महाराष्ट्र
महाराष्ट्र चुनाव फिक्सिंग आरोप पर फडणवीस का पलटवार, राहुल को दिया लेख से जवाब
9 Jun, 2025 07:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बीते दिन महाराष्ट्र चुनाव में धांधली का आरोप लगाया था. इसके साथ उन्होंने ये भी कहा था ऐसा ही कुछ बिहार में हो सकता है. राहुल के इन आरोपों के बाद से ही सियासत तेज हो गई है और उन पर चारों तरफ से सियासी हमले शुरू हो गए हैं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार भी लेख के जरिए ही किया है. उन्होंने राहुल के आरोपों को जनता के जनादेश का अपमान करार दिया हैं.
राहुल गांधी के लेख को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कल ही पुणे में कहा था कि-लेख का जवाब लेख से ही मिलेगा. इसके बाद आज सीएम ने मराठी अखबार लेख के जरिए राहुल के आरोपों का खंडन किया और सीधा हमला बोला है.
राहुल कर रहे लोकतंत्र का अपमान
राहुल गांधी ने महाराष्ट्र चुनाव में ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे. फडणवीस ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा इन आरोपों को खारिज किए जाने का हवाला देकर इसे निराधार बताया है. देवेंद्र फडणवीस का कहना है कि जिन लोगों को जनता ने नकारा है, वे जनता के फैसले को चुनौती दे रहे हैं, जो लोकतंत्र का अपमान है.
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव के आखिरी घंटे में 74 लाख वोट पड़े थे, जो संदेहास्पद है. इस पर फडणवीस ने कहा कि यह मतदान की अंतिम समय की भीड़ के कारण हुआ और यह सामान्य प्रक्रिया है. सीएम फडणवीस ने कहा कि चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से काम करता है. चुनावी प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है.
चुनौती देने के बजाय आत्ममंथन कांग्रेस- फडणवीस
देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे हार को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और हार का दोष प्रणाली पर मढ़ रहे हैं. उन्होंने दोहराया कि लोकतंत्र में हार और जीत का निर्णय जनता करती है, जिसे सभी दलों को स्वीकार करना चाहिए.
फडणवीस ने यह भी कहा कि बीजेपी सरकार ने विकास और पारदर्शिता के लिए काम किया है, और जनता ने उसी को वोट दिया है. फडणवीस का तर्क है कि बीजेपी की जीत यह दिखाती है कि जनता ने उन्हें जनादेश दिया है, इसलिए विपक्ष को इसे चुनौती देने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए.
राहुल हार से खिसिया रहे- सीएम
सीएम देवेंद्र ने राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि वे एक पराजित दल के नेता हैं जो हार पचाने में असमर्थ हैं. उनके लेख को “खिसियाहट” से प्रेरित बताया गया है. यह भी कहा गया है कि चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाना लोकतंत्र की नींव को कमजोर करता है. अगर हार को लेकर हर बार इस तरह सवाल उठाए जाएंगे तो लोकतंत्र पर से जनता का भरोसा उठ जाएगा.
राहुल गांधी के लेख को भ्रामक करार देते हुए, लेख में कहा गया है कि विपक्ष सोशल मीडिया और लेखों के माध्यम से झूठ फैलाने की कोशिश कर रहा है.
2019 चुनाव के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट का हवाला
देवेंद्र फडणवीस ने यह बताया गया है कि 2019 महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों को लेकर जो भी याचिकाएं दायर की गई थीं, उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था, जो इस बात का प्रमाण है कि चुनाव निष्पक्ष हुए.
यह स्पष्ट किया गया कि मतदान के अंतिम घंटे में भारी संख्या में वोटिंग होना कोई असामान्य बात नहीं है और तकनीकी रूप से यह मुमकिन है. ईवीएम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना केवल भ्रम फैलाना है.
गेट पर लटकना पड़ा भारी: मुंबई लोकल से गिरकर 6 लोगों की मौत, सुरक्षा पर उठे सवाल
9 Jun, 2025 06:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के ठाणे में लोकल ट्रेन में बड़ा हादसा हुआ है. मुंबई की धड़कन कही जाने वाली लोकल ट्रेन से गिरकर छह यात्रियों की मौत हो गई है. वहीं एक की हालत नाजुक बताई जा रही है. ये हादसा आज सुबह नौ बजे दीवा और मुंब्रा स्टेशन के बीच हुआ. बताया जा रहा है कि ट्रेन में क्षमता से ज्यादा भीड़ थी, इसलिए ये हादसा हुआ. ट्रेन खचाचच भरी थी. ट्रेन में पैर रखने की जगह नहीं थी.
यात्री दरवाजे पर लटककर सफर कर रहे थे. इसी दौरान यह हादसा हुआ. फिलहाल रेलवे प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची है. सेंट्रल रेलवे ने हादसे के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सीएसएमटी की ओर यात्रा कर रहे कुछ यात्री ठाणे के मुंब्रा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से गिर गए. हादसे का कारण ट्रेन में अत्यधिक भीड़ माना जा रहा है. रेलवे प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंच गई है.
सीपीआरओ स्वप्निल ने क्या बताया
सेंट्रल रेलवे ने बताया कि हादसे की जांच शुरू हो गई है. घटना से स्थानीय सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं. वहीं सेंट्रल रेलवे के सीपीआरओ स्वप्निल धनराज नीला ने कहा, “कसारा जाने वाली लोकल ट्रेन के गार्ड द्वारा दी गई पहली सूचना यह थी कि डाउन-थ्रू ट्रैक पर छह यात्री पड़े हैं, लेकिन जब एम्बुलेंस मौके पर पहुंची, तो हमें पता चला कि आठ यात्री थे.”
पुष्पक एक्सप्रेस से भी यात्रियों के गिरने की खबर
इस हादसे से मुंबई में लोकल ट्रेन की सेवाओं पर भी असर पड़ा है. बताया जा रहा है कि कसारा जा रही लोकल और पुष्पक एक्सप्रेस वहां से गुजर रही थी. इस एक्सप्रेस से कुछ और यात्री भी गिर गए हैं. ऐसा कहा जा रहा है. वहीं इस हादसे को लेकर शिवसेना शिंदे गुट के सांसद नरेश म्हास्के ने कहा कि यह पता लगाने के लिए जांच चल रही है कि यह घटना कैसे हुई और इसका कारण क्या था. यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. सरकार हमेशा ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की कोशिश करती है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सरकार की है.
बीजेपी एमएलए संजय केलकर ने क्या कहा
वहीं इस हादसे को लेकर बीजेपी विधायक संजय केलकर ने कहा, “यह घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है. यह जांच जरूरी है कि आखिर ये यात्री कैसे गिरे. क्या ट्रेन के डिब्बे में ज्यादा भीड़ थी. फिलहाल यात्रियों को सुरक्षा, सुविधा और सेवाएं देने का काम प्रशासन और रेल मंत्रालय पूरी ताकत से कर रहा है. अगर कोई प्रशासनिक त्रुटि है, तो उसे सुधारा जाना चाहिए और उचित कार्रवाई की जानी चाहिए.”
मनसे और बीजेपी ने मांग की है कि मुंबई लोकल ट्रेन एक्सिडेंट की इन्क्वॉयरी होनी चाहिए. वहीं हादसे में यात्रियों की मृत्यु के बाद रेलवे ने दो बड़े फैसले लिए हैं. अब अब ऑटोमैटिक दरवाजे वाली लोकल ट्रेन चलाई जाएगी. और पुरानी लोकल ट्रेन में भी ऑटोमैटिक दरवाजे लगाए जाएंगे.
महाराष्ट्र चुनाव पर राहुल गांधी के आरोपों को चुनाव आयोग ने किया खारिज
7 Jun, 2025 05:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों पर चुनाव आयोग ने एक बार फिर जवाब दिया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी द्वारा हाल में उठाए गए सवालों के बाद चुनाव आयोग ने अपनी पहले दी गई प्रतिक्रिया को दोहराते हुए स्पष्ट किया कि चुनाव पूरी पारदर्शिता और नियमों के तहत संपन्न हुआ था. राहुल गांधी ने महाराष्ट्र चुनाव को लेकर मैच फिक्सिंग का आरोप लगाया था.
चुनाव आयोग ने तथ्यों के आधार पर कांग्रेस के आरोपों का खंडन किया और कहा कि मतदाता सूची, मतदान प्रक्रिया और गिनती सभी जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के अनुरूप संपन्न हुई. आयोग ने जोर देकर कहा कि वोटिंग प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता की बात तथ्यात्मक रूप से गलत है.
राहुल गांधी के सवालों पर आयोग ने दिया जवाब
कांग्रेस की ओर से दावा किया गया था कि अंतिम दो घंटों में असामान्य रूप से बड़ी संख्या में वोट पड़े. इस पर चुनाव आयोग ने आंकड़ों के आधार पर स्थिति स्पष्ट की. आयोग के अनुसार, सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक 6,40,87,588 मतदाताओं ने मतदान किया. इस औसत के हिसाब से हर घंटे लगभग 58 लाख मत पड़े. अंतिम दो घंटों में लगभग 116 लाख मतदाताओं के मतदान की संभावना बनती है, जबकि कांग्रेस द्वारा उठाया गया 65 लाख वोट का आंकड़ा औसत के मुकाबले कम ही है. ऐसे में इसे असामान्य बताना तथ्यात्मक रूप से गलत है.
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि हर मतदान केंद्र पर उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त एजेंटों की मौजूदगी में ही मतदान हुआ. कांग्रेस या उनके अधिकृत एजेंटों ने मतदान प्रक्रिया के दौरान या अगले दिन रिटर्निंग ऑफिसर (RO) और चुनाव पर्यवेक्षकों के समक्ष किसी भी तरह की अनियमितता को लेकर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई.
वोटर लिस्ट की पारदर्शिता पर दी सफाई
वोटर लिस्ट को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए थे, जिस पर आयोग ने बताया कि भारत में सभी वोटर लिस्ट जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के तहत तैयार होती है. महाराष्ट्र की फाइनल वोटर लिस्ट, जिसमें 9,77,90,752 मतदाता शामिल थे, सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई गई थी. इस सूची के संबंध में केवल 89 अपीलें जिलाधिकारी (DM) के पास और एक अपील राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के पास दर्ज की गई थी.
कुर्ला टर्मिनस के बाद ट्रेन में लुटेरा, डॉक्टर देशमुख की पत्नी का हैंडबैग छीना
6 Jun, 2025 04:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई में एक डॉक्टर के लिए ट्रेन का सफर एक भयावह सफर बन गया। 50 साल के डॉक्टर योगेश देशमुख और उनकी पत्नी दिपाली देशमुख अपने 9 साल की बेटी के साथ लोकमान्य तिलक टर्मिनस (कुर्ला)- नांदेड़ एक्सप्रेस में सफर कर रहे थे। इस दौरान लूटपाट की एक घटना हुई।
एनडीटीवी के अनुसार, यह हादसा कंजुमर्ग और भांडुप के बीच हुई। ट्रेन के कुर्ला टर्मिनस से रवाना होने के 15 मिनट बाद ही एक लुटेरे ने दिपाली देशमुख का हैंडबैग छीनने की कोशिश की। उन्होंने इसका विरोध किया। जब उन्होंने अपना हैंडबैग पकड़ा, तो लुटेरा उन्हें घसीटते हुए कोच के गेट तक ले गया।
डॉक्टर योगेश का कट गया हाथ
इसके बाद ऊपर की बर्थ पर सो रहे उनके पति ने दौड़कर उन्हें बचाया। उन्हें बचाने की कोशिश में दोनों ही पटरी पर गिर गए। दिपाली को कुछ चोटें आईं, जबकि उनके पति का हाथ ट्रेन के नीचे कुचल गया। उस समय तक ट्रेन धीमी हो चुकी थी और लुटेरा हैंडबैग लेकर कूद चुका था। घटना के दौरान कोई भी रेलवे सुरक्षा कर्मी मौजूद नहीं था।
अज्ञात लुटेरों के खिलाफ मामला दर्ज
देशमुख ने पुलिस को बताया कि उन्होंने और उनके पति ने पुलिस हेल्पलाइन से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें अपने स्थान के बारे में पता नहीं था। एक टेम्पो चालक ने उन्हें मदद मांगते हुए देखा और उन्हें एक निजी अस्पताल ले गया। दंपती की नाबालिग बेटी को कल्याण में सुरक्षित रूप से उतार लिया गया और अधिकारियों को घटना के बारे में सूचित किया गया।
रेलवे पुलिस ने अज्ञात लुटेरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और संदिग्ध की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
गठबंधन की पहल का समय, आदित्य-राज ठाकरे की मुलाकात पर जोर
5 Jun, 2025 01:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
संभाजीनगर: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के सीनियर नेता प्रकाश महाजन ने उद्धव ठाकरे की शिवसेना के साथ गठबंधन से पहले एक शर्त रखी है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता प्रकाश महाजन ने कहा है कि अगर शिवसेना (यूबीटी) दोनों दलों के गठबंधन को लेकर गंभीर है, तो उसके नेता आदित्य ठाकरे को आगे आकर राज ठाकरे से मिलना चाहिए।
प्रकाश महाजन ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता वाली शिवसेना (यूबीटी) में किसी सीनियर नेता को संभावित गठबंधन पर चर्चा के लिए मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के पास जाना चाहिए।
'अगर आदित्य ठाकरे बातचीत के लिए जाते तो...'
प्रकाश महाजन ने कहा कि अगर किसी जूनियर नेता को बातचीत के लिए भेजा जाता है, तो राज ठाकरे भी किसी जूनियर पदाधिकारी को भेजेंगे। प्रकाश महाजन ने आगे कहा, 'अगर वाकई गठबंधन होना है, तो आदित्य ठाकरे को आगे आकर राज साहब के विचारों को समझना चाहिए। अगर आदित्य ठाकरे बातचीत के लिए जाते हैं, तो दोनों पक्ष गंभीरता को समझेंगे।
क्या बोले मनसे नेता?
पूर्व राज्य मंत्री आदित्य ठाकरे शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के बेटे हैं। वहीं आदित्य ठाकरे का कहना है कि अगर कोई महाराष्ट्र के हितों की रक्षा के लिए साथ आना चाहता है, तो 'हम उन्हें भी साथ लेकर चलेंगे।' प्रकाश महाजन ने कहा कि राजनीतिक रूप से अलग-थलग पड़े ठाकरे भाइयों के साथ आने के इस कोशिश में कोई बुराई नहीं है।
उन्होंने कहा, 'हमने (मनसे) 2014 और 2017 में भी यह प्रयोग किया था। अगर वे गंभीर हैं, तो आगे आने में कोई समस्या नहीं है।'
'लड़ाई छोड़कर बढ़ेंगे आगे'
चचेरे भाई उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बयानों से राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं, जिसमें कहा गया है कि वे 'मामूली मुद्दों' को नजरअंदाज कर सकते हैं और लगभग 20 साल के कड़वे अलगाव के बाद हाथ मिला सकते हैं।
मनसे प्रमुख ने कहा है कि मराठी मानुष (मराठी भाषी लोगों) के हितों के लिए एकजुट होना मुश्किल नहीं है, वहीं उद्धव ठाकरे ने कहा कि वह छोटी-मोटी लड़ाइयां छोड़कर आगे बढ़ने को तैयार हैं, बशर्ते महाराष्ट्र के हितों के खिलाफ काम करने वालों को तरजीह न दी जाए।
राज ठाकरे की मांग: स्कूलों में हिंदी वैकल्पिक हो, मराठी-अंग्रेजी अनिवार्य
5 Jun, 2025 01:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र में पिछले कुछ महीनों से स्कूली शिक्षा में हिंदी की अनिवार्यता को लेकर काफी असमंजस बना हुआ है. इसी बीच बुधवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने राज्य शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे से एक लिखित आदेश जारी करने की अपील की. जिसमें उन्होंने कहा कि पहली कक्षा से केवल दो भाषाएं मराठी और अंग्रेजी भाषा अनिर्वाय हो जबकि हिंदी भाषा को वैकल्पिक भाषा के रूप में रखा जाए.
दरअसल, महाराष्ट्र सरकार ने अप्रैल महीने में सभी मराठी और अंग्रेजी मीडियम स्कूलों में कक्षा 1 से 5वीं तक के स्टूडेंट्स के लिए तीसरी भाषा के रूप में हिंदी पढ़ना अनिवार्य किया था. इस निर्णय का MNS समेत कई पर्टियों ने विरोध किया था. विरोध करने के बाद सरकार ने इस फैसले पर रोक लगा दी थी.
‘अगर ऐसा नहीं हुआ तो पार्टी करेगी आंदोलन’
MNS प्रमुख ने कहा कि मुझे सूचना मिली है कि हिंदी समेत तीनों भाषाओं में पाठ्यपुस्तकों की छपाई शुरू हो गई है. उन्होंने कहा कि अगर हिंदी भाषा में पुस्तकों की छपाई शुरू हो चुकी है, तो मुझे नहीं लगता कि सरकार अपने फैसले पर विचार कर रही है. उन्होंने महाराष्ट्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ और हिंदी की अनिवार्यता को लेकर फिर से पुनर्विचार किया, तो पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन करेगी और इसकी जिम्मेदार सरकार होगी.
हिंदी भाषा थोपने से किया इंकार
ठाकरे ने कहा कि कई राज्यों ने हिंदी भाषा को अपनाने से इंकार कर दिया. क्योकि उनकी स्थानीय भाषा ही उनकी पहचान है. उन्होंने राज्य शिक्षा मंत्री भूसे से कहा कि आप तो जन्म से मराठी हैं. आप अन्य नेताओं की तरह कब काम करेंगे?, जो हिंदी भाषा का विरोध करते हैं और अपनी स्थानीय भाषा की रक्षा करते हैं. इसके आगे उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि राज्य सरकार अन्य राज्यों की तरह ही अपनी स्थानीय भाषा के लिए एक मजबूत भावना दिखाए.
हिंदी की अनिवार्यता का किया विरोध
दरअसल, शुरुआत में यह घोषणा की गई थी कि कक्षा 1 से 5वीं तक के बच्चों को तीन भाषाएं पढ़ाई जाएगी, जिसमें हिंदी तीसरी अनिवार्य भाषा होगी. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने इसके खिलाफ आवाज उठाई थी और कई लोगों ने उनका समर्थन किया था. जिसके बाद सरकार ने अपने आदेश को वापस ले लिया. इसको लेकर राज ठाकरे ने कहा कि सरकार को मजबूरन अपना फैसला वापस लेना पड़ा क्योंकि यह जनभावना इतनी तीव्र थी कि सरकार के आगे कोई विकल्प नहीं था.
करोड़ों का मालिक मुंबई में बना चोर! लड़कियों के कपड़े पहन करता था वारदात
4 Jun, 2025 08:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बात एक ऐसे चोर की है, जो करोड़ों का मालिक है. इस चोर के पास मुंबई जैसे शहर में फ्लैट, बिहार में अच्छा-खासा मकान और खेती की जमीन के अलावा काफी बैंक बैलेंस भी है, लेकिन ये दौलतमंद चोर चोरी की अपनी आदत से मजबूर था. ये चोर वारदात को अंजाम देने के लिए ऐसे हथकंडे अपनाता था कि लोगों को किसी तरह का शक न हो. वो पुलिस को चकमा देने के लिए महिलाओं के कपड़े पहनकर चोरी करने जाता था.
मुंबई के मालाड पुलिस ने एक ऐसे शातिर सहजादे चोर को गिरफ्तार किया है, जो पुलिस से बचने के लिए महिला का भेष बनाकर और CCTV कैमरे से बचने के लिए रेलवे ट्रैक का इस्तेमाल करता था. मालाड पुलिस ने सहजादे चोर के पास से सोना पिघलाने वाली मशीन, सोने-चांदी के 36 तोले गहने, महिलाओं के कपड़े सहित कैश जब्त किया है. पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ कि आरोपी चोर कई बंगले और फ्लैट का मालिक है. काफी लंबे समय से वह ऐसे चोरी को अंजाम देता था, लेकिन अब तक पकड़ा में नहीं आया. हालांकि उसने अब तक ऐसे दर्जनों चोरी की वारदात को अंजाम दिया है. मालाड पुलिस ने कड़ी मेहनत के बाद शहजादे चोर को गिरफ्तार कर लिया है.
बिहार का रहने वाला है, 57 लाख की प्रॉपर्टी जब्त
मालाड डिवीजन के ACP हेमंत सावंत के अनुसार, शातिर आरोपी रंजीत कुमार उपेंद्र उर्फ मुन्ना (44) बबुआगंज बिहार का रहने वाला है. मालाड मालवाणी इलाके से उसकी गिरफ्तारी हुई है. आरोपी पुलिस से बचने के लिए कभी महिला का ड्रेस पहनकर चोरी करता था तो कभी भिखारी के रूप मे रेलवे ट्रैक से चलकर चोरी करने जाता था. मालाड पुलिस के सीनियर अधिकारी विजय पंहाले के अनुसार, आरोपी के पास से करीब 57 लाख की प्रॉपर्टी जब्त की गई है, जिसमें 16 लाख कैश बैंक मे फ्रीज किया है और 41 लाख के गहने और सामान जब्त किया गया है. अब तक इस शातिर चोर के खिलाफ 8 मामले सामने आए हैं, जबकि पहले इसकी कहीं भी गिरफ्तारी नहीं हुई है.
कैसे पुलिस की पकड़ में आया ये शातिर चोर?
मालाड पुलिस स्टेशन के जांच अधिकारी तुषार सुखदेवे, संतोष सातवासे अमित गावंड, अविनाश जाधव हवलदार महेश डोईफोड़े की टीम ने रेलवे ट्रैक सहित अन्य लोकेशन के करीब 150 से ज्यादा CCTV कैमरे की जांच-पड़ताल के बाद यह खुलासा किया. पुलिस को ऐसे और कई संगीन खुलासे का अंदेशा है, क्योंकि आरोपी करीब 10 साल से ऐसे अनगिनत वारदात को अंजाम देते हुए बड़े चालाकी से बचता हुआ करोडों के फ्लैट, जमीन और बंगले का मालिक बना है.
CCTV तस्वीरों में जो शख्स चुपके-चुपके और बहुत चौकन्ना होकर आगे बढ़ता दिख रहा है, उसे देखकर किसी को भी ये भ्रम हो सकता था कि वो कोई महिला ही है, लेकिन सच्चाई कुछ और ही निकली. महिला का भेष बनाकर चोरी करने वाले इस शख्स को जब गिरफ्तार किया गया तो इस शातिर चोर के बारे में ऐसे खुलासे हुए कि उसे जानकर मुंबई पुलिस भी हैरान रह गई.
रात में महिलाओं के भेष में करता था चोरी
दरअसल, ये शख्स कोई साधारण चोर नहीं है. ये एक दौलतमंद चोर है, जिसके पास फ्लैट, मकान से लेकर खेती की जमीनें भी हैं और बैंक में जमा लाखों रुपये भी, लेकिन ये मुंबई में चोरी के वारदात को अंजाम दिया करता था. दिन में रेकी करता था और रात में महिला के भेष में चोरी. पुलिस से बचने के लिए ये चोर महिलाओं के कपड़े पहनकर जाता था और CCTV कैमरों से बचने के लिए रेलवे ट्रैक के रास्ते से जाता था. वारदात के समय ये चोर अपने चेहरे को दुपट्टे से ढंक लेता था, ताकि CCTV में उसका चेहरा न दिख सके.
महाराष्ट्र कैबिनेट मीटिंग में कई बड़े फैसले: नया आयोग और 200 बिस्तरों वाला अस्पताल बनाने को मिली हरी झंडी
4 Jun, 2025 08:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र में आज हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं. इस बैठक में देवेंद्र फडणवीस की सरकार ने राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग की स्थापना का बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है. साथ ही धारावी पुनर्विकास परियोजना को लेकर भूमि हस्तांतरण के नियमों और शर्तों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं. इसके अलावा महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग की स्थापना करने का निर्णय लिया गया. इस आयोग के लिए पदों और परिसरों के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है.
रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक में इस आयोग की स्थापना के लिए किए जाने वाले सहायक खर्चों को भी मंजूरी देने का निर्णय लिया गया. हालांकि राज्य सरकार ने अनुसूचित जनजाति आयोग की स्थापना करने का निर्णय लिया है, लेकिन महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाति आयोग भी स्वतंत्र रूप से काम करना जारी रखेगा. इसे लेकर सरकार ने स्थिति भी साफ कर दी है.
धारावी पुनर्विकास परियोजना को लेकर बड़ा फैसला
मंत्रिमंडल की बैठक में धारावी पुनर्विकास परियोजना के लिए डेयरी विकास विभाग की कुर्ला में 8.5 हेक्टेयर भूमि के हस्तांतरण के लिए समझौते की शर्तों में संशोधन को मंजूरी दे दी गई है. राजस्व विभाग के तहत यह निर्णय लिया गया है. महाराष्ट्र की सरकार धारावी पुनर्विकास परियोजना को लेकर हर तरह से तत्पर नजर आ रही है.
दो सौ बिस्तरों वाला बीमा कर्मचारियों का अस्पताल
बैठक में राज्य कर्मचारी बीमा महामंडल के दो सौ बिस्तरों वाले बीमा कर्मचारी अस्पताल के निर्माण के लिए छत्रपति संभाजी नगर जिले के मौजे करोडी में छह हेक्टेयर बंजर भूमि उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया. इसके अलावा बिबवेवाड़ी-पुणे, अहिल्या नगर, सांगली, अमरावती, बल्लारपुर- चंद्रपुर, सिन्नर- नासिक, बारामती, सातारा और पनवेल में अस्पतालों के लिए भूमि उपलब्ध कराने को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है. ये फैसले भी राजस्व विभाग के अंतर्गत लिए गए हैं.
एमएसआरडीसी को क्षति के लिए मुआवजा मिलेगा
महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम को टोल रियायतों के लिए मुआवजा मिलेगा. सरकार ने मुंबई प्रवेश द्वार पर पांच टोल स्टेशनों पर रियायतें प्रदान करने के लिए निगम को मुआवजा देने का फैसला किया है. सरकार ने हाल ही में मुंबई में प्रवेश के दौरान पड़ने वाले पांच टोल प्लाजों पर आम जनता की राहत देने का फैसला किया था.
मुंबई-नागपुर अब 8 घंटे में! CM फडणवीस 5 जून को करेंगे समृद्धि महामार्ग के आखिरी हिस्से का लोकार्पण
3 Jun, 2025 04:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के महत्वाकांक्षी समृद्धी महामार्ग का अंतिम 76 किलोमीटर का हिस्सा 5 जून (गुरुवार) 2025 से आम लोगों के लिए खुल जाएगा. सूबे के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस हिस्से का उद्घाटन करेंगे. इसके साथ ही 701 किलोमीटर लंबे मुंबई-नागपुर सुपर कम्युनिकेशन एक्सप्रेसवे का सफर लोगों के लिए आसान हो जाएगा. इस बात की जानकारी महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) के सूत्रों ने दी.
इस एक्सप्रेस-वे के आखिरी चरण के खुलने से अब वाहन चालकों को मुंबई से नागपुर जाने में काफी सहूलियत होगी. यह खंड ₹1,182 करोड़ की अनुमानित लागत से तैयार किया गया है, जिसकी वित्तीय साझेदारी MSRDC और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा की गई है. इस हिस्से में तीन इंटरचेंज बनाए गए हैं. इगतपुरी, शाहापुर के कुतघर में और ठाणे के अमाणे में इंटरचेंज बनाए गए हैं. MSRDC के मुताबिक इस खंड में 7.8 किलोमीटर लंबी सुरंग भी शामिल है, जो देश की सबसे लंबी सुरंग है. महाराष्ट्र का ये अब तक का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है.
90 मिनट से घटकर 40 मिनट का होगा सफर
फिलहाल पुराने मुंबई-नासिक राजमार्ग से वाहन चालकों को कसारा घाट से होते हुए पश्चिमी घाट की 450 मीटर ऊंचाई तक चढ़ना पड़ता है. समृद्धि महामार्ग के इस नए खंड से ऊंचाई केवल 160 मीटर तक सीमित रह जाएगी और इगतपुरी से अमाणे की यात्रा का समय 90 मिनट से घटकर मात्र 40 मिनट रह जाएगा, जिससे वाहन चालकों का काफी समय बचेगा और उन्हें आसानी भी होगी.
55,000 करोड़ की लागत से तैयार
इस खंड के चालू होते ही 701 किलोमीटर लंबा नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग पूरी तरह से चालू हो जाएगा, जिससे नागपुर से मुंबई की यात्रा का समय 16 घंटे से घटकर केवल 8 घंटे रह जाएगा. 55,000 करोड़ की लागत से निर्मित यह एक्सप्रेस-वे 150 किमी प्रति घंटा की गति के लिए डिजाइन किया गया है और इसमें 33 प्रमुख पुल, 274 लघु पुल, 65 फ्लाईओवर और 6 सुरंगें शामिल हैं, जिनमें से सबसे लंबी सुरंग कसारा घाट में है. यह महामार्ग 10 जिलों और 390 गांवों से होकर गुजरता है.
समृद्धि महामार्ग का पहली चरण नागपुर से शिरडी तक था, जिसका उद्घाटन दिसंबर 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. दूसरे चरण शिर्डी से भरविर (नासिक) था, जिसका उद्घाटन मई 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने किया, जबकि तीसरे चरण भरविर से इगतपुर का उद्घाटन मार्च 2024 में तत्कालीन MSRDC मंत्री दादा भुसे ने किया था.
इस एक्सप्रेस-वे को आधिकारिक रूप से हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग नाम दिया गया है. यह परियोजना मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की परिकल्पना थी, जिसे प्रारंभिक वर्षों में भूमि अधिग्रहण का विरोध झेलना पड़ा था. खास बात ये है कि यह मार्ग 10 जिलों और 390 गांवों से होकर गुजरता है. उम्मीद है कि इसके जरिए महाराष्ट्र में व्यापार, परिवहन और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी.
थाईलैंड से आया 'सांपों का पिटारा'! मुंबई एयरपोर्ट पर 47 जहरीले सांपों के साथ यात्री गिरफ्तार
3 Jun, 2025 04:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
म अक्सर ये देखते सुनते हैं कि एयरपोर्ट पर यात्रियों की जांच के दौरान उनसे सोने और दूसरे महंगी चीजें बरामद होती हैं, लेकिन देश की आर्थिक राजधानी में मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक अजीबो-गरीब नजारा देखने को मिला. यहां कस्टम की जांच में एक भारतीय यात्री से अधिकारियों ने 47 विषैले सांप और पांच कछुए बरामद किए. यात्री के पास से सांप बरामद होने पर सुरक्षा स्टॉफ भी डर गया.
बाताया जा रहा है कि जिस यात्री से जहरिले सांप बरामद हुए वो थाईलैंड गया था. उसने भारत आने के लिए बैंकांक से फ्लाइट ली थी. यात्री को गिरफ्तार कर लिया गया है. जानकारी के अनुसार, छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक भारतीय यात्री के पास 47 बहुत विषैले सांप और पांच कछुए मिले. अधिकारियों ने बताया कि उन्हें रात में एक यात्री पर संदेह हुआ, जिसके बाद उन्होंने उसे रोका. जब उसके बैग की चेकिंग की गई तो बैग में 47 बेहद जहरीले वाइपर सांप और पांच कछुए मिले.
यात्री के खिलाफ मामला दर्ज
अधिकारियों ने बताया कि रॉ (वन्यजीव कल्याण के लिए रेसक्विंक एसोसिएशन) की एक टीम ने इन सांपों और कछुओं की प्रजातियों की पहचान करने में सहायता की. अब वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत इन सांपों और कछुओं को वापस उस देश भेजा जाएगा. सुरक्षा एजेंसियों ने यात्री के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. यात्री के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई हो रही है.
सरंक्षित या संकटग्रस्त प्रजातियों का आयात प्रतिबंधित
अधिकारियों के अनुसार, यात्री के चेक इन बैग से मिले सांपों और कछुओं में तीन स्पाइडर टेल्ड हॉर्न्ड वाइपर, पांच एशियन लीफ टर्टल और 44 इंडोनेशियन पिट वाइपर शामिल थे. भारत में विभिन्न वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत इनको जब्त किया गया है. ये जीव भारत में अलग-अलग वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत प्रतिबंधित किए गए हैं. अधिकारियों ने ये नहीं बताया कि ये जीव कहां से लाए गए थे. बता दें कि भारत में सरंक्षित या संकटग्रस्त प्रजातियों का आयात प्रतिबंधित किया गया है. सीमा शुल्क अधिकारियों ने एक डिश में छटपटाते रंग-बिरंगे सांपों की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी की हैं.
खाद्य सुरक्षा में चूक, Zepto का मुंबई गोदाम सील, लाइसेंस भी निलंबित
2 Jun, 2025 05:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई के धारावी में जेप्टो के गोदाम में खाने की चीजों पर फंगस, एक्सपायरी सामान मिलने के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ज़ेप्टो (Zepto) के लाइसेंस को निलंबित कर दिया है. FDA ने जिस किराना कार्ट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के गोदाम में छापेमारी की थी वो गोल्ड फील्ड प्लाजा बिल्डिंग में पहली मंजिल पर है. टीवी 9 भारतवर्ष की टीम जब वहां पहुंची तो गोदाम के मैन गेट पर बाहर से ताला लगा था और र पूरे परिसर की साफ सफाई का काम चल रहा था.
इस दौरान पूरे फ्लोर पर सब्जियां, दूध, दही और अन्य पेरेशिबल सामान बिखरे पड़े थे. वहीं मुख्य दरवाजे पर किराना कार्ट टेक्नोलॉजीज कंपनी का बोर्ड भी हटा दिया गया था. FdA ने 2 दिन तक इसी गोदाम में छापेमारी की और ग्राहकों के स्वास्थ्य और नियमों, मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया और गोदाम का लाइसेंस अगले आदेश तक निलंबित कर दिया. वहीं इस गोदाम और स्टोर के नीचे ज़ेप्टो कंपनी की कई टू व्हीलर गाड़ियां खड़ी थी जो ऑनलाइन ऑर्डर आने पर सामान की डिलीवरी करती हैं. जिस जगह पर गाड़िया खड़ी थीं उसके के आसपास काफी गंदगी थी.
‘खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता हमारी प्राथमिकता’
इस बीच ज़ेप्टो कंपनी ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर अपना आधिकारिक बयान जारी किया है. ज़ेप्टो प्रवक्ता का कहना है कि ज़ेप्टो में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. हमने पहले ही आंतरिक जांच शुरू कर दी है और संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर पूर्ण और त्वरित अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रहे हैं.
प्रवक्ता ने कहा कि हम चिन्हित खामियों को सुधारने और अपनी प्रक्रियाओं को और अधिक मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि उपभोक्ताओं को सर्वोत्तम और सबसे सुरक्षित गुणवत्ता वाले उत्पाद प्रदान किए जा सकें. उन्होंने कहा कि हम सभी आवश्यक सुधारात्मक कदम उठा रहे हैं ताकि नियामक दायित्वों और लागू कानूनों के अनुरूप जल्द से जल्द संचालन फिर से शुरू किया जा सके.
ज़ेप्टो के अन्य स्टोर आउटलेट्स पर FDA की नजर
सूत्रों के अनुसार FDA द्वारा ज़ेप्टो के अन्य स्टोर आउटलेट्स पर भी निगरानी रखी जा रही है. धारावी स्थित ज़ेप्टो स्टोर को 10 मार्च 2025 को लाइसेंस प्राप्त हुआ था. बाकी क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी नियमित निरीक्षण जारी हैं और FDA द्वारा समय-समय पर जांच की जाएगी. ज़ेप्टो टीम ने अब एफडीए से संपर्क किया है ताकि संचालन दोबारा शुरू करने के लिए समन्वय किया जा सके।
बीते शनिवार रात को हुई छापेमारी की जानकारी मंत्री योगेश कदम के ऑफिस से प्राप्त हुई थी. होने के बाद किए गए थे।ज़ेप्टो स्टोर का लाइसेंस रद्द नहीं, निलंबित किया गया है।ज़ेप्टो टीम ने अब एफडीए से संपर्क किया है ताकि संचालन दोबारा शुरू करने के लिए समन्वय किया जा सके.
‘लाइसेंस रद्द नहीं निलंबित किया गया है’
FDA कमिश्नर राजेश नार्वेकर का कहना है कि ज़ेप्टो के गोदाम पर हमने जांच की, इस दौरान कई बातें सही नहीं थी, साफ सुथरा एनवायरमेंट नहीम था, गोदाम में कई जगहों पर गंदगी थी. उन्होंने कहा कि इसलिए FDA ने कार्यवाही की और लाइसेंस निलंबित कर दिया. उन्होंने ये साफ किया है कि ज़ेप्टो स्टोर का लाइसेंस रद्द नहीं किया गया है बल्कि निलंबित किया गया है.उन्होंने बताया कि कुछ जगह पर पानी था, कुछ जगह प्रोडक्ट में फंगस थे, कुछ जगह पर कूलिंग जितनी चाहिए थी वो नहीं थी.
कमिश्नर ने कहा कि अभी ये कार्रवाई सिर्फ धारावी गोदाम को लेकर की गई है इसके अलावा किसी और जगह पर ज़ेप्टो के लाइसेंस निलंबित नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि हमने 15 दिन का इम्प्रूवमेंट का नोटिस दिया है जिसके बाद उन्हें अपील में आना होगा जिसमें जो कमियां है वो इम्प्रूव करके उन्हें आना होगा. उन्होंने कहा कि अगर वो मेडिकल ग्राउंड पर और समय मांगते है तो उस ग्राउंड को चेक करके उन्हें समय देना है या नहींयेप्राधिकरण तय करेगा.
इसके साथ ही एफएसएसएआई के नियम का भी उल्लंघन किया गया इसलिए भी कार्रवाई हुई. कमिश्नर ने कहा कि नोटिस दिया गया हैजिसके मुताबिक जो कमियां ग्राहक स्वस्थ, सुरक्षा और हाइजीन नियमों को लेकर पाई गई हैं उसमें सुधार किया जाता है तो आगे FDA ए डिपार्टमेंट ज़ेप्टो के लाइसेंस को नियमित भी कर सकता है.
लाडकी बहीण योजना में गड़बड़ी करने वालों पर गिरी गाज, सरकार ने वापस मांगे पैसे
2 Jun, 2025 05:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र सरकार ने गरीब महिलाओं के लिए लाडकी बहीण योजना की शुरुआत की थी. इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं की मदद करना था. हालांकि इस योजना का लाभ कुछ ऐसी महिलाओं ने लिया है, जो सरकारी नौकरी कर रही थीं. अब इसको लेकर सरकार ने सख्त कदम उठाया है. महाराष्ट्र सरकार ने लाडकी बहीण योजना में हेराफेरी पर सरकारी महिला कर्मचारियों से सरकारी योजना के पैसे वापस लेने का निर्णय लिया है.
सरकार ने इन महिलाओं पर सरकारी योजना का दुरुपयोग माना गया है और सरकार ने अब ऐसी सरकारी महिला कर्मचारियों को चिन्हित किया है. जिन्होंने सरकारी पद पर रहते हुए गरीब महिलाओं की इस योजना के तहत हर महीने 1500 रुपये प्राप्त किये हैं.
महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इस बारे में साफ कहा है कि सरकारी नौकरी करने वाली महिलाओं को लाडकी बहीण योजना का लाभ नहीं लेना चाहिए था. अब उनसे वसूली जरूर की जाएगी. वहीं कई सरकारी विभागों ने वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी है, अन्य विभागों को भी जल्द निर्देश दिए जाएंगे.
केवल ये महिलाएं ले सकती हैं लाभ
लाडकी बहीण योजना गरीब महिलाओं की मदद के लिए शुरू की गई थी. पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1,500 की वित्तीय सहायता मिलती है. योजना का लक्ष्य: महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, स्वास्थ्य व पोषण में सुधार करना है. इस योजना में पात्रता की जो शर्तें है उसके मुताबिक महिला की उम्र: 21 से 65 वर्ष होनी चाहिए. आय सीमा: वार्षिक पारिवारिक आय ₹2.5 लाख से कम होना चाहिए. विवाहित, अविवाहित, तलाकशुदा, विधवा, परित्यक्त, निराश्रित महिलाएं इस योजना की पात्र हैं.
महिलाओं से वसूली जाएगी राशि
इस योजना की बड़ी शर्त ये है की लाभार्थी महिला सरकारी कर्मचारी नहीं होनी चाहिए (क्योंकि इनकी आय सीमा पात्रता से अधिक है) लाड़की बहिन योजना के लाभार्थियों को लेकर जो जांच चल रही है. उसमें सामने आया है कि अब तक 2,652 महिला सरकारी कर्मचारियों ने अवैध रूप से इस योजना का लाभ लिया. इन कर्मचारियों से ₹3.58 करोड़ की वसूली की जाएगी. ये महिलाएं अगस्त 2024 से अप्रैल 2025 के बीच लाभ प्राप्त करती रहीं हैं. हर महिला ने अब तक करीब ₹13,500 का लाभ लिया है.
कैसे सामने आया पूरा भ्रष्टाचार
महाराष्ट्र के सामान्य प्रशासन विभाग ने कर्मचारियों का डेटा IT विभाग और UID (आधार) आधारित सत्यापन से जांच किया था. अब तक 1.2 लाख कर्मचारियों की जांच हो चुकी है, जिसमे 2656 सरकारी महिला कर्मचारी फर्जी लाभार्थी पाई गई है जबकि शेष 6 लाख महिला कर्मचारियों की जांच और सत्यापन बाकी है.
वही दूसरी तरफ राज्य सरकार ने 7.7 लाख ऐसी महिलाओं के भुगतान रोक दिए हैं, जो दो योजनाओं (लाडकी बहीण व नमो शेतकरी) का एक साथ लाभ ले रही थीं. आने वाले समय में ये आंकड़ा और बढ़ेगा. डिफॉल्टर कर्मचारियों को स्वेच्छा से राशि लौटाने की अपील की गई है, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. सरकार ने इसे गंभीर सेवा आचरण उल्लंघन माना जा रहा है.
महाराष्ट्र में हिंदी पर नया विवाद, मंत्री प्रताप सरनाईक के बयान से सियासी तूफान
31 May, 2025 05:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र में हिंदी को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने हिंदी को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिससे राज्य में सियासी बवाल मच गया है. शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और मनसे ने उनके बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है.
सरनाईक ने कहा, “हिंदी अब मुंबई की बोलचाल की भाषा बन गई है. हिंदी हमारी प्यारी बहन है.” उनके बयान से मराठी भाषी नाराज हैं. उनके बयान से विवाद पैदा हो गया है.
प्रताप सरनाईक ने यह बयान मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान दिया. उन्होंने कहा कि हिंदी अब मुंबई की बोलचाल की भाषा बन गई है. हिंदी हमारी प्यारी बहन है. हिंदी अब मुंबई की बोलचाल की भाषा बन गई है.
बोलचाल की भाषा बन गई है हिंदी
उन्होंने कहा कि हम मराठी को अपनी मातृभाषा कहते हैं, लेकिन कभी-कभी हम हिंदी और कभी-कभी अंग्रेजी बोलते हैं. इसीलिए हिंदी अब बोलचाल की भाषा बन गई है. ठाणे और मीरा भयंदर मेरे निर्वाचन क्षेत्र हैं. जनता से बात करते समय वह शुद्ध मराठी में बोलते हैं.
उन्होंने कहा किजब मैं मीरा भयंदर जाता हूं, तब मेरे मुंह से स्वतः ही हिंदी निकल जाती है. आजकल हम कहते हैं कि मराठी हमारी मातृभाषा है, हमारी मां है, लेकिन हिंदी हमारी प्यारी बहन है.
संजय राउत ने परिवहन मंत्री पर बोला हमला
संजय राउत ने परिवहन मंत्री के बयान को लेकर आलोचना की. उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने मराठी लोगों के उत्थान और कल्याण के लिए शिवसेना की स्थापना की, ताकि वे मराठी लोगों के रूप में आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ सकें और यही लोग अब कहते हैं कि हम बालासाहेब ठाकरे के वारिस हैं.
उन्होंने कहा किउनके नेताओं से पूछें कि क्या उनकी कोई भूमिका है? क्या मराठी संदर्भ में यही आपकी मुख्य भूमिका है? वे जो सोचते हैं, वही भाजपा की सोच है. मैं बार-बार कहता हूं कि उनकी पार्टी के नेता और प्रमुख अमित शाह हैं. इसलिए राउत ने तंज कसते हुए कहा कि ये लोग वही बात कहते हैं जो शाह कहते हैं.
मनसे ने भी परिवहन मंत्री को घेरा
प्रताप सरनाईक के बयान पर मनसे की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया आई है. मनसे नेता यशवंत किलेदार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को अपने मंत्रियों को समझाना चाहिए. हम यह स्वीकार नहीं कर सकते हैं कि वोटों की खातिर मराठी और मुंबई को कलंकित किया जाएगा और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के रूप में हम महाराष्ट्र और मराठी लोगों के लिए लड़ते रहेंगे.
उन्होंने कहा कि मेरे राजा, राज्य, मुंबई और मेरे पिता के पूर्वजों की भाषा मराठी है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या प्रताप सरनाईक को पता है कि मुंबई भी मराठी लोगों की है. इससे पहले उनके मंत्री हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिए जाने की बात करते रहे थे.
गडकरी बोले – ई-रिक्शा लाने के लिए 10 बार भी कानून तोड़ना पड़े तो तोड़ेंगे
31 May, 2025 05:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की पुस्तक ‘संघतिल मानवी व्यवस्थापन’ (संघ में मानव प्रबंधन) का शुक्रवार को विमोचन किया गया. यह किताब आरएसएस के ऑपरेशनल स्टाइल, वहां कैसे काम होता है इस पर जोर देती है. इस मौके पर आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील अंबेकर भी मौजूद रहे. इस दौरान गडकरी ने बताया कि 11 साल पहले उन्होंने ई-रिक्शा लाने के लिए अहम कदम उठाए और कैसे सोच लिया था कि ई-रिक्शा लाने के लिए 1 बार नहीं 10 बार भी कानून को तोड़ना पड़ेगा तो तोड़ेंगे.
आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील अंबेकर ने किताब को लेकर कहा,अक्सर, हमारे जीवन में सकारात्मक प्रभावों का महत्व बाद में ही पता चलता है. नितिन गडकरी ने अपनी पुस्तक के जरिए आसान भाषा का इस्तेमाल करते हुए आरएसएस के लोकाचार और कार्यशैली का प्रभावी ढंग से दुनिया के सामने रखा है.
“राजनीति पैसा कमाने का धंधा नहीं”
किताब के विमोचन के मौके पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि पैसा कमाना गुनाह नहीं है, मैं सभी कार्यकर्ताओं को बताता हूं कि पैसा कमाना चाहिए, लेकिन राजनीति पैसा कमाने का धंधा नहीं है. केंद्रीय मंत्री गडकरी ने आगे कहा मैं प्रमाणित तौर पर कहता हूं कि मैं इंजीनियरिंग की एडमिशन क्वालीफाई नहीं कर पाया, 12वीं क्लास में 52% अंक मिले थे.
ई-रिक्शा के लिए उठाया अहम कदम
एक घटना का जिक्र करते हुए गडकरी ने कहा की ज्यादा विचार करता तो सरकारी नौकर बनते, वो डेयरडेविल है, निर्णय करने का ढांढस रखता हूं, यह उनकी कैपिटल है, गडकरी ने कहा कि उनके जीवन का सबसे बड़ा काम साइकिल रिक्शा की जगह ई-रिक्श लाना रहा ,क्योंकि साइकिल रिक्शा में मानव, मानव को खींचता था वह काफी कष्टदायक था, 2014 में जब वो पहली बार मंत्री बने तो वो सोचने लगे कि 1 करोड़ व्यक्ति आदमी आदमी को खींचता है, दीनदयाल उपाध्याय ने कहा था कि ये मानवी शोषण है ,जिस दिन यह बंद होगा ,वह देश के लिए सुनहरा दिन होगा, गडकरी ने कहा कि उन्होंने सोच लिया था कि इसके लिए एक बार नहीं 10 बार कानून तोड़ना पड़ेगा तो तोड़ेंगे.
ई-रिक्शा पर कानूनी लड़ाई को याद करते हुए गडकरी ने कहा, महात्मा गांधी ने एक बार कहा था कि अगर आप किसी गरीब व्यक्ति की मदद कर रहे हैं, तो आप एक बार नहीं बल्कि 10 बार कानून तोड़ सकते हैं. मैंने भी ऐसा ही करने का फैसला किया.
गडकरी ने कहा कि इलेक्ट्रिक रिक्शा ने एक आदमी के दूसरे आदमी को खींचने वाली “अमानवीय” प्रथा को खत्म कर दिया है, क्योंकि बड़ी संख्या में साइकिल रिक्शा चालक इलेक्ट्रिक वाहन चलाने लगे हैं. उन्होंने कहा, यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा पर स्विच करने से लगभग एक करोड़ लोगों को फायदा हुआ.
महादेव जानकर के मंच पर जुट सकते हैं राहुल गांधी, शरद पवार और अखिलेश यादव
30 May, 2025 07:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव शनिवार को भाजपा के पूर्व सहयोगी और राष्ट्रीय समाज पक्ष के संस्थापक महादेव जानकर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मंच साझा कर सकते हैं. महादेव जानकर ने अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती समारोह के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया है. इस कार्यक्रम में इंडिया गठबंधन के ये तीन वरिष्ठ नेता शिरकत कर सकते हैं.
2016-19 में भाजपा के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में मंत्री रहे महादेव जानकर को 2024 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने नजरअंदाज कर दिया, जिसके बाद उन्होंने अलग रास्ता चुना है.
धनगर समुदाय से ताल्लुक रखने वाले महादेव जानकर तब से कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन की ओर कदम बढ़ा रहे हैं.
अहिल्याबाई की 300वीं जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन
उन्होंने होल्कर वंश की रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया है, जिसकी जड़ें धनगर समुदाय में हैं.
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, शरद पवार और अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय राजधानी में होलकर रानी की जयंती मनाने के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करने के उनके निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है.
महादेव जानकर ने कहा कि उन्होंने राजद नेता तेजस्वी यादव और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन को भी निमंत्रण दिया है, लेकिन उन्होंने अभी तक कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति की पुष्टि नहीं की है.
महाराष्ट्र के कई जिलों में धनगर समुदाय की मौजूदगी
महाराष्ट्र के सोलापुर, सांगली, बारामती, परभणी, सतारा लोकसभा सीटों पर धनगर समुदाय की अच्छी खासी मौजूदगी है और यह 25-30 से अधिक विधानसभा सीटों के नतीजों को प्रभावित कर सकता है.
जानकर ने साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बारामती से राकांपा नेता सुप्रिया सुले के खिलाफ राजग उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था और लगभग 70,000 मतों के अंतर से हार गए थे.
महादेव जानकर को दिवंगत गोपीनाथ मुंडे और बाद में उनकी बेटी पंकजा मुंडे का करीबी माना जाता था. हालांकि, भाजपा के साथ उनके संबंध खराब हो गए, क्योंकि पार्टी ने धनगर नेता गोपीनाथ पडलकर को बढ़ावा दिया, जो 2024 के विधानसभा चुनावों में विधायक चुने गए.
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