महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में बारिश का 'रेड अलर्ट': नदियां खतरे के निशान पर, तीन जिलों में हाई अलर्ट जारी
24 Jun, 2025 06:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के कई जिलों में लगातार हो रही है और बारिश ने यहां जन-जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. नदियों और तालाबों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे प्रशासन को अलर्ट जारी करना पड़ा है. नासिक, पालघर और पंढरपुर जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है. नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है.
नासिक जिले में बीते कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण गंगापुर बांध पूरी तरह लबालब हो गया है. 23 जून की सुबह से पाटबंधारे विभाग ने नासिक शहर के कादवा नदी में 6,240 क्यूसेक्स की रफ्तार से पानी छोड़ा है. इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों और सभी सरकारी एजेंसियों को सतर्क रहने की अपील की है. प्रशासन ने खासतौर से नदी किनारे बसे लोगों को चेतावनी दी है कि वे नदी के बहाव से दूर रहें और अपने जरूरी सामान और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी सरकारी तंत्रों को अलर्ट पर रखा गया है.
पालघर में उफनती नदियां
नासिक जिले के बाद पालघर जिले में लगातार हो रही मूसलधार बारिश के कारण सूर्या, वैतरणा और पिंजाल जैसी प्रमुख नदियां उफान पर हैं. इससे कई तालाब और नाले भी जलमग्न हो गए हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. जिले के दहानू, बोइसर, वाडा, जव्हार, मोखाडा, वसई-विरार और नालासोपारा क्षेत्रों में 4-5 दिनों से रुक-रुक कर तेज बारिश हो रही है. स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की ओर से ‘अरेंज अलर्ट’ घोषित किया है और नदी किनारे बसे लोगों का विस्थापन भी शुरू कर दिया गया है.
पंढरपुर भीमा नदी उफान पर
सोलापुर जिले के पंढरपुर में स्थित भीमा नदी उजनी बांध से पानी छोड़े जाने के कारण उफान पर है. 6 जुलाई को आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर लाखों श्रद्धालु विठ्ठल-रुक्मिणी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं. इसी को देखते हुए प्रशासन ने वारकऱियों और नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है. प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है और कहा है कि कोई भी व्यक्ति अफवाहों पर ध्यान न दे, लेकिन सावधानी जरूर बरते. किसी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों या आपदा नियंत्रण कक्ष से तुरंत संपर्क करें.
मानवता पर धब्बा: कैंसर से जूझ रही दादी को उसके पोते ने ही कूड़े में फेंक दिया
23 Jun, 2025 07:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से मानवता झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पोते ने अपनी 60 साल की बीमार दादी को कूड़े में फेंक दिया. घटना की जानकारी होते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने जब बुजुर्ग महिला से पूछताछ की तो उन्होंने इस बात का खुलासा किया. पुलिस ने बुजुर्ग महिला की शिकायत पर मामले की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल आरोपी पोता और उसके परिवार के सदस्य इस समय फरार चल रहे हैं.
मुंबई के आरे इलाके में एक बूढ़ी महिला कूड़े के ढेर में कुछ लोगों को पड़ी हुई मिली. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने बुजुर्ग महिला से पूछताछ में बुजुर्ग महिला ने हैरान करने वाला खुलासा किया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया है. बुजुर्ग महिला ने बताया कि मेरा नाम यशोदा गायकवाड़ है. मुझे स्किन कैंसर है इसलिए मेरा ही पोता मुझे कूड़े के ढेर में फेंककर चला गया था.
बीमार दादी को पोते ने कूड़े के ढेर में फेंका
बुजुर्ग महिला ने बताया कि पोते के पास इलाज के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे इसलिए उसने मुझे कूड़े में फेंक दिया था. इस पूरे मामले में हैरान करने वाली बात यह भी है कि जब पुलिस पीड़ित बुजुर्ग महिला को इलाज के लिए दो अलग-अलग अस्पतालों में पहुंची तो उन्होंने इलाज के लिए मना कर दिया. इसके बाद पुलिस के अनुरोध पर महिला का इलाज कूपर अस्पताल में शुरू हो गया है. पुलिस ने जब बुजुर्ग महिला से पूछताछ की तो उसने पुलिस को मलाड में एक घर का पता दिया.
आरोपी पोते की तलाश में जुटी पुलिस
जब पुलिस ने उस पते पर जाकर तलाशी ली तो पता चला कि वहां ताला लगा हुआ है. फिलहाल पुलिस पोते और उसके परिवार की तलाश कर रही है. हालांकि, अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है. इस घटना ने मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र को हिलाकर रख दिया है. इस घटना ने रिश्तों में विश्वास को तार-तार कर दिया है और यह दिखा दिया है कि इंसानियत किस हद तक गिर सकती है.
तोते का MRI, डॉक्टरों को लगा झटका! रिपोर्ट में सामने आई ऐसी बीमारी कि देखकर सब रह गए दंग
23 Jun, 2025 06:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के मुंबई में एक तोते का MRI (Magnetic Resonance Imaging)टेस्ट किया गया. इस टेस्ट के जरिए डॉक्टरों ने तोते को न्यूरोलॉजिकल बीमारी होने का पता लगाया. उसका एक्यूपंक्चर से इलाज किया जा रहा है. ये मामला मुंबई के चेंबूर से सामने आया है, जहां एक बीमार तोता कार वॉशर के नीचे गिर गया. कार के ड्राइवर ने जब इसे देखा तो वह तुरंत तोते को इलाज के लिए पशु चिकित्सक के पास ले गया.
जब तोते को अस्पताल ले जाया गया और इलाज शुरू किया गया तो चिकित्सकों ने पुष्टि की कि उसे अटैक्सिया है और यह एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है. दरअसल, कार वॉशर के नीचे गिरा तोता पूरी तरह हिलता-डुलता नजर आ रहा था. कार ड्राइवर ने बताया कि गर्दन टेढ़ी होने की वजह से वह पानी भी नहीं पी पा रहा था और खाना भी नहीं खा पा रहा था. इसलिए उसे तुरंत पशु चिकित्सकों को दिखाया गया, जहां डॉक्टर दीपा कत्याल ने तोते का इलाज किया.
इंसानों की मशीन से तोते का MRI
तोते के ईकेजी समेत तमाम तरह के टेस्ट किए गए. इन टेस्ट के आधार पर पता लगा कि तोते के शरीर में कंपन अटैक्सिया की ओर इशारा कर रहा है,जो न्यूरोलॉजिकल समस्या हो सकती है. इसके बाद तोते की बीमारी के बारे में और ज्यादा गहराई से पता लगाने के लिए उसका एमआरआई टेस्ट किया गया. तोते के दिमाग और रीढ़ की हड्डी को स्कैन किया गया. तोते का टेस्ट भी उसी मशीन से किया गया, जिसका इस्तेमाल इंसानों का टेस्ट करने के लिए किया जाता है. तोते को एमआरआई मशीन में ले जाने से पहले उसे बेहोश कर दिया गया था.
तोते को हर दिन दी जा रही ‘फोटोथेरेपी’
स्कैन में घायल तोते की मांसपेशियों और नसों के बीच समन्वय की कमी पाई गई, तोते की टेलबोन भी चोटिल थी. यह भी पाया गया कि रीढ़ की हड्डी में जहां नसें चोटिल थीं, वहां सूजन थी. तोते का तुरंत इलाज शुरू किया गया. दर्द कम करने के लिए उसे दवाई दी गईं और फोटोथेरेपी और एक्यूपंक्चर दिया गया. डॉक्टर कत्याल ने कहा कि एक्यूपंक्चर नसों को मजबूत करने में मदद करता है. तोते को हर दिन ‘फोटोथेरेपी’ भी दी जा रही है. यह दर्द को कम करने का एक मॉडर्न मेथड है. यह ब्लड फ्लो को बेहतर बनाता है. सूजन को कम करता है. डॉक्टरों ने बताया कि यह घाव को जल्दी कम करने और नई सेल्स को बनाने में मदद करता है.
उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान: मनसे से गठबंधन पर कहा- जनता जो चाहेगी, वही होगा
20 Jun, 2025 12:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) से अपनी पार्टी के गठबंधन पर सकारात्मक संदेश देते हुए कहा कि जैसा राज्य चाहेगा, वैसा होगा। वह गुरुवार को शिवसेना (अविभाजित) के 59वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की पार्टियों के साथ आने की चर्चाएं तेज
शिवसेना से उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बगावत करने के बाद से दोनों शिवसेनाएं एक ही दिन अपना-अपना स्थापना दिवस मनाती हैं। गुरुवार को शिवसेना (यूबीटी) की ओर से यह समारोह मुंबई के षड्मुखानंद सभागार में मनाया गया।
पिछले कुछ सप्ताह से उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की पार्टियों के एक साथ आने की चर्चाएं चल रही हैं। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता भी एकीकरण की इस संभावना को लेकर उत्साहित हैं।
देवेंद्र फडणवीस पर उद्धव ठाकरे ने कसा तंज
इसी संदर्भ में सकारात्मक संकेत देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि जैसा राज्य के लोग चाहेंगे, वैसा ही होगा। कुछ दिनों पहले एक पांच सितारा होटल में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की राज ठाकरे से हुई मुलाकात पर तंज कसते हुए उद्धव ने कहा कि एक 'नौकर' एक 'मालिक' को बता रहा है कि गठबंधन नहीं होना चाहिए। उनका आशय राज ठाकरे को उनकी पार्टी का मालिक एवं देवेंद्र फडणवीस को उनकी पार्टी का एक कनिष्ठ नेता बताने से था।
पीएम सहित अन्य भाजपा नेताओं पर भी साधा निशाना
उद्धव ठाकरे ने इस अवसर का उपयोग भाजपा और केंद्र सरकार पर प्रहार करने के लिए भी किया। कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक फोन आते ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमारी सेना के हाथ बांध दिए। मोदी देश के नहीं, भाजपा के प्रधानमंत्री हैं।
अमित शाह पर भी तंज कसते हुए कहा कि देश को गृह मंत्री की जरूरत है, अमित शाह जैसे घर फोड़ने वाले की नहीं। देश को रक्षा मंत्री की जरूरत है। देवेंद्र फडणवीस और राजनाथ सिंह जैसे भ्रष्ट लोगों को संरक्षण देने वालों की नहीं
आज घोटालेबाज नेताओं के साथ फडणवीस के फोटो छपते हैं
भाजपा के साथ आए अशोक चव्हाण, अजीत पवार एवं छगन भुजबल जैसे नेताओं की ओर इशारा करते हुए उद्धव ने कहा कि आज घोटालेबाज नेताओं के साथ फडणवीस के फोटो छपते हैं। जिन पर वह कभी आरोप लगाते थे, आज उन्हीं के पांव धोकर वह पानी पी रहे हैं।
टिकट कटने से नाराज जयश्री ने अपनाया नया रास्ता
18 Jun, 2025 07:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के सांगली में कांग्रेस को लगा झटका, जयश्री पाटिल भाजपा में हुईं शामिल
महाराष्ट्र के सांगली में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. वसंतदादा पाटिल परिवार से जुड़ी और कांग्रेस के दिग्गज नेता मदन पाटिल की पत्नी जयश्री पाटिल बुधवार को भाजपा में शामिल हो गईं. विधानसभा चुनाव में बागी रहीं जयश्री पाटिल के भाजपा में शामिल होने से सांगली की राजनीति में भाजपा को मजबूती मिली है. महाराष्ट्र के सांगली में वसंतदादा पाटिल परिवार का एक बड़ा समूह आखिरकार भाजपा में शामिल हो गया है. विधानसभा चुनाव में बागी होकर सांगली जिला केंद्रीय सहकारी बैंक की उपाध्यक्ष जयश्री पाटिल भाजपा में शामिल हो गईं. इससे सांगली की राजनीति में भाजपा को मजबूती मिली है और कांग्रेस के गढ़ रहे दादा परिवार से एक बड़ा समूह पार्टी में शामिल हो गया है. जयश्री पाटिल वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री स्वर्गीय मदन पाटिल की पत्नी हैं. उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने इससे पहले जयश्री पाटिल से उनके निवास पर मुलाकात की थी. उसके बाद जयश्री पाटिल बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, महाराष्ट्र बीजेपी प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले और अन्य नेताओं की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुईं.
विधानसभा में टिकट नहीं मिलने से थीं नाराज
जयश्री पाटिल को विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया गया था. उन्होंने बगावत करते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ा था. इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें निलंबित कर दिया था. इसके बाद उन्होंने अलग राजनीतिक राह अपनाने का फैसला किया. कुछ दिन पहले उन्होंने कार्यकर्ताओं की राय मांगी थी. उन्हें भाजपा और एनसीपी से ऑफर मिले थे. आखिरकार उन्होंने भाजपा में शामिल होने का फैसला किया. सांगली विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने अब तक 16 चुनाव जीते हैं. इनमें से पांच चुनाव वसंतदादा पाटिल की मदद से जीते. 1980 में इंदिरा गांधी के आग्रह पर वसंतदादा पाटिल ने खुद चुनाव लड़ा था. उसके बाद वसंतदादा पाटिल के परिवार के सदस्यों ने लगातार दस चुनाव लड़े और जीते. वसंतदादा पाटिल के साथ-साथ शालिनीताई पाटिल, प्रकाश बापू पाटिल, मदन पाटिल, प्रतीक पाटिल और विशाल पाटिल अब तक लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं.
सांगली चुनाव में वसंतदादा परिवार का दबदबा
2009 में प्रतीक पाटिल के जीतने के बाद उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में राज्य मंत्री बनाया गया. हालांकि, 2014 के चुनाव में प्रतीक पाटिल हार गए. उसके बाद 2019 में विशाल पाटिल को कांग्रेस ने लोकसभा का उम्मीदवार नहीं बनाया. सांगली सीट शेतकरी संगठन के लिए छोड़ दी गई. विशाल पाटिल ने 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा. हालांकि, इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को महागठबंधन से सीट नहीं मिली. इस वजह से विशाल पाटिल ने बगावत कर दी और निर्दलीय सांसद चुने गए.
महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल: उद्धव और राज ठाकरे एक मंच पर, कल मुंबई में बड़ा शक्ति प्रदर्शन!
17 Jun, 2025 11:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र में निकाय चुनाव से पहले सियासी समीकरण बहुत तेजी से बदल रहे हैं. शिवसेना यूबीटी और मनसे के साथ आने की चर्चा भी सियासी गलियारों में जमकर चल रही है. गठबंधन को लेकर भी सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं. अब दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता एक साथ नजर आने वाले हैं. कल यानी बुधवार को मुंबई में मनसे और ठाकरे गुट की ओर से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. आइए जानते हैं कि यह विरोध प्रदर्शन किस बात के खिलाफ होगा.
रिपोर्ट के मुताबिक, जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार, इंडिगो के अधीन आने वाली कंपनी के खिलाफ मनसे और ठाकरे समूह विरोध प्रदर्शन करेंगे. यह विरोध प्रदर्शन कल सुबह 11 बजे मुंबई में क्षेत्रीय श्रम आयुक्त के कार्यालय के सामने किया जाएगा. यह विरोध प्रदर्शन भारतीय कामगार सेना के अध्यक्ष और ठाकरे समूह के सांसद अरविंद सावंत के साथ-साथ मनसे वर्ली विभाग के अध्यक्ष की मौजूदगी में किया जाएगा.
कार्यकर्ता चाहते हैं कि दोनों नेता एक साथ आएं
जहां एक तरफ ठाकरे गुट और मनसे के एक साथ आने की चर्चाएं हैं, वहीं मनसे और शिवसेना ठाकरे गुट का यह आंदोलन सभी का ध्यान अपनी ओर खींचने वाला है. इससे पहले दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने राज और उद्धव ठाकरे के एक साथ आने की इच्छा जताई थी, जिसके बाद अब कार्यकर्ता एक साथ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे.
ठाकरे बंधुओं के गठबंधन की चर्चा क्यों शुरू हुई?
फिल्म अभिनेता महेश मांजरेकर ने राज ठाकरे का इंटरव्यू लिया था. इस इंटरव्यू में राज से मनसे-शिवसेना गठबंधन के बारे में पूछा गया था. इसका जवाब देते हुए राज ने कहा था, ‘मुझे साथ आना मुश्किल नहीं लगता. हमारे विवाद और झगड़े महाराष्ट्र के मराठी लोगों के अस्तित्व के लिए बहुत छोटे हैं.’ इसके बाद से ही इस गठबंधन की चर्चा शुरू हो गई थी.
इसके बाद उद्धव ठाकरे ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे छोटे-मोटे विवादों को किनारे रखने के लिए तैयार हैं और महाराष्ट्र की जनता जो चाहेगी, वही होगा. इसके चलते इस गठबंधन की चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया. इसके बाद दोनों दलों के नेताओं के कार्यक्रमों में कुछ बैठकें भी हुईं. हालांकि, गठबंधन पर अभी तक अंतिम फैसला नहीं हुआ है.
उद्धव ने शाखा प्रमुखों से कहा, "पैसे के लालच में मत आना, मुंबई के लिए एकजुट रहो
16 Jun, 2025 08:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिवसेना प्रमुख (यूबीटी) उद्धव ठाकरे ने बीएमसी चुनाव को लेकर तैयारियों की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने शाखा प्रमुखों को निर्देश दिए कि वे आगामी बीएमसी चुनाव के मद्देनजर अपने-अपने वार्ड में कम से कम 300 घरों तक जाकर मतदाताओं से सीधा संवाद स्थापित करें और शिवसेना की नीतियों व कामों की जानकारी दें. सभी शाखा प्रमुखों को तत्काल प्रभाव से बूथ स्तर की संरचना को मज़बूत करने, स्थानीय कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और हर क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने के लिए कहा गया है.
कार्यकर्ताओं को यह भी कहा गया है कि वे जनता के बीच जाकर यह स्पष्ट रूप से बताएं कि जब मुंबई महानगरपालिका में शिवसेना का शासन था, तब शहर में विकास के कार्य हुए, लेकिन वर्तमान सरकार ने व्यवस्थाएं बिगाड़ दी हैं. बीएमसी के चुनाव सात वर्षों बाद हो रहे हैं, इसलिए उद्धव ठाकरे ने सभी पदाधिकारियों से अपील की है कि वे पूरी ताकत झोंक कर चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल करें और एक बार फिर से महानगरपालिका पर भगवा झंडा फहराएं.
जमीनी स्तर पर कामकाज करें कार्यकर्ता
शाखा प्रमुखों, उनके उपप्रमुखों, वार्ड प्रमुखों, विधानसभा संयोजकों और नगरप्रमुखों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्रों में बूथ और वार्ड स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ तत्काल आंतरिक बैठकें आयोजित करें और जमीनी स्तर पर कामकाज की शुरुआत करें. सभी क्षेत्रों में मतदाता सूची की बारीकी से जांच, सत्यापन और अपडेटिंग को प्राथमिकता देने के निर्देश भी बैठक में दिए गए, ताकि मतदान के दिन कोई गड़बड़ी न हो.
पड़ोसी शाखाओं और अलग-अलग पदाधिकारियों को आपस में बेहतर तालमेल बनाकर एक टीम के रूप में कार्य करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे पार्टी का प्रभाव क्षेत्र में और अधिक मज़बूत हो सके. जिन शाखाओं की निगरानी डिप्टी मेयर स्तर के नेताओं को सौंपी गई है, उन्हें नियमित रूप से फील्ड विजिट करने और अपने क्षेत्र में समूह प्रमुखों के जरिए प्रतिदिन जनसंपर्क अभियान चलाने को कहा गया है.
उद्धव ठाकरे ने बैठक में यह भी याद दिलाया कि शिवसेना के शासनकाल में मुंबई में पानी की व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, सफाई और परिवहन जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार हुए थे, और कोस्टल रोड जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट्स भी शिवसेना के नेतृत्व में मुंबईकरों को मिले.
क्षमता से अधिक भीड़ और जर्जर पुल बना काल: पुणे हादसे में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
16 Jun, 2025 08:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे जिले के मावल इलाके में कुंदमाला के पास इंद्रायणी नदी पर बना पुल टूटने से बड़ा हादसा हो गया. इस हादसे में 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. यह भी बताया गया है कि इस हादसे में करीब 30 लोग बह गए. हादसे के तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थानीय प्रशासन, राहत और बचाव टीम ने रेस्क्यू शुरू कर दिया. हादसे में घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटनास्थल पर कई एंबुलेंस अभी भी मौजूद हैं. इंद्रायणी नदी पर बने इस पुल के ढहने की वजह सामने आई है. इस हादसे पर सीएम देवेंद्र फण्नवीस और डिप्टी सीएम अजीत पवार ने दुख जाता है.
इंद्रायणी नदी पर पुल ढहने की घटना पर पुणे जिला कलेक्टर जितेंद्र डूडी ने कहा कि हमने 4 शव बरामद किए हैं. बचाव अभियान में 250 लोग काम कर रहे हैं. उनका रिस्पांस टाइम काफी अच्छा था, जिसकी वजह से ज्यादा से ज्यादा लोगों को तुरंत बचाया जा सका. हम तब तक ऑपरेशन जारी रखेंगे जब तक हम पूरे इलाके को कवर नहीं कर लेते और यह सुनिश्चित नहीं कर लेते कि कहीं कोई शव या व्यक्ति फंसा हुआ तो नहीं है. उन्होंने कहा कि नदी से मलबा हटाने का काम जारी है. मौके पर कई जेसीबी मशीन को लगाया गया है.
रेस्क्यू में लगी 250 लोगों की टीम
डीएम जितेंद्र डूडी ने कहा कि घटना दोपहर 3 बजकर 15 मिनट पर हुई और हमें 3 बजकर 30 मिनट पर सूचना मिली. सूचना मिले के कुछ ही देर में करीब 250 लोगों की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई. उन्होंने कहा कि आगे चलकर हम एक टीम बनाकर घटना की जांच करेंगे और अगर प्रशासन दोषी पाया गया तो मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो. हम पर्यटन को बढ़ाना चाहते हैं लेकिन ऐसी घटनाएं मानसून के महीनों में होती हैं और इसलिए मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे ऐसी दुर्घटनाओं से बचने के लिए हमारी टीमों की सलाह का पालन करें.
लोगों ने क्या कहा?
इंद्रायणी नदी पर बना पुल टूटने से हुए हादसे में 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. हादसे के बाद रेस्क्यू कर 38 लोगों को बचाया गया है. वहीं 6 लोगों की हालत गंभीर बनी है. इस हादसे की वजह भी सामने आई है. जानकारी के मुताबिक, पुल की हालत जर्जर होने से इसे दो-तीन महीने पहले ही बंद कर दिया गया था, लेकिन पर्यटकों की संख्या बढ़ने और किसी तरह के सुरक्षा इंतजाम न होने से ये हादसा हुआ. लोगों ने स्थानीय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाय है. लोगों ने कहा कि पुल बंद कर दिया गया था, लेकिन पुल पर लोगों को चढ़ने से रोकने के लिए यहां कोई सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था.
हादसे में बचे पर्यटक ने बताई पूरी घटना
हादसे में बचे एक पर्यटक ने अब हादसे को लेकर कहा कि मात्र तीन सेकंड में ही सबकुछ हो गया. इस हादसे में गणेश पवार नाम के व्यक्ति की जान बच गई है. उन्होंने पुल के ढहने के बारे में विस्तार से जानकारी दी है. उन्होंने बताया है कि इस हादसे में उनकी बाइक बह गई. उन्होंने कहा कि पुल पर सेल्फी लेने की वजह से अचानक लोगों की संख्या बढ़ने से हादसा हुआ.
सिर्फ तीन सेकेंड में हुआ हादसा
गणेश पवार ने कहा कि दुर्घटना सिर्फ दो से तीन सेकंड में हुई. पुल गिरते समय मैंने एक जगह पकड़ ली थी. इसलिए सौभाग्य से मैं बच गया. हमें हर दिन इस पुल से आना-जाना पड़ता है. यह पुल जर्जर हो चुका था. यह पुल पूरी तरह से मुड़ा हुआ था. हादसे में बह गए लोगों को बचाने के प्रयास जारी हैं. इलाके में एंबुलेंस मौजूद हैं. अभी भी कई लोग लापता हैं. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम बचाव कार्य कर रही है.
सीएम-डिप्टी सीएम ने जताया दुख
सीएम ने इस हादसे पर कहा कि पुल के ढहने की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस घटना में 2 लोगों की मौत हो गई है. मैं उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. हम उनके परिवारों के दुख में शामिल हैं. मैं इस घटना के संबंध में संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और संबंधित तहसीलदार के लगातार संपर्क में हूं. एनडीआरएफ को मौके पर तैनात किया गया है. राहत कार्य तुरंत तेज कर दिया गया है. अब तक 6 लोगों को बचाया गया है.
वहीं पीएम मोदी ने हादसे को लेकर सीएम फडणवीस से फोन पर बात कर हादसे की जानकारी ली.सीएम ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है. साथ उन्होंने कहा कि सरकार घायलों का इलजा कराएगी.
डिप्टी सीएम अजीत पवार ने कुंदमाला-मावल पुल के ढहने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और पूरी जांच के बाद सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों, प्रशासन और एनडीआरएफ के सहयोग से बचाव अभियान तुरंत शुरू हो गया. प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चलता है कि पुल की हालत खराब थी. सरकार घायलों को चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करेगी और इस संकट के समय प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है.
प्लेन क्रैश में परिजनों को खोने वाले मनीष कामदार बोले- 'फ्लाइट पर चढ़ाने के लिए लिए गए पैसे', जांच की मांग
14 Jun, 2025 06:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात के अहमदाबाद का विमान हादसा एक ऐसा दर्द दे गया, जो कभी न भूलने वाला है. इस हादसे में किसी ने अपने माता-पिता को खो दिया तो किसी ने अपने बेटे-बेटी को खो दिया. सभी शव पूरी तरह से जल चुके हैं. DNA सैंपल से इनकी पहचान हो रही है. हॉस्पिटल आए परिवारीजनों का एक ही दुख है कि वह अंतिम बार अपनों का चेहरा नहीं देख पाए. हादसे में कुल 241 लोगों की मौत हुई है. केवल एक भारतीय मूल के ब्रिटिश यात्री विश्वास कुमार रमेश की जान बच पाई है. सिविल अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है.
एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के दर्दनाक हादसे ने दर्जनों परिवारों को उजाड़ दिया. इसी हादसे में नागपुर निवासी मनीष कामदार ने अपनी बेटी, उसकी सास और डेढ़ साल के नाती को खो दिया. अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में रोते-बिलखते मनीष ने मीडिया से बातचीत में अपना दर्द बयां किया और इमिग्रेशन अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए.
एक महीने पहले समधी की मौत, अब बेटी-सास और नाती
मनीष ने कहा कि विमान हादसे में मेरी बेटी यशा कामदार, उसकी सास रक्षा मोड़ा और नाती रुद्र मोड़ा तीनों नहीं रहे. उनका कहना है कि ये तीनों यूके जा रहे थे, जहां 22 जून को उनके समधी की प्रार्थना सभा होनी थी. अभी एक महीने पहले उनके समधी का निधन हो गया था. वह कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे. मनीष ने बताया कि उनकी बेटी यशा की शादी यूके में हुई थी. उसका परिवार कुछ समय के लिए भारत आया था.
TV पर देखी फ्लाइट के क्रैश होने की खबर
मनीष ने बताया कि जब उन्होंने टीवी पर फ्लाइट क्रैश की खबर देखी तो उन्हें इसकी जानकारी. मनीष ने बताया कि वह टीवी पर न्यूज चैनल लगाकर बैठे थे. तभी खबर आई कि एयर इंडिया का AI-171 क्रैश हो गया. उसी के बाद पहले तो मैं एयरपोर्ट गया, फिर वहां से अस्पताल आया.
इमिग्रेशन अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप
मनीष का सबसे गंभीर आरोप इमिग्रेशन अधिकारियों पर है. उनका कहना है कि उनके नाती के पास ब्रिटिश पासपोर्ट था और उसे ‘एग्जिट क्लियरेंस’ नहीं मिल पा रहा था. उन्होंने हमें कहा कि आपने एंट्री नहीं की, इसलिए एग्जिट नहीं देंगे. फिर एक लाख रुपए यानी करीब 1000 पाउंड लिए और लास्ट मोमेंट पर उन्हें फ्लाइट में चढ़ाया गया. मनीष का दर्द यह था कि अगर इमिग्रेशन ने पैसे लेकर जबरदस्ती फ्लाइट में नहीं बैठाया होता तो शायद उनकी बेटी, सास और उसका बच्चा आज जिंदा होते.
मनीष का यह कहना है कि तीनों को अंतिम क्षणों में जबरन फ्लाइट में चढ़ाया गया. अगर रोका गया होता तो शायद ये त्रासदी टल सकती थी. लिस्ट में भी आखिरी बोर्डिंग इन्हीं तीनों की थी. वहीं मनीष ने कहा कि अस्पताल में शवों की पहचान भी नहीं करवाई जा रही है. हमने कहा कि चेहरा दिखाओ, लेकिन जवाब मिला कि डीएनए टेस्ट के बाद ही दिखाएंगे. अभी तक शव परिजनों को नहीं सौंपे गए हैं. मनीष के बेटे ने डीएनए सैंपल दे दिया है.
32 साल की बेटी का चेहरा तक नहीं देख पाए
मनीष ने कहा कि वह अपनी 32 साल की बेटी का चेहरा नहीं देख पाए, डेढ़ साल के बच्चे की शक्ल नहीं देख पाए. क्या कहें, कैसे कहें? मनीष की इन बातों ने वहां मौजूद सभी को भावुक कर दिया.मनीष ने यह भी कहा कि इमिग्रेशन में जो करप्शन हुआ, उसने उनकी पूरी जिंदगी तबाह कर दी. वे चाहते हैं कि इस मामले की जांच हो और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो. यह हादसा केवल एक तकनीकी त्रासदी नहीं, बल्कि दर्जनों मानवीय कहानियों का सिलसिला है. कुछ टूटे सपनों का, कुछ अधूरे रिश्तों का और कुछ ऐसे दर्द का, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है.
महाविकास अघाड़ी में दरार के संकेत? शरद पवार की NCP बोली - 'BJP के सिवा सब चलेगा', निकाय चुनाव से पहले नई हलचल
14 Jun, 2025 06:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र में अगले कुछ महीनों में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर सियासत अभी से गरमा गई है. राजनीतिक दल अभी से सियासी समीकरण सेट करने में जुट गए हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, स्थानीय निकाय चुनाव में एनसीपी शरद पवार गुट बीजेपी को छोड़कर किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन कर सकता है. इतना ही नहीं, एनसीपी अजित पवार गुट भी राष्ट्रवादी शरद चंद्र पवार पार्टी के लिए गठबंधन का विकल्प हो सकता है.
रिपोर्ट के मुताबिक,महायुति और महाविकास अघाड़ी के घटक दलों ने अब स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं. क्या स्थानीय निकाय चुनाव गठबंधन के तौर पर लड़े जाएंगे या फिर अपने दम पर लड़े जाएंगे? इस उत्सुकता के बीच सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एनसीपी शरद पवार गुट स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी को छोड़कर किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन कर सकता है. इतना ही नहीं गठबंधन के लिए पार्टी के पास एनसीपी अजित पवार गुट का भी विकल्प रहेगा. गठबंधन को लेकर सभी अधिकार स्थानीय स्तर के नेताओं को सौंपे जाएंगे.
महाविकास अघाड़ी के घटक दल क्या करेंगे?
सूत्र यह भी बता रहे हैं कि महाविकास अघाड़ी के घटक दल स्थानीय निकाय चुनावों के लिए एक साथ आने के लिए बहुत उत्सुक नहीं हैं, स्थानीय निकाय चुनावों के लिए महाविकास अघाड़ी में एक साथ आने के बारे में अभी तक कोई चर्चा नहीं हुई है. ऐसी स्थिति में, महाविकास अघाड़ी के घटक दल क्या निर्णय लेंगे? क्या वे महाविकास अघाड़ी का हिस्सा बनकर यह चुनाव लड़ेंगे? कई सवाल उठ रहे हैं.
स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर महाराष्ट्र के सियासी दल क्या कदम उठाएंगे, आने वाले दिनों में स्थिति साफ हो सकती है. सवाल यह भी उठ रहे हैं कि अगर एनसीपी शरद पवार गुट बीजेपी को छोड़कर किसी भी दल के साथ गठबंधन करता है तो फिर महाविकास अघाड़ी को क्या होगा? दूसरी ओर अगर एनसीपी अजित पवार गुट एनसीपी शरद पवार गुट से हाथ मिलता है तो फिर महायुति गठबंधन का क्या होगा?
विधानसभा चुनाव में महायुति का रहा है दमदार प्रदर्शन
महायुति में भारतीय जनता पार्टी (BJP), शिवसेना (Eknath Shinde गुट), और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) शामिल हैं. 2024 विधानसभा चुनावों में इस गठबंधन ने 234 सीटों पर जीत हासिल की और 288 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत प्राप्त किया. इस गठबंधन में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार शामिल हैं. फिलहाल राज्य में महायुति की सरकार चल रही है.
महाविकास अघाड़ी MVA में शिवसेना (UBT), कांग्रेस और शरद पवार गुट की NCP शामिल हैं. हालांकि इस गठबंधन ने 2024 लोकसभा चुनावों में 48 में 30 सीटें जीतीं, लेकिन विधानसभा चुनावों में यह गठबंधन 50 सीटों के भीतर सिमट गया, जिससे इसे विधानसभा में विपक्षी दल का दर्जा नहीं मिला.
चुनाव ऐलान के बाद बदल सकते हैं सियासी समीकरण
हालिया घटनाओं से संकेत मिलते हैं कि आगामी बीएमसी चुनावों के मद्देनजर गठबंधन समीकरणों में बदलाव हो सकते हैं. राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के बीच संभावित गठबंधन की चर्चा है. इसके अलावा, राज ठाकरे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मुलाकात ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है, जिससे यह संकेत मिलता है कि MNS और BJP के बीच भी समीकरण बदल सकते हैं.
"मंदिर में मुस्लिम कर्मचारी क्यों?" हिंदू संगठनों के विरोध के बाद शनि शिंगणापुर देवस्थान ट्रस्ट ने लिया बड़ा फैसला
13 Jun, 2025 05:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री क्षेत्र शनि शिंगणापुर देवस्थान ट्रस्ट ने बड़ा फैसला लिया है. देशभर से हजारों श्रद्धालु रोजाना शनि शिंगणापुर में दर्शन के लिए आते हैं. श्री क्षेत्र शनि शिंगणापुर मंदिर ट्रस्ट में कई मुस्लिम कर्मचारी भी कार्यरत थे. इसको लेकर विवाद खड़ा हो गया है. शनि शिंगणापुर मंदिर ट्रस्ट में 114 मुस्लिम कर्मचारी कार्यरत थे. इनके खिलाफ हिंदू संगठन आक्रामक हो गए थे. हिंदू संगठन के लोगों ने कहा कि ट्रस्ट को तुरंत सभी मुस्लिम कर्मचारियों को काम से हटाना चाहिए, नहीं तो संगठन ने चेतावनी दी थी कि 14 जून को मंदिर के बाहर पूरे हिंदू समुदाय द्वारा एक बड़ी रैली निकाली जाएगी. कल 14 जून है. हालांकि उससे पहले मंदिर ट्रस्ट ने बड़ा फैसला लिया है.
श्री क्षेत्र शनि शिंगणापुर देवस्थान ट्रस्ट ने वहां काम करने वाले 167 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है. इन कर्मचारियों में 114 मुस्लिम कर्मचारी शामिल हैं. शनि शिंगणापुर देवस्थान में 114 मुस्लिम कर्मचारी काम कर रहे थे. संस्था ने बताया है कि उन्हें अनियमितताओं और अनुशासन का पालन न करने के कारण बर्खास्त किया गया है. पिछले कुछ दिनों से हिंदू संगठनों की ओर से मुस्लिम कर्मचारियों को बर्खास्त करने का दबाव बनाया जा रहा था.
हिंदू संगठन के लोगों ने किया विरोध
शनिदेव के चौक पर मुस्लिमों द्वारा किए जा रहे काम के कारण पूरे हिंदू समुदाय की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया था. इस बारे में खुद ट्रस्ट ने कहा कि मंदिर ट्रस्ट में कुल 114 मुस्लिम कर्मचारी काम करते हैं. लेकिन मंदिर परिसर में एक भी मुस्लिम कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं है. ट्रस्ट ने कहा कि ये मुस्लिम कर्मचारी मंदिर ट्रस्ट के कृषि विभाग, अपशिष्ट प्रबंधन विभाग और शिक्षा विभाग में काम करते हैं. 114 मुस्लिम कर्मचारियों में से 99 कर्मचारी पिछले पांच महीने से काम पर नहीं आ रहे हैं. ट्रस्ट ने कहा था कि इन सभी कर्मचारियों के वेतन में देरी हुई है.
मंदिर प्रशासन ने क्या कहा?
शनि शिंगणापुर मंदिर प्रशासन मीटिंग में फैसला लिया गया है की मंदिर में काम करने वाले कुल 167 कर्मचारियों को अनुशंसानहीनता के आरोप में निकाला जा रहा है. मंदिर प्रशासन ने उन तमाम कर्मचारियों की लिस्ट बनाई है जिन पर अनियमितता और अनुशासनहीनता के आरोप लगे है, कोई भी फैसला धर्म या जाति देख कर नहीं लिया जायेगा. हालांकि इन 167 कर्मचारियों में 114 मुस्लिम धर्म के कर्मचारी भी शामिल है.
ठाकरे बंधुओं की सुलह पर 'ब्रेक'? CM फडणवीस से राज ठाकरे की भेंट ने बढ़ाई सियासी हलचल
13 Jun, 2025 05:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र में एक बार फिर सियासी पारा चढ़ गया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे के बीच मुलाकात हुई है. इस मुलाकात के बाद काफी सारे कयास लगाए जा रहे हैं. दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात मुंबई के बांद्रा इलाके में स्थित ताज लैंड होटल में हुई.
यह मुलाकात इसीलिए और भी ज्यादा महत्व रखती है क्योंकि यह आगामी नगर निगम चुनावों से पहले हुई है. हालांकि, जहां एक तरफ उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच गठबंधन की चर्चाएं तेज थी. वहीं, इसी बीच मनसे प्रमुख राज ठाकरे आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच बांद्रा के एक होटल में बैठक हुई. जिससे अब सियासी पारा बढ़ गया है.
किन बातों पर हुई चर्चा
बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्याय ने कहा कि दोनों नेता अच्छे दोस्त हैं और हो सकता है कि उन्होंने राज्य से संबंधित विकास के मुद्दों पर चर्चा के लिए मुलाकात की हो. महाराष्ट्र सरकार ने इस हफ्ते मुंबई सहित 29 नगर निगमों के लिए वार्ड परिसीमन के आदेश जारी करके स्थानीय निकाय चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू की है.
राज-उद्धव ठाकरे के बीच गठबंधन के कयास
जहां राज ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस के बीच बैठक हुई है. वहीं, इससे कुछ दिन पहले तक इस तरह की अटकलें लगाई जा रहीं थी कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक बार फिर साथ आ सकते हैं. लेकिन अब राज ठाकरे ने देवेंद्र फडणीस से मुलाकात की है. एक समय महाराष्ट्रट्र में ठाकरे परिवार का ‘अघोषित राज’ था. लेकिन अब महाराष्ट्रट्र की राजनीति में ठाकरे परिवार हाशिए पर आ गया है. जहां लग रहा था कि ठाकरे परिवार एक साथ आ जाएगा वहीं अब इन अटकलों पर विराम लगता दिखाई दे रहा है.
दोनों भाइयों के बीच हुई फडणवीस की एंट्री
शिवसेना में दो दल बन चुके हैं और उद्धव ठाकरे सत्ता से बाहर हैं. उधर, राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को पिछले कुछ चुनावों में हार का सामना करना पड़ा. ऐसे में कयास लग रहे थे कि दोनों ठाकरे बद्रर्स फिर साथ आ सकते हैं, इन संकेतों को लेकर मुंबई के गिरगांव इलाके में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के संभावित गठबंधन को लेकर पोस्टर लगाए गए थे. लेकिन अब देवेंद्र फडणवीस और राज ठाकरे की मुलाकात के क्या नतीजे सामने आएंगे यह देखना होगा. हालांकि, दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई यह सामने नहीं आया है.
चुनाव से पहले दोनों ठाकरे भाई के बीच संभावित सुलह की अटकलें लगाई जा रही हैं. राज ठाकरे ने कहा है कि “मराठी माणूस” (मराठी भाषी लोगों) के हित में एकजुट होना मुश्किल नहीं है, उधर उद्धव ठाकरे ने जोर देकर कहा है कि वो तुच्छ झगड़ों को दूर करने के लिए तैयार हैं.
राज ठाकरे ने साल 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को समर्थन दिया था, लेकिन उनकी पार्टी ने पिछले साल नवंबर में राज्य विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ा.
बाबा सिद्दीकी हत्याकांड का मास्टरमाइंड जीशान अख्तर कनाडा में गिरफ्तार, भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू
11 Jun, 2025 06:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के मास्टरमाइंड जीशान अख्तर उर्फ जस्सी पुरेवाल को कनाडा में सरे पुलिस (कनाडा पुलिस) ने हिरासत में लिया है. मुंबई पुलिस सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है. जीशान पंजाब के जालंधर का रहने वाला है और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ है और हत्या की साजिश में शामिल था.
जानकारी के मुताबिक, जीशान हत्या के बाद फरार हो गया था और कथित तौर पर पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी की मदद से कनाडा पहुंच गया. मुंबई पुलिस अब उसे प्रत्यर्पण कर भारत लाने की प्रक्रिया जल्द शुरू कर सकती है. हालांकि, सरेपुलिस (कनाडा पुलिस) ने जीशान अख्तर उर्फ जस्सी पुरेवल को किस आरोप में गिरफ्तार किया है इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है.
जीशान को माना जाता है मास्टरमाइंड
बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर साल 2024 में उनके बांद्रा का कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. जीशान अख्तर को बाबा सिद्दीकी की कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का मास्टरमाइंड माना जाता है. हालांकि, अब उसको कनाडा पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.
बांद्रा (वेस्ट) से तीन बार विधायक और महाराष्ट्र के पूर्व कैबिनेट मंत्री सिद्दीकी को हमलावरों ने कई बार गोली मारी. गोली मारने के बाद वो फरार हो गए. सिद्दीकी को फौरन लीलावती अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों की टीम ने बहुत कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. इस केस की गुत्थी सुलझाने और आरोपियों को पकड़ने में महाराष्ट्र पुलिस जुटी हुई है.
हाई-प्रोफाइल हत्या मामले में प्रारंभिक गिरफ्तारियों से लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के कनेक्शन का पता चला था. आरोपियों ने पूछताछ के दौरान दावा किया कि वो लगभग एक महीने से रेकी कर रहे थे.
26 लोगों को किया गया गिरफ्तार
इस मर्डर केस में अब तक कम से कम 26 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें कथित मुख्य शूटर शिव कुमार गौतम और जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भाई अनमोल बिश्नोई शामिल हैं, जिन्हें साजिश में उनकी कथित भूमिका के लिए अमेरिका में हिरासत में लिया गया था.
सभी 26 आरोपियों के खिलाफ सख्त महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लगाया गया है. पुलिस ने पहले कहा था कि हत्या पहले से प्लान की गई थी और शूटरों को पहले ही इसके लिए भुगतान किया गया था, घटना से कुछ दिन पहले हथियारों की आपूर्ति की गई थी. इस हालिया घटनाक्रम तक जीशान अख्तर समेत दो संदिग्ध फरार थे. पुलिस का मानना है कि अख्तर ने हत्या को अंजाम देने में कॉर्डिनेशन में केंद्रीय भूमिका निभाई.
NCP में एकता की अटकलें धरी रह गईं? स्थापना दिवस पर चाचा-भतीजे ने अलग-अलग दिखाया दम
10 Jun, 2025 06:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी 10 जून को अपना स्थापना दिवस मना रही है. एनसीपी साल 2023 में दो पार्टियों में विभाजित हो गई थी. एक शरद पवार की एनसीपी और एक अजित पवार की एनसीपी. इसी के चलते आज स्थापना दिवस पर भी चाचा- भतीजे अलग-अलग शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं. इस अवसर पर एनसीपी-एससीपी अध्यक्ष शरद पवार ने पुणे में पार्टी मुख्यालय में पार्टी का झंडा फहराया.
पुणे में अजित पवार की और शरद पवार की एनसीपी का अलग-अलग कार्यक्रम हो रहा है. हालांकि, दोनों कार्यक्रम महज 10 किलोमीटर के फासले पर है. जहां एक तरफ स्थापना दिवस के मौके पर शरद पवार झंडा फहरा रहे हैं. वहीं, दूसरी तरफ अजित पवार झंडा फहराएंगे.
चाचा-भतीजे कर रहे शक्ति प्रदर्शन
उप मुख्यमंत्री अजित पवार गुट का शक्ति प्रदर्शन आज शिवाजी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में हो रहा है, जहां 50 हजार से ज्यादा भीड़ जुटने की संभावना जताई जा रही है, वहीं, दूसरी तरफ शरद पवार की एनसीपी स्थापना दिवस कार्यक्रम शिवाजी नगर में मना रही है. दोनों कार्यक्रम 10 किलोमीटर की दूरी पर ही हो रहे हैं.
कब हुई थी पार्टी की स्थापना
आज से करीब 26 साल पहले 10 जून 1999 को शरद पवार ने कांग्रेस से अलग हो कर एनसीपी की स्थापना की थी. पार्टी में भतीजे अजित पवार ने भी अहम रोल निभाया. लेकिन 2023 वो साल बना जब दोनों के बीच तकरार के चलते चाचा और भतीजे अलग हो गए. दोनों ने अपने रास्ते अलग कर लिए और पार्टी के दो टुकड़े हो गए.
एनसीपी (एसपी) ने क्या कहा?
एनसीपी (एसपी) के प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत जगताप ने कहा मंगलवार को सुबह 10.10 बजे शिवाजीनगर में पार्टी कार्यालय में पवार और राज्य इकाई के पदाधिकारियों की मौजूदगी में ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद बालगंधर्व रंगमंदिर में एक सभा होगी. उन्होंने आगे कहा, 26 वर्षों में यह पहली बार है कि नगर इकाई स्थापना दिवस सभा की मेजबानी करेगी. उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम आगामी निकाय चुनावों के चलते आयोजित किया जा रहा है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा.
अजित गुट ने क्या कहा?
अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, स्थापना दिवस कार्यक्रम में नेता पार्टी के अब तक के प्रदर्शन पर चर्चा करेंगे और आगामी निकाय चुनाव की रणनीति तय करेंगे. दरअसल, हाल ही में शरद पवार और उनके भतीजे ने पवार और भतीजे ने वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट (वीएसआई) में एक मंच शेयर किया था.
पार्टी के स्थापना दिवस से एक दिन पहले, एनसीपी संस्थापक शरद पवार और अजित पवार ने सोमवार को वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट (वीएसआई) में चीनी कारखानों और गन्ने की खेती में एआई के इस्तेमाल से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मंच शेयर किया था.
महाराष्ट्रः विरार स्टेशन पर बुलेट ट्रेन का काम तेज, स्लैब कास्टिंग शुरू
10 Jun, 2025 06:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देश की पहली बुलेट ट्रेन से जुड़े मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का काम तेजी से चल रहा है. महाराष्ट्र के विरार बुलेट ट्रेन स्टेशन पर स्लैब कास्टिंग का काम भी शुरू हो गया है. यहां पर ट्रैक बिछाने के लिए 9 स्लैब में से पहला स्लैब भी लगा दिया गया है. इस रूट के लिए विरार महाराष्ट्र में पड़ने वाले 4 स्टेशनों में से एक स्टेशन है.
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट विरार बुलेट ट्रेन स्टेशन पर पहले स्लैब की कास्टिंग का काम पूरा हो गया है. यहां पर कुल 9 स्लैब बनाए जाएंगे, जो स्टेशन पर ट्रैक बिछाने के लिए नींव का काम करेंगे. रेलवे ने इस स्लैब कास्टिंग को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी और बताया कि पहाड़ी पर स्थित इस स्टेशन का डिजाइन पहाड़ी हवाओं के अनुरूप किया गया है.
2 लेवल पर तैयार हो रहा विरार स्टेशन
बुलेट ट्रेन के लिहाज से विरार बुलेट ट्रेन स्टेशन को 2 लेवल के लिहाज से तैयार किया जाएगा. एक कॉनकोर्स लेवल तो दूसरा रेल लेवल के लिए डिजाइन किया गया है, जिसकी कुल लंबाई 425 मीटर है.
स्टेशन पर पहले स्लैब की लंबाई 50 मीटर और चौड़ाई 35.32 मीटर है, जिसकी मोटाई करीब 300 मिमी है. इस स्लैब के लिए 1,555 क्यूबिक मीटर कंक्रीट की जरूरत थी.
रेल कॉरिडोर में कुल बनेंगे 12 स्टेशन
हाल ही में, इस प्रोजेक्ट की पहली शिंकानसेन बुलेट ट्रेन (Shinkansen bullet train) जापान में ट्रायल फेस में प्रवेश कर गई है. भारत-जापान के आपसी सहयोग की मदद से जापान दो शिंकानसेन ट्रेन सेट देगा- एक E5 सीरीज से और एक E3 सीरीज से. इसे शुरुआती निरीक्षण और प्रदर्शन टेस्टिंग के लिए यूज किया जाएगा.
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट एक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर है जिस पर काम तेजी से चल रहा है. बुलेट ट्रेन मुंबई और अहमदाबाद के बीच 508 किलोमीटर की दूरी तय करेगी. बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी), ठाणे, विरार और बोईसर सहित 4 स्टेशन महाराष्ट्र की सीमा के तहत आएंगे. इस रेल कॉरिडोर पर कुल 12 स्टेशन पड़ेंगे जिसमें 8 स्टेशन गुजरात में पड़ेंगे. 500 से अधि किलोमीटर वाले इस रूट पर 26.5 किलोमीटर की दूरी वसई तालुका के 21 गांवों और वसई विरार म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (Vasai Virar Municipal Corporation, VVMC) के अधिकार क्षेत्र में आने वाले 14 गांवों से होकर गुजरेगी.
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