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"राजनीतिक प्रताड़ना पर बोले ट्रंप के विशेष दूत, इमरान के बेटों को दिया समर्थन"
23 Jul, 2025 11:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष मिशन के लिए दूत रिचर्ड ग्रेनेल ने मंगलवार को कैलिफोर्निया में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक और जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटों से मुलाकात की। उन्होंने इमरान खान की गिरफ्तारी को 'राजनीतिक प्रताड़ना' करार दिया और एक बार फिर उनकी रिहाई की मांग की। ग्रेनेल ने इमरान खान के बड़े बेटे सुलैमान ईसा और छोटे बेटे कासिम खान के साथ तस्वीर साझा की और लिखा कि उन्हें उनके साथ समय बिताकर अच्छा लगा और कैलिफोर्निया में उनका स्वागत किया।
राजनीतिक प्रताड़ना से तंग आ चुके लाखों लोग: ग्रेनेल
ग्रेनेल ने एक्स पर लिखा, 'कैलिफोर्निया में स्वागत है मेरे दोस्तों। आज आपके साथ समय बिताकर अच्छा लगा। सुलैमान और कासिम, आप मजबूत बने रहें। दुनियाभर में ऐसे लाखों लोग हैं, जो इस राजनीतिक प्रताड़ना से तंग आ चुके हैं। आप अकेले नहीं हैं।' ग्रेनेल का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पीटीआई के नेताओं और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की ओर से लगातार इमरान खान की जेल की हालत पर सवाल उठाए जा रहे हैं। खान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं।
पहले भी इमरान खान का समर्थन कर चुके ग्रेनेल
यह पहली बार नहीं है, जब अमेरिका के पूर्व राजदूत रिचर्ड ग्रेनेल ने इमरान खान का समर्थन किया हो। ट्रंप के चुनाव अभियान के दौरान न्यूजमैक्स को दिए एक इंटरव्यू में ग्रेनेल ने कहा था कि ट्रंप सरकार के दौरान अमेरिका और पाकिस्तान के संबंध बेहतर थे, जब इमरान खान प्रधानमंत्री थे। उन्होंने इमरान खान को एक 'बाहरी' (आउटसाइडर) और 'साधारण सोच' वाला नेता बताया। उन्होंने ट्रंप और खान की कानूनी चुनौतियों की तुलना भी की थी।
'इमरान खान पर भी लगे ट्रंप जैसे आरोप'
ग्रेनेल ने कहा, ट्रंप सरकार के दौरान जब इमरान खान पाकिस्तान के नेता थे, तब अमेरिका और पाकिस्तान के संबंध कहीं बेहतर थे। इमरान खान एक पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी थे, पाकिस्तान टीम के कप्तान भी रहे। वह राजनेता नहीं थे और आम भाषा में बात करते थे। ट्रंप और इमरान खान के बीच अच्छे संबंध थे। उन्होंने आगे कहा, मैं चाहता हूं कि इमरान खान को जेल से रिहा किया जाए। वह फिलहाल जेल में हैं और उन पर भी वैसे ही आरोप लगाए गए हैं जैसे राष्ट्रपति ट्रंप पर। सत्तारूढ़ पार्टी ने भ्रष्टाचार व झूठे आरोपों का सहारा लिया और उन्हें जेल भेजा।
जेल में इमरान खान की हालत पर पीटीआई ने जताई चिंता
इस बीच, पीटीआई जेल में इमरान खान की हालत को लेकर लगातार चिंता जता रही। 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, पीटीआई के केंद्रीय सूचना सचिव शेख वकास अकराम ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि खान को एक 'डेथ सेल' में रखा गया है, जहां उन्हें न किताबें मिलती हैं, न टीवी, और न ही अखबार। अकरम ने कहा, पूर्व प्रधानमंत्री होने के बावजूद इमरान खान को न तो उनका दर्जा मिला, न ही एक आम कैदी जैसे बुनियादी अधिकार। यह बहुत गंभीर बात है, क्योंकि वह देश के सबसे लोकप्रिय नेता हैं और देश की पूरी जनता उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंतित है। उन्होंने चेतावनी दी कि लगातार राजनीतिक और न्यायिक दबाव, साथ ही जेल की खराब स्थिति पाकिस्तान को एक सांविधानिक और मानवता से जुड़े संकट की ओर ले जा रही है।
बांग्लादेश प्लेन हादसा: भाई-बहन की हालत ने सबको रुलाया
23 Jul, 2025 10:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। ढाका के माइलस्टोन स्कूल और कॉलेज में बांग्लादेश वायुसेना का ट्रेनिंग जेट क्रैश केस में अब मरने वालों की संख्या 20 पहुंच गई है। मरने वालों में 16 बच्चे, दो शिक्षक और पायलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट मोहम्मद तौकीर इस्लाम शामिल थे। गंभीर रूप से जलने वाले बहुत से बच्चे अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ढाका के अस्पतालों में परिजनों की चीख-पुकार और मासूमों की तड़प ने हर किसी का दिल दहला दिया।
बांग्लादेश के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी के आईसीयू में भाई-बहन आर्यन अशरफ नफी (कक्षा 2) और तानिया अशरफ नाजिया (कक्षा 6) जिंदगी के लिए जूझ रहे हैं। नफी के शरीर का 95 प्रतिशत और नाजिया का 80 प्रतिशत हिस्सा जल गया है। डॉ जकिया सुल्ताना मिताली ने कहा, कई बच्चों के रेस्पिरेटरी सिस्टम जल चुका हैं। हम हर संभव कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दबाव बहुत ज्यादा है। एक अन्य डॉक्टर ने बताया, बच्चों की संख्या इतनी ज्यादा है कि हम उन्हें संभाल नहीं पा रहे। डॉ सायम अल मंसूर ने बताया कि एक मरीज का 100 प्रतिशत शरीर जला है, चार की बॉडी 90 प्रतिशत और पांच के 80 प्रतिशत से ज्यादा जल चुकी है। शिक्षकों और कर्मचारियों ने शुरआत में बच्चों को बिल्डिंग से निकाला, फिर सेना के जवान घायल बच्चों को गोद में उठाकर रिक्शा और वैन से अस्पताल ले गए।
सरकार ने घोषित किया राष्ट्रीय शोक दिवस
ढाका के अखबार डेली स्टार के मुताबिक सरकारी घोषणा में कहा गया है कि मंगलवार को देशभर के सरकारी, अर्ध-सरकारी, स्वायत्त संस्थानों और सभी शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। साथ ही बांग्लादेश के विदेशी मिशनों में भी झंडा आधा झुकाया जाएगा। सरकार ने यह भी बताया कि देशभर के मंदिरों, मस्जिदों, गिरजाघरों और अन्य धार्मिक स्थलों में विशेष प्रार्थनाएं आयोजित की जाएंगी ताकि इस दुखद घटना में घायल व मृतकों की आत्मा की शांति के लिए दुआ की जा सके। सरकार की ओर से यह शोक दिवस राष्ट्र के सामूहिक दुख और एकजुटता का प्रतीक माना जा रहा है।
ट्रंप का ईरान को अल्टीमेटम: विदेश मंत्री की टिप्पणी के बाद दी बमबारी की चेतावनी
23 Jul, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची के उस बयान पर भडक़ गए हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि उनका देश अपना यूरेनियम संवर्धन प्रोग्राम नहीं छोड़ेगा। अरागची के इस बयान पर ट्रंप ने ईरान को धमकी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान यूरेनियम संवर्धन जारी रखता है तो जरूरत पडऩे पर ईरान पर फिर से बम बरसाएगा।
ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया साइट ट्रूथ पर लिखा है कि अमेरिका के हमलों में ईरान के मुख्य परमाणु ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है और अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका फिर से ईरान पर हवाई हमले करेगा। ट्रंप की इस टिप्पणी से पहले इरानी विदेश मंत्री अरागची ने अपने यूरेनियम संवर्धन प्रोग्राम को राष्ट्रीय गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना यूरेनियम संवर्धन प्रोग्राम बंद कर दे लेकिन ईरान अपने इस प्रोग्राम को चालू रखेगा। उन्होंने कहा कि हम अपना संवर्धन प्रोग्राम नहीं छोड़ सकते क्योंकि यह हमारे अपने वैज्ञानिकों की उपलब्धि है। और अब, उससे भी बढक़र यह हमारे लिए राष्ट्रीय गौरव का सवाल बन गया है। हमारा संवर्धन हमें बहुत प्रिय है।
परमाणु प्रोग्राम को चालू रखने पर अड़ा ईरान
अमेरिका हमेशा से ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर सवाल उठाता रहा है और उसने ईरान के यूरेनियम संवर्धन को रोकने की कोशिश की है। अमेरिका को शक है कि ईरान परमाणु बम बनाने लायक यूरेनियम संवर्धन कर लेगा जो मध्य-पूर्व में उसके लिए बड़ी चुनौती होगी। अमेरिका चाहता है कि ईरान में यूरेनियम संवर्धन पर पूरी तरह रोक लग जाए। लेकिन अरागजी ने साफ कर दिया है कि ईरान अमेरिका की इस डिमांड पर कभी भी राजी नहीं होगा। पिछले महीने अमेरिका समर्थित इजरायली हमलों में ईरान के कुछ परमाणु ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा था। ईरान के परमाणु प्रोग्राम को बर्बाद करने के लिए किए गए हमलों के बावजूद, ईरान अपने रुख पर अड़ा हुआ है। अरागची ने कहा कि हमारे ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। नुकसान का आकलन अब हमारा परमाणु ऊर्जा संगठन कर रहा है। लेकिन जहां तक मुझे पता है, ठिकानों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। उन्होंने यह भी बताया कि हमले के कारण हुई बर्बादी की वजह से यूरेनियम संवर्धन की गतिविधि को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि हमले के बाद कोई संवर्धित यूरेनियम बचा है या नहीं।
अपने परमाणु प्रोग्राम को शांतिपूर्ण बताता है ईरान
ईरान का कहना है कि उसका परमाणु प्रोग्राम नागरिक उद्देश्यों के लिए है, वहीं अमेरिका और नेटो देशों का मानना है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कगार पर है। इजरायल और अमेरिका के हमलों से पहले, परमाणु हथियारों पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय एजेंसी आईएई के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने आरोप लगाया था कि ईरान परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त सामग्री हासिल करने से कुछ हफ्ते ही दूर है। ईरान हमेशा से कहता रहा है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता। उसका कहना है कि परमाणु ऊर्जा का काम सिर्फ नागरिक ऊर्जा के इस्तेमाल के लिए है। अमेरिका का सुझाव है ईरान खुद यूरेनियम संवर्धन करने के बजाय, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और सऊदी अरब जैसे अन्य देशों के साथ साझा व्यवस्था के जरिए इसे हासिल कर सकता है। इस तरह, ईरान खुद संवर्धन किए बिना भी ऊर्जा उद्देश्यों के लिए परमाणु ऊर्जा का उपयोग कर सकता है। हालांकि, ईरान ने इस सुझाव को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। पिछले महीने, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने भी ईरान की परमाणु प्रोजेक्ट को एक बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि बताया था।
ऑनर किलिंग केस में बड़ी कार्रवाई: 13 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
23 Jul, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक महिला और पुरुष की बेरहमी से हत्या किए जाने का वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। यह वारदात मई में बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा के पास एक सुनसान इलाके में हुई थी। अब जब यह वीडियो सामने आया है, तो पूरे देश में आक्रोश फैल गया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक ट्राइबल (कबीलाई) नेता भी शामिल है। यह हत्या ऑनर किलिंग यानी इज्जत के नाम पर की गई। स्थानीय जिरगा (कबीलाई पंचायत) ने फैसला सुनाया था कि महिला ने अपने परिवार और कबीले की मर्जी के खिलाफ एक पुरुष से संबंध रखकर परंपराओं का उल्लंघन किया है। इसी आधार पर उसे मौत की सजा दी गई।
एयर ट्रैवलर्स के लिए खुशखबरी: इस्तांबुल एयरपोर्ट सबसे बेहतर, सुविधाएं बनीं निर्णायक
22 Jul, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अंकारा: इनडोर झरने और हरियाली के लिए प्रसिद्ध सिंगापुर के चांगी एयरपोर्ट के नाम से सबसे अच्छा एयरपोर्ट होने का खिताब चला गया है। उससे यह खिताब तुर्की के इस्तांबुल शहर के एयरपोर्ट ने छीना है। इस्तांबुल हवाई अड्डे ने ट्रैवल+लेजर के 2025 वर्ल्ड्स बेस्ट अवार्ड्स में 98.57 स्कोर के साथ पहला स्थान हासिल किया है। सिंगापुर का चांगी हवाई अड्डा इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर है। भारत का मुंबई एयरपोर्ट भी टॉप-10 में शामिल है। शीर्ष 10 में अरब और एशियाई हवाई अड्डों का दबदबा रहा है।
सिंगापुर का चांगी हवाई अड्डा दुनिया के सबसे ऊंचा इनडोर झरना और 6,00,000 पौधों की वजह से दुनिया का ध्यान खींचता है। हालांकि इस साल इस्तांबुल हवाई अड्डे ने अपनी बढ़ती वैश्विक कनेक्टिविटी, शानदार बुनियादी ढांचे और बेहतर यात्री अनुभव की बदौलत पहला स्थान पाया है। यूएई के दो एयरपोर्ट टॉप-5 में हैं।
2025 में दुनिया के 10 बेस्ट एयरपोर्ट
ट्रैवल+लेजर ने 10 सर्वश्रेष्ठ हवाई अड्डों की सूची मुसाफिरों के सर्वेक्षण के आधार पर तैयार की है। इन मुसाफिरों ने बताया कि कौन से हवाई अड्डे उनकी यात्रा के बाद लंबे समय तक उनके दिमाग में रहे। इसकी वजह ना सिर्फ सुगम परिवहन सुविधा थी बल्कि अच्छा भोजन, मनोरंजन और मनोरम दृश्य भी थे। इससे ये ऐसे गंतव्य बन गए, जहां जल्दी पहुंचना और फ्लाइट से उतरने के बाद देर तक रुकने में यात्रियों को मजा आया। दुनिया के 10 सबसे अच्छे एयरपोर्ट की लिस्ट।
इस्तांबुल हवाई अड्डा 98.57 के स्कोर के साथ पहले स्थान पर है।
सिंगापुर का चांगी हवाई अड्डा 95.20 स्कोर लेकर दूसरे स्थान पर है।
कतर का हमाद एयरपोर्ट 92.34 के स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर है।
अबुधाबी का जायद एयरपोर्ट 89.48 के स्कोर के साथ चौथे स्थान पर है।
दुबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा 88.38 के स्कोर के साथ पांचवें स्थान पर है।
हांगकांग अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा 86.22 के स्कोर के साथ छठे स्थान पर है।
हेलसिंकी-वांटा एयरपोर्ट, फिनलैंड 86.18 के स्कोर के साथ सातवें स्थान पर है।
टोक्यो का हानेडा हवाई अड्डा, टोक्यो 84.47 के स्कोर के साथ आठवें स्थान पर है।
मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज एयरपोर्ट 84.23 स्कोर के साथ नौवें स्थान पर है।
दक्षिण कोरिया के इंचियोन एयरपोर्ट को 83.67 स्कोर के साथ दसवां स्थान मिला है।
लड़ाकू हेलीकॉप्टरों की होड़: अमेरिकी अपाचे भारी या चीनी Z-10ME? जानिए कौन किस पर पड़ा भारी
22 Jul, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुनिया : अमेरिका से तीन AH-64E अपाचे हेलीकॉप्टरों का पहला जत्था आज सुबह हिंडन एयरबेस पहुंचा। इन हेलीकॉप्टरों को एंटोनोव एएन-124 विमान के जरिए लाया गया। यह डिलीवरी अपने तय समय से 15 महीने की देरी से हुई है। इस बीच यह खबर भी आई है कि पाकिस्तान ने भी चीन निर्मित Z-10ME हमलावर हेलीकॉप्टरों को तैनात कर दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि अगर भारत और पाकिस्तान में फिर कोई सैन्य झड़प होती है तो अपाचे और Z-10ME हेलीकॉप्टर आमने-सामने आ सकते हैं। हालांकि, दोनों देशों ने इन लड़ाकू हेलीकॉप्टरों को तब खरीदा है, जब दुनिया के कई देश इनसे मुंह मोड़ रहे हैं।
अपाचे दुनिया का बेहतरीन लड़ाकू हेलीकॉप्टर
अमेरिकी अपाचे AH-64E को दुनिया का सबसे बेहतरीन हमलावर हेलीकॉप्टर माना जाता है। भारतीय सेना ने मार्च 2024 में जोधपुर के नागतलाव में अपना पहला अपाचे रोटरी विंग विमान स्क्वाड्रन स्थापित किया। हालांकि, डिलीवरी में बार-बार देरी के कारण इस स्क्वाड्रन का संचालन बंद रहा। पहले तीन अपाचे हेलीकॉप्टरों का पहला बैच मई या जून 2024 तक आने की उम्मीद थी, लेकिन इसकी समयसीमा बढ़ती ही रही। अब भारत पहुंचे अपाचे हेलीकॉप्टरों के पहले बैच को 22 जुलाई को एक औपचारिक समारोह में सेना में शामिल कर लिया गया है। इन्हें पाकिस्तान की सीमा से सटे जोधपुर में तैनात किया जाएगा।
पाकिस्तान ने भी तैनात किया चीनी Z-10
इस बीच पाकिस्तान ने भी Z-10ME हेलीकॉप्टर को अपनी सेना में अनौपचारिक रूप से तैनात करना शुरू कर दिया है। चीन के Z-10ME को अमेरिकी अपाचे और रूसी Mi-28 "हैवॉक" हेलीकॉप्टरों को चुनौती देने के लिए डिजाइन किया गया है। इस हेलीकॉप्टर के शामिल होने से पाकिस्तानी सेना को भारत की मल्टीलेयर एयर डिफेंस और जमीन पर टैकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक बड़ी क्षमता प्राप्त होगी।
1120 किमी तक मार कर सकता है Z-10 हेलीकॉप्टर
पाकिस्तान पहले से पुराने AH-1F/S कोबरा हेलीकॉप्टर को ऑपरेट कर रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि नए चीनी Z-10ME हेलीकॉप्टर को इन्हीं कोबरा हेलीकॉप्टरों की जगह पर तैनात किया जाएगा। Z-10 हेलीकॉप्टर की मारक क्षमता 1,120 किलोमीटर है और खाली होने पर इसका वजन लगभग 5,100 किलोग्राम होता है। इसमें 23 मिलीमीटर कैलिबर की रिवॉल्वर पिस्तौल और चार बाहरी हार्डपॉइंट शामिल हैं जो हवा से जमीन, हवा से हवा और रॉकेट लॉन्चर रख सकते हैं।
अलग-अलग हथियारों से लैस हे Z-10 हेलीकॉप्टर
इस हेलीकॉप्टर पर 16 एंटी-टैंक मिसाइलें, चार मल्टीपल 7-बैरल रॉकेट लॉन्चर या दो मल्टीपल 32-बैरल रॉकेट लॉन्चर लगाए जा सकते हैं, जो विभिन्न मिशनों के लिए अलग-अलग संयोजनों का उपयोग करने की क्षमता रखते हैं। यह टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को नष्ट करने के लिए मिसाइलें ले जा सकता है। उदाहरण के लिए, मिसाइलों का इस्तेमाल टैंकों और बख्तरबंद वाहनों के खिलाफ किया जा सकता है, जबकि रॉकेट और तोपों का इस्तेमाल पैदल सैनिकों को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा सकता है।
चीनी Z-10 की इतनी तारीफ क्यों कर रही दुनिया
Z-10 अपने उत्कृष्ट एरोडायनेमिक डिजाइन और घरेलू रूप से निर्मित इंजन के साथ-साथ अपनी बेहतरीन हैंडलिंग और चपलता के कारण यूरोकॉप्टर टाइगर जैसे अपने समकक्षों की तुलना में कई फायदे प्रदान करता है। चीन ने Z-10ME के निर्यात संस्करण में कई सुधार किए हैं। यह WZ-9G टर्बोशाफ्ट इंजन द्वारा संचालित है, जो पहले के WZ-9 इंजनों की तुलना में एक महत्वपूर्ण सुधार है। Z-10 के पुराने संस्करणों की तुलना में अन्य अपग्रेड बेहतर एवियोनिक्स हैं। इस प्रणाली में हेलमेट-माउंटेड साइट, लेज़र रेंजफाइंडर और रात में ऑपरेशन के लिए थर्मल इमेजिंग सेंसर हैं।
लेजर गाइडेड हथियारों से लैस चीनी Z-10
पाकिस्तान के सोशल मीडिया अकाउंट्स में लेजर हथियारों के होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालाँकि इन हेलीकॉप्टरों में कोई गाइडेड-एनर्जी वेपन (DEW) नहीं हैं, लेकिन Z-10ME कथित तौर पर लेजर-गाइडेड हथियारों से लैस है। कहा जाता है कि Z-10ME में ग्रैफीन-आधारित और सिरेमिक मिश्रित कवच पैनल हैं, जो पायलटों और इंजनों को छोटे हथियारों के हमले से सुरक्षा प्रदान करते हैं। ऊपर की ओर लगे एग्जॉस्ट नोजल हेलीकॉप्टर के इन्फ्रारेड सिग्नेचर को कम करते हैं, जिससे इन्फ्रारेड मिसाइल के लॉक-ऑन होने का खतरा कम हो जाता है।
अपाचे हेलीकॉप्टर क्यों खास हैं
अपाचे एक अमेरिकी अटैक हेलीकॉप्टर है जो अमेरिकी सेना के साथ-साथ कई अन्य देशों की सेनाओं द्वारा भी उपयोग किया जाता है। यह एक ट्विन-टर्बोशाफ्ट हेलीकॉप्टर है जिसमें दो लोगों के बैठने की जगह होती है और इसमें एक टेलव्हील-प्रकार का लैंडिंग गियर लगा होता है। अपाचे की मुख्य विशेषताओं में से एक इसकी उन्नत सेंसर और हथियार प्रणाली है। इसमें एक हेलमेट-माउंटेड डिस्प्ले, नाइट विजन सिस्टम और एक रडार भी लगा है, जो इसे अंधेरे और खराब मौसम में भी लक्ष्य को ढूंढने और उस पर हमला करने में सक्षम बनाता है। इसके अलावा, इसमें 30 मिमी की चेन गन, हेलफायर मिसाइलें और रॉकेट पॉड्स भी लगे होते हैं।
अपाचे मल्टी मिशन हेलीकॉप्टर
अपाचे हेलीकॉप्टर 625 राउंड प्रति मिनट की रफ्तार से फायरिंग करता है। इसमें हाइड्रा 70 रॉकेट और AGM-114 हेलफायर मिसाइल सिस्टम भी लगा है। अपाचे हेलीकॉप्टर मल्टी टारगेटिंग क्षमता से लैस है, जो 1 मिनट में 16 लक्ष्यों को साधने की ताकत रखता है। यह 128 लक्ष्यों को एक साथ ट्रैक भी कर सकता है। अपाचे हेलीकॉप्टर 280-365 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरते हैं। अपाचे हेलीकॉप्टर में नाइट विजन, थर्मल सेंसर और उन्नत रडार जैसी उन्नत तकनीकें लगी हैं, जो इसे अंधेरे और खराब मौसम में भी सटीक हमला करने में सक्षम बनाती हैं। अपाचे एक मल्टी-मिशन हेलीकॉप्टर है जो हवा से हवा और हवा से जमीन पर हमले करने में सक्षम है।
यूक्रेन की अर्थव्यवस्था जंग में घायल, प्रधानमंत्री ने IMF से मांगी अतिरिक्त राशि
22 Jul, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यूक्रेन रूस के सामने घुटने टेकने को तैयार नहीं है. रिपोर्ट किया कि यूक्रेन की नई प्रधानमंत्री यूलिया स्विरीडेंको इंटरनेशनल मॉनिट्री फंड (IMF) से और ज्यादा धन की मांग करेंगी और नए वित्त पोषण के बारे में अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट से बात करेंगी. स्विरीडेंको ने एक इंटरव्यू में कहा, “अगर शुरुआती परिदृश्य यह मानता है कि युद्ध अगले साल तक जारी रहेगा, तो बहुत संभव है कि हमारे पास एक नया IMF प्रोग्राम होगा.”
अगर युद्ध अगले साल भी जारी रहता है, तो यूक्रेन को भारी पैसे की जरूरत होगी. यूक्रेन के रक्षा मंत्री डेनिस श्म्यहाल ने मंगलवार को कहा कि अगले साल रक्षा खर्च के लिए यूक्रेन को कम से कम 120 अरब डॉलर की जरूरत होगी. एक बयान में उन्होंने कहा कि यूक्रेन अपने सहयोगियों से 60 अरब डॉलर के वित्त पोषण की मांग कर रहा है और नाटो और यूरोपीय संघ के सदस्यों के साथ बातचीत जारी है.
कल शुरू होगा शांति वार्ता का एक और दौर
रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता के लिए एक और बैठक होने जा रही है. राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि रूस के साथ शांति वार्ता के लिए यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व देश के पूर्व रक्षा मंत्री और सुरक्षा परिषद के वर्तमान सचिव रुस्तम उमरोव करेंगे. यह बैठक बुधवार को इस्तांबुल में उसी स्थान पर होने वाली है, जहां दोनों पक्षों के बीच पिछली वार्ता बीच में ही खत्म हो गई थी. क्रेमलिन ने कहा है कि उसे वार्ता में किसी ‘चमत्कारी सफलता’ की उम्मीद नहीं है.
ट्रंप की रूस को धमकी
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी है कि यदि यूक्रेन के साथ 50 दिनों में युद्ध विराम समझौता नहीं हुआ तो रूस पर ‘कठोर’ प्रतिबंध लगा दिए जाएंगे. अब देखना होगा इस बैठक में ट्रंप की धमकी का असर दिखाई देता है या नहीं.
ईरान के परमाणु बयान पर ट्रंप के तीखे तेवर, मीडिया को भी लगाई फटकार
22 Jul, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बयान पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पलटवार किया है। अपना एक बयान दोहराते हुए जहां ईरान को कड़े तेवर दिखाए, वहीं कई मीडिया हाउस को फटकार भी लगाई। ट्रंप ने कहा है कि ईरान के परमाणु ठिकाने अमेरिका की बमबारी में पूरी तरह ध्वस्त हुए हैं और अगर ईरान ने फिर से परमाणु संयंत्र शुरू किए या परमाणु बम बनाने की कोशिश की तो फिर से अमेरिका की ओर से हमले किए जाएंगे।
मीडिया हाउस के बारे में क्या कहा?
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि फर्जी खबरें फैलाने वाले न्यूज चैनल को तुरंत अपने फर्जी रिपोर्टर को बर्खास्त कर देना चाहिए। मुझसे और उन पायलटों से माफी मांगनी चाहिए, जिन्होंने ईरान के परमाणु ठिकानों को नष्ट कर दिया।
ईरान के विदेश मंत्री ने क्या कहा था?
बता दें कि अमेरिका के एक TV चैनल को दिए इंटरव्यू में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने माना है कि अमेरिका की बमबारी में उनके परमाणु संयंत्रों को काफी नुकसान पहुंचा है, लेकिन वे अपना परमाणु कार्यक्रम जारी रखेंगे। बता दें कि पहली बार ईरान की तरफ से हमले में हुए नुकसान की बात को स्वीकार किया गया है। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने उन सभी मीडिया हाउस को आइना दिखाया, जिन्होंने यह खबर दिखाई थी कि ईरान के परमाणु संयंत्रों पर अमेरिकी हमले से कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
अमेरिका ने किया था ईरान पर हमला
बता दें कि गत 12 जून को इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया था। इजरायल ने हमला इसलिए किया था, क्योंकि वह ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना चाहता है। अमेरिका ने इजरायल के हमले का समर्थन किया था। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल पर हमला किया था। करीब 12 दिन दोनों देशों में जंग चली। अमेरिका ने ईरान को परमाणु हथियार न बनाने का वादा करने और सीजफायर करने को कहा, लेकिन ईरान ने बात नहीं मानी।
इस बीच अमेरिका ने भी ईरान के परमाणु ठिकानों पर बमबारी की। अमेरिकी सेना के हमले में ईरान के 3 बड़े परमाणु ठिकाने ध्वस्त हुए। जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमला किया। फिर अमेरिका ने ईरान को धमकी दी कि अगर ईरान ने फिर से परमाणु कार्यक्रम शुरू किया या परमाणु हथियार बनाए तो अमेरिका फिर ईरान पर हमला करेगा। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कतर की मध्यस्थता से ईरान और इजरायल के बीच सीजफायर करा दिया।
आतंकी संपर्क पर नहीं मिलेगी माफी, ग्रीन कार्ड होल्डर्स को ट्रंप की सख्त चेतावनी
22 Jul, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अवैध प्रवासियों के बाद अब अमेरिका स्थायी प्रवासियों पर भी सख्ती बरतने जा रहा है। अमेरिका की ट्रंप सरकार ने अब ग्रीन कार्ड होल्डर्स के लिए एक आदेश जारी किया है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ट्वीट किया है कि ट्रंप सरकार आव्रजन कानून लागू करके उन अमेरिका के उन स्थायी निवासियों को देश से निष्कासित करेगी, जिन्होंने विदेशी आतंकवादी संगठन से संबंधित हैती गिरोह का समर्थन और किसी भी तरह से सहयोग किया है। ट्रंप के इस आदेश से अमेरिका में बसे भारत समेत दुनियाभर के देशों के लाखों लोगों को झटका लगा सकता है।
अमेरिका के आव्रजन कानून के प्रावधान
बता दें कि अमेरिका में इमिग्रेशन एक्ट इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट (INA) 1952 का संशोधित रूप है। 1952 के एक्ट में समय-समय पर संशोधन करके नए प्रावधान किए गए हैं। इस एक्ट के तहत ही अमेरिका में स्थायी और अस्थायी निवासियों के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं। आतंकवादी संगठनों से संबंधित नीतियों का वर्णन भी इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट (INA) की धारा 212 और 237, एक्जीक्यूटिव ऑर्डर 13224 में किया गया है। यह कानून और नियम अमेरिकी नागरिकों और बाहर से आकर अमेरिका में बसे लोगों या ग्रीन कार्ड होल्डर्स पर लागू होते हैं।
आतंकियों के समर्थकों के लिए प्रावधान
INA की धारा 212(a)(3)(B) के तहत, विदेशी आतंकी संगठन के सदस्य या उनके समर्थक अमेरिका में नहीं घुस सकते। इस नियम के दायरे में वे लोग भी आते हैं, जिन्होंने आतंकवादी गतिविधियों में भाग लिया हो। INA की धारा 237(a)(4)(B) के तहत अगर अमेरिका में बाहर से आकर बसा कोई शख्स या ग्रीन कार्ड होल्डर विदेशी आतंकी संगठन की मदद या किसी भी तरह का सहयोग करता है तो उसे अमेरिका से निष्कासित किया जा सकता है।
अमेरिका के अपने नागरिकों के लिए नियम
अमेरिका के नागरिकों के लिए कानून में प्रावधान किया गया है कि अगर अमेरिका का अपना कोई नागरिक जानबूझकर विदेशी आतंकी संगठन की मदद या सहयोग करता है तो वह कृत्य गैर-कानूनी होगा। इसके लिए आरोपी को 20 साल तक की जेल की सजा या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। कानून में यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल विचारधारा का समर्थन करना दंडनीय नहीं है, लेकिन अगर आतंकी संगठन के लिए कोई गतिविधि की तो यह दंडनीय अपराध है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने जारी किया था एक आदेश
20 जनवरी 2025 को बतौर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दूसरा कार्यकाल शुरू करते हुए एक्जीक्यूटिव ऑर्डर 14159 साइन किया था। इस आदेश के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने अवैध प्रवासियों और आतंकवाद या आतंकियों से जुड़े लोगों पर सख्ती बढ़ाने को कहा। इस आदेश के साथ INA की धारा 262 (एलियन रजिस्ट्रेशन) लागू की गई, जिसके तहत अमेरिका में बाहर से आकर बसे लोगों को 30 दिन से ज्यादा दिन तक अमेरिका में रहने पर रजिस्ट्रेशन और फिंगर प्रिंटिंग करानी होगी। इस आदेश का उल्लंघन निष्कासन का आधार बन सकता है।
भारतीयों के लिए कानून में प्रावधान है कि अगर अमेरिका में रहने वाला कोई भारतीय या ग्रीन कार्ड होल्डर TRF या लश्कर-ए-तैयबा से कनेक्टेड मिला तो उसे INA की धारा 237(a)(4)(B) के तहत अमेरिका से निष्कासित किया जा सकता है।
TRF को घोषित किया है विदेशी आतंकी संगठन
अमेरिका का विदेश मंत्रालय INA की धारा 219 के तहत किसी आतंकी संगठन को विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) घोषित करता है। अमेरिका ने गत 18 जुलाई 2025 को द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को विदेशी आतंकी संगठन और वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित किया था, क्योंकि इस संगठन ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमला कराया था। हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। TRF को पाकिस्तान समर्थित लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी माना जाता है। इसके बाद ही ट्रंप सरकार ने स्थायी निवासियों और ग्रीन कार्ड होल्डर्स पर आव्रजन कानून के तहत कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
परीक्षा केंद्र पर मिलेगी लिखने की सुविधा, CET में हरियाणा‑टेलीवेट वाला प्रश्न
22 Jul, 2025 12:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़ (हरियाणा)। संयुक्त पात्रता परीक्षा (सीईटी ) से पहले हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष हिम्मत सिंह सोमवार को सोशल मीडिया पर लाइव हुए और परीक्षार्थियों की कई आशंका को दूर किया। इस मौके पर हिम्मत सिंह ने बताया, सीईटी परीक्षा में 25 फीसदी सवाल हरियाणा से जुड़े होंगे, जिसमें सामान्य ज्ञान और इतिहास, कला व संस्कृति से संबंधित प्रश्न होंगे। उन्होंने बताया, कई परीक्षार्थियों ने शिकायत भेजी है, उनसे कई लोगों ने सीईटी पास कराने के लिए संपर्क किया है। परीक्षार्थियों ने ऐसे लोगों के मोबाइल नंबर व फोटो भी भेजे हैं। इन सभी का ब्यौरा पुलिस को सौंप दिया गया। जल्द ही ऐसे लोगों पर कार्रवाई भी की जाएगी।
संवाद के दौरान उन्होंने यूट्यूबर व कोचिंग संचालकों से कहा कि वे सीईटी पेपर का विश्लेषण तभी करें, जब चारों सत्र की परीक्षा हो जाए। इससे परीक्षार्थियों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा- इस बार ओएमआर शीट पर परीक्षार्थियों को सभी जानकारी खुद भरनी होगी। पहले सबकुछ लिखा हुआ आता था। परीक्षा के दौरान 24 बुकलेट का सेट मिलेगा। पहले परीक्षार्थी को दिखाया जाएगा कि सेट सील है या नहीं। यदि सील ठीक है, तो मौके पर ही दो परीक्षार्थियों से हस्ताक्षर करवाएंगे जाएंगे। यदि सील खुली हुई है, तो उस पर साइन न करें और हमें बताएं। कार्रवाई की जाएगी।
दिव्यांग अभ्यर्थी अपने ही जिले में देंगे परीक्षा
हिम्मत सिंह ने कहा- दिव्यांग परीक्षार्थी अपने ही जिलों में परीक्षा दे सकेंगे। ऐसे परीक्षार्थियों के परीक्षा केंद्र उनके जिले में ही बनाए गए हैं। इनकी संख्या करीब 15 हजार है। परीक्षा के दौरान उन्हें अपना मेडिकल सर्टिफिकेट लाना होगा। वे अपने साथ सहयोगी को ला सकते हैं। सीईटी ग्रुप-सी की परीक्षा है, इसलिए इससे कम योग्यता वाले सहयोगी यानी 10वीं तक का वाला सहयोग ला सकते हैं। सहयोगी को अपने साथ पहचान-पत्र व योग्यता वाला प्रमाण-पत्र लाना अनिवार्य होगा।
2.40 लाख परीक्षर्थियों के परीक्षा केंद्र 50-75 किमी दूरी पर
परीक्षा केंद्र दूसरे जिले में बनाए जाने के सवाल के जवाब पर उन्होंने कहा- सभी के परीक्षा केंद्र जिले के आसपास नहीं हो सकते। उन्होंने तर्क देते हुए कहा- हिसार में सर्वाधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, ऐसे में संभव नहीं था कि जिले के निकट ही उनका परीक्षा केंद्र बनाए जाएं। उनके मुताबिक 25 से 50 किमी की दूरी पर करीब दो लाख परीक्षार्थी परीक्षा देने जाएंगे, जिनमें 22 प्रतिशत महिला और 24 प्रतिशत पुरुष परीक्षार्थी होंगे। वहीं, 50 से 75 किमी की दूरी तक करीब 2.40 लाख और 100 किमी से ज्यादा दूरी पर एक सत्र में करीब 50 हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे। हिम्मत सिंह ने यह भी दावा किया है कि बेशक दूरी अधिक हो, मगर सभी रूटों पर बसों की पर्याप्त संख्या रहेगी। फिलहाल परीक्षा केंद्रों की दूरी को लेकर शिकायतें नहीं आई हैं।
आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को त्रुटि दूर करने का मिलेगा मौका
चेयरमैन ने कहा- परीक्षा के बाद आरक्षित श्रेणी यानी डीएससी, ओएससी, ओबीसी के प्रमाण-पत्रों से जुड़ी त्रुटियां दूर कराने का मौका दिया जाएगा। परीक्षा के बाद और परिणाम घोषित करने से पहले आयोग पोर्टल खोलकर प्रमाण-पत्रों से जुड़ी त्रुटियां दूर करने का अवसर देगा, वहीं, जिन अभ्यर्थियों के आवेदन के दाैरान फोटो के स्थान पर हस्ताक्षर और हस्ताक्षर के स्थान पर फोटो चस्पा हो गई है वह परीक्षा वाले दिन अपना पहचान पत्र साथ लेकर आएं। इससे उन्हें परीक्षा केंद्र के अंदर जाने का मौका मिलेगा।
आयोग के अध्यक्ष ने यह भी दिए जवाब
सीईटी का स्कोर तीन साल तक मान्य रहेगा, इस बार चार गुना के बजाय 10 गुना अभ्यर्थी बुलाए जाएंगे।
परीक्षा केंद्र के अंदर ही पेन मिलेगा, इसलिए पेन-पेसिंल या कोई अन्य सामान न लाएं
सीईटी के लिए पासिंग मार्क सामान्य वर्ग के लिए 50 प्रतिशत और आरक्षित श्रेणी के लिए 40 प्रतिशत अंक हैं।
जिन्होंने पुरानी और नई सीईटी में आवेदन किया है, उन्हें सीईटी का एक नंबर मर्ज करने का माैका मिलेगा।
सीईटी को लेकर किसी भी भ्रमित करने वाली सूचना पर विश्वास न करें, आयोग की वेबसाइट पर देखें।
सालाना भर्तियों के कैलेंडर को लेकर सरकार से वार्ता हो चुकी है, सकारात्मक परिणाम आने की उम्मीद।
सीईटी प्रति वर्ष कराने के सवाल पर कहा, पॉलिसी के अनुसार और सरकार के निर्देशों के अनुरूप काम होगा।
परीक्षा के दौरान फोटोयुक्त कोई भी पहचान पत्र परीक्षा के लिए मान्य होगा।
बस का खर्च सरकार उठाएगी
हरियाणा सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि सीईटी के दौरान बस का खर्च सरकार व हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग उठाएगा। इस बारे में सरकार की ओर से परिवहन विभाग को पत्र भी लिखा गया है। हरियाणा सरकार ने सीईटी परीक्षा के लिए 26 व 27 जुलाई को परीक्षार्थियों के लिए बस सुविधा मुफ्त की गई है। हरियाणा सरकार सीईटी परीक्षा के लिए नौ हजार बसों का इंतजाम कर रही है।
ट्रंप का नया मिशन: इजरायल और अरब देशों के बीच सुलह की कोशिश
22 Jul, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्र्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन किया है। बताया जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति गाजा और सीरिया में इजरायली सेना के हमलों से चिंता में हैं। दोनों देशों में हालात सुधारने और विवाद का निपटारा करने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बात की है। वे इजरायल और हमास की जंग को खत्म कराना चाहते हैं। इजरायल और सीरिया के बीच चल रहे विवाद को निपटाना चाहते हैं, ताकि मध्य पूर्व में शांति स्थापित हो। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने मीडिया ब्रीफिंग में इस बारे में बताया।
क्या बोलीं व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव?
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप विश्व में शांति चाहते हैं। खासकर मध्य पूर्व में फैली अशांति का खात्मा करना चाहते हैं। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के युद्ध को खत्म कराया। ईरान के परमाणु ठिकानों को तबाह कर दिया। फिर ईरान और इजरायल में सीजफायर कराया। वे रूस और यूक्रेन में युद्ध को भी खत्म कराना चाहते हैं और इसके लिए प्रयास कर रहे हैं। इजरायल और हमास में चल रही जंग को खत्म कराने के लिए बातचीत कर रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप के प्रयासों से ही इजरायल और हमास के बंधकों की रिहाई संभव हुई थी।
क्यों चल रही इजरायल-हमास में जंग?
बता दें कि इजरायल और हमास में जंग 7 अक्टूबर 2023 से चल रही है। इजरायल ने फिलिस्तीन के आतंकी संगठन हमास का विनाश करने का संकल्प लिया हुआ है। इसके लिए इजरायल हमास के गढ़ गाजा पट्टी को टारगेट कर रहा है। हाल ही में मई महीने में इजरायल की सेना ने गाजा में ताबड़तोड़ हमले किए हैं। हमलों में खाने-पीने की तलाश में भटक रहे करीब 1000 लोग मारे गए। इजरायल की सेना ने कैथोलिक चर्च पर भी हमला किया था। इजरायल सेना के हमले और गाजा में बिगड़ते हालातों को देखकर ट्रंप चिंतित हैं, इसलिए वे इजरायल-हमास जंग को जल्द खत्म कराना चाहते हैं।
सीरिया के साथ इजरायल का विवाद क्या?
इजरायल ने सीरिया पर हमला ड्रूज समुदाय के कारण किया है। ड्रूज समुदाय के करीब डेढ़ लाख लोग इजरायल के कब्जे वाले गोलान हाइट्स में रहते हैं। यह समुदाय इजरायल में अल्पसंख्यक है और इजरायल सीरिया में रहने वाले ड्रूज समुदाय को अपने साथ करना चाहता है, जबकि सीरिया की नई सरकार अपने इलाके में रहने वाले ड्रूज समुदाय पर राज करना चाहती है। इसी ड्रूज समुदाय की रक्षा करने का तर्क देते हुए इजरायल ने सीरिया पर हमला किया है।
स्कूल में पढ़ाई चल रही थी, आसमान से आई तबाही: विमान हादसे में मासूमों की मौत
22 Jul, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका, बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एयरफोर्स का ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट बीते दिन हादसे का शिकार हो गया. यह हादसा दोपहर करीब 1:30 बजे माइलस्टोन स्कूल और कॉलेज की इमारत पर हुआ. इस हादसे में अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है. इसके साथ ही 170 से ज्यादा लोग घायल हो गए.
ढाका में हुए इस हादसे के बाद सरकार ने एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है. जिस समय ये हादसा हुआ उस दौरान स्कूल में क्लासेस चल रही थीं और सैकड़ों छात्र वहां मौजूद थे. यही कारण है कि मरने वालों में ज्यादातर बच्चे शामिल हैं. बांग्लादेशी सेना ने वायुसेना का F-7 BGI विमान के क्रैश होने की पुष्टि की है.
अधिकारियों ने बताया कि 88 घायलों का राजधानी के 7 अस्पतालों में इलाज चल रहा है और उनमें से 25 की हालत गंभीर बनी हुई है. उन्होंने कहा कि राजधानी के विभिन्न अस्पतालों में 17 शव रखे गए हैं और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. इन 17 लोगों में से 10 बच्चे हैं, जबकि सात की पहचान नहीं हो पाई है. शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि ये शव भी बच्चों के ही हो सकते हैं.
हादसे में पायलट की मौत
फाइटर जेट ने दोपहर 1 बजकर 6 मिनट पर उड़ान भरी थी और 1 बजकर 30 मिनट तक यह हादसे का शिकार हो गया. इस हादसे में पायलट की भी मौत हो चुकी है. इसके अलावा कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं. विमान में हादसे के बाद आग की लपटें उठीं और पूरे कैंपस में काला धुआं फैल गया. इसके बाद वहां मौजूद छात्र भागते नजर आए. गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को वायुसेना के हेलीकॉप्टर से अस्पताल में शिफ्ट किया गया.
घायलों में से दो की बाद में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी में मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या 22 हो गई. डॉक्टरों ने बताया कि आने वाले दिनों में मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है. क्योंकि कई लोगों की हालत काफी गंभीर बनी हुई है.
चीन में बना था F-7BGI
बांग्लादेश की राजधानी में जो F-7BGI बांग्लादेश एयरफोर्स (BAF) का मल्टीरोल फाइटर हादसे का शिकार हुआ हे. यह चीन के चेंगदू J-7 फाइटर का एडवांस वर्जन है, जिसे सोवियत यूनियन के MiG-21 की तर्ज पर बनाया गया था. बांग्लादेश ने इसे 2011 में खरीदा था.
यूक्रेन की राजधानी पर रूस का आक्रमण, बम शेल्टर तक हुए निशाना
22 Jul, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस ने बहुत बड़ा हमला किया. मॉस्को पर लगातार हमले के बाद रूस इंतकाम लिया है. कीव को भस्म करने के लिए रूसी सेना ने 4 सौ से अधिक ड्रोन से हमला किया और किंझल जैसी घातक मिसाइल का भी इस्तेमाल किया. रूस ने कीव में बम शेल्टर्स को भी नष्ट करने की कोशिश की है. यूक्रेन में सैनिकों की कमी बनाए रखने के लिए रूस अब यूक्रेनी सेना के ट्रेनिंग सेंटर को निशाना बना रहा है.
यूक्रेन के लिए एक एक सेंकड बेहद अहम हो चुका था. लोग किसी तरह भागते हुए आसपास के अंडरग्राउंड ठिकानों तक पहुंचे. रूस ने राजधानी का बदला राजधानी से लिया है. हर एक हमले का बदला 10 धमाके से लिया है. हर नुकसान का इंतकाम बड़ी तबाही से. यूक्रेन ने मॉस्को को निशाना बनाया तो रूस ने इसका बदला यूक्रेन की राजधानी कीव से लिया है.
मॉस्को में ड्रोन हमले का बदला लेने के लिए रूस ने कई घंटे की तैयारी की और जब एक्शन शुरु हुआ तो पूरा कीव दहल उठा. पुतिन के गुस्से की वजह मॉस्को पर हो रहे लगातार हमले हैं. मॉस्को में लगातार ड्रोन से धमाके हो रहे थे. अब कीव को दहला कर पुतिन ने यूक्रेन को सबक सिखाने की कोशिश की है. कीव पर बेहद तेज रफ्तार और घातक मिसाइलों से प्रहार किया गया. कीव का ऐसा कोई इलाका नहीं बचा जहां धमाके नहीं हुए.
2 मिनट में यूक्रेन इवानो फ्रैंकीवस्क इलाके को खाली कराया
कीव में रिहायशी इलाकों पर ड्रोन की बरसात की गई, तो वहीं अहम ठिकानों को शक्तिशाली मिसाइलों से निशाना बनाया गया. एक तरफ कीव दहल रहा था उसी वक्त सूमी में एक साथ कई इमारतों में आग लगी थी. यहां दो बार रूस ने ड्रोन से हमला किया. कीव में दहशत के बीच ही यूक्रेन रूस से MIG-31 फाइटर जेट्स के उड़ान की जानकारी मिली. रूसी मिग-31 किंझल मिसाइलों से लैस थे. रूसी फाइटर जाइटोमीर के ऊपर पहुंचे. इसके बाद मिग-31 से किंझल मिसाइलें दागी गईं. सिर्फ 2 मिनट में यूक्रेन इवानो फ्रैंकीवस्क इलाके को खाली कराया.
हाइपरसोनिक मिसाइलों के जोरदार धमाके से पूरा इलाका दहल उठा. तबाही का ब्योरा अभी सामने नहीं आ सका है. लोग डर की वजह से अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन्स में छिपे थे लेकिन रूस ड्रोन्स ने स्टेशन के एंट्री प्वाइंट्स को भी टारगेट किया. मेट्रो स्टेशन में हमलों की वजह से धुआं भर गया. धुएं की वजह से लोगों का दम घुटने लगा. बाहर निकलने का रास्ता भी क्षतिग्रस्त हो गया. रूस ने कीव के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने के साथ यूक्रेन के डिफेंस प्लांट और झुलियानी एयरबेस को निशाना बनाया.
रूस के जबरदस्त प्रहार से कीव कई अपार्टमेंट….शॉपिंग कॉम्प्लेक्स…और स्कूल क्षतिग्रस्त हो गए. कीव में इस तबाही की अहम वजह रूस की ताकतवर मिसाइल और गेरान-2 ड्रोन से हमले हैं. रूस के कीव को दहलाने के लिए पांच हाइपरसोनिक किंझल मिसाइलों से हमला किया. कीव के हर इलाके में धमाके के लिए 426 आत्मघाती ड्रोन से हमला किया गया. इसके अलावा कैलिबर मिसाइलों से हमले हुए कीव पर 4 मिसाइलों से प्रहार हुआ. एक इस्कंदर मिसाइल से भी कीव पर हमला किया गया. रूस ने फिर Kh-101 मिसाइल का इस्तेमाल किया है. कीव पर 14 KH-101 मिसाइलों से हमला किया.
शेल्टर नष्ट करने का मिशन
इस बार उन जगहों को भी टारगेट किया गया जहां कीव के लोग शरण लेते हैं. रूस ने कीव में कई मेट्रो स्टेशन पर हमले किए. ड्रोन और मिसाइल से अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन्स के एंट्री गेट पर हमले हुए. यूक्रेन का दावा है कि रूस ने खासतौर शेल्टर नष्ट करने का मिशन चलाया. रूस की कोशिश थी कि बम से बचने की जगह नष्ट हो जाए.
रिपोर्ट के मुताबिक, खारकीव में लगातार ड्रोन धमाकों की वजह से कई जगहों पर आग लग गई. वहीं, यूक्रेन पिछले कई दिनों से मॉस्को पर हमले कर रहा है. 21 जुलाई को भी हमले जारी रहे और यूक्रेन ने ड्रोन से मॉस्को एम्युनिशन प्लांट पर हमला किया. इससे एक दिन पहले मॉस्को में रिहाइशी बिल्डिंग पर हमले किए गए. 19 जुलाई को भी मॉस्को पर बड़ा ड्रोन हमला हुआ था. 18 जुलाई मॉस्को में 12 धमाके सुने गये. 17 जुलाई मॉस्को में 10 ड्रोन से हमला किया गया था.
यूक्रेन ने रूस के 5 प्रातों पर एक साथ हमला किया. यूक्रेन ने मॉस्को में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की. यूक्रेनी के ड्रोन हमलों की वजह से मॉस्को में हड़कंप मचा रहा. मॉस्को के सभी एयरपोर्ट को बंद करना पड़ा. हमलों की वजह से दर्जनों विमान की उड़ानें कैंसिल हो गई और उड़ाने रद्द होने से एयरपोर्ट पर हजारों लोगों की भीड़ जमा रही. इन हमलों का बदला लेने के लिए रूस ने नया प्लान तैयार किया है जिसे सोमवार से शुरु कर दिया गया है.
रूस के नए सैनिक युद्ध में नहीं जाएंगे!
रूस के एक और प्लान की जानकारी सामने आई है. मीडिया के मुताबिक, रूसी सेना यूक्रेन में सेना ट्रेनिंग सेंटर को निशाना बना रही है ताकि सैन्य भर्ती अभियान रोका जा सके. रूस की कोशिश है कि यूक्रेन में सैनिकों की ट्रेनिंग रोकी जाए ताकि यूक्रेन में सैनिकों की कमी हमेशा बनी रहे. रूस की कोशिश है कि नए सैनिक युद्ध में न जा सकें.
यूक्रेन के टारगेट पर रोस्तोव का एक रेलवे स्टेशन था. रिपोर्ट के मुताबिक रोस्तोव के स्टेशन से सेना को हथियार की सप्लाई हो रही थी. रूस शाहेद ड्रोन को लॉन्च करने के लिए अमेरिका पिक अप ट्रक का इस्तेमाल कर रहा है. इन ट्रकों से ड्रोन को पहले एक खास स्पीड तक पहुंचाया जाता फिर ड्रोन रिलीज कर दिया जाता है.
मां से पैसे नहीं मिले तो कर दी हत्या, बेटे ने लाश के पास ही बिताई रात
21 Jul, 2025 04:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा : हरियाणा के नूंह जिले से एक झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक नशेडी बेटो ने 20 रुपए के लिए अपनी मां की बेरहमी से हत्या कर दी. मां की हत्या करने के बाद बेटा पूरी रात उसी घर में सोता रहा. घटना की जानकारी होते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है. साथ ही मां के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है.
नूंह जिले के जयसिंहपुर गांव में एक कलयुगी बेटे जमशेद ने अपनी मां की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी. इसके बाद आरोपी बेटा पूरी रात मां के साथ उसी घर में सोता रहा. जांच में सामने आया है कि आरोपी नशेड़ी बेटे ने शनिवार की रात अपनी मां रजिया(56) से नशे के लिए 20 रुपए मांगे थे, लेकिन मां ने उसे पैसे देने से इंकार कर दिया था. इसी बात से गुस्साए बेटे ने कुल्हाड़ी से मां को मौत के घाट उतार दिया. आरोपी के पिता मुबारक की 4 महीने पहले ही मौत हुई थी.
हत्या के बाद घर में सोता रहा बेटा
मां को मौत के नींद सुलाने के बाद आरोपी जमशेद भी पूरी रात उसी घर में सोया रहा. इसके बाद जब अगले दिन महिला की मौत की जानकारी हुई, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. स्थानीय पुलिस को तुरंत घटना की जानकारी दी गई. पुलिस और FSL टीम तुरंत जयसिंहपुर गांव पहुंच गई. पुलिस ने देखा कि महिला का शव कमरे में खून से लथपथ पड़ा हुआ था. साथ ही कुल्हाड़ी भी वहीं पड़ी हुई थी.
आरोपी कलयुगी बेटा अरेस्ट
शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया है. आरोपी बेटे को गिरफ्तार पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. जांच में सामने आया है कि बेटा नशे का आदी है. वह पिछले काफी समय से गांजा और अफीम का सेवन कर रहा है.
जंग से थके जेलेंस्की ने बढ़ाया शांति की ओर कदम, रूस से की युद्धविराम की अपील
21 Jul, 2025 11:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कहा- लंबे समय की शांति स्थापित करने के लिए आधिकारिक बैठक जरूरी
कीव। यूक्रेन के कई हिस्सों पर रूस के हमलों के बाद अब यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की बदले नजर आ रहे है। जेलेंस्की ने रूस से सीजफायर के लिए हाथ बढ़ाया है। जेलेंस्की का कहना है कि वह अगले हफ्ते युद्धविराम पर बातचीत कर सकते हैं। दरअसल यूक्रेन के विदेश मंत्री ने जेलेंस्की को एक रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें कई मुद्दे शामिल हैं। जेलेंस्की का कहना है कि उनकी सरकार अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों पर भी तेजी से काम कर रही है।
बता दें शनिवार को देश को संबोधित करते हुए जेलेंस्की ने कहा कि रूस फैसला लेने से कतरा रहा है। सीजफायर करवाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। लंबे समय की शांति स्थापित करने के लिए एक आधिकारिक बैठक जरूरी है। हाल ही में यूक्रेन ने पूर्व रक्षा मंत्री को राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रक्षा परिषद का दारोमदार सौंपा है। उन्हीं की अगवाई में रूस और यूक्रेन के बीच सीजफायर की बात शुरू हुई है। हालांकि, दोनों देशों के बीच पहले दौर की बातचीत विफल रही थी।
सीजफायर की शर्त में रूस ने यूक्रेन के सामने कई बड़ी मांगें रखी हैं, जिसमें रूस के द्वारा कब्जा किए गए यूक्रेन के 4 क्षेत्रों को भी सौंपने की बात कही थी। यूक्रेन ने रूस की सभी मांगों को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस को सीजफायर के लिए 50 दिन का समय दिया है। ट्रंप का कहना है कि अगर 50 दिन के अंदर रूस सीजफायर नहीं करता है तो उसे 100 फीसदी टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। साथ ही रूस से व्यापार करने वाले देशों पर भी 500 फीसदी का टैरिफ लगा दिया जाएगा।
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