पंजाब
पारिवारिक साजिश का खुलासा, बेटे और मां ने मिलकर बनाया हत्या का प्लान
24 Mar, 2026 03:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जगरांव (पंजाब)। घरेलू विवाद और जमीन-जायदाद के बंटवारे को लेकर एक सप्ताह पहले मंगलवार की आधी रात को गांव जंडी में सो रहे व्यक्ति की हत्या में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी बेटे ने कबूल किया कि पिता हरजिंदर सिंह को मौत के घाट उतारने की साजिश में उसकी मां भी शामिल थी। इसके बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी को भी गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी महिला की पहचान तरनजीत कौर उर्फ तनी निवासी गांव जंडी, सिधवां बेट के रूप में हुई है। पुलिस आरोपी महिला को अदालत में पेश कर आगे की कार्रवाई करेगी।थाना सिधवां बेट के प्रभारी हमराज सिंह ने बताया कि 17 मार्च की आधी रात को हरजिंदर सिंह की हत्या उसके बेटे जसकरन सिंह उर्फ जस्सू ने अपने दो दोस्तों गुरप्रीत सिंह उर्फ काका और धरमिंदर सिंह उर्फ गिआनी निवासी गांव लीला मेघ सिंह के साथ मिलकर की थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरी साजिश में मृतक की पत्नी तरनजीत कौर भी शामिल थी। हत्या के बाद आरोपियों ने शक से बचने के लिए बुधवार को अनजान बनकर घर में रोने-बिलखने का ड्रामा भी किया। लेकिन जब पुलिस ने जसकरन सिंह को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने पहले अपने दोनों साथियों के नाम बताए। बाद में पुलिस रिमांड के दौरान गहराई से पूछताछ और आरोपियों से अलग-अलग बयान लेने पर खुलासा हुआ कि हत्या की साजिश में उसकी मां भी शामिल थी। इसके बाद पुलिस ने तरनजीत कौर को भी गिरफ्तार कर लिया।
ऐसे हुआ था खुलासा
गांव जंडी में बुधवार को हरजिंदर सिंह ने दोपहर तक अपने घर का दरवाजा नहीं खोला। पड़ोसियों ने इस बारे में उसके भाई जगराज सिंह को सूचना दी। मौके पर अपने बेटे कुलजिंदर सिंह के साथ पहुंचे जगराज सिंह ने काफी देर तक गेट खटखटाया, लेकिन जब अंदर से कोई जवाब नहीं मिला तो कुलजिंदर सिंह दीवार फांदकर अंदर गया। अंदर का मंजर देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने देखा कि हरजिंदर सिंह कमरे में बिस्तर पर खून से लथपथ पड़ा था। इसके बाद उसने अंदर से दरवाजा खोलकर अपने पिता, गांव वालों और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और जगराज सिंह की शिकायत के आधार पर जसकरन सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया।
जमीन के विवाद ने ली जान
शिकायतकर्ता जगराज सिंह ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह दो भाई और दो बहनें हैं। उसका भाई हरजिंदर सिंह उर्फ शक्ति अलग रहता था। उसकी पहली पत्नी सरबजीत कौर की 2003 में मौत हो गई थी, जिससे उसका एक बेटा हरकमल सिंह है, जो करीब तीन साल से कनाडा में रह रहा है। पहली पत्नी की मौत के एक साल बाद हरजिंदर सिंह ने मोगा के कोकरी कलां की रहने वाली तरनजीत कौर से दूसरी शादी कर ली थी। इस शादी से उनका एक बेटा जसकरन सिंह हुआ। बताया गया है कि हरजिंदर सिंह और तरनजीत कौर के बीच जमीन-जायदाद के बंटवारे को लेकर अक्सर झगड़ा होता रहता था। हरजिंदर सिंह कई बार अपने भाई को बता चुका था कि उसे डर है कि जसकरन सिंह उसे किसी दिन नुकसान पहुंचा सकता है। पुलिस के अनुसार, प्रॉपर्टी में बड़ा हिस्सा पाने की लालच में जसकरन सिंह ने अपने दोस्तों और मां के साथ मिलकर यह खौफनाक साजिश रची और अपने ही पिता की हत्या कर दी।
विशाखापत्तनम कार्यक्रम की तस्वीरें पाक एजेंटों को भेजने का खुलासा
24 Mar, 2026 03:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुक्तसर (पंजाब)। भारतीय सेना की गुप्त जानकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंटों को भेजने के मामले में मुक्तसर पुलिस ने दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने विशाखापत्तनम में सितंबर 2025 में हुए स्वरक्षा महोत्सव के दौरान फोटो और वीडियो बनाकर पाकिस्तान में बैठे एजेंटों को भेजे थे। इसके अलावा, ये व्यक्ति अन्य संवेदनशील सैन्य जानकारियां हासिल करने की कोशिश भी कर रहे थे। एसएसपी अभिमन्यु राणा ने बताया कि एसपी (डी) मनमीत सिंह ढिल्लों और डीएसपी (डी) रशपाल सिंह की निगरानी में इंस्पेक्टर गुरविंदर सिंह (इंचार्ज, सीआईए स्टाफ मुक्तसर) और उनकी टीम ने दोनों आरोपियों को काबू किया। सीआईए स्टाफ बठिंडा बाइपास मुक्तसर पर गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रहा था। इस दौरान मुखबिर से सूचना मिली, जिसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने केस दर्ज कर आकाशदीप सिंह उर्फ मिंटू और बलराज सिंह को गिरफ्तार किया। इनका तीसरा साथी प्रीतपाल सिंह उर्फ योगराज सिंह पहले से ही किसी अन्य मामले में मुक्तसर जेल में बंद है।
आरोपियों के खातों में पैसों का लेन-देन
पुलिस के मुताबिक, प्राथमिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी पाकिस्तानी व्हाट्सएप नंबरों से जुलाई 2025 से संपर्क में थे और पैसों के लालच में देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हुए। उन्होंने सेना के गुप्त कार्यक्रमों और गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां पाकिस्तानी एजेंटों को भेजीं। आरोपियों के खातों में पैसों का लेन-देन भी हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है। आरोपियों को अदालत में पेश कर चार दिन का पुलिस रिमांड लिया गया है। सीआईए इंचार्ज गुरविंदर सिंह ने बताया कि पूछताछ में यह भी पता चला है कि आरोपियों ने विशाखापत्तनम में हुए स्वरक्षा महोत्सव (सितंबर 2025) के दौरान फोटो और वीडियो बनाकर पाकिस्तानी एजेंटों को भेजे। वे अन्य संवेदनशील सैन्य जानकारियां हासिल करने की कोशिश भी कर रहे थे।
अमित शाह बोले- पंजाब के सांसद लिखकर दें, तुरंत होगी CBI जांच
24 Mar, 2026 09:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुक्तसर (पंजाब)। पंजाब वेयरहाउस कॉरपोरेशन के डीएम गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या का मामला संसद में भी गूंजा है। शिरोमणि अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा के सांसद इस मुद्दे पर एकजुट नजर आए और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सीबीआई जांच की मांग की। गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कहा कि यदि पंजाब के सांसद लिखित में सीबीआई जांच की मांग करते हैं तो केंद्र सरकार इस मामले को तुरंत सीबीआई को ट्रांसफर करने को तैयार है। शाह के इस बयान के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है और परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं।
बिट्टू ने उठाया मामला
संसद में केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने मामला उठाते हुए कहा कि रंधावा को मंत्री भुल्लर द्वारा कथित तौर पर इतना प्रताड़ित किया गया कि उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। बिट्टू ने आरोप लगाया कि मृतक डीएम ने अपने एमडी और डीसी को पत्र लिखकर प्रताड़ना की जानकारी दी थी, लेकिन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्री और उनके पिता पर डीएम को घर बुलाकर मारपीट करने के आरोप हैं।
बाघा पुराना के एसडीएम का मामला भी उठा
बिट्टू ने बाघा पुराना के एसडीएम बबनदीप सिंह वालिया का मुद्दा भी उठाया और कहा कि उन्होंने डीसी पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पंजाब में अराजकता का माहौल बताते हुए इसके लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
अकाली सांसद ने शाह को लिखा पत्र
गृह मंत्री के बयान के तुरंत बाद शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने अमित शाह को पत्र लिखकर डीएम रंधावा मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार ने मंत्री भुल्लर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और गिरफ्तारी में देरी कर लोगों का भरोसा तोड़ा है।
राजनीति से ऊपर उठें: बिट्टू की अपील
रवनीत बिट्टू ने कहा कि इस गंभीर मामले में सभी दलों को राजनीति से ऊपर उठकर काम करना चाहिए। उन्होंने आम आदमी पार्टी के सांसदों से भी अपील की कि यदि वे पंजाबी हैं तो सीबीआई जांच के समर्थन में आगे आएं और लिखित मांग करें। मामले की गंभीरता और राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों के बीच अब सभी की नजर इस पर है कि सांसद औपचारिक रूप से सीबीआई जांच की मांग करते हैं या नहीं।
गवर्नर कार्यक्रम से 700 मीटर दूर चली गोलियां, एक्टिवा सवार को बनाया निशाना
23 Mar, 2026 02:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। में लगातार फायरिंग और हत्या की वारदातों से दहशत का माहौल है। पहले पंजाब यूनिवर्सिटी में फायरिंग, फिर सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह नागरा उर्फ चिन्नी की हत्या और अब सेक्टर-38 में दिनदहाड़े फायरिंग की घटना ने पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सेक्टर-38 में जिस जगह फायरिंग हुई वहां से करीब 700 मीटर दूर महिला भवन में पंजाब के गर्वनर का कार्यक्रम चल रहा था। यहीं नहीं शहर में 50 नाके लगे हुए थे, इसके बावजूद आरोपी गोली चलाकर फरार हो गया। पंजाब के गर्वनर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि आरोपी ने सड़क पर जा रहे सफेद एक्टिवा सवार सागर पर पीछे से गोली चलाई। गोली चलाने के बाद आरोपी पैदल एक्टिवा सवार को देखने के लिए भागा और फिर पीछे मुड़कर कई बार बालों में हाथ मारता हुआ गली में फरार हो गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि करीब 15 दिन पहले सागर और उसके दोस्तों ने प्रियांशु की पिटाई की थी, जिसके बाद से दोनों के बीच चल रही रंजिश और बढ़ गई थी। रविवार शाम को वह सेक्टर 38 ए में अपनी दादी के पास आया था।
पुरानी रंजिश में चलाई गोली
जांच में सामने आया कि फायरिंग पुरानी रंजिश के चलते की गई। सेक्टर-38 निवासी सागर और सेक्टर-38 सी निवासी 19 वर्षीय प्रियांशु के बीच पहले से विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार करीब 15 दिन पहले सागर और उसके दोस्तों ने प्रियांशु की पिटाई की थी। उससे पहले भी प्रियांशु का कई बार झगड़ा हो चुका था। रविवार शाम करीब 4 बजकर 45 मिनट पर सागर एक्टिवा पर जा रहा था । पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी प्रियांशु ने बताया कि सागर उसके पास से एक्टिवा लेकर दो-तीन बार
उसे डर था कि कहीं सागर उस पर हमला न कर दे। जैसे ही सागर सड़क पर उसके पास से निकला, उसने पिस्टल निकालकर पीछे से गोली चला दी। गोली जमीन पर लगी और सागर मौके से एक्टिवा लेकर भाग गया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर क्राइम ब्रांच, ऑपरेशन सेल, जिला क्राइम सेल और सेक्टर 39 थाना पुलिस पहुंची। पुलिस को मौके से गोली का एक खोल बरामद हुआ है।
दो घंटे में आरोपी गिरफ्तार, देसी पिस्टल बरामद
जिला क्राइम सेल ने कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रियांशु को घटना के दो घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से देसी पिस्टल बरामद कर ली । सेक्टर-39 थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। प्रियांशु पर पहले से हत्या के प्रयास के तीन केस दर्ज हैं। उस समय वह नाबालिग था। दो मामलों में वह बरी हो गया, जबकि एक मामला अभी अदालत में विचाराधीन है।
सुमित उर्फ गोलू हत्या से जुड़ रही कड़ियां
सागर के परिजनों का आरोप है कि मौलीजागरां निवासी सुमित उर्फ गोलू की चाकू मारकर हत्या के मामले की रंजिश में यह फायरिंग करवाई गई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उन्हें सागर के परिजनों ने बताया कि सुमित उर्फ गोलू के परिजनों ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी डाली थी, जिसमें दो दिन में धमाका करने की बात लिखी गई थी। पुलिस सोशल मीडिया पर डाली गई धमकी भरी पोस्ट की भी जांच कर रही है और मामले की कड़ियां जोड़ रही है। पुलिस आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल करेगी और पूछताछ करेगी कि गोली उसने किसी के कहने पर चलाई या व्यक्तिगत रंजिश में। दोनों ग्रुप डड्डूमाजरा में घूमते थे। डड्डमाजरा में भी दोनों ग्रुप कई बार आमने सामने हो चुके हैं। उनका झगड़ा भी हुआ था।
चंडीगढ़ में बढ़ रही फायरिंग की घटनाएं
17 मार्च को पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में फायरिंग हुई थी। अब तक आरोपी पकड़े नहीं गए। 18 मार्च को सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह नागरा उर्फ चिन्नी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में भी चंडीगढ़ पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी। पंजाब एजीटीएफ ने कैथल में मुठभेड़ कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब सेक्टर-38 में फायरिंग की घटना ने शहर में दहशत का माहौल बना दिया है।
हींग संकट गहराया, Amritsar की पापड़-वड़ी इंडस्ट्री पर पड़ा असर
23 Mar, 2026 10:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पश्चिम एशिया और मध्य एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर अब आम आदमी की रसोई तक पहुंचने लगा है। ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के साथ-साथ अफगानिस्तान-पाकिस्तान के हालात ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर डाला है। इसका सीधा प्रभाव हींग की सप्लाई पर पड़ा है। जिससे कीमतों में उछाल और बाजार में मिलावट की समस्या बढ़ गई है। अमृतसर, जो अपने पारंपरिक फूड प्रोडक्ट्स खासकर पापड़ और वड़ियों के लिए जाना जाता है, इस संकट से अछूता नहीं है। हींग, जो इन उत्पादों का प्रमुख घटक है, उसकी आपूर्ति बाधित होने से स्थानीय उद्योग पर दबाव बढ़ गया है।
कीमतों में 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी
कारोबारी संजय केजरीवाल और ट्रेडर विपुल नेवटिया के अनुसार, हींग की कीमतों में हाल के दिनों में 5 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उनका कहना है कि हींग मुख्य रूप से ईरान के फेरूला पौधों की जड़ों से प्राप्त गोंद है, जो भारतीय व्यंजनों, विशेषकर पंजाबी और मारवाड़ी पकवानों में स्वाद और सुगंध के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
पंजाब में 60 टन है सालाना खपत
भारत में हींग का बाजार 600 से 800 करोड़ रुपये के बीच आंका जाता है। पंजाब में इसकी सालाना खपत करीब 40 से 60 टन है, जहां फूड प्रोसेसिंग और पापड़-वड़ी उद्योग मजबूत स्थिति में है।
मुनाफे पर पड़ा असर
पापड़-वड़ी निर्माता अवतार सिंह ने बताया कि उद्योग को पहले से ही इस तरह की स्थिति की आशंका थी। उन्होंने कहा कि अमृतसर के उत्पादों की देश-विदेश में भारी मांग है, लेकिन कच्चे माल की बढ़ती लागत से मुनाफे पर असर पड़ रहा है। शहर में दर्जनों छोटे और मध्यम स्तर के निर्माता हींग की नियमित आपूर्ति पर निर्भर हैं। इस बीच व्यापारियों ने बाजार में मिलावटी हींग के बढ़ते खतरे को लेकर भी आगाह किया है। विपुल नेवटिया के अनुसार, असली ईरानी हींग की कीमत करीब 30,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है, जबकि नकली हींग, जिसे अक्सर मैदा और कृत्रिम सुगंध मिलाकर तैयार किया जाता है, कुछ सौ रुपये प्रति किलो में बेची जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द नहीं सुधरे, तो हींग की कीमतों में और बढ़ोतरी संभव है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ता और खाद्य उद्योग दोनों पर पड़ेगा।
बाघापुराना SDM का बड़ा आरोप, मोगा DC पर मानसिक प्रताड़ना का दावा
23 Mar, 2026 07:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बाघापुराना। के एसडीएम बाबनदीप सिंह वालिया ने पंजाब के चीफ सेक्रेटरी को पत्र लिखकर मोगा के डीसी सागर सेतिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एसडीएम ने पंचायत समिति चुनाव के दौरान दबाव बनाने, लगातार उत्पीड़न, देर रात फोन कॉल और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। पत्र लिखने के बाद एसडीएम छुट्टी पर चले गए हैं और उनके फोन बंद हैं। एसडीएम बाबनदीप सिंह वालिया ने चीफ सेक्रेटरी को लिखे पत्र में बताया कि 17 मार्च को कानून-व्यवस्था बिगड़ने के कारण चुनाव प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। उन्होंने समय रहते इसकी सूचना डीसी मोगा को दे दी थी। इसके बाद से उनके साथ लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। पत्र में एसडीएम ने आरोप लगाया है कि उन्हें बार-बार बैठकों के लिए बुलाया गया, देर रात तक फोन कॉल किए गए और छुट्टी के दौरान भी उनसे संपर्क किया गया। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा और कई बार उन्हें अपना फोन बंद करना पड़ा। एसडीएम का दावा है कि उन पर किसी खास उम्मीदवार के पक्ष में चुनाव परिणाम घोषित करने का दबाव बनाया जा रहा था। उन्हें धमकी भरे संदेश भी मिले हैं, जिनमें उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा बताया गया है। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई या एफआईआर दर्ज करवाने की साजिश रची जा रही है।
तबादले और जांच की मांग
एसडीएम वालिया ने चीफ सेक्रेटरी से निष्पक्ष जांच कराने, अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और उत्पीड़न रोकने की मांग की है। साथ ही उन्होंने एक महीने की छुट्टी और मोगा जिले से तबादले की भी मांग की है। जानकारी के अनुसार, एसडीएम बाबनदीप सिंह वालिया पत्र लिखने के बाद से छुट्टी पर हैं और उनके फोन भी बंद आ रहे हैं। पत्र के संबंध में उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन बंद मिला। न ही किसी अधिकारी ने इस मामले में कोई जानकारी दी है।
अदालत का सख्त फैसला, बिना रियायत लंबी कैद का आदेश।
21 Mar, 2026 03:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना। के बहुचर्चित दुष्कर्म एवं हत्या मामले में अहम फैसला सुनाते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दोषी की फांसी की सजा को रद्द कर दिया है। अदालत ने कहा कि मामला रेयरेस्ट ऑफ रेयर की परिभाषा की सीमा पर खड़ा है। जांच में कुछ कमियां और संदेह की गुंजाइश मौजूद है। ऐसे में जस्टिस अनूप चितकारा और जस्टिस सुखविंदर कौर की खंडपीठ ने दोषी को कम से कम 50 वर्ष की वास्तविक कैद भुगतने का आदेश दिया है जिसमें किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी। साथ ही पाक्सो अधिनियम के तहत 25 वर्ष की सजा भी सुनाई गई है। अदालत ने पीड़ित परिवार को 75 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया।
बहलाकर अपने साथ ले गया था आरोपी
28 दिसंबर 2023 को चार वर्षीय बच्ची को उसके दादा के चाय स्टाल से बहला-फुसलाकर ले जाया गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म कर हत्या कर दी गई। बाद में शव को छिपा दिया गया था। 20 दिन बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया था और निचली अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट ने दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ सबूत पर्याप्त हैं लेकिन जांच के दौरान कुछ गंभीर खामियां सामने आईं। अदालत ने फर्जी अतिरिक्त न्यायिक स्वीकारोक्ति, मुख्य गवाह के बयान में विरोधाभास और एक महत्वपूर्ण गवाह की गैर-पेशी को ऐसे कारक माना, जो मौत की सजा के खिलाफ जाते हैं।
पीड़िता एक असहाय बच्ची थी
कोर्ट ने कहा कि हत्या पूर्व नियोजित नहीं थी बल्कि दुष्कर्म के बाद सबूत मिटाने की घबराहट में की गई। सजा तय करते समय समाज की सुरक्षा भी अहम है, लेकिन इसके लिए अपरिवर्तनीय दंड देना जरूरी नहीं है। कोर्ट ने भावुक टिप्पणी करते हुए कहा कि पीड़िता की गलती सिर्फ इतनी थी कि वह एक कमजोर और असहाय बच्ची थी। यह समाज और व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है कि ऐसी घटनाएं हो रही हैं। कोर्ट ने कहा कि हमें शिक्षा और सामाजिक मूल्यों में सुधार की आवश्यकता है ताकि जीवन के प्रति सम्मान विकसित हो सके। सजा निर्धारण पर अदालत ने कहा कि कम उम्र के पीड़ित मामलों में सख्त सजा जरूरी है। इसी आधार पर पांच वर्ष से कम उम्र की पीड़िता के मामलों में कम से कम 25 वर्ष की सजा को उचित माना गया। अदालत ने यह भी दोहराया कि न्याय का सिद्धांत यह है कि कोई निर्दोष दंडित न हो और कोई दोषी बच न सके।
वेयरहाउस डीएम के वीडियो में नाम आने के बाद इस्तीफा।
21 Mar, 2026 11:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब। वेयरहाउस के अमृतसर के मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा ने शुक्रवार देर रात सल्फास निगल लिया। उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां शनिवार सुबह उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। मरने से पहले बनाए वीडियो में उन्होंने परिवहन मंत्री लालजीत भुल्लर का नाम लिया है। वीडियो सामने आने के बाद सीएम भगवंत मान ने लालजीत भुल्लर से इस्तीफा ले लिया है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे और पूरे घटनाक्रम को लेकर जांच शुरू कर दी गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रहीं है। घटना के बाद सांसद गुरजीत सिंह औजला अस्पताल पहुंचे और उन्होंने मामले को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप गंभीर हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि तथ्यों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सके। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
सीएम बोले-जांच प्रभावित नहीं होने देंगे
वहीं सीएम भगवंत मान ने कहा कि कैबिनेट मंत्री का इस्तीफा ले लिया गया है। हम जांच प्रभावित नहीं होने दे सकते। हम अधिकारियों को तंग करने के लिए पावर में नहीं आए। भुल्लर का विभाग जल्द ही दूसरे मंत्री को दिया जाएगा।
विपक्ष हमलावर
कांग्रेस नेता सुखपाल खैरा ने लालजीत भुल्लर के खिलाफ तुरंत आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है। खैरा ने कहा कि भुल्लर पर पर वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के डीएम गगनदीप रंधावा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप है, जिसके चलते रंधावा ने आत्महत्या कर ली। एक्स पर उन्होंने लिखा कि पहले मंत्री और उनके आदमियों ने रंधावा के साथ मारपीट की, और बाद में आत्महत्या करने से पहले रंधावा ने मंत्री का नाम लिया। मैं सरकार और पुलिस से आग्रह करता हूं कि इस मंत्री को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। अगर ऐसा नहीं होता, तो यह माना जाएगा कि पुलिस का इस्तेमाल केवल विपक्ष के साथ निजी हिसाब-किताब चुकाने के लिए किया जा रहा है। मामले में अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया पर सरकार को घेरा। वहीं भाजपा नेता सुनील जाखड़ ने कहा कि पहले लोग फिरौती न मिलने की वजह से अपनी जान गंवा रहे थे, लेकिन अब सरकारी मंत्रियों की रिश्वत की मांग पूरी न कर पाने की वजह से अधिकारियों को अपनी जान देनी पड़ रही है। पंजाब एक क्रूर ईमानदार सरकार के राज में अपने सबसे मुश्किल समय से गुज़र रहा है। क्या मुख्यमंत्री अब भी अपनी सरकार को क्रूर ईमानदार लोगों की सरकार कह रहे हैं? वहीं भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि अमृतसर में वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या बहुत दर्दनाक है और सत्ता में बैठे लोगों के काम करने के तरीके पर गंभीर सवाल उठाती है। उन्हें इस ईमानदारी की सजा टॉर्चर के रूप में दी गई। उन्हें मंत्री के घर बुलाया गया, पीटा गया और जबरदस्ती 10 लाख रुपये की रिश्वत लेने की बात कबूल करवाने की कोशिश की गई। ये हालात दिखाते हैं कि लालजीत सिंह भुल्लर जैसे मंत्री कैसे अधिकारियों को बुलाकर उन पर गैर-कानूनी कमीशन के लिए दबाव डालते हैं। आप सरकार में भ्रष्टाचार आज अपने चरम पर है। अब जब आम आदमी पार्टी को पता चल गया है कि पंजाब के लोग अगले साल उन्हें सत्ता से बाहर कर देंगे, तो ये लोग पंजाब को लूट रहे हैं और ईमानदार अधिकारियों की बलि ले रहे हैं। हम गगनदीप सिंह की आत्महत्या की तुरंत और हाई-लेवल जांच की मांग करते हैं। दोषियों को हर कीमत पर ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
घरों में गैस की कमी, इंडक्शन चूल्हों का इस्तेमाल बढ़ा।
21 Mar, 2026 10:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना। पंजाब में रसोई गैस की कमी का असर अब आम जनजीवन के साथ-साथ छोटे कारोबारियों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। खासकर स्ट्रीट फूड विक्रेता, ढाबा संचालक और चाय स्टॉल चलाने वाले लोग इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। अबोहर में गैस सिलिंडरों की अनियमित सप्लाई और बढ़ती दिक्कतों के कारण छोटे कारोबारियों के कामकाज पर सीधा असर पड़ा है। कई दुकानदारों का कहना है कि समय पर गैस नहीं मिलने से उन्हें या तो दुकान बंद रखनी पड़ती है या फिर सीमित मात्रा में ही सामान तैयार करना पड़ रहा है, जिससे उनकी आमदनी में गिरावट आई है। वहीं दूसरी ओर, घरों में भी गैस की कमी के चलते लोग अब वैकल्पिक साधनों की ओर रुख कर रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग इंडक्शन चूल्हों का इस्तेमाल करने लगे हैं। खासकर जिन घरों में बिजली की उपलब्धता बेहतर है, वहां इंडक्शन एक आसान विकल्प बनकर उभरा है। सरकार की फ्री बिजली योजना इस स्थिति में लोगों के लिए राहत का कारण बन रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि मुफ्त या रियायती बिजली मिलने से इंडक्शन का खर्च काफी हद तक संभल जाता है, जिससे गैस की कमी का असर कुछ कम हो रहा है। हालांकि, यह समाधान स्थायी नहीं है। स्ट्रीट फूड और छोटे व्यवसायों के लिए इंडक्शन पूरी तरह व्यवहारिक विकल्प नहीं बन पा रहा, क्योंकि बड़े स्तर पर खाना पकाने के लिए गैस ही अधिक उपयुक्त मानी जाती है। नगर कांग्रेस के प्रधान सुभाष बाघला और कारोबारियों ने प्रशासन से मांग की है कि गैस सप्लाई को जल्द से जल्द सुचारू किया जाए, ताकि आम जनता और छोटे व्यवसायों को राहत मिल सके।
अमृतसर में चूल्हों पर बन रहा मिड-डे मील
पंजाब के सरकारी स्कूलों में भी गैस की कमी के चलते कई स्कूलों में मिड-डे मील अब पारंपरिक चूल्हों पर तैयार किया जा रहा है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी हालत में बच्चों के भोजन में बाधा नहीं आनी चाहिए। अमृतसर के सरकारी हाई स्कूल इब्बन कलां में पिछले चार दिनों से गैस के बजाय लकड़ी के चूल्हों पर मिड-डे मील तैयार किया जा रहा है। स्कूल की प्रिंसिपल सिमी बेरी के अनुसार, रोजाना करीब 10 से 15 किलो लकड़ी का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद बच्चों को समय पर भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण एलपीजी गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। शिक्षा विभाग ने पहले ही स्कूलों को वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश जारी कर दिए थे। नए निर्देशों के अनुसार, जहां गैस सिलिंडर उपलब्ध नहीं हैं, वहां लकड़ी, बिजली या अन्य साधनों से मिड-डे मील तैयार किया जाए। विभाग ने सख्त शब्दों में कहा है कि बच्चों के भोजन से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। मिड-डे मील वर्कर हरजिंदर कौर ने बताया कि वे पूरी जिम्मेदारी के साथ भोजन तैयार कर रहे हैं और बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जा रही है।
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल, भार्गव कैंप रेड के बाद हंगामा
20 Mar, 2026 03:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर। के भार्गव कैंप इलाके में पुलिस की छापेमारी के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब स्थानीय परिवार ने पुलिस पर महिलाओं से मारपीट और बदसलूकी के गंभीर आरोप लगाए। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और पीड़ित परिवार ने उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है। एसीपी वेस्ट विजय कंवर पाल ने कहा कि एएसआई परवीन साथियों को साथ लेकर रोहित को लेने गए थे। जिसके खिलाफ शिकायत दर्ज थी और वह बुलाने के बावजूद थाने नहीं आया था। इस मामले में एडीसीपी राकेश ने जांच के आदेश दिए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, किसी पुराने आपसी विवाद की शिकायत के आधार पर पुलिस टीम एक घर में दबिश देने पहुंची थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस बिना महिला कर्मियों के घर में दाखिल हुई और युवकों को जबरन उठाने की कोशिश की। जब घर की महिलाओं ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ कथित रूप से धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। पीड़ित महिलाओं ने कैमरे के सामने चोटों के निशान दिखाते हुए दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने थप्पड़ मारे, कपड़े खींचे और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। परिवार का कहना है कि यदि कोई शिकायत थी तो कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की जानी चाहिए थी। परिजनों ने यह भी दावा किया कि घटना की सीसीटीवी फुटेज मौजूद है और चश्मदीद गवाह पुलिस के कथित व्यवहार की पुष्टि कर सकते हैं। फिलहाल परिवार ने संबंधित अधिकारियों से दोषी कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं पूर्व विधायक और भाजपा नेता शीतल अंगुराल ने कहा कि परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए थाने का घेराव किया है। अधिकारियों ने एएसआई पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था पर ऐसा नहीं हुआ। एसीपी विजय कंवर पाल ने कहा कि इस मामले में एएसआई परवीन सहित तीन पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। पूर्व विधायक शीतल अंगुराल ने कहा कि पीड़ित महिला के साथ थाने जाकर शिकायत दी जा रही है। जिसकी कापी महिला आयोग और एससी कमीशन को भी भेजी जाएगी।
कामर्शियल LPG सप्लाई ठप, होटल इंडस्ट्री पर गहराया संकट
20 Mar, 2026 10:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना (पंजाब)। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब पंजाब के होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर साफ दिखाई देने लगा है। कामर्शियल एलपीजी गैस की सप्लाई पिछले कई दिनों से ठप होने के कारण हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि होटलों के चूल्हे तक ठंडे पड़ने लगे हैं। संकट गहराने के साथ ही छोटे कारोबारियों के सामने अस्तित्व का सवाल खड़ा हो गया है और कई जगहों पर होटलों पर ताले लगने शुरू हो गए हैं। गैस संकट को लेकर वीरवार शाम होटल हाईलैंड में होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ पंजाब की अहम बैठक हुई, जिसमें उद्योग से जुड़े उद्यमियों ने मौजूदा हालात पर गंभीर चिंता जताई। बैठक में साफ कहा गया कि प्रशासन कामर्शियल एलपीजी गैस की आपूर्ति सुचारु बनाए रखने में पूरी तरह विफल रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की नौबत आ सकती है। एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि इस सेक्टर के लिए कामर्शियल गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक ठोस और स्थायी व्यवस्था बनाई जाए। कारोबारियों का कहना है कि होटल और रेस्टोरेंट पूरी तरह गैस पर निर्भर हैं और सप्लाई बाधित होने से पूरा कामकाज ठप पड़ गया है। उद्यमियों के अनुसार, छोटे रेस्टोरेंट में रोजाना औसतन दो से तीन कामर्शियल एलपीजी सिलिंडर की खपत होती है, जबकि मध्यम स्तर के रेस्टोरेंट में यह संख्या पांच से छह सिलिंडर तक पहुंचती है। बड़े रेस्टोरेंट्स में रोजाना दस या उससे अधिक सिलिंडर की जरूरत होती है। पिछले करीब बारह दिनों से गैस की सप्लाई नहीं होने से हालात बेहद गंभीर हो गए हैं।
सिंगल बर्नर डीजल भट्ठी के दाम बढ़े
कारोबारियों का कहना है कि पहले जो सिंगल बर्नर डीजल भट्ठी आठ से दस हजार रुपये में मिलती थी, उसकी कीमत अब बढ़कर तीस से पचास हजार रुपये तक पहुंच गई है। ऐसे में छोटे कारोबारियों के लिए यह विकल्प भी लगभग असंभव हो गया है।
मेन्यू कार्ड बदले
एसोसिएशन के प्रधान अमरवीर सिंह ने बताया कि गैस संकट के चलते होटल मालिकों को अपने मैन्यू कार्ड तक सीमित करने पड़े हैं। अब केवल चुनिंदा व्यंजन ही तैयार किए जा रहे हैं। अमरवीर सिंह ने कहा कि कुछ छोटे होटल पहले ही बंद हो चुके हैं और यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो यह संख्या तेजी से बढ़ सकती है। उन्होंने सरकार पर होटल और रेस्टोरेंट उद्योग की अनदेखी करने का आरोप लगाया और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
महंगाई की मार: कच्चे माल के दाम बढ़े, सस्ती सवारी हुई महंगी
20 Mar, 2026 01:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना (पंजाब)। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर अब पंजाब के उद्योगों पर साफ नजर आने लगा है। खासकर साइकिल उद्योग, जो राज्य की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है, कच्चे माल की किल्लत और बढ़ती कीमतों के कारण गंभीर संकट से गुजर रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि जी-13 बाइसाइकिल फोरम से जुड़े निर्माताओं ने सर्वसम्मति से एक अप्रैल से बेसिक साइकिल की कीमत में 225 रुपये तक का इजाफा करने का फैसला लिया है।
स्टील की कीमतों में बढ़ोतरी
फोरम के सदस्यों के अनुसार, स्टील की कीमतों में करीब आठ हजार रुपये प्रति टन तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साइकिल निर्माण में इस्तेमाल होने वाले स्टील पाइप के दाम 65 हजार रुपये प्रति टन से बढ़कर 73 हजार रुपये प्रति टन तक पहुंच गए हैं। इसके अलावा ब्रास की कीमत 500 रुपये से बढ़कर 800 रुपये प्रति किलो हो गई है, जबकि निकल के दाम 1400 रुपये से उछलकर 1700 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुके हैं। सिर्फ धातुओं तक ही नहीं, बल्कि प्लास्टिक उत्पादों की कीमतों में भी 50 से 60 फीसदी तक का उछाल आया है। वहीं केमिकल्स और पेंट के दामों में करीब 40 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। इन सभी कारणों से उद्योग की इनपुट कॉस्ट लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे उत्पादन प्रभावित हो रहा है। ऊर्जा के मोर्चे पर भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। कमर्शियल एलपीजी गैस की आपूर्ति में लगातार बाधा आ रही है, जिससे उत्पादन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उद्योगों को समय पर गैस नहीं मिल पाने के कारण उत्पादन शेड्यूल भी गड़बड़ा रहा है। उद्योग जगत इसके विकल्प भी तलाश रहा है, लेकिन यह लंबी प्रक्रिया है।
बढ़ती लागत से उद्योगों को नुकसान
जी-13 बाइसाइकिल फोरम के अध्यक्ष राजिंदर जिंदल ने कहा कि युद्ध के बाद से कच्चे माल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। बढ़ती लागत के कारण उद्योग को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सभी निर्माताओं ने मिलकर यह फैसला लिया है कि अब कीमतों में इजाफा करना जरूरी हो गया है। फोरम के महासचिव एवं नोवा साइकिल्स के एमडी रोहित पाहवा ने कहा कि स्टील निर्माता कंपनियां मनमाने तरीके से कीमतें बढ़ा रही हैं, जिससे उद्योग के लिए योजना बनाना मुश्किल हो गया है। उद्यमियों ने सरकार से मांग की है कि मौजूदा संकट को देखते हुए एमएसएमई सेक्टर को राहत दी जाए। खास तौर पर नियंत्रित कीमतों पर स्टील और अन्य कच्चा माल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही हालात नहीं सुधरे, तो इसका असर न केवल साइकिल उद्योग बल्कि अन्य छोटे और मध्यम उद्योगों पर भी पड़ेगा, जिससे राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
पुलिस हिरासत में मौत पर बड़ा फैसला, अदालत ने कहा- सबूत पर्याप्त
19 Mar, 2026 04:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बठिंडा (पंजाब)। करीब डेढ़ साल पहले सीआईए-1 में पुलिस हिरासत के दौरान हुई एक व्यक्ति की मौत के मामले में अहम मोड़ आ गया है। स्थानीय अदालत ने पंजाब पुलिस के पांच कर्मियों के खिलाफ हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में ट्रायल चलाने का आदेश देते हुए केस को सेशन कोर्ट में भेज दिया है। मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल को होगी। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास की अदालत ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट कहा कि आरोपितों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। आरोपितों में तत्कालीन सीआईए-1 इंचार्ज इंस्पेक्टर नवप्रीत सिंह, हेड कांस्टेबल राजविंदर सिंह और कांस्टेबल गगनप्रीत सिंह, हरजीत सिंह व जसविंदर सिंह शामिल हैं। सभी घटना के समय सीआईए-1 यूनिट में तैनात थे। मामला जिले के गांव लक्खी जंगल निवासी भिंदर सिंह की मौत से जुड़ा है। न्यायिक जांच में सामने आया कि भिंदर सिंह को कथित तौर पर गैरकानूनी हिरासत में रखकर यातनाएं दी गईं। रिपोर्ट के अनुसार उसे वॉटरबोर्डिंग तकनीक से प्रताड़ित किया गया, जिसमें व्यक्ति को डूबने जैसी स्थिति में लाया जाता है। जांच में यह भी पाया गया कि मौत के बाद इसे हादसा दर्शाने के लिए झील में डूबने की कहानी गढ़ी गई। न्यायिक जांच ने डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस के दावे को खारिज कर दिया। मृतक के भाई सतनाम सिंह ने 19 अक्तूबर 2024 को सेशन जज को पत्र लिखकर अवैध हिरासत और यातना के आरोप लगाए थे। मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड से भी संकेत मिला कि मृतक और इंस्पेक्टर एक ही समय में एक ही इलाके में मौजूद थे। पोस्टमार्टम में दो दिन की देरी को भी जांच में संदिग्ध माना गया। पुलिस का दावा था कि भिंदर सिंह ने थर्मल प्लांट के पास झील में छलांग लगाई थी, लेकिन अदालत ने इस थ्योरी को स्वीकार नहीं किया। परिवार पहले ही इसे हिरासत में मौत बताते हुए विरोध जता चुका है।
महिलाओं की घिसीं उंगलियों ने रोकी योजना की रफ्तार, वेरिफिकेशन में दिक्कत
19 Mar, 2026 04:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने पिछले दिनों महिलाओं को एक हजार रुपये प्रति माह रुपये देने के लिए मांवा-धीयां दा सत्कार योजना लागू की है। दावा है कि सूबे की 97 प्रतिशत महिलाएं इस योजना के दायरे में आएंगी। योजना की घोषणा के बाद से ही महिलाओं में खासा उत्साह बना हुआ है। चूंकि यह योजना डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर स्कीम है, इसलिए महिलाओं को मिलने वाला एक हजार रुपया सीधे उनके खाते में पहुंचेगा। पंजाब में काफी महिलाएं ऐसी हैं, जिन्होंने आज तक अपने बैंक खाते ही नहीं खुलवाए हैं। योजना का लाभ लेने के लिए ये महिलाएं अब बैंकों में अपने खाते खुलवाने उमड़ रही हैं मगर इस दौरान उनके समक्ष एक नई अड़चन सामने आ रही है। इन महिलाओं की अंगुलियों की लकीरें इस कदर घिस चुकी हैं कि उनकी बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन ही नहीं हो पा रही है। जिस वजह से उनके बैंक खातों में उनका आधार लिंक नहीं हो रहा है। बैंक उन्हें इसी समस्या के चलते लौटा रहे हैं। इस तरह की शिकायतें अब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान तक पहुंचने लगी हैं।
ये है महिलाओं का दर्द
महिलाओं की घिसी अंगुलियां उनकी कड़ी मेहनत और कठोर कामकाज की स्थिति बयां करने के लिए काफी हैं। जानकारी के अनुसार जो महिलाएं बैंक में पहुंच रही हैं, उनमें से बहुत सी जरूरतमंद महिलाओं की अंगुलियों की लकीरें इसलिए मद्धम पड़ गई हैं, क्योंकि वे रोजाना या तो गोया (गोबर) थापती हैं, चारा काटती हैं या फिर घरों में बर्तन साफ करने का काम करती हैं। इस वजह से उनकी अंगुलियां घिसकर सांवलीं व हरी (रोजाना घास काटने की वजह से) हो चुकी हैं। नतीजतन बैंकों में आधार लिंक के लिए उनका बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन नहीं हो पा रहा है।
दुखड़ा सुनकर सीएम व्यथित
महिलाओं का यह दुखड़ा सूबे के सीएम भगवंत मान तक भी पहुंच चुका है, जिसे लेकर वे भावुक और व्यथित हैं। उन्होंने इस समस्या की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ के आला अफसरों से विभिन्न बैंकों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित करवाने के निर्देश दिए हैं। सीएम मान कहते हैं कि वे चाहते हैं कि हर जरूरतमंद महिला को इस योजना का लाभ मिले। अंगुलियों के निशान इस योजना में आड़े नहीं आ सकते, इसलिए बैंकों के अधिकारियों से बात करें और इसका हल निकलवाएंगे।
ये है योजना
सरकार की मावां-धीयां दा सत्कार योजना के तहत प्रदेश की सभी महिलाओं (सरकारी कर्मी या पेंशनर्स को छोड़कर) को प्रति माह 1000 रुपये दिए जाने हैं। यह रुपया सीधा खाते में आएगा। बैसाखी के दिन यानी 13 अप्रैल को इसके लिए पंजीकरण शुरू हो जाएगा। यह लाभ केवल उन महिलाओं को मिलेगा, जो पंजाब की वोटर हैं।
सरहाली रजबहा की हालत खराब, 22 किलोमीटर तक गाद से भरा मिला
19 Mar, 2026 08:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। इसे लापरवाही का बड़ा उदाहरण कहेंगे कि तरनतारन में 22 किलोमीटर लंबा सरहाली रहबहा (डिस्ट्रीब्यूटरी) कई वर्षों तक गाद के नीचे दबता चला गया और महकमे ने इस ओर कोई ध्यान ही नहीं दिया। इस रजबहा को तरनतारन के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में सिंचाई के लिए नहरी पानी पहुंचाने के मकसद से बनाया गया था। रजबहा पूरी तरह मिट्टी के नीचे दब गया और झाड़ियों में छिप गया। वर्षों तक लोग यहां नहरी पानी से सिंचाई सुविधा के लिए तरसते रहे। इलाके के लोग सरकार से मांग करने लगे कि जिस तरह अन्य जिलों के खेतों में सिंचाई के लिए नहरी पानी पहुंचाया जा रहा है। उसी तरह तरनतारन में भी एक रजबहा बनाकर विभिन्न माइनरों के जरिये उनके खेतों तक भी नहरी पानी पहुंचाया जाए। बीते नवंबर में तरनतारन उपचुनाव के दौरान भी यह मुद्दा उठा था। यह मांग जब मुख्यमंत्री भगवंत मान तक पहुंची तो उन्होंने जल स्रोत महकमे के प्रशासकीय सचिव कृष्ण कुमार को इसकी जिम्मेदारी सौंपी। इसके लिए सर्वे के बाद जब सरहाली इलाके में रजबहा बनाने का काम शुरू किया गया तो खोदाई के दौरान मिट्टी के नीचे एक निर्माण के रूप में ईंटें निकलने लगी। खुदाई जब जारी रखी गई तो 22 किलोमीटर तक ईंटों से बना एक तैयार रजबहा ढूंढ निकाला गया। यह देखकर महकमे के अफसर और सरकार भी हैरान हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान कहते हैं कि यह हैरान करने वाली बात है कि पिछली सरकारों में इस ओर कोई ध्यान ही नहीं दिया गया। 22 किलोमीटर लंबी डिस्ट्रीब्यूटरी मिट्टी के नीचे गुम हो जाती है और अफसरों व कर्मचारियों को भनक तक नहीं लगती। सीएम के अनुसार इसे ढूंढने वाले अफसर व कर्मचारी वाकई बधाई के पात्र हैं।
इन माइनरों से जोड़ा
जल स्रोत महकमे द्वारा ढूंढ निकाले गए इस रजबहा से कंग माइनर, जोरा डिस्टी, माछीके, खाबा, पट्टी डिस्टी, दुधेर माइनर, मनो चहल माइनर, चक मेहर माइनर, माल मोहरी व माल मोहरी माइनर को लिंक कर दिया गया है। इन माइनरों के माध्यम से अब विभिन्न गांवों तक पानी पहुंचना शुरू हो गया है।
4737 एकड़ खेतों तक पहुंचा पानी
गुम हो चुके रजबाहे को ढूंढने के बाद अभी तक 4737 एकड़ कृषि योग्य भूमि को सिंचाई के लिए नहरी पानी पहुंचने लगा है। रजबाहे से लिंक के बाद विभिन्न माइनरों के जरिये कंग, नौरंगाबाद, कैरों, बहनिवाल, जमालपुर समेत मियांवाल, असल उत्तर, भुरकोना, सरहाली, नौशहरा पन्नुआ, नंदपुर, खब्बे राजपूतान, कीरतोवाल, तुंग, प्रिंगरी, सभरांव, दुधेर, धत्तल, रानियां, मैनी, सहबजापुर, दिलावलपुर, मालमोहरी, लोहार, गज्जल, संगतपुरा, जोहल ढायेवाला, डुमनीवाला, वान, जामराई, ठठियां महंता गांवों के किसान को भी सिंचाई के लिए नहरी पानी मिल रहा है।
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