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रूसी ड्रोनों में भारतीय पुर्जों के इस्तेमाल का आरोप, उठे सवाल
5 Aug, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कीवी । यूक्रेन ने आरोप लगाया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध में इस्तेमाल हो रहे रूसी ड्रोनों में भारत में बने या असेंबल किए गए इलेक्ट्रॉनिक पुर्जे मिले हैं। यूक्रेन ने इस मुद्दे को भारत सरकार और यूरोपीय संघ के सामने भी उठाया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यूक्रेनी अधिकारियों ने जांच के दौरान ईरानी शहीद-136 ड्रोन में भारतीय कंपनियों के पुर्जे मिलने का दावा किया है। रूस इन ड्रोनों का इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ कर रहा है।यूक्रेन के मुताबिक, दो भारतीय कंपनियों विशय इंटरटेक्नोलॉजी और ऑरा सेमीकंडक्टर के के इलेक्ट्रॉनिक पुर्जे ड्रोन में मिले हैं। इसमें से एक पुर्जा, विशय इंटरटेक्नोलॉजी का ब्रिज रेक्टिफायर ई300359, ड्रोन के वोल्टेज रेगुलेटर इकाई में लगा था। दूसरा पुर्जा, ऑरा सेमीकंडक्टर का पीएलएल वाला सिग्नल जनरेटर एयू5426ए चिप, ड्रोन के सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम में इस्तेमाल किया गया था। यूक्रेन का कहना है कि इन पुर्जों का इस्तेमाल शहीद-136 ड्रोन के निर्माण में किया जा रहा है। इस पूरे मामले में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मामले पर एक सवाल के जवाब में कहा कि भारत का दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं का निर्यात परमाणु अप्रसार पर उसके अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि भारत का एक मजबूत कानूनी और नियामक ढांचा है जो यह सुनिश्चित करता है कि वस्तुओं का निर्यात किसी भी कानून का उल्लंघन न करे। आरोप लगाने के बाद भी विशय इंटरटेक्नोलॉजी की ओर से कोई टिप्पणी नहीं आई है। ऑरा सेमीकंडक्टर के सह-संस्थापक ने कहा कि उनकी कंपनी यह सुनिश्चित करती है कि उनके उत्पादों का उपयोग वैध और नैतिक रूप से हो, और वे सभी लागू राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय निर्यात नियंत्रण कानूनों का पालन करते हैं। इस मामले पर नई दिल्ली स्थित यूक्रेनी दूतावास की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालाँकि, यूक्रेन की रक्षा खुफिया निदेशालय (एसयूआर) ने अपने सोशल मीडिया पर इन पुर्जों के बारे में जानकारी साझा की है।
7 महीने में तीसरी बार पैरोल पर बाहर आए राम रहीम, सख्त सुरक्षा के बीच सिरसा रवाना
5 Aug, 2025 01:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक : बलात्कार और हत्या के मामले में दोषी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आ गए हैं। उन्हें हरियाणा की रोहतक जेल से पैरोल पर रिहा किया गया है। खास बात है कि इस साल के 8 महीने के अंदर वह तीसरी बार जेल से बाहर आए हैं। खास बात है कि पहले मिली फरलो और पैरोल में उसे सिरसा आने की इजाजत नहीं थी। इस बार पैरोल पर वह डेरा के सिरसा आश्रम में ही रहेगा। बाबा राम रहीम 2017 में सजा मिलने के बाद से 14वीं बार रिहा हुए हैं। पिछली बार राम रहीम को पैरोल सिर्फ तीन महीने पहले मिली थी। इस बार हरियाणा सरकार ने उन्हें 40 दिनों की पैरोल दी है।
बर्थडे मनाने आया बाहर!
कहा जा रहा है कि राम रहीम की यह रिहाई उनके जन्मदिन को लेकर दी गई है। 15 अगस्त को उनका जन्मदिन है। इससे पहले भी वह अपने जन्मदिन पर जेल से बाहर ही थे। उन्होंने हनीप्रीत सिंह के साथ केक काटा था। उसके वीडियो और तस्वीरें भी वायरल हुए थे।
सुनारिया जेल में काट रहे सजा
राम रहीम को तीन महीने पहले अप्रैल में 21 दिनों की फरलो मिली थी। उससे पहले जनवरी में 30 दिनों की पैरोल वह वह जेल से बाहर आए थे। गुरमीत राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहा है।
पहली बार सिरसा आश्रम में रहने की मिली अनुमति
सुनारिया जेल से 40 दिन की पैरोल पर बाहर आया राम रहीम अपने सिरसा डेरा में रहेगा। वह जनवरी से इस बार तीसरी बार जेल से बाहर आए हैं। इससे पहले डेरा प्रमुख को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित शाह सतनाम आश्रम, बरनावा में रहने की इजाजत दी जाती थी। उन्हें सिरसा जाने की अनुमति नहीं थी। यह पहली बार है जब सजायाफ्ता राम रहीम को सिरसा के डेरा सच्चा सौदा आश्रम में रहने की अनुमति मिली है।
2017 और 19 में हुई थी सजा
राम रहीम को अगस्त 2017 में दो महिला अनुयायियों के साथ रेप के मामले में 20 साल की सजा सुनाई गई थी। इस सजा के बाद पंचकूला और सिरसा में भयंकर हिंसा हुई थी। इस हिंसा में 40 के आसपास लोग मारे गए थे। 2019 में पंचकूला की एक विशेष सीबीआई अदालत ने राम रहीम को पत्रकार रामचंद्र की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई थी। हालांकि, राम रहीम की पैरोल पर लगातार आपत्तियां उठती रही हैं। पत्रकार रामचंद्र के बेटे अंशुल छत्रपति हर बार उनकी रिहाई पर विरोध जताते आए हैं। इससे पहले, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने राम रहीम को अपनी गोद ली हुई बेटियों की शादी में शामिल होने के लिए पैरोल देने से इनकार कर दिया था।
आभा बंसल केवल पद से ही नहीं, AAP की प्राथमिक सदस्यता भी छोड़ गईं – संकेत देंता है बड़ा असर
4 Aug, 2025 05:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी को चंडीगढ़ में बड़ा झटका लगा है। पार्टी की उपाध्यक्ष आभा बंसल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी छोड़ दी है। बंसल ने इस्तीफे का कारण निजी बताया है। लेकिन पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि वह जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की अनदेखी से परेशान थीं। इस वजह से उन्होंने यह कदम उठाया। बता दें कि एक हफ्ते में आम आदमी पार्टी को यह दूसरा बड़ा झटका लगा है। इससे पहले, वरिष्ठ नेता चंद्रमुखी शर्मा ने AAP छोड़ दी थी और दिल्ली में कांग्रेस में वापस शामिल हो गई थीं। चंद्रमुखी शर्मा दो बार चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुकी हैं। उन्होंने सांसद मनीष तिवारी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी में कांग्रेस में वापसी की
कौन है आभा बंसल
आभा बंसल एक कद्दावर नेत्री हैं। वो एक धार्मिक व्यक्तित्व एवं समाजसेवी के रूप में जानी जाती हैं। उन्होंने सभी वर्गों के लोगों के लिए कई सामाजिक कार्य किए हैं और लंबे समय से आम आदमी पार्टी की सेवा कर रही हैं। जिस समय उन्होंने उपाध्यक्ष बनाया गया था तो उन्होंने कहा था कि पार्टी द्वारा उन्हें दी गई जिम्मेदारी को वह पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगी और पार्टी की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाने का काम करेंगी।
आप को लग सकता है बड़ा झटका
उनके इस्तीफे से चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी का संगठन कमजोर हो सकता है। उनके जाने के बाद अटकलें लगाई जा रही हैं कि आप के एक या दो पार्षद भी पार्टी बदल सकते हैं। हालांकि, आप के वरिष्ठ नेता इन घटनाओं को ज्यादा तवज्जो नहीं दे रहे हैं। एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि उनके जाने से पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ये नेता काफी समय से संगठन में सक्रिय नहीं थे। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि कांग्रेस समेत अन्य दल इन हालात का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं और आगामी निकाय या विधानसभा चुनावों से पहले चंडीगढ़ में आप को और कमजोर कर सकते हैं।
अस्पताल में हंगामा: महिला ने डॉक्टरों और पुलिसकर्मियों से की तीखी झड़प
4 Aug, 2025 12:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक। रोहतक पीजीआई की ओपीडी में दवा लेने के लिए इंतजार कर रही महिला ने जमकर हंगामा किया। हंगामा देखकर पीजीआई के गार्डों ने महिला को शांत करने का प्रयास किया। इस पर महिला गार्डों से अभद्रता करने लगी। हंगामे की सूचना पर वहां पहुंची ने पुलिस ने महिला को समझाने का प्रयास किया तो वह पुलिस कर्मचारियों से भिड़ गई। यह हंगामा करीब दो घंटे तक चला। महिला को पुलिस थाने भी ले जाया गया। वहां भी महिला ने काफी हंगामा किया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अमर उजाला इसकी पुष्टि नहीं करता।
मानसिक रूप से बीमार थी महिला
पुलिस के मुताबिक, मानसिक रूप से बीमार एक महिला का पीजीआई में इलाज चल रहा है। शनिवार को महिला इलाज के लिए ओपीडी में आई थी। ओपीडी में चिकित्सक ने उसे परामर्श लिख दिया। इसके बाद वह दवा लेने के लिए दवा खिड़की पर पहुंची। यहां अनुबंधित फार्मासिस्टों की दो घंटे की हड़ताल के कारण दवा के लिए इंतजार करना पड़ा। इससे आहत महिला ने वहां हंगामा कर दिया। महिला को हंगामा करते देख पीजीआई गार्ड ने महिला को समझाते हुए शांत करवाने का प्रयास किया। इस पर महिला गार्डों से ही भिड़ गई। इसके बाद पीजीआई थाना पुलिस मौके पर पहुंची। हंगामा कर रही महिला ने भी कहासुनी शुरू कर दी। इसके चलते महिला को थाने ले जाया गया। यहां भी महिला थाने में महिला पुलिस कर्मचारियों से अभद्रता करते नजर आई। बाद में परिजनों के समझाने पर महिला शांत हुई। इसके बाद पुलिस ने भी राहत की सांस ली।
दवा ने मिलने पर मानसिक रूप से बीमार महिला ने हंगामा कर दिया था। मौके पर पहुंचकर महिला को थाने लाया गया। वहीं, गार्ड की ओर से दी गई शिकायत पर जांच की जा रही है। -रोशन लाल, पीजीआई थाना प्रभारी इस तरह का मामला संज्ञान में नहीं आया है। मामले को संज्ञान में लेकर महिला को दवा नहीं मिलने का कारण जाना जाएगा। -डॉ. एसके सिंघल, निदेशक पीजीआई
अनिल विज की खुली चेतावनी: "अगर पार्टी नहीं सुनेगी तो मैं खुद उठाऊंगा कदम"
4 Aug, 2025 12:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: हरियाणा बीजेपी में सबकुछ ठीक नहीं है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और सात बार के विधायक अनिल विज की नाराज़गी एक बार खुलकर सामने आ गई है। पार्टी द्वारा हाल ही में उन 42 विधानसभा क्षेत्रों में अपने मंत्रियों और विधायकों की नियुक्ति की गई, जहां 2024 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी हार गई थी, लेकिन इस सूची में विज का नाम शामिल नहीं किया गया। पार्टी के इस फैसले से नाखुश विज ने अपनी नाराज़गी हाईकमान तक पहुंचा दी है और राज्यभर में पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए एक राज्यव्यापी दौरे (यात्रा) की घोषणा कर दी है। उन्होंने गुरुवार को पत्रकारों से कहा कि उन्हें एक-एक सीट दी गई है, मुझे पूरे हरियाणा की देखभाल करनी है। मैं पार्टी का सबसे वरिष्ठ विधायक हूं। मैं सात बार जीतकर आया हूं। अब मैं राज्यभर के नए और पुराने कार्यकर्ताओं से मिलने निकलूंगा।
विज ने अधिकारियों को भी दी चेतावनी
विज ने यह भी कहा कि उनके दौरों के दौरान अधिकारी अगर लापरवाही करते पाए गए, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। वे पहले भी कई बार सार्वजनिक रूप से अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश दे चुके हैं। इस बीच, ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री कृष्ण पंवार ने रोहतक में कहा कि विज को यह ज़िम्मेदारी उनकी तबीयत ठीक नहीं होने के कारण नहीं दी गई। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह बयान विज को और अधिक नाराज़ कर गया। इसके बाद पार्टी के कई नेता उन्हें मनाने पहुंच गए।
विज को मनाने पहुंचे पंवार
शनिवार देर रात, पंवार ने एक बयान जारी कर कहा कि अनिल विज जी एक वरिष्ठ, लोकप्रिय और जनकल्याण के लिए समर्पित नेता हैं। उनका राजनीतिक अनुभव सभी जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा है। मैंने जो कहा था, उसका सोशल मीडिया पर गलत मतलब निकाला जा रहा है। रविवार सुबह पंवार विज के आवास पर पहुंचे और दोनों नेताओं के बीच लगभग एक घंटे तक बातचीत हुई, हालांकि इस मुलाकात को लेकर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई।
अंबाला डिवीजन में अहम भूमिका
अनिल विज अंबाला डिवीजन से आते हैं, जिसमें 18 विधानसभा सीटें हैं। 2019 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने यहां सभी 18 सीटों पर बढ़त हासिल की थी, लेकिन कुछ ही महीनों बाद विधानसभा चुनावों में यह संख्या घटकर 9 रह गई। 2024 लोकसभा चुनावों में भी पार्टी को केवल 9 सीटों पर बढ़त मिली, जबकि कांग्रेस ने यहां 12 सीटें जीतीं। अनिल विज अपने स्पष्ट और बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। जनवरी में उन्होंने मुख्यमंत्री सैनी पर निशाना साधते हुए कहा था कि जब से उन्होंने पद संभाला है, तब से ‘उड़न खटोले’ में हैं। अगर नीचे उतरें तो लोगों की तकलीफें दिखेंगी।
जानें किन्हें दी गई हैं ज़िम्मेदारियां?
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली सरकार के सभी मंत्रियों को इन 42 हारी हुई सीटों में से एक-एक की ज़िम्मेदारी दी गई है, लेकिन अनिल विज को नहीं:
-डॉ. अरविंद शर्मा — गढ़ी-सांपला-किलोई (भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस)
-विपुल गोयल — रोहतक (बी.बी. बत्रा, कांग्रेस)
-आरती राव — झज्जर (गीता भुक्कल, कांग्रेस)
-कृष्ण पंवार — आदमपुर (चंद्र प्रकाश, कांग्रेस)
-महिपाल ढांडा — गुहला चीका (देवेंद्र हंस, कांग्रेस)
-राव नरबीर — पृथला (रघुबीर तेवतिया, कांग्रेस)
-श्याम सिंह राणा — नारायणगढ़ (शैली चौधरी)
-रणबीर गंगा — टोहाना (परमवीर सिंह)
-गौरव गौतम — डबवाली (आदित्य देवीलाल, इनेलो)
-श्रुति चौधरी — ऐलनाबाद (भारत सिंह बेनीवाल, कांग्रेस)
-कृष्ण कुमार बेदी — सिरसा (गोकुल सेतिया, कांग्रेस)
-राजेश नागर — हिसार (सवित्री जिंदल, निर्दलीय)
कोर्ट के आदेश के बाद FIR: NRI महिला के फ्लैट पर कब्जा करने वाले केयरटेकर की मुश्किलें बढ़ीं
4 Aug, 2025 12:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फरीदाबाद: अमेरिका में रहने वाली एक NRI महिला ने प्रॉपर्टी डीलर पर अपने फ्लैट पर कब्जे का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने तीन लोगों पर केस दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। NRI महिला का आरोप है कि उन्होंने अपना फ्लैट डीलर को केयरटेकर के रूप में दे रखा था। वह उसे बेचना चाहती थी। डीलर ने किसी दूसरे के नाम इकरारनामा कर दिया।
क्या है मामला
पंजाब के अमृतसर गोकिल, एवन्यू विजय नगर निवासी शीतल ऋषि ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि उनका एक फ्लैट ओजोन पार्क सेक्टर-86 में है। वह अमेरिका में परिवार के साथ रहती हैं। ओजोन पार्क में कई NRI रहते हैं। वह अपने फ्लैट की चाबी अपने डीलर को देकर जाते हैं। इसी तरह मैंने भी अपने फ्लैट की चाबी विकास मक्कर डीलर को दे रखी थी। अमेरिका में रहने की वजह से फ्लैट की देखभाल नहीं कर पाती थी। विकास मक्कर उसी सोसाइटी में रहता है। NRI का आरोप है कि विकास मक्कर ने उक्त फ्लैट का खुद को मैनेजर बताकर षड्यंत्र के तहत एक फर्जी इकरारनामा किराएदारी के लिए विक्रम कुमार के साथ 16 दिसंबर 2023 को बनवा लिया। उक्त इकरारनामा में पीड़िता का कोई हस्ताक्षर नहीं थे।
बेचना चाहती थी फ्लैट
NRI महिला ने बताया कि वह उक्त फ़्लैट को बेचना चाहती थी। किरायेदारी का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने बताया कि डीलर विकास मक्कर ने आरडल्ब्यूए का होने का फायदा उठाते हुए डीसी तंवर को उक्त फ्लैट को किरायेदार दिखाते हुए रसीद भी कटवा देता है। महिला ने तीनों पर फ्लैट पर कब्जा करने का आरोप लगाया। इस मामले में महिला ने कोर्ट का सहारा लिया। जेएमआईसी नवीन कुमार के आदेश पर खेड़ी पुल थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि आरोपों की जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएगा उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
रूस ने उड़ाया ट्रंप की धमकियों का मजाक, परमाणु युद्ध की चेतावनी को बताया 'गैर-गंभीर'
4 Aug, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मॉस्को। रूस और अमेरिका के बीच मौजूदा तनाव, जो सोशल मीडिया पर हुई बहस से शुरू हुआ, पूरी दुनिया के लिए चिंता का कारण बन गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव की एक ऑनलाइन पोस्ट से नाराज़ होकर दो परमाणु पनडुब्बियों को रूस के करीब भेजने का एलान किया है। ट्रंप का वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें वे कह रहे हैं कि अमेरिका परमाणु युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है। ट्रंप के इस कदम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या अमेरिका और रूस के बीच एक नया शीतयुद्ध या 1962 के क्यूबा मिसाइल संकट जैसे हालात पैदा हो सकते हैं।
वहीं रूसी मीडिया ने ट्रंप की धमकी को ज़्यादा गंभीरता से नहीं लिया है। रुसी मीडिया ने एक सैन्य विश्लेषक का बयान जारी किया। जिसमें उन्होंने इस गुस्से में किया गया नाटक बताया। वहीं, एक अन्य अख़बार से जुड़े सेवानिवृत्त रूसी लेफ्टिनेंट-जनरल ने बकवास कहा और दावा किया कि ट्रंप सिर्फ सुर्खियों में रहना चाहते हैं। एक रूसी सुरक्षा विशेषज्ञ ने ट्रंप के आदेश पर संदेह जताकर कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ऐसा कोई आदेश जारी किया गया है। कोमरसांट ने याद दिलाया कि 2017 में ट्रंप ने उत्तर कोरिया को चेतावनी देने के लिए भी दो परमाणु पनडुब्बियों को भेजने का दावा किया था, लेकिन बाद में उन्होंने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन से मुलाकात भी की थी। इस पर सवाल उठ रहा है कि क्या रूस के खिलाफ पनडुब्बी भेजना किसी भविष्य की ट्रंप-पुतिन बैठक की भूमिका है?
पिछले कुछ दिनों से दोनों नेताओं के बीच सोशल मीडिया पर लगातार जुबानी जंग चल रही है। ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए रूस को 50 दिन की डेडलाइन दी थी, जिसे बाद में घटाकर 10 दिन किया। इसके जवाब में मेदवेदेव ने ट्रंप पर अल्टीमेटम की राजनीति करने का आरोप लगाया। ट्रंप ने इसका जवाब देकर कहा कि मेदवेदेव एक फेल हो चुका पूर्व राष्ट्रपति हैं जो खुद को अब भी ताकतवर समझते हैं, और उन्हें समझना चाहिए कि वे एक खतरनाक दायरे में प्रवेश कर चुके हैं।
सोने के साथ बह गई उम्मीदें! चीन में बाढ़ में बह गया 20 किलो से अधिक सोना
4 Aug, 2025 10:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग। चीन के शैनक्सी प्रांत में आई भीषण बाढ़ ने एक सोने के आभूषणों से भरी दुकान बहा गई तो वहीं लोगों को बैठे-बिठाए ‘खजाना’ मिल गया। दरअसल भीषण बाढ़ ने शहर की मशहूर ज्वेलरी दुकान को बहा ले गई। पानी के साथ दुकान में रखे सोने और चांदी के गहने भी बह गए। इनकी कीमत करीब 12 करोड़ रुपए बताई जा रही है। लोग गलियों में भरे कीचड़ में ‘सोना’ ढूंढने में लग गए। कुछ लोगों ने ईमानदारी दिखाई और गहने दुकान मालिक को वापस भी कर दिए, लेकिन अभी तक एक किलोग्राम जेवर ही वापस मिले हैं। बाकी या तो कीचड़ में दबे हैं या फिर लोग निकालकर ले गए हैं।
कीचड़ में सोना ढूंढते लोगों के वीडियो वायरल हो रहा है। घटना 25 जुलाई की सुबह की है जब वुची काउंटी में एक भीषण बाढ़ ने कहर ढह दिया। इसकी चपेट में सोने के आभूषण से भरी दुकान भी आई और यह पानी में डूब गई। पानी का बहाव इतना तेज था कि दुकान की मेन तिजोरी भी बह गई और उसके साथ 20 किलो से ज्यादा सोने-चांदी के कीमती गहने और नगदी भी बह गए। दुकान के मालिक ने बताया कि बाढ़ की चेतावनी पहले ही दे दी गई थी, लेकिन कर्मचारियों ने जरूरी सावधानी नहीं बरती। कीमती गहनों को सुरक्षित अलमारी में नहीं रखा।
रिपोर्ट के मुताबिक बाढ़ के थमते ही कीचड़ और मलबे में लोग सोना खोजते नजर आए। कोई मेटल डिटेक्टर लेकर पहुंचा तो कोई हाथों से खुदाई करने लगा। दुकान मालिक के बेटे ने बताया कि अब तक सिर्फ एक किलो गहने ही वापस मिले हैं, जिनमें कुछ स्थानीय लोगों ने ईमानदारी दिखाते हुए लौटा दिए हैं, लेकिन ज्यादातर गहनों का कोई सुराग नहीं मिला।
बाढ़ के वक्त बिजली चली गई थी, जिससे दुकान का सीसीटीवी भी काम नहीं कर सका। फिलहाल मामला लोक सुरक्षा विभाग और मार्केट सुपरविजन ब्यूरो की जांच में है। इलाके में अभी भी “कीचड़ में सोना” ढूंढने का अभियान जारी है।
दवाओं की कीमतें कम करने के लिए ट्रंप ने दिया 60 दिन का समय
4 Aug, 2025 09:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक फार्मा कंपनियों को दवाओं की कीमतें कम करने के लिए 60 दिन का समय दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने 17 शीर्ष फार्मा कंपनियों के सीईओ को चेतावनी दी है कि यदि दवाओं की कीमतें कम नहीं होती हैं, तब अमेरिकी सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी। इस कदम से वैश्विक शेयर बाजारों में उथल-पुथल देखी गई है। ट्रंप ने जिन प्रमुख कंपनियों को चेतावनी दी गई है उसमें जॉनसन एंड जॉनसन , मर्क एंड कंपनी, एस्ट्राजेनेका, सैनोफी, एली लिली और रीजेनेरॉन के नाम शामिल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का तर्क है कि अमेरिकी नागरिकों को वही दवाएं यूरोप और अन्य विकसित देशों की तुलना में तीन गुना अधिक कीमत पर मिल रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अब अमेरिकी बाजार में दवाएं वैश्विक औसत मूल्य पर ही बेची जाएगी। इस घोषणा के बाद शेयर बाजार में गिरावट आई है, खासकर फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयर धड़ाम हो गए। निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 3.5 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। ट्रंप ने कंपनियों को 29 सितंबर तक का समय दिया है। यदि तय समय में बदलाव नहीं होता है, तब अमेरिकी सरकार एक नई टैरिफ नीति लागू करेगी, जिसके तहत विदेशों में बनी दवाओं पर भारी टैक्स लगेगा। ट्रंप की प्राथमिकता दवाओं का उत्पादन अमेरिका में करना है, जिससे लागत कम हो और रोजगार बढ़े। भारत के लिए इस स्थिति के मिश्रित संकेत हैं। यदि विदेशी ब्रांड महंगे होते हैं, तब भारतीय जेनेरिक दवाओं की मांग बढ़ सकती है। हालांकि, कड़े अमेरिकी नियमों से भारतीय फार्मा कंपनियों को भी नए व्यापारिक जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है।
रूस के पास महासागरों में अमेरिका से ज्यादा परमाणु पनडुब्बियां तैनात
4 Aug, 2025 08:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मॉस्को। रूसी सांसद ने दावा किया है कि रूस के पास वर्तमान में दुनिया के महासागरों में अमेरिका से ज्यादा परमाणु पनडुब्बियां तैनात हैं। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस टिप्पणी के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने दो परमाणु पनडुब्बियों को उपयुक्त क्षेत्रों में भेजने की बात कही थी। ट्रंप का यह बयान पूर्व रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव की टिप्पणी के बाद आया था। प्रवासी संबंध समिति के उपाध्यक्ष ने कहा कि ट्रंप ने जिन जहाजों को उपयुक्त क्षेत्रों में भेजने का आदेश दिया, वे पहले से ही नियंत्रण में हैं। मॉस्को को ट्रंप की बातों पर प्रतिक्रिया देने की कोई जरूरत नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट में वोडोलात्स्की के हवाले से कहा है कि दुनिया के महासागरों में हमारी (न्यूक्लियर) पनडुब्बियां काफी ज्यादा हैं, सबसे मजबूत, सबसे शक्तिशाली हथियार हैं। इसलिए ट्रंप की दो नाव अगर घूम भी रही हैं, तो वह लंबे समय से हमारी निगरानी में हैं। हम अच्छी तरह समझते हैं कि ट्रंप कौन हैं। बीते कुछ महीनों में यह साफ हो गया है कि वह हर 24 घंटे में अपने बयान बदलते रहते हैं।
पूर्व रूसी राष्ट्रपति और वर्तमान में रूसी संघ की सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव के बयान के बाद ट्रंप ने ट्रुथ पर लिखा- दिमित्री मेदवेदेव के भड़काऊ बयानों को मद्देनजर रखते हुए, मैंने दो परमाणु पनडुब्बियों को उपयुक्त क्षेत्रों में तैनात करने का आदेश दिया है। एहतियात के तौर पर इस स्थिति में यह मूर्खतापूर्ण और भड़काऊ बयान सिर्फ शब्द न होकर कुछ और साबित हों। शब्द बहुत अहम होते हैं। यह कई बार अनचाहे परिणामों की ओर ले जा सकते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि यह ऐसा कोई मामला नहीं बनेगा। इस विषय पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।
हालांकि, ट्रंप ने यह साफ नहीं कहा कि कौन-सी पनडुब्बियां भेजी गई हैं, या उन्हें कहां तैनात किया गया है। इस बीच वोडोलात्स्की ने कहा कि अमेरिका के लिए यह कहीं अधिक तर्कसंगत होगा कि वह वर्तमान प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करे, जिनमें रूस-अमेरिका वार्ताकार समूहों का गठन और दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों की आपसी यात्राएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इसके साथ-साथ एक मुख्य समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम होना चाहिए, जिसे रूस और अमेरिका के बीच संपन्न किया जाए, ताकि पूरी दुनिया में शांति कायम हो सके और तीसरे विश्व युद्ध की आशंका पर बातें करना बंद कर दे।
बता दें यह विवाद तब शुरू हुआ जब इस हफ्ते की शुरुआत में मेदवेदेव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ट्रंप का हर नया अल्टीमेटम अमेरिका और रूस के बीच एक खतरा और युद्ध की ओर एक कदम है। मेदवेदेव की यह टिप्पणियां ट्रंप की ओर से रूस और यूक्रेन के बीच संघर्षविराम की समयसीमा को 50 दिनों से घटाकर 10 दिन करने के जवाब में आई थी। यह नई डेडलाइन अगले हफ्ते खत्म हो रही है। एक्स पर मेदवेदेव ने लिखा- ट्रंप रूस के साथ अल्टीमेटम वाला खेल खेल रहे हैं। 50 दिन या 10… उन्हें दो बातें याद रखनी चाहिए। पहली बात रूस न तो इजराइल है और न ही ईरान। दूसरी बात, हर नया अल्टीमेटम एक धमकी है और युद्ध की ओर एक और कदम। यूक्रेन से नहीं, बल्कि उनके अपने देश से युद्ध की ओर।
बुरे फंसे ट्रंप: मंदी के डर से फेड चीफ पर निकाला गुस्सा, बता दिया जिद्दी-मूर्ख
3 Aug, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर फेडरल रिजर्व चेयरमैन जेरोम पॉवेल को अपने गुस्से का निशाना बनाया है। इस बार उन्होंने सार्वजनिक रूप से उन्हें जिद्दी-मूर्ख कहते हुए चेतावनी दी कि अगर उन्होंने ब्याज दरों में कटौती नहीं की, तो फेड बोर्ड को खुद नियंत्रण संभाल लेना चाहिए। दरअसल, फेडरल रिजर्व ने लगातार पांचवीं बार ब्याज दरों को स्थिर रखा है। वर्तमान में यह दरें 4.25 प्रतिशत से 4.5 प्रतिशत के बीच बनी हुई हैं। जबकि ट्रंप का मानना है कि इन्हें घटाकर 1 प्रतिशत या उससे कम कर देना चाहिए, ताकि उधारी सस्ती हो और बाज़ार को रफ्तार मिले। ट्रंप के मुताबिक, पॉवेल की गलत नीतियों से अमेरिका को खरबों डॉलर का नुकसान हुआ है। इतना ही नहीं, उन्होंने फेड की इमारतों के नवीनीकरण को भी इतिहास का सबसे अक्षम और भ्रष्ट निर्माण कह दिया।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि ‘जेरोम ‘टू लेट’ पॉवेल, एक जिद्दी मूर्ख हैं और अब उन्हें तुरंत ब्याज दरें घटानी चाहिए। अगर वो इनकार करते हैं, तो बोर्ड को नियंत्रण लेना चाहिए और वह करना चाहिए जो ज़रूरी है। ये पहली बार नहीं है जब ट्रंप पॉवेल पर गुस्सा हुए हैं। गुरुवार को भी उन्होंने उन्हें ‘बेहद राजनीतिक’, ‘गुस्सैल’, ‘मूर्ख’ और ‘देश के लिए भारी नुकसानदेह’ बताया। जेरोम पॉवेल ने ट्रंप की आलोचनाओं पर कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि ‘ब्याज दरों को लेकर निर्णय बाजार की स्थिरता और वैश्विक जोखिमों को देखकर लिया जाएगा।’ उन्होंने ट्रंप के टैरिफ जैसे फैसलों को भी एक बड़ा अनिश्चित कारक बताया है। हालांकि, इस बार दो बोर्ड सदस्यों ने दरों में कटौती के पक्ष में वोट किया, जिससे संकेत मिला है कि भविष्य में फेड में कुछ नरमी आ सकती है।
तांबे की खदान का एक हिस्सा ढहने से एक श्रमिक की मौत, पांच लापता
3 Aug, 2025 10:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सेंटियागो । चिली की प्रमुख तांबे की खदान का हिस्सा ढहने से एक मजदूर की मौत हो गई जबकि पांच लोग खदान में फंस है। अधिकारियों ने ने बताया कि इस हादसे में नौ मजदूर घायल हो गए हैं।
‘नेशनल कॉपर कॉर्पोरेशन’ को ‘कोडेल्को’ नाम से भी जाना जाता है। क्षेत्र में भूकंप आने के कारण यह दुर्घटना हुई। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने बताया कि मध्य चिली के उस क्षेत्र में भूकंप आया था वहीं ‘कोडेल्को’ ने बताया कि क्षेत्र में 4.2 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। अधिकारियों ने कहा कि वे अभी भी इसकी जांच कर रहे हैं कि क्या यहां प्राकृतिक रूप से भूकंप आया था या फिर कोडेल्को की प्रमुख ‘एल टेनिएंटे’ खदान में खनन गतिविधि के कारण झटके महसूस किए गए। चिली के अभियोजकों ने यह पता लगाने के लिए जांच भी शुरू कर दी है कि क्या किसी सुरक्षा मानक का उल्लंघन हुआ था।
रूस-अमेरिका के बीच हो सकता है न्यूक्लियर वॉर
3 Aug, 2025 09:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 1 अगस्त को एक बड़ा फैसला लिया है, जिसने दुनिया का ध्यान खींचा है। उन्होंने दो न्यूक्लियर पनडुब्बियों को लोगों को बचाने के लिए स्ट्रैजेजिक लोकेशन पर तैनात करने के लिए आदेश दिया है। यह कदम रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव के बयानों के जवाब में उठाया गया है। ट्रंप ने कहा कि मेदवेदेव के उत्तेजक बयानों के बाद उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि ये पनडुब्बियां उचित क्षेत्रों में भेजी जा रही हैं, ताकि अगर मेदवेदेव के शब्दों में कोई गंभीर खतरा हो, तो अमेरिका तैयार रहे। जब पत्रकारों ने पूछा कि यह कदम क्यों, तो ट्रंप ने कहा कि हमें ऐसा करना पड़ा। हमें सावधान रहना होगा। रूस के पूर्व राष्ट्रपति ने धमकी दी, और हमें अपने लोगों की सुरक्षा करनी है।
रूस के सांसद वोडोलात्सकी ने कहा कि जिन दो अमेरिकी पनडुब्बियों को भेजा गया है, वे पहले से ही हमारे निशाने पर हैं। अब आवश्यकता इस बात की है कि अमेरिका और रूस के बीच एक ठोस समझौता हो, ताकि विश्व युद्ध- जैसी चर्चाएं बंद हों और पूरी दुनिया शांत हो सके। लेकिन ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि न्यूक्लियर पनडुब्बियां का मतलब क्या है- क्या ये पनडुब्बियां न्यूक्लियर ऊर्जा से चलती हैं या उनमें न्यूक्लियर मिसाइलें लगी हैं। आमतौर पर अमेरिकी सेना पनडुब्बियों की तैनाती और जगह के बारे में खुलकर नहीं बोलती, क्योंकि यह न्यूक्लियर डिटरेंस (परमाणु निवारण) का संवेदनशील हिस्सा है। अमेरिकी नौसेना और पेंटागन ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
ट्रंप और मेदवेदेव के बीच तनाव
पिछले कुछ दिनों से ट्रंप और मेदवेदेव के बीच तीखी नोक-झोंक चल रही है। ट्रंप ने रूस को चेतावनी दी थी कि अगर 8 अगस्त तक यूक्रेन में युद्धविराम नहीं होता, तो रूस और उसके तेल खरीदने वाले देशों पर भारी टैरिफ (कर) लगा दिए जाएंगे। यह समयसीमा अब सिर्फ 6 दिन दूर है। इस पर मेदवेदेव ने करारा जवाब दिया। 31 जुलाई को मेदवेदेव ने कहा कि ट्रंप को याद रखना चाहिए कि रूस के पास न्यूक्लियर हमले की क्षमता है। मेदवेदेव ने यह भी कहा कि ट्रंप की हर नई चेतावनी रूस और अमेरिका के बीच युद्ध की ओर ले जा सकती है, न कि रूस और यूक्रेन के बीच।
रूस का रुख और पुतिन की बात
रूस ने ट्रंप की समयसीमा को मानने का कोई इरादा नहीं दिखाया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 1 अगस्त को कहा कि वे यूक्रेन के साथ शांति वार्ता की उम्मीद करते हैं, लेकिन युद्ध का रुख उनके पक्ष में है। उन्होंने ट्रंप की समयसीमा का जिक्र तक नहीं किया। पुतिन ने पहले भी शांति की बात कही है, लेकिन उनकी शर्तें यूक्रेन के लिए मंजूर नहीं हैं। ट्रंप, जो पहले पुतिन के साथ अच्छे रिश्तों का दावा करते थे, अब उनसे नाराज हैं। उन्होंने पुतिन पर नाटक करने का आरोप लगाया। रूस के यूक्रेन पर हाल के हमलों को घिनौना बताया। खासकर जब रूस ने कीव जैसे शहरों पर रॉकेट दागे, तब ट्रंप ने इसे अस्वीकार्य कहा।
यह विवाद कहां से शुरू हुआ
ट्रंप ने जुलाई में रूस को 50 दिन का समय दिया था कि वह यूक्रेन के साथ युद्धविराम करे, वरना सख्त टैरिफ लगाए जाएंगे। लेकिन जब रूस ने कोई कदम नहीं उठाया, तो उन्होंने समयसीमा घटाकर 10 दिन कर दी। यह कदम यूक्रेन युद्ध को रोकने के उनके वादे का हिस्सा है, जो उन्होंने चुनाव के दौरान किया था। लेकिन रूस के लगातार हमले और पुतिन की बेरुखी से ट्रंप नाराज हैं। मेदवेदेव ने ट्रंप के इस दबाव को नाटकीय बताया और कहा कि रूस को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। इस बीच, मेदवेदेव ने न्यूक्लियर हथियारों का जिक्र करके तनाव बढ़ा दिया, जिसके जवाब में ट्रंप ने पनडुब्बियों को हिलाने का फैसला लिया।
क्या यह सच में न्यूक्लियर जंग की शुरुआत है?
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम ज्यादा सैन्य कार्रवाई से ज्यादा एक शब्दों का युद्ध है। अमेरिका के पास पहले से ही न्यूक्लियर पनडुब्बियां तैनात हैं, जो रूस पर हमला कर सकती हैं। ट्रंप का यह बयान शायद रूस को डराने के लिए है, लेकिन इससे न्यूक्लियर जंग शुरू होने की संभावना कम है। फिर भी, इस तरह की बातें दुनिया के लिए चिंता का विषय हैं, क्योंकि अमेरिका और रूस के पास सबसे ज्यादा न्यूक्लियर हथियार हैं। कुछ लोग कहते हैं कि ट्रंप अपने वादे को पूरा करने के लिए दबाव बना रहे हैं, लेकिन दूसरों का मानना है कि यह रूस को गंभीरता से लेने का संकेत है। मेदवेदेव के पास खुद न्यूक्लियर हथियार चलाने की ताकत नहीं है, लेकिन उनके बयान पुतिन की नीतियों का हिस्सा हो सकते हैं।
भारत के लिए क्या मायने?
भारत भी इस मामले से प्रभावित हो सकता है, क्योंकि वह रूस से तेल और हथियार खरीदता है। ट्रंप ने भारत जैसे देशों पर भी टैरिफ लगाने की बात कही है, जो रूस का तेल लेते हैं। अगर यह सच हुआ, तो भारत की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। साथ ही, भारत को रूस और अमेरिका के बीच तनाव में अपना रास्ता चुनना होगा, जो आसान नहीं होगा।
सावधानियां और आगे का रास्ता
यह स्थिति बहुत नाजुक है। दोनों देशों को शांति से बातचीत करनी होगी ताकि गलतफहमी से बड़ा खतरा न बढ़े। यूक्रेन में युद्ध रुकने की उम्मीद कम है, लेकिन ट्रंप का दबाव जारी रहेगा। लोगों को भी इस तनाव पर नजर रखनी चाहिए और अपने देश की नीतियों का समर्थन करना चाहिए।
दो पूर्व पोर्न स्टार को बनाया उप-मंत्री
3 Aug, 2025 08:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बोगाता। कोलंबिया में पोर्न फिल्मों में काम कर चुके दो लोगों को उप-मंत्री बनाया गया है। राष्ट्रपति गुस्तावो पेत्रो ने अलेजांद्रा उमाना और जुआन कार्लोस फ्लोरियन को समानता मंत्रालय में जिम्मेदारी दी है। उमाना और फ्लोरियन अब उस विभाग को संभालेंगे जो समाज के कमजोर वर्गों को सरकारी मदद और योजनाओं का लाभ दिलाने का काम करता है। हालांकि इसे लेकर उपराष्ट्रपति फ्रांसिया मार्केज ने नाराजगी जताई है। उपराष्ट्रपति मार्केज ने कहा कि इससे सरकार की छवि खराब हो रही है। इसके अलावा ये नियुक्तियां मंत्रालय की छवि और मकसद को नुकसान पहुंचा सकती हैं। हालांकि राष्ट्रपति ने पूर्व पोर्न स्टार्स को नियुक्त करने के फैसले का बचाव किया है।
पाकिस्तान में हर बार तेल की उम्मीद, हर बार निराशा क्यों?
2 Aug, 2025 02:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में समुद्री क्षेत्र में तेल और गैस के विशाल भंडार मिलने की अफवाह एक बार फिर चर्चा में है। कभी “नीला खजाना” तो कभी अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों ने इस अफवाह को और हवा दे दी है। हालांकि हकीकत यह है कि अब तक की खुदाई में कोई बड़ा तेल या गैस भंडार नहीं मिला है।
2019 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान ने कराची से 230-280 किमी दूर समुद्र में तेल-गैस भंडार मिलने का दावा किया था। उन्होंने यहां तक कहा था कि यह भंडार इतना बड़ा होगा कि पाकिस्तान तेल निर्यातक देश बन जाएगा। अमेरिकी कंपनी ExxonMobil और इटली की ENI कंपनी ने “केकरा-1” ब्लॉक में खुदाई की, लेकिन केवल पानी मिला। इस परियोजना में करीब 124 अरब डॉलर खर्च हुए, जबकि सफलता की संभावना महज 12% थी।
2024 में फिर से ‘नीला खजाना’ का शिगूफा
सितंबर 2024 में पाकिस्तानी मीडिया में दावा किया गया कि पाकिस्तान ने समुद्र में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा तेल और गैस भंडार खोजा है, जिसे “नीला खजाना” नाम दिया गया। लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार, 5500 मीटर तक खुदाई के बावजूद कोई महत्वपूर्ण संसाधन नहीं मिला।
ट्रंप ने भी जोड़ा मसाला
हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका पाकिस्तान के ‘तेल भंडार’ को विकसित करेगा और भविष्य में शायद पाकिस्तान भारत को भी तेल बेचे। इस बयान को लेकर पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर मजाक उड़ाया गया। एक यूजर ने लिखा, “हमें तो ट्रंप के ट्वीट से ही पता चला कि हमारे पास तेल है!”
असल मंशा क्या है?
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की तेल खोज की कहानियाँ अक्सर आर्थिक संकट के समय आती हैं, ताकि जनता का ध्यान हटाया जा सके और विदेशी निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। इमरान खान के वक्त भी यही हुआ था, अब ट्रंप के बयान ने फिर से इस बहस को जगा दिया है।
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