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इस्राइली दूतावास के दो कर्मचारियों की हत्या; ट्रंप बोले- नफरत और कट्टरपंथ के लिए यहां जगह नहीं
22 May, 2025 11:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। वाशिंगटन में इस्राइली दूतावास के दो कर्मचारियों की गोली मार कर हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड को एफबीआई के फील्ड ऑफिस से कुछ कदम की दूरी पर स्थित कैपिटल यहूदी संग्रहालय के पास अंजाम दिया गया। होमलैंड सुरक्षा सचिव ने इस बारे में जानकारी दी है। होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने बताया कि वॉशिंगटन में इस्राइली दूतावास के दो कर्मचारियों की बुधवार शाम को यहूदी संग्रहालय के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई। फिलहाल संदिग्ध को हिरासत में ले लिया गया है। मेट्रोपॉलिटन पुलिस प्रमुख पामेला स्मिथ ने प्रेस कांफ्रेस में बताया कि बुधवार शाम को जब दो इस्राइली कर्मी एक पुरुष और एक महिला, कैपिटल यहूदी संग्रहालय में एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे, तभी संदिग्ध हमलावर वहां पहुंचा और उन पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
स्मिथ ने बताया कि संदिग्ध की पहचान शिकागो निवासी 30 वर्षीय एलियास रोड्रिगेज के रूप में हुई है। उसे गोलीबारी से पहले संग्रहालय के बाहर घूमते हुए देखा गया था। गोलीबारी के बाद वह संग्रहालय में चला गया और कार्यक्रम सुरक्षाकर्मियों ने उसे हिरासत में ले लिया। इस दौरान संदिग्ध ने गोली मारने के बाद फ्री फलस्तीन के नारे भी लगाए। वहीं, अमेरिका में इस्राइल के राजदूत येचिएल लीटर ने कहा कि मारा गया जोड़ा सगाई करने वाला था। उसका अगले सप्ताह येरुशलम में शादी की योजना थी। वहीं, अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने हत्या के बारे में बताया कि जब गोलीबारी हुई उस वक्त वह पूर्व न्यायाधीश जीनिन पिरो के साथ घटनास्थल पर ही थीं। वे वाशिंगटन में अमेरिकी अटॉर्नी के रूप में कार्य करती हैं और जिनका कार्यालय इस मामले पर मुकदमा चलाएगा।
नफरत और कट्टरपंथ के लिए अमेरिका में कोई जगह नहीं
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप ने भी इन हत्याओं पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पीड़ितों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि ये हत्याएं साफ तौर पर यहूदी-विरोधी भावना पर आधारित हैं। नफरत और कट्टरपंथ के लिए अमेरिका में कोई जगह नहीं है। बहुत दुख की बात है कि ऐसी चीजें हो सकती हैं। इस बीच, एफ.बी.आई. निदेशक काश पटेल ने बताया कि मुझे और मेरी टीम को आज रात कैपिटल यहूदी संग्रहालय के बाहर और हमारे वाशिंगटन फील्ड ऑफिस के पास डाउनटाउन डी.सी. में हुई गोलीबारी के बारे में जानकारी दी गई है। हम इसे लेकर एम.पी.डी. के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और अधिक जानकारी जुटा रहे हैं। उन्होंने पीड़ितों के प्रति संवेदनाएं जताते हुए कहा कि हम इस बारे में जरूरी अपडेट देते रहेंगे।
इस्राइल के राष्ट्रपति आइजैक हर्ज़ोग ने दी प्रतिक्रिया
इस्राइल के राष्ट्रपति आइजैक हर्ज़ोग ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह घृणा और यहूदी विरोधी भावना का एक घृणित कृत्य है, जिसने इस्राइली दूतावास के दो युवा कर्मचारियों की जान ले ली है। हमारी संवेदनाएं मारे गए लोगों के प्रियजनों के साथ हैं और हमारी प्रार्थनाएं घायलों के साथ हैं। मैं राजदूत और दूतावास के सभी कर्मचारियों को अपना पूरा समर्थन देता हूं। उन्होंने आगे कहा कि हम डीसी और पूरे अमेरिका में यहूदी समुदाय के साथ खड़े हैं। अमेरिका और इस्राइल अपने लोगों और हमारे साझा मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट रहेंगे। आतंक और नफ़रत हमें नहीं तोड़ पाएगी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई आंखो-देखी
वहीं, एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि जब उसने गोलियों की आवाज सुनी तो बाहर आकर देखा। उन्हें एक आदमी कुछ ज्यादा ही परेशान दिख रहा था। फिर लोग उसकी मदद के लिए आए और उसे पानी लाकर दिया, यह सोचकर कि उसे मदद की ज़रूरत है। उन्हें नहीं पता था कि वह संदिग्ध था। बाद में जब पुलिस आई, तो उसने फ्री फलस्तीन के नारे लगाना शुरु कर दिया।
वहीं, संयुक्त राष्ट्र में इस्राइल के राजदूत डैनी डैनन ने इस गोलीबारी को यहूदी विरोधी आतंकवाद का घृणित कृत्य करार दिया है। डैनन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि हमें विश्वास है कि अमेरिकी अधिकारी इस आपराधिक कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि इस्राइल दुनिया भर में अपने नागरिकों और प्रतिनिधियों की रक्षा के लिए दृढ़ता से काम करना जारी रखेगा।
भारत ने पाकिस्तान के हाई कमीशन अधिकारी को 24 घंटे में निकाले जाने का दिया अल्टीमेटम
21 May, 2025 10:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में कार्यरत एक अधिकारी को अवांछित व्यक्ति (persona non grata) घोषित किया है और उसे 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई बुधवार को की गई, क्योंकि अधिकारी पर अपने आधिकारिक दर्जे के अनुरूप गतिविधियों में शामिल होने का आरोप था, जिसे विदेश मंत्रालय ने राजनयिक गरिमा के खिलाफ माना।
पाकिस्तान उच्चायोग को डिमार्शे किया जारी
बता दें कि भारत सरकार ने पाकिस्तान उच्चायोग को एक डिमार्शे (औपचारिक राजनयिक पत्र) जारी कर सूचित किया कि उनके एक अधिकारी को “अवांछित व्यक्ति” घोषित किया गया है। उच्चायोग को स्पष्ट रूप से बताया गया कि उक्त अधिकारी को 24 घंटे के भीतर भारत छोड़ना होगा।
13 मई को एक अधिकारी को किया था निष्कासित
इसके अलावा, 13 मई को भी भारत ने एक अन्य पाकिस्तानी अधिकारी दानिश को कथित जासूसी गतिविधियों के कारण निष्कासित किया था और उसे भी 24 घंटे में देश छोड़ने का निर्देश दिया गया था। दरअसल, दानिश का कनेक्शन पाकिस्तानी जासूस ज्योति मल्होत्रा के साथ था। ज्योति पाकिस्तान उच्चायोग में आयोजित इफ्तार पार्टी में शामिल हुई थी।
जासूसों की गिरफ्तारी के बाद लिया एक्शन
पाकिस्तानी अधिकारी को 24 घंटे में देश छोड़ने का आदेश जासूस ज्योति मल्होत्रा और कई अन्य लोगों की पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तारी के बाद दिया गया है। यह गिरफ्तारी भारतीय सशस्त्र बलों के ऑपरेशन सिंदूर और भारतीय शहरों और सैन्य प्रतिष्ठानों पर पाकिस्तान के हमलों के प्रयास के जवाब में देश में जासूसी नेटवर्क पर कार्रवाई के दौरान की गई थी।
हरियाणा पुलिस को NHRC का अल्टीमेटम, प्रोफेसर की गिरफ्तारी पर मांगी विस्तृत रिपोर्ट
21 May, 2025 05:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने को लेकर गिरफ्तार हुए अशोका यूनिवर्सिटी के राजनीति विज्ञान विभाग के HoD और प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने प्रोफेसर की गिरफ्तारी और हिरासत में रिमांड के संबंध में एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लिया है. उन्हें 18 मई को गिरफ्तार किया गया था और तब से वो हिरासत में हैं. हालांकि, बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी.
NHRC ने पाया कि रिपोर्ट में प्रोफेसर के मानवाधिकारों और स्वतंत्रता का उल्लंघन हुआ है. हरियाणा के पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर एक हफ्ते के अंदर मामले में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी), भारत को हरियाणा में अशोक विश्वविद्यालय (एक डीम्ड विश्वविद्यालय) के एक प्रोफेसर की गिरफ्तारी और हिरासत में रिमांड के संबंध में 20 मई, 2025 की एक समाचार रिपोर्ट मिली है.
NHRC ने क्या कहा?
आयोग ने कहा है कि रिपोर्ट, जिसमें उन आरोपों को बताया गया है जिनके आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया है, वो खुलासा करती है कि प्रोफेसर के मानवाधिकारों और स्वतंत्रता का उल्लंघन किया गया है. इसलिए, इसने रिपोर्ट की गई घटना का स्वत: संज्ञान लेने के लिए इसे उपयुक्त मामला माना है. इसी के चलते NHRC ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर एक हफ्ते के अंदर मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
सुप्रीम कोर्ट ने दी अंतरिम जमानत
अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर को सुप्रीम कोर्ट से बुधवार को अंतरिम जमानत मिल गई है. प्रोफेसर की ओर से गिरफ्तारी के खिलाफ दाखिल याचिका पर कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस भी जारी किया है. इस के साथ ही बयान की जांच के लिए SIT टीम का गठन करने का निर्देश भी दिया गया है.
प्रोफेसर ने क्या टिप्प्णी की थी?
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर प्रोफेसर ने टिप्पणी की थी. उन पर कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह के योगदान को कमतर आंकने और सोशल मीडिया पर टिप्पणी करके ऑपरेशन सिंदूर को सांप्रदायिक मकसद से जोड़ने का आरोप है. बीजेपी के युवा मोर्चा के महासचिव योगेश जठेरी की शिकायत पर FIR दर्ज हुई थी. सोनीपत पुलिस ने FIR दर्ज की थी और प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया गया था.
8 मई को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने कर्नल सोफिया कुरैशी की तारीफ करने वाले हिंदुत्ववादियों के अंतर्विरोध पर टिप्पणी की थी. प्रोफेसर ने कहा था कि कर्नल कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने जो प्रेस ब्रीफिंग की थी उसका प्रतीकात्मक चेहरा तो महत्वपूर्ण था, लेकिन इसे जमीनी हकीकत में बदलना होगा, वरना ये सिर्फ पाखंड है.
कासगंज में मगरमच्छों को शव खिलाने वाला हत्यारा राजस्थान से गिरफ्तार
21 May, 2025 04:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर हरियाणा-राजस्थान तक 50 से अधिक लोगों की हत्या करने और इनके शवों को यूपी के कासगंज में मगरमच्छों को खिलाने वाले दुर्दांत राक्षस ‘डॉक्टर डेथ’ को गिरफ्तार कर लिया गया है. सात मामले में उम्र कैद के बाद एक मामले में फांसी का इंतजार कर रहा यह सीरियल किलर अगस्त 2024 में तिहाड़ जेल से पैरोल पर बाहर आया. इसके बाद से ही फरार चल रहा था. हालांकि दिल्ली पुलिस ने करीब छह महीने बाद राजस्थान के दौसा स्थित एक आश्रम से अरेस्ट कर लिया है. इस आश्रम में वह पुजारी बनकर रह रहा था.
आइए, जानते हैं कि आखिर कौन है ये डॉक्टर डेथ, जिसकी गिरफ्तारी पर दिल्ली पुलिस ने राहत की बड़ी सांस ली है? जी हां, हम बात कर रहे हैं दिल्ली के कुख्यात आयुर्वेदिक डॉक्टर देवेंद्र शर्मा की. 1998 से 2004 के बीच देवेंद्र शर्मा का नाम किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट में आया था. इस मामले में उसकी गिरफ्तारी हुई और उसने 125 से अधिक अवैध ट्रांसप्लांट के केस कबूल किए थे. इससे पहले देवेंद्र शर्मा ने 1994 में गैस एजेंसी की डीलरशिप ली थी. हालांकि इसमें घाटा हुआ तो इसने मानव अंगों की तस्करी शुरू कर दी थी. इस प्रकार हत्या की ताबड़तोड़ वारदातों को अंजाम देते हुए यह कब खूंखार सीरियल किलर बन गया, इसे खुद पता नहीं चला.
50 से अधिक मर्डर का आरोप
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक डॉक्टर डेथ के रूप में कुख्यात देवेंद्र शर्मा पर 50 से अधिक मर्डर का आरोप है. इनमें से अब तक 8 मामलों में यह दोषी भी साबित हो चुका है. इनमें भी 7 मामलों में इसे उम्रकैद हुई है, जबकि हरियाणा के गुरुग्राम में हुए मर्डर के एक मामले में इसे फांसी की सजा हुई है. इन्हीं मामलों में यह दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद था. अगस्त 2023 में यह पैरोल पर तिहाड़ जेल से बाहर आया था और फरार हो गया था. इससे पहले वह साल 2020 में भी पैरोल पर बाहर आकर फरार हुआ था और सात महीने बाद पकड़ा गया.
ऐसे करता था अपराध
पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस बदमाश को हत्या की सनक सवार थी. इसके लिए वह खासतौर पर टैक्सी चालकों को निशाना बनाता था. वह टैक्सी बुक करता और फिर ड्राइवर की हत्या करने के बाद उसके शव को उत्तर प्रदेश के कासगंज में मगरमच्छों के लिए मशहूर हजारा नहर में डाल देता था. वहां पलक झपकते मगरमच्छ शवों को खा जाते थे, इसलिए आरोपी के खिलाफ पुलिस को सुराग नहीं मिल पाता. वहीं टैक्सियों को ब्लैक मार्केट में बेच देता था.
पुजारी बनकर काट रहा था फरारी
अगस्त 2024 में पैरोल जंप करने के बाद देवेंद्र शर्मा ने धर्म का चोला ओढ़ लिया था. वह दौसा के एक आश्रम में पुजारी बनकर फरारी काटने लगा. इधर, दिल्ली पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रैस करने और उसे पकड़ने के लिए आधा दर्जन से अधिक टीमें बना दीं. इन टीमों ने बड़ी मुश्किल से उसकी लोकेशन को ट्रैक किया और उसे पकड़ने के लिए दौसा के आश्रम में पहुंची. इस दौरान आरोपी आश्रम में धार्मिक प्रवचन करता मिला. पुलिस ने उसी हाल में उसे दबोच लिया है.
जयशंकर की नीदरलैंड यात्रा सफल, द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने पर बनी सहमति
21 May, 2025 04:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री डिक स्कूफ ने मंगलवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ व्यापार, प्रौद्योगिकी और सुरक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने पर बातचीत की और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई का समर्थन किया।
जयशंकर के साथ बैठक के बाद डिक स्कूफ ने कहा कि वह जल्द ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नीदरलैंड्स में स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। मोदी को 13 से 17 मई तक क्रोएशिया, नार्वे और नीदरलैंड्स की यात्रा करनी थी, लेकिन पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के कारण यह यात्रा रद कर दी गई।
जयशंकर ने पीएम स्कूफ को कहा धन्यवाद
वार्ता के दौरान जयशंकर ने आतंकवाद के खिलाफ नीदरलैंड्स के दृढ़ रुख के लिए प्रधानमंत्री डिक स्कूफ को धन्यवाद दिया। विदेश मंत्री के साथ अपनी बैठक के बारे में स्कूफ ने कहा कि पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के खिलाफ भारत की लड़ाई के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया है। उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि यह सभी पक्षों के लिए अच्छी बात है कि भारत और पाकिस्तान के बीच हिंसा और नहीं बढ़ी है।
नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री ने कहा कि बदलती दुनिया में नीदरलैंड्स और भारत दोनों के लिए एक-दूसरे पर भरोसा करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, 'हमने अपनी रणनीतिक साझेदारी के बारे में भी बात की। यह व्यापार, नई प्रौद्योगिकी, कृषि और सुरक्षा सहित क्षेत्रों में नीदरलैंड्स और भारत के बीच दीर्घकालिक सहयोग से संबंधित है।'
तीन देशों की यात्रा पर जयशंकर
जयशंकर तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में सोमवार को यहां पहुंचे। वह डेनमार्क और जर्मनी भी जाएंगे। वहीं, विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने भारत-नीदरलैंड्स संबंधों में बढ़ती रणनीतिक समानता पर संतोष व्यक्त किया तथा द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।
'टेक इट डाउन एक्ट' लागू, ऑनलाइन अश्लीलता पर अमेरिका की सख्त कार्रवाई शुरू
21 May, 2025 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। ऑनलाइन अश्लील सामग्रियों पर अंकुश लगाने एवं बच्चों पर इसके प्रतिकूल प्रभाव को रोकने के उद्देश्य से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण कानून 'टेक इट डाउन एक्ट' पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह कानून अमेरिका के पहले नए संघीय कानूनों में से एक
यह कानून अमेरिका के पहले नए संघीय कानूनों में से एक है, जिसका उद्देश्य एआइ-जनित सामग्री से होने वाले संभावित नुकसान को दूर करना है क्योंकि यह तकनीक तेजी से आगे बढ़ रही है।
मेलानिया ट्रंप द्वारा समर्थित है यह कानून
अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप द्वारा समर्थित इस कानून को ऐतिहासिक माना जा रहा है। इसके तहत अब बिना सहमति के अश्लील तस्वीरें प्रसारित करना अवैध माना जाएगा।
48 घंटों के भीतर अश्लील वीडियो हटाना जरूरी होगा
रिपोर्ट के अनुसार, इस कानून के अनुसार अगर कोई किसी को बिना उसकी सहमति के ऑनलाइन - रीयल अथवा एआइ जनित अश्लील तस्वीरें साझा करता है या ऑनलाइन पोस्ट करता है तो इसे अवैध माना जाएगा तथा ऐसी तस्वीरों के बारे में अधिसूचित किए जाने के 48 घंटों के भीतर तकनीकी प्लेटफार्म को इन्हें हटाना जरूरी होगा।
हमें अपने बच्चों की सुरक्षा करनी चाहिए- व्हाइट हाउस
इस आशय के बाबत व्हाइट हाउस ने अपने एक्स पोस्ट पर लिखा, ''आज रोज गार्डन में राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप ने टेक इट डाउन एक्ट पर हस्ताक्षर करके इसे कानून बना दिया - प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप द्वारा समर्थित एक ऐतिहासिक कानून। हमें अपने बच्चों की सुरक्षा करनी चाहिए!''
मेलानिया ने भी अपने एक्स पोस्ट पर लिखा, ''आज, 'टेक इट डाउन एक्ट' के माध्यम से हम इस बात की पुष्टि करते हैं कि हमारे बच्चों की भलाई हमारे परिवारों और अमेरिका के भविष्य के लिए अति महत्वपूर्ण है। मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि 'बी बेस्ट' (सर्वश्रेष्ठ बनो) के मूल्य देश के कानून में परिलक्षित होंगे।''
अश्लील डीपफेक के मामले बढ़ रहे
गौरतलब है कि हाल के वर्षों में मशहूर पॉप गायिका टेलर स्विफ्ट से लेकर एलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज और देश भर की हाई स्कूल की लड़कियां भी गैर-सहमति वाले अश्लील डीपफेक की शिकार हुई हैं। अश्लील डीपफेक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके किसी व्यक्ति के चेहरे को नग्न शरीर पर के साथ जोड़ दिया जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस कानून से जहां एक ओर पोर्न और गैर-सहमति वाले एआइ-जनरेटेड यौन चित्रों से पीडि़तों को राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर उन तकनीकी प्लेटफार्म के लिए जवाबदेही भी बढ़ेगी जहां इस तरह की सामग्री साझा की जाती है।
बच्चों की रीयल, एआइ-जनरेटेड तस्वीरों पर बैन
साथ ही, इस तरह की गतिविधियों के लिए मुकदमा भी चलाया जाएगा। पहले, संघीय कानून ने बच्चों की रीयल, एआइ-जनरेटेड तस्वीरों को बनाने या साझा करने पर रोक लगा दी थी। लेकिन, वयस्क पीड़ितों की सुरक्षा के लिए राज्य के अनुसार कानून अलग-अलग थे और पूरे देश में मौजूद नहीं थे।
मुकेश और नीता अंबानी को मिला वैश्विक परोपकारियों में स्थान
21 May, 2025 01:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
न्यूयॉर्क। अंबानी दंपती दुनिया के शीर्ष परोपकारियों में शामिल हैं। मंगलवार को जारी की गई परोपकार के क्षेत्र की 100 सबसे प्रभावशाली शख्सियतों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी, रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक चेयरपर्सन नीता अंबानी, विप्रो के पूर्व चेयरमैन अजीम प्रेमजी और जीरोधा के सह-संस्थापक निखिल कामत के नाम हैं।
अंबानी दंपती ने 2024 में 407 करोड़ रुपये का दान दिया
टाइम रिपोर्ट के अनुसार यह सूची बयां करती है कि कैसे ये लोग उन जरूरतमंदों को मदद कर रहे हैं, जिन्हें मदद की सबसे अधिक जरूरत है। मुकेश अंबानी और नीता अंबानी की प्रशंसा करते हुए लिखा गया है कि दंपती ने लाखों भारतीयों के हित के लिए सामाजिक पहल में बढ़-चढ़ कर दान दिया है। अंबानी दंपती ने 2024 में 407 करोड़ रुपये का दान दिया।
रिलायंस फाउंडेशन ने लाखों विद्यार्थियों की मदद की
रिलायंस फाउंडेशन ने लाखों विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिए धन मुहैया कराया। महिलाओं के कौशल को निखारने के लिए मदद पहुंचाई। मुकेश और नीता अंबानी करोड़ों लोगों को सशक्त बना रहे हैं।
टाइम रिपोर्ट ने कहा कि प्रेमजी भारत के सबसे परोपकारी लोगों में से एक हैं। उन्होंने शिक्षा प्रणाली में व्यवस्थित सुधार के लिए दान दिया है। प्रेमजी 'गिविंग प्लेज' यानी अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा दान देने की प्रतिबद्धता पर हस्ताक्षर करने वाले पहले भारतीय हैं।
उन्होंने 2013 में अपनी कंपनी विप्रो के 29 अरब डॉलर से अधिक के शेयर के साथ उस फाउंडेशन को दान कर दिया, जिसे उन्होंने लगभग 25 साल पहले शुरू किया था। टाइम ने कहा कि प्रेमजी 2023-2024 में शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों से संबंधित 940 संगठनों को 109 मिलियन अमरीकी डॉलर दिए गए।
निखिल कामत भी इस लिस्ट में शामिल
इस सूची में जीरोधा के सह-संस्थापक निखिल कामत भी शामिल हैं, जो 2023 में 36 साल की उम्र में 'गिविंग प्लेज' पर हस्ताक्षर करने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय बने। उन्होंने पर्यावरण और शैक्षिक परियोजनाओं के लिए लाखों डॉलर दान किए और खुद की पहल, 'यंग इंडिया फिलैंथ्रोपिक प्लेज' (वाईआइपीपी) शुरू की। इसके तहत, 45 वर्ष से कम आयु के उन भारतीयों से अनुरोध किया गया है कि जिनके पास 10 करोड़ डॉलर से अधिक की संपत्ति है, वे अपनी संपत्ति का कम से कम 25 प्रतिशत दान करें।
सूची में फुटबाल खिलाड़ी डेविड बेकहम, माइकल ब्लूमबर्ग, ओप्रा विन्फ्रे, वारेन बफे, मेलिंडा गेट्स, प्रिंस विलियम और राजकुमारी कैथरीन, जैक मा जैसी हस्तियां शामिल हैं।
स्कूल बस में विस्फोट से मचा कोहराम, मासूमों की गई जान
21 May, 2025 12:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बुधवार को बड़ा हादसा सामने आया है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बलूचिस्तान प्रांत में सुबह एक स्कूल बस ब्लास्ट की चपेट में आ गई, इस हादसे में 4 बच्चों की मौत हो गई और 38 बच्चे घायल हो गए हैं. पाकिस्तान के डिप्टी कमिश्नर के हवाले से बताया कि यह विस्फोट खुजदार जिले में हुआ. बस को तब टारगेट किया गया जब वो जीरो प्वाइंट के पास थी. दशती ने कहा कि विस्फोट में चार बच्चों की मौत हो गई है और घायलों के शवों को नजदीकी अस्पताल में ले जाया गया है.
इस हादसे के बाद गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने विस्फोट की कड़ी निंदा की. अखबार ने उनके हवाले से कहा, “मासूम बच्चों को निशाना बनाने वाले जानवर किसी भी तरह की नरमी के लायक नहीं है. नकवी ने आगे कहा कि दुश्मन ने मासूम बच्चों को निशाना बनाकर बेहद बर्बरतापूर्ण काम किया है.
कैसे हुआ हादसा
अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान में एक सुसाइड बॉम्बर कार ने सुबह के समय एक स्कूल बस को टक्कर मार दी और इसी के बाद बस में विस्फोट हुआ और इस नापाक हरकत के शिकार मासूम बच्चे हो गए और 4 बच्चों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया.
इस हमले के बाद अभी तक किसी भी ग्रुप ने इस विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन संदेह बलूच अलगाववादियों पर जताया जा रहा है जो अक्सर क्षेत्र में सुरक्षा बलों और नागरिकों को निशाना बनाते हैं.
मामले की जांच जारी
बस के ब्लास्ट होने के बाद पुलिस, फ्रंटियर कोर (एफसी) और कानून एजेंसियों के कर्मी जांच के लिए सबूत इकट्ठा करने के लिए घटना स्थल पर पहुंच गए हैं. हालांकि, मामले की जांच जारी है, डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि शुरुआती जांच से संकेत मिलता है कि यह हमला एक आत्मघाती विस्फोट था.
BLA पर शक की सुई
बलूचिस्तान में लंबे समय से विद्रोह देखा जा रहा है, जिसमें बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) सहित कई अलगाववादी समूह हमले कर रहे हैं. अमेरिका ने 2019 में बीएलए को एक आतंकवादी संगठन के रूप में नामित किया है.
इससे पहले 6 मई को, पाकिस्तानी सेना ने कहा था कि बलूचिस्तान में उनके वाहन पर एक तात्कालिक विस्फोटक उपकरण की चपेट में आने से उनके सात सैनिक मारे गए थे. उन्होंने कथित तौर पर कहा कि बीएलए के सदस्यों ने दक्षिण-पश्चिमी प्रांत बलूच में उनके सैनिकों के वाहन को निशाना बनाया.
व्यापारिक विवाद पर पीछे हटा बांग्लादेश, भारत से टकराव नहीं चाहता
21 May, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान की हालत से सबक लेते हुए बांग्लादेश ने भारत के साथ चल रही व्यापारिक तनातनी में झुकने का फैसला किया है. हालात को और बिगड़ने से रोकने के लिए बांग्लादेश ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी तरह की जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा. बांग्लादेश सरकार का मानना है कि भारत के साथ व्यापार में तनाव दोनों देशों के लिए नुकसानदेह है और इस विवाद को बातचीत से सुलझाना चाहिए.
बांग्लादेश के वाणिज्य सचिव ने बुधवार को एक अहम बैठक के बाद कहा है कि हमारी कोशिश है कि हालात और न बिगड़ें. हम किसी भी तरह की जवाबी कार्रवाई में नहीं पड़ेंगे. यह बैठक अलग-अलग मंत्रालयों, विभागों, एजेंसियों और कारोबारी संगठनों के साथ की गई थी, ताकि मौजूदा हालात पर विचार किया जा सके.
तनाव की शुरुआत कैसे हुई?
13 अप्रैल को बांग्लादेश ने भारत से यार्न (कपास से बने धागे) के आयात पर चार जमीनी बॉर्डर से रोक लगा दी थी. इसके जवाब में भारत ने बांग्लादेशी रेडीमेड गारमेंट्स की ट्रांसशिपमेंट सुविधा को रोक दिया. इसके बाद 17 मई को भारत ने बांग्लादेश से जमीनी सीमा से कपड़े, प्रोसेस्ड फूड, फर्नीचर और दूसरी चीज़ों के आयात पर रोक लगा दी. भारत, चीन के बाद बांग्लादेश का दूसरा सबसे बड़ा आयातक देश है.
“बैठिए, बात कीजिए और हल निकालिए”
सचिव ने कहा कि भारत को बातचीत के लिए पहले ही एक औपचारिक पत्र भेजा गया है और वाणिज्य सचिव स्तर की बैठक का प्रस्ताव दिया गया है. उन्होंने कहा कि हम तो सिर्फ इतना कह रहे हैं कि बैठिए बात कीजिए और हल निकालिए. बैठक में मौजूद एक व्यापारी ने सरकार से अपील की है कि भारत से जमीनी सीमा के जरिए आयात पर लगे प्रतिबंध को कम से कम तीन महीने के लिए टालने की गुजारिश की जाए ताकि पेंडिंग माल को क्लियर किया जा सके. उनके मुताबिक पिछले 10 महीनों में बांग्लादेश ने करीब 3.5 लाख टन सामान भारत से जमीनी रास्ते के जरिए मंगवाया है क्योंकि समुद्री रास्ते से आयात करना महंगा पड़ता है.
बांग्लादेश को भारत से क्या-क्या चाहिए होता है?
बांग्लादेश भारत से कच्चा माल, वस्त्र, मशीनरी, कृषि उत्पाद, खाद्य पदार्थ, केमिकल, चावल, सब्जियां, डेयरी और बहुत सारी जरूरत की चीजें मंगाता है. पिछले वित्तीय वर्ष में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार $10.56 अरब डॉलर का रहा, जिसमें बांग्लादेश ने केवल $1.56 अरब डॉलर का निर्यात किया जबकि $9 अरब डॉलर का सामान भारत से आयात किया.
बांग्लादेश को SAARC के तहत ‘साउथ एशियन फ्री ट्रेड एरिया’ (SAFTA) समझौते के चलते भारत में जीरो ड्यूटी का फायदा भी मिलता है. फिलहाल बांग्लादेश सरकार इंतजार कर रही है कि भारत बैठक के लिए हामी भरे। अगर बातचीत होती है, तो इस तनाव का समाधान जल्दी निकल सकता है. लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ, तो दोनों तरफ़ के कारोबारियों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है.
चावल की कीमतों पर बयान बना संकट, मंत्री को छोड़नी पड़ी कुर्सी
21 May, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चावल पर देना पड़ा इस्तीफा… बिहार से लेकर पश्चिम बंगाल तक भारत के भी कई हिस्सों में चावल की खपत काफी ज्यादा है और बड़ी तादाद में भारत के कुछ हिस्सों में लोग चावल खाना पसंद करते हैं और इसकी डिमांड हाई है. भारत की ही तरह जापान में भी चावल की डिमांड काफी ज्यादा है और इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कृषि मंत्री के जब चावल की पैदावार और कीमत को लेकर शब्द गड़बड़ाएं तो घमासान इस हद तक बढ़ गया कि उन्हें इस्तीफा तक देना पड़ गया.
दरअसल, जापान में चावल की खपत ज्यादा है लेकिन इन दिनों वहां पर चावल की कीमत आसमान छू रही है जिसको लेकर देश में लोगों के बीच हाहाकार देखा जा रहा था और चावल की कीमत को लेकर लोगों के बीच रोष दिखाई दे रहा था. वहीं, दूसरी तरफ जहां कीमत आसमान छू रही है वहीं, स्पलाई की भी शोर्टेज है. इसी बीच मंत्री का ऐसा बयान सामने आया कि लोग आग बबूला हो गए और उनको इस्तीफा ही देना पड़ा. इसी बीच चलिए जानते हैं कि मंत्री ने क्या बयान दिया था.
कृषि मंत्री ने क्या बयान दिया?
देश में चावल की कमी होने के चलते कृषि मंत्री ताकू ईटो ने रविवार को सरकारी भंडारित चावल के वितरण में तेजी लाने पर एक स्पीच दे रहे थे. इसी दौरान, कृषि मंत्री ताकू ईटो ने इसी दौरान एक ऐसी बात कह दी जो उन के लिए मुसीबत बन गई. कृषि मंत्री ने कहा, मैंने खुद कभी चावल नहीं खरीदे हैं. सच कहूं तो, मेरे समर्थक मुझे काफी चावल देते हैं. मेरे घर में मेरी पैंट्री में इतना चावल है कि मैं इसे बेच सकता हूं.
पीएम ने क्या कहा?
मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए, जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने भी कृषि मंत्री के बयान से किनारा कर लिया है. उन्होंने मंत्री के बयान को लेकर कहा कि यह टिप्पणियां चावल की बढ़ती कीमतों से जूझ रहे उपभोक्ताओं और चावल उगाने के लिए कड़ी मेहनत करने वाले किसानों दोनों के लिए बेहद आक्रामक थीं. साथ ही उन्होंने कहा कि मंत्री को ईमानदारी से माफी मांगनी चाहिए और चावल की कीमतों को स्थिर करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए.
जापान के कृषि मंत्री ने चावल खरीदने के बारे में दिए अपने बयान के बाद पहले माफी मांगी और इसी के बाद उन्होंने बुधवार को इस्तीफा दे दिया. प्रधान मंत्री कार्यालय में अपना इस्तीफा सौंपने के बाद ईटो ने कहा, “मैंने ऐसे समय में बेहद अनुचित टिप्पणी की जब लोग चावल की बढ़ती कीमतों से जूझ रहे हैं. ईटो ने कहा कि प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है.
कृषि मंत्री ने मांगी माफी
ईटो ने कहा, मैंने सोचा कि मेरे लिए इस पद पर बने रहना उचित नहीं है” साथ ही उन्होंने कहा, सरकार को चावल की कीमत की चुनौतियों से निपटने की जरूरत है. इसी के साथ जहां ईटो ने लोगों से माफी मांगी वहीं उसी के साथ उन्होंने अपने बयान को लेकर भी सफाई दी और कहा कि वो खुद चावल खरीदते हैं और चावल उन्हें गिफ्ट नहीं किए जा रहे हैं.
जापान के कृषि मंत्रालय के अनुसार, चावल की कीमतें 11 मई तक सप्ताह में फिर से बढ़ीं. देश भर में लगभग 1,000 सुपरमार्केट में चावल के 5 किलोग्राम बैग की औसत कीमत 4,268 येन ($29.5) थी, जो पिछले हफ्ते से 54 येन या 1.3 प्रतिशत तक ज्यादा है और पिछले साल की समान अवधि के दौरान दर्ज 2,108 येन के दोगुने से भी ज्यादा है.
हरियाणा में दिल दहला देने वाली वारदात, नाबालिगों ने मिलकर की दोहरी हत्या
20 May, 2025 05:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कैथल: सदर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी नाबालिग चाचा-भतीजा की हत्या करने के मामले में डीएसपी हेड क्वार्टर बीरभान ने टीम के साथ गांव के ही सात नाबालिगों को पकड़ लिया है। पकड़े गए सभी आरोपित 14 से 16 साल के ही हैं। सभी को मंगलवार को किशोर न्यायालय में पेश करने के बाद बाल सुधार गृह में भेज दिया गया है।
इस मामले में एक मृतक के पिता की शिकायत पर गांव के ही नौ आरोपितों के विरुद्ध एससी एसटी एक्ट और हत्या की धाराओं के तहत सदर थाना में केस दर्ज किया गया था। दो अन्य आरोपितों को पकड़ने के लिए प्रयास किया जा रहा है। इस पूरे मामले को लेकर डीएसपी बीरभान ने जानकारी दी है।
हुक्का पीते बनाई थी हत्या का प्लान
पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपितों ने वारदात के दिन 18 मई को स्कूल से घर आने के बाद हत्या की योजना बनाई थी। सभी आरोपित गांव में ही हुक्का पी रहे थे और इसी दौरान इस योजना को बनाया गया था।
वारदात के लिए पहले ही मोटरसाइकिल के चेन सेट को लोहे की पाइप पर बेल्डिंग करवा कर तैयार किया हुआ था। योजना के अनुसार एक युवक बाइक पर दोनों मृतकों को पार्टी करने का बहाना बनाकर अपने साथ धनौरी ड्रेन के पास ले गया था।
क्यों की थी हत्या, रंजिश आया सामने
तय योजना के अनुसार वहां अन्य आरोपित पहले ही खड़े थे। बताया जा रहा है कि आरोपितों ने शाम को ही दोनों की हत्या कर दी थी। इसके बाद सभी गांव में आ गए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपितों और मृतकों के बीच कुछ दिन पहले भी तकरार हुई थी।
लड़कियों से छेड़छाड़ को लेकर चार दिन पहले भी आरोपित मृतकों के घर उलहाना देने के लिए गए थे। मृतकों पर आरोप लगाए थे कि वे उनकी बहनों को गली से आते जाते छेड़ते हैं और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। इसी बात की रंजिश को लेकर ही दोनों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
हिसार में यूट्यूबर बनी जासूस! ज्योति मल्होत्रा से आईएसआई मॉड्यूल का खुलासा
20 May, 2025 04:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा के हिसार में पकड़ी गई यूट्यूबर और जासूस हसीना ज्योति मल्होत्रा से अब तक हुई पूछताछ में कई बड़े खुलासे हुए हैं. इसमें सबसे बड़ा खुलासा पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के बड़े मॉड्यूल को लेकर है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक ज्योति मल्होत्रा इस मॉड्यूल का हिस्सा थी और उसके जरिए ही इस मॉड्यूल का खुलासा हुआ है. मामले की जांच जैसे जैसे आगे बढ़ रही है, पाकिस्तान के जासूसी नेटवर्क का भी खुलासा होता जा रहा है. इसमें साफ हो गया है कि पाकिस्तान कैसे तकनीक का इस्तेमाल अपने जासूसी नेटवर्क को चलाने के लिए कर रहा था.
ज्योति मल्होत्रा से एनआईए, आईबी और हरियाणा पुलिस की संयुक्त टीम पूछताछ कर रही है. अब तक की पूछताछ में पता चला है कि इस मॉड्यूल को विशेष मकसद से तैयार किया गया था. यह मकसद भारत की खुफिया जानकारी एकत्र कर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर को भेजना, सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान की एक झूठी तस्वीर पेश करना और भारत में रह कर भारत सरकार व भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को कठघरे में खड़ा करना शामिल है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक इन सभी तथ्यों के सामने आने के बाद भी ज्योति तथ्यों को छिपाने और जांच टीम को गुमराह करने की कोशिश कर रही है.
पुलिस को गुमराह कर रही ज्योति मल्होत्रा
दरअसल ज्योति मल्होत्रा ने अब तक पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिव दानिश और शाकिर के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को लेकर सही जानकारी नहीं दी है. बल्कि हर बार इस संबंध में एक नया झूठ बोलने की कोशिश कर रही है. जांच एजेंसियों को उसके मोबाइल फोन कुछ ऐसे ऐप मिले हैं, जिनमें किए चैट 24 घंटे के अंदर डिलीट हो जाते हैं. ज्योति ने इन ऐप के जरिए ढेर सारे फोटो और वीडियो शेयर किए हैं. ऐसे में पुलिस ने सारा डेटा रिकवर करने के लिए मोबाइल फोन को फोरेंसिक लैब भेज दिया है. इसमें यह भी पता करने की कोशिश हो रही है कि कौन-कौन से फोटो और वीडियो किन-किन लोगों को भेजे गए हैं.
ज्योति की यात्रा कितनी धार्मिक?
ज्योति मल्होत्रा पाकिस्तान के अलावा चीन, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, दुबई, थाईलैंड, नेपाल और भूटान आदि देशों की भी धार्मिक यात्रा कर चुकी है. इस दौरान उसने वीडियो भी बनाए हैं. अब जांच एजेंसियां यह पता करने की कोशिश कर रही हैं कि उसकी यह यात्राएं कितनी धार्मिक रही हैं. दरअसल इन यात्राओं में बनाए गए वीडियो के पैटर्न को जांच एजेंसियों ने इंटरसेप्ट किया है. इसमें पता चला है कि ज्योति के वीडियो में धार्मिक बातें कम, और सीमा पर सुरक्षा इंतजामों की जानकारी ज्यादा होती है. कई वीडियो में तो उसने यहां सैन्य तैनाती का भी ब्यौरा देने की कोशिश की है. ऐसा ही पैटर्न उसके अफगानिस्तान बॉर्डर से जुड़े ब्लॉग में भी देखने को मिला है.
इन यात्राओं पर खास नजर
जांच एजेंसियों को ज्योति की पाकिस्तान यात्रा के अलावा बांग्लादेश और चीन की यात्रा पर खास नजर है. दरअसल पहली ज्योति 17 मई 2014 को बैसाखी के बहाने पाकिस्तान गई थी. वह कार्यक्रम तो 10 दिन में ही खतम हो गया था, लेकिन ज्योति 20 दिनों तक पाकिस्तान में रही थी.वहां से वापस लौटने के अगले ही महीने वह चीन गई. ऐसे में पुलिस यह पता करने की कोशिश कर रही है कि पाकिस्तान में वह कहां कहां गई और किस किससे मिली. इसके अलावा चीन यात्रा का कार्यक्रम पाकिस्तान में ही बना या भारत लौटने के बाद बना.
फोरेंसिक जांच में भी हुए खुलासे
पुलिस ने ज्योति के दो मोबाइल और एक लैपटॉप को फोरेंसिक लैब भेजा था. इसकी कुछ हद तक रिपोर्ट आई है. इसमें पता चला है कि उसने पठानकोट, नाथू ला पास और अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में कई संदिग्ध वीडियो बनाए थे. उसके स्मार्टफोन और लैपटॉप की लोकेशन हिस्ट्री, फोटो मेटा डाटा और क्लाउड स्टोरेज से भी कई संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा हुआ है. वहीं कॉल डिटेल में एक पाकिस्तान के नंबर के अलावा दिल्ली स्थित पाकिस्तान एंबेसी के कई नंबरों का भी रिकार्ड मिला है. मोबाइल से डिलीट किए कई तस्वीरों और वीडियो में बीएसएफ मूवमेंट, रडार लोकेशन और हाई सिक्योरिटी जोन की भी जानकारी मिली है. उसके जीमेल अकाउंट को भी कई बार पाकिस्तानी IP एड्रेस से लॉग-इन किया गया है.
जहां सामान्य पाकिस्तानी भी जा सकते, वहां के भी वीडियो
ज्योति मल्होत्रा के मोबाइल और लैपटॉप से पाकिस्तान में ऐसे ऐसे स्थानों के वीडियो मिले हैं, जहां सामान्य पाकिस्तानी भी नहीं जा सकते. मेटा डाटा रिकॉर्ड के मुताबिक जून 2023, नवंबर 2023 और अप्रैल 2024 में ज्योति ने पाकिस्तान यात्रा के दौरान इन जगहों पर पहुंची थी. यही नहीं, कश्मीर यात्रा भी इसकी प्रायोजित है. इस यात्रा में इसने एक कश्मीरी यूट्यूबर की पहचान पाकिस्तान में बैठे हैंडलर से कराई थी. यही नहीं, उसने पाकिस्तान और चीन से सटे अति संवेदनशील इलाकों के भी वीडियो बनाकर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड किया था.
युद्ध रोकना चाहते हैं जेलेंस्की, लेकिन रूस की मंशा पर उठाए सवाल
20 May, 2025 04:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस समय दुनिया की नजरें रूस-यूक्रेन युद्ध विराम वार्ता पर टिकी हुई हैं। इसी सिलसिले में सोमवार को यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत कई यूरोपीय नेताओं के साथ बात की। इस युद्ध विराम वार्ता के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस के इरादों पर अविश्वास जताते हुए कहा कि हम तो युद्ध खत्म करना चाहते हैं, लेकिन रूस इसके लिए तैयार है या नहीं, ये पता नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि यूक्रेन बिना किसी शर्त के पूरी तरह से युद्ध विराम चाहता है। लेकिन इस मामले में रूस का इरादा साफ दिखाई नहीं दे रहा है।
यूक्रेन को ज्ञापन भेजना चाहता है रूस
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने युद्ध विराम वार्ता को लेकर रूस की नियत पर संदेह जाहिर किया है। इसके साथ ही जेलेंस्की ने इस बात पर भी जोर दिया कि रूस पूरी मजबूती के साथ अपनी बात पर खरा उतरे और अपने वादे को पूरा करें। जेलेंस्की ने कहा कि वह रूस के सिद्धांतों के बारे में नहीं जानते। लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बातचीत से उन्होंने ये समझा कि रूस का पक्ष यूक्रेन को एक ज्ञापन भेजना चाहता है। जिसमें वह बताएंगे कि वे सिद्धांतों को किस तरह देखते हैं। इसमें वह ये भी बताएंगे कि वे न केवल युद्ध विराम देखना चाहते हैं बल्कि कुछ और सिद्धांत भी चाहते हैं।
रूस पर यूक्रेन को भरोसा नहीं
इस दौरान उन्होंने कहा कि वह इस बात पर भरोसा करते हैं कि हर कोई युद्ध विराम में बहुत रुचि रख रहा है। इस युद्ध में बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। वह सच में इस युद्ध को खत्म करना चाहते हैं। लेकिन उन्हें यकीन नहीं है कि रूस इसके लिए तैयार है या नहीं। उन्होंने कहा कि उन्हें रूस पर भरोसा नहीं रहा है। वह चाहते हैं कि पहले चरण में युद्ध विराम के लिए तैयार हो जाएं।
युद्ध विराम के बाद क्या होगा अगला कदम
इस दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति ने ग्लोबल पार्टनर्स के साथ लगातार हो रही बातचीत को भी अंडरलाइन किया। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा अपने सभी पार्टनर्स, अमेरिका और यूरोपीय लोगों के साथ सारी बात शेयर करता हूं। मुझे बहुत खुशी हुई जब राष्ट्रपति ट्रंप ने बिना किसी शर्त के पूर्ण युद्ध विराम का प्रस्ताव रखा। हम इसके लिए तैयार थे क्योंकि ये हमारे सिद्धांत हैं। पहले युद्ध विराम और इसके बाद कैदियों की अदला-बदली।
सैफुल्लाह के बाद अब अब्दुल वाहिद ढेर, 'सीक्रेट किलर' का ऑपरेशन जारी
20 May, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा का एक और आतंकी मारा गया है। रविवार को सिंध प्रांत में बंदूकधारियों ने लश्कर के एक प्रमुख आतंकवादी अब्दुल वाहिद कुंभो को गोलियों से भून दिया। भारत में कई आतंकी हमलों के सूत्रधार लश्कर आतंकवादी रजाउल्ला निजामनी खालिद उर्फ अबू सैफुल्ला खालिद भी एक दिन पहले ही सिंध में मारा गया था।
सैफुल्ला खालिद ने भारत में कई बड़े आतंकवादी हमलों की रची थी साजिश
एक के बाद एक कई साथियों के मारे जाने से लश्कर आतंकियों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इस बात को स्वीकार किया है कि इस महीने के शुरू में भारत द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद पाकिस्तान के कई हिस्सों में लश्कर आतंकवादियों की हत्या में वृद्धि हुई है।
सैफुल्ला खालिद ने भारत में कई बड़े आतंकवादी हमलों की साजिश रची थी और अंतत: वह सिंध प्रांत में बस गया था, जहां उसे पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पूरी सुरक्षा प्रदान की गई थी।
मतली इलाके में हथियारबंद लोगों ने अब्दुल वाहिद को उतारा मौत के घाट
वहीं अब्दुल वाहिद खुद को एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में पेश करता था। वह लश्कर-ए-तैयबा के राजनीतिक मोर्चे मिल्ली मुस्लिम लीग का सदस्य था। सिंध प्रांत के बादिन जिले के मतली इलाके में हथियारबंद लोगों ने उसे मौत के घाट उतार दिया। स्थानीय एजेंसियों ने बताया कि अब्दुल वाहिद की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ताहिर नाम का एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया।
पुलिस अधिकारियों ने सिंध राष्ट्रवादी संगठन- सिंध देश क्रांति सेना के सदस्य गुलाम शब्बीर और रफाकत नाम के दो लोगों को इस सिलसिले में गिरफ्तार किया है। सिंध देश क्रांति सेना एक सिंधी राष्ट्रवादी संगठन है, जिसकी प्रांत के अंदरूनी इलाकों में मजबूत उपस्थिति है। संगठन के कुछ सदस्य बलूच लिबरेशन आर्मी से भी जुड़े हुए हैं।
पाकिस्तानी मीडिया में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों की हत्याओं की खबरें नहीं आ रही हैं, जबकि यह देश की सरकार और सुरक्षा बलों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। इस्लामाबाद ने पहले भी नई दिल्ली पर आरोप लगाया है कि वह पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में हत्याओं को अंजाम देने के लिए अफगानिस्तान स्थित लड़ाकों का इस्तेमाल कर रही है।
फरीदाबाद में दिल दहला देने वाली घटना: दोस्तों की हैवानियत से युवक की जान गई
20 May, 2025 01:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई है. यहां के फरीदाबाद में चार दोस्तों ने नहाते समय अपने एक अन्य दोस्त के प्राइवेट पार्ट में सबमर्सिबल पाइप डाल दिया. फिर प्रेशर से पानी चला दिया. इस घटना में युवक के प्राइवेट पार्ट में बहुत चोटें आईं, जिससे उसकी मौत हो गई. पुलिस ने इस मामले में दो दोस्तों की गिरफ्तारी की, जबकि दो दोस्त अभी फरार हैं, जिनकी खोजबीन पुलिस कर रही है. मृतक की पहचान मनोज चौहान के रूप में हुई है.मनोज फरीदाबाद के सेक्टर-58 की संजय कालोनी का रहने वाला था. पुलिस ने बताया कि उसके चार दोस्त हैं. इनके नाम अतिंदर, कार्तिक संदीप और राहुल है. ये सभी 30 साल से कम उम्र के हैं. इन्होंने कथित तौर पर मनोज की हत्या कर दी. मनोज के एक फॉर्महाउस में नहाते समय आरोपियों ने उसके प्राइवेट पार्ट सबमर्सिबल पाइप डालकर प्रेशर के साथ पानी चला दिया. इस वजह से मनोज के प्राइवेट प्रार्ट में काफी चोटे आईं. अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया.
हत्या से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज
मृतक के भाई की शिकायत पर सेक्टर-58 थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने हत्या से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है. मृतक के भाई ने थाने में की शिकायत में बताया कि 17 मई की सुबह मनोज को अतिंदर, कार्तिक संदीप और राहुल एक फॉर्महाउस पर ले गए थे. इसके बाद वो घायल हालत में मनोज को घर लाए. मृतक के भाई ने अपनी शिकायत में ये भी दावा किया कि उसके भाई ने उसे मरने से पहले बताया था कि क्या घटना हई है.
पूछताछ में आरोपियों ने क्या बताया
पुलिस ने इस मामले में संजय कालोनी के ही रहने वाले संदीप और राहुल की गिरफ्तारी की है. फरार चल रहे अतिंदर और कार्तिक की खोजबीन की जा रही है. पुलिस के मुताबिक, पुछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वो मृतक के दोस्त हैं. 16 मई को एक शादी थी, जिसमें वो सभी गए थे. इसके बाद 17 मई वो सभी एक फॉर्म हाउस पर प्रेश होने गए, जहां नहाते समय संदीप ने मनोज को पकड़ा और राहुल ने कथित तौर पर उसके प्राइवेट पार्ट में सबमर्सिबल पाइप डाला
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