पंजाब
ग्रंथी की मौत से मचा हड़कंप, आय विवाद और धमकी के आरोप में छह गिरफ्तार
15 Jun, 2026 01:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
होशियारपुर। पंजाब के माहिलपुर इलाके के एक गांव से बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां धार्मिक आयोजनों से होने वाली कमाई के विवाद में 28 वर्षीय ग्रंथी जसपाल सिंह ने कथित तौर पर जहरीली चीज खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मृतक के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर छह आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। पकड़े गए सभी आरोपियों पर खुदकुशी के लिए मजबूर करने समेत कानून की कई अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा कायम किया गया है।
धार्मिक आय में हिस्सेदारी को लेकर शुरू हुआ था विवाद
मृतक के पिता जगदीश सिंह, जो खुद भी एक गुरुद्वारे में ग्रंथी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, ने पुलिस प्रशासन को आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि उनका बेटा जसपाल सिंह आसपास के विभिन्न गुरुद्वारों में श्री अखंड पाठ और सहज पाठ करने का कार्य करता था। लगभग छह महीने पहले ही उनका पूरा परिवार माहिलपुर क्षेत्र के एक गुरुद्वारे में धार्मिक कार्यों के लिए आया था। बीते 9 जून को इलाके के कुछ लोग जसपाल के पास आए और उन्होंने क्षेत्र में होने वाले धार्मिक पाठों से मिलने वाली दक्षिणा और आय में जबरन अपना हिस्सा मांगना शुरू कर दिया।
मानसिक उत्पीड़न और सामाजिक रूप से अपमानित करने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, जब ग्रंथी जसपाल सिंह ने उनकी इस नाजायज मांग को मानने से साफ मना कर दिया, तो आरोपियों ने उसे डराना-धमकाना शुरू कर दिया। बात यहीं नहीं रुकी, आरोपियों ने उस पर धार्मिक मर्यादाओं को ठेस पहुंचाने का झूठा आरोप मढ़ा और समाज में उसे बुरी तरह बेइज्जत किया। पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपियों ने जसपाल को भविष्य में इसके गंभीर नतीजे भुगतने और जान से मारने की धमकियां भी दी थीं। इस अप्रत्याशित अपमान और लगातार मिल रही धमकियों के कारण जसपाल गहरे मानसिक तनाव में चला गया और इसी अवसाद के चलते 12 जून की शाम उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।
पुलिस ने दर्ज किया केस और छह आरोपी गिरफ्तार
बेटे की मौत के बाद पिता जगदीश सिंह ने न्याय के लिए पुलिस का दरवाजा खटखटाया। पुलिस ने पीड़ित पिता के बयानों को आधार बनाकर छह नामजद आरोपियों को धरदबोचा है, जबकि इस साजिश में शामिल कुछ अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। कानूनविदों के अनुसार, पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने (अबेटमेंट टू सुसाइड) की धाराओं के तहत मामला पंजीकृत किया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े हर पहलू की गहनता से तफ्तीश की जा रही है और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।
SIR की शुरुआत आज से, फर्जी और अपात्र मतदाताओं पर रहेगी नजर
15 Jun, 2026 01:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब में आज से मतदाता सूची के शुद्धिकरण के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान का आगाज होने जा रहा है। इस महाअभियान के अंतर्गत राज्य के करीब 2 करोड़ 14 लाख 57 हजार 160 वोटरों के विवरणों की बारीकी से पड़ताल की जाएगी। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची से फर्जी, दोहरी प्रविष्टियों वाले और स्वर्गीय मतदाताओं के नामों को हटाकर सूची को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है। इस प्रक्रिया को पूरा करने के बाद आगामी 1 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
बूथ स्तर पर बीएलओ करेंगे घर-घर जाकर सत्यापन
इस अभियान का प्रारंभिक चरण बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के प्रशिक्षण और तकनीकी सुधारों के साथ शुरू हो रहा है, जो 24 जून तक चलेगा। इसके बाद 25 जून से 24 जुलाई तक बीएलओ सीधे आम जनता के घरों तक पहुंचेंगे और जरूरी फॉर्म भरवाएंगे। प्रशासनिक सुविधा के लिए प्रत्येक बीएलओ को औसतन 300 परिवारों और लगभग 1200 वोटरों की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। इसके बाद 3 अगस्त को मतदाता सूची का एक प्रारंभिक प्रारूप जारी किया जाएगा, जिस पर आम लोग 3 अगस्त से 2 सितंबर तक अपने दावे या आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान आयोग ने साफ किया है कि पहचान पत्र के तौर पर केवल विवरणों के मिलान के लिए ही सरकारी दस्तावेजों को देखा जाएगा, इसे अंतिम सत्य नहीं माना जाएगा।
वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने के कड़े नियम
घर-घर जाकर जांच करने के दौरान अधिकारी मतदाताओं से फॉर्म लेने के लिए कम से कम तीन बार उनके पते पर संपर्क करेंगे। इस दौरान लोगों की जन्मतिथि और उनके पारिवारिक इतिहास का मिलान किया जाएगा। ऐसे नागरिक जिनका नाम साल 2003 की पुरानी सूची में शामिल नहीं था, लेकिन उनके माता-पिता या पूर्वजों का नाम उसमें दर्ज था, उनके दस्तावेजों की विशेष रूप से जांच की जाएगी। इसके लिए लोग चुनाव आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने पुराने रिकॉर्ड खंगाल सकते हैं। नियमों के मुताबिक, अगर किसी को मतदाता सूची से अपना या किसी अन्य का नाम कटवाना है तो उसे फॉर्म-7 भरना अनिवार्य होगा।
प्रवासी भारतीयों के लिए नाम दर्ज कराने का विशेष मौका
इस विशेष अभियान में उन प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) का भी ध्यान रखा गया है जो विदेश में तो रह रहे हैं, लेकिन उन्होंने वहां की नागरिकता ग्रहण नहीं की है। ऐसे सभी भारतीय नागरिक निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित फॉर्म-6ए भरकर पंजाब की मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करवा सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया से न केवल चुनावों की निष्पक्षता बढ़ेगी, बल्कि आने वाले समय के लिए एक त्रुटिहीन और वास्तविक डेटाबेस भी तैयार हो सकेगा, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
पिता ने रिश्ते को किया शर्मसार, दो साल की बच्ची को अब मिली ममता की गोद
15 Jun, 2026 11:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना। पंजाब के लुधियाना शहर से एक नाबालिग लड़की के साथ सालों तक बंधुआ मजदूरी, मानव तस्करी और गंभीर दुर्व्यवहार का एक बेहद हृदयविदारक मामला प्रकाश में आया है। वर्तमान में करीब 16 वर्ष की हो चुकी पीड़िता ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि जब वह महज दो साल की मासूम बच्ची थी, तब उसके पिता ने उसे एक दम्पती के हवाले कर दिया था। इसके बाद के सालों में उसे असहनीय शारीरिक यातनाएं झेलनी पड़ीं और उम्र बढ़ने पर उसे जबरन शारीरिक शोषण का शिकार बनाया गया, जिसके कारण वह गर्भवती भी हो गई। किसी तरह आरोपियों के चंगुल से भागकर वह अपनी मां के पास पहुंची और खुद को सुरक्षित किया। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार नामजद आरोपियों के खिलाफ अपहरण, मानव तस्करी और दुष्कर्म सहित विभिन्न संगीन धाराओं में मुकदमा कायम किया है।
नशेड़ी पिता की करतूत और बचपन से शुरू हुआ जुल्म
पीड़िता के अनुसार, उसके पिता मनोज की दो साल पहले मौत हो चुकी है। वह अत्यधिक नशे के आदी थे, जिससे परेशान होकर पीड़िता की मां बहुत पहले ही उन्हें छोड़कर अपने मायके चली गई थी। पत्नी के जाने के बाद पिता ने अपनी दो वर्षीय दुधमुंही बच्ची को हीरा राम और रेखा नामक दंपती को सौंप दिया। आरोप है कि इस दंपती ने बच्ची को अपने घर में एक बंधुआ मजदूर की तरह रखा। बचपन से ही उसे छोटी-छोटी बातों पर जानवरों की तरह बेरहमी से पीटा जाता था और लगातार प्रताड़ित किया जाता था।
पैसों के लिए सौदा और डरा-धमकाकर शारीरिक शोषण
जैसे ही पीड़िता की उम्र करीब 16 वर्ष हुई, आरोपी दंपती ने मोटी रकम वसूल कर उसे साहिल और मीना नाम के व्यक्तियों को बेच दिया। नया ठिकाना बदलने के बाद भी पीड़िता के दुखों का अंत नहीं हुआ। आरोप है कि साहिल ने उसे जान से मारने का खौफ दिखाकर उसके साथ लगातार जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इस प्रताड़ना के चलते पीड़िता गर्भवती हो गई और उसने बाद में एक बच्चे को जन्म दिया। किसी तरह अवसर पाकर पीड़िता वहां से अपनी जान बचाकर भागने में सफल रही और अपनी मां रानी के पास पहुंच गई। पीड़िता का कहना है कि मुख्य आरोपी साहिल और उसके गुर्गे अब भी मां-बेटी का पीछा कर रहे हैं और शिकायत करने पर जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं।
जीरो एफआईआर के बाद स्थानीय पुलिस की सख्त कार्रवाई
इस खौफनाक दास्तान से उबरने के बाद पीड़िता ने सबसे पहले दिल्ली में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। दिल्ली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जीरो एफआईआर दर्ज कर केस की डायरी लुधियाना पुलिस को ट्रांसफर कर दी। अब लुधियाना के थाना जमालपुर की पुलिस ने मुख्य आरोपी साहिल, मीना, हीरा राम और रेखा के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसते हुए संबंधित धाराओं में मामला पंजीकृत कर लिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि अपराधियों की धरपकड़ के लिए विभिन्न ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे।
अबोहर में राजनीतिक गरमाहट, रैली में सीएम सैनी का जोरदार संबोधन
13 Jun, 2026 02:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अबोहर। स्थानीय अनाज मंडी में शनिवार को भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित ओबीसी सर्व समाज महासम्मेलन में राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर रहीं। इस रैली में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। अपने संबोधन में उन्होंने पंजाब की वर्तमान आम आदमी पार्टी और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दोनों ही दलों की गलत नीतियों के कारण पंजाब प्रगति की दौड़ में काफी पीछे छूट गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में पंजाब की जनता भाजपा को सत्ता सौंपने का पूरा मन बना चुकी है और राज्य में कमल खिलना अब तय है।
कट्टर ईमानदारी का मुखौटा उतरा, पंजाब में शुरू हुई सरकार की उल्टी गिनती
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान सरकार जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली के राजनीतिक आकाओं ने पंजाब के संसाधनों का दोहन किया है, जिससे पार्टी की कथित शुचिता की पोल खुल गई है। जो लोग खुद को ईमानदारी का पर्याय बताते थे, वे आज भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे हैं। मुख्यमंत्री ने अबोहर नगर निगम चुनावों में भाजपा की सफलता का हवाला देते हुए कहा कि यह जीत राज्य की भावी राजनीति का स्पष्ट संकेत है और मौजूदा शासन की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।
हरियाणा मॉडल पर होगा पंजाब का विकास, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बढ़ेगा आगे
केंद्र सरकार की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का चहुंमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने वादा किया कि वर्ष 2027 में पंजाब में भाजपा की सरकार बनते ही राज्य के विकास की पूर्ण गारंटी दी जाएगी। पंजाब में भी हरियाणा की तर्ज पर बुनियादी ढांचे, शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार और कृषि कल्याण के क्षेत्रों में व्यापक सुधार किए जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि डबल इंजन की सरकार बनते ही पंजाब से नशे के जाल को पूरी तरह खत्म किया जाएगा और युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान कर सूबे को तरक्की की मुख्यधारा में वापस लाया जाएगा।
केंद्रीय फंड के हिसाब पर घेरा और सुशासन के लिए भाजपा को बताया विकल्प
इस महासम्मेलन में पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने भी राज्य सरकार की वित्तीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पिछले चार सालों में केंद्र सरकार द्वारा पंजाब को करीब 4 लाख 13 हजार करोड़ रुपये की विशाल वित्तीय सहायता दी गई, लेकिन राज्य सरकार के पास इसका कोई स्पष्ट ब्यौरा नहीं है कि यह राशि कहां खर्च की गई। उन्होंने छह नए मेडिकल कॉलेज बनाने के अधूरे वादे पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने रेखांकित किया कि जहां हरियाणा में किसानों को 24 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ मिल रहा है, वहीं पंजाब का किसान आज भी बदहाली का सामना कर रहा है। रैली को हरियाणा के मंत्री रणबीर सिंह गंगवा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ और स्थानीय विधायक संदीप जाखड़ ने भी संबोधित करते हुए कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।
वैष्णो देवी जाने वालों को बड़ी राहत, 16 जून से शुरू होगी तेज रफ्तार ट्रेन
13 Jun, 2026 11:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर। पंजाब के अमृतसर से जम्मू-कश्मीर के श्री माता वैष्णो देवी कटरा के मध्य दौड़ने वाली सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस आगामी 16 जून से पटरियों पर फिर से लौटने के लिए तैयार है। लगभग सात महीनों के लंबे इंतजार के बाद इस प्रीमियम रेल सेवा के दोबारा शुरू होने से श्रद्धालुओं और नियमित यात्रियों को आवागमन में बहुत बड़ी सहूलियत मिलेगी। रेलवे बोर्ड ने इस ट्रेन के सफल संचालन को लेकर हरी झंडी दे दी है, जिससे धार्मिक पर्यटन को भी एक नया बल मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
अब बटाला और गुरदासपुर के रास्ते तय होगा सफर
रेलवे प्रबंधन की ओर से ट्रेन के परिचालन को लेकर एक नया रूट मैप और संशोधित टाइम-टेबल जारी किया गया है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह आधुनिक ट्रेन अब अपने पुराने रास्ते के बजाय बटाला और गुरदासपुर स्टेशनों से होकर गुजरेगी, जिससे इन दोनों महत्वपूर्ण क्षेत्रों के यात्रियों को भी सीधे वंदे भारत की विश्वस्तरीय सुविधाओं का फायदा मिल सकेगा। इसके अतिरिक्त, रेलवे ने इस गाड़ी के साप्ताहिक अवकाश वाले दिन में भी बदलाव किया है। अब यह ट्रेन शनिवार के दिन ट्रैक पर नहीं उतरेगी और हफ्ते में बाकी के 6 दिन अपनी सेवाएं देगी।
साढ़े पांच घंटे में तय होगी अमृतसर से कटरा की दूरी
समय-सारिणी के मुताबिक, गाड़ी संख्या 26405 अमृतसर रेलवे स्टेशन से प्रत्येक निर्धारित दिन शाम 4:25 बजे प्रस्थान करेगी और उसी रात 10:00 बजे यात्रियों को श्री माता वैष्णो देवी कटरा पहुंचा देगी। वहीं, वापसी दिशा में गाड़ी संख्या 26406 कटरा स्टेशन से अलसुबह 6:40 बजे रवाना होकर दोपहर 12:20 बजे अमृतसर वापस लौट आएगी। इस पूरी यात्रा को पूरा करने में ट्रेन को मात्र 5 घंटे 35 मिनट का समय लगेगा, जिसके बीच में यह बटाला, गुरदासपुर, पठानकोट और जम्मू तवी जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव करेगी।
धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय संपर्क को मिलेगा नया विस्तार
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इस बहुप्रतीक्षित ट्रेन सेवा के पुनरारंभ होने से माता के दरबार जाने वाले भक्तों को एक तीव्र, सुरक्षित और बेहद आरामदायक सफर का विकल्प उपलब्ध होगा। अमृतसर, पठानकोट, बटाला और गुरदासपुर बेल्ट के व्यापारिक व सामाजिक वर्ग को इस सुविधा से सीधा लाभ पहुंचेगा। आने वाले त्योहारी और छुट्टियों के सीजन को देखते हुए इस ट्रेन का दोबारा शुरू होना पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच आपसी संपर्क तथा पर्यटन उद्योग को पंख लगाने में मील का पत्थर साबित होगा।
तेज हवाओं और बरसात से पारा गिरा, पावरकाम को करोड़ों का नुकसान
13 Jun, 2026 07:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब में आए तेज अंधड़ और मूसलाधार बारिश के चलते मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव आया है, जिससे राज्य का अधिकतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है। इस गिरावट के बाद अब प्रदेश का पारा सामान्य से 6.3 डिग्री नीचे पहुंच गया है, जिससे लोगों को भीषण तपन से बड़ी राहत मिली है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, शनिवार और रविवार के लिए राज्य में 'यलो अलर्ट' जारी किया गया है, जिसके तहत 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 15 जून से अगले चार दिनों तक पंजाब के 13 प्रमुख जिलों—पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, बठिंडा, बरनाला, मानसा, संगरूर और पटियाला में हल्की से मध्यम वर्षा का अनुमान है, जिससे आने वाले दिनों में भी तापमान में गिरावट का यह दौर जारी रहेगा।
विभिन्न शहरों में पारे का स्तर और बारिश के आंकड़े
इस मौसमी बदलाव के बीच फरीदकोट में पंजाब का सबसे अधिक 36.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जबकि राज्य के न्यूनतम पारे में भी 5 डिग्री की कमी आने से यह सामान्य से 4.4 डिग्री नीचे दर्ज हुआ। सबसे कम 19.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान एसबीएस नगर में रहा। बारिश की बात करें तो शुक्रवार सुबह तक एसबीएस नगर में 37.2 एमएम, अमृतसर में 33.9 एमएम, लुधियाना में 9.6 एमएम, पटियाला में 10.2 एमएम, मोहाली में 21.0 एमएम, गुरदासपुर में 32.2 एमएम और बठिंडा में 24.0 एमएम पानी बरसा। तापमान के लिहाज से अमृतसर और लुधियाना का अधिकतम पारा 32.8 डिग्री, पटियाला का 32.7 डिग्री, पठानकोट का 33.7 डिग्री और बठिंडा का 32.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) और पूर्वी हवाओं के आपस में टकराने के कारण ही मौसम का यह रूप देखने को मिल रहा है।
अंधड़ से बिजली बुनियादी ढांचे को करोड़ों की चपत
झुलसाने वाली तपन के बीच वीरवार को अचानक आए 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाले इस भयंकर चक्रवाती तूफान और बारिश ने राज्य के बिजली वितरण तंत्र को तहस-नहस कर दिया है। सरकारी बिजली कंपनी पावरकाम को इस प्राकृतिक आपदा के कारण लगभग 2.06 करोड़ रुपये के वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ा है। शुरुआती आकलन के मुताबिक, तेज आंधी के कारण राज्य भर में 129 बिजली ट्रांसफार्मर पूरी तरह जल गए या क्षतिग्रस्त हो गए, 850 से अधिक बिजली के खंभे उखड़ गए और लगभग 8.57 किलोमीटर लंबी बिजली की मुख्य तारें टूटकर जमीन पर आ गिरीं। इस तबाही के चलते पंजाब के ग्रामीण और शहरी दोनों ही अंचलों में कई घंटों तक बिजली गुल रही।
लाख से अधिक शिकायतें और युद्ध स्तर पर बहाली कार्य
बिजली संकट गहराने के कारण पावरकाम के कंट्रोल रूम और ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने वालों की बाढ़ आ गई, जिसके तहत रिकॉर्ड 1 लाख 9 हजार शिकायतें दर्ज की गईं। मौजूदा धान के सीजन में एक ही दिन के भीतर आई शिकायतों का यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इस अभूतपूर्व आपातकाल को देखते हुए बिजली विभाग के तकनीकी और फील्ड स्टाफ ने भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच ही युद्ध स्तर पर मरम्मत का काम शुरू किया। कर्मचारियों ने रात के समय ही प्रभावित इलाकों का दौरा कर टूटे खंभों और तारों को दुरुस्त किया, जिसके चलते कुछ ही घंटों के भीतर ज्यादातर क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को बहाल कर जनता को राहत पहुंचाई गई।
जालंधर डॉक्टर मौत मामला: कर्ज और पारिवारिक विवाद की जांच तेज
12 Jun, 2026 01:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर। पंजाब के जालंधर शहर से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां नेशनल आई केयर अस्पताल के संचालक डॉक्टर परिवार की बहू डॉ. मीनाक्षी सूद ने रहस्यमयी परिस्थितियों में फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी। इस मामले में कार्रवाई करते हुए स्थानीय पुलिस ने मृतका के पति डॉ. पीयूष सूद के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। घटना के बाद से ही आरोपी डॉक्टर अपने क्लीनिक और आवास से फरार बताया जा रहा है, जिसकी धरपकड़ के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। मृतका के पिता प्रमोद कुमार की लिखित शिकायत के आधार पर थाना डिवीजन नंबर-6 की पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की है। डॉ. मीनाक्षी सूद खुद कपूरथला के एक सरकारी अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रही थीं।
करोड़ों के कर्ज का वित्तीय जाल
मृतका के मायके वालों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि डॉ. पीयूष सूद ने अपनी पत्नी मीनाक्षी की जानकारी और अनुमति के बिना धोखे से उनके नाम पर लगभग ढाई करोड़ रुपये का भारी-भरकम बैंक लोन ले रखा था। जब डॉ. मीनाक्षी को अचानक इस बात की भनक लगी कि उनके नाम पर इतना बड़ा वित्तीय दायित्व थोप दिया गया है, तो वह गहरे मानसिक तनाव में आ गईं। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष अपनी महंगी गाड़ियों और व्यक्तिगत शौक के लिए जो भी कर्ज लेता था, उसकी मासिक किस्तें (EMI) डॉ. मीनाक्षी को अपनी सरकारी नौकरी की तनख्वाह से जबरन चुकानी पड़ती थीं।
पारिवारिक कलह और विवाहेतर संबंध
परिजनों द्वारा दर्ज कराए गए बयानों के मुताबिक, डॉ. पीयूष का उनके ही अस्पताल में काम करने वाली एक महिला स्टाफ के साथ कथित तौर पर प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर घरेलू झगड़े होते थे। बात इस हद तक बिगड़ चुकी थी कि साल 2025 में पीयूष ने कथित तौर पर मीनाक्षी का गला दबाकर उन्हें जान से मारने का प्रयास भी किया था। इन तमाम विवादों के कारण जुलाई 2025 से ही दोनों पूरी तरह से अलग रह रहे थे और डॉ. मीनाक्षी कानूनी रूप से तलाक लेने का मन बना चुकी थीं, लेकिन इसी बीच करोड़ों के लोन की बात सामने आने पर वह पूरी तरह टूट गईं।
पुलिसिया दबिश और कानूनी तफ्तीश तेज
स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही आरोपी डॉक्टर भूमिगत हो गया है। पुलिस की विशेष टीमें उसके संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के घरों पर लगातार दबिश दे रही हैं। प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों पक्षों के वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों के विवरण और पूर्व में हुए पारिवारिक विवादों से जुड़े दस्तावेजों की गहनता से जांच शुरू कर दी है। वर्ष 2018 में परिणय सूत्र में बंधे इस जोड़े की कोई संतान नहीं थी। मृतका के माता-पिता ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच की जाए और उनकी बेटी को इस आत्मघाती कदम के लिए मजबूर करने वाले दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए।
अकाली नेता बंटी रोमाणा को एयरपोर्ट से वापस भेजा, राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
12 Jun, 2026 10:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल के दिग्गज नेता और फरीदकोट के हलका प्रभारी परमबंस सिंह बंटी रोमाणा को कनाडा सरकार ने अपने देश में दाखिल होने की इजाजत देने से इनकार कर दिया है। टोरंटो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कनाडाई आव्रजन (इमिग्रेशन) अधिकारियों द्वारा रोके जाने के बाद अकाली नेता को मजबूरन स्वदेश वापस लौटना पड़ा। रोमाणा ने इस पूरे वाकये पर स्पष्टीकरण देते हुए दावा किया कि कनाडा के आव्रजन विभाग को उनके भारत में रहने वाले कुछ विरोधियों द्वारा एक गोपनीय शिकायत भेजी गई थी। इस शिकायत में पंजाब के विभिन्न थानों में उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमों और उनसे जुड़ी अदालती प्रक्रियाओं का पूरा ब्योरा साझा किया गया था, जिसे आधार बनाकर उन्हें एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया।
अकाली नेता ने मुकदमों को बताया राजनीतिक
परमबंस सिंह रोमाणा ने अपने बचाव में दलील दी है कि कनाडा सरकार को भेजी गई शिकायत में जिन मामलों का हवाला दिया गया है, वे सभी विशुद्ध रूप से राजनीतिक गतिविधियों, जन आंदोलनों और लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों से उपजे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कनाडाई अधिकारियों को गुमराह करने के उद्देश्य से शिकायत पत्र में उन्हें 'राजनैतिक एजेंडे' के तहत कनाडा आने वाला व्यक्ति दर्शाया गया था। इसी भ्रामक जानकारी को सच मानकर वहां के इमिग्रेशन विभाग ने सुरक्षा कारणों और नियमों का हवाला देते हुए उन्हें टोरंटो में एंट्री देने से मना कर दिया, जिसके बाद वे पहली उपलब्ध फ्लाइट से भारत वापस आ गए।
पंजाब सरकार पर बोला तीखा हमला
इस पूरे घटनाक्रम के बाद देश लौटते ही अकाली दल के वरिष्ठ नेता ने पंजाब की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने राज्य सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए ओछी हरकतों पर उतर आया है। रोमाणा ने कहा कि विदेश विभाग को भेजी गई ऐसी झूठी और द्वेषपूर्ण शिकायतें पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित हैं, जिनका एकमात्र मकसद उनकी सामाजिक साख को नुकसान पहुंचाना और उनकी राजनीतिक सक्रियता को बाधित करना है।
मामला गरमाने से सियासी हलचल तेज
एक प्रमुख विपक्षी चेहरे को विदेश में प्रवेश न मिलने और हवाई अड्डे से वापस भेजे जाने के इस मामले ने पंजाब की सियासत में नया उबाल ला दिया है। शिरोमणि अकाली दल के अन्य नेताओं ने भी इस घटना को लेकर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की है और इसे विपक्ष की आवाज को दबाने का एक अंतरराष्ट्रीय प्रयास करार दिया है। वहीं दूसरी ओर, सत्ताधारी दल के नेताओं ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि किसी भी देश के आव्रजन नियम पूरी तरह से उनके अपने संप्रभु अधिकार क्षेत्र का हिस्सा होते हैं, और इसमें राज्य सरकार की किसी भी तरह की कोई भूमिका नहीं होती है।
मौसम का यू-टर्न! पारा गिरा, कई इलाकों में बारिश; ऑरेंज अलर्ट बरकरार
12 Jun, 2026 07:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब के अलग-अलग अंचलों में बीते 24 घंटों के दौरान चली तेज आंधी और झमाझम बारिश के कारण भीषण गर्मी से राहत मिली है। इस मौसमी बदलाव के चलते राज्य के औसत अधिकतम पारे में 3.8 डिग्री सेल्सियस की भारी कमी आई है। वीरवार की ढलती शाम को जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, पठानकोट और मोहाली सहित अधिकांश मैदानी इलाकों में अंधड़ के बाद गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ीं। मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार के लिए भी राज्य के कई हिस्सों में तेज धूलभरी आंधी चलने और ओले गिरने की आशंका जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आगामी 13 से 17 जून तक पूरे प्रदेश में मौसम का रुख इसी प्रकार का बना रह सकता है, जिससे आने वाले दिनों में तापमान में और ज्यादा गिरावट दर्ज की जाएगी।
तापमान गिरा फिर भी अबोहर में छूटे पसीने
इस ताजा मानसूनी हलचल के बाद पंजाब का अधिकतम तापमान सामान्य के मुकाबले 2.1 डिग्री सेल्सियस नीचे आ गया है। हालांकि, इस बड़ी राहत के बीच भी मालवा बेल्ट के कुछ चुनिंदा सीमावर्ती इलाकों में झुलसाने वाली लू का प्रकोप अब भी बरकरार है। पूरे सूबे में अबोहर सबसे तपा हुआ इलाका दर्ज किया गया, जहां भीषण उमस के बीच अधिकतम पारा 42 डिग्री सेल्सियस के स्तर पर पहुंच गया। इसके विपरीत, बारिश के असर से न्यूनतम तापमान में भी 0.7 डिग्री की कमी आई है। इस दौरान पटियाला पंजाब का सबसे ठंडा शहर रिकॉर्ड किया गया, जहां रात का न्यूनतम तापमान गिरकर 20.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया।
लुधियाना और बठिंडा में सबसे ज्यादा बरसे बादल
मौसम केंद्र से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, औद्योगिक नगरी लुधियाना में सबसे ज्यादा 16 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा बठिंडा में 15 मिलीमीटर, पटियाला में 14.14 मिलीमीटर, अमृतसर में 9.6 मिलीमीटर और मोहाली में 3.5 मिलीमीटर बारिश मापी गई। बठिंडा और उसके आसपास के गांवों में तेज बरसात के साथ ओलावृष्टि (ओले गिरना) भी हुई, जबकि सुनाम और जलालाबाद में तूफानी हवाओं के साथ जोरदार पानी बरसा। लुधियाना में सुबह के समय हुई बारिश के बाद दोपहर होते-होते आसमान पूरी तरह साफ हो गया और तेज धूप निकल आई, जिससे हवा में नमी बढ़ने के कारण लोगों को हल्की उमस का सामना भी करना पड़ा।
किसानों को सतर्क रहने की प्रशासनिक सलाह
अचानक आए इस अंधड़ और ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए जरूरी गाइडलाइन जारी की है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में खड़ी फसलों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें और मौसम के पूरी तरह साफ होने तक सिंचाई या कीटनाशकों के छिड़काव का काम टाल दें। इसके साथ ही मौसम विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि आंधी और कड़कती बिजली के दौरान वे सुरक्षित पक्के मकानों के भीतर ही रहें और बड़े पेड़ों या ढीले बिजली के तारों के नीचे खड़े होने से बचें ताकि किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान से बचा जा सके।
मोगा को मिली नई मेयर, विनयपाल कौर के सिर सजा मेयर पद का ताज
11 Jun, 2026 02:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोगा। नगर निगम चुनाव के बाद जारी राजनीतिक गहमागहमी के बीच पार्षद विनयपाल कौर मोगा की नई मेयर चुन ली गई हैं। गौरतलब है कि पंजाब सरकार द्वारा इस बार मोगा के प्रथम नागरिक यानी मेयर के पद को पिछड़ा वर्ग (बीसी) श्रेणी के लिए आरक्षित घोषित किया गया था, जिसके बाद सत्तापक्ष की ओर से विनयपाल कौर के नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई। इस महत्वपूर्ण चुनावी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने और पार्टी पार्षदों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए पंजाब के कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद विशेष तौर पर मोगा पहुंचे थे। यह पूरा चुनाव मोगा की स्थानीय विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा और जिला प्रशासन के आला अधिकारियों की सीधी देखरेख में बेहद शांतिपूर्ण ढंग से पूरा हुआ।
नगर निगम सदन में आम आदमी पार्टी का पूर्ण बहुमत
मोगा नगर निगम के सांगठनिक ढांचे पर नजर डालें तो कुल 50 वार्डों में से 30 वार्डों पर आम आदमी पार्टी (आप) ने शानदार जीत दर्ज कर सदन में अपना स्पष्ट बहुमत साबित किया था। बहुमत का आंकड़ा पास होने के कारण पार्टी को अपना मेयर चुनने में कोई बड़ी प्रशासनिक या राजनीतिक कठिनाई नहीं हुई। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक ने नवविर्वाचित मेयर को मिठाई खिलाकर बधाई दी और शहर के विकास कार्यों को बिना किसी भेदभाव के तेजी से आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
उच्च शिक्षित हैं मोगा की नई मेयर विनयपाल कौर
पार्षद से मेयर के पद तक पहुंचने वाली 44 वर्षीय विनयपाल कौर बेहद उच्च शिक्षित और सुलझी हुई महिला हैं। उन्होंने शिमला यूनिवर्सिटी से बीएससी (मेडिकल) की डिग्री हासिल करने के साथ-साथ कंप्यूटर एप्लीकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा (पीजीडीसीए) भी किया है। व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो विनयपाल कौर दो बच्चों की मां हैं और वे अपनी उच्च शिक्षा तथा प्रशासनिक समझ का लाभ मोगा शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में पूरी शिद्दत के साथ लगाना चाहती हैं।
बिना किसी सियासी पृष्ठभूमि के दर्ज की ऐतिहासिक जीत
विनयपाल कौर की इस सफलता की सबसे खास बात यह है कि उनके परिवार का दूर-दूर तक राजनीति से कोई पुराना वास्ता नहीं रहा है। उन्होंने पहली बार सक्रिय राजनीति में कदम रखते हुए आम आदमी पार्टी के अधिकृत टिकट पर शहर के वार्ड नंबर 8 से अपना भाग्य आजमाया था। क्षेत्र की जनता ने उनके सेवा भाव और योग्यता पर पूरा भरोसा जताते हुए उन्हें अपना पार्षद चुना था, जहां उन्होंने अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी को 228 मतों के बड़े अंतर से पटखनी दी थी। अब मेयर बनने के बाद उनके समर्थकों और वार्ड वासियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
पंजाब की राजनीति में हलचल, ED के सामने पेश हुए AAP विधायक रमन अरोड़ा
11 Jun, 2026 02:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर। पंजाब की राजनीति से जुड़ी एक बेहद बड़ी खबर सामने आई है, जहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के चक्रव्यूह में फंसे राज्य के दो कद्दावर नेता गुरुवार को जालंधर स्थित केंद्रीय एजेंसी के आंचलिक कार्यालय में तलब किए गए। ईडी के समक्ष हाजिर होने वाले इन चेहरों में जालंधर सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी (आप) के मौजूदा विधायक रमन अरोड़ा और फरीदकोट से कांग्रेस के पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह उर्फ किक्की ढिल्लों शामिल हैं। दोनों ही नेताओं से वित्तीय अनियमितताओं को लेकर अलग-अलग कमरों में सघन पूछताछ की जा रही है, जिससे राज्य के सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है।
'आप' विधायक रमन अरोड़ा से दोबारा तीखे सवाल-जवाब
आम आदमी पार्टी के विधायक रमन अरोड़ा सुबह तय समय पर बेहद गुपचुप तरीके से ईडी दफ्तर पहुंचे और इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद मीडिया कर्मियों से पूरी दूरी बनाए रखी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले बीते 2 जून को भी केंद्रीय जांच एजेंसी के आला अधिकारियों ने उन्हें तलब कर करीब 9 घंटे तक मैराथन पूछताछ की थी। रमन अरोड़ा के खिलाफ अपनी घोषित आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और पद के दुरुपयोग से जुड़े भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। इस मामले में पूर्व में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो भी उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर चुका है, और अब ईडी इस पूरे मामले में हुए धन के अवैध लेन-देन तथा 'मनी लॉन्ड्रिंग' (धन शोधन) के कोण से कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
कांग्रेस के पूर्व विधायक किक्की ढिल्लों की भी बढ़ी मुश्किलें
दूसरी ओर, फरीदकोट के पूर्व कांग्रेस विधायक कुशलदीप सिंह उर्फ किक्की ढिल्लों भी अपनी वित्तीय जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के सामने पेश हुए। किक्की ढिल्लों के विरुद्ध भी अपने विधायकी कार्यकाल के दौरान ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक चल-अचल संपत्ति बनाने के संगीन आरोप हैं। इस मामले की पृष्ठभूमि भी राज्य की विजिलेंस जांच से जुड़ी हुई है, जिसने पहले उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कर उन पर कानूनी शिकंजा कसा था। अब ईडी ने इस मामले को अपने हाथ में लेते हुए धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत इसकी गहराई से जांच शुरू कर दी है कि आखिर इस कथित अवैध संपत्ति का पैसा कहां-कहां निवेश किया गया।
केंद्रीय एजेंसियों की रडार पर पंजाब के बड़े राजनेता
पंजाब में विपक्षी दलों और सत्तापक्ष के नेताओं पर केंद्रीय जांच एजेंसियों की इस दोहरी कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार और बेनामी संपत्तियों के खिलाफ आने वाले दिनों में जांच का दायरा और अधिक बढ़ सकता है। दोनों ही नेताओं से उनके बैंक खातों के विवरण, पारिवारिक संपत्तियों के दस्तावेज और हाल के वर्षों में किए गए बड़े व्यावसायिक निवेशों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस पूछताछ के दौरान ईडी को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कोई ठोस और आपत्तिजनक सबूत हाथ लगते हैं, तो इन दोनों ही रसूखदार नेताओं की मुश्किलें आने वाले समय में और अधिक बढ़ सकती हैं।
पंजाब में प्री-मानसून असर, पारे में गिरावट; कई इलाकों में ओले और तेज हवाओं की संभावना
11 Jun, 2026 07:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब में पिछले कई दिनों से जारी भीषण लू और चिलचिलाती धूप के प्रकोप से त्रस्त नागरिकों को गुरुवार सुबह एक बड़ी राहत नसीब हुई है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में तेज आंधी के साथ हुई झमाझम बारिश के चलते मौसम के मिजाज में अचानक तब्दीली आई है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने सूबे के एक बड़े हिस्से में आगामी दो दिनों तक अंधड़ चलने और ओले गिरने की प्रबल आशंका व्यक्त करते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
दो दिन ओलावृष्टि और तीन दिन यलो अलर्ट
मौसम वैज्ञानिकों के पूर्वानुमान के मुताबिक राज्य के कई क्षेत्रों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से हवाएं चलने के आसार हैं, जिससे तपते पारे से लोगों को और अधिक निजात मिलेगी। विभाग ने गुरुवार और शुक्रवार को विशेष रूप से ओलावृष्टि और तीव्र आंधी का संकट जताया है। इसके बाद भी मौसम का असर पूरी तरह खत्म नहीं होगा, बल्कि शनिवार से लेकर सोमवार तक सूबे में तेज हवाएं चलने का यलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।
बठिंडा रहा सूबे में सबसे गर्म
इससे पहले बीते बुधवार को समूचे पंजाब में सूर्यदेव के तीखे तेवर बरकरार रहे और दिन का अधिकतम तापमान सामान्य के मुकाबले 4.4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रिकॉर्ड किया गया। इस दौरान 46.2 डिग्री सेल्सियस पारे के साथ बठिंडा राज्य का सबसे तप्त शहर दर्ज हुआ। इसके अलावा फिरोजपुर में अधिकतम तापमान 43.3 डिग्री, पटियाला में 43.6 डिग्री और अमृतसर में 43.2 डिग्री सेल्सियस मापा गया।
रातों के तापमान में भी दर्ज हुई बढ़ोतरी
दिन की तपन के साथ-साथ राज्य के औसत न्यूनतम तापमान में भी 1.6 डिग्री सेल्सियस का उछाल देखा गया, जिससे रात के समय भी लोग उमस और गर्मी से परेशान दिखे। इस दौरान पठानकोट में सबसे कम न्यूनतम तापमान 24.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बहरहाल, गुरुवार सुबह से बदले इस मौसमी चक्र ने राज्यवासियों को लंबे समय बाद चिलचिलाती गर्मी से सुकून दिया है।
विवादित टिप्पणी मामले में कानूनी कार्रवाई तेज, कोर्ट पहुंचे सांसद के अधिवक्ता
10 Jun, 2026 03:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोगा। राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के विरुद्ध स्थानीय अदालत में चल रहे मानहानि के एक मामले में बुधवार को उनके कानूनी सलाहकारों ने न्यायालय के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। गौरतलब है कि स्वाति मालीवाल द्वारा पंजाब के जनप्रतिनिधियों (विधायकों) की तुलना कथित तौर पर 'भेड़-बकरियों' से किए जाने वाले एक विवादित बयान को लेकर यह कानूनी मोर्चा खुला है। इस अपमानजनक टिप्पणी से आहत होकर आम आदमी पार्टी (आप) की महिला विंग की प्रांतीय अध्यक्षा एवं मोगा क्षेत्र की स्थानीय विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने मालीवाल के खिलाफ प्रतिष्ठा धूमिल करने का आपराधिक मुकदमा दायर किया था।
अदालत द्वारा जारी नोटिस के बाद तय तिथि पर पहुंचे दोनों पक्षों के वकील
इस मामले की पिछली सुनवाई के दौरान, आगामी 25 मई को जेएमआईसी अशिमा शर्मा की न्यायिक अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्वाति मालीवाल को 10 जून के लिए एक प्री-कॉग्निजेंस (संज्ञान-पूर्व) नोटिस जारी करने का वैधानिक आदेश सुनाया था। न्यायालय ने इस समन के जरिए राज्यसभा सदस्य को आज की निर्धारित तारीख पर व्यक्तिगत या विधिक रूप से कोर्ट रूम में हाजिर होने के निर्देश दिए थे। अदालत के इसी आदेश के अनुपालन में आज नियत समय पर शिकायतकर्ता विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा स्वयं उपस्थित हुईं। वहीं, दूसरी ओर से आरोपी स्वाति मालीवाल का पक्ष रखने के लिए उनके अधिकृत अधिवक्ता कुलविंदर शर्मा और एच.एस. ओबरॉय ने न्यायाधीश के सामने पेश होकर अपना वकालतनामा (मेमो) दाखिल किया।
विवादित बयान के खिलाफ कानूनी लड़ाई, 'आप' महिला विंग ने जताया कड़ा ऐतराज
यह पूरा विवाद स्वाति मालीवाल के उस बयान के बाद उपजा था, जिसमें उन्होंने पंजाब के सत्ताधारी दल के विधायकों के आचरण को लेकर अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया था। विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा का तर्क है कि इस प्रकार की अमर्यादित शब्दावली का प्रयोग कर न केवल विधायकों के पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई गई है, बल्कि पंजाब की जनता के जनादेश का भी घोर अनादर किया गया है। इसी को आधार बनाकर महिला विंग ने इसे राजनीतिक मर्यादाओं का उल्लंघन माना और मामले को कानूनी चौखट तक ले जाने का फैसला किया।
दस्तावेजों को रिकॉर्ड पर लेने के बाद माननीय न्यायालय ने तय की अगली तारीख
न्यायालय ने आज की कार्यवाही के दौरान दोनों पक्षों की ओर से पेश किए गए प्रारंभिक दस्तावेजों, वकालतनामे और हाजिरी माफी से जुड़ी दलीलों को अपनी केस डायरी में रिकॉर्ड पर ले लिया है। दोनों पक्षों की कानूनी दलीलों को संक्षिप्त रूप से सुनने और कागजी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद, माननीय अदालत ने इस संवेदनशील मानहानि वाद की अगली न्यायिक सुनवाई के लिए आगामी 10 जुलाई की तारीख मुकर्रर की है। अब देखने वाली बात यह होगी कि अगली सुनवाई पर स्वाति मालीवाल खुद कोर्ट में पेश होती हैं या उनके वकीलों के माध्यम से ही पक्ष रखा जाता है।
2027 चुनाव पर कांग्रेस का फोकस, हलकों में बस यात्रा से साधेगी जनता
10 Jun, 2026 10:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व ने पंजाब के सभी निर्वाचन क्षेत्रों में एक वृहद बस यात्रा निकालने का फैसला लिया है। इस चुनावी अभियान को हरी झंडी दिखाने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी विशेष रूप से पंजाब का दौरा करेंगे। इस यात्रा की सबसे खास बात यह होगी कि सूबे के सभी दिग्गज और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एक ही बस पर सवार होकर जनता के बीच जाएंगे। कांग्रेस ने राज्य में अपनी राजनीतिक जमीन को मजबूत करने के लिए चुनावी तैयारियां पूरी तरह तेज कर दी हैं, जिसके तहत राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चरणबद्ध तरीके से इस मेगा बस यात्रा का संचालन किया जाएगा।
नेताओं की गुटबाजी खत्म करने और एकजुटता का संदेश देने पर जोर
पार्टी आलाकमान पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के आपसी मनभेद और मतभेदों को लेकर बेहद गंभीर है। यही वजह है कि राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे दोनों ही प्रदेश इकाई को स्पष्ट रूप से गुटबाजी खत्म कर एकजुट रहने की कड़ी चेतावनी दे चुके हैं। केंद्रीय नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि यदि आगामी विधानसभा चुनाव में पंजाब की सत्ता पर काबिज होना है, तो सभी को मिलकर चुनावी मैदान में उतरना होगा। इसी रणनीति के तहत हाईकमान ने इस बस यात्रा में सूबे के सभी बड़े नेताओं की उपस्थिति अनिवार्य कर दी है, ताकि जनता और कार्यकर्ताओं के बीच कांग्रेस की एकजुटता का एक मजबूत संदेश जा सके।
नए आकर्षक चुनावी नारे के साथ तैयार हो रही है प्रचार बस
इस चुनावी अभियान को अमलीजामा पहनाने के लिए एक विशेष प्रचार बस को आधुनिक रूप से तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही पार्टी इस बार पंजाब और वहां की संस्कृति से जुड़े एक नए, आकर्षक चुनावी नारे को गढ़ने पर भी गंभीरता से विचार कर रही है। नए नारे और नए संकल्प के साथ कांग्रेस इस बार वोटरों के बीच पैठ बनाने की कोशिश करेगी। इस यात्रा को शुरू करने के लिए तीन ऐतिहासिक और धार्मिक शहरों- श्री आनंदपुर साहिब, श्री अमृतसर साहिब और तलवंडी साबो के नामों पर मंथन चल रहा है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी का इस बार मुख्य ध्यान मालवा क्षेत्र पर केंद्रित है, जिसके चलते यात्रा की शुरुआत के लिए तलवंडी साबो के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है।
जुलाई के पहले सप्ताह से शंखनाद और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का लक्ष्य
पार्टी के वरिष्ठ रणनीतिकारों के अनुसार, इस व्यापक बस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सभी विधानसभा क्षेत्रों के जमीनी कार्यकर्ताओं में नया जोश फूंकना और आगामी चुनावी जंग के लिए उन्हें पूरी तरह से सक्रिय करना है। यह पूरी यात्रा अलग-अलग चरणों में आयोजित होगी और अंतिम विधानसभा क्षेत्र में एक विशाल महारैली के आयोजन के साथ इस सफर का समापन किया जाएगा। इस समय इस मेगा प्लान की अंतिम रूपरेखा और रूट मैप को अंतिम रूप दिया जा रहा है, और पूरी संभावना है कि जुलाई के प्रथम सप्ताह से इस बड़े चुनावी अभियान का शंखनाद कर दिया जाएगा।
मौसम विभाग की चेतावनी: आज हीटवेव का कहर, कल आंधी-ओलावृष्टि के आसार
10 Jun, 2026 08:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब में फिलहाल चिलचिलाती धूप और भीषण लू (हीटवेव) का प्रकोप बदस्तूर जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के अधिकांश इलाकों में गर्म हवाओं के चलने को लेकर कड़ा अलर्ट जारी किया है। मंगलवार को प्रदेश के दिन के पारे में 0.9 डिग्री सेल्सियस का और उछाल देखा गया, जो सामान्य तापमान से करीब 3.8 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। इस दौरान बठिंडा जिला पूरे सूबे में सबसे अधिक तपता हुआ इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 46.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा फरीदकोट में पारा 44 डिग्री, लुधियाना में 43.6 डिग्री, अमृतसर में 43.5 डिग्री और फिरोजपुर में 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य के तकरीबन सभी हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस की सीमा को पार कर चुका है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है।
बृहस्पतिवार से अंधड़ और ओलावृष्टि की चेतावनी
भीषण गर्मी की इस मार के बीच राहत की खबर यह है कि बृहस्पतिवार से मौसम करवट ले सकता है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तेज रफ्तार आंधी चलने और पंजाब के कई हिस्सों में ओले गिरने की आशंका व्यक्त की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आगामी 14 जून तक राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मौसमी हलचल बनी रहेगी, जिससे तापमान में गिरावट आने और लोगों को तपिश से निजात मिलने की पूरी उम्मीद है।
न्यूनतम तापमान का हाल और होशियारपुर में सबसे कम पारा
दिन के साथ-साथ रात के पारे में भी मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जहां न्यूनतम तापमान औसतन 0.1 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ गया। हालांकि, इस दौरान होशियारपुर जिला सबसे ठंडा रिकॉर्ड किया गया, जहां न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उमस और गर्मी के इस मिले-जुले असर के कारण रात के समय भी लोगों को खासी बेचैनी का सामना करना पड़ रहा है।
दोपहर के समय बाहर न निकलने की प्रशासनिक सलाह
लगातार बढ़ रहे पारे और लू के जानलेवा थपेड़ों को देखते हुए मौसम विभाग ने आम नागरिकों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है। प्रशासन ने लोगों को हिदायत दी है कि वे दोपहर के वक्त बहुत जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर कदम रखें। लू से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करने, धूप में निकलते समय सिर ढकने और विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।
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