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नेतन्याहू की अमेरिका यात्रा में ईरान के खिलाफ रणनीति, ट्रंप ने दी चेतावनी
9 Apr, 2025 12:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हाल ही में अमेरिका यात्रा पर गए नेतन्याहू ने मध्य पूर्व में अपनी बढ़त बनाने के लिए व्हाइट हाउस में ईरान को पीटने का प्लान बना रहे थे. लेकिन उन्हें क्या पता था अली खामनेई तेहरान में बैठकर ही अपनी ताकत पूरी दुनिया में बढ़ाने में लगे है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार ईरान को धमकी दे रहे हैं कि वह प्राक्सी गुटों को समर्थन देना बंद करे नहीं तो उसके इसके बुरे परिणाम भुगतने होंगे.
अमेरिका की इन धमकियों से ईरान डरने वाला कहा है, उसने अपने एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस में एक और मिलिशिया ग्रुप जोड़ लिया है. सीरिया में एक नया ईरान समर्थित आतंकवादी समूह ‘उली अल-बास’ उभरा है, जो अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के खिलाफ खड़ा किया गया है. इसका आधिकारिक नाम ‘सीरिया में इस्लामिक प्रतिरोध मोर्चा – उली अल-बास’ है और यह खुद को ईरान की व्यापक प्रतिरोध धुरी के साथ जुड़ा हुआ बताता है.
सीरिया में फिर बढ़ेगी ईरान की ताकत
ये समूह भी ईरान समर्थित राजनीतिक और सैन्य अभिनेताओं का गठबंधन है, जैसे गाजा में हमास, यमन में हूती और लेबनान में हिजबुल्लाह है. सीरिया में असद के तख्तापलट के बाद सीरिया में ईरान की पकड़ कमजोर हो गई थी. ऐसे समय में नए संगठन का उभरना इस बात का संकेत है कि ईरान मुश्किल समय में भी अपने एक्सिस को बढ़ाने में लगा है. खबरों के मुताबिक ये संगठन सीरिया की मौजूदा सुन्नी सरकार का समर्थन नहीं करता है.
इजराइल की बढ़ गई चिंता
सीरिया में एक और ईरान समर्थित गुट की स्थापना ने इजराइल की चिंता बढ़ा दी है. इजराइल को डर है कि ये समूह हिजबुल्लाह और हूती की तरह उसके ऊपर हमले कर सकता है. पहले ही इजराइल हूती, हमास और हिजबुल्लाह से लोहा ले रहा है, ऐसे में एक संगठन के साथ मोर्चा खोलना उसके लिए नुकसानदायक हो सकता है.
बंगाल की खाड़ी में 214 रोहिंग्या गिरफ्तार, बांग्लादेश पुलिस को सौंपे गए
9 Apr, 2025 12:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बंगाल की खाड़ी में 214 रोहिंग्या को गिरफ्तार किया गया है. ये सभी रोहिंग्या बांग्लादेश के कॉक्स बाजार से नाव के जरिए बंगाल की खाड़ी में घुसे थे. गिरफ्तारी के बाद इन सभी को बांग्लादेश की पुलिस को सौंप दिया गया है. बांग्लादेश की पुलिस का कहना है कि आखिर ये रोहिंग्या बंगाल की खाड़ी में किस मकसद से घुसे थे, इसकी जांच की जा रही है.
म्यांमार में हिंसा के बाद से ही रोहिंग्या बांग्लादेश के कॉक्स बाजार में रहते हैं, जहां से वे बांग्लादेश और उसके आसपास के देशों में कई गंभीर अपराधों को अंजाम देते हैं. भारत समेत कई देश रोहिंग्या को लेकर अलर्ट पर है. बांग्लादेश की सरकार भी रोहिंग्या को ठिकाने लगाने के लिए कई बड़े देशों से अपील कर चुका है.
बड़ा सवाल- कैसे हुए गिरफ्तार?
बांग्लादेश नेवी का कहना है कि रोहिंग्या का एक जत्था मछली पकड़ने वाले नाव से बंगाल की खाड़ी में घुस गया. जब नेवी को इन रोहिंग्या की गतिविधि संदिग्थ लगी तो एक दल को पीछे-पीछे भेजा गया. नेवी के मुताबिक रोहिंग्या का ये जत्था मलेशिया में घुसने की कवायद कर रहा था.
इसे देख कर नेवी ने बंगाल की खाड़ी में तुरंत अलर्ट जारी किया. जब जत्थे में शामिल लोगों ने नाव को नहीं रोका, तब उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया.
गिरफ्तारी के बाद इन रोहिग्या शरणार्थियों का कहना था कि वे मछली पकड़ने के मकसद से बंगाल की खाड़ी में घुसे थे. हालांकि, पुलिस का कहना था कि नाव में 118 पुरुष, 80 महिला और करीब 20 बच्चे भी मौजूद थे.
आमतौर पर मछली पकड़ने के लिए इतने लोग एकसाथ नहीं जाते हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर रोहिंग्या इतनी संख्या में किस मकसद से बंगाल की खाड़ी में घुसे थे?
म्यांमार में गृह युद्ध की संभावनाएं
एक रिपोर्ट में दावा किया था कि बांग्लादेश में रह रहे रोहिंग्या शरणार्थी एक लड़ाका ब्रिगेड तैयार कर रहा है. इस ब्रिगेड का मकसद दुनिया के मुस्लिम देशों से सहायता लेकर म्यांमार में गृह युद्ध छेड़ने की है.
2017-18 में म्यांमार से लाखों रोहिंग्या शरणार्थियों को मारकर भगा दिया गया था. इनमें से अधिकांश शरणार्थी बांग्लादेश आ गए थे. बांग्लादेश के कॉक्स बाजार में ये शरणार्थी रह रहे हैं.
19 साल की लड़की ने 21 साल बड़े शख्स से की शादी
9 Apr, 2025 12:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका : हमारे यहां शादियों में अक्सर दूल्हा-दुल्हन के बीच एक उचित उम्र का खयाल रखा जाता है. कोशिश ये होती है कि शादी में लड़का-लड़की के बीच ज्यादा से ज्यादा 5-6 साल का अंतर हो. लव मैरिज में तो लड़के-लड़की लगभग हमउम्र होते हैं. लेकिन बदलते परिवेश में आजकल कई ऐसे लोग भी मिल जाएंगे, जिनके लिए उम्र सिर्फ एक नंबर है और प्यार में वो किसी हद को नहीं मानते. ऐसी ही एक अनोखी प्रेम कहानी अमेरिका से सामने आई है, जिसमें 19 साल की लड़की और 41 साल के शख्स की लव स्टोरी ने सबको हैरान कर दिया है. ये लड़की अपने पापा की उम्र वाले शख्स से प्यार कर बैठी और चट शादी और पट बच्चा भी पैदा कर ली. इस लड़की का नाम इया (Iyah) और उसके पति का नाम रफाह (Rafah) है. दोनों एक बार में मिले थे, जहां इया वेट्रेस का काम करती थीं.
इया ने बताया, “मैं बार में काम कर रही थी. तभी मैंने देखा कि बार-बार एक शख्स मुझे देख रहा था. मैंने उससे बातचीत की और बाद में हमने नंबर एक्सचेंज किए. इसके बाद फिर हमने साथ में वक्त बिताना शुरू कर दिया.” रफाह ने कहा, “मुझे लगा कि वो मुझसे बड़ी होगी, क्योंकि वो बार में थी, लेकिन बाद में पता चला कि वो सिर्फ 19 साल की है.” दोनों की मुलाकात के बाद उनकी कहानी तेजी से आगे बढ़ी. इया ने बताया, “हमें एक-दूसरे की उम्र का पता ही नहीं था, हम बस साथ में वक्त बिताने लगे. तीन हफ्ते बाद मैं रफाह के साथ रहने चली गई और आठ महीने बाद उन्होंने मुझे प्रपोज कर दिया.” अब इया और रफाह शादीशुदा हैं और उनके एक बच्चा भी है. इस जोड़े ने अपनी खुशी को सोशल मीडिया पर शेयर किया, जहां उन्होंने एक वीडियो डाला. इस वीडियो में दोनों ने अपने हाथों से दिल बनाया और अपने फॉलोअर्स के लिए किस किया. इया ने वीडियो के साथ लिखा, “ये आपका साइन है.” ये वीडियो तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने इस पर कमेंट करना शुरू कर दिया.
19 साल की मां, लेकिन बेटी 18 साल की
इया और रफाह ने एक-दूसरे से शादी कर ली. लेकिन इनके रिश्ते में एक और हैरान करने वाली बात पता चली. दरअसल, रफाह की पहले पार्टनर से एक बेटी है, जो इया (अब दूसरी पत्नी) से मात्र एक साल छोटी है. रफाह ने कहा, “लोग कहते हैं कि मेरी बेटी और इया की उम्र एक जैसी है, लेकिन मैं उन्हें एक जैसा नहीं देखता. मैंने अपनी बेटी को बड़ा होते नहीं देखा और न ही उसके दोस्तों के साथ वक्त बिताया.” इया ने भी कहा, “रफाह जवान लड़कियों की तलाश में नहीं थे. लेकिन हमारी मुलाकात हुई और हमें प्यार हो गया.” हालांकि, ये जोड़ा अपनी शादी और बच्चे से बहुत खुश है, लेकिन सोशल मीडिया पर उनकी उम्र के फासले को लेकर काफी बहस छिड़ गई है. कुछ लोगों ने इस रिश्ते को गलत बताया. एक यूजर ने लिखा, “मैं इस जोड़े को शुभकामनाएं देता हूं, लेकिन अगर कोई 41 साल का शख्स मेरी 19 साल की बेटी के आसपास घूमता, तो उसे पछताना पड़ता.”
इनकी जोड़ी पर सवाल उठाते हुए एक और शख्स ने कमेंट किया, “ये साइन है? साइन किस बात का? पुलिस को बुलाने का?” तीसरे ने लिखा, “मैं 43 साल का हूं और मेरा बेटा 20 साल का है. तुम जिस शख्स के साथ हो, वो तुम्हारा पिता हो सकता है, ये रिश्ता अजीब है.” लेकिन कुछ लोग इस जोड़े के समर्थन में भी आए. एक महिला यूजर ने लिखा, “मैंने भी दूसरी शादी की और इस बार मैंने अपने से एक बड़े शख्स से शादी की, जो मेरा सबसे अच्छा फैसला था.” दूसरे शख्स ने कहा, “इन दोनों को जिंदगी भर की खुशियां मिलें, क्योंकि जिंदगी बहुत छोटी है, यहां कुछ गलत नहीं है.” बता दें कि इया और रफाह ने अपनी प्रेम कहानी को सोशल मीडिया पर खुलकर शेयर किया है. वो अक्सर वीडियोज बनाकर अपनी जिंदगी से जुड़ी बातें शेयर करते हैं. उनके वीडियोज को लाखों लोग देखते हैं. इया ने कहा, “हमने एक-दूसरे को बार में देखा और हमें प्यार हो गया. अब हम एक खुशहाल परिवार हैं.” रफाह ने भी कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इतनी जवान लड़की से प्यार करूंगा, लेकिन ये बस हो गया.”
दुबई में अनोखी हीरा प्रदर्शनी, दुनिया के सबसे दुर्लभ नीला हीरा हुआ प्रदर्शित
9 Apr, 2025 12:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुबई अपनी अनोखी और नायाब चीजों के लिए जाना जाता है. दुबई में दुनिया के सबसे महंगे होटल से लेकर दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग है और यहां के शेखों के महंगे शौक पूरे दुनिया मशहूर है. इस वक्त संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में दुनिया के सबसे दुर्लभ हीरो की प्रदर्शनी हो रही है. 100 मिलियन डॉलर की प्रदर्शनी में मंगलवार को एक दुर्लभ नीला हीरा दिखाया गया, जिसकी चमक ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी और खीच लिया है.
ये प्रदर्शनी सोथबी की ओर से लगाई गई है, जिसमें प्रदर्शित आठ हीरों का कुल वजन 700 कैरेट से ज्यादा है. इनमें लाल, पीले, गुलाबी और रंगहीन हीरे शामिल हैं. लेकिन यहां आने वाले लोगों का ध्यान दक्षिण अफ्रीका के 10 कैरेट के नीले हीरे पर था, जिसे अब तक खोजे गए सबसे महत्वपूर्ण नीले हीरो में से एक माना जाता है. सोथबी को उम्मीद है कि मई में इसकी नीलामी 20 मिलियन डॉलर की होगी.
इस नीले हीरे को कातिया नौनौ बोइज़ अपने हाथ में पहन रखा था, जिसने उनकी खूबसूरती में चार चांद लगा दिए. कातिया मिडिल ईस्ट दुबई की डिप्टी चेयरमैन हैं और 2008 से सोथबी से जुड़ी हैं.
हीरो के लिए दुबई में अलग दिवानगी
कंपनी के उत्तरी अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में ज्वेलरी चीफ क्विग ब्रूनिंग ने कहा कि उन्होंने इस प्रदर्शनी के लिए अबू धाबी को इसलिए चुना क्योंकि इस खाड़ी देश में हीरों के लिए गहरी रुचि है. उन्होंने कहा, “हमें इस क्षेत्र के बारे में बहुत आशा है. हमें यकीन है कि यह ऐसी जगह है जहां इस महत्व और दुर्लभता के हीरों के व्यापारी और संग्रहकर्ता दोनों हैं.”
कौन हैं नीला दुर्लभ हीरा पहनने वाली महिला?
इस प्रदर्शनी में सोथबी मिडिल ईस्ट दुबई की डिप्टी चेयरमैन कातिया नौनौ बोइज़ दुर्लभ हीरे को पहने हुई दिखाई दी. कातिया मिडिल ईस्ट दुबई की डिप्टी चेयरमैन हैं और 2008 से सोथबी से जुड़ी हैं. 2015 में, कैटिया दुबई चली गईं और सोथबी के पहले UAE ऑफिस की नींव रखी, जिसने अमीरात को महत्वपूर्ण संग्रहों और उत्कृष्ट कृतियों के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किया.
वह मध्य पूर्व के लिए विशेष प्रदर्शनियों, व्याख्यानों और कार्यक्रमों की एक सीरीज बनाने में महत्वपूर्ण रही हैं, जबकि इस क्षेत्र में ग्राहकों के साथ मजबूत संबंध भी बनाए हैं. कातिया के पास यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन से फ्रेंच साहित्य में ग्रेजुएशन की डिग्री है.
चीन पर अमेरिकी टैरिफ का असर, डोनाल्ड ट्रंप की लगातार चेतावनी
9 Apr, 2025 11:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चीन मुश्किल में है. अमेरिका से उसपर टैरिफ की मार पड़ रही है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार चेतावनी दे रहे हैं. उधर, यूक्रेन में रूस के लिए लड़ते हुए उसके दो सैनिक पकड़े गए हैं. यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने ये दावा किया है. इन घटनाक्रम के बीच चीन को भारत की याद आई है. उसने कहा है कि चुनौतियों से बाहर निकलने के लिए चीन और भारत को साथ काम करना चाहिए.
अमेरिका-चीन के बीच टैरिफ वार
चीन और अमेरिका मे टैरिफ को लेकर जंग छिड़ी हुई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को चीन के सामानों पर 104 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की. ट्रंप के इस ऐलान के बाद बीजिंग ने अमेरिका की आक्रामकता के खिलाफ अंत तक लड़ने की कसम खाई है.
ट्रंप ने मूल रूप से चीन के सामनों पर 34 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया था. इसके बाद चीन ने भी अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ की घोषणा की. वार और पलटवार के बीच अमेरिका ने टैरिफ को बढ़ा दिया और 50 प्रतिशत कर दिया. बीजिंग ने अमेरिका के इस कदम की कड़ी निंदा की और अंत तक इससे लड़ने की कसम खाई.
चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने कहा, उनका देश किसी भी झटके का पूरी तरह से सामनाकरने में सक्षम है. उन्होंने कहा कि चीन की दृढ़ प्रतिक्रिया न केवल अपने हितों की रक्षा के लिए है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों की रक्षा के लिए भी है.
यूक्रेन में पकड़े गए चीन के दो सैनिक
चीन अभी अमेरिका से टैरिफ की लड़ाई लड़ ही रहा था कि यूक्रेन में उसके दो सैनिक पकड़े गए हैं. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा कि उनकी सेना ने दो चीनी सैनिकों को पकड़ा है, जो पूर्वी यूक्रेन के डोनेट्स्क क्षेत्र में रूसी सेना की ओर से लड़ रहे थे. उन्होंने कहा कि उनके पास पहचान पत्र, बैंक कार्ड और व्यक्तिगत डेटा पाए गए हैं.
जेलेंस्की ने कहा कि हमारे पास ऐसी जानकारी है जो बताती है कि इन दो के अलावा और भी कई चीनी सैनिक हैं. हम वर्तमान में सभी तथ्यों की पुष्टि कर रहे हैं. खुफिया, यूक्रेन की सुरक्षा सेवा और सशस्त्र बलों की इकाइयां इस पर काम कर रही हैं.
फरवरी 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद से रूस और चीन ने राजनीतिक, सैन्य और आर्थिक सहयोग को बढ़ाया है. हालांकि, चीन का कहना है कि वह जंग में तटस्थ है. उसने कहा कि उसने अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के विपरीत किसी भी पक्ष को सहायता नहीं भेजी है.
चीन को आई भारत की याद
टैरिफ और यूक्रेन के मोर्चे पर मात खाने के बाद चीन को भारत की याद आ रही है. उसने कहा है कि चीन और भारत साथ मिलकर टैरिफ जैसी चुनौतियों से बाहर निकल सकते हैं. भारत में चीनी दूतावास के प्रवक्ता यू जिंग ने कहा, चीन की अर्थव्यवस्था एक ऐसी प्रणाली पर आधारित है जो स्थिर विकास सुनिश्चित करती है और देश आर्थिक वैश्वीकरण का एक मजबूत समर्थक है, जो औसतन वैश्विक विकास में 30% का योगदान देता है.
उन्होंने कहा कि चीन-भारत आर्थिक और व्यापारिक संबंध पारस्परिक लाभ पर आधारित हैं. दो सबसे बड़े विकासशील देशों को कठिनाइयों को दूर करने के लिए एक साथ खड़ा होना चाहिए.
पाकिस्तानी पासपोर्ट की बेइज्जती, सिर्फ 33 देशों में मिलती है वीजा-फ्री एंट्री
9 Apr, 2025 11:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान के दुनिया में बेइज्जती होना कोई नई बात नहीं है, फिर चाहे वह अरब का कोई देश हो या यूरोप का पाकिस्तानियों को कोई भी अपने यहां आसानी से आने नहीं देता. पाकिस्तान की पासपोर्ट रैंकिंग 103 हैं और महज 33 देशों में पाकिस्तानियों को वीजा फ्री एंट्री है. लेकिन पाकिस्तान को UAE ने लंबी गुजारिशों के बाद कुछ राहत दी है.
दुबई के जनरल डायरेक्टोरेट ऑफ आइडेंटिटी एंड फॉरेनर्स अफेयर्स की वेबसाइट के मुताबिक देश पांच साल के लिए मल्टीपल-एंट्री टूरिस्ट वीजा जारी करता है. वीजा जारी होने की तारीख से एक व्यक्ति को तीन यात्राएं करने की इजाजत मिलती है, जिसके लिए देश के अंदर कोई गारंटर या मेज़बान की शुरुआत नहीं होती है. अब ये मल्टीपल-एंट्री टूरिस्ट वीजा पाकिस्तान के नागरिकों को भी मिल सकेगा.
वीजा में मिली राहत
पाकिस्तान को ये वीजा गवर्नर हाउस में UAE दूत जाबी और सिंध के गवर्नर करमरान खान टेसोरी के बीच हुई बैठक के बाद मिला है. गवर्नर हाउस के हवाले से कहा गया, “वीजा संबंधी मुद्दों का समाधान हो गया है, पाकिस्तानियों को पांच साल का वीजा मिल सकता है.”
उन्होंने गवर्नर को कराची वाणिज्य दूतावास में वीजा केंद्र का दौरा करने के लिए भी आमंत्रित किया. टेसोरी ने प्रांत में, खासकर कराची में अपने देश के निवेश के लिए UAE के राजनयिक को धन्यवाद दिया. साथ ही जाबी ने गवर्नर की पहल के तहत चल रही परियोजनाओं की प्रशंसा की है.
UAE में हो रही पाकिस्तानियों की जांच
खबरों के मुताबिक UAE के अधिकारियों ने हाल ही में देश में आने वाले पाकिस्तानियों की जांच बढ़ा दी है, क्योंकि उन पर अपराध और भीख मांगने जैसी गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है. 23 दिसंबर को सीनेट पैनल को जानकारी दी गई कि UAE आने वाले सभी पाकिस्तानी यात्रियों की पुलिस द्वारा जांच और सत्यापन किया जाना चाहिए. ट्रैवल एजेंटों को भी इस संबंध में निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद पाक से जाने वालों यात्रियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
चीन के नर्सिंग होम में आग की घटना, 20 लोगों की मौत, कई को बचाया गया
9 Apr, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चीन। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी ने बुधवार को बताया कि उत्तरी चीन के एक नर्सिंग होम में आग लगने से 20 लोगों की मौत हो गई है। हालांकि, आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।
आग में मारे गए लोग और इलाज के लिए अस्पताल भेजे गए अन्य बुजुर्ग
स्थानीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि 8 अप्रैल को स्थानीय समयानुसार रात 9 बजे हेबेई प्रांत के चेंगडे शहर में स्थित एक नर्सिंग होम में आग लग गई।
रिपोर्ट मे बताया कि नर्सिंग होम में आग लगने के बाद सुरक्षित निकाले गए लोगों को आगे की निगरानी और उपचार के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल कितने लोग घायल हैं इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
आग की वजह की जांच जारी
वहीं, आग के कारणों की जांच अभी चल रही है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि वे पूरी स्थिति की जांच कर रहे हैं और इस दुर्घटना के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
गुरुग्राम में टैक्सी ड्राइवर ने पकड़ी पत्नी की बेवफाई, छत पर प्रेमी के साथ देखी
8 Apr, 2025 06:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुरुग्राम: हरियाणा के गुरुग्राम के बसई एन्क्लेव में पति नाइट शिफ्ट करके घर लौटा तो पत्नी को प्रेमी के साथ रंगेहाथ पकड़ लिया. पति ने गुस्सा जाहिर किया तो प्रेमी ताव में आ गया और देसी कट्टा तान दिया. युवक ने आरोप लगाया कि पत्नी और उसका प्रेमी मेरठ ड्रम हत्याकांड जैसा हाल करने की धमकी देते हुए फरार हो गए. घटना के बाद पीड़ित पुलिस स्टेशन पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई. पीड़ित युवक ने दो साल पहले लव मैरिज की थी. पत्नी पंजाब के मोगा की रहने वाली है.
पीड़ित मौसम झज्जर जिले के एक गांव का रहने वाला है. दो साल पहले उसकी मुलाकात मोगा की रहने वाली युवती से हुई थी. दोनों की जल्द ही दोस्ती हो गई. दोस्ती के बाद मुलाकातों का दौर शुरू हो गया. मौसम के घरवाले इस रिश्ते के खिलाफ थे. फिर ही उसने लव मैरिज कर ली.
शादी के बाद पीड़ित गुरुग्राम के बसई एन्क्लेव की गली नंबर 4 के एक मकान में पत्नी के साथ किराए के मकान में रहने लगा. पीड़ित टैक्सी चलाता है और नाइट शिफ्ट करता है. पीड़ित युवक का कहना है कि 7 अप्रैल की सुबह 6 बजे जब वह ड्यूटी से घर लौटा तो पत्नी कमरे में न पाकर हैरान रह गया. वह छत पर पहुंचा तो देखा कि उसकी पत्नी गांव के ही एक लड़के नवीन के साथ है.
पीड़ित ने दोनों को टोका तो नवीन झगड़े पर उतर आया. उसने देसी कट्टा निकालकर धमकी दी. दोनों के बीच हाथापाई हो गई. दोनों लड़ते-लड़ते सीढ़ियों से गिरते हुए नीचे आ गए. शोर सुनकर आसपास के लोग इकट्ठे हो गए. लोगों ने नवीन से देसी कट्टा छीन लिया तो वह भागने लगा. जाते-जाते पत्नी और नवीन मेरठ हत्याकांड जैसा हाल कर देने की धमकी दे गए.
मौसम ने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है. उसने नवीन और पत्नी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. डर की वजह से किराए के मकान को छोड़कर गांव लौट गया. मौसम का कहना है कि नवीन पर मर्डर के केस दर्ज हैं. नवीन और पीड़ित की पत्नी के बीच इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई. वह मिलने के लिए गुरुग्राम आया था.
सेक्टर 10 थाना के जांच अधिकारी पुष्पेंद्र ने बताया, पीड़ित युवक की पत्नी और नवीन के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. देसी कट्टा भी बरामद किया है. पीड़ित युवक की पत्नी अपना मोबाइल छोड़कर गई है. दोनों की तलाश की जा रही है. जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा.
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने समर्थकों से वादा किया, जल्द लौटेंगी बांग्लादेश
8 Apr, 2025 01:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मोहम्मद यूनुस को सीधी चुनौती दी है। उन्होंने अपने समर्थकों को संदेश देते हुए कहा है कि वह बांग्लादेश वापस लौटेंगी और उनकी पार्टी अवामी लीग के सदस्यों को निशाना बनाने वालों को इंसाफ के कटघरे में लाया जाएगा। अवामी लीग की अध्यक्ष शेख हसीना, जिन्हें एक हिंसक आंदोलन के बाद बांग्लादेश से भागकर भारत आना पड़ा था, उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी पार्टी के नेताओं के परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि "अल्लाह ने मुझे किसी वजह से जीवित रखा है और वह दिन आएगा जब न्याय मिलेगा।"
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस पर निशाना साधते हुए शेख हसीना ने कहा कि वह "ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने कभी लोगों से प्यार नहीं किया"। शेख हसीना ने कहा है कि "उन्होंने ऊंची ब्याज दरों पर छोटी रकम उधार दी और उस पैसे का इस्तेमाल विदेश में ऐशो-आराम से रहने में किया। हम तब उनके दोगलेपन को समझ नहीं पाए, इसलिए हमने उनकी बहुत मदद की। लेकिन लोगों को कोई फायदा नहीं हुआ। उन्होंने अपने लिए अच्छा किया। फिर सत्ता की ऐसी लालसा पैदा की जो आज बांग्लादेश को जला रही है।"
शेख हसीना की मोहम्मद यूनुस को सीधी चुनौती
शेख हसीना ने आगे कहा कि बांग्लादेश अब एक "आतंकवादी देश" बन गया है। उन्होंने कहा कि "हमारे नेताओं और कार्यकर्ताओं को इस तरह से मारा जा रहा है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। अवामी लीग, पुलिस, वकील, पत्रकार, कलाकार, हर किसी को निशाना बनाया जा रहा है।" इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बांग्लादेश में मीडिया पर भी शिकंजा कसने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, "बलात्कार, हत्या, डकैती, कुछ भी रिपोर्ट नहीं किया जा सकता। और अगर रिपोर्ट किया जाता है, तो टीवी चैनल या अखबार को निशाना बनाया जाएगा।"
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि "मैंने एक ही दिन में अपने पिता, माता, भाई, सबको खो दिया। और फिर उन्होंने हमें देश वापस नहीं लौटने दिया। मुझे अपने लोगों को खोने का दर्द पता है। अल्लाह मेरी रक्षा करता है, शायद वह मेरे जरिए कुछ अच्छा करवाना चाहता है। जिन लोगों ने ये अपराध किए हैं, उन्हें सजा मिलनी चाहिए। यह मेरी प्रतिज्ञा है।"
ओरेगन में विमान रनवे से फिसलकर कूस बे में गिरा, पांच लोग घायल
8 Apr, 2025 01:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका में एक और विमान हादसे का शिकार हो गया। गनीमत रही कि विमान में सवार यात्रियों की जान बच गई। मामले से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को दक्षिणी ओरेगन में एक छोटा कॉरपोरेट विमान रनवे से फिसलकर पानी में जा गिरा। हादसे में पांच लोग घायल हो गए। सोशल मीडिया पर पोस्ट में एयरपोर्ट ने बताया कि विमान साउथवेस्ट ओरेगन रीजनल एयरपोर्ट के नॉर्थ बेंड में रनवे से फिसल गया और कूस बे में जा गिरा। हादसा सोमवार सुबह 6:15 बजे हुआ।
पायलट और चार यात्रियों को बचा लिया गया
एयरपोर्ट ने बताया कि विमान में सवार पायलट और चार यात्रियों को बचा लिया गया है, उन्हें अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल सभी की हालत स्थिर है। एयरपोर्ट ने बताया कि सोमवार शाम को दो लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। एक को भर्ती कराया गया है, जबकि दूसरे की अभी भी जांच की जा रही है। बताया गया कि पांचवें व्यक्ति को आगे के इलाज के लिए इलाके से बाहर अच्छे अस्पताल में भेज दिया गया है।
यूटा से ओरेगन आ रहा था विमान
एयरपोर्ट ने बताया कि 2019 होंडा HA-420 को नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड से अनुमति मिलने के बाद पानी से निकाला गया। विमान सेंट जॉर्ज, यूटा से ओरेगन आ रहा था।
पाकिस्तान के कसूर में पुलिस ने छापा मारा, रेव पार्टी में 55 लोग गिरफ्तार
8 Apr, 2025 11:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेज म्यूजिक, डांस, शराब और ड्रग का नशा शबाब पर था. हर कोई अपने में मदहोश था और अचानक रंग में भंग पड़ गया. पुलिस ने छापा मारा और पूरी पार्टी तहस-नहस हो गई. कोई इधर भागा, कोई उधर भागा, लेकिन पुलिस के चंगुल से बच नहीं पाया. आखिरकार उन्हें पुलिस के सामने सरेंडर करना पड़ा. पुलिस ने सभी को जब लाइन में खड़ा किया और उनसे पूछताछ की तो उसके होश उड़ गए. दरअसल, ये रंगरलियां पाकिस्तान के कसूर में मनाई जा रही थीं.
पुलिस ने एक फार्महाउस पर छापा मारा था, जहां रेव पार्टी चल रही थी. इस पार्टी में 55 युवाओं को हिरासत में लिया गया, जिसमें 30 लड़के और 25 लड़कियां शामिल थीं. अधिकारी इन सभी को पूछताछ के लिए मुस्तफाबाद पुलिस स्टेशन ले गए. पुलिस अधिकारियों ने पूछताछ के पुष्टि की कि पकड़े गए लोगों में से कई पाकिस्तान सेना के सीनियर अधिकारियों और पीएमएल-एन पार्टी के नेताओं के बच्चे शामिल हैं.
लड़कियों की तस्वीरों को लेकर उठे सवाल
छापे के बाद गिरफ्तार युवाओं का एक वीडियो बनाया गया, जिसमें लड़कियां दिखाई दे रही हैं. ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. क्लिप में देखा गया है कि पुलिस ने लड़कियों को लाइन में खड़ा किया और उनका वीडियो बनाया. दावा किया जा रहा है कि अधिकारियों ने गिरफ्तार लोगों को कैमरे की तरफ देखने के लिए मजबूर किया. वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने पुलिस के ऊपर निजता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया.
कसूर के जिला पुलिस अधिकारी (डीपीओ) ईसा खान ने इस मामले को लेकर आंतरिक जांच का आदेश दे दिए हैं. जांच के दौरान पाया गया है कि दो अधिकारियों ने बिना इजाजत के गिरफ्तार लोगों का वीडियो बनाया, जिसके चलते डीपीओ ने स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) और जांच अधिकारी (आईओ) दोनों को सस्पेंड कर दिया.
फार्महाउस से शराब और साउंड जब्त
रेव पार्टी पर छापा मारने वाली टीम का मुस्तफाबाद एसएचओ सकलैन बुखारी ने नेतृत्व किया था. ये कार्रवाई उन्होंने डीपीओ ईसा खान के आदेश पर की थी. अधिकारियों ने ऑपरेशन के दौरान फार्महाउस से शराब और तेज आवाज वाले साउंड जब्त किए हैं. छापेमारी के बाद कसूर पुलिस ने एक बयान जारी किया. इसमें गिरफ्तार आरोपियों की ब्लर तस्वीरें और जब्त की गई सामग्री लिस्ट जारी की.
ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर जताई नाराजगी, बमबारी को बताया पागलपन
8 Apr, 2025 11:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कीव: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस और यूक्रेन युद्ध को रोकना चाहते हैं. लेकिन अभी तक उन्हें इसमें कामयाबी नहीं मिली है. इस बीच उन्होंने रूस की ओर से यूक्रेन पर बमबारी को लेकर सोमवार को नाराजगी जताई. वाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ‘वहां जो हो रहा है, मुझे वह बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा है.’ ट्रंप ने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि रूस पागलों की तरह बमबारी कर रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्ष एक समझौते के करीब हैं, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि हालात बुरे हैं. ट्रंप का यह बयान और भी चिंताजनक है. खासतौर पर ऐसे समय में जब दुनिया एक ट्रेड वार का सामना कर रही है. ट्रंप ने कहा, ‘पिछले हफ्ते से चल रही बमबारी अच्छी नहीं है. हम रूस और यूक्रेन से मिल रहे हैं और कुछ हद तक करीब पहुंचे हैं. लेकिन यह बमबारी मुझे पसंद नहीं. यह भयानक है.’
रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध पिछले तीन सालों से जंग जारी है. मार्च में ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से नाराज होने की बात कही थी. रविवार को फिर उन्होंने कहा था कि हम चाहते हैं कि वे (रूस) रुके. मुझे यह बमबारी पसंद नहीं. सोमवार को ट्रंप के बयान से पहले रूस ने कहा था कि वह युद्धविराम का समर्थन करता है, लेकिन उसकी नीयत पर सवाल भी खड़े होते रहे हैं. रूस ने अमेरिका और यूरोप के इस दावे को खारिज किया कि वह समय खींच रहा है. जनवरी में सत्ता में लौटने से पहले ट्रंप ने कहा था कि वह 24 घंटे में युद्ध खत्म कर देंगे.
रूस ने यूक्रेन पर किए हमले
यूक्रेन की राजधानी कीव पर रविवार को रूसी हवाई हमलों में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि मध्य यूक्रेनी शहर क्रीवी रीह पर शुक्रवार को हुए हमले में मरने वालों की संख्या में वृद्धि जारी है. मेयर विताली क्लित्स्को ने बताया कि कीव के डार्नित्स्की जिले में हमले के केंद्र के पास व्यक्ति का शव मिला. हमले में तीन लोग घायल हो गए तथा कई गैर-आवासीय क्षेत्रों में आग लग गई और कारों और इमारतों को नुकसान पहुंचा है. सोशल मीडिया पर दिए गए एक बयान में यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि रूस के बढ़ते हमले दर्शाते हैं कि मॉस्को पर अब भी पर्याप्त अंतरराष्ट्रीय दबाव नहीं है.
कितना बड़ा रहा हमला
उन्होंने कहा कि रूस ने पिछले सप्ताह ही यूक्रेन पर 1,460 से अधिक गाइडेड हवाई बम, लगभग 670 हमलावर ड्रोन और 30 से अधिक मिसाइलें दागी हैं. जेलेंस्की ने कहा, ‘ये हमले सभी अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक कोशिशों को (रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर) पुतिन का जवाब है. हमारे हर साथी – अमेरिका, पूरा यूरोप, पूरी दुनिया – ने देखा है कि रूस युद्ध और हत्या जारी रखने का इरादा रखता है.’ इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि क्रिवी री पर शुक्रवार को हुए हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं और 75 अन्य घायल हुए हैं.
ट्रंप ने चौंकाते हुए किया ऐलान, ईरान से शुरू हुई सीधी बातचीत
8 Apr, 2025 11:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को ट्रंप से मुलाकात की. इस मुलाकात में गाजा युद्ध और ईरान से तनाव पर चर्चा अहम रही है. बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक आश्चर्यजनक घोषणा में कहा कि तेहरान और वाशिंगटन ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सीधी बातचीत शुरू कर दी है और शनिवार को वरिष्ठ स्तर पर ‘बहुत बड़ी बैठक’ आयोजित की जाएगी.
ट्रंप के इस बयान ने सबको चौंका दिया, क्योंकि ईरान अमेरिका से सीधे बातचीत को खारिज करता आया है. ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ ओवल ऑफिस मीटिंग के दौरान मीडिया से कहा, “हम ईरान के साथ सीधी बातचीत कर रहे हैं और यह शुरू हो गई है, यह शनिवार को होगी. हमारी एक बहुत बड़ी बैठक है और हम देखेंगे कि क्या हो सकता है.”
ट्रंप के इस ऐलान से पहले तेहरान के अधिकारियों ने लगातार वाशिंगटन के साथ सीधी बातचीत की संभावना को खारिज किया था.
मिलिट्री एक्शन से बचने का आखिरी प्रयास
डोनाल्ड ट्रंप ने अप्रत्यक्ष वार्ता के लिए ईरान की सार्वजनिक प्राथमिकता को दरकिनार करते हुए कहा कि वार्ता ‘लगभग उच्चतम स्तर पर’ की जा रही है. उन्होंने कहा कि बहुत से लोग समझ रहे हैं कि हम शायद सरोगेट्स के माध्यम से जा रहे हैं, लेकिन हम उनसे सीधे निपट रहे हैं.
यह ऐलान ऐसे समय पर किया गया है, जब मध्य पूर्व में इजराइल और अमेरिका का तनाव बढ़ा हुआ है और ईरान की परमाणु गतिविधियों को लेकर अमेरिका और इजराइल में चिंता बढ़ रही है. खबरों के मुताबिक ट्रंप प्रशासन की और से की जा रही वार्ता को सैन्य कार्रवाई से बचने के लिए अंतिम प्रयास के रूप में देखा जा रहा है.
अगर वार्ता नाकामयाब हुई तो ईरान के लिए बुरा दिन
ट्रंप ने कहा, “ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता. बस इतना ही हमारा कहना है, उन्होंने आगे कहा कि अगर वार्ता से कोई नतीजा नहीं निकलता है, तो यह ईरान के लिए बहुत बुरा दिन होगा.” हालांकि ट्रंप के बगल में बैठे नेतन्याहू ने इसपर ज़्यादा बात नहीं की, लेकिन राष्ट्रपति के बोलते समय उन्होंने सिर हिलाया.
ताइवान संकट: चीन के हमले की योजना पर अमेरिकी रक्षा विश्लेषकों का बड़ा दावा
8 Apr, 2025 10:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एशिया के क्षितिज पर एक बड़ा संकट मंडरा रहा है. हाल ही में सामने आई अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों और रणनीतिक विश्लेषणों के अनुसार, चीन अगले 6 महीनों में ताइवान पर हमला कर सकता है. यह दावा अमेरिकी रक्षा मामलों के जानकारों और खुफिया सूत्रों पर आधारित है. अगर यह सच होता है, तो यह न केवल ताइवान के लिए बल्कि पूरे एशिया और विश्व के लिए एक गंभीर सैन्य और राजनीतिक संकट बन सकता है.
बीते कुछ सालों से चीन की ताइवान को लेकर रणनीति साफ रही है “एक चीन नीति” के तहत ताइवान को चीन का हिस्सा मानना और किसी भी कीमत पर उसे मिलाना. ताइवान भले ही खुद को एक स्वतंत्र लोकतांत्रिक देश मानता हो, लेकिन चीन इसे अपना “विचलित प्रांत” कहता है. अब, खुफिया सूत्रों के अनुसार, बीजिंग में यह बहस तेज हो गई है कि अगर ताइवान को अब नहीं मिलाया गया, तो फिर कब?
चीन की तैयारी और मंशा
चीन ने हाल ही में ताइवान के आसपास कई बड़े सैन्य अभ्यास किए हैं. समुद्र और वायुसीमा में आक्रामक गतिविधियां, ताइवान के रक्षा क्षेत्र में घुसपैठ और साइबर हमलों की खबरें लगातार आती रही हैं. इन गतिविधियों से यह संकेत मिलता है कि चीन अब केवल रणनीतिक दबाव बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह वास्तव में सैन्य कार्रवाई की ओर बढ़ सकता है.
ताइवान को चीन ने फिर डराया
आज सुबह 6 बजे (UTC+8) तक ताइवान के आसपास 16 पीएलए (PLA) विमान, 5 पीएलएएन (PLAN) नौसैनिक पोत और 1 सरकारी जहाज की गतिविधि दर्ज की गई. इनमें से 16 में से 15 विमानों ने मध्य रेखा पार की और ताइवान के उत्तर, दक्षिण-पश्चिम और पूर्वी वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (ADIZ) में दाखिल हुआ. हलकों ताइवान की डिफेंस मिनिस्ट्री ने स्थिति पर निगरानी रखी और जरूरी प्रतिक्रिया दी.
ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय की एक पोस्ट में चीनी सैन्य गतिविधियों की जानकारी कल भी दी गई है. रिपोर्ट के अनुसार, ताइवान के आसपास 4 पीएलए (PLA) सैन्य विमान और 8 पीएलएएन (PLAN) नौसैनिक जहाज देखे गए, जिनमें से 2 विमान ताइवान की उत्तरी वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (ADIZ) में मीडियन लाइन पार कर दाखिल हुए. यह गतिविधियां हाल ही में हुए चीनी सैन्य अभ्यास “Strait Thunder-2025A” के बीच बढ़ते तनाव को बढ़ा रही हैं.
जो एक अनौपचारिक सीमा मानी जाती है, अब पीएलए विमानों उसको लगातार पार कर रहे हैं. जेम्सटाउन फाउंडेशन के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में ऐसी घटनाओं में तेज वृद्धि हुई है. साल 2025 के अप्रैल महीने में अब तक ज्यादातर दिनों में 50% से अधिक विमान इस सीमा को पार करते पाए गए हैं. इससे ताइवान की रक्षा क्षमताओं पर भारी दबाव पड़ रहा है.
ये गतिविधियां अमेरिका खुफिया रिपोर्ट्स से मेल खाती हैं, जिनमें कहा गया है कि चीन अगले 6 महीनों में ताइवान पर हमला करने की कोशिश कर सकता है. विश्लेषणों के अनुसार, पीएलए की ये हरकत संभावित संघर्ष की पूर्वाभ्यास मानी जा रही हैं, जो क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा रही हैं.
संभावित रणनीतियां: तीन प्रमुख विकल्प
अमेरिका की रिपोर्ट में तीन प्रमुख रणनीतिक विकल्पों की बात की गई है, जिन्हें चीन ताइवान पर नियंत्रण पाने के लिए अपना सकता है.
1. नाकाबंदी (Blockade)
यह चीन की सबसे कम आक्रामक लेकिन प्रभावशाली रणनीति हो सकती है. चीन की नौसेना ताइवान को चारों ओर से घेर सकती है, जिससे उसके समुद्री रास्ते पूरी तरह बंद हो जाएंगे. ताइवान अपनी 90% खाद्य आपूर्ति और 100% प्राकृतिक गैस समुद्र मार्ग से मंगाता है. अगर यह आपूर्ति ठप हो जाए, तो देश में मानवीय संकट पैदा हो सकता है और सरकार को चीन की शर्तों को मानने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है.
2. सीधा सैन्य हमला
इस विकल्प में चीन मिसाइल और साइबर हमलों से ताइवान की सुरक्षा को पंगु बना देगा. एयर डिफेंस सिस्टम, रडार बेस, पॉवर ग्रिड और इंटरनेट सिस्टम को क्रैश करके ताइवान को अंधेरे में डुबो दिया जाएगा. इसके बाद चीन के लगभग 1,00,000 सैनिक तटों से दाखिल हो सकते हैं और राजधानी ताइपे पर कब्जा करने की कोशिश करेंगे. यह सबसे खतरनाक और विनाशकारी रणनीति होगी, जिसमें भारी जनहानि की आशंका है.
3. मल्टी फ्रंट अटैक
तीसरा विकल्प न केवल ताइवान पर कब्जा करने तक सीमित होगा, बल्कि अमेरिका और उसके सहयोगियों को भी एक साथ निशाना बनाया जाएगा. चीन अपनी मिसाइलों से जापान, गुआम और फिलीपींस में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले कर सकता है. इसका मकसद अमेरिका की सहायता पहुंचाने की क्षमता को खत्म करना होगा ताकि वह ताइवान की मदद न कर सके.
अमेरिका और पश्चिमी देशों का फ्यूचर एक्शन
अमेरिका कागजों में लंबे समय से “वन चाइना पॉलिसी” को स्वीकार करता है, लेकिन ताइवान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध भी रहा है. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कई बार सार्वजनिक रूप से कहा था कि अगर चीन ताइवान पर हमला करता है, तो अमेरिका सैन्य प्रतिक्रिया देगा. हाल ही में अमेरिका ने ताइवान को रक्षा उपकरणों की आपूर्ति और सैन्य प्रशिक्षण भी तेज किया है.
इसके अलावा जापान, ऑस्ट्रेलिया और फिलीपींस जैसे अमेरिकी सहयोगी देश भी इस संकट को गंभीरता से ले रहे हैं. जापान की सुरक्षा नीति में बदलाव और अमेरिका-जापान संयुक्त सैन्य अभ्यास इसका साफ संकेत हैं.
चीन के लिए यह समय रणनीतिक दृष्टि से सही माना जा रहा है. अमेरिका आंतरिक राजनीतिक अस्थिरता, चुनावी राजनीति और यूक्रेन-गाजा जैसे कई मोर्चों पर व्यस्त है. चीन मानता है कि अगर अब ताइवान पर हमला किया जाए, तो अमेरिका शायद प्रभावी जवाब न दे पाए. इसके अलावा, शी जिनपिंग की सत्ता को भी घरेलू समर्थन की जरूरत है और ‘राष्ट्रवाद’ को भुनाने के लिए ताइवान पर आक्रमण एक बड़ा दांव हो सकता है.
क्या यह तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत हो सकती है?
अगर चीन और अमेरिका सीधे टकराते हैं, तो यह टकराव सिर्फ ताइवान तक सीमित नहीं रहेगा. एशिया-प्रशांत क्षेत्र के अन्य देश जैसे जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया भी खिंच सकते हैं. इसके अलावा यूरोप और नाटो भी इसमें कूटनीतिक या सैन्य रूप से शामिल हो सकते हैं. इससे व्यापार और आर्थिक स्थिरता पर भारी प्रभाव पड़ सकता है. खासकर सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री, जिसमें ताइवान सबसे आगे है, पूरी दुनिया की तकनीकी अर्थव्यवस्था को झटका दे सकती है.
पाकिस्तान की IT मंत्री ने कहा, स्टारलिंक सेवा इस साल के अंत तक हो सकती है शुरू
8 Apr, 2025 10:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान के लगभग 78 सालों की इतिहास में वे ज्यादातर क्षेत्र में भारत से पीछे रहा है. भारत में इस समय तेज इंटरनेट देने वाली कई कंपनिया मौजूद हैं और इसको और तेज बनाने के लिए एलन मस्क की स्टारलिंक को भारत में लाने की बात हो रही है. फरवरी में नरेंद्र मोदी और एलन मस्क की मुलाकात के दौरान इसमें प्रगर्ती भी हुई है.
पाकिस्तान की IT मंत्री ने एक ऐसा दावा कर दिया है, जिससे लग रहा है कि पाकिस्तान सैटेलाइट इंटरनेट लाने में बाजी मार जाएगा. एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान के मुताबिक पाकिस्तान की संघीय सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और दूरसंचार मंत्री शाज़ा फातिमा ख्वाजा ने सोमवार को ऐलान किया कि स्टारलिंक सर्विस इस साल नवंबर या दिसंबर तक चालू होने की उम्मीद है.
वहीं बांग्लादेश ने भी स्टारलिंक को सेवाएं देने के लिए लाइसेंस दे दिया है और जल्द ही यहां भी स्टारलिंक की सेवाएं शुरू हो सकती हैं. हालांकि, भारत में भी स्टारलिंक सेवाओं की शुरुआत पर विचार चल रहा है, लेकिन ये कब संभव होगा इसकी तारीख तय नहीं हुई है.
नेशनल असेंबली को दी गई जानकारी
टेक अरबपति एलन मस्क के कंपनी स्टारलिंक सर्विसेज दुनिया की सबसे ज्यादा तकनीकी रूप से उन्नत कंपनियों में से एक है, जो लो अर्थ ऑर्बिट उपग्रहों के जरिए से इंटरनेट सर्विस प्रदान करती है. IT मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक पिछले महीने उपग्रह-आधारित इंटरनेट सर्विस को पाकिस्तान में लाने के लिए अस्थायी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्रदान किया गया था. सोमवार को IT पर नेशनल असेंबली की स्थायी समिति को स्टारलिंक के साथ चर्चा के बारे में जानकारी दी गई, जहां यह साफ हो गया कि लाइसेंसिंग व्यवस्था लगभग पूरी हो चुकी है.
शाज़ा ने जानकारी दी कि स्टारलिंक का बुनियादी ढांचा स्थापित होने के बाद, इसकी सेवाएं नवंबर या दिसंबर 2025 में तक चालू हो जाएंगी.
भारत कर रहा विचार
भारत में भी मस्क की स्टारलिंक इंटरनेट और टेस्ला कारों को लाने की बात चल रही है. अभी ये साफ नहीं हो पाया है कि भारत में स्टारलिंक कब तक अपनी इंटरनेट सेवाएं देगा, लेकिन इसके लिए वार्ता और काम जारी है.
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