पंजाब
बीजेपी से दूरी, अपनी राह पर नवजोत कौर सिद्धू; नई पार्टी का ऐलान
7 Apr, 2026 05:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेसी नेता नवजोत सिंह सिद्धू की पूर्व विधायक पत्नी नवजोत कौर ने अपने नए सियासी संगठन ' भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी' का एलान कर दिया है। कांग्रेस से निकाले जाने के बाद नवजोत कौर सिद्धू की यह नई सियासी पारी है। हालांकि उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू अभी औपचारिक रूप से कांग्रेस में ही हैं।
उस वक्त कांग्रेस नेतृत्व के निशाने पर आईं थी जब उन्होंने कांग्रेस पार्टी में मुख्यमंत्री पद के दावेदार के लिए 500 करोड़ रुपए दिए जाने का दावा किया था। उनके इस बयान के बाद असहज हुए कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें पहले पार्टी से निलंबित किया और फिर निष्कासित कर दिया था। उसके बाद नवजोत कौर ने भारतीय जनता पार्टी से नजदीकियां बढ़ाने की कोशिश की मगर भाजपा ने भी उन्हें कोई तरजीह नहीं दी। उनके पति नवजोत सिद्धू ने भी राहुल गांधी से मिलने के लिए कई बार समय मांगा मगर उन्हें भी समय नहीं मिल पाया। अंततः अब नवजोत कौर सिद्धू ने अपनी अलग पार्टी बनाने का फैसला कर लिया है। सोमवार देर रात्रि उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर अपनी नई सियासी पार्टी की घोषणा की।
नए दल की घोषणा करते हुए नवजोत कौर ने कहा कि उन्होंने मौजूदा राजनीतिक नेतृत्व के कामकाज का गहराई से मूल्यांकन करने के बाद एक राष्ट्रीय स्तर पर नया विकल्प तैयार करने की दिशा में काम किया गया है। उनका उद्देश्य देश और लोगों की सेवा करना है व जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना है। उन्होंने अपने संदेश में आध्यात्मिक सोच और 'सत्य व प्रेम' के मार्ग पर चलने की बात कही। साथ ही यह भी कहा कि समान विचारधारा वाले लोगों के साथ मिलकर हर राज्य में न्याय, शांति और सेवा के लक्ष्य के साथ काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी राज्य को उसकी 'पुरानी पहचान' दिलाने के लिए काम करेगी, जहां प्रेम, साझा संस्कृति, न्याय और स्वतंत्रता की भावना हो। उन्होंने जनता की, जनता के लिए और जनता द्वारा सरकार देने की बात भी दोहराई।
पानी में यूरेनियम और सेलेनियम की मात्रा अधिक, स्वास्थ्य के लिए खतरा
6 Apr, 2026 03:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़|पंजाब के पानी में खतरनाक रसायन मौजूद हैं, जो कई तरह की बीमारियों को न्योता दे रहे हैं। राजस्थान, असम व उड़ीसा के बाद पंजाब सबसे अधिक इस समस्या से प्रभावित है। संसद की जल संसाधन संबंधी स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में इस पर चिंता जताई है।
रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के पानी में यूरेनियम, सेलेनियम व नाइट्रेट जैसे रसायन मौजूद हैं। प्रदेश के 400 गांवों की 427 बस्तियां दूषित पानी की चपेट में आ चुकी हैं। राजस्थान में सबसे अधिक 2,368, असम में 1,350 और उड़ीसा में 611 गांव इस समस्या से प्रभावित हैं। फाजिल्का में यूरेनियम और पारा जैसी भारी धातुओं की मौजूदगी मिली है, जबकि फिरोजपुर के गांवों के पानी में यूरेनियम की मात्रा पाई गई है। मोगा के अंदर पानी में सेलेनियम और यूरेनियम जैसी भारी धातुएं पाई गई हैं। पटियाला के पानी में कैडमियम, यूरेनियम और सेलेनियम व रूपनगर में नाइट्रेट जैसी धातुओं की मौजूदगी सामने आई है।
समिति ने रिपोर्ट में स्थिति को चिंताजनक बताया है और तत्काल सुधार करने तथा अन्य उपाय लागू करने की सिफारिश की है, जिनमें जल गुणवत्ता निगरानी को मजबूत करना, नियमित परीक्षण सुनिश्चित करना और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल के वैकल्पिक साधन उपलब्ध कराना शामिल हैं। समिति ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को रोकने के लिए समय पर पहचान और हस्तक्षेप की आवश्यकता पर जोर दिया है। प्रदेश में पानी के नमूनों की जांच के लिए कुल 33 प्रयोगशालाएं हैं, जिन्हें फिलहाल बढ़ाने पर काम किया जा रहा है।
भारी धातुओं की मौजूदगी खतरनाक
पानी में भारी धातुओं की मौजूदगी सेहत के लिए खतरनाक है। विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश के पानी में यूरेनियम की मात्रा अधिक होने के कारण कैंसर का खतरा बढ़ रहा है। मालवा बेल्ट इससे बुरी तरह प्रभावित है। कैंसर होने के खतरे के साथ ही यह गुर्दे को भी नुकसान पहुंचाता है। इसी तरह पानी में सेलेनियम की उच्च मात्रा से लीवर, किडनी और पाचन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। नाइट्रेट मुख्य रूप से नाइट्रोजन आधारित उर्वरकों और पशु अपशिष्ट के अनुचित निपटान के कारण होता है। यह कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म देता है। इससे शिशु के खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम हो जाती है और साथ ही थायराइड रोग का भी खतरा बढ़ जाता है। इसी तरह कैडमियम की अधिक मात्रा भी गुर्दे और हड्डियों की बीमारियों का कारण बन सकती है।
सूबे में 9.45% बढ़ गए कैंसर के मरीज
सूबे में पांच साल के अंदर कैंसर के मरीजों में 9.45% की बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2020 में सभी तरह के कैंसर के 38,636 मरीज थे और वर्ष 2024 में इनकी संख्या बढ़कर 42,288 हो गई है। इसी तरह प्रदेश में वर्ष 2021 के दौरान 39,521, वर्ष 2022 में 40,435 और वर्ष 2023 के दौरान कैंसर के 41,337 मरीज सामने आए थे। पानी में भारी धातुओं की मौजूदगी को कैंसर के मामले बढ़ने का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
बच्चों की लव मैरिज पर पंचायत ने लगाया रोक और परिवार ने किया बहिष्कार
6 Apr, 2026 01:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर (पंजाब)|अमृतसर में अदलीवाल ब्लॉक के एक गांव की पंचायत ने सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कई अहम फैसले लिए हैं। गांव की आम सभा में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के तहत अब बिना पारिवारिक सहमति के होने वाली शादियों पर सख्त रुख अपनाया जाएगा।
पंचायत के फैसले के अनुसार, यदि कोई युवक-युवती परिवार की मर्जी के बिना विवाह करता है, तो उनके परिवार को गांव में सामाजिक सहयोग नहीं दिया जाएगा। ऐसे परिवारों के साथ मेल-जोल सीमित रखने, उनके सुख-दुख में भागीदारी न करने और किसी प्रकार की सामुदायिक मदद से दूरी बनाए रखने की बात कही गई है। पंचायत प्रतिनिधि ऐसे परिवारों के किसी सरकारी या गैर-सरकारी कार्य में सहयोग नहीं करेंगे।
इसके अलावा पंचायत ने नशे के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया है। निर्णय लिया गया है कि यदि कोई व्यक्ति नशा बेचते हुए पकड़ा जाता है, तो गांव का कोई भी व्यक्ति उसके समर्थन में आगे नहीं आएगा और उसकी जमानत करवाने से भी परहेज किया जाएगा। यदि कोई इसके विपरीत जाकर समर्थन करता है, तो उसे पंचायत के सामने जवाब देना होगा।
पारंपरिक प्रथाओं को लेकर भी पंचायत ने कुछ नियम तय किए हैं। इसके तहत धार्मिक या सामाजिक अवसरों पर महंतों को 1100 रुपये और मरासी, भंड व ढुडी मार को 500 रुपये देने का प्रावधान रखा गया है। पंचायत का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य गांव में अनुशासन बनाए रखना और आपसी विवादों को कम करना है।
'अपने बच्चे बचाओ' नामक ई-मेल ने जगाई चिंता, पुलिस ने शुरू की जांच
6 Apr, 2026 12:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर/फिरोजपुर|जालंधर में एक बार फिर स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। सोमवार सुबह करीब 8 बजे स्कूल खुलते ही ई-मेल के जरिए डीपीएस स्कूल, मेयर वर्ल्ड स्कूल और एमजीएन स्कूल को निशाना बनाते हुए धमकी भरा संदेश भेजा गया। ई-मेल में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए लिखा गया— “अपने बच्चों को बचाओ…”
इसके बाद स्कूल प्रबंधन और जिला प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्कूल परिसरों की गहन तलाशी शुरू कर दी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। प्रारंभिक जांच में कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई, लेकिन एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, धमकी भरे ई-मेल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को भी चुनौती दी गई है। संदेश में 14 अप्रैल तक डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाएं हटाने की चेतावनी देते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही गई, हालांकि यह भी लिखा गया कि बच्चों से उनका कोई बैर नहीं है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी शहर के स्कूलों को इस तरह की धमकियां मिल चुकी हैं, जिन्हें जांच में अफवाह या शरारत पाया गया था। फिलहाल पुलिस साइबर टीम ई-मेल की ट्रेसिंग में जुटी है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
फिरोजपुर कोर्ट में दोपहर दो बजे तक काम बंद
फिरोजपुर कोर्ट काम्प्लेक्स को एक फिर बम से उठाने की धमकी मिली है। दोपहर दो बजे तक कामकाज बंद कर दिया है। पुलिस ने मौके पर पहुंच कोर्ट खाली करवाई और छानबीन शुरू कर दी है।
अमृतसर में स्कूलों और सरकारी दफ्तरों को धमकी
अमृतसर के कई स्कूलों और सरकारी दफ्तरों को बम से उड़ाने के धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गए हैं। सूचना मिलते ही शहर के संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और व्यापक स्तर पर जांच शुरू की गई।
डीसीपी विजय आलम सिंह ने बताया कि ईमेल प्राप्त होते ही पुलिस टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया। सभी प्रभावित स्कूलों और दफ्तरों में तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक टीमों को भी तैनात किया गया। एहतियात के तौर पर कई स्थानों पर कर्मचारियों और छात्रों को बाहर निकालकर परिसरों की गहन जांच की गई, हालांकि शुरुआती जांच में कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।
साथ ही, साइबर सेल को ईमेल के स्रोत का पता लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। तकनीकी टीम ईमेल आईडी, आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि ये ईमेल कहां से और किस उद्देश्य से भेजे गए।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में एक आरोपी की पहचान की गई है, जिसे दूसरे राज्य से प्रोडक्शन वारंट पर लाने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के बाद यह स्पष्ट किया जाएगा कि ईमेल के पीछे उसका मकसद क्या था और क्या इसमें कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है। फिलहाल सभी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और शहर के प्रमुख स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
Inter-Services Intelligence से जुड़े इनपुट पर कार्रवाई, IED के साथ आरोपी पकड़ा गया
4 Apr, 2026 10:49 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर। देहात पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा भारत में धमाका करने के लिए भेजी गई इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) सहित एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पता चला है कि इस आईईडी के जरिए पुलिस इमारत को निशाना बनाया जाना था, लेकिन समय रहते पुलिस ने आईईडी सहित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान भारत-पाकिस्तान सीमा के थाना अजनाला के अधीन पड़ते गांव उनावपुरा निवासी हरमन सिंह के रूप में हुई है। बम निरोधक दस्ते ने जब आईईडी को निष्क्रिय किया तो पता चला कि उसमें आधा किलो से अधिक आरडीएक्स, आधा किलो लोहे के छोटे बाल, एक टिफिन बॉक्स, डेटोनेटर, रिमोट, तार आदि लगे थे।
सुरक्षा एजेंसियों से पूछताछ में हरमन ने स्वीकार किया है कि उक्त आईईडी उसने रमदास इलाके के खेतों से बरामद की थी, जहां पाकिस्तानी तस्करों ने ड्रोन से इसे गिराया था। उसे यह आईईडी लेकर आगे सप्लाई करनी थी। जांच एजेंसियों को हरमन के कब्जे से मिले मोबाइल से पाकिस्तानी कांटेक्ट्स के नंबर भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पता चला है कि पिछले एक सप्ताह में हरमन उन संपर्कों पर दो दर्जन से अधिक बार कॉल कर चुका है। आशंका जताई जा रही है कि हरमन के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ सीधे संबंध भी हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हरमन के गिरोह के अन्य सदस्य कहां-कहां हैं, ताकि उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
Raghav Chadha प्रकरण पर AAP सख्त, नेताओं को दायरे में रहने की चेतावनी
4 Apr, 2026 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। राघव चड्ढा को राज्यसभा के उप नेता पद से हटाकर आम आदमी पार्टी ने अन्य नेताओं को कड़ा संदेश दे दिया है कि पार्टी लाइन के दायरे में रहकर विभिन्न मंचों पर पार्टी के मुद्दों को ही प्रमुखता से उठाया जाए। चड्ढा पिछले कुछ समय से ऐसा नहीं कर रहे थे, नतीजतन उन्हें पार्टी की अनुशासनात्मक कार्रवाई का शिकार होना पड़ा। आप ने इस प्रकरण के जरिये अपने नेताओं को यह भी चेता दिया है कि पार्टी की नीतियों और नियमों से बढ़कर कोई नहीं हो सकता। हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेता इस कार्रवाई को संगठनात्मक प्रक्रिया का एक हिस्सा बता रहे हैं, मगर पंजाब के आप नेताओं में हाईकमान की इस सख्ती से काफी हलचल का माहौल है। राघव पंजाब से ही आप के सात राज्यसभा सदस्यों में से एक हैं। हालांकि इस कार्रवाई के बाद एक वीडियो जारी कर राघव ने पार्टी के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की है, जिसके बाद से राघव के पार्टी छोड़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं। उधर, पंजाब भाजपा ने भी राघव को समर्थकों समेत पार्टी ज्वाइन करने का ऑफर दे दिया है।
दो साल से उदासीन थे राघव
करीब दो साल से पार्टी के विभिन्न मुद्दों के प्रति राघव का रवैया उदासीन दिखा। वे पार्टी व्हिप का पालन भी नहीं कर रहे थे। आप जिन मुद्दों को राज्यसभा में प्रमुखता से उठाना चाहती थी, राघव उनसे किनारा किए हुए थे, जबकि पंजाब सरकार राज्य और देश से जुड़े कई अहम मुद्दों पर लगातार विधानसभा में प्रस्ताव लाती रही और उन्हें चर्चा के बाद पारित करवाकर केंद्र सरकार को भेजती रही। विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात कहने और विरोध जताने का यह पंजाब सरकार का अहम तरीका था। इसी तरह पार्टी राघव से भी यही उम्मीद कर रही थी, लेकिन वे पार्टी मुद्दों को छोड़कर अपने एजेंडों को सदन में उठा रहे थे, जो इस कार्रवाई की बड़ी वजह बनी। पार्टी के एक सीनियर नेता बताते हैं कि कई कॉमन मुद्दों पर जब राज्यसभा में वॉकआउट की स्थिति बनती थी, तो भी राघव अन्य विपक्षी दलों के नेताओं से किनारा करते दिखते थे। इससे भी पार्टी की स्थिति असहज हो जाती थी।
इन मुद्दों को उठवाना चाहती थी पार्टी
आप राज्यसभा में अपने एजेंडे के तहत विभिन्न मुद्दों को राघव के जरिये उठवाना चाहती थी, मगर राघव ने ऐसा नहीं किया। इन मुद्दों में एसआईआर के तहत काटी जा रही वोटें, गुजरात में आप के 160 कार्यकर्ताओं और नेताओं के खिलाफ केस दर्ज का मामला, पंजाब में धर्म और जाति के नाम पर सांप्रदायिकता फैलाने की कोशिश का आरोप, किसानों के लिए एमएसपी गारंटी, पंजाब का केंद्र के पास
बकाया जीएसटी और रुका हुआ रूरल डेवलपमेंट फंड संबंधी मुद्दे प्रमुख हैं।
उसी दिशा में बहो जिधर नदी बहती है
पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष फतेहजंग सिंह बाजवा ने इस मसले पर कहा, आम आदमी पार्टी का असली चेहरा सामने आने लगा है। आम आदमी पार्टी को मजबूती देने वाले लोगों में से राघव चड्ढा एक हैं। आप द्वारा राघव जैसे नेता को राज्यसभा में उप नेता के पद से हटाने के फैसले से आप के कई नेता मायूस हैं। खैर, राघव अपने समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल हो सकते हैं, उनका स्वागत है। वैसे भी लोग हमेशा उसी दिशा में जाते हैं, जिस दिशा में नदी का बहाव होता है। और इस वक्त देश का नेतृत्व एक बेहतरीन नेता के हाथ में है।
Punjab में 26 साल बाद पुलिस फोर्स बढ़ाने की योजना, सुरक्षा पर फोकस
4 Apr, 2026 07:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। बॉर्डर स्टेट होने की वजह से पंजाब में जिस तरह की सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही है। उसके मद्देनजर सरकार पंजाब पुलिस में स्वीकृत पदों की संख्या 1.25 लाख करना चाहती है। इसी लक्ष्य के चलते पहले चरण में 10 हजार नए पदों को सृजित किया जा रहा है। जिसके लिए जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। पंजाब पुलिस में जवानों और अफसरों की संख्या देखी जाए तो साल 2000 में यह 80 हजार के करीब थी। साल 2026 में भी कुल पदों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई मगर सूबे में सुरक्षा की संवेदनशीलता बढ़ती गई। वर्तमान स्थिति यदि देखें तो पंजाब की आबादी भी करीब साढ़े तीन करोड़ के आसपास पहुंच चुकी है। ऐसे में आबादी के हिसाब से पुलिस की नफरी अपेक्षाकृत कम है। इसके अलावा बॉर्डर पार से पाकिस्तानी की नापाक गतिविधियां, नशा और हथियार तस्करी, गैंगस्टरवाद, रंगदारी, हत्याएं, लूट, डकैती, चोरियां इत्यादि आपराधिक वारदातों ने भी पंजाब पुलिस की चुनौतियों को काफी बढ़ा दिया है। इन पर नकेल कसने और पंजाबियों को पूरी तरह सुरक्षित माहौल मुहैय्या करवाने के मकसद से सरकार को अब पुलिस जवानों और अफसरों की संख्या बढ़ाना जरूरत महसूस हो रही है।
इसके अलावा पंजाब सरकार ने क्रास बॉर्डर वेपन और ड्रग्स सिंडीकेट की तस्करी पर नकेल कसने के लिए पाकिस्तान बॉर्डर पर बीएसएफ की चौकियों से लगभग दो किलोमीटर पहले सेंकड लाइन ऑफ डिफेंस भी खड़ी करने का फैसला लिया है। इसके तहत कई छोटी-छोटी चौकियां खोली जा रही हैं। इन चौकियों पर पुलिस के जवान और होमगार्ड तैनात किए जा रहे हैं। इसके लिए भी अधिक पुलिस जवानों की जरूरत है। दूसरी ओर, लंबे से पुलिस अफसरों और जवानों के पद भी रिक्त पड़े रहते थे। भर्ती प्रक्रिया लटकी रहती थी। आप सरकार ने पिछले चार साल में पुलिस के 12966 रिक्त पदों को भरकर स्टाफ की कमी से जूझ रही पंजाब पुलिस को कुछ राहत देने की कोशिश की है।
चुनावी साल में भर्तियां करती थी सरकारें
पिछली रिवायती सरकारों की भर्ती प्रक्रिया भी सियासी फायदा के लिए होती थी। सत्ता में आने के बाद चार साल भर्तियां लटकी रहती थीं और पांचवें चुनावी साल में भर्तियां करतेथे मगर वे भी अपने रिश्तेदारों और सिफारिशी लोगों को नौकरी देते थे। 26 साल से पुलिस की नफरी जितनी थी, आज भी उतनी ही है। हम पंजाब पुलिस के स्वीकृत पदों को पहले 90 हजार तक लेकर जाएंगे और उसके बाद 1.25 लाख करेंगे।
राज्यसभा में नहीं बोलने दिया गया, राघव चड्ढा का सरकार पर तंज
3 Apr, 2026 09:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी ने अपने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को गुरुवार को बड़ा झटका देते हुए उन्हें उच्च सदन में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया था। साथ ही उन्हें सदन में बोलने के लिए समय आवंटित न करने का भी आग्रह किया था। अब इस फैसले पर राघव चड्ढा ने प्रतिक्रिया दी है। चड्ढा ने एक्स पर लिखा-खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं।
आखिर मेरे बोलने से किसी को क्या दिक्कत
राघव चड्ढा ने कहा कि मुझे जब भी राज्यसभा में बोलने का माैका मिलता है तो मैंने आम आदमी से जुड़े मुद्दों को ही उठाया है। क्या मैं गलत करता हूं। कोई मेरे बोलने पर रोक क्यों लगाना चाहता है। आखिर इन मुद्दों को उठाने से आम आदमी पार्टी का क्या नुकसान हुआ? आखिर क्यों कोई मुझे बोलने से रोकना चाहेगा। आम आदमी को मेरा साथ देने के लिए शुक्रिया। मैं आप से हूं और आपके लिए हूं। जिन्होंने मुझे बोलने से रोका है उन्हें मेरा संदेश है-मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।
क्या है मामला
आम आदमी पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा की जगह अब अशोक मित्तल को राज्यसभा में उपनेता नियुक्त किया है। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को सूचित किया है कि चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय न दिया जाए। इसके कुछ समय बाद राघव चड्ढा ने एक्स पर एक वीडियो साझा किया। वीडियो में उच्च सदन में उनके हस्तक्षेप थे, जिसे "बुरी नजर" कैप्शन दिया गया।
राजनीति भी गरमाई
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने के मुद्दे पर दिल्ली भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस फैसले को पार्टी के अंदरूनी संकट और नेतृत्व की कमजोरी का संकेत बताया है। सचदेवा ने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि वह एक कमजोर नेता हैं, जिनमें न तो विपक्ष का सामना करने का साहस है और न ही अपनी पार्टी के भीतर उठ रहे असंतोष से निपटने की क्षमता है। सचदेवा ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को अपने संसदीय दल का नेता चुनने का अधिकार है, लेकिन जिस तरह राघव चड्ढा को न केवल राज्यसभा में उपनेता पद से हटाया गया, बल्कि उन्हें सदन में बोलने का समय न देने का अनुरोध भी किया गया, यह असामान्य और चिंताजनक है। यह कदम इस बात की ओर इशारा करता है कि चड्ढा ने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व से दूरी बना ली है। उन्होंने कहा कि पहले स्वाति मालीवाल और अब राघव चड्ढा जैसे प्रमुख नेता केजरीवाल से दूरी बना चुके हैं, जो पार्टी के लिए गंभीर संकेत है।
अस्पताल में शर्मनाक घटना, महिला मरीज को थप्पड़; कर्मचारी सस्पेंड
3 Apr, 2026 08:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटियाला। पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने पटियाला के माता कौशल्या अस्पताल में महिला मरीज के साथ हुई मारपीट की घटना का गंभीरता से संज्ञान लिया। अस्पताल के एक ठेका कर्मचारी द्वारा महिला को थप्पड़ मारने और शीशा तोड़ने की वायरल वीडियो के बाद मंत्री ने तत्काल एक्शन लेते हुए संबंधित कर्मचारी गुरप्रीत सिंह को निलंबित कर दिया और विभागीय जांच के आदेश दिए। वीरवार को डॉ. बलबीर सिंह ने अस्पताल का औचक दौरा किया और ओपीडी में मरीजों से उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सख्त शब्दों में कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस घटना का वीडियो देखकर मुझे गहरा दुख हुआ है क्योंकि कर्मचारी द्वारा महिला मरीज को थप्पड़ मारने और शीशा तोड़ने से न केवल महिला को चोट लगी बल्कि अन्य मरीजों के लिए भी यह खतरनाक हो सकता था। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस घटना में शामिल ठेका कर्मचारी गुरप्रीत सिंह को एक महीने का नोटिस देकर सेवा से हटा दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर का निरीक्षण करते हुए एसएमओ डॉ. विकास गोयल और डॉ. जैदीप भाटिया को निर्देश दिए कि मरीजों को पर्ची बनाने में कम से कम समय लगे, इसके लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाए। डॉ. बलबीर सिंह ने इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का विशेष ध्यान मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने पर केंद्रित है और आम आदमी पार्टी सरकार का उद्देश्य लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर शिक्षा प्रदान करना है। स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के स्टाफ से आह्वान किया कि वे मरीजों के प्रति संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार रखें। उन्होंने कहा, कई बार मरीज मानसिक रूप से परेशान हो सकते हैं और उल्टा-सीधा बोल सकते हैं लेकिन उन्हें इलाज की आवश्यकता होती है इसलिए स्टाफ को धैर्य और नरमी से पेश आना चाहिए। मंत्री ने माता कौशल्या अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सों की सराहना की जिनकी मेहनत और ईमानदारी से अस्पताल में हर दिन लगभग 1500 से 1700 मरीज इलाज के लिए आते हैं। अंत में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की हंगामेबाजी या दुर्व्यवहार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और कई मामलों में पुलिस केस भी दर्ज किए गए हैं। यह घटना सरकारी अस्पतालों में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है जिसमें मरीजों को बेहतर सुविधाएं और संवेदनशीलता से इलाज मिलने की उम्मीद है।
किसानों को राहत, खेतों में अब नहीं दिखेंगे बिजली के खंभे
3 Apr, 2026 06:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब के खेतों में लगे बिजली के खंभों को अब हटा दिया जाएगा। उनकी जगह अंडरग्राउंड तारें बिछाई जाएंगी। यहां लगे बड़े ट्रांसफार्मर भी हटेंगे और इनके बदले में छोटे आकार के स्मार्ट ट्रांसफार्मर इंस्टॉल किए जाएंगे। किसानों को राहत देने, कृषि कार्यों के लिए बिजली आपूर्ति को सुचारू व निर्बाध बनाने और खेतों में लगे खंभों व तारों की वजह से होने वाले विवादों को निपटाने के मकसद से पंजाब सरकार ने यह फैसला लिया है। इस परियोजना की शुरुआत मुख्यमंत्री भगवंत मान के गांव सतोज से बतौर पायलट प्रोजेक्ट की जाएगी। पंजाब में 13236 ग्राम पंचायतें मौजूद हैं और यहां खेतिहर जमीनों पर तीन लाख से अधिक खंभे मौजूद हैं। दरअसल, सिंचाई के लिए किसानों द्वारा लगाई गई मोटरों तक बिजली पहुंचाने के लिए खंभों की मदद से ही तारों का जाल खेतों में फैला हुआ है। इसी बिजली आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए खेतों में काफी संख्या में ट्रांसफार्मर भी मौजूद हैं। इस योजना के तहत पंजाब स्टेट पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड के अफसरों ने गांव सतोज का दौरा कर लिया है। गांव में करीब दो हजार एकड़ खेतीहर जमीन हैं, जहां सिंचाई के लिए लगभग 400 मोटरें और 800 से अधिक खंभे लगे हैं।
इस वजह से बनाई योजना
इन तारों के ढीले होने के चलते स्पार्किंग की वजह से अक्सर खेतों में कई दुर्घटनाएं हो जाती हैं। कभी तारों की चिंगारियां पकी हुई फसलों को जलाकर रखा कर देती हैं, तो कहीं खेतों में काम कर रही कंबाइन मशीनें इन तारों से टकरा जाती हैं। इसके अतिरिक्त खेतों से गुजरती तारें और खंभों को खड़ा करने के लिए लगाई गई सपोर्ट (खिच) भी किसानों के बीच आपसी विवाद का बड़ा कारण बन जाती हैं। ऐसे भी कई विवाद सामने आए हैं। दूसरा, बड़े आकार के ट्रांसफार्मरों से खेतों में काफी जगह भी घिर जाती है, जहां किसान फसल नहीं लगा पाते। ढीली तारों की वजह से ट्रांसमिशन लॉस भी काफी रहता है।
बिना खंभों के सुंदर लगेंगे खेत : मान
पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि यह बहुत महत्वाकांक्षी योजना है। सभी गांवों से खंभे और तारें हटा दी जाएंगी। तारें अंडरग्राउंड होंगे और छोटे आकार वाले ट्रांसफार्मर लगेंगे। बिना खंभों के गांव सुंदर दिखेंगे। सीएम ने कहा, इसके अलावा इन खंभों, ट्रांसफार्मरों और तारों की वजह से होने वाले नुकसान व विवाद भी खत्म हो जाएंगे जबकि बिजली आपूर्ति और बेहतर होगी। इसी माह उनके गांव सतोज से इस योजना की शुरुआत होगी। इस बारे में जल्द बिजली अफसरों संग बैठक करेंगे।
पाकिस्तानी नंबरों से कॉल और ईमेल, भाजपा नेताओं में चिंता
2 Apr, 2026 12:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। सेक्टर 37 में पंजाब भाजपा मुख्यालय के बाहर धमाके की घटना से भाजपा नेता सकते में हैं। दरअसल, उन्हें इस तरह के हमले का अंदेशा पहले से ही था। दरअसल, पंजाब के कई भाजपा नेताओं को पाकिस्तान नंबर (92) से धमकी भरे लहजों में कई कॉल्स पिछले कई दिनों से आ रही थी। पंजाब के एक भाजपा नेता ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि कुछ समय पहले पंजाब भाजपा के संगठन सचिव को भी मारने की धमकी भरा एक पत्र चंडीगढ़ कार्यालय आया था। इसकी सूचना चंडीगढ़ पुलिस को दी गई थी। चंडीगढ़ मुख्यालय के अलावा लुधियाना स्थित भाजपा कार्यालय में भी कई बार ऐसी कॉल्स और चिट्ठियां पहुंची, जिसमें विभिन्न भाजपा नेताओं मारने व ग्रेनेड से उड़ाने की धमकी दी गई। इसकी शिकायतें पंजाब पुलिस को भी दी गई थीं। इतना ही नहीं कुछ दिन पहले एक टूल किट के जरिये कुछ लोगों ने भाजपा के कई नेताओं को टारगेट पर लिया था। इसका मकसद भी उन्हें मारने की धमकी देना था। इसकी शिकायत भी पुलिस को की गई थी। सूत्रों ने बताया कि भाजपा नेताओं को मारने संबंधी धमकी के बाद कई बार चंडीगढ़ और पंजाब पुलिस विभिन्न नेताओं की सिक्योरिटी समीक्षा भी कर चुकी है। इसके बाद पंजाब में कुछ भाजपा नेताओं की सुरक्षा बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।
चंडीगढ़ और लुधियाना के कार्यालयों में पहुंचे कई धमकी भरे पत्र भी भाजपा नेताओं ने पुलिस को सौंपे हुए हैं और पुलिस इनकी जांच भी कर रही है। भाजपा के एक नेता ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पाकिस्तान के नंबर से भी कई बार धमकी भरी कॉल्स उनके समेत विभिन्न नेताओं को आ चुकी है। पंजाब पुलिस के एक अफसर कहते हैं कि इस मामले की जांच चंडीगढ़ पुलिस कर रही है जबकि पंजाब पुलिस पूरी घटना पर नजर बनाए हुए है।
गैंगस्टरवाद की आंच पंजाब से चंडीगढ़ तक पहुंची : मनोरंजन कालिया
पिछले साल 7-8 अप्रैल की दरमिम्यानी रात को भाजपा के पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ नेता मनोरंजन कालिया के घर ग्रेनेड हमला हुआ था। पूर्व मंत्री ने कहा कि वे चंडीगढ़ स्थित पंजाब भाजपा मुख्यालय के बाहर धमाने की घटना हैरान हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब में लगातार पैर पसार रही है, इसी वजह से भाजपा विरोधी इस तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें व उनके परिवार को ग्रेनेड से उड़ाने की कोशिश हो चुकी है। कालिया ने कहा कि वही हालात बन रहे हैं, जैसे आतंकवाद के समय बने थे। आतंकवाद पहले पंजाब तक सीमित था और फिर चंडीगढ़ तक पहुंचा। आज भी गैंगस्टरवाद, जिसकी जड़े पंजाब तक थीं, वे अब चंडीगढ़ तक पहुंच चुकी हैं। पंजाब और चंडीगढ पुलिस को ईमानदारी और गंभीरता के साथ इस पर काम करना चाहिए।
पंजाब में बिगड़ रही कानून-व्यवस्था : जाखड़
पंजाब के थानों पर लगातार ग्रेनेड हमले हो रहे हैं। फिर बीते दिन होशियारपुर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की मूर्ति को खंडित की गई। अब चंडीगढ़ में भाजपा के राज्य स्तरीय कार्यालय पर हमला हुआ है। यह घटनाओं की शृंखला राज्य की साम्प्रदायिक एकता को तोड़ने की कोशिशों का संकेत है। वहीं दूसरी ओर पंजाब सरकार इन सबको रोकने में असफल साबित हो रही है। जिसके कारण अब पंजाब की बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति का असर चंडीगढ़ तक पहुंचने लगा है लेकिन अलगाववादी ताकतें चाहे जितनी भी कोशिश कर लें, वे पंजाब की भाईचारे की एकता को तोड़ नहीं सकतीं।
उधर, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा, वे पंजाब भाजपा कार्यालय के बाहर हुए धमाके की खबर सुनकर बेहद चिंतित हैं। फिलहाल सभी नेतागण और कर्मचारी पूरी तरह सुरक्षित हैं। पंजाब भाजपा के मीडिया सचिव विनीत जोशी व प्रवक्ता प्रितपाल सिंह बलियावाल ने कहा कि प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से आग्रह है कि वे तुरंत इस गंभीर स्थिति का संज्ञान लें और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। पंजाब भाजपा के महासचिव अनिल सरीन कहते हैं कि पंजाब में भाजपा का ग्राफ बढ़ रहा है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मोगा रैली के बाद से ही पंजाब विरोधी ताकतें इस तरह की घटना की फिराक में थी और चंडीगढ़ में हुई घटना इसी का नतीजा है।
सुरक्षा मुद्दे पर सियासत गरम, अश्वनी शर्मा का CM मान पर हमला
2 Apr, 2026 12:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब भाजपा मुख्यालय में हैंड ग्रेनेड हमले में पार्टी के कार्यकारी प्रदेश प्रधान अश्वनी शर्मा ने सीएम भगवंत मान पर जमकर निशाना साधा। पत्रकारों से बातचीत में अश्वनी शर्मा ने कहा कि पंजाब भाजपा मुख्यालय की सुरक्षा की जिम्मेदारी पंजाब पुलिस के पास है साथ में सीआरपीएफ भी उनको सहयोग करती है ऐसी स्थिति में मुख्यमंत्री अपनी जिम्मेदारी से कैसे पल्ला झाड़ सकते हैं। शर्मा ने कहा कि पंजाब और पंजाबी भाजपा की जान हैं। पंजाब में अमित शाह की रैली के बाद से पंजाबी विरोधी ताकतें बौखलाई हुई थीं इसलिए इस तरह के आतंकी हमले की साजिश रची गई। मैं ऐसे लोगों को बताना चाहता हूं कि भाजपा ना कभी झुकेगी ना कभी डरेगी ना कभी रुकेगी।
देश विरोधी ताकतों के हाैसले बढ़ रहे
उन्होंने कहा कि पंजाब में गैंगस्टरों और देश विरोधी ताकतों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। पंजाब में बिगड़ती कानून व्यवस्था की आंच अब चंडीगढ़ तक पहुंचने लगी है। चार साल के भीतर पंजाब में वे ताकतें बहुत मजबूत हो गई हैं जो पंजाब को देश से अलग करना चाहती हैं। कबड्डी खिलाड़ी लगातार मारे जा रहे हैं। सिद्धू मूसेवाला की हत्या आज तक कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के नेता गोलीबारी का शिकार हो रहे हैं। पंजाब सरकार बताए कि इन घटनाओं की जिम्मेदारी कौन लेगा। बाबा साहब आंबेडकर की मूर्ति को तोड़कर वीडियो वायरल कर दिया जाता है ताकि पंजाब में सामाजिक ताना-बाना बिगड़ जाए। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
भाजपा के बढ़ते ग्राफ से विरोधी परेशान
अश्वनी शर्मा ने माना कि पाकिस्तानी नंबरों से धमकी भरी कॉल्स पंजाब के कई भाजपा नेताओं को आईं है। टूलकिट, ईमेल और गुमनाम चिटि्ठयों के जरिये भी भाजपा नेताओं को मारने की धमकी दी गई है। इन सब की शिकायतें हमने संबंधित पुलिस को दी हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब में भारतीय जनता पार्टी का बढ़ता ग्राफ पंजाबी विरोधी ताकतों को बेचैन कर रहा है।
गांव में आक्रोश, आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया
2 Apr, 2026 08:59 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जगरांव (पंजाब)। जगरांव के एक नजदीकी गांव में एक पिता ने अपनी ही इकलौती तीन साल की बेटी से दुष्कर्म की कोशिश की। गांव की पंचायत ने मौके पर पहुंच कर पहले तो आरोपी की जमकर धुनाई की। फिर थाना सदर की पुलिस के हवाले कर दिया गया। जिस समय थाना सदर के एसएचओ मौके पर पहुंचे, उस समय आरोपी नशे में धुत्त था। पुलिस आरोपी को थाना सदर ले आई जहां बच्ची से दुष्कर्म करने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जानकारी के अनुसार गांव को जाते रास्ते पर स्थित सेम नाले के किनारे एक मजदूर अपनी झुग्गी में अपनी तीन साल की बेटी के साथ दुष्कर्म की कोशिश कर रहा था। पास ही बकरी चरा रहे लोगों ने झुग्गी से चीखने की आवाज सुनी तो वह झुग्गी के अंदर चले गए। अंदर बिना कपड़ों के पिता को देख कर बकरी चरा रहे तीनों लोगों के होश उड़ गए जिसके इसके बाद उन्होंने गांव की पंचायत और सरपंच को तुरंत सूचित किया। सूचना मिलने के तुरंत बाद पंचायत सदस्य और सरपंच मौके पर पहुंचे, जिन्होंने हकीकत जानकर पहले तो कलयुगी पिता की जमकर धुनाई की और उसके बाद थाना सदर की पुलिस को सूचित करके मौके पर बुलाया। मौके पर पहुंचे एसएचओ सदर सुरजीत सिंह ने बताया कि उन्हें सरपंच की ओर से पिता द्वारा अपनी ही तीन वर्ष की बेटी के साथ दुष्कर्म की कोशिश की सूचना मिली थी जिसके बाद वह मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि मामले में बिल्कुल पूरी सच्चाई है। इंस्पेक्टर सुरजीत सिंह का कहना है कि इस मामले में आरोपी पिता पर, जो एक प्रवासी मजदूर है, दुष्कर्म की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। इसके बाद आरोपी को गुरुवार को अदालत में पेश किया जाएगा। सरपंच जगतार सिंह ने बताया कि आरोपी नशे में धुत्त था और बाद में हाथ जोड़ माफी मांग रहा था। उन्होंने बताया कि आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
मामूली विवाद बना जानलेवा, किरच से हमला कर ली जान
1 Apr, 2026 04:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब। सुनाम की इंदिरा बस्ती में मंगलवार रात बच्चों के मामूली विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। झगड़े को शांत करवाने पहुंचे एक 50 वर्षीय व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जबकि उसका भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने इस मामले में आधा दर्जन नामजद युवकों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसएचओ इंस्पेक्टर प्रतीक जिंदल ने बताया कि इंदिरा बस्ती स्थित हनुमान मंदिर के पास बच्चों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। देखते ही देखते बच्चों के परिवार भी आमने-सामने आ गए और विवाद बढ़ गया। शोर सुनकर पड़ोस में रहने वाले राज कुमार (50) अपने भतीजे बलिंदर कुमार के साथ दोनों पक्षों को समझाने और मामला शांत करवाने के लिए मौके पर पहुंचे। विवाद के दौरान एक पक्ष ने तैश में आकर अपने समर्थन में आधा दर्जन बाहरी युवकों को बुला लिया। जैसे ही राज कुमार ने बीच-बचाव की कोशिश की, हमलावरों ने उस पर किरच से हमला कर दिया। इस हमले में राज कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका भतीजा बलिंदर कुमार लहूलुहान हो गया। घायल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। इंस्पेक्टर प्रतीक जिंदल के अनुसार, पुलिस ने हमलावर युवकों की पहचान कर ली है। पुलिस ने हैरी, सावन, गोविंद, अमन, करण और वरुण (सभी निवासी सुनाम) के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि बच्चों के झगड़े को सुलझाने गए व्यक्ति की हत्या के मामले में छह युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
युवती की संदिग्ध मौत, देर रात आए युवक पर उठे सवाल
1 Apr, 2026 03:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अबोहर। बस स्टैंड के पीछे स्थित एक पीजी में रह रही युवती का शव फंदे से लटका मिला। मृतका की पहचान अरनीवाला निवासी 28 वर्षीय गीता के रूप में हुई है, जो शहर के एक सिनेमा में कार्यरत थी। घटना का खुलासा देर रात करीब डेढ़ बजे हुआ, जब युवती का एक जानकार युवक पीजी पर पहुंचा और दरवाजा खुलवाया। जैसे ही कमरे में जाकर देखा गया, युवती पंखे से लटकी हुई मिली। इसके बाद तुरंत पुलिस और परिजनों को सूचना दी गई। पीजी संचालिका मीनू के अनुसार गीता पिछले करीब एक वर्ष से यहां रह रही थी। बीते सप्ताह ही उसने अपना कमरा बदला था और एसी रूम में शिफ्ट हुई थी। मंगलवार रात वह करीब साढ़े 9 बजे काम से लौटी और सोने की बात कहकर अपने कमरे में चली गई। रात करीब 1:30 बजे रवि नामक युवक, जो खुद को गीता का जानकार बता रहा था, पीजी पहुंचा और उसकी तबीयत खराब होने की बात कहकर दरवाजा खुलवाया। जब कमरे में जाकर देखा गया तो युवती फंदे पर लटकी हुई थी। सूचना मिलते ही थाना सिटी-1 पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। पुलिस अधिकारी मनिंदर सिंह ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है, जिसमें युवक रवि की भूमिका और मौत के कारणों की भी पड़ताल की जा रही है। पीजी का रिकॉर्ड भी कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल पुलिस इस मामले को संदिग्ध मानते हुए हर एंगल से जांच कर रही है।
कैंटर की चपेट में आने से दो बच्चों के पिता की मौत
अबोहर के गांव मौजगढ़ निवासी एक व्यक्ति की मंगलवार देर रात सड़क हादसे में मौत हो गई। मृतक की पहचान श्रवण कुमार के तौर पर हुई है। वह पेट्रोल पंप पर काम करता था। मंगलवार रात ड्यूटी खत्म कर बाइक से घर लौट रहा था, तभी रास्ते में कैंटर की चपेट में आ गया। घटना के बाद आसपास के लोगों ने परिजनों को सूचना दी। उसे तुरंत श्रीगंगानगर के अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बुधवार सुबह पुलिस ने शव को सिविल अस्पताल अबोहर की मोर्चरी में रखवा दिया। मृतक के दो छोटे बच्चे हैं।
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