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ईरान में महंगाई और गिरती मुद्रा के खिलाफ प्रदर्शन
31 Dec, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। ईरान में बिगड़ती आर्थिक स्थिति और राष्ट्रीय मुद्रा रियाल के ऐतिहासिक स्तर तक गिरने के विरोध में राजधानी तेहरान में लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन देखने को मिले। इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने प्रदर्शनकारियों की “वैध मांगों” को स्वीकार करते हुए सरकार से उन्हें गंभीरता से सुनने और आम लोगों की क्रय शक्ति की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने का आह्वान किया है।
राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कहा कि आम जनता की आजीविका उनकी रोज़ की सबसे बड़ी चिंता है। उन्होंने बताया कि उन्होंने गृह मंत्री को निर्देश दिए हैं कि वे प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों से संवाद के जरिए उनकी मांगों को सुनें, ताकि सरकार पूरी ताकत के साथ समस्याओं का समाधान कर सके और जिम्मेदारीपूर्वक जवाब दे सके। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने भी राष्ट्रपति के इन बयानों की पुष्टि की है। ईरान में यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय पर हो रहे हैं, जब रियाल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। बीते कुछ हफ्तों में रियाल में तेज गिरावट दर्ज की गई है, जिसका मुख्य कारण अमेरिका और उसके पश्चिमी सहयोगियों द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंध, कूटनीतिक दबाव और इजरायल के साथ संभावित टकराव की आशंका मानी जा रही है। तेहरान के जोम्हूरी इलाके में स्थित दो प्रमुख टेक्नोलॉजी और मोबाइल फोन बाजारों के दुकानदारों ने रविवार को अपनी दुकानें बंद कर सड़कों पर प्रदर्शन किया। यही हाल ग्रैंड बाजार और उसके आसपास के इलाकों में भी देखने को मिला। सोमवार को भी प्रदर्शन जारी रहे। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारियों को “डरो मत, हम एक साथ हैं” जैसे नारे लगाते देखा गया। प्रदर्शनों के दौरान कई जगहों पर दंगा-निरोधक बलों की तैनाती की गई। कुछ वीडियो में सुरक्षा बलों को आंसू गैस का इस्तेमाल कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करते हुए देखा गया।
ईरान इस समय कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। देश में महंगाई दर करीब 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो दुनिया में सबसे अधिक दरों में शामिल है। इसके अलावा, एक विवादित बजट प्रस्ताव के तहत करों में 62 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की योजना है, जिससे आम जनता की परेशानी और बढ़ सकती है। ऊर्जा संकट भी देश के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। तेहरान समेत कई बड़े शहरों को पानी उपलब्ध कराने वाले बांध लगभग खाली पड़े हैं, जिससे जल संकट गहराता जा रहा है। 9 करोड़ की आबादी वाले देश में लोगों की क्रय शक्ति लगातार गिर रही है।
ईरान का परमाणु कार्यक्रम भी एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय विवाद के केंद्र में है। अमेरिका, इजरायल और यूरोपीय देशों के बढ़ते दबाव के बीच जून में ईरान पर हुए हमलों की यादें अभी भी ताजा हैं। इससे पहले 2022-23 में महसा अमीनी की मौत के बाद हुए देशव्यापी प्रदर्शनों में सैकड़ों लोगों की जान गई थी और हजारों गिरफ्तार किए गए थे। मौजूदा हालात में राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन के बयान को सरकार की ओर से नरम रुख और संवाद की पहल के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार प्रदर्शनकारियों की मांगों पर कितना अमल कर पाती है।
भारत ने दुलहस्ती-2 जल विद्युत परियोजना को दी मंजूरी, पाकिस्तान तिलमिलाया
31 Dec, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को रद्द कर दिया था। अब भारत ने उसे एक और झटका दिया है। हाल ही में भारत ने चिनाब नदी पर दुलहस्ती-2 जल विद्युत परियोजना को मंजूरी दी है। अब भारत के इस फैसले से पाकिस्तान तिलमिला गया है। अब दुलहस्ती-2 प्रोजेक्ट के बाद से बौखला रहा है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी सांसद शेरी रहमान ने कहा है कि पानी को हथियार बनाना न तो समझदारी है और न ही ऐसे इलाके में मंजूर है, जो जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण के दबाव के मामले में सबसे आगे है। इससे पहले से ही दुश्मनी और भरोसे के अभाव से जूझ रहे दोतरफा रिश्तों में तनाव और बढ़ेगा।
रिपोर्ट के मुताबिक एक्स पर शेरी रहमान ने लिखा- सिंधु जल समझौता का खुला उल्लंघन करते हुए, भारत ने अभी-अभी चिनाब नदी पर दुलहस्ती स्टेज-2 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। उन्होंने आगे लिखा- आईडब्ल्यूटी को एकतरफा रद्द नहीं किया जा सकता है। जैसा कि हाल ही में यूएन के रिपोर्ट ने पुष्टि की है, आईडब्ल्यूटी के मुताबिक पाकिस्तान का इंडस, झेलम और चिनाब नदियों के पानी पर नियंत्रण है, जबकि रावी, ब्यास और सतलुज नदियां भारत के कंट्रोल में आती हैं।
बता दें भारत के पर्यावरण मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति ने इस महीने की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में चिनाब नदी पर दुलहस्ती-2 जलविद्युत परियोजना को मंजूरी दी। इसकी लागत 3,200 करोड़ होगी। भारत सरकार ने दुलहस्ती-2 जलविद्युत परियोजना को मंजूरी देते हुए पाकिस्तान को संदेश दिया कि देश अपने हितों से कोई समझौता नहीं करेगा। भारत ने पहले भी सिंधु जल समझौता रद्द करते हुए कहा था कि पानी और खून साथ-साथ नहीं बह सकते हैं। चिनाब का पानी पाकिस्तान में खेती के लिए बेहद अहम है। चिनाब के पानी पर किसानों की निर्भरता है। ऐसे में अगर किसानों को यह पानी नहीं मिलेगा, तो इसका सीधा असर फसलों पर पड़ेगा और पाकिस्तान में जिस तरह के हालात हैं, उससे साफ है कि पड़ोसी देश के लिए मुश्किलें बढ़ जाएंगी।
मैंने अब तक आठ संघर्षों को खत्म करवाया लेकिन इसका श्रेय मुझे नहीं दिया जाता
31 Dec, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के साथ द्विपक्षीय बैठक में भारत-पाकिस्तान संघर्ष को खत्म कराने के अपने दावे को फिर दोहराया है। सोमवार को मार-ए-लागो में नेतन्याहू और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ द्विपक्षीय बैठक में ट्रंप ने कहा कि ‘व्हाइट हाउस’ में अपने दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष में उन्होंने अब तक आठ युद्ध रुकवाए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच युद्ध रुकवाया, दोनों देशों को ट्रैरिफ लगाने की धमकी दी, साथ ही अन्य संघर्षों को भी खत्म किया, लेकिन इसका श्रेय उन्हें नहीं दिया जाता है। इसके बाद ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रुकवाने के दावे को भी दोहराया। ट्रंप ने कहा कि अब तक आठ युद्धों का निपटारा किया... अजरबैजान को लेकर पुतिन ने मुझसे कहा था कि मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि आपने वह युद्ध सुलझा दिया क्योंकि मैं 10 साल से कोशिश कर रहा था और मैंने सचमुच इसे एक ही दिन में सुलझा दिया।
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वे व्यापार करते हैं। मैंने कहा हम आपको व्यापार से अलग कर देंगे। अब कोई व्यापार नहीं। दोनों से...फिर मैंने 200 फीसदी टैरिफ लगा दिया...अगले दिन उन्होंने फोन किया और 35 साल की लड़ाई रोक दी। ट्रंप ने नेतन्याहू के साथ अपनी द्विपक्षीय बैठक से पहले कहा कि क्या इसका श्रेय मुझे मिलता है? नहीं। मैंने आठ युद्ध रुकवाए। भारत और पाकिस्तान के बारे में क्या ख्याल है...तो मैंने उनमें से आठ युद्ध रुकवाए और मैं आपको बाकी के बारे में फिर कभी बताऊंगा।
ट्रंप ने 10 मई को सोशल मीडिया पर घोषणा की थी कि वाशिंगटन की मध्यस्थता में रातभर बातचीत के बाद भारत और पाकिस्तान युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। उसके बाद से ट्रंप 70 से ज्यादा बार यह दावा कर चुके हैं कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष समाप्त कराया है। हालांकि भारत ने किसी भी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से लगातार इनकार किया है। भारत ने सात मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया था। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के जवाब में की गई थी।
पाक आर्मी चीफ मुनीर ने की भतीजे से बेटी की शादी, कई हस्तियां हुई शामिल
31 Dec, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ने अपने भतीजे से अपनी बेटी की शादी कर दी। पाकिस्तानी मीडिया ने इसकी पुष्टि की है। पाकिस्तान के एक पत्रकार ने एक्स पर एक वीडियो अपलोड किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि असीम मुनीर ने अपनी बेटी की शादी अपने ही परिवार में कर दी है। वहीं एक और पत्रकार ने कहा है कि फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने अपनी बेटी की शादी अपने भाई कासिम मुनीर के बेटे से कर दी है।
पत्रकार ने अपने वीडियो में कहा है कि ये शादी पिछले हफ्ते रावलपिंडी में हुई और मेरे पास जो जानकारी है उसके मुताबिक ये शादी उनके भाई के बेटे के साथ हुई है। उन्होंने कहा है कि ये एक हाई प्रोफाइल शादी थी और उनके भतीजे पहले पाकिस्तान सेना में ही कैप्टन थे और उनका नाम अब्दुर रहमान है और वह सैयद कासिम मुनीर के बेटे हैं। उन्होंने कहा कि असीम मुनीर की चार बेटियां हैं और ये उनकी तीसरी बेटी की शादी थी।
पाकिस्तानी पत्रकार ने आगे कहा कि असीम मुनीर के भतीजे, जिनसे उन्होंने अपनी बेटी की शादी करवाई है, वो पहले सेना में कैप्टन थे, लेकिन बाद में वो सिविल सर्विसेज में चले गए। पाकिस्तान में सेना के अधिकारियों के लिए सिविल सर्विसेज में कोटा होता है और अब वह असिस्टेंट कमिश्नर के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस शादी में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, पीएम शहबाज शरीफ, पंजाब की सीएम मरियम नवाज शरीफ के साथ कई बड़ी हस्तियां शामिल हुई थीं। इसके अलावा, शादी में कई रिटायर्ड जनरल और चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ भी इस शादी में शामिल हुए। पत्रकार ने खुलासा करते हुए कहा कि संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति इस शादी में शरीक नहीं हुए थे, लेकिन इस शादी में 400 से ज्यादा मेहमान थे, लेकिन सुरक्षा कारणों से इस फंक्शन को काफी गुप्त रखा गया था।
युवा की हत्या का चौंकाने वाला मामला, मुस्लिम दोस्त ने कहा– मजाक कर रहा था
30 Dec, 2025 07:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार का मामला थमता नहीं दिख रहा है. बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक बजेंद्र बिस्वास(42) की गोली लगने से मौत हो गई. मुस्लिम दोस्त नोमान मियां पर ही हत्या का आरोप है. वहीं घटना के बाद आरोपी ने कहा कि मजाक कर रहा था, तभी अचानक गोली चल गई, जिससे बजेंद्र की मौत हो गई |
फैक्ट्री में गार्ड की नौकरी करता था बजेंद्र बिस्वास
पूरा मामला मयमनसिंह जिले का है. जानकारी के मुताबिक बजेंद्र बिस्वास और नोमान मिया दोनों लबीब ग्रुप गार्मेंट के भालुका उपजिला इलाका स्थित सुल्तान स्वेटर्स लिमिटेड में गार्ड की नौकरी करते थे. 29 दिसंबर सोमवार को दोनों ऑफिस में ही ड्यूटी कर रहे थे. नोमान ने बात करते-करते बजेंद्र पर बंदूक तान दी. आरोपी नोमान का कहना है कि मजाक-मजाक में ट्रिगर दबने से गोली चल गई और बजेंद्र को लग गई. इसके बाद बजेंद्र को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया |
हिंदू युवक की हत्या से तनाव बढ़ा
मयमनसिंह जिले में 12 दिनों के अंदर ही किसी दूसरे हिंदू की हत्या कर दी गई. इसके पहले 18 दिसंबर को दीपू चंद नाम के एक हिंदू युवक की बर्बरता के साथ हत्या की गई थी. दूसरी हत्या के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है. मामले में पुलिस ने आरोपी नोमान मियां को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है |
15 दिनों के अंदर 3 हिंदुओं की हत्या
बांग्लादेश में 15 दिनों के अंदर तीन हिंदुओं की हत्या हुई है. इसके पहले 18 दिसंबर को दीपूचंद्र दास को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला गया था और फिर शव को जला दिया गया. दीप पर ईश निंदा का आरोप लगाकर भीड़ ने मौत के घाट उतार दिया था. आरोप ये भी है कि पुलिस ने जानबूझकर भीड़ को छूट दी थी. इसके अलावा ढाका में अमृत मंडल नाम के युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी |
पहली महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया का जीवन समाप्त, 80 वर्ष की उम्र में निधन
30 Dec, 2025 02:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीएनपी की अध्यक्ष और बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का निधन हो गया है. ढाका के एवरकेयर अस्पताल में इलाज के दौरान मंगलवार (30 दिसंबर) सुबह 6 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया. वो लंबे समय से बीमारियों का सामना कर रही थीं. 80 साल की उम्र में खालिदा जिया ने दुनिया को अलविदा कह दिया है |
इस खबर की पुष्टि बीएनपी के फेसबुक पेज ने की. पोस्ट में कहा गया है कि बीएनपी अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया का आज सुबह 6 बजे, फजर की नमाज के तुरंत बाद, निधन हो गया. हम सभी से उनकी आत्मा की शांति के लिए दुआ करने की अपील करते हैं |
किन बीमारियों से जूझ रही थीं
डॉक्टरों के अनुसार, खालिदा जिया को लीवर का सिरोसिस, गठिया, डायबीटीज और हार्ट से जुड़ी गंभीर समस्याएं थीं. पूर्व प्रधानमंत्री लंबे समय से कई तरह की बीमारियों से जूझ रही थीं. डॉक्टर्स उनकी देख-रेख कर रहे थे. साथ ही पिछले दिनों उन्हें वेंटीलेटर पर भी डाला गया था. द डेली स्टार के अनुसार, 23 नवंबर को हार्ट और फेफड़ों में संक्रमण के कारण खालिदा जिया को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. पिछले 36 दिनों से उनका इलाज चल रहा था. उन्हें निमोनिया की बीमारी भी थी |
कब होगी जनाजे की नमाज?
पार्टी ने कहा कि खालिदा जिया की जनाजे की नमाज कब होगी इसका ऐलान बाद में किया जाएगा. अभी इसकी जानकारी नहीं दी गई है. पार्टी ने अभी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है. साथ ही सभी से उनकी आत्मा की शांति के लिए दुआ करने के लिए कहा है |
खालिदा जिया का निधन ऐसे समय में हुआ जब कुछ ही दिन पहले उनके बेटे तारिक रहमान लंदन से पूरे 17 साल बाद बांग्लादेश लौटे हैं, जहां वो 2008 से स्वैच्छिक निर्वासन में रह रहे थे. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तारिक ने अस्पताल में अपनी बीमार मां से मुलाकात की थी. तारिक की वापसी पर पार्टी समर्थकों की बड़ी भीड़ उमड़ी और इसे आगामी संसदीय चुनावों से पहले बीएनपी के लिए एक अहम घटनाक्रम माना गया |
कौन थीं खालिदा जिया?
बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया का जन्म 15 अगस्त 1945 को हुआ था. वो बांग्लादेश के संस्थापक जिया उर रहमान की पत्नी थीं. उन्होंने पति जिया उर रहमान की हत्या के बाद राजनीति में कदम रखा. बीएनपी पार्टी की जिम्मेदारी संभाली. खालिदा जिया के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे. साथ ही साल 2018 में उन्हें जेल तक जाना पड़ा. हालांकि, स्वास्थ्य कारणों से उन्हें रिहा किया गया. लेकिन, वो घर पर ही नजरबंद जैसी स्थिति में रहीं |
बांग्लादेश की पहली महिला PM
खालिदा जिया 1991 से 1996 तक बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं और 2001 से 2006 तक दोबारा इस पद पर लौटीं. वो देश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं. वो बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति और सेना प्रमुख जियाउर रहमान की पत्नी थीं |
खालिदा जिया 1991 के राष्ट्रीय चुनाव में जनमत के जरिए सत्ता में आई थीं. उनके कार्यकाल के दौरान संसदीय सिस्टम को बहाल किया गया और स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित किए गए. साल 2007 में, जब सेना समर्थित कार्यवाहक सरकार ने सत्ता संभाली, तो खालिदा जिया को शेख हसीना सहित कई अन्य राजनीतिक नेताओं के साथ जेल में डाल दिया गया. बाद में जिया को रिहा किया गया और उन्होंने 2008 का संसदीय चुनाव लड़ा, लेकिन उनकी पार्टी जीत हासिल नहीं कर सकी |उनके परिवार में उनके बड़े बेटे तारिक, उनकी पत्नी और उनकी बेटी हैं |
सीरिया में सांप्रदायिक दंगा, 4 की मौत
30 Dec, 2025 10:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
होम्स। सीरिया में अलावी समुदाय के प्रदर्शनकारियों और विरोधी प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं, जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, ये झड़पें होम्स शहर में एक मस्जिद पर हुए बम विस्फोट के दो दिन बाद हुईं, जिसमें 8 लोग मारे गए थे और 18 घायल हुए थे। हजारों की संख्या में अलावी प्रदर्शनकारी सडक़ों पर उतरे, वे अलावी समुदाय के खिलाफ हो रही हत्याओं, गिरफ्तारियों, नौकरियों से बर्खास्तगी और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। कुछ प्रदर्शनकारियों ने संघीय व्यवस्था की मांग भी की। झड़पों के दौरान, लताकिया में सरकार समर्थक प्रदर्शनकारियों ने अलावी प्रदर्शनकारियों पर पत्थर फेंके। सुरक्षा बलों ने दोनों पक्षों को अलग करने की कोशिश की और हवा में गोलीबारी करके भीड़ को तितर-बितर किया।
बलूचिस्तान के अलग-अलग इलाकों में पाकिस्तानी सेना के 15 सैनिक मारे गए
30 Dec, 2025 09:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
क्वेटा। बलूचिस्तान के अलग-अलग इलाकों में पाकिस्तानी सेना के 15 सैनिक पिछले एक हफ्ते में मारे गए हैं। बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए), बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) और बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (बीआरजी) ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। इसमें केच, पंजगुर, तुर्बत, सुराब और नसीराबाद जैसे इलाके शामिल हैं। एक बयान में, बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने कहा कि बीएलएफ के लड़ाकों ने 23 दिसंबर को केच जिले के तेजबन इलाके में एक पाकिस्तानी आर्मी पोस्ट पर स्वचालित हथियारों और ग्रेनेड-लॉन्चर राउंड का इस्तेमाल करके हमला किया, जिसमें दो सैनिक मारे गए और पोस्ट के भीतर लगे सर्विलांस कैमरे नष्ट हो गए। बीएलए ने कहा कि 25 दिसंबर को दूसरे हमले में, उसने पंजगुर जिले के कटगरी इलाके में चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) रूट पर एक सैन्य वाहन को रिमोट-कंट्रोल्ड विस्फोटक उपकरण से निशाना बनाया। दावा किया कि विस्फोट में छह पाकिस्तानी जवान मारे गए और चार अन्य घायल हो गए।
द बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, प्रवक्ता ने आगे कहा कि ग्रुप ने रविवार को विस्फोटक लगाकर एक और हमला किया, जिससे तुर्बत के डांक इलाके में पाकिस्तानी सेना द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला एक कम्युनिकेशन टावर नष्ट हो गया और ढांचे पर लगे “एक्टिव स्पाई कैमरे” खराब हो गए। इस बीच, बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने कहा कि उसने 27 दिसंबर को बलूचिस्तान के सुराब जिले में बाथगु क्रॉस पर आरसीडी हाईवे पर रोडब्लॉक ऑपरेशन शुरू किया था।
रूस के विदेश मंत्री ने यूक्रेन पर राष्ट्रपति पुतिन के आवास पर 91 ड्रोन से हमले का आरोप लगाया
30 Dec, 2025 08:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मास्को। रूस और यूक्रेन के बीच पिछले करीब चार साल से जारी युद्ध को खत्म कराने के लिए शांति समझौते पर बातचीत के बीच एक बड़ा घटनाक्रम हुआ. रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने यूक्रेन पर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास पर 91 ड्रोन से हमले का आरोप लगाया है. उन्होंने बताया कि ये हमला नोवगोरोड इलाके में स्थित राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास को निशाना बनाकर किया गया.
लावरोव ने बताया कि लंबी दूरी के ड्रोन से ये हमला 28-29 दिसंबर की दरमियानी रात को किया गया था. हालांकि रूसी एयर डिफेंस सिस्टम ने सभी ड्रोन्स को हवा में ही मार गिराया. उन्होंने इसे यूक्रेन सरकार द्वारा प्रायोजित आतंकवादी हमला करार दिया और कहा कि ऐसी हरकतों को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ा जाएगा. इस हमले के वक्त राष्ट्रपति पुतिन वहां मौजूद थे या नहीं, इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी गई है.
रूस ने इन हमलों का बदला लेने की तैयारी कर ली है. ये भी तय कर लिया है कि जवाबी हमला कब और कहां किया जाएगा. इसके साथ ही रूस ने शांति समझौते पर अपने रुख से पलटने के भी संकेत दिए हैं. उसे यूक्रेन पर आतंकी हमला करने का आरोप लगाया है और कहा है कि अब चूंकि यूक्रेन ने आतंकवाद का रास्ता अपना लिया है, ऐसे में वह शांति वार्ता के रुख पर फिर से विचार करेगा.
उधर, यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस के उन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया, जिसमें दावा किया गया है कि यूक्रेन ने नोवगोरोड में में पुतिन के आवास पर हमला करने की कोशिश की है. जेलेंस्की ने इन दावों को मनगढ़ंत झूठ करार दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि यूक्रेन का पुतिन के किसी भी आवास पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है.
उन्होंने आरोप लगाया कि मॉस्को ऐसे मनगढ़ंत आरोप इसलिए लगा रहा है ताकि वह कीव और अन्य सरकारी इमारतों पर अपने नए हमलों को जायज ठहरा सके. जेलेंस्की ने कहा कि यह शांति वार्ता में हो रही प्रगति में रोड़ा अटकाने की सोची-समझी साजिश हो सकती है.
जेलेंस्की ने पुतिन को बताया “मैन ऑफ वॉर” और दुनिया से की मजबूत कदम उठाने की अपील
29 Dec, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कीव रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर मिसाइल और ड्रोन से बड़ा हमला किया है। 500 से ज्यादा ड्रोन और 40 मिसाइलों से हुए हमले में कई रिहायशी इलाकों को नुकसान पहुंचा है, इस हमले में दो लोगों की मौत हुई है और चार घायल हुए हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पुतिन को “मैन ऑफ वॉर” कहा और दुनिया से उनके खिलाफ मजबूत कदम उठाने की अपील की।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव और उसके आसपास के इलाकों पर अब तक के सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक हमला किया। मिसाइल और ड्रोन से हुए इस हमले ने शहर और आसपास के इलाकों को हिला दिया। कई घंटों तक एयर रेड अलर्ट जारी रहा और बिजली गुल रही। इस हमले के बाद जेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को “मैन ऑफ वॉर” करार दिया।
जेलेंस्की के मुताबिक रूस ने इस हमले में 500 से ज्यादा ड्रोन और 40 से ज्यादा मिसाइलें दागीं। हमला करीब 10 घंटे तक चला। इसका मुख्य निशाना कीव की ऊर्जा सुविधाएं और नागरिक ढांचा था। कनाडा में एक कार्यक्रम के दौरान जेलेंस्की ने कहा कि हम शांति चाहते हैं और पुतिन मैन ऑफ वॉर हैं। उन्होंने पुतिन पर आरोप लगाया कि वह युद्ध को खत्म करने के बजाय उसे लंबा खींचने की कोशिश कर रहे हैं। जेलेंस्की ने दुनिया से अपील की कि पुतिन को रोकने के लिए फ्रंटलाइन और डिप्लोमेसी दोनों जगह मजबूत कदम उठाए जाएं।
यह हमला उस समय हुआ जब जेलेंस्की अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की तैयारी कर रहे हैं। यह बैठक रविवार को फ्लोरिडा के मार-ए-लागो में होने वाली है। इसमें शांति योजना और अमेरिका की संभावित सुरक्षा गारंटी पर चर्चा होने की उम्मीद है। जेलेंस्की ने कनाडा में नाटो और यूरोपीय नेताओं से भी बातचीत की है। हमले के बाद कीव के कई इलाकों में बिजली और हीटिंग की सुविधा ठप हो गई। बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुट गए। आग बुझाने और मरम्मत का काम जारी है।
चीन मिटा रहा तिब्बती पहचान, स्तूप तोड़े, बौद्ध मंत्र हटाकर चीनी झंडे लगाए
29 Dec, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलंबो। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) तिब्बती पहचान को मिटाने की लगातार कोशिशें कर रही है। भाषा, धर्म और संस्कृति को निशाना बनाया जा रहा। एक ताजा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीनी प्रशासन तिब्बती धार्मिक प्रतीकों को हटाकर उनकी जगह जबरन चीनी राष्ट्रवादी प्रतीक थोप रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक सैटेलाइट तस्वीरों से सामने आया है कि तिब्बत की पहाड़ियों पर पत्थरों में उकेरे गए पवित्र बौद्ध मंत्र ओम मणि पद्मे हम को हटाकर वहां चीनी झंडा लगा दिया है। यही नहीं तिब्बती खानाबदोशों को पारंपरिक मणि प्रार्थना ध्वज हटाने के लिए मजबूर किया और उसकी जगह चीनी झंडे लगाने को कहा। इसके साथ ही लोगों को राजनीतिक री-एजुकेशन यानी वैचारिक प्रशिक्षण सत्रों में भी शामिल किया गया।
एक अन्य मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि तिब्बत में सांस्कृतिक दमन हाल के वर्षों में और खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। हाल ही में चीनी अधिकारियों ने आग लगने के खतरे का हवाला देते हुए पारंपरिक प्रार्थना ध्वज जला दिए। स्थानीय लोगों ने इसे तिब्बती धार्मिक परंपराओं को मिटाने की चीन की मुहिम का नया और गंभीर कदम बताया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले कुछ सालों में कई बार मणि प्रार्थना ध्वज और प्रार्थना चक्रों को हटाया गया या तोड़ दिया गया। ये कार्रवाइयां बिना किसी ठोस या तार्किक कारण के की गईं।
इसी दौरान जब तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा का 90वां जन्मदिन मनाया जा रहा था, तब चीनी प्रशासन ने तिब्बत में आवाजाही और धार्मिक गतिविधियों पर कड़ी पाबंदियां लगा दीं। रिपोर्ट के मुताबिक जो लोग बीजिंग के री-एजुकेशन प्रोग्राम का हिस्सा बनने से इनकार करते हैं, उन्हें झूठे आरोपों में हिरासत, लंबी कैद और सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ता है। इटली के धर्म समाजशास्त्री ने इन घटनाओं को अपमान और पवित्रता का हनन बताया। उन्होंने कहा कि सीसीपी तिब्बती धर्म और संस्कृति को खत्म कर उसकी एक बनावटी, पर्यटकों के लिए बनाई गई डिज्नी जैसी छवि छोड़ना चाहती है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 के मध्य में तिब्बत के खाम प्रांत में करीब 300 बौद्ध स्तूपों को तोड़ दिया गया। सेंट्रल तिब्बतन एडमिनिस्ट्रेशन (सीटीए) ने इसे सांस्कृतिक तोड़फोड़ का खुला कृत्य बताया है, जिसने दुनियाभर के तिब्बतियों को गहरा आघात पहुंचाया है। सीटीए का कहना है कि चीनी अधिकारी इन ध्वंस कार्रवाइयों को सरकारी जमीन और नियमों के उल्लंघन का बहाना बनाकर सही ठहराते हैं, लेकिन पवित्र स्तूपों का मलबा पूरी तरह हटा दिया गया है, जिससे सदियों पुरानी आस्था के निशान भी मिट गए।
बांग्लादेश में हिंदूओं की हत्या पर नेपाल में भी विरोध प्रदर्शन, यूनुस मुर्दाबाद के लगे नारे
29 Dec, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काठमांडू। बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या के विरोध में नेपाल में बीरगंज, जनकपुरधाम और गोलबाजार जैसे बड़े शहरों में प्रदर्शन किया गया। वहीं मुस्लिमों ने भी रैली निकालकर यूनुस मुर्दाबाद के नारे लगाए। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा अब पड़ोसी देशों में भी भारी आक्रोश पैदा कर रही है। इन प्रदर्शनों का मुख्य कारण हाल ही में बांग्लादेश में हुई हिंदुओं की हत्याएं हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकारों की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 18 दिसंबर को 25 साल के हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की मॉब लिंचिंग कर दी गई थी। वहीं बुधवार देर रात अमृत मंडल उर्फ सम्राट को भी भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला।
इन हत्याओं ने बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर व्यापक चिंता पैदा कर दी है। बांग्लादेश में अगस्त 2024 में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बनी अंतरिम सरकार के कार्यकाल में कट्टरपंथियों का प्रभाव काफी बढ़ गया है। बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाकर की जा रही हिंसा के खिलाफ नेपाल में हिंदू अधिकार समूह राष्ट्रीय एकता अभियान ने सिरहा जिले के गोलबाजार इलाके में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने ईस्ट-वेस्ट हाईवे को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने हिंदुओं की हत्या बंद करो अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पक्की करो और मानवाधिकार का सम्मान करो जैसे नारे लगाए।
मुस्लिमों ने भी हिंदुओं पर जुल्म के खिलाफ निकाली रैली
शनिवार को नेपाल में मुस्लिम ग्रुप जमीयत उलेमा-ए नेपाल, बारा और परसा जिला समितियों ने भी बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याओं के खिलाफ परसा जिले के बीरगंज में एक रैली निकाली। जमीयत उलेमा-ए नेपाल के उपाध्यक्ष मौलाना अली असगर मदनी के नेतृत्व में हुई इस रैली में मुस्लिम नेताओं और आम लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने दीपू के कातिल को फांसी देने और हिंदुओं की हत्याएं बंद करने के नारे लगाए। बांग्लादेश सरकार और मोहम्मद यूनुस मुर्दाबाद के भी नारे लगे। हिंदू-मुस्लिम एकता जिंदाबाद के नारे भी लगाए गए।
नए साल से तीन दिन पहले जघन्य हत्याकांड, 5 बच्चों सहित 9 लोगों की चाकू से गोदकर हत्या
29 Dec, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सूरीनाम की राजधानी पारामारिबो के पास स्थित छोटे से कस्बे रिचेल्यू में रविवार को एक भयावह चाकू हमले में कम से कम 9 लोगों की जान चली गई। मृतकों में 5 बच्चे भी शामिल हैं। रिपोर्टों के अनुसार, हमलावर ने अपने 4 बच्चों और पड़ोसियों पर हमला किया, जो उसे रोकने की कोशिश कर रहे थे। शव कई घरों में पाए गए।
यह घटना कॉम्मेविज़ने जिले में हुई, जो पारामारिबो से लगभग 25 किलोमीटर पूर्व में स्थित है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और हमलावर को उसके पैर में गोली मारकर पकड़ लिया। बाद में आरोपी को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।
रिपोर्टों के अनुसार, 43 वर्षीय आरोपी ने अपनी अलग हो चुकी पत्नी के साथ फोन पर हुए विवाद के बाद यह हमला किया। उसने गुस्से में आकर अपने बच्चों और उन्हें रोकने की कोशिश करने वाले पड़ोसियों पर चाकू से हमला किया। विवाद का कारण यह था कि उसकी अलग हो चुकी पत्नी बच्चों को लेने खुद नहीं आई और किसी अन्य को भेजने से मना कर दिया।
सूरीनाम की राष्ट्रपति ने जताया दुख
सूरीनाम की राष्ट्रपति जेनिफर गिरलिंग-सिमंस ने इस घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "मैं सभी शोक संतप्त परिवारों को इस अविश्वसनीय रूप से कठिन समय में शक्ति, धैर्य और सांत्वना की कामना करती हूं।"
सूरीनाम, जो कभी डच उपनिवेश रहा है, की कुल जनसंख्या लगभग 6 लाख है। देश में आमतौर पर हत्या की दर बहुत कम रही है। हालांकि Insight Crime के अनुसार, 2024 में यहां हत्या की दर बढ़कर प्रति 1 लाख निवासियों पर 30 तक पहुंच गई है।
ब्रिटेन में इस्लामोफोबिया की परिभाषा पर संकट
29 Dec, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन । ब्रिटेन में इस्लामोफोबिया यानी मुसलमानों के खिलाफ नफरत को परिभाषित करने को लेकर सरकार की असमर्थता एक बार फिर चर्चा में है। फरवरी 2025 में ब्रिटिश सरकार ने “मुस्लिम विरोधी नफरत/इस्लामोफोबिया” की परिभाषा तय करने के लिए एक कार्यसमूह बनाया था, जिसे अगस्त तक अपनी रिपोर्ट देनी थी। लेकिन अब तक कोई स्पष्ट परिभाषा सामने नहीं आई है।
हाल ही में बीबीसी की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि सरकार इस परिभाषा में “इस्लामोफोबिया” शब्द का ही इस्तेमाल नहीं करेगी और उसकी जगह “मुस्लिम विरोधी शत्रुता” जैसे शब्दों को चुना जाएगा। विशेषज्ञों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह कदम बेहद कमजोर और खतरनाक है, क्योंकि इससे इस्लाम के खिलाफ नफरत को अनदेखा किया जा सकता है। लेखक और इतिहासकार जेम्स रेंटन के अनुसार, मुसलमानों के खिलाफ नस्लवाद की जड़ में इस्लाम से नफरत ही है। ऐसे समय में, जब ब्रिटेन में मुसलमानों पर हमलों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, सरकार का इस मुद्दे से बचना गंभीर चिंता का विषय है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इंग्लैंड और वेल्स में मुसलमानों के खिलाफ धार्मिक नफरत से जुड़े अपराधों में पिछले दो वर्षों में तेज़ बढ़ोतरी हुई है। मार्च 2024 तक इन मामलों में 13 प्रतिशत और मार्च 2025 तक 19 प्रतिशत की और वृद्धि दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि ये आंकड़े वास्तविक स्थिति से कम हो सकते हैं। आलोचकों का आरोप है कि ब्रिटिश सरकार यहूदी विरोधी नफरत के खिलाफ तो सख्त रुख अपनाती है, लेकिन मुसलमानों की सुरक्षा और इस्लामोफोबिया को लेकर वैसा ही राजनीतिक संकल्प नहीं दिखाती। 2016 में सरकार ने यहूदी विरोधी नफरत की एक अंतरराष्ट्रीय परिभाषा अपनाई थी, लेकिन इस्लामोफोबिया के मामले में अब भी टालमटोल जारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक सरकार इस्लामोफोबिया को साफ शब्दों में परिभाषित नहीं करेगी, तब तक मुसलमानों के खिलाफ बढ़ती नफरत और हिंसा को प्रभावी ढंग से रोका नहीं जा सकेगा।
इलाज कर रहे डॉक्टर जाहिद का बयान........खालिदा जिया की हालत “बेहद नाजुक”
29 Dec, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री एवं बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष खालिदा जिया की हालत “बेहद नाजुक” बनी हुई है। उनके निजी चिकित्सक ने इसकी जानकारी दी। कई स्वास्थ्य जटिलताओं से जूझ रही 80 साल की खालिदा जिया 23 नवंबर से ‘एवरकेयर’ अस्पताल में उपचाराधीन हैं और उन्हें 11 दिसंबर को वेंटिलेटर पर रखा गया था। डॉ. ए.जेड.एम.जाहिद ने कहा, यह नहीं कहा जा सकता कि उनकी हालत में सुधार हुआ है। फिलहाल उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।’’
रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. जाहिद ने देशवासियों से जिया के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना करने की अपील की। उन्होंने कहा, “अगर अल्लाह की रहमत से वह नाजुक दौर से बाहर निकल जाती हैं, तब हमें कुछ सकारात्मक खबर सुनने को मिल सकती है।”
पार्टी सदस्यों के मुताबिक, खालिदा के बेटे एवं बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान ने अस्पताल में दो घंटे से अधिक समय बिताकर आधी रात के आसपास रवाना हुए। स्थानीय और विदेशी दोनों चिकित्सक उनकी देखभाल में लगे हैं। उनकी बहू डॉ. जुबैदा रहमान भी उपचार प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं। बीएनपी ने पहले संकेत दिया था कि वह खालिदा जिया को उन्नत चिकित्सा उपचार के लिए विदेश ले जाना चाहती है। हालांकि, उनकी वर्तमान शारीरिक स्थिति हवाई यात्रा की अनुमति नहीं देती, इसलिए उनका इलाज फिलहाल देश में ही जारी है।
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