नारी विशेष
नेचुरल ब्लीच का सबसे सस्ता तरीका, बस एक नींबू से करें कमाल
12 Jul, 2025 05:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आज के DIY ब्यूटी ट्रेंड्स के दौर में लोग अपने किचन में मौजूद चीजों से स्किन को निखारने की कोशिश करते हैं. इन्हीं में से एक है नींबू का इस्तेमाल, जिसे नेचुरल ब्लीच माना जाता है. ये सस्ता, आसानी से उपलब्ध और केमिकल-फ्री ऑप्शन माना जाता है. लेकिन इसे सही तरीके से इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है, वरना स्किन डैमेज भी हो सकती है.
नींबू में विटामिन C और नैचुरल एसिड भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. ये तत्व त्वचा के दाग-धब्बे और पिगमेंटेशन को हल्का करने में मदद करते हैं।. इसके साथ ही नींबू डेड स्किन सेल्स को हटाकर त्वचा को एक्सफोलिएट करता है और उसे नेचुरली ब्राइट बनाता है.
हालांकि, नींबू का नेचर एसिडिक होता है, इसलिए इसे सीधे त्वचा पर लगाने से जलन या रिएक्शन हो सकता है. इसीलिए नींबू के रस को हमेशा पानी, एलोवेरा जेल या शहद जैसे किसी माइल्ड इंग्रेडिएंट के साथ मिलाकर ही इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है.
अगर आप नींबू का इस्तेमाल ब्लीच के तौर पर करना चाहती हैं तो इसके लिए सबसे आधे नींबू के रस को एक चम्मच पानी में घोल लें. आप चाहें तो इसके साथ एलोवेरा जेल या शहद भी मिला सकते हैं. लेकिन ध्यान रहे कि सबसे पहले आपके एक पैच टेस्ट करना है.
अगर 24 घंटे तक स्किन पक कोई रिएक्शन नहीं होता है तब आप इसका इस्तेमाल कर सकती हैं. अगर आपको जलन, रेडनेस हो जाती है तो मतलब है कि नींबू आपकी स्किन को सूट नहीं कर रहा है और आपको इसे इस्तेमाल नहीं करना है.
नींबू का मिक्सचर बनाने के बाद अपने चेहरे को अच्छे से साफ करें. अपनी उंगलियों या कॉटन पैड की मदद से इसे पूरे चेहरे पर लगाएं. 5-10 मिनट रखने के बाद चेहरे को ठंडे पानी से धो लें. इसके बाद चेहरे को सुखाने के बाद उस पर मॉइस्चराइजर लगाएं. क्योंकि नींबू चेहरे को ड्राई कर सकता है.
अगर आप कहीं बार जा रही हैं तो मॉइस्चराइजर के बाद सनस्क्रीन जरूर अप्लाई करें. ध्यान रहे कि इसे आपको रोज नहीं लगाना नहीं. हफ्ते में 1 या 2 बार यूज करें और अगर आपकी स्किन बहुत ज्यादा ड्राई है तो इसका न करें तो अच्छा है.
सिर्फ 10 मिनट में तैयार करें करौंदे का अचार, जानिए आसान रेसिपी
12 Jul, 2025 05:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय घर में कुछ हो या न हो, लेकिन तमाम तरह के अचार अवश्य मिलते हैं। कई अचार ऐसे होते हैं, जिन्हें सालों-साल सही से रखा जा सकता है, वहीं कई अचार मौसम के अनुरूप तैयार होते हैं। जैसे सर्दियों में मूली, गाजर और गोभी का अचार पड़ता है, वहीं गर्मी के मौसम में करौंदे का अचार लोग खाना बेहद पसंद करते हैं। तो अगर आप भी रोजमर्रा के खाने से परेशान हैं, तो करौंदे का अचार तैयार करें। ये न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि इसे बनाना भी बेहद आसान है। इसके साथ आपके खाने का स्वाद कई गुना बढ़ जाएगा। हम इस लेख में करौंदे का अचार तैयार करने की ऐसी रेसिपी बताएंगे, जिस विधि से दादी-नानी भी इसे तैयार करती थीं।
सामग्री :
करौंदा- 500 ग्राम
सरसों का तेल - 1/2 कप
राई -2 बड़े चम्मच
सौंफ - 2 बड़े चम्मच
मेथी दाना - 1 बड़ा चम्मच
हल्दी पाउडर- 1 छोटा चम्मच
लाल मिर्च पाउडर- 1 छोटा चम्मच
हींग- 1 चुटकी
नमक- स्वादानुसार
विधि
आजकल बाजार में करौंदे काफी सस्ते में मिल जाते हैं। ऐसे में इसे आसान विधि से करौंदे का अचार बनाने के लिए सबसे पहले करौंदों को अच्छी तरह से धोकर एक सूती कपड़े पर रख दें, ताकि इसका पानी सूख जाए। यदि इसमें थोड़ा सा भी पानी रह गया तो अचार जल्दी खराब हो जाएगा। इसलिए सूती कपड़े पर कुछ देर ऐसे ही रखकर इसको सूखने दें।
जब पानी सूख जाए तो इसे बीच में से दो भागों में काटकर कपड़े पर ही रखा रहने दें। इसके बाद अब बारी आती है मसाले तैयार करने की तो उसके लिए सबसे पहले अब एक कढ़ाही में सरसों का तेल गरम करें। जब तेल से धुआं निकलने लगे, तब गैस धीमी कर दें और उसमें हींग डालें। फिर मेथी दाना, सौंफ और दरदरी राई डालकर हल्का भून लें।
मसाले जब पूरी तरह से भुन जाएं तो उसमें हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालकर अच्छे तरह से मिक्स करें। इसके बाद इसमें कटे हुए करौंदे डालें और सभी सामग्री को अच्छे से मिक्स करें।
अब इसे आखिर में पांच मिनट तक पकाएं। इससे करौंदे थोड़े नरम हो जाएंगे और मसाले भी इसमें मिल जाएं। अब अचार को ठंडा होने दें और फिर उसे साफ और सूखे कांच के जार में भरें। दाल-चावल से लेकर रोटी-पराठे के साथ भी ये कमाल का लगता है।
बारिश में कैसे रखें त्वचा का ख्याल? जानें स्किन टाइप के अनुसार जरूरी बातें
12 Jul, 2025 04:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मानसून का मौसम गर्मी से राहत दिलाता है और यह बहुत सुहावना लगता है. लेकिन इस दौरान सेहत और स्किन से जुड़ी समस्याएं भी काफी आम हो जाती है. इस दौरान स्किन में इंफेक्शन, एलर्जी और अनइवनस्किन टोन जैसे परेशानी हो सकती है. इसलिए बारिश के मौसम में स्किन और सेहत का खास ख्याल रखने की सलाह दी जाती है.
बारिश के मौसम में चेहरे पर ऑयल का प्रोडक्शन भी ज्यादा हो जाता है. इससे पोर्स बंद हो सकते हैं. ऐसे में मुंहासे होने का खतरा रहता है. वहीं कुछ लोगों की स्किन बहुत ज्यादा ड्राई हो जाती है. इसलिए आपको अपनी स्किन टाइप के मुताबिक स्किन केयर रूटीन अपनाना चाहिए. वातावरण, बदलते मौसम और खानपान सभी का असर स्किन पर दिखाई देता है. ऐसे में आप मानसून में एक्सपर्ट द्वारा बताए इन टिप्स की मदद से अपनी स्किन को ग्लोइंग बना सकते हैं.
बारिश के मौसम में सही स्किन केयर करना बहुत जरूरी है. क्योंकि इस दौरान नमी और गंदगी के कारण स्किन से जुड़ी समस्याएं हो सकती है. अगर आपकी स्किन ऑयली है, तो इस मौसम में पसीना और ज्यादा ऑयली प्रोडक्शन के कारण मुंहासे और ब्लैकहेड्स हो सकते हैं. इसलिए इस मौसम में हल्के और ऑयल-फ्री फेस वॉश का उपयोग करें और दिन में दो बार चेहरे को साफ करें. जिन लोगों की स्किन ड्राई है उन्हें मॉइस्चराइजर जरूर लगाना चाहिए जिसमें हयालूरोनिक एसिड या ग्लिसरीन हो ताकि स्किन में नमी बनाए रखने में मदद मिल सके.
जिन लोगों की सेंसिटिव स्किन है वह लोग हार्श केमिकल वाले प्रोडक्ट्स का उपयोग करने से बचें क्योंकि बारिश के समय स्किन और ज्यादा सेंसिटिव हो जाती है. बारिश में स्किन पर फंगस के संक्रमण का खतरा रहता है, इसलिए नहाने के बाद स्किन को अच्छी तरह से सुखाएं. गुनगुने पानी से नहाएं और ज्यादा गर्म पानी से बचें क्योंकि इससे स्किन ज्यादा ड्राई हो सकती है. साथ ही, खूब पानी पीएं जिससे स्किन को हाइड्रेट रखने में मदद मिले.
बारिश के मौसम में भी सनस्क्रीन लगाना बहुत जरूरी है क्योंकि इस दौरान भी स्किन यूवी किरणें की संपर्क में आती है और यह स्किन को नुकसान पहुंचा सकती है. इस तरह आप अपनी स्किन को ग्लोइंग और हेल्दी बनाये रख सकते हैं. लेकिन अगर सही केयर के बाद भी आपको स्किन से जुड़ी किसी तरह की परेशानी हो रही है जैसे कि रेडनेस, जलन, चकत्ते, खुजली, सूजन, स्किन टोन में बदलाव और ड्राईनेस तो आपको एक्सपर्ट से इसके बारे में सलाह करनी चाहिए. वह आपकी जरूरत के मुताबिक आपको सही स्किन केयर और प्रोडक्ट्स बता सकते हैं
उपवास में भी मिलेगा स्वाद का तड़का, रेणुका की आसान डोसा और चटनी रेसिपी
11 Jul, 2025 06:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भगवान शिव की अराधना का पावन महीना सावन शुरू हो चुका है। अब कुछ लोग हर सावन सोमवार को व्रत रखेंगे, तो कई लोग ऐसे भी होंगे जो पूरा सावन का महीना उपवास करेंगे। जब व्रत एक से ज्यादा दिन के हो जाते हैं तो हर बार आलू-साबुदाना खाने का मन नहीं करता। अलग-अलग डिश खाने की क्रेविंग होने लगती है। साउथ इंडियन की सेहतमंद डिश डोसा खाने को लेकर भी मन ललचाने लगता है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो अब बिल्कुल भी टेंशन मत लीजिए। क्योंकि कंटेंट क्रिएटर रेणुका सालुंके ने एक ऐसा डोसा बनाने की रेसिपी शेयर की है। जिसे आप व्रत के दिनों में भी आराम से खा सकते हैं, जो बहुत टेस्टी भी होता है।
डोसा के लिए जरूरी सामान
एक कप समा चावल
1/4 कपभुना हुआ साबूदाना
अदरक, हरी मिर्च
आधा उबला हुआ आलू
1 बड़ा चम्मच जीरा
कटे हुए करी पत्ते, धनिया पत्ता
3-4 कप पानी, स्वादानुसार नमक
चटनी के लिए जरूरी सामान
भुनी हुई मूंगफली
अदरक- हरी मिर्च
स्वादानुसार नमक
दही, धनिया पत्ता
पानी और तेल
जीरा और करी पत्ता
डोसा के लिए बनाएं बेटर
सबसे पहले साबूदाना को भूनने के बाद मिक्सर जार में डालें, इसमें ही समा चावल को मिला दें। दोनों को पीसने के बाद इसमें अदरक, हरी मिर्च, उबला आलू और एक कप पानी डाल दें। अब इन सभी चीजों को दोबारा से पीस लीजिए। इस तरह आपका डोसा के लिए बेटर बन जाएगा। जिसे एक बाउल में निकालकर नमक, जीरा, कटे हुए करी पत्ते और धनिया मिलाना है।
यूं बनाएं व्रत वाला डोसा
बेटर तैयार करने के बाद अब बारी आती है डोसा बनाने की। तो रेणुका सालुंके की ट्रिक के मुताबिक डोसा बनाने के लिए आप तवा की जगह पर कड़ाही का इस्तेमाल करें। कड़ाही गर्म होने पर बेटर फैला दें, चारों ओर तेल लगाने के बाद पलट दें। दोनों तरफ से सेंकते ही आपका व्रत वाला डोसा बनकर तैयार हो जाएगा।
अब बनाएं डोसा के लिए चटनी
अब चटनी बनाने के लिए भुनी हुई मूंगफली का छिलका हटाने के बाद इसे मिक्सर जार में डालें। इसमें अदरक, हरी मिर्च, धनिया पत्ती, नमक, दही और पानी डालकर पीस लीजिए। इस चटनी को बाउल में निकालने के बाद तड़का लगाने की तैयारी करें। तेल गर्म करने के बाद जीरा और कड़ी पत्ता डालकर तड़के को चटनी में मिला दें। इस तरह आप व्रत वाले डोसा के लिए चटनी भी तैयार हो जाएगी।
क्रीम नहीं, पत्तियां हैं असली स्किन केयर समाधान, जानें इस्तेमाल का तरीका
11 Jul, 2025 05:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। आयुर्वेद में हर समस्या का इलाज होता है। इस ट्रीटमेंट में भले ही इंसान का ज्यादा वक्त लग सकता है। मगर आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट लॉन्ग टर्म में बहुत फायदेमंद साबित होता है। इसके साथ ही, ये आपकी किसी भी समस्या को जड़ से उखाड़कर फेंक सकता है। आयुर्वेद में इलाज के लिए नेचुरल जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है। कई लोगों के मन में ये सवाल आता है कि जड़ी-बूटियों को खरीदना इतना आसान भी नहीं होता है। हालांकि, आज हम आपको एक ऐसी जड़ी-बूटी के बारे में बताएंगे, जो आपको आसानी से मिल जाएगी। ये जड़ी-बूटी आपको खरीदने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी आप इसे फ्री में प्राप्त कर सकते हैं। ये जड़ी-बूटी आपको स्किन से जुड़ी कुछ आम समस्याओं से राहत दिला सकती है। यही वजह है कि इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे, ये कौन-सी जड़ी-बूटी है और आप इसे सही तरह कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं?
कौन सी पत्तियों की हो रही है बात?
दरअसल, यहां हम मोरिंगा की पत्तियों के बारे में बात कर रहे हैं। मोरिंगा को सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, इससे शरीर के साथ-साथ स्किन की भी कई समस्याओं से बचा जा सकता है। बता दें कि इस बारे में जानकारी इंस्टाग्राम पर कंटेंट क्रिएटर रिजुल बहल ने दी है। उन्होंने कहा कि यूएस में मोरिंगा की पत्तियां 5000 रुपए की मिलती हैं, लेकिन हम इसे फ्री में भी प्राप्त कर सकते हैं। ऐसे में हमें और आपको मोरिंगा का सही इस्तेमाल करना आना चाहिए।
मोरिंगा का पाउडर कैसे बनाएं?
मोरिंगा का पाउडर बनाने के लिए आपको ताजा पत्तियों को लेकर आना है। इन्हें अच्छे से पानी से धोकर साफ कर लें। अब आपको इन पत्तियों को सुखाने के लिए रख देना है। जब ये पत्तियां अच्छी तरह से सूख जाएं, तो आपको इन्हें मिक्सी में डालकर पीस लेना है। इसका दरदरा पाउडर बन जाए, तब तक ग्राइंड करें। आपका मोरिंगा पाउडर बनकर तैयार हो जाएगा।
एक्ने और पिंपल्स से छुटकारा
अगर आप चेहरे के फोड़े-फुंसियां, मुंहासे , पिगमेंटेशन को कम करना चाहते हैं, तो आप मोरिंगा के पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आपको मोरिंगा पाउडर में गुलाब जल मिलाकर अपने फोड़े-फुंसियों या पिगमेंटेशन वाली जगह पर लगाना होगा। आपको इसे 15 मिनट लगाकर रखना है और इसके बाद अपना मुंह धो लें।
डार्क सर्कल्स कम करें
जी हां, अगर आपकी आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स और पफीनेस की समस्या है, तो आप मोरिंगा पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आपको पाउडर में पानी मिलाकर घोल बना लेना है और आइस ट्रे में भरकर फ्रीजर में रख देना है। अब आप रोजाना सुबह अपनी आखों के नीचे इस आइस क्यूब से मसाज कर सकते हैं।
हार्मोन से जुड़ी स्किन समस्याओं से छुटकारा
बता दें कि कई लोगों को हार्मोनल बदलावों की वजह से भी स्किन से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आप एक गिलास पानी में मोरिंगा पाउडर को घोल कर पी सकते हैं। ये हार्मोन को बैलेंस करने में मदद कर सकता है।
ना स्वाद जाएगा, ना पोषण घटेगा – करेले की कड़वाहट हटाने का देसी फॉर्मूला
10 Jul, 2025 08:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। करेला का नाम सुनते ही कई लोग नाक-भौं सिकोड़ने लगते हैं। इसकी वजह है इसकी तेज कड़वाहट। हालांकि, करेला सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। खासकर डायबिटीज के मरीजों के लिए। करेले में कई पोषक तत्व होते हैं, लेकिन इसकी कड़वाहट के चलते बहुत से लोग इसे अपनी डाइट में शामिल नहीं कर पाते हैं। हालांकि करेले की कड़वाहट को दूर करने के लिए लोग कई उपाय आजमाते हैं। इनमें सबसे सरल और पुराना उपाय नमक वाला है। मात्र 10 रुपये मिलने वाला नमक का पैकेट यहां बहुत काम आता है। थोड़ा सा नमक कड़वाहट को दूर कर स्वाद को बढ़ा देता है, इसे कैसे इस्तेमाल करना चाहिए, जरा ये भी जान लो।
कड़वाहट कैसे दूर करता है नमक
दरअसल करेले में ग्लाइकोसाइड नाम का कंपाउंड होता है जो उसकी कड़वाहट के लिए जिम्मेदार माना जाता है। जब करेले पर नमक लगाया जाता है, तो नमक ऑस्मोसिस की प्रोसेस के तहत करेले के अंदर से कड़वे रस और एक्स्ट्रा पानी को बाहर निकालने में मदद करता है। इससे करेले की कड़वाहट काफी हद तक कम हो जाती है और पोषण में कमी भी नहीं आती है।
करेले काटकर नमक लगाना
करेले को अच्छी तरह धो लें,चाहें तो ऊपर की खुरदुरी परत को हल्का-सा खुरच सकते हैं। लेकिन पूरा छिलका उतारने की गलती ना करें। अब करेले को पनपसंद साइज गोल,लंबे या छोटे क्यूब्स स्लाइस में काट लें। कटे हुए करेले के टुकड़ों पर भरपूर मात्रा में नमक छिड़ककर कम से कम 30 मिनट से 1 घंटे तक के लिए छोड़ दें। तय समय बाद नमक वाला पानी निचोड़कर करेले को नॉर्मल पानी से धो लें, ताकि एक्स्ट्रा नमक हट जाए।
नमक के पानी में भिगोना
यह तरीका तब इस्तेमाल किया जा सकता है जब आपके पास थोड़ा ज़्यादा समय हो। एक बड़े बर्तन में पर्याप्त पानी लें और उसमें 2-3 बड़े चम्मच नमक डालकर घोल लें। अब इसमें करेले के टुकड़ों को डालकर कम से कम 1-2 घंटे के लिए छोड़ दें। चाहें तो ऊपर से कोई प्लेट या भारी चीज रख सकते हैं ताकि करेले पानी में पूरी तरह डूबे रहें। तय समय बाद पानी से निकालें और नॉर्मल पानी से धोकर निचोड़ लें।
नमक और हल्दी या नींबू
हल्दी और नींबू भी कड़वाहट को कम करने में मदद करते हैं। करेले को काटने और बीज निकालने के बाद, उस पर नमक के साथ थोड़ा सा हल्दी पाउडर या नींबू का रस भी मिला सकते हैं। इसे 30-60 मिनट के लिए छोड़ दें। आखिरी में करेले को धोने के बाद अच्छी तरह से निचोड़कर पानी निकाल दें।
इस बात पर भी करें गौर
बाजार से खरीदारी करते समय अक्सर, छोटे और हल्के हरे रंग के करेले लेना चाहिए। ये बड़े और गहरे हरे रंग के करेलों की तुलना में कम कड़वे होते हैं। ताजे करेले में कड़वाहट कम होती है, बासी करेले ज्यादा कड़वे हो सकते हैं। करेले की सब्जी बनाते समय, उसमें थोड़ा सा गुड़, प्याज या टमाटर का उपयोग करने से भी कड़वाहट कम होती है और स्वाद बढ़ता है।डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं। एनबीटी इसकी सत्यता और सटीकता जिम्मेदारी नहीं लेता है।
बाल झड़ना, डैंड्रफ, सफेदी – 10 देसी फूड्स से मिलेगा हर समाधान
10 Jul, 2025 08:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। आप सभी हमारी इस बात से सहमत होंगे कि इंसान जो कुछ भी खाता है, उसका सीधा असर हमारे शरीर पर नजर आता है। कई बार ये असर सेहत पर दिखता है, मगर कई लोगों के बालों पर भी बुरा प्रभाव हो सकता है। अब बालों की इन्हीं समस्याओं से बचने के लिए हम और आप हेयर केयर प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट्स का रास्ता अपनाते हैं। हम ऐसा नहीं बोल रहे हैं कि इस तरह बालों को सुधारा नहीं जा सकता है, कई लोगों को इन चीजों से फायदा होता है। मगर बात जब लंबे समय में दिखने वाले रिजल्ट्स की होती है, तो ये प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट्स पैसे बर्बाद करने वाली बात होते हैं। दरअसल, कई मामले ऐसे होते हैं, जब व्यक्ति को इन चीजों से शॉर्ट टर्म में भी कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिलता है। ऐसा में आपको प्रोडक्ट बदलने की जगह बालों की अंदरूनी सेहत पर ध्यान देना चाहिए। इसके लिए आप अपनी डाइट में कुछ हेल्दी फूड्स को शामिल कर सकते हैं। इस तरह आपके बाल नेचुरली मजबूत, काले और घने हो जाएंगे। साथ ही, बालों को किसी तरह के साइड इफेक्ट का सामना भी नहीं करना होगा। बता दें कि इन फूड्स के बारे में जानकारी कंटेंट क्रिएटर भूमिका ने अपनी इंस्टाग्राम वीडियो में दी है। आइए जानें कौन से फूड्स का सेवन करें?
केला खाने के फायदे
रोजाना केला खाने से सेहत ही नहीं, बालों को भी फायदा हो सकता है। इस फ्रूट के सेवन से बालों के बीच से टूट जाने की समस्या से बचा जा सकता है। दरअसल, केले में कोलेजन की अच्छी मात्रा होती है, जो बालों को जड़ों से मजबूत बनाने में मदद करती है।
खजूर खाना फायदेमंद
खजूर खाने में टेस्टी होने के साथ बालों के लिए गुणकारी भी होते हैं। दरअसल, इनका सेवन करने से बालों के पतलेपन की समस्या से बचा जा सकता है। इसमें नेचुरल सिलिसिया होता है, जो बालों की इलास्टिसिटी को बढ़ाने में मदद करता है।
करी पत्तों का सेवन करें
जी हां, करी पत्तों का सेवन करने से भी बालों को फायदा होता है। अगर आपके बाल ग्रे रंग के दिखना शुरू हो गए हैं, तो आपको तुरंत करी पत्तों का सेवन शुरू कर देना चाहिए। इससे शरीर में मेलेनिन प्रोडक्शन बढ़ता है और बाल काले होने लग जाते हैं।
अखरोट का सेवन करें
अगर आप रोजाना अखरोट का सेवन करते हैं, तो बालों की डलनेस से छुटकारा पाया जा सकता है। इसमें ओमेगा 3 की अच्छी मात्रा होती है, जो बालों को सॉफ्ट, शाइनी और मजबूत बनाने में मदद करती है।
बादाम होता है बहुत गुणकारी
डाइट में बादाम को शामिल करने से बालों की ड्राईनेस यानी रूखेपन को दूर किया जा सकता है। इसमें विटामिन-ई की अच्छी मात्रा होती है, जो बालों और स्कैल्प को मॉइस्चराइज करने का काम करती है।
सफेद तिलों का सेवन
अगर आप एक चम्मच सफेद तिल खाते हैं, तो उम्र से पहले सफेद होते बालों को काला करने में मदद मिल सकती है। इसमें कॉपर और जिंक की अच्छी मात्रा होती है, जिससे बाल उम्र से पहले सफेद नहीं होते हैं।
गाजर खाने के लाभ
गाजर सेहत के साथ-साथ बालों के लिए भी अच्छी होती है। इसके सेवन से आप बालों को जड़ों से मजबूत बना सकते हैं। ये हेयर फॉलिकल्स को मजबूत बनाने का काम करती है और बालों में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाती है।
कद्दू के बीज खाएं
बता दें कि कद्दू के बीज शरीर में हार्मोनल इंबैलेंस को ठीक करते हैं। इससे हार्मोन्स के कारण होने वाले हेयर फॉल की समस्या से बचा जा सकता है।
सफेद बालों के लिए उपाय
नारियल पानी पिएं
अगर आप नारियल पानी पीते हैं, तो शरीर और बाल दोनों को हाइड्रेशन मिलती है। साथ ही, स्कैल्प में होने वाली सूजन से राहत मिल सकती है।
पालक का सेवन
पालक में आयरन की अच्छी मात्रा होती है। इससे हेयर लॉस की समस्या से बचा जा सकता है। पालक खाने से आपके नए बाल भी उगते हैं।
हर रात नाभि में 2 बूंद तेल, स्किन और हेयर के लिए बन सकता है आयुर्वेदिक वरदान
9 Jul, 2025 09:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। नाभि को शरीर का सेंटर पॉइंट कहा जाता है। ये शरीर के बहुत ही जरूरी और सेंसिटिव हिस्सों में से एक होती है, क्योंकि शरीर की कई नसें नाभि में आकर मिलती हैं। यही वजह है कि आयुर्वेद में नाभि को साफ रखने से लेकर इसकी केयर करने तक, हर चीज के बारे में विस्तार से बताया गए है। अब क्योंकि हम लोग यहां पर ब्यूटी से जुड़ी समस्याओं को हल करते हैं, इसलिए यहां हम बताएंगे कि नाभि में तेल डालने से आपकी कौन सी समस्या हल हो सकती है।
साथ ही, नाभि में तेल डालने की इस प्रोसेस में आपको बस तेल की बूंदें डालकर नहीं छोड़ना होता है। आपको अपनी नाभि की हल्के हाथों से मसाज भी करनी होती है। तभी आपको इस प्राचीन परंपरा को करने से फायदा होगा। बता दें कि यहां हमने प्राचीन शब्द का इस्तेमाल इसलिए किया है, क्योंकि ये कोई आज की बात नहीं है। देशभर में सदियों से इस टेक्निक का इस्तेमाल किया जा रहा है। आइए अब नाभि में तेल डालने की प्रोसेस के बारे में विस्तार से जान लेते हैं।
इंस्टाग्राम वीडियो से मिली जानकारी
बता दें कि नाभि में आपको कब, कितना और कौन सा तेल डालना है, ये जानकारी हम अपने मन से आपको नहीं बता रहे हैं। दरअसल, इंस्टाग्राम की एक वीडियो में इन मुद्दों का जवाब बहुत ही मीठी पंजाबी बोलते हुए सतविंदर सिंह ने दिया है। उन्होंने वीडियो में कहा कि आपको रोजाना रात में नाभि के अंदर अलग-अलग तेलों की 2-2 बूंदें डालनी है। अब हल्के हाथों से मसाज कर आप खुद को कई समस्याओं से बचा सकते हैं। आइए अब जानते हैं कि कौन-से तेल से कौन-सी समस्या से बचा जा सकता है?
नारियल का तेल
नारियल का तेल हम सभी के घरों में आसानी से मिल जाता है। ये बहुत ही कॉमन और फायदेमंद ऑयल होता है, जो बालों की कई समस्याओं के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे हेयर फॉल और डैंड्रफ की समस्या से बचा जा सकता है।
बादाम का तेल
अगर आप रात में सोने से पहले बादाम के तेल की 2 बूंदों से नाभि की मसाज करते हैं, तो स्किन की डार्कनेस को कम किया जा सकता है। इसके साथ ही, ये तेल डार्क सर्कल्स को भी कम करने में मदद कर सकता है।
लेमन ऑयल
अगर आप पिगमेंटेशन यानी झाइयों की समस्या का सामना कर रहे हैं, तो नाभि में लेमन ऑयल की 2 बूंदें डालना फायदेमंद हो सकता है। इससे त्वचा इवन टोन हो जाती है और रंगत में सुधार होता है।
नीम का तेल
अगर आप बाजार में मिलने वाले नीम के तेल का नाभि में इस्तेमाल करते हैं, तो एक्ने और डार्क स्पॉट्स की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। इससे आपके चेहरे पर अनचाहे दाग-धब्बे नजर नहीं आएंगे।
घी का इस्तेमाल
बता दें कि अगर आप रात में देसी घी की 2 बूंदों को नाभि में डालकर सोते हैं, तो स्किन बच्चों की तरह सॉफ्ट और स्मूथ हो जाएगी। इसके लिए आपको महंगे प्रोडक्ट्स में पैसे भी नहीं बहाने पड़ेंगे।
आयुर्वेदिक एक्सपर्ट का अलर्ट: गलत खानपान और तनाव से झड़ते हैं बाल, जानिए उपाय
9 Jul, 2025 09:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। हेयर फॉल यानी बाल झड़ने की समस्या किसी भी मौसम में हो सकती है। ये एक ऐसी परेशानी है, जो महिलाएं हो या पुरुष किसी को भी अपनी चपेट में ले सकती है। ये समस्या कभी-भी उम्र या मौसम देखकर नहीं होती है। आज के समय में हर 10 में से 9 लोग बाल झड़ने की समस्या का सामना कर रहे होते हैं। ज्यादातर लोग इस स्थिति में अपने शैंपू और हेयर ऑयल जैसे प्रोडक्ट्स को बदलने का काम करते हैं। हालांकि, इससे बालों में कोई खास फर्क नहीं पड़ता है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या आप जानते हैं कि बालों के झड़ने के पीछे क्या कारण होते हैं। दरअसल, बात बहुत सिंपल सी है, जब तक आप किसी समस्या के पीछे की वजह नहीं जानेंगे, तब तक उसे ठीक भी नहीं कर पाएंगे। ऐसा ही कुछ हेयर फॉल के साथ भी होता है। अगर आप बाल झड़ने का कारण नहीं जानेंगे, तो इससे पीछा छुड़वाने के लिए सही इलाज किस तरह कर पाएंगे?
आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताई हेयर फॉल की वजहे
इंस्टाग्राम पर आयुर्वेदिक डॉक्टर तनूजा गोहने ने एक वीडियो पोस्ट कर हेयर फॉल के पीछे की असली वजहें बताई हैं। उन्होंने कहा कि बालों को बढ़ाने के लिए अक्सर लोग तेल जैसे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, इससे बालों की ग्रोथ में कोई खास फर्क नहीं पड़ता है। दरअसल, बालों को बढ़ाने में अहम भूमिका हमारे खून की है। ये हमारे बालों की जड़ों तक पोषक-तत्वों को पहुंचाने का काम करता है, लेकिन अगर हिस्सों में कोई समस्या होती है, तो ब्लड हमारे बालों पर कोई खास ध्यान नहीं देता है। आइए हेयर फॉल की असली वजह जान लेते हैं।
बालों बढ़ने में पोषण की अहम भूमिका
बाल झड़ने की समस्या वाले लोगों में सीरम फेरिटिन कम पाया जाता है। सीरम फेरिटिन एक प्रोटीन है, जो आपके शरीर में आयरन को स्टोर करता है और इसका इस्तेमाल शरीर में आयरन की मात्रा को मापने के लिए किया जाता है। बता दें कि सामान्य हीमोग्लोबिन होने पर भी कम फेरिटिन अपर्याप्त आयरन लेवल का संकेत देता है। ऐसे में बाल जरूरत से ज्यादा झड़ने लगते हैं।
इंटेस्टाइन का बालों पर कैसे होता है असर
इंटेस्टाइन से जुड़ी समस्या होने पर बाल ज्यादा झड़ने लगते हैं। साथ ही, इससे बाल पतले और रूखे दिखाई दे सकते हैं। बता दें कि इंटेस्टाइन की समस्या होने पर पोषक-तत्व सही से अब्सॉर्ब नहीं हो पाते हैं। इसके साथ ही, सूजन और हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याएं भी बालों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती हैं।
वात असंतुलन भी है वजह
आयुर्वेद के मुताबिक, खराब पाचन शरीर में असंतुलन का कारण बनता है, जिससे शरीर बालों के विकास जैसे कामों पर फोकस न करके, अन्य जरूरी क्मों पर ध्यान देने का काम करता है। इस स्थिति में बाल बढ़ने से ज्यादा जरूरी सर्वाइवल होता है।
हार्मोनल असंतुलन भी एक कारण
बता दें कि बालों के झड़ने का सामना करने वाले लगभग एक-तिहाई लोगों को थायराइड, तनाव या पीसीओएस जैसी हार्मोनल समस्याएं होती हैं। ऐसे में हार्मोनल इम्बैलेंस हो जाता है और बालों की ग्रोथ रुक जाती है।
कैसे करें बचाव?
अगर आप इन समस्याओं से बचना चाहते हैं, तो डाइट में आयरन युक्त फूड्स को शामिल कर सकते हैं। इससे बालों का विकास होता है। बता दें कि आपको पित्त बैलेंस करने के हिसाब से डाइट में बदलाव करने चाहिए। आपको रोजाना बॉडी डिटॉक्सिफिकेशन पर ध्यान देना चाहिए। इससे ओवरऑल हेल्थ को बेहतर बना सकते हैं। साथ ही, बालों के पोर्स को भी सहारा मिलता है।
अगर आप बालों का झड़ना बंद करना चाहते हैं, तो अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना बहुत जरूरी हो जाता है। ये बालों के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है।
व्रत में भी स्वाद से समझौता क्यों? बनाएं कुरकुरे साबुदाना कटलेट
9 Jul, 2025 06:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सावन का महीना 11 जुलाई से शुरू हो रहा है। साल में एक बार आने वाले इस पवित्र महीने में भगवान शिव की आराधना कर की जाती है। इस महीने में आने वाले सोमवार को बहुत से लोग व्रत भी रखते हैं। वैसे तो ज्यादातर लोग इस व्रत में शाम के समय अन्य ग्रहण कर लेते हैं लेकिन बहुत से लोग सिर्फ फलाहार करके ही इस व्रत को रखते हैं। ऐसे में यदि व्रत के दिन बिना थके आप कुछ बनाना चाहते हैं तो साबूदाना की कटलेट एक बेहतर विकल्प है। ये खाने में काफी स्वादिष्ट लगते हैं और इसे बनाना काफी आसान है। तो चलिए आपको इस लेख में आसान विधि से साबूदाना के कटलेट बनाना सिखाते हैं ताकि आने वाले सावन के सोमवार में आप इसे तैयार कर सकें।
साबुदाना कटलेट बनाने की विधि
साबुदाना – 1 कप
उबले हुए आलू – 2 मध्यम आकार के
मूंगफली (भुनी और दरदरी पिसी हुई) – 1/4 कप
हरी मिर्च – 1-2
धनिया पत्ती – 2 टेबलस्पून (कटी हुई)
सेंधा नमक – स्वादानुसार
नींबू का रस – 1/2 चम्मच
जीरा – 1/2 चम्मच
काली मिर्च पाउडर – 1/4 चम्मच
तेल – तलने के लिए
बनाने की विधि
साबुदाना कटलेट तैयार करने के लिए सबसे पहले तो साबुदाना को 4-5 घंटे भिगोकर रखें। पानी पूरी तरह सोख ले, और साबुदाना नरम हो जाए। अगर ज्यादा पानी हो तो छान लें।
अब बारी आती है एक एक बाउल में साबुदाना, मैश किए हुए आलू, भुनी मूंगफली, हरी मिर्च, धनिया पत्ती, जीरा, सेंधा नमक और काली मिर्च डालें। चाहें तो नींबू का रस भी मिला सकते हैं। इसके बाद नंबर आता है साबुदाना के इस मिश्रण से छोटे-छोटे टिक्की या कटलेट के शेप में गोल बॉल्स बनाएं और हथेली से हल्का दबा लें। अब एक पैन में तेल गरम करें।
कटलेट को मध्यम आंच पर गोल्डन ब्राउन होने तक फ्राय करें। दोनों तरफ से अच्छी तरह सेक लें। बस अब ये तैयार है, इसे आप अब हरी चटनी या दही के साथ गर्मागर्म परोसें।
ट्रेडिशनल लुक को बनाएं रॉयल, सावन के लिए परफेक्ट हैं ये स्टाइलिश बाजूबंद
8 Jul, 2025 05:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सावन के महीने में अगर आप भी अपनी खूबसूरती से घर में मौजूद हर शख्स का दिल जीतना चाहती हैं, तो अब आपको आउटफिट के साथ कैसी एक्सेसरीज पहने इस बात को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। आज हम आपको कुछ ऐसे लेटेस्ट बाजूबंद डिजाइन बताएंगे, जिन्हें ट्राई कर आप अपने लुक को गॉर्जियस बना सकती हैं।
फ्लोरल लटकन बाजूबंद डिजाइन : इस साल सावन के महीने को अगर आप यादगार बनाना चाहती हैं, तो किसी भी सोमवार के दिन पूजन के दौरान आप अपने साड़ी या सूट के साथ इस खूबसूरत फ्लोरल लटकन बाजूबंद डिजाइन को ट्राई कर सकती है। ऐसी आर्टिफिशियल डिजाइन आपको ऑनलाइन मिल जाएगी या आप गोल्ड में इसे बनवा भी सकती हैं।
फ्लोरल चैन बाजूबंद : यही नहीं अगर आप सावन के महीने में शिव अभिषेक के दौरान राजपूती पोशाक या लहंगा चोली पहन रही है, तो अब आप अपने आउटफिट को एलिगेंट टच देने के लिए इस खूबसूरत फ्लोरल चैन बाजूबंद को ट्राई कर सकती हैं। इस तरह का बाजूबंद आपको रॉयल और क्लासी टच देने में मदद करेगा।
मोर डिजाइन बाजूबंद : यही नहीं इन दोनों मोर डिजाइन वाले बाजूबंद भी बेहद चर्चा में है। अधिकतर महिलाओं को मोर वाली डिजाइन के बाजूबंद खूब पसंद आते हैं। ऐसे में आप इस साल सावन के महीने में पूजन के दौरान अपने आउटफिट के साथ इस खूबसूरत मोर डिजाइन वाले बाजूबंद को ट्राई कर सकती हैं। इसे पहनकर आप अपनी खूबसूरती में चार चांद लगा सकती हैं।
गुट्टापुसालु झालर बाजूबंद : इस साल सावन के महीने में अपने लुक को स्पेशल और डिफरेंट बनाने के लिए आप साड़ियां राजस्थानी ड्रेस के साथ इस खूबसूरत गुट्टापुसालु झालर बाजूबंद को शामिल कर सकती है। इस तरह के बाजूबंद आपके लुक को गॉर्जियस और एलिगेंट टच देने में मदद करेंगे। इन्हें आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगह से खरीद सकती है।
कटहल की सब्जी बनाएं इस खास रेसिपी से, बच्चे भी मांगेंगे एक्स्ट्रा रोटी
8 Jul, 2025 05:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जब घर में बच्चे होते हैं, तो उनके लिए उनका पसंदीदा खाना बनाना सबसे कठिन काम होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि बच्चे खाने में काफी नखरे दिखाते हैं। ऐसे में उन्हें हर रोज घर का खाना खिलाना काफी मुश्किल हो जाता है। बात करें तो इस सीजन में लौकी, तोरई, भिंडी, टिंडे, करेला और कटहल जैसी सब्जियां आती हैं, जो बच्चों के साथ-साथ बड़ों को भी पसंद नहीं आती। इसी के चलते हम आपको कटहल की ऐसी सब्जी बनाएंगे जिसे बड़े तो खाएंगे ही , बल्कि बच्चे भी एक बार खाकर दोबारा इसे मांगेंगे। कटहल की सब्जी ग्रेवी और सूखी दोनों तरह की बन सकती है, लेकिन हम आपको कटहल की सूखी सब्जी बनाना सिखाएंगे।
सामग्री :
कटहल – 500 ग्राम
सरसों का तेल – 3-4 टेबलस्पून
हींग – 1 चुटकी
जीरा – 1/2 चम्मच
अदरक-लहसुन का पेस्ट – 1 टेबलस्पून
टमाटर – 2
हल्दी पाउडर – 1/2 चम्मच
लाल मिर्च पाउडर – 1 चम्मच
धनिया पाउडर – 1 चम्मच
गरम मसाला – 1/2 चम्मच
नमक
हरा धनिया
कटहल की सब्जी बनाने की विधि
इस सब्जी को बनाने के लिए सबसे पहले आपको कटहल को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लेना है। इसके बाद कुकर में डालकर एक दो सीटी लगाएं। ताकि ये थोड़ा पक जाए। यदि आप कटहल को उबालकर बनाएंगी तो ये ज्यादा अच्छा बनेगा। जब ये उबल जाए तो उसे पानी में से निकालकर अलग रख दें और सूखने दें।
अब बारी आती है इसका मसाला तैयार करने की तो सबसे पहले एक कढ़ाही में सरसों का तेल गरम करें जब तक वो धुआं छोड़ने लगे। तेल के गर्म होने के बाद इसमें इसमें हींग और जीरा डालें। जब जीरा भुन जाए तो अदरक-लहसुन पेस्ट डालकर 1-2 मिनट भूनें।
इसके बाद अब इसमें टमाटर डालें, साथ में हल्दी, धनिया, मिर्च और नमक डालें। मसाले को तब तक भूनें जब तक तेल न छोड़ने लगे। जब मसाले तेल छोड़ दें तो फिर उसमें उबले कटहल को डालें। उबला हुआ कटहल डालकर मसालों में अच्छी तरह मिला लें।
इसे अब आपको तब तक पकाना है, जब तक ये सुनहरा न हो जाए। 19 मिनट तक इसे पकाएं और इसे बीच-बीच में चलाते रहें। सबसे आखिर में इसमें गरम मसाला डालकर इसे मिक्स करें। अब जब ये पूरी तरह से पक जाए तो इसमें हरा धनिया डालें। अब ये परोसने के लिए तैयार है। इसे रोटी, पराठा और चावल के साथ परोसा जा सकता है।
होंठों की नमी और चमक लौटाएंगे ये 2 नेचुरल नुस्खे, बदलते मौसम में जरूर अपनाएं
8 Jul, 2025 05:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बदलते मौसम में बढ़ती-घटती नमी का असर जहां त्वचा और बालों पर पड़ता है, वहीं यह मौसम होंठों को भी प्रभावित करता है। इस वजह से होंठ रूखे और फटे हो जाते हैं, और दिखने में भी बेजान लगते हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए महिलाएं कई सारे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन ये काफी महंगे होते हैं और इनका परिणाम हमेशा इच्छा-अनुसार नहीं आता। ऐसे में, हम आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में बता रहे हैं जो आपके होंठों की खोई हुई नमी और चमक वापस लाने में मदद करेंगी। हम आपको 2 ऐसी चीजों के बारे में बता रहे हैं जो होंठों को गहराई से हाइड्रेट करेंगी, साथ ही, इन्हें मुलायम, स्मूद और गुलाबी बनाने का काम भी करेंगी।
शहद: शहद कई गुणों से भरपूर है, इसमें कई औषधीय गुण होते हैं जो त्वचा और बालों के साथ-साथ होंठों के लिए भी फायदेमंद हैं। शहद में मॉइस्चराइजिंग गुण होते हैं, जो फटे और ड्राई होंठों को नमी पहुंचाते हैं। साथ ही, इसमें पाए जाने वाले एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन और जलन को कम करने का काम भी करते हैं।
इस तरह करें इस्तेमाल
- सबसे पहले होंठों को अच्छी तरह से साफ कर लें।
- इसके बाद उंगली की मदद से उन पर शहद लगाएं।
- आखिर में चेहरे को अच्छी तरह से धो लें।
- इस उपाय को आप रात में करें।
मलाई: मलाई भी फटे होंठों को ठीक करने के लिए उपयोगी है। इसमें लैक्टिक एसिड होता है जोडी डेड स्किन को साफ करने और ठीक करने के साथ ही होंठों को ड्राइनेस से दूर करने का काम करता है। वहीं, मलाई के नियमित रूप से इस्तेमाल करने से होंठ स्मूद और गुलाबी भी होते हैं।
- इस तरह करें इस्तेमाल
- होंठों को अच्छी तरह से साफ़ करें।
- इसके बाद ताजी मलाई उन पर लगाएं।
- इस उपाय को रोजाना करें।
नोट: किसी भी चीज को लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। साथ ही, विशेषज्ञ की राय भी जरूर लें।
चेहरे को दे नेचुरल ग्लो: मसूर की दाल से पाएं पार्लर जैसा निखार
7 Jul, 2025 04:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आज के समय में हर कोई खूबसूरत और साफ-सुथरी त्वचा चाहता है। जिसके चलते लोग अपनी स्किन पर महंगे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन बहुत से लोग ऐसे हैं जो नेचुरल निखार पाना चाहते हैं। अगर आप भी इन लोगों में से हैं तो आपको बता दें रसोई में मौजूद एक साधारण सी दाल आपकी स्किन के लिए वरदान साबित हो सकती है। जी हां, मसूर की दाल! अगर आप हफ्ते में एक से दो बार इस दाल का पेस्ट अपने चेहरे पर लगाते हैं तो इससे आपकी त्वचा को ढेरों फायदे मिल सकते हैं। मसूर दाल में प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो त्वचा को पोषण देते हैं। तो आइए जानते हैं मसूर दाल को चेहरे पर लगाने के फायदों के बारे में।
एंटी-एजिंग में फायदेमंद
ऐसा माना जाता है कि मसूर दाल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करते हैं। अगर आप इसका त्वचा पर रोजाना उपयोग करते हैं तो यह स्किन को टाइट रखता है और फाइन लाइन्स व झुर्रियों को कम करने में मदद करता है। इससे त्वचा जवां और फ्रेश लगती है।
सन टैन हटाएं असरदार तरीके से
गर्मी के मौसम में लोग धूप में तो निकलते ही हैं, जिस कारण टैनिंग होना आम हो जाता है। लेकिन मसूर दाल का पेस्ट टैन हटाने में बहुत असरदार होता है। यह त्वचा की डेड स्किन को हटाकर अंदर की साफ और निखरी त्वचा को बाहर लाता है।
दाग-धब्बों और मुंहासों को करें कम
ऐसे बहुत से लोग हैं जिनकी स्किन पर काफी दाग-धब्बे और मुंहासे होने लगते हैं। ऐसे लोगों को मसूर दाल का उपयोग जरूर करना चाहिए। इस दाल में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो मुहांसों को कम करने में मदद करते हैं। इसके साथ ही यह त्वचा से एक्सेस ऑयल को हटाता है और दाग-धब्बों को धीरे-धीरे हल्का करता है।
स्किन एक्सफोलिएट की तरह काम करें
ऐसे बहुत से लोग हैं जो नेचुरल स्क्रब का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे लोगों को मसूर दाल को पीसकर स्क्रब के रूप में इस्तेमाल करना चाहिए। यह त्वचा से डेड सेल्स और गंदगी को हटाता है। इससे स्किन साफ, स्मूथ और रिफ्रेश महसूस होती है।
नेचुरल ग्लो और निखार लाए
इस दाल को दूध, दही या शहद के साथ मिलाकर लगाने से स्किन में नेचुरल चमक आती है। यह स्किन टोन को बराबर करता है और चेहरे पर हेल्दी ग्लो लाता है।
स्वाद और सेहत का संगम: घर पर बनाएं नींबू का खट्टा-मीठा अचार
7 Jul, 2025 04:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय रसोई में अचार की अपनी एक खास जगह है. चाहे वह मसालेदार हो, खट्टा हो या मीठा स्वाद वाला मुंह में पानी ले आने वाला अचार. अलग-अलग फलों और सब्जियों के सीजन में हर प्रकार का अचार खाने में अलग ही स्वाद को एड कर देता है. आज हम इस स्टोरी में जानेंगे नींबू के मीठे अचार की ट्रेडिशनल रेसिपी के बारे में. जो न सिर्फ खाने के स्वाद को कई गुना बढ़ा देगा बल्कि पाचन के लिए भी लाभदायक होता है और गर्मी-मानसून में होने वाली मितली-उल्टी की समस्या में भी फायदा करता है. विटामिन C से भरपूर नींबू को जब गुड़ या चीनी के साथ मिलाकर अचार बनाया जाता है तो इसका स्वाद बेहद लाजवाब हो जाता है. यह अचार बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर उम्र के लोगों को खूब पसंद आएगा. इसे आप रोटी, पराठे या दाल-चावल के साथ परोस सकते हैं साथ ही जेम की तरह ब्रेड पर भी स्प्रेड कर सकते हैं.
नींबू में विटामिन सी के अलावा कई और पोषक तत्व भी पाए जाते हैं. हेल्थ लाइन के मुताबिक, नींबू आपकी हार्ट हेल्थ को सपोर्ट करता है. वेट लॉस में हेल्पफुल है. एनीमिया से बचाव करने में कारगर है. ये डाइजेशन को भी सुधारता है और स्किन के लिए भी फायदा करता है साथ ही इम्यूनिटी भी मजबूत रहती है. चलिए देख लेते हैं नींबू के मीठे अचार की रेसिपी.
अचार के इनग्रेडिएंट्स
नींबू एक किलो, चीनी तीन पाव यानी आधा किलो प्लस 250 ग्राम (स्वादानुसार चीनी कम या ज्यादा कर सकते हैं) या फिर टेस्ट के लिए आप हेल्दी ऑप्शन के हिसाब से चीनी की बजाय गुड़ का इस्तेमाल कर सकते हैं (हम गुड़ से अचार बनाने की रेसिपी बता रहे हैं). धनिया सीड्स दो चम्मच, काली मिर्च 10 से 12, एक चम्मच जीरा, दो चम्मच सौंफ, एक छोटा चम्मच कलौंजी, काला नमक, लाल मिर्च पाउडर, 22 छोटे चम्मच सौंठ पाउडर, सादा नमक, एक चुटकी हींग.
नींबू का अचार बनाने का तरीका
ये करें तैयारियां
सबसे पहले नींबू को अच्छे से धोकर साफ कपड़े से पोंछ लें. ताकि नमी निकल जाए. इसके बाद सारे नींबू को 4 टुकड़ों में काट लें और बीजों को निकालकर अलग कर दें ताकि अचार खाते वक्त मुंह में कड़वापन न आए.
अब सारे कटे हुए नींबू को एक कांच के बर्तन में डालकर उसमें नमक और काला नमक मिलाएं. तैयार किए गए इस मिश्रण को ढककर 3 से 4 दिन तक धूप में रखें. रोज एक बार चम्मच से चलाते रहें. इससे नींबू नरम हो जाएंगे.
ऐसे तैयार करें अचार
धूप दिखाने के बाद चेक कर लें कि नींबू गल गए है या फिर नहीं. इसके बाद गुड़ को पिघला लें और इसमें नींबू मिला दें. साथ ही सारे साबुत मसालों को रोस्ट करके दरदरा पीस लें और फिर पाउडर वाले मसाले भी एड कर लें. अब जिस गुड़ में नींबू मिलाए हैं. उसमे ये तैयार किया गया मसाला भी एड कर दें. फिर इस तैयार किए गए अचार को एक सूखे हुए कांच के जार में भरकर उसे कपड़ा बांधकर सील करें और 5 से 6 दिन फिर से धूप दिखाएं. इस दौरान अचार के बीच-बीच में चलाते रहें.
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