चंडीगढ़ में कलेक्टर रेट्स बढ़ने पर प्रॉपर्टी कंसलटेंट संगठन का विरोध
चंडीगढ़. पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में कलेक्टर रेट्स को लेकर अलग-अलग संगठन जल्द ही प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे. अब जमीन की खरीद फरोख्ट पर रजिस्ट्री करवाने के लिए लोगों को और जेब ढीली करनी होगी. चार साल चंडीगढ़ में रेट्स में बदलवा किया गया है. हालांकि, इसका विरोध भी शुरू हो गया है.
न्यूज़ 18 से बातचीत में चंडीगढ़ के प्रॉपर्टी कंसलटेंट संगठन के प्रधान कमल गुप्ता ने बताया कि प्रशासन की नीतियों के कारण चंडीगढ़ की हालत खराब हो रही है. चंडीगढ़ में चार साल बाद प्रशासन ने कलेक्टर रेट्स में बड़ा बदलाव किया है. खासकर गाँव के इलाकों में कृषि भूमि की कीमत तीन से चार गुना तक बढ़ गई है, जबकि सेक्टर-1 से 12 में रेट डेढ़ गुना तक बढ़ाए गए हैं. इससे पहले 2021 और 2017 में कलेक्टर रेट्स संशोधित किए गए थे.
कमल गुप्ता ने बताया कि आवासीय कलेक्टर रेट्स दोगुने कर दिए गए हैं. मार्केट पहले ही धीमी चल रही थी, अब ऐसा लग रहा है कि काम रुक जाएगा. कमर्शियल रेट्स पहले ही ज्यादा थे. सेक्टर-17, 34 आदि के रेट्स घटाने की मांग की जा रही थी. अब प्रॉपर्टी बेचना मुश्किल हो जाएगा. प्रशासन लगातार जनता विरोधी फैसले ले रहा है. जल्द ही एसोसिएशन की तरफ से प्रदर्शन किया जाएगा. उनके मुताबिक, पहले ही कमर्शियल चीजों के रेट्स बहुत ज्यादा बढ़े हुए थे और हम मांग कर रहे थे कि इन्हें घटाया जाए, लेकिन प्रशासन ने और बढ़ा दिए हैं. अब हालात यह हो गए हैं कि जिनके एग्रीमेंट हुए हैं, वे फंस चुके हैं क्योंकि 1 अप्रैल से कलेक्टर रेट्स में इजाफा होने पर उन्हें ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे, जिससे लोग परेशान हो चुके हैं.
सेक्टर-1 से 12 तक के एरिया की प्रॉपर्टी का कलेक्टर रेट डेढ़ गुना बढ़ा दिया गया है. इसी तरह, औद्योगिक क्षेत्र के फेज-1 और 2 में कमर्शियल प्लॉट का कलेक्टर रेट प्रति गज 62 हजार से बढ़ाकर 83 हजार रुपये कर दिया गया है, जबकि फेज-3 के कलेक्टर रेट्स भी पहली बार तय किए गए हैं. हालांकि, यहां पर कुछ विकास नहीं हुआ है. उधर, कोयला डिपो, शहरवासियों और व्यापारियों ने विरोध जताया है. लोहा बाजार, लकड़ी बाजार, ट्रांसपोर्ट क्षेत्र का कलेक्टर रेट 92,664 रुपये से बढ़ाकर 98,800 रुपये प्रति वर्ग गज कर दिया गया है, जिससे फ्लैट मालिकों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा. जिन रिहायशी प्लॉटों को नर्सिंग होम, अस्पताल आदि में परिवर्तित किया गया है, उनका 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क चार्ज किया जाएगा, जबकि व्यावसायिक उपयोग में परिवर्तित औद्योगिक क्षेत्र में 5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क चार्ज किया जाएगा.
अन्य मंजिलों का क्या रेट होगा
इसके अलावा, फर्स्ट फ्लोर 4,050 रुपये से बढ़ाकर 10,220 रुपये प्रति वर्ग फीट, सेकेंड फ्लोर 3,645 रुपये से बढ़ाकर 9,140 रुपये प्रति वर्ग फीट, थर्ड फ्लोर 3,280 रुपये से बढ़ाकर 7,900 रुपये प्रति वर्ग फीट कर दिया गया है. सेक्टर-14 से 37 एरिया में 10 मरले की कोठी का पंजीकरण 3.70 करोड़ रुपये तय किया गय है. अब इसका विरोध हो रहा है.

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