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डेड इकोनॉमी' नहीं, दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा भारत: पीएम मोदी का ट्रंप को करारा जवाब
2 Aug, 2025 02:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाराणसी, 2 अगस्त 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वाराणसी से अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के "Dead Economy" वाले बयान पर करारा जवाब देते हुए कहा कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। उन्होंने देशवासियों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और बेचने का संकल्प लेने की अपील की।
ट्रंप के बयान पर पलटवार
पीएम मोदी ने कहा, "आज जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अस्थिरता से गुजर रही है, भारत को भी अपने आर्थिक हितों के लिए सजग रहना होगा। किसानों, लघु उद्योगों और युवाओं का हित हमारी प्राथमिकता है। सरकार हर संभव प्रयास कर रही है कि भारत आत्मनिर्भर और सशक्त बने।"
उन्होंने कहा, “भारत की अर्थव्यवस्था मृत नहीं, बल्कि नई ऊंचाइयों को छू रही है। हम उस मुकाम पर हैं जहां से हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी ताकत बनने की ओर अग्रसर हैं।”
स्वदेशी अपनाने की अपील
प्रधानमंत्री ने देश के कारोबारियों और नागरिकों से आह्वान किया कि वे ‘स्वदेशी अपनाएं, स्वदेशी बेचें’ का संकल्प लें। उन्होंने कहा, "यह संकल्प देश की सच्ची सेवा होगा और बापू को भी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। अब हर भारतीय को हर पल स्वदेशी खरीदने और बेचने का प्रयास करना चाहिए।"
ट्रंप का टैरिफ ऐलान
31 जुलाई को ट्रंप ने भारत से आयात पर 25% टैरिफ और अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क लगाने की घोषणा की थी। इसके बाद उन्होंने भारत-रूस संबंधों को लेकर निशाना साधते हुए दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को 'डेड इकोनॉमी' कहा था। ट्रुथ सोशल पर उन्होंने लिखा, “मुझे परवाह नहीं कि भारत रूस के साथ क्या करता है। वे अपनी मृत अर्थव्यवस्थाओं को मिलकर गिरा सकते हैं।”
भारत का रुख स्पष्ट
पीएम मोदी के बयान ने साफ कर दिया कि भारत किसी भी बाहरी टिप्पणी से विचलित नहीं होगा और आत्मनिर्भरता की दिशा में अपने कदम और तेज करेगा।
IEEPA टैरिफ की चपेट में एप्पल, भारत में प्रोडक्शन के बावजूद भारी भरकम टैक्स का डर
2 Aug, 2025 01:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत में बनने वाले iPhone पर रहेगा टैरिफ का असर? टिम कुक ने जताई चिंता
नई दिल्ली।
एप्पल ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में शानदार प्रदर्शन करते हुए 94.04 बिलियन डॉलर (लगभग 8.21 लाख करोड़ रुपये) का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल की तुलना में 10% अधिक है। हालांकि, कंपनी के सीईओ टिम कुक अमेरिकी ट्रेड पॉलिसीज के कारण भारत में बनने वाले iPhone पर टैरिफ के असर को लेकर चिंतित हैं।
टिम कुक ने कहा कि अमेरिका में बिकने वाले ज्यादातर iPhone अब भारत में बनते हैं, लेकिन अमेरिका की नई टैरिफ नीतियों के चलते कंपनी को चौथी तिमाही में ही 1.1 अरब डॉलर तक के टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि एप्पल के अधिकांश प्रोडक्ट IEEPA (इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट) के तहत जांच के दायरे में आते हैं।
ट्रंप की चेतावनी
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टिम कुक को चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि iPhone का निर्माण अमेरिका से बाहर होता है, तो कंपनी को 25% तक टैरिफ चुकाना होगा। उन्होंने भारत को 'सबसे ज्यादा टैरिफ लगाने वाले देशों में से एक' बताते हुए एप्पल के भारत में निर्माण का विरोध किया है।
भारत बना प्रोडक्शन का नया हब
इसके बावजूद एप्पल भारत में अपने विस्तार की गति तेज कर रहा है। ‘मेक इन इंडिया’ योजना, सस्ती लेबर और सरकार के समर्थन से भारत इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। एप्पल वियतनाम में मैक, आईपैड और वॉच बनाता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए अभी भी बड़े पैमाने पर चीन पर निर्भर है।
अमेरिका में भी निवेश जारी
टैरिफ के दबाव के बीच टिम कुक ने अमेरिका में अगले चार वर्षों में 500 अरब डॉलर के निवेश की योजना की भी घोषणा की है। इसमें टेक्सास में नई एआई सर्वर फैक्ट्री और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग फंड को दोगुना करना शामिल है।
दिल्ली पुलिस पर लगा भ्रष्टाचार का दाग, इंस्पेक्टर के साथी को रिश्वत लेते पकड़ा
2 Aug, 2025 01:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोनीपत: हरियाणा के सोनीपत जिले में रोहतक एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी की टीम शुक्रवार को थ्री जी स्कूल में पहुंची। यहां टीम ने स्कूल के क्लर्क संदीप को तीस लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। संदीप यह रिश्वत दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल में तैनात इंस्पेक्टर सुनील जैन की तरफ से पीड़ित से ले रहा था। अब हरियाणा एसीबी की कई टीमें सुनील जैन की गिरफ्तारी के लिए छापेमार रही है।
केस से बाहर करने के लिए मांगे पैसे
मिली जानकारी के अनुसार सोनीपत के गांव बड़वासनी के रहने वाले विपिन ने हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम को शिकायत दी कि उसके रिश्तेदार पर दिल्ली के अलीपुर थाना में दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इनकी जांच सुनील जैन इंस्पेक्टर की अगुवाई में स्पेशल सेल कर रही है। इंस्पेक्टर सुनील जैन उनसे 1 करोड़ रुपए की रिश्वत मांग रहा है। इसमें सुनील जैन इंस्पेक्टर एक मुकदमे में से बाहर करने और एक में राहत देने की बात कर रहा है। सुनील जैन को पकड़ने के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया।
एसीबी ने ऐसे बिछाया जाल
सुनील जैन के कहने पर पीड़ित सोनीपत के थ्री जी स्कूल पहुंचा और वहां मौजूद क्लर्क संदीप को 30 लाख रुपए दिए गए तो टीम ने उसे रंगे हाथों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं कुछ अहम सबूत एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम को सुनील जैन के खिलाफ मिले है और उसकी गिरफ्तारी के लिए अब छापेमारी की जा रही है। रोहतक एंटी करप्शन ब्यूरो में तैनात इंस्पेक्टर प्रोमिला के अनुसार दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर सुनील जैन के रिश्तेदार का थ्री जी स्कूल है। वही क्लर्क संदीप को रिश्वत की राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। उसे कोर्ट में पेशकर रिमांड पर लिया जाएगा। सुनील जैन की गिरफ्तारी के लिए डीएसपी सोमबीर देशवाल और उनकी टीम कार्रवाई कर रही है।
तेल खरीद पर भारत की दो-टूक: राष्ट्रीय हित में ही होगा हर फैसला
2 Aug, 2025 12:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
India-Russia Oil Deal पर सरकारी सूत्रों की सफाई, कहा- ट्रंप का बयान भ्रामक
नई दिल्ली: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि भारत ने रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद कर दिया है। इस पर भारत सरकार के सूत्रों ने ANI को बताया कि यह दावा “गलत और भ्रामक” है। भारत अभी भी रूस से कच्चे तेल की खरीद कर रहा है, और यह फैसला पूरी तरह से आर्थिक, रणनीतिक और तकनीकी कारणों पर आधारित होता है।
सूत्रों के मुताबिक, भारत की तेल खरीद की नीति में मूल्य, गुणवत्ता, भंडारण की स्थिति और लॉजिस्टिक कारकों की अहम भूमिका होती है। रूस दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल उत्पादक है और भारत अपनी 85% तेल जरूरतें आयात के जरिए पूरी करता है। ऐसे में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भारत का रुख व्यावहारिक और संतुलित है।
रियायती तेल से भारत को राहत
मार्च 2022 में जब वैश्विक बाजार में रूसी तेल को लेकर अनिश्चितता बढ़ी थी, तब कच्चे तेल की कीमतें 137 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं। भारत ने G7 और यूरोपीय यूनियन द्वारा तय किए गए 60 डॉलर प्रति बैरल के प्राइस कैप के तहत ही रूसी तेल खरीदा है।
यूरोप का दोहरा रवैया
भारत पर सवाल उठाने वाले यूरोपीय देश खुद रूस से LNG का सबसे बड़ा आयातक बने हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, यूरोप ने रूस से निर्यात होने वाली कुल LNG का 51% हिस्सा खरीदा है, जबकि चीन और जापान क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
भारत की स्पष्ट नीति
सरकारी सूत्रों ने कहा कि भारत की ऊर्जा नीति पूरी तरह से राष्ट्रीय हित और अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुरूप है। ट्रंप के बयान पर टिप्पणी करते हुए भारत ने कहा कि ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है जिससे रूस से तेल आयात बंद हो।
करनाल: नहर बनी मौत का रास्ता, पत्नी की लाश मिली, पति की तलाश जारी
1 Aug, 2025 04:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
करनाल: हरियाणा के करनाल जिले में देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। जहां एक कार पश्चिमी यमुना नहर में जा गिरी। हादसा कैथल पुल के पास हुआ, जहां कार में पति-पत्नी सवार थे। मौके पर पहुंचे गोताखोरों ने महिला का शव बरामद कर लिया है, जबकि पति की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। यह हादसा करनाल के सेक्टर 13 में रहने वाले एक परिवार के साथ हुआ, जिनका असंध में फर्नीचर का कारोबार है। हादसे की खबर मिलते ही पुलिस, प्रशासन और गोताखोरों की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। हाइड्रा मशीन की मदद से कार को नहर से बाहर निकाला गया।
जांच में जुटी पुलिस
हादसा कैसे हुआ, इसका अभी तक कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि कार में सवार दंपती को रात करीब 9:30 बजे कलंदरी गेट पर देखा गया था। इसके बाद उनकी कार नहर में कैसे गिरी, यह अभी जांच का विषय है। मौके पर पहुंचे करनाल थाना सिविल लाइन के इंचार्ज श्रीभगवान ने बताया कि कार सेक्टर 13 में रहने वाले परिवार की है। गाड़ी नहर से बरामद कर ली गई है। महिला की डेड बॉडी गाड़ी के अंदर से मिली है। कार से दो मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं। गाड़ी के एक तरफ का शीशा टूटा हुआ है, जहां महिला बैठी थी। गाड़ी के अंदर चाबी भी लगी हुई थी। अब यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा कैसे हुआ।
परिजनों ने क्या बताया
मौके पर पहुंचे परिजनों ने बताया कि उन्हें हादसे की जानकारी कुछ ही समय पहले मिली। परिवार वालों का कहना है कि दोनों पति-पत्नी सामान्य रूप से घर से घूमने के लिए निकले थे। किसी तरह की पारिवारिक परेशानी नहीं थी। हादसा किस तरह हुआ, इस बारे में परिवार भी कुछ कह पाने की स्थिति में नहीं है।
मानहानि केस पर कंगना को झटका, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
1 Aug, 2025 04:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को बड़ा झटका लगा है। पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने बीजेपी सांसद के खिलाफ मानहानि केस रद्द करने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में बॉलीवुड क्वीन कंगना रनौत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कंगना रनौत ने एक बयान में 87 वर्षीय बुजुर्ग महिला महिंदर कौर को 100-100 रुपए लेकर किसान आंदोलन में शामिल होने वाली महिला बताया था। महिला किसान ने कंगना रनौत बयान के खिलाफ कोई चली गई थी। कंगना रनौत ने केस को रद्द करने की मांग की थी लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली है।
फिर से शुरू होगा मुकदमा
मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद अब मानहानि का केस फिर से खुल जाएगा। कंगना के खिलाफ यह मामला 2021 से रुका हुआ है। दरअसल किसान आंदोलन के दौरान कंगना ने एक महिला की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरोप लगाया गया था। इन महिलाओं को पैसे देकर आंदोलन में लाया गया था। इसके खिलाफ पंजाब के बठिंडा की रहने वाली महिंदर कौर ने 2021 में कंगना के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। कंगान की उसी पोस्ट के खिलाफ बुजुर्ग ने 4 जनवरी 2021 को बठिंडा कोर्ट का रुख किया था।
कंगना ने हटा ली थी वह पोस्ट
विवाद खड़ा होने के बाद कंगना रनौत ने उस पोस्ट को बाद में हटा लिया था। कंगना ने इस पर कहा था कि उन्होंने एक वकील की पोस्ट को रीपोस्ट किया था, लेकिन अब अदालत ने उनको राहत नहीं दी है। महिंदर कौर ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि कंगना रनौत ने दिल्ली के शाहीन बाग की महिला से जोड़कर उनकी इमेज को खराब किया। मजिस्ट्रेट ने भी ये बात मानी थी कि कंगना का ये बयान महिंदर कौर की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाला था। कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि एक पब्लिक फिगर होने के नाते कंगना को ज्यादा जिम्मेदारी से व्यवहार करना चाहिए। हाईकोर्ट के फैसले पर कंगना की तरफ से प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
दिल्ली-NCR के इस स्कूल में मंडरा रहा जान का खतरा, जर्जर भवन में बच्चे मजबूर
1 Aug, 2025 02:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोहाना (सोनीपत)। शिक्षा विभाग भले ही राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाने के दावे करता हो, लेकिन जमीन स्तर पर कई स्कूलों में हालात आज भी बदतर हैं। गोहाना के गांव बरोदा मोर में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का भवन लगभग 58 साल पुराना है, जिसे करीब चार साल पहले जर्जर घोषित कर दिया था। अब भी यहां पर कक्षाएं लग रही हैं। भवन में कई कमरों की स्थिति बेहद दयनीय है। वर्षा होने पर बरामदे में कक्षाएं लगानी पड़ती हैं। इसके अलावा सोनीपत शहर के शंभू दयाल स्कूल का भवन भी जर्जर हो चुका है, जिससे हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है। वहीं खरखौदा के गांव मंडोरा के राजकीय स्कूल में भवन जर्जर हो चुका है, भले ही यहां कक्षाएं न लगाई जाती हों, लेकिन सफाई व्यवस्था बदहाल होने से विद्यार्थियों की सुरक्षा दांव पर ही रहती है।
गांव बरोदा मोर में 1967 में राजकीय विद्यालय का भवन बनाया गया था। तब इस भवन को समाजसेवियों द्वारा दिए गए चंदे से तैयार कराया गया था। यहां पर दानी सज्जनों के नाम भी लिखवाए गए हैं। गांव में पहले 10वीं तक का विद्यालय था, जिसे बाद में अपग्रेड करके 12वीं तक का बनाया गया। यहां पर विद्यालय, वाणिज्य और कलां संकाय चल रहे हैं। विद्यालय अपग्रेड होने के बाद सरकार से मिलने वाली ग्रांट से कमरों का निर्माण भी करवाया गया था। अब पूरा भवन अब जर्जर हालत में है। लगभग चार वर्ष पहले विद्यालय के भवन को जर्जर घोषित कर दिया था। नया भवन बनाने के लिए ग्रांट भी मंजूर हुई, लेकिन समय पर काम शुरू नहीं हुआ। लगभग डेढ़ साल पहले नए भवन का काम शुरू कराया गया। चारदीवारी का काम पूरा हो चुका है। भवन का निर्माणकार्य अंतिम चरण में है। एजेंसी द्वारा अगस्त-सितंबर 2025 तक काम पूरा कराने का आश्वासन दिया गया है। विद्यालय में 251 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। फिलहाल पुराने भवन में ही कक्षाएं लगाई जा रही हैं। प्राचार्य राजेंद्र सिंह का कहना है कि जिन कमरों की स्थिति ठीक नहीं है उनमें कक्षाएं नहीं लगाई जाती हैं। वर्षा होने पर कमरों के अंदर नहीं बरामदे में कक्षाएं लगाई जाती हैं। नया भवन जल्द तैयार हो जाएगा, जिसके बाद कक्षाएं वहां पर लगाई जाएंगी।
जर्जर भवन के चलते मॉडल संस्कृति स्कूल नहीं बन पाया
शिक्षा विभाग द्वारा गांव बरोदा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को माडल संस्कृति स्कूल घोषित कर दिया था। गेट के ऊपर भी माडल संस्कृति स्कूल लिखवाया गया था। सीबीएसई द्वारा विद्यालय का भवन जर्जर होने के चलते मंजूरी नहीं दी। इसके चलते यह विद्यालय माडल संस्कृति नहीं बन पाया। नया भवन तैयार होने पर अधिकारी दोबारा से इसे माडल संस्कृति स्कूल बनाने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
चौ. टीकाराम से जुड़ाव के कारण नहीं होने दी बोली
खरखौदा: गांव मंडोरा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पुराना भवन जर्जर हो चुका है। ऐसे में लंबे समय से ही इसे उपयोग में भी नहीं लाया जा रहा है। दूसरे भवन का निर्माण कर वहां पर स्कूल का संचालन किया जा रहा है। शिक्षा विभाग की तरफ से पुराने भवन को जर्जर घोषित कर इसे गिराने और मलबे की बोली कराने की योजना बनाई थी। पंचायत ने इस पर आपत्ति की। आपत्ति का कारण था कि गांव के ही शिक्षाविद चौ. टीकाराम की यादें इस स्कूल से जुड़ी होना। एक समय जब यह स्कूल बन रहा था तो बजट के अभाव में निर्माण कार्य बंद हो गया था। जब इसका पता चौ. टीकाराम को चला तो उन्होंने अपने घर की छत उखाड़कर कड़ी व पत्थर इस स्कूल में लगवा दी थी और काम पूरा कराया था। ऐसे में गांव वासियों ने स्कूल के भवन से लगाव होने के चलते खुद ही स्कूल की हालत में सुधार कराने की बात कही। तभी से पुराना भवन जर्जर हालत में है।
करीब 30 साल पुराना है शंभू दयाल स्कूल का भवन
सोनीपत : शंभू दयाल स्कूल का चार मंजिला भवन लगभग 30 साल पुराना है। स्कूल में विद्यार्थी नियमित रूप से पढ़ाई के लिए आ रहे हैं। नगर सुधार मंच के चेयरमैन संजय सिंगला ने कहा कि भवन पुराना होने के कारण हादसे की आशंका बनी रहती है। उन्होंने बताया कि स्कूल के सामने दो अस्पताल हैं, जहां लोगों का आवागमन बना रहता है। जब उन्होंने स्कूल प्राचार्य सौरभ शर्मा ने बातचीत की तो बताया कि ऊपर की दो मंजिलों को हटाने के लिए कोर्ट में एप्लीकेशन दी गई है। स्कूल प्रबंधक के एक सदस्य ने भवन पर स्टे ले रखा है, जिससे कार्य रुका हुआ है।
चीन ने ड्रोन से रचा नया इतिहास, एक साथ उड़ाए 11,787 ड्रोन, बना विश्व रिकॉर्ड
1 Aug, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग। चीन ने तकनीक के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। देश के चोंगक्विंग शहर में एक साथ 11,787 ड्रोनों को उड़ाकर एक अनोखा लेजर शो प्रस्तुत किया गया, जिसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। इस शो के जरिए हवा में दुनिया की सबसे बड़ी ड्रोन से बनी तस्वीर तैयार की गई। यह आयोजन शहर के 28वें स्थापना दिवस पर किया गया था।
ड्रोन शो का मुख्य उद्देश्य चोंगक्विंग शहर की तरक्की, सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना था। शो के दौरान आसमान में उड़ते हुए ड्रोनों ने डॉलफिन, विशाल पेड़ और पहाड़ जैसे 3-डी आकार बनाए, जिन्हें देखकर दर्शक दंग रह गए। रात के समय हुए इस शो में रोशनी और तकनीक का अद्भुत मेल देखने को मिला।
गिनीज बुक में दर्ज हुआ रिकॉर्ड
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने इस आयोजन को प्रमाणित करते हुए कहा कि यह अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन इमेज डिस्प्ले है। इस रिकॉर्ड से चीन ने वैश्विक मंच पर ड्रोन तकनीक में अपनी श्रेष्ठता का एक और उदाहरण पेश किया है।
पहले भी बने हैं अनोखे रिकॉर्ड
ड्रोन से जुड़े रिकॉर्ड कोई नई बात नहीं है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर हुआ यह प्रदर्शन अभूतपूर्व रहा है। इससे पहले अक्टूबर 2024 में ब्रिटेन के क्रिस्टोफर ब्रैडबरी ने एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया था। कैंसर से जूझते हुए उन्होंने सिर्फ 109 ड्रोनों की मदद से 3 मिनट में सबसे ज्यादा इमोजी आसमान में बनाने का रिकॉर्ड कायम किया था। हालांकि चीन का यह नया रिकॉर्ड उस प्रयास को कहीं अधिक बड़े स्तर पर दर्शाता है।
डिलीवरी बॉय को कुर्सी पर बैठे-बैठे आया हार्ट अटैक, वायरल वीडियो ने रुला दिया
1 Aug, 2025 12:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फरीदाबाद: हरियाणा के फरीदाबाद जिले में हार्ट अटैक से मौत की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जिले के गांव भतौला स्थित बने कपंनी के स्टोर के बाहर कुर्सी पर बैठा जेप्टो कंपनी का डिलीवरी बॉय अचानक नीचे गिर गया। उसके साथियों ने उसे तुरंत उठाया और एक निजी अस्पताल में ले गए। अस्पताल के डॉक्टरों ने उस मृतक घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना था कि अस्पताल लाने से पहले ही उसके मौत हो चुकी थी। वहीं ये पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी में कैद हो गई।
डिलीवरी बॉय था मृतक
जानकारी के अनुसार, 10 वर्षीय विकल सिंग गांव सदपुरा का रहने वाला था। वो पिछले एक साल से जेप्टो कंपनी के स्टोर पर डिलीवरी बॉय का काम कर रहा था। 29 जुलाई को दोपहर के समय वो कपंनी के स्टोर के बाहर कुर्सी पर बैठा हुआ था। वहीं उसके दूसरे साथी भी उसके साथ मौजूद थे। वो सभी आपस में बात कर रहे थे। इसी दौरान विकल के सीने में अचानक दर्द उठा और वो कुर्सी से नीचे आ गिरा। विकल सिंह अपने परिवार में कमाने वाला इकलौता इंसान था।
दो बेटियों का बाप था विकल
विकल शादीशुदा था और उसकी दो बेटियां है। एक बेटी 8 साल और दूसरी 5 साल की है। विकल सिंह की मौत के बाद परिजनों ने कंपनी के स्टोर के बाहर हंगामा कर दिया। जिसके बाद कंपनी की तरफ से 5 लाख रुपये की साहयता राशि देने की घोषणा की गई और मृतक के अंतिम संस्कार के लिए 30 हजार रुपये दिए गए। वहीं पुलिस ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि हम पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने का इंतजार कर रहे हैं। प्रथम नजर से लग रहा है कि विकल सिंह की मौत हार्टअटैक से हुई है।
ऑस्ट्रेलिया का पहला स्वदेशी रॉकेट ‘एरिस’ उड़ान भरने के 14 सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त
1 Aug, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बोवेन। ऑस्ट्रेलिया-निर्मित पहला कक्षीय प्रक्षेपण यान उड़ान भरने के 14 सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। एरिस नामक कक्षीय प्रक्षेपण यान देश में तैयार किया गया पहला कक्षीय प्रक्षेपण यान है, जिसे छोटे उपग्रहों को कक्षा में ले जाने के लिए तैयार किया गया था।
इसका परीक्षण क्वींसलैंड राज्य के बोवेन शहर के पास एक ‘स्पेसपोर्ट’ से किया गया। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया द्वारा जारी वीडियो में 23 मीटर (75 फुट) लंबा रॉकेट, लांच टावर से ऊपर उठता और हवा में मंडराता दिखाई दिया फिर आंखों से ओझल हो जाता है। उस जगह से धुएं के गुबार उठते दिखाई देते है। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। कंपनी ने बयान में इस प्रक्षेपण को सफल बताया। प्रवक्ता ने बताया कि सभी चार ‘हाइब्रिड-प्रोपेल्ड इंजन’ ने काम किया तथा पहली उड़ान में इंजन ने 23 सेकंड तक काम किया, उड़ान का समय 14 सेकंड रहा।
कैबिनेट बैठक में बड़ा ऐलान: एनसीडीसी योजना मजबूत, रेलवे को कई प्रोजेक्ट्स की हरी झंडी
1 Aug, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। कैबिनेट की बैठक के दौरान कई बड़े फैसले लिए गए। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मोदी कैबिनेट की बैठक में छह अहम फैसले लिए गए हैं। इनमें दो किसानों और फूड सेक्टर से जुड़े हैं। वहीं चार फैसले नॉर्थ-ईस्टर्न सेक्टर में रेलवे नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए हैं। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (पीएमकेएसवाई) का बजट 1,920 करोड़ रुपए बढ़ाकर 6520 रुपए कर दिया गया है। इसमें लैब और इंफ्रा सुविधा बढ़ाने के लिए 1000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त मदद पर भी सहमति जताई गई। इससे किसानों को फूड प्रोसेसिंग में फायदा मिलेगा। वहीं, पीएमकेएसवाई को 4,600 करोड़ रुपए के आबंटन के साथ चालू वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक एक और वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है। नेशनल कोऑपरेटिव डिवेलपमेंट कॉरपोरेशन (एनसीडीसी) के लिए 2,000 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इससे सहकारी समितियों (कोऑपरेटिव सोसाइटीज) को मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा, चार रेलवे लाइनों के लिए 11,168 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। इसमें इटारसी से नागपुर चौथी रेल लाइन के लिए 5,451 करोड़ रुपए दिए गए हैं।
वहीं, अलुआबाड़ी रोड से न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे लाइन के लिए 1,786 करोड़, छत्रपति संभाजीनगर-परभानी रेलवे लाइन दोहरीकरण के लिए 2,179 करोड़ और डंगोआपोसी-करौली रेलवे लाइन के लिए 1,752 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। मोदी कैबिनेट ने नेशनल कोऑपरेटिव डिवेलपमेंट कॉरपोरेशन (एनसीडीसी) को 2000 करोड़ रुपए की ग्रांट-इन-एड को मंजूरी दी। यह राशि चार सालों (2025-26 से 2028-29 तक) में हर साल 500 करोड़ रुपए की दर से दी जाएगी। यह फंड सहकारी संस्थाओं को नए प्रोजेक्ट शुरू करने, प्लांट का विस्तार करने और कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) की जरूरतों को पूरा करने के लिए लोन देने में इस्तेमाल किया जाएगा। ये लोन करीब 8.25 लाख सहकारी समितियों को जाते हैं, जिनमें 29 करोड़ सदस्य हैं। 94 फीसदी किसान इससे जुड़े हैं। ये संस्थाएं डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन, चीनी, वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण, भंडारण, कोल्ड स्टोरेज, श्रमिक और महिला सहकारी क्षेत्रों में काम कर रही हैं।
गाजा में खाद्य सामग्री पाने का इंतजार कर रहे 48 फलस्तीनी मारे गए
1 Aug, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गाजा। गाजा पट्टी में खाद्य सामग्री की प्रतीक्षा कर रहे करीब 48 फलस्तीनी मारे गए और दर्जनों घायल हो गए। यह घटना तब हुई है जब अमेरिकी राजदूत संघर्ष समाप्त कराने संबंधी वार्ता के लिए इजराइल पहुंच रहे हैं। गाजा शहर के अस्पताल ने बताया कि ये लोग ज़िकिम क्रॉसिंग पर मौजूद भीड़ का हिस्सा थे। इसी क्रॉसिंग से उत्तरी गाजा में मानवीय सहायता पहुंचाई जाती है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि गोलीबारी किसने की और क्रॉसिंग पर नियंत्रण रखने वाली इजराइल की सेना ने भी इस पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है।
इजराइली सेना का कहना है कि वह केवल चरमपंथियों को निशाना बना रही है और वह नागरिकों की मौत के लिए हमास को जिम्मेदार ठहराती है क्योंकि इस समूह के चरमपंथी घनी आबादी वाले इलाकों में सक्रिय हैं। भूख संकट पर अग्रणी अंतरराष्ट्रीय प्राधिकरण के अनुसार इजराइल की सैन्य कार्रवाई और नाकेबंदी के कारण लगभग 20 लाख फलस्तीनयों के समक्ष अकाल जैसे हालात हैं।
तेल का खेल: ट्रंप ने 6 पेट्रोलियम कंपनियों पर लगाया बैन
1 Aug, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कहा- ईरान की तेल कंपनियों से चोरी-छिपे करोड़ों डॉलर का कारोबार किया, ईरान ने इससे आतंकी फंडिंग की
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार देर रात ईरान से प्रतिबंधित रसायन और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की खरीद करने वाली 24 कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया। इनमें 6 भारतीय कंपनियां भी हैं। इसके अलावा चीन की 7, यूएई की 6, हॉन्गकॉन्ग की 3, तुर्किये और रूस की 1-1 कंपनी भी शामिल हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इन प्रतिबंधों की घोषणा की। मंत्रालय का कहना है कि इन कंपनियों ने 2024 में ईरानी मूल के 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा के उत्पाद यूएई के रास्ते मंगवाए। ईरान इस पैसे न्यूक्लियर प्रोग्राम बढ़ा रहा है और आतंकी फंडिंग कर रहा है। मंत्रालय ने इसे अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन बताया है। ईरान पर 2018 से प्रतिबंध है।
ईरान पर आतंकी संगठनों की फंडिंग का आरोप
ये प्रतिबंध ईरान पर अमेरिका की मेक्सिम प्रेशर की नीति का हिस्सा हैं। अमेरिका का दावा है कि ईरान अपने तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की बिक्री से जो आमदनी करता है, उसका इस्तेमाल मध्य पूर्व में अस्थिरता फैलाने और आतंकी संगठनों को समर्थन देने में करता है। अमेरिका ने कहा है कि प्रतिबंधों का मकसद सजा देना नहीं, बल्कि व्यवहार में बदलाव लाना है। प्रतिबंधित कंपनियां अगर चाहें, तो अमेरिकी ट्रेजरी विभाग से प्रतिबंध हटाने की अर्जी दे सकती हैं। इस कार्रवाई में भारत के अलावा तुर्की, चीन, यूएई और इंडोनेशिया की कुछ कंपनियों को भी निशाना बनाया गया है। अमेरिका के मुताबिक, ये कंपनियां ईरान के तेल व्यापार में सहयोग कर रही थीं।
इन भारतीय कंपनियों पर कार्रवाई
अलकेमिकल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड: इस पर सबसे बड़ा आरोप है। कंपनी ने जनवरी से दिसंबर 2024 के बीच 84 मिलियन डॉलर (करीब 700 करोड़ रुपए) से ज्यादा के ईरानी पेट्रोकेमिकल उत्पाद आयात किए।
ग्लोबल इंडस्ट्रियल केमिकल्स लिमिटेड: जुलाई 2024 से जनवरी 2025 तक कंपनी ने 51 मिलियन डॉलर (करीब 425 करोड़ रुपए) से ज्यादा के ईरानी मेथनॉल सहित अन्य उत्पाद खरीदे।
ज्यूपिटर डाई केम प्राइवेट लिमिटेड: इसी अवधि में इस कंपनी ने टोल्यून समेत ईरानी उत्पादों का करीब 49 मिलियन डॉलर का आयात किया।
रमणिकलाल एस. गोसालिया एंड कंपनी: इसने करीब 22 मिलियन डॉलर के पेट्रोकेमिकल्स खरीदे, जिनमें मेथेनॉल और टॉल्युइन शामिल हैं।
पर्सिस्टेंट पेट्रोकेम प्राइवेट लिमिटेड: अक्टूबर से दिसंबर 2024 के बीच कंपनी ने 14 मिलियन डॉलर का ईरानी मेथेनॉल आयात किया।
कंचन पॉलिमर्स: इस पर 1.3 मिलियन डॉलर के ईरानी पॉलीइथिलीन उत्पाद खरीदने का आरोप है।
प्रतिबंधों का असर क्या होगा
इन कंपनियों की अमेरिका में मौजूद सभी संपत्तियों और अमेरिकी नागरिकों/कंपनियों के साथ इनके लेनदेन को तुरंत फ्रीज कर दिया गया है। कोई अमेरिकी व्यक्ति या कंपनी इन प्रतिबंधित कंपनियों के साथ व्यापार नहीं कर सकती। इसके अलावा, इन कंपनियों की जिन दूसरी कंपनियों में हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक है, वे भी इन प्रतिबंधों के दायरे में आ जाएंगी।
फरवरी में भी 4 कंपनियों पर बैन लगाया था
अमेरिका ने इस साल दूसरी बार भारतीय कंपिनयों पर प्रतिबंध लगाए हैं। इससे पहले इस साल फरवरी में भी उसने भारत की 4 कंपनियों को बैन किया था। इन कंपनियों पर भी ईरानी पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की बिक्री और ट्रांसपोर्ट में मध्यस्थता का आरोप लगाया था। अमेरिका के मुताबिक इन कंपनियों की मदद से ईरान के ऑयल एक्सपोर्ट को अवैध शिपिंग नेटवर्क के जरिए अंजाम दिया जाता है। इन 4 कंपनियों में से 3 पर ईरानी ऑयल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के ट्रांसपोर्ट में शामिल जहाजों के कॉमर्शियल और टेक्निकल मैनेजमेंट की वजह से बैन लगाया गया। जबकि कॉसमॉस लाइन्स को ईरानी पेट्रोलियम के ट्रांसपोर्ट में शामिल होने की वजह से बैन किया।
पाकिस्तान के साथ की ऑयल डील
भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ और जुर्माना लगाने की घोषणा करने के कुछ घंटों बाद ही इंडिया को मुंह चिढ़ाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के साथ बड़ी ऑयल डील करने की घोषणा की। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने पाकिस्तान के साथ एक नया समझौता किया है, जिसके तहत दोनों देश पाकिस्तान के विशाल तेल भंडार के विकास पर मिलकर काम करेंगे। इस दौरान ट्रंप ने कहा कि ‘क्या पता एक दिन पाकिस्तान भारत को तेल बेच रहा हो’। ट्रंप ने पाकिस्तान में तेल भंडार विकसित करने की एक संयुक्त पहल का भी वादा किया।
अमेरिका ने पाकिस्तान के साथ ऑयल डील की, तेल निकालने में भी मदद करेगा, ट्रम्प बोले
1 Aug, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
क्या पता एक दिन पाक भारत को तेल बेचे
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान के साथ ऑयल डील होने का ऐलान किया है। इसके तहत पाकिस्तान के तेल भंडारों का विकास करेंगे। साथ ही उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान भविष्य में भारत को तेल बेच सकता है।
सोशल मीडिया पोस्ट करते हुए ट्रम्प ने लिखा कि हमने पाकिस्तान के साथ एक डील फाइनल की है, जिसमें अमेरिका और पाकिस्तान मिलकर वहां के विशाल तेल भंडारों का विकास करेंगे। एक तेल कंपनी को इस साझेदारी के लिए चुना जाएगा। शायद एक दिन वे भारत को भी तेल बेचें। ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कुछ ही घंटे पहले उन्होंने भारत पर टैरिफ लगाने की घोषणा की थी।
पिछले साल पाकिस्तान में तेल भंडार मिला
पाकिस्तान की समुद्री सीमा में पिछले साल सितंबर में तेल और गैस का एक बड़ा भंडार मिला था। पाकिस्तानी मीडिया हाउस डॉन के मुताबिक, इलाके में एक सहयोगी देश के साथ मिलकर 3 साल तक सर्वे किया गया था। इसमें बाद तेल और गैस रिजर्व की मौजूदगी की पुष्टि हुई। कुछ रिपोट्र्स के मुताबिक, यह भंडार दुनिया का चौथा सबसे बड़ा तेल और गैस का भंडार होगा। फिलहाल वेनेजुएला में तेल का सबसे बड़ा रिजर्व है, जहां 34 लाख बैरल तेल है। वहीं, अमेरिका का सबसे शुद्ध तेल का भंडार है, जिसे अब तक इस्तेमाल नहीं किया गया।
तेल या गैस को निकालने में लगेंगे 4-5 साल
रिपोर्ट के मुताबिक, भंडार से जुड़ी रिसर्च पूरी करने में करीब 42 हजार करोड़ का खर्च आएगा। इसके बाद समुद्र की गहराई से इसे निकालने में 4-5 साल लग सकते हैं। अगर रिसर्च सफल रही तो तेल और गैस को निकालने के लिए कुएं लगाने और बाकी इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने में और ज्यादा पैसे की जरूरत होगी। पाकिस्तानी अधिकारियों ने तेल और गैस भंडार मिलने को देश की ब्लू वॉटर इकोनॉमी के लिए अच्छा बताया है। समुद्री रास्तों, नए बंदरगाहों और सामुद्रिक नीति (मैरीटाइम पॉलिसी) के जरिए अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना ही ब्लू इकोनॉमी कहलाता है।
पाकिस्तान से तेल समझौता, भारत-रूस रिश्तों पर ट्रंप की तीखी टिप्पणी
31 Jul, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत और रूस के बीच दशकों पुराने सहयोग और मित्रता से बुरी तरह चिढ़े हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क और जुर्माना लगाने के बाद अब पाकिस्तान के तेल भंडार के विकास में सहयोग के लिए उसके साथ एक नया समझौता किया है। ट्रंप ने भारत और रूस की अर्थव्यवस्थाओं को लेकर एक बहुत ही हताशा भरा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि दोनों अर्थव्यवस्थाएं मृत हैं।
अमरीकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर बुधवार रात पाकिस्तान के तेल भंडार विकास समझौते की घोषणा की। उन्होंने लिखा कि पाकिस्तान से एक नये व्यापार ढांचे को अंतिम रूप दे दिया गया है। इसका मकसद पाकिस्तान के अप्रयुक्त तेल भंडार विकसित करना और आयात शुल्क घटाना है। इस काम के लिए अमेरिकी तेल कंपनी का चयन अभी नहीं हुआ है। यह कंपनी पाकिस्तान के ‘विशाल तेल भंडार’ के विकास का काम करेगी।
अमरीकी राष्ट्रपति ने लिखा, “हमने अभी-अभी पाकिस्तान के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत पाकिस्तान और अमेरिका अपने विशाल तेल भंडार को विकसित करने के लिए मिलकर काम करेंगे। हम उस तेल कंपनी को चुनने की प्रक्रिया में हैं, जो इस साझेदारी का नेतृत्व करेगी। कौन जाने, शायद वे किसी दिन भारत को तेल बेचेंगे!”
अमरीका की यात्रा पर गये पाकिस्तान के वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगज़ेब ने आयात शुल्क समझौते पर अंतिम चरण की बातचीत की। पाकिस्तानी मीडिया ‘द डॉन’ के मुताबिक, पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल ने बातचीत का ब्योरा नहीं दिया, लेकिन एक अधिकारी ने आशा व्यक्त की है कि एक अगस्त की समय सीमा खत्म होने से पहले समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएंगे।
गौरतलब है कि अमेरिका ने बुधवार को भारत पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की घोषणा की और रूस से सैन्य उपकरण तथा तेल खरीदने के कारण जुर्माना लगाने की बात भी कही थी।अब एक बार फिर ट्रंप ने भारत और रूस के घनिष्ठ संबंधों पर तीखा हमला बोला और कहा कि दोनों देश मिलकर अपनी ‘मृत अर्थव्यवस्थाओं’ को ध्वस्त करने के लिए स्वतंत्र हैं।
उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा, “मुझे इसकी परवाह नहीं कि भारत रूस के साथ क्या करता है। मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे मिलकर अपनी मृत अर्थव्यवस्थाओं को डुबो दें। हमने भारत के साथ बहुत कम व्यापार किया है, उनके शुल्क बहुत ज़्यादा हैं।” उन्होंने भारत की व्यापार नीतियों को ‘कठिन और परेशान करने वाला’ करार दिया और कहा कि भारत के साथ व्यापार करना अमेरिका के लिए फायदेमंद नहीं रहा है।
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