व्यापार
निवेश प्रस्तावों का केटेगराइजेशन व माइल स्टोन तय
23 Jan, 2025 06:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जयपुर । प्रमुख शासन सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम टी. रविकान्त ने बताया कि राइजिंग राजस्थान के माइंस एवं पेट्रोलियम से संबंधित निवेश प्रस्तावों को वर्गीकृत करने के साथ ही क्रियान्वयन के माइल स्टोन तय कर दिए गए हैे। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों को एमओयू करने वाली संस्थाओं से सीधे संपर्क व समन्वय के निर्देश दिए गए हैं ताकि निवेशकों को मार्गदर्शन व सहयोग देते हुए निवेश प्रस्तावों को धरातल पर लाने की समयवद्ध प्रयास हो सके। उन्होंने कहा कि निवेश प्रस्तावों को अमली जामा पहनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
प्रमुख सचिव माइंस श्री टी. रविकान्त गुरुवार को सचिवालय में माइंस व पेट्रोलियम विभाग से संबंधित निवेश प्रस्तावों की वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा कर रहे थे। राइजिंग राजस्थान के दौरान हस्ताक्षरित विभाग के निवेश प्रस्तावों को ए, बी और सी केटेगरी में वर्गीकृत करते हुए क्रियान्वयन की कार्ययोजना तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों को ऐसी रणनीति तैयार करने को कहा गया है जिसमें ए कैटेगरी के प्रस्तावों को पुश करने और बी केटेगरी प्रस्तावों पर विशेष जोर दिया जाएं ताकि निवेश प्रस्तावों को धरातल पर लाने के सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सके। रविकान्त ने एमओयू प्रस्तावों की नियमित मोनेटरिंग पर जोर देते हुए जिला स्तरीय प्रस्तावों के लिए अधीक्षण खनि अभियंता, खनि अभियंता और सहायक खनि अभियंताओं से आज ही संयुक्त सचिव माइंस श्रीमती आशु चौधरी, नोडल अधिकारी श्री महावीर प्रसाद मीणा और श्री संजय सक्सैना को वर्चुअली बैठक कर विभागीय रणनीति से अवगत कराने को कहा है। उन्होंने कहा कि निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन के लिए समन्वित प्रयासों के साथ ही प्रभावी मोनेटरिंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। संयुक्त सचिव माइंस श्रीमती आशु चौधरी ने राज्य व जिला स्तर के एमओयू प्रस्तावों की विस्तार से जानकारी दी। विभागीय नोडल अधिकारी अतिरिक्त निदेशक श्री महावीर प्रसाद मीणा और सह प्रभारी श्री संजय सक्सैना ने हस्ताक्षरित निवेश प्रस्ताव, मुख्यमंत्री स्तर, मुख्य सचिव स्तर और प्रमुख सचिव माइंस स्तर पर मोनेटरिंग के प्रस्ताव और विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी। अतिरिक्त निदेशक पेट्रोलियम श्री अजय शर्मा ने पेट्रोलियम सेक्टर के निवेश प्रस्तावों की जानकारी दी। इस अवसर पर बैठक में ओएसडी श्री श्रीकृष्ण शर्मा, एसजी सचिवालय श्री सुनील कुमार वर्मा और पेट्रोलियम उपनिदेशक श्री रोहित मल्लाह ने भी हिस्सा लिया।
बजट में मिडिल क्लास को बड़ा तोहफा देने की तैयारी, टैक्स पर कुछ राहत की उम्मीद
23 Jan, 2025 02:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2025-2026 में वेतनभोगियों को बड़ी राहत मिल सकती है। दरअसल, सरकार नई टैक्स व्यवस्था में अहम बदलाव करने की योजना बना रही है। आम बजट में इसका ऐलान किया जा सकता है। आपको बता दें कि नई टैक्स व्यवस्था को डिफॉल्ट सिस्टम के तौर पर सेट किया गया है। यानी अगर करदाता ने नई और पुरानी टैक्स व्यवस्था में से कोई विकल्प नहीं चुना है तो वह अपने आप नई टैक्स व्यवस्था में चला जाएगा। हालांकि, करदाता आयकर रिटर्न दाखिल करते समय इसमें बदलाव कर सकते हैं।
क्या हो सकता है ऐलान
बिजनेस स्टैंडर्ड ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि इस बार बजट में नई टैक्स व्यवस्था के तहत 10 लाख रुपये तक की सालाना आय को टैक्स फ्री किया जा सकता है। इसके अलावा 15 लाख से 20 लाख रुपये तक की सालाना आय पर 25 फीसदी का नया टैक्स स्लैब लाने की योजना है। एक सरकारी सूत्र ने कहा- हम दोनों विकल्पों का मूल्यांकन कर रहे हैं। अगर हमारा बजट इजाजत देता है तो हम दोनों उपायों को लागू कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि सरकार इस तरह की आयकर छूट के परिणामस्वरूप 50,000 करोड़ रुपये से 1 लाख करोड़ रुपये तक का राजस्व घाटा सहने के लिए तैयार है।
अभी क्या है व्यवस्था
फिलहाल, नई कर व्यवस्था के तहत, सालाना 7.75 लाख रुपये तक कमाने वाले वेतनभोगी करदाताओं पर प्रभावी रूप से कोई कर देयता नहीं है, जिसमें 75,000 रुपये की मानक कटौती लागू है। सालाना 15 लाख रुपये से अधिक की आय 30% के उच्च कर स्लैब के अंतर्गत आती है।
कर कटौती की इच्छा
भारत में 57 प्रतिशत व्यक्तिगत करदाता चाहते हैं कि सरकार अगले वित्त वर्ष के बजट में कर कटौती की घोषणा करे। ग्रांट थॉर्नटन इंडिया की सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। इस सर्वेक्षण के अनुसार, लगभग 72 प्रतिशत व्यक्तिगत करदाताओं द्वारा नई आयकर व्यवस्था को चुनने के बावजूद, 63 प्रतिशत करदाता पुराने कर ढांचे के तहत उपलब्ध प्रोत्साहनों को बढ़ाने के पक्ष में हैं। वहीं, नई कर व्यवस्था के प्रति आकर्षण बढ़ाने के लिए करीब 46 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कर की दरें कम करने की वकालत की, जबकि 26 प्रतिशत का मानना है कि छूट की सीमा बढ़ाई जानी चाहिए।
फोन-पे ने महाकुंभ में चलाया अभियान, 144 रुपए का फ्लैट कैशबैक देने की घोषणा
23 Jan, 2025 11:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। फोन-पे ने महाकुंभ मेले के इर्द-गिर्द एक अभियान शुरू करने की घोषणा की। इस अभियान में कई रोमांचक चीजों के अलावा महाशगुन ऑफर भी शामिल किए हैं। प्रयागराज में पहली बार आने वाले उपयोगकर्ता अपने पहले लेनदेन पर 144 रुपए का फ्लैट कैशबैक पा सकते हैं। यह ऑफर केवल 26 फरवरी को मेले के आखिर तक वैध है और लेनदेन 1 रुपए से भी कम है।
अभियान के लिए उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाने के लिए, कंपनी प्रासंगिक टच पॉइंट पर महाकुंभ-थीम वाले क्यूआर कोड, बैनर, पोस्टर और अन्य ब्रांडिंग तत्वों का मिश्रण इस्तेमाल कर रही है। इसके अलावा फोन-पे ने अपने स्मार्ट स्पीकर पर एक विशेष संदेश लॉन्च किया है, जिसमें लोगों को “महाकुंभ की शुभकामनाएं, महा शगुन के साथ” की शुभकामनाएं दी गई हैं। इस अभियान का उद्देश्य महाकुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधाजनक और सहज बनाने में मदद करना है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को स्टॉल और स्टोर पर या शगुन के लिए भुगतान करने के लिए नकदी ले जाने के तनाव के बिना घूमने में उनकी मदद करना है। क्योंकि मेले में फोन-पे भुगतान का एक स्वीकार्य तरीका होगा।
इससे डिजिटल भुगतान को अपनाने में और तेज़ी आएगी, साथ ही करोड़ों भारतीयों के लिए वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा, जो अभी तक डिजिटल भुगतान के दायरे में नहीं आया है। फोन-पे ने इस विशेष कैशबैक ऑफ़र का लाभ उठाने के लिए चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका का वर्णन किया है। उपयोगकर्ताओं को सबसे पहले आईओएस या एंड्रायड डिवाइस पर फोन-पे ऐप डाउनलोड करना होगा, बैंक खाता लिंक करना होगा और यूपीआई पिन सेट करना होगा। ऑफ़र का लाभ उठाने के लिए, ऐप पर स्थान की अनुमति देनी होगी। उपयोगकर्ताओं को अपने डिवाइस पर अपनी लोकेशन सेवा भी चालू रखनी होगी।
एचडीएफसी बैंक का शुद्ध मुनाफा 2.2 प्रतिशत बढ़ा
23 Jan, 2025 10:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई । भारत के सबसे बड़े निजी बैंक, एचडीएफसी बैंक लिमिटेड ने 22 जनवरी को दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी किए। एचडीएफसी बैंक का शुद्ध मुनाफा साल दर साल 2.2 प्रतिशत बढ़कर 16,736 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही के दौरान 16,372.5 करोड़ रुपये था। यह आंकड़ा 16,548 करोड़ के अनुमान से थोड़ा अधिक है। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (एनआईआई) दिसंबर तिमाही के दौरान सालाना आधार पर 8 प्रतिशत बढ़कर 30,690 करोड़ हो गई, जो पिछली तिमाही में 30,653 करोड़ रुपये थी ।
इस तिमाही में ग्रॉस एनपीए 1.42 प्रतिशत रहा, जो पिछली तिमाही में 1.36 प्रतिशत था। वहीं, नेट एनपीए 0.46 प्रतिशत पर रहा, जो पिछली तिमाही में 0.41 प्रतिशत रहा था। तिमाही के लिए प्रोविजन 3,154 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह 4,217 करोड़ था और सितंबर तिमाही में 2,700 करोड़ था।
गर्व की बात..............टीसीएस दूसरा बड़ा वैश्विक आईटी सर्विस ब्रांड बना
23 Jan, 2025 09:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई । टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की ओर से बड़ी खबर आई है। इस कंपनी का ब्रांड वैल्यूएशन 21.3 बिलियन डॉलर का हो गया है। इसके साथ ही टीसीएस दूसरा बड़ा वैश्विक आईटी सर्विस ब्रांड बन गया है। कंपनी ने बताया कि बीते 15 वर्षों में इसके ब्रांड वैल्यूएशन में 826 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। साल 2010 में टीसीएस का वैल्यूएशन 2.3 बिलियन डॉलर का था। कंपनी का कहना है कि डेवलपमेंट के लिए इनोवेशन, ग्राहक संतुष्टि और स्ट्रेटेजिक मार्केटिंग पहलों में निरंतर निवेश ने प्रमुख भूमिका निभाई। तभी टीसीएस का ब्रांड वैल्यू इस स्तर तक पहुंच पाया है। एक एजेंसी के प्रमुख ने बताया कि हम लगभग दो दशकों से टीसीएस पर नजर रख रहे हैं और मैं लगातार इस बात से प्रभावित हूं कि कंपनी किस तरह अपने व्यवसाय में इनोवेशन करती रहती है और अपने ब्रांड को वैश्विक मंच पर पेश करती रहती है। उनके निरंतर प्रयासों ने उन्हें एक मील का पत्थर वर्ष तक पहुंचाया है जहां वे ब्रांड मूल्य में 20 बिलियन के ऐतिहासिक निशान को पार करने वाली उद्योग की दूसरी कंपनी बन गई हैं।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के ऑफिसर ने कहा, जैसा कि हम 2025 में दावोस में विश्व आर्थिक मंच के साथ एक नए साल की शुरुआत कर रहे हैं, हमें यह देखकर खुशी हो रही है कि हमारा ब्रांड इस प्रमुख मील के पत्थर को पार कर गया है और हमारे उद्योग के शीर्ष स्तर पर अपनी स्थिति को मजबूत कर रहा है। मैं टीसीएस के उन लाखों लोगों को धन्यवाद देता हूँ जो हर सेकंड इस महान ब्रांड का निर्माण करते हैं और इसे जीते हैं। हम सभी लंबे समय तक इसमें बने रहने वाले है। कंपनी ने जगुआर टीसीएस रेसिंग के साथ भी साझेदारी की है, जो दुनिया की पहली ऑल-इलेक्ट्रिक रेसिंग सीरीज़, एबीबी एफआईए फॉर्मूला ई वर्ल्ड चैंपियनशिप में प्रतिस्पर्धा करती है।
1 फरवरी से चीन पर लगेगा 10 प्रतिशत शुल्क, ट्रंप ने प्रेसवार्ता में कर दिया इशारा
23 Jan, 2025 08:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी टीम एक फरवरी से चीन पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाने पर काम कर रही है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि चीन पर शुल्क लगाने का निर्णय इस तथ्य पर आधारित होगा कि वह मैक्सिको और कनाडा को ‘फेंटानिल’ भेज रहा है या नहीं। ‘फेंटानिल’ एक तरह का मादक पदार्थ है जो हेरोइन से 50 गुना अधिक शक्तिशाली और नशा पैदा करने वाला पदार्थ है।
ट्रंप ने ‘व्हाइट हाउस’ में ओरेकल के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ) लैरी एलिसन, सॉफ्टबैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मासायोशी सोन और ओपन एआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन के साथ प्रेसवार्ता के दौरान कहा, ‘‘हम चीन पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाने पर विचार कर रहे हैं, जो मैक्सिको और कनाडा को चीन द्वारा ‘फेंटानिल’ भेजने के तथ्या पर आधारित होगा।’’
ट्रंप ने कहा कि वह शुल्क एक फरवरी से प्रभावी करने पर विचार कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, मैक्सिको और चीन पर हम 25 प्रतिशत शुल्क लगाने के बारे में बात करते रहे हैं। एक अन्य सवाल पर ट्रंप ने कहा कि पिछले हफ्ते जब उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से बात की थी, तब ‘‘शुल्क के बारे में बहुत ज्यादा बात नहीं की।’’
देश की जीडीपी 7 से 8 फीसदी तक बढ़ने की संभावना: डब्यूईएफ
22 Jan, 2025 11:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी से वृद्धि की संभावना है, बताते हुए वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्यूईएफ) ने उजागर किया है कि भारत की जीडीपी 7 से 8 फीसदी तक बढ़ सकती है। उन्होंने इसे आर्थिक सुधारों और हायर इन्वेस्टमेंट के चलते संभावना बताया है। डब्यूईएफ ने कहा कि भारत में विकास के लिए बहुत सारी संभावनाएं हैं और इस साल की 6 फीसदी ग्रोथ दर भी अच्छी है, लेकिन इससे भारत की गति को रोकने कोई कारण नहीं है। उन्होंने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, और रिसर्च और डेवलपमेंट में निवेश जारी रहना चाहिए। डब्यूईएफ ने भविष्य में भारत की अर्थव्यवस्था में भी 20 फीसदी हिस्सेदारी की संभावना दी। उन्होंने कहा कि भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम से सपोर्ट मिल रहा है और यहां 1,20,000 से अधिक स्टार्टअप हैं। उन्होंने उत्सुकता से बताया कि भारत में 120 से अधिक यूनिकॉर्न हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत का लक्ष्य वास्तविक है कि वह 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बन सकता है, डब्यूईएफ के एक अधिकारी ने कहा कि भारत जल्द ही 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। वह डिजिटल ट्रेड और सर्विसेज में भी हिस्सेदारी बढ़ रही है और यह अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा है। अंत में वर्कफोर्स के ज्यादा डिजिटलीकरण के साथ-साथ आने वाली चुनौतियों और अवसरों पर उन्हें पूछा गया था। उन्होंने कहा कि यह प्रोडक्टिविटी में बढ़ोतरी लाता है और भारत के लिए नई टेक्नोलॉजी में बहुत सारे अवसर हैं। लेकिन ये छोटी अवधि में भी कुछ चुनौतियां उत्पन्न कर सकती हैं।
गो फर्स्ट एयरलाइन के खिलाफ एनसीएलटी ने लिया बड़ा फैसला
22 Jan, 2025 10:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने गो फर्स्ट एयरलाइन के परिसमापन की मंजूरी दे दी। यह कंपनी पिछले कुछ सालों से वित्तीय मुश्किलों का सामना कर रही थी। इस निर्णय के बाद कंपनी गति से वित्तीय संकट से बाहर होगी। न्यायाधिकरण ने कहा कि कंपनी के 54 विमानों का पंजीकरण रद्द किया गया है। इसके चलते कंपनी का परिचालन ठप हो गया है। इस कदम से कर्जदाताओं को नुकसान हो सकता है। एयरलाइन ने मई 2023 में एनसीएलटी में दिवाला समाधान प्रक्रिया के लिए आवेदन किया था। अब उन्हें सम्भावित समाधान की दिशा में कदम बढ़ाना होगा। गो फर्स्ट के बंद होने से यात्री किसी अन्य विमानन सेवा का उपयोग कर सकते हैं। सुरक्षित रहने के लिए वे सही विकल्प की तलाश में निकलें। वित्तीय संकट कारगर उपायों से पूरी तरह से बाहर निकलने के लिए इस समय में कंपनी को सख्ती से अपनी योजनाएं बनानी होगी। यह भी महत्वपूर्ण है कि कर्जदाताओं के हितों का भी ध्यान रखा जाए।
वोडा-आइडिया को सुप्रीम कोर्ट से 1,600 करोड़ की राहत, आयकर विभाग की अपील खारिज
22 Jan, 2025 09:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली,। करेंसी और बकाया से जूझ रही टेलीकॉम कंपनी वोडा-आइडिया को सुप्रीम कोर्ट में बड़ी जीत हासिल हुई है। वीआई कंपनी के खिलाफ आयकर विभाग ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। अपने फैसले में शीर्ष अदालत ने बॉम्बे हाई कोर्ट के नवंबर 2023 के फैसले को कायम रखा है, इसमें कंपनी को 1,600 करोड़ का टैक्स रिफंड देने का आदेश दिया गया था। हालांकि टैक्स विभाग ने पहले ही वोडाफोन आइडिया को यह रिफंड जारी कर दिया है, लेकिन विभाग ने कंपनी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने टैक्स विभाग की अपील को खारिज कर दिया, क्योंकि हाई कोर्ट के राहत आदेश को चुनौती देने में 295 दिनों की अनावश्यक देरी हुई थी। अदालत ने टैक्स अधिकारियों की आलोचना कर इस देरी को गंभीर और अनुचित बताया।
नवंबर 2023 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने वोडाफोन आइडिया के पक्ष में फैसला सुनाया था, जिसमें टैक्स विभाग को निर्देश दिया गया कि वे टेलीकॉम ऑपरेटर द्वारा 2016-2017 के आकलन वर्ष के लिए चुकाई गई टैक्स की राशि वापस करे। कोर्ट ने कहा कि अगस्त 2023 में विभाग द्वारा पारित आकलन आदेश समय सीमा से बाहर था और इसलिए इस बरकरार नहीं रखा जा सकता। न्यायमूर्ति के आर श्रीराम और नीला गोकले की डिवीजन बेंच ने आकलन अधिकारी के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया, जिन्होंने निर्धारित 30 दिनों की समय सीमा के भीतर अंतिम आदेश पारित नहीं किया और इस प्रकार सरकारी खजाने और जनता को भारी नुकसान पहुंचाया।
सेबी की निवेशकों के हित में योजना, शेयरों की लिस्टिंग से पहले ही उन्हें खरीदा या बेचा जा सके
22 Jan, 2025 08:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। भारतीय पूंजी बाजार के नियामक सेबी (सेबी) एक ऐसी नई व्यवस्था तैयार कर रहा है, जिससे शेयरों की लिस्टिंग से पहले ही उन्हें खरीदा या बेचा जा सके। सेबी का यह कदम निवेशकों को एक सुरक्षित और विनियमित प्लेटफॉर्म पर शेयर ट्रेडिंग की सुविधा देने के मकसद से किया जा रहा है। सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने 21 जनवरी को इसकी जानकारी दी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक माधबी ने कहा कि जब शेयर निवेशकों को अलॉट होते हैं, लेकिन वे अभी स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध नहीं हुए होते, तब अक्सर ग्रे मार्केट में उनका व्यापार होता है। उन्होंने कहा, “अगर निवेशकों को ऐसी ट्रेडिंग में रुचि है, तब इस पूरी प्रक्रिया को अनौपचारिक रूप से करने के बजाय एक नियामित प्लेटफॉर्म पर करने का मौका दिया जाना चाहिए। सेबी प्रमुख माधुरी बुच ने कहा कि प्रणाली के तहत, जब आईपीओ के शेयर निवेशकों के डीमैट अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएंगे, तब से लेकर स्टॉक एक्सचेंज पर उनकी आधिकारिक लिस्टिंग तक ट्रेडिंग की अनुमति होगी। मौजूदा समय में, शेयर लिस्टिंग से पहले फ्रीज रहते हैं, ताकि अनियमित और असुरक्षित ट्रेडिंग को रोक सके।
सेबी का यह कदम ग्रे मार्केट में हो रही अनियमित ट्रेडिंग पर लगाम लगाने की दिशा में उठाया गया है। ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) अक्सर निवेशकों के लिए संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत माना जाता है, लेकिन यह एक असुरक्षित बाजार है जहां निवेशकों को नुकसान का खतरा रहता है।
यह योजना तब लाई जा रही है जब आईपीओ बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। 2024 में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने एशिया में सबसे ज्यादा आईपीओ लांच करने का रिकॉर्ड बनाया है और प्राइमरी मार्केट से बड़ी पूंजी जुटाई है। 2025 में भी आईपीओ बाजार के और तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।
विनफास्ट तुतुकुडी में लगाएगा नया कारखाना, इलेक्ट्रिक वाहनों का करेगी निर्यात
21 Jan, 2025 02:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। वियतनाम की प्रमुख कंपनी विनफास्ट भारत को अपने उत्पादन का केंद्र बनाने को तैयार है। कंपनी ने तमिलनाडु के तुतुकुडी में नया कारखाना लगाने की योजना तैयार की है, जिससे वह पश्चिम एशिया और अफ्रीका के बाजारों में अपने इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) का निर्यात करेगी। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस कारखाने में करीब 200 करोड़ डॉलर का निवेश किया जाएगा और इसका पहला चरण 2025 के मध्य तक चालू होने की उम्मीद है। विनफास्ट भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पूरा तंत्र लगाने की सोच रही है। इसके तहत कंपनी अपनी बैटरी निर्माण और चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क के लिए भी निवेश करेगी। विनफास्ट वी-ग्रीन परियोजना के तहत बैटरी निर्माण करेगी और भारत में चार्जिंग ढांचे को विकसित करने निवेशकों को आकर्षित करेगी। यह कंपनी विनफास्ट से अलग है।
भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो 2025 में विनफास्ट ने भारतीय बाजार के लिए अपनी पहली इलेक्ट्रिक एसयूवी वीएफ 7 और वीएफ 6 का प्रदर्शन किया। कंपनी ने इन दोनों गाड़ियों को इस साल के आखिर तक लॉन्च करने की योजना बनाई है और अगले कुछ सालों में सात इलेक्ट्रिक वाहनों को बाजार में उतारने का लक्ष्य है। विनफास्ट के एशिया के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि तुतुकुडी को चुनने की वजह है कि यह स्थान बंदरगाह और हवाई अड्डे के पास है, जिससे निर्यात में आसानी होगी।
भारत में अपने उत्पादन के लिए कंपनी ने शुरुआत में 50 करोड़ डॉलर के निवेश की योजना बनाई है। विनफास्ट के अधिकारी ने कहा कि वे भारत में बैटरी निर्माण पर भी विचार कर रहे हैं, ताकि वाहनों में स्थानीयकरण किया जा सके। विनफास्ट ने बताया कि प्रारंभिक चरण में देश के सभी प्रमुख महानगरों और बड़े शहरों में उनके डीलर पार्टनर होंगे। कंपनी का उद्देश्य भारत में लंबे समय तक व्यापार करना है और इसके तुतुकुडी कारखाने में अगले कुछ महीनों में 3,000 से 3,500 लोगों के लिए रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।
हल्दीराम, बीकाजी से डरी अमेरिकी कंपनी पेप्सिको, टाटा से मिलाया हाथ
21 Jan, 2025 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत के पैकेज्ड स्नैक्स मार्केट में दिग्गज कंपनियों को घरेलू कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच अमेरिका की दिग्गज कंपनी पेप्सिको और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने पैकेज्ड स्नैक्स विकसित करने और बेचने के लिए हाथ मिलाया है। इससे पहले दोनों कंपनियों ने बेवरेज मार्केट में एक जॉइंट वेंचर नौरिसको बनाया था, लेकिन इस चार साल पहले खत्म कर दिया था।
नई डील के मुताबिक पेप्सिको के कुरकुरे स्नैक ब्रांड को टाटा कंज्यूमर के चिंग्स सीक्रेट के साथ जोड़ा जाएगा। टाटा ग्रुप ने कुछ साल पहले चिंग्स सीक्रेट का अधिग्रहण किया था। नौयरिशको बेवरागेज्स एक जॉइंट वेंचर था लेकिन स्नैक्स मार्केट में दोनों की पार्टनरशिप एक कोलाबोरेशन है। पेप्सिको और टाटा कंज्यूमर ने साल 2010 में नौयरिशको बेवरागेज्स नाम से एक 50:50 जॉइंट वेंचर बनाया था, लेकिन एक दशक बाद टाटा कंज्यूमर ने इसमें पेप्सिको की हिस्सेदारी खरीद ली थी। पेप्सिको इंडिया की कुरकुरे और डोरिटोस की मार्केटिंग डायरेक्टर आस्था भसीन ने टाटा के साथ पार्टनरशिप को माइलस्टोन कोलाबोरेशन बताया और कहा कि भारत में फ्यूजन फ्लेवर तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
एक सूत्र ने बताया कि कंज्यूमर रिस्पॉन्स के आधार पर कंपनियों के पोर्टफोलियो के भीतर अन्य उत्पादों के लिए साझेदारी को बढ़ाया जा सकता है। पेप्सिको का कुरकुरे का बाजार एक हजार करोड़ का है। कंपनी के स्नैक्स पोर्टफोलियो में लेज चिप्स और डोरिटोस नाचोस शामिल हैं। साल्ट-टू-स्टेपल कंपनी टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने पिछले साल जनवरी में 5,100 करोड़ रुपए में चिंग्स सीक्रेट और स्मिथ एंड जोन्स नूडल्स और मसालों के निर्माता कैपिटल फूड्स का अधिग्रहण किया था।
पेप्सिको और टाटा ऐसे समय एक साथ आए हैं जब एथनिक पैकेज्ड स्नैक्स मार्केट में घरेलू और डी2सी कंपनियों की भरमार है। भारत का स्नैक्स मार्केट 42,695 करोड़ रुपए का है और सालाना 20 फीसदी की रफ्तार से बढ़ रहा है। पैकेज्ड स्नैक्स के मार्केट में पेप्सिको के अलावा आईटीसी, पारले प्रोडक्ट्स, कॉर्निटोस, क्रैक्स बनाने वाली डीएफएम फूड्स, हल्दीराम, बीकानेरवाला, बालाजी स्नैक्स, बीकाजी फूड्स और प्रताप स्नैक्स जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं।
इस कैटगरी में कई रीजनल और डी2सी कंपनियां भी शामिल हैं। रीजनल ब्रांड्स की कीमत कम है और वे हाई रिटेल मार्जिन पर सीधे डिस्ट्रिब्यूट करते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय स्नैक्स बाजार की बिक्री साल 2032 तक 95,521.8 करोड़ रुपए तक पहुंच सकती ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है, जो 2023 से दोगुना होगी। यही वजह है कि पेप्सिको भारत के बाजार में बड़ा दांव खेलना चाहती है। उसने देश की सबसे बड़ी एथनिक स्नैक्स कंपनी हल्दीराम स्नैक्स फूड में माइनोरिटी स्टेक खरीदने के लिए बातचीत शुरू कर दी है।
गूगल के सर्च इंजन की बाजार हिस्सेदारी में आई गिरावट
21 Jan, 2025 02:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । साल 2024 की आखिरी तिमाही में गूगल की सर्च इंजन बाजार हिस्सेदारी 90 प्रतिशत से नीचे गिरकर 89.74 प्रतिशत पर पहुंच गई। सर्च इंजन बाजार में वर्षों से बादशाहत कायम रखने वाले गूगल को अब कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
ताजा रिपोर्ट के अनुसार, यह गिरावट गूगल के लिए बड़ी चिंता का विषय है, क्योंकि इससे पहले 2015 में गूगल की हिस्सेदारी इतनी कम दर्ज की गई थी। गूगल की घटती हिस्सेदारी का सबसे बड़ा फायदा माइक्रोसाफट बिंग को हो रहा है। 2024 के दौरान बिंग ने अपनी बाजार हिस्सेदारी 4प्रतिशततक बढ़ा ली, जो पिछले वर्षों की तुलना में एक बड़ी उपलब्धि है। बिंग की इस सफलता का मुख्य कारण उसकी उन्नत एआई तकनीक और चैटजीपीटी जैसे स्मार्ट टूल्स हैं, जो उपयोगकर्ताओं को अधिक व्यक्तिगत और सटीक परिणाम प्रदान कर रहे हैं। गूगल की पारंपरिक सर्च प्रणाली के मुकाबले, बिंग और अन्य एआई आधारित सर्च इंजन तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। एआई तकनीक पर आधारित सर्च इंजन, जैसे चैटजीपीटी और परप्लेसिटी, भी गूगल के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। ये सर्च इंजन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके उपयोगकर्ताओं को तेज और सटीक उत्तर देने में सक्षम हैं। हालांकि, एक रिपोर्ट में इन एआई सर्च इंजनों की हिस्सेदारी का विश्लेषण नहीं किया गया, लेकिन यह साफ है कि एआई की बढ़ती स्वीकार्यता गूगल के लिए खतरा है। गूगल को केवल प्रतिस्पर्धा से ही नहीं, बल्कि कानूनी विवादों का भी सामना करना पड़ रहा है।
गूगल की बाजार हिस्सेदारी में गिरावट सर्च इंजन बाजार में बदलाव का संकेत है। जहां बिंग जैसे प्रतियोगी धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं, वहीं एआई आधारित सर्च इंजन लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। गूगल के लिए यह समय है कि वह अपनी रणनीतियों पर पुनर्विचार करे, अन्यथा आने वाले समय में उसे और बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। कई देशों में गूगल पर अवैध तरीके से बाजार में एकाधिकार स्थापित करने के आरोप लगे हैं, जिसके चलते कंपनी पर जांच चल रही है। इन विवादों ने गूगल की छवि को नुकसान पहुंचाया है और उपयोगकर्ताओं के बीच नए विकल्पों के प्रति रुझान बढ़ा है।
दो नई इलेक्ट्रिक एसयूवी वीएफ 6 और वीएफ 7 पेश
21 Jan, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता विनफास्ट ने ऑटो एक्सपो 2025 में अपनी दो नई इलेक्ट्रिक एसयूवी वीएफ 6 और वीएफ 7 को पेश किया। यह कंपनी के भारत में विस्तार की शुरुआत है और इन दोनों एसयूवी में अत्याधुनिक फीचर्स और शानदार रेंज दी गई है।
विनफास्ट ने वीएफ 6 को पांच सीटों वाली एक कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक एसयूवी के तौर पर पेश किया है। इसमें पैनोरमिक सनरूफ, 12.9-इंच इंफोटेनमेंट स्क्रीन, हेड-अप डिस्प्ले, और लेवल-2 अडास जैसे कई आकर्षक फीचर्स हैं। इसके अलावा, इसमें 59.6 केडब्ल्यूएच बैटरी दी गई है, जो इसे सिंगल चार्ज में 381 किलोमीटर तक चलने की क्षमता देती है। वहीं, वीएफ 7 को एक प्रीमियम इलेक्ट्रिक एसयूवी के तौर पर प्रस्तुत किया गया है। इसमें 75.3 केडब्ल्यूएच बैटरी है, जो 431 किलोमीटर की रेंज देती है, और इसमें 348 हॉर्स पावर की मोटर लगी है। विनफास्ट की इन नई कारों के लॉन्च से भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
हालांकि, अभी ये दोनों एसयूवी भारत में लॉन्च होने की तैयारी में हैं, और जल्द ही इनकी लॉन्च डेट का खुलासा किया जाएगा। इसके अलावा, विनफास्ट ने अपने अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे वीएफ 3, वीएफ 9, वीएफ 8, और वीएफ ई34 को भी ऑटो एक्सपो में शोकेस किया। कंपनी ने इस अवसर पर वीएफ ड्रागोनफलाय नामक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर को भी प्रदर्शित किया।
हयूदै क्रेटा इलेक्ट्रिक ऑटो एक्सपो 2025 में लॉन्च
21 Jan, 2025 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । हयूदै कंपनी ने बहुप्रतीक्षित इलेक्ट्रिक एसयूवी हयूदै क्रेटा इलेक्ट्रिक को ऑटो एक्सपो 2025 में लॉन्च कर दिया है। क्रेटा इलेक्ट्रिक दो बैटरी विकल्पों में आती है - 51.4केडब्ल्यूएच और 42केडब्ल्यूएच ।
कंपनी का दावा है कि 51.4केडब्ल्यूएच बैटरी पैक फुल चार्ज पर 472 किलोमीटर की रेंज देता है, जबकि 42केडब्ल्यूएच बैटरी 390 किलोमीटर तक चल सकती है। यह एसयूवी 0-100 किमी/घंटा की रफ्तार महज 7.9 सेकंड में पकड़ लेती है। फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करने वाली यह गाड़ी डीसी चार्जर से 58 मिनट में 10-80 प्रतिशत चार्ज हो जाती है, जबकि 11केडब्ल्यू होम चार्जर से 4 घंटे में पूरी तरह चार्ज हो जाती है। इसमें एडवांस फीचर्स का शानदार सेटअप है, जिसमें ड्यूल 10.25-इंच स्क्रीन, 8-स्पीकर बोस साउंड सिस्टम, ड्यूल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल, हवादार सीट्स और कूल्ड स्टोरेज बॉक्स शामिल हैं।
इसके अलावा, अडास-लिंक्ड रीजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम, 6 एयरबैग, ऑल-व्हील डिस्क ब्रेक और हयूदै स्मार्टसेंस लेवल 2 अडास जैसे सुरक्षा फीचर्स इसे खास बनाते हैं। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 17.99 लाख रुपए रखी गई है। यह गाड़ी 5 वेरिएंट्स - एक्सीक्यूटिव, स्मार्ट, स्मार्ट (ओ), प्रीमियम और एक्सीलेंस में उपलब्ध है। इच्छुक ग्राहक इसे 25,000 रुपए के टोकन अमाउंट के साथ हयूदै डीलरशिप या ऑनलाइन बुक कर सकते हैं।
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