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प्रो. असीम कुमार घोष का शपथ ग्रहण समारोह आज दोपहर 1 बजे
21 Jul, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा के नए राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष आज पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह हरियाणा राजभवन में दोपहर 1 बजे शुरू होगा। असीम कुमार घोष राज्य के 19वें राज्यपाल के रूप में पदभार संभालेंगे और वह बंडारू दत्तात्रेय का स्थान लेंगे। मुख्यमंत्री नायब सैनी समेत सभी मंत्री और विधायक कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
डॉलर की गिरती पकड़ से चिंतित ट्रंप: वैश्विक मुद्रा बदलाव से अमेरिका को खतरा
21 Jul, 2025 10:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रिजर्व करेंसी का स्टेटस खोना, विश्व युद्ध हारने जैसा
वाशिंगटन। अमेरिका की ओर से नए टैरिफ लागू होने की तारीख नजदीक आ रही है। अब तक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से जापान, ब्राजील, साउथ कोरिया, इंडोनेशिया समेत तमाम देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ का ऐलान किया जा चुका है, जो 1 अगस्त से लागू होने वाले हैं। इस बीच ट्रंप लगातार ब्रिक्स देशों को लेकर अपना रुख सख्त किए हुए हैं और उन पर एक्स्ट्रा टैरिफ की धमकी दे रहे हैं, ब्रिक्स पर ट्रंप की सख्ती के पीछे सबसे बड़ी वजह डॉलर का प्रभुत्व है और इससे जुड़ी चिंता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने यहां तक कह दिया कि, इसका रिजर्व करेंसी स्टेटस खोना, एक विश्व युद्ध हारने जैसा होगा।
पहले बताते हैं डॉलर को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए बयान के बारे में, तो उन्होंने अमेरिकी डॉलर के वैश्विक प्रभुत्व पर जोरदार चेतावनी देते हुए कहा है कि इसका आरक्षित मुद्रा का दर्जा खोना वल्र्ड वार हारने जैसा ही होगा। अपने बयान में ट्रंप ने दावा किया है कि डॉलर में गिरावट अमेरिका को पूरी तरह से बदल देगी और ये पहले जैसा देश नहीं रहेगा। ट्रंप के इस बयान और चिंता के पीछे बड़ा कारण ब्रिक्स देशों की डॉलर के प्रभुत्व को कमजोर करने के स्ट्रेटजी और उठाए जा रहे कदम हैं, क्योंकि ब्रिक्सदेश डॉलर से अलग अन्य वित्तीय विकल्प बनाने के लिए प्रयास तेज किए हुए हैं और कई तो यूएस डॉलर के बजाय अपनी स्थाई करेंसी में ट्रेड कर रहे हैं। इसी वजह से ट्रंप खफा हैं और ब्रिक्स देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका समेत अन्य) पर आक्रामक टैरिफ लगाने की धमकी दी है, अगर वे डी-डॉलरीकरण पर आगे बढ़ते हैं।
8 दशक से डॉलर है रिजर्व करेंसी
1944 से अमेरिकी डॉलर अन्य देशों द्वारा उपयोग की जाने वाली प्राथमिक आरक्षित मुद्रा बनी हुई है। दुनिया भर के देशों के सेंट्रल बैंक अपनी फाइनेंशियल सेफ्टी के लिए अपने पास डॉलर रिजर्व रखते हैं। इसके अलावा देश, व्यवसाय और लोग ट्रेड के लिए इसका ही ज्यादातर इस्तेमाल करते हैं। रिपोट्र्स की मानें तो करीब 90त्न के आस-पास विदेशी मुद्रा लेनदेन डॉलर में ही होता है और यही इसे वल्र्ड रिजर्व करेंसी बनाता है। हालांकि, ब्रिक्स पश्चिमी फाइनेंशियल सिस्टम को दरकिनार करने के लिए सक्रिय रूप से उपाय कर रहा है और इसमें स्विफ्ट पेमेंट नेटवर्क के विकल्प और कमोडिटी-बेस्ड ब्रिक्स करेंसी पर चर्चा शामिल है। हालांकि, कोई एकीकृत मुद्रा अभी तक उभरकर सामने नहीं आई है, लेकिन अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका में ब्रिक्स देशों के विस्तार ने व्यापार के बढ़ते आकार को डॉलर की पहुच से बाहर करने का काम किया है। कुछ केंद्रीय बैंक भी अमेरिकी ट्रेजरी में अपनी होल्डिंग कम करते हुए गोल्ड रिजर्व बढ़ा रहे हैं।
1973 के बाद सबसे ज्यादा इस साल टूटा डॉलर
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्लोबल फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर को अपना हथियार बनाया है और ईरान (2012 में) के अलावा रूस (2022 में) को विश्वव्यापी अंतरबैंक वित्तीय दूरसंचार सोसायटी से बाहर रखा है, तब से तमाम देशों ने अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी नेतृत्व वाली वैश्विक वित्तीय प्रणाली पर निर्भरता कम करने की कोशिश की है। ब्रिक्स जो कि वल्र्ड जीडीपी में 35 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है, अगर ग्लोबल ट्रेड में डॉलर के उपयोग को कम कर देगा, तो ये अमेरिका के लिए संकट की वजह बनेगा और इसका असर भी देखने को मिलने लगा है। डॉलर दशकों में अपनी सबसे बड़ी गिरावट का सामना कर रहा है और यूरो, पेसो और येन जैसी करेंसी इसके मुकाबले तेजी से बढ़ रही हैं। डॉलर साल 2025 में ही अब तक यून-यूरो के मुकाबले 10 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है। शुरुआती महीनों में तो इसकी वैल्यू 1973 के बाद सबसे ज्यादा गिरी है। यूएस डॉलर गिरकर 97.48 तक आ गया था, जो कि बीते साल के आखिर में 109 के पार पहुंच गया था।
चीन ने ब्रह्मपुत्र पर दुनिया का सबसे बड़ा 'जल बम' बनाने का काम शुरू कर दिया
21 Jul, 2025 09:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यह दुनिया में सबसे बड़ा होगा; 12 लाख करोड़ रुपए लागत
बीजिंग। चीन ने तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी (चीन में यारलुंग सांगपो) पर दुनिया का सबसे बड़ा डैम बनाना शुरू कर दिया है। शनिवार को चीन के प्रधानमंत्री ली क्यांग ने इसकी शुरुआत की। इसकी कुल लागत करीब 167.8 अरब डॉलर (लगभग 12 लाख करोड़ रुपए) बताई गई है। यह डैम अरुणाचल प्रदेश की सीमा से सटे न्यिंगची शहर में बनाया जा रहा है। इसे लेकर भारत और बांग्लादेश दोनों ने गहरी चिंता जताई गई है।
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक परियोजना में पांच सीढ़ीदार (कैस्केड) जलविद्युत स्टेशन होंगे। इससे हर साल 300 अरब किलोवॉट-घंटे से अधिक बिजली पैदा होगी। इस बिजली से 30 करोड़ लोगों की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है।
संवेदनशील क्षेत्र में बन रहा बांध
बीते साल 18 दिसंबर को भारत और चीन के सीमा संबंधी विशेष प्रतिनिधियों (एसआर) एनएसए अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई वार्ता में सीमा पार नदियों के आंकड़ों को साझा करने का मुद्दा उठा था। ब्रह्मपुत्र बांध से इंजीनियरिंग से जुड़ी भारी चुनौतियां पैदा होती हैं, क्योंकि प्रोजेक्ट साइट टेक्टोनिक प्लेट सीमा पर स्थित है, जहां काफी भूकंप आते हैं। तिब्बती पठार, जिसे विश्व की छत माना जाता है, टेक्टोनिक प्लेटों के ऊपर स्थित होने के कारण अक्सर भूकंप का अनुभव करता है। लेकिन पिछले साल दिसंबर में एक आधिकारिक बयान में भूकंप संबंधी चिंताओं को दूर करने की कोशिश करते हुए कहा गया कि हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट सुरक्षित है तथा इसमें इकोलॉजिकल प्रोटेक्शन का ध्यान रखा गया है।
अरुणाचल सीएम ने बताया वाटर बम
इसमें कहा गया है कि जियोलॉजिकल सर्वे और तकनीकी प्रोग्रेस के जरिए प्रोजेक्ट के विज्ञान-आधारित, सुरक्षित और उच्च-गुणवत्ता वाले विकास के लिए एक ठोस आधार तैयार किया गया है। ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बती पठार से होकर बहती है और पृथ्वी पर सबसे गहरी घाटी बनाती है। यह बांध सबसे ज्यादा वर्षा वाले क्षेत्रों में से एक में बनाया जाएगा। अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने हाल ही में चीन के इस मेगा डैम को भारत के लिए वाटर बम बताया था। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ये प्रोजेक्ट सिर्फ पर्यावरणीय या जल सुरक्षा का मामला नहीं, बल्कि अस्तित्व के लिए भी खतरा है। उन्होंने कहा कि इस बांध से सैन्य खतरा पैदा होगा और यह सीमावर्ती जनजातियों के जीवन, भूमि और संसाधनों को बर्बाद कर सकता है।
भारत भी ब्रह्मपुत्र पर बना रहा डैम
भारत भी अरुणाचल प्रदेश में इसी नदी पर एक बड़ा डैम बना रहा है। ब्रह्मपुत्र और सतलुज पर जल-प्रवाह डेटा को लेकर भारत-चीन के बीच 2006 से एक्सपर्ट लेवल मैकेनिज्म चल रहा है। पिछले साल दिसंबर में एनएसए अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई बातचीत में भी यह मुद्दा उठा था। 2015 में चीन ने तिब्बत में 1.5 अरब डॉलर की लागत वाला जम हाइड्रोपावर स्टेशन शुरू किया था। तब भी भारत ने चिंता जताई थी कि चीन धीरे-धीरे ब्रह्मपुत्र के जलस्तर और दिशा पर कब्जा कर सकता है।
अल-वलीद बिन खालिद का अंत: सऊदी 'स्लीपिंग प्रिंस' ने दुनिया को कहा अलविदा
21 Jul, 2025 08:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रियाद। सऊदी अरब के प्रिंस अल वलीद बिन खालिद बिन तलाल अल सऊद का शनिवार को निधन हो गया। वे पिछले 20 साल से कोमा में थे। उन्हें स्लीपिंग प्रिंस (सोते हुए राजकुमार) के नाम से जाना जाता था। प्रिंस अल वलीद सऊदी अरब के राजपरिवार के वरिष्ठ सदस्य प्रिंस खालिद बिन तलाल के बेटे और अरबपति प्रिंस अल वलीद बिन तलाल के भतीजे थे। उनका जन्म अप्रैल 1990 में हुआ था। साल 2005 में, लंदन में मिलिट्री ट्रेनिंग के दौरान उनका भयानक सडक़ हादसा हुआ। इस एक्सीडेंट में उन्हें गंभीर ब्रेन इंजरी और इंटरनल ब्लीडिंग हुई। इसके बाद से वे कोमा में चले गए।
परिवार ने हार नहीं मानी, इलाज जारी रखा
सऊदी सरकार ने प्रिंस के इलाज के लिए अमेरिका और स्पेन से विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बुलाई। हालांकि वे कभी पूरी तरह होश में नहीं आए। बीच-बीच में उनके शरीर में हलचल दिखती थी, जिससे परिवार को उम्मीद बंधती रही। डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल रूप से अचेत और बिना होश वाला घोषित कर दिया था। उनके पिता प्रिंस खालिद ने इलाज बंद कराने से साफ इनकार कर दिया।
झूमर की जगह लटकाई 4.3 करोड़ की फरारी, दुबई के यूट्यूबर की अनोखी सजावट हुई वायरल
20 Jul, 2025 11:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुबई। दुबई के मशहूर यूट्यूबर मोहम्मद बीराघडारी ने अपने घर की सजावट के लिए ऐसा कारनामा कर डाला, जो लोगों को हैरान करने के साथ ही साथ पसंद भी आ रहा है। उन्होंने एक करीब 4.3 करोड़ रुपए की फरारी कार खरीदी, लेकिन इसे चलाने की बजाय अपने घर की छत से झूमर की तरह लटका दिया।
बीराघडारी, जिन्हें सोशल मीडिया पर मो व्लॉग्स के नाम से जाना जाता है, का कहना है कि यह उनके घर की अब तक की सबसे बोल्ड और यूनिक सजावट है। उन्होंने इस नजारे का वीडियो इंस्टाग्राम पर साझा किया, जिसे अब तक 84.9 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह एक असली फरारी को विशेष तकनीक से सुरक्षित तरीके से घर की छत से उल्टा लटकाया गया है। यह नजारा किसी हाई-फैशन आर्ट गैलरी जैसा प्रतीत होता है, जहां लक्ज़री और क्रिएटिविटी का अनोखा संगम दिखता है। बीराघडारी के इस स्टाइलिश प्रयोग पर जहां कई लोग चौंक गए, वहीं कुछ ने इसे पैसे की बर्बादी भी कहा है। लेकिन उनके फॉलोअर्स इसे आर्ट और लग्जरी का परफेक्ट मिक्स बता रहे हैं। दुबई जैसे शहर में जहां भव्यता और ग्लैमर आम बात है, वहां भी यह फरारी झूमर एक अलग ही स्टेटमेंट पीस बनकर उभरा है।
नागासाकी के गिरजाघर में 80 साल बाद बजी घंटी
20 Jul, 2025 10:19 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नागासाकी। जापान के नागासाकी शहर में लगभग 80 साल पहले गिरजाघर की घंटी अमेरिका द्वारा गिराए गए परमाणु बम से नष्ट हो गई थी। उसके स्थान पर अब एक नई घंटी लगाई गईं है। लगभग 80 साल तक इस गिरजाघर में घंटी नहीं बजी।
इस गिरजाघर में जो नई घंटी लगाई गई है। अमेरिका के नागरिकों के सहयोग से यह घंटी गिरजाघर में लगाई गईं है। इस घंटी को सेंट कैटरी बेल आफ होप का नाम दिया गया है। नागासाकी के आर्चबिशप पीटर मीचियाकी नाकामुरा ने एक समारोह में इस घंटी को अपना आशीर्वाद दिया। इस समारोह में लगभग 100 लोग उपस्थित थे। सबसे बड़ी बात यह है,कि इस गिरजाघर में 80 साल बाद घंटी की ध्वनि सुनने को मिली है।
लॉस एंजिलिस में कार सवार ने भीड़ पर गाड़ी चढ़ाई
20 Jul, 2025 09:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेरिका के लॉस एंजिलिस में एक कार सवार में भीड़ पर गाड़ी चढ़ा दी। इस हादसे में 28 लोग घायल हो गए, जिनमें 10 की हालत गंभीर है। यह हादसा लोकल समयानुसार सुबह करीब 2 बजे वेस्ट सांता मोनिका बुलेवार्ड पर हुआ, जो एक म्यूजिक वेन्यू के पास है। लॉस एंजिलिस फायर डिपार्टमेंट की टीम ने मीडिया को बताया कि घायलों को अस्पताल पहुंचाने का काम जारी है। अधिकारियों ने अभी तक वाहन या चालक की पहचान नहीं की है। यह भी क्लियर नहीं है कि यह हादसा जानबूझकर किया गया या गलती से हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में घटनास्थल पर दर्जनों फायर फाइटर्स और पुलिसकर्मी दिखाई दे रहे हैं। सडक़ पर एक ग्रे रंग की कार डैमेज हालत में दिख रही है, जिसके आसपास मलबा बिखरा पड़ा है।
हादसे के समय मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि अचानक एक तेज रफ्तार गाड़ी भीड़ में घुसी, जिससे अफरा-तफरी मच गई। लॉस एंजिलिस फायर डिपार्टमेंट और पुलिस ने इलाके को घेर लिया है और लोगों से वहां न आने की अपील की है। एक महिला ने मीडिया बताया कि उसने कार के भीड़ में घुसने से पहले गोली चलने की आवाज सुनी थी। उसने कहा कि ड्राइवर हादसे के बाद गाड़ी में ही था, बाद में सिक्योरिटी गाड्र्स ने उसे पकडक़र जमीन पर गिरा दिया।
भारत-PAK की लड़ाई में गिरे थे 5 फाइटर जेट्स…, डोनाल्ड ट्रंप ने फिर दोहराया जंग रुकवाने का दावा
20 Jul, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन, अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि उनके हस्तक्षेप से भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को रोका जा सका था।
ट्रंप ने कहा कि भारत की ओर से पहलगाम हमले के जवाब में चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद दोनों देशों के बीच हालात बेहद गंभीर हो गए थे, लेकिन उनके दखल से टकराव टल गया। ट्रंप ने बयान दिया कि हमने कई युद्ध रोके और ये कोई मामूली युद्ध नहीं थे। भारत और पाकिस्तान के बीच हालात बहुत गंभीर हो चुके थे। विमान मार गिराए जा रहे थे। मुझे लगता है कि करीब पांच लड़ाकू विमान गिरा दिए गए थे। ये दोनों परमाणु हथियारों से लैस देश हैं और एक-दूसरे पर हमला कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह एक ‘नई किस्म की जंग’ जैसी स्थिति बन गई थी, जैसा कि अमरीका ने ईरान के साथ किया था। ट्रंप ने दावा किया कि ‘हमने ईरान की परमाणु क्षमता को पूरी तरह खत्म कर दिया’। हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि ये विमान किस देश के गिरे थे। भारत और पाकिस्तान को लेकर उन्होंने कहा कि हालात लगातार बिगड़ते जा रहे थे और हमने इसे ट्रेड के जरिए सुलझाया। हमने कहा कि अगर तुम लोग हथियारों (और शायद परमाणु हथियारों) का इस्तेमाल करते रहोगे, तो हम कोई व्यापार समझौता नहीं करेंगे। ट्रंप ने यह बात व्हाइट हाउस में रिपब्लिकन सांसदों के साथ डिनर के दौरान कही। बता दें कि ट्रंप अब तक 24 बार भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर कराने की बात कह चुके हैं। पहली बार ऐसा दावा उन्होंने 10 मई को सोशल मीडिया पर किया था। उधर, ट्रंप के दावे के बाद अब भारत में सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस बारे में पीएम मोदी से संसद के मानसून सत्र में स्पष्टीकरण की मांग की है। ट्रंप के दावे के बाद कांग्रेस ने सवाल किया गया कि व्यापार के लिए राष्ट्र के सम्मान के साथ क्यों समझौता किया गया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया कि संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक दो दिन पहले, ‘ट्रंप मिसाइल’ 24वीं बार दागी गई और हर बार की तरह इस बार भी वही दो बातें दोहराई गईं। उन्होंने ट्रंप के बयान का हवाला देते हुए कहा कि अमरीका ने भारत और पाकिस्तान, दो परमाणु संपन्न देशों के बीच युद्ध रोक दिया। अगर युद्ध जारी रहता, तो कोई व्यापार समझौता नहीं होता यानी भारत और पाकिस्तान को अमरीका के साथ व्यापारिक समझौते के लिए तत्काल संघर्षविराम को मानना पड़ा।
कांग्रेस नेता ने मांग की मोदी को संसद में स्वयं खड़े होकर अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा पिछले 70 दिनों से किए जा रहे दावों पर स्पष्ट एवं ठोस स्पष्टीकरण देना चाहिए। कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछा है। राहुल ने पूछा कि मोदी जी, पांच जहाजों का सच क्या है? देश को जानने का हक है! उधर भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल के राष्ट्रीय संयोजक अमित मालवीय ने राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री मोदी से लड़ाकू विमान को नुकसान पहुंचने के सवाल पर हमला बोला है। मालवीय ने एक्स पर पोस्ट किया कि राहुल गांधी की मानसिकता एक देशद्रोही की है। ट्रंप ने अपने बयान में न तो भारत का नाम लिया, न ही यह कहा कि वे पांच जहाज भारत के थे। फिर कांग्रेस के युवराज ने उन्हें भारत के ही क्यों मान लिया? पाकिस्तान के क्यों नहीं माने? क्या उन्हें अपने देश से ज़्यादा हमदर्दी पाकिस्तान से है? सच्चाई यह है कि ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान अब तक उबरा नहीं है, लेकिन दर्द राहुल गांधी को हो रहा है! जब भी देश की सेना दुश्मन को सबक सिखाती है, तब कांग्रेस को मिर्ची लगती है। भारत विरोध अब कांग्रेस की आदत नहीं, पहचान बन चुका है। राहुल गांधी बताएं — क्या वह भारतीय हैं या पाकिस्तान के प्रवक्ता?
ब्रिक्स देशों को चेतावनी, अमरीका के साथ खेल मत खेलो
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिक्स देशों को फिर से चेतावनी दी है। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वे अमरीका के खिलाफ काम करेंगे, तो उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने खास तौर पर ब्रिक्स समूह के सदस्य देशों से होने वाले आयात पर 10 फीसदी टैरिफ लगाने की बात दोहराई। ट्रंप ने ब्रिक्स समूह में शामिल देशों का नाम लिए बगैर कहा कि जब मैंने पहली बार ब्रिक्स ग्रुप के बारे में सुना तो इस पर सख्त कार्रवाई की। अगर यह समूह कभी भी मजबूत तरीके से सामने आता है, तो यह बहुत जल्द खत्म हो जाएगा। ट्रंप ने कहा कि हम कभी भी किसी को हमारे साथ खेलने की इजाजत नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि वह विश्व की आरक्षित मुद्रा के रूप में अमरीकी डॉलर की भूमिका की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।
2026 तक टल गए स्टारलाइनर के स्पेस मिशन, नासा ने जताई चिंता
19 Jul, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नासा ने क्रू कैप्सूल बोइंग CST-100 स्टारलाइनर को 2026 तक के लिए ग्राउंड (सेवा से बाहर) करने का फैसला किया है। जून 2024 में तकनीकि खराबी आने के बाद से ही बोइंग स्टारलाइनर काफी चर्चा में था। नासा के अनुसार, इसे ठीक करने में 2026 तक का समय लगेगा। तब तक के लिए बोइंग स्टारलाइनर के सभी मिशन को रद कर दिया गया है।
पिछले साल सुनीत विलियम्स समेत कई अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस में लेकर गया बोइंग स्टारलाइनर अचानक से खराब हो गया था। इसके कारण क्रू मेंबर्स को कई महीनों तक स्पेस में रहना पड़ा था, जिसके बाद नासा ने बोइंग स्टारलाइनर को क्रू मेंबर्स के बिना ही धरती पर वापस बुलाया था।
बोइंग स्टारलाइन में क्या थी खराबी?
नासा के अनुसार, जून 2024 में क्रू फ्लाइट टेस्ट के दौरान बोइंग स्टारलाइनर में गंभीर समस्याएं देखने को मिलीं थीं। इसमें कई जगहों पर हीलियम गैस लीक होने लगी थी। अंतररष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) में पहुंचने के बाद कैप्सूल के 28 में से 5 कंट्रोल थ्रस्ट फेल हो गए थे।
नासा ने लिया फैसला
आखिरकार नासा ने अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा के लिए उन्हें ISS में ही छोड़ने का फैसला किया और बोइंग स्टारलाइनर को खाली धरती पर वापस बुला लिया। इसके बाद स्पेसएक्स का ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट सुनीता विलियम्स समेत सभी अंतरिक्ष यात्रियों को धरती पर वापस लेकर आया। नासा और बोइंग मिलकर स्पेसक्राफ्ट की तकनीकि खराबी को ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक यह पूरी तरह से सही नहीं हुआ है।
क्रू मेंबर्स के बिना स्पेस में जाएगा स्पेसक्राफ्ट
नासा के अंतरिक्ष यात्रियों का कहना है कि बोइंग स्टारलाइनर ठीक होने के बाद इसका ट्रायल होगा। इस दौरान बिना क्रू मेंबर्स के इसे उड़ाया जाएगा और सफल परीक्षण के बाद ही इसे मंजूरी मिलेगी। इस पूरी प्रक्रिया में 2025 के अंत या 2026 तक का समय लग सकता है।
अमेरिका में स्टेबलकॉइन को मिला कानूनी दर्जा, ट्रंप के हस्ताक्षर से लागू हुआ नया अधिनियम
19 Jul, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि जल्द ही कुछ बड़े व्यापारिक समझौते घोषित किए जाएंगे. उन्होंने संकेत दिया कि ये समझौते लगभग तैयार हैं और किसी भी समय घोषित किए जा सकते हैं.
व्हाइट हाउस में स्टेबलकॉइन अधिनियम पर हस्ताक्षर समारोह के दौरान ट्रंप ने कहा, 'हम इसे आज ही कर सकते हैं. शायद थोड़ी देर बाद. हम करेंगे. जब मैं किसी देश को यह पेपर भेजता हूं कि उन्हें 35 या 40 प्रतिशत टैरिफ देना होगा, तो वहीं से डील शुरू हो जाती है. फिर वे कॉल करते हैं और कहते हैं कि क्या कुछ अलग तरह की डील हो सकती है, जैसे कि अपने देश को व्यापार के लिए खोलना.'
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत अमेरिका द्वारा लगाए जाने वाले टैरिफ की 90 दिनों की अवधि को 9 जुलाई से बढ़ाकर 1 अगस्त तक कर दिया गया है. इस दौरान कई प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ वार्ता जारी है.ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि एक अगस्त की समयसीमा के बाद कोई और बदलाव या विस्तार नहीं होगा और उस दिन से टैरिफ लागू होना शुरू हो जाएगा.
ट्रंप ने ऐतिहासिक स्टेबलकॉइन अधिनियम पर भी हस्ताक्षर किए
इस अवसर पर ट्रंप ने एक ऐतिहासिक स्टेबलकॉइन अधिनियम पर भी हस्ताक्षर किए, जो इस क्षेत्र में अमेरिका का पहला संघीय विनियमन है. ट्रंप ने कहा, 'एक्ट एक स्पष्ट और सरल नियामकीय ढांचा प्रदान करता है, जो डॉलर समर्थित स्टेबलकॉइनों की जबरदस्त संभावनाओं को सामने लाएगा. यह अधिनियम स्टेबलकॉइन के लिए मानक तय करता है, जो अमेरिकी डॉलर या अन्य फिएट मुद्राओं से जुड़े डिजिटल करेंसी होते हैं.'
इसकी निगरानी फेडरल रिजर्व और मुद्रा नियंत्रक कार्यालय द्वारा की जाएगी. इसके तहत जारीकर्ताओं को यह जानकारी साझा करना अनिवार्य होगा कि उनके पास आरक्षित निधियों के रूप में अमेरिकी मुद्रा, मांग जमा, सरकारी प्रतिभूतियां और अन्य स्वीकृत परिसंपत्तियां मौजूद हैं. ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि वह अमेरिका को क्रिप्टो की राजधानी बनाना चाहते हैं. उनके अनुसार, स्टेबलकॉइनों का उपयोग अमेरिकी ट्रेजरी में मांग को बढ़ाएगा, ब्याज दरों को कम करेगा और डॉलर को वैश्विक आरक्षित मुद्रा के रूप में मजबूत बनाएगा.
ब्रह्मपुत्र पर ड्रैगन की नई चाल: विशाल डैम का निर्माण शुरू, भारत ने दी तीखी प्रतिक्रिया
19 Jul, 2025 09:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चीन : भारत और बांग्लादेश के विरोध के बावजूद चीन ने दक्षिण-पूर्वी तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी पर दुनिया के सबसे बड़े बांध का निर्माण शुरू कर दिया है। उसका दावा है कि इससे हर साल 300 अरब किलोवाट बिजली का उत्पादन होगा। चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने कहा कि इस बांध से तिब्बत में बिजली की जरूरतें पूरी होंगी। परियोजना पर कुल 1.2 ट्रिलियन युआन (167 अरब डॉलर, करीब 14 लाख करोड़ रुपये) का निवेश होने की योजना है। विशेषज्ञों के अनुसार, चीन ब्रह्मपुत्र नदी के पानी को भारत के खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल कर सकता है।
चीन की इस परियोजना का भारत और बांग्लादेश विरोध कर रहे हैं। इसके बावजूद चीन ने इस परियोजना को जोर-शोर से शुरू करने का फैसला किया है। ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध बनाने की शुरुआत का एलान खुद चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग ने किया है। शनिवार को चाइना याजियांग ग्रुप नाम की एक नई कंपनी का भी आधिकारिक तौर पर अनावरण किया गया। शिन्हुआ ने बताया कि यह कंपनी तिब्बत के दक्षिण-पूर्व में स्थित निंगची शहर में स्थित पांच जलप्रपात बांधों वाली इस जलविद्युत परियोजना के निर्माण के लिए जिम्मेदार होगी।
2020 में चीन ने प्रमुख नीतिगत दस्तावेज को स्वीकृति दी
बता दें कि चीन 1.5 बिलियन डॉलर लागत जैम हाइड्रोपावर स्टेशन की शुरुआत 2015 में ही कर चुका है। यह तिब्बत की सबसे बड़ी परियोजना है। ब्रह्मपुत्र पर डैम की यह परियोजना चीन की 14वीं पंचवर्षीय योजना (2021-25) का हिस्सा है। 2020 में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (CPC) ने जिस प्रमुख नीतिगत दस्तावेज को स्वीकृति दी थी, यह उसी का हिस्सा है। चीन इस परियोजना को देश के आर्थिक-सामाजिक विकास और 2035 तक अमल में लाए जाने वाले दीर्घकालिक उद्देश्यों का अंग बताता है।
भारत-चीन के बीच तनाव का कारण बनेगा ब्रह्मपुत्र पर बांध
तिब्बत में इस नदी को यारलुंग जांगबो नाम से जाना जाता है। परियोजना के लिए इसी पर बांध निर्माण शुरु हुआ है। इसे हिमालय के करीब एक विशाल घाटी में बनाया जाएगा। इसी स्थान से ब्रह्मपुत्र नदी अरुणाचल प्रदेश और फिर बांग्लादेश की तरफ मुड़ जाती है। यह बांध चीन और भारत के बीच तनाव का कारण बन सकता है। चीन का दावा है कि निचले इलाकों पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। चीन के पर्यावरणविद लंबे समय से ब्रह्मपुत्र घाटी में बांध निर्माण के अपरिवर्तनीय प्रभाव को लेकर चिंतित हैं, जहां नदी 50 किलोमीटर (31 मील) के क्षेत्र में 2,000 मीटर (6,560 फीट) की ऊंचाई तक गिरती है। यह क्षेत्र एक राष्ट्रीय प्रकृति अभयारण्य और देश के प्रमुख जैव विविधता केंद्रों में से एक है।
ड्रैगन भारी मात्रा में पानी छोड़ने की कुटिल चाल भी चल सकता है
इस परियोजना से भारत में चिंताएं पैदा हो गई हैं, क्योंकि बांध के आकार और पैमाने के कारण चीन ब्रह्मपुत्र के जल प्रवाह को नियंत्रित कर सकेगा। जल प्रवाह पर अधिकार मिलने पर पड़ोसी देश के साथ टकराव की स्थिति में चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में बाढ़ लाने के लिए भारी मात्रा में पानी छोड़ने की कुटिल चाल भी चल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, चीन ब्रह्मपुत्र नदी के पानी को भारत के खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल कर सकता है। वह जरूरत पड़ने पर तिब्बत के बांध में जमा पानी को बिना किसी पूर्व सूचना के छोड़ सकता है। इससे अरुणाचल प्रदेश और असम के निचले इलाकों में बाढ़ आ सकती है और हालात बिगड़ सकते हैं। बड़े बांध के निर्माण से रिहायशी इलाकों के साथ जंगल और जंगली जानवरों पर भी इसका असर पड़ता है। नदी के बहाव के साथ गाद आती है जो खनिजों से भरपूर होने के साथ खेती और तटीय इलाकों की स्थिरता के लिए जरूरी है। बांध का निर्माण गाद के प्रवाह को प्रभावित कर सकता है और अरुणाचल प्रदेश की जैव विविधता प्रभावित हो सकती है।
भारत भी ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध बना रहा है
यह भी दिलचस्प है कि चीन के अलावा ब्रह्मपुत्र पर भारत भी बांध बना रहा है। हालांकि, यह परियोजना तिब्बत नहीं, अरुणाचल प्रदेश में है। भारत और चीन ने सीमा पार की नदियों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए 2006 में विशेषज्ञ स्तरीय तंत्र (ईएलएम) की स्थापना की थी। इसके तहत चीन बाढ़ के मौसम में भारत को ब्रह्मपुत्र नदी और सतलुज नदी के जलस्तर से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी मुहैया कराता है।
हरियाणा: रेवाड़ी में महिला की दर्दनाक हत्या, अकेलेपन का उठाया फायदा
19 Jul, 2025 07:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रेवाड़ी। मसीत गांव में एक 48 वर्षीय महिला की उसके घर में निर्मम हत्या कर दी गई। जब यह वारदात हुई महिला घर में अकेली थी। घर के अंदर सामान भी बिखरा पड़ा था। इसी से आशंका जताई गई है कि रात में बदमाश घर में घुसे और लूटपाट के विरोध में उन्होंने हत्या की।
मृतक महिला की पहचान सुनीता देवी के रूप में हुई है। सुनीता का बेटा अर्जुन पठानकोट में बीएससी नर्सिंग का छात्र है, जबकि पति प्यारेलाल चित्तौड़गढ़ में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। दो बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। अर्जुन ने बताया कि मेरी अंतिम बार मां से 17 जुलाई को बात हुई थी। 18 जुलाई को सुबह मैंने बात करने के लिए प्रयास शुरू किए थे, लेकिन शाम तक फोन ऑन नहीं मिला। फिर मैंने पड़ोसी अजय को कॉल कर मां से बात कराने को कहा। घर पर देखा तो महिला मृत अवस्था में पड़ी हुई थी। उसके बाद जानकारी पुलिस को दी गई।
महिला के सिर पर गहरे चोट के निशान पाए गए हैं, जो निर्मम हत्या की ओर इशारा करते हैं। पास में ही सरिया भी मिला है। मृतका सुनीता देवी का मोबाइल फोन भी गायब मिला है। अर्जुन के अनुसार घर की अलमारी और संदूक के ताले टूटे हुए मिले हैं। कानों की बाली और गले के जेवर भी गायब हैं। घर पर एक सरिया भी पड़ा मिला है, जिस पर खून लगा हुआ है। पुलिस की पांच टीमें मामले में जांच कर रही हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है। हत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
फरीदाबाद में निर्माण कार्य बना मौत का कारण, पिलर से गिरे मजदूर, एक की इलाज के दौरान मौत
19 Jul, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जेवर एक्सप्रेसवे पर हादसा: पिलर से गिरकर घायल हुए दो मजदूरों में एक की मौत, दूसरा अस्पताल में भर्ती
फरीदाबाद। हरियाणा के फरीदाबाद जिले के छांयसा गांव के पास निर्माणाधीन जेवर एक्सप्रेसवे पर बड़ा हादसा हो गया। निर्माण कार्य के दौरान दो मजदूर पिलर से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से एक मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दूसरा अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज जारी है। मृतक की पहचान 28 वर्षीय प्रिंस पाल के रूप में हुई है, जो पंजाब के अमृतसर का निवासी था। वहीं, घायल मजदूर का नाम ओमकार बताया गया है, जो निजी अस्पताल में उपचाराधीन है।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें निर्माण कंपनी या साइट प्रबंधन की कोई लापरवाही तो नहीं रही।प्रशासन की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन हादसे के बाद मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
उत्तर कोरिया का चौंकाने वाला कदम, सैटेलाइट इमेज में दिखा नया लॉन्चिंग प्लेटफॉर्म
19 Jul, 2025 04:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उत्तर कोरिया एक बार फिर अपने अंतरिक्ष मिशन को लेकर सुर्खियों में है. दरअसल एक सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि उत्तर कोरिया ने अपने अहम स्पेस लॉन्चिंग स्टेशन सोहे Sohae Satellite Launching Station में एक नया और बड़ा पियर यानी जहाजों को लंगर डालने वाला प्लेटफॉर्म तैयार कर लिया है. माना जा रहा है कि यह सुविधा बड़े रॉकेट हिस्सों की ढुलाई के लिए बनाई गई है.
ये वही लॉन्च स्टेशन है जिसे उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने 2022 में आधुनिक बनाने के आदेश दिए थे. इस स्टेशन से बड़े रॉकेट लॉन्च किए जाते हैं और यहीं पर रॉकेट इंजनों की टेस्टिंग भी होती है. दिलचस्प बात ये है कि 2018 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के दौरान किम ने इसी स्टेशन को खत्म करने का वादा किया था, ताकि प्रतिबंधों से राहत मिल सके. लेकिन बाद में उन्होंने उस वादे को तोड़ दिया.
सैटेलाइट इमेज में क्या दिखा?
सैटेलाइट इमेज से पता चलता है कि 25 मई तक ये पियर बन रहा था और हाल ही में ये पूरी तरह तैयार हो गया है. इसका मकसद बड़े और भारी रॉकेट पार्ट्स को समुद्र के रास्ते स्टेशन तक लाना बताया जा रहा है. 38 North प्रोजेक्ट के मुताबिक, पियर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि बड़े और भारी जहाज़ यहां आसानी से लंगर डाल सकें. इसके अलावा स्टेशन के अंदर नई सड़के और संभवत:रेलवे लाइन भी बिछाई जा रही हैं जिससे रॉकेट के पुर्जे और ईंधन एक जगह से दूसरी जगह ले जाना आसान हो सके.
अब तक कितने रॉकेट भेज चुका है उत्तर कोरिया?
रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने अगस्त 1998 से मई 2024 के बीच कम से कम 9 बार सैटेलाइट रॉकेट लॉन्च करने की कोशिश की है, इनमें से सिर्फ तीन लॉन्चिंग को ही सफल माना गया है. बाकी प्रयास या तो विफल रहे या अधूरे. सबसे हाल की कोशिश में तो रॉकेट पहले स्टेज में ही फट गया था. यही वो वजह है जिससे दुनिया को लगने लगा है कि उत्तर कोरिया चुपचाप अपनी स्पेस कैपेबिलिटी को तेजी से बढ़ा रहा है.
रॉकेट और सैटेलाइट के पीछे असली मंशा क्या?
उत्तर कोरिया कई बार कह चुका है कि वह अंतरिक्ष में सैटेलाइट भेजना चाहता है, लेकिन दुनिया का शक ये है कि वो इस बहाने बैलिस्टिक मिसाइल टेक्नोलॉजी को टेस्ट कर रहा है. संयुक्त राष्ट्रप पहले ही इसे बैन कर चुका है क्योंकि मिसाइल और सैटेलाइट लॉन्चर में एक जैसी टेक्नोलॉजी होती है जैसे इंजन, गाइडेंस सिस्टम और वॉरहेड अलग करने की तकनीक.
जहां उत्तर कोरिया गुपचुप रॉकेट लॉन्च की तैयारी में है, वहीं उसका पड़ोसी दक्षिण कोरिया खुले तौर पर पिछले दो साल में चार जासूसी सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेज चुका है और एक और लॉन्च बाकी है. ऐसे में दोनों देशों के बीच स्पेस रेस और टेंशन दोनों तेज़ी से बढ़ रहे हैं.
हरियाणा में कानून व्यवस्था बेहाल, सरपंच की दिनदहाड़े हत्या से उबाल
19 Jul, 2025 02:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जींद: हरियाणा के जींद जिले में कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं, जहां गुरुवार को दिनदहाड़े एक गांव के सरपंच की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान चाबरी गांव के सरपंच रोहताश के रूप में हुई है, जिनकी हत्या उन्हीं की लाइसेंसी पिस्तौल से कर दी गई। पुलिस के अनुसार, रोहताश पर यह हमला राधाना और पिंडारा के बीच सड़क पर उस समय हुआ, जब कुछ अज्ञात हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने पहले उन्हें बुरी तरह पीटा, फिर उनकी लाइसेंसी पिस्तौल छीनकर उनके सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही रोहताश की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी पिस्तौल घटनास्थल पर ही पड़ी मिली।
चौंकाने वाली बात यह है कि गोली लगने से कुछ ही मिनट पहले रोहताश ने पुलिस की इमरजेंसी हेल्पलाइन 112 पर कॉल कर मदद मांगी थी। कॉल रिकॉर्ड में उन्होंने कहा कि कुछ लोग मुझ पर हमला कर रहे हैं। मेरी पिस्तौल छीन ली है। कृपया मुझे बचाइए, लेकिन पुलिस समय पर नहीं पहुंच सकी। रोहताश की हत्या ने पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों को हिलाकर रख दिया है। वह न केवल चाबरी गांव के निर्वाचित सरपंच थे, बल्कि उनकी छवि एक शांत और विवादों से दूर रहने वाले व्यक्ति की थी। वह अपने पीछे पत्नी, बेटा और बेटी को छोड़ गए हैं।
पंचायत चुनाव में मिली थी बड़ी जीत
रोहताश अगस्त 2023 में हुए पंचायत चुनाव में चुने गए थे। गौरतलब है कि चाबरी और उसके पड़ोसी गांव भिदाताना ने 2022 के पंचायत चुनावों का बहिष्कार किया था, जिसके बाद दोबारा हुए चुनावों में रोहताश ने कुल 1,029 वोटों में से 611 वोटों के साथ जीत दर्ज की थी। यह हत्या हाल के दिनों में जींद जिले में हुई हत्याओं की लंबी श्रृंखला का हिस्सा है। पिछले एक महीने में जिले में कम से कम 11 हत्याएं हो चुकी हैं, जिनमें कई मामलों का संबंध गैंगवार, पारिवारिक रंजिशों और व्यक्तिगत दुश्मनी से है।
कब-कब हुई हत्याएं
20 जून: खरकरमजी गांव में शराब ठेकेदार की हत्या
24 जून: जोगिंदर नगर, भिदाताना और सफा खेड़ी में तीन अलग-अलग हत्या मामले
26 जून: जुलाना में चचेरे भाई ने युवक की हत्या कर दी
27 जून: जलालपुर खुर्द में बलजीत उर्फ 'बादल सैनी' की हत्या
5 जुलाई: पौली गांव के पास गैंगवार में कुख्यात अपराधी ऋषि लोहान की हत्या
6 जुलाई: काबरचा गांव में पूर्व सरपंच के बेटे की चाकू मारकर हत्या
पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद डीएसपी संजय कुमार ने बताया कि इस मामले में कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। रोहताश के बेटे के बयान पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
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