पंजाब
28 साल का लंबा कानूनी सफर और पोती की यादें: हाईकोर्ट ने बरकरार रखा दादा का मुआवजा, बदला निर्भरता का पैमाना
4 Jun, 2026 10:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़ | पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने वर्ष 1998 के ऐतिहासिक खन्ना रेल हादसे से जुड़े एक मामले में अत्यंत महत्वपूर्ण और मानवीय फैसला सुनाया है। अदालत ने करीब 28 साल पुराने इस मामले में पोती को खोने वाले एक बुजुर्ग दादा के पक्ष में दिए गए चार लाख रुपये के मुआवजे को पूरी तरह सही ठहराया है। माननीय न्यायालय ने अपने फैसले में यह साफ कर दिया कि किसी भी व्यक्ति की निर्भरता को सिर्फ पैसे या आर्थिक नजरिए से नहीं तौला जा सकता, बल्कि परिवार के भीतर मिलने वाला आपसी प्रेम, लगाव, देखभाल और मानसिक संबल भी आश्रित होने का एक बेहद जरूरी हिस्सा हैं।
भीषण रेल हादसे में उजड़ गया था परिवार, केंद्र की अपील खारिज
जस्टिस पंकज जैन की एकलपीठ ने इस मामले में केंद्र सरकार और उत्तर रेलवे द्वारा दायर की गई पुनर्विचार याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने रेलवे दावा अधिकरण (आरसीटी) के पुराने निर्णय को पूरी तरह वैध माना। उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर 1998 को खन्ना-लुधियाना रेल मार्ग पर एक अत्यंत दर्दनाक ट्रेन दुर्घटना हुई थी, जिसे देश के भीषणतम रेल हादसों में गिना जाता है। इस हादसे में कोलकाता जाने वाली सियालदह एक्सप्रेस, पटरी से उतरी एक अन्य ट्रेन के डिब्बों से टकरा गई थी, जिसमें 212 से अधिक यात्रियों की जान चली गई थी। इस त्रासदी में बुजुर्ग दावेदार की पोती सहित परिवार के कई अन्य लोग भी असमय काल के गाल में समा गए थे।
मुआवजे पर रेलवे की दलील को कोर्ट ने किया दरकिनार
हादसे के बाद रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल ने मृतका के दादा की मानसिक पीड़ा और क्षति को देखते हुए चार लाख रुपये मुआवजा राशि देने का फैसला सुनाया था। इस आदेश के खिलाफ केंद्र सरकार और उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। रेलवे की ओर से दलील दी गई थी कि रेलवे अधिनियम के नियमों के अनुसार, हर्जाने या मुआवजे का हकदार केवल वही व्यक्ति हो सकता है जो पूरी तरह से मृतक पर आर्थिक रूप से आश्रित या निर्भर रहा हो। रेलवे का कहना था कि चूंकि पोती पर दादा की कोई वित्तीय निर्भरता नहीं थी, इसलिए यह मुआवजा न्यायसंगत नहीं है।
भावनात्मक जुड़ाव और स्नेह भी निर्भरता का अहम हिस्सा
हाईकोर्ट ने रेलवे के इस संकीर्ण तर्क को पूरी तरह खारिज करते हुए 'निर्भरता' शब्द की व्यापक परिभाषा तय की। अदालत ने पूर्व के फैसलों का संदर्भ देते हुए कहा कि दादा-दादी और पोते-पोतियों के बीच का रिश्ता बेहद खास और अटूट होता है। बुजुर्गों की अपने पोते-पोतियों पर प्रेम, सेवा और भावनात्मक संबल के लिए जो निर्भरता होती है, उसकी तुलना रुपयों से नहीं की जा सकती। चूंकि पीड़ित बुजुर्ग का उस बच्ची के अलावा कोई दूसरा पोता-पोती भी नहीं था, इसलिए सिर्फ वित्तीय सहायता न होने के आधार पर उन्हें इस हक से वंचित नहीं किया जा सकता। अदालत ने ट्रिब्यूनल के फैसले को न्यायप्रिय बताते हुए राशि को बरकरार रखने का आदेश दिया।
जासूसी की आशंका के बीच निकला आर्मी कनेक्शन: स्कूल परिसर में संदिग्ध ड्रोन गिरने से मचा बवाल
3 Jun, 2026 05:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर | आदमपुर के अंतर्गत आने वाले गांव हरिपुर स्थित एक सरकारी स्कूल के खेल मैदान में बुधवार को उस समय अचानक अफरा-तफरी और कौतूहल का माहौल बन गया, जब आसमान से एक संदिग्ध ड्रोन उड़ता हुआ सीधे बच्चों के पास आ गिरा। गनीमत यह रही कि इस घटना में मैदान में मौजूद किसी भी बच्चे को चोट नहीं आई। इस अनपेक्षित घटनाक्रम के बाद ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं।
स्कूली बच्चों ने सरपंच को सौंपा ड्रोन, पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट
मैदान में खेल रहे जागरूक बच्चों ने जैसे ही ड्रोन को जमीन पर गिरते देखा, वे उसे सुरक्षित उठाकर गांव के सरपंच के पास ले गए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सरपंच ने बिना वक्त गंवाए तुरंत स्थानीय पुलिस प्रशासन को इसकी सूचना दी। सीमावर्ती राज्य में ड्रोन मिलने की खबर से सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां तत्काल अलर्ट हो गईं। उपपुलिस अधीक्षक (डीएसपी) राजीव कुमार भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को घेरे में लेकर ड्रोन को अपने कब्जे में ले लिया।
सेना के अधिकारियों ने किया स्पष्ट, तकनीकी खराबी के चलते हुआ क्रैश
शुरुआती दौर में ड्रोन के पीछे किसी राष्ट्रविरोधी या संदिग्ध गतिविधि की आशंका के चलते ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल पनप गया था। हालांकि, गहन जांच और सत्यापन के बाद मौके पर पहुंचे भारतीय सेना के अधिकारियों ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी। सैन्य अधिकारियों ने बताया कि यह असल में सेना का ही एक टोही ड्रोन है, जो एक नियमित अभ्यास और टेस्टिंग (परीक्षण) उड़ान पर था, लेकिन अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण अनियंत्रित होकर स्कूल के परिसर में गिर गया।
फायरिंग रेंज में चल रहा था नियमित परीक्षण, पुलिस ने अफवाहों से बचने की दी सलाह
सेना के अनुसार, नजदीकी फायरिंग रेंज क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा अक्सर इस प्रकार के तकनीकी उपकरणों और ड्रोनों का नियमित परीक्षण किया जाता है, इसलिए स्थानीय नागरिकों को इससे घबराने या आशंकित होने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। पुलिस अधिकारियों ने भी ग्रामीणों से बातचीत कर उनका डर दूर किया और सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न देने की सख्त हिदायत दी। फिलहाल, सैन्य और तकनीकी टीमें ड्रोन में आई खराबी के कारणों का पता लगाने के लिए उसकी जांच कर रही हैं ताकि भविष्य के लिए रिकॉर्ड तैयार किया जा सके।
पंजाब सरकार की सख्ती: निजी स्कूलों के लिए फीस बढ़ोतरी की सीमा तय, सीएम भगवंत मान ने किया एलान
3 Jun, 2026 05:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़ | पंजाब सरकार ने राज्य के निजी स्कूल संचालकों की मनमानी और भारी-भरकम फीस वसूली पर लगाम लगाने के लिए एक बहुत बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आधिकारिक तौर पर यह घोषणा की है कि अब प्रदेश का कोई भी प्राइवेट स्कूल सालाना पांच प्रतिशत से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा सकेगा। सरकार इस नियम को कानूनी रूप देने के लिए आगामी विधानसभा सत्र में एक सख्त विधेयक (कानून) पेश करने जा रही है। इस फैसले से राज्य के लाखों अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
मनमानी फीस बढ़ाने वालों पर कड़ा चाबुक, पिछले तीन साल का पैसा करना होगा रिफंड
राजधानी में मीडियाकर्मियों से रूबरू होते हुए मुख्यमंत्री ने साफ किया कि निजी शिक्षण संस्थानों की लूट को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने एक बड़ा आदेश जारी करते हुए कहा कि जिन स्कूलों ने पिछले तीन वर्षों के भीतर कुल मिलाकर पंद्रह फीसदी या उससे अधिक फीस की वृद्धि की है, उन्हें वह बढ़ी हुई अतिरिक्त राशि छात्र-छात्राओं के माता-पिता (पेरेंट्स) को वापस (रिफंड) करनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले के समय में स्कूल बिना किसी रोक-टोक और नियम-कायदों के अपनी मर्जी से फीस बढ़ा दिया करते थे, लेकिन अब इस सिंडिकेट पर पूरी तरह नकेल कसी जाएगी।
अमृतसर की छात्रा के सुसाइड का हवाला, 'स्कूल माफिया' के खिलाफ आक्रोश
इस कड़े फैसले के पीछे की मुख्य वजह साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने अमृतसर में घटित एक बेहद दुखद घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वहां एक सत्रह वर्षीय होनहार छात्रा को सिर्फ इसलिए अपनी जीवनलीला समाप्त करनी पड़ी क्योंकि वह 'स्कूल माफिया' की प्रताड़ना का शिकार हो गई थी। संबंधित स्कूल प्रशासन ने छात्रा के परिवार पर नाजायज और भारी फीस जमा करने का मानसिक दबाव बनाया और उसे लगातार प्रताड़ित किया, जिससे तंग आकर मासूम बच्ची को आत्मघाती कदम उठाने के लिए विवश होना पड़ा।
निजी स्कूलों के व्यावसायिक सिंडिकेट को खत्म करने की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने बेहद तल्ख लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाब की धरती पर शिक्षा के नाम पर व्यापार करने वाले और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले निजी स्कूलों की तानाशाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार हर हाल में छात्र हितों की रक्षा करेगी। आगामी कानून के जरिए फीस नियंत्रण बोर्ड को और अधिक शक्तियां दी जाएंगी, ताकि नियम तोड़ने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करने से लेकर उन पर भारी जुर्माना लगाने जैसी त्वरित दंडात्मक कार्रवाई की जा सके।
मजीठिया की लोकेशन पर सीएम का वार, पत्नी का तीखा जवाब- हिम्मत है तो ढूंढ कर दिखाओ, हम कहीं भागे नहीं हैं
3 Jun, 2026 10:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़ | शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के भूमिगत होने पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तीखा पलटवार किया है। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए सवाल किया कि अब मजीठिया की वे मूंछें कहां गायब हो गईं, जिन पर कभी वह ताव दिया करते थे। दरअसल, पुलिस की हिरासत से अपने एक समर्थक को जबरन छुड़ाने के आरोप में मजीठिया के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद से पंजाब पुलिस की विभिन्न टीमें उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही हैं।
मुख्यमंत्री का तंज, मजीठिया को बताया कागजी शेर
अकाली नेता पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि खुद को 'माझे का जरनैल' बताने वाले मजीठिया असल में महज एक कागजी शेर साबित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मजीठिया ने हमेशा दूसरों को मुश्किलों में फंसाया और आज जब खुद पर आंच आई, तो वह कानून का सामना करने के बजाय फरार हो गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी आशंका है कि वह देश छोड़कर बाहर न चले जाएं, इसलिए उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी कर दिया गया है। उन्होंने साफ किया कि इन लोगों के व्यवहार में गुंडागर्दी और पुलिस के काम में बाधा डालना शामिल हो चुका है, लेकिन इस बार कानून अपना काम सख्ती से करेगा।
पत्नी ने किया बचाव, कानूनी लड़ाई लड़ने का दावा
दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री के इस तीखे बयान पर बिक्रम सिंह मजीठिया की पत्नी और अकाली दल की विधायक गनीव कौर मजीठिया ने अपने पति का बचाव किया है। उन्होंने विरोधियों के दावों को खारिज करते हुए कहा कि उनके पति न तो कानून से डरे हैं और न ही कहीं भागे हैं। वह अपनी कानूनी टीम के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं और इस पूरे मामले को अदालत के जरिए कानूनी तरीके से आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने इसे राजनीतिक द्वेष से प्रेरित कार्रवाई करार दिया है।
इलाके में लगे लापता होने के पोस्टर, समर्थक दोबारा गिरफ्तार
इस पूरे घटनाक्रम के बीच मजीठा विधानसभा क्षेत्र में बिक्रम सिंह मजीठिया के गायब होने के पोस्टर चस्पा कर दिए गए हैं। इन पोस्टरों पर बड़े अक्षरों में 'भगोड़े की तलाश' लिखा गया है और जनता से अपील की गई है कि यदि किसी को भी उनके बारे में कोई सुराग मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करे। गौरतलब है कि मजीठा थाने में पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी करने और सरकारी काम में रुकावट डालते हुए आरोपी जोबनप्रीत सिंह को छुड़ाने के मामले में मजीठिया पर केस दर्ज हुआ था। हालांकि, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उनके उस समर्थक जोबनप्रीत को दोबारा गिरफ्तार कर लिया है।
तपती गर्मी से मिलेगी निजात: कल से बदलेगा मौसम का मिजाज, तीन दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी
2 Jun, 2026 11:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बठिंडा | पंजाब में आसमान साफ होते ही धूप ने एक बार फिर अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है, जिससे तापमान में इजाफा दर्ज किया गया है। सोमवार को राज्य का पारा 40 डिग्री सेल्सियस की दहलीज को पार कर गया। बीते 24 घंटों में प्रदेश के औसतन अधिकतम तापमान में 2.9 डिग्री सेल्सियस की उछाल देखी गई है, हालांकि राहत की बात यह है कि यह अब भी सामान्य के मुकाबले 4.2 डिग्री सेल्सियस कम है। इस दौरान 40.2 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ बठिंडा राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा।
बुधवार से बदलेगा मिजाज, तीन दिनों का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी
मौसम वैज्ञानिकों के पूर्वानुमान के मुताबिक, चिलचिलाती धूप का यह दौर ज्यादा लंबा नहीं खिंचेगा और बुधवार से राज्य के मौसम में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों के लिए प्रदेश में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इस अवधि के दौरान पंजाब के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने और करीब 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ (तेज हवाएं) चलने की आशंका है। मौसम में आने वाले इस बदलाव की वजह से आने वाले दिनों में पारा 4 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क सकता है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से दोबारा राहत मिलेगी।
कई जिलों में हल्की बारिश के आसार, न्यूनतम पारे में भी बढ़ोतरी
सप्ताह के बाकी दिनों की बात करें तो पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, रूपनगर और मोहाली जैसे क्षेत्रों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही 6 और 7 जून को भी पंजाब के कुछ हिस्सों में पानी गिरने का अनुमान है। तापमान के आंकड़ों को देखें तो राज्य के रात के तापमान (न्यूनतम तापमान) में भी 2.8 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है, जहां रूपनगर में सबसे कम 21.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं प्रमुख शहरों में अमृतसर का अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री, लुधियाना और पटियाला का 35.6 डिग्री, पठानकोट का 37.4 डिग्री तथा फिरोजपुर का 36.7 डिग्री सेल्सियस मापा गया है।
धान की खेती के लिए अमृत बनी वर्षा, भूजल और बिजली की बची खपत
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के दिनों में हुई और आगे होने वाली मानसूनी फुहारें धान की बुवाई और फसल के लिए संजीवनी का काम कर रही हैं। इस प्राकृतिक वर्षा से खेतों में सिंचाई की आवश्यकता बेहद कम हो गई है, जिससे गिरते भूजल स्तर को सुधारने में बड़ी मदद मिल रही है। जानकारों का कहना है कि बारिश के पानी में घुली हुई नाइट्रोजन सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचती है, जिससे उनका विकास तेजी से होता है। इसके अतिरिक्त, मौसम ठंडा रहने और कृषि पंपों का इस्तेमाल कम होने के कारण राज्य में बिजली की मांग में भी भारी गिरावट आई है, जिससे पावर ग्रिड को बड़ी राहत मिली है।
शिमलापुरी डबल मर्डर केस: पैसों की खातिर भतीजा बना कातिल, बुआ-फूफा को मौत के घाट उतारकर अंजाम दी वारदात
2 Jun, 2026 11:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना | पंजाब के लुधियाना स्थित शिमलापुरी जनता नगर में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड की गुत्थी को स्थानीय पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। कर्ज के दलदल में फंसे एक सगे भतीजे ने ही चंद रुपयों और जेवरात की खातिर अपने बुजुर्ग बुआ-फूफा को मौत के घाट उतारा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 34 वर्षीय मुख्य आरोपी प्रदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त किया गया लोहे का भारी-भरकम बैरिंग भी बरामद कर लिया है।
तंगहाली और लालच ने भतीजे को बनाया कसाई
पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, न्यू अंगद कॉलोनी का रहने वाला आरोपी प्रदीप सिंह काफी समय से कर्ज के बोझ तले दबा हुआ था। उसका काम-धंधा पूरी तरह ठप था और उसकी कार भी गिरवी रखी हुई थी। वह अक्सर अपनी दूर की बुआ हरमीत कौर के घर आर्थिक मदद के लिए आता-जाता रहता था। 28 मई की शाम जब वह अपनी बुआ के घर पहुंचा और पैसों की मांग की, तो पहले बुआ ने असमर्थता जताई लेकिन बाद में उसे 1,000 रुपये दे दिए। इसी दौरान प्रदीप की नजर अलमारी में रखे पैसों पर पड़ गई और उसे देखते ही उसकी नीयत डोल गई।
लोहे के बैरिंग से किया हमला, गहने नोचकर हुआ फरार
आरोपी प्रदीप भली-भांति जानता था कि उसकी बुआ हरमीत कौर और फूफा कुलदीप सिंह घर में बिल्कुल अकेले रहते हैं, क्योंकि उनकी पांचों बेटियां विदेश (कनाडा/अमेरिका) में सैटल हैं। पैसों को लूटने की नीयत से तैश में आकर प्रदीप ने पास ही पड़े लोहे के एक बैरिंग को उठाया और दोनों बुजुर्गों के सिर पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। हमला इतना अचानक और जोरदार था कि बुजुर्ग दंपती को संभलने का मौका तक नहीं मिला और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने अलमारी से 60 हजार रुपये कैश समेटी और मृतका के कानों से सोने की बालियां और हाथों के कड़े नोच लिए। वारदात को सामान्य चोरी का रूप देने के लिए उसने दोनों के मोबाइल फोन वहीं छोड़ दिए और पिछले दरवाजे से फरार हो गया।
48 घंटे बाद खुला राज, पुलिस की मुस्तैदी से दबोचा गया कातिल
यह खौफनाक हत्याकांड 28 मई की शाम को अंजाम दिया गया था, लेकिन घर बंद होने के कारण 30 मई की सुबह तक किसी को भनक भी नहीं लगी। जब विदेश से बेटियों ने फोन किया और माता-पिता ने कॉल रिसीव नहीं की, तब रिश्तेदारों को घर भेजा गया। वहां दोनों के लहूलुहान शव देखकर पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमों का गठन किया और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाते हुए आरोपी प्रदीप को धर दबोचा। पुलिस अब आरोपी की निशानदेही पर लूटी गई नकदी और सोने के गहने बरामद करने की कोशिशों में जुटी हुई है।
छात्रा सुसाइड केस: प्रताड़ना का शिकार थी अमजोत, प्रिंसिपल की धमकियों और निजी काम कराने के आरोपों के बाद एक्शन में आई सरकार
2 Jun, 2026 11:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर | पंजाब के अमृतसर में 12वीं कक्षा की एक होनहार छात्रा द्वारा मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या करने के मामले में राज्य सरकार पूरी तरह एक्शन में आ गई है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस दुखद घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्कूल प्रबंधन और इस घिनौने कृत्य में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने इस मामले में स्कूल की प्रिंसिपल शबनम शर्मा और क्लास टीचर अकांक्षा शर्मा के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल दोनों आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
फीस का दबाव और दसवीं के सर्टिफिकेट को रोकने का आरोप
मृतक छात्रा अमजोत कौर अपनी मासी सरबजीत कौर के पास रहकर फतेहगढ़ चूडियां रोड स्थित डीडीआईएस (DDIS) स्कूल में पढ़ाई कर रही थी। उसने इसी संस्थान से 11वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन बकाया फीस के नाम पर छात्रा को लगातार प्रताड़ित कर रहा था। मानसिक रूप से परेशान करने की हदें पार करते हुए स्कूल प्रशासन अमजोत को उसकी कक्षा 10वीं का मूल प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट) भी नहीं दे रहा था, जिसके कारण वह अपने भविष्य को लेकर बेहद तनाव में थी।
चरित्र पर कीचड़ उछालना और घरेलू काम कराने का शर्मनाक खुलासा
इस मामले की तफ्तीश में अब एक बेहद चौंकाने वाला और शर्मनाक पहलू सामने आया है। मृतका के परिजनों के मुताबिक, स्कूल की प्रिंसिपल और क्लास टीचर अमजोत के चरित्र पर लगातार कीचड़ उछालते थे और उस पर फब्तियां कसते थे। इतना ही नहीं, दोनों शिक्षिकाएं उस बेबस छात्रा से अपने निजी और घरेलू काम करवाती थीं। जब भी अमजोत ने उनके व्यक्तिगत काम करने से मना किया या विरोध जताया, तो उसे परीक्षाओं में फेल करने और प्रैक्टिकल के नंबर काटने की सीधी धमकियां दी जाने लगीं।
धमकियों से टूट गई मासूम, निगल लिया जहरीला पदार्थ
स्कूल के भीतर लगातार मिलने वाली धमकियों और चरित्र हनन के कारण मासूम अमजोत मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी थी। उसे अपना करियर और सम्मान दोनों दांव पर नजर आने लगे। आखिरकार इसी मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) के चलते उसने तंग आकर कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और छात्रों में भारी आक्रोश है। पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों का कहना है कि वे मामले की गहराई से तफ्तीश कर रहे हैं और जल्द ही फरार शिक्षिकाओं को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
"गर्मी से मिलेगी बड़ी राहत, पंजाब में 4 दिनों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट; झुलसाने वाली लू से मिली मुक्ति"
1 Jun, 2026 01:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब के निवासियों को इस बार झुलसाने वाली जेठ की गर्मी से बड़ी राहत मिल रही है। मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार से आगामी चार दिनों के लिए पूरे सूबे में 'यलो अलर्ट' जारी कर दिया है। इस चेतावनी के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधियां चलेंगी और गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश होने के आसार हैं। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि आने वाले पूरे हफ्ते लोगों को लू (हीटवेव) के प्रकोप से पूरी तरह निजात मिली रहेगी।
पारा सामान्य से नीचे, बठिंडा रहा सबसे गर्म
बीते रविवार को धूप खिलने और मौसम मुख्य रूप से साफ रहने के कारण पंजाब के औसतन तापमान में 4.8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखी गई थी। इसके बावजूद, ठंडी हवाओं के प्रभाव से सूबे का पारा सामान्य सूचकांक से 7.8 डिग्री सेल्सियस कम रिकॉर्ड किया गया। रविवार को राज्य भर में सर्वाधिक अधिकतम तापमान बठिंडा में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि अमूमन इस मौसम में रहने वाले पारे से काफी कम है।
सोमवार और मंगलवार को इन जिलों में बरसेगा पानी
मौसम के बदले मिजाज के बीच सोमवार को माझा क्षेत्र के चार प्रमुख जिलों—पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर और तरनतारन में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा मालवा और सीमावर्ती क्षेत्रों के 10 जिलों, जिनमें फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा शामिल हैं, वहां तेज अंधड़ चलने की चेतावनी है। मंगलवार को मौसम का यह बिगड़ा रूप लगभग पूरे पंजाब को अपनी आगोश में ले लेगा, जिससे कई इलाकों में भारी बारिश की उम्मीद है।
रातों में बढ़ी ठंडक, बठिंडा में न्यूनतम पारा 18 डिग्री
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पंजाब के न्यूनतम तापमान में भी 1.1 डिग्री सेल्सियस की कमी आई है, जिससे अब यह सामान्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस नीचे लुढ़क गया है। रात के समय सबसे कम न्यूनतम तापमान बठिंडा में 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन के तापमान की बात करें तो अमृतसर में 33.5 डिग्री, लुधियाना में 31.8 डिग्री और पटियाला में 32.0 डिग्री सेल्सियस पारा रहा। वहीं रातों का तापमान लुधियाना में 20.6 डिग्री, पटियाला में 21.2 डिग्री और रूपनगर में 23.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे लोगों को रात के समय एसी और कूलर से बड़ी राहत मिल रही है।
"मजीठिया के घर पहुंची भारी पुलिस फोर्स: सर्च ऑपरेशन के बाद लौटी टीम, पंजाब की सियासत गरमाई"
1 Jun, 2026 01:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर। शिरोमणि अकाली दल के कद्दावर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मजीठा थाने से एक अकाली कार्यकर्ता को कथित तौर पर जबरन छुड़ाकर ले जाने के मामले में पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस एफआईआर (नंबर 91) के दर्ज होने के बाद सोमवार को पंजाब पुलिस की कई टीमों ने अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इसी कड़ी में एक विशेष टीम मजीठिया के अमृतसर स्थित निवास स्थान पर भी पहुंची और पूरे परिसर की तलाशी ली, हालांकि उस वक्त घर पर कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था।
थाने के बाहर हुआ था भारी हंगामा और नोकझोंक
इस पूरे विवाद की शुरुआत रविवार को उस समय हुई थी, जब अकाली दल के नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके एक कार्यकर्ता जोबनप्रीत सिंह को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखा है। अकाली दल का दावा था कि जोबनप्रीत को मुख्य थाना परिसर में रखने के बजाय थाना प्रभारी (एसएचओ) के सरकारी आवास के एक कमरे में बंद किया गया था। इस बात की भनक लगते ही बिक्रम सिंह मजीठिया अपने भारी लाव-लश्कर के साथ मजीठा थाना पहुंचे, जहां पुलिस प्रशासन और अकाली समर्थकों के बीच जमकर नोकझोंक और तीखी बहस हुई। इसके बाद समर्थक उक्त कार्यकर्ता को अपने साथ ले गए।
सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में केस दर्ज
इस घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन ने सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने, कानूनी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने और पुलिस कस्टडी से एक व्यक्ति को छुड़ाकर ले जाने की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इस मामले में मुख्य रूप से पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को नामजद किया गया है। सोमवार को जब पुलिस टीम तफ्तीश के लिए मजीठिया के घर पहुंची, तो वहां बड़ी तादाद में अकाली कार्यकर्ता जमा हो गए और पुलिसिया कार्रवाई का विरोध करने लगे। इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और अधिकारियों व कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहसबाजी देखने को मिली।
अकाली दल का पलटवार और सांसद हरसिमरत कौर का बयान
दूसरी तरफ, शिरोमणि अकाली दल ने इस पूरी कार्रवाई को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीति से प्रेरित और बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया है। मजीठिया के घर हुई छापेमारी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बठिंडा से अकाली सांसद हरसिमरत कौर बादल ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सूबे के मुख्यमंत्री आखिर मजीठिया से इतना क्यों घबराते हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता की सुरक्षा करने वाली पुलिस आज सरकार के अहंकार को पूरा करने का जरिया बन चुकी है। हरसिमरत कौर ने दलील दी कि मजीठिया ने सिर्फ एक निर्दोष कार्यकर्ता को गैर-कानूनी हिरासत से बचाकर उसकी जान बचाई है, इसलिए मुकदमा उन पुलिसकर्मियों पर होना चाहिए जिन्होंने उसे अवैध रूप से बंद कर रखा था।
"जहरीली गैस का तांडव: लुधियाना में सीवर सफाई के दौरान बड़ा हादसा, अपनों को खोकर फूटा परिजनों का गुस्सा"
1 Jun, 2026 01:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना। आरके रोड पर स्थित एक टूल (पाना-चाबी) बनाने वाली फैक्टरी में सोमवार को उस समय चीख-पुकार मच गई, जब वहां मौजूद सीवरेज से अचानक अत्यंत जहरीली गैस का रिसाव हो गया। इस दर्दनाक हादसे में सीवर की सफाई करने पहुंचे पिता और उनके बेटे सहित तीन लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। गैस के फैलते ही पूरी फैक्टरी में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और वहां काम कर रहे कई अन्य श्रमिक भी इस जहरीली हवा के प्रभाव में आकर अचेत हो गए, जिनमें से दो की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और राहत दल की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं।
बचाव का नहीं मिला तनिक भी समय
वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सोमवार को फैक्टरी में रोज की तरह ही सामान्य रूप से काम चल रहा था। सीवर में जमी गंदगी और गाद को साफ करने के लिए बाहर से सफाई कर्मियों को बुलाया गया था। जैसे ही सफाई के लिए सीवर का मुख्य ढक्कन खोला गया, उसमें से अत्यधिक तीव्र जहरीली गैस का गुबार निकला। गैस का रिसाव इतना पलक झपकते हुआ और इसका असर इतना घातक था कि पास खड़े पिता-पुत्र और उनके साथी को वहां से हटने या खुद को संभालने का एक पल भी नहीं मिला और तीनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
परिसर में फैली गैस, कई मजदूर हुए अचेत
ढक्कन खुलने के बाद यह जानलेवा गैस तेजी से पूरी फैक्टरी के भीतर फैल गई। वहां काम कर रहे अन्य मजदूरों को आंखों में तेज जलन और सांस रुकने जैसी गंभीर समस्या होने लगी, जिसके चलते कई लोग फर्श पर ही गिरकर तड़पने लगे। इस हादसे में जान गंवाने वाले दो मृतकों की पहचान पिता माना और पुत्र अमित के रूप में की गई है, जबकि तीसरे मृतक की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। अमित अपने पीछे एक वर्ष की छोटी बेटी, पत्नी, दो बहनों और एक छोटे भाई को बेसहारा छोड़ गया है। घर के दो कमाऊ सदस्यों के एक साथ चले जाने से पीड़ित परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है।
प्रशासनिक अमला तफ्तीश में जुटा
इस भीषण घटना की सूचना पाते ही पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग की टीमें एम्बुलेंस के साथ घटना स्थल पर मुस्तैद हो गईं। अचेत हुए श्रमिकों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, वहीं तीनों शवों को पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। स्थानीय थाना पुलिस ने फैक्टरी परिसर को सुरक्षित घेरे में ले लिया है और अधिकारियों का कहना है कि गैस बनने और उसके रिसाव के तकनीकी कारणों की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि हादसे के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
पंजाब कांग्रेस में कलह के आसार! हाईकमान ने दिए प्रधान न बदलने के संकेत, नाराज होकर निकले बाजवा
30 May, 2026 12:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़ | पंजाब कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के बीच लंबे समय से चली आ रही आपसी कलह और खींचतान का मामला आखिरकार देश की राजधानी दिल्ली पहुंच गया। पार्टी आलाकमान ने आंतरिक गुटबाजी को समाप्त करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाई थी। इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व उपमुख्यमंत्री व वर्तमान सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और राज्य के पार्टी प्रभारी भूपेश सिंह बघेल विशेष रूप से दिल्ली पहुंचे।
शीर्ष नेतृत्व के सामने उठी प्रदेश अध्यक्ष को बदलने की मांग
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में पंजाब के नेताओं ने अपनी-अपनी बात रखी। सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान कुछ वरिष्ठ नेताओं ने सीधे तौर पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष को पद से हटाने की मांग उठा दी। अपनी बात को मजबूती से रखने के लिए एक नेता ने गिद्दड़बाहा स्थानीय निकाय चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी शिकस्त का भी हवाला दिया, जो कि मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग का गृह क्षेत्र माना जाता है।
आलाकमान ने दिए संकेत, चुनाव तक नहीं बदलेगा नेतृत्व
तमाम विरोध और दलीलों के बावजूद, केंद्रीय नेतृत्व ने फिलहाल पंजाब संगठन के शीर्ष पद पर किसी भी तरह के फेरबदल से साफ इनकार कर दिया है। आलाकमान ने संकेत दिए हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव तक मौजूदा टीम ही काम करती रहेगी। पंजाब के प्रभारी भूपेश बघेल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल करीब चार महीने पहले ही इस विषय पर पार्टी का रुख साफ कर चुके हैं। उन्होंने नेताओं को सख्त हिदायत दी कि इस मुद्दे को बार-बार न उठाया जाए और नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं पर पूरी तरह विराम लगाया जाए।
बीच में ही बैठक छोड़ गए बाजवा, एकजुट होकर लड़ने की नसीहत
इस गहमा-गहमी के बीच, पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा बैठक को बीच में ही छोड़कर बाहर निकल गए, जिससे कूटनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल ने इस पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि बाजवा को अचानक कोई जरूरी व्यक्तिगत काम आ गया था, जिसकी पूर्व सूचना देकर ही वे बैठक से गए थे। बैठक के समापन पर केंद्रीय नेतृत्व ने सभी गुटों को अपनी व्यक्तिगत ढेरी अलग करने के बजाय आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुट होने का कड़ा निर्देश दिया। आलाकमान ने साफ किया कि पार्टी का एकमात्र मुख्य लक्ष्य आने वाले विधानसभा चुनाव में सामूहिक ताकत के साथ उतरना और राज्य में फिर से सरकार बनाना है।
मोबाइल दुकान में आईपीएल सट्टा: ऑनलाइन बैटिंग रैकेट का भंडाफोड़, पुलिस ने 3 सटोरियों को दबोचा
30 May, 2026 12:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर | इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मैचों पर बड़े पैमाने पर चल रहे ऑनलाइन सट्टेबाजी के काले कारोबार के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस की विशेष टीम ने वेस्ट क्षेत्र में जाल बिछाकर सट्टा लगाने वाले तीन मुख्य आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया है। मुखबिर की सटीक सूचना पर देर रात की गई इस छापेमारी में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई अत्याधुनिक मोबाइल फोन, लैपटॉप और भारी मात्रा में नकद राशि जब्त की है।
मोबाइल दुकान की आड़ में चल रहा था सट्टेबाजी का नेटवर्क
प्राप्त विवरण के अनुसार, शहनाई पैलेस मार्ग पर स्थित एक मोबाइल गैलरी में व्यापार की आड़ में काफी समय से ऑनलाइन बेटिंग का यह अवैध धंधा संचालित किया जा रहा था। इस बात का पुख्ता इनपुट मिलते ही पुलिस बल ने योजनाबद्ध तरीके से दुकान की घेराबंदी की और अचानक दबिश दी। मौके से पुलिस ने मोबाइल शॉप के संचालक केशव मदान, उसके सहयोगी जसनूर और एक अन्य साथी को सट्टेबाजी का हिसाब-किताब करते हुए गिरफ्तार कर लिया।
कम समय में पैसा दोगुना करने का लालच देकर ठगी
एसीपी वेस्ट आतिश भाटिया ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि ये सट्टेबाज आम और सीधे-साधे लोगों को बेहद कम समय में रकम दोगुनी करने का झांसा देते थे और उन्हें इस दलदल में धकेल देते थे। शुरुआती पड़ताल में यह बात साफ हुई है कि मुख्य आरोपी केशव अपने गुर्गों के साथ मिलकर दुकान के अंदर से ही पूरा बेटिंग सिंडिकेट और डिजिटल नेटवर्क संभाल रहा था। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम और धोखाधड़ी की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।
बड़े रैकेट के खुलासे की उम्मीद, आरोपियों से पूछताछ जारी
पकड़े गए आरोपियों को हिरासत में लेकर पुलिस की तकनीकी टीम उनके मोबाइल और लैपटॉप के डेटा को खंगालने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि आरोपियों के बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की जांच से इस सट्टेबाजी नेटवर्क के तार अन्य राज्यों या बड़े सट्टा किंगों से जुड़े होने के सुराग मिल सकते हैं। पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई अन्य सफेदपोशों के नामों का पर्दाफाश हो सकता है और कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं।
"छोटे चुनाव से बीजेपी ने तय किया बड़ा रास्ता: पंजाब के शहरी इलाकों में बढ़ता जनाधार, 2027 के 'महामुकाबले' की ग्राउंड रिपोर्ट"
30 May, 2026 10:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़ | पंजाब नगर निकाय चुनाव के हालिया नतीजे राज्य की राजनीति को लेकर कई बड़े संकेत दे रहे हैं। चुनावी इतिहास के मुताबिक, पंजाब के समझदार मतदाताओं ने इस बार भी सत्ताधारी दल के पक्ष में मतदान कर विकास की रफ्तार को दोगुना करने का फैसला किया है। हालांकि, इन जमीनी स्तर के चुनावों के नतीजों का दूसरा पहलू यह भी दिखाता है कि आगामी विधानसभा चुनाव का मुकाबला बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय होने वाला है। इस बार के जनादेश ने पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल कर रख दिया है।
भाजपा ने सुधारी स्थिति, विरोधियों को दी कड़ी चुनौती
पंजाब में लंबे समय से अपनी सियासी जमीन तलाशने में जुटी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए ये नतीजे काफी सकारात्मक रहे हैं। पार्टी की सोची-समझी रणनीति का असर नतीजों में साफ देखा जा सकता है। जहां साल 2021 के निकाय चुनावों में भाजपा महज 49 सीटों पर सिमट गई थी, वहीं इस बार पार्टी ने कुल 1977 सीटों में से 167 सीटों पर शानदार जीत हासिल की है। इतना ही नहीं, भाजपा ने सूबे के आठ नगर निगमों में से दो पर अपना परचम लहराया है। यह सफलता इसलिए भी बड़ी है क्योंकि तमाम विपरीत परिस्थितियों और कई नामांकन रद्द होने के बाद भाजपा केवल 316 सीटों पर ही चुनाव लड़ सकी थी। इस प्रदर्शन से भाजपा ने साफ कर दिया है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में उसे कमजोर आंकना विपक्षी दलों के लिए एक बड़ी भूल साबित हो सकता है।
कांग्रेस का बिखरा गणित, शीर्ष नेतृत्व तक पहुंची बात
लोकसभा चुनाव में सूबे की 13 में से 7 सीटें जीतकर उत्साह से भरी कांग्रेस को इन निकाय चुनावों में तगड़ा झटका लगा है। कांग्रेस के आला नेता यह मानकर चल रहे थे कि उन्होंने विधानसभा चुनाव में चली सत्तारूढ़ दल की आंधी को रोक दिया है और शहरी व ग्रामीण मतदाताओं पर उनकी पकड़ मजबूत है। लेकिन साल 2026 के इन चुनावी नतीजों ने कांग्रेस के दावों की हवा निकाल दी। साल 2021 में रिकॉर्ड 1432 सीटें जीतने वाली कांग्रेस इस बार केवल 384 सीटों पर सिमट कर रह गई। पार्टी की इस करारी शिकस्त का मामला अब राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी तक पहुंच गया है, जिसके बाद हार के कारणों पर आत्ममंथन की तैयारी की जा रही है।
शिरोमणि अकाली दल का ग्राफ गिरा, निर्दलीयों को भी नुकसान
पंजाब की सत्ता पर लंबे समय तक काबिज रहने वाले शिरोमणि अकाली दल (शिअद) का लचर प्रदर्शन इस चुनाव में भी जारी रहा। सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व में पार्टी कोई विशेष करिश्मा दिखाने में नाकाम रही। साल 2021 में सत्ता से बाहर रहने के बावजूद अकाली दल ने 284 सीटें जीती थीं, लेकिन इस बार उनका आंकड़ा घटकर 191 सीटों पर आ गया है। इसके अलावा, पिछले चुनाव में 364 सीटें जीतने वाले निर्दलीय प्रत्याशी भी इस बार 251 सीटों पर सिमट गए हैं। वहीं दूसरी ओर, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने मामूली सुधार करते हुए अपनी सीटों की संख्या 5 से बढ़ाकर 7 कर ली है। बहरहाल, इन परिणामों के बाद सभी राजनीतिक दल अपनी कमियों को सुधारते हुए अगले विधानसभा चुनाव के लिए नए सिरे से रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
अवैध हथियारों की तस्करी का नेटवर्क ध्वस्त: जालंधर पुलिस ने 5 पिस्तौल के साथ 3 बदमाशों को किया गिरफ्तार
29 May, 2026 01:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर | जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने अपराध और गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतर-जिला मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गिरोह के तीन शातिर तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने .32 बोर की 5 अत्याधुनिक पिस्टल, 9 मैगजीन और 22 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इस कामयाबी को इलाके में सक्रिय आपराधिक नेटवर्कों को तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
बस स्टैंड के पास जाल बिछाकर हुई पहली कामयाबी
पुलिस को खुफिया सूत्रों से इनपुट मिला था कि हथियारों की एक खेप शहर में सप्लाई होने वाली है। इस सूचना पर मुस्तैदी दिखाते हुए पुलिस की विशेष टीम ने जालंधर बस स्टैंड के पास घेराबंदी की। यहाँ घेरे में लेकर सबसे पहले मुख्य आरोपी को दबोचा गया, जिसके पास से अवैध हथियार बरामद हुए। शुरुआती पूछताछ में ही आरोपी ने अपने नेटवर्क और अन्य साथियों के बारे में उगलना शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने आगे की दबिश के लिए रणनीति तैयार की।
गुरदासपुर के गांव में छिपाकर रखा था हथियारों का जखीरा
बस स्टैंड से पकड़े गए तस्कर से मिली गुप्त और सटीक जानकारी के आधार पर जालंधर पुलिस की टीमों ने तुरंत गुरदासपुर जिले में छापेमारी की। वहां गांव भैणी पसवाल के पास तस्करों द्वारा गुप्त स्थान पर छिपाकर रखे गए 4 और पिस्टल, 8 मैगजीन तथा 18 जिंदा कारतूस बरामद कर लिए गए। पुलिस की मुस्तैदी से हथियारों की यह बड़ी खेप पंजाब के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई होने से पहले ही जब्त कर ली गई।
तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और आगे की तफ्तीश
प्रारंभिक जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह मॉड्यूल पूरे पंजाब के भीतर अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और गैंगस्टरों को हथियार सप्लाई करने के धंधे में लंबे समय से सक्रिय था। पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस कार्रवाई के बाद साफ शब्दों में कहा है कि राज्य में अवैध हथियारों की तस्करी और अपराध के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' (कतई बर्दाश्त न करने) की नीति अपनाई जा रही है। पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि इन हथियारों का मुख्य स्रोत क्या था और इन्हें पंजाब में किन-किन अपराधियों तक पहुंचाया जाना था।
विवादों में रवनीत बिट्टू: जातिसूचक टिप्पणी मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग का एक्शन, SSP से जवाब तलब
29 May, 2026 01:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़ | पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का उपयोग किए जाने के मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। आयोग ने इस विषय पर स्वतः संज्ञान (सू-मोटो नोटिस) लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संगरूर को मामले की गहन जांच करने और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद आयोग का एक्शन
पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने इस कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही खबरों और एक वीडियो लिंक के जरिए यह पूरा मामला आयोग के संज्ञान में आया है। वायरल वीडियो और संबंधित सूचनाओं के अनुसार, केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने धूरी दौरे के दौरान सार्वजनिक रूप से आपत्तिजनक जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था, जिससे एक विशेष वर्ग की भावनाएं आहत हुई हैं।
एसएसपी संगरूर से तय समय सीमा में मांगी गई जांच रिपोर्ट
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अनुसूचित जाति आयोग ने तुरंत कानूनी कदम उठाए हैं। आयोग के चेयरमैन ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम पर स्वतः संज्ञान लेते हुए एसएसपी मुख्यालय, संगरूर को एक आधिकारिक पत्र भेजा गया है। इसके तहत पुलिस प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आगामी 1 जून को सुबह 9:00 बजे तक अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट हर हाल में आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने की समय सीमा तय की गई है।
कथित टिप्पणी को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज
केंद्रीय मंत्री से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद पंजाब के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि दलित या अनुसूचित जाति के सम्मान और अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा। अब सभी की नजरें संगरूर पुलिस द्वारा 1 जून को पेश की जाने वाली रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर आयोग इस मामले में आगे की दंडात्मक या वैधानिक कार्रवाई की रूपरेखा तय करेगा।
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