पंजाब
बड़ी वारदात की तैयारी में थे बदमाश, पंजाब में ग्रेनेड और हथियार मिलने से हड़कंप
8 Jul, 2026 03:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर। पंजाब पुलिस के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए हथियारों की तस्करी और खतरनाक साजिश को नाकाम कर दिया है। पुलिस ने गहन घेराबंदी के बाद तीन संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से 12 अवैध पिस्तौल और 6 शक्तिशाली हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए हैं। सीमावर्ती क्षेत्र में इतनी बड़ी तादाद में हथियारों और विस्फोटकों की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया है। बरामद हथियारों की खेप का स्रोत और इनका इस्तेमाल किस बड़ी आतंकी या आपराधिक वारदात के लिए किया जाना था, इस दिशा में पुलिस गहनता से जांच कर रही है।
गुप्त सूचना के आधार पर बिछाया गया जाल
पुलिस को विश्वसनीय सूत्रों से एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि कुछ असामाजिक तत्व हथियारों और विस्फोटक सामग्रियों का जखीरा लेकर लोपोके थाना क्षेत्र में सक्रिय हैं। सूचना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और रामतीरथ के समीप एक विशेष सर्च अभियान शुरू किया। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर वाहनों की जांच तेज कर दी ताकि आरोपियों को भागने का कोई मौका न मिल सके। इस दौरान संदिग्धों की पहचान होते ही पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया।
भागने की कोशिश नाकाम, पुलिस ने दबोचे तीनों आरोपी
पुलिस टीम को देखते ही आरोपियों ने वहां से फरार होने का असफल प्रयास किया, लेकिन सतर्क पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। थोड़े संघर्ष के बाद पुलिस ने तीनों युवकों को काबू करने में सफलता पाई। तलाशी के दौरान जब उनके पास मौजूद सामान की जांच की गई, तो उसमें से एक दर्जन देसी पिस्तौल और आधा दर्जन हैंड ग्रेनेड मिले, जिन्हें देखकर पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए। आरोपियों को तत्काल हिरासत में लेकर पुलिस थाना ले जाया गया, जहां उनसे प्रारंभिक पूछताछ शुरू कर दी गई है।
आरोपियों के नेटवर्क और मंसूबों की हो रही सघन जांच
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों से मिले हथियारों का जखीरा इस बात की ओर इशारा करता है कि वे किसी बड़ी और सुनियोजित हिंसक घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। पुलिस अब इस बात की कड़ियां जोड़ रही है कि ये हथियार उन्हें कहां से और किसके माध्यम से मिले थे। जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि क्या इनके तार सीमा पार से संचालित किसी आतंकवादी गिरोह या ड्रग स्मगलिंग नेटवर्क से जुड़े हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के आपराधिक इतिहास और उनके मोबाइल कॉल डिटेल्स खंगाले जा रहे हैं ताकि इस पूरे रैकेट के सरगना तक पहुंचा जा सके।
बरामदगी के बाद सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई
इतनी बड़ी मात्रा में हैंड ग्रेनेड बरामद होने के बाद राज्य की सुरक्षा एजेंसियों ने अमृतसर सहित पूरे सीमावर्ती बेल्ट में सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या संदिग्ध व्यक्ति के दिखने पर तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित करें। इस मामले में पकड़े गए तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस उनके रिमांड की मांग करेगी, ताकि पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की छापेमारी की जा सके। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस तस्करी के पीछे मौजूद मुख्य मास्टरमाइंड को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विजिलेंस का एक्शन: रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया रिकवरी एजेंट
8 Jul, 2026 02:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में जारी भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। विजिलेंस की टीम ने जाल बिछाकर सेवियर रिकवरी एजेंसी के एक शातिर रिकवरी एजेंट रवनीत सिंह को दस हजार रुपये की रिश्वत की दूसरी किस्त लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। यह पूरी कार्रवाई कबीर नगर के एक स्थानीय कपड़ा फैक्टरी मालिक की गुप्त शिकायत पर अमल में लाई गई है। गिरफ्तार आरोपी खुद को सरकारी कर्मचारी बताकर बैंक लोन के मामले में राहत दिलाने के नाम पर शिकायतकर्ता को लगातार ब्लैकमेल कर रहा था।
लोन चुकता न होने पर कोर्ट में चल रहा था मामला
इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि एक कपड़ा फैक्टरी के ऋण से जुड़ी हुई है। शिकायतकर्ता वर्ष 2007 से जीएनडब्ल्यू के नाम से एक कपड़ा उद्योग का संचालन कर रहा है, जिसने अपनी व्यावसायिक जरूरतों के लिए आईडीबीआई (IDBI) बैंक से चालीस लाख रुपये का लोन लिया था। समय पर भुगतान न होने के कारण यह पूरा मामला फिलहाल चंडीगढ़ स्थित ऋण वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी) के समक्ष विचाराधीन है। इसी कानूनी प्रक्रिया के बीच आरोपी एजेंट ने शिकायतकर्ता की मजबूरी का फायदा उठाने की साजिश रची।
फर्जी सरकारी कर्मचारी बनकर डराया और साठ हजार की घूस मांगी
बीते 25 मई 2026 को आरोपी रवनीत सिंह ने खुद को तहसील पूर्वी कार्यालय का एक बड़ा कर्मचारी बताते हुए शिकायतकर्ता से संपर्क साधा था। उसने फैक्टरी मालिक को डराते हुए कहा कि आईडीबीआई बैंक आगामी 28 मई 2026 को उसकी पूरी संपत्ति को सील कर उस पर कब्जा करने जा रहा है। रवनीत ने झांसा दिया कि अगर वह साठ हजार रुपये की रिश्वत दे, तो वह अपने प्रभाव से बैंक के कब्जे की कार्रवाई को रुकवा देगा और लोन के निपटारे के लिए अदालत से तीन महीने का अतिरिक्त समय भी दिलवा देगा।
ऑडियो रिकॉर्डिंग से खुली पोल और रंगे हाथों पकड़ा गया आरोपी
शिकायतकर्ता को आरोपी की नीयत पर शक हुआ, जिसके बाद उसने बेहद सूझबूझ दिखाते हुए रिश्वत की मांग से जुड़ी पूरी बातचीत को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। आरोपी इससे पहले बीस हजार रुपये की पहली किस्त वसूल चुका था और बुधवार को दस हजार रुपये की दूसरी किस्त लेने कबीर नगर पहुंचा था। इसी बीच शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो को सतर्क कर दिया, जिसने दो स्वतंत्र सरकारी गवाहों की मौजूदगी में जाल बिछाकर रवनीत सिंह को केमिकल लगे नोटों के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
रिकवरी एजेंसी का एजेंट निकला आरोपी और विजिलेंस ने दर्ज किया केस
विजिलेंस ब्यूरो द्वारा की गई शुरुआती पूछताछ और दस्तावेजों की पड़ताल में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी रवनीत सिंह वास्तव में तहसील पूर्वी का कोई कर्मचारी नहीं था, बल्कि वह सेवियर रिकवरी एजेंसी के लिए काम करने वाला एक प्राइवेट एजेंट था जो फर्जी पहचान बताकर ठगी कर रहा था। विजिलेंस ब्यूरो के लुधियाना थाना में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और धोखाधड़ी की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
जालंधर में दो स्कूल बसों की भिड़ंत, एक बस पलटी; खाली होने से बची बच्चों की जान
8 Jul, 2026 02:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर। पंजाब के जालंधर अंतर्गत नकोदर क्षेत्र में मंगलवार की सुबह एक बड़ा और भयावह सड़क हादसा होने से टल गया। सुबह के समय दो निजी स्कूलों की बसें अचानक आमने-सामने से बेहद तेज रफ्तार में टकरा गईं। यह भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि टक्कर लगते ही एक बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई, जबकि दूसरी बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। गनीमत यह रही कि दुर्घटना के वक्त दोनों ही बसें बच्चों को लेने के लिए स्कूल से निकली थीं और उनके भीतर एक भी छात्र मौजूद नहीं था, जिसके चलते एक बड़ा और जानलेवा हादसा होते-होते बच गया।
टक्कर लगते ही पलटी बस और मची भारी अफरा-तफरी
नकोदर के मुख्य मार्ग पर सुबह-सुबह हुए इस भीषण एक्सीडेंट की आवाज सुनकर आसपास के खेतों और घरों से बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर जमा हो गए। हाईवे पर पलटी हुई बस और दूसरी क्षतिग्रस्त गाड़ी को देखकर शुरुआत में चारों तरफ चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोगों को आशंका थी कि सुबह का समय होने के कारण बस के भीतर मासूम बच्चे फंसे हो सकते हैं, जिसके चलते ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया और बसों के शीशे तोड़कर भीतर दाखिल हुए।
खाली थीं दोनों बसें और सुरक्षित बच गए ड्राइवर
मौके पर पहुंचे प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने जब बसों के भीतर छानबीन की, तो उन्होंने राहत की सांस ली क्योंकि दोनों ही गाड़ियों की सीटें पूरी तरह खाली थीं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दोनों स्कूल बसें अपने तय समय पर अलग-अलग गांवों और रिहायशी इलाकों से छात्रों को पिक करने के लिए ही रवाना हुई थीं। यदि इस भीषण टक्कर के दौरान बसों में स्कूली बच्चे सवार होते, तो यह दुर्घटना एक अत्यंत गंभीर और खौफनाक रूप ले सकती थी, जिसमें भारी जनहानि होने की पूरी आशंका थी।
स्थानीय पुलिस पहुंची मौके पर और शुरू की वैधानिक जांच
हादसे की सूचना मिलते ही नकोदर थाना पुलिस की टीम दलबल के साथ घटनास्थल पर सक्रिय हुई। पुलिस ने सबसे पहले दोनों बसों के चालकों और परिचालकों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिन्हें मामूली चोटें आई थीं और उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया। इसके बाद पुलिस ने क्रेन की मदद से सड़क के बीचों-बीच पलटी हुई बस और मलबे को हटवाकर यातायात को सुचारू रूप से बहाल करवाया ताकि सुबह के समय अन्य वाहनों और दफ्तर जाने वाले लोगों को जाम का सामना न करना पड़े।
स्कूली वाहनों की रफ्तार और सुरक्षा मानकों पर फिर उठे सवाल
इस दुस्साहसिक टक्कर के बाद स्थानीय निवासियों और अभिभावकों ने स्कूल प्रशासनों के खिलाफ गहरा रोष प्रकट किया है। लोगों का आरोप है कि सुबह के समय सड़कों पर खाली होने के कारण स्कूल बसों के चालक अक्सर निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करते हैं और लापरवाही से गाड़ियां दौड़ाते हैं। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि स्कूली वाहनों की फिटनेस, ड्राइवरों के लाइसेंस और उनकी गति पर कड़ा नियंत्रण रखा जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों के कारण मासूम बच्चों की जान खतरे में न पड़े।
गढ़ा फायरिंग केस में पुलिस-आरोपी के बीच मुठभेड़, आरोपी के पैर में लगी गोली
7 Jul, 2026 04:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर। पंजाब के जालंधर में गढ़ा रोड गोलीबारी कांड के वांटेड अपराधी श्यामदास और स्थानीय पुलिस बल के बीच देर रात एक भीषण मुठभेड़ हो गई। पुलिस कमिश्नरेट की टीम जब आरोपी को दबोचकर वारदात में प्रयुक्त असलहा बरामद करने के लिए चिन्हित स्थान पर ले गई थी, तभी उसने अचानक खाकी पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में एक गोली बदमाश के पैर में जा लगी, जिससे वह वहीं ढेर हो गया। घायल अवस्था में मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने उसे तुरंत नजदीक के सिविल अस्पताल में दाखिल कराया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसकी स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है।
हथियार बरामदगी के दौरान चकमा देकर पुलिस पर दागीं गोलियां
पुलिस अधिकारियों ने मुठभेड़ की कड़ियों का खुलासा करते हुए बताया कि पकड़ा गया गैंगस्टर श्यामदास मूल रूप से बिहार के दरभंगा जिले का निवासी है, जिसे हाल ही में एनडीपीएस (मादक पदार्थ निरोधक) अधिनियम के तहत दबोचा गया था। पुलिस रिमांड के दौरान कड़ाई से हुई पूछताछ में उसने कुबूल किया था कि गढ़ा क्षेत्र की एक सुनसान जगह पर उसने अवैध हथियार छिपा रखे हैं। जब पुलिस टीम उसे लेकर मौका-ए-वारदात पर पहुंची, तो उसने जांच दल को गमा देते हुए वहां छिपाए गए पिस्तौल से अचानक दो राउंड सीधे फायर झोंक दिए, जिसके जवाब में पुलिस को भी मोर्चा संभालना पड़ा।
हत्या के प्रयास में था फरार और बिहार से पंजाब तक जुड़ा था नेटवर्क
अन्वेषण में यह चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया है कि यह शातिर अपराधी गढ़ा इलाके में ही दर्ज जानलेवा हमले (भारतीय दंड संहिता की पूर्ववर्ती धारा 307) के एक संगीन मामले में लंबे समय से कानून की नजरों से बचकर भागा फिर रहा था। पुलिस का पुख्ता दावा है कि इस वांटेड क्रिमिनल के तार अंतराज्यीय स्तर पर जुड़े हुए थे और इसका एक संगठित नेटवर्क बिहार से लेकर पंजाब के विभिन्न जिलों तक सक्रिय था। यह गिरोह हथियारों की अवैध सप्लाई के साथ-साथ बड़े पैमाने पर नशा तस्करी और मादक पदार्थों के अवैध धंधे को संचालित करने में भी पूरी तरह संलिप्त था।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य और दर्ज होगा नया आपराधिक मुकदमा
इस सनसनीखेज मुठभेड़ के तुरंत बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की विशेष टीम ने देर रात ही घटनास्थल का मुआयना किया और वहां से कारतूसों के खोखे व अन्य डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपी श्यामदास के स्वास्थ्य में सुधार होते ही उसे अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सरकारी ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की जान लेने की नीयत से किए गए इस हमले को लेकर उसके खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने और जानलेवा हमला करने की नई धाराओं के तहत एक और आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
हलवारा में युवक की संदिग्ध मौत, सिर और शरीर पर मिले चोट के निशान
7 Jul, 2026 02:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना। पंजाब के लुधियाना जिले के हलवारा गांव से एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मंगलवार की सुबह 26 वर्षीय युवक करनजोत सिंह का लथपथ शव गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित अनाज मंडी के पक्के फड़ से बरामद किया गया है। मृतक अजीतपाल सिंह का बेटा था और उसके पूरे शरीर पर बेरहमी से मारपीट किए जाने के गहरे निशान मिले हैं। सुबह करीब साढ़े सात बजे जब कुछ ग्रामीण मंडी परिसर पहुंचे, तो वहां का खौफनाक मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना हलवारा के सरपंच सुखविंदर सिंह और स्थानीय पंचायत को दी, जिसके बाद थाना सुधार के प्रभारी साहिबमीत सिंह के निर्देश पर एएसआई जॉन मसीह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवाया।
मंडी में बिखरे मिले कपड़े, हत्या कर शव फेंकने का आरोप
इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि मृतक का शव केवल अंतःवस्त्रों (अंडरगारमेंट्स) में मिला, जबकि उसके पहनने वाले बाकी कपड़े अनाज मंडी परिसर में ही अलग-अलग जगहों पर लावारिस हालत में बिखरे पड़े थे, जिन्हें फॉरेंसिक टीम ने अपने कब्जे में ले लिया है। करनजोत के सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किए जाने के गहरे घाव हैं और शरीर के अन्य अंगों पर भी चोटों के नीले निशान साफ दिखाई दे रहे हैं। इस भयावह स्थिति को देखते हुए मृतक के परिजनों, ग्राम पंचायत और स्थानीय ग्रामीणों ने पुरजोर आशंका जताई है कि युवक की किसी रंजिश के चलते बेरहमी से हत्या की गई है और साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से उसकी लाश को यहां लाकर फेंका गया है।
नशे की लत का शिकार था युवक, रात से था लापता
शोक संतप्त परिवार ने पुलिस तफ्तीश में खुलासा किया है कि करनजोत सिंह पिछले कुछ समय से हेरोइन (चिट्टे) के जानलेवा नशे की गिरफ्त में आ चुका था, जिसके सुधार के लिए उसका नशामुक्ति उपचार भी चल रहा था। वह लुधियाना की एक प्राइवेट फर्म में नौकरी करता था और सोमवार को ड्यूटी से लौटने के बाद रात करीब आठ बजे किसी का फोन आने पर घर से निकला था। जब वह देर रात तक वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने पूरी रात उसकी संभावित ठिकानों पर तलाश की, लेकिन सुबह उसकी मौत की खबर ही घर पहुंची। ग्रामीणों ने थाना सुधार पुलिस से मांग की है कि मामले में अविलंब हत्या का मुकदमा दर्ज कर हत्यारों को सलाखों के पीछे भेजा जाए।
दो साल में 10 से अधिक मौतें, नशे के नेटवर्क पर उठे सवाल
इस दर्दनाक वारदात ने हलवारा और आस-पास के ग्रामीण इलाकों में पैर पसार चुके नशा तस्करों के अवैध कारोबार पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। उद्वेलित ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले महज दो वर्षों के भीतर गांव के 10 से ज्यादा होनहार युवा इसी तरह संदिग्ध और रहस्यमयी परिस्थितियों में अपनी जान गंवा चुके हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भय और भारी आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि जब तक पुलिस प्रशासन ड्रग माफिया के पूरे सिंडिकेट को नेस्तनाबूद नहीं करता, तब तक नौजवानों की जिंदगी बचाना नामुमकिन होगा। फिलहाल पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
रुठों को मनाने की कवायद शुरू: कांग्रेस प्रभारी चन्नी 5 दिन तक नेताओं से करेंगे वन-टू-वन चर्चा
7 Jul, 2026 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब कांग्रेस के भीतर मचे घमासान और असंतुष्ट नेताओं को साधने के लिए प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल सोमवार की शाम यहां पहुंच गए हैं। हालांकि, उनके आगमन से ठीक पहले बागी सुरों की अगुवाई कर रहे पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी अपने कुछ खासमखास समर्थकों के साथ आलाकमान से सीधी बात करने के लिए दिल्ली रवाना हो गए। पंजाब कांग्रेस में मचे इस आंतरिक संकट के बीच भूपेश बघेल का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है।
चन्नी का दिल्ली में डेरा और आलाकमान से मिलने की कवायद
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि राहुल गांधी सात जुलाई को अपने विदेशी दौरे से स्वदेश लौट रहे हैं, और चरणजीत सिंह चन्नी उनसे मुलाकात करने के लिए दिल्ली में ही डटे रह सकते हैं। चन्नी समर्थकों का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री किसी भी स्थानीय स्तर की वार्ता से पहले केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष कार्यकर्ताओं और नेताओं की वास्तविक चिंताओं को प्रमुखता से रखना चाहते हैं। दिल्ली कूच करने से पहले चन्नी ने सोमवार सुबह चुनाव प्रचार समिति की एक आवश्यक बैठक भी बुलाई थी।
पांच दिवसीय मैराथन बैठकों का खाका और चुनावी समितियां
दूसरी तरफ चंडीगढ़ पहुंचे प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने स्पष्ट कर दिया है कि वे पूरे पांच दिनों तक पंजाब में डेरा डालेंगे। इस दौरान वे चुनावी रणनीति के तहत बनाई गई प्रचार कमेटी, कोर ग्रुप, चुनाव प्रबंधन, समन्वय समिति और घोषणापत्र समिति के प्रमुखों व सदस्यों के साथ सिलसिलेवार समीक्षा बैठकें करेंगे। इसके अलावा वे यूथ कांग्रेस के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों से मिलकर उनका स्वागत करेंगे। चन्नी की अनुपस्थिति में प्रचार समिति की बैठक होगी या नहीं, इस पर सस्पेंस बरकरार है, लेकिन बघेल ने कहा है कि एक लोकतांत्रिक दल होने के नाते वे हर नेता की बात गंभीरता से सुनेंगे।
एकजुटता के दावे और सत्ताधारी दल से मुकाबले की हुंकार
कांग्रेस के भीतर मची इस खींचतान को खारिज करते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कोर कमेटी की बैठक के बाद दावा किया कि पार्टी पूरी तरह अखंड है। वहीं प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी बिखराव की खबरों को सिरे से नकारते हुए तल्ख अंदाज में कहा कि वे किसी के दिल्ली दौरे का हिसाब नहीं रखते। वड़िंग ने भरोसा जताया कि प्रताप सिंह बाजवा, चरणजीत सिंह चन्नी, विजइंदर सिंगला और सुखजिंदर रंधावा समेत तमाम दिग्गज नेता बहुत जल्द एक साथ मंच पर नजर आएंगे, क्योंकि कांग्रेस की असली लड़ाई आपस में नहीं बल्कि सूबे की मौजूदा आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ है।
पंजाब की वादियों में शूट हुआ लता मंगेशकर का कल्ट सॉन्ग, आज भी नहीं उतरा क्रेज
6 Jul, 2026 04:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। संगीत का हमारे जीवन से गहरा नाता है, और जब बात हिंदी सिनेमा की हो तो कुछ गाने सीधे रूह में उतर जाते हैं। भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के इतिहास में एक ऐसा दौर भी था, जब गानों की लोकप्रियता फिल्मों की कहानी पर भी भारी पड़ जाती थी। संगीत प्रेमी आज भी उस दौर की धुनों को याद कर भावुक हो जाते हैं।
70 के दशक का वो जादुई संगीत
70 का दशक हिंदी सिनेमा के लिए एक स्वर्णिम युग (Golden Era) माना जाता है। इस दौर में जो संगीत तैयार हो रहा था, उसमें एक अलग ही जादू था। उस समय के गीतकारों और संगीतकारों ने मिलकर कुछ ऐसे सदाबहार नगमे बनाए, जो दशकों बाद आज भी उतने ही नए और फ्रेश लगते हैं जितने उस वक्त लगते थे।
फिल्मों से ज्यादा होती थी गानों की चर्चा
यह वह दौर था जब थियेटर्स में फिल्में बाद में रिलीज होती थीं, लेकिन उनका संगीत हफ्तों पहले लोगों की जुबान पर चढ़ जाता था। कई बार तो ऐसा भी होता था कि कोई फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाती थी, लेकिन उसके गानों की रिकॉर्डतोड़ बिक्री होती थी और वे लंबे समय तक रेडियो पर राज करते थे।
दिलों में आज भी जिंदा हैं पुराने नगमे
आज के दौर में भले ही रीमिक्स और फास्ट म्यूजिक का चलन बढ़ गया हो, लेकिन 70 के दशक की सादगी और गहराई आज भी बेजोड़ है। किशोर कुमार, मोहम्मद रफी, लता मंगेशकर और आशा भोंसले जैसे दिग्गज गायकों की आवाज में पिरोए गए वो गीत आज की युवा पीढ़ी को भी अपनी ओर आकर्षित करते हैं। यही वजह है कि यह संगीत आज भी लोगों के दिलों में खास जगह रखता है।
₹5,000 के इनामी बदमाश को पंजाब से दबोचा, पलवल पुलिस को मिली बड़ी सफलता
6 Jul, 2026 02:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पलवल। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की पलवल टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने हत्या के प्रयास सहित कई अन्य गंभीर मामलों में पिछले पांच वर्षों से फरार चल रहे पांच हजार रुपये के इनामी बदमाश को पंजाब के मोहाली से दबोच लिया है। गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए आरोपी को एंटी व्हीकल थेफ्ट (AVT) हथीन पुलिस के हवाले कर दिया है।
रनियाला खुर्द का रहने वाला है आरोपी
एसटीएफ के मुताबिक, पकड़े गए शातिर आरोपी की पहचान रनियाला खुर्द गांव के निवासी मोहम्मद यूसुफ के रूप में हुई है। आरोपी पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और लंबे समय से पंजाब में छिपा हुआ था, जिसे एसटीएफ ने गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाकर गिरफ्तार किया।
जनवरी 2021 में दिया था वारदात को अंजाम
एसटीएफ प्रभारी अनिल छिल्लर ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा विवाद करीब पांच साल पुराना है। जनवरी 2021 में रनियाला खुर्द गांव के रहने वाले हारून और उनके दो बेटे, इरशाद व रजाउल्ला, पलवल थाने से अपना कुछ निजी काम निपटाकर वापस अपने घर लौट रहे थे।
15 लोगों ने अवैध हथियारों से किया था जानलेवा हमला
आरोप है कि जब पीड़ित परिवार रास्ते में था, तभी गांव के ही करीब 15 लोगों ने साजिश के तहत अवैध हथियारों के साथ उनका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने उन पर अंधाधुंध जानलेवा हमला कर दिया था, जिसमें पीड़ित गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसी मामले में मोहम्मद यूसुफ मुख्य आरोपियों में शामिल था और तब से ही फरार चल रहा था।
आगामी कार्रवाई के लिए पुलिस रिमांड की तैयारी
एसटीएफ द्वारा हथीन पुलिस को सौंपे जाने के बाद, अब आरोपी मोहम्मद यूसुफ से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फरारी के दौरान उसे किन लोगों ने पनाह दी थी और क्या वह अन्य वारदातों में भी शामिल रहा है। पुलिस उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।
जिम में हादसे के बाद युवक की मौत, मालिक और ट्रेनर फरार
6 Jul, 2026 12:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना। पंजाब के लुधियाना में टिब्बा रोड स्थित गोपाल नगर चौक के एक जिम में वर्कआउट के दौरान एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ एक 21 वर्षीय युवक शिवम की लेग प्रेस मशीन पर अपनी क्षमता से कहीं ज्यादा वजन उठाने के कारण रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आ गई। लगातार 22 दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ने के बाद आखिरकार युवक ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से इलाके में मातम पसरा हुआ है।
ट्रेनर की लापरवाही ने ली जान, अचानक बढ़ाया मशीन का वजन
परिजनों की तरफ से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, शिवम हर दिन की तरह उस सुबह भी जिम में एक्सरसाइज करने गया था। आरोप है कि जिम के ट्रेनर ने लेग प्रेस मशीन पर वर्कआउट कराते समय शिवम की क्षमता को नजरअंदाज किया और मशीन में अचानक अत्यधिक वजन (ओवरवेट) लगा दिया। शिवम ने जब उस भारी वजन को उठाने का प्रयास किया, तो उसकी कमर और रीढ़ की हड्डी पर असहनीय दबाव पड़ा।
रीढ़ की हड्डी की नस दबी, PGI में भी नहीं बच सकी जान
वजन का झटका इतना जोरदार था कि शिवम असहनीय दर्द से चीखते हुए मशीन पर ही गिर पड़ा। जिम में मौजूद लोग उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि अत्यधिक दबाव के कारण उसकी रीढ़ की हड्डी की मुख्य नस बुरी तरह दब गई है। शिवम की लगातार बिगड़ती हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे चंडीगढ़ पीजीआई (PGI) रेफर कर दिया, लेकिन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुके नर्वस सिस्टम के कारण डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा सके।
पिता के साये के बाद अब इकलौते सहारे को भी खोया, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे ने हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। शिवम के पिता का पहले ही निधन हो चुका था और वह अपने परिवार का इकलौता बेटा और एकमात्र कमाऊ सदस्य था। वह एक निजी कंपनी में नौकरी करके अपनी मां और परिवार का पेट पालता था। शिवम की असमय मौत से न सिर्फ एक मां की गोद सूनी हो गई है, बल्कि परिवार के सामने अब रोजी-रोटी का भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
जिम के बाहर भारी हंगामा, मालिक और आरोपी ट्रेनर फरार
शिवम की मौत की खबर फैलते ही गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने इंसाफ की मांग को लेकर जिम के बाहर जोरदार प्रदर्शन और हंगामा किया। स्थिति को बिगड़ता देख गोपाल चौकी पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद से ही जिम का मालिक और आरोपी ट्रेनर ताला लगाकर फरार हैं। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और दोनों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
बच्चे को लेकर दौड़ रहा था युवक, स्टेशन पर लोगों ने समझा किडनैपर; जांच में सामने आई सच्चाई
4 Jul, 2026 12:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जगरांव। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर शनिवार सुबह उस समय अचानक हड़कंप मच गया, जब एक सहयात्री पर बच्चे के अपहरण का संदेह जताते हुए कुछ लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि प्लेटफॉर्म पर मौजूद सुरक्षा बल मुस्तैद हो गए और रेलवे पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्ति को बच्चे समेत अपनी हिरासत में ले लिया। इस बीच किसी ने बच्चे को गोद में ले जा रहे व्यक्ति की तस्वीर और एक भ्रामक ऑडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर साझा कर दी, जिससे यात्रियों और पुलिस महकमे में सनसनी फैल गई। हालांकि, जब पुलिस ने मामले की गहराई से तफ्तीश की, तो पूरी कहानी महज एक गलतफहमी और कोरी अफवाह साबित हुई।
चॉकलेट के लिए रोया मासूम और लोगों को हुआ अपहरण का शक
रेलवे चौकी के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम सुबह ट्रेन के आगमन के समय का है। एक व्यक्ति अपनी ट्रेन छूटने के डर से अपने छोटे बच्चे को गोद में उठाकर तेजी से प्लेटफॉर्म की तरफ दौड़ रहा था। इसी दौरान रास्ते में बच्चे ने चॉकलेट खाने की जिद पकड़ ली और जोर-जोर से रोने लगा। सुबह की अफरा-तफरी के बीच आसपास मौजूद अन्य यात्रियों को लगा कि कोई अनजान शख्स जबरन बच्चे को ले जा रहा है। इसी शंका के आधार पर लोगों ने 'बच्चा चोर' का शोर मचा दिया, जिसके परिणामस्वरूप ड्यूटी पर तैनात जीआरपी के जवानों ने बिना वक्त गंवाए उस व्यक्ति को रोककर पूछताछ के लिए अपने साथ ले गए।
दो घंटे की गहन जांच में सामने आया पिता-पुत्र का रिश्ता
रेलवे स्टेशन परिसर के भीतर पुलिस ने लगभग दो घंटे तक बच्चे और उस व्यक्ति से जुड़े तमाम दस्तावेजों तथा दावों की गहनता से पड़ताल की। परिजनों से संपर्क साधने और तकनीकी सत्यापन के बाद यह पूरी तरह साफ हो गया कि वह व्यक्ति कोई संदिग्ध अपराधी नहीं बल्कि उस बच्चे का सगा पिता ही था। पिता अपनी यात्रा को लेकर बेहद जल्दबाजी में था, जबकि बच्चा अपनी बाल-हठ के कारण रो रहा था, जिसे भीड़ ने गलत समझ लिया। सत्यता प्रमाणित होने के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली और दोनों को ससम्मान अगली ट्रेन से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया।
पुलिस ने की सोशल मीडिया पर अफवाह न फैलाने की अपील
रेलवे पुलिस अधिकारियों ने घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि लुधियाना से फिरोजपुर की ओर जाने वाली ट्रेन में बच्चे के रोने की आवाज सुनकर यात्रियों ने गलतफहमी में आकर अपहरण का शोर मचाया था। पुलिस ने आम जनता और यात्रियों से विशेष अपील की है कि सजग और सतर्क रहना बेहद सराहनीय है, परंतु किसी भी संवेदनशील मामले की पूरी सच्चाई जाने बिना उसकी तस्वीरें या भ्रामक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल करना कानूनन और सामाजिक रूप से सर्वथा अनुचित है। उन्होंने कहा कि बच्चा चोरी की यह खबर पूरी तरह बेबुनियाद थी और भविष्य में ऐसी किसी भी सूचना पर सीधे कानून को हाथ में लेने या घबराने के बजाय पहले पुलिस से संपर्क कर पुष्टि जरूर करें।
13 जुलाई को जालंधर कैंट स्टेशन का उद्घाटन संभव, नवीनीकरण का काम पूरा
4 Jul, 2026 11:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के अंतर्गत पंजाब के कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है। इसी कड़ी में जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन को भी पुराने ढांचे से मुक्त कर पूरी तरह से नया और आधुनिक रूप दे दिया गया है। अपुष्ट सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस नवनिर्मित और सर्वसुविधायुक्त रेलवे स्टेशन का भव्य उद्घाटन आगामी 13 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जा सकता है। इस विषय पर उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडे ने बताया कि वे केवल व्यवस्थाओं का जायजा लेने आए हैं और उच्च स्तर से जैसा भी आधिकारिक आदेश प्राप्त होगा, उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
डेढ़ से दो साल के विलंब के बाद बनकर तैयार हुआ स्टेशन
जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य वर्ष 2022 के अंतिम महीनों में प्रारंभ किया गया था। इस विशाल परियोजना को पूरा करने के लिए शुरुआत में लगभग ढाई वर्ष का समय निर्धारित किया गया था, परंतु तकनीकी कारणों और निर्माण संबंधी बाधाओं के चलते इस कार्य में कुछ देरी हुई। आखिरकार करीब डेढ़ से दो साल के अतिरिक्त समय के बाद अब यह अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुका है। महाप्रबंधक ने हाल ही में पूरे परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया और बचे हुए छोटे-मोटे फिनिशिंग के कामों को युद्धस्तर पर जल्द से जल्द निपटाने के निर्देश मातहत अधिकारियों को दिए हैं।
एयरपोर्ट जैसी भव्य लुक और अत्याधुनिक यात्री सुविधाएं
पुनर्निर्मित जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन को बाहरी हिस्से से हूबहू किसी आधुनिक हवाई अड्डे (एयरपोर्ट) जैसा भव्य और आकर्षक लुक दिया गया है, जबकि इसके आंतरिक हिस्से को भी यात्रियों की सहूलियत के हिसाब से बेहद खास बनाया गया है। स्टेशन पर आवाजाही को सुगम बनाने और दिव्यांग व बुजुर्ग यात्रियों की सुविधा के लिए 10 नई लिफ्ट और 8 अत्याधुनिक एस्केलेटर (चलती सीढ़ियां) स्थापित किए गए हैं, ताकि लोगों को एक से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने में कोई असुविधा न हो। इसके अलावा यात्रियों के लिए सर्वसुविधायुक्त एसी वेटिंग हॉल तैयार किए गए हैं, जिनमें ट्रेनों के आवागमन की सटीक जानकारी प्रदर्शित करने के लिए बड़ी डिजिटल स्क्रीन भी लगाई गई हैं।
जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन के कायाकल्प की तैयारी
कैंट रेलवे स्टेशन के इस सफल आधुनिकीकरण के बाद अब इस योजना के अगले चरण में जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण की रूपरेखा भी तैयार कर ली गई है। स्थानीय यात्रियों ने स्टेशन के इस बदले हुए स्वरूप पर बेहद खुशी जाहिर करते हुए कहा कि विश्व स्तरीय सुविधाओं के मिलने से अब उनका सफर काफी आरामदायक हो जाएगा। हालांकि, प्रधानमंत्री के आगमन और उद्घाटन की अंतिम तारीख को लेकर महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडे ने स्पष्ट किया कि फिलहाल उन्हें शीर्ष स्तर से वीवीआईपी दौरे या उद्घाटन समारोह के संबंध में कोई लिखित या आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है और उनका यह दौरा केवल एक रूटीन निरीक्षण का हिस्सा था।
मानसून की रफ्तार धीमी, तापमान में 2.6 डिग्री का उछाल; 13 जिलों में मौसम अलर्ट
4 Jul, 2026 06:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब में शुक्रवार को बादलों की बेरुखी और बारिश न होने की वजह से पारे में 2.6 डिग्री सेल्सियस का उछाल आया, जिससे मैदानी इलाकों में तपन बढ़ गई। हालांकि, मौसम के करवट लेने के साथ ही आज से आम जनता को इस चिपचिपी गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
तेज हवाओं के साथ 13 जिलों में यलो अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को राज्य के 13 प्रमुख जिलों में धूल भरी आंधियों के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने का यलो अलर्ट जारी किया है। इस मौसमी बदलाव का असर मुख्य रूप से पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और मोहाली में देखने को मिलेगा। विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में बदरा बरसने के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं भी चलेंगी। इससे पहले शुक्रवार को राज्य का अधिकांश हिस्सा सूखा रहा और महज इक्का-दुक्का स्थानों पर ही नाममात्र की बौछारें गिरीं।
फाजिल्का में सबसे ज्यादा तपिश, अब गिरेगा पारा
बीते दिन 38.0 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ फाजिल्का पूरे सूबे में सबसे गर्म दर्ज किया गया। इसके साथ ही न्यूनतम तापमान में भी 2.7 डिग्री की बढ़ोतरी देखी गई है, जो फिलहाल सामान्य के इर्द-गिर्द ही बना हुआ है। वहीं, राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस शहीद भगत सिंह (एसबीएस) नगर और पठानकोट में रिकॉर्ड हुआ। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 6 जुलाई से पंजाब में मौसम और उग्र होगा, जिसके तहत अगले चार दिनों के लिए भारी बारिश का पीला अलर्ट जारी किया गया है। इस मानसूनी बारिश के चलते तापमान में 6 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट आ सकती है, जो लोगों को चुभती गर्मी से निजात दिलाएगी।
अगले 4 से 5 दिनों में पूरे पंजाब को घेरेगा मानसून
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार के लिए उत्तर-पश्चिम भारत में परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल और मजबूत बनी हुई हैं। माना जा रहा है कि आगामी चार से पांच दिनों के भीतर मानसूनी हवाएं पंजाब के बाकी बचे हुए हिस्सों को भी पूरी तरह से कवर कर लेंगी। मानसून की इस सक्रियता से आने वाले दिनों में प्रान्तभर में व्यापक वर्षा होने के आसार हैं, जिससे न केवल आम शहरी उपभोक्ताओं को उमस से राहत मिलेगी, बल्कि धान की बुआई में जुटे अन्नदाताओं और फसलों को भी भारी फायदा पहुंचेगा।
बेअदबी कानून को लेकर स्पीकर संधवां की दोटूक, कहा- सुझाव मिले हैं, आदेश नहीं
3 Jul, 2026 01:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुनाम। पंजाब विधानसभा के गरिमामयी पद पर आसीन स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट और श्री अकाल तख्त साहिब को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण बयान दिया है। सुनाम में पूर्व मंत्री बाबू भगवान दास अरोड़ा की बरसी पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे संधवां ने साफ किया कि श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से सरकार को कोई सीधे निर्देश जारी नहीं किए गए हैं, बल्कि सिंह साहिब (जत्थेदार) की तरफ से कुछ बेहद खास और महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इन सुझावों पर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ विचार करेगी।
सिख भावनाओं के अनुसार कानून में बदलाव के लिए सरकार तैयार
मीडिया से बातचीत के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट संकेत दिए कि यदि सिख समाज की धार्मिक भावनाओं और मर्यादा की रक्षा के लिए आवश्यकता पड़ी, तो सरकार कानून में जरूरी और उचित संशोधन (बदलाव) करने से बिल्कुल पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि जत्थेदार साहिब के सुझावों का पूरा सम्मान किया जाएगा।
'हम बहस करने नहीं, सिर्फ सिर झुकाने गए थे'
श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को सर्वोपरि बताते हुए कुलतार सिंह संधवां ने कहा, "श्री अकाल तख्त साहिब मीरी-पीरी के मालिक छठे गुरु, श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी द्वारा स्थापित एक महान और पवित्र संस्था है। वहां जाने का सरकार या किसी भी माननीय विधायक का उद्देश्य कोई राजनीतिक विवाद खड़ा करना नहीं था, बल्कि उस सर्वोच्च स्थान के आगे नतमस्तक होना था।"
उन्होंने आगे कहा कि आमतौर पर विधायक हर जगह बहस करने और अपनी बात को ऊपर रखने में माहिर माने जाते हैं, लेकिन अकाल तख्त साहिब के सामने सभी ने केवल हाथ जोड़े और शीश नवाया। जत्थेदार साहिब ने जो भी वचन या आदेश कहे, उन्हें पूरे आदर और सत्कार के साथ स्वीकार किया गया है। गुरु साहिब के दर्शन का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जब भी कोई मतभेद या दुविधा की स्थिति हो, तो साथ बैठकर संवाद करना ही सबसे सही रास्ता है।
विशेष सत्र बुलाने पर बोले संधवां — फैसला कैबिनेट के हाथ में, मैं तैयार हूं
जब पत्रकारों ने उनसे सवाल किया कि क्या जत्थेदार द्वारा दिए गए एक महीने के समय के भीतर पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा? तो इस पर स्पीकर संधवां ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि विधानसभा का सत्र कब और किस तारीख को आयोजित करना है, इसका अंतिम निर्णय पूरी तरह से पंजाब सरकार और कैबिनेट के अधिकार क्षेत्र में आता है। हालांकि, विधानसभा के अध्यक्ष के तौर पर वह अपनी जिम्मेदारियों को निभाने और किसी भी समय सत्र की कार्यवाही का संचालन करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।
चन्नी की बैठक से बढ़ी सियासी सरगर्मी, नेताओं ने कहा- वड़िंग की अगुवाई में चुनाव मुश्किल
3 Jul, 2026 01:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस पार्टी में एक बार फिर अंदरूनी कलह और बगावती सुर तेज हो गए हैं। कांग्रेस हाईकमान द्वारा राज्य के वरिष्ठ नेताओं को चुनावी कमेटियों में अहम जिम्मेदारियां सौंपे जाने के तुरंत बाद पार्टी दो फाड़ होती नजर आ रही है। इस बगावत के केंद्र में सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी हैं, जिन्हें हाईकमान ने चुनाव प्रचार समिति (कैंपेन कमेटी) का चेयरमैन नियुक्त किया है। चन्नी इस फैसले से खुश नहीं हैं और उन्होंने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
मोरिंडा में चन्नी के घर जुटी 'नाराज' दिग्गजों की फौज
चुनावी कमेटियों के एलान के अगले ही दिन पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने मोरिंडा स्थित आवास पर एक हाई-प्रोफाइल बैठक बुलाई, जिसने कांग्रेस खेमे में खलबली मचा दी है। इस बैठक में पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु समेत पार्टी के कई पूर्व विधायक और दिग्गज नेता पहुंचे हैं। बैठक का एजेंडा साफ तौर पर मौजूदा प्रदेश नेतृत्व और हाईकमान के फैसले के खिलाफ रणनीति तैयार करना है।
"राजा वड़िंग की अगुवाई में सरकार बनना नामुमकिन" – चन्नी समर्थकों का बड़ा दावा
चन्नी के आवास पर आयोजित इस बैठक में पहुंचे वरिष्ठ कांग्रेस नेता तरसेम सिंह डीसी ने मीडिया के सामने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस राजा वड़िंग के नेतृत्व में पंजाब में दोबारा सरकार नहीं बना सकती, क्योंकि जनता उन्हें पसंद नहीं कर रही है। तरसेम सिंह ने दावा किया कि पंजाब की जनता चाहती थी कि चुनाव से पहले राजा वड़िंग को अध्यक्ष पद से हटाया जाए और लोग चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब के अगले मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं।
सिर्फ तीन नेताओं ने जताया आभार, बाकी खेमे में छाई खामोशी
बुधवार को दिल्ली से हुई इन अहम नियुक्तियों के बाद पंजाब कांग्रेस के भीतर की दूरियां साफ नजर आने लगी हैं। हाईकमान के इस फैसले पर अब तक केवल तीन प्रमुख नेताओं—मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मंत्री विजइंदर सिंगला और डॉ. अमर सिंह—ने ही केंद्रीय नेतृत्व का आभार जताया है। इनके अलावा किसी भी अन्य वरिष्ठ नेता या नव-नियुक्त पदाधिकारियों ने इस पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
पंजाब में मेहरबान मानसून: तापमान लुढ़का, IMD ने जारी किया 4 दिन का यलो अलर्ट
3 Jul, 2026 08:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे पंजाब को मानसून ने बड़ी राहत दी है। बुधवार देर रात राज्य के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश हुई, जिसने पूरे प्रदेश को सराबोर कर दिया। इस मानसूनी बारिश के चलते पंजाब के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य का अधिकतम तापमान सामान्य से 2.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.4 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान रोपड़ में 35.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
अगले 6 दिनों तक आंधी-बारिश का दौर, 5 जुलाई से भारी बरसात की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, मानसून अब पंजाब के लगभग सभी इलाकों में पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि अगले छह दिनों तक राज्य में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होगी और इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। इसके साथ ही विभाग ने 5 जुलाई से अगले चार दिनों के लिए भारी बारिश का 'यलो अलर्ट' जारी किया है, जिससे आने वाले दिनों में तापमान में 6 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट देखने को मिल सकती है।
कहां कितनी हुई बरसात और कैसा रहा शहरों का मिजाज?
पंजाब के अलग-अलग जिलों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है, जिसके आंकड़े इस प्रकार हैं:
बारिश के प्रमुख आंकड़े: फरीदकोट में सबसे ज्यादा 89.0 मिमी बारिश हुई। इसके बाद लुधियाना में 82.5 मिमी, फिरोजपुर में 68.0 मिमी, मोगा में 57.5 मिमी और बठिंडा में 56.0 मिमी पानी बरसा।
प्रमुख शहरों का तापमान: वीरवार को अमृतसर में पारा 33.1 डिग्री, लुधियाना में 33.2 डिग्री, पटियाला में 32.4 डिग्री और बठिंडा में 34.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान बठिंडा में 20.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
गर्मी घटते ही सुधरे हालात: बिजली की मांग में आई बंपर कमी
इस मानसूनी बारिश ने पंजाब सरकार और बिजली विभाग (पावरकॉम) को बहुत बड़ी संजीवनी दी है। तपती गर्मी और धान की बुआई का सीजन होने के कारण पिछले कई दिनों से प्रदेश में बिजली की मांग लगातार 17,000 मेगावाट के पार चल रही थी। लेकिन बारिश होते ही महज 24 घंटे के भीतर बिजली की अधिकतम मांग 17,112 मेगावाट से घटकर 15,682 मेगावाट पर आ गई। यानी सीधे तौर पर 1430 मेगावाट की कमी दर्ज की गई है।
एसी बंद और ट्यूबवेल थमे, अघोषित कटों से मिलेगी मुक्ति
मौसम सुहाना होने के कारण घरों में एसी का इस्तेमाल कम हो गया है और खेतों में पर्याप्त पानी मिलने से किसानों के ट्यूबवेल भी शांत हैं। इससे पहले पावरकॉम पर निर्बाध बिजली सप्लाई का भारी दबाव था, जिसके चलते शहरों और उद्योगों में अघोषित बिजली कटौती हो रही थी और किसानों को भी दिन में महज 4 घंटे ही बिजली मिल पा रही थी। अब इस मांग में आई कमी से उपभोक्ताओं को कटों से राहत मिलेगी।
पावर ग्रिड का गणित: उत्पादन ठप होने के बावजूद स्थिति नियंत्रण में
वीरवार को बिजली की मांग को पूरा करने के लिए पावरकॉम ने अपने आंतरिक स्रोतों से कुल 5,222 मेगावाट बिजली जुटाई। इसमें सरकारी थर्मल प्लांटों से 1695 मेगावाट, हाइड्रो (जल) परियोजनाओं से 810 मेगावाट और प्राइवेट थर्मल प्लांटों से 2682 मेगावाट बिजली मिली। बची हुई 10,648 मेगावाट बिजली की आपूर्ति नॉर्दर्न ग्रिड (उत्तरी ग्रिड) से की गई।
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