पंजाब
71 साल की महिला हत्याकांड में बड़ा खुलासा, शादी और पैसे के चक्रव्यूह में बुना गया जाल
19 Sep, 2025 05:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना: पंजाब के लुधियाना जिले में 71 वर्षीय अमेरिकी एनआरआई महिला रूपिंदर कौर की हत्या के मामले की नया मोड़ सामने आया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या के मुख्य आरोपी सुखजीत सिंह और उसके भाई मनवीर सिंह के बैंक खातों में अक्टूबर 2024 से मई 2025 के बीच करीब 40 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। ये पैसे किसी और ने नहीं खुद रूपिंदर कौर ने ट्रांसफर किए थे। इस खुलासे से हत्या की से गुत्थी और उलझ गई है। रूपिंदर की बहन कमलजीत कौर खैरा ने बताया कि उन्होंने सुखजीत और मनवीर को फरवरी से मई के बीच 36,050 डॉलर भेजे थे। कमलजीत ने मनवीर और उसकी पत्नी पर भी शक जताया है। पुलिस अब इस मामले में मनवीर को भी संदिग्ध मान रही है।
हत्यारे का भाई फरार
एडीसीपी-2 करनवीर सिंह ने पुष्टि की कि मनवीर फरार है और पुलिस अब उसे भी शक के दायरे से बाहर नहीं मान रही। दक्षिणी जोन के एसीपी हरजिंदर सिंह ने बताया कि सुखजीत ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसे इस रकम का हिस्सा मिला था, जबकि उसने बाकी पैसे यूके स्थित एनआरआई 75 वर्षीय चरणजीत सिंह ग्रेवाल को दिए। पुलिस का कहना है कि चरणजीत ने ही सुखजीत को रूपिंदर की हत्या के लिए उकसाया, क्योंकि रूपिंदर उससे शादी करने का दबाव बना रही थीं और वह ऐसा नहीं चाहता था।
रुपिंदर और सुखजीत का रिश्ता
जांच में सामने आया कि रूपिंदर और सुखजीत पिछले काफी समय से एक दूसरे को जानते थे। दोनों के खिलाफ पहले भी 2015 और 2016 में एनआरआई थाने में दो एफआईआर दर्ज की गई थीं। इनमें रूपिंदर की बहन कमलजीत ने आरोप लगाया था कि रूपिंदर और उसकेने उसके मृत पति राजिंदर सिंह के नाम पर संपत्ति बेचने की कोशिश की। इस मामले में सुखजीत को बरी कर दिया गया था, लेकिन रूपिंदर को अदालत ने अपराधी घोषित किया था। 2016 में दर्ज दूसरी एफआईआर भी संपत्ति के अवैध सौदे से जुड़ी थी। एनआरआई थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर अमनदीप सिंह ने पुष्टि की कि दोनों मामलों में रूपिंदर अब भी घोषित अपराधी थी और उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी था। इसके बावजूद वह बार-बार भारत आती रही, जिससे अब यह सवाल खड़ा हो गया है कि उसने इमिग्रेशन अलर्ट्स को किस तरह दरकिनार किया।
पंजाब बाढ़ की स्थिति गंभीर, केंद्र ने घोषित किया ‘अति गंभीर आपदा’, किसानों और राज्य को मिलेगी आर्थिक मदद”
18 Sep, 2025 04:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब में बाढ़ की विभीषिका ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। केंद्र सरकार ने हालात की गंभीरता को देखते हुए राज्य में आई बाढ़ को को ‘अति गंभीर आपदा’ घोषित कर दिया है। इस निर्णय के बाद अब राहत और पुनर्वास कार्यों में केंद्र की भागीदारी जहां बढ़ जाएगी वहीं राज्य में खराब हुए इन्फ्रास्ट्रक्चर का पुनर्निमाण करने के लिए राज्य को 590 करोड़ का दीर्घ अवधि वाला कर्ज भी मिल सकेगा। ऐसा होने पर राज्य सरकार ने अपने राहत व पुनर्वास के कामों योजनाओं को नए सिरे से तय करने के लिए एक विशेष बैठक शुक्रवार को बुला ली है जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री भगवंत मान करेंगे।
केंद्र सरकार की ओर से पंजाब की बाढ़ को अति गंभीर आपदा मानने के बाद अब पंजाब सरकार स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड के पैसे को लोगों के पुर्ननिर्माण पर खर्च करने के लिए तय नियमों से ज्यादा पैसा खर्च पाएगी जबकि अगर इसे साधारण बाढ़ ही घोषित किया जाता है तो राहत और पुनर्वास के कामों पर खर्च करने के लिए सख्त नियमों के कारण ज्यादा राशि खर्च नहीं कर पाती।
हालांकि गंभीर आपदा घोषित करने के बावजूद किसानों की उनकी फसल के नुकसान की भरपाई के लिए उतनी ही राशि मिल पाएगी जितनी एसडीआरएफ के नियमों में उपबंध है। एसडीआरएफ में किसानों को 6800 रुपए प्रति एकड़ का मुआवजा देने का प्राविधान है लेकिन राज्य सरकार ने अपनी आर से इसे बढ़ाकर इस बार 20 हजार रुपए प्रति एकड़ देने की घोषणा कर दी है। साथ ही किसानों की खराब हुई फसल के लिए विशेष गिरदावरी के आदेश भी दे दिए हैं।
एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि बाढ़ के चलते मकान गिरने पर मात्र 1.20 लाख रुपए का मुआवजा देने का ही प्राविधान है लेकिन अगर केंद्र सरकार इसे गंभीर आपदा घोषित कर देती है तो इसमें से ज्यादा पैसा भी दिया जा सकता है। अन्य जगहों पर भी अतिरिक्त राशि खर्च करने की इसमें छूट होगी जिसका विवरण कल सीएम की बैठक में पेश किया जाएगा। केंद्र सरकार सभी महकमों की ओर से खर्च करने वाली राशि को बढ़ा देती है। इसमें राज्य सरकार को भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ानी पड़ेगी पंजाब में अब तक की सबसे बड़ी बाढ़ को अति गंभीर आपदा घोषित करने के लिए पंंजाब सरकार ने केंद्र को लिखा था जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा कई केंद्रीय मंत्रियों ने भी बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा किया था । इसलिए केंद्र सरकार को इसे अति गंभीर आपदा घोषित करने में कोई दिक्कत नहीं आई।
केंद्र सरकार के पंजाब की बाढ़ को अति गंभीर घोषित करने से सरकार को स्पेशल असिस्टेंस को टूस्टे फार कैपिटल इन्वेस्टमेंट स्कीम (सासकी ) के तहत 590 करोड़ रुपए का अतिरिक्त कर्ज मिल सकता है जिसे वे बाढ़ के कारण खराब हुई सड़कों, स्कूल, डिस्पेंसरी की इमारतों, पेयजल योजनाओं के पुनर्निर्माण पर खर्च कर सकेगी। यह कर्ज पंजाब को मिलने वाली कर्ज सीमा से बाहर होगा और इसे आसान किश्तों में 50 सालों में अदा करना होगा। इसके अलावा किसानों को उनकी ओर से लिए गए कर्ज में राहत प्रदान करने के लिए भी सरकार स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी के साथ बैठक कर रही है ताकि किसानाें को इस छिमाही की किश्त अदा न करनी पड़े केंद्र सरकार के किसी भी राज्य में आई आपदा को अति गंभीर घोषित करने के बाद इसका प्राविधान है कि बैंक किसानों की एक छिमाही की किश्त को डैफर कर दें। हालांकि उन्हें इस अवधि का बयाज देना पड़ेगा लेकिन किश्त अदा न करने के चलते लगने वाला चक्रवर्ती ब्याज और पेनल्टी नहीं लगेगी।
बाढ़ ने पाकिस्तान में मचाई तबाही, हजारों पशु बहने के बाद किसानों को मुआवजे के लिए अप्लाई करना होगा
17 Sep, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब। पंजाब में आई बाढ़ की वजह से किसानों के बहुत से पशु सीमा पार पाकिस्तान की ओर बह गए हैं। इन पशुओं का अब कोई अता-पता नहीं है। इस वजह से किसानों को बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। हालांकि पंजाब सरकार ने पशु पालकों को राहत देने के लिए मुआवजे का एलान किया हुआ है मगर उन पशु पालकों को मुआवजे के आवेदन के साथ शपथ पत्र भी देना होगा।
पंजाब में बाढ़ ने सभी जिलों के ग्रामीण इलाकों को प्रभावित किया है मगर सीमा के साथ सटे जिलों खासकर गुरदासपुर, फिरोजपुर, अमृतसर, फाजिल्का इत्यादि में तबाही सबसे ज्यादा हुई है। यहां गांवों में जहां ग्रामीणों के घरों और फसलों को काफी क्षति पहुंची है, वहीं सीमाओं पर तैनात बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) की चौकियों व अन्य ढांचों को भी नुकसान पहुंचा है। बाढ़ में बीएसएफ की 100 से अधिक चौकियां क्षतिग्रस्त हुई हैं जबकि गुरदासपुर, फिरोजपुर और अमृतसर में ही लगभग 30 किलोमीटर से अधिक भारत-पाकिस्तान सीमा पर लगी फेंसिंग को नुकसान हुआ है।
बहुत से जानवरों की हुई माैत
अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में भी फेंसिंग पानी में बह गई। सीमाओं से सटे इन्हीं इलाकों के गांवों में बाढ़ के उफान के चलते ग्रामीणों के जानवर क्षतिग्रस्त फेंसिंग से पार पाकिस्तान की ओर बह गए। पानी का बहाव इतना ज्यादा था कि सैलाब में उतरकर इन पशुओं को बचा पाना मुमकिन नहीं था। बहुत से जानवरों ने तो बाढ़ के दौरान दम तोड़ दिया। इनमें गाय, भैंसें, बकरी, बैल, घोड़े व मुर्गियां इत्यादि शामिल हैं। इस दौरान करीब 3.60 लाख पशुधन का नुकसान हुआ है। हालांकि पंजाब सरकार ने पशुधन के नुकसान के लिए मुआवजे का एलान कर रखा है। इनमें गाय-भैंस के लिए 37500 रुपये और बकरी के लिए 4 हजार रुपये शामिल हैं। अन्य जानवरों के लिए भी मुआवजा तय है। इनमें उन ग्रामीणों को मुआवजे के आवेदन के साथ यह शपथपत्र भी देना होगा कि उनके जानवर पाकिस्तान की ओर बह गए हैं। ऐसे पशुओं के वापस मिलने की संभावना न के ही बराबर है।
सरकार मुआवजा जरूर देगी
वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा बताते हैं कि कई पशु फेंसिंग टूटने से सीमा पार बह गए हैं, अब उनके बारे में कोई सूचना नहीं है। सरकार ऐसे पशुओं का भी मुआवजा जरूर देगी। बस एक औपचारिकतावश ऐसे पशुपालकों से शपथ पत्र ले लिया जाएगा जिसमें वे अपने पशुधन के सीमा पार बह जाने का दावा करेंगे।
पशुओं के कंकाल का निस्तारण बड़ी चुनौती
गांवों में बाढ़ का पानी उतर रहा है और बर्बादी के निशान उभर रहे हैं। इसी में कई क्षेत्रों में उन पशुओं के कंकाल मिल रहे हैं, जो बाढ़ में बहकर मर गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान कहते हैं। इन पशुओं के कंकाल का निस्तारण अब बड़ी चुनौती है, क्योंकि इनसे बीमारियों का खतरा है। इसके लिए सरकार व्यवस्था करेगी। इन कंकालों का निस्तारण प्राथमिकता के साथ कराया जाएगा।
पंजाब में एक गांव का बड़ा फैसला, बाहरी लोगों की एंट्री बंद और युवाओं की शादी पर रोक क्यों लगी?
17 Sep, 2025 05:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब। पंजाब के बरनाला की एक पंचायत ने ऐसा प्रस्ताव पास किया है कि जिसमें बाहरी (दूसरे राज्यों) के लोगों की एंट्री पर रोक लगा दी है। बरनाला के गांव कट्टू की ग्राम पंचायत ने यह कड़ा फैसला लिया है। गांव कट्टू की पंचायत ने गांव निवासियों की सहमति से प्रवासियों के पूर्ण बहिष्कार का प्रस्ताव पारित किया है। गांव की महिला सरपंच के पति करनैल सिंह सहित पंचायत सदस्यों और ग्रामीणों की एक बड़ी सभा में यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया है।
पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि बीते दिनों होशियारपुर में एक प्रवासी व्यक्ति ने चार साल के बच्चे की हत्या की घटना को अंजाम दिया था। इसके अलावा बरनाला की तपा मंडी में एक प्रवासी ने अपने ही साथी का कत्ल कर दिया था। इन दोनों घटनाओं को देखते हुए गांव कट्टू की पंचायत ने गांव में प्रवासियों की एंट्री बैन कर दी है। ताकि उनके गांव में ऐसी घटनाएं न हों। इसके अलावा गांव में पहले से रह रहे प्रवासियों की सारी जानकारी एकत्रित की जा रही है। गांव में प्रवासियों का कोई भी पहचान पत्र और आधार कार्ड नहीं बनाया जाएगा और गांव में प्रवासियों के प्रवेश पर पूरी रोक रहेगी। अगर फसल के सीजन के दौरान गांव में प्रवासी आते हैं तो जो भी गांववासी उन्हें गांव में लाएगा, उसके लिए वही जिम्मेदार होगा।
इसके अलावा पंचायत ने अन्य फैसले भी लिए हैं, जिनमें गांव में रहने वाले युवक और युवती आपस में शादी नहीं कर सकेंगे। ऐसा करने या पति-पत्नी (लिव इन) की तरह रहने वालों का गांव में पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा। अगर कोई व्यक्ति गांव के साझे पंचायत स्थल, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, गुरु घर, पंचायत घर, खेल मैदान या किसी अन्य पंचायत स्थल को नुकसान पहुंचाता है, तो उसका भी बहिष्कार किया जाएगा और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ये प्रस्ताव पूरे गांव की सहमति से ग्राम पंचायत और ग्रामीणों द्वारा पारित किए गए हैं ताकि गांव के लोगों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
वादा किया और निभाया, राहुल गांधी ने पंजाब बाढ़ पीड़ित बच्चे को गिफ्ट की साइकिल, अमृतपाल को लगाया गले
17 Sep, 2025 05:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब। लोकसभा में विपक्ष नेता राहुल गांधी तीन दिन पहले बाढ़ प्रभावित पंजाब दौरे पर आए थे। इस दौरान राहुल गांधी अमृतसर के अजनाला और गुरदासपुर भी गए थे। अमृतसर के बाढ़ प्रभावित गांव धोनेवाल में राहुल गांधी ने एक छोटे बच्चे के साथ उसे साइकिल गिफ्ट करने का वादा किया था। अपने इस वादे को राहुल गांधी ने निभाया है। राहुल ने आठ साल के बच्चे अमृतपाल सिंह को साइकिल भेजी है। नई साइकिल देख बच्चा खुशी से झूम उठा। बच्चे और परिवार के लोगों ने राहुल गांधी का धन्यवाद किया है।
राहुल गांधी 15 सितंबर को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने आए थे। इस दौरान जब वह गांव घोनेवाल पहुंचे तो वहां पर एक 8 साल के बच्चे अमृतपाल ने रोते हुए बताया था कि बाढ़ के पानी में उसकी साइकिल भी बह गई है। रोते हुए बच्चे को राहुल गांधी ने गोद में उठाकर उसे गले लगाते हुए चुप करवाया और वादा किया था कि वह उसे नई साइकिल देंगे। अपने वादे को निभाते हुए राहुल गांधी की ओर से बुधवार को अमृतपाल के लिए एक नीले रंग की साइकिल भेजी गई और साथ ही वीडियो कॉल के जरिये अमृतपाल सिंह और उसके परिवार के साथ बात भी की।
साइकिल देखकर अमृतपाल सिंह भी बेहद खुश दिखाई दिया। वहीं अमृतपाल के परिवार वालों की ओर से भी राहुल गांधी का आभार व्यक्त किया गया। अमृतपाल के माता-पिता का कहना था कि भले ही इस मुश्किल घड़ी में काफी समस्याएं का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन इस तरह से हौसला बढ़ाने पर उन्हें काफी हिम्मत मिल रही है।
सोशल मीडिया पर मची हलचल, वन्नू दी ग्रेट ने यूट्यूबर मनी मिराज को कहा अपना पति; 3 मिलियन फॉलोअर्स वाली इन्फ्लुएंसर सुर्ख़ियों में
17 Sep, 2025 04:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: वन्नू दी ग्रेट नाम से मशहूर सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर इन दिनों सुर्खियों में हैं। उन्होंने अपने पेज पर कई वीडियो जारी कर बिहार के यूट्यूबर मनी मिराज पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। वन्नू का आरोप है कि मिराज ने उसके शादी की और बाद में उसे धोखा दिया। उसने आरोप लगाया है कि शादी के बाद वो उसे छोड़कर चला गया है। अब वन्नू को न्याय दिलाने के लिए सोशल मीडिया पर कई लोग उसके समर्थन में आ गए हैं। अब आप सब के मन में ये सवाल आ रहा होगा कि ये वन्नू द ग्रेट और उसने जिस मनि मिराज पर आरोप लगाए हैं वो कौन हैं? आइए जानते हैं दोनों के बारे में...
कौन हैं वन्नू द ग्रेट
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वन्नू द ग्रेट पंजाब के लुधियाना की रहने वाली है। वन्नू एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर हैं। वन्नू भोजपुर इंडस्ट्री का भी जाना माना नाम हैं। सोशल मीडिया की बात करें तो वन्नू के इंस्टाग्राम पर 3 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। वहीं फेसबुक भी उसे 56 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। अपने फेसबुक प्रोफाइल में उसने खुद को भोजपुरी एक्ट्रेस, कंटेंट क्रिएटर और पूर्व टिकटॉकर बताया है। वन्नू ने मनी मिराज पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वन्नू ने दावा किया है कि वो मिराज की वाइफ हैं। लेकिन शादी के बाद उन्हें धोखा मिला। उसका पति उसे छोड़कर भाग गया है।
कौन हैं मनी मिराज
मनी मिराज की कहानी संघर्ष से सफलता तक की मिसाल है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत इंस्टाग्राम रील्स से की और धीरे-धीरे यूट्यूब वीडियो बनाकर पहचान बनाई। सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के बाद उन्हें भोजपुरी इंडस्ट्री में काम करने का मौका मिला। आज मनी मिराज अपनी एक्टिंग और गानों से इंडस्ट्री में खास पहचान बना चुके हैं। लेकिन उनकी यह सफलता आसान नहीं थी। कभी वह चिकन बेचकर अपना गुजारा करते थे और साधारण जिंदगी जीते थे। भोजपुरी सिनेमा में कदम रखने के बाद उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने अपनी जिंदगी को नई दिशा दी। लेकिन अब मिराज पर जो आरोप लगे इससे आने वाले समय में उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
हिंदू रक्षा दल ने बताया लव जिहाद का मामल
हिंदू रक्षा दल भी इस मामले में कूद पड़ा है। इस दल के अध्यक्ष पिंकी भैया ने एक्स पर लिखा है कि ये लव जिहाद ट्रैप मामला यूट्यूबर वन्नू डी ग्रेट का है। वो मुस्लिम यूट्यूबर मणि मेराज (Mani Meraj) के साथ रिलेशनशिप में थीं हिन्दू बनकर मुझे मिला फिर शारीरिक रूप से शोषित किया, इस्लाम में कन्वर्ट कराया, गुप्त शादी की और फिर छोड़ दिया। ये बेटियाँ आज मेरे पास हिंदू रक्षा दल @hrd_official_ के ऑफिस पर आई आज वीडियो में वो सारी सचाई बताई अब अफसोस जता रही है संगठन अब मदद करेगा और बिटिया को इंसाफ दिलाना है।
कोर्ट ने AAP विधायक को दोषी करार दिया, 4 साल कैद की सजा, दलित महिला के साथ हिंसा और छेड़छाड़ मामले में न्याय हुआ
13 Sep, 2025 04:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तरनतारन: पंजाब के तरनतारन जिले की एक अदालत ने खडूर साहिब से आम आदमी पार्टी के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा को 12 साल पुराने एक मामले में चार साल की सजा सुनाई है। यह मामला एक दलित महिला के साथ मारपीट और छेड़छाड़ से जुड़ा है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रेम कुमार की अदालत ने शुक्रवार को सजा का ऐलान किया। अदालत ने लालपुरा सहित सात आरोपियों को चार-चार साल कैद की सजा सुनाई, जबकि तीन अन्य आरोपियों को एक-एक साल की कैद हुई। अदालत ने सभी दोषियों पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया और पीड़िता को कानून अनुसार मुआवजा दिए जाने का आदेश दिया। सजा सुनाए जाने के बाद पीड़िता ने कहा कि लंबे समय बाद उसे न्याय मिला है। उसने कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने में 12 साल लग गए, लेकिन आखिरकार दोषियों को उनके अपराध की सजा मिली है। देरी से मिला न्याय भी राहत देने वाला है।
11 लोगों को दोषी ठहराया
इससे पहले बुधवार को अदालत ने 11 लोगों को दोषी ठहराया था, जिनमें छह पुलिसकर्मी भी शामिल थे। हालांकि, एक आरोपी परामजीत सिंह की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। वहीं, एक अन्य आरोपी हरविंदर सिंह, जो इस समय तिहाड़ जेल में बंद है, शुक्रवार को अदालत में पेश नहीं हो सका। उसकी सजा का ऐलान 16 सितंबर को होगा। बता दें कि यह घटना 4 सितंबर 2013 की है, जब पीड़िता और उसका परिवार एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। वहीं पर एक टैक्सी ड्राइवर और कुछ अन्य लोगों ने 19 वर्षीय युवती के साथ मारपीट और छेड़छाड़ की। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने भी युवती से दुर्व्यवहार किया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो
इस वारदात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा देने के आदेश जारी किए थे। मनजिंदर सिंह लालपुरा उस समय टैक्सी ड्राइवर के रूप में काम कर रहे थे। इसी दौरान वे आम आदमी पार्टी से जुड़े और पार्टी के जिला अध्यक्ष और युवा विंग के प्रमुख बने। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने तरनतारण जिले की खडूर साहिब सीट से चुनाव लड़ा और दो बार के कांग्रेस विधायक रमनजीत सिंह सिकी को हराकर विधानसभा पहुंचे।
गलती पुलिसकर्मी की और फंस गया आम आदमी! पंजाब में कार ड्राइवर से वसूले 60 हज़ार, मामला सुर्खियों में
12 Sep, 2025 01:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर: पंजाब के जालंधर जिले में स्कूटी सवार को रोकने के चक्कर में एक लेडी कांस्टेबल को पीछे से आ रही कार ने टक्कर मार दी। कार की टक्कर लगने से लेडी कांस्टेबल बुरी तरह से घायल हो गई। हालांकि इसमें कार चालक की कोई गलती नहीं थी। उसकी कार के सामने अचानक लेडी कांस्टेबल आ गई जिस वजह से ये हादसा हो गया। लेकिन पुलिस ने फिर भी चालक पर कार्रवाई करते हुए उसकी कार को जब्त कर लिया है। अब कार चालक ने पुलिस पर उसे परेशान करने का आरोप लगाया है। कार चालक ने बताया कि वो लुधियाना से किसी काम के लिए मॉडल टाउन आया था। जैसे ही वो बुधवार शाम 6.30 बजे के करीब मॉडल टाउन मार्केट के पास से गुजर रहा था तभी ट्रैफिक पुलिस की लेडी कांस्टेबल सिमरनजीत कौर उनकी कार से टकरा गई।
कार चालक लेकर गया अस्पताल
चालक ने आगे बताया कि लेडी कांस्टेबल एक एक्टिवा सवार को रोक रही थी। एक दम से वो उनके कार के आगे आ गई, जिससे ये हादसा हुआ। उन्होंनेआरोप लगाया कि उसपर महिला कर्मचारी का इलाज करवाने के लिए दबाव बनाया गया जबकि उसकी कोई गलती भी नहीं थी। हादसे के बाद वह महिला कर्मी को केजीएम बोन अस्पताल ले गए। वहां ओपीडी की 700 रुपए की पर्ची कटवाई फिर 1000 रुपए एक्सरे के लिए भी दिए। दविंदर ने आरोप लगाया कि इतना सब करने के बावजूद उससे महिला कर्मी ने 60 हजार भी मांगे।
पुलिस बोली- नहीं मांगे कोई पैसे
चालक ने बताया कि उन्होंने खुद को बेकसूर साबित करने के लिए घटनास्थल के पास लगे एक सीसीटीवी की फुटेज भी निकलवाई। पुलिस ने फिलहाल चालक दविंदर की कार जब्त कर ली है। वहीं इस मामले की जांच कर रहे एएसआई कुलदीप सिंह ने कहा कि लेडी कांस्टेबल का एक्सीडेंट हो गया था। उसका इलाज करवाया जा रहा है। किसी ने पैसे की मांग नहीं की है। जबकि वह चाहते हैं कि इलाज सही हो जाए और लेडी कांस्टेबल ठीक हो जाए।
किसान ने बाढ़ में खोई फसल की व्यथा बयां की, अपना पैन देकर प्रधानमंत्री से मांगी तुरंत राहत पैकेज की घोषणा
10 Sep, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुरदासपुर। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने आए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब गुरदासपुर के तिब्बड़ी कैंट में बाढ़ पीड़ित किसानों की दर्द भरी आपबीती सुन रहे थे तो इस दौरान एक दिलचस्प वाकया देखने को मिला। इस विशेष मुलाकात के दौरान जिले के अलग-अलग प्रभावित गांवों के 19 किसान, मजदूर के अलावा बाढ़ पीड़ित महिलाएं मौजूद थीं। जब प्रधानमंत्री किसानों की समस्याएं सुन रहे थे तो उस समय का माहौल काफी भावुक था। बाढ़ के पानी से हुई त्रासदी को बताते हुए कई किसानों की आंखों में पानी आ गया। गांव मचराल के बाढ़ पीड़ित लजवंत सिंह मचराल ने बताया कि इस बाढ़ की मार ने उनकी कमर तोड़कर रख दी है। पूरी फसल तबाह हो गई है। कई पशु मर गए हैं। इस संकट की घड़ी में आपसे बड़ी उम्मीदें हैं। अपनी बात कहते लजवंत सिंह ने अपनी जेब में से पैन निकाल कर प्रधानमंत्री को दिया और कहा कि हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री जी आप दिल खोलकर इस पैन से राहत पैकेज लिखें। इसी तरह किसान रछपाल सिंह खोखर राजपूता, जतिंदर कुमार जंडी, अमर सिंह कमालपुर जट्टां, गुरभेज सिंह घोनेवाल, राजबीर सिंह गांव तलवंडी हिंदुआ, बख्शीश सिंह ठेठरके, पलविंदर सिंह आदि ने भी पूरे विस्तार से प्रधानमंत्री को बाढ़ के संकट के बारे में बताया।
धुस्सी बांध टूटने से मची भारी तबाही
इस दौरान किसानों ने प्रधानमंत्री से यह भी मांग कर दी कि वह जो भी राहत राशि देकर जाएं, वह सीधा उनके बैंक खातों में डाली जाए, क्योंकि 2023 के बाढ़ का मुआवजा अभी तक उन्हें नहीं मिला। कुछ अन्य किसानों ने बताया कि दरिया के साथ लगते धुस्सी बांध टूटने से भारी तबाही मची है। इसे मजबूत करना बेहद जरूरी है। इसके जवाब में प्रधानमंत्री ने आश्वासन देते हुए कहा कि धुस्सी बांध तो मजबूत किए ही जाएंगे, बल्कि उनकी पहल होगी कि ऐसी नीतियां बना दी जाएं ताकि भविष्य में बाढ़ की ऐसी स्थिति से बचा जा सके। इसके अलावा दरियाओं के पास बसे लोगों को फिर से ऐसी मार न झेलनी पड़ी। पीएम ने मिलाया हाथ तो गदगद हुए किसान प्रधानमंत्री जब बैठक हाल में पहुंचे तो उस समय अपनी आपबीती सुनाने आए बाढ़ पीड़ित काफी दूर-दूर बैठे हुए थे। प्रधानमंत्री ने आते ही सभी को अपने पास कुर्सियां लाने के लिए कहा। अपने शुरुआती संबोधन में कहा कि वे पूरे दिल से बाढ़ से प्रभावित लोगों की मुश्किलें सुनने आए हैं और वे इस संकट की घड़ी में पूरी तरह से उनके साथ है प्रधानमंत्री ने अपने प्रोटोकोल की परवाह न करते हुए मुलाकात करने आए प्रत्येक बाढ़ पीड़ित से हाथ मिलाया। तकरीबन हर व्यक्ति ने दो-ढाई मिनट तक अपनी व्यथा सुनाई और प्रधानमंत्री ने भी पूरे ध्यानपूर्वक सुना।
किसान बोले--कभी सोचा नहीं था पीएम सामने बिठा समस्याएं सुनेंगे
प्रधानमंत्री के साथ किसानों की मुलाकात करीब एक घंटे तक चली। इस मुलाकात के बाद बाहर आए किसान लजवंत सिंह और राजबीर सिंह ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे प्रधानमंत्री के साथ बैठकर अपनी समस्याएं बताएंगे। वह किसी राजनीतिक पार्टी से संबंधित नहीं है और आम लोग है। उन्होंने कहा कि यह सब कुछ जिले के डिप्टी कमिश्नर हिमांशु अग्रवाल और नोडल अधिकारी परमिंदर सिंह सैनी के सहयोग से संभव हो सका है।
केंद्र की राहत राशि पर नाराजगी जताई ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने, 1600 करोड़ की मदद को बताया अपर्याप्त
10 Sep, 2025 03:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर। शिरोमणि अकाली दल के बागी गुट के प्रधान एवं पूर्व जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पंजाब में आई भीषण बाढ़ से हजारों गांव प्रभावित हुए हैं, लेकिन प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1600 करोड़ रुपये की राहत राशि राज्य के लिए नाकाफी है। इस अवसर पर बीबी जागीर कौर, रतन सिंह अजनाला, सुरजीत सिंह रखड़ा, गोबिंद सिंह लोंगोवाल सहित कई वरिष्ठ अकाली नेता भी मौजूद रहे। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि केंद्र की ओर से दी गई राहत केवल दिखावा है।
घोषित राशि का बड़ा हिस्सा विज्ञापन और औपचारिकताओं में खर्च हो जाएगा, जबकि असल सहायता प्रभावित परिवारों तक नहीं पहुंचेगी। उन्होंने मांग की कि राहत सीधे पीड़ितों के खातों में डाली जाए। उन्होंने कहा कि अकेले फसल का मुआवजा ही 2200 करोड़ रुपये से अधिक बनता है। इसके अलावा घरों, पशुओं और बुनियादी ढांचे का नुकसान अलग से है। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि यह मजाक करने के लिए पंजाब आने की जरूरत नहीं थी, दिल्ली बैठकर भी किया जा सकता था। इस मौके अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा ने ऐलान किया कि वे स्वयं 10 करोड़ रुपये की सहायता बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी राहत शिविरों के माध्यम से प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद कर रही है।
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने हिमाचल प्रदेश में अवैध निर्माण और पहाड़ काटने की गतिविधियों को भी पंजाब की बाढ़ का बड़ा कारण बताया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उच्चस्तरीय कमेटी बनाई जानी चाहिए ताकि भविष्य में पंजाब को इस तरह की आपदाओं का सामना न करना पड़े। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है, इसलिए यहां पर विशेष राहत एवं पुनर्वास नीति लागू की जानी चाहिए। अंत में अकाली दल प्रधान ने कहा कि पार्टी हर पीड़ित तक पहुंचने का प्रयास करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सुखबीर सिंह बादल ने गुरबाणी से अपार धन कमाया है और अब जो पैसा राहत के नाम पर बांटा जा रहा है, वह असल में जनता का ही है।
जालंधर में डेरा सत्संग ब्यास के मुखी बाबा गुरिंदर सिंह ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया निरीक्षण, राहत कार्यों का लिया जायजा
10 Sep, 2025 03:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर। पंजाब के जालंधर में आज डेरा सत्संग ब्यास के मुखी बाबा गुरिंदर सिंह पहुंचें। इस दौरान उन्होंने पहले जालंधर के गांव रहमतपुर स्थित सत्संग घर में संगत को दर्शन दिए। इसके उपरांत वह बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के लिए शाहकोट की तरफ रवाना हो गए। डेरा मुखी बाबा गुरिंदर सिंह सत्संग घर में 10:15 के करीब पहुंचे, जहां पर करीब 20 मिनट रुकने के बाद रवाना हो गए। बाबा गुरिंदर सिंह के सत्संग घर में आने की सूचना मिलते ही गांव में संगत जुटनी शुरू हो गई। इस दौरान बाबा गुरिंदर सिंह ने इस प्रकृति आपदा में मानवता की सेवा के लिए सभी को आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में जरूरतमंदों की सेवा सभी को करनी चाहिए। इसके बाद वह शाहकोट के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की तरफ रवाना हुए।
गैंगस्टरों की हिट लिस्ट में आए पंजाब पुलिस के जांबाज DSP बिक्रमजीत सिंह बराड़, जानिए कौन हैं ये बहादुर अफसर
10 Sep, 2025 12:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स के अधिकारी और डेराबस्सी के डीएसपी बिक्रमजीत सिंह बराड़ को एक बार फिर गैंगस्टरों ने जान से मारने की धमकी दी है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर खुद को विदेश में बैठे कुख्यात मन घनश्यामपुरिया गैंग का सदस्य बताने वाले युवकों ने यह धमकी दी है। वीडियो में आरोप लगाया गया है कि डीएसपी बराड़ फर्जी एनकाउंटर करते हैं। गैंग के सदस्यों ने कहा कि वे 2018 में हुए कुख्यात गैंगस्टर विक्की गौंडर और उसके साथियों के एनकाउंटर का बदला लेंगे। धमकी देने वालों का दावा है कि मन घनश्यामपुरिया जल्द ही पंजाब लौटेगा और हिसाब चुकता करेगा।
कौन है डीएसपी बिक्रमजीत सिंह बराड़
डीएसपी बराड़ पंजाब पुलिस का एक जाना माना नाम है। उन्होंने अपने करियर में कई हाई-प्रोफाइल एनकाउंटर किए हैं। इनमें सबसे चर्चित एनकाउंटर विकी गोंडर का था, जो 2016 के नाभा जेलब्रेक मामले में फरार हुआ था। बराड़ की कड़ी कार्रवाई और ऑपरेशनों की वजह से संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क लगातार उन पर गुस्सा निकालते रहे हैं। डीएसपी बराड़ को उनकी बहादुरी के लिए पांच बार राष्ट्रपति वीरता पदक मिल चुका है। इसके बावजूद वे लगातार गैंगस्टरों के निशाने पर रहे हैं। पुलिस का मानना है कि यह धमकी गैंगस्टर नेटवर्क की बौखलाहट को दर्शाती है क्योंकि पुलिस की लगातार कार्रवाई से उनका नेटवर्क कमजोर हो रहा है।
पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
यह पहली बार नहीं है जब डीएसपी बराड़ गैंगस्टरों के निशाने पर आए हों। इससे पहले भी उन्हें कई बार धमकियां मिल चुकी हैं। हाल ही में कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ की उनसे हुई फोन कॉल भी सामने आई थी। उस बातचीत में भी डीएसपी बराड़ ने साफ कहा था कि वे किसी से डरते नहीं और कानून के दायरे में रहकर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेंगे। ताजा धमकी पर प्रतिक्रिया देते हुए डीएसपी बिक्र्रमजीत सिंह बराड़ ने कहा कि मैंने भी यह वीडियो देखा है। गैंगस्टर अक्सर इस तरह की बातें करते रहते हैं, लेकिन हम उनसे डरने वाले नहीं। कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि पहले भी उन्हें ऐसी धमकियां मिलती रही हैं, लेकिन पंजाब पुलिस संगठित अपराध नेटवर्क को तोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह की धमकी उन्हें रोक नहीं सकती।
वन विभाग के कीमती पेड़ों की चोरी पर गुरदासपुर में हड़कंप, अधिकारियों की चुप्पी से बढ़ी असंतोष
9 Sep, 2025 03:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काहनूवान (गुरदासपुर)। ब्लॉक काहनूवान में वन विभाग के पेड़ों की चोरी का सिलसिला लगातार जारी है, लेकिन विभाग को इसकी कोई परवाह नहीं है। जानकारी के अनुसार काहनूवान ब्लॉक में लकड़ी चोरों का एक गिरोह लगातार वन विभाग के पेड़ चोरी कर रहा है। सड़कों और नहरों के किनारों से टाहली, कीकर और अन्य पेड़ों की कटाई हो रही है। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि चक्क शरीफ से तुगलवाल जाने वाली सड़क पर जगह-जगह कीमती कीकर के पेड़ काटे जा रहे हैं। इस पूरी सड़क के आसपास बड़े पैमाने पर वन विभाग के पेड़ लगे हुए हैं।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से दोपहर के समय सड़कों के किनारे से पेड़ काटे जा रहे हैं और उन्हें दिनदहाड़े ट्रालियों पर लादकर बेचा जा रहा है। इस बारे में वन विभाग के अधिकारियों को सूचित करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, पेड़ों को पहले बड़ी पोकलेन मशीन से धक्का देकर तोड़ा जाता है और फिर इलेक्ट्रिक आरी से मिनटों में काटकर पेड़ों को मौके से साफ करके ले जाया जाता है। इस संबंध में जब वन विभाग के डीएफओ अटल महाजन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि विभाग किसी भी तरह की कटाई नहीं कर रहा है और अगर कोई वन विभाग के पेड़ों को काट रहा है, तो वह इसकी जांच करेंगे और आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राहत का नया अध्याय: पंजाब फ्लड में दो भाइयों ने अपने दम पर तैयार कीं 70 नावें, बने लोगों की उम्मीद
9 Sep, 2025 03:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कपूरथला: रेल कोच फैक्ट्री के लिए पुर्जे बनाने वाली हंसपाल ट्रेडर्स की कंपनी के दो भाइयों प्रितपाल सिंह और दविंदरपाल सिंह हंसपाल की इन दिनों पंजाब में जमकर तारीफ हो रही है। बाढ़ में फंसे लोगों की मदद के लिए ये दोनों भाई खेवनहार बनकर सामने आए हैं। दोनों भाई बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों और उनके पशुओं को सुरक्षित निकालने के लिए नावें बना रहे हैं। अब तक उन्होंने लगभग 70 नावें तैयार कर के अजनाला, हरिके पत्तन, मंड बाऊपुर, पटियाला और बठिंडा जैसे बाढ़ग्रस्त इलाकों में भेजी हैं। दोनों भाइयों उनका लक्ष्य 100 नावें तैयार करना है। हंसपाल भाइयों ने नाव बनाने की तकनीक और डिज़ाइन सार्वजनिक कर दी है ताकि कृषि उपकरण और कंबाइन हार्वेस्टर बनाने वाली कंपनियां भी अपनी नावें तैयार कर लोगों की मदद कर सकें।
बताई नावों की विशेषताएं
कंपनी के मालिक भाई प्रीतपाल सिंह हंसपाल और देविंदर पाल सिंह हंसपाल ने बताया कि उनकी नावें 10 लोगों को आसानी से ले जा सकती हैं। वहीं विशेष रूप से डिज़ाइन की गई बड़ी नाव यानी ‘बेरा’ में 20 टन क्षमता है। इस बड़े बेरा का इस्तेमाल किसान अपने पशु या कृषि उपकरणों को सुरक्षित निकालने के लिए कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि 2023 की सुलतानपुर लोधी बाढ़ के दौरान स्वतंत्र विधायक राणा इंदर प्रताप सिंह ने इनसे नाव बनाने का आग्रह किया था। इस साल बाढ़ फिर से राज्य के कई हिस्सों को प्रभावित करने लगी तो प्रीतपाल और देविंदर को राज्य के विभिन्न हिस्सों से कॉल आने लगे, जिनमें सरकारी अधिकारियों के संदेश भी शामिल थे।
विधायक ने बनवाई 12 नावें
विधायक ने बताया कि उन्होंने इस साल कंपनी से 12 नावें बनवाईं, जबकि 2023 में उन्होंने 15 नावें ऑर्डर की थीं। उन्होंने कहा कि पहले हमने 20 टन क्षमता वाला बड़ा बेरा तैयार करवाया। हम सभी संसाधनों का उपयोग कर फंसे लोगों, उनके पशु और उपकरणों को सुरक्षित निकाल रहे हैं और राहत सामग्री वहां पहुंचा रहे हैं। वहीं दोनों भाइयों ने बताया कि इस बार उन्होंने अपनी नावों के डिज़ाइन और तकनीक सार्वजनिक कर दी हैं, ताकि अन्य निर्माता, जैसे कृषि उपकरण या कॉम्बाइन हार्वेस्टर बनाने वाले, भी इस काम में सहयोग कर सकें। प्रीतपाल सिंह ने कहा कि हम यह मुनाफा कमाने के लिए नहीं कर रहे हैं, बल्कि लोगों की मदद के लिए कर रहे हैं। जो लोग पहले से उपकरण बनाने में सक्षम हैं, वे आसानी से यह नावें तैयार कर सकते हैं।
जेल में रहकर भी सांसद करेंगे उपराष्ट्रपति चुनाव में वोट? एक नेता को 5 दिन की जमानत से मिली राहत
9 Sep, 2025 02:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर इस बार एक दिलचस्प स्थिति देखने को मिल रही है। कई सांसद जो फिलहाल जेल में बंद हैं, उन्हें मतदान के लिए विशेष अनुमति दी गई है। इनमें से एक नेता को तो अदालत से पांच दिन की जमानत भी मिल गई है, ताकि वह चुनाव में भाग ले सके। राजमपेट से वाईएसआरसीपी सांसद पीवी मिधुन रेड्डी को हाल ही में उपराष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने के लिए पांच दिन की अंतरिम ज़मानत मिली है।
रेड्डी को 6 सितंबर से 11 सितंबर तक की अंतरिम ज़मानत मिली है। आंध्र प्रदेश पुलिस ने रेड्डी को 19 जुलाई को पूर्ववर्ती वाईएसआरसीपी शासन के दौरान हुए कथित 3,200 करोड़ रुपये के आबकारी अनियमितताओं के मामले में गिरफ्तार किया था। वहीं जेल में बंद लोकसभा सांसद अब्दुल राशिद शेख उर्फ इंजीनियर राशिद को उपराष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच दिल्ली की तिहाड़ जेल से संसद भवन लाया जाएगा। उनकी पार्टी अवामी इत्तेहाद पार्टी (एआईपी) के नेताओं ने सोमवार को यह जानकारी दी। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत असम के डिब्रूगढ़ स्थित केंद्रीय कारागार में बंद खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह डाक मतपत्र के ज़रिए मतदान करेंगे।
राशिद को कस्टडी परोल पर रिहा करने का निर्देश
दिल्ली की एक अदालत के आदेश के अनुसार, जेल अधिकारियों को 9 सितंबर को मतदान के लिए राशिद को कस्टडी परोल पर रिहा करने का निर्देश दिया गया है। आदेश में जेल अधिकारियों को सदन के महासचिव से संपर्क करके एक उपयुक्त समय निर्धारित करने का निर्देश दिया गया है जब जेल में बंद सांसद को अपना वोट डालने के लिए संसद पहुंचना होगा। इसमें यह भी कहा गया है कि सांसद को संसद के द्वार पर मार्शल को सौंप दिया जाएगा और बाद में बिना किसी देरी के जेल परिसर में वापस लाया जाएगा। हालांकि उन्हें संसद परिसर में अन्य सांसदों और कर्मचारियों से बातचीत करने की अनुमति है, लेकिन उन्हें प्रेस से बात करने, साक्षात्कार देने या फ़ोन कॉल करने से मना किया गया है।
तिहाड़ जेल के अधिकारियों को दिए गए निर्देश
अदालत ने तिहाड़ जेल अधिकारियों को निर्देश दिया कि जब तक दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा मामले का फैसला नहीं हो जाता, तब तक वे राशिद से यात्रा के लिए वाहन शुल्क न लें। उच्च न्यायालय ने 18 अगस्त को राशिद की उस याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था जिसमें मानसून सत्र में भाग लेने के लिए संसद आने-जाने के लिए प्रति यात्रा लगभग 4 लाख रुपये जमा करने के आदेश में संशोधन की मांग की गई थी। उनके बेटे अबरार ने पुष्टि की कि बारामूला के सांसद मतदान के लिए जेल से संसद जाएंगे। उन्होंने कहा कि मेरे पिता चुनाव प्रक्रिया में भाग लेंगे और कड़ी सुरक्षा के बीच संसद जाएंगे। हमें उम्मीद है कि उच्च न्यायालय हमें अनुकूल निर्णय देगा और जेल अधिकारियों द्वारा उनसे ली जा रही अत्यधिक फीस को खारिज कर देगा।
अमृतपाल कैसे करेगा मतदान
इस बीच, अलगाववादी समर्थक नेता और वारिस दे पंजाब के प्रमुख अमृतपाल सिंह डाक मतपत्र के ज़रिए मतदान करेंगे। वारिस दे पंजाब के प्रवक्ता और अमृतपाल के वकील, एडवोकेट ईमान सिंह खारा ने बताया कि पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने सूचित किया है कि भारत के चुनाव आयोग ने जेल में बंद पंजाब के सांसद के लिए मतदान सुविधा के संबंध में निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने असम के मुख्य सचिव को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि उन्हें समय पर दिया गया डाक मतपत्र, 9 सितंबर को शाम लगभग 6 बजे मतगणना से पहले रिटर्निंग ऑफिसर को प्राप्त हो जाए।
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