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एयरपोर्ट और फाइटर जेट के बाद अब लाशें उठा रही मुनीर की सेना, सामने आया जंग का दर्द
18 Aug, 2025 12:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। भारत के ऑपरेशन सिंदूर से मिले जख्मों से पाकिस्तान अब दर्द महसूस कर रहा है। अब पाकिस्तान ने खुद इस बात को स्वीकार किया है कि 9-10 मई को हुई एयर स्ट्राइक में भारी नुकसान हुआ था। एक मीडिया रिपार्ट के मुताबिक सूत्रों ने बताया कि भारतीय सेना के हमले में उसके 13 सैनिकों सहित 50 से ज्यादा लोगों की जान गई थी।
पाकिस्तान सरकार और सेना ने कबूल किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भोलारी एयरबेस पर भारत के हमले में ही उसके स्क्वाड्रन लीडर उस्मान यूसुफ की मौत हुई थी। यूसुफ को मरणोपरांत राष्ट्रपति भवन में सम्मानित किया गया। इसके अलावा नूर खान, सरगोधा, जैकबाबाद, भोलारी और शोरकोट एयरबेस पर भारत की स्ट्राइक्स में कई अन्य सैनिक घायल हुए थे।
गौरतलब है कि भारत सरकार पहले ही दावा कर चुकी थी कि 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत की गई कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादी ढेर किए और कई अहम आतंकी ठिकाने को मिटटी में मिला दिया। वहीं, कई रिपोर्ट्स में यह सामने आया है कि नूर खान एयरबेस पर अमेरिकी तकनीशियन भी घायल हुए थे। यह जानकारी पाकिस्तान के राष्ट्रपति भवन में आयोजित वार्षिक पुरस्कार समारोह के दौरान सामने आई।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रपति भवन में ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए सैन्यकर्मियों को सम्मानित किया। तमगा-ए-बसालत मरणोपरांत स्क्वाड्रन लीडर उस्मान यूसुफ, हवलदार मोहम्मद नवेद, नायक वकार खालिद और लांस नायक दिलावर खान को प्रदान किया गया। वहीं, तमग़ा-ए-जुर्रत नायक अब्दुल रहमान, लांस नायक इकरामुल्लाह और सिपाही अदील अकबर को दिया गया।
बात दें कि भारत ने 7 मई की सुबह ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की थी, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर बमबारी की गई। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए उस आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 पर्यटक मारे गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली थी।
पुतिन का निजी राज! ह्यूमन वेस्ट भी साथ लाए बॉडीगार्ड, अमेरिका में कुछ भी नहीं छोड़ा
18 Aug, 2025 11:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अलास्का। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बीमारियों को लेकर पूरी दुनिया में चर्चा होती रही है। उन्हे क्या बीमारी है इसकी किसी को भनक न लगे, इसका पूरा ख्याल रखा जाता है। हाल ही में मीटिंग के लिए अलास्का पहुंचे पुतिन का ह्यूमन वेस्ट भी सुरक्षाकर्मियों ने वहां नहीं छोड़ा और पूप सूटकेस में उसे भरकर लाए।
जब भी रूसी राष्ट्रपति विदेश दौरे पर होते हैं तो उनके बॉडी गार्ड के पास पूप सूटकेस होता है। बॉडी गार्ड उनके वेस्ट को वापस रूस ले जाते हैं। 2007 के बाद पहली बार था जब किसी रूसी राष्ट्रपति ने अमेरिका का दौरा किया था। ऐसे में उनकी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। चारों ओर उनके बॉडीगार्ड्स तैनात थे। इसके अलावा खुफिया एजेंसियां लंबे समय से उनकी यात्रा की तैयारियों में जुटी थीं। इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट रेजिस जेंट और मिखाइल रूबिन का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा कि रूसी राष्ट्रपति की फेडरल प्रोटेक्शन सर्विस (एफपीएस) उनके ह्यूमन वेस्ट को इकट्ठा कर लेती हैं। इसे एक स्पेशल बैग में रखा जाता है और वापस रूस भेज दिया जाता है।
साल 2017 में राष्ट्रपति पुतिन ने फ्रांस का दौरा किया था। उस दौरान भी इस तरह की रिपोर्ट छपी थी। पुतिन को डर रहता है कि विदेशी ताकतें उनके वेस्ट सैंपल से उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी हासिल कर सकती हैं। विएना दौरे के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने पोर्टेबल टॉइलेट का इस्तेमाल किया था। बताया गया कि साल 1999 में सत्ता की बागडोर संभालने के बाद से ही राष्ट्रपति पुतिन के लिए यह प्रोटोकॉल तैयार कर दिया गया था।बीते साल नवंबर में कजाखस्तान के अस्ताना में राष्ट्रपति पुतिन अपने पैर झटकते नजर आए थे। इसके अलावा कई बार ऐसी खबरें भी सामने आईं जिसमें उनको खून की उल्टियां होने की बात कही गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्हें पर्किंसन जैसी न्यूरोलॉजिकल बीमारी हो सकती है। साल 2023 में बेलारूस के राष्ट्रपति अलेग्जेंडर लुकाशेंको से चर्चा के दौरान भी उन्हें झटका आया था।
भारत ने रीसेट की विदेश नीति, चीनी विदेश मंत्री की दिल्ली यात्रा से नई रणनीति के संकेत
18 Aug, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। चीन के विदेश मंत्री वांग यी सोमवार (18 अगस्त) को अपने दो दिनों के भारत दौरे पर दिल्ली पहुंच रहे हैं। वह विदेश मंत्री (ईएएम) एस जयशंकर के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक करेंगे।
वांग यी का ये दौरा भारत-अमेरिका संबंधों के बढ़ते तनाव के बीच बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ को दोगुना करके 50 प्रतिशत कर दिया है।
वांग यी के दौरे के क्या हैं मायने?
वांग यी की यात्रा के दौरान भारत और चीन विवादित सीमा पर स्थायी शांति और स्थिरता के लिए नए उपायों पर चर्चा कर सकते हैं। यह यात्रा इस महीने के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा से पहले हो रही है। चीनी विदेश मंत्री की यात्रा को मोटे तौर पर दोनों पड़ोसियों की ओर से अपने संबंधों के पुनर्निर्माण के लिए चल रहे प्रयासों के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है, जो 2020 में घातक गलवान घाटी संघर्ष के बाद गंभीर तनाव में आ गए थे।
चीन से रिश्ते हो रहे बेहतर, कई मायनों में अहम है विदेश मंत्री वांग यी की भारत यात्रा
17 Aug, 2025 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। चीन के विदेश मंत्री वांग यी भारत आ रहे हैं। वह सोमवार और मंगलवार को भारत में रहेंगे। उनकी यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा से पहले हो रही है। ऐसी खबरें हैं कि पीएम मोदी एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन जा सकते हैं। वहां उनकी मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी हो सकती है। इससे पहले ही रही चीन के विदेश मंत्री वांग यी की दिल्ली यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और चीन के रिश्तों को बेहतर बनाना है। दोनों देश चाहते हैं कि एलएसी पर शांति बनी रहे। वे आर्थिक सहयोग को भी बढ़ाना चाहते हैं। इसमें चीन से रेयर अर्थ मैग्नेट, फर्टिलाइजर्स और दवा प्रोडक्ट्स की आपूर्ति शामिल है।
पिछले साल अजित डोभाल ने चीन का दौरा किया था और वांग यी के साथ सीमा मुद्दे पर बातचीत की थी। इसके बाद विदेश सचिव ने भी चीन का दौरा किया था। इस साल की शुरुआत में डोभाल, जयशंकर और रक्षा मंत्री भी एससीओ की बैठकों के लिए चीन गए थे। रिश्तों में आई नरमी लोगों के बीच आदान-प्रदान में भी दिख रही है। कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हो गई है। यह हिंदुओं की एक महत्वपूर्ण तीर्थयात्रा है। भारत ने पांच साल के अंतराल के बाद चीनी नागरिकों के लिए पर्यटक वीजा फिर से शुरू कर दिया है। यह यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उम्मीद है कि इस यात्रा से एलएसी पर शांति बनाए रखने और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इससे दोनों देशों के लोगों को भी फायदा होगा। वांग यी की यह यात्रा बहुत महत्वपूर्ण है। ये पीएम मोदी की चीन यात्रा की तैयारी का एक अहम हिस्सा है। उम्मीद है कि इस यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच सीधी फ्लाइट्स फिर से शुरू हो जाएंगी। ये उड़ानें कोविड-19 महामारी और 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद से बंद हैं। पीएम मोदी ने आखिरी बार 2018 में चीन का दौरा किया था। तब उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था।
डोभाल से भी चीनी विदेश मंत्री की मुलाकात
विदेश मंत्रालय के अनुसार, चीन के विदेश मंत्री वांग यी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ भारत-चीन सीमा को लेकर पर विशेष प्रतिनिधियों की 24वीं दौर की वार्ता करेंगे। वांग यी और विदेश मंत्री एस जयशंकर के बीच एक द्विपक्षीय बैठक भी होगी। भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुई तनातनी के बाद यह चीन की ओर से पहली उच्च-स्तरीय यात्रा होगी। चीन, पाकिस्तान को अपना ऑल-वेदर फ्रेंड कहता है। मई में हुई झड़पों के दौरान पाकिस्तान ने भारत को निशाना बनाने के लिए चीनी हथियारों का इस्तेमाल किया था। भारत ने यह भी आरोप लगाया है कि चीन ने पाकिस्तान को रियल-टाइम इंटेलिजेंस मुहैया कराई थी।
कनाडा के 10,000 ‘फ्लाइट अटेंडेंट’ ने की हड़ताल, कंपनी की सभी उड़ानें निलंबित
17 Aug, 2025 02:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
टोरंटो। एयर कनाडा के 10,000 से ज्यादा ‘फ्लाइट अटेंडेंट’ शनिवार से हड़ताल पर चले गए, जिसके बाद कंपनी ने अपनी सभी उड़ानें निलंबित कर दी हैं। इस घटनाक्रम से दुनियाभर में एक लाख से ज्यादा यात्रियों के प्रभावित होने का अनुमान है। इस बीच कनाडा सरकार ने विमानन कंपनी और उसके ‘फ्लाइट अटेंडेंट’ के संघ पर काम पर लौटने और समझौता करने का दबाव बनाया है। संघीय रोजगार मंत्री पैटी हज्दू ने मामले में सरकारी हस्तक्षेप की घोषणा करते हुए कहा कि अभी अर्थव्यवस्था को जोखिम में डालने का समय नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हज्छू ने एयर कनाडा के 10,000 से ज्यादा ‘फ्लाइट अटेंडेंट’ से जल्द काम पर लौटने को कहा उन्होंने कहा कि बातचीत बेनतीजा रही। यह स्पष्ट है कि दोनों पक्ष कुछ प्रमुख मुद्दों को सुलझाने के करीब नहीं हैं और उन्हें मध्यस्थ की मदद की जरुरत होगी। उन्होंने कहा कि सेवाओं को पूरी तरह से फिर शुरू करने में कई दिन लग सकते हैं और यह कनाडा औद्योगिक संबंध बोर्ड पर निर्भर करेगा। एयर कनाडा के ‘फ्लाइट अटेंडेंट’ की हड़ताल के बाद कंपनी ने शनिवार को अपनी सेवाएं निलंबित करने की घोषणा की।
रिपोर्ट के मुताबिक एम्प्लॉइज के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि अनुबंध की शर्तों को लेकर कोई समझौता न होने के बाद कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। इसके थोड़ी देर बाद एयर कनाडा का बयान आया कि वह अपना सभी परिचालन फिलहाल रोक रहा है। कनाडा की सबसे बड़ी विमानन कंपनी और उसके 10,000 से ज्यादा ‘फ्लाइट अटेंडेंट’ का प्रतिनिधित्व करने वाले संघ के बीच अनुबंध को लेकर लड़ाई और बढ़ गई।
बता दें कर्मचारी संघ ने कंपनी के सरकार-निर्देशित समझौते को स्वीकार करने के अनुरोध को ठुकरा दिया, जिसके तहत हड़ताल करने का उसका अधिकार समाप्त हो जाता है और तीसरे पक्ष के मध्यस्थ को नए अनुबंध की शर्तें तय करने की अनुमति मिल जाती है। एयर कनाडा और उसके ‘फ्लाइट अटेंडेंट’ का प्रतिनिधित्व करने वाले संघ के बीच गतिरोध बढ़ने से लाखों यात्री मुश्किल में फंस गए हैं। कंपनी का परिचालन पूरी तरह से ठप होने से हर रोज करीब 1.30 लाख यात्रियों के प्रभावित होने का अनुमान है, जबकि 25,000 कनाडाई कई देशों में फंसे हो सकते हैं।
पाकिस्तान में बेपटरी हुई ट्रेन, एक की मौत, 20 जख्मी, दो की हालत गंभीर
17 Aug, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लाहौर। पाकिस्तान में रविवार को पैसेंजर ट्रेन की 4 बोगियां अचानक पटरी से उतर गईं। इस हादसे में एक यात्री की मौत हो गई और 20 से ज्यादा घायल हुए हैं। इनमें दो की हालत नाजुक बताई जा रही है। यह हादसा पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हुआ। पैसेंजर ट्रेन लोधरान रेलवे स्टेशन के पास अचानक पटरी से उतर गई। यह ट्रेन पेशावर से करांची जा रही थी, तभी यह हादसा हुआ।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस हादसे में ट्रेन के चार कोच बेपटरी होकर डैमेज हो गए। ट्रेन में फंसे लोगों को किसी तरह बाहर निकाला। कम से कम 19 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लोधरान की डिप्टी कमिश्नर के मुताबिक दो की हालत गंभीर है। हादसे की वजह अभी पता नहीं चल सकी है। हादसे के बाद यह रूट कुछ घंटों के लिए बंद कर दिया गया था। बाद में फिर इस पर ट्रेनों का आवागमन शुरु हो गया।
बता दें पिछले सोमवार को मूसा पाक एक्सप्रेस भी डिरेल हो गई थी, जिसमें पांच यात्री घायल हुए थे। इससे पहले लाहौर से इस्लामाबाद जा रही इस्लामाबाद एक्सप्रेस के 10 कोच पटरी से नीचे उतर गए थे, जिसमें 30 यात्री घायल हुए थे।
अटलांटिक महासागर में तूफान एरिन खतरनाक कैटेगरी में पहुंचा, बनाया रिकॉर्ड
17 Aug, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका के करीब अटलांटिक महासागर में तूफान एरिन ने रफ्तार का रिकॉर्ड बना दिया है। शुक्रवार सुबह तक यह कैटेगरी-1 का तूफान था, वहीं 24 घंटे बाद ही यह कैटेगरी-5 में पहुंच गया जो बहुत खतरनाक होता है। इस दौरान इसकी रफ्तार 257 किमी प्रति घंटे पहुंच गई। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यह अटलांटिक महासागर के इतिहास में सबसे तेज और ताकतवर तूफानों में गिना जाएगा। शनिवार को तूफान थोड़ी देर के लिए कमजोर होकर कैटेगरी-4 में आया, लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह फिर से कैटेगरी-5 का तूफान बन सकता है।
मीडिया रिपोर्ट में विशेषज्ञों का कहना है कि इसका कारण ‘आइवॉल रिप्लेसमेंट साइकिल’ है, जिसमें जिसमें तूफान का आकार तेजी से बढ़ जाता है और इसका प्रभाव और ज्यादा खतरनाक होता है। शनिवार शाम तक एरिन प्यूर्टो रिको से करीब 241 किमी उत्तर-पूर्व और एंग्विला से 257 किमी उत्तर-पश्चिम की दूरी पर था। उत्तरी प्यूर्टो रिको में फ्लैश फ्लड की चेतावनी दी गई, जबकि तुर्क्स एंड कैकोस और लीवर्ड आइलैंड्स में ट्रॉपिकल स्टॉर्म वॉच लागू है।
अमेरिकी के सेंटर ने चेतावनी दी है कि अगले हफ्ते एरिन का आकार दोगुना या तिगुना हो सकता है। इससे बहामास, अमेरिका के पूर्वी तट और कनाडा के अटलांटिक तटों पर खतरनाक लहरें और रिप करंट्स पैदा हो सकते हैं। स्थिति को देखते हुए अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने प्यूर्टो रिको और वर्जिन आइलैंड्स के कई बंदरगाहों को बंद कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि एरिन की रफ्तार और ताकत ग्लोबल वार्मिंग से जुड़ी है। गर्म समुद्री सतह और बदलते मौसम पैटर्न के कारण तूफान अब तेज और ताकतवर हो रहे हैं।
"परंपरा का प्रतीक: बाबा राम रहीम अपनी 'एंजल' के साथ पौधा रोपते नजर आए"
16 Aug, 2025 04:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम पैरोल पर बाहर हैं। उन्हें अपने जन्मदिन से पहले हरियाणा सरकार ने पेरोल दी है। जेल से बाहर आने के बाद राम रहीम हरियाणा के सिरसा में अपने आश्रम में हैं। शुक्रवार को यहां पौधरोपण का कार्यक्रम हुआ।
58 के हुए बाबा राम रहीम
बाबा राम रहीम का जन्म 15 अगस्त 1967 को हुआ था। हर साल उनके जन्मदिन पर पौधे लगाए जाते हैं।
हनीप्रीत सिंह इंसा संग लगाए पौधे
राम रहीम ने अपनी गोद ली बेटी हनीप्रीत सिंह इंसा के साथ सिरसा के आश्रम में पौधा लगाया। उनकी तस्वीरें और वीडियो सामने आए।
राजस्थान में हुआ था जन्म
बाबा राम रहीम का जन्म राजस्थान के श्री गंगानगर जिले के गांव गुरुसर मोदिया में हुआ था। उनके पिता का नाम सरदार मगहर सिंह था।
हनीप्रीत का असली नाम प्रियंका
बाबा राम रहीम के साथ हमेशा एक लड़की रहती है, इसे हनीप्रीत सिंह इंसा कहते हैं। हालांकि उसका असली नाम प्रियंका तनेजा है।
अंबाला जेल में रही हनीप्रीत सिंह
हनीप्रीत सिंह भी 2017 में बाबा राम रहीम के साथ जेल गई थी। वह अंबाला जेल में थी, हालांकि 2019 में उसे जमानत मिल गई थी।
बाबा राम रहीम की उत्तराधिकारी!
हनीप्रीत सिंह को बाबा राम रहीम का उत्तराधिकारी माना जाता है। वह जमानत के बाद से सिरसा के डेरा आश्रम में ही रह रही है।
अमरीका टैरिफ विवाद : भारत संग काम करने को चीन तैयार
16 Aug, 2025 01:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग: अमरीका से टैरिफ विवाद के चलते संबंधों में आई गिरावट के बीच भारत और चीन एक बार फिर से करीब आने लगे हैं। चीनी विदेश मंत्री वांग यी की जल्द ही भारत का दौरा होने वाला है, जबकि एससीओ की बैठक में शामिल होने के लिए पीएम मोदी भी चीन जाएंगे। इस बीच, चीन ने भारत के साथ मिलकर काम करने की बात कही है। उसने कहा है कि वह भारत के साथ मतभेदों को सही तरीके से सुलझाकर मिलकर काम करने के लिए तैयार है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी की भारत यात्रा पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि चीन और भारत विभिन्न स्तरों पर बातचीत कर रहे हैं।
हम दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण आम सहमति पर अमल करने, उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान की गति बनाए रखने, राजनीतिक आपसी विश्वास को मजबूत करने, व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने, मतभेदों को उचित ढंग से सुलझाने और चीन-भारत संबंधों के निरंतर, सुदृढ़ और स्थिर विकास को बढ़ावा देने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं। इस विशिष्ट यात्रा के बारे में, प्रासंगिक जानकारी समय आने पर जारी की जाएगी। भारत से चीन के लिए अगले महीने से सीधी उड़ानें फिर से शुरू होने वाली है। अगस्त और सितंबर में होने वाले शंघाई सहयोग शिखर सम्मेलन के समय इसकी घोषणा हो सकती है। इस सवाल से जुड़े जवाब में चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमने संबंधित रिपोर्टें देखी हैं। चीन और भारत की कुल जनसंख्या 2.8 अरब से अधिक है। चीनी मुख्य भूमि और भारत के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू होने से सीमा पार यात्रा, आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
दोनों देश ग्लोबल साउथ के अहम सदस्य
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि चीन और भारत दोनों बड़े विकासशील देश हैं और ग्लोबल साउथ के अहम सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि ड्रैगन (चीन) और हाथी (भारत) का एक-दूसरे की सफलता में सहयोगी बनकर सहयोग करना दोनों पक्षों के लिए सही विकल्प है। लिन जियान का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और अमरीका के संबंधों में हाल ही में कुछ मतभेद और चुनौतियां देखी गई हैं।
पुतिन के सामने रेड कारपेट पर ढंग से चल भी नहीं पाए ट्रंप, सेहत पर उठे सवाल
16 Aug, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अलास्का में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का स्वागत करते समय 79 वर्षीय ट्रंप के लड़खड़ाते हुए लाल कालीन पर चलते हुए वीडियो ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। वहीं, पुतिन इस दौरान काफी फिट नजर आए। अब ट्रंप के स्वास्थ्य को लेकर अटकलें एक बार फिर तेज हो गई हैं। वार्ता से पहले लाल कालीन पर चलते समय ट्रंप के अस्थिर कदमों ने सोशल मीडिया पर चर्चाओं का सिलसिला शुरू कर दिया।
कई यूजर ने व्यंग्य किया कि अगर यह घटना पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ हुई होती तो मीडिया में इसे कहीं अधिक तवज्जो दी जाती। एक यूजर ने लिखा, अगर यह बाइडेन के साथ होता, तो इस पर किताबें, डॉक्यूमेंट्री और फिल्में बन चुकी होतीं। एक दूसरे यूजर ने कहा, अगर यह शराब जांच परीक्षण होता तो ट्रंप सीधे जेल जाते। एक अन्य ने लिखा, पुतिन से मिलते समय ट्रंप का ऐसे लड़खड़ाना उनके मजबूत नेता वाले दावे पर सवाल उठाता है। शुक्रवार को अलास्का में हुई इस उच्च-स्तरीय शिखर बैठक में ट्रंप और पुतिन ने यूक्रेन संकट पर कोई स्पष्ट प्रगति नहीं दिखाई, हालांकि दोनों नेताओं ने आपसी तालमेल और कुछ क्षेत्रों में सहमति जताई। बैठक के बाद ट्रंप ने कहा, हमारी बैठक बेहद उत्पादक रही और कई बिंदुओं पर सहमति बनी है। कुछ मुद्दे अब भी बाकी हैं, जिनमें से एक सबसे महत्वपूर्ण है। बता दें कि जुलाई में व्हाइट हाउस ने पुष्टि की थी कि ट्रंप को क्रॉनिक वेनस इनसफिशिएंसी नामक बीमारी है। इस स्थिति में पैरों की नसें खून को प्रभावी ढंग से हृदय तक नहीं पहुंचा पातीं, जिससे निचले हिस्से में सूजन, त्वचा में बदलाव और टखनों के फूलने जैसी समस्याएं होती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यही कारण उनके चलने की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है।
अलास्का बैठक में ट्रंप और पुतिन के बीच सीजफायर का ऐलान नहीं, दोनों नेता बोले- सकारात्मक रही मीटिंग
16 Aug, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एंकरेज: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के बीच अलास्का के एंकरेज में करीब 3 घंटे तक बातचीत हुई. दोनों देशों के नेताओं ने पहले गर्मजोशी से एकदूसरे का स्वागत किया. उसके बाद बात करने के लिए दोनों लोग एक ही कार से निकल गए. दोनों नेताओं ने रूस-युक्रेन युद्ध समेत तमाम मुद्दों पर बात की, लेकिन मुख्य मुद्दा युक्रेन के साथ 3 साल से चल रहे युद्ध को रोकने का था. ताजा जानकारी के मुताबिक अभी तक युद्ध को रोकने की कोई भी बात सामने नहीं आई है.
बता दें, सभी देशों की निगाहें इन दों महाशक्तियों की बैठक पर लगी हुई थी. ट्रंप और पुतिन दोनों नेताओं ने वार्ता समाप्त होने के बाद पत्रकारों से भी बातचीत की और इसे सकारात्मक बताया. हालांकि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को लेकर सीजफायर पर कोई बात नहीं बनी है. इस मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि हमारे बीच कई मुद्दों पर अच्छी बातचीत हुई, लेकिन कुछ मामलों पर आपसी सहमति भी नहीं बन सकी. वहीं, दोनों देशों के बीच बातचीत के बाद शांति का रास्ता खुल सकता है.
वहीं, रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने ट्रंप को मॉस्कों आने का भी निमंत्रण दिया है. उन्होंने कहा कि यह आगे देखा जाएगा. अब देखना होगा कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति रूस का दौरा करते हैं या नहीं. पत्रकारों से बातचीत करते हुए पुतिन ने कहा कि अगर 2022 में अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप होते तो यह युद्ध नहीं होता. वैसे कभी भी दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध नहीं देखे गए हैं, लेकिन इस बार लग रहा है कि दोनों देशों में अच्छे रिश्ते कायम होंगे.
इससे पहले ट्रंप ने अलास्का के एंकरेज में पुतिन के स्वागत के लिए रेड कार्पेट भी बिछाया. दोनों नेताओं ने एकदूसरे का गर्मजोशी से स्वागत भी किया. पुतिन ने सिर्फ 12 मिनट की संयुक्त प्रेस वार्ता में सहयोग के संदर्भ में भी बात की. पुतिन ने कहा कि हमें उम्मीद है कि हमारे बीच जो सहमति बनी है, वह यूक्रेन में शांति का मार्ग प्रशस्त करेगी. वहीं, जब ट्रंप पुतिन से दूसरी मुलाकात के बारे में सोच रहे थे, तो इस पर रूसी राष्ट्रपति मुस्कुराए और कहा कि अगली बार मॉस्को में.
अमेरिकी और रूसी राष्ट्रपति के बीच बातचीत की मुख्य बातें.
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को लेकर कोई समझौता नहीं हुआ है. 3 घंटे तक चली बातचीत में युद्धविराम पर कोई हल नहीं निकला.
दोनों नेताओं ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही. वहीं ट्रंप ने कहा कि अच्छी प्रगति हुई है, लेकिन आगे अभी और भी चर्चा बाकी है.
रूसी राष्ट्रपति ने ट्रंप को मॉस्को आने का भी निमंत्रण दिया. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है दोनों देशों में आगे चलकर बात हो सकती है.
ट्रंप ने यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी देने की बात को खुला छोड़ दिया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोप दूसरे देशों के साथ मिलकर यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी दे सकते हैं.
दोनों देशों के नेताओं के बीच रूस और अमेरिका के रिश्तों को लेकर भी बातें हुई हैं. जैसे- सुरक्षा, शांति.
आतंकवाद के चलते रूस ने वॉट्सएप कॉल पर लगा दी पाबंदी
15 Aug, 2025 05:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप की अलास्का में होने वाली मीटिंग के पहले मॉस्को ने बड़ा फैसला लिया है। रूसी अधिकारियों ने मैसेजिंग ऐप जैसे टेलीग्राम और वाट्सअप कॉल को आंशिक रूप से प्रतिबंधित करने की घोषणा की है। इन सोशल मीडिया एप पर रूस का आरोप है कि इनके जरिए धोखाधड़ी और आतंकवाद जैसे मुद्दे सामने आ रहे हैं, इनसे जब एजेंसियां जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहती हैं तो यह यूजर डाटा बोलकर इससे इनकार कर देते हैं।
बता दें कि रूस पिछले कई वर्षों से सामग्री और डेटा स्टोर को लेकर विदेशी तकनीकी प्लेटफार्मस के साथ टकराव में रहा है। यह विवाद 2022 में यूक्रेन पर मास्को के आक्रमण के बाद और गहरा गया। आलोचकों का कहना है कि रूस देश के इंटरनेट क्षेत्र पर अपना नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इतना ही नहीं राष्ट्रपति पुतिन ने सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर सरकार समर्थित एक एप्प के निर्माण को मंजूरी दे दी है। क्योंकि विदेशी और निजी स्वामित्व वाली कंपनियों की जगह पर सरकारी प्लेटफार्म को बनाकर अपनी संप्रभुता स्थापित करना चाहता है। रोसकोम्नाडजोर के हवाले से कहा, अपराधियों से निपटने के लिए... इन विदेशी मैसेंजर पर कॉल को आंशिक रूप से प्रतिबंधित करने के उपाय किए जा रहे हैं। उनकी कार्यक्षमता पर कोई अन्य प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। इन पर से आंशिक प्रतिबंध तभी हटेंगे, जब वह रूसी नियमों का पालन करेंगे। रूस द्वारा लगाए गए इन प्रतिबंधों का अभी तक मेटा प्लेटफार्म ने कहा कि वाट्सएप पूरी तरह से एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड है। हम यूजर की प्राइवेसी का सम्मान करते हैं। मेटा ने कहा कि वह रूस समेत दुनिया के सभी लोगों को सुरक्षित कॉल्स की सेवा देने का प्रयास करता रहेगा। हर दिन लाखों दुर्भावनापूर्ण संदेशों को हटाने के लिए प्लेटफॉर्म के सार्वजनिक हिस्सों की निगरानी के लिए एआई टूल का इस्तेमाल कर रहे हैं।
पाकिस्तान पीएम शहबाज ने किया आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड के गठन का ऐलान
15 Aug, 2025 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार देर रात देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस और मरका-ए-हक समारोह के अवसर पर “आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड” के गठन की घोषणा की। यह कदम हाल ही में भारत के साथ हुए सैन्य संघर्ष के बाद पाकिस्तान की पारंपरिक युद्ध क्षमता को और मजबूत करने के प्रयास का हिस्सा है। सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए रक्षा बजट में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है।
बता दें कि पाकिस्तान ने मई में भारत के खिलाफ लड़ाई के दौरान जे-10सी विगरस ड्रैगन और जेएफ-17 थंडर फाइटर जेट्स के साथ कुछ मिसाइल सिस्टम भी तैनात किए थे। हालांकि इस लड़ाई में उसे हार ही नसीब हुई। इस्लामाबाद के जिन्ना स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित समारोह में आधी रात का काउंटडाउन, राष्ट्रगान के साथ आतिशबाजी और तीनों सेनाओं की परेड हुई। समारोह में पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, डिप्टी पीएम व विदेश मंत्री इशाक डार, सीनेट चेयरमैन यूसुफ रजा गिलानी, नेशनल असेंबली स्पीकर अयाज सादिक, मंत्री, विदेशी राजनयिक और तुर्किये व अजरबैजान के सैन्य दल मौजूद थे। यह फैसला 22 अप्रैल के पाहलगाम हमले के बाद भारत के साथ हुई झड़प और 10 मई को हुए युद्धविराम के संदर्भ में लिया गया है, जिसे पाकिस्तान मरका-ए-हक यानी “सत्य की लड़ाई” कह रहा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा, आधुनिक तकनीक से लैस और हर दिशा से दुश्मन को निशाना बनाने में सक्षम यह बल, हमारी पारंपरिक युद्ध क्षमता को और मजबूत करने में एक और मील का पत्थर साबित होगा।
फ्लाइट में आपत्तिजनक हरकतें कर रहे कपल को बच्चों के सामने पकड़ा गया, लैंडिंग के बाद गिरफ्तारी
15 Aug, 2025 02:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
न्यूयार्क। हवाई यात्रा को सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए कई नियम बनाए गए हैं। हालांकि कुछ यात्री इन नियमों का उल्लंघन करते हैं। कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां एक कपल ने विमान में दो बच्चों के सामने ही गंदी हरकतें की और शारीरिक संबंध बनाने लगे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। यह घटना न्यूयॉर्क से फ्लोरिडा जा रही जेटब्लू एयरलाइंस में हुई।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कनेक्टिकट के डैनबरी के रहने वाले ट्रिस्टा एल रेली (43) और क्रिस्टोफर ड्रू अर्नोल्ड (42) यह कपल बच्चों के सामने अपनी सीट पर ही शारीरिक संबंध बनाने लगे। यह सब कुछ दो बच्चों ने देखा, जिसकी शिकायत बच्चों की मां ने फ्लाइट अटेंडेंट से की। शिकायत मिलने के बाद जब फ्लाइट अटेंडेंट वहां पहुंची, तो वहां का नजारा देख वह भी हैरान रह गई। कपल रोमांस करने में व्यस्त था, मानो उसे किसी की परवाह ही नहीं थी।
रिपोर्ट के मुताबिक फ्लाइट अटेंडेंट ने देखा कि क्रिस्टोफर की गोद में रेली सिर नीचे करके ‘मूवमेंट’ कर रही है। यह घटना पूरे फ्लाइट में चर्चा का विषय बन गई, लेकिन कपल अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। बच्चों की मां ने अधिकारियों को बताया कि जब कपल ने देखा कि दोनों बच्चे उन्हें देख रहे हैं, तब भी उन्होंने अपनी हरकतें नहीं रोकीं। बच्चों ने भी अधिकारियों को बताया कि उन्होंने अपनी आंखों से वह सब कुछ देखा। इस घटना ने विमान में एक असहज माहौल बना दिया।
बता दें विमान 19 जुलाई सुबह करीब 11:30 बजे फ्लोरिडा के सरसोता ब्रैडेंटन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुआ। लैंड होते ही रेली और क्रिस्टोफर को गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर नाबालिगों के सामने अश्लील हरकतें करने का आरोप है। इस घटना के बाद कपल के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू हो गई। गिरफ्तारी के बाद इस कपल को कोर्ट ने जमानत पर रिहा कर दिया, लेकिन उन्हें 15 अगस्त को अगली पेशी के लिए कोर्ट में बुलाया है। इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है, जहां लोग कपल के व्यवहार को गैरजिम्मेदाराना और शर्मनाक बता रहे हैं। यह घटना दिखाती है कि कुछ लोगों में सार्वजनिक स्थानों पर किस तरह के व्यवहार की कमी होती है और यह दूसरों, खासकर बच्चों पर क्या प्रभाव डाल सकती है।
भारत के जवाब के बाद पाकिस्तान में हलचल, शाहबाज ने की नई मिसाइल फोर्स की घोषणा
15 Aug, 2025 08:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की सैन्य सुरक्षा और उसकी हिम्मत की पोल दुनियाभर के सामने खुल गई। अब बुरी तरह से पीटा पाकिस्तान भले ही अपनी हार नहीं स्वीकार रहा, लेकिन सैटेलाइट तस्वीरों से तबाही की तस्वीरें पूरा दर्द बयां कर रही हैं। भारत-पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद और हालिया तनातनी के बीच पाक पीएम शहबाज शरीफ ने सेना में नई मिसाइल कमांड फोर्स का ऐलान किया। यह घोषणा ऑपरेशन सिंदूर के बाद अपनी जवानों की याद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान की गई। इस मौके पर पाक से सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि इसका गठन निश्चित तौर पर भारत से तनाव को लेकर किया गया है।
इस आर्मी रॉकेट फोर्स की घोषणा इस्लामाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान की गई। पाक पीएम शहबाज ने कहा कि यह फोर्स आधुनिक तकनीक से लैस होगी और पाकिस्तानी सेना की लड़ाकू क्षमता को मजबूत करने में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। हालांकि, उन्होंने इस फोर्स के बारे में अधिक जानकारी शेयर नहीं की। वहीं, कार्यक्रम में पहुंचे पाकिस्तान के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि यह नई फोर्स अपनी कमान के तहत काम करेगी और पारंपरिक युद्ध की स्थिति में मिसाइलों के संचालन और तैनाती के लिए समर्पित होगी। अधिकारी के अनुसार, “यह साफ तौर पर भारत के लिए है।”
पहलगाम हमले के बाद से तनाव चरम पर
दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच 1947 से ही लंबा सैन्य और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का इतिहास है। हाल ही में अप्रैल में जम्मू-कश्मीर में 26 नागरिकों की हत्या के मामले ने तनाव को और बढ़ा दिया है। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया, जबकि पाकिस्तान ने इससे इनकार किया। इसके बाद भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर लांच किया और पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों को तबाह किया और फिर पाकिस्तान के सैन्य अड्डो को भी सफलता पूर्वक निशाना बनाया। मई में हुए संघर्ष में दोनों पक्षों ने मिसाइल, ड्रोन और लड़ाकू विमान इस्तेमाल किए थे। 10 मई को भारत और पाकिस्तान दोनों संघर्षविराम पर सहमत हुए।
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