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सिंगापुर के प्रधानमंत्री ने हिंदू मंदिर में की प्रार्थना, 1996 और 2008 के बाद तीसरी बार हुआ अभिषेक
10 Feb, 2025 03:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग रविवार को उत्तरी सिंगापुर में मार्सिलिंग राइज हाउसिंग एस्टेट शिव-कृष्ण मंदिर पहुंचे. यहां उन्होंने 10 हजार लोगों के साथ अभिषेक समारोह में भाग लिया. इस दौरान मंदिर भक्तों के जयकारों से गूंज गया. इस मंदिर में ये तीसरा अभिषेक है. इसके पहले साल 1996 और 2008 में अभिषेक आयोजित किया गया था.
इस अभिषेक और पूजा अर्चना करने के पीछे की वजह मंदिर में आध्यात्मिक गतिविधियों को बनाए रखना होगा. प्रधानमंत्री वोंग मंदिरों को और धार्मिक स्थलों को मजबूत करने के लिए समय-समय पर काम करते रहते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि ये सिंगापुर का एकमात्र मंदिर है जहां शिव और कृष्ण भगवान विराजमान हैं.इस मंदिर में शिव और श्री कृष्ण दोनों का मिश्रण है.
अभिषेक का कार्यक्रम सुबह 7 बजे शुरू हुआ. जो मुख्य भवन से लगभग 100 मीटर दूर एक तंबू में आयोजित प्रारंभिक अनुष्ठानों के साथ शुरू हुआ. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इसके बाद सुबह 8 बजे गदम (पवित्र बर्तन) का जुलूस निकाला गया. जिसके बाद पवित्र जल से भरे बर्तनों को मंदिर में लाया गया. इस दौरान पवित्र मंत्रोच्चार भी किए गए.
पीएम से लेकर रक्षा मंत्री भी मौजूद
मंदिर के अभिषेक में पीएम वोग सम्मानित अतिथि थे. इस दौरान उनके साथ वरिष्ठ रक्षा और जनशक्ति राज्य मंत्री जकी मोहम्मद भी मौजूद रहे.सभी को मंदिर के अधिकारियों ने एक शॉल और माला भेंट की. मुख्य पुजारी नागराजा शिवाचार्य ने पीएम वोंग को एक पारंपरिक टोपी बांधी.
800 स्वयंसेवकों ने संभाला पूरा काम
इस अभिषेक कार्यक्रम में लगभग 800 स्वयंसेवकों ने सुरक्षा प्रबंधन, यातायात और भीड़ को नियंत्रित करने और उपस्थित लोगों को भोजन परोसने के साथ-साथ भक्तों की मदद करने जैसे कामों को किया.49 वर्षीय नर्सिंग मैनेजर आनंद शिवमणि ने कहा कि हमें ऐसा लगता है कि हम समुदाय के लिए कुछ कर रहे हैं, और यह एक बहुत ही संतुष्टिदायक अनुभव है.
बंधवाड़ी में कैंटर चालक को लूटा, तीन बदमाशों ने पेड़ से बांधकर किया वारदात
10 Feb, 2025 03:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुरुग्राम : बंधवाड़ी में खाना खाने के लिए रुके एक कैंटर चालक को रविवार रात तीन लोगों ने पकड़कर जंगल में ले जाकर पेड़ से बांध दिया। तीन लोग उसके पास से पर्स और लोहे से लदी कैंटर गाड़ी को लूटकर फरार हो गए। पीड़ित ने डीएलएफ फेस एक थाने में केस दर्ज कराया है। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ निवासी रमाशंकर ने थाना पुलिस को दी शिकायत में कहा कि वह विनोद सिंह की टाटा कैंटर गाड़ी चलाते हैं। रविवार रात साढ़े नौ बजे वह फरीदाबाद स्थित एजी स्टील कंपनी से लोहा भरकर गुरुग्राम के दौलताबाद के लिए चले थे। रास्ते में बंधवाड़ी के पास ढाबे पर खाना खाने के लिए वह रुके।
बंधवाड़ी के पास क्यों रुका था कैंटर चालक
इसी दौरान गाड़ी के पास आए तीन लोगों ने उन्हें पकड़ लिया और सड़क किनारे जंगल ले गए। यहां एक पेड़ से बांध दिया। उनका फोन जंगल में फेंक दिया। जेब से पर्स और चाबी निकालकर उनकी कैंटर गाड़ी लूटकर ले गए। पेड़ से अपने आप को छुड़ाकर उन्होंने थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने मौके पहुंचकर आसपास के लोगों से भी आरोपितों के हुलिए के बारे में पूछताछ की। थाना पुलिस ने कहा कि जल्द अी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
रास्ते पर खड़ी गाड़ी हटाने के लिए कहा तो युवक को पीटा
एक अन्य मामले में, सेक्टर 51 मेफील्ड गार्डन सोसायटी में घर के बाहर रास्ते में खड़ी कार को सही तरीके से खड़ी करने के लिए कहना एक युवक को भारी पड़ गया। घर में रहने वाले दो लोगों ने युवक को सड़क पर गिराकर मारपीट की। युवक की शिकायत पर सेक्टर 50 थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। मेफील्ड गार्डन निवासी दीपक यादव ने थाना पुलिस को दी शिकायत में कहा कि रविवार सुबह दस बजे वह अपनी कार से पत्नी के साथ कहीं गए थे। जब वह वापस घर जा रहे थे तो घर के पास ही रास्ते में एक अन्य कार खड़ी थी। जब कार मालिकों से कार हटाने के लिए कहा तो दो लोगों सुमित व गोवर्धन ने उनसे बेरहमी से मारपीट की। आसपास के लोगों के आने पर दोनों वहां से जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।
कांग्रेस नेता राजीव राजा गिरफ्तार, मॉल कारोबारी से रंगदारी मांगने का आरोप
10 Feb, 2025 01:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मंत्री रवनीत सिंह : मॉल एन्क्लेव के कारोबारी रविश गुप्ता से 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने कांग्रेस नेता राजीव राजा को गिरफ्तार किया है। वह पार्टी का शहरी युवा अध्यक्ष और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का करीबी रह चुके हैं। राजा की गिरफ्तारी की सूचना पर कई नेता थाने भी पहुंचे, लेकिन पुलिस ने किसी की नहीं सुनी। फिलहाल थाना नंबर आठ की पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ये है पूरा मामला
बता दें कि कारोबारी रविश गुप्ता को कुछ दिन पहले एक विदेशी नंबर से वॉट्सऐप के जरिए फोन आया था। फोन करने वाले ने उनसे 30 लाख रुपये रंगदारी मांगी। कारोबारी की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ में राजीव राजा का नाम सामने आया। सूत्र बताते हैं कि पकड़े गए तीन आरोपितों के मोबाइल में से राजा की कॉल डिटेल मिली है। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं की है। सूत्रों के मुताबिक राजीव राजा अपने साथियों के साथ एक भोग समागम में शामिल होने के लिए जा रहा था। इस दौरान रास्ते में पुलिस ने उसकी गाड़ी को घेर लिया और फिर गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस राजीव राजा से पूछताछ कर रही है। इसमें कई अहम जानकारियों से पर्दा उठने की संभावना है।
राजीव राजा को फंसाया गया है
केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के करीबी राजीव राजा की कारोबारी से 30 लाख की रंगदारी मामले में गिरफ्तारी के बाद बिट्टू इंटरनेट मीडिया पर राजा के हक में खड़े होते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा मुझपर पर्चा दर्ज करें, मेरे दोस्तों को परेशान न करें। बिट्टू ने कहा कि सत्र खत्म होने के बाद मैं खुद मुख्यमंत्री मान के आवास के बाहर सरेंडर करने जाऊंगा। राजीव राजा मेरे यूथ समय के दोस्त हैं। वह एक व्यापारी हैं। उन्हें इस केस में झूठा फंसाया गया है। राजीव राजा के परिवार से मुझे फोन आया और उन्होंने मुझे इस घटना की जानकारी दी। पुलिस ने दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है। उनके मुंह से राजा का नाम निकलवाया गया है और उन्हें इस केस में झूठा फंसाया गया है। बिट्टू ने कहा कि लुधियाना पुलिस ने 10 जगहों पर छापेमारी की है। पुलिस मेरे करीबियों पर छापेमारी कर रही है और युवाओं को झूठे केस में फंसा रही है।
अमेरिका में नए सिक्के नहीं बनेंगे, ट्रंप ने ट्रेजरी को दिया निर्देश
10 Feb, 2025 12:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा एलान किया है। ट्रंप ने नए सिक्के की ढलाई रोकने के लिए ट्रेजरी को निर्देश दिया है। ट्रंप ने इसके पीछे अधिक लागत का हवाला दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सेंट के सिक्के के उत्पादन की लागत का हवाला देते हुए ट्रेजरी विभाग को नए पैसे का खनन बंद करने का निर्देश दिया है।
ट्रंप ने कहा,'बहुत लंबे समय से संयुक्त राज्य अमेरिका ने पेनीज का खनन किया है जिसकी कीमत सचमुच हमें 2 सेंट से अधिक है। यह बहुत बेकार है!' ट्रंप ने रविवार रात अपनी ट्रुथ सोशल साइट पर एक पोस्ट में लिखा। 'मैंने अमेरिकी ट्रेजरी के अपने सचिव को नए पैसे का उत्पादन बंद करने का निर्देश दिया है।'
क्या है ट्रंप का नया प्लान?
ट्रंप के नए प्रशासन का ध्यान लागत में कटौती करने, संपूर्ण एजेंसियों और बड़ी संख्या में संघीय कार्यबल को बर्खास्त करने पर केंद्रित है।
उन्होंने लिखा, 'आइए हमारे महान राष्ट्रों के बर्बादी के बजट से बाहर निकालें, भले ही यह एक समय में एक पैसा ही क्यों न हो।' न्यू ऑरलियन्स में सुपर बाउल के पहले भाग में पार्ट लेने के बाद ट्रंप ने ये संदेश भेजा।
ट्रेजरी को लेकर एलन मस्क को झटका
बता दें कि अरबपति कारोबारी एलन मस्क के नेतृत्व वाले सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) की ट्रेजरी विभाग के दस्तावेजों तक पहुंच को रोक दिया गया है। इसको लेकर अमेरिका के एक जज ने शनिवार को आदेश जारी किया। इन दस्तावेजों में सोशल सिक्योरिटी नंबर और बैंक खाता नंबर जैसे निजी डाटा शामिल हैं।
क्या है ट्रेजरी विभाग की भुगतान प्रणाली?
ट्रेजरी विभाग की यह भुगतान प्रणाली टैक्स रिफंड, सोशल सिक्योरिटी लाभ, वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाले लाभों और अन्य कई वित्तीय योजनाओं से जुडी है, जिसमें हर साल लाखों करोड़ों डॉलर का लेन-देन शामिल होता है। इस प्रणाली में नागरिकों का निजी और वित्तीय संग्रहित किया जाता है, जिस तक असुरक्षित तरीके से पहुंच की संभावना से अमेरिकी नागरिकों की चिंता बढ़ गई है।
डबल ग्रेव मिस्ट्री: खेत में छिपी थी 49 लाशें, पुलिस जांच में बड़ा खुलासा
10 Feb, 2025 12:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काहिरा। अमेरिका और यूरोप में अच्छी जिंदगी की चाहत में लोग अपना वेतन छोड़ जाते हैं। मगर उनकी मुश्किलें काम नहीं होती हैं। अवैध रास्तों में उन्हें यातनाओं का सामना करना पड़ा है। कई बार उन्हें मौत के घाट भी उतरना पड़ता है। प्रवासियों से जुड़ी एक दिल दहला देने वाली खबर लीबिया से सामने आ रही हैं। यहां पुलिस को दो कब्र मिली हैं। इनमें 59 प्रवासी लोगों के शव दफन है।
पहली कब्र में 19 शव मिले
लीबिया के अधिकारियों के मुताबिक दक्षिण-पूर्वी रेगिस्तान में दो सामूहिक कब्रों से करीब 49 शव मिले हैं। सभी शव यूरोप जाने वाले प्रवासियों के हैं। सुरक्षा निदेशालय ने कहा कि पहली सामूहिक कब्र शुक्रवार को दक्षिण-पूर्वी शहर कुफरा में एक खेत में मिली है। इसमें 19 शव दफन हैं। फेसबुक में पोस्ट तस्वीरों में पुलिस अधिकारी और चिकित्सक रेत में खुदाई करते दिख रहे हैं। कब्र से शवों को निकाला जा रहा है।
दूसरी कब्र में 30 लाशें मिलीं
कहना है कि कब्र में दफनाने से पहले कुछ लोगों को गोली मारी गई। कुफरा में सुरक्षा कक्ष के प्रमुख मोहम्मद अल-फदील ने बताया कि मानव तस्करी केंद्र पर छापा मारने के बाद कुफरा में एक कब्र और मिली है। इसमें 30 शव दफन मिले हैं। उन्होंने कहा कि जीवित बचे लोगों ने बताया कि लगभग 70 लोग कब्र में दफन थे। पूरे इलाके में पुलिस तलाशी अभियान में जुटी है।
76 प्रवासियों को कराया गया मुक्त
रविवार को लीबिया के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने तस्करी केंद्र से 76 प्रवासियों को मुक्त कराया है। तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। बता दें कि लीबिया में पहले भी सामूहिक कब्रें मिल चुकी हैं। पिछले साल अधिकारियों ने राजधानी त्रिपोली से 350 किलोमीटर दक्षिण में शुआरिफ क्षेत्र में 65 प्रवासियों के शवों को कब्र से निकाला था।
दुष्कर्म और प्रताड़ना का शिकार हो रहे प्रवासी
अफ्रीका और मध्य पूर्व से यूरोप जाने वाले लोग लीबिया के रास्ते आगे बढ़ते हैं। मगर यहां उनको प्रताड़ित किया जाता है। पिछले एक दशक से लीबिया में अस्थिरता का माहौल है। मानव तस्कर इसी का फायदा उठा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों के मुताबिक लीबिया में प्रवासियों के साथ मारपीट, दुष्कर्म और दुर्व्यवहार किया जाता है, ताकि प्रवासी परिवारों से अच्छी खासी रकम ऐंठी जा सके। उन्हें छोटी-छोटी नावों में भरकर खतरनाक भूमध्य सागर मार्ग से यूरोप भेजा जाता है।
भारत ने जताया दुख, बांग्लादेश ने कहा- रिश्तों में खटास ला सकता है यह बयान
10 Feb, 2025 12:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर्रहमान के आवास को प्रदर्शनकारियों द्वारा ध्वस्त किए जाने पर भारत की ओर से दुख जताने पर बांग्लादेश तिलमिला गया है। अंतरिम सरकार ने इसे देश का आंतरिक मामला बताते हुए रविवार को कहा कि इस घटना पर भारत की टिप्पणी अप्रत्याशित और अनुचित थी।
पिछले बुधवार को हजारों प्रदर्शनकारियों ने ढाका में शेख मुजीब के 32 धानमंडी स्थित आवास को आग के हवाले कर दिया था। उन्होंने इसी आवास से देश के स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व किया था। इस आवास को बाद में एक स्मारक में बदल दिया गया।
भारत ने कहा- मुजीब के आवास को नष्ट करना खेदजनक
भारत ने गुरुवार को इस आवास पर हमले की घटना पर दुख व्यक्त किया और कहा कि इस बर्बर कार्रवाई की कड़ी निंदा की जानी चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि यह खेदजनक है कि शेख मुजीब के ऐतिहासिक आवास को नष्ट कर दिया गया। यह आधिपत्य और उत्पीड़न की ताकतों के खिलाफ बांग्लादेश के लोगों के प्रतिरोध का प्रतीक था।
भारत की टिप्पणी अनुचित
भारत की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद रफीकुल आलम ने कहा कि 32 धानमंडी में हुई घटना देश का आंतरिक मामला है। बांग्लादेश के आंतरिक मामलों पर भारत के विदेश मंत्रालय की ऐसी टिप्पणी अप्रत्याशित और अनुचित है। बांग्लादेश किसी भी देश के आंतरिक मामलों पर आधिकारिक रूप से टिप्पणी नहीं करता है और वह अन्य देशों से भी इसी तरह के आचरण की अपेक्षा करता है।
यूनुस ने की शांति की अपील
बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने सभी नागरिकों से तुरंत कानून-व्यवस्था बहाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शेख हसीना के परिवार और अवामी लीग के नेताओं से जुड़ी संपत्ति या किसी भी नागरिक पर कोई और हमला न किया जाए। शेख मुजीब के आवास पर हमले के तीन बाद मुहम्मद यूनुस ने यह अपील की है।
सरकार आक्रोश को समझती है
यूनुस ने कहा कि संपत्तियों पर हमला करने वाले कार्यकर्ताओं का गुस्सा समझ में आता है, क्योंकि वे और उनके रिश्तेदार व दोस्त हसीना के शासन में कई वर्षों तक अत्याचार झेल चुके हैं। सरकार कार्यकर्ताओं के आक्रोश को समझती है। नई दिल्ली में अपने शरणस्थल से भी हसीना अपने उग्रवादियों को संगठित करने की कोशिश कर रही हैं।
ट्रंप के फैसले से नाराजगी, तालिबान विरोधियों को मदद देने से किया इनकार
10 Feb, 2025 11:54 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिराना/काबुल। तालिबान और आईएस के लड़ाकों के खिलाफ अमेरिकी सेना की मदद करने वाले अफगानी नागरिकों का जीवन अधर में लटक गया है। ऐसा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लिए गए नए निर्णयों के कारण हुआ है।
इन लोगों में वे लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने अमेरिका के सबसे लंबे युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना की मदद के लिए चालक और अनुवादक के रूप में काम किया। इन लोगों को अमेरिका में बसाए जाने की उम्मीद थी, लेकिन ट्रंप के राष्ट्रपति बनने से उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
अफगान असमंजस में
ट्रंप द्वारा जारी कार्यकारी आदेशों से अब अफगानों को अमेरिका में सुरक्षा प्रदान करने वाले कार्यक्रम समाप्त हो गए हैं। इससे अमेरिका की मदद करने वाले अफगान असमंजस में हैं। अमेरिका के नए राष्ट्रपति की कार्रवाई से प्रभावित लोगों में शामिल रौशनगर ने कहा कि एसोसिएटेड प्रेस केवल उनके पहले नाम का उपयोग करे, क्योंकि उन्हें तालिबान का डर है। इस तरह के बहुत से अफगान लोग हैं, जिन्हें मदद के बदले अमेरिका ने बेहतर जिंदगी देने का वादा किया था, लेकिन ट्रंप के कदमों के कारण अब उनकी स्थिति अंधकारमय नजर आ रही है।
अफगानिस्तान में विगत वर्ष 34 हजार भिखारी गिरफ्तार
अफगानिस्तान में पुलिस ने भीख मांगने की संस्कृति को खत्म करने के लिए पिछले साल देशभर से 34 हजार से अधिक भिखारियों को गिरफ्तार किया है। आंतरिक मामलों के मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि हमने पिछले साल 34,377 भिखारियों को गिरफ्तार किया है। वहीं अफगानिस्तान के सुरक्षा बलों ने पिछले सप्ताह पूर्वी नंगरहार प्रांत में 731 किलोग्राम ड्रग्स को जब्त किया है। इसके साथ ही 25 तस्करों को गिरफ्तार भी किया गया है।
दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट की सूची में सिंगापुर शीर्ष, भारत की क्या रैंकिग
9 Feb, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन । हेन्ले एंड पार्टनर्स ने 2025 के लिए दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट की नई रैंकिंग सूची जारी की है। इस बार सूची में सिंगापुर का पासपोर्ट दुनिया का सबसे ताकतवार पासपोर्ट बनकर उभरा है, जबकि अफगानिस्तान का पासपोर्ट सबसे कमजोर साबित हुआ।
दरअसल यह रैंकिंग इस आधार पर बनाती है कि किस देश के पासपोर्ट से बिना वीजा के कितने देशों में यात्रा की जा सकती है। इस डेटा को इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) से प्राप्त करता है।
सबसे ताकतवर पासपोर्ट वाले देश, पहले स्थान पर सिंगापुर, दूसरे पर जापान, दक्षिण कोरिया, तीसरे नंबर पर डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, इटली, स्पेन, चौथे नंबर पर ऑस्ट्रिया, लक्जमबर्ग, स्वीडन, पांचवें नंबर पर यूके, पुर्तगाल, नॉर्वे, नीदरलैंड , छठवें नंबर पर स्विट्जरलैंड, बेल्जियम, न्यूज़ीलैंड, सातवें नंबर पर अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, चेक गणराज्य, आठवें नंबर पर माल्टा, ग्रीस, 9वें स्थान पर हंगरी, पोलैंड, 10वें स्थान पर यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) का नाम है। यूएई ने सबसे ज्यादा सुधार किया है, पिछले 10 वर्षों में 72 देशों में वीजा-मुक्त यात्रा की अनुमति मिली है।
वहीं भारत सूची में 80वें स्थान पर है, और भारतीय पासपोर्ट से अल्जीरिया, इक्वेटोरियल गिनी और ताजिकिस्तान जैसे देशों की बराबरी पर रखा गया है। भारतीय पासपोर्ट धारक 60 देशों में बिना वीजा के यात्रा कर सकते हैं। पाकिस्तान 96वें स्थान पर है, और पाकिस्तानी पासपोर्ट से सिर्फ 32 देशों में वीजा-मुक्त एंट्री मिलती है। सूची में अफगानिस्तान 99वें स्थान पर है और इसका पासपोर्ट सिर्फ 25 देशों में वीजा-मुक्त प्रवेश देता है। यह दुनिया का सबसे कमजोर पासपोर्ट है।
चीन और अमेरिका का प्रदर्शन
चीन पिछले एक दशक में 94वें स्थान से 60वें स्थान तक पहुंचा है, और अब चीन के नागरिक 80 से ज्यादा देशों में वीजा-मुक्त यात्रा कर सकते हैं। अमेरिका सूची में इस बार नौवें स्थान पर है, जो पहले की तुलना में थोड़ा नीचे आया है।
कोलंबिया के राष्ट्रपति की कोकीन को कानूनी मान्यता देने से आशय
9 Feb, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बोगोटा,। कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने ड्रग्स तस्करी रोकने के लिए एक बड़ा सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि अगर व्हिस्की को कानूनी रूप से बेच सकते है, तब कोकीन को भी वैध किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि इससे अवैध ड्रग नेटवर्क खत्म किया जा सकता है। पेट्रो ने कहा कि कोकीन को गैरकानूनी इसलिए माना जाता है क्योंकि यह लैटिन अमेरिका में बनती है, न कि इसलिए कि यह व्हिस्की से अधिक हानिकारक है। उन्होंने वैज्ञानिक शोधों का हवाला देकर दावा किया कि कोकीन को उतना खतरनाक नहीं पाया गया है, जितना कि कोकिन को दिखाया जाता है।
पेट्रो का कहना है कि अगर कोकीन को कानूनी कर दिया जाए, तब इसके माफिया नेटवर्क को आसानी से खत्म कर सकते है। उन्होंने कहा, यदि दुनिया में शांति चाहिए, तो मादक पदार्थों की तस्करी को खत्म करना होगा। उन्होंने अमेरिका में तेजी से बढ़ रहे फेंटानिल संकट पर भी बात की। पेट्रो ने कहा कि फेंटानिल कोलंबिया में नहीं बनता, बल्कि उत्तरी अमेरिकी कंपनियों द्वारा निर्मित एक दवा है, जिसका दुरुपयोग हो रहा है।
यह बयान तब समय आया है जब कोलंबिया और अमेरिका के बीच रिश्ते तनावपूर्ण बने हैं। हाल ही में पेट्रो ने अमेरिका की दो सैन्य उड़ानों को लैंडिंग की अनुमति नहीं दी थी और अमेरिका पर कोलंबियाई प्रवासियों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाया था।
यूक्रेन के जर्जिस्क शहर पर रूस का कब्जा
9 Feb, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कीव। रूस के रक्षा मंत्रालय ने एक वीडियो जारी कर यूक्रेन के जर्जिस्क शहर पर कब्जे का दावा किया। यूक्रेन के डोनेट्स्क क्षेत्र में स्थित इस शहर पर रूस ने कब्जा कर लिया है। जर्जिस्क के अलावा रूस ने यहां मौजूद दो गांव द्रुज्बा और क्रिम्सकोये पर भी कंट्रोल की बात कही।
रूसी सेना ने कहा है कि यूक्रेन ने शहर की रक्षा के लिए लगभग 40,000 सैनिकों को तैनात किया था। 5 महीने की लड़ाई में इसमें से 26,000 सैनिक की मौत हो गई। वीडियो फुटेज में रूसी ड्रोन्स को यूक्रेनी रसद और सैनिकों को निशाना बनाते देखा गया। रूस की डिफेंस मिनिस्ट्री ने कहा कि यूक्रेनी सेना ने शहर की लगभग हर इमारत को किले में तब्दील कर दिया था। शहर के उत्तरी और पश्चिमी हिस्से की रक्षा करने के लिए कई तरह की तकनीक अपनाई गई थी।
ट्रंप सरकार ने भारत को सौंपी 295 भारतीयों के नाम की सूची, जल्द होंगे डिपोर्ट
9 Feb, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली/अमेरिका । अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप ने सत्ता संभालते ही पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया। अपनी नीतियों को तत्काल लागू करना शुरू कर दिया है। इनमें अवैध प्रवासियों को देश से बहार निकालना भी एक है। कुछ दिनों पहले ही अमेरिका ने 104 भारतीयों को वापस भारत भेजा था। इनके पास यूएसए में रहने के लिए वैध दस्तावेज नहीं थे। अब एक बार फिर से ट्रंप सरकार ने भारत को ऐसे लोगों की लंबी-चौड़ी लिस्ट सौंपी है। इसमें 295 भारतीयों के नाम हैं, जिनके पास कथित तौर पर अमेरिका में रहने के लिए वैलिड डॉक्यूमेंट नहीं हैं। अमेरिकी अथॉरिटी का आरोप है कि ये लोग अवैध तरीके से अमेरिका में दाखिल हुए थे। फिलहाल इनलोगों का वेरिफिकेशन किया जा रहा है। प्रोसेस शुरू होने के बाद उन्हें भारत डिपोर्ट किया जाएगा।
इससे पहले अमेरिका ने 104 ऐसे भारतीयों को इंडिया डिपोर्ट किया था, जो बिना वैध दस्तावेज के वहां रह रहे थे। अमेरिका का मानना है कि इन लोगों ने कानूनी तरीकों का पालन न करते हुए देश में दाखिल हुए थे और यहां आकर रहने लगे थे। ट्रंप सरकार ने अवैध तरीके से देश में दाखिल हुए लोगों को वापस उनके देश भेजने की नीति पर अमल करना शुरू कर दिया। हालांकि, अमेरिका ने जिस तरह से भारतीयों को वापस भेजा है, उसको लेकर काफी आलोचनाएं हुई हैं। भारतीयों को हथकड़ी में जकड़ कर भारत भेजा गया था। सभी 104 भारतीयों को आर्मी के स्पेशल एयरक्राफ्ट से अमृतसर भेजा गया था। बताया जा रहा है कि ये 295 भारतीय वैसे 487 लोगों में शामिल हैं, जिनके बारे में अमेरिका को लगता है कि वे भारतीय हैं और बिना वैलिड डॉक्यूमेंट के वहां रह रहे हैं।
फॉरेन सेक्रेटरी विक्रम मिस्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस यात्रा पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 से 12 फरवरी 2025 तक फ्रांस की यात्रा पर रहेंगे। यह यात्रा फ्रांस द्वारा आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिखर सम्मेलन के आयोजन के अवसर पर हो रही है। पीएम मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के साथ इस AI एक्शन शिखर सम्मेलन की को-चेयरमैनशिप करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी 10 फरवरी की शाम को पेरिस पहुंचेंगे। वह उसी शाम राष्ट्रपति मैक्रों द्वारा सरकार के प्रमुखों और राष्ट्राध्यक्षों के सम्मान में एलिसी पैलेस में आयोजित रात्रिभोज में शामिल होंगे।
कनाडा-अमेरिका एक होंगे? ट्रूडो के ‘51वें राज्य’ वाले बयान से उठे कई सवाल
8 Feb, 2025 05:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात वास्तव में सच हो सकती है। बता दें कि, कनाडा की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रूडो ने व्यापार और श्रमिक नेताओं के साथ एक बंद कमरे में बैठक के दौरान यह टिप्पणी की थी। लेकिन गलती से यह बातचीत एक लाउडस्पीकर पर प्रसारित हो गई। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रूडो ने कहा, डोनाल्ड ट्रंप के दिमाग में यह बात है कि इसे (कनाडा को) हड़पने का सबसे आसान तरीका है कि इसे अमेरिका में मिला लिया जाए। और यह सच में एक वास्तविक योजना हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका कनाडा के प्राकृतिक संसाधनों को लेकर बहुत ज्यादा दिलचस्पी रखता है।
क्या डोनाल्ड ट्रंप की पुरानी मंशा?
अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार सार्वजनिक रूप से यह सुझाव दे चुके हैं कि कनाडा को अमेरिका का हिस्सा बन जाना चाहिए। वहीं अल्बर्टा फेडरेशन ऑफ लेबर के अध्यक्ष गिल मैकगवान ने भी एक्स पर पुष्टि की कि ट्रूडो ने यह बयान दिया था। उन्होंने लिखा: 'ट्रूडो का आकलन यह है कि ट्रंप को असली चिंता फेंटानाइल या अवैध प्रवास की नहीं, बल्कि कनाडा पर हावी होने या इसे पूरी तरह से अमेरिका में मिलाने की है।'
ट्रंप की नई धमकी: भारी टैरिफ लगाने की चेतावनी
शुक्रवार को सार्वजनिक बयान में पीएम ट्रूडो ने कहा कि ट्रंप की धमकी को देखते हुए कनाडा को सोच-समझकर रणनीति बनानी होगी। बता दें कि, डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कनाडा और मैक्सिको से आयात पर 25% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। हालांकि, उन्होंने 30 दिनों की छूट दी है, ताकि दोनों देश अवैध प्रवास और नशीली दवाओं की तस्करी रोकने के लिए सख्त कदम उठाएं। अगर अमेरिका 30 दिनों के बाद टैरिफ लागू करता है, तो कनाडा ने $109 बिलियन अमेरिकी डॉलर(लगभग ₹9 लाख करोड़) के अमेरिकी उत्पादों पर 25% टैरिफ लगाने की योजना बनाई है। ट्रूडो ने कहा कि कनाडा को अपनी आंतरिक व्यापार बाधाओं को खत्म करना चाहिए और दूसरे देशों के साथ व्यापार को मजबूत करना चाहिए।
दुनिया के सबसे मजबूत और कमजोर पासपोर्ट: भारत 80वें नंबर पर, अफगानिस्तान सबसे नीचे
8 Feb, 2025 03:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सिंगापुर का पासपोर्ट अब दुनिया का सबसे ताकतवर पासपोर्ट बन गया है, जो 193 देशों में बिना वीजा के प्रवेश की सुविधा देता है. वहीं, भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग 80वें स्थान पर है. अफगानिस्तान का पासपोर्ट सबसे कमजोर माना गया है, जो सिर्फ 25 देशों में बिना वीजा के प्रवेश की अनुमति देता है.
यह रिपोर्ट पार्टनर्स पासपोर्ट के तहत जारी की गई है, जिसमें दुनिया के 199 पासपोर्टों की रैंकिंग उन गंतव्यों की संख्या के आधार पर की गई है जहां वे वीजा-मुक्त प्रवेश पा सकते हैं. हेन्ले एंड पार्टनर्स ने इस डेटा को इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) से लिया है.
सिंगापुर ने किया कमाल
इस लिस्ट में सिंगापुर ने जापान और दक्षिण कोरिया को पीछे छोड़ दिया है, जो 190 देशों में वीजा-मुक्त प्रवेश की सुविधा देते हैं. जापान ने कोविड लॉकडाउन के बाद चीन में भी वीजा-मुक्त एंट्री हासिल की है, जिससे यह दूसरे स्थान पर बना हुआ है. तीसरे स्थान पर 7 देश जैसे डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, इटली और स्पेन हैं, जिनके पासपोर्ट 189 देशों में बिना वीजा के जा सकते हैं.
अफगानिस्तान का पासपोर्ट सबसे कमजोर
अफगानिस्तान इस सूची में 99वें स्थान पर है, जिसका पासपोर्ट सिर्फ 25 देशों में वीजा-मुक्त प्रवेश की अनुमति देता है. सीरिया और इराक भी निचले स्थानों पर हैं, जहां क्रमशः 27 और 30 देशों में वीजा-मुक्त प्रवेश की सुविधा है. वहीं, अमेरिका इस लिस्ट में नौवें स्थान पर है, जबकि पाकिस्तान 96वें स्थान पर है.
यूएई और चीन ने की उल्लेखनीय प्रगति
यूएई पिछले एक दशक में सबसे तेजी से उभरने वाले देशों में से एक है. इसने 2015 से 72 अतिरिक्त देशों में वीजा-मुक्त प्रवेश हासिल किया है और अब यह 10वें स्थान पर पहुंच गया है, जो 185 देशों में वीजा-मुक्त एंट्री देता है. वहीं, चीन भी तेजी से उभरने वाला देश है, जो 94वें स्थान से अब 60वें स्थान पर आ गया है. हेन्ले एंड पार्टनर्स के अध्यक्ष और पासपोर्ट इंडेक्स के आविष्कारक डॉक्टर क्रिश्चियन एच. केलिन का कहना है कि यह डेटा वैश्विक यात्रा और वीजा नीतियों में हो रहे परिवर्तनों को दर्शाता है.
अगस्त से अब तक बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले, भारत सरकार ने जारी किए आंकड़े
8 Feb, 2025 03:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में पिछले साल अगस्त के महीने से उथल-पुथल मची हुई है. देश में अगस्त के महीने में तख्तापलट हुआ, उसी के बाद अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमलों की कई खबरें सामने आईं. हिंदुओं पर हुए हमलों पर भारत ने भी बारीकी से नजर रखी और कड़ी निंदा की. इसी बीच हाल ही में लोकसभा में जब हमलों को लेकर सवाल पूछा गया तो विदेश राज्य मंत्री ने बताया, अगस्त से अब तक बांग्लादेश में 23 हिंदुओं की मौत हुई, 152 मंदिरों पर हमले हुए.
सरकार ने शुक्रवार को बताया कि अगस्त से अब तक बांग्लादेश में 23 हिंदुओं की मौत होने और हिंदू मंदिरों पर हमले की 152 घटनाएं सामने आई हैं.
कितने लोगों की हुई मौत
सरकार से पिछले दो महीनों के दौरान बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए उत्पीड़न के मामलों के बारे में पूछा गया था. बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों पर हमलों की संख्या के साथ-साथ घायल या मरने वाले हिंदू लोगों की संख्या के बारे में जानकारी मांगी गई थी. इस पर जवाब देते हुए विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने आंकड़े सामने रखे.
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह भी कहा कि पिछले दो महीनों (26 नवंबर 2024 से 25 जनवरी 2025 तक) के दौरान बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हमलों की 76 घटनाएं हुई हैं.
उन्होंने अपने जवाब में कहा कि अगस्त से अब तक बांग्लादेश में 23 हिंदुओं की मौत और हिंदू मंदिरों पर हमले की 152 घटनाएं सामने आई हैं. साथ ही विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं पर ध्यान दिया है. 9 दिसंबर, 2024 को विदेश सचिव की बांग्लादेश यात्रा के दौरान हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के संबंध में भारत की अपेक्षाओं को लेकर बात की गई थी. इसी के साथ भारत में कई बार बांग्लादेशी हिंदुओं पर हुए हमलों को लेकर आवाज उठाई गई.
विदेश मंत्री ने क्या कहा?
बांग्लादेशी सरकार ने 10 दिसंबर 2024 को बताया था कि 70 लोगों को 88 केस में गिरफ्तार किया गया है. इसी के साथ पुलिस की जांच में देश में हमलों के 1,254 मामले सामने आए थे. कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा, अल्पसंख्यकों सहित बांग्लादेश के सभी नागरिकों के जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी बांग्लादेश सरकार की है. ढाका में भारतीय हाईकमीशन अल्पसंख्यकों से संबंधित हालातों की बारीकी से निगरानी कर रहा है.
ढीले पड़े ट्रंप के तेवर, चीन के खिलाफ सख्त कदम पर ब्रेक
8 Feb, 2025 03:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को चीन से आयातित कम लागत वाली वस्तुओं पर टैरिफ लगाने का आदेश फिलहाल रोक दिया है। यह तब तक लागू नहीं किया जाएगा जब तक वाणिज्य विभाग इस बात की पुष्टि नहीं कर लेता कि वस्तुओं को प्रोसेस करने और टैरिफ एकत्र करने के लिए प्रक्रियाएं व व्यवस्थाएं मौजूद हैं।
ट्रंप ने लगाया था 10 फीसदी टैरिफ
गौरतलब है कि ट्रंप के एक कार्यकारी आदेश के जरिये पिछले शनिवार को चीन से आयातित कम लागत वाली वस्तुओं सहित विभिन्न वस्तुओं पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया था। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि इस कदम को विलंबित करने वाले कार्यकारी आदेश में संशोधन बुधवार को किया गया था, लेकिन इसे शुक्रवार को सार्वजनिक किया गया।
कई अन्य देशों पर टैरिफ लगाएंगे ट्रंप
इस बीच, राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि वह अगले सप्ताह कई देशों पर जवाबी टैरिफ की घोषणा करने की योजना बना रहे हैं, ताकि अन्य देश अमेरिका के साथ समान व्यवहार करें। ट्रंप ने यह नहीं बताया कि किन देशों पर इसका असर पड़ेगा, लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि यह एक व्यापक प्रयास होगा जो अमेरिका की बजट समस्याओं को हल करने में भी मदद कर सकता है। यह कदम ट्रंप के चुनावी वादे को पूरा करेगा जिसमें अमेरिकी आयातों पर टैरिफ लगाया जाएगा, जो उस टैरिफ के बराबर होगा जो व्यापारिक साझीदार देश अमेरिकी निर्यातों पर लगाते हैं।
ट्रंप बोले- वी लव जापान
ट्रंप ने यह घोषणा अमेरिका यात्रा पर आए जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के साथ एक बैठक के दौरान की। इशिबा का स्वागत करते हुए ट्रंप ने कहा, 'वी लव जापान।' राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी बताया है कि वह अगले हफ्ते यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से बात कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह गाजा पट्टी को पुनर्विकसित करने की अपनी योजना को लागू करने की किसी जल्दी में नहीं हैं।
कनाडा को समाहित करने की ट्रंप की बात वास्तविक: ट्रूडो
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कनाडा को अपने में समाहित करने की बात वास्तविक है और यह देश के समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ी है। ट्रूडो ने यह टिप्पणी व्यापार और श्रमिक नेताओं के साथ बंद कमरे में आयोजित एक सत्र के दौरान की।
इसमें इस बात पर चर्चा की गई कि ट्रंप द्वारा कनाडा से आयातित वस्तुओं पर टैरिफ लगाने की धमकियों का सबसे बेहतर तरीके से कैसे जवाब दिया जाए। उनकी टिप्पणियों को सबसे पहले टोरंटो स्टार ने रिपोर्ट किया, जिसमें कहा गया कि उन्हें गलती से लाउडस्पीकर पर प्रसारित कर दिया गया था। ट्रंप ने बार-बार कहा है कि अगर कनाडा 51वां अमेरिकी राज्य बनने के लिए सहमत हो जाए तो यह उसके लिए बेहतर होगा।
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