसार चंद्रिका की हत्या से ठीक दो हफ्ते पहले इस जोड़े ने लिव-इन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए थे। हरेश ने कहा कि वह मेडिकल की पढ़ाई करना चाहती थी। हम किसी को नुकसान नहीं पहुंचा रहे थे। हम बस शांति से रहना चाहते थे। अब देखना यह है कि इस मामले में गुजरात हाईकोर्ट क्या निर्णय लेता है? क्योंकि चंद्रिका के लिव इन पार्टनर ने बनासकांठा के पुलिसकर्मियों पर गलत तरीके से अरेस्ट करने और फिर भेजने के आरोप लगाए हैं।
गर्भवती करने के नाम पर ससुर और रिश्तेदारों ने बहू का बार-बार किया रेप
12 Aug, 2025 07:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वडोदरा: गुजरात के वडोदरा में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एक 40 साल की महिला ने अपने ससुर और ननद के पति पर बार-बार बलात्कार करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि महिला के पति में शुक्राणुओं की संख्या कम होने के कारण उसे गर्भवती करने के लिए ऐसा किया गया। गर्भपात होने के बाद महिला ने नवपुरा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई है। उसने अपने ससुर और ननद के पति पर बलात्कार और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। महिला ने अपने पति पर भी आरोप लगाया है कि उसने उसकी निजी पलों की तस्वीरें सार्वजनिक करने की धमकी देकर उसे चुप रहने के लिए ब्लैकमेल किया।
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता ने बताया कि उसकी शादी फरवरी 2024 में हुई थी। शादी के बाद वह अपने पति के घर रहने चली गई। कुछ सप्ताह रहने के बाद उसके ससुराल वालों ने उससे कहा कि उसकी उम्र के कारण वह शायद गर्भवती न हो पाए। उन्होंने उसे और उसके पति को फर्टिलिटी ट्रीटमेंट कराने का सुझाव दिया। मेडिकल रिपोर्ट में पता चला कि उसके पति में शुक्राणुओं की संख्या बहुत कम है। इस वजह से वह गर्भवती नहीं हो पाएगी।
बच्चा गोद लेने का दिया सुझाव
महिला ने डॉक्टरों की सलाह के आधार पर इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) करवाया, लेकिन वह सफल नहीं हुआ। इसके बाद उसने आगे कोई इलाज कराने से इनकार कर दिया और एक बच्चा गोद लेने का सुझाव दिया, लेकिन उसके ससुराल वाले नहीं माने।
ससुर ने किया बलात्कार
शिकायत मे कहा गया है कि, जुलाई 2024 में जब वह अपने कमरे में सो रही थी, तब उसका ससुर अंदर आया और कथित तौर पर उसके साथ बलात्कार किया। जब उसने मदद के लिए चिल्लाया, तो उसने उसे थप्पड़ मारा। जब उसने अपने पति को इस बारे में बताया, तो उसने कहा कि उसे एक बच्चा चाहिए और उसे बलात्कार के बारे में चुप रहने के लिए कहा। उसने कथित तौर पर उससे यह भी कहा कि अगर उसने बलात्कार के बारे में किसी को बताया, तो वह उसकी नग्न तस्वीरें वायरल कर देगा। पीड़िता ने बताया कि उसके ससुर ने कई बार उसका बलात्कार किया, लेकिन वह गर्भवती नहीं हुई।
ननद के पति ने भी किया बलात्कार
शिकायत में कहा गया है कि दिसंबर 2024 में उसकी ननद के पति ने भी उसके साथ बलात्कार किया। उसने भी कथित तौर पर कई बार अपराध दोहराया। शिकायतकर्ता जून में गर्भवती हुई, लेकिन जुलाई में उसका गर्भपात हो गया। जुलाई के आखिरी हफ्ते में उसने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने प्रारंभिक जांच की और रविवार को एक एफआईआर दर्ज की।
जोखिम सहमति से तलाक को वैध ठहराया, गुजरात हाई कोर्ट ने कुरान और हदीस का सहारा लिया
12 Aug, 2025 01:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद : गुजरात हाई कोर्ट ने एक अहम फैसला दिया है। हाई कोर्ट ने कहा है कि मुस्लिम विवाह मुबारत के जरिए खत्म किया जा सकता है। मुबारत का मतलब आपसी सहमति से लिया गया तलाक होता है। हाई कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम विवाद को खत्म करने को लेकर कहा कि इसके लिए जरूरी नहीं है कि कोई लिखित समझौता हो। यह फैसला जस्टिस एवाई कोगजे और जस्टिस एनएस संजय गौड़ा की बेंच ने दिया। उन्होंने कुरान और हदीस का हवाला दिया। बेंच ने कहा कि निकाह को खत्म करने का प्रॉसेस धार्मिक ग्रंथों कुरान और हदीस में बताया गया है।
फैमिली कोर्ट का आदेश किया रद्द
मुबारत को कानूनी बताते हुए बेंच ने राजकोट की फैमिली कोर्ट के आदेश रद्द कर दिया, जिसमें फैमिली कोर्ट ने एक मुस्लिम जोड़े की मुबारत से तलाक की अर्जी को खारिज कर दिया था। फैमिली कोर्ट ने इस मामले में कहा था कि यह मामला फैमिली कोर्ट्स एक्ट की धारा 7 के तहत नहीं आता। फैमिली कोर्ट ने कहा कि तलाक के लिए आपसी सहमति का कोई लिखित समझौता नहीं है इसलिए तलाक की अर्जी स्वीकार नहीं की जा सकती है।
क्या है मामला
मुस्लिम कपल का निकाह कुछ सालों पहले हुआ था। निकाह के बाद दोनों के बीच विवाद होने लगा। पति-पत्नी के बीच अनबन होने के चलते उन्होंने अलग होने का फैसला किया। उन्होंने मुबारत से अपना निकाह खत्म किया और फैमिली कोर्ट में रजामंदी से तलाक की अर्जी दी।
हाई कोर्ट ने क्या-क्या कहा
हाई कोर्ट ने फैमिली कोर्ट का फैसला गलत बताया। हाई कोर्ट ने कहा कि तलाक के लिए लिखित समझौता होना जरूरी है, ऐसा कुरान, हदीस या मुस्लम पर्सनल लॉ में कहीं नहीं लिखा है। हाई कोर्ट ने साफ किया कि आपसी सहमति से तलाक के लिए मुबारत कानूनी है, इसके लिए लिखित समझौते की जरूरत नहीं। हाई कोर्ट का यह फैसला उन मुस्लिम जोड़ों के लिए राहत की खबर है जो मुबारत (आपसी सहमति) से अलग होना चाहते हैं।
गुजरात में बैंक खातों की शर्तों को लेकर आरबीआई गवर्नर से आमने-सामने, संजय मल्होत्रा की प्रतिक्रिया
12 Aug, 2025 01:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद/मेहसाणा: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने सोमवार को कहा कि बैंक बचत खातों में न्यूनतम शेष राशि तय करने के लिए स्वतंत्र हैं। यह आरबीआई के नियामक अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। उन्होंने यह बात गुजरात के मेहसाणा जिले के गोजरिया ग्राम पंचायत में वित्तीय समावेश पर आयोजित एक समारोह के दौरान मीडिया से बातचीत में कही। आईसीआईसीआई बैंक के बचत खातों के लिए जरूरी न्यूनतम शेष राशि बढ़ाने के बारे में पूछने पर मल्होत्रा ने कहा कि आरबीआई ने न्यूनतम शेष राशि तय करने का निर्णय प्रत्येक बैंक पर छोड़ दिया है। कुछ बैंकों ने इसे 10,000 रुपये रखा है, कुछ ने 2,000 रुपये रखा है और कुछ ने (ग्राहकों को) इससे छूट दी है। यह (आरबीआई के) नियामक अधिकार क्षेत्र में नहीं है। गौरतलब हो कि आईसीआईसीआई ने हाल ही में कहा है कि अब खाते में 10 हजार नहीं बल्कि कम से कम 50 हजार रुपये रखने होंगे।आईसीआईसीआई बैंक देश के सबसे प्राइवेट बैंकों में शामिल है।
क्या बोले आरबीआई गवर्नर?
आईसीआईसीआई बैंक ने एक अगस्त से नए बचत खाते खोलने वालों के लिए न्यूनतम शेष राशि की सीमा बढ़ा दी है। बैंक की वेबसाइट के अनुसार, बचत बैंक खाते में न्यूनतम औसत मासिक शेष राशि (एमएबी) पांच गुना बढ़ाकर 10,000 रुपये से 50,000 रुपये कर दी गई है। यह राशि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पांच गुना बढ़ाकर क्रमशः 25,000 रुपये और 10,000 रुपये की गई है।दूसरी ओर भारतीय स्टेट बैंक ने बचत खाताधारकों को न्यूनतम शेष राशि न रखने पर दंडित नहीं करने का फैसला किया है। मल्होत्रा ने कार्यक्रम में कहा कि नए युग में सफलता के लिए डिजिटल साक्षरता बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पहले कहा जाता था कि अगर आप पढ़ाई नहीं करेंगे, तो आप तरक्की नहीं कर पाएंगे। आज के युग में डिजिटल साक्षरता के लिए भी यही बात लागू होती है। अगर आपके पास डिजिटल साक्षरता नहीं है, तो आप प्रगति नहीं कर पाएंगे।
जन धन योजना का किया जिक्र
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) गवर्नर ने कहा कि जो भी फैसले लिए जाएं, उनका फायदा समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना लगभग 10-11 साल पहले इसी उद्देश्य से शुरू की गई थी, ताकि सभी को बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच मिल सके। बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) देवदत्त चंद ने इस कार्यक्रम में कहा कि जन-धन खातों के लिए 'अपने ग्राहक को जानें' (केवाईसी) को नियमित रूप से लागू करना जरूरी है। संजय मल्होत्रा को पिछले साल दिसंबर में आरबीआई के गवर्नर नियुक्त किए गए थे। मेहसाणा पीएम नरेंद्र मोदी का गृह जनपद है। इसी जिले में पीएम मोदी का जन्म स्थान वडनगर आता है।
गुजरात: प्रेम संबंध के चलते पिता ने उठाया खौफनाक कदम, बेटी की कर दी हत्या
7 Aug, 2025 03:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद/बनासकांठा: गुजरात में ऑनर किलिंग की खौफनाक घटना सामने आई है। प्रेम के बाद लिव इन में रहने वाली युवती को उसके पिता ने भाई के साथ मिलकर मार डाला। इतना ही नहीं दोनों आरोपी भाइयों ने सबूत मिटाने के लिए बेटी की हत्या के बाद रातोंरात उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया। लड़की के प्रेमी ने इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। जांच के बाद अब पुलिस ने पिता और उसके भाई को अरेस्ट किया है। पिता द्वारा बेटी को मार डालने की इस घटना से पूरे उत्तर गुजरात में हड़कंप हैं। इसी के साथ सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या इस क्षेत्र में प्रचलित विवाह की एक्चेंज प्रथा अब बंद होनी चाहिए, क्योंकि बेटी से पुरानी प्रथा से शादी के लिए इनकार कर दिया था।
दाेस्ती के बाद बने प्रेम संबंध
बनासकांठा जिले के थराद पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार दांतिया गांव के सेंधाभाई दरघाभाई चौधरी की बेटी चंद्रिका, पालनपुर के एक छात्रावास में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान चंद्रिका थराद तालुका के वडगामड़ा निवासी हरेश चौधरी नामक युवक के संपर्क में आई। दोस्ती के बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए और दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया था। इसी बीच 04 मई 2025 को चंद्रिका परिवार में एक शादी के चलते पालनपुर से थराद के दांतिया आई हुई थी। शादी के बाद चंद्रिका ने उसे फिर से पालनपुर जाने के लिए कहा लेकिन परिवार ने आगे पढ़ाई से साफ इनकार कर दिया।
दोनों ने कर लिया लिव-इन एग्रीमेंट
चंद्रिका ने सोशल मीडिया के जरिए अपने प्रेमी हरेश को बताया और कहा कि मेरे घरवाले मुझे पढ़ाई से मना कर रहे हैं। अगर मेरे परिवार को हमारे प्रेम संबंध के बारे में पता चला, तो वे मेरी शादी करवा देंगे और मेरा मोबाइल भी जब्त कर लेंगे, इसलिए तुम मुझे यहां से ले जाओ। इसके बाद जब हरेश अपनी प्रेमिका चंद्रिका को अहमदाबाद ले गया और वहां दोनों ने खुशी-खुशी दोस्ती (लिव इन) का समझौता किया। इसके बाद दोनों घूमने के लिए मध्य प्रदेश और बाद में राजस्थान गए। इधर, चंद्रिका के परिवार ने थराद थाने में बेटी की गुमशुदगी का केस दर्ज करा दिया।
इंस्टाग्राम पर मैसेज..मुझे बचा लो प्लीज
थराद पुलिस दोनों की तलाश कर रही थी। इसी बीच 12 जून 2025 को थराद पुलिस दोनों को राजस्थान के भलेसर से थराद ले आई। चंद्रिका को उसके परिवार को सौंप दिया। तभी हरेश को पहले से दर्ज मारपीट और निषेधाज्ञा के अपराधों में गिरफ्तार कर लिया गया। हरेश 21 जून 2025 को जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आया। बाहर आते ही हरेश ने अपना मोबाइल चेक किया तो किसी ने उसे रीस्टोर कर दिया था। जब हरेश ने अपने मोबाइल में अपनी इंस्टाग्राम आईडी लॉग इन की, तो चंद्रिका के कई कॉल और मैसेज आ रहे थे। जिसमें चंद्रिका ने हरेश को लिखा था। पुलिस ने मुझे धोखा दिया है। तुम आकर मुझे ले जाओ वरना मेरे घरवाले मेरी जबरदस्ती शादी करवा देंगे, अगर मैं शादी के लिए राजी नहीं हुई तो मेरे घरवाले मुझे मार डालेंगे, तुम मुझे बचा लो...प्लीज।
सुनवाई से पहले मिली मौत
हरेश ने चंद्रिका की कस्टडी लेने के लिए हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लगाई। इस याचिका पर 27 जून को सुनवाई होनी थी। इससे पहले ही 24 जून को पिता ने भाई के साथ मिलकर बेटी को मार डाला। बनासकांठा पुलिस की जांच में इसकी पुष्टि हुई है। पुलिस ने पिता और उसके भाई को अरेस्ट किया है। चंद्रिका के प्रेमी हरेश ने इस पूरे मामले में चंद्रिका के परिवार के साथ पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
CCTV, वॉकी-टॉकी और गार्ड से घिरा था ड्रग माफिया, पुलिस ने ऐसे किया पर्दाफाश
7 Aug, 2025 03:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सूरत: गुजरात के सूरत पुलिस ने मंगलवार रात एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए भाटेना इलाके के कुख्यात ड्रग तस्कर शिवा उर्फ शिवराज ज़ाला (28) को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। ज़ाला अब तक पुलिस की कई बार की रेड के बावजूद गिरफ्त से बचता रहा था, लेकिन इस बार पुलिस ने खास रणनीति बनाकर उसे दबोच लिया। पुलिस के अनुसार, ज़ाला ने अपनी सुरक्षा के लिए अपने घर के 500 मीटर के दायरे में 25 सीसीटीवी कैमरे, तीन वॉकी-टॉकी लिए हुए गश्त करने वाले लोग और घर के ग्राउंड फ्लोर पर एक विशेष निगरानी कक्ष बनाया था। उसका तीन मंज़िला मकान उस क्षेत्र में सबसे ऊंची इमारत है, जो एक मंजिला पक्के मकानों से घिरा हुआ है।
पुलिस ने ऐसे बिछाया जाला
दरअसल सूरत स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को सूचना मिली की जाला घर पर है। सूचना मिलते ही 25 पुलिस कर्मी सादे कपड़ों में 15 बाइकों पर सवार होकर भाटेना इलाके में पहुंचे। ज़ाला के घर की ओर जाने वाले 6 रास्तों पर पुलिस ने घेराबंदी कर दी। पुलिस इंस्पेक्टर ए. पी. चौधरी ने बताया कि सभी संभावित भागने के रास्तों पर जवान तैनात किए गए। इंस्पेक्टर चौधरी ने बताया कि हमने अपनी बाइकें ज़ाला के घर से करीब 100 मीटर दूर अलग-अलग जगहों पर खड़ी कीं। जब हमारी टीम उसके घर के पास पहुंची तो मुख्य दरवाज़ा खुला हुआ था। हमने तुरंत भीतर घुसकर ज़ाला को काबू में ले लिया।
मौके पर क्या-क्या मिला
पुलिस को ज़ाला के घर से 16 लाख रुपये नकद, 120 ग्राम मेफेड्रोन (सिंथेटिक ड्रग) और दो पिस्तौल बरामद किए गए। पुलिस ने उसे NDPS एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, ज़ाला के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूटपाट और ड्रग तस्करी जैसे कुल 16 मामले दर्ज हैं। भाटेना क्षेत्र में वह गरीब तबके के लोगों के बीच 'मसीहा' के रूप में पहचाना जाता था। वह शादी, इलाज और अन्य जरूरतों में लोगों की आर्थिक मदद करता था, जिससे उसकी इलाके में अच्छी पकड़ बन गई थी। ज़ाला अहमदाबाद जिले के धंधुका तालुका के एक टेंपो चालक भूपेंद्रसिंह ज़ाला का सबसे छोटा बेटा है, जो वर्षों पहले सूरत आकर बस गया था। पुलिस के अनुसार, ज़ाला मुंबई के एक व्यक्ति से ड्रग्स खरीदता था और केवल जान-पहचान वाले ड्रग पेडलरों को ही बेचता था। वह उनके मूवमेंट पर भी नज़र रखता था।
दुल्हन बनी शातिर ठग, 10 दिन में उड़ाए गहने, पति की मौत से मचा मातम
6 Aug, 2025 01:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सूरत: गुजरात पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने 7 महीने बाद उस लुटेरी दुल्हन मुस्कान को गिरफ्तार कर लिया है, जो शादी के महज 10 दिन बाद 40 हजार रुपये के गहने लेकर फरार हो गई थी। इस घटना से आहत उसके ज्वेलर पति की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। मुस्कान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं उसने और किसी को भी तो अपना शिकार नहीं बनाया। साथ ही पुलिस ने अपील की है कि यदि कोई इस गिरोह का शिकार हुआ है, तो तुरंत हमसे संपर्क करें।
जानें पूरा मामला
जानकारी के अनुसार सूरत के वराछा इलाके में रहते वाले ज्वेलर की पहली पत्नी उसे 5 साल की बेटी के साथ छोड़कर भाग गई थी। बेटी को मां का प्यार दिलाने के लिए उन्होंने दोबारा शादी का निर्णय लिया। रिश्तेदार रमेश वडोदरिया उन्हें मुस्कान नाम की लड़की का रिश्ता दिखाने वडोदरा ले गया। मुस्कान की देखरेख कर रही सीमा नामक महिला ने शादी के बदले 2.21 लाख रुपये की मांग की। सौदा 2.10 लाख रुपये में तय हुआ और 9 दिसंबर 2024 को शादी कर ली गई।
मन्नत के बहाने भेजा और फिर गायब
शादी के 10 दिन बाद सीमा ने कहा कि मुस्कान ने मन्नत रखी है, उसे पूरा करने वडोदरा भेज दो। फिर बहानेबाजी शुरू हुई। कभी किसी की डिलीवरी, कभी दादी का निधन के बहाना बनाया गया। इस बीच, 21 जनवरी को पति प्रवीण ने मुस्कान की इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर आपत्तिजनक वीडियो और फोटो देखे। समाज में बदनामी की चिंता ने उसे इतना तोड़ दिया कि सदमे में दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई। प्रवीण के अंतिम संस्कार के बाद परिवार को पता चला कि उसके कमरे से रुद्राक्ष की माला समेत करीब 40 हजार रुपये के गहने भी गायब हैं। 26 फरवरी को मृतक के भाई ने वराछा पुलिस में मुस्कान, सीमा और रमेश के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस पहले ही रमेश और सीमा को गिरफ्तार कर चुकी थी।
अहमदाबाद में पकड़ी गई लुटेरी दुल्हन
पुलिस को सूचना मिली कि मुस्कान नागपुर से अहमदाबाद एक वकील से मिलने आ रही है। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाया और मुस्कान प्रमोदकुमार असादु मरावी को गिरफ्तार कर लिया। उसे एक दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि कहीं मुस्कान और उसके गिरोह ने और किसी युवक को तो अपना शिकार नहीं बनाया है।
नदी में लटका था टैंकर ट्रक, गुब्बारों से ऐसे किया गया सीधा – रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो वायरल
6 Aug, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात ब्रिज हादसा: गुब्बारों से हुआ टैंकर का रेस्क्यू, 27 दिन बाद ऑपरेशन सफल
अहमदाबाद: गुजरात में 9 जुलाई को हुए गंभीरा ब्रिज हादसे के बाद नदी की तरफ लटका एक टैंकर आखिरकार 27 दिनों बाद सुरक्षित निकाल लिया गया। यह पुल आणंद और वडोदरा को जोड़ता है। हादसे में 21 लोगों की जांच चली गई थी और एक टैंकर ट्रक पुल के टुकड़े के साथ नदी की ओर लटक गया था।
इस टैंकर को क्रेन से निकालना काफी जोखिम भरा था। ऐसे में आणंद कलेक्टर प्रवीण चौधरी की पहल पर कैप्सूल बैलून तकनीक का सहारा लिया गया। शनिवार को ऑपरेशन शुरू किया गया और मंगलवार की शाम बड़ी राहत भरी खबर सामने आई जब लटका हुआ टैंकर गुब्बारों की मदद से सीधा कर लिया गया।
इस जटिल रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने का श्रेय पोरबंदर की विश्वकर्मा फर्म को जाता है। तकनीकी विशेषज्ञों ने टैंकर को संतुलित करते हुए उसे धीरे-धीरे खींचकर आणंद की दिशा में पीछे हटाना शुरू किया।
इस पूरे ऑपरेशन को ड्रोन कैमरों से रिकॉर्ड किया गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
यह मिशन गुजरात में रेस्क्यू तकनीक के क्षेत्र में एक अनोखा उदाहरण बनकर उभरा है।
धड़क 2' पर दलित नेता जिग्नेश मेवाणी हुए फिदा, तारीफ में कही ये बड़ी बात
5 Aug, 2025 05:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: बॉलीवुड अभिनेत्री तृप्ति डिमरी और सिद्धांत चतुर्वेदी की लेटेस्ट फिल्म धड़क 2 सिनेमाघरों में चल रही है, लेकिन फिल्म को दर्शकों को उतना प्यार नहीं मिला है। जिसकी उम्मीद की गई थी। इस बीच गुजरात कांग्रेस के फायरब्रांड नेता जिग्नेश मेवाणी ने एक्स पर पोस्ट करके धड़क 2 मूवी सभी से देखने की अपील की है। धड़क 2 मूवी तमिल फिल्म परियेरुम पेरुमल के रीमेक है। धड़क 2 पांचवें दिन तक दुनियाभर में दुनियाभर में 16 करोड़ का बिजनेस किया है। धड़क 2 के कलेक्शन में अजय देवगन की फिल्म 'सन ऑफ सरदार 2' के आने के बाद कजेक्शन गिरने की आशंका है।
मेवाणी बोले-मस्ट वॉच
गुजरात के वडनगर से कांग्रेस के विधायक जिग्नेश मेवाणी ने धड़क 2 मूवी की काफी तारीफ की है। मेवाणी ने धड़क 2 के पोस्टर के साथ एक्स पर लिखा है कि धड़क 2 : ज़रूर देखें...मैंने सुना है कि धड़क 2 वाकई बहुत अच्छी है और एक दुर्लभ व्यावसायिक हिंदी फिल्म है जिसमें एक दलित किरदार और दलित राजनीति केंद्र में है। थिएटर में देखने का बेसब्री से इंतज़ार है। इतनी शानदार फिल्म बनाने में शामिल सभी टीम के सदस्यों पर गर्व है। मेवाणी ने फिल्म का ट्रेलर का लिंक भी साझा किया है।
आलोचकों को पसंद आई
फिल्म धड़क 2 को रिलीज के साथ दर्शकों और क्रिटिक्स से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था।मुंबई और दिल्ली जैसे बड़े शहरों में ऑक्यूपेंसी रेट भी कम रहा। इसके चलते यह फिल्म दर्शकों की बड़ी संख्या को अपनी तरफ नहीं खींच पाई। धड़क 2 बतौर डायरेक्टर शाजिया इकबाल की पहली है। उन्होंने ही फिल्म का कहानी भी लिखी है। फिल्म को धर्मा प्रोडक्शंस, जी स्टूडियो और क्लाउड 9 पिक्चर्स के बैनर तले बनाया गया है। ये 2018 में आई फिल्म धड़क का सीक्वल है और तमिल फिल्म परियेरुम पेरुमल (2018) का रीमेक है। जिग्नेश मेवाणी भले की गुजरात कांग्रेस के विधायक है लेकिन उनकी दलित नेता छवि काफी बड़ी है। वे दलितों के साथ होने वाली घटनाओं को सालों से उठा रहे हैं। मेवाणी अभी अविवाहित हैं।
अभिरक्षक' के साथ गुजरात पुलिस और भी ताकतवर, जानिए इसकी जबरदस्त खूबियां
5 Aug, 2025 05:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद : गुजरात पुलिस अब गंभीर सड़क हादसा होने पर अपने बाहुबली वाहन के जरिए लोगों क जिंदगी बचाएगी। गुजरात पुलिस ने अभिरक्षक नाम के वाहनों की तैनाती की हैं। यह वाहन घटनास्थल पर तुरंत पहुंचेगा और गाड़ियों के बीच फंसे लोगों को तुरंत निकलेगा, ताकि उन्हें गोल्डन ऑवर्स में ही अस्पताल पहुंचाया जा सके। अक्सर 'गोल्डन ऑवर्स' में अस्पताल नहीं पहुंच पाने के कारण मौत हो जाती है। गुजरात पुलिस ने अहमदाबाद ग्रामीण और सूरत के ग्रामीण इलाके में दो अभिरक्षकों की तैनाती की गई है। गुजरात पुलिस ने यह कदम सड़क हादसों में होने वाली मौतों का विश्लेषण करने के बाद उठाया है।
कैसे काम करेगा 'अभिरक्षक'
ये अभिरक्षक वाहन सड़क दुर्घटनाओं के स्थल पर सबसे पहले पहुंचेंगे और तत्काल प्रतिक्रिया प्रदान करेंगे और 'गोल्डन ऑवर्स' के दौरान घायलों को बचाकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाएंगे। यह वाहन उस समय बहुत मददगार साबित होगा जब सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति वाहन के अंदर फंस गया हो या किसी कार की चपेट में आकर गंभीर स्थिति में हो और उसे बचाने की आवश्यकता हो। यह आधुनिक वाहन ऑक्सीजन सिलेंडरों के अलावा 32 से ज़्यादा विशेष बचाव उपकरणों और उपकरणों से सुसज्जित है। इनमें विशेष प्रकार के उन्नत पेशेवर उपकरण जैसे मेटल कटर, ग्लास कटर, बोल्ट कटर, टेलीस्कोपिक सीढ़ी, स्ट्रेचर, जनरेटर और भारी वज़न उठाने में सक्षम विंच शामिल हैं।
'अभिरक्षक' की क्या है खूबी?
इस आधुनिक वाहन में 32 से ज्यादा विशेष बचाव उपकरण और उपकरण शामिल हैं, जिनमें मेटल कटर, ग्लास कटर, बोल्ट कटर, टेलीस्कोपिक सीढ़ी, स्ट्रेचर, जनरेटर, भारी वजन उठाने वाली विंच और ऑक्सीजन की बोतल शामिल हैं। इसके अलावा, अभिरक्षक में नाइट विज़न गॉगल्स, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, ट्रैफ़िक कंट्रोल लाइट ब्लिंकर और ड्रोन ऑपरेशन के लिए एक चैंबर जैसी अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। इस वाहन की बॉडी के साथ-साथ प्रवेश-निकास डिज़ाइन भी अग्निरोधी और आक्रमण-रोधी है, जो भीड़भाड़ या संवेदनशील परिस्थितियों में सुरक्षित संचालन के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी के अनुसार गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने राज्य के नागरिकों के हित में यह निर्णय लिया गया है। जिसके जरिए उनके बचने का हर उपाय किया जाएगा। इसी पहल में तकनीकी उपकरणों को बढ़ाया जा रहा है।
क्रेन फेल, अब हवा से उठेगा टैंकर! कैप्सूल बैलून तकनीक से अनोखा ऑपरेशन शुरू
5 Aug, 2025 04:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद: गुजरात में पिछले पुल हादसे के बाद करीब एक महीने बाद लटके टैंकर को निकालने के लिए अनूठा ऑपरेशन शुरू किया गया है। टैंकर को क्रेन के जरिए हटाना असंभव था। ऐसे में करीब तीन हफ्ते के इंतजार के बाद अब एक अनूठी तकनीक से इस टैंकर को निकाला जाएगा। ब्रिज हादसे के रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो गया था लेकिन टैंकर लटका हुआ था। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद अब आणंद जिला प्रशासन ने टैंकर हटाने का काम पोरबंदर की एक फर्म को सौंपा है।
बैलून तकनीक से हटेगा टैंकर
कैप्सूल बैलून तकनीक से टैंकर को हटाया जाएगा, क्याेंकि ट्रक जिस जगह लटका हुआ है। उसके जरा सी चूक होने पर महीसाागर नदी में गिरने का भी खतरा बना हुआ है। यही वजह है कि प्रशासन फूंक-फूंककर कदम रख रहा है। पिछले महीने 9 जुलाई सुबह आणंद-वडोदरा को जोड़ने वाला ब्रिज टूट गया था। इस हादसे में 21 लोगों की मौत हुई थी। आणंद के कलेक्टर प्रवीण चौधरी के अनुसार ट्रक को बचाना काफी कठिन था। इसलिए तमाम चीजों को ध्यान में रखने के बाद पोरबंदर के विश्वकर्मा ग्रुप द्वारा अब टैंकर को निकालने का काम शुरू किया गया है। इसमें हाइड्रोलिक स्टैंड जैक का इस्तेमाल किया जाएगा।
क्या है कैप्सूल बैलून तकनीक?
जैसे कार में जैक लगाया जाता है, वैसे ही टैंकर के टायरों के बीच खाली जगह में एक खाली कैप्सूल बैलून रखा जाएगा।
कैप्सूल बैलून को टैंकर के नीचे रखा जाएगा और उसमें हवा भरी जाएगी।
कैप्सूल बैलून में हवा भरते ही टैंकर ऊपर आ जाएगा।
टैंकर को पुल की सतह पर लाया जाएगा।
टैंकर के पुल की सतह पर पहुंचने के बाद, उसे स्वचालित मशीनों के जरिए उठाकर हटाया जाएगा।
1 KM बनाया कंट्रोल रूम
गंभीरा ब्रिज के बीच में लटके ट्रैंकर को निकलने के लिए फर्म ने 1 किलोमीटर दूर एक नियंत्रण कक्ष तैयार किया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गंभीर पुल पर लटके टैंकर को कैप्सूल बैलून के जरिए हटाया जाएगा। टैंकर को पुल से हटाने के लिए लगभग एक किलोमीटर दूर एक नियंत्रण कक्ष तैयार किया गया है। जहां से नियंत्रण कक्ष का ऑपरेटर स्वचालित मशीनों के जरिए टैंकर को पुल से अंकलाव की ओर खींचेगा। इस पूरे ऑपरेशन में समय लगेगा। टीम ने पिछले कुछ दिनों जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। टैंकर के शनिवार तक निकलने की उम्मीद जा रही है।
मुख्यमंत्री आज निवाड़ी में देंगे 193 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
ई-मोबिलिटी की ओर भोपाल का बड़ा कदम, 10 नई ई-बसें सोमवार से शुरू
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देना चाहते थे! छात्र आंदोलन पर बीजेपी नेता का बड़ा खुलासा
टैंक में जहरीली गैस से मची त्रासदी, ग्रेटर नोएडा में दो लोगों की मौत
