पंजाब
मंत्री संजीव अरोड़ा के साथ बेटे काव्य अरोड़ा भी रडार पर; ईडी ने खंगाले रीयल एस्टेट दफ्तर
18 Apr, 2026 12:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना | प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा, उनके परिवार और करीबियों के ठिकानों पर की जा रही छापेमारी अब समाप्त हो गई है। पंजाब में तीन दिनों के भीतर केंद्रीय एजेंसी की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले 15 अप्रैल को राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के परिसरों की भी सघन तलाशी ली गई थी।
इनसाइडर ट्रेडिंग और विदेशी निवेश की जांच
जांच एजेंसी के अनुसार, यह कार्रवाई शेयर बाजार में 'इनसाइडर ट्रेडिंग' और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रास्ते सट्टेबाजी के धन को भारत लाने यानी 'राउंड ट्रिपिंग' से जुड़े विदेशी मुद्रा उल्लंघन के संदेह में की गई है। ईडी ने लुधियाना, जालंधर, गुरुग्राम और चंडीगढ़ सहित कुल 13 स्थानों पर फेमा (FEMA) के प्रावधानों के तहत दबिश दी। इस जांच के दायरे में मंत्री अरोड़ा के पुत्र काव्य अरोड़ा और उनकी रियल एस्टेट फर्म 'हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड' भी शामिल हैं।
वित्तीय सलाहकार और सट्टेबाज भी निशाने पर
मंत्री के अलावा, लुधियाना की निवेश फर्म 'फाइंडॉक फिनवेस्ट' के संचालक हेमंत सूद और जालंधर के कथित सट्टेबाज चंद्रशेखर अग्रवाल के ठिकानों पर भी तलाशी ली गई। छापेमारी के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की सहायता ली गई। गौरतलब है कि संजीव अरोड़ा वर्तमान में सरकारी कार्य से विदेश दौरे पर हैं।
पुराने आरोपों का साया
यह पहली बार नहीं है जब अरोड़ा पर शिकंजा कसा गया है; 2024 में भी उनके यहां रेड हुई थी। एजेंसी का आरोप है कि उनकी कंपनियों ने औद्योगिक उपयोग के लिए आरक्षित जमीन का गलत तरीके से आवासीय परियोजनाओं में इस्तेमाल किया, जिससे सरकारी खजाने को भारी क्षति हुई और अवैध संपत्ति अर्जित की गई।
लोकसभा सीट बढ़ाने के प्रस्ताव पर CM भगवंत मान ने जताई आपत्ति
17 Apr, 2026 11:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। केंद्र सरकार के प्रस्तावित परिसीमन कानून के लागू होने पर पंजाब की सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। नई व्यवस्था के तहत लोकसभा और विधानसभा सीटों में बढ़ोतरी के साथ राजनीतिक समीकरण भी बदलेंगे और दलों को नई रणनीति बनानी पड़ेगी। अनुमान है कि परिसीमन के बाद पंजाब में लोकसभा सीटों की संख्या 13 से बढ़कर 19 हो सकती है जबकि विधानसभा सीटें 117 से बढ़कर करीब 140 तक पहुंच सकती हैं। इसके चलते नए हलकों का गठन होगा और कई शहर व गांव अपने पुराने क्षेत्रों से बदल जाएंगे जिससे चुनावी गणित पर सीधा असर पड़ेगा।
सियासत भी गरमाई
इस मुद्दे पर प्रदेश की सियासत भी गरमा गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि परिसीमन किसी एक पार्टी के फायदे के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि या तो महिला आरक्षण मौजूदा 543 लोकसभा सीटों के आधार पर लागू किया जाए या सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में बढ़ाई जाएं। मान ने आरोप लगाया कि जहां भाजपा मजबूत है वहां सीटें बढ़ाने और जहां कमजोर है वहां संख्या कम रखने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि परिसीमन निष्पक्ष होना चाहिए और इसके लिए आगामी जनगणना के आंकड़ों का उपयोग किया जाना चाहिए। आप नेता मनीष सिसोदिया ने भी आरोप लगाया कि विधेयक की आड़ में सीटों की संरचना से छेड़छाड़ की जा रही है जो देश की जनसांख्यिकी के खिलाफ है। वहीं शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल ने कहा कि इस कदम से सत्ता संतुलन हिंदी भाषी राज्यों की ओर झुक सकता है जिससे संघीय ढांचा कमजोर होगा। उन्होंने प्रस्तावित परिसीमन की कड़ी आलोचना की है।
ED की छापेमारी पर सियासत तेज, CM मान बोले- हम किसी से नहीं डरते
17 Apr, 2026 11:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना। पंजाब के लुधियाना में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार तड़के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के आवास और उनसे जुड़ी संपत्तियों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी मुद्रा उल्लंघन (FEMA) के आरोपों की जांच के तहत की गई है।
इस घटना के मुख्य विवरण निम्नलिखित हैं:
कार्रवाई का कारण और दायरा
मुख्य आरोप: ईडी की यह जांच मुख्य रूप से जमीन सौदों में अनियमितताओं, स्टॉक मार्केट में कथित इनसाइडर ट्रेडिंग और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से सट्टेबाजी के पैसे की 'राउंड-ट्रिपिंग' से जुड़ी है।
संजीव अरोड़ा का पक्ष: मंत्री ने सोशल मीडिया (X) पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उनके परिसर में जांच चल रही है और वे एजेंसी के साथ पूर्ण सहयोग करेंगे।
लोकेशन: लुधियाना के गुरुदेव नगर स्थित उनके घर के साथ-साथ उनके बेटे काव्या अरोड़ा और रियल एस्टेट कंपनी 'हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड' से जुड़े ठिकानों पर भी तलाशी ली गई।
आप नेताओं पर लगातार कार्रवाई
यह रेड पिछले 48 घंटों में आम आदमी पार्टी (AAP) के किसी बड़े नेता पर दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले बुधवार को जालंधर में राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल और उनके द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थानों (LPU) पर भी ईडी ने छापेमारी की थी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री भगवंत मान: सीएम ने इस कार्रवाई को 'लोकतंत्र पर हमला' करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा आगामी चुनावों की तैयारी के तहत आप नेताओं को डराने की कोशिश कर रही है, लेकिन पार्टी ऐसी एजेंसियों से डरने वाली नहीं है।
पार्टी का रुख: आप नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार तानाशाही कर रही है और बिना किसी ठोस सबूत के केवल राजनीतिक द्वेष के कारण छापेमारी की जा रही है।
पुराना संदर्भ
संजीव अरोड़ा इससे पहले भी जांच एजेंसियों के रडार पर रहे हैं। उन पर औद्योगिक भूमि को अवैध रूप से आवासीय परियोजनाओं में बदलने और सरकारी खजाने को नुकसान पहुँचाने के आरोप लगते रहे हैं, जिसकी फाइलें अब दोबारा खुलने की संभावना जताई जा रही है।
जालंधर में तेज आंधी के साथ बारिश, सात जिलों में अलर्ट जारी
17 Apr, 2026 09:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर। पंजाब में आज माैसम बदल गया है। जालंधर में सुबह आंधी के साथ आई तेज बरसात से पारे में गिरावट आई और माैसम सुहाना हो गया। मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। इसके तहत सात जिलों पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा में कुछ जगह 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और साथ में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
पंजाब में गर्मी बढ़ने के बाद वीरवार को पारा 40.7 डिग्री पहुंच गया था। अधिकतम तापमान में 1.3 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। यह सामान्य से 3.5 डिग्री ऊपर बना हुआ है। वहीं शनिवार को मौसम शुष्क रहेगा लेकिन रविवार को 10 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। विभाग के मुताबिक आने वाले दो दिन के दौरान तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की वृद्धि दर्ज की जा सकती है। पंजाब में 40.7 डिग्री के तापमान के साथ बठिंडा सबसे गर्म रहा। पंजाब के न्यूनतम तापमान में भी 1.2 डिग्री की वृद्धि दर्ज हुई। फिलहाल यह सामान्य के नजदीक बना है। सबसे कम 16.5 डिग्री का न्यूनतम पारा गुरदासपुर का दर्ज किया गया। अमृतसर का अधिकतम पारा 38.0 डिग्री, लुधियाना का 39.6 डिग्री, पटियाला का 39.5 डिग्री, पठानकोट का 36.7 डिग्री, फरीदकोट का 39.5 डिग्री, एसबीएस नगर का 36.6 डिग्री, होशियारपुर का 36.2 डिग्री और रूपनगर का 37.7 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं अमृतसर का न्यूनतम पारा 19.7 डिग्री, लुधियाना का 18.0 डिग्री, पटियाला का 17.6 डिग्री, पठानकोट का 16.7 डिग्री, बठिंडा का 21.6 डिग्री, फाजिल्का का 18.8 डिग्री, फिरोजपुर का 18.7 डिग्री और होशियारपुर का 22.0 डिग्री दर्ज किया गया।
देर रात फायरिंग में युवक की मौत, पुलिस जांच में जुटी
16 Apr, 2026 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भुल्लर। अमृतसर के गांव भुल्लर में बुधवार देर रात पुरानी रंजिश के चलते एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान मंजीत सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार मंजीत सिंह अपनी कार में एक चिकन शॉप के बाहर बैठा हुआ था। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार कुछ युवक वहां पहुंचे और आते ही उस पर फायरिंग शुरू कर दी। गोलियां लगने से मंजीत गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद आसपास के लोगों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। मृतक के चाचा के बेटे मलकी सिंह ने बताया कि मंजीत सिंह की कुछ लोगों के साथ पुरानी रंजिश चली आ रही थी। इसी रंजिश को लेकर पहले भी साल 2024 में एक मामला दर्ज हुआ था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। शुरुआती जांच में मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
गेहूं खरीदी में देरी से भड़के किसान, ट्रेनों को रोकने की तैयारी
16 Apr, 2026 09:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना। केंद्र की एजेंसियों द्वारा पंजाब में गेहूं की खरीद ठप होने के विरोध में आजाद किसान मोर्चा (एकेएम ) ने बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। मोर्चे के वरिष्ठ नेताओं सुख गिल मोगा, सतनाम सिंह हरिके, जसबीर सिंह आहलूवालिया, परमजीत सिंह जब्बोवाल और नछत्तर सिंह ने कहा कि किसानों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ 17 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक पूरे पंजाब में रेलों का चक्का जाम किया जाएगा।
नेताओं ने बताया कि यह प्रदर्शन किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) और संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) से जुड़ी विभिन्न किसान संगठनों के संयुक्त सहयोग से किया जाएगा। इस दौरान राज्यभर में शांतिपूर्ण तरीके से रेल यातायात रोककर सरकार तक किसानों की आवाज पहुंचाई जाएगी। सुख गिल मोगा ने कहा कि गेहूं की खरीद में हो रही देरी के कारण किसानों को मंडियों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों की लापरवाही के चलते अनाज मंडियों में पड़ा है, जिससे किसान आर्थिक और मानसिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। किसान नेताओं ने केंद्र और पंजाब सरकार से मांग की कि गेहूं की खरीद तुरंत शुरू की जाए, ताकि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मोर्चे ने किसानों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में इस प्रदर्शन में शामिल होकर इसे सफल बनाएं, ताकि मंडियों में पड़ी गेहूं की फसल को खराब होने से बचाया जा सके और सरकारों को सबक सिखाया जा सके। इस मौके पर विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिनमें बीकेयू, पंजाब किसान यूनियन, बाढ़ पीड़ित किसान संघर्ष कमेटी, भारतीय किसान मजदूर यूनियन समेत कई जत्थेबंदियों के नेता शामिल थे।
शादी का झांसा देकर अपराध, आरोपी को 20 साल की कैद
16 Apr, 2026 09:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर। जिला एडिशनल सेशन जज-कम-स्पेशल ट्रायल अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 20 साल कठोर कारावास और 55 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। गांव खुशूपुरा निवासी आरोपी बॉबी उर्फ बब्बी के खिलाफ थाना भिंडी सैदां में मामला दर्ज किया गया था जिसमें अपहरण और पोक्सो एक्ट की धाराएं लगाई गई थीं। मामले के अनुसार 12 अप्रैल 2024 की दरमियानी रात को पीड़िता के माता-पिता घर में सो रहे थे। रात करीब 1 से 2 बजे के बीच पीड़िता की मां उठी तो उसकी नाबालिग बेटी घर में मौजूद नहीं थी। परिवार ने आसपास तलाश की जिसके बाद पता चला कि आरोपी बाॅबी उसे शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया था। जांच में सामने आया कि आरोपी पहले से विवाहित था और उसके दो बच्चे हैं। उसने पीड़िता को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने के बाद उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने साक्ष्य एकत्रित कर अदालत में पेश किए। सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल की सजा और 55 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत नेअपने फैसले में स्पष्ट किया कि नाबालिगों के साथ इस प्रकार के अपराध गंभीर हैं और ऐसे मामलों में कड़ी सजा आवश्यक है ताकि समाज में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
बस पलटने से मचा कोहराम, 8 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत
15 Apr, 2026 02:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में श्रद्धालुओं से भरी बस पलट गई। हादसे में आठ लोगों की माैत हो गई है। एसएचओ बलवीर सिंह ने बताया कि सुबह 10 बजे कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि चुन्नी मरांडा रोड पर एक हादसा हो गया है। पुलिस मौके पर पहुंची, जहां बस पलटी हुई थी। घायलों को अस्पताल भेजा गया। 1-2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। उन्हें भी अस्पताल भेजा गया। कम से कम 7 लोगों की मौत हुई है। बस में लगभग 35 लोग सवार थे, जो मेन माजरी से गुरुद्वारा साहिब, फतेहगढ़ साहिब जा रहे थे... लोग बता रहे हैं कि नीचे से एक ज़ोरदार आवाज़ आई, जैसे एक्सेल टूट गया हो। इसके बाद गाड़ी बेकाबू होकर पलट गई। 20 लोग अस्पताल में हैं। एफएसएल टीम मौके पर पहुंच गई है... इसके बाद जो भी जरूरी कार्रवाई होगी, हम करेंगे।
बैसाखी मेले से लाैट रहे थे श्रद्धालु
बताया जा रहा है कि फतेहगढ़ साहिब से करीब 40 श्रद्धालु श्री आनंदपुर साहिब में बैसाखी मेले गए थे। फतेहगढ़ साहिब के एसपी शुभम अग्रवाल के अनुसार घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया और उनका इलाज जारी है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी जारी है। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। गांव मैन माजरी में इस घटना से गहरा दुख है, क्योंकि एक ही गांव के कई लोगों की जान चली गई। कुछ परिवारों ने अपने एक से अधिक सदस्यों को खो दिया, जिससे माहौल बेहद गमगीन हो गया है। स्थानीय विधायक रुपिंदर सिंह हैप्पी ने हादसे पर शोक जताया है।
एडवोकेट धामी ने हादसे पर दुख जताया
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने फतेहगढ़ साहिब में हुए हादसे में सात श्रद्धालुओं की मौत पर गहरा दुख जताया है। एडवोकेट धामी ने कहा कि इस भयानक हादसे में मारे गए श्रद्धालुओं के परिवारों के लिए यह बहुत दुख की घड़ी है। उन्होंने भगवान से दिवंगत हुए श्रद्धालुओं की आत्मिक शांति और घायलों के ठीक होने की प्रार्थना की। एडवोकेट धामी ने कहा कि शिरोमणि कमेटी दुख की इस घड़ी में परिवारों के साथ है और पीड़ितों की हर मुमकिन मदद की जाएगी।
सीएम ने जताया दुख
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्रद्धालुओं की मृत्यु पर दुख व्यक्त किया और कहा कि राज्य सरकार दुख की इस घड़ी में पीड़ितों के साथ खड़ी है। वहीं पंजाब कांग्रेस के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने श्रद्धालुओं की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया। वड़िंग ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि बस्सी पठाना के पास हुए दुखद बस हादसे से मैं बहुत दुखी हूं। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। वाहेगुरु इस कठिन समय में शोक संतप्त परिवारों को शक्ति प्रदान करें। उन्होंने कहा कि बैसाखी के अवसर पर श्री आनंदपुर साहिब से लौट रहे छह श्रद्धालुओं की एक दुखद बस दुर्घटना में हुई मृत्यु के बारे में सुनकर मुझे गहरा दुख हुआ है। मैं वाहेगुरु से प्रार्थना करता हूँ कि वे दिवंगत आत्माओं को चिर शांति प्रदान करें, शोकाकुल परिवारों को इस दुख को सहन करने की शक्ति दें, और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।"
रील से मिली सीख, राजिंदर कौर ने हादसे में बचाई अपनी जान
15 Apr, 2026 10:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना। वृंदावन के यमुना तट पर हुए दर्दनाक नाव हादसे में लुधियाना की रजिंदर कौर को एक रील के टिप्स मौत के मुंह से निकाल लाए। सोशल मीडिया पर देखी गई एक चंद सेकंड की रील उनके लिए फरिश्ता बन गई। राजिंदर कौर ने बताया कि हादसे के दौरान काल बनकर यमुना की लहरें उफन रही थीं और नाव पलट चुकी थी। इस दौरान उन्हें इंस्टाग्राम पर रील में देखे जीवन रक्षक टिप्स याद आए। उन्होंने पानी के भीतर अपना मुंह बंद रखा, सांसें रोकीं और हाथ-पैर चलाकर खुद को सतह पर बनाए रखा। मौत को मात देकर बाहर निकलीं रजिंदर ने न सिर्फ अपनी जान बचाई, बल्कि साहस का परिचय देते हुए एक युवक और अन्य महिला को भी सुरक्षित बाहर निकलवाने में मददगार बनीं। रजिंदर कौर का कहना है कि डूबते समय नाव कई बार उनके सिर से टकराई लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। वे बचाव दल की नाव का कुंडा पकड़कर मौत के मुंह से बाहर निकल आईं। इस हादसे में राजिंदर कौर ने अपनी बहादुरी का परिचय दिया।
यश भल्ला का अंतिम संस्कार
वहीं, इस हादसे में जान गंवाने वाले लुधियाना निवासी 21 वर्षीय यश भल्ला का मंगलवार को अंतिम संस्कार किया गया। वह आठ साल की उम्र से ढोलक की थाप से लोगों मंत्रमुग्ध कर रहा था। यश पहली बार बांके बिहारी के दर्शन के लिए इतना उत्साहित था कि उसने घर से निकलते समय मां से वादा किया था कि अगली बार उन्हें भी साथ ले जाएगा। चश्मदीदों के मुताबिक हादसे के वक्त भी यश नाव की आखिरी सीट पर बैठा प्रभु भक्ति में लीन होकर ढोलक बजा रहा था। मां सरोज को उसका आखिरी फोन कॉल आज भी याद है जिसमें उसने बस में बैठते ही कहा था कि अब फोन मत करना, मैं ढोलक बजाने जा रहा हूं। 10 अप्रैल को हुए इस हादसे के बाद 15 श्रद्धालुओं के शव मिल चुके हैं, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है। रजिंदर कौर ने बताया कि हादसा स्टीमर के ओवरलोड होने से नहीं, बल्कि यमुना पर बन रहे पुल की रस्सी में नाव के फंसने और टकराने के कारण हुआ।
उच्च पदों के नियम बदले, पंजाब-हरियाणा का वर्चस्व खत्म, विरोध तेज
15 Apr, 2026 07:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। बीबीएमबी के अहम पदों पर पंजाब-हरियाणा का वर्चस्व खत्म हो गया है। विद्युत मंत्रालय ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (संशोधन) नियम 2026 जारी किए हैं, जिसके तहत बीबीएमबी के टॉप पदों पर नियुक्ति के द्वार दूसरे राज्यों के अधिकारियों के लिए भी खुल गए हैं। पहले इन पदों पर पंजाब और हरियाणा के अधिकारियों की नियुक्ति होती थी। इसे लेकर पंजाब और हरियाणा में विरोध शुरू हो गया है। पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि यह संघीय ढांचे पर हमला है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बोर्ड के सदस्य (सिंचाई) और सदस्य (विद्युत) के पद पर नियुक्ति के लिए ये नए नियम जारी किए गए हैं। हालांकि संशोधनों में कहा गया है कि दोनों पदों पर भर्ती में हरियाणा और पंजाब को प्राथमिकता दी जाएगी लेकिन अब इसकी गारंटी नहीं है कि उक्त पदों पर पहले की तरह दोनों राज्यों के अधिकारियों की ही नियुक्ति होगी। संशोधित नियमों में उम्मीदवारों के लिए पात्रता शर्तों में उच्च योग्यता और अनुभव निर्धारित किया गया है, जिससे पंजाब की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि सूबे की सरकार पहले ही केंद्र सरकार पर बोर्ड में अपने अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाती रही है।
क्या हैं नए नियम
नए नियमों के अनुसार सदस्य (सिंचाई) पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से सिविल या मैकेनिकल इंजीनियरिंग में इंजीनियरिंग डिग्री होनी चाहिए और उनके पास कम से कम 20 वर्षों का नियमित अनुभव होना चाहिए। इसी तरह सदस्य (विद्युत) पद के लिए अब विद्युत या मैकेनिकल इंजीनियरिंग में इंजीनियरिंग डिग्री के साथ-साथ 20 वर्ष का अनुभव होना चाहिए। केंद्र सरकार ने सोमवार को इन पदों के लिए नियम अधिसूचित किए हैं, जिससे साफ है कि अगर हरियाणा और पंजाब से उपयुक्त रूप से योग्य अधिकारी उपलब्ध नहीं हैं तो अन्य राज्यों के उम्मीदवारों को भी नियुक्त किया जा सकता है। बीबीएमबी को लेकर पिछले साल विवाद शुरू हुआ था, जब पंजाब सरकार ने हरियाणा को पानी देने से इन्कार कर दिया था। पंजाब ने आरोप लगाया था कि हरियाणा अपने हिस्से का पानी इस्तेमाल कर चुका है, इसलिए अतिरिक्त पानी देने से इनकार किया गया। इसे लेकर काफी विवाद हुआ था और नंगल में सीएम भगवंत सिंह मान ने खुद मोर्चा संभाला था तथा बीबीएमबी पर अतिरिक्त पानी छोड़ने के प्रयासों का आरोप लगाया था। यहां विधायकों के साथ स्थानीय लोगों ने भी धरना दिया था।
पंजाब के अधिकारों पर हमला, फैसला तुरंत वापस ले केंद्र
कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार ने पंजाब के विरुद्ध फैसला लिया है। यह संविधान के साथ ही सूबे के अधिकारों पर भी हमला है, जिसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीबीएमबी में पंजाबी अधिकारी की नियुक्ति पहले लाजिमी होती थी, लेकिन अब जिन नियमों में संशोधन किया गया है, उससे देश के किसी भी हिस्से से अधिकारी की नियुक्ति की जा सकती है। पंजाब के अधिकारी सूबे की जरूरतों को भली-भांति जानते हैं, लेकिन बाहरी अधिकारी सूबे के हितों को ध्यान में रखकर फैसले नहीं ले सकता। प्रदेश पहले ही बाढ़ झेल चुका है और आगे अगर खतरा बढ़ता है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
हरियाणा के हितों से किया जा रहा खिलवाड़ : हुड्डा
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड को लेकर केंद्र सरकार के नए नियम हरियाणा विरोधी हैं। राज्य के गठन के समय बोर्ड में संतुलन बनाए रखने के लिए नियम तय किए गए थे, जिनमें सिंचाई सदस्य हरियाणा से और पावर सदस्य पंजाब से होना तय था, साथ ही अध्यक्ष हिमाचल से होता था। हुड्डा ने आरोप लगाया कि नए नियमों में किसी भी राज्य के व्यक्ति को किसी भी पद पर बैठाने की छूट दे दी गई है, जिससे हरियाणा के अधिकार कमजोर हो सकते हैं। सतलुज यमुना लिंक नहर के मुद्दे पर हुड्डा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला हरियाणा के पक्ष में होने के बावजूद राज्य को उसका पानी नहीं मिल रहा है।
रास्ते में छीने गए पैसे, तीनों बच्चों को पुलिस ने किया बरामद
14 Apr, 2026 09:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर। बटाला क्षेत्र से बिना बताए घर से निकले तीन नाबालिग बच्चे अमृतसर में संदिग्ध हालत में घूमते मिले। सूचना मिलने पर पुलिस 112 की रिस्पांस टीम मौके पर पहुंची और बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। पुलिस के अनुसार तीनों बच्चे बहुत ज्यादा डरे ओर घबराए हुए थे। पहले तो पूछताछ में वे कुछ भी बताने से हिचकिचा रहे थे, लेकिन बाद में उन्होंने बताया कि वे घर से बिना किसी को बताए निकल आए थे और उनके पास करीब एक हजार रुपये थे। रास्ते में एक अज्ञात व्यक्ति ने उनसे पैसे छीन लिए, जिसके बाद वे और अधिक घबरा गए और भटकते हुए अमृतसर पहुंच गए। तुरंत कार्रवाई करते हुए इन बच्चों के परिवार का पता लगाया गया ओर बटाला पुलिस से संपर्क कर परिवारों को सूचना दी गई। काफी समय के बाद परिवार से संपर्क हो पाया ओर बच्चों को सुरक्षित उनके हवाले कर दिया गया। अपने बच्चों के सकुशल मिलने पर परिजनों ने राहत जताई। पुलिस अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों पर निगरानी रखें और उन्हें बिना बताए घर से बाहर जाने से रोकने के लिए जागरूक करें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
21 साल बाद कर्मचारी को मिला न्याय, कोर्ट का अहम आदेश
14 Apr, 2026 08:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक अहम और नजीर कायम करने वाला फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी विभाग में जूनियर कर्मचारी को नियमित किया जाता है तो सीनियर कर्मचारी को उससे वंचित नहीं किया जा सकता। अदालत ने करीब 21 साल पुरानी कानूनी लड़ाई में पीआरटीसी कर्मचारी गुरमेल सिंह के पक्ष में फैसला देते हुए उनकी सेवा नियमित करने और सभी बकाया लाभ देने के आदेश दिए हैं। जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की एकल पीठ ने 19 मई 2004 के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसके तहत याची को नियमितीकरण से वंचित रखा गया था। कोर्ट ने इसे स्पष्ट भेदभाव करार दिया। गुरमेल सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि विभाग ने उनसे जूनियर कर्मचारियों को पहले ही नियमित कर दिया, जबकि उन्हें नजरअंदाज किया गया। याची पक्ष ने दलील दी थी कि वे भी लाभ पाने वाले कर्मियों के समान सभी मानकों पर खरा उतरते थे लेकिन बिना किसी ठोस कारण के याची पक्ष का दावा खारिज किया गया था। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने माना कि यह कदम सेवा कानून के मूल सिद्धांत समानता का उल्लंघन है।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में निर्देश दिए कि याची की सेवाएं उनके जूनियर्स की नियमितीकरण तिथि से ही नियमित मानी जाएं। यह तिथि 26 जून 1997 या 28 फरवरी 1998 (जो पहले हो) तय की जाए। याची को सीनियरिटी, वेतन निर्धारण, बकाया वेतन, पेंशन लाभ व बकाया राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी दिया जाए। कोर्ट ने पूरा भुगतान तीन महीने के भीतर करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि लंबे समय तक अधिकारों से वंचित रखने पर ब्याज सहित भुगतान का आदेश सरकारी संस्थाओं के लिए चेतावनी है।
नए बिल की पेचिदगियों से बाहर निकलकर 2027 चुनाव पर नजर
14 Apr, 2026 07:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ सख्त संशोधन विधेयक लाकर आम आदमी पार्टी सरकार ने अपने पंथक एजेंडे को सियासी मजबूती दी है। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है जिससे आप ने पंथक राजनीति में बढ़त हासिल करने की कोशिश की है।
कांग्रेस का बिल राष्ट्रपति के पास लंबित
2018 में कांग्रेस सरकार का बिल अब भी राष्ट्रपति के पास लंबित है जबकि जुलाई 2025 में आप सरकार का पवित्र धर्मग्रंथों के विरुद्ध अपराध निवारण अधिनियम-2025 सिलेक्ट कमेटी में अटका हुआ है। इस नए बिल में सभी धर्मों के पवित्र ग्रंथों, प्राण प्रतिष्ठित मूर्तियों और महानुभावों की प्रतिमाओं को शामिल करने का प्रस्ताव था लेकिन इसमें कई कानूनी पेचिदगियां सामने आईं। ऐसे में आप सरकार ने रणनीति बदलते हुए 18 साल पुराने कानून में संशोधन कर केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब पर केंद्रित सख्त प्रावधानों वाला विधेयक सदन में पारित करा लिया। इसे खालसा पंथ के सृजन दिवस 13 अप्रैल को पेश किया गया जो राजनीतिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया कि इस संशोधित स्टेट एक्ट को दोबारा सदन में लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और इसे राज्यपाल की मंजूरी मिल जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह कदम सिख मतदाताओं को साधने की बड़ी कवायद और आप सरकार का मास्टर स्ट्रोक साबित हो सकता है।
सभी धर्मों के ग्रंथों की बेअदबी पर भी सख्त कानून जरूरी
पूर्व हेड ग्रंथी ज्ञानी रघुबीर सिंह ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून की मांग लंबे समय से थी और सरकार का यह कदम स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में ऐसी घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं इसलिए कड़ा कानून जरूरी है। साथ ही उन्होंने सभी धर्मों के पवित्र ग्रंथों और प्रतीकों की बेअदबी को भी असहनीय बताते हुए इस पर समान रूप से सख्त कानून बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
बेअदबी पर सख्त कानून, उम्रकैद और 20 लाख जुर्माने का प्रावधान
13 Apr, 2026 02:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा ने सोमवार को जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026 को पास कर दिया है। अब इसे मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। इससे पहले सोमवार को सत्र शुरू होने पर सबसे पहले विधानसभा में गायिका आशा भोंसले को श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही वृंदावन में हुए नाव हादसे में मारे गए लोगों को भी सदन की तरफ से श्रद्धांजलि दी गई और दो मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने कहा कि जीरो ऑवर होना चाहिए। यह विधायकों का हक है। प्रदेश में कानून व्यवस्था और ड्रग का मुद्दा है, उस पर चर्चा नहीं करते हैं। एक दो दिन के लिए सत्र बढ़ाया जाना चाहिए। इस पर सीएम मान ने कहा कि जब हम सत्र बुलाते हैं तो आप वॉकआउट कर जाते हैं और वैसे सत्र की बढ़ाने की मांग करते हैं। आज का सत्र सिर्फ बेअदबी के खिलाफ बिल को लेकर ही समर्पित होना चाहिए।
बिल पर चर्चा शुरू
बिल पर चर्चा शुरू हुई। कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि पहली भी सरकारों को मौका मिला है लेकिन आज तक उन्होंने इसके प्रयास नहीं किए, बल्कि वे खुद बेअदबी के आरोपी हैं। श्री अकाल तख्त के समक्ष उन्होंने अपनी गलती मानी है। बैंस ने कहा कि गजटेड ऑफिसर से नीचे का कोई अधिकारी इस मामले में जांच नहीं करेगा। विधायक इंदरबीर सिंह निज्जर ने कहा कि काफी समय से इस बिल की मांग थी। पहले अपराधी छूट जाते थे, क्योंकि सख्त सजा का प्रावधान नहीं था। अब अपराधी छूट नहीं पाएंगे। इस बिल को मेरा समर्थन है। नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने कहा कि बिल पर सांविधानिक विशेषज्ञों की राय ली गई है या नहीं, इसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। सेलेक्ट कमेटी में जो एसजीपीसी के अलावा अन्य संगठनों ने जो सुझाव दिए। वो भी बताए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि आप प्रमुख केजरीवाल ने वादा किया था कि सभी आरोपियों को कटघरे में खड़े करेंगे। लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। विधायक कुंवर विजय प्रताप के जरिय करवाई तेज करने की बात कही थी लेकिन आज वो खुद ही पार्टी से बाहर है। सीएम भगवंत मान ने कहा कि यह आज करने वाली बात नहीं है। आपका पूर्व सीएम आज दूसरी पार्टी में नहीं है। आपका प्रधान आज दूसरी पार्टी में है। आपका पूर्व वित्त मंत्री आज दूसरी पार्टी में है। वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने श्री अकाल तख्त साहिब के सामने अपनी गलतियां मानी है। अब कह रहे हैं कि माफी के लिए हमें मजबूर किया गया और लोगों को आज गुमराह कर रहे हैं। चीमा ने कहा कि आज जिस कानून में संशोधन कर रहे हैं, उसे राज्यपाल ने 2008 में पहले ही मंजूरी दी हुई है, इसलिए इसे राष्ट्रपति को भेजने की जरूरत नहीं है। विपक्ष की तरफ से जानबूझकर तरफ से गुमराह किया गया था। हमने विशेषज्ञों की राय ली गई है जिसके बाद ही कानून में संशोधन के लिए लेकर आए हैं। विपक्ष की डिले करने की मंशा है।
सीएम मान ने दिया जवाब
वहीं सीएम भगवंत मान ने कहा कि कैसे लोग होंगे वो जो बेअदबी करते हैं। हमारी सरकार ने पालकी साहिब के साथ ही सभी धर्मों के ग्रंथों को लेने जाने वाले वाहनों का टैक्स माफ कर दिया है। मान ने कहा कि 26 जनवरी की परेड इस बार पंजाब की झांकी की बारी नहीं थी। हमने गृह मंत्री को पत्र लिखा और कहा कि अगली बार हमारी बारी काट लेना लेकिन इस बार हमारी श्री तेग बहादुर जी से संबंधित झांकी शामिल करें। मान ने कहा कि अकाली दल के विधायक आए नहीं हैं। फख्र ए कौम वापस देने की मांग कर रहे हैं लेकिन इन लोगों पर किस बात का फख्र करें। इनकी सरकारों में बेअदबी हुई है और आरोपियों को माफी दिलाई।
मान ने कहा कि विपक्ष कह रहा है कि चौथी बार बिल ला रहे हैं। विपक्ष ये आरोप लगा रहा है कि हर बार अटका रहता है, लेकिन मैं आज दावा करता हूं कि पांचवी बार बिल आ रहा है और इसके बाद नहीं आएगा। मान ने कहा कि बेअदबी के 90 प्रतिशत केसों में कह दिया जाता है कि मानसिक रोगी है। ऐसा है तो श्री गुरु ग्रंथ साहिब ही क्यों दिखता है। ऐसे लोगों के घर वालों पर पर्चा करेंगे। मान ने कहा कि इसमें जांच तय अवधि में पूरी करनी होगी। उम्रकैद का मतलब है कि इसमें मृत्यु तक जेल में रहना होगा। सभी कानूनों माहिरों और संत समाज से राय ली गई है। सिर्फ धार्मिक नहीं और कानूनी पक्ष से भी उनको राय देने के लिए कहा गया था। मान ने कहा कि यह स्टेट एक्ट है और इसे राष्ट्रपति की मंजूरी की जरूरत नहीं है। राज्यपाल के साइन की जरूरत है। वैसे भी राज्यपाल के पास शिकायत लेकर जाते हो तो इसकी मंजूरी के लिए भी मेरे साथ चलना ताकि जल्दी यह एक्ट लागू हो सके। अगर कानून के तहत एक आरोपी को सख्त सजा मिल गई तो दोबारा कोई यह अपराध करने की कोशिश नहीं करेगा।
शेरपुरा रोड पर हुआ ऋषभ शर्मा का अंतिम संस्कार
13 Apr, 2026 10:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जगरांव। वृंदावन में हुए दर्दनाक नाव हादसे में जान गंवाने वाले ऋषभ शर्मा का आज शेरपुरा रोड पर अंतिम संस्कार किया गया। छोटे भाई ने बड़े भाई को अंतिम विदाई दी।
जगरांव में पसरा मातम
मथुरा में नाव हादसे में जगरांव के 6 लोगों की मौत हुई है। जगरांव से वृंदावन की ओर निकली भक्ति यात्रा किसी ने सोचा भी नहीं था कि इतनी दर्दनाक याद बन जाएगी । जिन श्रद्धालुओं के होंठों पर “राधे-राधे” का नाम था, जिनकी आंखों में बांके बिहारी के दर्शन की आस थी, वही श्रद्धालु कुछ ही घंटों में मौत की लहरों में समा गए। वृंदावन में यमुना नदी में हुए नाव हादसे ने पंजाब के जगरांव शहर को गहरे सदमे में डाल दिया। इस हादसे में 13 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जिनमें उस क्लब के संस्थापकों में से एक भाई भी शामिल था, जिसने लोगों को भक्ति के रास्ते से जोड़ने का सपना देखा था।
बांके बिहारी क्लब से जुड़ी कहानी
यह पूरी कहानी जगरांव के बांके बिहारी क्लब से जुड़ी है, जो करीब 9 साल पहले तीन युवकों ने मिलकर बनाया था। मंदिरों के संकीर्तन से शुरू हुई कहानी जगरांव के रहने वाले यशु बजाज और लवी बहल ने करीब 16-17 साल की उम्र में मंदिरों में संकीर्तन करना शुरू किया था। उस समय उनके पास न कोई बड़ा मंच था और न ही कोई संस्था, सिर्फ भक्ति का जज़्बा था। धीरे-धीरे उनके साथ लवी बहल का भाई मधुर बहल भी जुड़ गया। तीनों ने मिलकर मंदिरों के साथ-साथ लोगों के घरों में भी संकीर्तन करना शुरू कर दिया। यशु और लवी भजन गाते थे, जबकि उनके साथ 5-6 साथी वाद्य यंत्र बजाकर मंडली को पूरा करते थे। भक्ति की इस छोटी-सी शुरुआत ने धीरे-धीरे पूरे इलाके में पहचान बना ली।
9 साल पहले बना “बांके बिहारी क्लब”
करीब 9 साल पहले तीनों दोस्तों ने मिलकर “बांके बिहारी क्लब” बनाया। इस क्लब का कोई औपचारिक रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया गया था, क्योंकि इसे व्यवसाय नहीं बल्कि भक्ति सेवा के रूप में चलाया जा रहा था। क्लब के सदस्य घर-घर जाकर संकीर्तन करते और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेते। जो भी व्यक्ति इन संकीर्तनों में आता, वह धीरे-धीरे इस मंडली से जुड़ता चला जाता। सोशल मीडिया के जरिए भी इस मंडली का प्रचार हुआ और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई।
पांच साल पहले शुरू हुई वृंदावन यात्रा
करीब पांच साल पहले क्लब ने श्रद्धालुओं को वृंदावन की धार्मिक यात्रा करवानी शुरू की। हर साल जगरांव और आसपास के लोग इनके साथ भक्ति यात्रा पर जाते थे। यात्रा का पूरा खर्च श्रद्धालुओं से लिया जाता था और उसी से बसों का किराया रास्ते में भोजन वृंदावन में होटल या धर्मशाला में ठहरने की व्यवस्था चार दिनों का खाना-पीना सब कुछ क्लब की तरफ से कराया जाता था। इस बार 130 श्रद्धालु गए थे यात्रा पर इस साल 9 अप्रैल को जगरांव से दो बसों में 130 श्रद्धालु वृंदावन के लिए रवाना हुए।
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