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पाकिस्तान के हमले के बाद अफगानिस्तान में हड़कंप
28 Apr, 2026 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कुनार: अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी हवाई हमला, विश्वविद्यालय और आवासीय क्षेत्रों को बनाया निशाना; 7 की मौत, 75 घायल
काबुल/कुनार: अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में पाकिस्तानी सैन्य बलों द्वारा किए गए हवाई हमलों ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन हमलों में अब तक कम से कम 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 75 से अधिक लोग घायल हैं। हमलों की तीव्रता को देखते हुए हताहतों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
आवासीय इलाकों और विश्वविद्यालय को बनाया निशाना
प्रांतीय राजधानी असदाबाद और सरकानो जिले सहित कई क्षेत्रों में सोमवार को बमबारी की गई। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इन हमलों में न केवल रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया, बल्कि सैयद जमालुद्दीन अफगान विश्वविद्यालय परिसर पर भी मोर्टार और मिसाइलें दागी गईं।
तबाही का मंजर: विस्फोटों के बाद प्रभावित क्षेत्रों से काले धुएं के गुबार उठते देखे गए। हमलों के डर से सैकड़ों नागरिक अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने को मजबूर हो गए।
विश्वविद्यालय में दहशत: शैक्षणिक संस्थान पर हुए इस हमले में कम से कम 30 छात्र और प्रोफेसर घायल हुए हैं। परिसर की इमारतों को भी व्यापक नुकसान पहुँचा है।
अफगान सरकार ने जताया कड़ा विरोध
अफगानिस्तान के उच्च शिक्षा मंत्रालय ने इस सैन्य कार्रवाई की तीव्र निंदा की है। मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इसे "कायरतापूर्ण और क्रूर कृत्य" करार दिया है।
अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों का उल्लंघन: मंत्रालय के अनुसार, शैक्षणिक संस्थान पर हमला करना इस्लामी और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों के पूरी तरह खिलाफ है।
उच्च शिक्षा मंत्री का निर्देश: उच्च शिक्षा मंत्री शेख नेदा मोहम्मद नदीम ने अधिकारियों को घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील की है कि वे इस हिंसा पर चुप्पी तोड़ें और कड़ी कार्रवाई करें।
अफगानिस्तान-पाकिस्तान संबंधों में बढ़ती कड़वाहट
बीते कुछ महीनों में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमाई विवाद और कूटनीतिक तनाव चरम पर पहुँच गया है।
आरोप-प्रत्यारोप: दोनों देश एक-दूसरे पर अस्थिरता फैलाने और आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप लगा रहे हैं।
विफल मध्यस्थता: स्थानीय स्तर पर शांति बहाली के प्रयास अब तक बेअसर रहे हैं। बार-बार हो रही गोलीबारी और हवाई हमलों ने सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा पर बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।
कुनार प्रांत के सरकारी अस्पतालों में घायलों की भीड़ लगी है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। बचाव दल मलबे में दबे लोगों की तलाश और राहत कार्य में जुटे हुए हैं।
अमेरिका में एक कार की कीमत में चीन में मिल रहीं 5 EV
28 Apr, 2026 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। चीन के इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बाजार ने अपनी किफायती कीमतों से पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में 25,000 डॉलर (लगभग 21 लाख रुपये) से कम कीमत वाले 200 से अधिक इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड मॉडल बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
क्या वाकई अमेरिका की एक कार की कीमत में चीन में कई EV आ सकती हैं?
जी हां, आंकड़ों का विश्लेषण बताता है कि अमेरिका में एक नई कार की जो औसत कीमत है, उतने बजट में चीन में कई इलेक्ट्रिक गाड़ियां एक साथ खरीदी जा सकती हैं। हालांकि, ये बेहद सस्ते मॉडल फिलहाल अमेरिकी या अन्य विदेशी बाजारों में उपलब्ध नहीं हैं और सुरक्षा मानकों या व्यापारिक नीतियों के कारण भविष्य में भी इनके वहां पहुंचने की उम्मीद कम है।
चीन की सबसे लोकप्रिय और किफायती इलेक्ट्रिक कारें
चीन के बाजार में कुछ ऐसे मॉडल हैं जो अपनी कम कीमत के कारण ग्राहकों की पहली पसंद बने हुए हैं:
Wuling Hongguang MiniEV: इसकी शुरुआती कीमत मात्र $6,560 (करीब 5.5 लाख रुपये) है। यह छोटी कार शहरी इलाकों में आवाजाही के लिए सबसे किफायती विकल्प मानी जाती है।
Geely EX2: इसकी कीमत $10,060 से शुरू होती है। यह एक कॉम्पैक्ट ईवी है जो अपने आधुनिक फीचर्स के लिए मशहूर है।
BYD Seagull: इसकी कीमत $10,200 के आसपास है। आकर्षक डिजाइन और शानदार रेंज की वजह से इसने बाजार में सनसनी फैला दी है।
BYD के अन्य मॉडल: इसमें Yuan UP ($10,945) और Qin Plus DM ($11,675) जैसे मॉडल भी शामिल हैं।
BYD का एकछत्र राज
इलेक्ट्रिक वाहनों के मामले में BYD चीन की सबसे बड़ी कंपनी बनकर उभरी है। कंपनी के तीन प्रमुख मॉडल, जिनकी कीमत 12,000 डॉलर से कम है, उन्होंने पिछले एक साल में 7 लाख से ज्यादा गाड़ियां बेची हैं। विशेष रूप से 'सीगल' मॉडल ने अपनी परफॉर्मेंस और कम दाम से वैश्विक विश्लेषकों को भी चौंका दिया है।
बजट कारों में भी मिलते हैं हाई-टेक फीचर्स
कम कीमत होने के बावजूद चीन की इन इलेक्ट्रिक कारों में फीचर्स से कोई समझौता नहीं किया गया है। इनमें शामिल हैं:
बड़ा इंफोटेनमेंट टचस्क्रीन।
फास्ट चार्जिंग और बेहतर बैटरी बैकअप।
ड्राइविंग असिस्ट सिस्टम और ऑटोमैटिक लेन चेंज।
उन्नत कनेक्टिविटी फीचर्स।
वैश्विक बाजार और भारत पर प्रभाव
चीन की इन सस्ती कारों की बढ़ती पहुंच वैश्विक ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रही है।
प्रतिस्पर्धा: यदि ये किफायती वाहन अन्य देशों के बाजारों में प्रवेश करते हैं, तो स्थानीय कंपनियों पर कीमतें घटाने का भारी दबाव होगा।
बदलाव का संकेत: यह ट्रेंड स्पष्ट करता है कि भविष्य में इलेक्ट्रिक गाड़ियां न केवल तकनीक में उन्नत होंगी, बल्कि आम आदमी की जेब के दायरे में भी होंगी।
Imran Khan की चौथी आंखों की सर्जरी, रोशनी को लेकर बढ़ी चिंता
28 Apr, 2026 03:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद: अडियाला जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को मंगलवार सुबह इस्लामाबाद के पाकिस्तान आयुर्विज्ञान संस्थान (PIMS) लाया गया, जहाँ उनकी आंखों की एक और प्रक्रिया (प्रोसीजर) संपन्न हुई।
प्रमुख बिंदु:
चौथा इंजेक्शन: 74 वर्षीय इमरान खान को उनकी दाहिनी आंख में चौथा इंट्राविट्रियल एंटी-वेईजीएफ (Anti-VEGF) इंजेक्शन दिया गया है।
बीमारी: उन्हें सीआरवीओ (Central Retinal Vein Occlusion) नाम की गंभीर बीमारी है, जिसके कारण उनकी आंखों की रोशनी पर खतरा बना हुआ है।
स्वास्थ्य स्थिति: डॉक्टरों के अनुसार, पिछले इंजेक्शनों के बाद उनकी स्थिति में सुधार देखा गया है और वर्तमान में उनकी हालत स्थिर है। इंजेक्शन देने के बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया है।
इलाज का घटनाक्रम
इमरान खान की इस बीमारी का पता जनवरी 2026 में चला था। तब से उनके इलाज का सिलसिला कुछ इस प्रकार रहा है:
प्रथम इंजेक्शन: 24 जनवरी 2026
द्वितीय इंजेक्शन: 24 फरवरी 2026
तृतीय इंजेक्शन: 23 मार्च 2026
चतुर्थ इंजेक्शन: 28 अप्रैल 2026
पीटीआई और परिवार की चिंताएँ
पीटीआई के अध्यक्ष बैरिस्टर गोहर अली खान ने इस मेडिकल चेकअप की पुष्टि की है, लेकिन साथ ही सरकार पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं:
निजी डॉक्टरों की मांग: पार्टी का कहना है कि इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल जैसे निजी संस्थान में शिफ्ट किया जाना चाहिए, जहाँ उनके पारिवारिक डॉक्टर उनकी देखरेख कर सकें।
पारदर्शिता का अभाव: विपक्ष का आरोप है कि जेल प्रशासन और सरकार खान के स्वास्थ्य से जुड़ी पूरी जानकारी साझा नहीं कर रहे हैं।
बुशरा बीबी की स्थिति
गौरतलब है कि इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी भी आंखों की समस्या से जूझ रही हैं। हाल ही में (21 अप्रैल के आसपास) रावलपिंडी के एक अस्पताल में उनकी 'रेटिनल डिटैचमेंट' के लिए सर्जरी हुई थी। फिलहाल, दोनों पति-पत्नी रावलपिंडी की अडियाला जेल में अपनी सजा काट रहे हैं।
आरोपियों के पास से विदेशी मार्का पिस्टल बरामद
28 Apr, 2026 01:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा। एसटीएफ (STF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा गिरोह के दो शार्प शूटरों को सोमवार को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। ये दोनों अपराधी किसी बड़ी सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे और अंबाला कैंट की शास्त्री कॉलोनी के पास नेशनल हाईवे-44 पर अपने अगले निर्देशों का इंतजार कर रहे थे।
विदेशी हथियार और कारतूस बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों की तलाशी ली, जिसमें उनके पास से घातक हथियार बरामद हुए हैं:
बरामदगी: एक विदेशी मार्का वाली देशी पिस्टल, दो मैगजीन और पांच जिंदा कारतूस।
पहचान: पकड़े गए शूटरों की पहचान आगरा निवासी भूपेंद्र सिंह उर्फ थापा और राजस्थान के भरतपुर निवासी नितिन उर्फ जट्टा के रूप में हुई है।
गैंगस्टर रोहित गोदारा से संबंध और साजिश
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं:
निर्देश: आरोपियों ने बताया कि उन्हें गैंगस्टर रोहित गोदारा और उसके करीबी साथियों—जेपी (कानेर), देवेंद्र (जयपुर) और वीरेंद्र चारण ने हथियार मुहैया करवाकर अंबाला भेजा था।
टारगेट किलिंग की तैयारी: शूटरों को आदेश दिया गया था कि अंबाला पहुँचने के बाद उन्हें उनके 'टारगेट' (निशाने) की जानकारी दी जाएगी। एसटीएफ की सतर्कता से समय रहते एक बड़ी 'टारगेट किलिंग' की साजिश को नाकाम कर दिया गया है।
पुलिस की आगामी कार्रवाई
पड़ाव थाना पुलिस ने पकड़े गए अपराधियों के खिलाफ संगठित अपराध से जुड़ी नई धाराओं 111(2), 111(3), 111(4) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
रिमांड की तैयारी: पुलिस मंगलवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर उनकी रिमांड मांगेगी।
जांच के मुख्य बिंदु: रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि अंबाला में इनका असली निशाना कौन था और शहर में इन्हें रसद, रुकने का ठिकाना और सूचनाएं कौन उपलब्ध करवा रहा था।
ट्रंप की ईरान को धमकी: 3 दिन में समझौता नहीं हुआ तो तेल पाइपलाइनों को तबाह कर देंगे
28 Apr, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अगले तीन दिनों के भीतर ईरान परमाणु और क्षेत्रीय मुद्दों पर समझौता नहीं करता है, तो उसकी तेल पाइपलाइनों को भीषण विस्फोटों के जरिए नष्ट कर दिया जाएगा। ट्रंप का यह कड़ा बयान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची की रूस यात्रा के बीच आया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में खलबली मच गई है।
एक अंतरराष्ट्रीय चैनल को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि अमेरिका की सख्त नाकेबंदी के कारण ईरान पहले ही जहाजों के जरिए तेल निर्यात करने में असमर्थ है। अब यदि पाइपलाइन नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया, तो ईरान का तेल निर्यात पूरी तरह ठप हो जाएगा और वह अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल बेचने के लायक भी नहीं बचेगा। ट्रंप ने धमकी दी कि पाइपलाइनों को इस तरह तबाह किया जाएगा कि ईरान उन्हें दोबारा बनाने की स्थिति में नहीं रहेगा। तनाव की ताजा कड़ी ईरान के विदेश मंत्री अराघची का रूस दौरा है। इससे पहले वे अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष वार्ता की उम्मीद में पाकिस्तान गए थे, लेकिन ट्रंप ने अपना प्रतिनिधिमंडल वहां भेजने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद अराघची ओमान और फिर रूस की यात्रा पर निकल गए, जहां वे राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात कर वार्ता की रूपरेखा पर चर्चा करेंगे। ट्रंप ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी टीम अब पाकिस्तान नहीं जाएगी, अब जो भी बातचीत होगी, वह केवल फोन पर होगी। ईरान ने हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप को एक लिखित प्रस्ताव भी भेजा था, जिसे राष्ट्रपति ने तुरंत खारिज कर दिया। हालांकि, ट्रंप ने दावा किया कि पहले प्रस्ताव के मुकाबले ईरान ने अब एक दूसरा, बेहतर प्रस्ताव भेजा है। उन्होंने कहा कि वार्ता के लिए इधर-उधर सफर करने की जरूरत नहीं है, ईरान जब चाहे उन्हें फोन कर सकता है। दूसरी ओर, ईरान का कहना है कि वे मॉस्को में रूस के साथ मिलकर युद्ध समाप्त करने और शांति बहाली के ढांचे पर चर्चा करेंगे। 11 और 12 अप्रैल को हुई शांति वार्ता के पहले दौर की विफलता के बाद अब वैश्विक नजरें ट्रंप की तीन दिन की समय सीमा और रूस-ईरान की अगली रणनीतिक चाल पर टिकी हैं।
तापमान में लगातार बढ़ोतरी, लू जैसे हालात बनने लगे
28 Apr, 2026 11:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा में मौसम का मिजाज बदला: भीषण गर्मी के बीच धूल भरी आंधी और बूंदाबांदी से राहत
हरियाणा के विभिन्न हिस्सों में सोमवार को सूर्य के तीखे तेवरों ने जनजीवन को बेहाल कर दिया, लेकिन शाम होते-होते मौसम ने करवट बदली। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से कई जिलों में धूल भरी आंधी के साथ हल्की वर्षा दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आने की संभावना जगी है।
गर्मी का रिकॉर्ड और जिलों का तापमान
सोमवार को प्रदेश का सबसे गर्म जिला फरीदाबाद रहा। राज्य के प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान कुछ इस प्रकार दर्ज किया गया:
शहर
अधिकतम तापमान (°C)
फरीदाबाद
44.4
रोहतक
44.2
महेंद्रगढ़
43.5
हिसार
43.4
जींद
43.1
गुरुग्राम
43.0
हिसार में न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
शाम को मौसम में अचानक बदलाव
शाम 7 बजे के बाद प्रदेश के कई जिलों में धूल का गुबार छा गया। भिवानी, हिसार, रेवाड़ी, चरखी-दादरी और महेंद्रगढ़ में तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी चली। सिरसा, फतेहाबाद और आसपास के क्षेत्रों में भी इसी तरह का मौसम देखने को मिला, जबकि कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी ने गर्मी से आंशिक राहत दी।
अगले तीन दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, आने वाले दिनों में राहत जारी रहने की उम्मीद है:
तारीख: 28, 29 और 30 अप्रैल को मौसम परिवर्तनशील रहेगा।
हवा की गति: प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं।
तापमान में गिरावट: आंधी और संभावित बारिश के चलते अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है।
इजराइल की जनता भड़की: चुनाव से पहले नेतन्याहु पर दबाव
28 Apr, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यरुशलम। इजराइल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहु के खिलाफ जनाक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। बढ़ती सुरक्षा की चिंता और लंबे खिंचती युद्ध की स्थिति के साथ ही आंतरिक राजनीतिक संकट को लेकर बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अक्टूबर में संभावित चुनावों को देखते हुए ये विरोध प्रदर्शन राजनीतिक रूप से बेहद अहम माने जा रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हाल के महीनों में हिज़्बुल्लाह और ईरान समर्थित समूहों के साथ बढ़ते तनाव ने देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। हालिया संघर्षों में हुई जनहानि और बुनियादी ढांचे को पहुंचे नुकसान ने सरकार की आलोचना को और तेज कर दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि सीमावर्ती और ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार के खिलाफ असंतोष अधिक गहरा गया है। इसी बीच, नेतन्याहु की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। प्रोस्टेट कैंसर से जुड़ी खबरों ने राजनीतिक माहौल को प्रभावित किया है। हालांकि सरकार की ओर से इसे निजी मामला बताया जा रहा है, लेकिन जनता के एक वर्ग में उनके नेतृत्व को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
इसके अलावा, इजराइली न्यायपालिका में लंबित भ्रष्टाचार मामलों ने भी प्रधानमंत्री की छवि को प्रभावित किया है। विपक्ष इन मुद्दों को चुनावी अभियान में प्रमुखता से उठा रहा है, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुरक्षा स्थिति और राजनीतिक अस्थिरता इसी तरह बनी रहती है, तो आगामी चुनावों में सत्ता परिवर्तन की संभावना बढ़ सकती है। आने वाले महीनों में इजराइल की राजनीति और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
अब टेक्सास में अंधाधुंध फायरिंग, 2 की मौत, हमलावर गंभीर रुप से घायल
28 Apr, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मिडलैंड। अमेरिका के टेक्सास प्रांत के मिडलैंड शहर में रविवार तड़के एक बार के बाहर हुई गोलीबारी की दो घटनाओं ने सनसनी फैला दी। यह घटना सुबह की है, जब ट्रेडविंड्स और ड्यूविले बुलेवार्ड के पास स्थित एक बार के बाहर अचानक गोलियों की आवाज गूंज उठी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अब उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है।जानकारी के अनुसार, घटना के समय कुछ ऑफ-ड्यूटी पुलिसकर्मी उसी बार में तैनात थे। जैसे ही उन्होंने पास में फायरिंग की आवाज सुनी, वे तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां उनका सामना एक हथियारबंद व्यक्ति से हुआ। पुलिसकर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संदिग्ध पर गोलियां चलाईं, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। संदिग्ध को तुरंत मिडलैंड मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। बताया जा रहा है कि इस गोलीबारी में दो लोगों की मौत हुई है।
जांच में यह बात सामने आई है कि पुलिस मुठभेड़ से ठीक पहले बार के सामने सड़क के दूसरी ओर कुछ लोगों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। झगड़ा इतना बढ़ गया कि संदिग्ध ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस प्रारंभिक गोलीबारी में दो अन्य लोग भी घायल हुए थे, जिन्हें निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन दोनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। वर्तमान में इस पूरी घटना की कमान टेक्सास रेंजर्स ने संभाल ली है। वे विशेष रूप से पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग के पहलुओं की जांच कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे घटना के हर संभावित कोण को खंगाल रहे हैं और विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही आगे के तथ्यों का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में शांति है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस बल लगातार गश्त कर रहा है। मामले की तहकीकात जारी है।
बड़ा हादसा: Indonesia में ट्रेन दुर्घटना, मृतकों का आंकड़ा बढ़ा
28 Apr, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जकार्ता: इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता के बाहरी इलाके में सोमवार को हुए एक हृदयविदारक ट्रेन हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। अधिकारियों ने मंगलवार सुबह पुष्टि की है कि इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। बेकासी तिमुर जैसे व्यस्त स्टेशन पर हुई इस टक्कर के बाद अभी भी मलबे में जिंदगियां तलाशने का संघर्ष जारी है।
हादसे का घटनाक्रम: कैसे हुई टक्कर?
हादसा उस वक्त हुआ जब बेकासी तिमुर स्टेशन पर एक 'कम्यूटर ट्रेन' (स्थानीय ट्रेन) खड़ी थी। इसी दौरान पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार लंबी दूरी की ट्रेन ने कम्यूटर ट्रेन के पिछले डिब्बों को जोरदार टक्कर मार दी।
शुरुआती कारण: बताया जा रहा है कि कम्यूटर ट्रेन पहले ट्रैक पर फंसी एक टैक्सी से टकराकर रुकी थी, जिसके तुरंत बाद पीछे से आ रही ट्रेन ने उसे टक्कर मार दी।
सर्वाधिक नुकसान: टक्कर इतनी भयावह थी कि डिब्बे एक-दूसरे पर चढ़ गए। सबसे ज्यादा क्षति महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बे को हुई है, जहाँ हताहतों की संख्या सबसे अधिक बताई जा रही है।
रेस्क्यू ऑपरेशन: "डिब्बे काटकर निकाली जा रही हैं लाशें"
इंडोनेशिया खोज एवं बचाव एजेंसी के प्रमुख मोहम्मद सयाफी ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण है। राहतकर्मी एंगल ग्राइंडर और भारी मशीनों की मदद से मुड़े हुए लोहे के डिब्बों को काट रहे हैं।
मौके का मंजर: स्टेशन पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कई लोग अपनों की तलाश में बदहवास घूम रहे हैं। एक भावुक दृश्य तब देखने को मिला जब एक युवक अपने भाई का खून से सना बैग सीने से चिपकाकर रोता नजर आया।
जीवित बचे लोगों की उम्मीद: बचाव दल का मानना है कि मलबे के भीतर अभी भी कुछ यात्री जीवित फंसे हो सकते हैं, जिन्हें निकालने के लिए रात-दिन काम किया जा रहा है।
राष्ट्रपति का दौरा और बुनियादी ढांचे पर सवाल
हादसे की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो ने अस्पताल पहुँचकर घायलों से मुलाकात की।
फ्लाईओवर का वादा: राष्ट्रपति ने स्वीकार किया कि रेलवे ट्रैक के पास भारी ट्रैफिक जाम की समस्या दुर्घटनाओं का कारण बनती है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र में जल्द ही फ्लाईओवर बनाने की घोषणा की।
रखरखाव में कमी: राष्ट्रपति ने स्पष्ट शब्दों में माना कि देश के रेलवे नेटवर्क का रखरखाव (Maintenance) संतोषजनक नहीं है। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
जांच और पुराना रिकॉर्ड
सरकारी रेलवे कंपनी पीटी केरेटा एपी इंडोनेशिया के सीईओ बॉबी रसीदिन ने कहा कि सभी शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा समिति ने इस बात की जांच शुरू कर दी है कि क्या यह सिग्नल फेलियर था या मानवीय भूल।
गौरतलब है कि इंडोनेशिया में रेल सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इससे पहले 2024 में पश्चिम जावा में हुए हादसे में भी चार लोगों की जान गई थी। इस ताजा घटना ने एक बार फिर दक्षिण-पूर्व एशिया के इस सबसे बड़े द्वीप समूह वाले देश में सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
बांग्लादेश में नहीं थम रहे हिंदुओं पर अत्याचार, पेड़ पर लटका मिला पुजारी का शव
28 Apr, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। बांग्लादेश अभी भी हिंदुओं पर अत्याचार थमे नहीं है। हाल ही में एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक हिंदू मंदिर के पुजारी और देखभाल करने वाले व्यक्ति का शव तीन दिन बाद एक पेड़ से लटका हुआ मिला। इस वीभत्स घटना ने स्थानीय स्तर पर, खासकर अल्पसंख्यक समुदाय में, तनाव और डर का माहौल पैदा कर दिया है। एक अल्पसंख्यक समूह ने मामले के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद (बीएचबीसीयूसी) ने बताया कि चटगांव जिले के सतकनिया उपजिला के दोहाजारी क्षेत्र निवासी 40 वर्षीय नयन साधु कॉक्स बाजार सदर उपजिला के खुरुशकुल यूनियन में स्थित शिवकाली मंदिर की देखभाल करने के साथ-साथ पुजारी का काम भी करते थे। पुलिस और कॉक्स बाजार इलाके के निवासियों के मुताबिक, 19 अप्रैल की देर शाम दो अज्ञात व्यक्ति नयन को अपने साथ ले गए थे, और तीन दिन बाद, उनका शव गांव के बाहरी इलाके में एक पहाड़ी क्षेत्र में पेड़ से लटका हुआ मिला।
पुलिस अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि जब शव बरामद किया गया, तब तक वह सड़ना शुरू हो चुका था। पुलिस अब तक यह तय नहीं कर पाई है कि यह मामला हत्या का है या आत्महत्या का, हालांकि परिस्थितियों को देखते हुए हत्या का संदेह गहरा रहा है। परिषद ने एक बयान जारी कर नयन की हत्या के दोषियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग की। बयान में कहा गया, ‘एकता परिषद इस घटना की कड़ी निंदा करती है और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग करती है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।’
बीएचबीसीयूसी की वरिष्ठ सदस्य काजल देबनाथ ने कहा कि ‘हम यह बिल्कुल नहीं समझ पा रहे हैं कि एक दूरदराज के इलाके में स्थित अपेक्षाकृत छोटे मंदिर के एक साधारण संरक्षक की हत्या के पीछे क्या मकसद हो सकता है।’ बांग्लादेश पूजा उत्सव परिषद की कॉक्स बाजार इकाई के महासचिव जॉनी धर ने भी नयन के लापता होने के तीन दिन बाद शव बरामद होने को हत्या का स्पष्ट संकेत बताया है। पुलिस ने बताया कि मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि नयन की पत्नी ने 19 अप्रैल को पति के गुमशुदा होने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसके बाद इस प्रकरण की जांच शुरू की गई थी। इस घटना ने एक बार फिर बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इससे पहले, परिषद ने कहा था कि बांग्लादेश में इस साल 1 जनवरी से 31 मार्च के बीच सांप्रदायिक हिंसा की 133 घटनाएं हुई हैं, जो देश में अल्पसंख्यकों के लिए बिगड़ती स्थिति को दर्शाती हैं।
सरकार का फैसला, शहरी विकास को गति देने की कोशिश
28 Apr, 2026 08:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा 'स्टिल्ट प्लस फोर' नीति: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, गुरुग्राम को छोड़ पूरे प्रदेश में निर्माण को हरी झंडी
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को स्टिल्ट प्लस फोर (S+4) नीति के मामले में एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बैरी की खंडपीठ ने निर्माण कार्यों को लेकर प्रदेशवासियों को बड़ी राहत दी है।
गुरुग्राम के बाहर निर्माण पर रोक नहीं
अदालत ने स्पष्ट किया कि 2 अप्रैल को निर्माण पर लगाई गई रोक का आदेश केवल गुरुग्राम जिले तक ही सीमित है। इसका अर्थ यह है कि:
हरियाणा के अन्य सभी जिलों में सरकार की नीति के अनुसार चार मंजिला भवनों का निर्माण जारी रह सकेगा।
गुरुग्राम में फिलहाल अतिरिक्त मंजिलों के निर्माण पर पाबंदी बरकरार रहेगी।
बुलडोजर कार्रवाई पर रोक से इनकार
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रदेश भर में चल रही अतिक्रमण हटाओ मुहिम और अवैध निर्माण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाने से साफ मना कर दिया।
जस्टिस नागू ने टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य सरकार कानून के दायरे में रहकर अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।
कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से सवाल किया, "क्या आप गुरुग्राम की स्थिति में सुधार नहीं चाहते?"
गुरुग्राम की स्थिति पर गंभीर चिंता
हाईकोर्ट ने गुरुग्राम के बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) की जर्जर होती स्थिति पर सख्त रुख अपनाया:
अतिक्रमण: फुटपाथों और सड़कों पर अवैध कब्जों के कारण पैदल चलने वालों के लिए जगह की कमी पर चिंता जताई गई।
तुलना: कोर्ट ने दिल्ली का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां लोग बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण कॉलोनियां छोड़ रहे हैं। गुरुग्राम भी वर्तमान में बढ़ती आबादी के भारी दबाव में है, इसलिए वहां नियमों में ढील देना संभव नहीं है।
नीति की होगी न्यायिक समीक्षा
अदालत ने यह भी साफ किया कि हरियाणा सरकार की 'स्टिल्ट प्लस फोर' नीति अभी भी न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के अधीन रहेगी। जनहित याचिका पर सुनवाई जारी है, जिसमें निम्नलिखित तर्क दिए गए हैं:
विशेषज्ञ समिति की अनदेखी: याचिकाकर्ता का दावा है कि विशेषज्ञ कमेटी की सिफारिशों को लागू किए बिना ही चार मंजिलों की अनुमति दी गई।
बुनियादी ढांचे पर बोझ: कोर्ट ने माना कि बिना सीवरेज, ड्रेनेज और ट्रैफिक की ठोस योजना के अतिरिक्त मंजिलें बनाने से जलभराव और नागरिक समस्याएं बढ़ सकती हैं।
व्हाइट हाउस में गोलीबारी के बाद ब्रिटिश किंग चार्ल्स का अमेरिका दौरा
28 Apr, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका और ब्रिटेन के बीच बढ़ती कड़वाहट के बावजूद ब्रिटिश किंग चार्ल्स चार दिन की अमेरिका यात्रा पर आ रहे हैं। यह दौरा ऐसे वक्त हो रहा है जब वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान गोलीबारी की घटना ने सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह दौरा इसलिए भी अहम है क्योंकि ब्रिटिश पीएम स्टार्मर और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच बीते दिनों में तीखी बहस देखने को मिली थी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन के बकिंघम पैलेस ने साफ कहा है कि सुरक्षा समीक्षा और अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत के बाद यह दौरा रद्द नहीं किया जाएगा। किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला सोमवार को अमेरिका पहुंचेंगे। हालांकि डिनर में हुई फायरिंग के बाद कुछ समय के लिए इस यात्रा को लेकर अनिश्चितता बनी गई थी। इस घटना में एक हमलावर ने सुरक्षा कर्मियों के पास गोलीबारी की थी, जिसके बाद अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस घटना के बावजूद ट्रंप ने खुद कहा कि किंग चार्ल्स का दौरा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। इस दौरे की अहमियत सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं है।
बता दें पिछले कुछ महीनों में अमेरिका और ब्रिटेन के रिश्तों में कई मुद्दों को लेकर तनाव बढ़ा है। सबसे बड़ा मतभेद ईरान को लेकर है, जब ब्रिटेन ने अमेरिका और इजराइल के साथ मिलकर ईरान पर सैन्य कार्रवाई करने से इनकार कर दिया था। इस पर ट्रंप ने ब्रिटेन के पीएम की खुलकर आलोचना की थी और यहां तक कह दिया था कि अब रिश्ते पहले जैसे नहीं रहे।
इसके अलावा व्यापार को लेकर भी दोनों देशों के बीच टकराव बढ़ा है। ट्रंप प्रशासन ने ब्रिटिश सामानों पर 10 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी, जिससे आर्थिक रिश्तों में भी खटास आई है, वहीं ग्रीनलैंड को लेकर विवाद ने भी दोनों देशों के बीच दूरी बढ़ाई। जब ट्रंप ने ग्रीनलैंड खरीदने की बात दोबारा उठाई, तो ब्रिटेन के पीएम किम स्टार्मर ने डेनमार्क का समर्थन किया, जिससे मामला और बिगड़ गया। चागोस द्वीप समूह और डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे को लेकर भी अमेरिका ने ब्रिटेन की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। इसके अलावा अमेरिकी सरकार द्वारा कुछ ब्रिटिश नागरिकों पर वीजा प्रतिबंध लगाने का मुद्दा भी दोनों देशों के रिश्तों में तनाव का कारण बना। ऐसे हालात में किंग चार्ल्स का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है। यह सिर्फ एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच बिगड़ते रिश्तों को संभालने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।
अमेरिका-चीन तनाव बढ़ा, ट्रंप ने टैंकर और शिपिंग कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए
27 Apr, 2026 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अंतरराष्ट्रीय तनाव: अमेरिका ने चीनी तेल कंपनी और 'शैडो फ्लीट' पर लगाए कड़े प्रतिबंध, भड़का चीन
वाशिंगटन/बीजिंग: ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य-पूर्व में उसकी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए अमेरिका ने अपनी रणनीति और सख्त कर दी है। अमेरिकी प्रशासन ने चीन की प्रमुख तेल रिफाइनरी हेंगली पेट्रोकेमिकल सहित करीब 40 शिपिंग कंपनियों और तेल टैंकरों पर कड़े प्रतिबंधों की घोषणा की है। इस कार्रवाई के बाद बीजिंग ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे अवैध बताया है।
कार्रवाई का मुख्य कारण: ईरान से तेल की खरीद
अमेरिका पहले ही ईरान के तेल निर्यात पर वैश्विक पाबंदी लगा चुका है, लेकिन चीन लगातार इन प्रतिबंधों को दरकिनार कर ईरान से कच्चा तेल खरीद रहा था।
निशाने पर हेंगली पेट्रोकेमिकल: यह चीन की एक विशाल रिफाइनरी है जिसकी क्षमता रोजाना 4 लाख बैरल तेल प्रोसेस करने की है। अमेरिकी जांच के अनुसार, यह कंपनी 2023 से ईरानी तेल की प्रमुख खरीदार बनी हुई थी।
'शैडो फ्लीट' पर वार: अमेरिका ने उन 40 जहाजों और कंपनियों को भी ब्लैकलिस्ट किया है जिन्हें ईरान का 'शैडो फ्लीट' कहा जाता है। ये जहाज अपनी पहचान छिपाकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिबंधित तेल की सप्लाई करते हैं।
अमेरिकी प्रशासन का सख्त संदेश
अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन निर्देशों का हिस्सा है जिसका उद्देश्य ईरान की आय के सबसे बड़े स्रोत (तेल) को पूरी तरह सुखाना है।
उद्देश्य: ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाना ताकि वह अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं और क्षेत्रीय दखलअंदाजी को कम करने पर मजबूर हो।
दुनिया को चेतावनी: अमेरिका ने साफ कर दिया है कि जो भी देश, कंपनी या बिचौलिया ईरानी तेल के व्यापार में शामिल होगा, उसे अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा।
चीन की तीखी प्रतिक्रिया
अमेरिका के इस कदम पर चीन ने कड़ा ऐतराज जताया है। चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार:
वे इन "एकतरफा" प्रतिबंधों का पुरजोर विरोध करते हैं।
चीन ने चेतावनी दी है कि वह अपनी कंपनियों के वैध हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।
वैश्विक बाजार पर असर
जानकारों का मानना है कि इस कार्रवाई से वैश्विक तेल बाजार में हलचल मच सकती है। चूंकि हेंगली पेट्रोकेमिकल एक बड़ी रिफाइनरी है, इसलिए इस पर लगे प्रतिबंधों से आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) प्रभावित होने की आशंका है। साथ ही, इससे वाशिंगटन और बीजिंग के बीच पहले से ही खराब चल रहे संबंधों में और कड़वाहट आने के संकेत हैं।
ड्रग्स के खिलाफ अमेरिका की कड़ी कार्रवाई, मिसाइल हमले में 3 लोगों की मौत
27 Apr, 2026 12:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन: अमेरिका में नशीले पदार्थों की तस्करी (Drug Trafficking) को जड़ से मिटाने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन अब 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर उतर आया है। ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ जारी इस युद्ध में अमेरिकी सेना ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए ईस्टर्न पैसिफिक सागर क्षेत्र में ड्रग्स से लदी एक संदिग्ध नाव को मिसाइल हमले में पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया है।
सटीक मिसाइल हमले में नाव हुई खाक
जानकारी के अनुसार, यह सैन्य कार्रवाई 26 अप्रैल 2026 को अंजाम दी गई। अमेरिकी सेना की साउथर्न कमांड (Southcom) के जनरल फ्रांसिस डोनोवन के आदेश पर 'जॉइंट टास्क फोर्स साउथर्न स्पीयर' यूनिट ने इस ऑपरेशन को लीड किया। जैसे ही ड्रग्स से लदी नाव की लोकेशन पुख्ता हुई, अमेरिकी सेना ने उस पर सटीक मिसाइल दाग दी। हमले में नाव पर मौजूद भारी मात्रा में ड्रग्स जलकर राख हो गए और नाव समुद्र में समा गई।
3 'नार्को-आतंकी' ढेर, सेना ने साझा किया वीडियो
साउथर्न कमांड द्वारा साझा किए गए वीडियो और आधिकारिक जानकारी के मुताबिक:
इस हमले में नाव पर सवार 3 लोगों की मौत हो गई है।
अमेरिकी सेना ने इन मृतकों को अपराधी न मानकर 'नार्को-आतंकी' (Narco-Terrorists) घोषित किया है।
इस पूरे ऑपरेशन में अमेरिकी सेना का कोई भी जवान हताहत नहीं हुआ है।
सितंबर से जारी है 'ऑपरेशन नार्को'
अमेरिका पिछले साल सितंबर से ड्रग्स तस्करी के खिलाफ एक व्यापक और आक्रामक अभियान चला रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिकी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
ट्रंप की कड़ी चेतावनी
यह अभियान दर्शाता है कि अमेरिका अब ड्रग्स तस्करी को केवल अपराध नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़े खतरे (आतंकवाद) के रूप में देख रहा है। सैन्य कमांड के अनुसार, आने वाले दिनों में कैरेबियन सागर और प्रशांत महासागरीय क्षेत्रों में गश्त और हवाई हमलों को और भी तेज किया जाएगा ताकि अमेरिका की सीमाओं के भीतर नशे की पहुंच को पूरी तरह रोका जा सके।
मुठभेड़ में घायल आरोपी गिरफ्तार, अस्पताल में परिजनों का हंगामा
27 Apr, 2026 12:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
घरौंडा (करनाल): सूरज हत्याकांड मामले में सीआईए-2 (CIA-2) की टीम और बदमाशों के बीच देर रात फुरलक-उपली लिंक रोड पर मुठभेड़ हो गई। इस गोलीबारी में हत्याकांड का आरोपी गोविंदा पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जिसे पुलिस ने हिरासत में लेकर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया है। घटना के बाद अस्पताल में भारी हंगामा हुआ और परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
देर रात हुई मुठभेड़ का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, रविवार रात करीब 1:00 बजे सीआईए-2 की टीम को सूचना मिली थी कि आरोपी गोविंदा फुरलक क्षेत्र के पास मौजूद है।
फायरिंग: जब पुलिस टीम ने बाइक सवार गोविंदा को रुकने का इशारा किया, तो उसने पुलिस पर गोलियां चला दीं। एक गोली पुलिस वाहन के शीशे पर भी लगी।
जवाबी कार्रवाई: आत्मरक्षा में पुलिस ने भी छह राउंड फायरिंग की, जिसमें से एक गोली गोविंदा के पैर में लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा।
अस्पताल में हंगामा और 'फर्जी एनकाउंटर' के आरोप
मुठभेड़ की खबर फैलते ही रात करीब 1:30 बजे बड़ी संख्या में दलित समाज के लोग और समाजसेवी अस्पताल पहुंच गए।
समर्पण का दावा: समाज के प्रतिनिधि अमृत एडवोकेट और अन्य लोगों ने पुलिस के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि उन्होंने पुलिस के कहे अनुसार दोपहर 11:00 बजे ही गोविंदा को मधुबन थाने में आत्मसमर्पण (Surrender) करवा दिया था।
प्रशासनिक जवाब: परिजनों का सवाल है कि जब आरोपी पहले से पुलिस की हिरासत में था, तो रात को मुठभेड़ कैसे हुई? लोगों ने इसे 'फर्जी एनकाउंटर' करार देते हुए अस्पताल में जमकर नारेबाजी की।
भारी पुलिस बल तैनात, स्थिति तनावपूर्ण
तनाव को देखते हुए घरौंडा के डीएसपी मनोज कुमार और डीएसपी राजीव मौके पर पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए। स्थिति बिगड़ते देख एसपी नरेंद्र बिजारनियां ने अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया।
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