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हरियाणा में महिला सुरक्षा पर सवाल: भिवानी के बाद करनाल में युवती का शव बरामद
20 Aug, 2025 01:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
करनाल: हरियाणा के मनीषा हत्याकांड का रहस्य अभी सुलझा भी नहीं था कि अब करनाल में एक और सनसनीखेज मामला सामने आ गया है। इंद्री हलके के गांव उमरपुर सोसाइटी के पास आज सुबह एक अज्ञात युवती का शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। शव सबसे पहले एक राहगीर ने देखा और तुरंत डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल (FSL) टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की बारीकी से जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतका की उम्र करीब 18 साल बताई जा रही है। वह टी-शर्ट और लोअर पहने हुए थी। शव देखने से प्रतीत हो रहा है कि उसके सिर से खून बहा था। हालांकि शरीर पर अन्य चोटों के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं।
डीएसपी ने क्या बताया
डीएसपी राजीव कुमार ने बताया कि पुलिस ने मौके से शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए कल्पना चावला अस्पताल भेज दिया है। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में युवती के शरीर पर चोट के निशान नहीं पाए गए हैं, लेकिन सिर से खून बहने के कारण मौत का असली कारण केवल पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। मौके पर जुटे ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि यह लड़की उनके गांव या आसपास की रहने वाली नहीं है। ग्रामीणों का मानना है कि किसी ने युवती की हत्या कर उसके शव को रात के अंधेरे में यहां फेंक दिया। चूंकि यह सड़क पूरी रात व्यस्त रहती है, संभावना जताई जा रही है कि किसी वाहन सवार ने शव को यहां डालकर फरार हो गया।
इलाके में दहशत का माहौल
इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने पुलिस से जल्द से जल्द इस हत्या की गुत्थी सुलझाने और दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और युवती की शिनाख्त में भी जुटी है। लगातार हो रही वारदातों ने करनाल जिले की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक तरफ मनीषा हत्याकांड का राज अभी खुला नहीं है, वहीं दूसरी ओर इस नए मामले ने पुलिस की चुनौतियां और भी बढ़ा दी हैं। अब देखना होगा कि जांच एजेंसियां इस मामले की परतें कितनी जल्दी खोल पाती हैं।
कैंटर और पिकअप की भिड़ंत, 4 की जान गई, 32 घायल – केएमपी एक्सप्रेस वे पर कोहराम
20 Aug, 2025 12:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झज्जर: कुंडली–मानेसर–पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे पर देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। प्रवासी मजदूरों से भरी एक पिकअप गाड़ी को पीछे से आ रहे कैंटर ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में 4 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 32 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में एक महिला और 3 पुरुष शामिल हैं। जानकारी के अनुसार सभी मजदूर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के अमन नगर से हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के घोड़ाकैमला गांव जा रहे थे। वे यहां फसल कटाई के काम के लिए आए थे। पिकअप में करीब 37 मजदूर सवार थे।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। आठ गंभीर घायलों को बहादुरगढ़ ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जबकि बाकी घायलों को इलाज के लिए पीजीआई रोहतक रेफर किया गया है। पुलिस ने कैंटर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद से मृतकों और घायलों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
कई मजदूर वाहन में ही फंस गए
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतनी भीषण था कि टक्कर लगते ही पिकअप गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और कई मजदूर वाहन में ही फंस गए। पुलिस व प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और क्रेन व गैस कटर की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया, जिसे बाद में कड़ी मशक्कत के बाद खोला गया। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है। फिलहाल कैंटर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई है।
हरियाणा में टीचर की हत्या पर बवाल, परिवार ने न्याय मिलने तक दाह संस्कार टाला
20 Aug, 2025 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भिवानी: महिला टीचर मनीषा की मौत को लेकर जिले में बवाल बढ़ता जा रहा है। प्रशासन जहां इसे आत्महत्या बता रहा है, वहीं परिजनों का कहना है कि साजिश के तहत महिला टीचर की हत्या कर दी गई। परिवार वालों ने घटना के आठ दिन बाद मंगलवार को फिर लड़की के अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। मंगलवार सुबह मनीषा के पिता ने कहा कि उनकी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती। प्रशासन के दबाव के कारण हम संस्कार करने को राजी हो गए थे। प्रशासन ने धरना कमिटी के जरिए दबाव बनाया था। वहीं जिला प्रशासन ने भिवानी और चरखी दादरी में तीन दिन के लिए इंटरनेट बंद करने के आदेश दिए। एसएमएस और डोंगल सेवाओं को भी अस्थायी रूप से 21 अगस्त तक बंद करने का आदेश दिया है। मंगलवार 11:00 बजे से लेकर 21 अगस्त दोपहर 11:00 बजे तक के लिए इंटरनेट पर पाबंदी लगाई गई है। हालांकि ब्रॉडबैंड इंटरनेट और वॉयस कॉल सेवाएं चालू रहेंगी। मंगलवार को हजारों लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया।
प्रशासन ने दी ये दलली
प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट और अफवाहों से स्थिति बिगड़ सकती थी, इसलिए यह कदम उठाया गया। जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। मनीषा के पिता के यह कहने कि प्रशासन ने सोमवार को उन पर लड़की के अंतिम संस्कार के लिए दबाव डाला था। पंचायत ने मनीषा का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। लोग आक्रोश में आ गए सभी रास्तों को पेड़ और पत्थर डालकर उन्हें बंद कर दिया गया। युवाओं के साथ महिलाएं भी गांव के एंट्री पॉइंट पर इकठ्ठा हो गईं।
क्यों बंद किया इंटरनेट
प्रशासन की ओर से जारी आदेश में लिखा गया है कि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे वट्सऐप, फेसबुक, ट्विटर मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस सेवाओं के माध्यम से गलत सूचना और अफवाहें फैलने के कारण होने वाली हिंसा से जन-जीवन और संपत्ति को गंभीर क्षति हो सकती है। इसलिए सर्विसेज निलंबित की गई हैं।
विपक्ष ने उठाए सवाल
विपक्ष ने राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में विफल रही है। डॉक्टरों के अनुसार पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मनीषा की बॉडी में जहर पाए जाने की पुष्टि हुई है। वहीं पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसकी हैंडराइटिंग भी मैच होना बताया और शव को जंगली जानवरों द्वारा नोचने की बात कही गई। इस रिपोर्ट के बाद सोमवार देर रात को कमिटी ने फैसला लेकर शव लेकर अंतिम संस्कार का फैसला लिया था।
सीबीआई जांच कराने की मांग
इस जघन्य अपराध की सीबीआई से जांच कराने की मांग जोर-शोर से उठाई गई। पंचायत में भिवानी पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए, साथ ही मनीषा के परिवार को तत्काल न्याय दिलाने की मांग की। मनीषा का शव भिवानी के अस्पताल में ही रखा हुआ है। बिना इंसाफ मिले मनीषा का अंतिम संस्कार नहीं होने देंगे। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है। दूसरे जिलों से भी पुलिस फोर्स मंगाई गई है।
हरियाणा केस में सुप्रीम कोर्ट ने दी राहत, नाबालिग मुस्लिम विवाह को बताया वैध
20 Aug, 2025 12:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली/चंडीगढ़: मुस्लिम लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र से जुड़े एक अहम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि इस प्रकरण में आयोग पक्षकार नहीं था, इसलिए उसे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने का कोई अधिकार नहीं है। दरअसल, 2022 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक मामले में 21 वर्षीय मुस्लिम युवक और 16 वर्षीय मुस्लिम लड़की के प्रेम विवाह को मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत वैध माना था। यह मामला तब अदालत में पहुंचा था जब विवाहित जोड़े ने अपनी सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने जोड़े को सुरक्षा प्रदान करते हुए उनके विवाह को मान्यता दी थी। हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ एनसीपीसीआर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
सुप्रीम कोर्ट ने एनसीपीसीआर से पूछा सवाल
सुनवाई के दौरान जस्टिस बीवी नागरत्ना की अगुवाई वाली बेंच ने मंगलवार को आयोग से सख्त लहजे में पूछा कि एनसीपीसीआर का इस मामले से क्या लेना-देना है? जब दोनों ने अपनी मर्जी से शादी की है और हाईकोर्ट ने उन्हें सुरक्षा दी है, तो आयोग इस आदेश को कैसे चुनौती दे सकता है? जस्टिस नागरत्ना ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर दो बच्चों को हाईकोर्ट संरक्षण देता है तो एनसीपीसीआर यह नहीं कह सकता कि उन्हें सुरक्षा न दी जाए। आयोग के पास इस आदेश को चुनौती देने का कोई औचित्य नहीं है।
राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से दायर अर्जी को भी खारिज
एनसीपीसीआर के वकील ने अपनी दलील में कहा कि वे कानून का सवाल उठा रहे थे कि क्या 18 साल से कम उम्र की लड़की को सिर्फ पर्सनल लॉ के आधार पर कानूनी तौर पर शादी करने की योग्यता रखने वाला माना जा सकता है। हालांकि, खंडपीठ ने कहा कि इस मामले में कानून का कोई सवाल ही नहीं उठता। सुप्रीम कोर्ट ने इस मसले पर राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की ओर से दायर अर्जी को भी खारिज कर दिया।
ट्रंप का बड़ा दावा: लैंड डील से यूक्रेन को मिल सकती है नई ताकत, जमीन के बदले शांति!
20 Aug, 2025 10:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नया बयान रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर हलचल मचाने वाला है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात के कुछ ही घंटे बाद ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि यूक्रेन फिर उठ खड़ा होगा। उसे बहुत जमीन मिलेगी। ट्रंप का यह दावा सीधे-सीधे संकेत देता है कि ट्रंप किसी लैंड स्वैप फार्मूले पर काम कर रहे हैं। ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या उन्होंने जेलेंस्की समेत अन्य नेताओं से लैंड स्वैप पर बातचीत की है, तो उन्होंने गोलमोल जवाब देते हुए संकेत दिया कि यूक्रेन को भारी भरकम जमीन वापस मिल सकती है।
उनका कहना था कि यह युद्ध था और रूस एक ताकतवर मिलिटरी नेशन है, चाहे कोई माने या न माने। बता दें कि लैंड स्वैप यानी जमीन के बदले जमीन का सौदा। आसान भाषा में कहें तो एक देश अगर अपनी कोई जमीन खो देता है, तो बदले में उसे दूसरी जमीन मिल सकती है। यूक्रेन के लिहाज से देखें तो इसका मतलब हो सकता है कि रूस के कब्जे वाले कुछ हिस्सों को यूक्रेन छोड़ दे और बदले में पश्चिमी देशों या किसी अंतरराष्ट्रीय समझौते के तहत उसे नई जमीन मिले।
जुलाई में लगाया था बैन, अब भारत को फिर देगा चीन खाद और रेयर मेटल्स
20 Aug, 2025 10:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नई दिल्ली में चीन के विदेश मंत्री वांग यी से अपने आवास पर मुलाकात की। इससे पहले, राजधानी में वांग यी के साथ कई उच्चस्तरीय वार्ताएं हुई थीं। इस दौरान दो एशियाई दिग्गजों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर और मजबूत करने की दिशा में काम करने में जोर दिया गया। खास बात यह है कि चीन भारत को खाद, रेयर अर्थ मटेरियल और टनल बोरिंग मशीन की सप्लाई करने को तैयार हो गया है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भारत के विदेश मंत्री डा. एस जयशंकर को आश्वासन दिया कि भारत की इन जरूरतों को पूरा किया जाएगा।
वांग यी सोमवार को दो दिन के दौरे पर भारत पहुंचे थे। उन्होंने सोमवार देर शाम जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बातचीत की थी। चीन की सरकारी एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक वांग यी ने कहा कि दुनिया में हालात तेजी से बदल रहे हैं। फ्री ट्रेड और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। भारत और चीन, जो सबसे बड़े विकासशील देश हैं और जिनकी आबादी मिलकर 2.8 अरब से ज्यादा है, उन्हें जिम्मेदारी दिखाते हुए एक-दूसरे का सहयोग करना चाहिए।
बॉर्डर पर शांति से खुश है चीन
अमरीका से टैरिफ पर तनाव के बीच भारत के लिए पड़ोसी देश चीन से राहत की खबर आई है। दोनों देशों के रिश्ते में सुधार हो रहा है और सीमा पर स्थिरता बहाल हो रही है। रिश्तों में सुधार के संकेत चीन के विदेश मंत्री वांग यी और एनएसए अजीत डोभाल के बीच मुलाकात के दौरान दिखे। चीनी विदेश मंत्री ने मुलाकात के दौरान कहा कि उन्हें खुशी है कि अब सीमाओं पर स्थिरता बहाल हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि यह भारत और चीन के रिश्तों में सुधार का सही वक्त है। इससे दोनों देशों के विकास को रफ्तार मिलेगी।
वांग यी ने मीटिंग के दौरान कहा कि पिछले साल के अंत में विशेष प्रतिनिधियों की 23वीं दौर की बातचीत बहुत अच्छी रही। उस बैठक में हमने मतभेदों को दूर करने के साथ सीमाओं पर स्थिरता के लिए सहमति बनाई थी, जो कि अहम साबित हुई। हमने विशेष लक्ष्य भी बनाए थे। इस बात की खुशी है कि अब सीमाओं पर स्थिरता बहाल हो गई है।
बारिश के बाद राहत: यमुना का जलस्तर घटा, दिल्ली-यूपी में अब नहीं बाढ़ का खतरा
19 Aug, 2025 12:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यमुनानगर : हरियाणा, दिल्ली, यूपी के सटे इलाकों के लिए बड़ी राहत की खभर है। हथिनी कुंड बैराज पर यमुना का जलस्तर घटकर 53,011 क्यूसेक पर पहुंच गया है। बाढ़ के कारण बंद की गई यूपी की पूर्वी नहर और हरियाणा की पश्चिमी नहर की जल आपूर्ति फिर शुरू कर दी गई। रविवार को हथिनी कुंड बैराज पर जलस्तर 1 लाख 78 हजार 996 क्यूसेक पहुंच गया था और इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा था। कई लोगों को घर खाली करने को भी कह दिया गया था।
पिछले कुछ दिनों से उत्तरी इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। इस वजह से यमुनानगर के हथिनीकुंड बैराज में यमुना का जल स्तर बढ़ गया था। बांध पर पानी का बहाव 1.78 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया था। जल स्तर बढ़ने के कारण हरियाणा, उत्तर प्रदेश और नई दिल्ली के कई जिलों में बाढ़ की चेतावनी जारी की गई थी। हथिनीकुंड बैराज के सभी 18 गेट खोल दिए गए थे। सिंचाई और जल संसाधन विभाग ने इसे मध्यम बाढ़ की स्थिति घोषित कर दिया था।
इस मॉनसून का सबसे ज्यादा पानी
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस मॉनसून सीजन में यह सबसे ज्यादा पानी का बहाव था। जल ग्रहण इलाकों में भारी बारिश के बाद पानी का डिस्चार्ज बढ़ गया था। अधिकारी ने बताया कि 70,000 से 1.5 लाख क्यूसेक के पानी के बहाव को निम्न बाढ़ श्रेणी का माना जाता है। 1.5 लाख से 2.5 लाख क्यूसेक के बहाव को मध्यम बाढ़ माना जाता है। 2.5 लाख क्यूसेक से अधिक के बहाव को उच्च बाढ़ माना जाता है।
ऐसे बढ़ता गया पानी
अधिकारी ने बताया कि रविवार की सुबह 7 बजे के आसपास जल स्तर बढ़ना शुरू हुआ। दोपहर 1 बजे तक यह पानी एक लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। निम्न बाढ़ का ऐलान किया गया। दोपहर 3 बजे तक जल स्तर 1.78 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। इस डिस्चार्ज के कारण यमुनानगर, करनाल, पानीपत और सोनीपत के निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका थी।
सोम नदी भी उफान पर
अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि पानी को राष्ट्रीय राजधानी तक पहुंचने में लगभग 48 घंटे लगेंगे। केंद्रीय जल आयोग ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया था। यमुनानगर में सोम नदी भी उफान पर है। सोम नदी का पानी धनौरा गांव के पुल के ऊपर से बहने लगा है। यहां लोगों में दहशत फैल गई। पानी का बहाव 24,000 क्यूसेक से अधिक हो गया, जो 10,000 क्यूसेक के खतरे के निशान से ऊपर है। हालांकि, कुछ घंटों के बाद सोम और पथराला नदियों में जल स्तर कम होने लगा। विभिन्न नदियों और नालों में जल स्तर बढ़ने से आसपास के गांवों में जलभराव हो गया है।
ज्योति मल्होत्रा केस: कोर्ट का बड़ा फैसला, अब इतने दिन और रहेगी पुलिस हिरासत में
19 Aug, 2025 11:58 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिसार: पाकिस्तान के लिए जासूरी करने के आरोप में अरेस्ट हरियाणा के हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कोर्ट ने ज्योति की न्यायिक हिरासत एक हफ्ते के लिए बढ़ा दी है। अदालत ने यह फैसला सोमवार को सुनाया। पुलिस का कहना है कि ज्योति पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों के संपर्क में थी। इस मामले में पुलिस ने आरोप पत्र भी दाखिल कर दिया है। अब अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी।
मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त
हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा सोमवार को कोर्ट में डिजिटल माध्यम से पेश हुई। इसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) सुनील कुमार ने उसकी न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ा दी। ज्योति के वकील कुमार मुकेश ने बताया कि सुनवाई की अगली तारीख 25 अगस्त तय की गई है। उन्होंने बताया कि तीन महीने की जांच के बाद पुलिस ने 14 अगस्त को मामले में आरोपपत्र दाखिल किया। उन्होंने बताया कि ज्योति को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है और तभी उसे आरोपपत्र की एक प्रति भी सौंपी जाएगी।
कब अरेस्ट हुई थी ज्योति मल्होत्रा?
हिसार पुलिस ने ‘ट्रैवल विद जेओ’ नामक यूट्यूब चैनल चलाने वाली ज्योति को 16 मई को गिरफ्तार किया था। हिसार की रहने वाली यूट्यूबर को न्यू अग्रसेन एक्सटेंशन से गिरफ्तार किया गया और उस पर शासकीय गोपनीयता अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस की ओर से विरोध किए जाने और मामले की जांच जारी होने का तर्क दिए जाने के बाद अदालत ने नौ जून को ज्योति की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
हिसार पुलिस ने क्या कहा?
हिसार पुलिस ने पहले कहा था कि ऐसा कोई सबूत सामने नहीं आया है जिससे पता चले कि ज्योति के पास सैन्य या रक्षा संबंधी किसी भी जानकारी तक पहुंच थी लेकिन उसने दावा किया था कि वह यह पता होने के बावजूद कुछ लोगों के संपर्क में थी कि वे पाकिस्तानी खुफिया एजेंट हैं।
पाकिस्तानी कर्मचारी के संपर्क में थी ज्योति मल्होत्रा
पुलिस सूत्रों ने कहा कि ज्योति नवंबर 2023 से पाकिस्तानी उच्चायोग के कर्मचारी एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश के संपर्क में थी। भारत ने जासूसी में शामिल होने के आरोप में दानिश को 13 मई को निष्कासित कर दिया था। पुलिस ने मई में दावा किया था कि पाकिस्तान के खुफिया एजेंट ज्योति को एक एसेट के रूप में विकसित कर रहे थे।
ट्रंप ने वोटिंग मशीनों पर रोक लगाने का ऐलान, चुनाव में हैकिंग का डर जताया
19 Aug, 2025 11:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन: अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने देश में वोटिंग मशीन से मतदान खत्म करने जा रहे हैं। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर यह बात लिखी है। इसके अलावा उन्होंने ई-मेल से होने वाले मतदान पर भी रोक लगाने की बात कही है। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि वह एक एग्जीक्यूटिव आदेश देने वाले हैं। इसके बाद 2026 के मध्यावधि चुनाव में वोटिंग मशीन और ई-मेल से मतदान पर रोक लग जाएगी। ट्रंप काफी अरसे से मशीन और मेल मतपत्रों का विरोध करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि वोटिंग मशीनें हैक हो सकती हैं और इनसे चुनावी धोखाधड़ी को अंजाम दिया जा सकता है।गड़बड़ी की जताई है आशंकाडोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार सुबह अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर यह पोस्ट लिखी। उन्होंने मशीन से वोटिंग पर चुनाव में गड़बड़ की आशंका जताई है। हालांकि अभी तक अमरीकी चुनाव में ऐसी गड़बड़ कभी देखने को नहीं मिली है।
बता दें कि डेमोके्रट्स मेल मतपत्रों से वोटिंग का समर्थन करते हैं। उनका मानना है कि इस प्रक्रिया से उन लोगों को मतदान में भाग लेने का मौका मिल जाता है, जो सामान्य तौर पर वोट डालने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे लोगों में बुजुर्ग, दिव्यांग आदि शामिल हैं। दूसरी तरफ ट्रंप और रिपब्लिकंस मेल-इन वोटिंग से चुनावी गड़बड़ी की आशंका जताते हैं। उनका कहना है कि वोटिंग मशीन को हैक कर लिए जाने का डर है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में लिखा है, ‘मैं एक अभियान शुरू करने जा रहा हूं। इसमें मेल-इन बैलट और बेहद गलत, महंगी और गंभीर रूप से विवादास्पद वोटिंग मशीनों से छुटकारा पाने की कवायद होगी।’ ट्रंप ने आगे लिखा है कि ट्रंप ने लिखा है कि पेपर से साफ-सुथरा चुनाव होता है।
कड़ी वीजा और इमिग्रेशन नीतियों से ब्रिटेन की लोकप्रियता में गिरावट
19 Aug, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन। अमेरिका की तरह अब ब्रिटेन भी अपनी कड़ी वीजा और इमिग्रेशन नीतियों की वजह से भारतीय छात्रों और वर्कर्स के बीच लोकप्रियता खोता जा रहा है। लंबे समय से भारतीय छात्र के लिए अमेरिका व ब्रिटेन जैसे देश शिक्षा और नौकरी के लिए पहली पसंद है, लेकिन हाल के आंकड़े बताते हैं कि बदलती परिस्थितियों और सख्त नियमों ने इनकी रुचि कम कर दी है।
मीडिया रिपोर्ट में ब्रिटिश गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 2023 में भारतीय वर्कर्स को सबसे ज्यादा 1,62,655 वर्क वीजा जारी किए गए थे, लेकिन 2024 में इनकी संख्या घटकर केवल 81,463 रह गई, यानी करीब 50 फीसदी की गिरावट। हेल्थ एंड केयर वर्कर कैटेगरी में सबसे ज्यादा कमी दर्ज की गई है। वहीं, स्किल्ड वर्कर वीजा में भी बड़ी गिरावट आई। कुल जारी किए गए वर्क वीजा में 2024 में भारतीयों का हिस्सा केवल 22 फीसदी ही रहा है।
यही हाल भारतीय छात्रों के साथ भी है। 2023 में 1,59,371 छात्र वीजा भारतीयों को जारी किए थे, लेकिन 2024 में यह संख्या सिर्फ 92,355 रह गई। यह 42 फीसदी की गिरावट दर्शाती है। इसके पीछे कई कारण हैं। ब्रिटेन ने इमिग्रेशन सिस्टम को सख्त बनाने नीतिगत बदलाव किए हैं। स्किल्ड वर्कर वीजा के लिए न्यूनतम सैलरी सीमा 38,700 पाउंड से बढ़ाकर 41,700 पाउंड कर दी है। जनवरी 2024 से लागू नए नियमों के चलते छात्र अब अपने जीवनसाथी और बच्चों को आसानी से साथ नहीं ला पा रहे हैं। दिसंबर 2023 से जुलाई 2025 के बीच डिपेंडेंट वीजा में 86 फीसदी की गिरावट आई।
हेल्थ एंड केयर वर्कर्स के लिए भी हालात मुश्किल हैं। जुलाई 2025 से विदेशी भर्ती पर प्रतिबंध और कंपनियों की सख्त जांच के चलते आवेदनों में भारी कमी आई। छात्रों के लिए वर्क वीजा की अवधि भी घटाकर 18 महीने कर दी गई है, जो पहले दो साल की हुआ करती थी। विशेषज्ञों का मानना है कि ये नीतियां ब्रिटेन के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं, क्योंकि भारतीय वर्कर्स और छात्र यहां की अर्थव्यवस्था और यूनिवर्सिटीज दोनों में अहम योगदान देते हैं। बदलते हालातों की वजह से भारतीय अब जर्मनी जैसे अन्य यूरोपीय देशों का रुख कर रहे हैं, जो ब्रिटेन की शिक्षा और रोजगार प्रणाली के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है।
भारत को हथियार देना खतरनाक कदम: व्हाइट हाउस के सलाहकार की चेतावनी
19 Aug, 2025 09:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन: रूसी तेल की खरीद को लेकर अमरीका ने एक बार फिर भारत पर निशाना साधा है। अब व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा है कि भारत ने रूस और चीन से करीबी बढ़ा ली है, जिसके कारण उसे हथियार बेचना जोखिम भरा हो गया है। वहीं, भारत ने साफ किया है कि तेल खरीदने को लेकर उसे अनुचित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने बताया था कि अमरीका और यूरोपीय संघ भी रूसी सामान के खरीददार हैं। फाइनेंशियल टाइम्स में प्रकाशित एक लेख में व्हाइट हाउस के व्यापारिक मामलों के सलाहकार पीटर नवारो ने लिखा है नई दिल्ली अब रूस और चीन दोनों के करीब जा रहा है। उन्होंने लिखा कि अगर भारत एक रणनीतिक साझेदार की तरह हमसे व्यवहार चाहता है, तो उसे वैसे काम भी करने चाहिएं।
इससे पहले कई मौकों पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी रूसी तेल की खरीददारी को लेकर भारत पर निशाना साध चुके हैं। नवारो ने लिखा, भारत रूसी तेल के सबसे बड़े उपयोगकर्ता के रूप में काम कर रहा है। वह कच्चे तेल को महंगे निर्यात में बदल रहा है और मॉस्को को डॉलर थमा रहा है, जिसे उसकी जरूरत है। उन्होंने कहा कि रूस और चीन के साथ भारत के करीबी रिश्तों के चलते अमरीकी सैन्य क्षमताओं को भारत को सौंपना जोखिम भरा है।
टैरिफ पर दोटूक जवाब दे चुका है हिंदुस्तान
ट्रंप पहले ही भारत के खिलाफ 25+25 फीसदी टैरिफ लगा चुके हैं। शुरुआती ऐलान में उन्होंने भारत पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाया था और इसकी वजह ब्रिक्स देश और अमरीका को होने वाला घाटा बताया था। साथ ही उस दौरान रूसी तेल की खरीद को लेकर भारत पर जुर्माना भी लगाया गया था। इसके बाद उन्होंने 25 फीसदी अतिरिक्त शुल्क का ऐलान किया और भारत को रूसी तेल खरीदने पर घेरा था। भारत की तरफ से साफ किया जा चुका है कि उसे देश के आर्थिक हित में जो भी जरूरी होगा, वह फैसला लिया जाएगा। साथ ही अमेरिका को दिए एक जवाब में भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया था कि यूरोपीय संघ के सदस्य कई देश रूस से सामान खरीद रहे हैं।
पुतिन के बॉडीगार्ड का अनोखा अंदाज: ट्रंप से मुलाकात में पूप सूटकेस लेकर पहुंचे
19 Aug, 2025 08:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन डीसी: अमरीकी मीडिया रिपोट्र्स में दावा किया जा रहा है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जब अलास्का में अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिले, तो उनके बॉडीगार्ड एक खास सूटकेस लेकर पहुंचे। इसे पूप सूटकेस कहा जाता है। रिपोट्र्स के मुताबिक, यह सूटकेस पुतिन के मल-मूत्र को इक_ा करने के लिए था। कहा जा रहा है कि पुतिन की टीम ऐसा इसलिए करती है, ताकि कोई विदेशी एजेंसी उनके स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी न जुटा सके। फ्रांसीसी मैगजीन पेरिस मैच के मुताबिक, यह सुरक्षा प्रोटोकॉल नया नहीं है।
2017 में फ्रांस यात्रा और वियना दौरे के दौरान भी ऐसा किया गया था। हालांकि के्रमलिन (रूसी राष्ट्रपति ऑफिस) ने हमेशा इन अफवाहों को खारिज किया है। पुतिन के स्वास्थ्य को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं। पिछले साल कजाकिस्तान में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनके पैरों की हरकत और 2023 में बेलारूस के राष्ट्रपति लुकाशेंको से मुलाकात के वक्त कुर्सी पर झटके लेने जैसी हरकतों ने अटकलें बढ़ा दी थीं।
हिंसा के बाद नूंह में पुलिस और प्रशासन सक्रिय, हालात काबू में करने की कोशिश
18 Aug, 2025 05:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा। नूंह जिले के गांव मुंडाका में मंगलवार शाम मामुली विवाद पर दो समुदायों के बीच झगड़ा हो गया। जिसमें दोनों ओर से लाठी-डंडे चले और दोनों पक्ष के लगभग 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से कई को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना के पीछे वाहन खड़ा करने को लेकर युवकों के बीच झगड़ा बताया जा रहा है। जो बाद में दो समुदायों के बीच बड़े विवाद का रूप ले लिया । पुलिस ने बताया कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के लोग भी मौके पर पहुंच गए। गुस्साई भीड़ ने मौके पर खड़ी बाइक व दो खोकों को आग के हवाले कर दिया। धूं-धूं कर जलते वाहनों ने क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह झड़प हरियाणा के मुंडाका गांव और इसी गांव की सीमा से सटे राजस्थान के हाजीपुर गांव के लोगों के बीच हुई। सूचना मिलते ही फिरोजपुर झिरका थाना पुलिस के साथ-साथ नूंह जिले के अन्य थानों से भी पुलिस बल मौके पर भेजा गया। पुलिसकर्मी स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे रहे और दोनों समुदायों के लोगों को अलग-अलग क्षेत्रों में रोका गया।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन माहौल पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है।
समाचार लिखे जाने तक क्षेत्र में तनाव बरकरार था और एहतियात के तौर पर पुलिस गांव में गश्त कर रही है। एक पक्ष की तरफ से चुन्नीलाल, गोपाल ,लेखराज, वीर सिंह, फूलचंद, हंसराज व दूसरे पक्ष के खुर्शीद, फरहान, शाहबाज घायल हुए। इन्हें इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया । खबरें लिखे जाने तक गांव में शांतिपूर्वक स्थिति बरकरार है। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं । इसी साल मार्च में भी बवाल हुआ था। ईद की नवाज के बाद पुरानी रंजिश को लेकर हरियाणा के नूंह स्थित तिरवाड़ा गांव में दो गुट आपस में भिड़ गए। इस भिड़ंत में करीब एक दर्जन से अधिक घायल हैं। घायलों को पुनहाना के सामुदायिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, घटना सुबह 9 बजे की है। राशिद और साजिद नामक व्यक्तियों के समूहों के बीच पुरानी रंजिश के चलते यह विवाद हुआ है। हिंसा की शुरुआत तब हुई जब ईदगाह से नमाज अदा करने के बाद घर लौट रहे एक समूह के लोगों का दूसरे पक्ष के कुछ लोगों से झगड़ा हो गया। इसके बाद दोनों समूहों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने के बाद हिंसा रुक गई और घायलों को अस्पताल ले जाया गया। वही 2023 के इसी महीने यानि अगस्त में नूंह में हिंसा के बाद जिले में कर्फ्यू लगा दिया गया है. जिले में अर्धसैनिक बलों की 13 कंपनियां तैनात कर दी गई है. इसके अलावा 6 कंपनियां और भी तैनात की जाएगी।
इस बीच खबर है कि हरियाणा सरकार ने केंद्र से रैपिड एक्शन फोर्स की 20 कंपनियां मांगी हैं. वहीं मंलगवार की सुबह नूंह में माहौल तनावपूर्ण रहा. इस बीच शहर पूरी तरह से थमा नजर आया. बडकली चौक, पिनगवां, पुन्हाना, फिरोजपुर झिरका और तावडू में बाजार बंद रहे.तब नूंह में हिंदू संगठनों ने ब्रजमंडल यात्रा निकाली थी. इस दौरान दो गुटों में टकराव हुआ. इस दौरान 40 से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था. एक दूसरे पर पथराव हुआ और फायरिंग की घटनाएं भी सामने आई. उपद्रवियों ने वाहनों में तोड़फोड़ भी की.इस हिंसा में दो होमगार्ड की मौत की खबर है. 15 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं. कुछ उपद्रवियों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है. फिलहाल नूंह में अतिरिक्त पुलिस बल पहुंच चुका है. रैपिड एक्शन फोर्स के जवान शहर में लगातार गश्त कर रहे हैं. हरियाणा पुलिस के जवान भी पूरी तरह से अलर्ट हैं. तकरीबन 1800 से 2000 जवान हालात पर काबू पाने के लिए जुटे हैं. गुरुग्राम अलवर राष्ट्रीय राजमार्ग से जली हुई गाड़ियों को जिला प्रशासन ने हटवा दिया है.
कांग्रेस नेता दिव्यांशु बुद्धिराजा की होने वाली दुल्हन—जानिए कौन हैं डॉ. आयना गिल
18 Aug, 2025 12:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: हरियाणा कांग्रेस के युवा नेता दिव्यांशु बुद्धिराजा शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। लोकसभा चुनाव 2024 में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के खिलाफ चुनाव लड़ चुके दिव्यांशु की शादी 25 अगस्त को होगी। बुद्धिराजा ने शादी के लिए कई बड़े नेताओं को आमंत्रित किया है। इनमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा शामिल हैं। उनकी शादी 21 वर्षीय डॉ. आयाना गिल से चंडीगढ़ में होगी।
कौन हैं होने वाली दुल्हनिया
इंडियन एक्प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, दिव्यांशु ने बताया कि उनकी होने वाली पत्नी डॉ. आयाना गिल पेशे से डेंटिस्ट हैं। उन्होंने बीडीएस पंजाब के एक कॉलेज से किया और एमडीएस हिमाचल प्रदेश के एक संस्थान से पूरी की। दोनों की मुलाकात पहली बार 27 मई को मोहाली में एक शादी समारोह में हुई थी। इसके बाद परिवारों ने इस रिश्ते को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। आयाना गिल के पिता डॉ. अमरदीप सिंह गिल बीएएमएस डॉक्टर हैं और चंडीगढ़ में क्लिनिक चलाते हैं, जबकि उनकी मां गिन्नी दुग्गल मोहाली में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के पद पर कार्यरत हैं।
मनोहर लाल से चुनाव हार गए थे दिव्यांशु
दिव्यांशु बुद्धिराजा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में खट्टर के खिलाफ दमदार मुकाबला किया था। हालांकि वे 2.19 लाख वोटों से हार गए, लेकिन उन्होंने 4.8 लाख से अधिक वोट हासिल कर युवा राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई। बुद्धिराजा पहली बार जनवरी 2018 में सुर्खियों में आए, जब उन्होंने और उनके साथियों ने पंचकूला के एक कॉलेज दौरे पर आए तत्कालीन मुख्यमंत्री खट्टर के खिलाफ नारेबाजी की थी। इस दौरान उन्हें और उनके साथी हार्दिक नैण को गिरफ्तार भी किया गया था।
ऐसे शुरू हुआ राजनीतिक सफर
पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ही वे एनएसयूआई से जुड़े। 2014 में वे विश्वविद्यालय की छात्र इकाई के अध्यक्ष बने और 2017 में हरियाणा एनएसयूआई के अध्यक्ष चुने गए। दिसंबर 2021 में उन्होंने हरियाणा युवा कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लगभग दो लाख वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीता। अब, राजनीति में अपनी पहचान बनाने वाले दिव्यांशु बुद्धिराजा अपने नए जीवन की शुरुआत करने जा रहे हैं और इस शादी को लेकर उनके परिवार व समर्थकों में उत्साह का माहौल है।
यूक्रेन को अमेरिका का भरोसा! सुरक्षा गारंटी मिलने पर जेलेंस्की ने जताई खुशी
18 Aug, 2025 12:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। बीते रोज अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी समेत तमाम यूरोपीय सहयोगियों के साथ वीडियो कॉल के जरिए मीटिंग हुई। इस बैठक को प्रोडक्टिव बताते हुए यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि सभी पक्ष इस बात पर सहमत हैं कि राज्य की सीमाओं को बलपूर्वक नहीं बदला जाना चाहिए। इसके साथ ही यूक्रेनी राष्ट्रपति ने रूस-यूक्रेन संघर्ष के प्रमुख मुद्दों को अमेरिका की मध्यस्थता में सुलझाने की बात भी दोहराई। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की द्वारा यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ द्वारा सुरक्षा गारंटी का संकेत दिया है।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा, हमारे संयुक्त प्रयास के परिणामस्वरूप सुरक्षा गारंटी बहुत जरूरी है, लेकिन इसे व्यवहारिक होना चाहिए। इसे यूरोप के साझे प्रयास के परिणाम स्वरूप बनाया जाना चाहिए और इसके जरिए जमीन, हवा और समुद्र में सुरक्षा मिलनी चाहिए। रूस और यूक्रेन संघर्ष में पिछले तीन दिनों में बड़े परिवर्तन हुए हैं। हालांकि अभी तक धरातल पर कुछ भी बड़ा बदलाव नहीं है। इसी बीच पुतिन और ट्रंप की बैठक के बाद अमेरिका की तरफ से यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी देने की पेशकश की गई है। अपने अमेरिकी समकक्ष से मुलाकात करने का इंतजार कर रहे जेलेंस्की ने इस सुरक्षा पेशकश की सराहना करते हुए इसे ऐतिहासिक निर्णय बताया है।
गौरतलब है कि अमेरिका का ट्रंप प्रशासन यूक्रेन को नाटो में शामिल करने का विचार तो नहीं कर रहा है, लेकिन कीव को नाटो की तरह सुरक्षा का ऑफर जरूर दे रहा है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन भी अमेरिका के इस ऑफर पर तैयार दिखाई दे रहे हैं। विटकॉफ ने एक कार्यक्रम में यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी प्रदान करने को लेकर अपना बयान दिया था। उन्होंने कहा, हम यह बात करने में सफल रहे हैं कि यू्क्रेन को अनुच्छेद 5 जैसी सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं। ऐसा पहली बार हुआ है, जब रूस ऐसी की बात के लिए सहमत हुआ है। बता दें कि नाटो गठबंधन के आर्टिकल 5 के अनुसार सभी सदस्य देश किसी एक देश पर हुए हमले को सभी देशों पर हमला मानते हैं। ऐसे में सभी मिलकर उसका सामना करते हैं। पुतिन इसी वजह से हमेशा ही यूक्रेन को नाटो की सदस्यता देने से इनकार करते रहे हैं।
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