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एक ही जेंडर के बच्चे होने की प्रवृत्ति कुछ हद तक विज्ञान से जुड़ी हो सकती है
25 Jul, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हार्वर्ड । हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने 1956 से 2015 के बीच जन्मी 58,000 से ज्यादा महिला नर्सों के जन्म रिकॉर्ड का विश्लेषण कर यह समझने की कोशिश की कि क्या एक ही जेंडर के बच्चों का लगातार जन्म वास्तव में महज संयोग है या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, यह अध्ययन बताता है कि जिन परिवारों में केवल दो बच्चे होते हैं, उनमें लड़का और लड़की दोनों के होने की संभावना सबसे अधिक होती है, जिससे एक तरह का संतुलन बना रहता है। लेकिन जब किसी परिवार में तीन या उससे अधिक बच्चे होते हैं, तो यहां पैटर्न बदलने लगता है। अध्ययन में पाया गया कि जिन परिवारों में पहले तीन लड़के हैं, उनमें चौथा बच्चा भी लड़का होने की संभावना 61 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। वहीं, अगर पहले तीन बच्चियां हैं, तो चौथी संतान के भी लड़की होने की संभावना 58 प्रतिशत पाई गई। इसका मतलब है कि एक ही जेंडर के बच्चे होने की प्रवृत्ति कुछ हद तक विज्ञान से जुड़ी हो सकती है। अब तक माना जाता था कि हर गर्भावस्था में लड़का या लड़की होने की संभावना बराबर यानी 50-50 होती है, लेकिन हार्वर्ड की इस रिसर्च ने इस मान्यता को चुनौती दी है।
अध्ययन से जुड़े डॉ. अलेक्स पोलियाकोव के अनुसार, डॉक्टरों को अब यह समझाना चाहिए कि अगर पहले से एक ही जेंडर के बच्चे हैं, तो अगली बार दूसरे जेंडर का बच्चा होने की संभावना 50 प्रतिशत से भी कम हो सकती है। इस अध्ययन में यह भी देखा गया कि जो महिलाएं 29 साल या उससे अधिक उम्र में पहली बार मां बनीं, उनके बच्चों का जेंडर एक समान होने की संभावना 13 प्रतिशत ज्यादा रही, उनकी तुलना में जो महिलाएं 23 साल से पहले मां बनी थीं। वैज्ञानिकों का मानना है कि उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं के शरीर में रासायनिक बदलाव, खासतौर पर वजाइना का पीएच लेवल, कुछ विशेष प्रकार के स्पर्म को अंडाणु तक पहुंचने में मदद कर सकता है।
हालांकि यह अध्ययन माताओं पर केंद्रित था, लेकिन वैज्ञानिक मानते हैं कि पिता की जैविक विशेषताओं का भी इसमें योगदान हो सकता है। यह रिसर्च अभी एक शुरुआत है और भविष्य में इस विषय पर और गहन अध्ययन किए जाएंगे। मालूम हो कि बच्चों को प्रकृति का सबसे खूबसूरत वरदान माना जाता है। हर दिन लाखों बच्चे जन्म लेते हैं कभी किसी घर में लड़का तो कभी लड़की। कई परिवारों में ऐसा देखा जाता है कि एक के बाद एक सिर्फ लड़के या सिर्फ लड़कियां ही जन्म लेती हैं। लोग अक्सर इसे किस्मत या ईश्वर की मर्जी मानते हैं, लेकिन अब विज्ञान ने इस रहस्य से थोड़ा पर्दा उठाया है।
कैंसर वैक्सीन का चूहों पर परीक्षण रहा सफल, अब इंसानों पर जल्द होगा ट्रायल
25 Jul, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन,। कैंसर जैसी घातक बीमारी के सफल इलाज की दिशा में वैज्ञानिकों को एक बड़ी सफलता हासिल हो गई है। दरअसल अमेरिका के फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एमआरएनए तकनीक पर आधारित एक नई कैंसर वैक्सीन विकसित की है, जिसने चूहों पर किए गए परीक्षण में अत्यंत प्रभावी परिणाम दिए हैं। अब इस वैक्सीन को इंसानों पर आजमाने की तैयारी की जा रही है।
इस संबंध में किए गए शोध की रिपोर्ट एक जर्नल में प्रकाशित की गई, जिसके अध्ययन के अनुसार, इस एमआरएनए वैक्सीन को इम्यूनोथेरेपी की दवाओं के साथ मिलाकर उपयोग किया गया, जिससे चूहों के शरीर में ट्यूमर के खिलाफ मजबूत प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया विकसित हुई। खास बात यह रही कि यह वैक्सीन किसी एक खास ट्यूमर प्रोटीन को निशाना नहीं बनाती, बल्कि विस्तृत इम्यून रेस्पॉन्स उत्पन्न करती है। यूएफ हेल्थ के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. एलियास सायूर के हवाले से बताया गया है, कि यह वैक्सीन सभी प्रकार के कैंसर के खिलाफ एक जैसी इम्यून प्रतिक्रिया उत्पन्न करती है। अगर इंसानों में भी यही प्रभाव दिखाई देता है, तो इससे कैंसर का इलाज बिना सर्जरी, कीमोथेरेपी या रेडिएशन के भी संभव हो सकता है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि यह वैक्सीन भविष्य में ‘यूनिवर्सल कैंसर वैक्सीन’ बन सकती है। यह मौजूदा तरीकों से अलग है, जिसमें या तो आम ट्यूमर लक्ष्यों पर फोकस किया जाता है या मरीज-विशिष्ट टीका तैयार किया जाता है। यह वैक्सीन व्यापक और स्थायी समाधान का मार्ग खोलती है।
इससे पहले इसी टीम ने ग्लियोब्लास्टोमा नामक मस्तिष्क ट्यूमर पर इस तकनीक से उत्साहजनक परिणाम प्राप्त किए थे। अब वैज्ञानिकों की योजना इस वैक्सीन का मानव परीक्षण जल्द शुरू करने की है। अगर प्रयास सफल रहा, तो आने वाले वर्षों में यह वैक्सीन कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से लाखों लोगों को राहत प्रदान करने में क्रांतिकारी भूमिका निभा सकती है।
साबित हो गया...कई मामलों में पुतिन का एसयू-57, ट्रंप के एफ-22 से ज्यादा ताकतवर
25 Jul, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मॉस्को। रूस के पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान एसयू-57 को पश्चिमी देशों के जानकार कबाड़ बताते रहे हैं। कई जानकार उसकी तुलना अमेरिका के पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान एफ-35 से करते रहे हैं। हालांकि ये तुलना बनती नहीं है, क्योंकि दोनों लड़ाकू विमानों को अलग अलग मकसदों के साथ डिजाइन किया गया है। एफ-35 को अमेरिका ने हमला करने वाला लड़ाकू विमान बनाया है। जबकि एसयू-57 को डिफेंस के लिए बना है। लेकिन एसयू-57 ने हाल ही में अमेरिका के एक और पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान एफ-22 को पछाड़ दिया है। अमेरिका का एफ-22 रैप्टर और रूस का एसयू-57 फेलॉन, दोनों पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान हैं।
एसयू-57 को पश्चिमी देशों के रक्षा जानकार ने हमेशा कम करके आंका है। बीते दिनों जब चर्चा चल रही थी कि भारत को एसयू-57 खरीदना चाहिए अमेरिकी एफ-35 खरीदना चाहिए, इस दौरान पश्चिमी देशों के जानकार ने रूसी विमान की काफी बुराई की थी। लेकिन अब पता चला है कि कई सेक्टर में रूसी विमान ने अमेरिकी एफ-22 को पछाड़ दिया है। विश्लेषण बताता हैं कि मैसिव ऑफेंसिव ऑपरेशन, यानि बड़े पैमाने पर हमला करने की जो क्षमता रूसी लड़ाकू विमानों में है, वहा ताकत अमेरिका के एफ-22 रैप्टर में नहीं है।
अमेरिका ने 1980 के दशक में तत्कालीन सोवियत संघ के एमआईजी-29 और एसयू-27 जैसे लड़ाकू विमानों से मुकाबला करने के लिए एफ-22 लड़ाकू विमान की नींव रखी थी। लॉकहीड मार्टिन ने साल 2005 में एफ-22 बनाकर अमेरिकी वायुसेना को सौंपा था। इस लड़ाकू विमान को बनाने का मकसद हवा में वर्चस्व स्थापित करने के साथ दुश्मनों के रडार को चकमा देना, सटीक हमला करना और नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर को अंजाम देना था। जबकि रूस ने साल 2002 में एसयू-57 बनाने का प्रोजेक्ट शुरू किया था। एसयू-57 प्रोग्राम के तहत रूस को एक ऐसा विमान बनाना था, जिसमें स्टील्थ क्षमता होने के साथ साथ भारी मात्रा में हथियार लेकर एक जगह से दूसरे जगह जाना हो। इसके अलावा विमान से यूएवी से जैसे सहयोगी प्लेटफॉर्म को भी ऑपरेट किया जा सके।
लेकिन इस कमजोरी को कम करने के लिए रूस ने इंफ्रारेड सिग्नेचर में कमी की, इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग और मल्टी-स्पेक्ट्रल कन्फ्यूजन जैसे अन्य टेक्नोलॉजी को शामिल किया। इसके अलावा एफ-22 बिना आफ्टरबर्नर के मैंक1.82 की स्पीड तक पहुंच सकता है, जिससे ईंधन की बचत होती है और रेंज बढ़ती है। लेकिन आक्रामक क्षमता और हथियार लोड के मामले में रूसी विमान का कोई मुकाबला नहीं है।
एसयू-57 लड़ाकू विमान में छह इंटरनल हार्डपॉइंट्स हैं, जो आठ मिसाइल या बम ले जा सकते हैं। इसके अलावा इसमें छह एक्सटर्नल हार्डपॉइंट्स भी उपलब्ध हैं, जिससे इसकी टोटल फायरपावर काफी ज्यादा हो जाती है। हालांकि इससे स्टील्थ क्षमता पर असर पड़ता है, लेकिन बड़े पैमाने पर हमले की स्थिति में यह एक रणनीतिक लाभ बनता है। एसयू-57 के पास आर-77 एम जैसे एयर-टू-एयर मिसाइल हैं जो करीब 190 किमी दूर के लक्ष्य को भेद सकते हैं। एसयू-57 का सबसे बड़ा फायदा ये है कि इसमें यूएवी और ड्रोन ऑपरेशन्स के साथ इंटीग्रेशन किया जा सकता है। और स्वार्म ऑपरेशन में भी इसके पास काफी ज्यादा ऑपरेशनल शक्ति है। जबकि एफ-22 की एक बड़ी कमजोरी यह है कि उसका सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर बंद है, यानि इसमें नई टेक्नोलॉजी को शामिल करना अत्यंत मुश्किल और काफी ज्यादा खर्चीला होता है। जबकि एसयू-57 का डिजाइन ज्यादा फ्लेक्सिबल और अपग्रेडेबल है, जिससे भविष्य में उसे मॉडर्न टेक्नोलॉजी जैसे एआई ड्रिवन मिशन कंप्यूटर या हाइपरसोनिक हथियारों से जोड़ा जा सकता है।
तेज रफ्तार और गलत पासिंग का अंजाम – हरियाणा में सड़क हादसे में एक की मौत
24 Jul, 2025 04:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा: पूंडरी में नेशनल हाईवे 152-डी पर बुधवार देर रात को एक सड़क हादसा हो गया। चंडीगढ़ से नारनौल जा रहे महेंद्रगढ़ के गांव नावा के तीन युवकों की कार सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, हादसे में दो फौजी घायल हो गए। हादसा तब हुआ जब कार सवार साइड में जा रहे एक ट्रक को क्रॉस करने की कोशिश कर रहा था। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। ट्रक चालक की स्थिति भी गंभीर है।
हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया। पुलिस पेट्रोलिंग टीम के अनुसार कार में सवार तीन लोगों में से दो फौजी थे। ट्रक माल लेकर जा रहा था। अभी तक किसी की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूंडरी थाना एसएचओ राजेंद्र कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। फिलहाल दो घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
फतेहाबाद में साइबर ब्लैकमेलिंग का अंत, दोषी को फास्ट ट्रैक कोर्ट से 5 साल की सजा
24 Jul, 2025 04:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फतेहाबाद (हरियाणा)। फतेहाबाद की फास्ट ट्रैक कोर्ट (पॉक्सो) के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित गर्ग की अदालत ने एम मामले में निर्णय सुनाते हुए अश्लील वीडियो बनाकर युवती को ब्लैकमेल करने वाले आरोपी को दोषी करार देते हुए 5 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर एक लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में उसे 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला न्यायवादी देवेंद्र मित्तल ने बताया कि पुलिस की तत्परता व सूझबूझ से एकत्रित साक्ष्य, और अभियोजन पक्ष के सरकारी वकील जगसीर सिंह द्वारा की गई प्रभावी पैरवी के चलते पीड़िता को न्याय और आरोपी को सजा दिलवाने में सफलता मिली है।
पहले की दोस्ती, फिर किया ब्लैकमेल
पीड़िता ने साइबर थाना फतेहाबाद में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसी के गांव का निवासी रणजीत कुमार ने पहले उससे मित्रता की, फिर उसकी अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 376(2)(एन), 506 भारतीय दंड संहिता तथा 66ई व 67ए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) के तहत मुकदमा दर्ज कर चार्जशीट अदालत में दाखिल की। लेकिन न्यायालय में धारा 376(2)(एन) के आरोप सिद्ध नहीं हो सके, शेष धाराओं के अंतर्गत आरोपी दोषी सिद्ध हुआ।
निरीक्षक अरुणा एवं उनकी टीम ने पीड़िता के बयानों के आधार पर गहनता से जांच कर आरोपी के विरुद्ध ठोस साक्ष्य जुटाए और 17 फरवरी 2023 को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया। पुलिस द्वारा चार्जशीट 20 मार्च 2023 को तैयार कर 27 मार्च 2023 को अदालत में दाखिल की गई थी।
थाईलैंड ने की जवाबी कार्रवाई, कंबोडिया के सैन्य ठिकाने पर हमला
24 Jul, 2025 04:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
UNSC से आपात बैठक की मांग, अंतरराष्ट्रीय चिंता गहराई
बैंकॉक/प्नोम पेन्ह – थाईलैंड और कंबोडिया के बीच दशकों पुराने सीमा विवाद ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया है। थाईलैंड ने अपने क्षेत्र में भारी गोलीबारी और रॉकेट हमलों के जवाब में एफ-16 लड़ाकू विमानों से कंबोडिया के सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की है। थाई सेना की उप प्रवक्ता ऋचा सुक्सुवानन के अनुसार, यह कार्रवाई योजनाबद्ध थी और आत्मरक्षा के तहत की गई। इस हमले में कम से कम 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
प्रीह विहार मंदिर बना विवाद की जड़
यह संघर्ष प्रीह विहार मंदिर के पुराने विवाद से जुड़ा है। 12वीं सदी के इस हिंदू मंदिर को 1962 में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने कंबोडिया का हिस्सा घोषित किया था, लेकिन थाईलैंड के कुछ राष्ट्रवादी गुट इसे आज भी मान्यता नहीं देते। इसी कारणवश 2008, 2011 के बाद अब 2025 में एक बार फिर दोनों देशों के बीच सैन्य झड़पें हुई हैं।
नागरिक क्षेत्र भी बने निशाना
थाईलैंड का दावा है कि कंबोडियाई सैनिकों ने उसके सैन्य अड्डे और एक अस्पताल को भी निशाना बनाया। जवाबी कार्रवाई में थाई लड़ाकू विमानों ने कंबोडियाई क्षेत्र में एक सैन्य ठिकाना ध्वस्त कर दिया। इससे यह संघर्ष केवल सैन्य सीमाओं तक सीमित न रहकर आम नागरिकों की जान-माल को भी प्रभावित कर रहा है।
कूटनीतिक रिश्तों में गिरावट
घटना के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजदूतों को निष्कासित कर दिया है। थाईलैंड ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि हमले जारी रहे तो उसकी जवाबी रणनीति और आक्रामक होगी। इस क्षेत्रीय तनाव का असर ASEAN देशों की स्थिरता पर भी पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर UNSC की आपात बैठक की मांग की जा रही है।
बारूदी सुरंगों से नई चिंता
संघर्ष के बीच बारूदी सुरंगों का मुद्दा भी सामने आया है। थाईलैंड ने हालिया सुरंगों को सैनिकों के घायल होने का कारण बताया, जबकि कंबोडिया का दावा है कि ये विस्फोट पुरानी सुरंगों से हुए। इससे सीमा क्षेत्र में दीर्घकालिक खतरा गहराता दिख रहा है।
कंबोडिया की सख्त प्रतिक्रिया
कंबोडियाई प्रधानमंत्री हुन मानेट ने देश को सशस्त्र जवाब देने के लिए तैयार रहने को कहा है और सैन्य भर्ती दोबारा शुरू करने का आदेश दिया है। यह संकेत है कि यह संघर्ष अब केवल सीमित झड़प न रहकर, एक दीर्घकालिक रणनीतिक टकराव में बदल सकता है।
लाड़ो लक्ष्मी योजना से बेटियों को मिलेगा संबल, ₹2100 होंगे खातों में जमा
24 Jul, 2025 12:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: हरियाणा की नायब सैनी सरकार जल्द ही अपना एक चुनाव वादा पूरा करने जा रही है। विधानसभा चुनावों से पहले किए गए वादे के तहत, राज्य सरकार अब ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ की शुरुआत रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर 9 अगस्त को करने की तैयारी में है। इस योजना के तहत राज्य की महिलाओं को प्रति माह 2100 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। बता दें कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने हरियाणा की सभी महिलाओं को 2100-2100 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया था। हालांकि, 9 महीने बीत जाने के बाद भी योजना शुरू नहीं हो पाई थी, जिससे महिलाओं में असमंजस की स्थिति थी। लेकिन अब सरकार के इस निर्णय से उम्मीद की जा रही है कि लाखों महिलाओं को आर्थिक राहत और आत्मनिर्भरता का अवसर मिलेगा।
सरकार के मंत्री ने दिया बड़ा अपडेट
हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने इस योजना पर पड़ा अपडेट देते हुए बताया कि इसे चार चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। मंत्री बेदी के अनुसार, पहले फेज में उन महिलाओं को शामिल किया जाएगा जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम है। इस चरण में लगभग 50 लाख महिलाओं को हर माह 2100 रुपये की वित्तीय सहायता दी जा सकती है। सरकार की यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पोर्टल तैयार करवा रही सरकार, जल्द शुरू होंगे रजिस्ट्रेशन
सरकार इस योजना के रजिस्ट्रेशन के लिए एक पोर्टल तैयार करवा रही है। जैसे ही पोर्टल लॉन्च होगा, पात्र महिलाएं योजना में आवेदन कर सकेंगी। योजना की फाइनल रिपोर्ट सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दी गई है और संभावना जताई जा रही है कि इसकी अधिकारिक घोषणा रक्षाबंधन के दिन की जाएगी। बता दें कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अपने पहले बजट में ही ' लाडो लक्ष्मी योजना ' के लिए 5000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया था। यह राशि योजना को सुचारू रूप से लागू करने और महिलाओं को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त मानी जा रही है।
सरकारी मकान का बकाया: किरण खेर को भेजा गया ₹12.76 लाख का नोटिस
24 Jul, 2025 12:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: बीजेपी की वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद किरण खेर को सरकारी आवास के किराये के बकाया को लेकर नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस चंडीगढ़ प्रशासन के सहायक नियंत्रक (वित्त और नियंत्रक) किराया कार्यालय की ओर से भेजा गया है, जिसमें किरण खेर को कुल 12.76 लाख रुपये की राशि तत्काल जमा करने को कहा गया है। यह राशि सरकारी आवास के लाइसेंस शुल्क, जुर्माना, ब्याज और अन्य शुल्कों को मिलाकर बनी है। जानकारी के अनुसार, किरण खेर वर्ष 2014 और 2019 में चंडीगढ़ से लोकसभा सांसद चुनी गई थीं। सांसद रहने के दौरान उन्होंने सेक्टर-7 स्थित टी-6/23 सरकारी आवास में निवास किया था।
किरण खेर ने खाली नहीं किया आवास
यह आवास अब विवाद का कारण बन गया है, क्योंकि खेर ने तय अवधि के बाद भी आवास खाली नहीं किया और निर्धारित लाइसेंस शुल्क का भुगतान भी समय पर नहीं किया। नोटिस के अनुसार, जुलाई 2023 से 5 अक्टूबर 2024 तक की अवधि के लिए मात्र 5,725 रुपये लाइसेंस शुल्क बकाया है, लेकिन इसके बाद की अवधि के लिए जुर्माने की राशि में भारी बढ़ोतरी की गई है। 6 अक्टूबर 2024 से 5 जनवरी 2025 तक की अवधि को ‘अनधिकृत कब्जा’ माना गया है और इस पर 100 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है, जिसकी राशि 3.64 लाख रुपये है।
बकाया राशि 12.76 लाख रुपये हो गई
वहीं, 6 जनवरी से 12 अप्रैल 2025 तक की अवधि को और भी गंभीर उल्लंघन मानते हुए 200 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है, जो 8.20 लाख रुपये तक पहुंच गया है। इसके अतिरिक्त 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के रूप में 26,106 रुपये और अन्य प्रशासनिक शुल्कों के रूप में 59,680 रुपये जोड़े गए हैं। इस तरह कुल बकाया राशि 12.76 लाख रुपये हो गई है। प्रशासन ने किरण खेर को निर्देश दिया है कि वह यह राशि डिमांड ड्राफ्ट या बैंक ट्रांसफर के माध्यम से जल्द से जल्द जमा करें, अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
हरियाणा के नूंह में बीफ रैकेट का पर्दाफाश, पांच मकानों पर छापेमारी
24 Jul, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नूंह: हरियाणा के नूंह जिले में गोमांस बिक्री की सूचना मिलने पर सीएस स्टाफ नूंह टीम ने पांच मकानों में छापेमारी की। खुलासा हुआ कि यहां से बीफ की होम डिलिवरी की जा रही थी। सभी घरों के सामने बाइक सवार सप्लायर खड़े थे। सुबह पांच से सात बजे तक मांस की होम डिलिवरी की जाती थी। पुलिस ने मौके से 8 बाइक, 7 क्विंटल 10 किलोग्राम मांस व अन्य सामान बरामद किया गया है। मामलें में 9 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक नूंह सीएस स्टाफ प्रभारी राजबीर को सूचना मिली थी कि पिनगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव रीठठ में जाकिर, फारूख आंकेड़ा, टिण्डा उर्फ इरफान निवासी मालब, मन्नु निवासी मेवली, हसन, नफीस उर्फ काला, इरफान, वक्की उर्फ वकील और नदीम निवासी रीठठ मिलकर गोकशी का धंधा करते है। रीठठ के कसाई मोहल्ले में वक्की उर्फ वकील, नफीस, इरफान, नदीम और हसन अपने मकान में गोकशी कर बाहर मांस सप्लाई करते हैं।
पुलिस को देखते ही भागने लगे आरोपी
सीएस स्टाफ प्रभारी राजबीर ने बताया कि उनकी टीम ने मंगलवार तड़के गांव रीठठ में आरोपियों के घर दबिश दी। पुलिस को देखकर आरोपी वहां से भागने लगे। पुलिस के जवानों ने मौके से पिता-पुत्र वक्की उर्फ वकील और नदीम को अरेस्ट कर लिया। पुलिस ने वक्की उर्फ वकील के मकान में जाकर देखा तो तीन बरामद हुईं, जिनमें मांस रखा हुआ था। मौके से एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा, दो छुरी, दो दरात, कुल्हाड़ी और करीब 140 किलोग्राम मांस बरामद हुआ। पुलिस टीम ने इसके बाद नफीस के मकान में जाकर देखा तो यहां भी मांस मिला, जिसका कुल वजन करीब 150 किलोग्राम था। इसके साथ ही टीम ने इरफान के मकान पर रेड की।
सात क्विंटल से ज्यादा मांस बरामद
इसके बाद पुलिस ने तीसरे आरोपी नदीम पुत्र वक्की उर्फ वकील के मकान में जाकर देखा तो बाइक, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और 145 किलोग्राम मांस बरामद हुआ है। चौथे आरोपी हसन के मकान पर रेड की गई। इंस्पेक्टर राजदीप ने बताया कि आरोपियों के घरों से कुल सात क्विंटल 10 किलोग्राम मांस बरामद हुआ है। सीएस स्टाफ प्रभारी राजबीर ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों पिता-पुत्र को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। मामले में कुल 9 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। आरोपी मांस को आसपास के गांवों जाकर घरों में डिलिवर करते थे।
एपस्टीन फाइल्स विवाद पर ट्रंप ने ओबामा पर देशद्रोह का आरोप लगाया
24 Jul, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2016 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर देश से विश्वासघात का आरोप लगाया है, इसके बाद ओबामा के प्रवक्ता ने इन आरोपों को बेतुका और ध्यान भटकाने की साजिश बताया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जब मीडिया ने ट्रंप से दिवंगत अमेरिकी फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन से जुड़े मामले पर सवाल किया, तब उन्होंने बराक को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
ट्रंप ने कहा, उन्होंने चुनाव में गड़बड़ी करने की कोशिश की और पकड़े गए। इसके लिए सख्त सजा होनी चाहिए। यह देश से विश्वासघात था। ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति ओबामा को गिरोह का मुखिया बताकर आरोप लगाया कि डेमोक्रेट्स ने 2016 से लेकर 2020 तक चुनावों में कथित तौर पर हेराफेरी की। इस पार्टी में जो बाइडेन और हिलेरी क्लिंटन भी शामिल हैं।
लेकिन अभी तक डेमोक्रेट्स की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन ओबामा के प्रवक्ता पैट्रिक रोडनबश ने ट्रंप के आरोपों को बेतुका और ध्यान भटकाने का प्रयास बताया है। रोडनबश ने कहा, राष्ट्रपति पद के सम्मान में, हमारा कार्यालय आमतौर पर व्हाइट हाउस से निरंतर आने वाले झूठ और गलत जानकारी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देता, लेकिन यह दावे इतने अपमानजनक हैं कि इन पर प्रतिक्रिया देना जरूरी है। यह अजीबो-गरीब आरोप पूरी तरह से बेतुके हैं। यह ध्यान भटकाने की एक कमजोर कोशिश है।
उल्लेखनीय है कि अमेरिकी राजनीतिक और कारोबारी दिग्गजों से व्यापक संबंध रखने वाले एपस्टीन पर यौन अपराधों के आरोप लगे थे। उन्हें गिरफ्तार किया गया था और अगस्त 2019 में जेल में उनकी मौत हो गई, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या करार दिया गया। एपस्टीन के अमेरिका की राजनीतिक और कारोबारी हस्तियों से गहरे संबंध थे।
2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान ट्रंप ने वादा किया था कि अगर वे दोबारा चुने जाते हैं, तब एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करुंगा। हालांकि, इसी महीने की शुरुआत में अमेरिकी न्याय विभाग और एफबीआई ने एक संयुक्त ज्ञापन जारी कर बताया कि कोई भी आपत्तिजनक क्लाइंट लिस्ट मौजूद नहीं है।
पाकिस्तान ने ईरानी खतरे को रोकने के लिए अमेरिकी खुफिया साझेदारी में दिया एयर कॉरिडोर
24 Jul, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लौहार । 22 जून को अमेरिका ने ईरान के नतान्ज एटॉमिक सेंटर पर एयरस्ट्राइक की, इस एयरस्ट्राइक को पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताकर निंदा की। इतना ही नहीं पाकिस्तानी नेता खुद को ईरान का मित्र बताकर मुस्लिम एकता और क्षेत्रीय भाईचारे की दुहाई देते रहे। लेकिन इन दावों के पीछे पाकिस्तान की हकीकत कुछ और ही थी। पाकिस्तान ने अमेरिका को सीक्रेट तरीके से हवाई मार्ग, खुफिया जानकारी और लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया था। यह ऐसा खुलासा है, जिसके बाद ईरानी सेना ने पाकिस्तान को धोखेबाज कह दिया है।
एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया हैं कि हमले से कुछ दिन पहले पाकिस्तान ने अमेरिकी टैंकर और टोही विमानों को ओवरफ्लाइट की मंजूरी दी थी। यह अनुमति चुपचाप सुरक्षित चैनलों के जरिए दी गई और अमेरिका-पाकिस्तान के पुराने काउंटर टेररिज्म समझौतों के तहत इस्लामाबाद और रावलपिंडी के बीच यह ऑपरेशन अंजाम दिया गया। इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के वरिष्ठ अधिकारियों ने पाकिस्तान के व्यवहार को धोखा बताकर दावा किया कि अगर पाकिस्तान हवाई मार्ग और खुफिया जानकारी न देता तब अमेरिका यह हमला कतई नहीं कर पाता। हालांकि शाहबाज सरकार ने इन दावों को गलत बताकर खारिज किया है।
ईरान ने सीमा पर आतंकियों की घुसपैठ रोकने के लिए अतिरिक्त सैनिक तैनात कर दिए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच वर्षों से चल रहे सुरक्षा सहयोग पर खतरा मंडराने लगा है। इस्लामाबाद के लिए यह कोई पहली दुविधा नहीं है। पाकिस्तान एक ओर मुस्लिम दुनिया में अपनी छवि एक रक्षक और नेता के रूप में प्रस्तुत करता है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका से सुरक्षा, खुफिया और आर्थिक सहयोग उसकी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
विपक्षी दलों ने इस पर शाहबाज सरकार को आड़े हाथों लिया है। कई राजनीतिक दलों ने आरोप लगाया कि सरकार ने “इस्लामी एकता को अमेरिका के आगे गिरवी रख दिया। यहाँ तक कि ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार देने की मांग करने वालों को भी निशाना बनाया गया।
“70 की उम्र में महिला गिरफ्तार: नेतन्याहू हत्या साजिश का खुलासा”
24 Jul, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेल अवीव। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हत्या की साजिश रचने के आरोप में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को गिरफ्तार किया गया है। देश की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट ने बुधवार को यह गिरफ्तारी की। आरोप है कि महिला आईईडी विस्फोट के जरिए नेतन्याहू पर जानलेवा हमला करना चाहती थी।
जानकारी अनुसार उक्त बुजुर्ग महिला पर आतंकी कार्रवाई और प्रधानमंत्री की हत्या की साजिश का आरोप है। इजरायल के सरकारी ब्रॉडकास्टर के मुताबिक, वह आईईडी ब्लास्ट के ज़रिए हमले की सुनियोजित योजना बना रही थी। महिला पर गुरुवार को आतंकवाद और साजिश रचने के आरोप में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
पहले भी हो चुकी थी गिरफ्तारी
उक्त आरोपी महिला को दो हफ्ते पहले भी हिरासत में लिया गया था। उस वक्त कुछ शर्तों के साथ रिहा किया गया था, जैसे, कि सभी सरकारी संस्थानों में प्रवेश पर रोक। प्रधानमंत्री से दूरी बनाए रखने का आदेश। बावजूद इसके, महिला ने दोबारा साजिश रचनी शुरू कर दी।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
शिन बेट ने महिला की गतिविधियों पर नजर रखी और पुख्ता सबूत मिलने पर दोबारा गिरफ्तार किया। फिलहाल पूछताछ जारी है कि उसके पीछे कोई संगठन है या वह स्वतंत्र रूप से काम कर रही थी। इस मामले में आज गुरुवार को कोर्ट में पेशी होगी, जहां महिला के खिलाफ आतंकवादी साजिश से जुड़े गंभीर आरोपों की सुनवाई की जाएगी। अगर आरोप साबित होते हैं, तो महिला को लंबी जेल सजा हो सकती है।
"एडिलेड में भारतीय छात्र पर नस्लभेदी हमला, अस्पताल में भर्ती"
24 Jul, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एडिलेड। ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड शहर में एक भारतीय छात्र पर शनिवार को बेरहमी से हमला किया गया। चरणप्रीत सिंह अपनी पत्नी के साथ कार से शहर के लाइट शो देखने निकला था। इसी दौरान किंटोर एवेन्यू के पास रात 9 बजे कार पार्किंग को लेकर उसकी स्थानीय लोगों से बहस हो गई। लडक़ों ने चरणप्रीत को नस्लीय गालियां दी और उनपर हिंसक हमला किया। चरणप्रीत ने मीडिया को बताया कि उन्होंने मुझे कहा, इंडियन भाग जा और फिर मुझे लात- घूंसों से मारना शुरू कर दिया। मैंने जवाब देने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मुझे तब तक मारा जब तक मैं बेहोश नहीं हो गया। चरणप्रीत ने कहा कि जब ऐसी घटनाएं होती हैं, तो वापस अपने देश लौट जाने का मन करता है। आप अपने शरीर में कुछ भी बदल सकते हैं, लेकिन रंग नहीं बदल सकते। फिलहाल मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
महावारी की तकलीफ से टूटी जिंदगी: 8 दिन पहले हुई थी 18, अब नहीं रही
23 Jul, 2025 12:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पानीपत: हरियाणा के पानीपत जिले में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां मासिक धर्म के दौरान होने वाली समस्याओं से परेशान होकर एक 18 वर्षीय युवती ने आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान अन्नू के रूप में हुई है, जो हाल ही में बालिग हुई थी। अन्नू का 14 जुलाई को जन्मदिन था। इसी को वह 18 साल की हुई थी। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
पिता को चाय देने के बाद कमरे में गई थी
मृतक के पिता सुरेंद्रमजदूरी का काम करते हैं। उन्होंने ने बताया कि उनके चार बच्चे हैं। अन्नू उनके चार बच्चों में सबसे बड़ी थी। वह 12वीं पास कर चुकी थी और एक कंप्यूटर कोर्स करने के साथ-साथ आईटीआई में दाखिला लिया था। घटना वाले दिन वो अपनी छोटी बेटी को दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए सरकारी अस्पताल लेकर गए थे। जब वे शाम करीब 4:30 बजे घर लौटे, तो अन्नू ने मेरे लिए चाय बनाई और फिर ऊपर वाले कमरे में चली गई। कुछ देर बाद जब मैं ऊपर गए, तो देखा कि कमरे का दरवाजा आधा खुला हुआ था। उन्हें शक हुआ और जब अंदर जाकर देखा, तो अन्नू पंखे से चुन्नी के सहारे लटकी हुई मिली। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।
लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थी अन्नू
पिता ने बताया कि अन्नू को लंबे समय से माहवारी से संबंधित शारीरिक दिक्कतें थीं और उसका इलाज भी चल रहा था। लेकिन नियमित उपचार के बावजूद कोई खास सुधार नहीं हो रहा था। इसी वजह से वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी। इसी तनाव के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस ने पिता के बयान पर मामला दर्ज कर लिया है और पोस्टमार्टम के बाद शव को परिवार को सौंप दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
छेड़खानी केस का आरोपी बना एजी: हरियाणा सरकार के फैसले पर बवाल
23 Jul, 2025 11:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़ : हरियाणा की नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली BJP सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने विकास बराला को सहायक महाधिवक्ता (Assistant Advocate General) नियुक्त किया है। विकास बराला पर एक पूर्व IAS अधिकारी की बेटी का पीछा करने और अपहरण करने की कोशिश करने का आरोप है। महाधिवक्ता (AG) हरियाणा के नेतृत्व वाली एक स्क्रीनिंग कमेटी ने विकास के नाम की सिफारिश की थी। इस कमेटी में कई बड़े अधिकारी शामिल थे।
कौन हैं विकास बराला
विकास बराला, हरियाणा BJP के पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सुभाष बराला के बेटे हैं। विकास अब दिल्ली में हरियाणा सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे। वे सुप्रीम कोर्ट (SC) जैसे न्यायिक मंचों पर सरकार की पैरवी करेंगे। नियुक्ति का आदेश हरियाणा के गृह सचिव ने 18 जुलाई को जारी किया था। विकास उन सात विधि अधिकारियों में से एक हैं जिन्हें हरियाणा सरकार ने दिल्ली में राज्य के कानूनी सेल के लिए नियुक्त किया है।
96 लॉ ऑफिर्सस की नियुक्ति
कुल मिलाकर, राज्य सरकार ने 96 विधि अधिकारियों को नियुक्त किया है। इनमें अतिरिक्त महाधिवक्ता, वरिष्ठ उप महाधिवक्ता, उप महाधिवक्ता और सहायक महाधिवक्ता जैसे पद शामिल हैं। इन सभी को 18 जुलाई को नियुक्त किया गया था। ये अधिकारी चंडीगढ़ में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय और दिल्ली में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे।
विकास बराला केस में सुनवाई 2 अगस्त को
टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने विकास बराला से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। विकास के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चंडीगढ़ की अदालत में चल रहा है। अगली सुनवाई 2 अगस्त को है। फिलहाल, अभियोजन पक्ष के सबूत दर्ज किए जा रहे हैं।
क्या है विकास बराला पर आरोप
शिकायत के अनुसार, 5 अगस्त, 2017 को विकास और उसके दोस्त आशीष ने कथित तौर पर एक IAS अधिकारी की बेटी का पीछा किया था। उन्होंने उस महिला की कार को रोकने की भी कोशिश की थी। लड़की ने चंडीगढ़ पुलिस को फोन किया, जिसके बाद पुलिस ने दोनों युवकों को पकड़ लिया। पुलिस ने उनके खिलाफ IPC की धारा 354D (पीछा करना) और मोटर वाहन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। उस समय विकास के पिता, सुभाष बराला, हरियाणा BJP के अध्यक्ष थे।
इस नियुक्ति को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि सरकार ने एक ऐसे व्यक्ति को महत्वपूर्ण पद दिया है जिस पर गंभीर आरोप हैं। वहीं, सरकार का कहना है कि नियुक्ति नियमों के अनुसार की गई है।
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