पंजाब
भगवंत मान सरकार का बड़ा फैसला: पंजाब में 67.84 करोड़ का कर्ज माफ, कमजोर वर्ग को फायदा
4 Jun, 2025 05:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के मंत्रिमंडल ने आज 67.84 करोड़ रुपए की कर्ज माफी को मंजूरी दी. इससे करीब 4,800 परिवारों को लाभ हुआ. राज्य में अनुसूचित जाति के समुदाय के लिए यह बड़ी राहत मानी जा रही है. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इस बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है कि 31 मार्च, 2020 तक वितरित किए गए कर्ज माफ करने की मंजूरी दी गई है. यह माफी पीएससीएफसी की ओर से इस तिथि तक वितरित किए गए सभी कर्जों के लिए है.
इस कदम से कुल 4,727 कर्जदारों को 67.84 करोड़ रुपए की राशि का लाभ होगा. जानकारी के मुताबिक कुल 4,727 कर्जदार हैं, जिनमें 4,685 डिफॉल्ट कर्जदार और 42 नियमित कर्जदार शामिल हैं जो इस माफी योजना के तहत आएंगे. इसके लिए ‘नो ड्यू सर्टिफिकेट’ पी.एस.सी.एफ.सी के जिला प्रबंधकों द्वारा जारी किए जाएंगे.
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने आगे बताया कि 30 अप्रैल, 2025 तक गणना की गई मूल राशि, ब्याज और दंड ब्याज सहित कुल 67.84 करोड़ रुपए की पूरी राशि राज्य सरकार द्वारा पी.एस.सी.एफ.सी को वापस की जाएगी. अंतिम ब्याज की राशि की गणना उस तिथि से होगी, जिस दिन सरकार इस योजना को लागू करने के लिए अधिसूचना जारी करेगी. कुल माफी राशि बढ़ सकती है.
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि जिन कर्जदारों ने पहले भी कर्ज माफी योजनाओं का लाभ लिया है, वे भी इस माफी योजना का लाभ लेने के लिए पात्र माने जाएंगे. कर्ज माफी के बाद, पी.एस.सी.एफ.सी के नियमों के तहत कर्ज लेने वालों के खिलाफ वसूली के लिए कोई कार्रवाई शुरू नहीं की जाएगी.
कट-ऑफ तिथि तक उनके खातों को पूरी तरह से सेटल माना जाएगा. हालांकि, जिन कर्जदारों ने पी.एस.सी.एफ.सी के खिलाफ अदालती मामले दर्ज किए हैं, वे तब तक पात्र नहीं होंगे, जब तक कि वे बिना शर्त अपने मामले वापस नहीं ले लेते और इसके संबंध में दस्तावेजी सबूत नहीं देते.
बता दें कि 2011 की जनगणना के अनुसार अनुसूचित जाति समुदाय की आबादी पंजाब की कुल आबादी का 31.94 प्रतिशत है. इस समुदाय के कई सदस्यों ने अपनी आर्थिक प्रगति के मकसद से स्व-रोजगार उद्यम स्थापित करने के लिए पीएससीएफसी से कर्ज लिया था. कुछ कर्जदार बाहरी परिस्थितियों के कारण कर्ज चुकाने में असमर्थ रहे, जिसके कारण वे डिफॉल्ट हो गए.
यूट्यूबर जसबीर सिंह की 'डिजिटल कुंडली': पाकिस्तान से जुड़े तार और ज्योति मल्होत्रा से संबंध उजागर
4 Jun, 2025 05:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब पुलिस ने जिस जासूस को पकड़ा है, उसके सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आए हैं. जासूस जसबीर सिंह महल के वीडियो में ज्योति मल्होत्रा नजर आई है. जसबीर ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल (जानमहल वीडियो) पर एक वीडियो अप्रैल 2024 में अपलोड किया. इसमें पाकिस्तान में ज्योति मल्होत्रा एक सूट की दुकान पर नजर आ रही है. वीडियो में ज्योति सूट खरीदते नजर आई है.
वहीं एक और वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वो पाकिस्तान पुलिस की तारीफ करते नजर आ रहा है. वीडियो में उसके साथ पाकिस्तानी पुलिसकर्मी भी दिख रहे हैं, जो उससे हाथ मिला रहे हैं, गले मिल रहे हैं. ये वीडियो जसबीर ने अपने इंस्टाग्राम पर खुद पोस्ट किया है. जासूसी के आरोप में गिरफ्तार जसबीर सिंह का पाकिस्तान पुलिस के साथ भी वीडियो है.
ब्लॉग के बहाने जसबीर ने दिखाया पाकिस्तानी पुलिस का प्यार
इसमें जसबीर सिंह पाकिस्तानी पुलिस की अच्छी इमेज दिखा रहा है. जानमहल नाम से यूट्यूब अकाउंट चलाने वाला जसबीर ब्लॉग के बहाने पाकिस्तानी पुलिस का प्यार दिखा रहा है. इसी तरह ज्योति मल्होत्रा भी पाकिस्तान पुलिस की अच्छी इमेज दिखाती थी. दोनों जब भी पाकिस्तान जाते थे, पाकिस्तान पुलिस, पाकिस्तान की एजेंसी हथियारों के साथ दोनों को सिक्योरिटी देते थे.
पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव दोनों को कड़ी सुरक्षा में घुमाते थे
किसी भी नार्मल ब्लॉगर को ऐसी सिक्योरिटी नहीं दी जाती पर इन दोनों को पाकिस्तान पुलिस और आर्मी सुरक्षा देती थी. पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव दोनों को कड़ी सुरक्षा में पाकिस्तान घुमाते थे. भारतीय एजेंसियों की जानकारी ISI को दी जाती थी. दोनों के बैंक अकाउंट से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. दोनों पाकिस्तान हाई कमीशन में काम करने वाले ISI इंस्पेक्टर दानिश के बेहद करीब थे.
तीन बार पाकिस्तान जा चुका है जसबीर सिंह
जानकारी के मुताबिक, जसबीर तीन बार (2020, 2021, 2024) पाकिस्तान जा चुका है. उसके इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज भी खंगाले गए हैं. मोबाइल से पाकिस्तान के कई नंबर मिले हैं.उसने पाकिस्तान एंबेसी के कर्मचारी दानिश के निमंत्रण पर पाकिस्तान नेशनल डे के कार्यक्रम में शिरकत की थी, जो दिल्ली पाकिस्तानी एंबेसी में हुआ था.
भारत में रहकर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले और भी लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं. पंजाब के तरनतारन इलाके से पंजाब पुलिस और काउंटर इंटेलीजेंस ने मंगलवार को गगनदीप सिंह उर्फ गगन को गिरफ्तार किया था. इसके साथ ही पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले आरोपी शकूर खान को भी गिरफ्तार किया गया था.
'ऑपरेशन सिंदूर' पर मान के कटाक्ष से सियासी पारा चढ़ा: विपक्षी दलों ने की तीखी आलोचना!
3 Jun, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ऑपरेशन सिंदूर पर टिप्पणी करने के बाद चौतरफा बवाल मचा हुआ है। मान ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन रिपोर्टों का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि भाजपा घर-घर जाकर सिंदूर बांटेगी, उन्होंने कहा कि क्या आप मोदी के नाम का सिंदूर लगाएंगे? क्या यह एक राष्ट्र, एक पति योजना है?
भाजपा पंजाब के प्रवक्ता प्रीतपाल सिंह बलियावाल ने सीएम मान की एक्स पर टिप्पणियों का वीडियो साझा किया और कहा कि भगवंत मान ने सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर का मजाक उड़ाते हुए वे बेशर्मी से पूछते हैं। "क्या आप मोदी के नाम का सिंदूर लगाएंगे? क्या यह एक राष्ट्र, एक पति है?"
बलियावाल ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर, हिंदुओं का धर्म जांचने के बाद उन्हें मारने वाले आतंकवादियों के जवाब में था, क्योंकि सिंदूर महिलाओं की पहचान के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक चिह्न है। उन्होंने मान पर "शून्य संवेदनशीलता" का आरोप लगाया और भारतीय सेना का मज़ाक उड़ाने, वीर नारियों का अपमान करने और पवित्र प्रतीकों को मज़ाक में बदलने के लिए उनकी आलोचना की।
उन्होंने कहा कि हर घर में सिंदूर भेजने वाली कोई भाजपा गतिविधि नहीं है। ऑपरेशन सिंदूर नाम का इस्तेमाल इसलिए किया गया क्योंकि आतंकवादी हिंदुओं का धर्म पूछने के बाद उन्हें मार रहे थे - सिंदूर एक ऐसा चिह्न था जिसका इस्तेमाल वे महिलाओं की पहचान के लिए करते थे। यह ऑपरेशन आतंकवाद, शहादत और भारतीय जीवन की रक्षा के बारे में था, लेकिन शून्य संवेदनशीलता वाले भगवंत मान इसे कैसे समझेंगे?
भाजपा पंजाब प्रवक्ता ने आगे कहा कि भगवंत मान को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए और पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी मान पर निशाना साधते हुए कहा कि शर्मनाक! पंजाब के सीएम भगवंत मान ने ऑपरेशन सिंदूर का मजाक उड़ाया। एक बार फिर विपक्ष ने अपना असली चेहरा दिखाया है। हमारे सशस्त्र बलों का अपमान करना और एक सफल सैन्य अभियान को कमतर आंकना। अगर यह भावना भारत विरोधी नहीं है, तो और क्या है?
7 मई को भारत ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों द्वारा 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें 26 आतंकी मारे गए थे। भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए थे।
पंजाब से ISI जासूस गगन गिरफ्तार, 'ऑपरेशन सिंदूर' की जानकारी पाकिस्तान को देने का आरोप
3 Jun, 2025 04:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बाद अब तक कई जासूसों को पकड़ा जा चुका है, जो कथित तौर पर अहम जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचा रहे थे. हालांकि, अब पंजाब से एक और पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार किया गया है. पंजाब के तरनतारन इलाके से पंजाब पुलिस और काउंटर इंटेलीजेंस ने गगनदीप सिंह उर्फ गगन को गिरफ्तार किया है.
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और पाकिस्तानी खालिस्तान समर्थक आतंकी गोपाल सिंह चावला के कहने पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सैन्य मूवमेंट और सैन्य ठिकानों की अहम जानकारियां आरोपी गगन ने पाकिस्तान को भेजी.
पंजाब से एक और जासूस गिरफ्तार
इसी के साथ आरोपी के फोन को भी खंगाला गया. गगन के फोन से भी अहम सबूत मिले हैं. उसके मोबाइल से ISI के 20 पाकिस्तान इंटेलीजेंस अधिकारियों के संपर्क में होने के सबूत हासिल हुए हैं. पंजाब के डीजीपी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए कहा, काउंटर-इंटेलिजेंस-पंजाब से प्राप्त सूचना पर एक्शन लेते हुए तरनतारन पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन में गगनदीप सिंह उर्फ गगन, निवासी मोहल्ला रोडूपुर, गली नजर सिंह वाली, को गिरफ्तार किया है.
सेना की जानकारी कर रहा था शेयर
साथ ही पोस्ट में आगे कहा गया है कि गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तान, ISI और गोपाल सिंह चावला के संपर्क में था, ऑपरेशनसिंदूर के दौरान सेना की गतिविधियों से संबंधित संवेदनशील जानकारी साझा कर रहा था. जांच से पता चला है कि आरोपी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हुए सेना की तैनाती और रणनीतिक स्थानों सहित कई अहम जानकारियां शेयर कर रहा था.
शुरुआती जांच से पता चला है कि गगनदीप सिंह पिछले 5 वर्षों से पाकिस्तान स्थित खालिस्तानी समर्थक गोपाल सिंह चावला के संपर्क में था, जिसके जरिए से उसे पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (पीआईओ) से परिचित कराया गया था. इस मामले में आगे की जांच की जा रही है.
इससे पहले पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में हरियाणा और पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान को खुफिया जानकारी मुहैया कराने के आरोप में हिसार की ट्रैवल व्लॉगर और यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा और कैथल के मस्तगढ़ गांव के देवेंद्र सिंह (25) को गिरफ्तार किया था.
कौन है गोपाल सिंह चावला?
गगनदीप के पिछले 5 वर्षों से जिस पाकिस्तान स्थित खालिस्तानी समर्थक गोपाल सिंह चावला के संपर्क में होने का पता चला है, चलिए जानते हैं वो कौन है. ननकाना साहिब के खालिस्तान समर्थक सिख नेता और पंजाबी सिख संगत के अध्यक्ष गोपाल सिंह चावला लगातार भारत विरोधी बयानबाजी में मुखर रहा है. उन्होंने कथित तौर पर भारत विरोधी प्रदर्शनों के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और माना जाता है कि आईएसआई ने उन्हें धार्मिक अवसरों पर पाकिस्तान जाने वाले भारतीय सिख जत्थों के बीच ‘सॉफ्ट टारगेट’ की पहचान करने का काम सौंपा है. चावला पहली बार जमात-उद-दावा के संस्थापक और 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के साथ तस्वीरें पोस्ट करने के बाद सुर्खियों में आया था.
भारत-पाक तनाव
भारत और पाकिस्तान के बीच इस समय तनाव काफी बढ़ गया है. इसी के बाद भारत में पाकिस्तान के जासूसों का पर्दाफाश किया जा रहा है और इन्हें पकड़ कर जांच की जा रही है. दरअसल, 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान की तरफ से अटैक किया गया. इस हमले में धर्म पूछ कर लोगों को मारा गया. इस में 26 लोगों की मौत हुई, जिसमें अधिक टूरिस्ट थे. इसी के बाद भारत ने 6-7 मई की रात ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया और पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने भी भारत पर हमला करने की नाकाम कोशिश की. इसी के बाद दोनों देशों के बीच 10 मई को सीजफायर हुआ.
AAP में अंदरूनी कलह तेज, पंजाब कार्यकर्ताओं ने नेतृत्व पर सवाल उठाए
2 Jun, 2025 06:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी में पहली बार दिल्ली के नेताओं को बोर्ड और कार्पोरेशन के चेयरमैन लगाने और महत्वपूर्ण स्थानों पर उन्हें बैठाने को लेकर जो बगावत की सुरें पनपने लगी हैं वह पार्टी के लिए संकट खड़ा कर सकती हैं। पार्टी के कई सीनियर विधायकों का कहना है कि वालंटियर अब अपनी अनदेखी बर्दाश्त नहीं कर रहे हैं।
उन्हें लग रहा है कि 2022 में सरकार को लाने में सबसे ज्यादा काम उन लोगों ने किया है और स्थापित पार्टी के नेताओं के साथ दुश्मनियां उन्होंने मोल ली हैं लेकिन अब जब सरकार बन गई हैं तो राज्य सभा की सीटें हों या फिर बोर्ड और कार्पोरेशन के चेयरमैन के पद, इन पर दिल्ली के नेताओं को बिठाया जा रहा है ।
पंजाब के सबसे महत्वपूर्ण बोर्ड पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की कमान दिल्ली की रीना गुप्ता को सौंपने से लंबे समय से दबी चिंगारी को हवा मिली है। हवा देने वालों में आम आदमी पार्टी की महिला विंग की प्रदेश प्रधान प्रीती मल्होत्रा ने दी।
बीते कल पटियाला में उन्होंने वालंटियरों के साथ जिस प्रकार रैली की और पार्टी और सरकार के खिलाफ अपनी भड़ास निकाली उसको देखते हुए पार्टी के पंजाब मामलों के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कमान संभाली है।
हालांकि प्रीती मल्होत्रा को मनाने की बजाए उन्हें महिला प्रधान के पद से हटाकर मोगा की विधायक डॉ अमनदीप कौर को प्रधान बना दिया गया है और यह संकेत दिया गया है कि जो भी बगावती सुर अपनाएगा उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।
यह बात पार्टी के वालंटियरों को हजम नहीं हो रही है। पार्टी के पूर्व प्रवक्ता इकबाल सिंह ने खुलकर कहा कि जानबूझकर पंजाबियों को दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के विभव कुमार से पूछे बिना यहां कोई काम ही नहीं करता और न ही किसी से मिला जा सकता है।
यह स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि लुधियाना पश्चिमी सीट पर इस समय उपचुनाव चल रहा है और सत्तारूढ़ पार्टी ने अपने राज्य सभा सदस्य संजीव अरोड़ा को मैदान में उतारा हुआ है। पार्टी यह चुनाव हर हालत में जीतना चाहती है क्योंकि इस जीत के चलते खाली होने वाली राज्य सभा की सीट पर दिल्ली के किसी वरिष्ठ नेता को राज्य सभा में भेजा जाएगा। पार्टी प्रधान अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन आदि में से किसी का नंबर लग सकता है।
ऐसे में पार्टी में उठ रही बगावती सुरें और पार्टी को छोड़कर नेताओं के जाने से झटका जरूर लगा है। सभी पार्टियों के घाट का पानी पीकर आम आदमी पार्टी में आने वाले लुधियाना के कमलजीत कड़वल ने आप का झाड़ू छोड़कर कांग्रेस का हाथ पकड़ लिया है। हालांकि कड़वल का दिल्ली बनाम पंजाब वाले विवाद से कोई संबंध नहीं है लेकिन सत्तारूढ़ पार्टी को छोड़कर विपक्ष का दामन थामना कहीं न कहीं यह संकेत जरूर है कि पार्टी में सब अच्छा नहीं है।
ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर बीजेपी की पोस्ट ने बढ़ाई सियासी गर्मी
2 Jun, 2025 06:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब में 1 जून 1984 को ऑपरेशन ब्लू स्टार को अंजाम दिया गया था. इसकी सालगिरह पर प्रदेश बीजेपी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की. पोस्ट में उन्होंने इस हमले में मारे गए लोगों को शहीद बताकर श्रद्धांजलि दी. पोस्ट डालने के बाद हर जगह इसकी काफी चर्चा होने लगी.
हालांकि पंजाब बीजेपी ने सोशल मीडिया अकाउंट से यह पोस्ट हटा दी है. पोस्ट में, पंजाब भाजपा ने स्वर्ण मंदिर पर हमला करने के लिए कांग्रेस सरकार की निंदा की थी. इस ऑपरेशन में अपनी जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की. इसके साथ ही उन्होंने इस ऑपरेशन से जुड़ी कुछ तस्वीरें भी साझा की थीं.
क्या थी सोशल मीडिया पोस्ट?
बीजेपी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, ‘1 जून 1984, साका नीला तारा यानी ऑपरेशन ब्लू स्टार, कांग्रेस सरकार की तरफ से दरबार साहिब पर किए गए हमले के पहले दिन शहीद हुए शहीदों को दिल से प्रणाम’. इसके साथ ही भाजपा ने अकाल तख्त, जो सिखों की सर्वोच्च धार्मिक सीट है, उसको हुए नुकसान और टायरों से भरी बख्तरबंद गाड़ी की तस्वीरें भी शेयर की थीं.
बीजेपी ने मारे गए लोगों को कहा साका
यह पहली बार नहीं हुआ है जब पंजाब बीजेपी ने ऑपरेशन ब्लू स्टार की बात की हो. इससे पहले भी वह इस हमले को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा चुकी है. लेकिन उन्होंने इससे पहले उसने कभी इस ऑपरेशन में मारे गए लोगों को साका यानी शहीद नहीं कहा. सिख समुदाय पहले से ही इस हमले में मारे गए लोगों के लिए साका शब्द का इस्तेमाल करता रहा है.
1 से 6 तक मनाया जाएगा शहीदी सप्ताह
अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने सिख समुदाय से अपील की कि 1 से 6 जून तक शहीदी सप्ताह के रूप में मनाया जाए. उन्होंने कहा कि हर साल जून का पहला सप्ताह ‘पंथ’ के लिए एक गहरा भावनात्मक और पवित्र समय होता है, जब शहीदों को याद किया जाता है. उन्होंने अपने एक बयान में कहा कि जून 1984 में जब सिख श्रद्धालु पांचवें गुरु, गुरु अर्जन देव के शहीदी दिवस को मनाने के लिए एकत्र हुए थे, तब तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने श्री अकाल तख्त साहिब और अन्य लोगों पर टैंक, तोपखाने और गोलियों की बौछार करवाई थी. सिख समुदाय जून 1984 के सैन्य हमले को कभी नहीं भूल सकता.
क्या है ऑपरेशन ब्लू स्टार?
ऑपरेशन ब्लू स्टार एक सैन्य अभियान था जिसे भारतीय सेना ने जून 1984 में अंजाम दिया. इसका मुख्य उद्देश्य अमृतसर के गोल्डन टेंपल में छिपे संत जरनैल सिंह भिंडरांवाले और उसके समर्थकों को बाहर निकालना था. भिंडरांवाले और उसके लोग वहां भारी मात्रा में हथियारों के साथ मौजूद थे और वहां से अलग खालिस्तान देश की मांग कर रहे थे. इस ऑपरेशन को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आदेश पर शुरू किया गया था. सेना को मंदिर परिसर में घुसकर आतंकवादियों से मुकाबला करना पड़ा, जिससे भारी गोलीबारी और हिंसा हुई. इसमें सैकड़ों लोगों की जान गई, जिनमें कई सैनिक और आम नागरिक भी शामिल थे. ऑपरेशन ब्लू स्टार भारतीय इतिहास की सबसे संवेदनशील घटनाओं में से एक मानी जाती है.
बठिंडा: शिकायत करने पहुंचा व्यक्ति बना चौकी इंचार्ज की पिटाई का शिकार
31 May, 2025 06:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बठिंडा: एक सप्ताह पहले सीआईए-2 स्टाफ में कथित तौर पर पुलिस की प्रताड़ना के कारण एक युवक की मौत के लिए बदनाम बठिंडा पुलिस एक बार फिर विवादों में घिर गई है।
अब बठिंडा के कैनाल कॉलोनी थाने के अंतर्गत वर्धमान पुलिस चौकी के इंचार्ज एएसआई मनजीत सिंह द्वारा अपने साथी पुलिसकर्मियों की मदद से एक ऑटो चालक के खिलाफ शिकायत लेकर चौकी आए व्यक्ति की बेरहमी से पिटाई करने और उसकी पगड़ी उतारने का मामला सामने आया है।
गुस्साए लोगों ने चौकी के सामने दिया धरना
जिसके बाद चौकी इंचार्ज द्वारा कानून को अपने हाथ में लेने से गुस्साए लोगों ने चौकी के सामने धरना लगा दिया। अपने 'तीखे' भाषण के कारण हमेशा विवादों में रहने वाले उक्त पुलिस अधिकारी की इस बदमाशी का पता चलते ही इलाके के पार्षद से लेकर भाजपा जिला अध्यक्ष सरूप चंद सिंगला और अकाली दल के नेता जगदीप सिंह गहरी सहित अन्य गणमान्य लोग भी मौके पर पहुंच गए।
जिसके बाद डीएसपी सिटी वन हरबंस सिंह धालीवाल और कैनाल कॉलोनी थाने के एसएचओ हरजीवन सिंह पुलिस चौकी पहुंचे और मौका मुआयना कर मामला एसएसपी के ध्यान में लाया।
एसएसपी अमनीत कौंडल ने प्रारंभिक सूचना के तुरंत बाद चौकी प्रभारी एएसआई मनजीत सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया और उसके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दे दिए गए हैं।
वहीं, अमरपुरा निवासी पीड़ित अमनदीप सिंह कोची ने पुलिस द्वारा की गई पिटाई के लिए बठिंडा के एक अस्पताल में मेडिकल जांच करवाई, जिसमें चोटों के कुछ निशान मिले हैं।
शुक्रवार की है पूरी घटना
जानकारी के अनुसार बीती शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे अमरपुरा बस्ती निवासी अमनदीप सिंह अपने एक अन्य दोस्त के साथ मोटरसाइकिल पर जा रहा था कि अचानक एक ऑटो चालक ने उसे कट मार दिया। जिससे उसकी मोटरसाइकिल ऑटो से जा टकराई। इसके बाद हुए विवाद में जब अमनदीप सिंह ने पीसीआर पर कॉल करके ऑटो चालक की शिकायत की, तो मौके पर पहुंचे थानेदार राम सरूप ने उसे थाने में शिकायत दर्ज करवाने को कहा।
पीड़ित युवक के अनुसार इसके बाद वह अपने पिता हर्षदीप सिंह को लेकर वर्धमान पुलिस चौकी पहुंचा। जहां मौके पर मौजूद चौकी प्रभारी एएसआई मनजीत सिंह ने उसकी एक न सुनी।
पीड़ित युवक के पिता हर्षदीप सिंह ने दावा किया कि इस दौरान तैश में आए थानेदार ने अपने साथी पुलिस कर्मचारियों की मदद से उसके सामने ही उसके बेटे अमनदीप सिंह की बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी और उसे चौकी से बाहर निकॉल दिया था।
जिसके बाद उसने अपने बेटे को बचाने के लिए इलाके के पार्षद के अलावा अन्य लोगों को पुलिस चौकी बुलाया। काफी देर तक उसके बेटे को चौकी के अंदर बिठाएं रखने के बाद जब उन्हें मिलने नहीं दिया गया, तो लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जबकि कई राजनीतिक पार्टी के लोगों ने मौके पर पहुंचकर पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठाएं और धरना शुरू कर दिया।
डीएसपी ने संभाली स्थिति
मामला बढ़ता देख डीएसपी सिटी वन ने मौके पर पहुंचकर मामले को कंट्रोल किया और पुलिस चाैकी में बिठाएं गए पीड़ित युवक अमनदीप सिंह को छोड़ दिया गया। जिसके बाद मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई। एसएसपी ने तुरंत मामले में कार्रवाई करते हुए एएसआई मंजीत सिंह को लाइन हाजिर कर उसके खिलाफ विभगीय कार्रवाई शुरू कर दी है
जजों की कमी के बीच न्यायिक सिस्टम ने दिखाया दम, लंबित केस घटे
31 May, 2025 05:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट एक तरफ जजों की भारी कमी से जूझ रहा है, जहां 85 स्वीकृत पदों के मुकाबले सिर्फ 51 जज कार्यरत हैं। वहीं, यह कोर्ट लंबित मामलों की संख्या में लगातार कमी लाने में सफल रहा है।
जनवरी 2024 में जहां लंबित मामलों की कुल संख्या चार लाख 32 हजार 227 थी जो अब यह घटकर चार लाख 30 हजार 412 रह गई है। यानी हर महीने औसतन 365 मामलों का बोझ कम हुआ है। हाई कोर्ट ने पुराने केसों की सुनवाई को प्राथमिकता देते हुए अपीलों व सिविल मामलों में उल्लेखनीय गिरावट हासिल की है।
हाई कोर्ट द्वारा की गई ठोस पहल से सेकंड अपील जैसे भारी रिकॉर्ड वाले मामलों की संख्या 48 हजार 386 से घटकर 47 हजार 633 हो गई है। सिविल केसों की संख्या 2 लाख 68 हजार 279 से घटकर 2 लाख 62 हजार 54 तक आ गई है। वर्ष भर से अधिक समय से लंबित सिविल और क्रिमिनल मामलों का प्रतिशत भी 85% से घटकर अब 79.74% रह गया है।
नेशनल ज्यूडिशियल डाटा ग्रिड के आंकड़ों के अनुसार एक से तीन साल से लंबित मामले 76,433 (18%) से घटकर 69,644 (16%) हो गए हैं। तीन से पांच साल पुराने मामले 34,653 (8%) से घटकर 31,975 (7%) हुए हैं। पांच से 10 साल से अटके केस 1,29,122 (30%) से घटकर 1,21,712 (28%) रह गए। 10 साल से अधिक पुराने मामले 1,26,854 (29%) से घटकर 1,19,885 (28%) हो गए हैं।
चीफ जस्टिस शील नागू के आदेशानुसार साल 2000 तक के पुराने मामलों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, दिव्यांगजनों, बच्चों, समाज के वंचित वर्गों, भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों, सुप्रीम कोर्ट द्वारा वापस भेजे गए केसों व निचली अदालतों में रुके मामलों के निस्तारण को शीर्ष प्राथमिकता दी जा रही है।
विशेष लिस्टिंग पॉलिसी के अंतर्गत 1994 तक के मामलों को अर्जेंट मोशन कॉज लिस्ट में शामिल किया जा रहा है, जबकि 1995 से 1999 तक के केसों को भी तेजी से निपटाया जा रहा है। ताकि वर्षों से रुके मुकदमों के निपटने की रफ्तार बढ़ सके।
कोर्ट में सुनवाई की गति बढ़ाने के लिए कुछ बेंचें सुबह नौ बजे से ही काम शुरू कर रही हैं। खासतौर पर वे जो जमानत याचिकाएं सुनती हैं। चीफ जस्टिस स्वयं 9:30 बजे से कोर्ट में बैठकर अर्जेंट मामलों की सुनवाई कर रहे हैं। कई बेंचें देर शाम तक मामलों की सुनवाई कर रही हैं।
लुधियाना उपचुनाव: AAP से लेकर कांग्रेस-बीजेपी तक, सभी की प्रतिष्ठा दांव पर
30 May, 2025 08:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के लुधियाना विधानसभा सीट के उपचुनाव का बिगुल बज चुका है. 19 जून को होने वाले उपचुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 2 जून है, जिसके लिए सभी सियासी दलों ने पूरे दमखम के साथ उतरने का ऐलान कर दिया है. लुधियाना उपचुनाव को 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव का लिटमस टेस्ट माना जा रहा है. उपचुनाव की हार-जीत से आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, अकाली दल और बीजेपी के साथ पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के सियासी भविष्य का भी फैसला करेगी?
आदमी पार्टी के विधायक गुरप्रीत सिंह बस्सी ‘गोगी’ के निधन हो जाने के चलते लुधियाना सीट पर उपचुनाव हो रहा है. कांग्रेस प्रत्याशी भारत भूषण आशु ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है. शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार एडवोकेट उपकार सिंह घुम्मन भी नामांकन पर्चा भर दिया है. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय अरोड़ा शुक्रवार को नामांकन किया, जबकि बीजेपी ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं.
आम आदमी पार्टी के लिए कितना अहम
लुधियाना विधानसभा उपचुनाव में सबसे ज्यादा प्रतिष्ठा आम आदमी पार्टी की दांव पर लगी है. 2022 में कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी में आने वाले गुरप्रीत सिंह बस्सी गोगी विधायक बनने में कामयाब रहे, लेकिन उनके निधन के बाद आम आदमी पार्टी ने अपने राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा को प्रत्याशी बनाया है. दिल्ली में हार के बाद आम आदमी पार्टी के लिए लुधियाना उपचुनाव जीतना साख का सवाल बन गया है. संजीव अरोड़ा लुधियाना के बिजनेसमैन हैं, उनकी अपनी विधानसभा क्षेत्र में मजबूत पकड़ मानी जाती है.
संजीव अरोड़ा के शुक्रवार को नामांकन में अरविंद केजरीवाल से लेकर सीएम भगवंत मान की मौजूदगी बता रही है कि लुधियाना उपचुनाव आम आदमी पार्टी के लिए कितना अहम हैं. आम आदमी पार्टी हर हाल में यह चुनाव जीतना चाहती है ताकि संजीव अरोड़ा विधानसभा चले जाए और उन्हें राज्य सरकार में किसी बड़े मंत्रालय में एडजस्ट किया जाए. लुधियाना सीट पूरी तरह शहरी इलाके में आती है, जहां पर आम आदमी पार्टी का जनाधार माना जाता है. सत्ता में रहते हुए संजीव अरोड़ा अगर नहीं जीत पाते तो बड़े सवाल खड़े होंगे.
केजरीवाल के सियासी भविष्य का सवाल
दिल्ली की सत्ता गंवाने के बाद अरविंद केजरीवाल के लिए लुधियाना उपचुनाव सियासी भविष्य के लिए काफी अहम माना जा रहा है. AAP ने राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा को उतारा है. संजीव अरोड़ा के जीतने से राज्यसभा की सीट खाली होगी, जिसके बाद ही अरविंद केजरीवाल के संसद पहुंचने का रास्ता साफ होगा. अरोड़ा लुधियाना सीट जीतने में सफल नहीं रहते हैं तो केजरीवाल के लिए संसदीय राजनीति का रास्ता 2029 तक नहीं बन पाएगा. दिल्ली और पंजाब दोनों ही जगह से कोई भी राज्यसभा सीट खाली नहीं हो रही.
दिल्ली विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद अरविंद केजरीवाल पंजाब से अब अपनी राह बनाने में लगे हुए हैं. पंजाब में आप सरकार का कार्यकाल तीन साल तीन महीने पूरा हो चुका है. यह उपचुनाव पंजाब में आप की नीतियों के प्रति आमजन के एक परीक्षण के रूप में भी देखा जाएगा. ऐसे में केजरीवाल व आम आदमी पार्टी दोनों ही लुधियाना की सियासी जंग फतह करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है.
कांग्रेस का असल सियासी इम्तिहान
कांग्रेस के लिए भी लुधियाना विधानसभा सीट काफी अहम मानी जाती है. कांग्रेस ने इस सीट पर अपने दिग्गज नेता और दो बार के विधायक भारत भूषण आशु पर एक बार फिर भरोसा जताया है. 2024 के लोकसभा चुनाव में लुधियाना सीट पर जीत से आश्वस्त कांग्रेस पूरा दमखम लगा रही है, जहां से प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग सांसद हैं. भारत भूषण आशु और पंजाब के कांग्रेस अध्यक्ष और वर्तमान में लुधियाना के सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग से अदावत किसी से छिपी नहीं है.
कांग्रेस लुधियाना उपचुनाव जीतकर 2027 के लिए मजबूत सियासी आधार और माहौल बनाने की कवायद में है, लेकिन भारत भूषण आशु की कांग्रेस नेताओं के साथ छत्तीस के आंकड़े कई मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं. अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ही नहीं पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा से आशु के साथ पटरी नहीं खाती है. कांग्रेस के राणा गुरजीत सिंह, परगट सिंह और पुराने कांग्रेसियों के सहारे आशु भी अपनी एक अलग पहचान दिखाना चाहते हैं.
भारत भूषण आशु अमेठी के सांसद किशोरी लाल शर्मा से घनिष्ठता है और सांसद किशोरी लाल भरत भूषण आशू को आगे बढ़ाना चाहते हैं, जिसके लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं, लेकिन पार्टी नेताओं की गुटबाजी चिंता जरूर पैदा कर रही है. ऐसे में कांग्रेस के लिए लुधियाना विधानसभा सीट का उपचुनाव जीतना लोहे की चने चबाने जैसा मुश्किल होता जा रहा है.
अकाली दल के लिए कितना मुश्किल?
शिरोमणि अकाली दल अबकी बार बीजेपी से अलग विधानसभा चुनाव में उतरने वाली है. सुखबीर सिंह बादल के अकाली दल के फिर से प्रधान चुन लिए जाने के बाद लुधियाना उपचुनाव में अकाली दल का प्रदर्शन पंजाब में अकाली दल और बादल परिवार की सियासत के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. शिरोमणी अकाली दल ने एडवोकेट परउपकार सिंह सिद्धू को उतारा है, जो 2022 के चुनावों में 10 हजार वोट हासिल कर सके थे, लेकिन अकाली दल की अंदरूनी कलह ने एक बड़ा झटका अकाली दल को दिया है.
उपचुनाव की सियासी तपिश सुखबीर बदल के सामनांतर नई विचारधारा का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसद अमृतपाल की अगुआई में बने अकाली दल ने बादल को उनके गढ़ में चुनौती दे रखी है. पूर्व में अकाली दल के कुछ बड़े नेता रहे टकसाली अकलियों का सुखबीर अभी तक विश्वास हासिल नहीं कर पाए हैं. मनप्रीत अयाली की नाराजगी भी खुलकर सामने आती रही है. बागी धड़े की अपनी राह है. अकाली दल बादल के लिए चुनौती है कि क्या वो खुद को भाजपा के समर्थन की परछाई से अलग कर पाएगा या नहीं.
रवनीत बिट्टू पर बीजेपी का दारोमदार
लुधियाना विधानसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी न अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं, जबकि नामांकन के लिए तीन दिन का ही समय बाकी है. लुधियाना सीट पर बीजेपी के जीत का सारा दारोमदार केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू पर है, जिन्हें लोकसभा चुनाव हारने के बाद भी मोदी सरकार में मंत्री बनाया गया है. लुधियाना उपचुनाव रवनीत बिट्टू के लिए पंजाब की सियासी भविष्य तय करेगी. 2024 के लोकसभा चुनाव में लुधियाना विधानसभा क्षेत्र से बिट्टू को 40 हजार से अधिक वोट मिले थे और राजा वडिंग से 10 हजार वोटों की लीड मिली थी. इसके पीछे वजह भारत भूषण आशु के साथ उनके रिश्ते रहे हैं.
रवनीत सिंह बिट्टू लगातार आम आदमी पार्टी को कटघरे में खड़ा करने में जुटे और अरविन्द केजरीवाल के मोहरे के रूप में भगवंत मान पर निशाना साधने से गुरेज नहीं करते. लुधियाना सीट पर भाजपा प्रत्याशी के चुनाव में उतरने के बाद रवनीत बिट्टू का धर्म संकट बढ़ना तय है कि वो अपने मित्र कांग्रेस के प्रत्याशी भारत भूषण आशु की नैया पार लगवाएं या पार्टी का भरोसा कायम रखते हुए बीजेपी प्रत्याशी को जीतने का काम करेंगे. बीजेपी उपचुनाव जीतकर 2027 के लिए मजबूत संदेश देना चाहती है. ऐसे में देखना है कि रवनीत बिट्टू क्या रोल प्ले करते हैं?
मुक्तसर में विस्फोट से दहला इलाका, पटाखा फैक्ट्री में उठीं आग की लपटें
30 May, 2025 07:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के मुक्तसर में एक पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हो गया. यह धमाका रात के वक्त हुआ. जानकारी के मुताबिक, रात करीब 1:30 बजे यह हादसा हुआ. फैक्ट्री में आग की लपटें उठने लगी और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई.
इस धमाके में अब तक 4 लोगों की मौत दर्ज की गई है. वहीं 25 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. घटना के वक्त पटाखा फैक्ट्री में रात के वक्त करीब 40 लोग काम कर रहे थे, उन 40 कर्मचारियों में से ही 25 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और आग से झुलस गए हैं. वहीं, कई लोग अभी भी मलबे में दबे हुए हैं.
मलबे में दबे हुए हैं लोग
इस हादसे के बाद अभी राहत और बचाव का कार्य जारी है. कई लोग मलबे में दबे हुए हैं. रात के वक्त जब धमाका हुआ तो मजदूरों के बीच शोर मच गया. सभी आग की लपटें देख घबरा गए और जान बचाने के लिए भागने लग गए. इस अफरा-तफरी में ही कुछ वर्कर फैक्ट्री से बाहर निकलने में सफल रहे, वहीं कुछ फैक्ट्री में ही फंस गए और मलबे में दब गए.
राहत-बचाव का कार्य जारी
इस हादसे के बाद मौके पर पुलिस पहुंच गई और फायर ब्रिगेड से लेकर राहत-बचाव दल भी मौके पर पहुंच गए. इसी के बाद जल्द से जल्द राहत और बचाव का कार्य शुरू हुआ. इस हादसे में घायल हुए लोगों को बठिंडा एम्स में भर्ती कराया गया है और सभी का इलाज जारी है. मलबे में दबे लोगों को निकालने का काम किया जा रहा है.
हालांकि, धमाका किस वजह से हुआ इसकी सटीक वजह अभी पता नहीं चली है. इसी के साथ प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं. साथ ही पुलिस का कहना है कि अगर सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई है, तो फैक्ट्री मालिकों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और एक्शन लिया जाएगा.
विदेश में फिर भारतीयों की सुरक्षा पर सवाल, ईरान में तीन युवकों का अपहरण
29 May, 2025 05:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत से बहुत लोग खाड़ी देशों में रोजगार की तलाश में जाते हैं. जो भारतीय खाड़ी देशों में रोजगार के लिए जाते हैं उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. मामला हमारे देश के तीन युवकों का है. तीनों युवक पंजाब से हैं. युवकों के नाम जसपाल सिंह, हुसनप्रीत सिंह और अमृतपाल सिंह है. जसपाल सिंह लंगरोया (एसबीएस नगर जिला) का रहने वाला है. हुसनप्रीत धूरी (संगरूर) का निवासी है. अमृतपाल सिंह होशियारपुर का है. बाताया जा रहा है कि तीनों ईरान में किडनैप हो गए हैं. जानकारी के अनुसार, तीनों युवकों को पाकिस्तानी डोंकरों ने किडनैप किया.
परिवारों ने आरोप लगाया कि तीनों को होशियारपुर के एक ट्रैवल एजेंट ने काम के लिए वीजा पर ऑस्ट्रेलिया में नौकरी दिलाने का वादा किया था. होशियारपुर के मॉडल टाउन थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, भागोवाल गांव के 23 वर्षीय अमृतपाल सिंह को इस महीने की शुरुआत में ईरान में किडनैप कर लिया गया. उसे एजेंटों द्वारा तय किए गए मार्ग से ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना होने के कुछ ही दिनों बाद अगवा कर लिया गया.
अमृतपाल की मां ने क्या बताया?
अमृतपाल की मां गुरदीप कौर ने बताया कि उनका बेटा 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई करने के बाद यहां एक कारखाने में काम कर रहा था. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे को स्थानीय ट्रैवल एजेंट धीरज अटवाल और कमल अटवाल बहलाया- फुसलाया और उससे कहा कि वो उसे काम के लिए ऑस्ट्रेलिया भेजेंगे. साथ ही उन्होंने उससे 18 लाख रुपये देने को कहा. उन्होंने बताया कि उनके बेटे ने 26 अप्रैल को दिल्ली से सीधे ऑस्ट्रेलिया के लिए उड़ान भरने की बात कही.
बेटे ने रिश्तेदारों की मदद से 18 लाख रुपये जुटाए
अमृतपाल की मां ने बताया कि उनके बेटे ने रिश्तेदारों की मदद से 18 लाख रुपये जुटाए. इसके बाद दिल्ली में उन्हें एजेंट ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया की उड़ान रद्द कर दी गई है, इसलिए अब उनका बेटा अमृतपाल अब ईरान के रास्ते ऑस्ट्रेलिया जाएगा. मां ने बताया कि अमृतपाल और दो अन्य युवक धूरी (संगरूर) का हुसनप्रीत सिंह और लंगरोया (एसबीएस नगर जिला) के जसपाल सिंह उसी दिन ईरान के लिए रवाना हुए.
विदेश मंत्रालय ने ईरान के उच्च अधिकारियों से की बात
अमृतपाल की मां ने बताया कि दो मई को करीब 2.30 बजे अमृतपाल ने फोन करके बताया कि वह सुरक्षित ईरान पहुंच गया है, लेकिन एक घंटे बाद उसने फिर फोन करके बताया कि उसे और दो अन्य युवकों को कुछ लोगों ने किडनैप कर लिया है. उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है. वहीं इस मामले में विदेश मंत्रालय ने ईरान के उच्च अधिकारियों से बात की है.
फिरोजपुर का 10 साल का श्रवण बना मिसाल, सेना का बढ़ाया हौसला
29 May, 2025 05:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पहलगाम अटैक के जवाब में भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था. इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान के तमाम आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया. इस दौरान पाकिस्तान ने जवाब देने की कोशिश की, इसकी वजह से युद्ध जैसे हालात बने थे. इस दौरान पूरा देश अपनी बहादुर फौज के साथ खड़ा था और लोग अलग अलग तरीकों से सेना का हौसला बढ़ा रहे थे. इसी क्रम में पंजाब के फिरोजपुर में रहने वाले 10 साल के बच्चे श्रवण सिंह ने भी भारतीय फौज का खूब साथ दिया.
उसकी मदद से खुश भारतीय सेना ने उसे यंगेस्ट सिविल वॉरियर कहा है. इस बच्चे को जीओसी 7 इन्फेंट्री के मेजर जनरल रणजीत सिंह मनराल ने सम्मानित किया है. उन्होंने श्रवण सिंह की देश भक्ति को सलाम किया है. आइए जानते हैं कि इस बच्चे ने ऐसा क्या कर दिया, जिसकी वजह से वह इन दिनों सुर्खियों में है. श्रवण सिंह पंजाब में फिरोजपुर के कस्बा ममदोट सरहदी गांव तरावाली का रहने वाला है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान फौज ने बॉडर से लगते उसके खेतों में अपनी पोस्ट बनाई थी. इस दौरान फौजियों को भीषण गर्मी में पानी की दिक्कत हो रही थी.
कैंप में रूक कर देखता था सेना की एक्टिविटी
ऐसे में श्रवण ने उन्हें पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी उठाई. यही नहीं, वह अपने घर से पानी के अलावा बर्फ, दूध, लस्सी आदि लेकर सेना के ठिकानों में पहुंच जाता था. वहां वह कुछ देर रूककर सेना की एक्टिविटी भी देखता और फिर आकर घर में सेना का बखान करता था. श्रवण सिंह के पिता सोना सिंह ने बताया कि उनकी जमीन पर देश की आर्मी के जवान रुके हुए थे. उनके बेटे को पता चला तो वह पहले ही दिन से फौजियों की सेवा में जुट गया था. उन्होंने भी बेटे को कभी रोका नहीं. बल्कि वह जो चीज भी सेना के कैंप में ले जाने को कहता, वह उसकी व्यवस्था करते थे.
फौज ने किया बच्चे को सलाम
सोना सिंह ने बताया कि बेटे को फौजियों की सेवा करते देख उन्हें खुद काफी खुशी होती थी. दरअसल उनका बेटा भी बड़ा होकर फौज में जाना चाहता है. वह कहता है कि वह फौजी बनकर देश की सेवा करेगा. उन्होंने बताया कि उनके बेटे के इस भाव को देखते हुए सेना के जवानों ने उसे सम्मानित किया है. सेना के मेजर जनरल ने उनके घर आकर बेटे को आइसक्रीम खिलाई और गिफ्ट दिया. बेटे ने उस गिफ्ट को बहुत सुरक्षित रखा है. कहता है कि इससे सुंदर कोई और गिफ्ट नहीं हो सकता.
गर्भवती पाई गई नाबालिग, आरोपी पर POCSO एक्ट में केस दर्ज
28 May, 2025 04:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
थाना खुईयां सरवर के अंतर्गत आते एक गांव की एक नाबालिग लड़की को पडोस के गांव का एक लडका बहला फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया, जो करीब आठ माह बाद पुलिस के हाथ लगे तो पुलिस ने दोनों को अस्पताल लाकर उनका मेडिकल करवाया जहां लड़की आठ माह की गर्भवती निकली। पुलिस ने इसकी सूचना लड़की के परिजनों को दी। इधर पुलिस ने लड़के को अदालत में पेश कर उसका दो दिनों का पुलिस रिमांड हासिल किया है।
जानकारी के अनुसार 16 वर्षीय लड़की जो कि आठवीं कक्षा पढने के बाद घर पर ही रहती थी जबकि गिदडांवाली गाव में अपने चाचा के घर रहने वाला मूल रूप से राजस्थान का लड़का आकाश पुत्र पप्पूराम गांव मे एक शादी समाराेह में गया जहां पर उसने नाबालिग को देखा और उस पर मोहित हो गया और कई दिनो तक उसकी रेकी की और कुछ दिन बाद ही लडकी को बहला फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया।
इसके बाद लड़की के परिवार वालों ने काफी जगह तलाश की लेकिन लडकी का कुछ पता नहीं चल सका। खुइयां सरवर पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि लड़का लड़की दोनों राजस्थान की ओर से पैदल आ रहे हैं जिस पर कलरखेडा चौकी के एएसआई भूपेंद्र सिंह व महिला पुलिस कर्मी अनसुईयां व उनकी टीम ने दोनों को काबू कर लिया और इसकी सूचना उनके परिजनों को दी।
इसके बाद पुलिस ने लडकी का मेडिकल करवाया जहां पर डॉक्टरों ने बताया कि लडकी आठ माह की गर्भवती है उसे अल्ट्रासाउंड व गायनोलॉजिकल डॉक्टर के पास फाजिल्का भेजा गया वहीं पुलिस ने लडके को अदालत में पेश कर उसका पुलिस रिमांड हासिल किय है। वहीं पुलिस ने लड़के के खिलाफ पहले दर्ज मामले मे बढ़ोतरी करते हुए अब पोस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
सिद्धू मूसेवाला के पिता का बड़ा फैसला, 2027 में बनेंगे मानसा से उम्मीदवार
28 May, 2025 03:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के मशहूर सिंगर रहे सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने सियासत में उतरने का ऐलान कर दिया है. मंगलवार को मनसा में कांग्रेस की ‘संविधान बचाओ रैली’ में बलकौर सिंह ने कहा कि वह अपने बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए 2027 में पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. साथ ही उन्होंने मानसा विधानसभा सीट से अपनी किस्मत आजमाने की घोषणा भी कर दी है.
मानसा में 29 मई 2022 को सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना ने दुनिया भर के उनके प्रशंसकों, शुभचिंतकों को झकझोर दिया था. सिद्धू मसेवाला की हत्या का असर साफतौर पर पंजाब की सियासत पर दिखाई दिया था. मूसेवाला हत्याकांड के एक महीने के बाद 23 जून, 2022 को संगरूर संसदीय सीट पर हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था.
सिद्धू मूसेवाला की तीसरी बरसी से ठीक पहले उनके पिता बलकौर सिंह ने आगामी विधानसभा चुनाव में मानसा सीट से उतरने का ऐलान करके पंजाब की सियासी तपिश को बढ़ा दिया है. मूसेवाला के पिता के चुनाव लड़ने से सिर्फ मानसा ही नहीं बल्कि मालवा बेल्ट में भी सियासी प्रभाव पड़ेगा?
मूसेवाला के पिता ने ठोकी चुनावी ताल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग भी मौजूदगी में बलकौर सिंह ने चुनाव लड़ने का ऐलान किया, जिसका उन्होंने स्वागत किया. बलकौर सिंह ने कहा कि वह अपने बेटे सिद्धू मूसेवाला की हत्या के लिए न्याय की मांग को और मजबूत करने के लिए यह कदम उठा रहे हैं. बलकौर सिंह ने भगवंत मान के अगुवाई वाली AAP की सरकार पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि पंजाब में हर रोज हत्या, लूट हो रही है. अपराधी बिना किसी डर के घूम रहे हैं.
बलकौर सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन वह अभी तक पकड़ा नहीं जा सका है. मूसेवाला की हत्या के कई अन्य आरोपी भी अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं. बलकौर ने कहा कि मेरा बेटा पंजाब ही नहीं देश का गौरव था, लेकिन उसकी हत्या के बाद हमें न्याय नहीं मिला. उन्होंने आगे कहा कि मैं 2027 में मानसा से चुनाव लड़ूंगा, ताकि सिस्टम में रहकर अपने बेटे के लिए न्याय की लड़ाई तेज कर सकूं.
मूसेवाला वाली की सीट से लड़ेंगे चुनाव
पंजाब के 2022 विधानसभा चुनाव में सिद्धू मूसेवाला ने मानसा सीट से कांग्रेस के टिकट पर किस्मत आजमाया था, लेकिन जीत नहीं सके थे. उन्हें आम आदमी पार्टी के नेता विजय सिंगला ने हराया था. हालांकि, सिद्धू मूसेवाला काफी लोकप्रिय थे, लेकिन मृत्यु के बाद उनकी लोकप्रियता और भी बढ़ गई. मूसेवाला की हत्या के बाद 2027 में अगला विधानसभा चुनाव होगा, इससे पहले विधानसभा चुनाव में मूसेवाला फैक्टर ने बहुत असर डाला था.
अब उनके पिता बलकौर सिंह ने भी उसी मानसा सीट से चुनाव लड़ने का दावा ठोका है, जहां से मूसेवाला ने अपनी सियासी पारी का आगाज किया था. बलकौर के चुनाव लड़ने के ऐलान से पंजाब की राजनीति में एक नया मोड़ आ सकता है.
सहानुभूति का मिलेगा सियासी लाभ
सिदधू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने कांग्रेस से चुनाव लड़ने की घोषणा की है, जिसे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने हरी झंडी भी दे दी. मूसेवाला की हत्या का दर्द अब भी युवा वर्ग में है और मूसेवाला के प्रति नौजवानों का लगाव किसी से छिपा नहीं है. मूसेवाला फैक्टर से पंजाब खासकर मालवा की सियासत इस बार भी प्रभावित होगी. कांग्रेस ने संविधान बचाओ रैली में मूसेवाला की हत्या के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और सत्ताधारी पार्टी आम आदमी पार्टी को जमकर घेरा भी. इतना ही नहीं मूसेवाला के पिता ने अपने बेटे के इंसाफ के लिए चुनाव लड़ने का ऐलान किया है, उससे उन्हें सहानुभूति का लाभ मिलने के साथ-साथ कांग्रेस को लिए मुफीद माना जा रहा है.
बता दें कि सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के एक महीने बाद 23 जून, 2022 को संगरूर संसदीय सीट पर हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था. यहां से शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के सिमरनजीत सिंह मान ने जीत हासिल की थी. इसकी सबसे अहम वजह नौजवान वर्ग में मूसेवाला की हत्या को लेकर सरकार के प्रति नाराजगी मानी गई. इसके बाद 2024 के पंजाब में लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को तगड़ा झटका लगा था और कांग्रेस को सियासी लाभ मिला था. ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव में मूसेवाला के पिता जब खुद कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे तो सियासी तस्वीर ही अलग होगी.
मालवा बेल्ट पर पड़ेगा सियासी असर
राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो बलकौर सिंह के चुनाव लड़ने से सिद्धू मूसेवाला का मामला एक बार फिर मालवा की सियासत को प्रभावित करेगा. इसकी अहम वजह ये है कि सिद्धू मूसेवाला को लेकर नौजवान वर्ग में जबरदस्त क्रेज बरकरार है और पंजाब के युवा वर्ग अपने गाड़ियों पर मूसेवाला के स्टिकर, पोस्टर और झंडे चिपकाए रहते हैं. इसके अलावा पंजाब में सिद्धू मूसेवाला की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहने युवाओं को देखा जा सकता है.
मालवा की संगरूर, बठिंडा, फरीदकोट, पटियाला जिले की विधानसभा सीटों पर सिद्धू मूसेवाला की सहानुभूति का लाभ कांग्रेस को मिल सकता है. मालवा क्षेत्र में मूसेवाला का असर भी दिख चुका है. 2024 के लोकसभा चुनाव में सोशल मीडिया पर बलकौर सिंह के अपने बेटे की हत्या और इसकी जांच के बारे में राहुल गांधी से बातचीत करने वाले वीडियो खूब शेयर किए गए थे. अब जब वो खुद ही चुनाव में उतर रहे हैं तो कांग्रेस इसे भुनाने की कोशिश करेगी.
बलकौर सिह ने यह बता दिया है कि भगवंत मान की सरकार में कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है और उनके बेटे को अभी तक इंसाफ नहीं मिल सका है, जिसके लिए उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला लिया है. उनका कहना है कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या का इंसाफ तभी मिलेगा, जब कांग्रेस सत्ता में आएगी. वैसे भी चुनाव और मतदान मुद्दों और भावनाओं से जुड़े होते हैं. मूसेवाला अभी भी लोगों
जमीन के लिए जहरीली साजिश: दही में जहर मिलाकर पति को मारने की कोशिश
27 May, 2025 04:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बठिंडा: अपने पति के नाम वाली जमीन अपने नाम करवाने और सांझे घर में दीवार करवाकर बंटवारा करवाने के लिए एक कल्युगी महिला ने अपने ही पति को दही में जहर देकर उसे जान से मारने की कोशिश की। यह घटना जिले के बलियावाली थाने के अंतर्गत आते गांव दौलतपुरा का है।
दही खाते ही पति की हालत गंभीर हो गई और परिवार के अन्य सदस्यों ने उसे उपचाार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। मामले की जानकारी मिलने के बाद थाना बालियांवाली पुलिस ने पीड़ित पति का बयान दर्ज कर आरोपित पत्नी पर मामला दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास शुरू कर दिए है। फिलहाल आरोपित पत्नी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
थाना बालियांवाली पुलिस को शिकायत देकर गांव दौलतपुरा निवासी गुरविंदर सिंह ने बताया कि करीब 18 साल पहले उसकी शादी आरोपित महिला किरणजीत कौर के साथ हुई थी और उनका एक बेटा भी है, लेकिन पति-पत्नी में अनबन रहती थी और पत्नी ने पहले तो अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन बाद में पंचायत के समझौते के चलते वह अपने ससुराल लौट आई थी। इसके बावजूद दोनों के बीच लड़ाई के चलते वह कभी अपने माता-पिता के पास तो कभी ससुराल चली जाती थी।
पीड़ित गुरविंदर सिंह ने बताया कि बीती 25 मई को जब खेत से काम करके घर लौटा, तो उसकी आरोपित पत्नी किरणजीत कौर ने उसे दही खाने को दिया, जिसमें से उसने थोड़ा दही खाया, लेकिन 5-7 मिनट बाद उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई, जिसके चलते उसके घर में रहते उसके भाई ने उसे भुच्चो मंडी के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां पर उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
पीड़ित के अनुसार आरोपित महिला किरणजीत कौर उसके नाम वाली सारी जमीन अपने नाम पर करवाना चाहती थी और सांझे घर के बीच में एक दीवार करवाकर दोनों भाईयों में बंटवारा करने का उस पर दबाव बना रही थी, लेकिन उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया, तो उसने उसे जहरीला पदार्थ देकर मारने की कोशिश की।
थाना बलियावाली के प्रभारी इंस्पेक्टर बलतेज सिंह ने बताया कि पीड़ित व्यक्ति के बयानों के आधार पर आरोपित पत्नी किरणजीत कौर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जारी है और अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। आरोपित महिला की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम छापेमारी कर रही है।
मध्यप्रदेश पुलिस का नशे के विरुद्ध सख्त प्रहार
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