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बेटी के दांत का एक्स-रे देख मां, समेत डॉक्टर भी चौंके, फिर खुल गया राज...
22 Aug, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेरिका के वॉशिंगटन स्टेट में महिला अपनी बेटी को साधारण डेंटल चेकअप विजिट के लिए ले गई, लेकिन जब एक्स-रे रिपोर्ट सामने आई तो सभी हैरान रह गए। फिर जब यह बात बेटी को मालूम चली तो उसने राज से पर्दा उठा दिया।जानकारी अनुसार 13 साल की बच्ची को ब्रेसेज लगाने से पहले जब डॉक्टर ने उसके दांतों का एक्स-रे निकाला, तो तस्वीर में ऐसा कुछ नजर आया, जिसे देख सभी दंग रह गए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक्स-रे स्क्रीन पर साफ दिख रहा था कि बच्ची की साइनस में धातु का एक छोटा टुकड़ा फंसा हुआ है।
मां के लिए यह किसी बड़े रहस्य से कम न था, लेकिन जब बेटी से बात की गई तो वह तुरंत समझ गई कि यह वहां कैसे पहुंचा। दरअसल करीब छह माह पहले बेटी ने मां से नाक छिदवाने की जिद की थी। मां ने मना कर दिया कि 16 साल की उम्र से पहले नोज पियर्सिंग नहीं होगी। लेकिन बच्ची, जिसे गंभीर एडीएचडी की समस्या है और इम्पल्स कंट्रोल कम था, ने खुद ही कान छिदवाने वाली इयररिंग से नाक में छेद करने की कोशिश की। उसी दौरान धातु का छोटा हिस्सा नाक से होते हुए साइनस में फंस गया।
मॉं की डांट के डर से बच्ची ने यह राज छिपा लिया। कुछ दिन बीते लेकिन उसे इसका अहसास भी न हुआ कि उसके साइनस में कोई धातु मौजूद है। ऐसे में उसने मान लिया कि शायद उसने उस टुकड़े को निगल लिया है और अब कुछ नहीं है। जब यह राज एक्स-रे से सामने आया और राज खुला तो उसकी मां ने इस पूरी वृत्तांत को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए शेयर किया। उसकी इस पोस्ट पर 73,000 से ज़्यादा अपवोट्स मिले और कहानी वायरल हो गई। लोगों ने इसे मेडिकल मिस्ट्री और अनबिलीवेबल मोमेंट करार दिया है।
बिना दर्द के निकला टुकड़ा
इसके बाद में ईएनटी विशेषज्ञ ने विशेष चिमटी की मदद से धातु का टुकड़ा सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया। हैरानी की बात यह रही कि बच्ची को न पहले कोई दर्द हुआ था, न ही उसे निकालते समय कोई दर्द हुआ। मां ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि इस घटना के बाद उनका नजरिया बदल गया है। पहले वे नोज पियर्सिंग के खिलाफ थीं, लेकिन अब हंसते हुए कहती हैं कि शायद इस साल बेटी को नाक छिदवाने की इजाज़त मिल ही जाए।
ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है गठिया की बीमारी: अध्ययन
22 Aug, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
क्योटो। वैज्ञानिकों ने गठिया बीमारी के इलाज की नई संभावनाओं के दरवाजे खोल दिए हैं। जापान के वैज्ञानिकों के वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बीमारी एक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से अपने ही जोड़ों पर हमला करने लगती है। दुनिया भर में लाखों लोग इससे प्रभावित हैं और इनमें से हर तीन में से एक मरीज को वर्तमान इलाज से पर्याप्त राहत नहीं मिलती। कई बार बीमारी इतनी बढ़ जाती है कि मरीज के जोड़ों में स्थायी विकृतियां तक हो जाती हैं। क्योटो यूनिवर्सिटी की रिसर्च टीम ने अध्ययन के दौरान पाया कि जोड़ों में सूजन और नुकसान पहुंचाने में पेरिफेरल हेल्पर टी कोशिकाएं यानी टीपीएच कोशिकाएं अहम भूमिका निभाती हैं। ये कोशिकाएं दो रूपों में मौजूद रहती हैं। पहला रूप स्टेम-लाइक टीपीएच कोशिकाओं का है, जो जोड़ों के भीतर बने इम्यून हब्स या टर्शियरी लिम्फोइड स्ट्रक्चर में पाई जाती हैं। यहां ये अपनी संख्या बढ़ाती हैं और बी कोशिकाओं को सक्रिय करती हैं, जिससे सूजन लगातार बनी रहती है।
दूसरा रूप इफेक्टोर टीपीएच कोशिकाओं का है, जो स्टेम-लाइक कोशिकाओं से बदलकर बनती हैं और इम्यून हब से बाहर निकलकर सीधे सूजन फैलाती हैं। यही कारण है कि कई मरीजों में दवाइयों के बावजूद सूजन खत्म नहीं होती। इसमें वैज्ञानिकों ने बताया कि अगर शुरुआती चरण में ही स्टेम-लाइक टीपीएच कोशिकाओं को टारगेट किया जाए, तो बीमारी की जड़ पर हमला करना संभव हो सकता है। इस तरीके से मरीजों को लंबे समय तक राहत मिलने और उनकी जीवन गुणवत्ता बेहतर होने की उम्मीद है।
शोध ने यह भी खुलासा किया कि स्टेम-लाइक टीपीएच कोशिकाओं में खुद को बार-बार नया बनाने और इफेक्टोर कोशिकाओं में बदलने की क्षमता होती है। यानी वे बीमारी को लगातार जिंदा रखने वाली मूल वजह साबित हो सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह खोज रूमेटाइड आर्थराइटिस से जूझ रहे लाखों मरीजों के लिए नई उम्मीद बन सकती है। मौजूदा उपचार ज्यादातर लक्षणों को नियंत्रित करने तक सीमित रहते हैं, लेकिन यह खोज भविष्य में ऐसे इलाज का रास्ता खोल सकती है जो बीमारी को जड़ से रोकने में मददगार हो।
अब चीन में बच्चे पैदा करेगा रोबोट, जल्द लॉन्च हो जाएगी तकनीक
22 Aug, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग। आज विज्ञान और तकनीक के जरिये ऐसी चीज़ें सामान्य होती जा रही हैं, जिन्हें पहले सोचा भी नहीं जा सकता था। बात उड़ने, मोबाइल तक ही नहीं सीमित नहीं है, बल्कि अब मां बनने के प्रोसेस तक पहुंच गई है। पहले सिर्फ आईवीएफ के चलते एम्ब्रायो डेवलप किया जाता था, जिसे एक कोख की जरूरत होती थी। अब वैज्ञानिक एक ऐसी कोख बना रहे हैं, जिसमें बच्चे विकसित किए जाएंगे। ये बात सुनने में थोड़ी अजीब है लेकिन यह सच है कि चीन अब ऐसी तकनीक बना रहा है, जिसके जरिये वह इंसानों के बच्चे रोबोट से पैदा करेगा।
एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन एक जेस्टेशन रोबोट बना रहा है, जिसके जरिये आर्टिफिशियल (अप्राकृतिक) कोख में भ्रूण का पाल जाएगा। इस तकनीक पर काफी दिनों से रिसर्च चल रही थी लेकिन चीन अगले साल तक इसे दुनिया के सामने लाएगा। इस अनोखे प्रोजेक्ट पर चीन की काईवा टेक्नालॉजी काम कर रही है। इस टीम को सिंगापुर की नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक इसे लीड कर रहे हैं। उनका कहना है कि अब ये तकनीक पूरी तरह तैयार हो जाएगी, बस इसे रोबोट के पेट में इम्प्लांट करने की जरूरत है, ताकि एक इंसान और रोबोट मिलकर बच्चे को जन्म दे सकें और भ्रूण रोबोट के अंदर विकसित हो सके। हालांकि ये प्रक्रिया काम कैसे करेगी, इसके लिए कुछ ज्यादा नहीं बताया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह तकनीक एक कृत्रिम गर्भ के जरिए शिशु को विकसित करेगी। जहां भ्रूण को ट्यूब के जरिए पोषण दिया जाएगा। वैज्ञानिकों के मुताबिक इस तकनीक से उन कपल्स को फायदा होगा, जो किसी कारण से माता-पिता नहीं बन पा रहे हैं। इसके जरिये वह महिलाएं भी मां बन पाएंगी, जो प्राकृतिक तरीके से प्रेग्नेंट नहीं होना चाहती। इस अनोखी मशीन का प्रोटोटाइप 2026 में लॉन्च होगा और इसकी कीमत लगभग एम लाख युआन यानि करीब 11.5 लाख रुपए बताई जा रही है।
इस तकनीक ने नैतिक और भावनात्मक बहस को भी जन्म दे दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे मां और शिशु के बीच भावनात्मक संबंध, अंडाणुओं और शुक्राणुओं के स्रोत और इसके बच्चे पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव को लेकर चिंता जताई जा रही है। बता दें जेस्टेशन रोबोट साल 2017 के उस प्रयोग पर आधारित है जिसमें वैज्ञानिकों ने एक बायोबैग में भेड़ के अपूर्ण विकसित बच्चों को पाला था।
2.4 करोड़ मील: एक यात्री की अविश्वसनीय कहानी जिसने यात्रा को जिंदगी बना लिया
22 Aug, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन। टॉम स्टूकर की कहानी एक अनोखे यात्री की है, जिसने अपने डर पर काबू पाया और यात्रा को ही अपनी जिंदगी बनाया। न्यू जर्सी निवासी टॉम ने 2.4 करोड़ मील से ज़्यादा की हवाई यात्रा करके एक अद्भुत रिकॉर्ड बनाया है। यह दूरी इतनी है कि पृथ्वी से चाँद तक 50 बार आना-जाना हो सकता है। टॉम को शुरुआत में हवाई यात्रा से बहुत डर लगता था।
एक कार डीलरशिप कंसल्टेंट के रूप में उन्हें अक्सर काम के लिए ऑस्ट्रेलिया जाना पड़ता था। अपने डर को कम करने के लिए वे प्रार्थना और शराब का सहारा लेते थे। एक बार तो वे इतने नशे में थे कि लैंडिंग के बाद अपनी सीट से उठ भी नहीं पाए। लेकिन बार-बार यात्रा करने से उनका डर धीरे-धीरे खत्म हो गया। 2,90,000 डॉलर में लाइफटाइम अनलिमिटेड फर्स्ट-क्लास पास। टॉम ने तुरंत यह पास खरीद लिया। इसी पास ने उनकी जिंदगी बदल दी। इस पास की मदद से, उन्होंने 2009 में 1 करोड़ मील, 2018 में 2 करोड़ मील और मई 2024 तक 2.4 करोड़ मील का सफर पूरा किया।
वे 12,000 से ज़्यादा उड़ानें भर चुके हैं और 100 से ज़्यादा देशों की यात्रा कर चुके हैं। अकेले ऑस्ट्रेलिया की यात्रा 300 से ज़्यादा बार की है। यूनाइटेड एयरलाइंस ने टॉम को सिर्फ एक यात्री नहीं बल्कि अपना ब्रांड एंबेसडर माना। उन्होंने दो विमानों का नाम टॉम के नाम पर रखा और उनके खास माइलस्टोन पर आसमान में पार्टियाँ भी आयोजित कीं। अपनी यात्राओं के दौरान ही टॉम की मुलाकात उनकी पत्नी से हुई और वे दोनों 120 से ज़्यादा हनीमून ट्रिप पर जा चुके हैं। उनकी कहानी इतनी दिलचस्प है कि 2009 की हॉलीवुड फिल्म अप इन द एयर उन्हीं की जिंदगी से प्रेरित थी, जिसमें जॉर्ज क्लूनी ने उनका किरदार निभाया था। टॉम स्टूकर की कहानी सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि अगर आप अपने डर का सामना करें तो सफर आपके लिए एक खूबसूरत अनुभव बन सकता है।
डॉक्टर बना हनीट्रैप का शिकार, फ्लैट में बुलाकर बनाए गए संबंध, फिर ब्लैकमेल
21 Aug, 2025 05:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पानीपत: हरियाणा के पानीपत जिले में एक डॉक्टर को हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल करने के सनसनीखेज मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सीआईए टीम ने इस प्रकरण में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गांव नोल्था निवासी सोनू और आशीष के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मामले की शुरुआत तब हुई जब एक महिला ने बीमारी का बहाना बनाकर डॉक्टर को अपने फ्लैट पर बुलाया। फ्लैट पर पहुंचने के बाद महिला ने डॉक्टर को कोल्ड ड्रिंक पिलाई और फिर शारीरिक संबंध बनाने की मांग रखी। इसी दौरान मौके पर आरोपी सोनू और आशीष पहुंच गए। दोनों ने डॉक्टर को फंसा लिया और उस पर दबाव बनाकर 11 लाख रुपये की मांग की।
पहले भी कई गंभीर मामले दर्ज
गिरफ्तार आरोपी सोनू कोई नया अपराधी नहीं है। उसके खिलाफ पहले से ही हत्या, लूट, डकैती और अवैध हथियार रखने जैसे एक दर्जन से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं। इस बार उसने अपने साथी आशीष और महिला के साथ मिलकर डॉक्टर को ब्लैकमेल करने की योजना बनाई थी। ब्लैकमेलिंग के इस खेल में महिला की मदद एक वकील ने भी की। वकील ने बीच में दखल देकर डॉक्टर से समझौता कराया और मामले को 4 लाख रुपये में निपटा दिया।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पीड़ित डॉक्टर ने जब इसकी शिकायत पुलिस को दी, तो मामला खुलकर सामने आया। सीआईए पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा और रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान पूछताछ में इस पूरे गिरोह के और राज खुलने की संभावना है।
डिजिटल खपत कर रही है लाखों लीटर पानी की बर्बादी
21 Aug, 2025 02:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन । यूके की पर्यावरण एजेंसी और नेशनल ड्रॉट ग्रुप ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने पुराने ईमेल और फोटो डिलीट करें क्योंकि डिजिटल खपत भी लाखों लीटर पानी की बर्बादी कर रही है। मौसम विभाग के मुताबिक जनवरी से जुलाई 2025 का वक्त 1976 के बाद का सबसे सूखा रहा है। इंग्लैंड के पांच इलाके आधिकारिक तौर पर सूखा प्रभावित घोषित किए गए हैं, जबकि छह अन्य इलाके लंबे समय से सूखे मौसम की श्रेणी में हैं। दक्षिणी इंग्लैंड में 35 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंचने से पहले से कम हो चुके जल स्रोतों पर और दबाव पड़ा है। सरकार का कहना है कि सूखे से निपटने के लिए पारंपरिक बचत उपायों के साथ-साथ डिजिटल क्लीनिंग भी जरूरी है। लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि ईमेल और पानी का आपस में क्या संबंध है। दरअसल, हर ईमेल, फोटो या फाइल किसी न किसी डेटा सेंटर में स्टोर होती है और इन्हें 24 घंटे ठंडा रखने के लिए कूलिंग सिस्टम का इस्तेमाल होता है, जिसमें करोड़ों लीटर पानी खर्च होता है।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च बताती है कि 1 मेगावॉट का डेटा सेंटर सालाना लगभग 2.6 करोड़ लीटर पानी खा जाता है। इसके अलावा डेटा सेंटर चलाने के लिए बिजली की जरूरत पड़ती है और बिजली उत्पादन भी पानी पर निर्भर है। यानी डिजिटल खपत का भी सीधा असर पानी के इस्तेमाल पर पड़ता है। नेशनल ड्रॉट ग्रुप का कहना है कि “हर क्लिक, हर फोटो और हर ईमेल का एक छुपा हुआ वॉटर फुटप्रिंट है।” हालांकि कई विशेषज्ञ मानते हैं कि सिर्फ एक ईमेल डिलीट करने से पानी की वास्तविक बचत बहुत कम होगी, लेकिन यह कदम लोगों को जागरूक करने के लिए जरूरी है ताकि वे समझ सकें कि डिजिटल दुनिया भी प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर करती है।
सरकार ने पारंपरिक कदमों पर भी जोर दिया है, जैसे लीक हो रहे नलों को ठीक करना, बारिश का पानी स्टोर करना, ब्रश करते समय नल बंद रखना, छोटे शॉवर लेना और घर का बचा हुआ पानी पौधों में डालना। कई जगहों पर इन उपायों का असर भी दिखा है। उदाहरण के तौर पर, सेवर्न ट्रेंट इलाके में जब लोगों ने पानी बचत अभियान को अपनाया तो खपत 20 प्रतिशत तक घट गई। इस संकट के पीछे एक और बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का तेजी से बढ़ता इस्तेमाल है। एआई को चलाने के लिए भारी डेटा प्रोसेसिंग की जरूरत होती है, जिससे डेटा सेंटर पर दबाव बढ़ता है और पानी की खपत और भी तेज हो जाती है। यूके सरकार यूरोप का सबसे बड़ा डेटा सेंटर बनाने की तैयारी कर रही है और इसके लिए ओपनएआई और एनविडिया जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी कर रही है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में पानी की मांग और भी ज्यादा बढ़ सकती है। ब्रिटेन का जल संकट लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर रहा है कि पानी बचाना अब केवल नल बंद करने तक सीमित नहीं है।
सरकार की अपील “ईमेल डिलीट करो, पानी बचाओ” भले ही अजीब लगे, लेकिन यह हमें यह एहसास दिलाती है कि हमारी डिजिटल आदतें भी धरती के संसाधनों पर बोझ डाल रही हैं। जब बात पानी जैसी अनमोल चीज की हो, तो हर बूंद की अहमियत है। मालूम हो कि ब्रिटेन इन दिनों भीषण जल संकट से जूझ रहा है। इंग्लैंड के कई हिस्सों में नदियों का जलस्तर लगातार गिर रहा है, जलाशय खाली हो रहे हैं और सरकार को कड़े कदम उठाने पड़ रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि कई इलाकों में पाइप से पानी का इस्तेमाल बंद कर दिया गया है। लोग अपने बगीचों में पाइप से पानी नहीं डाल सकते और कार धोने पर भी रोक है।
अधिक बच्चे पैदा करने में मदद करेगा एआई : सैम ऑल्टमैन
21 Aug, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में लोगों को अधिक बच्चे पैदा करने और उनका पालन-पोषण करने में मदद करेगा। ओपनएआई के चीफ एग्जिक्यूटिव सैम ऑल्टमैन ने घटती जन्म दर को दुनिया की बड़ी समस्या करार देते हुए कहा है कि आने वाले सालों में परिवार और समुदाय का निर्माण समाज की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए।
इस साल पिता बने ऑल्टमैन ने पेरेंटहुड को अपने जीवन का अद्भुत अनुभव बताया और कहा कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसे अपनाना चाहिए। ऑल्टमैन का मानना है कि आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (एजीआई) समाज की संरचना को बदल सकता है। उन्होंने कहा कि एजीआई की दुनिया में लोगों के पास अधिक समय, संसाधन और क्षमताएं होंगी, जिससे बच्चों की परवरिश आसान हो जाएगी और परिवारों को समृद्धि के साथ बेहतर समर्थन मिलेगा। उनके मुताबिक, “परिवार और समुदाय एजीआई के बाद की दुनिया में कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाएंगे।” उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पिता बनने के शुरुआती हफ्तों में वे लगातार चैटजीपीटी से सवाल पूछते रहते थे। उन्होंने कहा कि बच्चों की देखभाल करना भी एआई के उपयोग का एक व्यावहारिक उदाहरण हो सकता है।
मजाकिया अंदाज में उन्होंने यह भी कहा कि उनके बच्चे शायद कभी एआई को मात नहीं दे पाएंगे, लेकिन वे हमसे कहीं ज्यादा काबिल होंगे और तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करेंगे। ऑल्टमैन का यह बयान सिलिकॉन वैली में परिवारवाद को बढ़ावा देने वाली एक बड़ी सोच का हिस्सा है। एक्सएआई के संस्थापक एलन मस्क भी लंबे समय से गिरती जन्म दर पर चिंता जता चुके हैं। मस्क, जो खुद कई बच्चों के पिता हैं, ने 2022 में चेतावनी दी थी कि कम होती जनसंख्या सभ्यता के लिए अब तक का सबसे बड़ा खतरा है। उन्होंने मजाक में कहा था कि वे कम जनसंख्या संकट से निपटने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
कूटनीतिक मोर्चे पर लगातार मजबूत होते पुतिन.....बुडापेस्ट में बैठक उनकी निजी जीत
21 Aug, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इन दिनों कूटनीतिक मोर्चे पर लगातार मजबूत होते दिख रहे हैं। पहले अमेरिकी न्यौते पर अलास्का पहुंचे और अपनी शर्तों पर वार्ता करके लौटे। इतना ही नहीं डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि यूक्रेन क्रीमिया सहित कुछ हिस्सा रूस को देने पर सहमत हो जाए और उसके साथ ही स्थायी तौर पर जंग खत्म करने पर सहमति बने। लेकिन ऐसा होता है, तब यह पुतिन के लिए निजी जीत होगी और वह अखंड रूस के सपने की ओर एक कदम बढ़ाते दिखाई देने वाले है। अब खबर आ रही हैं कि अमेरिका अगली त्रिपक्षीय मीटिंग हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में करना चाहता है। यदि खबर सच साबित होती हैं तब पुतिन की ही जीत मानी जाएगी।
ऐसा इसलिए कि यूक्रेन और रूस की जंग में हंगरी लगातार रूस का समर्थन कर रहा है। दिलचस्प बात यह है कि हंगरी उस नाटो का सदस्य है, जिसकी अगुवाई अमेरिका करता है। इस संगठन को परंपरागत तौर पर रूस विरोधी माना जाता है, लेकिन जंग में हंगरी ने लगातार यूक्रेन पर ही निशाना साधकर युद्ध विराम की सलाह दी है। अब यदि उसी देश में त्रिपक्षीय मीटिंग होती है, तब यह पुतिन के लिए निजी जीत होगी। उनके हंगरी के पीएम विक्टर ऑर्बन से बहुत अच्छे रिश्ते हैं। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि हंगरी के अमेरिका के साथ भी अच्छे रिश्ते हैं और रूस से भी वह बनाकर चल रहा है।
ट्रंप मानते हैं कि हंगरी ही त्रिपक्षीय वार्ता के लिए अनुकूल देश है। हालांकि यूक्रेन के लिए यह चिंता की बात है क्योंकि उसके रिश्ते हंगरी से बहुत अच्छे नहीं हैं। रिपोर्ट के अनुसार पुतिन और फ्रेंच राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भी जल्दी ही एक बैठक होने वाली है। बता दें कि इस बीच स्विट्जरलैंड ने भी मध्यस्थता के लिए होस्ट बनने की इच्छा जाहिर की है। बुडापेस्ट में मीटिंग यूक्रेन के लिए 30 साल पुरानी यादें भी ताजा करेगी, जब ब्रिटेन, अमेरिका और रूस ने संप्रभुता प्रदान करने पर सहमति जाहिर की थी। इसके अलावा उससे परमाणु हथियारों को भी त्यागने को राजी कर लिया था।
बता दें कि पिछले दिनों हंगरी ने यूक्रेन की तब आलोचना की थी, जब रूस की तेल पाइपलाइन पर अटैक हुवआ था। हंगरी का कहना था कि ऐसा करना गलत है। इस पर यूक्रेन ने कहा था कि जंग की शुरुआत हमने नहीं की है। यदि कोई दिक्कत है तो हंगरी को शिकायत रूस से करनी चाहिए। यह दिलचस्प तथ्य है कि नाटो का मेंबर होते हुए भी हंगरी लगातार रूस का ही समर्थन करता रहा है और उससे तेल की भी बड़े पैमाने पर खरीद की है।
पायलट चाहता था परिवार उसे प्लेन उड़ाता देखे, खुला छोड़ दिया कॉकपिट
21 Aug, 2025 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन। कई बार हम प्लेन में यात्रा कर रहे होते हैं, तो हमें कुछ ऐसी घटनाएं देखने को मिलती हैं, जिनकी कल्पना भी हम नहीं कर सकते। कई बार हमारी यात्रा जिस क्रू मेंबर के हाथ में होती है, वही इसकी जिम्मेदारी नहीं समझते हैं। कुछ ऐसा ही ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट नंबर बीए174 में पेश आया। यहां पायलट ने कुछ ऐसा किया कि उसे बीच रास्ते में ही ड्यूटी से हटा दिया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस घटना ने खूब सुर्खियां बटोरीं क्योंकि ट्रांसअटलांटिक उड़ान के दौरान पायलट ने कॉकपिट का दरवाज़ा खुला छोड़ दिया। जब चालक दल के सदस्यों की नजर खुले हुए दरवाजे पर पड़ी, तो उन्होंने पूरा मामला जानने की कोशिश की। वह सामान्य नहीं थी। इस कारण सजा के तौर पर उसे बीच रास्ते में ही ड्यूटी से हटा दिया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक चालक दल और यात्रियों ने देखा कि कॉकपिट का दरवाजा खुला है और पायलट बिना कॉकपिट बंद किए प्लेन उड़ा रहा था। इसके पीछे की वजह और भी दिलचस्प थी। दरअसल पायलट चाहता था कि उसका परिवार उसे विमान उड़ाते हुए देखे। वे इसी प्लेन में यात्रा कर रहे थे। उसकी हरकत से चालक दल के सदस्य और कुछ यात्री घबरा गए। इसके तुरंत बाद उसे ड्यूटी से हटा दिया गया। ब्रिटिश एयरवेज के सदस्यों ने पायलट की अमेरिका में रिपोर्ट दर्ज कराई अधिकारियों को उसे निलंबित करना पड़ा।
रिपोर्ट के मुताबिक न्यूयॉर्क से लंदन जाने वाली फ्लाइट नंबर बीए174, जो 8 अगस्त को उतरने वाली थी, पायलट के निलंबन के बाद रद्द कर दी गई। हालांकि फ्लाइट रद्द होने से यात्री परेशान हुए, जिनके लिए ब्रिटिश एयरवेज़ ने वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था की। बताया जा रहा है कि ज़्यादातर यात्री अपने तय समय से चार घंटे पहले ही लंदन पहुंच गए। बाद में पूरी जांच की गई और विमान में कोई असुरक्षा नहीं पाई गई। इसके बाद पायलट की सेवाएं भी बहाल कर दी गईं।
प्रेमानंद को धमकी देने वाले से गैंगस्टर की भिड़ंत तय? गोदारा ने दी चेतावनी
21 Aug, 2025 01:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा भी स्वामी प्रेमानंद जी महाराज का बड़ा भक्त निकला। हाल ही में स्वामी प्रेमानंद महाराज को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद रोहित गोदारा ने खुलकर चुनौती दी है कि जो भी महाराज को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, उसे वह बख्शेगा नहीं। रोहित गोदारा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है। इस पोस्ट में उसने लिखा है कि पूज्य प्रेमानंद जी महाराज को सनातन धर्म के लिए निशाना बनाया जा रहा है। उसने आगे लिखा कि जिन्होंने अपनी दोनों किडनी खराब होने के बाद भी इतने सालों तक संघर्ष किया और लोगों को सही राह दिखा रहे। उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं! उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं! तो ये हमारी खुली चुनौती है! हमारे संतों को निशाना बनाने वालों का अंत करेंगे!
मनीषा को लेकर भी किया पोस्ट
रोहित गोदारा ने साथ ही, मनीषा हत्या का बदला लेने की बात कही। उन्होंने लिखा कि अगर हमारी बहन जो आज स्वर्ग में हैं और हमारे पूज्य संतों को समय रहते न्याय नहीं मिला! तो हम वो समय लाएंगे! जिसकी सरकार, प्रशासन और राजनेता कल्पना भी नहीं कर सकते! और ये नंगा नाच बॉलीवुड में चल रहा है! कोई इसे देख ही नहीं रहा! अगर कदम उठाने ही हैं! तो बॉलीवुड के इस नंगे नाच को रोकने के लिए कदम उठाओ।
बॉलीवुड को धमकी
अब हम बॉलीवुड के इस नंगे नाच का अंत करेंगे और हमारी बहन-बेटियों का कत्लेआम करने वाले दुष्ट लोगों का अंत करेंगे। हमारे संतों को निशाना बनाने वालों का अंत करेंगे! ये हमारी सभी बॉलीवुड गायकों, कलाकारों और समाज के कुछ (जानवरों) के लिए चेतावनी है! अगर कोई किसी भी (जाति-धर्म) समाज की मर्यादा भूलकर कुछ पैसों के लिए या नशे की हालत में कोई गलत काम करता है, तो तैयार रहो ! हमारे लिए सभी समाज समान हैं!
मनीषा मर्डर केस: इंसाफ की मांग के बीच 9 दिन बाद हुआ अंतिम विदाई
21 Aug, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भिवानी: हरियाणा के भिवानी जिले के लोहारू कस्बे की प्लेवे स्कूल की टीचर मनीषा की मौत ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया। लगातार आठ दिनों तक चले तनाव और विरोध प्रदर्शनों के बाद गुरुवार सुबह गांव ढाणी लक्ष्मण के श्मशान घाट में मनीषा का अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों की मांग पर शव का पोस्टमार्टम दिल्ली एम्स में कराया गया था। गुरुवार सुबह करीब आठ बजे, छोटे भाई नितेश ने अपनी बहन को मुखाग्नि दी। मनीषा का शव सीधे सिविल अस्पताल से गांव लाया गया। अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए और पूरा इलाका जनसैलाब में बदल गया। स्थिति को संभालने और किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई थी। शव यात्रा के मार्ग को सुगम बनाने के लिए JCB मशीनों का भी सहारा लिया गया।
कब लापता हुई मनीषा
11 अगस्त को मनीषा अपने घर से स्कूल जाने के लिए निकली थी। पिता को उसने बताया था कि स्कूल के बाद वह पास के नर्सिंग कॉलेज में प्रवेश के लिए भी जाएगी। लेकिन उसी दिन से वह लापता हो गई। चिंतित पिता जब थाने पहुंचे तो पुलिस ने गंभीरता से मामला लेने के बजाय टालमटोल किया और यहां तक कह दिया कि बेटी भाग गई होगी, शादी करके लौट आएगी। परिवार को यह जवाब बेहद चुभा और 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। केवल खानापूर्ति के लिए केस दर्ज किया गया।
13 अगस्त को मिला शव
13 अगस्त को मनीषा का शव सिंघानी गांव के पास एक नहर के किनारे बाजरे के खेत में मिला। शुरुआती पोस्टमार्टम भिवानी अस्पताल में हुआ, जिसमें गला रेतकर हत्या की आशंका जताई गई और गले पर 29 एमएम लंबा घाव पाया गया। परिवार ने इस रिपोर्ट के बाद शव लेने से मना कर दिया और न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठ गया।
मामले ने पकड़ा तूल
लगातार विरोध के बीच मामला राजनीतिक रंग लेने लगा। बढ़ते दबाव के बाद राज्य सरकार ने भिवानी एसपी को हटाया और लोहारू थाने के पांच पुलिसकर्मियों को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया। हालांकि, 18 अगस्त को पुलिस ने नया दावा किया कि मनीषा ने कीटनाशक खाकर आत्महत्या की है और एक सुसाइड नोट मिलने की भी बात कही। इसके बाद पीजीआई रोहतक में दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें मेडिकल बोर्ड ने पेट में कीटनाशक मिलने की पुष्टि की और बलात्कार की संभावना से इंकार किया। लेकिन परिवार और ग्रामीणों ने पुलिस की इस थ्योरी को पूरी तरह खारिज कर दिया। उनका कहना है कि यह स्पष्ट रूप से हत्या का मामला है। लोगों की मांग थी कि जांच सीबीआई से कराई जाए और पोस्टमार्टम एम्स दिल्ली में हो। लगातार नौ दिनों तक चले बवाल और ग्रामीणों के आंदोलन के बाद सरकार ने परिवार की दोनों मांगें मान लीं। दिल्ली एम्स में पोस्टमार्टम के बाद शव को गांव लाया गया और पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
कांग्रेस विधायक को पुलिस अफसर ने दिखाया तेवर, बोला – "तू कौन बोलै है"
21 Aug, 2025 12:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जींद: कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट मां बनने के बाद बुधवार को पहली बार सार्वजनिक मंच पर पहुंचीं और आते ही प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा हमला बोला। उन्होंने जुलाना थाने के एसएचओ रविंद्र कुमार पर लापरवाही और असंवेदनशील व्यवहार का आरोप लगाते हुए कहा कि हरियाणा में अपराध चरम पर है और सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है। दविनेश फोगाट ने बताया कि उनके पास एक महिला की शिकायत आई थी, जिसके पति 14 अगस्त से लापता हैं। जब उन्होंने इस संबंध में जानकारी लेने के लिए जुलाना थाने में फोन किया तो एसएचओ रविंद्र कुमार ने बेहद असभ्य तरीके से जवाब दिया। विनेश ने कह कि थाना प्रभारी बोला- तू कौन बोलै है। दारू पी रहा था के यो? रोजाना लोग लापता हो रहे हैं। विधायक ने इस व्यवहार पर हैरानी जताते हुए कहा कि यह प्रदेश में फैले जंगलराज की तस्वीर है।
एसएचओ को सस्पेंड करने की मांग
कार्यकर्ताओं ने एसएचओ को निलंबित करवाने की मांग की। इस पर विनेश फोगाट ने कहा कि आजकल तो ये लोग मुख्यमंत्री की भी नहीं सुनते। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। जींद जैसे शांत इलाके में अब रोजाना गोलियां चल रही हैं और अपराध की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि मैंने कभी नहीं सुना था कि जींद में अपराध होता है, लेकिन आज भाजपा राज में स्थिति भयावह हो चुकी है। सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए विनेश फोगाट ने कहा कि चंडीगढ़ में बैठे अधिकारी फोन तक नहीं उठाते। हरियाणा में सरकार मुख्यमंत्री की नहीं, बल्कि अधिकारियों की चल रही है।
विनेश ने लगाए ये आरोप
उन्होंने आगे कहा कि अधिकारी न हमारी सुनते हैं और न ही मुख्यमंत्री की। जुलाना में चेयरमैन रिश्वत लेते पकड़ा गया और भाजपा नेताओं में होड़ मची है कि कौन ज्यादा रिश्वत लेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने खुद भी दो-तीन बार भ्रष्टाचार पकड़ा लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जनता से जागरूक होने की अपील करते हुए विधायक ने कहा कि अगर जनता जागरूक होगी तो ऐसे कई चोर पकड़े जाएंगे। उन्होंने इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक विश्राम गृह में ली और कहा कि प्रदेश का भाईचारा इस बात का सबूत है कि भिवानी में बेटी मनीषा को न्याय दिलाने के लिए जिले के लोग एकजुट होकर संघर्ष कर रहे हैं। विनेश फोगाट ने खुद के अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे भी आंदोलन के दौरान भुगतभोगी रही हैं और जानती हैं कि किस तरह से सरकार आंदोलनों को दबाने का प्रयास करती है।
भारत के साथ बिगड़ते रिश्ते पर ट्रंप को निक्की हेली ने दिखाया आइना, कहा चीन से मुकाबला करने में काम आएगा ये देश
21 Aug, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन: अमेरिका की पूर्व राजदूत निक्की हेली ने एक लेख में चीन का मुकाबला करने के लिए भारत को मूल्यवान और लोकतांत्रिक साझेदार के रूप में मानने की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने कहा कि नई दिल्ली के साथ 25 वर्षों की गति को रोकना एक रणनीतिक आपदा होगी.
चीन का मुकाबला करने के लिए भारत को मूल्यवान साझेदार बताया
निक्की हेली ने भारत और चीन के बीच मजबूत साझेदारी को बिना सोचे समझे बताया और इस बात पर जोर दिया कि लोकतांत्रिक भारत कम्युनिस्ट नियंत्रित चीन के विपरीत विश्व के लिए खतरा नहीं है. भारत के साथ एक मूल्यवान और लोकतांत्रिक साझेदार की तरह व्यवहार किया जाना चाहिए न कि चीन जैसे प्रतिद्वंद्वी की तरह, जो मॉस्को के सबसे बड़े ग्राहकों में से एक होने के बावजूद अब तक रूसी तेल खरीद के लिए प्रतिबंधों से बचता रहा है.
चीन के विपरीत भारत का उदय विश्व के लिए खतरा नहीं है
निक्की हेली ने न्यूजवीक पर अपने विचार लेख में कहा, 'एशिया में चीनी प्रभुत्व का प्रतिकार करने वाले एकमात्र देश के साथ 25 साल की गति को रोकना एक रणनीतिक आपदा होगी.' उन्होंने आगे कहा, 'कम्युनिस्ट नियंत्रित चीन के विपरीत, एक लोकतांत्रिक भारत का उदय विश्व के लिए खतरा नहीं है. चीन का मुकाबला करने के लिए अमेरिका और भारत के बीच साझेदारी एक स्पष्ट निर्णय होना चाहिए.'
भारत में चीन के समान बड़े पैमाने उत्पादन की क्षमता है जो अमेरिकी सप्लाई चेन में मदद कर सकता है
निक्की हेली ने कहा कि भारत में चीन के समान बड़े पैमाने पर उत्पादन करने क्षमता है जो अमेरिकी सप्लाई चेन को बीजिंग से दूर ले जाने में मदद कर सकता है. निक्की हेली ने अपने लेख में कहा, 'अल्पावधि में भारत, अमेरिका को अपनी महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं को चीन से दूर ले जाने में मदद करने के लिए आवश्यक है. जहां ट्रंप प्रशासन विनिर्माण को हमारे तटों पर वापस लाने के लिए काम कर रहा है, वहीं भारत उन उत्पादों के लिए चीन जैसे पैमाने पर विनिर्माण करने की क्षमता के मामले में अकेला खड़ा है. भारत में कपड़ा, सस्ते फोन और सौर पैनल जैसे चीजों का उत्पादन शीघ्रता से या कुशलता से किया जा सकता जो अमेरिका में संभव नहीं है.
मिडिल ईस्ट में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमताएं और मिडिल ईस्ट में उसकी भागीदारी इस क्षेत्र में स्थिरता के लिए आवश्यक हैं. उन्होंने आगे कहा, 'मिडिल ईस्ट में भारत का बढ़ता प्रभाव और सुरक्षा भागीदारी इस क्षेत्र को स्थिर करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, क्योंकि अमेरिका वहां कम सैनिक और डॉलर भेजना चाहता है.
भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है
निक्की हेली ने आगे कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और बहुत जल्द ये जापान को भी पछाड़ देगा. उन्होंने कहा कि भारत का उदय वैश्विक व्यवस्था को नया आकार देने के चीन के लक्ष्य की राह में सबसे बड़ी बाधा है. उन्होंने आगे कहा, 'सीधे शब्दों में कहें तो भारत की शक्ति बढ़ने के साथ-साथ चीन की महत्वाकांक्षाएं भी कम होनी चाहिए.'
उन्होंने भारत के परस्पर विरोधी आर्थिक हितों और चीन के साथ चल रहे क्षेत्रीय विवादों पर भी प्रकाश डाला और 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ साझेदारी अमेरिका के हितों की पूर्ति करेगी और भारत को अपने तेजी से आक्रामक होते उत्तरी पड़ोसी के सामने आर्थिक और सैन्य दोनों रूप से खड़ा होने में मदद करेगी.
भारत से व्हाइट हाउस के साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया
अपने विचार लेख में हेली ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच व्यापार विवाद को एक स्थायी दरार में बदलना एक बड़ी और रोकी जा सकने वाली गलती होगी. उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि चीन इस स्थिति का फायदा उठा रहा है. उन्होंने भारत को राय दीं हैं कि रूसी तेल को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बातचीत कर इसका हल निकालें.
ट्रंप को प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत करने का आग्रह किया
पूर्व राजदूत ने ट्रंप से भी आग्रह किया कि वह बिगड़ते संबंधों को रोकें और प्रधानमंत्री मोदी से सीधी बातचीत करें. उन्होंने कहा, 'जितनी जल्दी हो सके, उतना अच्छा है.' उन्होंने कहा, 'प्रशासन को भारत के साथ मतभेदों को दूर करने तथा संबंधों को उच्च स्तरीय ध्यान और संसाधन देने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए - जो अमेरिका चीन या इजरायल को देता है.'
चीन का सामना करने के लिए अमेरिका के पास भारत जैसा दोस्ता होना चाहिए
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका को सबसे महत्वपूर्ण बात, 'हमारे साझा लक्ष्यों' को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. चीन का सामना करने के लिए अमेरिका के पास भारत के रूप में एक मित्र होना चाहिए. यह कदम अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत का मूल्यानुसार शुल्क लगाए जाने के बाद उठाया गया है, तथा उसने 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की है जो 27 अगस्त से प्रभावी होगा, जिससे कुल शुल्क 50 प्रतिशत हो जाएगा.
हरियाणा के नूंह में फिर भड़की आग, क्या दोहराया जा रहा है पिछला बवाल?
20 Aug, 2025 05:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा। नूंह जिले के गांव मुंडाका में मंगलवार शाम मामुली विवाद पर दो समुदायों के बीच झगड़ा हो गया। जिसमें दोनों ओर से लाठी-डंडे चले और दोनों पक्ष के लगभग 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से कई को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना के पीछे वाहन खड़ा करने को लेकर युवकों के बीच झगड़ा बताया जा रहा है। जो बाद में दो समुदायों के बीच बड़े विवाद का रूप ले लिया । पुलिस ने बताया कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के लोग भी मौके पर पहुंच गए। गुस्साई भीड़ ने मौके पर खड़ी बाइक व दो खोकों को आग के हवाले कर दिया। धूं-धूं कर जलते वाहनों ने क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह झड़प हरियाणा के मुंडाका गांव और इसी गांव की सीमा से सटे राजस्थान के हाजीपुर गांव के लोगों के बीच हुई। सूचना मिलते ही फिरोजपुर झिरका थाना पुलिस के साथ-साथ नूंह जिले के अन्य थानों से भी पुलिस बल मौके पर भेजा गया। पुलिसकर्मी स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे रहे और दोनों समुदायों के लोगों को अलग-अलग क्षेत्रों में रोका गया।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन माहौल पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है।
समाचार लिखे जाने तक क्षेत्र में तनाव बरकरार था और एहतियात के तौर पर पुलिस गांव में गश्त कर रही है। एक पक्ष की तरफ से चुन्नीलाल, गोपाल ,लेखराज, वीर सिंह, फूलचंद, हंसराज व दूसरे पक्ष के खुर्शीद, फरहान, शाहबाज घायल हुए। इन्हें इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया । खबरें लिखे जाने तक गांव में शांतिपूर्वक स्थिति बरकरार है। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं । इसी साल मार्च में भी बवाल हुआ था। ईद की नवाज के बाद पुरानी रंजिश को लेकर हरियाणा के नूंह स्थित तिरवाड़ा गांव में दो गुट आपस में भिड़ गए। इस भिड़ंत में करीब एक दर्जन से अधिक घायल हैं। घायलों को पुनहाना के सामुदायिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, घटना सुबह 9 बजे की है। राशिद और साजिद नामक व्यक्तियों के समूहों के बीच पुरानी रंजिश के चलते यह विवाद हुआ है। हिंसा की शुरुआत तब हुई जब ईदगाह से नमाज अदा करने के बाद घर लौट रहे एक समूह के लोगों का दूसरे पक्ष के कुछ लोगों से झगड़ा हो गया। इसके बाद दोनों समूहों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने के बाद हिंसा रुक गई और घायलों को अस्पताल ले जाया गया। वही 2023 के इसी महीने यानि अगस्त में नूंह में हिंसा के बाद जिले में कर्फ्यू लगा दिया गया है. जिले में अर्धसैनिक बलों की 13 कंपनियां तैनात कर दी गई है. इसके अलावा 6 कंपनियां और भी तैनात की जाएगी।
इस बीच खबर है कि हरियाणा सरकार ने केंद्र से रैपिड एक्शन फोर्स की 20 कंपनियां मांगी हैं. वहीं मंलगवार की सुबह नूंह में माहौल तनावपूर्ण रहा. इस बीच शहर पूरी तरह से थमा नजर आया. बडकली चौक, पिनगवां, पुन्हाना, फिरोजपुर झिरका और तावडू में बाजार बंद रहे.तब नूंह में हिंदू संगठनों ने ब्रजमंडल यात्रा निकाली थी. इस दौरान दो गुटों में टकराव हुआ. इस दौरान 40 से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था. एक दूसरे पर पथराव हुआ और फायरिंग की घटनाएं भी सामने आई. उपद्रवियों ने वाहनों में तोड़फोड़ भी की.इस हिंसा में दो होमगार्ड की मौत की खबर है. 15 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं. कुछ उपद्रवियों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है. फिलहाल नूंह में अतिरिक्त पुलिस बल पहुंच चुका है. रैपिड एक्शन फोर्स के जवान शहर में लगातार गश्त कर रहे हैं. हरियाणा पुलिस के जवान भी पूरी तरह से अलर्ट हैं. तकरीबन 1800 से 2000 जवान हालात पर काबू पाने के लिए जुटे हैं. गुरुग्राम अलवर राष्ट्रीय राजमार्ग से जली हुई गाड़ियों को जिला प्रशासन ने हटवा दिया है.
इंफ्लुएंसर की दीवानगी! राजगढ़ में खेत के बीच खड़ी कर दी मूर्ति, वजह हैरान कर देगी
20 Aug, 2025 04:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजगढ़। राजगढ़ जिले के बागोरी गांव में हरियाणा के मशहूर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निशु देशवाल की प्रतिमा लगाई गई है। निशु देशवाल एक स्टंट करते समय हादसे में मर गए थे। उनके एक भक्त और किसान अंकित दांगी ने 24 मई को उनके जन्मदिन पर अपने खेत में उनकी प्रतिमा लगाई। यह प्रतिमा स्थानीय नेताओं की मौजूदगी में अनावरण की गई।
अंकित दांगी, जिन्हें लोग बागोरी ईटीवी के नाम से जानते हैं, कहते हैं कि वे 2018 से निशु देशवाल के वीडियो देखते थे और उनसे बहुत प्रभावित थे। निशु भी किसान थे और ट्रैक्टर से स्टंट करते थे। अंकित उन्हें अपना गुरु मानते थे। 26 फरवरी 2024 को निशु देशवाल एक स्टंट करते समय हादसे का शिकार हो गए।
अंकित दांगी ने बताया कि निशु की वजह से उन्होंने भी सोशल मीडिया पर काम करना शुरू किया। निशु की मौत के बाद दिसंबर 2024 में वे हरियाणा गए और वहां निशु के छोटे भाई रोहित देशवाल से मिले। रोहित ने पहले ही निशु की एक प्रतिमा बनवा रखी थी। तभी से अंकित ने सोचा कि वे भी अपनी याद में एक प्रतिमा बनाकर अपने खेत में लगवाएंगे। इसलिए 24 मई को निशु के जन्मदिन पर उनकी प्रतिमा का लोकार्पण किया गया।
अंकित कहते हैं कि उन्होंने अपनी प्रतिमा उस जगह लगाई है जहां वे खुद वीडियो बनाते हैं। उनके इंस्टाग्राम पर डेढ़ लाख से ज्यादा फॉलोवर हैं। अंकित के अनुसार, निशु देशवाल की प्रतिमा हरियाणा के कुराड़ गांव में उनके भाई रोहित ने लगाई है और मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के बागोरी गांव में भी उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है। यह प्रदेश में पहली बार किसी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की प्रतिमा है। आपको बता दें कि हरियाणा के पानीपत जिले के निशु देशवाल एक बहुत प्रसिद्ध सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर थे। उनके इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर 20 लाख से ज्यादा फॉलोवर थे। 25 फरवरी 2024 को ट्रैक्टर से स्टंट करते समय ट्रैक्टर का अगला हिस्सा बहुत ऊपर उठ गया, जिससे ट्रैक्टर के नीचे दबने से निशु देशवाल की मौत हो गई।
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