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5 साल सेवा पूरी करने वाले कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों की बहाली स्थायी, नई नीति लागू
7 Aug, 2025 12:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार में पांच साल पुराने अनुबंधित कर्मचारियों की नौकरी अब पक्की हो गई है। कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों के लिए ‘हरियाणा संविदा कर्मचारी (सेवा की सुरक्षा) अधिनियम, 2024’ को बुधवार को प्रभावी रूप से लागू कर दिया है। जिन संविदा कर्मचारियों ने न्यूनतम पांच वर्षों तक 240 दिनों की सेवा की शर्तें पूरी की हैं, उन्हें सेवा सुरक्षा का कानूनी दर्जा मिलेगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की।
जानें क्या शर्तें होनी चाहिए पूरी
सरकारी प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि किसी भी अनुबंधित कर्मचारी को ‘सुरक्षित कर्मचारी’ का दर्जा प्राप्त करने के लिए 15 अगस्त, 2024 तक कम से कम पांच वर्ष की सेवा पूरी करनी होगी, जिसमें से प्रत्येक वर्ष में उसने कम से कम 240 वर्किंग डेज का वेतन प्राप्त किया हो। यदि कोई कर्मचारी एक ही वर्ष में उच्च और निम्न, दोनों पदों पर कार्यरत रहा है, तो भी सेवा गणना की जाएगी, बशर्ते कि उसने 240 दिन का वेतन प्राप्त किया हो। यदि किसी व्यक्ति ने किसी ऐसे व्यक्ति से विवाह किया है, जिसका जीवनसाथी जीवित है या जिसने जीवित जीवनसाथी के होते हुए भी किसी व्यक्ति से विवाह किया है, तो वह अधिनियम के अंतर्गत सेवा सुरक्षा के लाभ के लिए पात्र नहीं होगा।
संविदा कर्मियों को मिलेंगे ये लाभ
नई व्यवस्था से संविदा कर्मियों को वे सभी लाभ मिलेंगे, जो अब तक केवल नियमित कर्मचारियों को प्राप्त थे। जैसे वेतन की वार्षिक वृद्धि, महंगाई भत्ता, आकस्मिक अवकाश, चिकित्सा अवकाश, सेवा पुस्तिका, स्थानांतरण और पदोन्नति में पारदर्शिता आदि। एक से अधिक शादी करने वाले इसके दायरे में नहीं आएंगे। दूसरा विवाह करने वाले या लीव-इन में रहने वालों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।अगर तलाकशुदा है और दूसरा विवाह किया है तो इस तरह के मामलों में सरकार छूट दे सकती है।
खडग़े बोले - बिहार मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण पर संसद में चर्चा चाहता है विपक्ष, सरकार इच्छुक नहीं
7 Aug, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खडग़ेे ने कहा कि विपक्षी पार्टियां बिहार में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) यानी मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा पर संसद में चर्चा की मांग कर रही हैं, लेकिन सरकार इस पर चर्चा के लिए तैयार नहीं है। खडग़ेे ने चेतावनी दी कि अगर सरकार इस मुद्दे पर चर्चा से इनकार करती है, तो इसे ऐसा माना जाएगा कि वह लोकतंत्र और संविधान को नहीं मानती। उन्होंने कहा कि एसआईआर पर चर्चा बेहद जरूरी है ताकि हर भारतीय नागरिक के मतदान के अधिकारों की रक्षा की जा सके।
विशेष गहन पुनरीक्षण एक प्रक्रिया है जिसमें चुनाव आयोग मतदाता सूची को दोबारा जांचेगा, ताकि उसमें किसी भी तरह की गलती, दोहराव या अपात्र नामों को हटाया जा सके और नए योग्य मतदाताओं को जोड़ा जा सके। विपक्षी दलों का कहना है कि बिहार में एसआईआर की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है, और इससे कई लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा सकते हैं, जिससे उनके वोट देने का अधिकार छिन सकता है। इसी वजह से वे इस पर संसद में खुली बहस चाहते हैं। खडग़ेे ने यह भी कहा कि, अगर सरकार वाकई में लोकतांत्रिक मूल्यों को मानती है, तो उसे एसआईआर पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए।
सरकार की चुप्पी पर खडग़ेे का सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़ेे के अनुसार, केंद्र सरकार एसआईआर पर चर्चा से बच रही है, जिससे शक पैदा होता है कि वह जानबूझकर इस मुद्दे को नजरअंदाज कर रही है।
मेडिकल इमरजेंसी के लिए उड़ान भर रहा प्लेन हादसे का शिकार, चार की जान गई
7 Aug, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एरिज़ोना। अमरीका में एरिज़ोना प्रांत के नवाजो नेशन में बुधवार को एक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से चार लोगों की मौत हो गई। नवाजो नेशन पुलिस ने फेसबुक पर बताया कि दुर्घटना के समय यह छोटा विमान पास के एक अस्पताल से एक मरीज को लेने जा रहा था। पुलिस के अनुसार यह दुर्घटना अपराह्न करीब 12:40 बजे एरिज़ोना के चिनले के पास हुई।
सीएनएन न्यूज चैनल ने अपनी रिपोर्ट में नवाजो पुलिस के हवाले से बताया कि हम पीडि़तों के परिवार और प्रियजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। संघीय उड्डयन प्रशासन के अनुसार राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड ने बताया कि विमान बीचक्राफ्ट 300 था, जो नवाजो नेशन के चिनले म्यूनिसिपल हवाई अड्डे पर उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। एनटीएसबी की प्रवक्ता सारा टेलर सुलिक ने सीएनएन को बताया कि एनटीएसबी के जांचकर्ता घटनास्थल के लिए रवाना हो चुके हैं और आज रात उनके पहुंचने की उम्मीद है। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद जांचकर्ता घटनास्थल का दस्तावेज़ीकरण और विमान की जांच शुरू करेंगे। इसके बाद विमान को आगे के मूल्यांकन के लिए एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाएगा। एफएए और राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड दुर्घटना के कारणों की जांच कर रहे हैं।
ट्रंप नहीं, मोदी से बात करूंगा: टैरिफ तनाव पर ब्राजील के राष्ट्रपति का बड़ा बयान
7 Aug, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ब्राजिलिया, ब्राजील और अमरीका के बीच व्यापारिक तनाव और राजनयिक खींचतान जारी है। इस बीच ब्राजील के राष्ट्रपति लुईज इनासियो लूला दा सिल्वा ने अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात करने से साफ इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि अगर ट्रंप बात नहीं करना चाहते तो मैं क्यों फोन करूं? यह बयान तब आया जब अमरीका ने ब्राजील के आयातों पर 40 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया, जिससे कुल टैरिफ 50 फीसदी हो गया।
ट्रंप ने मंगलवार को कहा था कि लूला जब चाहें, मुझसे बात कर सकते हैं। इस तनावपूर्ण माहौल में लूला ने स्पष्ट किया कि वे अब ब्रिक्स के अन्य नेताओं से बात करेंगे, जिसमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मैं शी जिनपिंग को फोन करूंगा, मैं प्रधानमंत्री मोदी को फोन करूंगा। मैं पुतिन को फोन नहीं करूंगा, क्योंकि वह यात्रा नहीं कर सकते।
इजरायली सेना में बगावत की बू: जनरल पर तख्तापलट की तैयारी का आरोप
7 Aug, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यरुशलम: इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बेटे ने एक ऐसा ट्वीट किया है, जिससे देश में हलचल मच गई है। इजरायली पीएम के बेटे ने याएर नेतन्याहू ने एक ट्वीट किया, जिसमें दावा किया गया कि सेना प्रमुख एयाल जामिर देश में तख्तापलट करने की योजना बना रहे थे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि गाजा पर इजरायल के पूर्ण नियंत्रण का भी उन्होंने विरोध किया है। दरअसल जामिर ने कहा था कि गाजा पर पूरी तरह नियंत्रण करने का प्लान इजरायल डिफेंस फोर्सेज को फंसाने का एक जाल है। याएर नेतन्याहू के पास कोई सरकारी पद नहीं है।
ऐसे में उनकी तरफ से सेना प्रमुख पर तख्तापलट की साजिश रचने का आरोप लगाने से गहरा विवाद हो गया है। उन्होंने कहा कि जामिर चाहते थे कि विद्रोह कर दिया जाए और इजरायल में सैन्य तख्तापलट हो जाए। वहीं सेना प्रमुख एयाल जामिर ने ऐसे आरोपों का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि ऐसा कैसे आप कह सकते हैं।
अमेरिका-भारत व्यापार तनाव बढ़ा: ट्रंप ने दो चरणों में टैरिफ लागू करने की घोषणा की
7 Aug, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक एग्जिक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें रूसी तेल की निरंतर खरीद के जवाब में भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया है. इसके साथ ही अब भारत से आयात होने वाले सामान पर लगने वाला टैरिफ बढ़कर 50 फीसदी हो गया है.
यह टैरिफ दो फेज में लागू होगा. पहले फेज में 7 अगस्त से भारत से आयात सामान पर 25 प्रतिशत टैरिफ लागू होगा, जबकि एडिशन टैरिफ 27 अगस्त से लागू होगा. उन्होंने यह कदम मंगलवार को भारत पर भारी टैरिफ लगाने की चेतावनी के एक दिन बाद उठाया है. ट्रंप का कहना है कि किसी भी देश की प्रतिक्रिया के हिसाब से इसमें बदलाव संभव है.
उन्होंने कहा, "मुझे विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों से अन्य बातों के अलावा, यूक्रेन की स्थिति के संबंध में रूसी संघ सरकार की कार्रवाइयों के बारे में अतिरिक्त जानकारी मिली है. इस अतिरिक्त जानकारी पर विचार करने के बाद, मुझे लगता है कि कार्यकारी आदेश 14066 में वर्णित राष्ट्रीय आपातकाल जारी है और रूसी संघ सरकार की कार्रवाइयां और नीतियां संयुक्त राज्य अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के लिए एक असामान्य और असाधारण खतरा बनी हुई हैं."
'अतिरिक्त टैरिफ लगाना आवश्यक है'
कार्यकारी आदेश 14066 में वर्णित राष्ट्रीय आपातकाल से निपटने के लिए मैं यह निर्धारित करता हूं कि भारत, जो डायरेक्ट या इनडायरेक्ट रूप से रूसी संघ से तेल आयात कर रहा है. ऐसे में उसके के आयात पर अतिरिक्त टैरिफ लगाना आवश्यक और उचित है. मेरे विचार से एग्जिक्यूटिव ऑर्डर 14066 में वर्णित राष्ट्रीय आपातकाल से निपटने के लिए किए गए अन्य उपायों को जारी रखने के अलावा, नीचे वर्णित टैरिफ लगाने से, कार्यकारी आदेश 14066 में वर्णित राष्ट्रीय आपातकाल से अधिक प्रभावी ढंग से निपटा जा सकेगा.
बता दें कि ट्रंप ने मंगलवार को कहा था कि भारत एक अच्छा ट्रेड पार्टनर नहीं रहा और वह रूसी तेल की निरंतर खरीद के मद्देनजर 24 घंटों में भारत से आयातित सामान पर वर्तमान 25 प्रतिशत की दर से और भारी टैरिफ बढ़ा देंगे.
लागू कानून के अनुरूप संयुक्त राज्य अमेरिका के सीमा शुल्क क्षेत्र में आयातित भारत की वस्तुओं पर 25 प्रतिशत एक्स्ट्रा टैरिफ लागू होगा. इस आदेश की धारा 3 के अधीन, यह शुल्क दर उन वस्तुओं पर लागू होगा, जो इस आदेश की तारीख के 21 दिन बाद उपभोग के लिए गोदाम में प्रवेश करेंगी या उपभोग के लिए गोदाम से निकाली जाएंगी,
हालांकि, आदेश उन चीजों पर लागू नहीं होगा जो 21 दिन बाद रात 12 बजकर 1 मिनट से पहले संयुक्त राज्य अमेरिका में एंट्री करने के लिए बंदरगाह पर मौजूद किसी भी जहाज पर लादी गई थीं और 17 सितंबर, 2025 को रात 12 बजकर 1 मिनट जे से पहले उपभोग के लिए प्रवेश करती हैं या उपभोग के लिए गोदाम से निकाल ली जाएंगी.
प्रियंका चतुर्वेदी ने साधा निशाना
एडिशन टैरिफ की घोषणा के बाद शिवसेना (UBT) सांसद ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, "पहले के 25 प्रतिशत से 25 फीसदी अतिरिक्त. क्या भारत अब दुनिया का सबसे ज्यादा टैरिफ वाला देश है शायद भारत के व्यापार मंत्री हमें बताएं.
शशि थरूर ने चिंता जताई
वहीं, कांग्रेस के लोकसभा सांसद शशि थरूर ने रूसी तेल की खरीद के कारण भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने के फैसले पर चिंता व्यक्त की और इसे भारत के निर्यात के लिए एक गंभीर झटका बताया. उन्होंने कहा, "इससे हमारा कुल टैरिफ 50 प्रतिशत हो जाएगा और इससे अमेरिका में बहुत से लोगों के लिए हमारे सामान खरीदना मुश्किल हो जाएगा."
'सभी मंत्री चुप क्यों हैं?'
इस संबंध में शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने कहा, "...कोई भी मंत्री इसका जवाब क्यों नहीं दे रहा है?... सभी मंत्री चुप क्यों हैं? क्या संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ व्यापार समझौता हुआ है या नहीं?..."
भारत ने अमेरिका पर साधा निशाना
इस हफ्ते की शुरुआत में ट्रंप ने नई दिल्ली पर टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी दी थी. इसके बाद भारत सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में अमेरिका और यूरोपीय संघ पर नई दिल्ली को निशाना बनाने का आरोप लगाया था. विदेश मंत्रालय ने अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच व्यापारिक संबंधों का हवाला देते हुए ट्रंप की भारत को दी गई धमकियों को अनुचित करार दिया था.
भारतीय व्यापार को झटका, ट्रंप ने 50% टैरिफ पर किया साइन
6 Aug, 2025 08:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर अब 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत द्वारा लगातार रूस से खरीदे जा रहे तेल के जवाब में यह 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ गया है। ट्रंप ने इस टैरिफ को लगाने के एक कार्यकारी आदेश पर बुधवार को हस्ताक्षर किए। प्रारंभिक शुल्क 7 अगस्त से प्रभावी होगा, जबकि अतिरिक्त शुल्क 21 दिनों के बाद लागू होगा।
क्या कहा आदेश में
व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान के मुताबिक, यह नया शुल्क आदेश जारी होने के 21 दिन बाद 12:01 AM (अमेरिकी समयानुसार) से प्रभावी होगा। हालांकि, जो सामान पहले ही जहाज पर लोड हो चुके होंगे और 17 सितंबर 2025 से पहले अमेरिका पहुंचेंगे, उन पर यह शुल्क नहीं लगेगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह टैरिफ अन्य सभी शुल्कों और टैक्स के अतिरिक होगा और कुछ खास मामलों में छूट भी दी जा सकती है
इससे पहले इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को भारत पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। ट्रंप ने आरोप लगाते हुए कहा था कि भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले सामान पर टैरिफ को बड़ी मात्रा में बढ़ाने वाले हैं। ट्रंप ने कहा कि भारत रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीद कर उसे दूसरे देशों को बेच रहा है और इससे भारी मुनाफा कमा रहा है। ट्रंप ने पिछले हफ्ते भारतीय आयात पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने के साथ ही रूस से तेल एवं गैस खरीदने पर दंडात्मक जुर्माना लगाने की भी घोषणा की थी।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, भारत रूस से भारी मात्रा में न सिर्फ तेल खरीद रहा है, बल्कि उस तेल के बड़े हिस्से को खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेचकर भारी मुनाफा भी कमा रहा है। इसके साथ ही ट्रंप ने कहा, भारत को इस बात की कोई परवाह नहीं है कि यूक्रेन में रूस की युद्ध मशीन कितने लोगों की जान ले रही है। इसी वजह से मैं भारतीय सामान पर अमेरिका में टैरिफ को काफी बढ़ाने जा रहा हूं। इस मुद्दे पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद!
दो साल की बच्ची को दी नई जिंदगी, पीजीआई में नाक से ब्रेन ट्यूमर हटाने का दुर्लभ ऑपरेशन सफल
6 Aug, 2025 05:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: उत्तर प्रदेश के अमरोहा की दो साल की बच्ची की आंखों की रोशनी जा रही थी। पीजीआई चंडीगढ़ के न्यूरोसर्जन की टीम ने एक बड़ा ऑपरेशन किया। डॉक्टरों ने बच्ची के नाक के ज़रिये 4.5 cm का ब्रेन ट्यूमर निकाला। बच्चों के न्यूरोसर्जरी में यह बहुत मुश्किल माना जाता है। डॉ. एस एस धंडापानी की टीम ने यह ऑपरेशन किया। उन्होंने बताया कि 4 cm से बड़े ट्यूमर को नाक से निकालने का ऑपरेशन 2 साल की उम्र में पहले सिर्फ एक बार स्टैनफोर्ड में हुआ है। उन्होंने बताया कि बच्ची की आंखों की रोशनी जा रही थी और हॉर्मोन की कमी थी। एमआरआई स्कैन से पता चला कि उसके दिमाग के निचले हिस्से में एक बड़ा ट्यूमर है। यह ट्यूमर ऑप्टिक नर्व और हाइपोथैलेमस जैसी ज़रूरी चीज़ों के पास था।
बेहद मुश्किल थी सर्जरी
डॉक्टरों के लिए यह सर्जरी बहुत मुश्किल थी। खासकर जब बच्चा 4 साल से छोटा हो। न्यूरोसर्जन ने बताया कि बच्चे की नाक के रास्ते बहुत छोटे होते हैं। खोपड़ी की हड्डियां भी पूरी तरह से नहीं बनी होती हैं और खून की नसें भी बहुत पास होती हैं। हमें कैरोटिड आर्टरी के पास छेद करना था। यह गर्दन की बड़ी नसें हैं जो दिमाग, चेहरे और गर्दन को खून पहुंचाती हैं। ऑपरेशन के 10 दिन बाद सीटीस्कैन किया गया। इससे पता चला कि ट्यूमर लगभग पूरी तरह से निकल गया है। बच्ची अब ठीक है। डॉ. धंडापानी ने कहा कि लेकिन हमें उसकी रोशनी वापस आने का इंतजार करना होगा। रोशनी आने में देरी इसलिए हो रही है क्योंकि वे लोग हमारे पास देर से आए।
डॉक्टर्स ने क्या बताया
डॉ. धंडापानी ने बताया कि बच्ची को देखने में बहुत परेशानी हो रही थी। उसे हॉर्मोन से जुड़ी दिक्कतें भी थीं। MRI में पता चला कि उसके दिमाग में 'क्रानियोफेरिंजियोमा' नाम का ट्यूमर है। यह दिमाग के अंदर गहराई में था। डॉक्टरों के सामने मुश्किल यह थी कि आम तौर पर ऐसे ट्यूमर को निकालने के लिए खोपड़ी खोलनी पड़ती है। लेकिन, बच्ची बहुत छोटी थी। इसलिए यह तरीका सुरक्षित नहीं थ। इसलिए डॉक्टरों ने नाक के ज़रिये सर्जरी करने का फैसला किया। यह एक आधुनिक तकनीक है। ऑपरेशन के बाद बच्ची की हालत स्थिर है। डॉक्टर उसकी रोशनी वापस आने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर बच्ची को पहले लाया जाता तो शायद रोशनी जल्दी वापस आ जाती।
आयुष्मान योजना पर घमासान, 675 अस्पतालों ने जताई नाराजगी, सरकार की टेंशन बढ़ी
6 Aug, 2025 01:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा। हरियाणा के 675 निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के तहत आज रात 12 बजे से इलाज करने का एलान है, इसको लेकर हरियाणा सरकार की ओर स्वास्थ्य विभाग के एसीएस सुधीर राजपाल और भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) के साथ दोपहर अहम बैठक होनी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस बैठक में इलाज बंद ना करने को लेकर कुछ हल निकले की संभावना जाहिर कर रहे हैं। वहीं, इसके बाद शाम को आईएमए के साथ सभी पैनलबद्ध निजी अस्पतालों के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक होगी। अभी तक आईएमए छह अगस्त यानी आज की रात 12 बजे से भुगतान बकाया होने और सिस्टम खराब होने का हवाला देकर इलाज रोकने के ऐलान पर अडिग है।
हरियाणा की राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए) ने मंगलवार को दावा किया है कि प्रदेश सरकार से बजट मिल गया है। अब पैनलबद्ध निजी अस्पतालों को पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर आयुष्मान योजना के तहत बकाया का भुगतान शुरू कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार 310 करोड़ रुपये सरकार ने जारी किए हैं। वहीं, भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) के पूर्व प्रधान डॉ. अजय महाजन ने कहा कि सरकार जब तक पूरा बकाया नहीं देती और बिगड़े हुए सिस्टम में सुधार नहीं जाता तब तक प्रदेश में सभी 675 अस्पतालों में 6 जुलाई की रात 12 बजे से इलाज बंद करने का फैसला बरकरार है।
अब तक 2,900 करोड़ रुपये दिए : सरकारी प्रवक्ता
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि योजना की शुरुआत से अब तक अस्पतालों को 2,900 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में 16 जुलाई 2025 तक राज्य और केंद्र सरकारों से मिले 240.63 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। एसएचए ने भुगतान में देरी, दावा अस्वीकृति और दावों पर प्रक्रिया न करने की शिकायतों पर भी संज्ञान लिया है। अब तक पैनलबद्ध अस्पतालों की 400 से अधिक शिकायतों को औपचारिक रूप से सीजीआरएमएस 2.0 पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत किया जा चुका है।
पूरा भुगतान, सिस्टम में सुधार के बाद ही इलाज : महाजन
आईएमए के पूर्व प्रधान डॉ. अजय महाजन ने कहा कि 15 जुलाई तक का भुगतान करने का सरकार ने वादा किया था जो कि तकरीबन 500 करोड़ रुपये बनता है। अब सरकार ने 310 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इस राशि के अस्पतालों तक पहुंचने में एक माह से अधिक लगेगा। तब तक बकाया राशि और बढ़ जाएगी। केंद्र सरकार ने कुल बकाया राशि पर प्रति माह चार फीसदी का ब्याज देने का प्रावधान बनाया है। इसके अलावा पिछले लंबित भुगतान का विवाद भी नहीं सुलझाया गया जो कि 50 से 100 करोड़ रुपये के बीच है। उन्होंने बताया कि बुधवार दोपहर को स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल के साथ आईएमए की बैठक होगी। वहीं शाम के समय पैनल में शामिल अस्पताल संचालकों की बैठक होगी जिसमें आयुष्मान योजना के तहत उपचार किया जाएगा या नहीं, इस पर फैसला लिया जाएगा।
हरियाणा बनाम पंजाब फिर आमने-सामने, SYL विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 13 अगस्त को
6 Aug, 2025 01:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा। सतलुज-यमुना लिंक नहर (एसवाईएल) विवाद पर मंगलवार को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में हुई बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के बीच सकारात्मक चर्चा हुई। बैठक के बाद सीएम सैनी ने कहा कि यह लंबे समय से चला आ रहा विषय है। इसको लेकर 9 जुलाई को भी बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें काफी सकारात्मक चर्चा हुई। आज उससे एक कदम आगे बढ़कर बातचीत हुई है। 13 अगस्त को इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। इससे पहले एक बार फिर दोनों मुख्यमंत्री आपस में बैठेंगे और इस मसले पर चर्चा करेंगे।
वहीं, भगवंत मान ने कहा कि केंद्र सरकार सिंधु जल संधि को रद्द ही रखे। इसे किसी के दबाव में बहाल मत करे। इतना ही नहीं सिंधु व उसकी सहायक नदियों का पानी भी पंजाब की ओर डायवर्ट कर दिया जाए, क्योंकि पंजाब ही इस पानी को रोक सकता है। यदि ऐसा होता है तो पंजाब न केवल हरियाणा बल्कि राजस्थान को भी जल दे सकता है दोनों मुख्यमंत्रियों ने पत्रकारों से कहा कि वे इस मसले पर बहुत ही सकारात्मक वातावरण के साथ सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे और जल्द इस मसले का हल भी निकालेंगे। इस बैठक में केंद्रीय सचिव देबाश्री मुखर्जी, मुख्यमंत्री सैनी के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल सहित सिंचाई विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
सिंधु जल संधि को लेकर मान ने केंद्र पर कसा तंज
सीएम मान ने सिंधु जल संधि को लेकर मजाकिया अंदाज में केंद्र सरकार पर तंज भी कसा। कहा-सिंधु जल संधि पर यदि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कोई पोस्ट कर दखल न दें तो पंजाब हरियाणा समेत अन्य राज्यों को भी जल देने की स्थिति में आ सकता है। हालांकि सीएम सैनी ने सिंधु जल संधि को दूसरा विषय बताया।
वाईएसएल की थ्योरी पर बढ़ना चाहिए
मान ने वाईएसएल की थ्योरी पर भी चुटकी ली। उन्होंने कहा कि पंजाब में मौजूदा जल संसाधनों के हालात यदि देखें तो एसवाईएल को छोड़कर अब वाईएसएल (यमुना-सतलुज लिंक नहर) की थ्योरी पर बढ़ना होगा। पंजाब आज सतलुज नहर के जरिये हरियाणा को पानी देने की स्थिति में नहीं है। यमुना का उफान यूपी को डुबोता है, उसके पानी को पंजाब की ओर डायवर्ट करना होगा। इसमें ग्रेविटी भी कोई बाधा नहीं बनेगी और पंजाब सभी पड़ोसी राज्यों को पानी भी दे सकेगा।
बारिशों में ज्यादा पानी आने पर कहते हैं इसे पंजाब संभाले...ऐसा अब नहीं चलेगा
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि सिंधु जल संधि यदि रद्द रहती है तो सहायक नदियों का पानी पंजाब में ही रोका जा सकता है। इसके लिए पंजाब ही फर्स्ट चैनल है, क्योंकि हमारे पास पर्याप्त बांध हैं। इस पानी को पंजाब की ओर डायवर्ट कर भाखड़ा, पौंग, रणजीत सागर और शाहपुर कंडी डैम के जरिये रोका जा सकता है। उसके बाद विभिन्न चैनलों के माध्यम से इसे अन्य प्रदेशों में भेजा जा सकता है। इससे 24 एमएएफ (मिलियन एकड़ फुट) पानी मिल जाएगा जबकि झगड़ा सिर्फ 2-3 एमएएफ का है। मान ने कहा कि आज पहाड़ों पर बादल फट रहे हैं, अत्यधिक पानी से तबाही मच रही है, लिहाजा पानी को संभालने व संचय की जरूरत है। जब पहाड़ों से ज्यादा पानी आता है तो कहा जाता है कि ये पानी पंजाब संभाले और जब कमी होती है, तो कहा जाता है कि पंजाब पानी नहीं दे रहा। ऐसा अब नहीं चल सकता। मान ने कहा कि हमें तो यह विवाद विरासत में मिला है, इस पर आज तक राजनीति ही होती आई है। अब उम्मीद है मसला हल हो जाएगा।
शेख हसीना की सत्ता के पतन के बाद आज कितना बदला बांग्लादेश
6 Aug, 2025 11:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका । बांग्लादेश में पिछले साल 5 अगस्त को एक बड़ा बदलाव देखने को मिला था, जब छात्रों के नेतृत्व में एक विशाल आंदोलन के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता छोड़कर भागना पड़ा था। यह आंदोलन सरकारी नौकरियों में कोटा प्रणाली के खिलाफ शुरू हुआ था, लेकिन जल्द ही यह हसीना की 15 साल पुरानी सरकार के खिलाफ एक जन आंदोलन में बदल गया। 1 जुलाई 2024 को, विश्वविद्यालय के छात्रों ने सरकारी नौकरियों में कोटा प्रणाली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किया। यह विरोध प्रदर्शन पूरे देश में फैल गया। 5 अगस्त 2024 तक, प्रदर्शनकारी ढाका में प्रधानमंत्री आवास को घेरने में कामयाब हो गए। इस दौरान देशभर में हिंसा हुई, जिसमें लगभग 1,400 लोगों की जान चली गई। बढ़ती हिंसा और दबाव के कारण, शेख हसीना को हेलीकॉप्टर से भागना पड़ा। उनके सत्ता से हटने के बाद, नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का नेतृत्व सौंपा गया।
लेकिन शेख हसीना के हटने के बाद, बांग्लादेश में कई बड़े बदलाव हुए हैं, लेकिन कुछ चुनौतियाँ भी सामने आई हैं। मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार बनी, जिसने देश में राजनीतिक सुधार और चुनाव कराने के लिए कदम उठाए। इस सरकार ने राष्ट्रीय सहमति आयोग जैसे कई आयोगों का गठन किया। हसीना के जाने के बाद, देश में कट्टरपंथ बढ़ गया है, जिससे खासकर हिंदुओं जैसे अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े हैं। ह्यूमन राइट्स वॉच जैसी संस्थाओं ने अंतरिम सरकार की आलोचना की है कि वह मानवाधिकारों की रक्षा करने में विफल रही है। हसीना के समर्थकों और विपक्षी दल पर भी हमले की खबरें आई हैं। अभी तक राजनीतिक दलों के बीच चुनाव की तारीख और प्रक्रिया को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। बांग्लादेश एशिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, लेकिन राजनीतिक अस्थिरता ने देश के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
संक्षेप में, शेख हसीना के जाने के बाद बांग्लादेश में एक नए युग की शुरुआत हुई है, लेकिन यह नया युग राजनीतिक अनिश्चितता, हिंसा और अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमलों की चुनौतियों से घिरा हुआ है।
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई को लेकर पीटीआई पूरे पाकिस्तान में करेगी शांतिपूर्ण प्रदर्शन
6 Aug, 2025 10:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी को 5 अगस्त को दो साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। पार्टी ने समर्थकों से अपील की है कि वे लोकतंत्र की बहाली और इमरान की रिहाई की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करें।
इमरान वर्तमान में रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं। खबर है कि पीटीआई कार्यकर्ता जेल के बाहर भी प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं। यह देखकर जेल प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग की है। प्रशासन को आशंका है कि जेल के आसपास भीड़ जुट सकती है, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
संभावित विरोध को ध्यान में रखते हुए रावलपिंडी जिला प्रशासन ने 4 से 10 अगस्त तक धारा 144 लागू कर दी है। इस अवधि में चार या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, रैली निकालने, धरना देने या किसी भी तरह के सार्वजनिक प्रदर्शन पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। जिला अधिकारियों ने कहा कि यह फैसला एहतियात के तौर पर लिया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पीटीआई ने आरोप लगाया है कि इमरान को राजनीतिक कारणों से जेल में रखा गया है और सरकार उन्हें चुनाव प्रक्रिया से दूर रखने की साजिश कर रही है। पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि इमरान की गिरफ्तारी लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। इमरान को 2023 में अदालत ने भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी ठहराया था, जिसके बाद उन्हें अडियाला जेल में रखा गया। तब से पार्टी समर्थक लगातार उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं।
लेकिन इस पूरे मामले पर सरकारी स्तर पर अब तक कोई विशेष बयान सामने नहीं आया है। वहीं विपक्षी दल पीटीआई इस दिन को लोकतंत्र बचाओ दिवस के रूप में मना रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन प्रदर्शनों के माध्यम से पार्टी आने वाले आम चुनावों से पहले जनसमर्थन जुटाना चाहती है। आने वाले दिनों में पाकिस्तान की राजनीति में इमरान खान की भूमिका और पीटीआई के आंदोलन की दिशा अहम हो सकती है।
ट्रम्प ने रुस से तेल खरीदने पर नाराजगी जाहिर करते हुए फिर कहा, अब भारत पर 24 घंटे में और बढ़ा टैरिफ लगाउंगा
6 Aug, 2025 09:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत को लेकर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए एक बार फिर कहा, कि वे अगले 24 घंटे के भीतर भारत पर और ज्यादा टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने जा रहे हैं। इसी के साथ ट्रंप ने भारत को एक अच्छा बिजनेस पार्टनर नहीं होने की बात कही और रूस से तेल खरीदने पर नाराजगी जताते हुए कहा, कि यह रूसी युद्ध मशीन को ईंधन देने जैसा है।
एक इंटरव्यू के दौरान राष्ट्रपति ट्रम्प ने मंगलवार को कहा कि भारत अमेरिका से भारी मात्रा में व्यापार करता है, लेकिन बदले में अमेरिका को कोई बड़ा फायदा नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि भारत के टैरिफ दुनिया में सबसे ज्यादा हैं और इस असंतुलन को अब बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। ट्रम्प ने इससे पहले ही 7 अगस्त से भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लागू करने का ऐलान किया था, लेकिन अब उन्होंने चेतावनी दी है कि इस टैरिफ में भारी बढ़ोतरी अगले 24 घंटों में की जाएगी। उन्होंने कहा, कि मैं अगले 24 घंटों में भारत के टैरिफ में भारी बढ़ोतरी करने जा रहा हूं।
ट्रम्प ने भारत पर रूस से बड़ी मात्रा में तेल खरीदने और इसी तेल को अन्य देशों को बेचकर मुनाफा कमाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, कि यह व्यापार अप्रत्यक्ष रूप से यूक्रेन के खिलाफ रूस की सैन्य कार्रवाई को समर्थन देना है, जो अमेरिका की विदेश नीति के खिलाफ है।
ट्रम्प के बयान से बढ़ सकता है तनाव
ट्रम्प के इन बयानों के बाद भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में तनाव और बढ़ सकता है। पहले ही 25 फीसद टैरिफ की घोषणा से भारतीय व्यापार जगत में चिंता है, और अब अतिरिक्त शुल्क की आशंका से दोनों देशों के कारोबारी रिश्तों पर असर पड़ सकता है।
ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति बोल्सोनारो नजरबंद
6 Aug, 2025 08:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ब्रासीलिया। ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने देश के पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो को नजरबंद करने का आदेश दिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में हार के बावजूद सत्ता में बने रहने के लिए तख्तापलट की साजिश रची। कोर्ट ने कहा कि बोल्सोनारो ने पहले से लगाए गए एहतियाती प्रतिबंधों का उल्लंघन किया है। इस मामले की निगरानी कर रहे न्यायमूर्ति अलेक्जेंड्रे डि मोरायस ने कहा कि बोल्सोनारो ने अपने तीन सांसद बेटों के जरिए सार्वजनिक संदेश भेजे, जो कि प्रतिबंधों का उल्लंघन है। बोल्सोनारो ने रविवार को रियो डी जेनेरियो में उनके समर्थकों की एक रैली को अपने बेटे के फोन से संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने कहा, गुड आफ्टरनून कोपाकबाना, गुड आफ्टरनून माय ब्राजील, यह हमारी आजादी के लिए है।
रूस ने अमेरिका को दिखाया आईना, BRICS देशों का दिया हवाला
5 Aug, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मॉस्को । रूस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रशासन की व्यापार नीतियों की कड़ी आलोचना की है। रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने आरोप लगाया है कि अमेरिका अपनी वैश्विक सत्ता बनाए रखने के लिए अन्य देशों पर टैरिफ और आर्थिक दबाव का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका उन देशों को निशाना बना रहा है जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी स्वतंत्र नीति अपनाते हैं। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता जखारोवा ने इसे नव-उपनिवेशवादी नीति बताया और कहा कि अमेरिका वाशिंगटन के प्रभुत्व को बनाए रखने के लिए ग्लोबल साउथ के देशों पर दबाव डाल रहा है।
दरअसल रूस की यह टिप्पणी तब आई है जब डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति रहते हुए कई देशों पर टैरिफ लगाए थे। जखारोवा ने कहा कि अमेरिका की यह कार्रवाई पूरी दुनिया को प्रभावित कर रही है। उनका आरोप है कि अमेरिका यह स्वीकार नहीं कर पा रहा है कि वैश्विक व्यवस्था बदल रही है और उसका प्रभुत्व घट रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि टैरिफ और प्रतिबंधों के जरिए इतिहास के स्वाभाविक बदलाव को रोका नहीं जा सकता है।
जखारोवा ने कहा कि रूस को बड़ी संख्या में सहयोगी और समान विचारधारा वाले देशों का समर्थन प्राप्त है, खासकर बिक्स समूह के देशों का। उन्होंने कहा कि बिक्स के सदस्य देश एक जैसी सोच साझा करते हैं और रूस इस समूह के साथ सहयोग मजबूत करने और अवैध प्रतिबंधों का विरोध करने के लिए तैयार है। बिक्स में अभी ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। 2025 में इंडोनेशिया भी इसमें शामिल हो जाएगा।
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