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कर्मचारियों की खुशी के लिए कंपनी का बड़ा फैसला, मिलेंगे खास बेनिफिट्स
12 Feb, 2025 01:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जापान की एक कंपनी अपने कर्मचारियों को खुश करने के लिए गजब ऑफर दे रही है. ओसाका स्थित ट्रस्ट रिंग कंपनी काम के दौरान कर्मचारियों को शराब पीने और हैंगओवर लीव की पेशकश की है. ऐसा करने का उद्देश्य नई भर्तियों को आकर्षित करना और ऑफिस में एक आरामदायक माहौल बनाना है.
ज्यादातर कंपनियां अपने कर्मचारियों को अच्छी सैलरी और हाइक का ऑफर देती है, लेकिन जापान की इस कंपनी ने अपने कर्मचारियों को खुश करने के लिए अलग रास्त चुना है. कंपनी काम के घंटों के दौरान अलग-अलग तरह के ड्रिंक्स देती है. ट्रस्ट रिंग कर्मचारियों को 2-3 घंटे की हैंगओवर लीव भी देती है.
कंपनी के CEO क्या कहते हैं?
बड़ी कंपनियों की तुलना में अपने सीमित बजट को देखते हुए, ट्रस्ट रिंग के सीईओ ने बताया कि कंपनी एक विशिष्ट और आनंददायक माहौल बनाने पर फोकस कर रही है. सीईओ ने कहा, हम वेतन पर प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते, लेकिन हम एक मजेदार और आरामदायक वातावरण प्रदान कर सकते हैं जिससे लोग हमारे साथ बने रहना चाहते हैं.
कंपनी के सीईओ भी अपने कर्मचारियों के साथ शराब पीते हैं. वह कंपनियों के नए कर्मचारियों को खुद पेश भी करते हैं.
ओवरटाइम का मुआवजा भी
कंपनी का शुरुआती वेतन करीब 1 लाख 27 हजार है. कर्मचारियों को 20 घंटे के ओवरटाइम के लिए भी मुआवजा दिया जाता है. लचीली कार्य संस्कृति और अतिरिक्त सुविधाओं का यह संयोजन शायद वही हो जो कुछ कर्मचारी नौकरी में चाहते हैं, जो कार्यालय में एक दिन का आनंद लेने के लिए एक ताजा दृष्टिकोण प्रदान करता है.
अनिल विज ने बीजेपी को भेजा जवाब, 'समय से पहले और ठंडे पानी से नहाकर लिखा
12 Feb, 2025 01:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अनिल विज : हरियाणा के कैबिनेट मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अनिल विज ने पार्टी की तरफ से मिले नोटिस का जवाब भेज दिया है. उन्होंने बुधवार 12 फरवरी को कहा कि मैंने ठंडे पानी से नहाकर, खाना खाकर, समय से पहले जवाब लिखकर भेज दिया है. विज ने कहा कि मैंने ये भी लिखा है कि पार्टी कोई और बात का जवाब भी चाहती है तो वो देने के लिए तैयार हैं. उन्हें जितना याद था, उतना उन्होंने अपने जवाब में लिखकर भेज दिया है.
जवाब जला देंगे- अनिल विज
मंत्री अनिल विज ने कहा, वो अपना जवाब सार्वजनिक नहीं करेंगे, जो उन्होंने लिखा है उस जवाब की कतरने भी घर जाकर जला देंगे. अंबाला कैंट से विधायक विज ने उन्हें मिले नोटिस के सार्वजनिक होने पर भी सवाल उठाए और कहा कि पार्टी चाहे तो इसकी भी जांच करवा सकती है और ना चाहे तो उसकी मर्जी है. विज की मानें तो उन तक नोटिस पहुंचने से पहले नोटिस सार्वजनिक हो चुका था, उन्हें मीडिया से ही इसकी जानकारी मिली थी. अनिल विज को नोटिस भेजे जाने के एक दिन बाद मंगलवार (11 फरवरी) को हरियाणा के मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली ने जेपी नड्डा से मुलाकात की थी. सूत्रों ने बताया कि हरियाणा में नगर निकाय चुनाव को लेकर चर्चा हुई. अनिल विज को दिए गए नोटिस पर भी बात हुई.
नोटिस में क्या लिखा है
अनिल विज को भेजे नोटिस में हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष मोहन लाल बडौली ने कहा था, ''यह सूचित किया जाता है कि आपने हाल ही में पार्टी के अध्यक्ष और पार्टी के मुख्यमंत्री पद के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयान दिए हैं. यह गंभीर आरोप हैं और यह पार्टी की नीति तथा आंतरिक अनुशासन के खिलाफ है. उन्होंने कहा था, आपका यह कदम न केवल पार्टी के विचारधारा के खिलाफ है, बल्कि यह उस समय पर हुआ है जब पार्टी पड़ोसी राज्य (दिल्ली) में चुनावों के लिए अभियान चला रही थी.
अनिल विज ने क्या कहा था
अंबाला छावनी से सात बार के विधायक विज लगातार सीएम नायब सिंह सैनी पर निशाना साध रहे थे. अनिल विज ने पिछले दिनों कहा था, पदभार संभालने के बाद से वह सैनी उड़न खटोला हेलीकॉप्टर पर सवार हैं. अगर वह नीचे आए, तो उन्हें लोगों की पीड़ा दिखाई देगी.
ढाका में तसलीमा नसरीन की किताबों को बनाया निशाना, चुनाव से पहले माहौल गर्म
12 Feb, 2025 12:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। बांग्लादेश में दिसंबर तक आम चुनाव कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को कहा कि दिसंबर तक आम चुनाव कराने को लेकर तैयारियां चल रही हैं। पिछले सप्ताह देशभर में हुई तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने चुनाव कराने के प्रस्ताव पर सहमति दी है।
दिसंबर में राष्ट्रीय चुनावों को कराने की तैयारी
निर्वाचन आयोग के इस बयान से एक दिन पहले यूनुस ने पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) को दिसंबर तक चुनाव कराने का आश्वासन दिया।
चुनाव आयुक्त अब्दुल फजल मोहम्मद सनाउल्ला ने पत्रकारों से कहा, 'हम दिसंबर में राष्ट्रीय चुनावों को कराने की तैयारी कर रहे हैं।'
उन्होंने यहां संयुक्त राष्ट्र (यूएन) और यूरोपीय यूनियन के प्रतिनिधियों के अलावा 17 पश्चिमी और अन्य देशों के राजनयिकों के साथ बैठक के बाद यह जानकारी दी। बैठक में मौजूद रहे यूएन के स्थानीय प्रतिनिधि स्टीफन लिलर ने कहा, 'हम स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए निर्वाचन आयोग का समर्थन कर रहे हैं।' हालांकि उन्होंने देश के मौजूदा हालात में इस तरह के चुनाव कराने की चुनौतियों के बारे में पूछे जाने पर भी कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया।
तसलीमा की किताबों को बनाया निशाना
ढाका में एक पुस्तक प्रदर्शनी में लेखिका तसलीमा नसरीन की किताबों को निशाना बनाया गया। चश्मदीदों ने बताया कि सोमवार को मदरसा छात्रों ने एक स्टाल में तोड़फोड़ की, जहां भारत में निर्वासित जीवन व्यतीत कर रहीं तसलीमा की पुस्तकें प्रदर्शित की गई थीं। अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
नेतन्याहू की सख्त चेतावनी – इस हफ्ते बंधक नहीं छोड़े तो हमास पर टूटेगा कहर
12 Feb, 2025 11:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यरुशलम। इजरायल और हमास में एक बार फिर संघर्ष शुरू हो सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद अब पीएम नेतन्याहू ने मंगलवार को धमकी दी कि अगर इस सप्ताह के अंत में किसी भी बंधक को रिहा नहीं किया गया तो गाजा में भीषण लड़ाई फिर से शुरू की जाएगी। हमास के बंधकों को नहीं छोड़ने की वजह से संघर्ष विराम समझौते को तनावपूर्ण बना दिया है।
गाजा में भीषण लड़ाई फिर से शुरू की जाएगी- नेतन्याहू
इजरायली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि अगर हमास ने शनिवार दोपहर तक हमारे बंधकों को वापस नहीं किया, तो युद्धविराम समाप्त हो जाएगा, और आईडीएफ (इजरायली सेना) तब तक गहन लड़ाई जारी रखेगी जब तक कि हमास निर्णायक रूप से हार नहीं जाता। लेकिन हाल के दिनों में संघर्ष विराम समझौते पर तनाव बढ़ गया है, जिससे इसे बचाने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं।
हमास ने शनिवार तक बंधकों को रिहा नहीं किया तो आ जाएगी तबाही: ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में बंधक बनाकर रखे गए लोगों को लेकर हमास को अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने हमास को चेतावनी दी है कि अगर गाजा में शेष बंधकों की रिहाई शनिवार दोपहर तक नहीं हुई तो तबाही आ जाएगी। जबकि हमास ने ट्रंप की इस चेतावनी को नकारते हुए कहा कि शेष बंधकों की रिहाई तभी होगी जब सभी पक्ष युद्धविराम का सम्मान करेंगे। इससे पहले हमास ने इजरायल पर युद्धविराम समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया और कहा कि अगले बंधकों की रिहाई में देरी होगी।
बता दें कि 19 जनवरी को इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम और बंधकों की रिहाई को लेकर समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत हमास थोड़े-थोड़े कर बंधकों की रिहाई कर रहा है और इनके बदले में इजरायल फलस्तीनी कैदियों को छोड़ रहा है।
इजरायल-हमास संघर्ष विराम को रद करने का प्रस्ताव रखेंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोमवार को व्हाइट हाउस के ओवल हाउस मेंपत्रकारों से कहा कि हमास को गाजा में शेष बचे बंधकों को शनिवार दोपहर 12 बजे तक रिहा कर देना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह इजरायल-हमास संघर्ष विराम को रद करने का प्रस्ताव रखेंगे और इसके बाद तबाही आ जाएगी। उन्होंने कहा कि इजरायल इस मुद्दे पर उनकी बात को नजरअंदाज कर सकता है। वह इस विषय में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात कर सकते हैं।
क्या OpenAI पर कब्जा जमाने की तैयारी में Elon Musk? सैम आल्टमैन की बढ़ी चिंता
12 Feb, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तीन साल पहले ट्विटर (अब एक्स) का अधिग्रहण करने वाले टेस्ला के मालिक एलन मस्क की नजर अब ओपनएआई पर है। उनकी अगुआई वाले कंर्सोटियम ने ओपनएआई को 97.4 अरब डॉलर में खरीदने का प्रस्ताव दिया है।
रॉयटर्स के मुताबिक ओपनएआई के सीईओ सैम आल्टमैन ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और कहा, 'नहीं धन्यवाद, लेकिन अगर आप चाहें तो हम ट्विटर को 9.74 अरब डॉलर में खरीद लेंगे।'
मस्क ने खरीदा था ट्विटर
बता दें कि मस्क ने 2022 में ट्विटर को 44 अरब डॉलर में खरीद लिया था। उन्होंने बाद में इस इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म का नाम बदलकर एक्स कर दिया था। रिपोर्ट के अनुसार, ओपनएआई को खरीदने का प्रस्ताव देने वाले मस्क के नेतृत्व वाले कंर्सोटियम में एक्सएआई, बैरन कैपिटल ग्रुप, इमैनुएल कैपिटल मैनेजमेंट और अन्य शामिल हैं।
समझौता होने पर एक्सएआई का ओपनएआई के साथ विलय हो सकता है। मस्क के प्रस्ताव से ओपनएआई के सीईओ आल्टमैन के साथ चैटजीपीटी निर्माता के भविष्य को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के गहराने का अंदेशा जताया जा रहा है।
मस्क ने दिया था बोर्ड से इस्तीफा
मस्क और आल्टमैन ने 2015 में गैर लाभकारी के तौर पर ओपनएआई को शुरू करने में मदद की थी और बाद में उनमें इस बात पर प्रतिस्पर्धा थी कि इसका नेतृत्व किसे करना चाहिए। मस्क के 2018 में बोर्ड से इस्तीफा देने के बाद से इस स्टार्टअप की दिशा को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।
उन्होंने 2023 में एआई स्टार्टअप एक्सएआई की स्थापना की। टेस्ला के सीईओ और इंटरनेट मीडिया कंपनी एक्स के मालिक मस्क अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेहद करीबी हैं। उन्होंने ट्रंप के चुनाव में करीब 25 करोड़ डॉलर से मदद की थी।
चीफ एग्जीक्यूटिव हैं आल्टमैन
वह सरकारी दक्षता विभाग का नेतृत्व कर रहे हैं। मस्क ने पिछले वर्ष अगस्त में आल्टमैन और अन्य पर मुकदमा किया था, जिसमें यह आरोप लगाया था कि उन्होंने सार्वजनिक हित की जगह लाभ के लिए अनुबंध के प्रविधानों का उल्लंघन किया।
बता दें कि सैम आल्टमैन ओपनएआई के चीफ एग्जीक्यूटिव हैं। वह नॉन प्रॉफिट के बोर्ड के सदस्य भी है। पिछले साल मई में एक पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने कहा था कि उनके पास कंपनी का एक भी स्टॉक नहीं है। एक रिपोर्ट के मुताबिक आल्टमैन का फोकस ओपनएआई को फुल प्रॉफिट कंपनी बनाने पर है।
मस्क का ऑफर क्यों ठुकराया?
एलन मस्क का ऑफर सैन ऑल्टमैन ने पुराने विवाद की वजह से ठुकराया हो, ऐसा भी नहीं है। दरअसल मस्क ने जिस 97.4 बिलियन डॉलर का ऑफर दिया है, वह ओपनएआई के वैल्यूएशन ने बेहद कम है। बीबीसी के मुताबिक, पिछले साल अक्टूबर में हुए ताजा फंडिंग राउंड में ओपनएआई की फंडिंग 157 बिलियन डॉलर आंकी गई थी।
सिर्फ इतना ही नहीं, अनुमान है कि अगले फंडिंग राउंड तक इसकी वैल्यू 300 बिलियन डॉलर की हो जाएगी। जाहिर है कि 300 बिलियन डॉलर वाली कंपनी के प्रमुख आल्टमैन मस्क के 97.4 बिलियन डॉलर वाले ऑफर में तो दिलचस्पी नहीं दिखाएंगे। हालांकि जानकारों का मानना है कि ऐसा ऑफर देकर मस्क ओपनएआई की वैल्यूएशन बिगाड़ना चाहते हैं।
मस्क पर आल्टमैन के आरोप
अमेरिकी टीवी चैनल ब्लूमबर्ग से बात करते हुए सैम आल्टमैन ने एलन मस्क पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एलन ने लंबे समय से हर तरह की कोशिश की है और यह उसमें से लेटेस्ट हैं। आल्टमैन ने कहा कि मुझे लगता है कि वह शायद हमें स्लो करने की कोशिश कर रहे हैं।
सैम ने कहा कि 'काश वह कोई बेहतर प्रोडक्ट बनाकर मुकाबला कर पाते। ढेर सारे केस, कई फालतू कोशिशें और अब ये। पर हम सिर्फ अपना काम करते रहेंगे।' उन्होंने कहा कि 'शायद मस्क की पूरी जिंदगी इनसिक्योरिटी से भरी हुई है। वह खुश आदमी नहीं हैं। मैं समझ सकता हूं।'
फ्रांस AI एक्शन समिट: नौकरियों पर खतरे के सवाल पर पीएम मोदी ने क्या कहा?
12 Feb, 2025 11:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पीएम नरेन्द्र मोदी ने आर्टिफिशिएल इंटेलीजेंस (एआई) क्षेत्र में वैश्विक गवर्नेंस को पारदर्शी और भरोसेबंद बनाने और विकासशील व विकसित देशों को भी प्रौद्योगिकी की इस नई क्रांति में शामिल करने का आह्वान किया है। उन्होंने एआई को वैश्विक समाज के भलाई और इस बारे में विश्व स्तर पर बेहतर सामंजस्य का आह्लान किया है।
यह आह्वान पीएम मोदी ने पेरिस में तीसरे एआई एक्शन समिट में किया। पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रो के साथ इस सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की। एआई सेक्टर में चीन की हालिया उपलब्धि के मद्देनजर इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है कि इससे पश्चिम के लोकतांत्रिक देशों के बीच एआइ के उद्भव से उपजी चुनौतियों का सामना करने को लेकर कोई साझा रोडमैप निकलेगा।
लेकिन पहले दिन की बैठक से स्पष्ट है कि अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच ही एआई नियमन को लेकर काफी विभेद है। अमेरिका ने एआई पर बहुत ज्यादा नियमन का विरोध किया है।
पीएम मोदी ने अपने भाषण में एआई के प्रभाव को स्वीकार करते हुए कहा
एआई अब हमारी राजनीति, हमारे समाज, हमारी इकोनमी और हमारी सुरक्षा को प्रभावित करने लगा है। इस सदी में मानवता के कोड को एआइ ही लिख रहा है। लेकिन यह मानव इतिहास के पहले की प्रौद्योगिक उपलब्धियों से अलग है। यह बहुत ही अप्रत्याशित स्तर पर विस्तारित हो रहा है और इसको अपनाने की गति तो इससे भी तेज है। इसमें एक दूसरे देशों पर निर्भरता भी काफी है। ऐसे में इस बात की जरुरत है कि हम एक वैश्विक गवर्नेंस और इसके मानकों को स्थापित करें जो हमारे साझा मूल्यों पर आधारित हो और उत्पन्न चुनौतियों को दूर करे व भरोसा स्थापित करे।
ग्लोबल साउथ देशों (विकासशील व गरीब) देशों को भी एआई की पूरी पहुंच बनाने की जोरदार वकालत की और इस संदर्भ में भारत की उपलब्धियों को भी गिनाया। मोदी ने बताया कि भारत के पास एआई का सबसे बड़ा प्रशिक्षित पुल है। भारत अपना लार्ज लैंग्वेज मॉड्यूल तैयार कर रहा है, जो यहां की विविधता के मुताबिक होगा।
टेक्नोलॉजी से बदल जाती है काम की प्रकृति: पीएम मोदी
भारत मानवता की भलाई के लिए सभी के साथ अपने अनुभव साझा करने को तैयार है। एआई के आने से नौकरियों के जाने के खतरे को भी पीएम मोदी ने खारिज करते हुए कहा कि अभी तक ऐसा नहीं हुआ है कि प्रौद्योगिकी के उभार से रोजगार खत्म हो गये हों, उनकी प्रकृति बदल जाती है।
'मानवता को नया आकार देगा एआई युग'
अपने भाषण के अंत में पीएम मोदी ने कहा कि अभी एआई युग की शुरुआत है जो आने वाले समय में मानवता को आकार देगी। कुछ लोग इस बात से सहमे हुए हैं कि यह बुद्धिमता में इंसानों से बेहतर होगी लेकिन हमारे साझा भविष्य की कुंजी किसी और के पास नहीं है, यह हमारे पास ही है।
समिट के बाद 60 देशों ने संयुक्त बयान किया जारी
सम्मेलन के बाद 60 देशों ने संयुक्त बयान जारी किया है जिसमें अमेरिका शामिल नहीं है। सम्मेलन में अमेरिका के उप-राष्ट्रपति जेडी वैंस ने यह साफ कर दिया कि अमेरिका यूरोपीय देशों की तरफ से एआई पर सख्ती से नियमन का समर्थन नहीं करता। उन्होंने यूरोपीय देशों की कोशिशों की सार्वजनिक तौर पर आलोचना की।
संयुक्त बयान में एआइ का इस्तेमाल दुनिया में डिजिटल विभेद (किसी के पास ज्यादा, किसी के पास कम) को खत्म करने और एआइ को सभी के लिए समावेशी, पारदर्शी, सुरक्षित, नैतिक व विश्वसनीय बनाने का आह्वान किया गया है।
हरियाणा में IB की रेड, रोहतक के पटेल नगर में चिराग के घर और ऑफिस पर छापा
11 Feb, 2025 01:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा में IB की रेड: रोहतक के पटेल नगर पहुंची टीम; ऑनलाइन कंपनी चलाते हैं चिराग, घर व ऑफिस पर मारा छापा
रोहतक
परिवार के सभी लोगों के मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया और सभी को एक कमरे में बैठ कर पूछताछ करने शुरू कर दी। करीब 7 घंटे से लगातार छापेमारी और पूछता जारी है। ऑनलाइन कंपनी चलाने वाले एक कारोबारी के घर और कार्यालय पर मंगलवार तड़के 6:00 बजे इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीम ने छापा मारा है। 6 गाड़ियों में 20 से अधिक अवसर कर्मचारी घर पर तो करीब चार गाड़ियों में 12 लोग ऑफिस पर दस्तावेज तलाश करते हुए पूछताछ कर रहे हैं।
रोहतक के आर्य नगर में IB का छापा, चिराग कुमार की कंपनी और घर पर पूछताछ
रोहतक के आर्य नगर थाना क्षेत्र स्थित पटेल नगर में चिराग कुमार रहते हैं। उन्होंने एक कंपनी बना रखी है और उनका ऑनलाइन ट्रेडिंग का काम है। उनका हिसार रोड पर कंपनी का कार्यालय है। मंगलवार तड़के सुबह 6:00 बजे चंडीगढ़ और पंजाब नंबर की 6 लग्जरी कारों में 20 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी पटेल नगर स्थित चिराग के घर पर पहुंचे और पूछताछ करते हुए दस्तावेज खानदान ने शुरू कर दिए।
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IB की छापेमारी: चिराग कुमार के परिवार के मोबाइल कब्जे में, 7 घंटे से जारी पूछताछ
परिवार के सभी लोगों के मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया और सभी को एक कमरे में बैठ कर पूछताछ करने शुरू कर दी। करीब 7 घंटे से लगातार छापेमारी और पूछताछ जारी है। जबकि दूसरी टीम के 10 से 12 लोगों ने कंपनी कार्यालय पर दस्तावेज खाना ले और अपने कब्जे में ले लिए।
पाकिस्तान में फांसी की सजा का खतरा! मार्क जुकरबर्ग का चौंकाने वाला बयान
11 Feb, 2025 01:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मार्क जुकरबर्ग ने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में उन्हें फांसी की सजा दिलाने की कोशिश की गई। जुकरबर्ग ने यह भी कहा कि मेरा पाकिस्तान जाने का कोई प्लान नहीं है। इसलिए अधिक टेंशन नहीं लिया। मगर इस केस में अब क्या हो रहा है... इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। दरअसल, मार्क जुकरबर्ग जो रोगन के साथ एक पॉडकास्ट में ईशनिंदा सामग्री से जुड़े मुकदमे पर पाकिस्तान में आने वाली कानूनी चुनौतियों पर अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान उन्होंने यह वाकया साझा किया।
जुकरबर्ग ने कहा कि कई देशों में ऐसे कानून हैं, जिनसे हम असहमत हैं। उदाहरण के लिए एक समय ऐसा भी था जब कोई शख्स मुझे पाकिस्तान में मौत की सजा दिलाने की कोशिश कर रहा था। इसकी वजह यह थी कि किसी ने फेसबुक पर पैगंबर मोहम्मद साहब की एक फोटो साझा की थी।
शख्स का कहना था कि यह हमारी संस्कृति में ईशनिंदा है। उसने मुझ पर मुकदमा दायर किया। इसके बाद आपराधिक कार्यवाही शुरू हुई। जुकरबर्ग ने आगे कहा कि मुझे नहीं पता अब यह मामला कहां, क्योंकि मैं पाकिस्तान जाने की योजना नहीं बना रहा हूं। इसलिए मैं इसके बारे में अधिक चिंतित भी नहीं हूं।
जुकरबर्ग ने माना कि स्थिति चिंताजनक थी, खास तौर पर व्यक्तिगत सुरक्षा के मामले में। उन्होंने कहा कि यह थोड़ा परेशान करने वाला था। मैं सोच रहा था, ठीक है, ये लोग ऐसे हैं। यह अच्छा नहीं है अगर आप उस क्षेत्र के ऊपर से उड़ान भर रहे हैं। आप नहीं चाहेंगे कि आपका विमान पाकिस्तान के ऊपर से गुजरे।
मार्क जुकरबर्ग ने टेक कंपनियों पर सरकारों के बढ़ते दखल को उजागर किया। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सरकार को विदेश में अमेरिकी टेक कंपनियों की रक्षा करने में मदद करने की जरूरत होगी। राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद डोनाल्ड ट्रंप से जुकरबर्ग ने मार-ए-लागो में मुलाकात की थी। इसके अलावा मेटा ने ट्रंप के उद्घाटन कोष में एक मिलियन अमेरिकी डॉलर का दान भी दिया है। 20 जनवरी को ट्रंप के उद्घाटन समारोह में भी जुकरबर्ग पहुंचे थे।
ट्रंप सरकार का बड़ा फैसला – अमेरिका में फिर लौटेगा प्लास्टिक स्ट्रॉ का दौर
11 Feb, 2025 01:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्लास्टिक स्ट्रॉ की वापसी का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि पेपर स्ट्रॉ 'काम नहीं करते' और उनका इस्तेमाल 'बेवकूफी भरा' है। ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर साइन करते हुए कहा, 'हम वापस प्लास्टिक स्ट्रॉ पर जा रहे हैं।' ट्रंप का यह कदम पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन की उस नीति को उलटने के लिए है, जिसमें साल 2027 तक सरकारी संस्थानों में सिंगल-यूज प्लास्टिक (जैसे स्ट्रॉ) पर रोक लगाने का फैसला किया गया था। बाइडन प्रशासन का लक्ष्य 2035 तक सभी सरकारी कार्यालयों में प्लास्टिक का उपयोग खत्म करना था। इसे लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, अब अपने ड्रिंक का मजा बिना किसी गीले और बेकार पेपर स्ट्रॉ के लें! उन्होंने बाइडेन की नीति को 'खत्म' घोषित किया।
वहीं पर्यावरणविदों ने अमेरिकी राष्ट्रपति के फैसले की कड़ी आलोचना की है। कई अमेरिकी राज्यों और शहरों ने पहले ही प्लास्टिक स्ट्रॉ पर प्रतिबंध लगा दिया है, क्योंकि वे समुद्रों और जल स्रोतों को प्रदूषित करते हैं और जलीय जीवों को नुकसान पहुंचाते हैं। ओशियाना नाम की पर्यावरण संस्था की प्लास्टिक अभियान प्रमुख 'क्रिस्टी लेविट' ने कहा, 'ट्रंप गलत दिशा में जा रहे हैं। प्लास्टिक प्रदूषण संकट बन चुका है, और इसे अनदेखा नहीं किया जा सकता।' विशेषज्ञों के मुताबिक, हर मिनट समुद्र में एक ट्रक जितनी प्लास्टिक कचरा डाला जाता है। प्लास्टिक छोटे-छोटे टुकड़ों (माइक्रोप्लास्टिक) में बदलकर मछलियों, पक्षियों और यहां तक कि इंसानों के शरीर में भी पहुंच रहा है।
वहीं, प्लास्टिक उद्योग ने ट्रंप के इस कदम की तारीफ की। प्लास्टिक इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष मैट सीहोल्म ने कहा, स्ट्रॉ तो बस शुरुआत है, हमें 'बैक टू प्लास्टिक' मूवमेंट का समर्थन करना चाहिए।
समुद्री जीवों के लिए बड़ा खतरा
पर्यावरण संगठनों का कहना है कि हर दिन अमेरिका में 39 करोड़ से ज्यादा प्लास्टिक स्ट्रॉ इस्तेमाल किए जाते हैं, जो 200 साल तक नष्ट नहीं होते। ये समुद्री कछुओं और अन्य जीवों के लिए बड़ा खतरा बनते हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, हर साल दुनिया में 40 करोड़ टन से ज्यादा प्लास्टिक बनता है, जिसमें से 40% केवल पैकेजिंग में इस्तेमाल होता है।
दुनिया भर में प्लास्टिक पर नियंत्रण की कोशिश
दुनिया के 100 से ज्यादा देश प्लास्टिक प्रदूषण को रोकने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। पिछले साल दक्षिण कोरिया में इस मुद्दे पर चर्चा हुई, लेकिन कोई ठोस फैसला नहीं लिया जा सका। इस साल फिर इस समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश होगी।
हरियाणा सरकार 28 फरवरी से लागू करेगी तीन नए आपराधिक कानून, सीएम नायब सिंह सैनी का ऐलान
11 Feb, 2025 12:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा सरकार 28 फरवरी से तीनों नए आपराधिक कानून लागू करने जा रही है. इस बात का ऐलान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी कर दिया है. बीते शुक्रवार को सीएम नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा पहला राज्य बनेगा जो इन तीन नए आपराधिक कानूनों को अपने यहां लागू करेगा. इनमें भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम शामिल हैं. ये तीन नए कानून 1 जुलाई, 2024 से भारतीय दंड संहिता 1860, दंड प्रक्रिया संहिता,1973 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 की जगह ले चुके हैं.
सीएम सैनी ने क्या कहा
बता दें बीते शुक्रवार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गृह और पुलिस विभाग की समीक्षा बैठक की थी. इसी बैठक के बाद उन्होंने ऐलान किया था कि अब हरियाणा सरकार तीन नए आपराधिक कानूनों को बजाय 30 मार्च के 28 फरवरी तक लागू कर देगी. सीएम ने बैठक में उन्होंने अवैध रूप से विदेश में जाने और वहां से आने वालों पर रोक लगाने, अवैध घुसपैठियों, बांग्लादेशियों और रोहिंग्या मुसलमानों पर रोक लगाने की दिशा में पुलिस को कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए. समीक्षा के समय सीएम ने संकेत दिया कि अवैध अप्रवास (इमीग्रेशन) रोकने के लिए फरवरी-मार्च में शुरू होने वाले बजट सत्र में कानून बनाया जाएगा.
नए कानून में क्या-क्या
नए कानूनों में पहली बार बार मौब लिंचिंग को परिभाषित किया गया है.
.एफआईआर दर्ज होने से सुप्रीम कोर्ट तक तीन साल में न्याय मिल सकेगा.
.नए कानूनों में सभी प्रक्रियाओं के पूरा होने की समय सीमा भी तय की गई है.
.समय सीमा तय होने से तारीख पर तारीख से निजात मिलेगी.
.नए कानूनों पर लगभग 22.5 लाख पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग के लिए 12 हजार मास्टर ट्रेनर्स तैयार करने का लक्ष्य था.
.नए कानूनों में सात साल या उससे अधिक की सजा वाले अपराधों में फोरेंसिक जांच को अनिवार्य किया गया है.
.नए कानूनों के तहत भी रिमांड का समय पहले की तरह 15 दिनों का है.
.देश की हर क्षेत्रीय भाषा में इन कानूनों को उपलब्ध कराया जाएगा.
ग्वाटेमाला में दर्दनाक सड़क हादसा, यात्रियों से भरी बस पुल से नीचे गिरी
11 Feb, 2025 12:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सेंट्रल अमेरिकी देश ग्वाटेमाला में एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है. इस हादसे के बाद पूरे देश में शोक की लहर है. बीते दिन ग्वाटेमाला की राजधानी के बाहरी इलाके में एक बस के पुल से नीचे गिर गई. इस हादसे के चीख-पुकार मच गई. हादसे के बाद हर तरफ मृतकों और घायलों के शव पड़े हुए थे. अब तक इस हादसे में 55 लोगों की मौत हो चुकी है. इसके साथ ही कई लोग घायल भी हैं.
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि ये हादसा मल्टी-व्हीकल कॉलिजन के कारण हुआ है, यानी कि कई वाहन एक साथ टकरा गए. जिसके कारण ये पूरा हादसा हुआ है. इस हादसे में बच्चे और बूढ़े भी शामिल थे. इस हादसे की तस्वीरें भी सामने आई हैं. जिसमें बस गंदे पानी में आधी डूबी हुई नजर आ रही है.
51 शवों को किया गया बरामद
मीडिया रिपोर्ट की माने तो बस ड्राइवर ने बस पर नियंत्रण खो दिया था. जिसके कारण ही पहले बस कई वाहनों से टकराई और आखिर में खाई में जा गिरी. जिस खाई में बस गिरी उसकी गहराई लगभग 65 फीट है. देश के इन्फॉर्मेशन मंत्री मिगुएल एंजेल डियाज ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला कि बस 30 साल पुरानी थी, लेकिन उसके पास अभी भी संचालन का लाइसेंस था.
अब तक 51 शवों को बरामद कर लिया गया है. मरने वालों में 36 पुरुष और 15 महिलाएं शामिल हैं. उन्होंने कहा कि राहत बचाव का कार्य जारी है. कई टीमें जुटी हुई है. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
राष्ट्रपति ने एक दिन का शोक किया घोषित
राजधानी के पास हुए इस हादसे ने पूरे देश को परेशान कर दिया. कई बच्चे और बूढ़े ने अपनी जान गवाई है. घटना के बाद राष्ट्रपति बरनार्डो अरेवालो ने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. इसके साथ ही एक दिन का राष्ट्रीय शोक भी घोषित किया है. उन्होंने कहा कि घायलों को बेहतर मेडिकल सुविधा देने के लिए सरकार काम करेगी.
बढ़ती भीड़ के कारण सऊदी सरकार का फैसला, हज में बच्चों की एंट्री बैन
11 Feb, 2025 11:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सऊद अरब ने हज को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। अब बच्चों की हज में एंट्री बंद कर दी गई। सऊदी अरब के हज और उमरा मंत्रालय की तरफ से बताया गया है कि हज के दौरान हर साल बढ़ती भीड़ को लेकर यह फैसला लिया गया है। वहीं, बच्चों की सुरक्षा के लिए सरकार ने ये फैसला लिया है।
सऊदी सरकार ने जानकारी दी कि साल 2025 में उन्हीं लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो पहली बार हज करने आए हैं। बता दें कि हज 2025 के लिए रजिस्ट्रेशन की शुरुआत हो चुकी है।
हज सीजन को लेकर सऊदी सरकार ने लिया बड़ा फैसला
सऊदी के नागरिक और निवासी अब Nusuk App या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से 2025 हज सीजन के लिए औपचारिक रूप से आवेदन कर सकते हैं। नए नियमों के अनुसार, आवेदकों को अपने विवरण सत्यापित करने होंगे और अपने यात्रा साथियों को पंजीकृत करना होगा।
1 फरवरी, 2025 से भारत सहित 14 देशों के व्यक्ति केवल एकल-प्रवेश वीजा के लिए पात्र होंगे। इस कदम का उद्देश्य बहु-प्रवेश वीजा के दुरुपयोग को रोकना है, जिसका उपयोग कुछ यात्री आधिकारिक पंजीकरण के बिना हज करने के लिए करते हैं।
लैंडिंग के दौरान विमान फिसला, पार्क किए गए विमान से टकराया, एक की मौत
11 Feb, 2025 11:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका में एक और विमान हादसा हुआ है। एरिजोना के स्कॉट्सडेल एयरपोर्ट पर दो विमानों के टकराने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। संघीय उड्डयन प्रशासन ने बताया कि एक निजी जेट रनवे से उतर गया। इसके बाद वह दूसरे निजी जेट से जा टकराया।
अमेरिकी संघीय विमानन प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पिछले 10 दिन में अमेरिका में हुआ यह चौथा विमान हादसा है। जानकारी के मुताबिक घटना दोपहर 2:45 बजे हुई।
एक लीयरजेट 35A विमान लैंडिंग के बाद रनवे से उतर गया। इसके बाद रैंप पर एक गल्फस्ट्रीम 200 बिजनेस जेट से टकरा गया। हवाई अड्डे पर उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। विमान में कितने लोग सवार थे... अभी यह साफ नहीं हो पाया है।
हादसे में चार लोग घायल
स्कॉट्सडेल फायर डिपार्टमेंट के प्रवक्ता डेव फोलियो ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दुर्घटना में चार अन्य लोग घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति अभी विमान में फंसा हुआ है। बचाव दल उसे निकालने में जुटा है। तीन घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अमेरिका में हाल ही में हुए तीन विमान हादसों की गहन जांच की जा रही है। नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड तीनों हादसों की जांच में जुटा है।
चीन में शादी के मामलों में रिकॉर्ड गिरावट, 39 साल में सबसे कम शादियां
11 Feb, 2025 11:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग। चीन में सरकार के युवा लोगों को विवाह और बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित किए जाने के बावजूद देश में 2024 में विवाह दर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। शनिवार को जारी आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि देश में तलाक की संख्या बढ़ी है। नागरिक मामलों के मंत्रालय के अनुसार पिछले वर्ष केवल 61 लाख दंपतियों ने अपना विवाह पंजीकृत कराया।
20.5 फीसदी की आई कमी
2023 में हुए विवाह की तुलना में 20.5 प्रतिशत कमी दर्ज की गई। मंत्रालय द्वारा 1986 में विवाहों की संख्या का रिकॉर्ड शुरू किए जाने के बाद यह सबसे कम संख्या है। सीएनएन के अनुसार विवाह और जन्म में कमी से चीन में गंभीर चुनौती पैदा हो गई है। देश कामगारों की घटती और बुजुर्गों की बढ़ती संख्या का सामना कर रहा है जिससे उसकी अर्थव्यवस्था दबाव में है।
26 लाख दंपतियों ने दाखिल की तलाक की अर्जी
2013 में चीन में सर्वाधिक एक करोड़ 30 लाख विवाह हुए थे। 2024 में उसके आधे विवाह हुए हैं। शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, बीते वर्ष 26 लाख दंपतियों ने तलाक की अर्जी दाखिल कराई। पिछले वर्ष की तुलना में ऐसे मामलों में 28000 वृद्धि हुई है। तमाम आलोचनाओं के बावजूद 2021 से चीन में तलाक की अर्जी दाखिल करने वाले दंपतियों के लिए 30 दिन का अनिवार्य 'कूलिंग-ऑफ' अवधि लागू है।
लगातार तीसरे साल गिरी जनसंख्या
पिछले वर्ष जन्म दर में मामूली वृद्धि के बावजूद चीन की जनसंख्या लगातार तीसरे वर्ष कम हुई। 16 से 59 वर्ष के बीच की कामकाजी उम्र की जनसंख्या में 2024 में 68 लाख 30 हजार की गिरावट आई है। इस बीच 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों की संख्या में वृद्धि जारी रही। इस आयु वर्ग के लोग कुल जनसंख्या का 22 प्रतिशत हैं।
कनाडा को 51वां राज्य बनाने पर ट्रंप गंभीर, नई टैरिफ योजना का भी किया ऐलान
10 Feb, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने कार्यकाल की शुरुआत से ही कई सख्त फैसले ले रहे हैं. इनमें सबसे बड़ा फैसला अवैध प्रवासियों को लेकर लिया. दूसरी ओर वे ग्रीनलैंड और कनाडा को अमेरिका में शामिल करने की बात भी कह रहे हैं. उनके स्टेटमेंट से साफ है कि वे कनाडा और ग्रीनलैंड के पीछे हाथ धोकर पड़े हुए हैं. किसी भी हालत में दोनों को अमेरिका का हिस्सा बनाना चाहते हैं.
पिछले दिनों उन्होंने ग्रीनलैंड को लेकर कहा था कि आने वाले समय में वो अमेरिका का हिस्सा होगा. इस बीच ट्रंप ने कनाडा को लेकर कहा कि वो 51वां अमेरिकी राज्य बन जाए तो अच्छा होगा. ऐसा न होने से अमेरिका का नुकसान हो रहा है, और वो मैं होने नहीं दूंगा. उन्होंने ये भी कहा कि वे इस बात को लेकर मजाक के मूड में नहीं हैं.
नई टैरिफ योजना ने बढ़ाई सबकी टेंशन
ट्रम्प ने कहा कि वह सोमवार को कनाडा और मैक्सिको सहित अमेरिका में सभी स्टील और एल्यूमीनियम आयात पर 25% टैरिफ की घोषणा करेंगे. इसके अलावा इस हफ्ते के अंत में वे नई टैरिफ की पॉलिसी लाएंगे. ट्रंप के इस बयान ने कई देशों को टेंशन में डाल दिया है. ऐसा इसलिए क्योंकि पिछली टैरिफ योजना के बाद अन्य देशों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है.
अमेरिका का नुकसान नहीं होने देंगे- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि कनाडा अमेरिका 51वां राज्य बनने से कहीं बेहतर होगा. इससे हमारा नुकसान भी कम होगा. इस समय हमें करीब हर साल 200 अरब डॉलर का नुकसान हो रहा है और मैं ऐसा नहीं होने दूंगा. हम हर साल क्यों बेवजह 200 अरब डॉलर का पेमेंट करें?
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह कनाडा को 51 वां राज्य बनाने को लेकर काफी गंभीर हैं. इसके साथ ही उन्होंने कनाडा पर कब्जा करने वाली बात को भी स्वीकार किया. जैसा कि पिछले दिनों कनाडाई निवर्तमान पीएम ट्रूडो ने बताया था.
ट्रंप की बात पर पिछले दिनों ट्रूडो ने लगाई थी मुहर
ट्रूडो ने बीते दिनों को बिजनेस और लेबर लीडर्स के साथ एक बंद कमरे में बातचीत के दौरान कहा कि ट्रंप की कनाडा को 51वां अमेरिकी राज्य बनाने की बात हकीकत है. यह देश के प्राकृतिक संसाधनों तक पहुंच की उनकी इच्छा से जुड़ी है.
ट्रंप ने टैरिफ में 30 दिनों की छूट दी
डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडाई निर्यात पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने की योजना को 30 दिनों के लिए टाल दिया है, लेकिन इसके बदले में उन्होंने सीमा और क्राइम इंफोर्समेंट में रियायतें मांगी हैं, विशेष रूप से फ़ेंटेनाइल तस्करी पर कड़ी कार्रवाई की.
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