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इतिहास बना विवाद की जड़, तुर्की और ग्रीस के बीच फिर भड़की तनातनी
20 May, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तुर्की इस समय सुर्खियों में बना हुआ है, भारत से पंगा लेने के बाद देश नाटो के ही सदस्य ग्रीक से पंगा ले रहा है और इतिहास को लेकर दोनों देश भिड़ गए हैं. दोनों देश एक दूसरे पर वार-पलटवार कर रहे हैं. दरअसल, तुर्की औग ग्रीक के बीच साल 1919 में एक युद्ध हुआ था. इस युद्ध की ग्रीक ने एनिवर्सरी मनाई और इस युद्ध में मारे गए पोंटिक ग्रीक को याद करते हुए तुर्की पर अत्याचार के आरोप लगाए. इसी के बाद तुर्की की तरफ से भी रिएक्शन सामने आया है. देश ने सोमवार को “निराधार पोंटिक आरोपों” की वर्षगांठ पर ग्रीक अधिकारियों की तरफ से दिए गए बयानों की निंदा की.
तुर्की ने ग्रीस से लिया पंगा
तुर्की ने ग्रीक पर इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने और द्विपक्षीय संबंधों को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया. इसको लेकर तुर्की के विदेश मंत्रालय ने एक लिखित बयान में कहा, हम निराधार ‘पोंटिक’ आरोपों की सालगिरह के बहाने ग्रीक अधिकारियों की तरफ से दिए गए बयानों की निंदा करते हैं, जो ऐतिहासिक तथ्यों से कोसों दूर है.
तुर्की ने ग्रीक की तरफ से लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया. साथ ही उन्हें आरोपों को “काल्पनिक” बताया. तुर्की ने कहा, इसका मकसद 19 मई, 1919 को मुस्तफा कमाल अतातुर्क के नेतृत्व में शुरू किए गए तुर्की के स्वतंत्रता संग्राम को बदनाम करना है.
तुर्की ने ग्रीक पर लगाए आरोप
तुर्की ने ग्रीस पर तंज करते हुए आरोप लगाया कि ग्रीक इतिहास को उल्टा पढ़ रहा है, इसी के साथ युद्ध को लेकर देश पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया. जहां ग्रीक ने पोंटिक ग्रीक का जिक्र छेड़ा, वहीं तुर्की ने अनातोलिया इलाके का जिक्र किया. मंत्रालय ने कहा कि यह एक “ऐतिहासिक रियालिटी” है कि ग्रीक सेना ने “अनातोलिया में अत्याचार” किए.
मंत्रालय ने जांच आयोग की एक रिपोर्ट और लॉज़ेन की संधि के अनुच्छेद 59 का हवाला दिया, जिसमें ग्रीक की तरफ से युद्ध के कानूनों का उल्लंघन किया जाना दर्ज किया गया.
मंत्रालय ने ग्रीक अधिकारियों से साथ ही कहा कि जनता को लुभाने के लिए ऐतिहासिक घटनाओं का शोषण करने की अपनी नीति को त्याग दें साथ ही ग्रीक को साल 1821 याद दिलाया और कहा कि त्रिपोलित्सा नरसंहार (Tripolitsa Massacre) से शुरू होने वाले तुर्क और बाकी जातीय समूहों के खिलाफ किए गए क्रूर अपराधों” को याद रखें.
रिश्तों को संभालने की कोशिश
जहां एक तरफ तुर्की ने ग्रीक से पंगा लिया. वहीं, रिश्तों को संभालने की कोशिश भी की. तुर्की की तरफ से जारी बयान में आखिर में कहा गया, ऐसी पहल जो इतिहास की दुश्मनी को फिर से उजागर करती है और हमारे देशों के बीच संबंधों को नुकसान पहुंचाने का मकसद रखती है, जो हाल के सालों में एक साथ आगे बढ़ रहे हैं. ऐसी पहल को समाप्त किया जाना चाहिए.
ग्रीक ने क्या कहा था?
दोनों देशों के बीच वार-पलटवार का सिलसिला तब शुरू हुआ जब ग्रीक के राष्ट्रपति ने 1919 में तुर्की के साथ हुए युद्ध को याद किया और तुर्की को टारगेट करते हुए उसके अत्याचारों को लेकर कमेंट किया. राष्ट्रपति कॉन्स्टेंटिनो तासौलास ने सोमवार (19 मई) को पोंटिक नरसंहार की सालगिरह मनाई. ग्रीक-तुर्की के साथ हुए इस नरसंहार को पोंटिक नरसंहार कहता है. इसी के चलते ग्रीक ने तुर्की पर नरसंहार करने और अत्याचार करने के आरोप लगाए. इसी पर तुर्की ने ग्रीक से पंगा मोल ले लिया.
ग्रीक ने आधिकारिक तौर पर 1914 और 1923 के बीच काला सागर तट पर रहने वाले 370,000 यूनानियों की हत्या को 1994 में नरसंहार के रूप में मान्यता दी, और 19 मई को स्मरण के वार्षिक दिन के रूप में नामित किया.
चुनाव में गड़बड़ी के आरोप में शेख हसीना के खिलाफ नया मामला दर्ज
20 May, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को राहत की सांस लेने का मौका ही नहीं मिल रहा है. एक के बाद एक बांग्लादेश की नई सरकार हसीना पर मुश्किलों को बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है. अब हसीना पर देश में 2 नए केस दर्ज कर लिए गए हैं. हालांकि, इससे पहले हसीना की पार्टी पर आसमान तब टूटा था जब देश की अंतरिम सरकार ने पार्टी को आधिकारिक रूप से बैन कर दिया था और इसी के साथ उनको चुनाव लड़ने से भी कोसों दूर कर दिया है.
शेख हसीना पर दर्ज किए गए केस उस समय से जुड़े हैं जब देश में छात्र आंदोलन छिड़ गया था और हिंसक हो गया था. इसी दौरान एक शख्स की गोली लग कर मौत हो गई थी और अब इसी शख्स की मां ने शेख हसीना और अवामी लीग के बाकी नेताओं पर केस दर्ज कराया है.
किस मामले में केस दर्ज
पिछले साल जिस समय छात्र आंदोलन छिड़ा था तभी 20 जुलाई को नारायणगंज के शिमराइल इलाके में छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान जूता फैक्ट्री में काम करने वाले सजल मियां (20) की गोली लगने से मौत हो गई थी. इसी को लेकर अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ-साथ 61 अवामी लीग नेताओं और कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दायर किया गया है.
आरोपियों में पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल, एएल महासचिव ओबैदुल कादर, नारायणगंज नगर निगम की पूर्व मेयर सेलिना हयात आइवी, पूर्व विधायक शमीम उस्मान और नजरूल इस्लाम बाबू, शमीम के बेटे इम्तिनान उस्मान अयोन और भतीजे अजमेरी उस्मान शामिल हैं.
ऑफिसर इन-चार्ज शाहीनूर आलम ने कहा, यह केस पीड़ित सेजल की मां रूना बेगम ने शुक्रवार रात को नारायणगंज के सिद्धिरगंज पुलिस स्टेशन में दर्ज कराया था.
कैसे हुई मौत
जानकारी के मुताबिक, सजल की मौत प्रोटेस्ट के दौरान हुई थी. पिछले साल 20 जुलाई को भेदभाव विरोधी आंदोलन में सजल शामिल हुए थे, तभी एक अवामी लीग के शख्स ने ढाका-चट्टोग्राम हाईवे पर डच-बांग्ला बैंक क्षेत्र के पास छात्रों पर कथित तौर पर गोलियां चलाईं. इसी अंधाधुंध गोलीबारी के दौरान सजल को पेट में गोली लगी थी, गोली लगने के फौरन बाद उसको अस्पताल ले जाया गया था लेकिन उस ने अस्पताल में दम तोड़ दिया.
शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि अवामी लीग के डायरेक्शन पर अटैक किया गया था, जिसमें शेख हसीना और बाकी शीर्ष नेताओं के शामिल होने तक का दावा किया गया है.
किस मामले में दर्ज किया गया दूसरा केस?
इस केस के साथ शेख हसीना पर एक और केस दर्ज किया गया है. भुयापुर के कमरुल हसन ने तंगेल न्यायिक मजिस्ट्रेट रुमेलिया सिराजम की अदालत में एक मामला दायर किया, जिसमें हसीना और 193 और लोगों पर साल 2024 में “डमी चुनाव” आयोजित करने और वोट में धांधली का आरोप लगाया है.
193 आरोपियों में पूर्व मंत्री मुहम्मद अब्दुर रज्जाक, पूर्व विधायक सोटो मोनिर, पूर्व सीईसी काजी हबीबुल अवल, पूर्व आईजीपी चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून और पूर्व तंगेल डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद शाहिदुल इस्लाम शामिल हैं.
युद्ध विराम को तैयार रूस, पुतिन बोले- यूक्रेन करे व्यावहारिक समझौता
20 May, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से दो घंटे से ज्यादा समय तक फोन पर बात की। यूक्रेन युद्ध की समाप्ति के सिलसिले में हुई इस वार्ता में पुतिन ने कहा कि रूस युद्ध समाप्ति के लिए तैयार है लेकिन इसके लिए यूक्रेन को व्यावहारिक समझौते की ओर बढ़ना होगा।
दोनों नेताओं के बीच चार महीने में टेलीफोन पर हुई यह तीसरी वार्ता थी। इस वार्ता में भी मुख्य मुद्दा यूक्रेन युद्ध ही रहा। भारतीय समयानुसार देर रात हुई इस वार्ता को रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने स्पष्ट और अर्थपूर्ण बताया है। कहा कि रूस शांति समझौते के लिए तैयार है। लेकिन इसके लिए दोनों पक्षों को समान रूप से प्रयास करने होंगे।
व्हाइट हाउस ने नहीं जारी किया कोई आधिकारिक बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यालय व्हाइट हाउस ने वार्ता को लेकर विस्तृत बयान अभी जारी नहीं किया है। लेकिन वार्ता से पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार का दिन रचनात्मक होने की उम्मीद जताई थी। ट्रंप यूक्रेन राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के अतिरिक्त यूरोपीय देशों के प्रमुख नेताओं से भी टेलीफोन पर वार्ता करेंगे।
पुतिन शांति वार्ता को लेकर गंभीर नहीं: वेंस
इस बीच अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि यूक्रेन युद्ध को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप के बहुत खुले विचार हैं। अगर उन्हें लगता है कि पुतिन शांति वार्ता को लेकर गंभीर नहीं हैं तो वह (ट्रंप) यूक्रेन में शांति के लिए प्रयास छोड़ देंगे। जबकि रूसी राष्ट्रपति के कार्यालय क्रेमलिन ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति ने ट्रंप को इस्तांबुल में पिछले हफ्ते यूक्रेन के साथ हुई वार्ता के ¨बदुओं के बारे में बताया और उन पर सहमति बनाए जाने की आवश्यकता जताई।
ट्रंप से वार्ता के बाद क्या बोले पुतिन?
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने युद्ध विराम पर अपनी स्थिति व्यक्त की है, और मैंने अपनी ओर से यह भी कहा कि रूस भी यूक्रेनी संकट के शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर है। हमें बस शांति की ओर बढ़ने के सबसे प्रभावी तरीकों का निर्धारण करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम अमेरिकी राष्ट्रपति से सहमत हैं कि रूस संभावित भविष्य की शांति संधि पर एक ज्ञापन पर यूक्रेनी पक्ष के साथ काम करने के लिए तैयार है और सुझाव देगा, जिसमें कई मुद्दों को परिभाषित किया गया है, जैसे कि समझौते के सिद्धांत, संभावित शांति समझौते की शर्तें और इसी तरह, एक निश्चित अवधि के लिए संभावित युद्ध विराम सहित, यदि उचित समझौते होते हैं।
वार्ता पर क्या बोले अमेरिकी राष्ट्रपति?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमने व्लादिमीर पुतिन से ढाई घंटे बात की। मुझे लगता है कि कुछ प्रगति हुई है। वहां बहुत भयानक स्थिति है, हर हफ़्ते 5000 युवा मारे जा रहे हैं। इसलिए उम्मीद है कि हमने कुछ किया है। हमने ज़्यादातर यूरोपीय देशों के प्रमुखों से भी बात की है और हम इस पूरे मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।
हेग में डच विदेश मंत्री से मिले जयशंकर, द्विपक्षीय संबंधों को दी नई दिशा
20 May, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हेग। विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने सोमवार को हेग में अपने डच समकक्ष कैस्पर वेल्डकंप के साथ चर्चा की। उन्होंने पहलगाम हमले की कड़ी निंदा करने और आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता के समर्थन के लिए नीदरलैंड्स को सराहते हुए आभार जताया।
विदेश मंत्री मे एक्स पर दी जानकारी
जयशंकर ने बैठक के बाद एक्स पर पोस्ट में कहा कि हमने द्विपक्षीय साझेदारी को गहरा करने और यूरोपीय संघ के साथ सहयोग पर व्यापक चर्चा की। विदेश मंत्री नीदरलैंड्स, डेनमार्क और जर्मनी के छह दिवसीय दौरे के पहले चरण में सोमवार को हेग पहुंचे थे।
भारत की चल रही कूटनीतिक पहल का हिस्सा है ये दौरा
विदेश मंत्रालय के अनुसार, जयशंकर का यह दौरा भारत की चल रही कूटनीतिक पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य रणनीतिक संबंधों को गहरा करना और प्रमुख यूरोपीय साझीदारों के साथ सहयोग बढ़ाना है।
इस दौरे के दौरान विदेश मंत्री तीन देशों के नेतृत्व से मिलेंगे और द्विपक्षीय संबंधों और आपसी रुचि के क्षेत्रीय और वैश्विक मामलों पर अपने समकक्षों के साथ चर्चा करेंगे।
इज़राइल की मंजूरी से गाज़ा में पहुंचेगी मदद, 20 लाख लोगों को मिलेगी राहत
19 May, 2025 04:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गाजा में 3 महीने से जारी इजराइली प्रतिबंध के बाद सोमवार को इजराइल थोड़ी रियायत दी है. इजराइल ने गाजा में सीमित बैसिक ऐड ले जाने की परमिशन दे दी है. जिसके बाद नरसहांर और भुखमरी से पीड़ित फिलिस्तीनियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है. पिछले हफ्ते हमास के सीनियर अधिकारी महमूद मरदावी ने बताया कि वह वाशिंगटन के साथ ऐड एंट्री को लेकर एक समजौते पर पहुंच गए हैं.
मरदावी के बयान के बाद ही हमास ने अमेरिकन होस्टेज एडन अलेक्जेंडर को रिहा कर दिया था. मानवीय सहायता के बारे में बताते हुए, प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि भुखमरी का संकट गाजा में इजराइल के नए सैन्य हमले को खतरे में डाल देगा और उनके मंत्रिमंडल ने 2 मिलियन से अधिक लोगों के क्षेत्र में ‘बुनियादी’ मात्रा में भोजन की अनुमति देने के निर्णय को मंजूरी दे दी है.
हालांकि, गाजा में ये सहायता कब तक पहुंचनी शुरू होगी, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है. सहायता कार्यकर्ताओं की आपत्तियों के बावजूद, इजराइल एक नई सहायता प्रणाली लागू करने की कोशिश कर रहा है. नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल यह सुनिश्चित करने के लिए काम करेगा कि सहायता आतंकवादियों तक न पहुंचे.
इजराइल ने शुरू किया नया ऑपरेशन
सीजफायर और बंधकों की रिहाई के लिए जारी वार्ता के बीच रविवार को इजराइल ने कहा कि उसने अपने नए हमले में ‘व्यापक’ नए जमीनी अभियान शुरू किए हैं. जिसके बाद अस्पतालों और चिकित्सकों ने बताया कि हमले में कम से कम 103 लोग मारे गए, जिनमें दर्जनों बच्चे शामिल हैं. बमबारी के कारण उत्तरी गाजा के मुख्य अस्पताल को भी बंद हो गए हैं.
इजराइली सेना ने हाल ही में हजारों रिजर्व सैनिकों को बुलाया है. सेना के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल ज़मीर ने कहा कि योजनाओं में पट्टी को ‘विच्छेदित’ करना शामिल है.
डील पर नहीं बन रही बात
कई बार कोशिश के बाद भी हमास और इजराइली समझौते तक नहीं पहुंच पाए हैं. इजराइल चाहता है कि हमास एक अस्थायी युद्ध विराम पर सहमत हो जाए जिससे गाजा से बंधकों को छोड़ाया जाए लेकिन जरूरी नहीं कि इससे युद्ध समाप्त हो जाए. हमास का कहना है कि वह किसी भी समझौते के तहत इजराइली सेना की पूरी तरह वापसी और युद्ध को समाप्त करने का रास्ता चाहता है.
पाकिस्तान दौरे पर गई यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा, वीडियो से खुली जासूसी की परतें
19 May, 2025 04:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को लेकर अब नए-नए खुलासे हो रहे हैं. आरोप है कि ज्योति भारत की खूफिया जानकारी पाकिस्तान को भेजती थी. हालांकि, उसका पाकिस्तान कई बार जाना हुआ, जिसका वीडियो खुद उसने अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया हुआ है. ज्योति मल्होत्रा ने इसी साल 19 मार्च को एक वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया था. ये वीडियो ज्योति के पाकिस्तान टूर का था. इस वीडियो को देखने से पता चलता है कि वो पाकिस्तान के लाहौर में कई जगहों पर गई और वहां के लोगों से मिली. इस दौरान उसने कई सामान भी खरीदे.
ज्योति के लाहौर वाले वीडियो ब्लॉग में दिखता है कि उसने जूते खरीदें, फिर अपने लिए कुरते लिए. साथ ही समोसे भी खाएं. उसने नारंगी का जूस खरीकर पीया. ज्योति अनारकली बाजार गई और सूट खरीदा. साथ ही सूरमा भी खरीदा. चने की दाल से बनी कचोड़ी भी खरीदकर खाई. ज्योति लाहौर के एक मंदिर में भी गई. वहां पर उसने पूजा-अर्चना की. इस दौरान लोगों ने फूलों की वर्षा कर उसका स्वागत किया.
जब दुकानदार ने कम कर दिया रेट
वीडियो में ज्योति कई पाकिस्तानी लोगों से मिलती दिखती है. वीडियो में दिखता है कि एक दुकानदार ने कपड़े खरीदते हुए उसे ऑफर भी दिया. रेट को कम करते हुए दुकानदार ने ज्योति को कपड़े दिए. दुकानदार ज्योति से कहता है कि आप हमारी मेहमान हैं. इसलिए हम ये ऑफर आपको दे रहे हैं.
कौन है जासूस हसीना ज्योति मल्होत्रा?
ज्योति मल्होत्रा हरियाणा के हिसार की रहने वाली है. उसके पिता हरीश मल्होत्रा बिजली निगम के कर्मचारी थे, जोकि अब रिटायर्ड हैं. हरीश मल्होत्रा का अपनी पत्नी से तलाक हो चुका है. ज्योति ने बीए तक पढ़ाई की. उसने गुरुग्राम की एक कंपनी में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी भी की. कोरोना की वजह से लॉकडाउन हुआ तो उसने नौकरी छोड़ दी और एक यूट्यूबर बन गई. इसी दौरान वह पाकिस्तानी एंबेसी में तैनात अफसर दानिश के संपर्क में आई. दानिश के जरिए वह पाकिस्तानी इंटेलिजेंस के अफसर शाकिर राणा से संपर्क में आई. आरोप है कि शाकिर ने ही ज्योति को जासूसी की ट्रेनिंग दिलाई है.
हरियाणा में एक और जासूस कनेक्शन, नूंह से धरे गए दो संदिग्ध, बड़ा खुलासा
19 May, 2025 04:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा के हिसार में पकड़ी गई जासूस हसीना ज्योति मल्होत्रा के बाद एक्शन में आई हरियाणा पुलिस ने नूंह जिले से भी दो जासूसों को अरेस्ट किया है. इनमें एक जासूस तारीफ ने भारत के अंदर पाकिस्तान द्वारा कराए जा रहे जासूसी नेटवर्क का खुलासा किया है. तावड़ू के रहने वाले तारीफ के मुताबिक पहले वह पाकिस्तानी अफसरों को मोबाइल के सिम कार्ड उलब्ध कराता था, लेकिन बाद में उनके कहने पर सैन्य जानकारियां भी उपलब्ध कराईं. तारीफ फिलहाल हरियाणा पुलिस की गिरफ्त में है.
आसिफ ने बताया कि वह पहले पाकिस्तान एंबेसी के अफसर आसिफ बलोचा के संपर्क में था. उसने आसिफ बलोचा को मोबाइल फोन के दो सिमकार्ड उपलब्ध कराए थे. कहा कि आसिफ की मदद से वह पाकिस्तान भी गया, वहां से लौटकर आने पर उसे पाकिस्तान का वीजा चाहने वालों को लाने की जिम्मेदारी दी. डील किया था कि पाकिस्तान जाने वालों से होने वाली वसूली के पैसे में से दोनों आधा-आधा बांट लेंगे. तारीफ के मुताबिक उसने अब तक 8- 10 लोगों को पाकिस्तान भेजा है.
2024 से कर रहा जाफर के लिए काम
तारीफ के मुताबिक 2024 में आसिफ बलोच ने उसे फोन कर मिलने के लिए बुलाया. उस समय उसने बताया कि उसका कभी भी यहां से ट्रांसफर हो सकता है. इसलिए उसने जाफर नामक अधिकारी से परिचय कराया. इसके बाद उसने जाफर के भी कहने पर उसे दो सिमकार्ड दिया. साथ ही जाफर के जरिए भी उसने कई लोगों को पाकिस्तान भेजा. इस वह खुद भी तीन बार वीजा लेकर पाकिस्तान घूमने गया. बताया कि इस बार लौटने पर जाफर ने उसे बड़ा टास्क दे दिया.
सिरसा एयरबेस में की जासूसी
उसने कहा कि अब केवल सिमकार्ड देने से काम नहीं चलेगा. अब उसे बड़ा काम करना होगा. इसके बाद जाफर ने एयर फोर्स बेस सिरसा की निगरानी करने और गोपनीय सूचना उसे देने की जिम्मेदारी दी. तारीफ ने बताया कि बीते डेढ़ साल में उसने जाफर को ढेर सारी सूचनाएं दी है. यह सारी सूचनाएं वाट्सऐप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिए उसे भेजी है. पुलिस ने डिटेल निकली तो पता चला कि ढेर सारी सूचनाएं पाकिस्तानी नंबर पर भेजने के बाद डिलीट कर दी गई है.
कौन है पाकिस्तान का जासूस तारीफ?
हरियाणा पुलिस के मुताबिक पाकिस्तान का जासूस तारीफ मूल रूप से नूंह जिले में तावड़ू के कांगरका गांव का रहने वाला है. पांच भाइयों में वह अपनी माता पिता की दूसरी औलाद है. उसकी शादी दिल्ली के चांदनहोला में 10 साल हुई. इसकी वजह से वह अक्सर दिल्ली आता जाता रहता था. इसी क्रम में उसका पाकिस्तान एंबेसी जाना हुआ, जहां पहले वह बलोच और अब जाफर के संपर्क में आया. एंबेसी के इन अधिकारियों के इशारे पर ही वह सैन्य ठिकानों की जासूसी कर रहा था. तारीफ के दो बच्चे हैं. उसने दिखावे के लिए इलाके में झोला छाप डॉक्टर की पहचान बना रखी है. उसकी अंसल फार्म हाउस के पास एक क्लिनिक भी है.
भारत के फैसले से डरा पाकिस्तान, मदद के लिए चीन और तुर्की की शरण में पहुंचा
19 May, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत की ओर से पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान जो जख्म दिए गए हैं, उनके बाद वह भविष्य के बारे में सोचने के लिए मजबूर हो गया है. भारत से मार खाने के बाद पाकिस्तान चीन और तुर्किये की गोद में बैठ गया है, लेकिन उसको मालूम है कि अगली कोई हिमाकत उसको वहां भी नहीं बचा पाएगी. इसलिए अपने सहयोगियों के साथ मिलकर वह ‘फ्यूचर प्लानिंग’ में लगा हुआ है.
पाकिस्तान को बचाने के लिए चीन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, चीन ने कहा है कि वह भारत की ओर से हाल ही में जल आपूर्ति बंद करने की धमकी के मद्देनजर पाकिस्तान में एक प्रमुख बांध के निर्माण कार्य में तेजी ला रहा है. चीन की सरकारी कंपनी चाइना एनर्जी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन 2019 से उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में मोहमंद जलविद्युत परियोजना पर काम कर रही है, जिसके अगले साल तक पूरा होना है, लेकिन भारत के खतरे को देखते अब इसका काम और तेजी से पूरा होना शुरू हो गया है.
भारत से घबराए चीन और पाकिस्तान
चीन का यह बयान भारत के उस ऐलान को देखते हुए आया है, जिसमें भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हमले के जवाब में 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था. भारत के इस कदम से पाकिस्तान को जल सुरक्षा संबंधी खतरों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि पड़ोसी देश कथित तौर पर अपनी लगभग 80 फीसद कृषि के लिए सिंधु नदी के पानी पर निर्भर है.
भारत के कदम से बौखला गया था पाकिस्तान
सिंधु जल संधि के निलंबन के बाद इस्लामाबाद ने कहा था कि वह पाकिस्तान के पानी को रोकने या मोड़ने की किसी भी कोशिश को ‘युद्ध की कार्रवाई’ मानेगा और वह राष्ट्रीय शक्ति के पूरे स्पेक्ट्रम में पूरी ताकत के साथ जवाब देगा.
पाक सरकार ने अपने बयान में कहा, “पानी पाकिस्तान का महत्वपूर्ण राष्ट्रीय हित है, यह 240 मिलियन लोगों की जीवन रेखा है और इसकी उपलब्धता को हर कीमत पर सुरक्षित रखा जाएगा.”
जो बाइडेन की हालत गंभीर, प्रोस्टेट कैंसर हड्डियों तक पहुंचा
19 May, 2025 01:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन (82) प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित हैं. बाइडन की सेहत को लेकर उनके कार्यालय से एक बयान जारी किया है. बयान के मुताबिक डॉक्टरों ने कहा है कि पूर्व राष्ट्रपति बाइडन प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित हैं. यह बीमारी उनकी हड्डियों तक फैल चुकी है.
बयान में बताया गया कि बाइडेन ने पहले यूरिन इन्फेक्शन संबंधी शिकायत की, जिसके बाद डॉक्टरों ने जांच में कैंसर की पुष्टि की. पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति की सेहत को लेकर जारी बयान में कहा गया कि बाइडन की वर्तमान स्थिति हड्डी में मेटास्टेसिस का संकेत देती है.
हड्डियों तक फैल गया कैंसर
दरअसल पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को प्रोस्टेट कैंसर का पता चला है जो उनकी हड्डियों तक फैल गया है. बताया जा रहा है कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन के कार्यालय ने एक बयान जारी किया है. बयान के मुताबिक बाइडन को युरीन संबंधी लक्षणों में वृद्धि का अनुभव होने के बाद प्रोस्टेट नोड्यूल की एक नई खोज के लिए देखा गया था.
डॉक्टरों के साथ चर्चा कर रहा परिवार
बताया जा रहा है कि जांच के बाद शुक्रवार को प्रोस्टेट कैंसर के बारे में पता चला, जिसमें ग्लेसन स्कोर 9 (ग्रेड ग्रुप 5) था और हड्डी में मेटास्टेसिस था. इसका मतलब यह बीमारी आक्रामक रूप ले चुकी है. कैंसर हार्मोन-संवेदनशील लग रहा है, जो प्रभावी मैनेजमेंट की अनुमति देता है. पूर्व राष्ट्रपति और उनका परिवार अपने डॉक्टरों के साथ इलाज के ऑप्शन की समीक्षा कर रहे हैं.
2023 में बाइडन को हुआ था स्किन कैंसर
इससे पहले 2023 में बाइडेन को स्किन कैंसर हुआ था. व्हाइट हाउस के डॉक्टर ने बताया था कि उनकी छाती पर बेसल सेल कार्सिनोमा पाया गया था, जो एक सामान्य प्रकार का त्वचा कैंसर था. इस घाव को फरवरी में सर्जरी के दौरान हटा दिया गया था. 82 साल के जो बाइडन ने 2020 में डोनाल्ड ट्रंप को हराया था और पिछले साल फिर से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन उनकी उम्र और मानसिक स्थिति पर सवाल उठने की वजह से उन्होंने राष्ट्रपति पद की रेस से हटने का फैसला किया था.
राष्ट्रपति चुनाव से हो गए थे बाहर
उन्होंने तत्कालीन उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस को समर्थन दिया था. बाइडेन से तीन साल छोटे डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल नवंबर में कमला हैरिस को हराकर दूसरी बार राष्ट्रपति चुनाव जीता था. रिपोर्ट के मुताबिक, प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों को होने वाला सबसे आम कैंसर है और कैंसर से होने वाली मौतों की दूसरी प्रमुख वजह है.
पाइप बम से हुआ विस्फोट, कैलिफोर्निया में टारगेटेड अटैक की जांच शुरू
19 May, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। कैलिफोर्निया के पाम स्प्रिंग्स शहर में शनिवार को हुए विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। इससे फर्टिलिटी क्लीनिक को भारी नुकसान पहुंचा।
एफबीआई ने इसे जानबूझकर किया गया आतंकी कृत्य बताया है। यह विस्फोट पाइप बम के कारण हुआ। एफबीआई के सहायक निदेशक अकील डेविस ने कहा कि विस्फोट से जुड़े संदिग्ध की पहचान 25 वर्षीय गाय एडवर्ड बार्टकस के रूप में की गई है। वह नश्वरवादी विचारधारा में विश्वास रखता था।
सुबह 11 बजे हुआ विस्फोट
पाम स्प्रिंग्स शहर के मेयर रान डेहार्ट ने कहा कि स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 11 बजे विस्फोट हुआ। वाहन के पास खड़ा बार्टकस मारा गया। वह घटना की लाइव स्ट्रीमिंग करना चाहता था। उसने ऑनलाइन लेख साझा किया और विस्फोट का वीडियो साझा करने का प्रयास किया।
क्लिनीक के सभी कर्माचारी सुरक्षित
हालांकि, वीडियो ऑनलाइन अपलोड नहीं हो पाया। क्लीनिक के सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। एफबीआई का कहना है कि जानबूझकर आइवीएफ केंद्र को निशाना बनाया गया। विस्फोट से व्यापक क्षति हुई और कई ब्लॉक की इमारतें प्रभावित हुईं। डेविस ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह जानबूझकर किया गया आतंकवादी कृत्य है। जांचकर्ताओं का मानना है कि क्लीनिक को निशाना बनाया गया था।
ब्रुकलिन ब्रिज से टकराया मेक्सिको का जहाज, हादसे में दो की मौत, कई घायल
19 May, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेक्सिकन नौसेना का प्रशिक्षण पोत कुआउटेमोक ईस्ट रिवर के किनारे 142 वर्ष पुराने ब्रुकलिन ब्रिज से टकरा गया। दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई और 19 अन्य घायल हो गए। 297 फीट लंबा जहाज कुआउटेमोक 277 व्यक्तियों को लेकर जा रहा था। इनमें से कई नौसेना के कैडेट थे।
न्यूयार्क की सद्भावना यात्रा के हिस्से के रूप में जहाज को रोशनी और झंडों से सजाया गया था। मेयर एरिक एडम्स ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि दो लोगों की मौत हो गई और दो अन्य की हालत गंभीर है। उन्होंने बताया कि दुर्घटना से पहले जहाज की बिजली चली गई थी।
न्यूयॉर्क बंदरगाह से जहाज को होना था रवाना
शनिवार रात को इसे न्यूयार्क बंदरगाह से रवाना होना था तथा आइसलैंड की ओर जाने से पहले ईंधन भरने के लिए ब्रुकलिन तट पर रुकना था। आपातकालीन प्रबंधन कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि लगभग 8.30 बजे जहाज गलत दिशा में भटक गया। जहाज को कभी भी ब्रुकलिन ब्रिज के नीचे से नहीं गुजरना था।
इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में जहाज के पास एक टगबोट को देखा जा सकता है, जो दुर्घटना होने से पहले पीछे की ओर बढ़ रहा था। इंटरनेट मीडिया पर साझा किए गए वीडियो और घटनास्थल की तस्वीरों के अनुसार ब्रुकलिन ब्रिज पार्क में रुकने पर जहाज लड़खड़ा गया, लेकिन सीधा खड़ा रहा। इसके मस्तूल बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई दिए।
लोकप्रिय पर्यटक आकर्षण है पुल
ब्रुकलिन ब्रिज का मुख्य हिस्सा लगभग 1,600 फीट लंबा है। हर दिन लगभग एक लाख से अधिक वाहन और 32,000 पैदल यात्री पुल से गुजरते हैं। यह पुल एक लोकप्रिय पर्यटक आकर्षण और मैनहट्टन और ब्रुकलिन के बीच मुख्य मार्ग है। इसका निर्माण 1883 में पूरा हुआ था। यह कभी दुनिया का सबसे बड़ा सस्पेंशन ब्रिज था। पुल को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है।
देर रात चीन में कंपन, 4.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज
19 May, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चीन में रविवार देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। जानकारी के अनुसार, इस भूकंप में किसी भी जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, चीन के कुछ हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता 4.5 रही।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस भूकंप के केंद्र के बारे में अभी जानकारी नहीं मिल सकी है। हालांकि, इस भूकंप में किसी भी जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है।
मेलोनी के स्वागत में घुटनों के बल बैठे अल्बानियां के प्रधानमंत्री एदी रामा
18 May, 2025 08:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिराना । यूरोपियन पॉलिटिकल कम्युनिटी समिट के दौरान अल्बानिया की राजधानी तिराना में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जो कि सभी की नजरों में आया। जब इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी सम्मेलन में भाग लेने तिराना पहुंचीं, तभी अल्बानिया के प्रधानमंत्री एदी रामा ने उनका स्वागत कुछ बेहद असाधारण अंदाज में किया। मेलोनी जैसे ही रेड कार्पेट पर आगे बढ़ीं, रामा ने उनके सामने घुटनों पर झुककर हाथ जोड़कर अभिवादन किया। यह क्षण कैमरों में कैद हो गया और कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा।
इस अनोखे स्वागत को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं की बाढ़ आ गई हैं। कुछ लोग महिला नेतृत्व के प्रति सम्मान बता रहे हैं, जबकि कुछ ने राजनीतिक ड्रामा करार दिया। मेलोनी और रामा के बीच लंबे समय से अच्छे राजनयिक रिश्ते हैं। दोनों देशों ने हाल ही में कई द्विपक्षीय समझौतों पर काम किया है, जिसमें प्रवास, व्यापार और सुरक्षा के मुद्दे शामिल हैं।
ट्रम्प के प्रवासियो को निकालने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
18 May, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के वेनेजुएला के अप्रवासियों को देश से निकालने के फैसले पर रोक लगा दी है। कई अप्रवासी अभी टेक्सास की एक हिरासत केंद्र में बंद हैं। ट्रम्प प्रशासन 1798 के ’एलियन एनिमीज एक्ट’ के जरिए उन्हें जल्द से जल्द देश से बाहर भेजना चाहता था।
ट्रम्प प्रशासन के फैसले पर रोक लगाते हुए कोर्ट ने कहा कि सरकार को लोगों को देश से निकालने से पहले उन्हें कानूनी प्रक्रिया का पूरा मौका देना होगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि ट्रम्प प्रशासन ने जो तरीका अपनाया, जैसे कि 24 घंटे में बिना सुनवाई को अप्रवासी को देश से बाहर भेज देना, यह कहीं से सही नहीं है। एलियन एनिमीज एक्ट युद्ध के समय का बनाया हुआ कानून है जिसमें दुश्मनों को देश से निकालने के लिए कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं करनी होती है। हालांकि अमेरिकी संविधान के कुछ प्रावधान के जरिए इसे कोर्ट में चुनौती दी गई थी।
सिंधु के बाद अब चिनाब पर भी भारत का कदम, पाकिस्तान के लिए बढ़ी पानी की चिंता
17 May, 2025 06:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सिंधु नदी के बाद अब भारत ने चिनाब नदी के पानी पर भी अपना नियंत्रण बढ़ाने की तैयारी कर ली है. मोदी सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए चिनाब नदी पर स्थित रणबीर नहर के विस्तार की योजना बनाई है. इस कदम का सीधा असर पाकिस्तान पर पड़ेगा, जो पहले से ही पानी की कमी का सामना कर रहा है. दरअसल, पहलगाम हमले का जवाब देते हुए भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौता खत्म कर दिया था, वहीं अब चिनाब नदी का भी पानी रुकने से पाक बूंद-बूंद को तरसेगा.
रणबीर नहर का होगा विस्तार
केंद्र सरकार ने रणबीर नहर को अपग्रेड करने और इसकी जल धारण क्षमता बढ़ाने का फैसला किया है. यह नहर चिनाब नदी से पानी लेकर जम्मू-कश्मीर के बड़े हिस्से को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराती है. इसके विस्तार से भारत को अपने क्षेत्र में और अधिक पानी रोकने का अवसर मिलेगा.
पाकिस्तान पर गहराएगा संकट
भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में हुई सिंधु जल संधि के तहत भारत को पूर्वी नदियों (रावी, ब्यास और सतलुज) का जल नियंत्रण मिला, जबकि पश्चिमी नदियों (झेलम, चिनाब और सिंधु) का बड़ा हिस्सा पाकिस्तान को दिया गया. लेकिन भारत को पश्चिमी नदियों से सीमित मात्रा में सिंचाई और बिजली उत्पादन के लिए पानी इस्तेमाल करने का अधिकार है. रणबीर नहर के विस्तार का सीधा मतलब यह है कि भारत इन अधिकारों का पूरा उपयोग करेगा, जिससे पाकिस्तान की जल आपूर्ति पर असर पड़ेगा. पहले से ही सिंधु नदी पर जारी विवाद के बीच यह कदम पाकिस्तान की जल सुरक्षा पर और दबाव बढ़ा सकता है. मोदी सरकार ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि की समीक्षा की बात पहले ही कही थी. भारत यह स्पष्ट कर चुका है कि वह अपने हिस्से के पानी का पूरा इस्तेमाल करेगा. रणबीर नहर का विस्तार इसी नीति का हिस्सा है.
पाकिस्तान की चिंता बढ़ेगी
पाकिस्तान में पहले से ही जल संकट है और सिंधु नदी पर भारत के कदम से उसकी मुश्किलें बढ़ चुकी हैं. अब चिनाब नदी पर भी नियंत्रण बढ़ाने की भारत की योजना से पाकिस्तान के लिए हालात और खराब हो सकते हैं. सिंधु रिवर सिस्टम, पाकिस्तान की जीडीपी में लगभग 25% का योगदान देती है. इस मुल्क में उगने होने गेहूं, चावल, गन्ना और कपास जैसी फसलों में सिंधु नदी के पानी का बड़ा योगदान है.
पाकिस्तान पानी पर कितना निर्भर
80% कृषि भूमि निर्भर: पाकिस्तान की लगभग 16 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिंधु नदी प्रणाली के पानी पर निर्भर है. यह नदी वहां की खेती का मुख्य आधार है.
93% सिंचाई: पाकिस्तान की 93% कृषि सिंचाई सिंधु नदी से होती है, जो इसे देश की कृषि का मूल स्रोत बनाती है.
23 करोड़ लोगों का सहारा: सिंधु नदी प्रणाली पाकिस्तान की 61% आबादी का पालन-पोषण करती है, जिसमें कराची, लाहौर और मुल्तान जैसे प्रमुख शहर भी शामिल हैं.
बिजली संकट: पाकिस्तान के तरबेला और मंगला जैसे प्रमुख जल विद्युत संयंत्र इसी नदी पर आधारित हैं, जो देश की ऊर्जा आपूर्ति में अहम भूमिका निभाते हैं.
25% जीडीपी में योगदान: सिंधु नदी पाकिस्तान की जीडीपी में लगभग 25% का योगदान करती है. गेहूं, चावल, गन्ना और कपास जैसी मुख्य फसलें इसी पानी से पनपती हैं.
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